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Massage Girl in Giridih: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Giridih who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Giridih that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Giridih massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Giridih who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Giridih massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Giridih massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Giridih who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Giridih employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Giridih helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Giridih

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Giridih at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Hindi sex stories

Hindi sex stories में आपने जाना था कि दीपा जीजी मुझसे चुदने को राजी हो गई थी.. और उसने अपना कुरता उतार दिया था.

अब आगे:

मैं उसको देखता ही रह गया. उसकी बगलों में एक भी बाल नहीं था, शायद संडे को ही उसने झांटों के साथ बगल के भी बाल साफ़ किये थे.

मैंने अपना दाहिना हाथ उठा कर उसकी एक चूची पर रख दिया और ब्रा के ऊपर से दबाने लगा. अपने दूसरे हाथ को मैं उसकी गांड पर फिरा रहा था. दीपा का चेहरा चुदास से सुर्ख लाल हो गया था और उसके मुँह से सिसकारियां निकल रही थीं.

वो ‘अह्हह्.. अह्हह्.. ओह्हह्ह..’ कर रही थी.

इस समय मेरे दोनों हाथ उसकी चूचि और गांड मसलने में व्यस्त थे और होंठ उसके होंठों को चूस रहे थे.

मैंने उसको पलंग पर लिटा दिया. मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी कमर के नीचे हाथ ले जाकर सर को ऊपर उठाकर उसके होंठ चूसने लगा.

मैं इतना जोश में था कि कई बार उसने कहा कि जरा आहिस्ता चूसो.. मेरा दम घुटता है.

कई बार तो एक दूसरे के होंठ चूसते चूसते हम दोनों के मुँह से ‘गूऊ.. न.. गू..’ की आवाज निकल जाती.

अब मैं पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा था और थोड़ी सी मेहनत के बाद उसे भी खोल दिया. दीदी की ब्रा का हुक खुलते ही उसकी चूचियां एकदम से ऊपर को उछल पड़ीं, मानो उनको जबरन दबा कर कैद किया गया था.. और अब उनको आजादी मिल गई हो.

उसकी चूचियां बहुत ही गोरी चिट्टी और एकदम सख्त व तनी हुई थीं. निप्पल बाहर को उठे हुए और एकदम तने हुए थे. जैसे ही मैंने एक हाथ से उसकी चूचि मसलनी शुरू की और दूसरी को अपने मुँह से चूसने लगा, तो दीपा की हालत खराब हो गई और वो जोर से कसमसाने लगी.

अब उसके मुँह से ‘स्ससीईई… अह्हह ह्हह.. ओह्ह ह्ह्ह् मर्रर्र.. माँआआआअ मर्रर्र गईई रेईई..’ आवाजें निकलने लगीं.

इधर मेरा लंड अभी तक पेंट में ही कैद था और उछल कूद कर रहा था. मेरा लंड उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर टक्कर मार रहा था.

मैंने मुँह से उसकि चूचि चूसते हुए और एक हाथ से चूचि मसलते हुए, दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया. उसने भी कोई देर नहीं की तथा अपनी गांड ऊपर करके मुझे अपनी सलवार उतारने में मदद कर दी.

अब वो सिर्फ पेंटी में ही थी और उसने सफ़ेद रंग की ही पेंटी भी पहन रखी थी, जो कि चूत के ऊपर से कुछ गीली हो रही थी.

लगता था कि उसकी चूत ने उत्तेजना के कारण छोड़ना शुरू कर दिया था. जैसे ही मैंने उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से सहलाना शुरू किया तो वो कांपने सी लगी और मस्ती में आकर बोली कि मुझको तो नंगी कर दिया है साले और मेरा सब कुछ देख लिया है लेकिन तुम अपना लंड अभी तक पेंट में छुपाये हुए हो.

उसने ये कह कर मेरे पेंट की ज़िप खोल दी और चूँकि मैं पेंट के नीचे चड्डी नहीं पहनता हूँ, तो मेरा लंड एकदम फ़नफ़नाता हुआ बाहर निकल आया.

मेरा लंड देखते ही दीपा एकदम मस्त हो गई और बोली- हाय राम तुम्हारा लंड तो काफी लम्बा और मोटा है.. ये तो लगभग 8 इंच लम्बा होगा और 3.5 इंच मोटा होगा. वाह तेरे साथ तो बहुत ही मज़ा आएगा. मैं तो तुम्हें अभी तक बच्चा ही समझती थी.. मगर तुम तो एकदम जवान हो, एक खूबसूरत लंड के मालिक हो.. मुझे लगता है कि तुम बहुत अच्छी तरह से चोदने की ताकत रखते हो.

अब उसने मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतार दिये और मेरे तने हुए लंड को सहलाने लगी.

मेरे लंड का सुपारा एकदम से लाल हो रहा था और काफी गरम था.

अब मैंने भी उसकी चूत पर से उसकी पेंटी उतार दी और देखा कि आज उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं है और एकदम सफ़ाचट चुत है.

मैंने कहा कि जीजी उस रोज तो तुम्हारी चूत पर बहुत झांटें थीं और आज एकदम साफ़ है.. किसी हीरे की तरह चमक रही है.
मेरी इस बात पर वो हंस पड़ी और बोली कि मैं तुम्हारी तरह नहीं हूँ, जो अपनी झांटें और बगलों का जंगल साफ़ ही ना करे.. ये मुझको अच्छा नहीं लगता. तुम भी ये सब साफ़ रखा करो, नहीं तो जूँए हो जाएंगे.
मैंने कहा- जीजी मैंने तो आज तक अपनी झांटें और बगलों के बाल साफ़ ही नहीं किये हैं. मुझे डर लगता है कि कहीं ब्लेड से कट ना जाए.
इस पर वो खिलखिला कर हंस दी और फिर से बोली- अगर ऐसी बात है तो तेरी बगल के बाल और लंड से झांटें मैं शेव कर दूँगी. और हां.. एक बात और सुन कि अब तू मुझे बार बार जीजी ना कहा कर.. अब मैं तेरी जीजी नहीं रही हूँ, तेरी माशूका हो गई हूँ. इसलिए अब तू मुझको डार्लिंग कहा कर.
मैंने कहा- अच्छा ठीक है माय डार्लिंग

ये कह कर मैंने एक उंगली उसकी चूत के छेद में डाल दी.

