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मेरा नाम राहुल है, मैं Antarvasna जयपुर में रहता हूँ। मैं दिखने में सामान्य हूँ। हर लड़की को देख कर उसे चोदने का मन करता है मेरा।
मुझे एक लड़की पसंद थी लेकिन मैं कभी उसे कह नहीं पाया।
अब काम की बात हो जाए !
मुझे अपने पड़ोस में एक लड़की पसंद है। अक्सर वो मुझे देख कर मुस्करा जाती थी, मैं भी मुस्कुरा देता था, लेकिन कभी बात नहीं हो पाई थी। बस उसका नाम शेफाली है यही जान पाया था। करीब ४ महीने पहले वो मुझे बाज़ार में दिखी। मैंने उसे हाय किया और बात करनी शुरु कर दी।
मैंने उसी मित्रता का निमन्त्रण दिया और उसने स्वीकार कर लिया। हम दोनों एक दूसरे का मोबाइल नम्बर लेकर घर चले गए। मैं रात को भी सपनों में उसी को ही देखता था। अब हम फ़ोन पर बातें करने लगे, उसे भी ये सब अच्छा लगने लगा। हम लोग हर रोज़ घंटों फ़ोन पर बातें करने लगे।
एक दिन उसने मुझे अपने घर में बुलाया। मैं उसके घर गया तब वो घर में अकेली थी और जींस-टॉप में थी। क्या सेक्सी लग रही थी- उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने अपने आप को सँभालने की कोशिश की। शेफ (शेफाली) ने मेरा लंड देख कर अनदेखा कर दिया। हम इधर उधर की बातें करने लगे।
तभी मैंने उससे उसके बॉयफ़्रेन्ड के बारे में पूछा तो बोली- उसका कोई बॉयफ़्रेन्ड नहीं है। मुझे लगा अब तो कुंवारी चूत मिल जाएगी। लेकिन मैंने सम्हालते हुए बात जारी रखी। उसके बाद हम दोनों बाइक पर घूमने चले गए। वो मेरे पीछे बैठी थी तब उसके स्तन मेरी पीठ को लगते तो बड़ा मजा आता। मेरा लंड बार बार खड़ा होने लगा। मुझे सहन नहीं हो रहा था तब मैंने तय किया शेफ को आज तो जरुर करुँगा, उसकी चुदाई के मजे लूँगा।
पहले हम एक रेस्तराँ में गए। वहाँ खाने का आर्डर देने के बाद मैंने उससे कहा- मैं तुमसे एक बात कहना चाहता हूँ !
तो बोली- बोलो !
मैंने कहा- बुरा मत मानना !
वो बोली- ठीक है ! मैं बहुत कोशिश करके बोला- शेफ ! मैं तुमसे प्यार करता हूँ ! आय लव यू !
तो वो एक बार तो मुझे घूरती रही, मैं डर गया तो अचानक मुझे गले लगा कर बोली- आय लव यू ठू !
मैं बहुत खुश हुआ। उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर चले गए।
अगले दिन भी उसके घर कोई नहीं था, मैंने उससे कहा कि मैं उसे चोदना चाहता हूँ !
वो खुश होकर बोली- मैं भी तो यही चाहती हूँ !
मैं उसे उसके कमरे में ले जाकर उसके स्तन चूमने लगा। फिर उसके वक्ष को पहले उसके टॉप फिर उसके ब्रा से आजाद किया।
क्या तो मस्त माल लग रही थी वो !
मैं उसके स्तन बहुत तेज़ दबाने लगा। वो चिल्लाने लगी- आआऽऽ आअह्ह्ह्ह्हऽऽ
मुझे भी मजा आ रहा था। वो मेरा लंड पकड़ कर दबाने लगी। मैं बोला- जान पहले जींस तो खोलने दो !
तो उसने एक बार में ही मेरी जींस खोल दी फ़िर मेरा बनियान उतारने लगी। अब मैं केवल अंडरवियर में था। मैंने भी उसकी जींस उतार कर फेंक दी और उसकी चूत को नंगा करने के लिए पैंटी भी उतार दी। अब वो पूर्ण-नग्न थी। उसकी चूत तो क्या मस्त थी, बाल से भरी हुई बिल्कुल नंगी चूत ! कुंवारी चूत ! जो अब चुदवाने वाली थी !
फिर उसने मेरी अंडरवियर खोल दी और मेरा ७ इंच का लौड़ा बाहर आ गया जो सिर्फ चूत को चोदना चाहता था।
मैं उसकी चूत को हाथ से चोदने लगा, वो आवाजें निकालने लगी- आऽऽ आहऽऽऽ मऽरऽ गऽऽऽऽईऽऽऽऽ रोहीईईईईईईत चोदू ऊओ !
मैं डर गया कि कहीं कोई आ न जाये तो मैंने उसको चुप कराया और चूत से हाथ निकाल लिया। थोड़ी देर बाद वो उठी और मेरा लंड पकड़ कर मुँह में लेने लगी।
मैंने कहा- अब चोदें?
तो बोली- जानू, चोदो, मगर धीरे से ! पहली बार कर रही हूँ…..
मैं बोला- अब दर्द नहीं होगा ! मैं ऐसा चोदूंगा कि कुछ पता ही नहीं चलेगा…
फिर मैं उसकी चूत में धीरे धीरे आराम से लण्ड डालने लगा, धीरे धीरे उसकी चूत फटने लगी……..
वो धीरे धीरे आवाजें निकाल रही थी….अहऽऽ ओहऽऽअ
लेकिन ज्यादा तेज़ नहीं…
कुछ देर बाद वो सामान्य होकर मेरा साथ देने लगी। अब मैंने स्पीड बढ़ा दी………….
वो बोली- राहुल फास्ट करो ! मुझे चोदो……… प्ल्ज्ज्ज्ज्ज्ज तेज्ज करओ ऊऽऽ
मैं बोला- अभी करता हूँ मेरी जानेमन !
फिर मैं तेज़ तेज़ उसे चोदने लगा
१५ मिनट बाद वो झड़ गई लेकिन मैं तेजी से चोद रहा था ….
वो बोली- रुको !
पर मैं मानने वाला कहाँ था, मैं तेजी से करता रहा…. करीब १० मिनट बाद मैं भी झड़ गया …. फिर २० मिनट बाद हम फिर शुरू हो गए…. उस दिन ६ बार उसको चोदा !
मज़ा आ गया दोस्तो….
आप सब बतायें कि मेरी कहानी कैसी लगी आपको…… Antarvasna
आज मैं आपको एक Antarvasna अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटना सुनाता हूँ।
बात उन दिनों की है जब मेरे छमाही इम्तिहान चल रहे थे, सॉरी मैं आपको अपने बारे में बताना भूल गया कि मैं बी.ई. इंदौर का छात्र हूँ। जब मेरी परिक्षाएँ चल रही थी तब मेरा दोस्त और मैं साथ में पढ़ा करते थे। तब अचानक बातों ही बातों में मैंने कहा- यार, कोई लड़की का नंबर हो तो दे समय बिताने के लिए !
