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ढमय
प्रेषिका : पूजा राय Indian Sex Stories

आज मैं एक असली कहानी सुनाने जा Indian Sex Stories रहा हूँ। यह घटना मेरे साथ १ साल पहले घटी थी जब मेरी उमर २१ साल थी। दरअसल बात मेरे भइया की शादी से शुरू होती है जो कि जबलपुर में थी। वैसे तो मैं भोपाल शहर का रहने वाला हूँ। पर अपने भाई की शादी होने की वजह से मैं जबलपुर गया था जहाँ हमारे सारे रिश्तेदार आए थे। जिनमें से एक थी किरण चाची। वैसे तो वो मेरी दूर की रिश्तेदार थी पर उनके साथ मैं घुल मिल गया था।

वो दिल्ली की रहने वाली थी, पर उनके पति का देहांत कई सालों पहले हो हो चुका था। किरण चाची की उमर करीब ३०-३२ साल है । पर देखने में वो बला सी खूबसूरत हैं। उनका जिस्म देख के सारे शरीर मैं कंपकपी होने लगती है। उनका फिगर ३६-२४-३६ है। और वो हमेशा थोड़ा पतले कपड़े का बलाउज़ पहनती हैं जिसमें से उनकी ब्रा साफ़ साफ़ दिखती थी।

शादी को अभी २ दिन बाकी थे और घर में भीड़ होने की वजह से कुछ लोगों ने तय किया कि वो छत पे सोयेंगे। उन लोगों में से मैं भी एक था। छत पे हम सिर्फ़ ६ लोग सो रहे थे। जब रात के २ बजे मेरी नींद खुली और मैं दूसरी तरफ़ पेशाब करने गया तो मैंने पाया कि वहां पलंग पे कोई औरत सोई हुई थी जिसका पेटीकोट उसके घुटने के ऊपर तक आ गया था। उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं ख़ुद को उस औरत के पास जाने से रोक नहीं सका। जब मैं उसके नजदीक पहुँचा तो पाया कि वो कोई और नहीं बल्कि किरण चाची थी। उनको देखते ही मेरा लंड मेरे पायजामे में से बाहर आने लगा था। मैंने फैसला कर लिया था कि आज तो मैं इनके बदन को छू के ही रहूँगा।

मैं सबको देख कर आया कि कहीं कोई उठा तो नहीं है। पर सब गहरी नींद में सो रहे थे। शायद किरण चाची भी गहरी नींद में सो रही थी तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं उनके पलंग के बाजू में जाकर बैठ गया और धीरे धीरे उनके पेटीकोट को ऊपर की तरफ़ सरकाने लगा। थोड़ी ही देर में उनका पेटीकोट बिल्कुल ऊपर तक आ चुका था। शायद वोह चड्डी नही पहनती थीं, जिस कारण उनकी चूत मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी जिस पर हलके से बाल थे।

उनकी चूत देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनकी जांघ पे धीरे धीरे हाथ फेरना शुरू कर दिया और उनके जिस्म के भी रोंगटे खड़े हो गए थे, थोड़ी ही देर में उन्होंने करवट ले ली और अब उनकी चूत के दर्शन मुझको साफ़ तरीके से होने लगे थे। तो मैंने भी देर ना करते हुए उनके गड्ढे में अपनी एक ऊँगली डालना शुरू कर दी पर उनकी चूत बहुत ही टाईट थी जिस वजह से मैं और पागल हो चुका था और थोड़ी देर में मैंने एक ऊँगली से दो उँगलियाँ उनकी चूत में अन्दर बाहर करना शुरू कर दी।

मैं इतना जोश मैं आ चुका था कि मैं चाची के ऊपर चढ़ गया और उनकी चूची को दबाने लगा ऊपर से ही। पर तब तक वो जाग चुकी थी। उनकी आँख खुली देखकर मैं एकदम डर सा गया, चाची ने मुझे एक चांटा लगाया और फ़िर रोने लगी और मुझसे चिपक गई, मुझे भी एक दम से कुछ समझ नहीं आया था पर उनके बदन की गर्मी से मैं पागल हो गया और उनके होंठो को मैंने चूमना शुरू कर दिया। धीरे धीरे उनके दूध दबाने लगा और वो भी मेरा बराबरी से साथ देने लगी जिससे हमारे बीच सेक्स का मज़ा दोगुना हो गया।

