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Massage Girl in Ramgarh: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Ramgarh who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Ramgarh that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Ramgarh massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Ramgarh who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Ramgarh massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Ramgarh massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Ramgarh who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Ramgarh employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Ramgarh helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Ramgarh

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Ramgarh at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

दोस्तो, यह बात उस समय की है जब मेरी पोस्टिंग कोटा में थी और विभाग में मैं नया था।

वहाँ मैं जवाहर नगर में किराए से रहता था। इत्तेफाक से दोस्तों वहीं पास में हमारे विभाग के एक अधिकारी का घर भी था जो दूसरे कार्यालय के अधिकारी थे।

मुझे पता नहीं था.. फिर भी मैं आते-जाते उनकी मैडम को देखा करता था।

वो देखने में तो कुछ खास नहीं थी.. फिर भी पता नहीं क्यों.. मेरी नज़र उनको ताकती रहती थी, क्योंकि उनका फिगर ही कुछ ही ऐसा था।

देखने में तो 34-28-36 के भरे-भरे से आम के जैसे चूचे थे.. जिन्हें देख कर मेरा मन करता था कि अभी जाकर सारा का सारा दूध निचोड़ लूँ और गांड तो ऐसे मटका कर चलती थी कि मुर्दों के लंड भी खड़े हो जाएँ।

इस बात को वो भी भांप चुकी थी कि मैं उसको देखता हूँ।

ऐसा करते-करते 5-6 महीने बीत चुके थे। गर्मी के दिनों की बात थी दोस्तों.. मेरी छुट्टी थी तो मैं ऑफिस नहीं गया था।

मैं अपने कमरे के बाहर कुर्सी लगा कर बैठा था.. तभी मैंने उनकी आवाज़ सुनी.. वो अपने मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी।

थोड़ी देर बाद समझ आया कि वो सर से बात कर रही थी। बात पूरी होने के बाद उन्होंने मुझे देखा तो मुझे बुलाया।

मैं उनके पास गया तो वो मेरी ओर देखते हुए मुस्कुरा रही थी।

उन्होंने मुझसे मेरा परिचय पूछा.. तो अपने और अपनी जॉब बारे में मैंने उन्हें सब बताया।

फिर वो मुझसे बोली- हमारे बारे में जानते हो?

मैंने मना किया- नहीं…

उन्होंने मुझे बताया कि उनके पति आपके विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर हैं।

तो मैं तो बुरी तरह से डर गया और सोचा कि अब तो मेरी नौकरी गई, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने मुझे बताया कि उनका कूलर चलते-चलते ख़राब हो गया और उसे ठीक करने कोई नहीं आ रहा, क्योंकि उनकी लाइन पार्टी बिजी थी।

मैंने मन में सोचा कि आज अच्छा मौका है.. इसे मत जाने दे।

मैं बोला- मैम मैं देख लूँ कूलर को?

वो बोली- हाँ.. हाँ.. क्यों नहीं।

मैंने कूलर को अन्दर से खोल कर देखा तो उसके मेन कनेक्शन में से एक वायर निकला हुआ था.. जो मैंने जोड़ दिया और स्विच ऑन किया तो उनका कूलर चल गया।

वो बड़ी खुश हुई.. उन्होंने मुझे बिठाया और चाय बनाने चली गई।

बाद में उसने सर को भी बोल दिया कि कूलर ठीक हो गया।

जब हम चाय पी रहे थे तो मैडम मेरी ओर झुक कर बैठी हुई थी.. जिसके कारण मुझे उनके बोबे दिखाई दे रहे थे।
उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया।

उस समय मैंने लोअर पहन रखा था जिसके कारण वो स्पष्ट दिख रहा था। मैंने बहुत छुपाने की कोशिश की.. मगर मैडम ने इसे भांप लिया था और मुझसे बोली- तुम मुझे क्यों देखते हो?

मैं बोला- ऐसे ही।

वो फिर मेरे पास आकर बैठी और बोली- मैं सब समझती हूँ और जानती हूँ कि इस समय तुम्हारे मन में क्या चल रहा है।

मैं चुप रहा।

वो आगे बोली- अंश.. आपके सर इस काबिल नहीं है जो मुझे तन का सुख दे सकें क्योंकि शादी के बाद एक एक्सीडेंट की वजह से उनकी सेक्स करने की क्षमता कम हो गई और मैं इसके लिए तरसती रहती हूँ.. क्या तुम मेरी ये इच्छा पूरी करोगे?

मैं बोला- मैडम यह सच है कि मैं आपको देखता हूँ लेकिन मैं आपके साथ ऐसा नहीं कर सकता।

मगर उन्होंने फिर दोबारा अपनी चाहत को दोहराते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।

फिर मैंने भी उनकी व्यथा को समझते हुए अपने आपको उनके आगे सरेंडर कर दिया।

मैंने भी देर न करते हुए उनके लबों को अपने लबों के आगोश में ले लिया और उनके होंठों का रसपान करने लगा।

वो भी मेरे लंड को लोअर के ऊपर से ही मसल रही थी और मैं उन्हें चूमते हुए उनके बोबों को बड़ी बेदर्दी से एक-एक करके मसल रहा था।

मैडम ने गाउन पहना हुआ था तो मैंने गाउन के अन्दर हाथ डाल दिया।

चूंकि उन्होंने गर्मी के कारण अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था, तो मैं उनके बोबों की घुंडियों को मसलने लगा।

मेरे ऐसा करने से वो बेचैन हो उठी और मेरे लंड को लोअर से बाहर निकालकर अपने रसीले होंठों के बीच कैद करके उसे बड़े ही प्यार से लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगा।

वो मेरे लंड को जिस तरीके से चूस रही थी, मुझे लगा कि वो कई दिनों की प्यासी हो।

फिर अंत में मेरे लंड ने उनके मुँह में ही अपना ‘सोमरस’ छोड़ दिया.. जिसे वो बड़े प्यार से गटक गई और चाट-चाट कर मेरे पूरे लंड साफ़ कर दिया।

फिर मैंने उसका गाउन उतारा तो अन्दर से वो पूरी नंगी थी।

जिन बोबों को मैं रोज़ देखने की तमन्ना रखता था, आज वो मेरे सामने थे।

मैंने बड़े ही प्यार से उनके एक निप्पल अपने दांतों से काटा तो उनके मुँह से एक ‘सी..सी..’ करते हुए एक सीत्कार निकली।

अब मैं उनके बोबों को दबाते.. मसलते हुए एक-एक करके उनको चूसने लगा और वो अपने मुँह से मादक सीत्कार निकालने लगी।

‘आह.. आह.. उह्ह.. उह्ह.. सी.. आह.. मर गई..’

दोस्तों जब मैं उनके बोबों को मसलते हुए चूस रहा था तो वो अपने ही दातों से अपने ही होंठों को काट रही थी और मेरे बालों में अपनी ऊँगलियाँ फेर रही थी।

उनके मस्त बोबों को चूसते हुए मैं अपने एक हाथ को उनके बदन को सहलाते हुए उनकी चूत के ऊपर ले जाकर चूत के दाने को मसलने लगा।
मेरे ऐसा करने से वो और भी मस्ती में चूर होकर ‘उह्ह उह्ह आह आह हाय मैं मर गई’ जैसी सीत्कारें निकालने लगी।

मैडम की चूत एकदम गीली होकर धीरे-धीरे अपनी चूत से पानी छोड़ रही थी और वो जल बिन मछली की भाँति तड़प रही थी और मस्ती में कह रही थी- मेरी जान.. इसी चीज़ का तो मुझे बड़ी बेसब्री से इंतज़ार था.. इस निगोड़ी चूत ने बड़ा परेशान कर रखा था।

फिर मैं धीरे से नीचे गया और उनकी चूत की पंखुड़ियों को अपने होंठों से चाटने व काटने लगा.. तो जैसे वो तो पागल हो गई।

मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदते हुए चाटने लगा और मैडम अपनी कमर उचकाते हुए अपनी चूत को इस तरह चटवा रही थी कि जैसे मेरे मुँह में समां जाएगी।

मैं भी कहाँ पीछे हटने वाला था, उनको जैसे चटवाने का शौक था.. तो उसी तरह मुझे चाटने का शौक था।

फिर मैडम बोली- अंश मेरे भोसड़े में अपना लंड डाल दो.. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा…

लेकिन मैं अपनी मस्ती में ही चूत चाटने में लगा हुआ था। मैडम तो जैसे पागल हो रही थी.. अपनी मस्ती के नशे में चूर होकर वो मेरे बालों को नोचते हुए अपनी चूत को मेरे मुँह पर जोर-जोर से रगड़ने लगी।

उसकी स्थिति को समझते हुए फिर मैंने अपने लंड को उसकी मुनिया(चूत) के मुँह पर लगाया और एक धीरे से धक्का लगाया।

मैडम की चूत इतनी गीली थी कि ‘गच्च’ की आवाज़ के साथ मेरा लवड़ा मैडम की चूत की गहराइयों में उतरता चला गया।

फिर धीरे से मैंने अपने लंड को बाहर खींचा और वापस मैडम की चूत में पेल दिया।

फिर मैं मैडम की चूत में अन्दर-बाहर.. अन्दर-बाहर.. लंड पेलने लगा और मैडम भी हर धक्के का जवाब अपनी कमर को उचकाते हुए दे रही थी।