तो वो मुझसे बोला- है तो एक नंबर ! मगर तू बात कैसे करेगा?
मैंने कहा- तू दे तो ! मैं कर लूँगा !
मैंने उस लड़की को एक गलत नाम से फ़ोन लगाया और फ़ोन पर उसकी बहुत तारीफ की। मैंने उसे देखा नहीं था कभी लेकिन फिर भी कल्पना से ही उसकी तारीफ की। उसे अच्छा लगने लगा। वो शायद मुझसे प्रभावित हो गई थी। अगर मैं फ़ोन काट देता था तो वो खुद फ़ोन लगा लेती थी। शायद उसे भी कोई चाहिए था।
कुछ दिनों तक बातों का सिलसिला यूँ ही चलता रहा। फिर एक दिन मैंने उससे उसकी फोटो मांगी ताकि मैं उसे देख सकूँ तो जब उसने उसकी फोटो मेल की मुझे, तो मेरे तो होश ही उड़ गए। क्या गज़ब फिगर था उसका 36-24-34 मैं तो उसे देख कर दंग रह गया। इतनी खूबसूरत बाला मैंने आज तक नहीं देखी थी। मेरी जितनी भी गर्लफ्रेंड आज तक बनी हैं, उनमें से सबसे बड़ी चूचियाँ इसी की थी। फिर मैं इसे कैसे बिना चोदे छोड़ देता।
मेरे दिमाग में एक विचार आया। सॉरी, मैं नाम बताना तो भूल गया। ऋतू नाम था उसका।
मैंने उसे डेट पर बुलाया। वो मुझसे प्रभावित तो हो ही चुकी थी, बस हमें बहाना चाहिए था मिलने का ! मैंने उसे ऐसी जगह मिलने बुलाया जहाँ पर कोई आता जाता न हो। वो जगह बहुत दूर थी इसलिए मैं उसे लेने उसके हॉस्टल गया। वो बी कॉम कर रही थी। वो मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं रहती थी। मैंने अपनी कार उठाई और उसे डेट पर ले जाने के लिए चल पड़ा। जब मैं उसके हॉस्टल के नीचे पंहुचा तो मैंने होर्न दे कर उसे नीचे बुलाया। क्या मस्त मॉल लग रही थी वो ! उसने सलवार सूट पहना था और वो अपने स्तन तो चुन्नी से ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। वो मुझे अपनी गोलाइयों के दर्शन करवाना चाहती थी।
हम चल पड़े। इंदौर के बाहर एक जंगल पड़ता है जहाँ कोई नहीं आता, बैठने और बातें करने की अच्छी जगह है वहाँ ! मैंने एक जगह पेड़ के नीचे गाड़ी रोक दी तो वो मुझसे कहने लगी- गाड़ी क्यों रोक दी तुमने? क्या चल रहा है तुम्हारे मन में ? ह्म्म्म बोलो बोलो !
मैंने कहा- मैं तुम्हें किस करना चाहता हूँ ! तुम मना तो नहीं करोगी ?
जब उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने उसकी चुप्पी को उसकी हाँ समझी और उसे एक जबरदस्त चुम्मा दे दिया। एक सेकंड बाद हम अलग हो गए। फिर मैंने उससे कहा- तुमने कभी किसी को किस किया है ?
उसने कहा- नहीं !
तो मैंने पूछा- तुम्हें कितने प्रकार के चुम्बन आते हैं?
उसने कहा- वो अभी किया वैसे ही !
मैंने उसे कहा- मैं बताऊँ कि चुम्बन कितने प्रकार के होते हैं?
तो वो मान गई।
फिर मैंने उसे पाँच तरह के चुम्बन करके बताये- फ्रेंच, स्मूचिंग, लिप्स टचिंग, इंडियन, टंग राउन्डिंग ।
फिर हम दोनों के जिस्म गरम हो गए, वासना की आग बढ़ चुकी थी, हमारे जिस्म हमारे काबू में नहीं थे और फिर हमने जो किया उसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती। आम तौर पर जब यौन-भावना जगती है तो लोग सेक्स करते वक़्त लड़की या लड़के के कपड़े उतारते हैं, बड़े प्यार से चूमा-चाटी करते हैं पूरे बदन को ! मगर हमारे किस्से में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैं तो हैरान हो गया था उसे देख कर !
वो पहले भी मेरे दोस्तों के साथ, जिन्होंने उसका नंबर दिया था, सेक्स कर चुकी थी। उसे अनुभव था। वो मुझ पर टूट पड़ी, मेरे शर्ट के बटन तोड़ दिए, मेरे कपड़े फाड़ दिए, बिल्कुल जंगली सेक्स चल रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरा खून कर देगी ! उस पर सेक्स पूरी तरह से हावी हो चुका था। मैंने उसके कपड़े उतरने चाहे तो उसने खुद ही खींच-खींच के उतार दिए और कहने लगी- आज मुझे बहुत दिनों बाद चुदने का मौका मिला है, आज मेरी तन की आग बुझा दो मेरे ड्रीम बॉय !
मैंने भी फिर शर्म छोड़ दी और उसे अपने नीचे पटक कर अपना लौड़ा उसके मुँह में रख दिया। वो 5 रुपए वाली चोकोबार की तरह उसे चूसने लगी। मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसकी चूत के दाने पर हाथ रखा तो वो मचल गई और चोदो मुझे-चोदो मुझे ! कहने लगी।
मैंने अपन लौड़ा उसके मुँह में से निकाल कर उसकी चूत पर रख दिया और एक ही धक्के में मेरा लंड उसकी चूत में समां गया। मैं सातवें आसमान पर था। इसका आनंद वही ले सकता है जिसने कभी चुदाई की हो। उसकी नशीली आवाज़ें मुझे रफ़्तार बढ़ाने पर मजबूर करने लगी।करीब बीस मिनट के बाद वो झड़ गई और मुझे कहने लगी- अपना वीर्य मेरे मुँह में डालना ! चूत में नहीं ! वरना गड़बड़ हो जाएगी !
मगर शायद गड़बड़ होनी ही थी, मुझे अपनी धक्कों की रफ़्तार में ध्यान ही नहीं रहा कि कब मेरा पूरा वीर्य उसकी चूत में भर गया। उसे भी राहत मिली और मुझे भी।
मगर जब होश आया तो उसने देखा कि उसकी चूत मेरे वीर्य से भरी हुई थी। वो रोने लगी, कहने लगी- यह क्या किया तुमने ? मैंने मना किया था ना? अब मैं प्रेग्नेंट हो जाउंगी, तुम मुझसे शादी करोगे अभी?