दीपा की चुत का छेद काफी गीला था और एकदम चिकना हो रहा था. उसकी चूत एकदम गुलाबी थी.. पानी निकलने के कारण काफी चिकनाहट हो गई थी. मैंने उसकी चूत में उंगली अन्दर बाहर करनी शुरू कर दी और कभी कभी मैं उंगलियों के बीच में उसके दाने को पकड़ कर भी मसल देता था.. जिससे उसके मुँह से मादक सिसकारी निकल रही थी.

वो ‘आह्हह.. आह्हह्ह.. हैईई.. हैईई.. उफ़्फ़.. उफ़्फ़..’ कर रही थी और कह रही थी कि जरा जोर से उंगली को अन्दर बाहर कर.

मैं और तेजी के साथ चुत में उंगली करने लगा. उसके मुँह से सिसकारियों की आवाज बढ़ती ही जा रही थी और वो लगातार ‘उफ़्फ़.. उफ़्फ़.. ओह्ह.. हाय मर गई..’ कर रही थी.

अचानक उसकी कमर तेजी के साथ हिलने लगी और वो अटक अटक कर बोलने लगी- हाय.. आआहह.. और्र.. तेज्ज.. अन्दर बाहर करो.. हैईईई मेर्ररा रस निकला.. आआआआ.. निकलाआआअ..

ये कह कर दीपा शांत सी हो गई और ढीली पड़ गई. मैंने देखा कि उसकी चूत में से पानी निकल रहा था, जिससे चादर गीली हो गई थी.

मैंने कहा- जीजी आपका तो निकल गया.
तो बोली- हां मैं झड़ गई हूँ.
फिर थोड़ा दिखावटी गुस्से से बोली कि मैंने अभी क्या कहा था.. भूल गया? कि तू मुझको अब जीजी नहीं, बल्कि डार्लिंग कह कर बुलाया कर और तू फिर भी जीजी ही कहे जा रहा है.
मैंने कहा- सॉरी जीजी… उफ़.. नहीं डार्लिंग.

कुछ देर हम ऐसे ही मज़ा लूटते रहे और हम दोनों की कामुक छेड़छाड़ चलती रही जिससे इस बीच वो एक बार और झड़ चुकी थी.

वो अभी तक मेरा लौड़ा सहला रही थी, जिससे अब रुक पाना मेरी बर्दाश्त से बाहर हो रहा था.

वो भी कहने लगी कि विक्की और मत तड़पाओ और अपना लौड़ा मेरी चूत में पेल ही दो.

ये सुन कर मैं उसकी टांगों के बीच में आ गया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे उसकी चूत ऊपर को उठ गई. अब मैंने उसकी टांगों को चौड़ा करके घुटनों से मोड़ कर ऊपर को उठाया और अपने लंड का सुपारा उसकी चूत के छेद पर रखा.

उसकी चुत पर टोपा लगते ही मुझे लगा कि मैंने लंड किसी भट्टी पर रख दिया हो. उसकि चूत इतनी गरम थी और किसी हलवाई की भट्टी की तरह तप रही थी.

मैंने अपनी कमर को उठा कर एक धक्का मारा और मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत में घुस गया.

उसकी मुट्ठियाँ भिंच गईं. इसके बाद मैंने एक बहुत जोरदार धक्का लगाया, जिससे मेरा लंड 5-6 इंच तक उसकी चूत में घुस गया. इसी के साथ उसके मुँह से एक तेज सिसकी निकली और वो बोली कि आह मार दिया साले.. धीरे कर.. तू तो बड़ा बेदर्दी है.. एक ही धक्के में अपने लंड को मेरी चूत में घुसाना चाहता है. साले मेरी चूत फाड़ने का इरादा है क्या.. ज़रा आराम से कर.. तेरा लंड बड़ा है ना… इसलिए दर्द होता है.

लेकिन मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और एक और धक्का तेजी के साथ लगा दिया. अब सारा का सारा लंड उसकी चूत में घुस गया था.

वो हल्की सी आवाज में चिल्लाई कि हयई.. अर्ररेय मर गई ऊऊऊ मेर्ररि अम्ममाआअ.. मेरीईई चूऊत फाआआड़ दीईई.. कमीने..

उसकी चीख से मैं एकदम से डर गया कि कुछ गड़बड़ ना हो गई हो.

मैंने पूछा कि ज्यादा दर्द हो रहा हो तो मैं निकाल लूँ?
वो बोली- अरे नहीं.. ज्यादा तो नहीं मगर तूने एकदम से अन्दर कर दिया है न.. इसलिए थोड़ा सा दर्द हो रहा है. तेरा लंड काफी लम्बा और मोटा है ना.. इसलिए मेरी चुत को दर्द हुआ.. अभी कुछ देर बाद मजा आने लगेगा. अब तो मेरे ऊपर लेट जा और चूची चूस.
मैंने ऐसे ही किया और उसकी चूची चूसने और मसलने लगा. कुछ देर में ही उसे मज़ा आने लगा और अपनी गांड हिला हिला कर ऊपर को उठाने लगी.
दीदी बोली- आह.. अब धक्के लगा और मेरी चुत की चुदाई चालू कर.

मैंने अपनी कमर और चूतड़ों उठा उठा कर जोर शोर से धक्के मारने शुरू कर दिए.

थोड़ी ही देर में उसके मुँह से अंटशंट आवाजें निकलने लगीं.
वो बोल रही थी- अय..यईईए.. र्रर स्सछह्ह.. मुझेय.. जोऊओर जोऊर से चोद साले.. फाड़ दे मेर्रर्इ फुद्दी.. ऊऊओह उफ़्फ़फ़ मेर्र रस फिरर्रर से निकलने वालाआ.. है.. हाय.. और जोओर्र से..

ये कह कर दीपा दीदी तेजी से कमर हिलाने लगी और ‘स्स्सीईईई.. इस्सस्स्ई..’ करती हुई झड़ गई.

मेरा लंड एकदम गीला हो गया था और काफी चिकना हो गया था, जिससे लंड दीदी की चुत से 2-3 बार बाहर भी निकल गया.

अब मैंने धक्के लगाने की स्पीड तेज कर दी थी. मुझको थोड़ी मस्ती सूझी और मैंने धक्के लगाते लगाते एक उंगली पर उसका पानी लगाया और अचानक उसकी गांड के सुराख पर फेरते हुए, मैंने उंगली को उसकी गांड के अन्दर कर दिया.