अब मैंने पेटीकोट को हटा दिया और उनकी चूत पर अपना मुँह रख दिया जिससे चाची परेशान हो गई और चुदने के लिए अपनी चू्त को उछालने लगी। मैं खीर को धीरे धीरे खाना चाहता था, इस वजह से मैंने उनके छेद में अपनी जीभ डाल के अन्दर बाहर करना शुरू कर दी और उनके झड़ने का इंतज़ार करने लगा।

जैसे ही चाची झड़ने वाली थी मैंने सब कुछ एकदम से रोक दिया जिस वजह से चाची झड़ नहीं पाई और वो और भी ज्यादा गरम हो गई और मुझसे कहने लगी कि आज तक इतना सुखद अनुभव उसको कभी नहीं हुआ, उसके पति के जाने के बाद से वो प्यासी थी, आज मैं उसकी प्यास बुझाऊं।

मैंने भी देरी ना करते हुए अपने ९ इंच का लंड चाची के हाथ में दे दिया और चाची ने भी बुद्धिमानी दिखाते हुए मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया और जब मेरी झड़ने की बारी आई तो चाची ने सब रोक दिया जैसा कि मैंने उनके साथ किया था।

अब बारी थी असली मज़ा करने की। मैंने चाची के छेद के ऊपर अपना सु्पाड़ा रखा और थोड़ा सा धक्का लगाया और कुछ ही देर में मेरा लंड उनकी चूत में समां चुका था फ़िर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अन्दर बाहर करने लगा। फ़िर थोड़ी देर के लिए चाची मेरे ऊपर आई और अपने दूध मेरे मुँह के सामने रख दिए तो मैंने भी उसकी चुचियों को अपने दांतों में रख के धीरे धीरे दबाना शुरू कर दिया और अन्दर से उस पे जीभ फेरना भी शुरू कर दिया।

चाची अब पागलों की तरह मेरे पूरे बदन पे हाथ फेरने लगी थी और फ़िर बारी आई चाची को निढाल करने की। तो अब मैंने चाची को अपने ऊपर चढ़ाया और धीरे धीरे उसे ऊपर नीचे होने के लिए कहा। और चाची भी एक्सपर्ट थी जैसा कहा बिल्कुल वैसा ही करती रही और कुछ ही देर में हम दोनों साथ झड़ गए और एक दूसरे की बाहों में करीब ३० मिनट तक लिपटे रहे और मेरा पूरा वीर्य चाची की चूत में ही था। अब सुबह होने को थी तो मैं अपने बिस्तर पे चला गया।

उसके बाद मुझको चाची के साथ सेक्स करने का मौका नहीं मिल पाया। पर हमारी बात होती रहती है और वो मेरे साथ और सेक्स करना चाहती हैं।

अब मैं जून मैं दिल्ली जाऊंगा तब चाची को अपना और करिश्मा दिखाऊंगा। Indian Sex Stories

प्रेषक : दीपक Sex Stories

हेलो दोस्तों मेरा नाम दीपक है Sex Stories और मैं रीवा का रहने वाला हूं। मैं आप सभी को एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूं जिसे सुनते ही नौजवान लडकों को मुठ मारना पड़ सकता है और यदि शादीशुदा हैं तो अपनी पत्नी की चूत भी फाड़ सकते हैं, कुंआरी लडकियों को अपनी चूत में बैंगन या लौकी डालकर अपनी चूत ठण्डी करनी पड़ेगी और जो शादीशुदा हैं उन्हें अपने पति से चुदना पड़ेगा।

अब मेरी कहानी इस प्रकार से है :