मैंने उसे दिलासा दिया और कहा- कुछ नहीं होगा, हम शादी करेंगे लेकिन अभी नहीं ! मुझ पर भरोसा रखो !
तो वो मान गई और अचानक कार के दरवाजे पर किसी ने ठक-ठक किया- ठक ठक – ठक ठक !
हम डर गए !
आगे क्या हुआ वो तो सोचा भी नहीं था। अचानक हुए इस ठक-ठक ने हमारे होश उड़ा दिए जिसके बारे में मैं आपको अगले भाग में बताऊंगा।
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मुझे मेल कीजियेगा। Antarvasna
मेरी Antarvasna कहानी बरसात की रात आप लोगों को कैसे लगी? क्योंकि अभी तक मुझे कोई मेल नहीं मिला है खैर जल्दी से पढ़ कर मुझे मेल करें.
और जिन लोगों ने बरसात की रात के दोनों भाग पढ़े हैं वो लोग जानते ही होनगे कि जिस आंटी को मैंने चोदा था उसकी एक लड़की भी थी जिसका नाम संगीता था.
अब मैं अपनी कहानी शुरु करता हूं जब करीब हफ़्ता भर मैंने आंटी को कायदे से चोद लिया तब मेरा मन उनसे भी उकता गया और जैसा कि मैं पहले कह चुका हूं कि उनकी 18 साल की बेटी संगीता पर मेरे लंड का दिल आ गया था लिहाजा अब किसी भी तरह से उसकी सील तोड़ना चाहता था मैं, पर आंटी को बुरा न लगे ये भी ख्याल था.
तब एक दिन मैं दिन में दो बजे आंटी के घर गया. इत्तेफ़ाक से आंटी घर में नहीं थी, सिर्फ संगीता ही थी और अब तो वो भी मुझसे अच्छी तरह परिचित हो चुकी थी. हेलो हाय होने के बाद जब मैंने उससे पूछा कि आंटी कहां है?
तब उसने कहा कि वो मार्केट गई है और शाम तक आयेंगी.
यह कह कर वो मेरे लिये चाय बनाने चली गई क्योंकि राजू भी नहीं था.
आज वो बहुत ही छोटी सी फ़्रोक पहने थी उसे देख कर मेरी तमन्नायें जाग उठी थी उसकी गोरी गोरी टांगें मुझे बहकाने के लिये काफ़ी थी.
जब वो चाय बना कर लाई तब वहीं सामने सोफ़े पर बैठ गई और हम दोनो चाय पीने लगे.
अभी वो बहुत नादान थी, उसे फ़्रोक पहन कर किस तरह बैठा जाता है, ये भी शायद नहीं पता था, जब वो सोफ़े पर बैठी तब उसकी पिंक पैंटी मेरी आंखों में गड़ गई और मैं उसकी पैंटी के अंदर कुंवारी टाइट बुर के बारे में सोच कर ही टन्ना गया.
वो बहुत आराम से चाय पी रही थी और मैं उसकी चड्डी का नज़ारा देखते हुए उसको चोदने की प्लानिंग कर रहा था.
तब मैंने कहा- संगीता, चलो कोई सी डी ही देखी जाए?
वो बोली- मुझे कोई ऐतराज़ नहीं, आपका घर है, जो जी में आये करिये!
उसकी बात सुन कर मैंने तुरंत टी.वी. ओन किया और एक गर्म सेक्सी मूवी लगा दी.
उसमें जब रोमांटिक सीन आया तब मैंने देखा कि संगीता कुछ सकपका रही है और नज़रें नीचे किये हुए ज़मीन की तरफ़ देख रही थी जब कि टी.वी. पर बहुत ही उत्तेजक शोट चल रहा था.
तब मैंने उससे कहा- जब तुमको पिक्चर नहीं देखनी थी तब किस लिये लगवाई है पिक्चर?
वो बोली- राज, ऐसी बात नहीं है, ये सीन बहुत गंदा है, मुझे शरम आ रही है, प्लीज, इसे फ़ोरवर्ड कर दो.
तब मैंने कहा- अरे पगली, इसमें शरम किस लिये… ये सब तो देखा ही जाता है. और अगर देखा न जाता होता तो ये मूवी बनती ही क्यों?
तब वो बोली- राज, ये अडल्ट मूवी है जब कि मैं अभी छोटी ही हूं, अभी मैं सिर्फ़ 18 साल की ही हूं, अगर मम्मी को पता लगा तो बहुत डाटेंगी प्लीज़!
उसकी बात सुन कर मुझे हंसी आ गई और मैंने उसकी ठोड़ी पर हाथ लगा कर कहा- देखो, ये लड़की जो मूवी में है वो भी कितनी छोटी है करीब तुम्हारी ही उमर की होगी, ध्यान से देखो!
और वो गौर से टी.वी. पर देखने लगी जिसमें एक बहुत ही छोटी लड़की को एक हट्टा कट्टा आदमी अपनी बाहों में भरे हुए था और उसकी छोटी छोटी चूचियों को उसकी फ़्रोक के उपर से ही मसल रहा था.
संगीता ने मुझसे पूछा- राज, ये आदमी क्या कर रहा है?
मैंने कहा- इस लड़की की चूची दबा रहा है.
तब उसने कहा- क्या लड़की को दर्द नहीं हो रहा होगा? देखो ये कैसे सिसिया रही है?
मैंने कहा- धत्त, दर्द नहीं बल्कि लड़की को बहुत मज़ा आ रहा होगा.
और तब ही उस आदमी ने उसकी फ़्रोक की ज़िप खोल कर झट से उस लड़की को नंगी कर दिया. अब वो लड़की पूरी तरह से नंगी थी, सिरफ एक छोटी सी पैंटी पहने थे.
ये शोट देख कर संगीता ने सर झुका लिया उसका चेहरा लाल हो गया था.
मैंने उससे कहा- अभी आगे देखो, यही लड़की जो अभी सिसिया रही है कैसे मादक सिसकियां निकालेगी.
और फ़िर उस आदमी ने अपने सारे कपड़े उतार दिये.
तब संगीता ने कहा- हाय राज, कितनी गंदी पिक्चर है अब तो आदमी भी पूरा नंगा हो गया है.
तब मैंने कहा- अभी पूरा नंगा कहां हुआ है अभी तो ये अपनी अंडरवीयर भी उतारेगा, देखो उसकी निक्कर कितनी तनी हुई है.
तब संगीता ने कहा- हां राज, इसकी निक्कर इतनी तनी हुई क्यों है?
मैंने कहा- अभी देखती जाओ, सब समझ में आ जायेगा.
और तभी उस आदमी ने अपनी निक्कर भी उतार दी जिससे उसका लंड पूरी तरह फ़न्नाया हुआ था.
