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Massage Girl in Bulandshahr: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Bulandshahr who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Bulandshahr that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Bulandshahr massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Bulandshahr who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Bulandshahr massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Bulandshahr massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Bulandshahr who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Bulandshahr employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Bulandshahr helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Bulandshahr

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Bulandshahr at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Bahut achha
नेहा वर्मा Antarvasna

रोशन और राम नये नये कॉलेज Antarvasna में आये थे और शहर में ही कॉलेज के पास उन्होंने एक कमरा किराये पर ले रखा था। जवानी का नया नया जोश भी था और वो जवानी का पूरा लुत्फ़ भी उठाना चाहते थे। उन्हें स्वतन्त्र माहौल मिल गया था। मां बाप का कोई डर नहीं, यहां कोई भी कुछ कहने वाला नहीं था। सबसे पहले उन्होंने लुत्फ़ शराब का उठाया। वे दोनों लगभग रोज शाम को एक आधी बोतल ले आते थे और पीते थे। कुछ दिनों के बाद उन्होंने एक सी डी की दुकान से ब्ल्यू फ़िल्म भी किराये पर लाना आरम्भ कर दिया था। एक दिन…

शाम के आठ बजे थे। नहा धो कर वे दोनों ही बोतल खोल कर पीने बैठ गये थे। टिफ़िन आ चुका था। राम ने टी वी खोल कर कर किराये पर लाई हुई सीडी प्लेयर पर लगा दी और दारू का दौर चलने लगा। ब्ल्यू फ़िल्म भी चल रही थी। एक के बाद एक चुदाई के सीन आने लगे थे। रोशन और राम पर भी रंग चढ़ने लगा।

‘भेनचोद अन्ग्रेज औरतें क्या मस्त होती हैं…’ गर्म होता हुआ बोला।

‘हाँ यार, साली की चूत तो देख… लगता है अभी चोद डालूं…!’ राम अपना लण्ड पजामे के ऊपर से मसलता हुआ बोला। रोशन ने राम को देखा, राम का लण्ड खड़ा हुआ था। उसे देख कर रोशन का लण्ड भी जोर मारने लगा। पहले तो वो शरमा कर लण्ड दबा रोशनरहा था, पर राम को देख कर वो भी अपना लण्ड को हल्के हाथों से उपर नीचे करने लगा।

– अन्ग्रेजों का लण्ड भी देख कितना मोटा और लम्बा होता है… अपना तो उनके सामने कुछ भी नहीं है। रोशन ने अपना लण्ड सहलाते हुए कहा।
‘तो क्या हुआ, लण्ड तो तेरा भी बहुत जोर मार रहा है ‘ राम ने उसके लण्ड को मसलता हुआ देख कर कहा।
‘अरे ! ये मादरचोद… लण्ड को कैसे चूस रही है… ! हाय मेरा लण्ड भी ये मां की लौड़ी चूस ले…! ‘ रोशन ने अपना लण्ड दबाते हुए कहा।

‘उसे मां चुदाने दे…तू कहे तो…तेरा मसल दूं?’ कहते हुए राम ने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया। रोशन एकबारगी सिहर गया। उसका हाथ हटाते हुए कहा- मत कर यार ! गुदगुदी होती है।

गुदगुदी तो होगी ही, पर मजा भी तो आता है, राम ने अपना हाथ लण्ड के पास रोशन के हाथ पर रख दिया और लण्ड पकड़ने की कोशिश करने लगा। पहले तो रोशन को अच्छा नहीं लगा, पर उसके हाथ की रगड़ से उसे मजा आने लगा। धीरे धीरे रोशन ने विरोध करना बंद कर दिया। अब लण्ड राम की गिरफ़्त में आ गया। पाजामे के ऊपर से ही वो लण्ड को सहलाने लगा। रोशन को मजा आने लगा। उसका लण्ड अब फ़ड़फ़डाने लगा।

राम, तेरा कैसा है?…लगता तो मस्त है! कैसे पजामे में से बाहर निकलने को बैचेन हो रहा है!’ रोशन ने अपना हाथ राम के लण्ड पर रख दिया और उसे दबा दिया। राम के मुख से आह निकल पड़ी। उसने कोई विरोध नहीं किया।
दोनो नशे में मदहोश थे। आंखें लाल हो चुकी थी। दोनों धीरे धीरे पास आने लगे और एक दूसरे को नशीली निगाहों से देखने लगे। रोशन के पाजामे का नाड़ा खुल चुका था। राम ने रोशन का लण्ड बाहर निकाल लिया। पास में देसी घी का डब्बा पड़ा था, राम ने उसमें से थोड़ा सा घी निकाल कर रोशन के लण्ड पर मल दिया और उसे चिकना कर दिया।

अब चिकने लण्ड पर मुठ मारने में राम को भी आनन्द आने लगा था। रोशन भी आहें भरने लगा था। अचानक राम ने रोशन को चूम लिया और चूमते हुए उसके होंठों तक आ गया। रोशन भी अपना आपा खो बैठा और और उसके होंठो से अपने होंठ मिला दिये और एक दूसरे को चूमने लगे।

– रोशन, आई लव यू…यार !
– राम, चूमते रह, मजा आ रहा है ! इतने दिन तक तू कहाँ था भोसड़ी के?
– मुठ मारने में कितना मजा रहा है, रस निकाल दे मेरे लौड़े का !

