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Massage Girl in Garhwa: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Garhwa who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Garhwa that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Garhwa massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Garhwa who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Garhwa massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Garhwa massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Garhwa who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Garhwa employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Garhwa helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Garhwa

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Garhwa at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

दोस्तो मैं अभमन्यु हूँ और आज मैं आपको अपने जीवन की वो घटना सुनाता हूँ जिसने मेरे सेक्स लाइफ को अलग सोच दी । मैं सेक्स और महिलाओं से सहज हो गयाऔर ये खेल रोचक और बोल्ड बना । स्कूल खत्म करते करते मैने यौन अनुभव तो ले लिए थे पर उनसे मैंने सिर्फ मजे लिए थे कुछ सीखा नही था । लोगो की प्राइवेसी रखते हुए नाम और स्थान बदल रहा हूँ पर बाकी सभी बातें जैसा हुई वैसा ही बताता हूँ । ये बात है सन 2015 की हैदराबाद की है ,जहाँ मेरी पहली नौकरी करते हुए मुझे 2 साल हुए थे । मैं 27 साल का था । मैं जिस पी एस यू में था वहीं एक महिला सहकर्मी रश्मि कोहली से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई ।वो शादी शुदा थी और उसके हसबैंड राहुल जी एक बैंक में सीनियर लेवल पे थे । रश्मि लगभग 35 -36 की होगी और उसका एक बेटा था जो 10 साल का था ।रश्मि की हाइट 5 '5" और अच्छा मैन्टेनेड फिगर था । वो साड़ी पहनतीं थी और ब्लाउज काफी रेवेलिंग और फैंसी होते थे ।हम दोनों मॉडर्न तबियत के थे और गप शप और चैटिंग करते करते काफी बोल्ड बातें सामान्य तौर पर ही करने लगे थे ।एक दिन बातों ही बातों में ड्रिंक्स का प्लान बना । तय हुआ कि आफिस से एक -डेढ़ घंटा जल्दी निकल कर मेरे अपार्टमेंट में जाएंगे । मैंने सिकंदराबाद रोड पर एक 3 बी एच के फ्लैट किराए पे लिया था । तय दिन में मैं आने फ्लैट जल्दी चला गया और ग्लेंलेवित व्हिस्की , सिगरेट्स और वेज नानवेज स्टार्टर्स की तैयारी कर के रश्मि का इंतिजार करने लगा । लगभग 4 बजे रश्मि मेरे घर आ गई । वो स्लीवलेस ब्लाउज के साथ बड़े प्रिंट की खूबसूरत साड़ी और बहुत थोड़ा मेकअप के साथ बला की आकर्षक लग रही थी । रश्मि ने आते साथ अपने घर सर्वेंट को फोन करके रात के खाने की तैयारी और बच्चे के रख रखाव का डायरेक्शन दिया फिर अपने हस्बैंड को कॉल करके बताया कि वो थोड़ा लेट हो जाएगी । उसके हसबैंड ने कुछ नही पूछा और उनकी बात कुछ मुस्कुराहट और हां , हूँ , ओके में खत्म हो गई वो मुझसे वाशरूम यूज़ करने की इजाजत ले कर बाथरूम में घुस गई । लगभग 5- 7 मिनट बाद वो बाहर आई । अब वो बहुत एजी मूड में लग रही था ।आते साथ उसने व्हिस्की का ब्रांड देख कर खुशी जाहिर की और सिंगल माल्ट के लिए अपना प्यार जताया फिर तुरंत ही वो मेरे साथ किचन में आ गई ।अगले 5 मिनट में हमारा पीने का प्रोग्राम शुरू हो गया। टीवी में गाने चल रहे थे । एक के बाद दूसरा और तीसरा पेग आते आते हम काफी हल्के मूड में आ गए और हमारी बातें आफिस से शुरू होकर घर परिवार होते होते अब निजी होने लगी । अचानक रश्मि ने मुझसे पूछा कि क्या मेरी कोई गर्लफ्रैंड है या मैं कहीं कमिटेड हूँ क्या । मेरे नही कहने पर उसने छेड़ते हुए कहा कि तुम्हे जरूरत नही पड़ती क्या ? मैं थोड़ा चौंका पर मजे लेते हुए बोला कि लगता है आज भगवान ने मेरी सुन ली है । रश्मि जो सोफे पर पालथी मार कर बैठी थी ने हंसते हुए आंख मारी और कहा कि "तो मुझसे बोलने में फटती है क्या " मैने इसे चुनौती की तरह लिया और सोफे में उसके बाजू जा कर बैठ गया फिर उसे कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और किस करते करते उसके बदन पर हाथ फिराने लगा । मेरा पूरा शरीर जैसे हवा हो गया था ,मेरा समान इतना टाइट हो रहा था कि मन कर रहा था कि बस वो एक बार इसे हाथ में ले ले । मैंने उसका हाथ पकड़ कर आने पेंट के ऊपर से अपने सामान पर रखवा दिया । अब वो बदहवास सी मेरे लंड को दबा रही थी । कुछ देर किस के बाद उसने मुझसे कहा कि मैं अपने कपड़े उतारूँ और उसने तेजी से पर ध्यान से अपनी साड़ी और पेटीकोट आने शरीर से हटा दिए।उसके शरीर मे बिल्कुल बाल नही थे और वो अंदर से इतनी चिकनी थी कि उसे चाटने का मन करने लगा था । उसने क्रीम कलर की ब्रा और पैंटी पहनी थी । उसके बूब्स मीडियम थे । कमर पतली पर हिप्स शानदार चौड़े और उभरे हुए थे । मैं उसे खा जाने की कामना से घूर रहा था और वो मेरी भूख को अपने हाव भाव से पूरी निर्ममता से बढ़ा रही थी । इस बीच मैंने अपने पूरे कपड़े हटा दिए थे और मेरा 7 इंच का लंड पूरा आकार ले चुका था । रश्मि मेरे लंड को अपने हाथ मे लेकर सुपाडे पर जीभ फिराने लगी वो दूसरे हाथ से मेरे टेस्टिकल्स को मसल रही थी । उत्तेजना और दर्द के मिश्रण में मैं पूरा उसके काबू में था । हम बड़े सोफे में ऐसे थे कि मैं एक हत्थे पर अधलेटा था और वो मेरे लन्ड को चूसते हुए डॉगी बनी हुई थी । मैं हाथों से कभी उसका चेहरा तो कभी उसके बूब्स और पीठ को सहला रहा था । मुझे डर लग रहा था कि कहीं मैं उसके मुंह मे ही स्खलित न हो जाऊं । मैने रश्मि से ये कहा तो उसने एक पल के लिए अपना मुंह से मेरा लण्ड बाहर निकाल कर कहा " होता है तो मत रोको" । अब मैं उसे चोदने के लिए पागल हो रहा था और वो लंड छोड़ना ही नही चाह रही थी , उसकी जीभ का दबाव मेरे पेनिस पर अच्छे खासे दबाव से महसूस हो रहा था । मैंने उसकी ब्रा खोल कर हटा दिया और उसके निप्पल्स को हल्के हाथ से मसलना शुरू कर दिया और बैठ कर सीधा हाथ बढ़ा कर उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल कर उसकी चूत में उंगली डालकर चूत की दीवार को सहलाने लगा । अब वो पूरी गर्म हो गई थी और नीचे भरपूर गीली हो गई थी उसका पानी मेरे हाथ मे भरने लगा था ।