उसे देखते ही संगीता ने अपना चेहरा झुका लिया और अपनी आंखों पर हाथ रख लिया.
तब मैंने उसका हाथ हटाते हुए कहा- देखो, आज सब सीख लो कि कैसे लड़कियां जवानी के मज़े लेती हैं आज मौका भी अच्छा है मम्मी भी नहीं है तुम्हारी, इस लड़की की उमर भी तुम्हारी ही तरह है ऐसे शरमाओगी तो कुछ भी नहीं सीख पाओगी क्योंकि तुम्हारी मम्मी तुमको अभी बच्ची समझती है और 5-6 साल बाद ही तुम्हारी शादी करवायेंगी क्योंकि उनको तो अभी अभी खुद ही ये सब करने से फ़ुरसत नहीं मिलती.
तब संगीता बोली- हां, मैं जानती हूं कि मम्मी अकसर तुम्हारे साथ सोती हैं.
तब मैंने कहा- सिर्फ़ सोती ही नहीं रानी, वो जम कर चुदवाती है.
जब मैंने ये कहा तो संगीता बोली- धत्त, कितनी गंदी बातें करते हो तुम? राज तुम तो ज़रा भी नहीं शरमाते!
तब मैंने कहा- तुम्हारी मम्मी ने मुझे बिल्कुल चुदक्कड़ बना डाला है. अरे यार ये तो कुछ भी नहीं, जब रात को वो मुझसे चुदवाती है तब उसकी बातें अगर तुम सुन लो तो जान जाओगी कि तुम्हारी मम्मी कितनी चुदक्कड़ हैं।
और फ़िर हम लोग मूवी देखने लगे. उसमें उस आदमी ने अपनी निक्कर उतारने के बाद लड़की की कच्छी भी उतार दी और उसकी चिकनी चूत पर हाथ फ़ेरने लगा और उसकी चूची के निप्पलों को मुंह में डाल कर चुबलाने लगा.
ये सब देख कर जहां मेरा लौड़ा पैंट में अकड़ रहा था, वहीं संगीता का चेहरा भी शर्म से लाल हुआ जा रहा था मगर अब वो बहुत गौर से मूवी देख रही थी.
मैं भी सोच रहा था कि आज अगर इस पर हाथ भी फ़ेर दिया तो लड़की झट से चूत चुदवाने को राज़ी हो जायेगी मगर एक दिक्कत ये थी कि मैं चूत के चक्कर में उसकी माँ की बम भोसड़ा चूत नहीं कुर्बान कर सकता था.
तो मैंने सोच लिया था कि आज रात को आंटी को चोदते वक्त संगीता को चोदने की बात कर ही लेता हूं क्योंकि बता कर चोदना सही रहता है और मेरा तजुर्बा भी कहता था कि बुढ़िया फ़ौरन चुदवा देगी अपनी लड़की को क्योंकि उसको अपनी प्यास भी तो बुझवानी थी.
तब ही एक जोरदार आवाज़ ने मेरा ध्यान अपनी तरफ़ खींच लिया, आवाज़ टीवी से लड़की के चीखने की आई थी जिसकी छोटी सी चूत को उस आदमी ने अपना लम्बा सा औजार एक ही बार में डाल दिया था.
लड़की ‘आआययईई आआहह्ह आआअहह ऊऊओहह गोड’ कर रही थी, बहुत ही दर्द भरी चीखें निकाल रही थी, उसकी आंख से भी आंसू बह रहे थे मगर वो पहलवान बिना किसी बात की परवाह करे बगैर उसकी कुंवारी टाइट चूत में पूरा पूरा लंड घुसाए हुए दना दन धक्के लगा रहा था और थोड़ी ही देर में उस लड़की की दर्द भरी कराह की जगह आनन्द भरी आवाज़ निकलने लगी.
तब संगीता ने कहा- राज, अभी तो ये लड़की नो नो कर रही थी, रो भी रही थी, और अब तो मोर मोर कर रही है ये क्या चक्कर है?
मैंने कहा- संगीता, ये चुदाई का चक्कर ऐसा ही होता है, पहले तो लड़की चुदवाती नहीं और जब चुदवाती है, तब एक लंड भी कम पड़ जाता है.
और फ़िर थोड़ी ही देर बाद वो आदमी अपने लंड का रस उस लड़की की चूत में उड़ेलने के बाद अपने रस से भरे लंड को उस लड़की के मुंह में डालने लगा.
तब संगीता ने कहा- हाय राम राज, ये लड़की तो इसका लंड मुंह में ले रही है छी, कितनी गंदी लड़की है.
मैंने कहा- यार, रात को आज तुम अपनी मम्मी की करतूत देख ही लेना, जब अपनी आंख से देखोगी तब यकीन मानोगी कि तुम्हारी मां भी ऐसे ही मेरा लंड चूसती है.
और फ़िर मैंने धीरे से उसकी फ़्रोक के उपर से उसकी चूची पर हाथ रख कर सहला दिया.
वो सिहर गई और पीछे हट गई.
मैं जानता था कि साली चुदासी तो हो ही चुकी है अगर अभी पटक कर चढ़ जाऊँ तो कुछ ज्यादा बोलेगी नहीं मगर मैं अभी इसको सिर्फ़ ऊपरी मज़ा देकर छोड़ देना चाहता था क्योंकि काफ़ी वक्त हो चुका था और आंटी के आने का भी वक्त हो चुका था.
तब मैंने संगीता को गोद में खींच लिया और उसकी छोटी छोटी चूची को बहुत प्यार से सहलाने लगा, वो मेरी बाहों में कसमसा रही थी और हल्का सा विरोध भी कर रही थी.
तभी मैंने अपना एक हाथ उसकी चिकनी चिकनी जांघों से फ़िराते हुए नीचे उसकी चड्डी के पास ले गया.
अब तो उसने अपनी दोनों टांगें एकदम भींच ली और मेरी तरफ़ बहुत दयनीय नज़रों से देखने लगी. मगर मैं तो आज उसको पूरा जवानी का पाठ पढ़ा ही देना चाहता था, मैंने उसकी चड्डी के ऊपर से उसकी बुर कुरेदनी शुरु कर दी.
अब संगीता को थोड़ी मस्ती चढ़नी शुरु हो गई, उसने धीरे से अपनी टांगें खोल दी और मैंने उसकी चड्डी उतार दी. अब वो सिर्फ़ ऊपर से फ़्रोक पहने हुए थी और मैं फ़्रोक के ऊपर से ही उसके निप्पलों को होंठ में भर कर दूसरे हाथ से उसकी बुर को कुरेदने लगा और फ़िर अपनी एक उंगली गैप से उसकी कोरी कोरी बुर में घुसा दी.
वो आआह्ह से चिल्ला उठी और मैं धीरे धीरे उसकी कुंवारी बुर में अपनी उंगली आगे पीछे करने लगा.