– हाँ रे ! बहुत मजा आ रहा है… और घिस दे यार…माँ चोद दे मेरे लण्ड की !’ दोनो के पजामे उतर चुके थे। लण्ड की घिसाई चल रही थी। दोनों के लण्ड फ़ड़फ़ड़ा रहे थे। मुठ अब जोर जोर से मार रहे थे। अचानक राम ने रोशन को जोर का धक्का दिया और वहीं चित लेटा दिया और उसका लण्ड अपने मुंह में भर लिया और जोर जोर से सुपाड़े को चूसने लगा। रोशन तड़प उठा और राम को खींचने लगा। राम ने इशारा समझा और 69 पोजिशन में आकर अपना लन्ड उसके मुँह में डाल दिया।

दोनो तरफ़ से कस कर लण्ड की चुसाई हो रही थी। इतने में रोशन का शरीर कसमसाया और उसके लण्ड ने लावा उगल दिया। राम ने तुरन्त मुँह हटा दिया और हाथ में वीर्य भर लिया। पर साथ में उसका लण्ड मसलता ही रहा। उसके लण्ड के आस पास उसका वीर्य फ़ैल गया था। इतने में राम भी छूट गया और रोशन का मुख वीर्य से भर उठा।

रोशन ने वीर्य को मुख से निकाल दिया और गले के पास से बहता हुआ नीचे बिस्तर पर गिरने लगा। दोनों ही झड़ चुके थे। ब्ल्यू फ़िल्म पर किसी का भी ध्यान नहीं था। पास में पड़ा तौलिया उठा कर दोनों ने अपने लण्ड और मुख साफ़ किये और नंगे ही बैठ गये। माहौल गर्म हो गया था। उन दोनों ने अब अपनी बनियान भी उतार कर मरजात नंगे हो गये थे। पंखे की हवा उनके शरीर को सहला रही थी। दोनों के जवान चिकने शरीर और उनकी कसी हुई मसल्स उभरी हुई दिख रही थी।

– मजा आ रहा है ना राम…
-हाँ यार, इसमें इतना मजा आता है मुझे तो पता ही नहीं था।
-देख घी लगा कर कितना चिकना लग रहा है तेरा लण्ड, रोशन।
– तू भी लगा ले यार…चल मैं लगा देता हूँ…

रोशन घी निकाल कर राम के लन्ड पर मलने लगा। राम का लण्ड फिर से तन्ना उठा। राम ने रोशन का लण्ड फिर से पकड़ लिया। दोनो फिर से झूम उठे। दोनों एक बार फिर एक दूसरे का मुठ मारने लगे।

अचानक राम बोला- रोशन मेरी गाण्ड में खुजली होने लगी है, शान्त कर दे यार ! राम ने अपनी गाण्ड रोशन की तरफ़ करते कहा।
रोशन ने घी के डब्बे में से घी निकाल कर उसकी गाण्ड के छेद पर लगाया और घिसने लगा। राम के मुख से सिसकारी निकल पड़ी।
‘रोशन यार पेल दे लौड़ा गाण्ड में, मजा आ जायेगा !
– सच ! पेल दूँ क्या?

राम घोड़ा बन गया। रोशन ने अपना कड़कता लण्ड उसकी गाण्ड की छेद पर रख दिया। उसकी चिकनी मस्कुलर गाण्ड पर हाथ फ़ेरा और लण्ड गाण्ड के फ़ूल पर दबाने लगा। छेद चिकना था, लण्ड अन्दर घुस पड़ा।

-मजा आ गया रोशन, चोद डाल साली हरामी गाण्ड को। रोशन ने जोर लगाया और लन्ड घी की सहायता से अन्दर घुसने लगा।
राम दर्द से भरे स्वर में बोला- तेरी तो टाईट गाण्ड है… मेरे तो लण्ड की भी मां चुद जायेगी यार, कहीं छिल ना जाये?
-हाय रे, रोशन, दर्द होता है, पर पेल दे लण्ड, इस की तो मां दी फ़ुद्दी।