वो एकदम दर्द से चीख उठी और बोली कि आह.. साले क्या शैतानी कर रहा है अरे उधर नहीं.. मुझको दर्द होता है.. मेरी गांड से उंगली को फ़ौरन बाहर निकालो.

मैंने पूछा कि क्या कभी किसी से गांड भी मरवाई है? मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ.

इस पर दीपा ने कहा कि नहीं मैंने अपनी गांड कभी नहीं मरवाई है और ना ही तुझसे मरवाऊंगी.. क्योंकि मैं गांड मारने को सही नहीं मानती हूँ.
मैंने कुछ नहीं कहा, बस उसकी चूत की चुदाई का मजा लेता रहा.
फिर उसने पलट कर पूछा कि क्या तुमने किसी से अपनी गांड मराई है या किसी की गांड मारी है?

तो मैंने ‘नहीं..’ में जवाब दिया. इस पर उसने कहा कि विक्की तू तो बहुत ही सुन्दर और स्मार्ट है.. तुझे तेरे दोस्तों ने कैसे छोड़ दिया.. क्योंकि मुझे मालूम है लड़के आपस में एक दूसरे की गांड ही मार कर काम चलाते हैं.

मैंने कहा कि मैं सेक्सी ज़रूर हूँ लेकिन मैं ना तो किसी लड़के की गांड मारता हूँ और ना ही मरवाता हूँ. मैं तो बस चूत ही चोदना चाहता हूँ. हां आज तुम्हारी गांड पर दिल आ गया है, इसलिए गांड मारना चाहता हूँ.

दीपा बोली कि अभी तक तो मैंने गांड कभी नहीं मरवाई है.. यदि कभी मरवाने कि इच्छा हुई तो तेरे से ही मरवाऊंगी.

हम चुदाई के साथ गरम बातें कर ही रहे थे कि वो फिर से चुदासी हो गई और अंटशंट बकने लगी- आह्ह.. आआ और जोओर्र से चोद भोसड़ी के.. मेरा रस फिर से निकाल दे.

वो ऐसे ही कहती रही और इधर मेरे भी धक्कों की गति बढ़ती ही जा रही थी और मैं पसीने पसीने हो रहा था.

अब मेरे मुँह से भी अंटशंट निकलने लगा- आह्ह.. आअह.. क्यों नहीं.. साली रंडी.. ईईइ.. आह.. मैं आज ही तुम्हारी चूत को चोद कर भोसड़ा बना देता हूँ कुतिया.. साली.. ले मेरे लंड का पानी ले.. हैईईईई मेरा आने वाला है..

ये कहते हुए मैं फ़ुल स्पीड से धक्के मार रहा था, तभी मुझे लगा कि मेरे लंड से कुछ बाहर आ रहा है. मैंने हांफ़ते हुए उसे कस कर पकड़ लिया और जोर जोर से उसकी चूचि चूसने लगा.

उधर दीपा भी मादक आवाजें निकाल रही थी- हायऐई ईईईइ मैं गईईई फिर्र सेययई.. मैं झर्र रहीईईई हूँऊऊ.. ओ मेरी माँआआन.. मेरा रस निकल रहा है.. आह..

ये कहते कहते उसका पूरा बदन एक बार फिर से अकड़ गया और वो भी मेरे साथ साथ झड़ गई.

उसने झड़ते हुए अपने दांत मेरे कंधे में गड़ा दिए और मेरे मुँह से एक चीख निकल गई- साली कुतिया काट लिया..

वो जोर से हंस पड़ी.

मैं काफी देर तक ऐसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा. फिर हम दोनों उठकर बाथरूम में गए तो उसने मुझे बाहर जाने के लिए कहा, पर मैंने मना कर दिया और कहा कि डार्लिंग मैं तो यहीं रहूँगा और तुमको पेशाब करते हुए देखूँगा.

पहले तो वो मना करती रही, लेकिन वो फिर मान गई और मेरे सामने बैठ कर पेशाब करने लगी.

मैं ये तो नहीं जान पाया कि उसका पेशाब, चूत में से कहां से निकल रहा है लेकिन उसको पेशाब करते हुए देख कर अच्छा बहुत लगा.

उसके पेशाब की धार उसकी चूत से काफी मोटी बाहर आ रही थी और सुर्राहट की आवाज में निकलकर ऊपर को उठी हुई काफी दूर पड़ रही थी.

दीपा मेरी तरफ़ देख कर शर्मीली हंसी हंस रही थी.

फिर मैंने पेशाब किया तो उसने भी मुझेय बड़े गौर से देखा. मेरी भी धार काफी मोटी थी और काफी दूर तक जा रही थी.

इसी बीच हम दोनों दोबारा उत्तेजित होने शुरू हो गए और हम लोगों ने एक बार फ़िर से चुदाई की.

हम काफी देर तक यूं ही चिपटे हुए नंगे पड़े रहे और बात करते रहे. मेरा मन तो उसको एक बार फ़िर से चोदने को कर रहा था, लेकिन दीपा ने ही मना कर दिया.

उसने कहा कि ज्यादा चुदाई नहीं करनी चाहिये.. वरना कमजोरी आ जाएगी.

मैंने भी उसकी बात मान ली और हम दोनों अपने अपने कपड़े पहन कर तैयार हो गए.

फ़िर दूसरे किसी मौके की तलाश में रहने लगे ताकि चुदाई का मजा लिया जा सके.

तो दोस्तो, और सखियो, ये था मेरा चुदाई का पहला तज़ुरबा.. मुझे उम्मीद है कि आप सबने बड़े ध्यान से इस चुदाई की कहानी को पढ़ा होगा.. इसलिए अब बारी आपकी है, यानि कि आपकी राय की कि आपको ये Hindi sex stories कहानी कैसी लगी.