मैं अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ कर उसको चोद रहा था।

मैडम मस्ती के नशे में चूर होकर कह रही थी- चोद… मेरे राजा… उम्ह्ह उम्ह्ह.. आह.. आह… हाय… चोद… मेरे राजा.. आज मेरी चूत की खुजली मिटा दे.. मेरी चूत का भोसड़ा बना दे.. बहुत परेशान कर रखा है इस निगोड़ी ने.. आज के बाद मैं सिर्फ तुमसे ही चुदवाऊँगी.. घुसा दे अपना पूरा लंड मेरे राजा.. आह.. आह .. हाय मेरी जान।

हर एक धक्के पर गीली चूत के कारण ‘फच्च.. फच्च.. फच्च..’ की आवाज़ आ रही थी, जिसकी वजह से में भी पूरे जोश के साथ मैडम की चुदाई कर रहा था।

उसको चोदते हुए मुझे 7-8 मिनट हो गए थे। अब मुझे भी लगने लगा था कि मैं अब झड़ने वाला हूँ।

चुदाई करते हुए मैंने मैडम से कहा- मेरा पानी छूटने वाला है.. तो अन्दर ही छोड़ दूँ या बाहर…

मैडम बोली- अन्दर ही छोड़ दो.. मेरे कोई बच्चा नहीं है।

फिर मैंने देर न करते हुए अपने लंड को चूत से बाहर निकाला और मैडम के दोनों पैरों को उठाते हुए अपने कन्धों पर रखा और वापस अपने लंड को उसकी चूत में पेल दिया और जोर-जोर से उसकी चूत चोदने लगा।

जैसे ही मैडम ने कहा- मेरा पानी छूटने वाला है।

उसी समय मेरा लंड भी जवाब देने वाला था तब मैंने मैडम के पैरों को पूरी तरह से उठाते हुए उनके पैरों के घुटनों को उन्हीं के कन्धों से मिला दिया।

मेरे ऐसा करने से मैडम की चूत थोड़ा और ऊपर की ओर उठ गई और मैं जोर-जोर से उसकी चूत को चोदने लगा।

फिर करीब 8-10 धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ने लगे और मेरे लंड की एक-एक बूंद उनकी चूत में उतर गई।

उस समय मैडम ने मुझे अपने शरीर से पूरी तरह चिपका लिया।
हम दोनों के शरीर पसीने से लथ-पथ हो चुके थे।

जब हम नार्मल हुए तो मैडम ने मुझे धन्यवाद दिया और मुझसे बोली- मैं आजीवन तुम्हें नहीं भूलूंगी।

उसके बाद हम दोनों साथ-साथ नहाए और नहाते हुए एक और चुदाई का राउंड लिया।

नहाने के बाद मैडम ने मुझे बिठाया और अपने हाथों से खाना बनाया और फिर हम दोनों ने साथ में खाना खाया।

फिर मैडम मुझे 2000 रूपये देते हुए कहा- ये आपका इनाम और फिर जरुरत पड़े तो मांग लेना.. आज से मैं अब तुम्हारी हुई।

मैंने वो पैसे लेने से इंकार कर दिया और मैडम से बोला- मैं ये काम पैसे के लिए नहीं करता बल्कि मुझे चुदाई करने का शौक है.. इसलिए करता हूँ। आप अपने पैसे अपने पास रखिए.. हाँ.. अगर कभी मुझे इनकी जरुरत पड़ी तो आप से जरुर मांग लूँगा।

फिर उसके बाद मैं चला गया। फिर मुझे जब भी मौका मिलता तो मैं उनकी चूत की भूख मिटाता।

फिर एक दिन उन्होंने मुझे अपने गर्भ से होने की बात बताई तो मैं भी बहुत खुश हुआ।

बाद में मैडम ने सारी बात सर को बताई तो उन्होंने भी परिस्थिति से समझौता करते हुए मुझे बुलाकर मेरा धन्यवाद करते हुए कहा- जीवन में जब कभी भी हमारी जरुरत पड़े तो निसंकोच आ जाना।