अब उसने मेरा लंड छोड़ा और अपनी पैंटी उतारकर कमरे में उछाल दी । उसका एनर्जी लेवल इतना कमाल का था कि वो जिस तरह से चाहती मैं वैसा ही करने लगता । वो आगे बढ़ी और मेरे ऊपर बैठने के पोज़ में अपने हाथ से मेरा लन्ड अपनी गीली चूत में डलवा ली अब उसके बूब्स मेरे मुंह मे थे । मैने अपने दोनों हाथ से उसके कूल्हों को पकड़ा हुआ था क्योंकि उसके वजन से मेरे लंड की स्किन पीछे जा रही थी । मेरा लंड का सूपड़ा तब तक पूरा खुला नही था और पीछे की स्किन पर हल्का दर्द हो रहा था । लगभग 5-6 मिनट ऊपर नीचे होने और मेरे लंड को अपने पानी से नहलाने के बाद वो मुझ पर से उतरी और तकिए को एडजस्ट करते हुए सोफे के दूसरे सिरे पर आधी लेट कर मुझसे बोली कि आओ । अब हम मिशनरी पोजीशन में थे और अगले 10- 15 मिनट मैंने उसे इसी तरह चोदा । मैं अपने लंड से उसकी चूत की हर दीवार की मालिश कर रहा था। मेरे अंदर उसे संतुष्ट करने बल्कि यूं कहूँ की पराजित करने की भावना ऐसी तेजी पकड़ रही थी ।मैं सोच रहा था कि अच्छा हुआ मैं पहले कई औरतों के साथ संभोग कर चुका था । मगर ये कुछ और ही बला थी ,ये लड़को की तरह सेक्स की कमान संभाल रही थी । अब मैं अपनी कमर और घुटनों की पूरी ताकत और कौशल का उपयोग कर उसे झटके मार रहा था । रश्मि मेरे कूल्हों को मसल रही थी और मुझे कभी कम तो कभी तेज करने को कह रही थी ।पूरा कमरा मेरी- उसकी सीत्कार और झटकों की आवाज से गूंज उठा था । अचानक मुझे भय हुआ कि कहीं ये आवाजें बाहर तो सुनाई न पड़ रही हों और मैने पास पड़े रिमोट से गाने की आवाज बढ़ा दिया । काफी देर बाद उसने कहा अब निकाल लो । मैं उत्तेजना से भरा हुआ था । मैंने कहा 5 मिनट और कर लेते हैं ।उसने कहा कि मैं अपना स्पर्म उसके मुंह मे गिराऊं फिर उसने कहा कि मैं उसे रंडी कह कर चोदू ।मैने उत्तेजित होकर कहा की चल रंडी कुतिया बन जा । वो उठ कर डॉगी बन गई । अब मैं उस पर पीछे से आकर करने लगा तो उसने कहा कि मैं उसके बाल पकड़ कर करूँ ।वो मेरे सेक्स की तारीफ इतनी वासना भरे शब्द और आवाज में कर रही थी कि मैं सेक्स में दीवाना हो गया था । 4 -5 मिनट बाद मैं झड़ने के कगार पर था । मैने उसे कहा कि मैं निकाल रहा हूँ तो वो पलटकर मेरे लंड को मुंह मे भर कर ब्लोवजोब करने लगी । कुछ सेकण्ड्स में ही मैं स्खलित हो गया ।मुझे लगता है मेरे पेनिस से कम से कम 8 झटकों में वीर्य निकल कर उसके मुंह मे गया । रश्मि ने एक मिलीग्राम भी बाहर नही जाने दिया और स्वाद लेकर पूरा पी गई । ये सीन किसी पोर्न फिल्म की तरह था । वो आदम नंगी थी और खुद के जिस्मानी आनंद में मगन थी ।उसके घने काले बाल उसके गोरे चमकते बदन को और खूबसूरत बना रहे थे । उसने मुंह से कुछ बूंद वीर्य निकाल कर अपनी उंगलियों में लिया और अपनी चूत की मालिश करने लगी ।कुछ देर के लिए वो अपनी एक टांग पर दूसरी रख कर पड़ी रही । मैं इस औरत की कामुकता का फैन हो गया था । मैं उसे खुश करने के लिए तन मन से हाजिर था ।अब वो उठी और मेरे गले लग गई और मुस्कुरा कर आंख मारते हुए मुझे कहा कि तुम मस्त प्यार करते हो , प्रैक्टिस में रहा करो । मैंने कहा तुम तैयार रहो तो दिन रात करने को तैयार हूं । वो वाशरूम में घुस गई ।15मिनट में रश्मि ड्रेसिंग टेबल के सामने तैयार खड़ी थी । मैने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि तुम्हारे पति देरी की वजह से नाराज तो नही होंगे । उसने कहा कि नही वो उंन्हे बता कर आई है । मैंने कहा कि ये भी की हम प्यार करेंगे । उसने कहा " हाँ " मुझे लगा कि वो मेरा सवाल समझ नही पाई । तो मैंने दोहराया । उसने कहा हाँ , हम एक दूसरे से कुछ नही छुपाते । मुझे यकीन नही हुआ । मेरे कान सनसन करने लगे । मैने फिर कुछ अनगढ़ से सवाल दाग़ा कि उंन्हे हमारे सेक्स का कैसे मालूम है । रश्मि ने कहा अभिमन्यु ,मेरे हबी ये जानते हैं कि मैं तुम्हे पसंद करती हूँ और आज तुम्हारे साथ ड्रिंक्स एन्जॉय कर रही हूं ।मैने उंन्हे ये भी बताया है कि तुम रेस्पेक्टफुल, रिलाएबल और डिसेंट इंसान हो , जिसे मैंने पिछले दो साल में तुम्हारे साथ दोस्ती में जाना है । उंन्हे अंदाज है कि शायद मैं तुम्हारे साथ इंटिमेट हो जाऊंगी । मैं उन्हें सब बताती हूँ और वो भी मुझे सब बताते हैं । अब मेरे दिमाग में ख्याल आने लगे कि हो सकता है राहुल ठीक से सेक्स नही करता होगा इसीलिए उनने इसे ऐसा करने की इजाज़त दी होगी ।बड़ी हिम्मत करके मैंने पूछा राहुल सर को कोई समस्या तो नही है । रश्मि खिलखिला कर हंस पड़ी ।उसने कहा मुझे अंदाज था कि तुम ऐसा सोच सकते हो पर तुम्हे बताऊं की वो बिस्तर के उस्ताद हैं । मुझे थका देते हैं और उनका लंड भी तुम्हारे जितना ही बड़ा है हाँ उनके लंड की मोटाई थोड़ी और ज्यादा है । अभी जब मैं उन्हें अपनी सेक्स की बात बताऊंगी तो वो मेरी ऐसी चुदाई करेंगे कि मैं फव्वारा बन जाऊंगी और मैं भी तुम्हारे साथ के अनुभव को उनके मजे के लिए लगाउंगी ।रश्मि आगे बढ़ कर मेरे गले मे बांह डाल कर बोली जानेमन तुम मेरी लाखों में एक पसंद हो और वो भी । मुझे सेक्स पसंद है और हम इसे खूब एन्जॉय करते हैं । बिना किसी टैबू के । ये हमें खूब चुस्त दुरुस्त और ऊर्जावान रखता है । उसने कहा ,आई शॉल लव अगर तुम इसे एन्जॉय करोगे पर अगर तुम्हे ऑब्जेक्शन होगा तो वी शैल कीप दिस स्टॉप टुडे । मैंने कहा मुझे तुम बहुत आकर्षक लगी और मैं इसे कंटिन्यू करना चाहूंगा । मैंने थोड़ा उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मैं तो राहुल के साथ मिलकर भी तुम्हे चोदना चाहता हूं । उसने मेरे लंड पर हाथ फेरकर कहा " आमीन " और खूब जोर से हँसी । रश्मि ने मेरे होंठ चूमे और मुझसे बाई , गुड नाईट कहा और अपना हैंडबेग उठा कर निकल गई । उसके जाने के बाद मैंने उसे सोचकर मूठ मारी । रात 1 बजे मेरे मोबाइल पर रश्मि का एक व्हाट्सएप फ़्लैश हुआ । यस डार्लिंग- वैसा ही हुआ जैसे मैंने कहा था । में फिर टाइट हो गया और 10 -15 मिनट मेहनत के बाद स्खलित होकर थक कर सो गया । सुबह देर से उठा पर बदन फूल जैसा हल्का लग रहा था और लंड सूजा हुआ पर मीठे दर्द के साथ । मैं जल्दी जल्दी तैयार होकर आफिस पहुंचा । रश्मि आज और भी खूबसूरत लग रही थी और मुझे देखकर उसने गर्मजोशी से हाय किया । मेरे मन मे कल रात उसके घर का किस्सा जानने की तीव्र इक्षा थी । 12 बजे के लगभग हम सिगरेट पीने साथ में स्मोकिंग जोन में थे । ।मैंने उससे कहा कि रात क्या क्या हुआ , बताओगी क्या । उसने कहा , कल मिलकर बताऊंगी । मैंने ओके किया । अगले दिन संडे था । दोपहर 12 बजे मैं घर पर बिरयानी बना रहा था तभी डोरबेल बजी । दरवाजा खोला तो सामने रश्मि मैडम मुस्कुराते हुए वाइट सूट में जगमगाती खड़ी थीं । वो अंदर आई और कहा कि बड़ी अच्छी खुशबू आ रही है । अब मैं समझ गया था कि मुझे क्या करना है । ..... ..................…अगली कहानी
Sex stories