संगीता के चेहरे पर दर्द की लकीर साफ़ नज़र आ रही थी और वो अपने होंठों को दांतों से दबा रही थी. तभी मैंने उसकी बुर के और अंदर तक अपनी उंगली घुसा दी अब तो वो बकायदा रोने ही लगी थी ‘आआहह आआईईई प्लीज़्ज़ राआज्ज… आअईई बहुत दर्द कर रही है… निकाल लो प्लीज़ आआहह ऊऊफ़्फ़्फ़ प्लीज़्ज़ राज निकाल लो अपनी उंगली… बहुत दर्द कर रही है आआह्हह देखो अगर तुम नहीं मानोगे तो मैं मम्मी से कह दूंगी प्लीज़ राज!’
अब तो मेरी हवा खराब हो गई, मैंने सोचा कहीं बना बनाया खेल ना बिगड़ जाये और ये बुढ़िया से न कह दे, तब मैंने अपनी थोड़ी सी उंगली उसकी बुर के बाहर निकाल ली और उसके बूब्स को फ़्रोक के ऊपर से बहुत आराम से दबाने लगा.
अब उसे कुछ राहत मिल रही थी और थोड़ी ही देर बाद वो अपने चूतड़ को नीचे से उचकाने लगी.
जब मैंने देखा कि अब इसको थोड़ा मज़ा आने लगा है तो मैंने अपनी उंगली उसकी बुर से निकाल ली अब वो मेरी शक्ल देखने लगी और जब उससे रहा नहीं गया तो खुद ही कहने लगी- अब जब मुझे मज़ा आने लगा तो तुमने उंगली बाहर निकाल ली? प्लीज़ डालो न उंगली इसमें… बहुत अच्छा लग रहा था.
तब मैंने कहा- अभी तो नखरे कर रही थी?
संगीता ने कहा- नहीं नखरे वाली कोई बात नहीं, जब तकलीफ़ हो रही थी तब ही तुमसे निकालने को कह रही थी, अब डालने को भी तो कह रही हूं प्लीज़ डाल दो न उंगली!
तब मैंने कहा- आज बहुत देर हो गई है, अभी तुम्हारी मम्मी आने ही वाली है, तुम ऐसा करना आज रात को पहले खूब अच्छी तरह से अपनी मम्मी की चुदाई देख कर सीख लेना कि कैसे चुदवाया जाता है, तब कल मैं तुम्हें चोदूँगा!
ओ के!
मगर संगीता तो पूरी तरह चुदासी हो चुकी थी, फ़िर मैंने उस वक्त अपनी उंगली से ही उसका एक पानी झाड़ा और फ़िर उसको चड्डी पहनने को बोला और बताया कि आज रात को मैं जब तुम्हारी मम्मी की चुदाई करुंगा तब एक खिड़की खोल दूंगा ताकि तुम आसानी से सब नज़ारा देख सको.
और उसके बाद मैंने उस रात आंटी की दो बार गांड मारी और एक बार चूत!
और उसके बाद संगीता की कोरी कोरी बुर कैसे फ़ैलाई, इसका जिक्र अगली कहानी में करुंगा.
तो दोस्तो, आप सबकी दुआ आखिर रंग ले ही आई और संगीता को मैंने कैसे जवान और बालिग किया..
Antarvasna
गरम लड़की की गरम चूत का मजा लिया मैंने मेरे साथ ट्यूशन पढ़ने वाली सेक्सी सांवली लड़की को चोद कर. उसने खुद से पहल की और बाइक पर बैठकर मेरे लंड पर हाथ रख दिया.
भाइयो और भाभियो, मेरा नाम सिद्धांत है.
मैं नया नया जवान हुआ हूँ.
यह गरम लड़की की गरम चूत का मजा लेने की कहानी अभी कुछ दिन पहले की ही है.
मैं ट्यूशन गया था.
उस दिन उधर एक नई लड़की आई.
वह मुझे दिखने में इतनी ज्यादा अच्छी दिख रही थी कि क्या ही बोलूँ.
लड़की थोड़ी दबे से रंग की जरूर थी लेकिन उसका बदन का ग्लैमर इतना मस्त था कि कोई भी देख कर सोचेगा कि अभी पटक कर चोद दूँ.
उस दिन उसने काले रंग का सूट पहना था, बड़ी ही मस्त माल लग रही थी.
मैं शुरू से बहुत बड़ा ठरकी था, किसी भी लड़की या भाभी को देख कर चोदने का मन करने लगता था.
उसको देख कर ही मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.
मेरा मन कर रहा था कि इसको चोद दूँ.
मैंने खुद पर कंट्रोल किया और बैठ गया.
फिर ट्यूशन वाले सर आए और उसका परिचय करवाया.
उसका नाम सोनी था.
अब सर ने पढ़ाई शुरू की.
मैं सर के घर में उनके बेड पर बैठा था.
वह मेरे सामने कुर्सी लगा कर बैठी थी.
जब वह झुक कर लिख रही थी, तो उसके बड़े बड़े संतरों का दीदार हो रहा था.
उसके दूध देख कर मुझसे रहा न गया और मेरे लंड ने हल्का सा पानी छोड़ दिया.
मैंने सर से कहा- मैं वॉशरूम से आता हूँ.
वह लड़की मुझे देखने लगी.
मैंने बाथरूम के अन्दर जाते ही अपना लंड निकाला और हिलाने लगा.
जब लंड की छूट हो गई, तब मैं शांत हुआ और पढ़ाई खत्म होने के बाद घर आ गया.
घर आकर भी मुझे बहुत बेचैनी सी हो रही थी, मन कह रहा था कि अब मुझे उसको चोदना ही है.
मैंने उस दिन घर आते ही सेक्स वीडियो देखना शुरू किया.
मुझे हर वीडियो में बस उसका ही चेहरा दिख रहा था.
मैंने उस दिन हर घंटे में बार बार लंड हिलाया.
मैंने आज तक किसी लड़की में इतना ग्लो नहीं देखा था.
मेरी यह ट्यूशन हफ्ते में 3 दिन ही रहती थी.
मैं बहुत परेशान हो गया क्योंकि उस दिन ट्यूशन का आखिरी दिन था.
उसके बाद दो दिन की छुट्टी थी.
खैर … कुछ कर ही नहीं सकता था.
सोमवार को मैं ट्यूशन पर बहुत जल्दी चला गया.
लेकिन सोनी दीदी थोड़ी देरी से आई.
आज वह फिर से एक दूसरी ब्लैक ड्रेस में थी.
मैं उसे देख कर एकदम से पागल हो गया.
सोनी के आते ही सर ने कहा- तुम दोनों पढ़ाई करो, मुझको कुछ काम है, मैं अभी आता हूँ.