उसके बाद तो मेरी जैसे लाटरी निकल गई।

कहानी का शीर्षक – मेरी बीवी को किराने दुकान वाले ने चोदा नमस्कार दोस्तों ये मेरी अंतर्वासना पर पहली और बिल्कुल सच्ची कहानी है जो की अभी कुछ दिन पहले ही ये घटना हुई है तो मैंने सोचा क्यों ना इसे आप लोगो तक पहुचाऊँ और आप सबके लंड भी गर्म करूँ ! दोस्तों मेरा नाम आदित्य है मैं 35 साल का हूँ और मेरी बीवी जिसका नाम रजनी है उसकी उम्र अभी 28 साल है हम दोनों बिलासपुर में रहते हैं ! हमारी शादी को 7 साल हो चुके हैं हम दोनों की लव मैरिज हुई है और हम दोनों बहुत ख़ुश हैं , इस कहानी का तीसरा पात्र है अनिल जिसकी उम्र 39 साल है दिखने में ठरकी है ! रजनी बहुत खूबसूरत और हॉट है पूरे मोहल्ले में ऐसी जबरदस्त माल कोई नहीं उसका फिगर का साइज 36-34-38 है उसकी गांड इतनी जोरदार है की बुड्ढे भी उसे देखकर अपना लंड हिलाने पे मजबूर हो जाएं , अब आते हैं कहानी पर तो दोस्तों ये बात एक हफ़्ते पहले की है जब हमारे मोहल्ले के एक किराने की दुकान पर मेरी बीवी जाती है वो हमेशा जींस टॉप या सलवार सूट में होती है और हल्का मेकप करके बन ठन कर रहती है जोकि उसे और मुझे बहुत अच्छा लगता है साथ में वो योगा भी करती है तो बिल्कुल फिट है उसके बड़े बड़े दूध और निकली हुई गांड किसी को भी पागल कर सकती है , हमेशा की तरह मेरी बीवी किराने की दुकान पर गई थी और वो किराने की दुकान का मालिक जिसका नाम अनिल है उम्र करीब 38-39 की है वो उसे हवस भरी नजरों से देखता था ये बात उसने मुझे कई बार बतायी थी इस बार उसने मेरी बीवी रजनी से कहा की भाभी आप बहुत सुंदर लगती हैं और बहुत सेक्सी हैं , ये सुनकर मेरी बीवी एकदम से अकबका गई और उसने शर्म से कुछ नहीं कहा फिर ये बात उसने मुझे बतायी तो मैंने कहा अच्छी बात है ये तो तारीफ़ है ना इसमें कोई बुरी बात नहीं है , फिर उसने कहा की उसकी नज़रें हमेशा मेरे दूध पर होती हैं और मेरी गांड पर और वो अपने हाथ को अपने लंड पर रखा होता है मुझे देखते हुए , मैंने कहा जान कोई बात नहीं उसका इरादा जो भी हो तुम मजे लो और फ़िकर करने की कोई बात नहीं ! अक्सर जब हम दोनों चुदाई करते है तो उस टाइम हम दोनों एक दूसरे को बहुत गंदी गंदी गाली देते है, और रोलप्ले भी करते है। और मैं उससे पूछता हूँ की किससे चुदवाना चाहती है तू रंडी ?बोल मैं चुदवाऊँगा तुझे किसी ग़ैर मर्द से , ऐसी बातों से सेक्स करने में और भी ज़्यादा मजा आता है तो वो बोलती है आप जिससे चाहो मुझे चुदवा दो जान मैं आपको कभी मना नहीं करूँगी , तो अब हुआ यूँ की जब उसने किराने वाले की ये सब बात मुझे बतायी तो मेरे दिमाग़ में एक योजना आई की क्यों ना इससे ही अपनी बीवी को अपने सामने चुदवाया जाये और मजे लिए जायें ! मैंने इस बारे में रजनी से कहा तो पहले उसने मना किया फिर बोली की मुझे डर लगता है कहीं किसी को पता चल गया तो क्या बोलेंगे , मैंने कहा तुम उसकी चिंता मत करो और उसे लाइन दो और घर आने को कहना चाय पर और हाँ आगे से उसकी दुकान जाओ तो और सेक्सी कपड़े पहन कर जाना उसने कहा ओके ! फिर अगले दिन वो उसकी दुकान गई एक शोर्ट टॉप और शॉर्ट्स पहन कर और खुले बाल करके , उफ़ मैं बता नहीं सकता की वो कितनी बड़ी क़ातिल राँड लग रही थी बड़े बड़े दूध और निकली हुई बड़ी गांड और उस पर उसकी नाभि बहुत सेक्सी लग रही थी! अब आगे .मेरी बीवी की ज़ुबानी … किराने दुकान पर जाते ही उस आदमी ने मुझे देखा तो उठ खड़ा हुआ और एकदम खा जाने वाली नज़रों से देखते हुए बोला भाभी आइये आइये आज तो लगता है कि जान ही ले लोगी आप मेरी , मैंने शर्मा कर कहा अरे भैया आप भी क्या बात करते हैं ऐसा क्या ख़ास है आज ? तो उसने कहा आज तो आप किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही और सच कहूँ तो मैं पागल हो रहा हूँ आपको इस ड्रेस में देखकर , मैंने कहा अच्छा ऐसा है थैंक यू भैया , मैं उसको भैया कह कर ही बोलती आई हूँ फिर उसने कहा आज कहीं बाहर जा रही हैं क्या भाभी जी मैंने कहा नहीं बस मन हुआ आज ये पहनने के तो पहन लिया , वो बोला क़सम से भाभी जी आज मैं बता नहीं सकता की आप कितनी हॉट और सेक्सी लग रही हो , मैंने कहा अच्छा अच्छा बस करिए और ये सामान दे दीजिए और कितने पैसे हुए बताइए उसने झट से सारा सामान दिया और पैसे लेने से मना करने लगा मैंने जिद की तो वो अनिल बोला अरे आपसे कैसे पैसे ले सकता हूँ। तो मैंने कहा फिर क्या लेने का इरादा है , तो वो बोला की अगर बुरा ना मानों तो एक बार आपको हग करना है और एक किस बस , मैंने कहा अच्छा ठीक है तो आज शाम को घर आ जाना इतना सुनकर वो पागल हो गया और बोला क्या भाभी सच में ? मैंने कहा हाँ भैया सच में फिर वो बोला ठीक है मैं शाम को आता हूँ लेकिन घर पर भैया भी होंगे ना तो मैंने कहा उसकी चिंता मत करो मैं उनको काम से बाहर भेजने वाली हूँ शाम को तो वो ख़ुश होकर बोला वह भाभी जी कमाल है ठीक है मैं शाम को 7 बजे आता हूँ फिर शाम को 7 बजे – मैंने अपनी पति आदित्य को सब बता दिया था तो वो बोले की मैं यहीं दूसरे रूम पर छुप कर बैठूँगा तुम आज उसके आने के बाद उसके साथ खेलना शुरू कर देना फिर मैं धीरे से बीच में आ जाऊँगा और हम थ्रिसम का मजा लेंगे तो रजनी बोली जान ये सब ठीक तो है ना मैंने कहा हाँ जान सब ठीक है जिंदगी का मजा लेना जरूरी है तो वो बोली ठीक है ! अब आगे – ठीक शाम को 7 बजे अनिल ने घंटी बजाई मैंने दरवाजा खोला तो अनिल बोला भाभी जी नमस्ते , मैंने कहा अरे आइये भैया नमस्ते वो अंदर आते हुए बोला भाभी जी प्लीज मुझे भैया कहना बंद कर दीजिए तो मैंने कहा अरे आप उम्र में इतने बड़े हैं मुझसे और क्या कहूँ , अनिल बोला आप सिर्फ अनिल कहिए ना बहुत अच्छा लगेगा मुझे और सोफे पर बैठ गया मैंने अभी भी वही टॉप और शॉर्ट्स पहना हुआ था , फिर मैंने कहा अच्छा ठीक है जैसी आपकी मर्जी अनिल , बोलो क्या पियोगे चाय या कोल्ड्रिंग , तो बोला भाभी जी बुरा ना मानो तो बस आज दूध ही पीना चाहता हूँ ऐसा बोलते हुए उसकी नज़रें मेरे चूचि पर थी , मैंने शर्माते हुए बोला अरे अनिल तुम तो किस और हग करने की बात किए थे अचानक से दूध की बात कहा से आ गई तो एकदम से वो मेरे पास आकर बोला इतने बड़े दूध जिसके सामने होंगे वो कैसे इन्हें बिना पिए छोड़ सकता है भाभी जी मैंने हंसते हुए कहा अच्छा ठीक है अनिल जैसी मर्जी तुम्हारी इतना सुनते ही उसने कस कर अपनी बाहों में भर लिया और मेरे लिप्स चूसने लगा मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी बहुत देर तक मेरे लिप्स चूसने के बाद वो मेरे चूचियों को मसलना शुरू कर दिया और मुझे पहली बार किसी ग़ैर मर्द का हाथ अपनी छाती में पाकर अलग ही रोमांच महसूस हो रहा था , वो पागलों की तरह मेरे टॉप के ऊपर से ही मेरे दोनों बूब्स को दबा रहा था और अपने मुंह को दबा कर उन्हें मसल रहा था मैंने कहा अरे थोड़ा आराम से मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ तो वो मेरे टॉप को निकाल कर फ़ेक दिया और मैं इसके सामने ब्लैक ब्रा में आ गई तुरंत उसने ब्रा का हुक खोला तो मेरे दोनों बड़े बड़े दूध उछल कर बाहर आ गए और अनिल की आंखे फटी की फटी रह गई वो बोला रजनी आज तो मैंने इनको खा जाऊँगा मैंने बोला खा जाओ चूसो इन्हें आज एक पराये मर्द का मजा दो इतना सुनते ही अनिल भूखे शेर की तरह मेरे दूध को चूसने लगा दोनों निप्पल जो एकदम कड़क हो चुके थे उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगा और चूस चूस कर दोनों निप्पल लाल कर दिए , तभी अनिल बोला भाभी आज मैं तुम्हें चोदे बिना नहीं जाने वाला मैंने कहा जो मन करे करो अब तड़पाओ नहीं इतना कहते ही अनिल ने मुझे पूरी नंगी कर दिया और बेडरूम में जाने को कहा मैंने उसे कहा अपनी गोद में उठा कर ले चलो अनिल तो उसने तुरंत ही मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मुझे अनिल का लंड बिल्कुल ताना हुआ महसूस हुआ शायद उसका लंड एकदम खड़ा होकर निकलने को मचल रहा था हम लोग रूम में आ गए ! उसने मुझे बेड पर पटक दिया और अपने कपड़े उतारने लगा उसने अपनी शर्ट पेंट उतारी और अंडरवियर में आ गया मैंने कहा अनिल इसे भी उतारो तो वो बोला इसे तुम उतारो रजनी तो मैं ने एक झटके में ही उसका अंडरवियर उतार दिया और उसका लंड मेरे सामने सलामी देने लगा उसका लंड बहुत मस्त था मोटा और लंबा करीब 7 इंच लंबा ये देख कर मेरी चुत गीली होने लगी मैंने कहा अनिल वाह क्या लंड है तुम्हारा उसने कहा भाभी आपके लिए ही है इसे चूसो मैंने तुरंत उसके लंड को मुंह में ले लिया और मजे से चूसने लगी बिल्कुल किसी रांड की तरह और वो सिसकारी लेने लगा आह आह भाभी मेरी जान मेरी रंडी और चूस साली कुतिया मादरचोद कब से तुझे चोदने की मन में ठान रखी थी आज तेरी चुत को चोद चोद कर फाड़ दूँगा , ये सब सुनकर मुझे बहुत मजा आ रहा था और तभी आदित्य कमरे में आ गए और उनको देख कर अनिल की गांड फट गई उसका खड़ा हुआ लंड तुरंत मुरझा गया और वो सकपका कर बोला अरे भैया आप यहाँ वो बहुत डर गया था तो आदित्य ने बोला अरे अनिल भैया डरो नहीं ये सब मैंने कहा था करने को रजनी से क्युकी तुम बहुत दिनों से उसको पटाने की कोसिश में लगे थे मुझे सब बातों का पता है इतना सुनकर अनिल की जान में जान आई और वो बोला अरे भैया आपने तो डरा ही दिया था चलो अब साथ में मजे करते हैं और फिर मेरे पति भी नंगे हो गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे वो बोले चलो अनिल अब मजे से चोदो रजनी को जितना मर्जी करे जैसे मन करे फिर क्या इतना सुनते ही अनिल को जोश आ गया और वो मेरे मुंह में वापस से अपना लंड देकर बोला चूस इसे रंडी साली डर से सो गया था ये अब इसे चूस ज़ोर ज़ोर से और मैं मस्ती में आ कर उसका लंड चूसने लगी तुरंत ही उसका लंड एकदम कड़क हो गया और वो मेरे मुंह में ही धक्के देने लगा मैंने पूरे गले तक उसका मोटा लंड लिया उधर आदित्य अपना लंड अपने हाथ में लेकर हिला रहे थे जो बहुत मजेदार नजारा था फिर कुछ देर तक अनिल का लंड चूसने के बाद उसने लंड निकाला और मैंने कहा अब मेरी चुत और गांड चाटो अनिल बोला अरे इतनी प्यारी चुत और इतनी सेक्सी गांड को कोई बिना चाटे छोड़ भी नहीं सकता , इतना कह कर वो मेरी चुत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा मुझे सच में पराए मर्द का ऐसा करना बहुत मजा दे रहा था और मैं अनिल के सर को अपनी चूत में दबाने लगी आह आआआ बह उर मजा आ रहा है अनिल और चाटों मेरी इस चुत को खा जाओ फिर अनिल अपनी एक उँगली मेरी गांड में डाल कर अंदर बाहर करते हुए मेरी चूत चूसने लगा और बोला वह साली रांड क्या मजेदार चुत है तेरी मजा आ गया इसका रस पीकर और तेरी गांड का तो मैं दीवाना हो गया हूँ आज तेरी चूत और गांड दोनों चोद कर फाड़ दूँगा तेरे पति के सामने , इतना कह कर वो मेरी गांड के छेद को चाटने लगा और बीच बीच में एक उँगली उसमे डाल कर उसे चूसने लगा मुझे जन्नत का मजा आ रहा था सच में ऐसा मजा की मैं बता नहीं सकती फिर आदित्य ने मोबाइल एक जगह सेट कर दिया और मेरे पास आकर बोले कैसा लग रहा है मेरी जान मेरी रंडी आज दो दो लंड एक साथ मिल रहे हैं तुझे , मैंने कहा आह मजा आ रहा है जान इतना मजा कभी नहीं आया सच में , फिर आदित्य ने अपना लंड मेरे मू में दिया और मैं मजे से चूसने लगी। इधर अनिल मेरी गांड चाट रहा था और मेरी चुत में उँगली कर रहा था मैं पागलों की तरह सिसकारिया ले रही थी आह मजा आ रहा है उफ्फ आआह और चाटो मेरी गांड अनिल बहुत मजा आ रहा है , अब अनिल ने मुझे कुतिया बनने को कहा और तुरंत मैं झुक कर कुतिया बन गई पीछे से अनिल ने अपना लंबा लंड एक झटके में मेरी चुत में उतार दिया मेरी चिंख निकल गई थोड़ा दर्द हुआ क्युकी अनिल का लंड आदित्य से थोड़ा मोटा था पर मुझे।बहुत मजा आ रहा था इधर मैं आदित्य का लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी उधर अनिल मेरी चुत में गपागप अपना लंड पेल रहा रहा था और मेरी गांड में भी एक उँगली डाल कर अंदर बाहर कर रहा था मैं आह आहा आ आ yessss आआह और जोर से चोदो अनिल मुझे बहुत मजा आ रहा है आज मेरी चूत फाड़ दो अनिल कह रही थी अब अनिल ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बहुत जोर जोर से मेरी चुत चोदने लगा मैं भी अपनी गांड उछाल उछाल कर उसका पूरा लंड अंदर तक ले रही थी फिर करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ चोदने के बाद अनिल बोला मैं झड़ने वाला हूँ रजनी बताओ कहा निकालूँ अपना पानी मैंने बोला मेरे मुंह में गिराओ मुझे पसंद है बहुत तो उसने तुरंत अपना लंड निकाल कर मेरे चेहरे के सामने अपने हाथ से हिला कर अपना सारा पानी मेरे चेहरे पर गिरा दिया इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी उसका गर्म गाढ़ा पानी मेरे पूरे चेहरे हो नहला दिया कुछ मेरे लिप्स पर गिरा तो मैंने उसे चाट लिया मुझे टेस्ट अच्छा लगा अक्सर मैं अपने पति का पानी पूरा पी जाती हूँ मुझे बहुत अच्छा लगता है फिर अनिल वही बिस्तर पर एक साइड लेट गया और अब मेरे हब्बी जो बहुत देर से मजे ले रहे थे वो मेरी गांड चोदने की तैयार थे मैंने कहा जान मैं मुंह धोकर आती हूँ मैं तुरंत बाथरूम से अपना चेहरा साफ़ करके आई और अपने पति का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी और पाँच मिनट में वो एकदम कड़क हो गया फिर मैंने झुक गई और आदित्य ने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और अपने लंड को मेरी गांड की छेद पर रख कर एक झटके में पूरा लंड मेरी गांड में उतार दिया अब वो मेरी गांड में लगा तार धक्के दे रहे थे कमर पकड़ कर और बीच बीच में मेरी गांड़ में थप्पड़ मार रहे थे मुझे गाली देते हुए साली राँड आज तूने मेरी इक्षा पूरी कर दी पराए मर्द से मेरे सामने चुदवा कर मुझे बहुत मजा आया तुम दोनों की चुदाई देख कर और जोर जोर से मेरी गांड चोदने लगे मैंने कहा आह आदित्य आज तुमने मुझे सच में रंडी बना दिया आह aaaaah upsssss बहुत मजा आया आज और जोर से चोदो अपनी रंडी को आज मैं बहुत ख़ुश हूँ फिर क़रीब 10 मिनट तक चोदने के बाद मैं झाड़ने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी गांड़ में ही निकाल दिया और वो बह कर बाहर आ रहा था तो मैंने थोड़ा हाथ में लेकर उसे रजनी को दिया मुंह में उसने पी लिया और बहुत टेस्टी है जान हमेशा की तरह ऐसा बोला ! इधर हम दोनों की चुदाई देख कर अनिल का लौड़ा भी दुबरे तन कर मेरी चुदाई करने के लिए एकदम तैयार था इधर चुत गांड़ दोनो चुदवा कर मैं थक गई थी फिर मैंने बोला चलो सब पहले शावर ले लेते हैं फिर कुछ खा कर फिर अगले राउंड के लिए रेडी होते हैं तो अनिल बोला साली रंडी तेरे जैसे माल हो तो कोई दूसरा कोई काम ना करे दिन रात तुझे चोदे बस और हसने लगा ये सुनकर मैं और आदित्य भी हसने लगे , फिर हम तीनों ने एक साथ बाथरूम में शावर लिया और बाथरूम में दोनों ने मेरी चुत खूब चाटी और मैंने दोनों के लंड को चूस चूस कर उनका पानी निकाल दिया सब थक गए थे फिर हमने साथ में पिज़्ज़ा मंगाया और बियर के साथ खूब एंजॉय किया हम तीनो अभी भी नंगे ही थे हॉल में एक साथ बैठे हुए और बियर पी रहे थे इतने में आदित्य बोले की अनिल यार तुम्हारी बीवी अंजलि भाभी बहुत हॉट है यार मुझे अंजलि को चोदना है तुम्हारे सामने तो क्यों ना किसी दिन हम चारों ग्रुप चुदाई का कार्यक्रम करें ? तो अनिल बोला हाँ आईडिया अच्छा है तुम मेरी बीवी को रण्डी बना कर चोदना और मेरी रजनी को रण्डी बनाऊँगा मैंने कहा रजनी तो रंडी बन गई है अब अंजलि की बारी है हम सब हसने लगे फोई आर मैंने अनिल से कहा अब तुम रजनी की गांड चोदना और मैं इसकी चूत चोदूँगा वो भी एक साथ तो अनिल तुरंत खुश होकर बोला बिल्कुल भैया आज भाभी जी के दोनों छेद चोद चोद कर बड़े कर देने हैं , और हसने लगा उनकी ये सब बात सुनकर मेरी चुत और गांड़ में खुजली सी होने लगी और मैं बोली आज तो सच में मजेदार यादगार दिन है मजा आ जाएगा फिर इतना कह कर मैंने दोनों को एक साथ सोफे पर बैठा कर उनके सामने फर्श पर बैठ कर दोनों के लंड पारी पारी से चूस कर खड़े किए और उसके बाद दोनों ने मेरी चुत और गांड़ में एक साथ लंड घुसा कर चोदने लगे मुझे बहुत ज़्यादा मजा आ रहा था थोड़ा दर्द भी हो रहा था पर इस मजे के सामने वो दर्द कुछ नहीं ! क़रीब १ घंटे की ताबड़तोड़ चुत गांड़ चुदाई के बाद दोनों का पानी मैंने सारा अपने जिस्म पर दूध पर चेहरे पर निकलवाया और फिर थक कर सब पस्त होकर वही लेट गए , और काफ़ी देर ऐसे ही रहने के बाद सब नहा कर आए और अनिल ने विदा ली ! दोस्तों ये थी मेरी बीवी रजनी की पराए मर्द से चुदाई की बिल्कुल असली सच्ची कहानी ! दोस्तों जल्दी ही मैं एक और सच्ची कहानी लेकर आऊंगा जिसमे मैं रजनी अनिल और अनिल की सेक्सी बीवी अंजलि शामिल है ! मुझे मेल करके जरूर बतायें दोस्तों की ये कहानी आप सब को कैसी लगी मुझे आपके मेल का इंतेजार रहेगा और दूसरी कहानी लिखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा ! मेरी मेल आईडी है – aaditya03agr@gmail.com
Hindi Sex Stories