मैं शर्मीला हीरो पटना बिहार से एक स्टोरी Sex stories लेके आया हूं। जवान औरत से सेक्स करना और औरत को चोदना हर जवान लड़के का सपना होता है। मेरा भी था कि किसी अल्हड़, मस्त, जवान औरत की गांड और चूत मारी जाये और उसकी गांड में ज़बान डाल कर उसका रस चखा जाये। औरत की भरी-भरी कसी-कसी उठान लिये ब्लाउज़ में कैद दूध से भरी चूचियां हमेशा हिलते हुए मुझे अपनी ओर अकार्षित करती और मैं उनको दबाने के सपनो में खो जाता कि कब ब्लाउज़ के बटन खोल उन चूचियों को आज़ाद करुंगा, ब्लाउज़ के हुक खोल कर, ब्रा को हटा कर, दोनो चूचियां अपने हाथों में लेकर दबाउंगा। कब औरत के बूब्स, स्तन मेरे हाथों में आयेंगे? कब मैं भी उन निप्पलों को मुंह में लेकर पी पाउंगा? मोहल्ले की हर जवान, गोरी, सुन्दर और प्यारी भाभी के बारे में सोचता रात को ये कितना मज़ा लुटवाती होंगी और लंड की सवारी कर रोज़ जन्नत घूमने जाती होंगी। हर भाभी भी मुझसे बहुत घुली-मिली थी, कभी भी कोई काम होता तो उनका ये देवर हमेशा काम करने को तैयार रहता था।

एक बार मेरे एक दूर के भैया हमारे यहां अपनी बीवी के साथ रहने आये। बात एक रात की है कि मुझे गरमी के कारण नींद नही आ रही थी। हम ऐसे ही बाहर आंगन में निकल आ गये। सामने बेडरूम की खिड़की से हल्की ट्यूब लाइट की रोशनी बाहर आ रही थी क्योंकि खिड़की के कांच पर कपड़ा पड़ा था। परन्तु खिड़की का एक दरवाज़ा हल्का टेढ़ा खुला था ताकि साफ़ हवा कमरें में आ जा सके। मैने सोचा ये भैया क्या पढ़ रहे हैं? मैने बस हल्के से दबे पांव पास जाकर खिड़की के नीचे से अन्दर देखा तो मेरी सांस जैसे रुक गयी। भाभी पूरी नंगी होकर पेट के बल लेटी थी और उनकी मस्त, मांसल गांड ऊपर की ओर थी। भैया उनकी पीठ पर सरसों के तेल से मसाज कर रहे थे साथ-साथ वो उनके चुतड़ की भी मसाज कर रहे थे। भाभी हल्के-हल्के मुंह से अह्हह्हह्हह।।।स्सस्सस्स। अह्हह्हह।। कर रहीं थी। ह्हह्हह्हह्हम्मम्मम्म।।म्मम्मम्मम्म।।ऊऊ। और जब भैया तेल लगा कर अपनी उंगली भाभी के चूतड़ को फैला कर गांड में अन्दर घुसा डालते तो भाभी कह उठती, “धीरे-धीरे डालो बाबा दर्द होता है।” भैया लुंगी पहने अपने दोनो हाथो से उनके ऊपर जांघो पे बैठ कर दोनो चूतड़ों की मालिश कर रहे थे। गांड की मालिश से भाभी बहुत खुश नज़र आ रही थी। भाभी के उल्टा हो लेटने से मैने देखा, कि भैया हल्के से लेट कर पीछे से उनकी गांड में अपनी ज़बान भी लगा रहे थे, जिस से भाभी आआह्हह।।। ऊ।। करती जाती फिर पीछे से ही भैया ने भाभी के जांघों को को फैलाया जिससे उनकी चूत भी दो फांकों में बंट गयी और Sex stories

Sex Stories

सभी अंतर्वासना पाठकों Sex Stories व गुरु जी को मस्त चूत के साथ नमस्ते!

अंतर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी नहीं है। गुरु जी की दया से मेरी मेहनत पे अंतर्वासना ने कभी पानी नहीं फिरने दिया और मुझे अनन्त प्यार मिला और मिलेगा भी इतने बढ़िया उत्तर मिले इमेल के ज़रिये, चेट के ज़रिये!

दोस्तो! मुझे गैर मर्दों की बाँहों में सुख मिलता है, यह मैं पहले भी बता चुकी हूँ!