रोशन ने लण्ड बाहर निकाल कर फिर से अन्दर पेल दिया। और अब धक्के चल निकले। राम की गाण्ड चुदने लगी। रोशन का लौड़ा फूलने लगा और कड़कने लगा। राम को भी अब दर्द कम हो रहा था। पर उसे गाण्ड मराने में मजा आ रहा था। राम का लण्ड भी नीचे फ़ुफ़कारे भर रहा था, लन्ड नीचे लटकता हुआ फ़ड़क रहा था। कुछ ही देर में रोशन का वीर्य छूट पड़ा और राम की गान्ड में भरने लगा। रोशन झड़ चुका था।

अब दोनों ने अपना पोज बदला और राम का कड़कता लण्ड रोशन की गाण्ड में टिका था। रोशन की गाण्ड टाईट नहीं थी, फिर देसी घी का असर, लण्ड फ़क से रोशन गाण्ड में घुस गया, रोशन एक बार तो दर्द से कराह उठा पर सम्भल गया।
राम अपना लण्ड रोशन की गाण्ड में पेलने लगा। रोशन गान्ड चुदाई को एन्जोय कर रहा था। वो धीरे से नीचे पांव पसार कर पेट के बल लेट गया और अपनी आन्खे बंद कर ली और गाण्ड मराने क भरपूर आनन्द लेने लगा।
राम रोशन की पीठ पर लिपट कर लण्ड पेल रहा था। गाण्ड के फ़ूल की चमड़ी लण्ड के साथ साथ बाहर निकल रही थी और अन्दर जा रही थी। दोनों के चिकने शरीर एक दूसरे में समाने की कोशिश कर रहे थे।

अचानक राम के लण्ड ने पिचकारी छोड दी और वीर्य निकल पड़ा। राम हाय कह कर रोशन की पीठ से चिपक गया और वीर्य रोशन की गान्ड में भरने लगा। राम अब पूरा झड़ चुका था। उसका लण्ड अपने आप बाहर आ गया था। अब राम और रोशन आराम से बैठ गये। उन्होंने शराब का अन्तिम जाम बनाया और आज के मजे के नाम पर चीअर्स करके पीने लगे।

आज दोनों जवानी का पूरा लुत्फ़ उठा कर सन्तुष्ट थे। जाम समाप्त हो चुका था और अब टिफ़िन की तैयारी हो रही थी।

वो दोनों इस बात से अन्जान थे कि उन्हें किसी जगह से मेरी दो आंखें उन्हें ये सब करते हुए देख रही थी। इस दौरान मैं दो बार अपनी भोसड़ी में अंगुली डाल कर रस निकाल चुकी थी।… हमेशा की तरह मैं उन दोनों से चुदने का कोई बढ़िया प्लान बना रही थी… उन्हें अपने चक्कर में लेकर दो दो लण्ड का मजा लेने का प्लान। Antarvasna

लेखिका : लक्ष्मी Antarvasna

मेरा तलाक हुए करीब 3 साल Antarvasna हो चुके थे। मेरी शादी जब मैं 19 साल की थी तब कर दी गई थी। मेरा पति मुझसे दस साल बड़ा था। उस समय तक मैं चुदाई और सेक्स के खेल से अनभिज्ञ थी। सुहागरात को उसने मेरी चुदाई नहीं की थी पर मुझसे मुख-मैथुन किया था। अपना लण्ड मुझसे चुसवाया था, जो मेरे लिये एक नया नया दर्दनाक अनुभव था। मुँह में लण्ड डाल कर मेरा मुख चोदता था, फिर ढेर सारा वीर्य मेरे मुँह में ही निकाल देता था। मुझे बहुत ही घिन आती थी और फिर मुझे उल्टियां होने लगती थी। फिर उसने मेरी गाण्ड मारी थी। यूँ तो चिकनाई भी लगाई थी, पर जाने क्यूँ मेरी गाण्ड एकदम टाईट हो जाती थी, वो मुझे तमाचे मार मार गाण्ड में लण्ड घुसेड़ देता था। मेरी गाण्ड लहूलुहान हो जाती थी। मुझे बहुत ही पीड़ा होती थी। पर पिटाई के बीच गाण्ड मारना मेरे लिये दर्द भरा हादसा था। मैं बहुत उससे बहुत डर गई थी।

डर के मारे अगले दिन मैं बीमारी का बहाना कर अपनी सास के पास सो गई थी। पर आखिर कब तक बहाना करती। फिर मैंने हिम्मत करके अपनी सास को कह ही दिया। मेरी बात सुनते ही वो चिन्तित हो उठी। सास ने मुझे वादा किया कि वो उन्हें समझा देगी। पर रात को उसने मुझे फिर से अपना लण्ड मेरे मुख में डाल कर मुख मैथुन किया और फिर बाद में मेरी गाण्ड भी मारी। मैंने बहुत सहा, लगभग एक महीना होने को आया, मेरी सास ने उसे कुछ नहीं कहा। फिर उसने मेरी चूत चोदी। चूंकि पहली बार चुदी थी तो फिर वही तकलीफ़ हुई थी। मेरे पति का लण्ड भी मोटा और लम्बा था, इस कारण रोज़ गाण्ड मरवाने में और चुदवाने में मुझे बहुत तकलीफ़ होती थी।