मैं बहुत दिनों से अन्तर्वासना Hindi Sex Stories की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। इसमें लोग कुछ तो काल्पनिक कहानी लिखते हैं और कुछ कुछ ही सच्ची होती हैं। किसी का आज तक तीन इंच चौड़ा लंड देखा है? गधे का भी दो इंच चौड़ा होता है। वो फिर क्या गधे का बाप है। कोई बात नहीं मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। यह सच्ची है, आप लोग इसे सच माने या झूठ !

मैं राजवीर बीस साल का हूँ। मैं यहाँ फरीदाबाद में रहता हूँ। यहाँ हमारा पूरा परिवार है। हमारा घर में दो कमरे खाली रहते थे। हमने वो किराये पर देने का सोच लिया था। बात तीन साल पहले की ही है। हमारे घर एक परिवार आया उस परिवार में एक बुड्ढा आदमी था और उसकी एक 19-20 साल की एक बेटी होगी। उसका बाप दो हफ्ते भर रहा और फिर गाँव चला गया। उसकी बेटी अकेली ही रहती थी। उसकी पढ़ाई पूरी हो गई थी और नौकरी भी नहीं करती थी। सारा दिन घर पर ही रहती थी। उन दिनों मेरी डांस की प्रैक्टिस चल रही थी।

एक दिन उसने कहा- मुझ को भी डांस सिखा दो।

मैंने उससे कहा- अभी नहीं, बाद में !

वो मान गई।

शाम को घर में कोई नहीं था। सिर्फ वो और मैं। मैं टीवी देख रहा था। वो आई और कहने लगी- अब डांस सिखा दो !

तो मैंने पूछा- तुम डांस सीख कर क्या करोगी?