पति के पास कनाडा आकर भी मुझे वो सुख नहीं मिल पाया और मुझे यहाँ पर भी गैर मर्द की बाँहों में जाना पड़ा।

मैं यहाँ तो आ गई और पति के पास रहने लगी लेकिन यहाँ मुझे भी काम करना पड़ता था मेरे आने की वजह से पति अपने दोस्तों से अलग रहने लगे। मैंने तो कहा था कुछ दिन उनके साथ रुकते हैं। लेकिन फ़ोन का बिल, गैस का बिल, पानी का बिल, हर महीने घर की किश्त जाती।

मुझे जिस पब में काम मिला था, वहाँ मेरी दोस्ती पीटर से हुई। जल्दी ही यह दोस्ती शारीरिक सबंधों में तबदील हो गई। उसके बाद पीटर ने मुझे खूब चोदा, अपने दोस्त के साथ मिलकर मेरा बाजा बजाया, उसके बाद दोंनो ने मुझे चार हज़ार अमरीकी डॉलर भी दिए। उसके बाद हम नीचे पब में वापिस आ गए और मैं उनको ड्रिंक सर्व करती रही।

जाते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया और टिप की तौर पे 500 अमरीकी डॉलर दिए मुझे पैसों की जरूरत थी। इंडिया में मैंने बहुत ऐश की थी और अब मेरे सर पर काम करने का बोझ था इसके बिना यहाँ कोई गुजारा नहीं था सो तभी जब मैंने पीटर को कॉल लगाई और बात की उसने मुझे एक व्यस्क मूवी में काम करने की ऑफर दी। उसके दोस्त ने कहा कि एक इंडियन लड़की की मूवी इंडियन मार्केट में धमाल मचा देगी। उसने मुझे कहा कि फिल्म डबल एक्स होगी और उसकी अच्छी कीमत देने को तैयार है लेकिन मैंने बदनामी के डर से सोचने के लिए कहा। फिर सोचा कि वैसे भी तो मैं करवाती हूँ।

मैंने उनके सामने शर्त रखी कि मेरे चेहरे को इस कदर तरीके से मेक-अप किया जाए, मतलब आँखों पे स्टीकर, गालों पे स्टीकर!

वो मान गया।
मैंने 70,000 डॉलर लेने को बोला।
वो मान गया।

मैंने उसे कहा- यह फिल्म टोरंटो में नहीं, कहीं और बनाओ!

एडबर्ग में फ़िल्म बनाना निश्चित हुआ। नाम था- पेओर इंडियन स्लाट विद इग्लिश मेंस

सी हाउस रेंट लिया गया।

वहाँ पहुंची। पीटर के साथ मुझे बिकनी दी गई और मेरा पहला सीन था सनबाथ!

मैं वहाँ अकेली बीच पे लेट गई। मेरे हाथ में मोबाइल था जिसपर मैं लेटी हुई ब्लू क्लिप्स देखते हुए अपने बूब्स मसलने लगती हूँ और फिर पेंटी में हाथ डाल चूत को!

कैमरे के सामने थोड़ा नर्वस थी।

तभी वहाँ तीन आदमी आये, एक नीग्रो था और दो गोरे!

तीनों आकर जब मुझे चूत, मम्मे मसलते देखते हैं और मुझे कहते हैं- बेबी एनी प्रॉब्लम?

मेरी चूत को देखते हुए थोड़ी स्माइल देते हैं, बिना कुछ कहे मैं भी स्माइल पास करती हूँ! ऐसा करते ही तीनों मुझे वहाँ से गोदी में उठाते हुए सी हाउस में लेकर जाते हैं।

आर यू इंडियन?
येस!
ओके! नीड हेल्प?

यम! मैं फिर से स्माइल देती हूँ, एक गोरा मेरी पेंटी उतार देता है और अपने मुँह को चूत पे रखते हुए चातने लगा मेरे सर पे खड़े दो मर्द! दोनों ने कुछ नहीं पहना था। उनके लौड़े देख देख कर चूत चटवा रही थी मैं!

नीग्रो का लौड़ा मुँह में ले लिया और गोरे का हाथ में!
वो बोला- हे बिच! व्हाट्स योउर एज?
27!

ओह वो इंग्लिश में बोल रहे थे। मैं आपको हिंदी में बताती हूँ!

मैं सताइस साल की हूँ!
पहली बार कब चुदी?
नौ साल पहले!
तुझे हमारे लौड़े कैसे लगे?
यम! बहुत अछे लगे!
बोले- आज तेरे दोनों छेदों को एक साथ चोदेंगे! पसन्द करोगी?
हाँ चोदो मुझे!

और कैमरा मैन ने कंडोम की डिब्बी फेंकी। मैंने उसके लौड़े पे कंडोम चढ़ा दिया और उसने अन्दर डाल दिया।
हाय क्या लौड़ा था!

उसने रफ़्तार पकड़ी। मैंने भी अब एक धन्धे वाली कॉल-गर्ल की तरह अपने आपको बेशर्म कर दिया। लौड़े का तो मुझे पहले से बहुत चस्का था। नीग्रो का लौड़ा देख कर मैं पागल हो गई। इतना बड़ा लौड़ा!
डर भी लगता था!

गोरा रुक गया। नीग्रो ने कंडोम डालते हुए मुझे लौड़े पे बैठने को कहा। इतना बड़ा लौड़ा, लेकिन देखते ही मैंने पूरा अन्दर ले लिया और उसका लौड़ा अन्दर मेरे गर्भाशय से टकराता तो मुझे जन्नत दिखने लगती!
वाह क्या लड़की है!
बिच है!

गोरा पीछे आया और मेरी गांड के छेद को चाट करके उंगली डालते हुए जगह सी बनाई।

एक लौड़ा चूत में था। मुझे उसकी चेस्ट की तरफ नीचे दबाते हुए गोरे ने मेरी गांड को खोलते हुए उस पे लौड़ा रख कर धक्का मारा और उसका आधा लौड़ा गांड में समां गया। दर्द से मैं तड़पने लगी। लेकिन देखते ही दोनों के लौड़े में खुद बोल बोल कर डलवाने लगी। इतना मजा एक लौड़ा मेरे मुँह में दो मेरे अन्दर!

उसने कहा- तू अपनी भाषा में गरम बातें कर! ताकि लोग इसको और खरीदें!

आह चोद मुझे मादरचोद! फाड़ डालो मेरी चूत! बना दो भोंसड़ा! हाय मेरे राजा! चोदो! कमीने तू मुंह में डाले रख!

अब उनमें से एक ने अदला बदली कर ली और जिसका चूस रही थी अब उसने डाल लिया और तेजी से चोदने लगे। करीब पन्द्रह मिनट की चुदाई के बाद तीनों ने एक साथ अपने लौड़िं का सारा पानी मेरे चेहरे, होंठ हर जगह उगल दिया और मैं उनके पानी से तर हो गई। रहता हुआ पानी मैंने चाट के साफ़ कर दिया।

वे बोले- एन्जॉय बेबी?
येस!

दोस्तो, अभी तो फिल्म का पहला सीन वहाँ फ़िल्माया गया। उसके बाद अगला सीन मुझे होटल में करना था जिसमें दोनों बन्दे नीग्रो थे और उनके लौड़े कैसे होंगे यह अनुमान लगाओ और बताओ कैसी लगी मेरी चुदाई?