एक दिन मैंने अपनी मां से कह कर अपने शहर वापिस आ गई। मेरी हालत देख कर मुझसे मेरी मां ने पूछ ही लिया। मैंने रो रो कर सारी बातें बता दी। मेरे पापा ने दूसरे ही दिन मेरे पति से बात की। पर उसने बहुत ही बद्तमीज़ी से बात की। अन्त में हार कर पापा ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दे डाली। मेरा पति भी मुझसे परेशान था अतः तलाक में अधिक परेशानी नहीं आई। मुझे अब उन नारकीय दुःखों से छुटकारा मिल ग़या।

लगभग तीन साल बाद मुझे अचानक एक फोन आया। कोई अशोक नाम का लड़का था। उसने कहा कि उसने बहुत मुश्किल मेरा मोबाईल नम्बर प्राप्त किया है और मुझसे शादी करने की इच्छा रखता है। उसने बताया कि वो एक पढ़ा-लिखा सरकारी अफ़सर है… उसे मेरे तलाक के बारे में पता है। मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ, शरीर से दुबली पतली हूँ, लगभग 5 फ़ुट 4 इन्च की हूँ। मैंने पास में स्कूल में नौकरी कर ली थी। बस मुझमें सुन्दरता ही एक खूबी थी, जिसके कारण लड़के मुझसे दोस्ती करना पसन्द करते हैं। पर उनकी मन्शा मात्र मुझे चोदने तक की होती है। सभी को पता है कि मैं तलाकशुदा हूँ।

एक दिन वो मुझे स्कूल में मिलने आ गया।

“मेरा नाम अशोक है, मैंने ही आपको फोन किया था।”

विजिटिंग रूम में हम लोग बातें करते रहे, उसका व्यवहार अच्छा था, वो सुन्दर था और शरीर से भी लम्बा और बलिष्ठ नजर आ रहा था। उसके बाद से वो मुझसे मिलने अक्सर स्कूल आ जाता था। मेरी छुट्टी होने पर हम दोनों एक पेड़ के नीचे खड़े हो कर बाते करते थे। धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ गई। अब वो मेरे लिये गिफ़्ट भी लाता था। हम दोनों मोबाईल पर भी खूब बतियाने लग गये थे। एक दिन मेरे घर पर अशोक अपने पापा के साथ आया और उन्होने मेरा हाथ मांग लिया। मेरे पापा खुश हो गये कि मुझे मेरी ही जात वाला एक प्रतिष्ठित युवक मिल गया। उन्होने तुरन्त ही इस रिश्ते की मंजूरी दे दी। सादे तरीके से हमारी सगाई हो गई।

अब रोज ही शाम को अशोक मुझसे मिलने आता था और हम दोनों कार में घूमने निकल पड़ते थे। मै उसके प्यार में खो चुकी थी। हम दोनों बाग में अक्सर एक दुकान के आगे रुक कर पेप्सी या थम्स अप पिया करते थे।

ऐसे ही एक दिन उसने भावावेश में मुझे अपने से लिपटा लिया और मेरे होंठ चूम लिये। मैं आनन्द से भर गई। मुझे भी पुरुष का शारीरिक स्पर्श का आनन्द बहुत दिनो बाद हुआ था। सो मैं उससे लिपटी रही। इसी दौरान उसने मेरे चूचियों को हल्के से छुआ भी और सहलाया भी। मुझे एक अलग ही आनन्द आने लगा था। यूं तो मैं शारीरिक स्पर्श से डरती थी… पर यह पहले जैसी अनुभूति नहीं थी। मुझे इसमे आन्तरिक सुख मिलता था। मैंने इसका कोई विरोध नहीं किया। हम दोनों इस असीम सुख का आनन्द उठाते रहे। अब हमारा जब भी घूमने जाना होता तो हम एकान्त में कार रोक कर आपस में खूब चिपका चिपकी करते थे। फिर जाने कैसे एक दिन मैंने होश खोते हुये उसका लण्ड थाम लिया… और उसे बहुत देर तक सहलाती रही। एक अनजानी सी सुखद वासना भरी अनुभूति हुई। मेरे मन में उसके लण्ड के लिये प्रीति जाग उठी, मैं कभी कभी उसका सुपारा चूम लेती थी।

एक दिन उसका सहलाते सहलाते उसके लण्ड में से वीर्य निकल गया, उसकी पैन्ट गीली हो गई। उस दिन अशोक ने भी मेरी चूत के आस पास सहलाया था। मेरी जीन्स की जिप खोल कर मेरी चूत में अंगुली भी दबाई थी। चूत का गीलापन उसे बहुत अच्छा लगा था।