वो कहने लगी- कुछ नहीं ! बस ऐसे ही।

मैंने मना कर दिया तो वो मेरी मिन्नत करने लगी। सो मैं भी मान गया।

मैंने गाना लगा दिया और उसे डांस का एक स्टेप कर के दिखाया। वो मेरे स्टेप्स की कॉपी करने लगी। उसने सूट पहन रखा था तो उसको नाचने में दिक्कत हो रही थी पर उसकी चूची को देख कर, जो हिल रही थी, मेरा लंड भी हिल रहा था। वो डांस करते करते रुक गई।

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?

उसने कहा- परेशानी हो रही है इन कपड़ों में !

मैंने मजाक में कह दिया- कपड़े उतार कर डांस कर लो।

वो शरमा गई और चली गई।

मैं भी उसके पीछे गया। वो मुँह छुपा कर लेट गई।

मैंने कहा- मैं तो मजाक कर रहा था ! तुम बुरा तो नहीं मानी।

उसने कहा- इसमें बुरा मानने वाली कौन सी बात है? मजाक ही तो किया था।

हम वहीं बैठ कर बातें करने लगे।

उसने मुझसे अचानक पूछ लिया- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?

मैंने कहा- हाँ ! हैं तो कई ! पर क्यों।

उसने कहा- किसी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाये हैं या नहीं?

मैंने कहा- तुम्हें क्यों बताऊँ।

उसने कहा- मैं तुम्हारी दोस्त नहीं हूँ क्या? मुझे बता नहीं सकते?

मैंने उससे कहा- हमने दोस्ती कब की?

उसने कहा- अब कर लो।

मैंने कहा- तुम बड़ी वो हो।

उसने कहा- वो मतलब क्या?

मैंने कहा- वो मतलब सेक्सी !

उसने अपना हाथ मुँह पर रख लिया। मैंने उसका चुम्बन ले लिया।

वो गुस्सा हो गई और कहने लगी- अभी तुम्हारी मम्मी को बताउँगी।

मैं डर गया और वहाँ से चला आया।

रात को मैं छत पर ही सोता हूँ। मैं छत पर सोया था, मेरे सामने रीमा की चूची थी। मैं उसके बारे में सोच कर मुठ मार रहा था। तभी वहाँ रीमा आ गई। उस समय रात के बारह बजे थे। मैं उसे देख कर घबरा गया। वो मुझे घूर कर देखने लगी। मैं घबराया हुआ था।

उसने कहा- तुम मेरे बारे में सोच कर ही मुठ मार रहे हो न?

मैंने कहा- नहीं !

तो उसने कहा- सच बताओ, नहीं तो आंटी को बता दूंगी। मैंने हाँ कह दिया।

उसने पूछा- क्या सोच रहे थे?

मैंने कहा- तुम्हारी चूची के बारे में।

मेरा लंड सिकुड़ गया था। उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और हिलाने लगी। मेरा लंड फिर खडा हो गया। उसने मेरी निक्कर उतार दी और जोर जोर से लंड हिलाने लगी। थोड़ी देर बाद उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी। थोड़ी देर बाद उसने अपनी सलवार और कुर्ती उतार दी और कहने लगी- अब ठीक है ! अब डांस सिखा दो !

मैंने उससे कहा- सिखा तो दूँ … पर . . . . . . . ?

पर पर क्या ? उसने कहा- अगर कोई परेशानी है तो बाकी भी उतार देती हूँ।

यह बोलते ही उसने अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी। क्या चूची थी उसकी . . . . . . चूत अभी कुंवारी लग रही थी . . . . . . । चूत की खुशबू तो अलग ही आ रही थी। मेरा लंड वो देख कर और भी मोटा हो गया।

मैंने कहा- डांस तो सिखा दूँगा पर क्या तुम फीस दे दोगी।

उसने कहा- फीस अभी ले लो।

उसने मेरा मुँह अपनी चूची पर लगा दिया। मैंने भी अपना काम शुरु किया और उसकी चूची चूसने लगा। पाँच मिनट उसकी चूची चूसने के बाद मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा और रगड़ने लगा। वो मेरा लंड मुँह में लेकर रगड़ने लगी और मुठ मारने लगी। मैंने उसकी चूत में उंगली दे दी। वो चिंहुक उठी। मैंने उसकी चूत चूसनी चालू की और साथ-साथ उंगली भी दे रहा था।

मैंने उससे कहा- यहाँ हमें कोई देख लेगा ! हम नीचे चलते हैं तुम्हारे कमरे में !

वो मान गई। मैंने जाते ही अपना मोबाइल ऑन किया और वीडियो रिकॉर्डर चालू कर दिया और 69 की अवस्था में आ गए। उसको मालूम नहीं था कि मैं उसकी और अपनी वीडियो बना रहा हूँ।

15 मिनट बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और धक्का दिया। मेरा आधा लंड अंदर चला गया। बिना रुके हुए दूसरा धक्का दिया और मेरा पूरा लंड अंदर चला गया। दस मिनट चोदने के बाद उसके चूत में ही झड़ गया और थोड़ी देर बाद वो भी झड़ गई।

हम लेट गए। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।

इस बार मैंने उसको घोड़ी बना कर चोदना शुरु किया। चोदते-चोदते मैंने अपना लंड निकाला और उसकी गांड में दे दिया। आधा लंड उसकी गांड में चला गया।

वो रोने लगी और कहने लगी- छोड़ दो ! निकाल दो बाहर ! दर्द हो रहा है !

मैंने कहा- बस थोड़ी देर दर्द होगा फिर मजा आएगा।

मैं रुक गया और उसकी चूची दबाने लगा। उसको थोड़ा आराम मिला तो मैंने फिर धक्का दिया और उसकी गांड में अपना पूरा लंड डाल दिया। वो छटपटा रही थी। पर लण्ड निकालने में नाकामयाब रही।

मैंने धक्के लगाने शुरु किये। वो आ आ ई ई की आवाजें निकाल रही थी। मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा।

फिर मैंने अपना लंड निकाला तो उसने कहा- निकाल क्यों किया।

तो मैंने कहा- मेरा झरने वाला है !

तो उसने कहा- गांड में ही झार दो।

मैं अभी डालने ही वाला था, तब तक मेरा पानी निकल गया और उसके गांड के ऊपर ही गिर गया। वो जल्दी से पलटी और बाकी का सारा पानी अपने मुँह में ले लिया और मेरा लंड साफ़ कर दिया। हम थोड़ी देर लेटे रहे और फिर उठ कर कपड़े पहनने लगे। बिस्तर पर थोड़ा सा खून गिरा हुआ था।

तभी मुझे ध्यान आया कि मेरा वीडियो रिकॉर्डर चालू था। मैंने रीमा के नजरों से बचा कर अपना मोबाइल उठाया और वीडियो सेव करके मोबाइल ऑफ कर दिया। हम ऊपर ही जाकर सो गए। सुबह नींद खुली तो रीमा मेरे बगल में सो रही थी।

मेरा लंड बाहर था और उसकी चूची बाहर थी। शायद मेरे सोने के बाद उसने मेरा लंड चूसा था। मैंने भी उसकी चूची दबाई और चूसने लगा और सुबह मैंने उसे फिर दुबारा चोदा, सिर्फ उसकी गांड मारी।

तो दोस्तो, बताओ आपको मेरी कहानी कैसी लगी।

एक और कहानी है आपके किये मेरे पास पर पहले इस पर अपने विचार जरूर लिखना कि मैंने रीमा को चोदने में कहाँ कसर छोड़ दी, यह बताना। Hindi Sex Stories

Antarvasna

मेरा नाम लहरी बाई है, उम्र अभी 29 वर्ष(kota), (Antarvasna) जिस्म मांसल और गदराया हुआ है। मेरा जिस्म थोड़ा भारी है पर मैं मोटी नहीं हूँ। पुरुषों में मैं एक आकर्षण का केन्द्र हमेशा से रही हूँ।

मैं एक पतिव्रता स्त्री हूँ, रोज सवेरे जब मेरे पति हरि प्रसाद पूजा करके उठते हैं तो मैं उनकी पूजा करती हूँ। मेरे पति राज्य सरकार में अधिशासी अभियन्ता है। घर से पूजा पाठ करके कार्यालय में रिश्वत लेना, कमीशन लेना, सभी कार्य वे कुशलतापूर्वक करते हैं। हमारे घर में लक्ष्मी पांव पसारे जमी हुई है। मेरे पड़ोसी जो मेरे देवर के ही समान हैं, गंगा प्रसाद एक जाने माने डॉक्टर हैं, उनकी भी ऊपरी कमाई बहुत है, बस मुझसे कोई तीन साल छोटे हैं। गुलाबी, मेरी नाईन है, मेरे गांव की ही है, मुझसे पांच सात साल बड़ी है, मेरी मालिश करती है और मेरी हमराज भी है।

मैं इन्हें देवर ही कहती हूँ। मेरे देवर गंगा की निगाहें मुझ पर जमी रहती थी, शायद मेरे सेक्सी रूप का वो दीवाना था। उसकी निगाहें मेरे वक्ष की तरफ़ अधिक रहती थी। यूँ तो मेरी गाण्ड भी खासी आकर्षक उसे लगती थी, पर बेचारा वो मजबूर था, कि कैसे कुछ करे।

गुलाबी मेरे जिस्म की मालिश करने अभी अभी आई थी,”लहरी, उतार थारा कपड़ा, अब तन्ने घिस दूं !”

“क्या खबर है गुलाबी… ?” मैंने अपनी बड़ी बड़ी कजरारी आंखें उठा कर उससे पूछा।

“गंगा तो थारे पे मरा जा रिया है !”