किसी शहर में एक करोड़पति सेठ रहता था। चूंकि वो काफी रईस था तो उसने शादियाँ भी चार की थी। उस सेठ की उम्र करीब ५५-६० रही होगी। अब आप सोच सकते हैं कि इस उम्र के आदमियों का लण्ड क्या खड़ा होता होगा। उसके घर में हर काम के लिये अलग-अलग नौकर लगे हुए थे। उसकी तीन पत्नियां का तो ठीक-ठाक था क्योंकि उन्होंने सेठ से भरपूर मजा लिया था पर चौथी पत्नी की हालत खराब थी क्योंकि उसकी उम्र २५-२७ रही होगी और इस उम्र में उसे किसी भी प्रकार का मजा नहीं मिल पा रहा था। आखिर उसने तंग आकर ऐसा फैसला किया कि आप सबके होश उड़ जाएंगे।

उसका नाम मल्लिका था, उसकी एक नौकरानी थी जिसका नाम पायल था।

अपनी जवानी से तंग आकर एक दिन मल्लिका ने पायल से कहा- अब नहीं रहा जाता ! मैं तो अब नौकरों से अपनी चूत चुदवाकर अपनी जवानी की प्यास को ठण्डी करूँगी !

पायल चौंक गई यह सुनकर !

वो बोली- आप किससे चुदवाएंगी ?

मल्लिका ने कहा- तू मेरा साथ दे तो हम दोनों को भरपूर मजा मिल सकता है !

पायल भी एक नंबर की चुदक्कड़ थी और सेठ से तो कई बार चुदवा चुकी थी। वो तुरंत तैयार हो गई। फिर मल्लिका ने राका और शेरा नाम के नौकरों को चुना और पायल से उन दोनों को बुलवाया। पायल उन दोनों नौकरों को बुलाकर मल्लिका के पास ले आई। वे दोनों नौकर काफी गरीब थे और सेठ के यहां दो वक्त की रोटी के लिये जी-तोड़ मेहनत करते थे। वे दोनों मल्लिका के सामने किसी मुजरिम की तरह खड़े हो गये।

मल्लिका ने उन दोनों को ऊपर से नीचे तक गौर से देखा और पायल से कहा- वाह क्या हट्‌टे कट्‌टे हैं ये दोनों !

फिर उसने नौकरों से कहा- तुम दोनों को मेरा एक काम करना होगा !

नौकरों ने डरते-डरते पूछा- क्या काम है मालकिन ?

मल्लिका ने कहा- तुम्हें हमारी चूत को चोद कर फाड़ना पड़ेगा।

उन दोनों नौकरों के तो होश ही उड़ गए। दोनों की जबान से आवाज नहीं निकल रही थी। फिर उन दोनों ने हिम्मत करके पूछा- आप हमारी परीक्षा क्यों ले रहीं हैं मालकिन ?

तो मल्लिका ने गुस्सा होकर कहा- मादरचोदो ! अगर नौकरी करनी है तो हमारा यह काम करना पड़ेगा, नहीं तो जाओ तुम्हारी आज से छुट्‌टी।

अब उन दोनों के आगे कोई दूसरा चारा नहीं था। तो उन दोनों ने मल्लिका से पूछा- हमें करना क्या है?

तब मल्लिका ने पायल से कहा- दरवाजा बंद कर दे !

पायल ने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया।

फ़िर मल्लिका ने कहा- अब तुम दोनों अपने अपने कपड़े उतार कर मेरे पास आओ।

उन्होंने ऐसा ही किया और एकदम नंगे होकर मल्लिका के सामने खड़े हो गए। मल्लिका ने उन दोनों का लंड देखा तो उसकी बांछें खिल गई। उसने जल्दी से राका का लंड अपने हाथ में लिया और मुठ मारने लगी। शेरा के लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

कुछ देर लंड चूसने के बाद वो बिस्तर पर चित्त लेट गई और उन दोनों को भी बिस्तर पर आने का न्यौता दिया। दोनों बिस्तर पर लेट गए। पायल भी नंगी होकर अपनी चूत में उंगली डालकर मजे ले रही थी।

फिर मल्लिका ने दोनों से कहा- मेरी एक-एक चूची दोनों बांट लो और उसे मसल डालो, चाट डालो, चूस डालो।

दोनों ने ऐसा ही किया। करीब १० मिनट चूची की चुसाई के बाद मल्लिका ने कहा- राका ! मेरी सलवार उतारो !