एक दिन सवेरे जब मैं स्कूल जा रही थी तो अशोक का फोन आया कि आज की छुट्टी ले लो, घर पर कोई नहीं है, दोनों घर पर बातें करेंगे। मैंने स्कूल में फोन करके छुट्टी ले ली और उसके साथ उसके घर आ गई। घर बिलकुल खाली था।

उसने अपना घर मुझे दिखाया… फिर अपना कमरा भी दिखाया… ये हमारा कमरा होगा … ये बिस्तर आपका होगा… ” उसने एक बेहद मुलायम सा बिस्तर दिखाया।

“हाय रे अशोक … कब होगी शादी…।” मैंने उतावले स्वर में कहा।

“दिल से दिल मिल जाने को ही शादी कहते हैं !” और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे चूमने लगा।

“चलो इस नरम गद्दे पर लेट कर प्यार करते हैं…” अशोक मुस्करा उठा।

उसका फ़ोम का गद्दा बहुत ही नरम था। मैं तो उस पर लोट लगाने लगी। तभी अशोक ने अपनी बाहें खोल दी। मैं लोट लगाते हुये उसकी बाहों में चली आई। हम एक दूसरे से लिपट पड़े। प्यार से एक दूसरे को चूमने लगे।

उसके हाथ जाने कब मेरे टॉप के अन्दर पहुंच गये, मेरी चूचियाँ सहलाने लगा, मेरे भीतर अनन्त उमंगें जाग पड़ी, मेरे चुचूक फूल कर कड़े हो गये। वासना का ऐसा भावनात्मक प्यार भरा उन्माद पहली बार मह्सूस हुआ। मैंने उसकी कमीज के बटन खोल दिये और उसकी नंगी छातियों को चूमने लगी। अचानक मुझे अपने कपड़े तंग मह्सूस होने लगे। जीन्स मेरे शरीर पर कसने लगी। मेरी जांघें जैसे जीन्स को फ़ाड़ देना चाह रही थी, टॉप जैसे चूंचियों पर फ़ंसने लगा। मुझे कपड़े बहुत ही खराब लगने लगे। पहल अशोक ने ही की। उसने अपनी पैन्ट उतार दी। फिर उसने मेरी तरफ़ वासनायुक्त नजरों से देखा। मुझे भी कपड़े कहाँ सुहा रहे थे। अशोक ने मेरी टॉप ऊपर ही खींच दी। मेरे वक्ष छलक पड़े। मैंने अपनी जीन्स उतार डाली और बस एक तंग सी छोटी सी चड्डी रह गई। जैसे ही मेरे बदन को हवा लगी, एक सिरहन सी उठ गई।

जैसे ही मेरी नजरें अशोक के लण्ड पर गई, वही मोटा सा, लम्बा लण्ड… मैं डर गई, पर शायद वो मेरी बात जानता था। वो दूर हट गया… और अपना लण्ड देख कर बोला,”आपको देख कर इसे आप पर प्यार आ रहा है… जैसे कार में आप इसे प्यार करती थी… बस एक बार फिर से वही प्यार करके इसे मजा दो…”

मैंने डरते हुये उसके लण्ड को निहारा और उसे पकड़ लिया। जैसे ही मैंने उसे दबाया… अशोक के मुख से एक सिसकारी निकल पड़ी।

” आपको मजा आया ना, पर मुझे इससे डर लगता है … प्लीज मुझे कुछ मत करना…” मैंने उसे समझाते हुये कहा।

“आओ प्यार करें … जो आप कहेंगी वही करेंगे !” मैं कुछ सावधान सी, सकुचाती हुई उसके नंगे शरीर से लिपट गई। फिर हम दोनों धीरे धीरे बिस्तर पर लेट गये। हमारे अधर एक दूसरे से मिल गये। उसका लण्ड हाथ में लिये मुझे लगा कि वो और फूल गया है। बेहद कड़क हो गया है। मेरी चूंचियाँ वो मसलने लगा। मेरे शरीर में एक सुखद मीठा सा नशा चढ़ने लगा। मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी। मुझे जाने क्यूँ इच्छा होने लगी थी कि लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ लूँ। मैंने लण्ड को पकड़े हुये अपनी चूत के द्वार पर रख दिया और आंखे बंद करके मदहोशी में उस पर जोर लगा दिया। उसका लण्ड मेरी गीली चूत में अन्दर फ़िसल पड़ा। मुझे एक विचित्र सी सुखद वासना युक्त कसक भरी मिठास का अहसास हुआ और मैंने अपनी चूत उसके लण्ड पर पूरी ताकत से दबा दी। उसका लण्ड मेरी चूत के लबों को चूमता हुआ अनन्त खाई में जैसे कूद पड़ा।