“हुंह, मुआ… तो जैसे मेरे बोबे दबा कर ही छोड़ेगा… कुछ कह रहा था क्या ?”

“ये पांच सौ का नोट दिया है … और एक पैगाम है थारे वास्ते… “

मेरा दिल जोर से धड़क उठा। उसकी हिम्मत तो देखो… । मैंने गुलाबी की ओर देखा…

वो मतलब से हंसी।

“अरे मसखरी करे है … फेर थारे कैइ फ़रक पड़ जाये है … गंगा से दबवा ले, साली तू भी मस्त हो जायेगी !”

“फिर वो तो चोदने को भी कहेगा ?” मैं हंस कर बोली।

“तो कांई फ़रक पड़े है, थारी भोसड़ी तो कंवारी ही तो है… यूँ तो जंग लग जावेगा … “

“तो मैं क्या करूँ, हरि प्रसाद को तो बस मेरी गाण्ड ही नजर आवे … साला गाण्ड के पीछे मरा जावे है।”

मैंने अपने कपड़े उतार दिये और नीचे दरी बिछा कर लेट गई। वो मेरी पीठ घिसने लगी। गुलाबी के हाथो में ताकत थी, बड़ी मस्त मसलती थी। मेरी चड्डी उतार कर उसने एक तरफ़ रख दी और मेरे चूतड़ों के गोले गोलाई में मसलने लगी। बस मेरे शरीर में तरंगें छूटने लगी। साली जादू कर देती थी। मेरे चूतड़ों को खोल कर उसने मेरी गाण्ड के छेद में तेल भर दिया।

“ये देख तो, साली को चोद चोद के पोली कर दी है… ये देख, तीन तीन अंगुली अन्दर बैठ जावै है।”

उसने अपनी तीनों अंगुलियाँ मेरी गाण्ड में घुसेड़ दी और अन्दर चलाने लगी, घुमाने लगी। मुझे गुदगुदी सी भरने लगी। काफ़ी देर तक वो मुझे मस्ती दिलाती रही। फिर उसने मुझे सीधा कर दिया और मेरा पेट और चूचियाँ घुमा घुमा कर तेल मलने लगी, मेरे चुचूकों को तेल लगा कर मसलने लगी। मेरी चूत में बार बार करण्ट लगने लगा था। फिर वो चूत की भी मालिश करने लगी।

“देख लहरी, तेरा भोसड़ा तो सड़ गया है, ऐसा तो किसी बच्चे का भी नहीं होवै है… अरे इसकी पिलाई करा दे रे … गंगा से चुदवा ले … तेरा भोसड़ा खुल जावेगा।”

“अरे नहीं रे गुलाबी, देवर लगता है, शरम आवे है … सच बताऊँ तो मेरी हिम्मत ही नहीं है।”

“पर वो लाईन तो मारे है ना, और देख, उसका लण्ड मस्त है रे … मोटा है… एक बार ले लेगी तो मस्त जावेगी।”

“मन तो बहुत करे है … पर हरि से बेवफ़ाई नहीं करूंगी… “

“तो हरि तो बस गाण्ड ही बजावे ना… थन्ने लागे नहीं भोसड़ो चुदवाने को?”

“लागे… लागे … बहुत जोर से लागे … पर क्या करूँ, पर वो तो बस गाण्ड चोद कर सो जावे ना !”

“देख मन्ने तो गंगा ने ये पांच सौ रुपिया दिया है, थारे तक पैगाम पहुंचाने के वास्ते, तू चाहे लहरी, तो लाईन क्लीयर करवा दूँ … सीधी बात करवा दूँ … तू चाहे तो ना… “

उसने अपनी थैली में से एक चिकना चमकदार स्टील का छः इन्च का एक पाईप सा निकाला। मेरे पांव फ़ैला कर वो उसने मेरी चूत में डाल दिया। मेरी तो जान ही निकल गई। उसे अन्दर घुमाना और अन्दर बाहर करने लगी।

“क्या बिल्कुल नहीं चोदा है ? बड़ा निष्ठुर है रे जीजू तो … “

“नही… नहीं चोदा तो है पर बस आठ दस बार … उसे चूत मारने में मजा ही नहीं आता है… “

“तो गंगा को कल बुलाती हूँ … सोच लेना… ” गुलाबी ने फिर से कहा।

मैंने अपनी आंखें शरम से बन्द कर ली, उसकी हाथों की रफ़्तार बढ़ती जा रही थी।

गंगा का लण्ड दिमाग में छाने लगा था। लगा गंगा ही चोद रहा है … और मेरे मन में गंगा ही बस गया था।

मुझे शान्त करके गुलाबी चली गई।

दूसरे दिन दोपहर को गुलाबी आई और मुझे देख कर मुस्कराने लगी। मेरी आंखों में काजल गजब ढा रहे थे। मेरी काली जुल्फ़ें चेहरे पर लटक रही थी। मेरे मन में हलचल मची हुई थी। जाने गंगा क्या सोचेगा ? मन में मिठास सी भरी जा रही थी। पहली बार किसी गैर मर्द के पास जा रही थी और वह भी और कोई नहीं बल्कि मेरा देवर जैसा ही था !!!

“लहरी, गंगा बाहर खड़ा चोदन के वास्ते … बोलो तो… बुला लूँ?”

मेरी सांसें चढ़ गई … पसीना सा आने लगा … हाय अब मैं क्या करूँ ?

“देख, गुलाबी, तू यहीं रहना… कहीं मत जाना… “

“नहीं जाऊंगी… बस… बुला कर लाऊं ?”

गुलाबी ने मुझे मुस्करा कर तिरछी नजरों से देखा और दरवाजे की तरफ़ बढ़ गई।

मुझे फिर मुड़ कर देखा और दरवाजे से झांक कर उसने गंगा को आवाज लगाई।

शायद वो वहाँ नहीं था। मैं जल्दी से जा कर लहंगा उतार कर पेटीकोट और ब्लाऊज पहन आई। चड्डी मैंने जान कर नहीं पहनी। गंगा के आने की आवाज मुझे आ गई थी। मेरा दिल जैसे उछल कर हलक में अटक गया।

अगले ही क्षण गंगा मुस्कराता हुआ कमरे में आ गया।

“कैसी हो लहरी ?” वो जैसे विजेता स्वर में बोला।

“मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, सो सोचा आप को बुला लूँ… ” जाने एकदम से मेरे मुख से बहाना निकल आया।

गुलाबी हंस पड़ी,”गंगा जी सब ठीक कर देंगे, शरीर का सारा जहर उतार देंगे … और सुई भी गड़ा देंगे।”

गंगा मेरे समीप आ गया। मेरे हाथों को अपने हाथ में ले कर नाड़ी देखने लगा।

“दिल तो जोरो से धड़क रहा है … कहो, कहाँ से आरम्भ करूँ… तुम्हीं कहो गुलाबी !”

“अब मुझसे नहीं लहरी से पूछो… !” गुलाबी ने बड़े रस भरे अन्दाज से कहा।

“हटो गंगा … मुझे शर्म आती है !” मेरी निगाहें शर्म से झुकी जा रही थी।

वो मेरे पास और आ गये और धीरे से मेरे सीने पर हाथ रख दिया। मेरे दिल की धड़कन जैसे थम गई हो।

“मैं जाती हूँ… गंगा जी, जरा जम कर इलाज करियो !”

“गुलाबी, मत जा … सुन तो… !” पर गुलाबी हंसती हुई बाहर चली गई।

“अब कहो, भाभी क्या तकलीफ़ है, ये गुलाबो तो बस… ।” गंगा मुझे सामान्य करता हुआ बोला।

“मुझे ज्वर चढ़ा है, जरा देख लो… “मैंने तिरछी नजरों से उसे देखा।

गंगा ने सर पर हाथ लगा कर देखा, फिर मेरे हाथ पकड़ कर चेक किया। अपना स्टेथोस्कोप लिया और सीधे मेरी छाती पर रख दिया। मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा। वह अपना हाथ धीरे धीरे मेरे स्तनों पर ले आया।

मैं सिमट सी गई,”देवर जी, यहाँ तो गुदगुदी लगती है… !”

वह अपने स्टेथोस्कोप को और मेरे स्तनों को हिला हिला कर देखने लगा, मेरे भारी स्तन जैसे कठोर हो उठे, फिर धीरे से बोला,” मस्त है, मसल दू साले को?”

“जी क्या कहा… ?”

“पेट तो नहीं दुःख रहा है ना… ?”

“दुःखता है … बहुत दुःखता है… !” मैंने जल्दी से कहा।

मुझे उसके हाथों से खेलने पर बहुत भला लग रहा था। उसका हाथ मेरे पेट पर आ गया था, उसे सहलाते हुये कहा,”कुछ हुआ क्या ?” गंगा ने मसखरी की।

मैं क्या कहती भला ? वो चाहे जहाँ भी हाथ लगाये, असर तो मेरी चूत पर हो रहा था। वासना के मारे मेरी आंखें बंद होती जा रही थी। उसका हाथ मेरे पेटीकोट में से होता हुआ मेरी चूत की ओर बढ़ गया। मेरा बदन सिहर उठा। यह पहली बार था जब किसी पराए मर्द का हाथ मेरी चूत के इतनी पास लगा था।

उसका हाथ चूत पर आते ही मैंने उसे जोर से पकड़ लिया,”नहीं देवर जी … नहीं !”