दोस्तो, हर कोई पूछता है- यह असली है?
हाँ! यह असली है!

कनाडा में मेरी सर्विस के लिए मुझे इ-मेल कर दो अब मेरे पास एक बी.एम.डबल्यू, एक मरसिडीज़ और एक पोश कार है। मैं एक हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल बन चुकी हूँ और एक अडल्ट क्लब अपना है।

लेकिन उस फिल्म के अगले सीन के बारे में ज़रूर लिखूंगी। प्लीज़ मेरी चुदाई के हर किस्से को छाप देना गुरु जी!

एक बार फिर से धन्यवाद! Sex Stories

हैलो दोस्तो, कैसे हो?Hindi Sex Stories

मेरा नाम अभिनव है, मैं गुजरात का रहने Hindi Sex Stories वाला हूँ और मैं अपनी एक कहानी बताने जा रहा हूँ जो काफ़ी दिलच़स्प है।

अब मैं मुख्य बात पर आ रहा हूँ। स्कूल के दिनों में मेरे साथ एक लड़का पढ़ता था जिसका नाम राहुल था। हमारे स्कूल में हमने एक समूह बना रखा था जो मौज-मस्ती करता था और साथ-साथ खेलते-कूदते भी थे। एक दिन राहुल आया और उसने हमसे पूछा कि मैं भी तुम्हारे समूह में सम्मिलित होना चाहता हूँ। पर हमने उसे मना कर दिया और वह वहाँ से चला गया।

उसने लगातार दस दिनों तक प्रयास किया कि वह हमारे साथ शामिल हो जाए पर उसे निराशा ही हाथ लगी। एक दिन राहुल ने मुझसे कहा कि तुमसे मेरी माँ मिलना चाहती है, तुम्हें बुलाया है। तो मैंने उसे टालने के लिए कह दिया कि ठीक है, मैं मिलकर आ जाऊँगा, पर मैं गया ही नहीं।

एक दिन मैं रास्ते पर जा रहा था कि सामने राहुल की मम्मी आती दिखीं, उन्होंने मुझसे कहा- मैंने तुम्हें बुलाया था, आते क्यों नहीं?
मैंने कहा- ठीक है, आज आ जाऊँगा।
और मैं चला गया।

उसके बाद मैं दोपहर को उसके घर गया तो राहुल घर पर नहीं था, उसकी मम्मी थी। उसने मुझे कुर्सी पर बिठाया और कहा कि तुम मेरे बेटे को अपने समूह में शामिल क्यों नहीं करते हो?
तो मैंने कहा- कुछ नहीं, बस ऐसे ही।
तो आंटी ने कहा- ऐसा नहीं करते, तुम उसे शामिल कर लो।
मैंने हामी भर दी।
फिर उसने मुझसे पूछा कि थम्स अप पीओगे?
तो मैंने हाँ कहा।

उसने उस समय क्रीम रंग की साड़ी और उसी रंग की ब्लाऊज़ भी पहन रखी थी। अन्दर काली ब्रा पहनी थी, वो भी साफ़ दिख रही थी और उसकी गांड इतनी मोटी और गोल-मटोल थी कि कोई देख ले तो पागल हो जाए।

वह किचन में चली गई, थम्सअप लाने के लिए।
जब वह थम्सअप लेकर आई तो मैं हैरान हो गया कि उसने साड़ी उतारकर सफेद पारदर्शी गाऊन पहना हुआ था और अन्दर काली ब्रा और काली पैन्टी साफ़ दिख रही थी, और भरा हुआ बदन जैसे संगमरमर का ताज़महल हो।

वह थम्सअप के दो गिलास लेकर मेरे पास बैठ गई और एक गिलास मुझे दिया और एक ख़ुद पीने लगी।
पीते-पीते मेरे जाँघों पर हाथ रख कर घुमा रही थी, मुझे गुदगुदी हो रही थी, लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था, इसलिए कुछ नहीं बोला।

धीरे-धीरे उसका हाथ मेरे लण्ड के पास ले गई और पकड़ के मसलने लगी तो मैं खड़ा हो गया और कहा- मैं जा रहा हूँ।
तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बिठा दिया, पूछा- क्या हुआ।
मैंने कहा- गुदगुदी हो रही है।
तो उसने कहा- आज तुझे कुछ सिखाऊँगी जो तेरे बहुत काम आएगा।
फिर मैं बैठ गया।

पहले तो उसने मुझे गाल पर किस किया और मेरी शर्ट उतार दी।
मैंने मना किया तो वह बोली- कुछ नहीं होगा, तुझे बहुत मज़ा आएगा।

फिर मैंने विरोध करना छोड़ दिया, उसने मेरी पैन्ट की चेन खोल कर मेरा लण्ड बाहर निकाल कर उसे किस्स किया और मुँह में लेकर कैण्डी की तरह चूसने लगी और मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुँच गया था।
मेरे दोस्त की मम्मी 15 मिनट तक मेरा लंड चूसती रही, इसी दौरान मेरे सारे कपड़े भी उतार दिए। उसने मुझसे कहा कि मेरा गाऊन उतार दो!
तो मैंने उसका गाऊन उतार दिया और काली ब्रा-पैन्टी में जैसा आगरा का ताज़महल मेरे सामने आ खड़ा हुआ।

उसने कहा मेरी ब्रा भी उतार दो, तो मैंने वैसा ही किया।
ब्रा खोलते ही जैसे दो कबूतर आज़ाद होकर उछलकर बाहर आ गए।

उसने मेरा सिर पकड़कर मेरा मुँह उसकी चूचियों पर रख कर मुझे चूसने को कहा तो मैं जीभ घुमाने लगा और चूसने लगा। तब उसके मुँह से आआआ आआ… हहह हहह… निकने लगी। वह मेरा लण्ड पकड़कर दबाने लगी।
थोड़ी देर में वह काफ़ी गरम हो गई और मुझे नोचने-खसोटने लगी, उसने कहा- तुम्हारा लण्ड तो बहुत बड़ा है और मेरे पति का तो इसका आधा ही है।

मैं तो मानो अपने होश में ही नहीं था। वह जैसा कह रही थी मैं वैसे ही करता जा रहा था। मेरे अन्दर इतनी समझ नहीं थी मैं कुछ कर सकूँ।
फिर वह बिस्तर पर लेट गई और बोली- तुम मेरी भोस को चाटो!
तो मैं उसकी पाँवों के बीच में बैठ कर जीभ घुमा-घुमा कर चाटने लगा। वह मेरा मुँह दबा कर जोर से चिल्ला रही थी… चाटो… चाटो… चाटो… मुझे खत्म कर दे, खत्म कर दे।

उसी समय उसकी भोस से कुछ चिकना-चिकना क्रीम निकलने लगा वो मैं पी गया वह मुझे काफी मज़ेदार लगा, तो मैंने पूरा चाट लिया।
अब उसने कहा- अब उठो और मेरी भोस में डालो!
तब मैं पोज़ीशन लेकर उसकी पाँवों के बीच बैठ गया और लण्ड पकड़कर उसकी भोस पर रख कर थोड़ा धक्का दिया। चिकनाई की वज़ह से मेरा लण्ड सटाक से अन्दर चला गया।
उसने कहा- शाबास बेटे तुमने सिक्सर लगाया, चालू रख!