Antarvasna

दोस्तों मेरा नाम बिट्टू है Antarvasna और मैं भोपाल में रहता हूं। ये कहानी उस समय की है जब हमारे घर में किराये पर नये किरायेदार आये।

हमारे किरायेदार की बीबी बहुत ही सुन्दर थी, वो पंजाब की रहने वाली थी और जब पंजाब की है तो सुन्दर तो होगी ही। उसका नाम पायल था। उमर होगी करीब २६-२७ साल, रंग एकदम दूध की तरह सफ़ेद। एकदम गोल-२ स्तन थे उसके। उन दिनो मैं बहुत सी व्यस्क पुस्तकें पढ़ता था। इसी वजह से मुझे छोटी सी उमर में की सेक्स का काफ़ी ज्ञान हो गया था। बस हर समय चूत मारने का दिल करता रहता था। और जब पायल आंटी को देख लेता था तो मेरा लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को हो जाता था। पायल को कहने में भी डर लगता था क्योंकि वो तो मुझे कम उम्र समझती थी। इसलिये मुट्ठी मार कर ही काम चलाना पढ़ता था।

मैं तो पायल के स्तन देखने के लिये बेचैन रहता था। जब वो अपने कमरे में झुककर झाड़ू लगाती थी तो मुझे उसके सेक्सी स्तनों के दर्शन हो जाते थे। दोस्तो अभी तक तो मैं उसके चूचे ही देखता था लेकिन एक दिन मेरी किस्मत खुली और मैंने पायल को बिल्कुल नंगा देखा।

हुआ क्या कि मैं अक्सर उसके कमरे में जाता था ताकि मैं उसको देख सकूँ।

एक दिन मम्मी ने मुझे पायल को कुछ देने के लिये भेजा, मैं दरवाजे को बिना खटखटाये ही पायल के कमरे में घुस गया, उस समय पायल अपने कपड़े बदल रही थी और वो बिल्कुल नंगी थी। मैंने जैसे ही उसको देखा तो मेरे सारे शरीर में एक करेंट सा दौड़ गया, वो घबराकर किचन में चली गई और मैं भी कमरे से बाहर आ गया। मेरा दिल जोर-२ से धड़क रहा था क्योंकि ऐसा हसीन नजारा मैंने पहली बार जो देखा था। मुझे थोड़ा खुद पर शरम भी आई कि मैं बिना खटखटाये कमरे में चला गया, लेकिन दिल में एक खुशी भी थी कि चलो इसी बहाने मैंने पायल को नंगा तो देख लिया।

जिस दिन से मैंने पायल आंटी को नंगा देखा, तब से तो उसको चोदने की तम्मना और ज्यादा बढ़ गई। रात को बस वो ही सपनों में आती थी। पायल के पति प्रेस में थे। उनकी एक सप्ताह दिन की ड्यूटी होती थी और एक सप्ताह रात की। जब उनकी रात की ड्यूटी होती थी तो वो मुझे अपने कमरे में सोने के लिये बुला लेती थी, उन्हें अकेले सोने में डर लगता था। वो तो मुझे बच्चा समझकर सोने के लिये बुलाती थी लेकिन उन्हें क्या पता कि मैं रोज़ उनको ही सपनों में देखकर मुट्ठी मारता हूँ। रात को जब वो गहरी नींद में होती थी तो मैं धीरे-२ उनके स्तनों और कूल्हों पे हाथ फेर लेता था। दिल तो करता था कि अभी के अभी चोद दूं लेकिन डरता था कि कहीं ये मेरे घर में न बता दे।

एक दिन मैं उनके साथ कमरे में सो रहा था, पायल साड़ी पहन कर सो रही थी। ब्लाउज़ में से उनके सेक्सी स्तन बाहर आने को हो रहे थे। बूब्स को देखकर मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था, जब मेरे से कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और मुट्ठी मारने लगा तो पायल आंटी नींद खुल गई और बोली- क्या कर रहा है?

मैं डर गया और बोला- मैं तो कुछ नहीं कर रहा !

फिर मैं चुपचाप सो गया। सुबह मेरे से आंटी से नजर नहीं मिलाई जा रही थी, मुझे डर था कि कहीं ये किसी को बता न दे।

अगले दिन वो मेरे से बोली- रात को क्या कर रहा था?

मैं कुछ नही बोला, पायल बोली- मुट्ठी मार रहे थे न?

मैंने कहा- हां !

वो बोली- किसके बारे में सोच रहे थे?

मैंने कहा- आपके बारे में !

पायल ने कहा- अच्छा चल ठीक है, तुझे मुट्ठी मारने की जरूरत नहीं है, तुम मेरे साथ कर लो जो करना है। आज रात को जब तू मेरे साथ सोयेगा तो हम मज़े करेंगे।

मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था कि चलो चूत का जुगाड़ तो हुआ। इन्तजार के पल तो वैसे भी बहुत मुश्किल से कटते हैं, तो सारा दिन मैं रात होने की प्रतीक्षा करता रहा। रात को सोने के लिये उनके कमरे पे गया तो वो भी तैयार बैठी थी। मेरे मन में थोड़ी हिचकिचाहट भी थी क्योंकि एक तो मैंने कभी सेक्स नहीं किया था और दूसरे वो मेरे से उमर में काफ़ी बड़ी थी।

वो बोली- इतना क्यों शरमा रहा है?

फिर मैं बिल्कुल पायल के पास बैठ गया। उनको छूते ही मेरी नस-२ में आग सी लग गई। मेरा लंड एकदम तनकर पैंट फाड़ने को हो गया, आंटी बोली कि तेरे लंड को बहुत जल्दी लगी हुई है चूत में घुसने की?

मैं बोला- हां बेचारे ने कभी चूत का मजा नहीं लिया है ना !

अब मेरी शरम भी खत्म हो गई थी, मैंने पायल के ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया और उनके स्तनों को दबाने लगा, साथ ही उनके रसीले होंठों को अपने होंठों में ले कर चूसने लगा। वो भी बहुत बुरी तरह से मेरे होंठों को चूस रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। काफ़ी देर तक हम एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे।

मैंने उनके ब्लाउज़ के हुक खोल कर उनके बूब्स को आज़ाद कर दिया, पायल के मोटे-२ बूब्स ऐसे लग रहे थे जैसे कश्मीर के सेब हों, उसके एक बूब को मैंने अपने मुँह में लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा, वो सिसकियां ले रही थी। दिल तो कर रहा था कि इसके बूब्स को खा जाऊँ। पायल बोली- अकेले ही चूसते रहोगे कुछ मुझे भी चूस लेने दो !

मैं उनका इशारा समझ गया कि वो मेरे लंड को चूसना चाहती है, मैंने अपनी पैंट खोल दी। पैंट खोलते ही मेरा लंड एक झटके से बाहर आकर ऐसे खड़ा हो गया जैसे कुतुब मीनार।

उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बोली- मैं तुझे बच्चा समझती थी पर तुम्हारा लंड तो तगड़ा है !