मैंने अशोक को खींच कर अपने ऊपर सवार कर लिया और अपनी दोनों टांगें चीर कर उसकी कमर से लपेट ली। अशोक मेरे ऊपर आ चुका था और लण्ड मेरी चूत में पूरी गहराई तक घुसा हुआ था। हम दोनों की कमर अब धीरे धीरे चलने लगी। वो चोदने लगा और मैं चुदती चली गई। ऐसा स्वर्गीय आनन्द मुझे पहली बार मिला था। इतना प्यारा वो तो नहीं चोदता था। मुझे अचानक इच्छा हुई कि मेरा पूर्व पति मेरी गाण्ड मारता था, उसमें क्या मजा आता होगा। सो मैंने अशोक को इशारो में अपनी इच्छा बता दी। उसने मेरे सर पर बालों में प्यार से हाथ फ़ेरा और लण्ड धीरे से बाहर निकाल लिया। उसने एक मोटा तकिया नीचे लगा दिया और पास में पड़ी क्रीम मेरी गाण्ड में लगा दी। फिर मुझे चूमता हुआ मुझसे प्यार से लिपट गया। मैं अनजाने डर से सहम सी गई। मेरे गाण्ड की छेद पर उसका नरम सा गोल सुपारा चिपक गया। मुझे ताज्जुब हुआ कि उसका लण्ड एक ही बार में छेद के अन्दर बिना किसी तकलीफ़ के घुस गया था। इस बार मुझे दर्द नहीं हुआ बल्कि मजा आया।

उसने अब धीरे धीरे मेरी गाण्ड चोदना आरम्भ किया। मुझे मस्ती आने लगी और मैं उसे एन्जोय करने लगी। पर हां मुझे ये जरूर लगा कि मेरे पति जब ये सब करते थे तो मैं घबरा जाती थी, गाण्ड में से खून निकलने लगता था, यहाँ तक कि मैं बेहोश भी हो जाती थी, मजा आने की बात तो दूर रही। काफ़ी देर तक मैंने गाण्ड मराने का आनन्द लिया। थोड़ी देर के बाद मेरी चूत कुलबुलाने लगी तो मैंने अशोक को चूत मारने को कहा। उसने मेरी चूत में लण्ड घुसा कर धक्के लगाना शुरू कर दिया। मेरी उत्तेजना मेरी सहनशीलता के बाहर चुकी थी। चूत उछाल उछाल कर चुदाने लगी… और फिर मेरे अंग प्रत्यंग जैसे आग उगलने लगे और मैंने अपना यौवन रस छोड़ दिया, मैं झड़ने लगी।

उसका चोदना जारी रहा पर गीलापन बढ़ने से छप-छप की आवाजें आने लगी। चूत ढीली पड़ गई। उसने इशारे से कहा कि मेरा लण्ड चूस कर वीर्य निकाल दो…

उसके लण्ड को मुख में लेने के विचार से ही मेरे मन में फिर वही डर समा गया। पर मैंने हिम्मत करके उसका लण्ड मुँह में भर लिया और धीरे धीरे उसे चूसने लगी। मुझे लगा उसे बहुत ही मजा आ रहा है। मैं जोश में उसके लण्ड के रिन्ग जोर से चूसने लगी। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल पड़ी। उसका हाल देख कर मैं भी और जोश में आ गई और उसका लण्ड हाथ से भी दबा कर मुठ मारते हुये जोर जोर से चूसने लगी।

इतने में उसने मेरे बाल पकड़ लिये और लण्ड का मुख में जोर लगा कर झुक पड़ा और लण्ड से वीर्य निकल पड़ा। वो अपने लण्ड पर जोर लगा कर पिचकारी पर पिचकारी मुह में छोड़ने लगा। मैं भी जोश में आ कर उसका वीर्य गटागट पी गई। अब उसका लण्ड मैं दूध निकालने की तरह खींच-खींच वीर्य निकालने लगी। पूरा लण्ड साफ़ करके उसे छोड़ दिया।

आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना था। मैं खूब जोर जोर से हंसी… और उसे भी अपनी खुशी में शामिल होने कहा। फिर मैंने अशोक को अपनी पूरी कहानी बताई और रो पड़ी। अशोक ने सब कुछ भूल जाने कहा और हम फिर से एक दूसरे में प्यार में खो गये। चुदाई के मनमोहक दौर की तैयारी करने लगे। मेरा मन आज जी भर कर चुदने का कर रहा था… मैं अपने पिछले गुजरे हुये तूफ़ान को भूल जाना चाहती थी… Antarvasna