मैं तो धक्के पर धक्का लगा रहा था, वो खुशी से पागल हो रही थी, नीचे से गांड उठा उठाकर साथ दे रही थी.
थोड़ी देर बाद वह उठकर खड़ी हो गई और मुझसे कहा- मेरी गांड में डाल और फाड़ दे।
उसने मुझे क्रीम दी और कहा- पहली बार गांड में डलवा रही हूँ इलसिए मेरी गांड पर ये थोड़ा लगा, और थोड़ा अपने लण्ड पर भी लगाकर पेल दे।

मैंने ऐसा ही किया और उसकी गांड पर रख कर धक्का दिया तो उसकी एक लम्बी चीख निकल गई, और बोली, बाहर निकाल नहीं तो मैं मर जाऊँगी। लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना और धक्के जारी रखे, उसकी गांड से थोड़ा सा खून भी निकला, मैं घबरा गया तो उसने कहा कि डार्लिंग, कुछ भी नहीं, तू चालू रख, ये खुशी का खून है।

कुछ देर तक धक्के मारने के बाद मैंने अपना लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और वह मेरा लण्ड चूसने लगी और मेरा क्रीम सारा उसके मुँह में चला गया और उसने पूरा पी लिया। फिर चाटकर मेरा लण्ड साफ कर दिया.

फिर उठकर कपड़े पहनने लगा तो उसने कहा- कल आना, मैं तुझे दूसरा मज़ा दूँगी जो तेरी शादी के बाद तुझे काम आएगा और तुझे तक़लीफ नहीं होगी और बहुत मज़ा आएगा।
अगली कहानी दूसरी बार। Hindi Sex Stories

प्रेषक : राकेश Hindi Sex Stories

दोस्तो, जैसा कि आप सभी जानते हैं मेरा Hindi Sex Stories नाम राकेश है और मैं दिल्ली से हूँ। मैंने अपनी पिछली कहानी छवि की चुदाई में बताया था अपने बारे में जो कि वास्तविक कहानी थी। इस बार भी मैं हाज़िर हूँ अपनी एक नई कहानी लेकर और आशा करता हूँ कि यह भी आप लोगों को पसंद आयेगी, हर बार की तरह आपका प्यार और इमेल मिलते रहेंगे।

बात पॉँच साल पुरानी है और मैंने अपनी स्नातिकी पूरी की थी और नौकरी के लिए रोज़ ही प्रयास करता था जिससे कि जल्द से जल्द मेरा काम कहीं सेट हो जाये। इसी प्रयास में चार महीने निकल गए लेकिन कहीं बात नहीं बनी। दिन पर दिन खर्चे होने ही थे लेकिन पैसे थे ही नहीं। मेरे परिस्थिति से मेरा मकान मालिक परिचित था सो किराए का कुछ नहीं बोलता। लेकिन अब तो मुझे भी शर्म आ रही थी, बिना किराए के कितना दिन माकन मालिक के मेहरबानी पर रह सकता था। अंत में हार कर सोचा कि क्यों न ट्यूशन पढ़ाया जाये। यह सोच कर मैंने अपने मकान- मालिक से बोला कि अंकल कोई ट्यूशन पढ़ने वाला हो तो बताना, मैं शाम में ट्यूशन पढ़ा दिया करूँगा।

मेरी बात सुन कर गुप्ता जी (मकान मालिक) बोला- मेरी सपना भी तो दसवीं क्लास में पहुँच गई है, इसे मैथ और साइंस पढ़ा दोगे तो मेरे घर से ही शुरु कर दो, जैसे जैसे समय थोड़ा और निकलेगा तो तुम्हें आस-पास के कुछ और टयूशन मिल जायेंगे।

मैं थोड़ा निश्चिंत हुआ कि चलो कम से कम रहने खाने का इंतजाम हुआ, अब आगे की आगे देखेंगे।

अब मैं सपना के बारे में बता दूँ, सपना देखने में साधारण सी लड़की थी लेकिन पढने में साधारण न ज्यादा तेज न ज्यादा भोंदू, हमारी क्लास ठीक ठाक चल रही थी। मेरे नजर में उसे देख कर कोई गलत विचार कभी नहीं आये, पढ़ने का असर दो महीने में ही दिखने लगा। एग्जाम में उसे पहले से ज्यादा अंक मिले जिससे हर किसी ने मेरी तारीफ की। अब मैं भी उसके घर खुल कर आता जाता, कोई रोक टोक नहीं थी।

एक रोज़ रात को मैं सपना से बायलोजी की किताब लेने गया। शनिवार की बात है। किताब लेकर मैंने कुछ नोट बनाये, कुछ विधार्थियों को देने थे। मैं किताब पढ़ कर नोट बना रहा था कि किताब से मुझे एक खत मिला जिसे पढ़ कर मैं अन्दर तक हिल गया। वो पत्र सपना के बॉयफ्रेंड का था और उसमें दोनों के स्कूल में के बाथ रूम में स्तन दबाने की और लंड चूसने की बातें लिखी हुई थी। सपना का पत्र पढ़ कर उसके वक्ष मेरे सामने घूमने लगे।

मेरा भी मन उसे चोदने को होने लगा, रात में दो बार मैंने मुठ भी मारी क्योंकि वही एक साधन है हम लोगों के पास कि जब चाहो प्रयोग कर लो, वो भी बिना किसी खर्चे के ! वर्ना आप समझ सकते हैं…………..

दूसरे रोज रविवार था, और आमतौर पर गुप्ता जी इतवार को फिल्म देखने जाते हैं, यह रूटीन मुझे पहले से पता था। गुप्ता जी के जाने के बाद मैं सपना को किताब वापिस करने गया तो देखा की सपना कमरे में नहीं थी, फिर मुझे ध्यान आया कि कहीं रसोई में कुछ खाने का इंतजाम कर रही हो। लेकिन वो रसोई में नहीं थी। अब मैंने निराश होकर वापिस आने को कदम बढ़ाया, सोचा था कि सपना के बॉयफ्रेंड के पत्र जरिये ही सपना को डरा कर उसकी चूत-चोदन करूँगा लेकिन सपना मिली ही नहीं तो क्या?

वापिस गैलरी से होकर आ रहा था तो देखा की बाथरूम की बत्ती जल रही है। मेरे कदम वहीं रुक गए, बाथरूम से हल्की सी कुछ आवाज़ भी आ रही थी। मेरे मन को थोड़ी शका हुई, एक बार को सोचा कि छोड़ो यार कुछ भी तो क्या ! फिर ख्याल आया कि सपना बाथरूम में अवश्य कुछ कर रही होगी। यह सोच कर मैं अंदर से रोमांचित हो गया, दिल थाम कर दरवाज़ा खोल कर अंदर की तरफ देखा ………….

देख कर मेरी आंख फटी की फटी रह गई ………….