राका ने सलवार का नाड़ा खोलकर उसे नीचे खिसकाया। आधा खिसकते ही मल्लिका ने उसे रोक दिया और कहा- अभी इतना ही ! बाकी कुछ देर के बाद !

फिर से राका ने मल्लिका की चूची चूसना शुरू कर दिया।

मल्लिका ने पायल से कहा- क्या अपनी चूत को उंगली से चोद रही है ! इधर आ और मेरी चूत को चाट !

पायल दौड़कर आई और मल्लिका की चूत को चाटने लगी। कुछ देर के बाद मल्लिका ने उसे रोक दिया और कहा- पूरा माल तू ही चाट लेगी तो ये दोनो बेचारे क्या मुठ मार कर रहेंगे? तू हट और इन दोनों को चाटने दे।

फिर राका को इशारे से मल्लिका ने चूत चाटने को कहा। राका जल्दी से चूत चाटने के लिये नीचे खिसक गया। उसकी तो आज जिंदगी बन गई। मल्लिका जैसी औरत की चूत जो रसगुल्ले की तरह थी उसे वो चाटने लगा। मल्लिका मदहोश होने लगी। फिर उसने शेरा को भी मौका दिया। वो भी जल्दी से नीचे गया और चूत चाटने लगा। मल्लिका की चूत से नमकीन पानी गिरने लगा जो शेरा गटगटा कर पी गया। इधर पायल मल्लिका की चूची को चूसती जा रही थी। कुछ देर के बाद मल्लिका ने कहा- बस, अब मेरी सलवार पूरी उतारो।

दोनों ने ऐसा ही किया- उसे पूरी तरह से नंगी कर दिया।

फिर मल्लिका ने कहा- शेरा अब तुम मेरी चूत को चोद कर उसका भरता बना दो !

शेरा ने आव देखा न ताव, अपना लंड मल्लिका की चूत के दीवाल पर लगाकर ऐसा धक्का मारा कि पूरा का पूरा लंड एक ही बार में मल्लिका की चूत को ककड़ी की तरह चीरता हुआ समा गया। मल्लिका का बदन ऐंठने लगा। फिर तुरंत राका मल्लिका की एक चूची और पायल भी एक चूची चूसने लगी, जिससे उसे कुछ राहत मिली।

मल्लिका थोड़ी देर के बाद जोश में आ गई और नीचे से चूतड़ उछालने लगी। शेरा ने भी अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और मल्लिका की चूत में ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा। कुछ देर के बाद मल्लिका ने शेरा को नीचे आने के लिये कहा और शेरा नीचे चित्त लेट गया।

फिर मल्लिका शेरा के ऊपर चढ़ गई और उसके लंड को अपनी चूत में डाल लिया और खुद धक्के मारने लगी।

फिर थोड़ी देर में उसने राका को कहा- तुम पीछे से मेरी गांड में अपना लंड डालो।

राका के लंड में पायल ने खूब तेल लगा दिया और फिर राका ने मल्लिका की गांड की छेद में लंड को रखकर एक करारा धक्का मारा। मल्लिका के मुंह से चीख निकल गई लेकिन थोड़ी ही देर में सब शांत हो गया और उन दोनों ने धक्कों की रफ़्तार बढा दी।

करीब २० मिनट के बाद मल्लिका ऐंठने लगी और चिल्लाने लगी- चोदो मुझे ! फाड़ दो मेरी गांड और चूत ! मैं तुम दोनों को मालामाल कर दूंगी ! चोदो मादरचोदो ! चोदो मुझे ! आ .. .. … …. ….. हा …………. और ………… तेज चोदो।

फिर कुछ ही देर में वो झड़ गई लेकिन राका और शेरा उसे चोदते रहे और वो चुदवाती रही। कुछ देर के बाद उन दोनों ने भी अपना अपना माल उसकी चूत और गांड में उड़ेल दिया। फिर उस रात बारी बारी से कई बार उन दोनों ने मल्लिका और पायल को चोदा।

आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें ! Sex Stories

Sex Stories

दोस्तो! मैं मोहित आगरा से। एक सच्ची कहानी Sex Stories बताने जा रहा हूं।

10 साल पहले जब मैं 19 साल का था, मेरे दूर के रिश्ते में चाचा चाची बरेली में रहते थे।

एक दिन पता चला कि वो हमेशा के लिये आगरा में आ गये हैं।
मैं और घर के सभी लोग उनसे मिलने गये।

लगभग 1 साल पहले उनकी लव मैरिज हुई थी पर कोइ बच्चा नहीं हुआ।
चाची की उमर 30 साल होगी।

मैंने चाची को देखा तो देखता ही रह गया।
लम्बी, गोरी चिटटी चाची का भरा बदन, चौड़ी कमर, बाहर निकले उत्तेजक हिप्स और ब्लाउज से बाहर झांकते बड़े-बड़े स्तन मेरे मन में हलचल मचाने लगे।

मेरे मन में उनको नंगी देखने और चोदने का ख्याल आने लगा।

मेरे चाचा अपना व्यापार करने की सोच रहे थे।

मैं अक्सर उनके घर आया जाया करता था। मैं चाची से खूब घुल मिल गया था और वो भी मेरा काफ़ी ख्याल रखती थी।

एक दिन चाचा को बाहर जाना था तो चाची बोली कि उन्हें रात को अकेले में डर लगेगा।
चाचा ने मेरी मां से बात की तो मां ने मुझे कहा- तुम रात को चाची के पास सो जाया करो।

मैं रात को 9 बजे चाची के पास पहुंच गया।

चाची बोली- मोहित, तुम्हारे लिए अलग बिस्तर लगायें या तुम मेरे साथ ही सो जाओगे?
मैंने कहा- जैसा आप ठीक समझें। मैं तो कहीं भी सो जाऊंगा।
चाची बोली- तो तुम इसी बिस्तर पर सो जाना।

फ़िर चाची अपने काम में लग गयी।

रात को 10 बजे चाची कमरे में आयी और साड़ी उतारते हुए बोली- मोहित, तुम अखबार पढ रहे हो, मैं सो रही हूं, जब तुम्हें नीन्द आये तुम सो जाना।

थोड़ी देर में मैंने लाईट बंद की और लेट गया।
मुझे नींद नहीं आ रही थी।

काफ़ी देर बाद चाची उठकर लाईट जला कर बाथरूम गयी और वापिस आकर लेट गयी।

मैं जाग रहा था लेकिन आंखें बंद करके लेटा था।

कुछ देर बाद चाची बोली- मोहित तुम सो रहे हो?
मैंने अचानक जगने का बहाना किया और बोला- क्या हुआ चाची?

चाची एकदम मुझ से लिपट गयी और बोली मुझे डर लग रहा है।
मैंने कहा- डर कैसा?

पर मुझे करंट सा लगा जब उनके बूब्स मेरी छती से छुये।
उनकी एक टांग मेरे ऊपर थी।
मैंने भी उनकी टांग पर एक पैर रख दिया और उनकी पीठ पर हाथ रखते हुए कहा- सो जाओ चाची।

चाची धीरे धीरे मेरी बांहों में सिमटती जा रही थी और मुझे मजा आ रहा था।

धीरे से मैंने उनके हिप्स पर हाथ रखा और धीरे धीरे सहलाने लगा।
चाची को मजा आ रहा था।

फ़िर चाची सीधी लेट गयी और मेरा हाथ अपने पेट पर रखते हुए कहा- तुम मुझ से चिपट कर सोना, मुझे डर लग रहा है।
अब मैं भी उनसे चिपट गया और उनके बूब्स पर सिर रख लिया।

मेरा लन्ड खड़ा हो चुका था।
मैं धीरे धीरे उनका पेट औए फ़िर जांघ सहलाने लगा।

तभी चाची ने अपने ब्लाउज के कुछ हुक खोल दिये यह कह कर कि बहुत गर्मी लग रही है।
अब उनके निप्पल साफ़ नज़र आ रहे थे।

मैंने बूब्स पर हाथ रख लिया और सहलाने लगा।
अब मेरी हिम्मत बढ चुकी थी। मैंने उनके बूब्स को ब्लाऊज से निकाल कर मुंह मे ले लिया और दोनो हाथों से पकड़ कर मसलते हुए उनका पेटीकोट अपने पैर से ऊपर करना शुरु कर दिया।

वह बोली- क्या कर रहे हो?
मैंने जोश में कहा- चाची आज मत रोको मुझे!