Stand and Carry


स्टैंड एंड कैरी सेक्स पोजीशन संभोग या प्रवेश के दौरान पुरुष साथी द्वारा महिला साथी को अपनी बाहों में पकड़कर की जाती है। नर अपने हाथ मादा के नितंबों के नीचे रखेगा और उसके पैर उसके मध्य भाग के चारों ओर लपेटेंगे। इस पोजीशन से पेनिट्रेशन होता है. इस पद के लिए पुरुष और महिला दोनों पक्षों की बहुत ताकत की आवश्यकता होती है। स्टैंड और कैरी की कई ऑफ पोजीशन हैं जो उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त हो सकती हैं जो कुछ सेकंड से अधिक समय तक खड़े रहने में असमर्थ हैं।

स्टैंड एंड कैरी सेक्शुअल पोजीशन के फायदे

बहुत से लोग जिन्होंने इस पोजीशन को आज़माया है, वे इस पोजीशन द्वारा प्रदान की जाने वाली रोमांचक "सवारी" का आनंद लेते हैं। औसत से बड़े लिंग वाले पुरुषों के लिए, प्रवेश सीमित है इसलिए वह संभोग में अधिक व्यस्त महसूस कर सकती है क्योंकि उसे दर्द या गहरे प्रवेश के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी।

स्टैंड एंड कैरी सेक्शुअल पोजीशन के नुकसान

स्टैंड करने और यौन स्थिति को बनाए रखने के लिए पुरुष को बेहद मजबूत होने की आवश्यकता होगी। मादा का वजन भी इसमें शामिल होगा। छोटी महिलाओं के लिए लंबे समय तक जमीन पर टिके रहना आसान होता है, जबकि भारी महिलाएं खड़े होने और उठाने से उतना रोमांचित महसूस नहीं करती हैं। निःसंदेह, यह पुरुष साथी की ताकत पर निर्भर होगा।


आप सावधान रहना चाहते हैं कि ऐसा कुछ न करें जिससे आपके शरीर का संतुलन बिगड़ जाए, जिससे आप असफल हो सकते हैं।

पीठ की समस्याओं, घुटनों की समस्याओं या अन्य चोटों वाले लोग स्टैंड एंड कैरी यौन स्थिति का प्रयास नहीं करना चाहेंगे।

स्टैंड एंड कैरी सेक्शुअल पोजीशन के लिए टिप्स

मादा को एक ओटोमन के किनारे पर बैठाने का प्रयास करें। पुरुष साथी अपने घुटनों के बल उसके पास आ सकता है और उस कोण से योनि में प्रवेश कर सकता है। वह अभी भी सेक्स के लिए खड़े होने के तनाव के बिना अपने पैरों को पुरुष साथी के चारों ओर लपेट सकती है।


Antarvasna

सभी पाठकों को मेरा प्रणाम, मेरा Antarvasna नाम मोहित है मैं रतलाम में रहता हूँ और अंतर्वासना का नियमित पाठक हूँ।

दोस्तो, यह बात फ़रवरी के महीने की हैं, रतलाम मे मेरी दूर के रिश्ते की मासी के लड़के की शादी थी उसमे मुझे एक भाभी मिली जिसका नाम सोनम था। बात करने पर पता चला कि वो दूर के किसी रिश्ते मे मेरी भाभी लगती है। उसका रंग सांवला था हाइट करीब 5’5′ होगी दिखने में एक दम सेक्सी थी उसका फिगर 34-28-32 का था।

मैंने गौर किया कि वो सुबह से ही मुझमें रुचि ले रही है। साथ में घूमना, खाना, इधर उधर की बातें करना।

दिन की बात है वो मुझे घूर रही थी, तभी अचानक मैंने उनसे कहा- भाभी देखते हैं कौन बाद में पलक झपकता है!
तो उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली तो मैंने कहा- लो आप तो हार गयी लाओ मेरा इनाम!
तो उसने कहा- माँग लो आपको जो भी माँगना हो!

उसकी इस बात से मेरा नज़रिया थोड़ा बदल गया लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई, मैंने उनसे कहा- रहने दो आप नहीं दे पाओगी!
मेरा ऐसा कहने पर उसने कहा- मुझे पता है आपको क्या चाहिए!
मैंने कहा- क्या?
तो वो बोली- आपको किस चाहिए ना!

उसके मुख से ऐसी बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे अपनी बाहों में लेकर किस कर दिया। उसने मेरा पूरा साथ दिया लेकिन तभी कमरे का दरवाजा बजा और हम अलग हो गये, लेकिन अब हमारी तड़फ़ बढ़ने लगी थी । फिर शाम को रिसेपशन के समय उसने लाल रंग का लांचा पहना था। वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
उन्होंने मुझसे कहा- आज से मैं आपकी भाभी नहीं बीबी हूँ, आप मुझे जैसे चाहो खा सकते हो!