अंदर सपना अपने चूत के बाल साफ कर रही थी, वो भी अपने पूरे कपड़े निकाल कर एक दम नंगी ! आज से पहले मैंने किसी भी लड़की या औरत को पूरी तरह से नंगा नहीं देखा था, यह देख कर तो मेरा पप्पू एक दम खड़ा हो गया, सपना की नजर मुझसे मिली तो उसके तो होश उड़ गए, हम दोनों की हालत शायद एक जैसी ही थी। सपना चूत एक दम साफ थी, बगल में एक क्रीम की शीशी रखी थी, उसके स्तन उतने बड़े भी नहीं थे लेकिन इतने बड़े जरुर हो गए थे कि उसे आराम से दबाया जा सके, 18-19 साल की लड़कियों का साइज़ उससे बिलकुल मैच करता था। मेरे दिमाग में तुंरत ध्यान आया- बेटा, सही मौका है इसे कैश कर ले वर्ना इंतजार ही करता रह जायेगा।

मैंने आगे बढ़ कर सपना के होठों को चूम लिया, सोचा कि देखूँ इसकी क्या प्रतिक्रिया है।

वो तुंरत अलग हो गई, बोली- मुझे छोड़ दो, वर्ना पापा को बोल दूंगी !

मैं बोला- अगर तुम अपने पापा को बोल दोगी तो मैं तेरा पत्र जो तेरी किताब में था उसे दिखा दूंगा।

थोड़ी देर को सपना सोचने लगी, फिर बोली- आप क्या चाहते हो?

मैं तेरा चूत चोदना चाहता हूँ………..

नहीं……….नहीं…………मैंने आज तक किसी से नहीं किया है………

तू घबरा मत ! तुझे कुछ नहीं होगा और मजा भी आयेगा।

सच सच………..?

हाँ डार्लिंग !

फिर आगे बढ़ कर सपना के होठ चूसने लगा, वो भी ऐसा ही कर रही थी।

फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में लगाई तो वो तड़प उठी- सर, प्लीज छोड़ दो , अह्ह्ह्ह्……. आह……. आह………….

फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, मेरा सात इंच का लंड देख सपना बोली- क्या यह पूरा घुस जायेगा?

डार्लिंग फिकर मत करो लंड कितना भी बड़ा क्यों न हो और चूत छोटी, लेकिन हर चूत बड़े आराम से लंड को खा जाती है !

सपना को बाथरूम के फर्श पर लिटा कर 69 पोजीशन में उसकी चूत का स्वाद लेने लगा, सपना पहले तो मना कर रही थी लेकिन थोड़ा सा प्रयास करने पर वो मेरा साथ देने लगी, मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। दस मिनट तक मजा लेने के बाद उसे लिटा कर उसके चूत में ढेर सारा थूक लगाया और चूत के मुँह पर लाकर एक धक्का मारा, लेकिन चूत इतनी कसी थी कि मेरा लंड अंदर घुस नहीं पाया, सपना भी अंदर लेने को बेचैन थी।

फिर उसके पैरों को थोड़ा फैलाया जिससे उसकी चूत का मुँह खुल गया, और जोर का धक्का मारा, इस बार मेरे लंड का आधे से ज्यादा हिस्सा उसकी चूत के अंदर चला गया।

छोड़ गया तो केवल- हाय मैं मर गई….. तुमने मेरे चूत को फाड़ डाला……

वो दर्द से कराह उठी, मैं समझ गया कि इसकी चूत की आज पहली बार चुदाई हो रही है।

दूसरा धक्का बिना देर किये मैंने मार दिया जिससे मेरा लंड सपना की चूत की गहराइयों को नाप गया।

हाय आह………..आह……..

वोह…आह……..वोह………

कुछ देर वैसे ही रहने के बाद मैं धीरे धीरे अपने लंड आगे पीछे कर उसे चोदने लगा, थोड़ी देर बाद उसे भी आनंद आने लगा. और सपना भी मेरा साथ देने लगी।

काफ़ी देर तक चुदाई अलग अलग तरह से मैंने किया…….. कभी डौगी तो कभी दीवार पर टिका कर, सपना भी मुझे खूब साथ दे रही थी, फिर उसकी बदन अकड़ने लगा, थोड़ी देर में मैंने भी पस्त होकर उसकी चूत में ही अपना सारा माल छोड़ दिया। फिर हम साथ साथ नहाये, नहाते वक्त भी मैंने उसकी चुदाई की।

चुदाई के बाद भी मुझसे पढ़ने आती रही और हम एक दूसरे का मजा लेते रहे। अब तो उसकी इतनी लंड लेने की आदत हो गयी है उसे जब भी मौका मिलता है कैश कर लेती है।

दोस्तो, यह थी मेरी सपना !

कृपया अपनी राय मुझे जरुर भेजना !दोस्तो, जैसा कि आप सभी जानते हैं मेरा नाम कोमल है और मैं दिल्ली से हूँ। मैंने अपनी पिछली कहानी छवि की चुदाई में बताया था अपने बारे में जो कि वास्तविक कहानी थी। इस बार भी मैं हाज़िर हूँ अपनी एक नई कहानी लेकर और आशा करता हूँ कि यह भी आप लोगों को पसंद आयेगी, हर बार की तरह आपका प्यार और इमेल मिलते रहेंगे।

बात पॉँच साल पुरानी है और मैंने अपनी स्नातिकी पूरी की थी और नौकरी के लिए रोज़ ही प्रयास करता था जिससे कि जल्द से जल्द मेरा काम कहीं सेट हो जाये। इसी प्रयास में चार महीने निकल गए लेकिन कहीं बात नहीं बनी। दिन पर दिन खर्चे होने ही थे लेकिन पैसे थे ही नहीं। मेरे परिस्थिति से मेरा मकान मालिक परिचित था सो किराए का कुछ नहीं बोलता। लेकिन अब तो मुझे भी शर्म आ रही थी, बिना किराए के कितना दिन माकन मालिक के मेहरबानी पर रह सकता था। अंत में हार कर सोचा कि क्यों न ट्यूशन पढ़ाया जाये। यह सोच कर मैंने अपने मकान- मालिक से बोला कि अंकल कोई ट्यूशन पढ़ने वाला हो तो बताना, मैं शाम में ट्यूशन पढ़ा दिया करूँगा।

मेरी बात सुन कर गुप्ता जी (मकान मालिक) बोला- मेरी कोमल भी तो दसवीं क्लास में पहुँच गई है, इसे मैथ और साइंस पढ़ा दोगे तो मेरे घर से ही शुरु कर दो, जैसे जैसे समय थोड़ा और निकलेगा तो तुम्हें आस-पास के कुछ और टयूशन मिल जायेंगे।

मैं थोड़ा निश्चिंत हुआ कि चलो कम से कम रहने खाने का इंतजाम हुआ, अब आगे की आगे देखेंगे।

अब मैं कोमल के बारे में बता दूँ, कोमल देखने में साधारण सी लड़की थी लेकिन पढने में साधारण न ज्यादा तेज न ज्यादा भोंदू, हमारी क्लास ठीक ठाक चल रही थी। मेरे नजर में उसे देख कर कोई गलत विचार कभी नहीं आये, पढ़ने का असर दो महीने में ही दिखने लगा। एग्जाम में उसे पहले से ज्यादा अंक मिले जिससे हर किसी ने मेरी तारीफ की। अब मैं भी उसके घर खुल कर आता जाता, कोई रोक टोक नहीं थी।

एक रोज़ रात को मैं कोमल से बायलोजी की किताब लेने गया। शनिवार की बात है। किताब लेकर मैंने कुछ नोट बनाये, कुछ विधार्थियों को देने थे। मैं किताब पढ़ कर नोट बना रहा था कि किताब से मुझे एक खत मिला जिसे पढ़ कर मैं अन्दर तक हिल गया। वो पत्र कोमल के बॉयफ्रेंड का था और उसमें दोनों के स्कूल में के बाथ रूम में स्तन दबाने की और लंड चूसने की बातें लिखी हुई थी। कोमल का पत्र पढ़ कर उसके वक्ष मेरे सामने घूमने लगे।

मेरा भी मन उसे चोदने को होने लगा, रात में दो बार मैंने मुठ भी मारी क्योंकि वही एक साधन है हम लोगों के पास कि जब चाहो प्रयोग कर लो, वो भी बिना किसी खर्चे के ! वर्ना आप समझ सकते हैं…………..