वो मेरे लंड को मुँह में लेकर ऐसे चूस रही थी जैसे कि आइस-क्रीम चूस रही हो। मैं अपना लंड उसके मुँह में अंदर बाहर करने लगा, मुझे भी लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था।

लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे बेड पे लेटा लिया और फ़िर से उसके बूब्स को चूसने लगा। बूब्स चूसते-२ मैंने बूब्स पे जोर से काट लिया वो चिल्ला पड़ी, बोली- क्या कर रहे हो इन्हें?

मैंने कहा- तुम्हारे बूब्स हैं ही एकदम कश्मीरी सेब की तरह, दिल तो यही कर रहा है कि इन्हें खा ही जाऊँ !

पायल को मैंने अब सीधा लेटा लिया, उसने अपनी टांगे फ़ैला ली, मैं अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा वो बोली- अब क्यों तड़पा रहे हो लंड को, अब मेरी चूत में डाल भी दो !

मैंने अपना लंड उसकी चूत पे लगा कर एक झटका मारा, मेरा पूरा लंड अब पायल की चूत में घुस गया। मैं धीरे-२ झटके मारने लगा, वो भी नीचे से गांड उठा-२ कर झटके मार रही थी। उसके मुँह से आह्ह ऊह्ह ह्हह की आवाजें आ रही थी। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-२ से झटके मारने लगा। पूरे कमरे में फ़च-२ की आवाज आ रही थी, थोड़ी देर के बाद हम दोनो डिस्चार्ज हो गये और १5 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे। फिर हम दोनो अलग हो गये और दोनों ने अपने कपड़े पहन लिये।

वो बोली- क्यों ! चूत का मजा आया या नहीं?

मैं बोला- हां सच में बहुत मजा आया ! ऐसे लग रहा था जैसे कि मैं स्वर्ग में आ गया हूं। Antarvasna

हैल्लो, सभी आँटियों को मेरा सलाम। Hindi Sex Stories

मेरा नाम अमित है। मैं गुजरात का हूँ। Hindi Sex Stories मेरी यह पहली कहानी है। इसलिए लिखने में अगर कोई ग़लती हो तो मुझे माफ़ करें।

तो चलिए अब कहानी पर आते हैं।

बात आज से १ साल पहले की है, जब हम सभी लोग दर्शन कर के वापस आ रहे थे। हम सभी लोग एक ट्रक में थे। नीचे गद्दे बिछाए हुए थे।

रात हो चुकी थी। बरसात का मौसम होने की वज़ह से ट्रक पूरा ढक दिया गया था। मैं सबसे पीछे लेटा हुआ था।

मेरे सामने मेरी मौसी लेटी हुईं थीं। वहाँ अँधेरा था।

मेरी मौसी बहुत मोटी है और हॉट भी।

वह विधवा है, उनके पति का देहांत १० साल पहले हो चुका था। सभी लोग सो चुके थे।

मैंने सोने के लिए जैसे ही पैर आगे किए तो मेरा पैर मौसी की झाँटों पर जा लगा।

पाँव का स्पर्श वहाँ होते ही मेरे शरीर में बिजली दौड़ गई और मेरा ७ इंच का लंड फटाक से खड़ा हो गया।

अब मैं मौसी को चोदने के बारे में सोचने लगा था।

फिर मैंने अपने पैर को और आगे बढ़ाकर अपने पाँव के अँगूठे से ही उसकी चूत को महसूस किया और दबाया।

मौसी जाग गईं।

मैं डर गया कि वो कहीं डाँटे ना, मैंने जल्दी से अपने पाँव पीछे सिकोड़ लिए।

थोड़ी देर ऐसे ही सोता रहा।

कुछ देर के बाद मैंने फिर से अपने पाँवों को उनकी चूत से लगाया तो उन्होंने कुछ नहीं कहा।

मेरी हिम्मत बढ़ी, और मैंने पाँव के अँगूठे से उनकी चूत को दबाया, उनके मुँह से सिसकारी निकल पड़ी और उन्होंने अपने पाँव और फैला दिए।

अब मैं उनके पास जाकर लेट गया और उनकी चूचियाँ ऊपर से ही दबाने लगा।

थोड़ी देर दबाने के बाद मैंने अपनी एक उँगली उनकी चूत में डाल दीं।

वह आहें भरने लगीं। तभी ट्रक में से कुछ और आवाज़ आई, तो हमने समझा कि शायद कोई और भी जाग गया है, तो मैं तो जल्दी से आँखें बन्द करके सो गया।

हम लोग जल्दी ही घर पहुँच गए।

मैंने सोच लिया था कि उन्हें अब घर में चोदना ही है। दूसरे दिन मौसी अपने घर जाने के लिए सामान बाँध रहीं थीं।

वह हमारे यहाँ से ५० किलोमीटर दूर रहतीं थीं। उन्होंने मेरी माँ को कहा कि अमित को भी साथ ले चलती हूँ। थोड़े दिन मेरे पास रहने दो, तो माँ भी राज़ी हो गईं।

मैं तो खुश हो गया था और जल्दी से अपना सामान भी बाँध लिया और मौसी के साथ चल पड़ा।

मैं आपको बता दूँ कि मौसी की दो बेटियाँ हैं। दोनों की शादी हो चुकी है, इसलिए वह अकेली ही रहतीं हैं। उनका बंगला काफी बड़ा है।

हम लोग उनके घर पहुँचे। मैं जाकर तरोताज़ा होकर बेडरूम मे आ गया और टीवी देखने लगा, मौसी किचन में खाना बनाने लगी।

थोड़ी देर के बाद मौसी की आवाज़ आई कि खाना खा लो।

हमने साथ में खाना खाया।

खाना खत्म होने के बाद मौसी ने कहा कि तुम बेडरूम में जाओ, मैं बर्तन साफ़ करने के बाद आती हूँ।

मौसी जब आईं तो वह कफ़ी सुन्दर लग रहीं थीं। उन्होंने गुलाबी रंग की नाईटी पहनी थी।

आते ही मौसी ने दरवाज़ा बन्द कर लिया और मुझे चूमने लगी।

मैं भी उन्हें चूमने लगा।

चूमते-चूमते हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े भी उतार फेंके।

अब हम दोनों पूरे नंगे थे।

मौसी मेरे लंड को देखकर हैरान थीं – शाही, तेरा तो काफी बड़ा है! तेरे मौसा जी के दो लण्डों के बराबर है।

यह कहकर उन्होंने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगीं।

चूसते-चूसते वह कभी-कभी दाँत भी गड़ा देतीं, वह पागलों की तरह चूसे जा रहीं थीं। मैंने कहा- मौसी, मौसाजी के मरने के बाद क्या तुमने कभी सेक्स नहीं किया है?