फिर हमने जल्दी जल्दी खाना खाया और मेरे दोस्त की गाड़ी लेकर हम घूमने चले गये और फिर एक होटेल में मैंने उसे 5 बार अलग अलग तरीके से चोदा।

फ़िर उस रात मेरे एक दोस्त की बाइक लेकर मैं और सोनम शादी में से निकल गए। उसने मुझे पीछे से पकड़ रखा था और जब हम थोडी सुनसान जगह पहुंचे तो उसने उसका हाथ मेरे शर्ट के अन्दर डाल दिया, उसके स्पर्श से मेरे तन में गर्मी आ गई और मैं उसे एक होटल में ले गया।

होटल में मैंने एक कमरा बुक करना चाहा तो मैनेजर ने कहा- सर, मेडम! नॉन एसी रूम चलेगा?
मैंने कहा- ठीक है!
उसने होटल में 17 नम्बर का कमरा खुलवा दिया और हम दोनों कमरे में आ गए। मैंने कमरे में आते ही सोनम को कहा- सोनम आज मैं तुम्हें अपना बना के रहूँगा!

तो उसने कहा- आप की जो मर्जी हो वैसा करो लेकिन में आपसे बहुत प्यार करती हूँ इसलिए मुझे भी आप अपना पूरा प्यार देना!
उसकी इस बात ने मेरी वासना को और भड़का दिया, मैंने उसका लांचा खोल दिया और वो मुझसे लिपट गई।
मैंने भी कुरता पहना था, उसने उसे खोल दिया, फिर उसने मुझे बेड पर बिठा दिया और कहा- मोहित! आज हमारी सुहाग रात है!
मैंने कहा- जानेमन आ जाओ! तुम्हें अपने प्यार का स्वाद चखाता हूँ!

फ़िर हम दोनों एक दूसरे को पागलों जैसे किस करने लगे। उसने अपना हाथ मेरे पजामे में डाल दिया, मेरा लंड जो खड़ा था, उसने उसे पकड़ लिया और मेरे सुपाड़े की चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगी। मेरी हालत ख़राब हो रही थी। लग रहा था मानो मेरा लंड फट जाएगा।

फ़िर मैंने उसके स्तन मसलने चालू कर दिए और कुछ ही समय में हम दोनों प्राकृतिक अवस्था में थे। सोनम ने कमरे की लाईट बंद कर दी और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी।
2 या 3 मिनट ही हुए थे और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.
उसने कहा- मोहित! आपका टेस्ट कितना अच्छा है! क्या आप मुझे नहीं चखोगे?

मैंने उसके बूब्स को मुँह में लेकर चूसना चालू किया और कुछ ही देर में मैं उसकी चूत पर था। उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल बड़े सेक्सी लग रहे थे।
मैंने उसकी चूत को चाटना चालू किया तो उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और वो मेरा सर पकड़ कर अपने चूतड़ उठा उठा कर अपनी चूत चटवा रही थी और अचानक उसने मेरा मुँह हटा दिया और कहा- अब आप मुझे खा जाओ!
उसके इन शब्दों ने मुझे पागल बना दिया और मैंने एक सेकंड में अपना लंड उसकी चूत पर रख कर धक्का लगाया..

वो इसके लिए तैयार नहीं थी और अचानक ऐसा होने से वो एक दम डर सी गई और अगले ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था।
दोस्तों उसकी चूत इतनी टाइट नहीं थी जितनी मेरी गर्ल फ्रेंड की थी।
और इसी तरह मैंने उससे 2-3 अलग अलग आसनों में चोदा और हम दोनों झड़ गए…

ऐसे 3 दौर पूरी रात चले और फिर हम एक दूसरे को बाहों में जकड़ के सो गए..

सुबह वो उठी और रोने लगी।
मैंने पूछा- सोनम! क्या हुआ?
तो वो मेरे गले लग के बोली कि मोहित! शायद हमने अच्छा नही किया… मैं शादी शुदा हूँ और मैंने ये सब…बस वो ये बोल ही रही थी कि मैंने उसके होठों पर अपने होठ रख दिए और किस करने लगा..
और उससे कहा- सोनम! इस जन्म में ना सही पर अगले जन्म में मैं तुम्हारा ही रहूँगा .. मेरे मुँह से ऐसी बात सुन कर वो खुश हो गई और फिर हम दोनों होटल से शादी की धर्मशाला आ गए…

उसके बाद आज तक वो मुझे नहीं मिली.
लेकिन एक बात तो अभी कहना चाहता हूँ कि भाभी को चोदने में जितना मज़ा आता है उतना तो गर्ल फ्रेंड को चोदने में भी नहीं आता!

पर दोस्तो, आप के ईमेल तो मिलना चाहिए इसलिए मुझे मेल करें… Antarvasna

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