दूसरे रोज रविवार था, और आमतौर पर गुप्ता जी इतवार को फिल्म देखने जाते हैं, यह रूटीन मुझे पहले से पता था। गुप्ता जी के जाने के बाद मैं कोमल को किताब वापिस करने गया तो देखा की कोमल कमरे में नहीं थी, फिर मुझे ध्यान आया कि कहीं रसोई में कुछ खाने का इंतजाम कर रही हो। लेकिन वो रसोई में नहीं थी। अब मैंने निराश होकर वापिस आने को कदम बढ़ाया, सोचा था कि कोमल के बॉयफ्रेंड के पत्र जरिये ही कोमल को डरा कर उसकी चूत-चोदन करूँगा लेकिन कोमल मिली ही नहीं तो क्या?

वापिस गैलरी से होकर आ रहा था तो देखा की बाथरूम की बत्ती जल रही है। मेरे कदम वहीं रुक गए, बाथरूम से हल्की सी कुछ आवाज़ भी आ रही थी। मेरे मन को थोड़ी शका हुई, एक बार को सोचा कि छोड़ो यार कुछ भी तो क्या ! फिर ख्याल आया कि कोमल बाथरूम में अवश्य कुछ कर रही होगी। यह सोच कर मैं अंदर से रोमांचित हो गया, दिल थाम कर दरवाज़ा खोल कर अंदर की तरफ देखा ………….

देख कर मेरी आंख फटी की फटी रह गई ………….

अंदर कोमल अपने चूत के बाल साफ कर रही थी, वो भी अपने पूरे कपड़े निकाल कर एक दम नंगी ! आज से पहले मैंने किसी भी लड़की या औरत को पूरी तरह से नंगा नहीं देखा था, यह देख कर तो मेरा पप्पू एक दम खड़ा हो गया, कोमल की नजर मुझसे मिली तो उसके तो होश उड़ गए, हम दोनों की हालत शायद एक जैसी ही थी। कोमल चूत एक दम साफ थी, बगल में एक क्रीम की शीशी रखी थी, उसके स्तन उतने बड़े भी नहीं थे लेकिन इतने बड़े जरुर हो गए थे कि उसे आराम से दबाया जा सके, 18-19 साल की लड़कियों का साइज़ उससे बिलकुल मैच करता था। मेरे दिमाग में तुंरत ध्यान आया- बेटा, सही मौका है इसे कैश कर ले वर्ना इंतजार ही करता रह जायेगा।

मैंने आगे बढ़ कर कोमल के होठों को चूम लिया, सोचा कि देखूँ इसकी क्या प्रतिक्रिया है।

वो तुंरत अलग हो गई, बोली- मुझे छोड़ दो, वर्ना पापा को बोल दूंगी !

मैं बोला- अगर तुम अपने पापा को बोल दोगी तो मैं तेरा पत्र जो तेरी किताब में था उसे दिखा दूंगा।

थोड़ी देर को कोमल सोचने लगी, फिर बोली- आप क्या चाहते हो?

मैं तेरा चूत चोदना चाहता हूँ………..

नहीं……….नहीं…………मैंने आज तक किसी से नहीं किया है………

तू घबरा मत ! तुझे कुछ नहीं होगा और मजा भी आयेगा।

सच सच………..?

हाँ डार्लिंग !

फिर आगे बढ़ कर कोमल के होठ चूसने लगा, वो भी ऐसा ही कर रही थी।

फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में लगाई तो वो तड़प उठी- सर, प्लीज छोड़ दो , अह्ह्ह्ह्……. आह……. आह………….

फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, मेरा सात इंच का लंड देख कोमल बोली- क्या यह पूरा घुस जायेगा?

डार्लिंग फिकर मत करो लंड कितना भी बड़ा क्यों न हो और चूत छोटी, लेकिन हर चूत बड़े आराम से लंड को खा जाती है !

कोमल को बाथरूम के फर्श पर लिटा कर 69 पोजीशन में उसकी चूत का स्वाद लेने लगा, कोमल पहले तो मना कर रही थी लेकिन थोड़ा सा प्रयास करने पर वो मेरा साथ देने लगी, मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। दस मिनट तक मजा लेने के बाद उसे लिटा कर उसके चूत में ढेर सारा थूक लगाया और चूत के मुँह पर लाकर एक धक्का मारा, लेकिन चूत इतनी कसी थी कि मेरा लंड अंदर घुस नहीं पाया, कोमल भी अंदर लेने को बेचैन थी।

फिर उसके पैरों को थोड़ा फैलाया जिससे उसकी चूत का मुँह खुल गया, और जोर का धक्का मारा, इस बार मेरे लंड का आधे से ज्यादा हिस्सा उसकी चूत के अंदर चला गया।

छोड़ गया तो केवल- हाय मैं मर गई….. तुमने मेरे चूत को फाड़ डाला……

वो दर्द से कराह उठी, मैं समझ गया कि इसकी चूत की आज पहली बार चुदाई हो रही है।

दूसरा धक्का बिना देर किये मैंने मार दिया जिससे मेरा लंड कोमल की चूत की गहराइयों को नाप गया।

हाय आह………..आह……..

वोह…आह……..वोह………

कुछ देर वैसे ही रहने के बाद मैं धीरे धीरे अपने लंड आगे पीछे कर उसे चोदने लगा, थोड़ी देर बाद उसे भी आनंद आने लगा. और कोमल भी मेरा साथ देने लगी।

काफ़ी देर तक चुदाई अलग अलग तरह से मैंने किया…….. कभी डौगी तो कभी दीवार पर टिका कर, कोमल भी मुझे खूब साथ दे रही थी, फिर उसकी बदन अकड़ने लगा, थोड़ी देर में मैंने भी पस्त होकर उसकी चूत में ही अपना सारा माल छोड़ दिया। फिर हम साथ साथ नहाये, नहाते वक्त भी मैंने उसकी चुदाई की।

चुदाई के बाद भी मुझसे पढ़ने आती रही और हम एक दूसरे का मजा लेते रहे। अब तो उसकी इतनी लंड लेने की आदत हो गयी है उसे जब भी मौका मिलता है कैश कर लेती है।

दोस्तो, यह थी मेरी कोमल !

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