पर तब तक वो मेरी चूत दबा चुका था। मेरे मुख से आह निकल गई और मैं सिमट कर बैठ गई।

“लहरी, शर्माओ मत, चलो इलाज शुरू करें … ” उसने मेरे उन्नत स्तनों को छूते हुये कहा।

“गंगा, यह तो आपके और मेरे बीच का मामला था… गुलाबी को बीच में क्यों… “

“ऐसे कैसे मामला पटता … देवर भाभी का रिश्ता जो ठहरा… “

“अब उसे पता चल गया है ना … कहीं बदनाम ना कर दे… “

“नहीं… वो ऐसा नहीं करेगी… पर आह… मेरी किस्मत, तुम्हारा यह गदराया हुआ मांसल बदन मेरे पास है, तुम्हारी ये जवानी, ये गोल गोल मांसल चूतड़ … ये भारी भारी चूचियाँ… ये कजरारी, मस्ती भरी बड़ी बड़ी आंखें … मुझे तो जन्नत मिल जायेगी तुम्हें चोद कर लहरी … हाय रे मेरी जान !”

“ना रे गंगा, तू मुझे मिल गया, मुझे सब कुछ मिल गया… !”

“लहरी, मेरा यह कड़क लण्ड दबा दे … मसल डाल इसको… ” गंगा ने अपना लण्ड खींच कर बाहर निकाल लिया।

“राजा, मेरी छाती दबा दे… बहुत मचल रही है … जोर से दाबना… मजा आ जाये मेरे राजा !” मेरा दिल मचल उठा।

मेरे स्तन उसके हाथों में कस गये थे। मेरे मुख से आह निकल गई। उसने मुझे अपनी बाहों में कस लिया और मेरे रसीले होंठ कस कर अपने होंठों से चिपका दिये। मैंने उसका कड़कता लण्ड अपने नर्म हाथों में थाम लिया और कस कर उसे ऊपर नीचे करने लगी। वो सिसक उठा। मुझे सब कुछ अजीब सा लग रहा था। पराये मर्द के हाथों में मेरा शरीर कसा हुआ था। मेरे बोबे जैसे कड़क उठे थे- आह्ह्ह्ह … अरे गंगा ! जोर से मसक दे… … मेरे चूचे बाहर निकाल कर खींच खींच कर नोच ले।

गंगा का एक हाथ मेरे चूतड़ों पर आ कर उससे खेलने लगा था। कभी मेरी गाण्ड के छेद को रगड़ मारता तो कभी गाण्ड को नोच डालता। तभी उसका बम्बू जैसा लण्ड मेरे कूल्हे पर थाप मारने लगा। मेरे दांत किटकिटाने लगे… लगा कि गंगा का मांस नोच कर खा जाऊं। काम-पीड़ा बढ़ने लगी थी। मुझे लग रहा था कि काश आज यह मेरी कंवारी चूत को कस कर चोद डाले। ऐसा चोद्दा मारे कि मेरी जान निकल जाये। मेरा पेटीकोट नीचे उतर गया था। मैंने चड्डी नहीं पहन रखी थी… चुदना जो था।

गंगा भी वासना में बह चला था। उसने झटपट अपने कपड़े उतार दिये और नंगा हो गया। आह … बिल्कुल हरि प्रसाद जैसा गोरा चिट्टा लण्ड, वैसा ही मोटा, भारी सा … मेरी चूत का उद्धार जो होने वाला था। मेरी चूत फ़ड़फ़ड़ा उठी। उसने मेरा ब्लाऊज जो आधा तो खुला ही था, पूरा उतार दिया और मुझे धक्का दे कर बिस्तर पर गिरा दिया।

हाय रे मेरी आदत… मैं बिस्तर पर गिरते ही घोड़ी बन गई और गंगा पीछे मेरी गाण्ड पर चढ़ गया। उसका तन्नाया हुआ लण्ड मेरी गाण्ड में सदा की तरह घुसता चला गया।

“धत्त साला ! जैसा वो, वैसा उसका भाई …! इसको भी साले को गाण्ड ही फ़ाड़नी थी !”

“क्या कहा लहरी बाई … जो मस्त होता है पहली तो वो ही चुदेगी… पर तू बुरा ना मान !” उसने दो तीन मस्त धक्के गाण्ड में मारे और फिर मेरी बात मान कर वो बिस्तर पर धम्म से लेट गया। मैं उसके ऊपर आ गई और उससे लिपट गई। उसका लण्ड मेरी चूत पर ठोकरें मार रहा था। उसका टनटनाता हुआ लण्ड 120 डिग्री पर लहरा रहा था और फिर मेरी आंखें जैसे खुली की खुली रह गई। मेरी चूत में जैसे कोई मीठी सी छुरी उतर रही थी- “गंगा … हाय रे… “

“मेरी लहरी … उफ़्फ़्फ़्फ़ !”

“पूरो ही घुसेड़ मारो … दैया री … ईईईईई सीऽऽऽऽऽऽऽ”

गंगा कुछ नहीं बोला, बस अन्त में एक झटका दिया और बच्चेदानी पर ठोकर मार दी।

“गंगा… तुझे मेरी कसम … आज मेरी फ़ाड़ डाल … बिल्कुल शुद्ध फ़ुद्दी है मेरी !”

गंगा को जैसे कुछ सुनाई नहीं पड़ रहा था। उसकी रफ़्तार तेजी पकड़ रही थी, मेरी चूत अपने आप ही उसका साथ देने लगी। दोनों ही कस कस कर साथ दे रहे थे, लण्ड पूरा अन्दर तक जा रहा था।

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उसने अचानक रुख पलटा और मुझे नीचे दबा लिया, खुद मेरे ऊपर चढ़ गया और जोर जोर से मेरी चूत को पीटने लगा।

मेरे शरीर के जैसे सारे तार बजने लगे थे … शरीर मीठे रस में घुला जा रहा था। लग रहा था कि वो जिन्दगी भर बस यूँ ही चोदता रहे … मैं चुदती रहूँ… चुदती रहूँ… चुदती रहूँ… आह्ह्ह्ह्ह्ह्… … हाय रे … मेरी मां… उईईईईईई… पर कहां !!!

मेरी चूत छलक उठी थी… कामरस छोड़ दिया था … मेरे जबड़े कस गये थे … गालों की हड्डियां तक उभर आई थी… मैं झड़ रही थी। कुछ ही पलों में गंगा ने अपना फ़ूला हुआ लण्ड मेरी चूत से निकाल लिया और लण्ड की तेज धार को हवा में लहरा दिया। वो मुठ में भर भर कर धार पर धार छोड़ रहा था। जाने कितना माल निकाला होगा उसने।

वो तुरन्त खड़ा हो गया।

तभी गुलाबी, अन्दर आ गई… हमारी हालत देख कर वो समझ गई थी कि मामला फ़िट हो चुका था और मैं चोदी जा चुकी हूँ।

“चलो गंगा जी अब बाहर … लहरी को मैं ठीक कर दूंगी।” गुलाबी मुस्कराती हुई बोली।

मैंने शरम के मारे अपना चेहरा छुपा लिया,”गुलाबी, तेरा गंगा तो मस्त चोदा मारे है … साले का मोटा भी है… !” मैंने गुलाबी को झिझकते हुये कहा।

“मैंने कहा था ना कि सर्विसिंग करा ले … वर्ना जंग लग जावेगा।” वो शरारत से बोली और मेरे गुप्तांगों पर पड़ा वीर्य साफ़ करने लगी,”अच्छी ऑयलिंग हो गई है आज तो !”

“चल हट, शरीर कही की… !” मुझे गुलाबी के सामने बहुत ही शरम आ रही थी।

काफ़ी दिन तक गुलाबी पांच सौ रुपये कमाती रही फिर एक दिन अचानक गुलाबी बोल उठी, “लहरी, गंगा से जी नहीं भरा अब तक ?” Antarvasna

दो भागों में समाप्य !

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Hindi Sex stories

दोस्तो, मैं अमन कोलकाता Hindi Sex stories से… चोदन स्टोरीज का लेखक…
आपने मेरा पहला अनुभव ’एक सच्ची कहानी’ के रूप में पढ़ी होगी. इसके जवाब में मुझे कई ई मेल मिले. बहुतों को ये कहानी झूठी लगी.

लेकिन सच तो हमेशा सच ही रहता है. इस कहानी से मुझे एक दोस्त मिली. जो की मुझे रोज 4-5 मेल करती है और मुझे भी उसके ई मेल का इंतेजार रहता है.

खैर, मैं सेक्स के बारे में शुरू से ही बहुत सक्रिय रहा हू. मेरी शादी के दस साल हो गये हैं. इस वेबसाइट पर कहनियाँ भेजने वाले और पढ़ने वाले ज़्यादातर शादीशुदा लोग ही होंगे ऐसा मैं सोचता हूँ.

रवि और चिंता के साथ सेक्स करने के बाद से मेरी इच्छा और ऐसा करने को करने लगी. उस समय के बाद जब मैं रितु (मेरी बीवी) के साथ सेक्स करता तो मुझे ऐसा ख्याल आता कि अगर एक और कोई मर्द होता और हम दोनों मिलकर रितु को फक करते तो कैसा लगता. इसके बाद मुझे ख्याल आया वाइफ स्वापिंग के बारे में. इसके बारे में बहुत चर्चा हो रही थी. मैं ये सोचता था कि क्या ऐसा होता है. मैंने अपनी बीवी से कहा तो पहले तो उसने झिड़क दिया. महीनों कोशिश करने के बाद वो तैयार हुई लेकिन इस शर्त पर कि मर्द उसकी पसंद का होगा और ये केवल एक ही बार ऐसा करेगी. मेरा ख्याल था कि अगर वो किसी के साथ राज़ी होती है तो शायद मेरी 2:1 ( दो मर्द और एक औरत) की इच्छा पूरी होगी.