“१० साल बाद आज पहली बार मर्द का लंड ले रही हूँ” – उन्होंने बताया।

“१० साल तुमने कैसे चलाया?” – मैंने पूछा।

तो वह उठी और बिस्तर के नीचे से एक कृत्रिम लंड निकाल और कहने लगी, “यही मेरा पति है जो हर रात मुझे शांत करता था।”

अब हम दोनों 69 की मुद्रा में आ गए और एक-दूसरे को चाटने लगे। मौसी की चूत एकदम साफ थी। उसपर एक बाल भी नहीं था।

क़रीब १० मिनट चाटने के बाद मौसी को मैंने सीधा करके मैं उनके ऊपर आ गया और उनकी चूत पर अपना लंड रख कर रगड़ने लगा।

मौसी शशश्सस्सस्सससस… सिसकारियाँ भरने लगीं और कहने लगी, शाही अब रहा नहीं जाता… जल्दी डाल दे और मेरी चूत फाड़ दे।

मैंने अपना लंड मौसी की चूत में पेल दिया, और चोदने लगा।

लगभग ५ मिनट चोदने के बाद वह झड़ गईं।

फिर मैंने उन्हें कुतिया की मुद्रा में आने को कहा और उनकी गाँड दबाने लगा। उन्होंने कहा, “चूत में ही डालो ना!”

मौसी मैं तो गाँड ही मारूँगा” – मैंने कहा।

“ऐसा तो तेरे मौसा ने भी कभी नहीं किया। बहुत दर्द होगा।”

“मौसी मैं आराम से डालूँगा।” – यह कहकर मैंने अपने लंड के सुपाड़े को उनकी गाँड की छेद पर रखकर एक झटका मारा तो मौसी चिल्लाने लगी और कहने लगी, “बाहर निकाल…”

पर मैं कहाँ निकालने वाला था। दर्द की वज़ह से मौसी की आँखों से आँसू आ रहे थे। मैं थोड़ी देर रुक गया और आहिस्ता-आहिस्ता झटके देने लगा।

जब उनका दर्द कम हुआ तो मैंने अपनी गति बढ़ा दी। थोड़ी ही देर बाद मैं झड़ गया और बगल में आकर लेट गया।

उस रात मौसी को मैंने ५ बार चोदा और १५ दिनों तक वहीं रहकर उनकी जमकर चुदाई करता रहा।

कई बार हमने ब्लू-फिल्में देखते हुए भी चुदाई का आनन्द उठाया। फिर मैं घर वापस आ गया।

मगर फिर भी जब भी मौका मिलता है, मैं उनके घर जाकर ज़बर्दस्त चुदाई कर आता हूँ।

तो दोस्तों, आपको मेरी पहली कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताएँ Hindi Sex Stories

Antarvasna

मैंने आप की सारी कहानी पढ़ी है Antarvasna और यह एक अच्छा जरिया है सबको अपना अनुभव कहने का।

मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं और मेरी उम्र ३० साल है। मैं शादी।शुदा हूं और मेरे दो लड़के भी हैं।

मैं बचपन से ही सेक्स का शोकीन हूं। मेरे बड़े भाई मुझे अक्सर कहा करते हैं कि जब मैं छोटा था १ साल का, तब से लड़कियां मुझसे ज्यादा ही इंटरेक्ट करती थी। मुझे तो वो सब याद नही है लेकिन शादी से पहले मैंने ६४ लड़कियों से प्यार किया है ३६ लड़कियो से सेक्स किया है।

लेकिन अभी ६ महीने पहले की एक कहानी बताता हूं !

मैंने एक इंग्लिश क्लास किया था। उसमें एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गई। मैंने उसे बताया कि मैं शादीशुदा हूं तो उसे मेरी उस बात से कोई एतराज नही था।हम लोगों के बीच इस रिश्ते को ३-४ दिन ही हुए थे, मैंने उसे होटल में ले जाने के लिए कहा तो वो पहले मना करने लगी फ़िर वो मान गई।

हम लोग हमारे पास के होटल में गए। मैंने जाते ही उसे पकड़ के किस कर ली और उसके बूब्श को मसलने लगा।

उसने शलवार कमीज पहना था। वो भी मुझ से चिपक गई। मैंने उसके कमीज़ की पीछे से चेन खोल दी और उसका कमीज़ ऊपर से निकाल दिया। उसने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी। मैंने उसे बेड पर लिटा दिया। वो अपने बुब्श को अपने दोनों हाथो से छुपाने की नाकामयाब कोशिश कर रही थी। मैंने उस पर लेट के उसको होटों पे किस करना चालू किया। फ़िर मैंने धीरे से उस की ब्रा खोल दी। उसके बूब्स जैसे बाहर आने के लिए कब से बेचैन थे। उसको छूके मुझे एसा लगा कि आज तक किसी का भी हाथ उस पे नही पड़ा था। उसकी निपल को मुंह में लेके मैं चूसने लगा, जैसे उसको कुछ होने लगा।

वो मस्त हो के उछलने लगी। मैंने उसकी निपल को अपने दोनों दांतो के बीच दबा के जोर से चूसना चालू कर दिया और दूसरे हाथ से उसके दूसरे स्तन को जोर से दबाने लगा।

वो मेरे कपड़े निकालने लगी और मेरे लण्ड को पकड़ लिया। वो हाथ में लेते ही बोली- ये तो बहुत बड़ा है मैं तो मर ही जाऊंगी, आप इसे अंदर मत डालना।

मैंने कहा- ठीक है। बोल के उसका पायजामा भी निकालने लगा।

उसने कहा- ये क्या कर रहे हो?