मेरी किस्मत बहुत ज्यादा अच्छी थी क्योंकि सर के जाते ही बारिश होने लगी.
अब हम दोनों कमरे में बिल्कुल अकेले थे.
मेरा मन कर रहा था कि मौका अच्छा है … इसकी बुर फाड़ देता हूँ.
पर वह थोड़ी शर्मीली थी.
मैं कुछ देर के बाद उससे थोड़ा बात करने लगा और मैंने उससे उसका नंबर मांगा.
उसने एकदम से सीधा मना कर दिया और बोली- नहीं, मैं किसी को नंबर नहीं देती.
मुझको थोड़ा गुस्सा आया.
फिर मैंने कहा- क्या आप इंस्टाग्राम पर हैं?
वह बोली- हां हूँ.
मैंने कहा- उसकी आईडी ही दे दीजिए. आपसे कभी बात करना हुई तो मैसेज भेज दूंगा.
वह बोली- हां ठीक है.
उसने अपनी इंस्टाग्राम की आईडी दे दी.
मैंने तुरंत मोबाईल में इंस्टाग्राम खोला और उसकी आईडी सर्च की.
जैसे ही उसकी प्रोफाइल को देखा, आह क्या बोलूँ … उसकी एक से एक फ़ोटो उधर लगी थी.
मैंने उसकी तारीफ की तो वह खुश हो गई.
उस दिन उससे अलग होकर एक अजब सी खुशी थी कि जाने क्या मिल गया हो.
मैंने घर आते ही उसको एक मैसेज भेजा.
कुछ देर बाद उसका जवाब आया कि रात को बात करूंगी.
मैं और ज्यादा खुश हो गया कि बंदी रात को बात करने की कह रही है.
उस दिन रात को उससे बात शुरू हुई तो एक बजे तक बात चलती रही.
फिर वह गुड नाइट बोल कर सोने चली गई.
अब हम दोनों लगभग रोज ऑनलाइन होते तो बात करते.
ट्यूशन में भी अकेले होते तो बात करते, वह सर के सामने बिल्कुल बात नहीं करती थी.
एक दिन यह हुआ कि ट्यूशन में ही उसकी चूत टपकने लगी, उसको माहवारी शुरू हो गई.
वह बहुत परेशान लग रही थी.
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
वह कुछ नहीं बोली.
बस धीमे से बोली- मेरी तबीयत ठीक नहीं है. तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ सकते हो?
मैं बाइक लेकर आता था तो झट से रेडी हो गया.
सर ने भी उसकी तबियत के चलते उसे छुट्टी दे दी.
वह पहली बार मेरे साथ बाइक पर बैठी थी.
जब से मैं जवान हुआ तभी से यह चाहता था कि कोई सुंदर सी लड़की मेरे साथ बाइक पर बैठे.
मैं बहुत तेज रफ्तार पर बाइक को दौड़ा कर चलाता था.
जब वह मेरे साथ बाइक पर बैठी तो मेरे साथ चिपक गई.
चूंकि ठंड का मौसम था तो मैं भी उसकी चूचियों का मजा लेने लगा.
मैंने अपना बैग आगे रख लिया था.
मैं तेज बाइक चला रहा था.
मुझे नहीं पता था कि सोनी को भी तेज रफ्तार पसंद थी.
मैं फुल स्पीड में था कि तभी सामने एक गड्डा आया और मुझे ब्रेक लगाने पड़े.
वह झटका खाकर एकदम से मेरे ऊपर गिर पड़ी, उसके बूब्स मेरी पीठ पर लड़ गए.
कुछ समय तक तो मैं वैसे ही उसकी चूचियों से लगा रहा.
उसके बाद वह अलग हुई.
लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था.
कुछ देर यूं ही चलने के बाद सामने एक ब्रेकर आ गया था.
मैंने फिर से एकदम से ब्रेक लगाए.
उसका हाथ एकदम से मेरे लंड पर आ गया.
जहां तक मुझे पता था कि माहवारी के दौरान लड़कियों का चुदने का बहुत मन करता है.
शायद यही वजह थी कि उसका शरीर एकदम से गर्म होने लगा.
वह बोली- सिद्धांत, तुम मुझे यहीं उतार दो … आगे मैं ऑटो से चली जाऊंगी.
मैंने भी कुछ नहीं कहा.
उसे वहीं उतार कर मैं आगे बढ़ गया.
अब मैं सोचने लगा.
उसका एकदम से मेरे लंड पर हाथ आना मुझे थोड़ा अजीब सा लगने लगा.
हालांकि मुझे मज़ा भी बहुत आया था.
वह दो दिन ट्यूशन नहीं आई और ना ही हमारी ऑनलाइन कोई बात हुई.
फिर जब उसकी माहवारी खत्म हो गई तब वह ट्यूशन आई.
वह बोली- सिद्धांत तुम मुझे रोज घर तक छोड़ सकते हो क्या?
यह सुन कर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.
मैंने खुद को कंट्रोल करके कहा- अरे क्यों नहीं … ज़रूर दीदी.
वह मेरे मुँह से दीदी सुन कर थोड़ा गुस्सा सी हो गई और उसने मेरे पैर में एक घूंसा मारते हुए कहा- मुझे सोनी बोल.
मैंने कहा- ठीक है सोनी.
अब ट्यूशन से वापस घर की तरफ चले, तो दस किलोमीटर दूर चलना था.
उस रास्ते में एक सुनसान इलाका आता था.
उधर उसने एकदम से मेरी कमर में हाथ डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी.
मैंने कहा- अरे यह क्या कर रही हो?
वह बोली- सिद्धांत, मैं जानती हूँ कि तुम भी मुझे चोदना चाहते हो. मैं तो जिस दिन आई थी, उस दिन ही तुम्हारे खड़े लंड को देख कर तुमसे चुदवाना चाहती थी.
उसके मुँह से इतनी साफ बात सुन कर मैं खुश हो गया.
मैंने उधर ही तय किया और बाइक को अपने एक दोस्त के कमरे की तरफ मोड़ दी.
मैं सोनी को उधर ले गया और दोस्त से कह कर उससे बाहर जाने के लिए कह दिया.
वह सोनी को देखता हुआ चला गया.
मुझे बिना कंडोम के चोदना पसंद था तो किसी बात की चिंता नहीं थी.
वह रूम खाली होते ही मुझे किस करने लगी.
मैंने कहा- एक मिनट तो रुक जा मेरी जान … जरा दरवाजा तो लगा लेने दे.
मैं जल्दी से उठ कर गया और दरवाजा बंद कर आया.
मैंने आते ही अपने लंड को सहलाया और कहा- आज मैं तुमको नहीं छोड़ूँगा.
उसने कहा- हां मुझे भी नहीं बचना है. जल्दी बता कि कैसे चोदेगा?