इसके बाद मैंने ऐसे जोड़ों की नेट पर तलाश शुरू की. संपर्क हुआ लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी. किसी को मैं नहीं पसंद आया तो कोई मिलने की बात उठते ही जवाब देना बंद कर दिया तो किसी को मेरी बीवी ने पसंद नही किया. एक-दो जोड़ों ने अपनी फोटो भी भेजी थी लेकिन बात नहीं बनी. कहने को तो सब तैयार थे लेकिन वक्त पर सबने अपने पैर पीछे खींच लिए.

पिछले साल यानी 2004 में मेरा संपर्क एक लड़के से हुआ जिसका नाम सन्नी था. कुछ ई मेल के संपर्कों के बाद हम मिलने पर राज़ी हुए. और एक दिन मिले लेकिन केवल वो और मैं. वो मुझसे दिखने ज़्यादा स्मार्ट और हॅंडसम था. मुझे लगा कि वो मेरी बीवी को पसंद आ जाएगा. लेकिन उस दिन के मिलने के बाद उसने संपर्क करना छोड़ दिया. उसके फोन पर ट्राइ करने पर हमेशा आउट ऑफ रीच होता. मुझे लगा कि उसे मैं पसन्द नहीं आया और मेरी बीवी ने मुझे जी भरकर कोसा कि तुम्हारा दिमाग़ बिना मतलब के कामों में लगा रहता है.

इस घटना के 6 मास के बाद मैंने उसके मोबाइल पर एक “हैप्पी न्यू ईयर” का मैसेज भेजा. कुछ दिन के बाद उसका जवाब मिला कि उसका फोन खो गया था इसलिए वो मुझसे संपर्क नहीं कर पाया था और वो अब हम लोगों से मिलना चाहता है. फिर मिलने का दिन तय हुआ. मैंने अपनी बीवी को बहुत मुश्किल से उससे मिलने के लिए मनाया. सन्नी की बीवी का नाम सीमा था.

जिस दिन मिलना था उसके पहले दिन उसका फोन आया कि मैं उनसे पहले मिल सकता हूँ.
मैंने पूछा- क्यों?
तो उसने जो कहा वो सुनकर मैं तो पहले उछल पड़ा. उसने मुझे 2:1 का प्रस्ताव दिया. मैं, सन्नी और उसकी बीवी सीमा जिसको मैंने अभी तक देखा भी नहीं था और ना कभी बात किया था. मैंने बिना सोचे हाँ बोल दिया.

उसने अगले दिन मुझे एक होटल में बुलाया. मैंने अपनी बीवी नहीं बताकर एक ज़रूरी काम का बहाना बनकर मिलने चल दिया. लेकिन सारे रास्ते मैं यही सोचता था की कैसे होगा कहीं कोई प्राब्लम न हो जाए. खैर लाइफ में कभी- कभी रिस्क तो लेना ही पड़ता है.

मैं सन्नी के बताए हुए होटल के बाहर पहुँचा वो बाहर ही मेरा इंतजार कर रहा था. फिर हम दोनों होटल में घुसे. एक रूम के सामने उसने दस्तक दिया और दरवाजा खुला और हम अंदर गये. रूम में एक 23-24 साल की लड़की थी. वही सीमा थी सन्नी की बीवी. वो एक पतली, लंबी और बहुत सुंदर तो नहीं लेकिन सुंदर थी. देखने में बहुत सादगी पसन्द लगी. मुझे तो पहले लगा कि क्या वो ऐसी हो सकती है?

फिर कुछ देर तक हमने इधर उधर की बातें की. इसके बाद सन्नी ने टी वी पर एक हिन्दी मूवी चला दी. इसके बाद वो सीमा के पास बेड पर बैठ गया और मुझे दूसरी ओर से आने को बोला. मैं सीमा के दूसरी ओर बेड पर अधलेटा होकर टी वी देखने लगा. सीमा ने उस समय ऑरेंज कलर का सूट पहन रख था और उसमे वो बहुत पवित्र लग रही थी.

फिर सन्नी ने उसका एक हाथ मेरे हाथ में पकड़ा दिया और एक हाथ अपने हाथ में लेकर चूमने लगा. उस समय सीमा बेड पर अधलेटी थी. मैंने भी उसका हाथ धीरे धीरे चूमना शुरू किया तो उसने अपनी आँखें बंद कर ली. सन्नी धीरे धीरे उसके गर्दन और कानो को चूमने लगा और सीमा का मुख मेरी ओर घुमा दिया मैं सीमा के होठों को अपने होठों में लेकर चूसने लगा और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी जिसे वो चूसने लगी. मैंने पहली बार उसकी चुचियों पर हाथ रखा. चुचियाँ छोटी पर कठोर थी. सन्नी भी उसकी एक चुची दबाने लगा.

सीमा उस समय उत्तेजना से छटपटा रही थी. उसके होठों को चूसते हुए मैंने अपना एक हाथ उसकी बुर की ओर बढ़ाया. उसने इलास्टिक वाली सलवार पहन रखी थी इसलिए मुझे वहाँ तक पहुँचने में कोई परेशानी नहीं हुई. उसके बूर पर छोटे छोटे बाल थे. मैंने एक अंगुली उसकी बूर में घुसाई तो मेरी अंगुली पूरी तरह से भीग गई.

इसके बाद सन्नी ने उसकी सलवार और पैंटी एक झट के में उतार दी और मैंने उसके ऊपर के कपड़े उतार दिए. अब वो पूरी तरह से नग्न थी. जिस लड़की को मैंने 1 घंटा पहले पहली बार देखा था वो मेरी बाहों में थी पूरी तरह से नग्न. मेरी उस समय क्या हालत थी मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मैं उसकी एक चुची को चूस रहा था और सन्नी दूसरी. और सीमा का चेहरा लाल हो रहा था.

इसके बाद मैं उसके पेट और नाभि से होते हुए उसकी बूर को चूसने लगा. उस समय सीमा उत्तेजना से जैसे पागल हो रही थी और अपना बूर चूसते हुए मुझे अपना सिर उठा कर देख रही थी.

सन्नी ने अपना लिंग उसके मुख में दे दिया और वो उसे चूस रही थी. इसके बाद सन्नी ने मुझे उसे चोदने का इशारा किया और एक कंडोम भी दिया. मैंने जल्दी से कंडोम को अपने लण्ड पर चढ़ा कर सीमा के दोनों पैरों के बीच बैठ गया. और उसकी पतली कमर को दोनों हाथों में उठकर अपना लण्ड उसके बूर में एक ही बार घुसा दिया वो उत्तेजना के मारे ज़ोर से चिल्लाई. मैंने उसकी कमर को दोनों हाथों में पकड़ कर थोड़ उपर उठाकर ज़ोर ज़ोर से उसे चोदने लगा. मैं जितना ज़ोर से धक्का लगता वो उतनी ज़ोर से अपना चूतड़ उठाती. ऐसी हॉट लड़की मैंने आज तक अपनी जिंदगी में नही देखी थी।

कंडोम लगाकर करने में मेरा जल्दी झड़ता नहीं है इसलिए मेरी बीवी बर्थ कंट्रोल पिल्स खाती है. वहाँ भी ऐसे ही हुआ मैं करते – करते थक गया लेकिन सीमा नहीं थकी. अपनी जिंदगी में मैंने 5-6 लड़कियों को चोदा है लेकिन सीमा ने मुझे थका दिया था. सन्नी ने मेरी स्पीड धीमी देखकर मुझे हटाकर वो सीमा को चोदने लगा कुछ देर के बाद वो भी हट गया. लेकिन सीमा के चेहरे को देखकर ऐसा लग रहता की उसे और चाहिए.

मैं और सन्नी बेड पर लेट गये और सीमा हमारे बीच में बैठ गई उसने मेरे लण्ड पर से कंडोम हटाया और चूसना शुरू किया। उस समय तो ऐसा लगा कि मैं स्वर्ग में हूं. वो कभी मेरा तो कभी सन्नी का लॅंड चूस रही थी. उसने बताया कि ये उसका एक सपना था कि वो एक समय में दो मर्दों से चुदवाये और उनका लण्ड चूसे. इसके बाद सन्नी फिर उसे चोदने लगा और मैं उस समय उसकी चुचियाँ दबा रहा था. सन्नी के झड़ने के बाद मैंने एक और कंडोम अपने लण्ड पर लगाया और उसे चोदने लगा. थोड़ी देर के बाद मैं भी झड़ गया लेकिन सीमा का चेहरा जैसे कुछ और माँग रहा था. खैर मैंने अपने कपड़े पहने और दूसरी बार सारी रात का प्रोग्राम बनाने के लिए बोलकर चला आया क्योंकि मुझे उस समय मुझे ऑफीस भी जाना था.

दोस्तो, ये मेरा आपसे बाँटने लायक आख़िरी अनुभव है अभी तक तो… इसके बारे में अपनी राय प्रकट करना! Hindi Sex stories

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