उनकी गोरी गोरी जांघों को देख कर मैं एक दम जोश मे आ चुका था। उनकी चूत नशीली लग रही थी।

मैंने उनकी चूत को चाटना शुरु कर दिया।
मैं पागल हो चुका था।

मैंने अपने पैर चाची के सिर की तरफ़ कर लिये थे।

चाची ने भी मेरी नेकर को नीचे कर लिया और मेरा लन्ड निकाल कर चूसने लगी।
वह मुझे भरपूर मजा दे रही रही थी।

कुछ देर बाद चाची मेरे ऊपर आ गयी और मैं नीचे से चूत चाटने के साथ साथ उनके गोरे और बड़े बड़े हिप्स सहलाने लगा।
चाची की चूत पानी छोड़ गयी।

अब मैं और नहीं रह सकता था, मैं उठा और चाची को लिटा कर, उनकी टांगें चौड़ी करके चूत में लन्ड डाल दिया और चाची कराहने लगी।

मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा।

चाची ने मुझे कस के पकड़ लिया और कहने लगी- मोहित एसे ही करो, बहुत मजा आ रहा है, आज मैं तुम्हारी हो गयी, अब मुझे रोज़ तुम्हारा लन्ड अपनी चूत में चाहिये. एएऊउ स्स स्सी स्स्स आह्ह्ह ह्म्म आय हां हां च्च उई म्म मा।

कुछ देर बाद मेरे लन्ड ने पानी छोड़ दिया और चाची भी कई बार डिस्चार्ज हो चुकी थी।

उस रात मैंने तीन बार अलग अलग ऐन्गल से चाची को चोदा।
चाची ने भी मस्त हो कर पूरा साथ दिया।

तब से जब भी चाचा बाहर जाते तो हम दोनो रात को खूब मजे करते।

हमारा यह रिश्ता दो-तीन साल तक चला।
इसी बीच चाची ने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया।

चाची ये दोनो मेरे ही बच्चे बताती हैं और यह बात कोइ और नहीं जानता।

कैसी लगी मेरी सच्ची कहानी? Sex Stories

Antarvasna

मैंने अपनी एक मस्त चुदाई Antarvasna पहले भाग में सबको बताई थी, उम्मीद है सबको अच्छी लगी होगी। दोस्तो, जिस तरहं मैंने बताया था कि मेरा सोचना अलग है, क्या पता बाद में अगला जन्म किसने देखा जाना है, मैं दिल खोल कर अपनी जवानी लूटना चाहती हूँ। मुझे अच्छा भी बहुत लगता है जब लड़के मुझे माल, गश्ती, चालू सी लड़की कहते हैं, मुझे बुरा नहीं लगता और मैं मज़ा लेती हूँ। यहाँ तक कि उनके कटाक्षों पर थैंक्स तक कह जाती हूँ जिससे वो शर्मिंदा हो जाते हैं।

मैने बताया था कि किस तरहं एक ट्रांसपोर्टर के लड़के के साथ मेरा अफेयर रहा और उससे चुदाई का खूब सुख लिया था और उसके जाने के बाद मेरा अफेयर जिस लड़के से हुआ यह तो मेरे पैसे के पीछे आया था यह मैं अच्छी तरह जानती थी, समझती थी, इसीलिए वो मुझे मेरे आलीशान बेडरूम में चोदना चाहता था। और यह बात मैं शुरु में जान गई थी।