मैंने कहा- तुम पहले पूरी नंगी हो जाओ.
उसने कहा- बस इतनी सी बात. चल तू भी अपने कपड़े खोल.
वह पूरी नंगी हो गई.
मैं भी पूरा नंगा हो गया.
हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया और काफी देर तक चूमाचाटी करने के बाद मैंने उससे कहा- मेरे लंड को चूस रंडी!
वह बोली- नहीं यार, मैं मुँह में नहीं लूँगी.
मैंने ज़बरन उसके मुँह में लंड दे दिया.
उसको पहले तो लंड का स्वाद अच्छा नहीं लगा.
उसने जीभ से सुपारा चाट कर एक बात थूक दिया.
फिर उसने खुद से मेरे लंड को मुँह में भर लिया और पूरा अन्दर तक लेकर चूसने लगी.
मैं उसके बूब्स दबा रहा था.
भाई सच बता रहा हूँ कि इतना सॉफ्ट मामला था कि मजा ही आ गया.
मेरा मन उसकी बुर चाटने का हुआ, मैंने कहा- चल 69 में आ जा. मैं लेट रहा हूँ, तू अपनी चुत मेरे मुँह पर टिका कर ऊपर चढ़ जा.
जैसे ही मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू किया, वह कामुक सिसकारियां लेने लगीं ‘आह उहह …’
जब मेरे लंड से न रहा गया तो मैंने एकदम से उसके मुँह में ही पिचकारी मार दी.
वह मुँह हटाने लगी तो मैंने उससे कहा- पी जा रण्डी … प्रोटीन है … तेरे चेहरे का ग्लो बढ़ जाएगा.
उसने वीर्य पी लिया.
फिर मैंने उससे लंड को फिर से चूस कर खड़ा करवाया.
मैंने कहा- साली, तेरा भोसड़ा तो फटा हुआ लगता है.
वह बोली- हां भोंसड़ी के मादरचोद … मैं चुदाई करवाती हूँ.
उसके अन्दर की रंडी जाग गई थी.
मेरे लंड को कुछ मिनट चूसने के बाद वह बोली- ले साले तेरा खड़ा हो गया.
मैंने उससे कहा- हां तो चल अब कुतिया बन जा.
वह बन गई.
मैंने उसकी बुर से थोड़ा दूर को लंड रखा ओर एकदम से एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.
अभी मेरा आधा लंड भी अन्दर नहीं गया था कि वह दर्द से बहुत तेज रोने लगी.
वह बोली- आह साले मादरचोद ने मार दिया.
मैंने कहा- अरे रंडी साली, चुप हो जा बहन की लौड़ी … क्या सारा मुहल्ला बुलाएगी.
वह चुप हो गई.
कुछ मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ, तो वह मस्ती से चुत चुदवाने लगी.
फिर मैंने लंड चुत से बाहर खींचा और उसके मुँह में लंड घुसेड़ दिया.
वह बोली- अभी और चोद कमीने.
मैंने उसको कुतिया बना दिया और बुर में लंड सैट करके एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.
पर गजब हो गया. इस बार मेरा लंड न जाने कैसे उसकी गांड में घुस गया.
मैंने शॉट इतनी ज़ोर का मारा था कि उसकी गांड फट गई और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में घुसता चला गया.
वह बहुत ज्यादा रोने लगी.
पर मैंने उसकी गांड में से लंड नहीं निकाला.
मैं उसकी गांड फाड़ने में बिज़ी बना रहा.
वह चिल्ला रही थी और मैं उसकी सुन ही नहीं रहा था.
दस मिनट बाद उसको भी गांड मरवाने में मज़ा आने लगा.
मैं 10 मिनट तक गांड मारता रहा.
उसके बाद मैं उसकी गुलाबी बुर चोदने लगा.
लंड चुत में पेलते ही उसका पूरा रस निकल गया.
उस वजह से मेरा लंड पूरा चिकना हो गया था.
धकपेल चुदाई के बाद मैंने अपने लंड का माल उसके पेट पर निकाल दिया.
उस दिन मैंने उस गरम लड़की की गरम चूत को 2 घंटे में 3 बार चोदा.
उसके बाद हम दोनों के घर से कॉल आने लगा.
मैंने उससे कहा- चूत का खून आदि साफ कर लो.
उसने सब साफ करना शुरू किया.
मगर वह ठीक से हिल ही नहीं पा रही थी तो उससे चूत साफ करते नहीं बन रहा था.
मैंने ही उसका सब कुछ साफ किया और उसको कपड़े पहनाए.
फिर उसको उसके घर तक छोड़ दिया.
इस बीच मैं उसकी मम्मी से भी मिला.
यार उनका परिवार बहुत ज्यादा रिच था.
अब मेरा उसके घर आना जाना शुरू हो गया.
मैं जब भी उसके घर जाता और उसके घर में सुनसान होता तो मैं उसको उसके कमरे में ले जाकर चोद देता.
दोस्तो ! मैं सेक्सी कहानियाँ सात महीनों से Sex Stories पढ़ रहा हूँ। मैं 25 साल का शादीशुदा मिडल परिवार का राजस्थान के एक छोटे से कसबे का सेक्सी लडका हूँ। मैं पहले से औरतोँ को चोदने लगा था। मेरी शादी को दो साल हो गये है। मेरी सलहज की अभी तक चूत कुँवारी है। वो 5 सालोँ मे अभी तक माँ नहीं बन पाई।
उस समय वो 26 साल की थी. बहुत सुंदर है, उसका फिगर 36-26-36, ऊंचाई 5’5″, वो बहुत सेक्सी है. जब भी मैं उसके बारे मे सोचता तो उसको जमकर चोदने का मन करता लेकिन मैं कुछ नही कर पाता. वो मेरी पत्नी से सारी बातें शेयर करती थी। वो मेरी पत्नी को सेक्सी फ़िल्में और सेक्सी किताबें दिया करती थी। उसके बाद मैं इन्टरनैट पर सेक्सी कहानियाँ ढूंढने लगा, मुझे बहुत सी कहानियाँ मिली मैं उन्हें प्रिन्ट करके उन्हें देने लगा। मैं बस उसको चोदना चाहता था। जब मेरी पत्नी के बच्चा हुआ, बीस दिन के बाद वो मायके गई। अब उसके मन में भी माँ बनने की चाह होने लगी।
जब मैं 15 दिनों के बाद रविवार के दिन सुबह ससुराल में गया तो वो मुझे देख कर खुश हुई। दिन में हम दोनो बातें करने लगे मैंने बातों बातों में पूछा आप कि के चहरे पर वो मुस्कान नहीं दिखाई देती। उसने कहा कुछ नहीं बस ऐसे ही। मैंने उससे कहा- देखो मैं आपके दोस्त की तरह हूँ, आप मुझे बताओ कि क्या मैं आपकी कुछ हेल्प कर सकता हूँ। उसने कहा ऐसी कोई बात नहीँ। फ़िर दुबारा उससे पूछा तब उसने कहा कि वो मुझे डांटते रहते हैं और ठीक से प्यार भी नहीं करते। मैंने कहा मैं जानता था कि यही बात होगी। अब आप साफ साफ बताओ कि क्या वो आपको वो ख़ुशी पूरी तरह नहीं दे पाते। फ़िर वो रोने लगी और कहा कि क्या बताऊं वो ठीक तरह से नहीं कर पाते।
मैंने कहा कि आज कल ऐसी बहुत सी औरतें है जिनके साथ यह प्रॉब्लम है पर वो तो ऐसे नही रोंती। तो तुम ही बताओ कि मैं क्या करूं। मैंने कहा मैं आपको वो प्यार दे सकता हूँ। वो चौंक गई, मैंने कहा इसमें कोई बुराई नहीं है सभी ऐसे ही करती हैं। आप का कोई दोष नहीं। फ़िर मैंने कहा आप बे फ़िक्र हो जाइये किसी को कानो कान खबर नहीं होगी। उसने कहा ऐसा पोसिबल है? मैंने कहा अगर आप चाहें तो मैं कोई धक्का तो नही कर रहा, मैं आपकी इज़ाज़त हो तो मैं वो प्यार दे सकता हूं जो मेरे साले ने देना था। देखो बाकी आपकी मरजी है मैं तो बस आपको खुश देखना चाहता हूं। आप चाहो तो मुझे रात को मिल सकती है। तो वो कहने लगी- अगर किसी को को पता चल गया तो?