अब मैंने कहा- मैं सिर्फ़ इसे देखना चाहता हूं और इस से खेलना चाहता हूं। उसकी पेंटी निकाली तो वो पूरी तरह भीग चुकी थी। मैंने उसमें हाथ घुमाना चालू किया वो अपने आप से बाहर हो गई थी। मैंने उसकी चूत पे अपना मुंह रख के उसमें अपनी जीभ रख दी तो वो मचल उठी और चिल्ला पड़ी- मर गई मेरे राजा।

मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रख दिया और उसे कहा कि इसे मुंह में ले।

उसने पहले मना किया फ़िर वो अपने आप ही जैसे लोलीपोप चूस रही हो ऐसे चूसने लगी।

उसकी चूत से रस बाहर आने लगा। वो जैसे होश ही खो बैठी थी। मैंने मौका देखते ही अपना लण्ड उसके मुंह से निकाल के उसकी चूत के आगे रगडा और फ़िर मैंने धीरे से उसकी कलीशी चूत में अपने लण्ड का टोप धीरे से अन्दर रखा और जोर से धक्का दिया तो मेरा लण्ड आधा चला गया और वो चिल्ला के बोली- मारोगे ! मुझे तो मार ही डाला ! मेरी चूत को चीर डाला! निकाल दो प्लीज़ ! आप छोड़ दो भगवान के लिए।

मैं दूसरा धक्का मारने का छोड़ उसके सर को सहलाने लगा और उसे किस करने लगा और दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसलने लगा। वो तो बहुत ही रो रही थी और तड़प रही थी, जैसे कि बिना पानी की मछली तड़पती है। मैंने थोड़ा सही मौका देखा और मेरा पूरा जोर लगा के पूरा ही अंदर डाल दिया। वो चिल्ला उठी- मर गई माँ !

फ़िर उसका दर्द कम ही होते ही वो मुझे सुपोर्ट करने लगी और मैंने भी धीमे धीमे आगे पीछे होना शुरु कर दिया। फिर तो उसे भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी। ऐसे तो बहुतों को चोदा है सबको मुझसे संतुष्टी मिली है, लेकिन ये तो बहुत ही खुश हो के दे रही थी। वो दो बार अपना पानी निकाल चुकी थी। वो बोली- आपका कब होगा मेरे राजा! सब कुछ आज ही खत्म करोगे मेरा थोडा तो कुछ रहने दो। बस क्या कहना था हमने हमारे मशीन की स्पीड बढा दी और हमारा भी पानी उसकी चूत में निकल दिया और वो बहुत खुश हो गई।

फ़िर तो वो ५ दिन में एक बार मुझसे चुदवाने लगी। आज भी जब उसका मन होता है तो हम मिलते है और काम करके अलग होते हैं।

हा सच बताएं हमें सेक्स बहुत ही पसन्द है और नए नए तरकीब से करना अच्छा लगता है और हां कोई घरेलू मिल जाए तो क्या कहना

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Antarvasna

हैलो फ्रेंड्स. मैं राहुल जयपुर से हूँ. मैं देखने में बहुत ही आकर्षक लड़का हूँ. मैं आपको एक Antarvasna कहानी सुनाने जा रहा हूँ. मेरा एक दोस्त था राहुल. राहुल और मैं साथ साथ पढ़े लिखे, मगर राहुल की शादी मुझसे पहले हो गई. राहुल एक पायलट था.. उसकी शादी शिमला की विनीता नाम की लड़की से हुई थी. वो जब भी बाहर जाता, हमेशा मुझसे कह कर जाता कि विनीता का ख्याल रखना, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

समय बीतता गया राहुल की बीवी विनीता एक बच्ची की माँ बन गई. मैं उनका बड़ा सम्मान करता था.

एक दिन मैं भाभी के घर गया, दरवाजा बंद था.. मैंने बेल बजाई मगर कुछ देर तक कोई नहीं आया. कुछ देर बाद राहुल की 3 साल की बेटी ने दरवाजा खोला. मैंने उससे पूछा कि मम्मी कहां हैं?
तो वो बोली- मम्मी अपने रूम में काम कर रही हैं.

मैं रूम की तरफ़ गया, मुझे वहां कोई नहीं दिखाई दिया, मैं वापस आ रहा था कि इतने में मुझे बाथरूम से कुछ आवाज़ ‘आआह.. ऊऊऊम्म..’ आती सुनाई दी. मुझे आवाज़ कुछ अजीब सी लगी और मैं बाहर चला आया.

कुछ देर बाद भाभी बाथरूम से बाहर निकलीं, बिना कपड़ों के पूरी नंगी.. उनको नंगा देख कर मेरा लंड जो कि 8 इंच का है, एकदम से खड़ा हो गया. भाभी ने मुझे देखा तो वो जल्दी से बाथरूम की तरफ़ वापस भाग गईं और तौलिया लपेट कर बाहर आईं. मुझे काफी डर लग रहा था कि भाभी मुझ पर चिल्लाएगीं.

मगर भाभी मेरे पास आईं और मुझसे कहने लगीं- अरे राहुल तुम कब आए?
मैं उनकी बातें समझ नहीं पा रहा था. मैंने भाभी से कहा- मैं चलता हूँ.. बाद में वापस आऊंगा.
वे हंस दीं.
मैं शर्मा गया और मैं वहां से निकल कर अपने घर पहुँचा, मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था.

अब मुझे हमेशा ही दिन रात भाभी का वो नंगा बदन याद आ रहा था. बार बार मेरा लंड खड़ा हुआ जा रहा था. मैंने उसे बुरा सपना समझकर भूलने की काफी कोशिश की, मगर भूल नहीं पा रहा था.

फिर एक दिन अचनक भाभी का मेरे सेल पे कॉल आया और उन्होंने मुझे घर आने को कहा. मुझे लगा कि शायद भाभी को कोई काम होगा इसलिये बुलाया होगा.

मैं उनके घर पहुँचा. मैंने दरवाजे की घंटी बजाई. कुछ देर बाद भाभी ने गेट खोला और मुझे अन्दर आने को कहा.
मैंने अन्दर आते हुए भाभी से पूछा कि स्वीटी कहां है?
तो वो बोलीं- अपनी सहेली के घर गई है.
मैं कुछ नहीं बोला.

उन्होंने मुझे अपने रूम में आने को कहा और मैं उनके पीछे चला गया.
मैंने वहां एक 18 साल की लड़की को बैठे देखा. मैंने भाभी से पूछा कि ये कौन हैं?
तो भाभी बोलीं- ये मेरे मामा की लड़की है, कल ही शिमला से आई है.