खैर मेरे सर पर सेक्स का भूत सवार था, जब उसने अपने कज़न को साथ लाने को ही कह दिया था, मैंने उसको पिछले दरवाज़े से रिसीव किया और अपने बिस्तर पे ले आई। उसने कहा कि उसका कज़न बाहर ही उसकी प्रतीक्षा करेगा, वो उसको बियर बार में बिठा कर आया है। यह सुन मुझे राहत सी मिली की एक ही होगा।

आज मुझे अकेली को बिस्तर पर देख उसकी आँखों में नशा सा आने लगा। मैं बेड पर बैठ गई। उसने अपने जूते खोले और मेरे पास आकर लेट गया। अपने साथ लेटे हुए देख मेरा मन भी डोलने लगा। उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी उसके समने दो कबूतर तने हुए चुचूकों के साथ देख उसका खडा हो गया। उसने बारी बारी दोनों स्तनों को चूस कर मुझे भी आपे से बाहर कर दिया। मैं पहले से पैंटी में ही थी, मेरी गोरी जांघों पर उसका हाथ फ़िरने लगा।

मैंने उसकी जींस उतार दी और उसका लौड़ा कच्छा को फाड़ने पर आया हुआ था। जैसे ही मैंने उसका कच्छा उतारा सामने काले नाग की तरह लम्बा सा लौड़ा था। वाह ! क्या हथियार पाया है जालिम तुमने !

साली पसंद आया?

मैंने कहा- बहुत पसंद आया !

अब चूसेगी भी कुतिया अपने कुत्ते का लौड़ा?

मैंने झट से मुँह में डाल लिया और पागलों की तरहं चूसने लगी। एक पक्की रंडी की तरह लगने लगी थी।

वाह रानी वाह ! उसने मेरी टांगे खुलवा अपने होंठ मेरी चूत पर टिका दिए, जिसे छूते ही मैं भड़क उठी और दिल करने लगा कि वो मेरी चूत चूसता ही जाए। मेरे चूतड़ उछलने लगे- अह अह !

उसने दोनों टांगें कन्धों पर रख ली और लौड़ा चूत पर रख दिया। मैंने अपने हाथ से लौड़े को चूत के छेद पर टिकाते हुए झटके के लिए कहा।

आऊच ! ओह अह ! उसका मोटा लम्बा लौड़ा मेरे अन्दर घुसने लगा। क्या स्वाद था दर्द का भी !

करते करते एक ज़बरदस्त धक्के से उसने पूरा डाल दिया। मैं हिम्मत से बेड की चादर को पकड़ दांतों में दांत दबाते हुए सह गई और उसका पूरा साथ देने लगी।

बहुत बढ़िया चोद रहा था, मैं भी अपनी चूत उछाल उछाल कर उसका उत्साह बढ़ा रही थी। वो पूरा लौड़ा जब अन्दर डालता वो मेरे गर्भाशय से टकराता तो मजे से आंखें बंद होने लगती।

उसके बाद उसने मुझे खड़ा कर दीवार से हाथ लगा झुकाते हुए लौड़ा डाला, कसा-कसा सा लगने लगा, बहुत मज़ा मिलने लगा= और चोद ! और रगड़ !

यह ले साली, कमीनी कुतिया ! साली रांड यह ले !

वहीं घोड़ी बना लिया और चोदने लगा। नीचे से मेरे दोनों मम्मे हिलने लगे उसने दोनों पकड़ लिए और स्पीड पकड़ कर मशीन की तरह चलने लगा।

फ़िर एक दम से उठाया, लौड़े को डाले रखा, गोद में उठा कर बिस्तर पे डाल मेरे ऊपर सवार हो गया और आखिर वो अपना सारा पानी मेरी चूत में डालते हुए मेरे ऊपर गिर गया।

उसने मुझे इतना संतुष्ट किया कि मैं खुश हो गई। उसके बाद वो बोला- अब किस दिन आऊँ?

मैंने कहा- अपने कज़न को भी ले आओ ! बेचारा !

क्यूंकि मेरा मूड अब एक साथ दोनों के डलवाने का बन चुका था।

वो बोला- दस मिनट में आया !

उसके बाद क्या हुआ, जानने के लिए इसका तीसरा भाग पढ़ें।

धन्यवाद ! Antarvasna

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