मैंने कहा हम कोई पागल थोडी ना हैं। मर्यादा में तो हमे ही रहना पडेगा। उसने मुसकरा दिया ओर रूम से बाहर आ गई। रात को मैं रूम में वेट कर रहा था। वो 11:30 बजे आई। आते ही मुझसे लिपट गई। मैं उसे बेसबरी से चूम रहा था। वो भी मुझे चूमती हुए कह रही थी इतने दिन पहले क्यों नही मिले। मैंने मेरा हाथ उसके बूब्स पर सरकाया और हलके से दबाया, उसके बूब्स एकदम कड़क थे. फ़िर गाउन के ऊपर से निपल के साथ खेलने लगा तो वो और उत्तेजित हो गई और मुझे पागलो की तरह चूमने लगी, अब मैंने उसका गाउन उपर सरका के उसके बूब्स को नंगा कर दिया। मैं उसके बूब्स को बारी बारी से चूमने और चाटने लगा उसको बहुत मजा आ रहा था, एक हाथ से मैं बूब्स को दबा रहा था तभी दूसरा हाथ मैंने उसकी चूत की ओर बढाया।
उसकी चड्डी भीग चुकी थी इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो कितनी उत्तेजित थी और मजे लूट रही थी. अब मैं उसकी कलेटरिस से खेलने लगा. मैंने उसकी पैंटी को भी हटा दिया अब वो एकदम नंगी थी, उसने मेरे सारे कपडे उतार दिये और मेरे लंड को हाथ से मसलने लगी. मैंने अपना मुहं उसकी चूत पर रख दिया, उसकी चूत से एक अजीब सी सुगंध आ रही थी. चूत टेनिस बोल की तरह फूली हुई थी जो क्लीन शेव्ड थी. मैं उसी चूत को चाटने लगा और साथ में उसके बूब्स को भी मसलने लगा। अब वो खुशी के मारे हल्के से बोल रही थी… साम. मुझे बहुत मजा आ रहा है, चूसो मेरी चूत को…आ.आ.. आआया.आआअ.. आआ..उ.ऊउऊ. ऊ.ईई.ऊई..ऊई आह आआह्ह्छ… साम… मुझसे और इंतजार नही हो सकता प्लीज़ मुझे चोदो…प्लीज़ फक मी.
मैं भी तैयार था, उसने दोनों पैर मेरे कंधो पर रख दिए। अब मैंने अपना 8″ लंबा और 3.5″ लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा तो वो गिड़गिड़ाने लगी प्लीज़ मुझे चोदो ना, मत तड़पाओ..अब मैंने अपने लंड का सुपाडा उसकी रसीली चूत के द्वार पे रख कर एक जोरदार धक्का लगाया… मर गई.. निकालो… निकालो..
मैं रुक गया और उसके बूब्स के साथ खेलने लगा, कुछ पल में वो अपनी गांड हिलाने लगी तो मैंने एक और जोरदार धक्का लगाया लगभग 6″ तक मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया. उसकी चूत से खून बहने लगा. सारी दीवारें टूट गई
…वो जोर जोर से चिल्लाने लगी, मैंने अपने होठं उसके होठं पर रख दिए और एक धक्का मारा इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया…वो दर्द के मारे तड़पने लगी…मैं थोडी देर उसके बूब्स को धीरे धीरे दबाता रहा और उसे चूमता रहा। 2 मिनट बाद उसने थोडी राहत महसूस की तो अपने कुल्हे उठाने लगी। अब मैंने धीरे धीरे अपना लंड अन्दर -बाहर करने लगा. अब वो अपनी स्पीड बढाती जा रही थी. करीब 10 मिनट बाद उसका शरीर तंग हो गया…वो झड़ गई…अब पूरा कमरा फचक फचाक ..फचक की आवाज से गूंज रहता… साथ में अमिता की सिस्कारियां आ..आया.. या.य्य्य. ओह..या..या … ऊऊउईई आआह्ह्ह्ह अब मैंने भी स्पीड बढाई… मेरा लंड चूत में इंजन के पिस्टन की तरह अन्दर बाहर हो रहा था… अब मेरी बारी थी सांसे एकदम तेज हो गई। दोनों पसीने से तर हो रहे थे.
हम अपनी मस्ती में सारी दुनिया भूल चुके थे। वो बहुत खुश थी। मैंने जमकर 45 मिनट तक चुदाई की। वो बोली- आज मैंने असली सुहागरात मनाई है। शादी के बाद आज पहली बार सेक्स की प्यास बुझी है। चुदाई करते समय उसने बताया कि जीजाजी आपका लन्ड मेरे पति से बड़ा और मोटा भी है। अब पूरी रात में हमने 6-7 बार सेक्स किया। वो पूरी तरह तृप्त हो गई थी। उसने कहा कि मुझे सही मायनो में सेक्स का मतलब पता लगा है। फ़िर हमने इसके बाद सोमवार रात को 8-10 बार सेक्स किया। उसने कहा- आज मुझे पूरा विश्वास है कि मैं इस बार प्रेगनैन्ट हो जाउंगी और ऐसा ही हुआ।
अगली सुबह मैं ससुराल से वापिस आ गया Sex Stories
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