भाभी ने उसका परिचय दिया, उसका नाम रानी था.
मैंने भाभी से पूछा कि भाभी कुछ काम था, जो आपने मुझे याद किया?
तो भाभी बोलीं- क्या जब कोई काम होगा, तभी बुला सकती हूँ क्या?

मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि भाभी मुझसे क्या चाहती हैं.
भाभी बोलीं- तुम दोनों बातें करो मुझे जरा काम है मैं अभी आती हूँ.
भाभी हम दोनों को अकेला छोड़ कर चली गईं.

फिर मैं रानी से बातें करने लगा और धीरे धीरे वो मेरे करीब आने लगी. मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि मेरे इतना करीब क्यों आ रही है. अभी मैं कुछ समझ पाता कि उसने मेरे लंड पे हाथ रख दिया. मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं बेकाबू हो गया, मैंने भी उसे पकड़ लिया और उसके होंठों पे किस करने लगा. मुझे कुछ ख्याल नहीं था कि मैं कहां और किस के घर में हूँ.

मुझमें और जोश आने लगा मैंने उसके मम्मों को, जो अभी काफी छोटे और नरम थे, जोर जोर से दबाने लगा.
वो मुझसे कहने लगी- आह.. धीरे करो राहुल.. दर्द हो रहा है.
लेकिन मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मेरा लंड बहुत तड़फ रहा था.

मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए और जल्द ही उसके सारे कपड़े उतार दिए. उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए, बस अंडरवियर उतरना बाकी रह गया था.

रानी में भी काफी जोश आ चुका था, वो कहने लगी- तुम अपना हथियार दिखाओ राहुल प्लीज़ शो मी..
ये कहते हुए उसने मेरा अंडरवियर फ़ाड़ दिया और लंड पकड़ लिया.
मेरा मोटा लंड देख कर वो कहने लगी- जल्दी डालो राहुल.. जल्दी करो.

मुझसे भी रहा नहीं जा रहा, मैंने उसको धक्का देकर बिस्तर पर चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. मैंने उसकी टांगें फैलाईं और उसकी छोटी सी चुत में अपना लंड एकदम से पेल दिया. वो जोर से चिल्लाई- आह.. मर गई.. राहुल आआआह आअह्हह्ह ह्हह्हह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… बाहर निकालो.

उसकी चीख सुनकर इतने में भाभी कमरे में आ गईं और उन्होंने हम दोनों को नंगा देखा तो उनमें भी जोश आ गया और वो भी जल्दी से अपने कपड़े उतारने लगीं. मैं रानी के ऊपर से हट गया. मुझे लगा था कि शायद भाभी घर से बाहर कहीं चली गई होंगी.

मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि ये क्या हो रहा है.

फिर उन्होंने मुझे अपने बिस्तर पर धकेल दिया और मेरे ऊपर रानी को चढ़ा दिया. भाभी कहने लगीं- अपना पूरा लंड इसकी चुत में डालो.
मैंने अपना लंड उसकी चुत में डाला. वो फिर से जोर से चिल्लाई- आआ आआआ.. ह्ह ह्ह.. राहुल धीरे..

मुझसे अब नहीं रहा जा रहा था, मैंने पूरा लंड घुसेड़ा और जोर जोर से शॉट मारना शुरू कर दिए.
वो चिल्लाने लगी- आआआअ.. ह्हह.. जी.त्ततू.. ऊउ…रे..

मैं और जोर जोर से शॉट मारने लगा. दस मिनट तक शॉट लगाने के बाद मेरा माल निकल गया और उसकी चुत में से खून निकलने लगा.
खून देख कर वो डर गई, मगर भाभी ने कहा- कुछ नहीं होता, पहली बार ऐसा होता ही है.

उसके बाद मैं अपने कपड़े पहन ही रहा था कि भाभी मुझसे कहने लगीं- नहीं राहुल रुको.. अभी मैं बाक़ी हूँ.

मैं उस दिन काफी जोश में था, सो भाभी के लिए भी तैयार हो गया. अब भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई थीं और मैं उनके होंठों पे किस कर रहा था. मुझमें वापस काफी जोश आ रहा था. वो मेरे लंड को चूसने लगीं.
मेरे मुँह से ‘आआआ.. ह्हह्ह.. ओ.. हज.. ह्हह्ह प.. प्पप्प.. स्सस्स.. ह्हह..’ की कामुक आवाजें निकलने लगीं.

मुझे काफी मजा आ रहा था, उन्होंने लंड चूस कर मुझमें और जोश ला दिया, फिर मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझसे भी रहा नहीं गया, मैंने भाभी की चुत में लंड डाल दिया.
वो कहने लगीं- राहुल तुममें काफी जोश है मेरी प्यास बुझा दो.

मेरे दिलो दिमाग पर भाभी छा रही थीं. मैं भी बेकाबू हो गया था. मैं भाभी की चूत में शॉट मारने लगा.
भाभी कहने लगीं- आआअ.. न.. इ.. स.. ए.. राहुल.. मजा आ गया..

मैं और जोर जोर से शॉट मारने लगा. हम दोनों को काफी मजा आ रहा था.
वो चिल्ला रही थीं- कम ऑन राहुल.. कम ऑन राहुल..
मैं पूरे जोश से शॉट मार रहा था लेकिन इस बार मेरा माल बाहर नहीं आ रहा था. मैं और जोर जोर से शॉट देने लगा.
भाभी ‘आआआआआ.. ओह.. ह्हह्हहह.. यू आर अ नाइस फकर राहुल..

कुछ देर में भाभी झड़ गईं लेकिन मैं दनादन चुदाई करता रहा. बीस मिनट तक शॉट लगाने के बाद मेरा माल निकल गया. फिर कुछ देर के लिये मैं उनसे लिपट गया.

उसके बाद मैंने कपड़े पहने और भाभी से कहा- मैं अब घर जा रहा हूँ.
भाभी कहने लगीं- राहुल, मुझे चोदने आते रहना.

इसके बाद हम दोनों का चुदाई का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा.

लेकिन आखिरकार राहुल दिल्ली शिफ्ट हो गया और हम दोनों जुदा हो गए. मुझे आज भी भाभी की याद सताती रहती है और साथ साथ रानी की कमसिन चूत भी याद आती है, जो शिमला वापस चली गई थी.

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