Our site can help you find a professional massage girl in Bagpat who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.
Find Related Category Ads
Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Bagpat that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.
Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Bagpat massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.
Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Bagpat who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.
Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Bagpat massage service, which makes it easier to obtain more customers.
There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.
A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Bagpat massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.
This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Bagpat who are good at deep tissue treatments that function effectively.
Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Bagpat employ the use of custom oil preparations to make you feel good.
A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Bagpat helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.
Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Bagpat
Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Bagpat at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:
Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.
Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.
When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.
The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.
All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.
To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.
Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.
You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.
It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.
Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.
रेखा मेहता ने झांसी से मुझे मेल के Sex Stories द्वारा अपनी कहानी का एक स्वरूप बना कर भेजा था, उसे कहानी के रूप में ढाल कर आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ।
मेरे पति कपिल का दोस्त राहुल, जिसकी यह कहानी है, मेरे घर पर लगभग रोज ही आता था। जब राहुल पहली बार जब घर में आया था उसकी नजर मुझ पर पड़ी। वो मुझे देखता ही रह गया। मेरी नई नई शादी हुई थी, मेरी उमर भी बीस वर्ष की थी। भरपूर जवानी के दौर में थी। अभी तक मुझ पर से कॉलेज का नशा नहीं उतरा था। मैं कभी जीन्स, या काप्री और टॉप पहनती थी। कॉलेज के समय से ही अपने फ़िगर को दूसरों के सामने उभार कर दिखाना हम लड़कियों का सबसे फ़ेवरेट शौक था। राहुल के सामने भी मैं लगभग उसी अन्दाज़ में आती थी। राहुल की वासना भरी निगाहें मुझ पर पड़ चुकी थी। उसके ऐसे घूरने से मैं भी रोमांचित हो उठती थी। उसे उत्तेजित करने में मुझे मजा भी आता था। शायद मैं उससे चुदना भी चाहती थी। राहुल एक पच्चीस साल का जवान था। सुन्दर था और स्टाईल में रहता था। वो और मेरे पति कपिल रेलवे में काम करते थे। राहुल बुकिन्ग क्लर्क था और मेरे पति ट्रेन टिकट एक्जामिनर थे। राहुल का घर हमारे पास ही था। कपिल को कही मुझ पर शक ना हो इसलिये मैं राहुल को भैया कहती थी।
वो जब भी मुझे घूरता था तो मुझे भी लगता था कि मैं भी उसे देख कर मुस्कराऊँ और उसे आगे बढ़ने की हिम्मत बढ़ाऊँ। पर शरम के मारे मैं ऐसा नहीं कर सकती थी। पता नहीं वो मुझे ऐसे क्यूँ देखता था, शायद उसके दिल में भी मेरे लिये भावनाएँ थी। मेरे पति सुबह ही ड्युटी पर निकल गये थे। राहुल आज करीब नौ बजे मुझ पर लाईन मारने घर आया था। उसके पास बात करने को कुछ भी नहीं था। बस उसने कपिल के बारे में पूछा, जिसके बारे में वो पहले से जानता था कि वो इस समय घर पर नहीं होगा।
मैंने कहा – वो तो नहीं है, काम पर गये हैं।”
मैं दरवाजे पर खड़ी हुई उसे निहार रही थी। वो मुझे देख कर हमेशा की तरह मुस्कराया। मेरी नजरें झुक गई और मैं जमीन की ओर देखने लगी।
“आप अकेली हैं, क्या मैं अन्दर आ सकता हूँ?” उसने मुस्करा कर पूछा।
“ओह, सॉरी, अन्दर आईये ना भैया, हां अभी मैं अकेली हूँ, आपको तो पता है, मैं इस समय अकेली रहती हूँ।” मैंने शर्माते हुये जवाब दिया। वो अन्दर आ गया।
“भाभी जी, आप अभी भी पढ़ाई करती हैं?” उसका बेतुका सा प्रश्न था जिसका उत्तर वो जानता था, पर मुझे पता चल गया था कि वो मुझ पर लाईन मारने आया था।
अब मैं सोच रही थी कि कैसे उसे रिझाऊं कि वो मुझे अकेली पा कर कुछ सेक्सी हरकत करे। सो बस मैंने एक मतलब भरी तिरछी नजर उस पर डाली और मुस्करा दी। ये तो उसके लिये जरूरत से ज्यादा ही हो गया।
“चाय लेंगे आप ? कोई खास काम से आये थे आप ?” मेरी तिरछी नजरें अब भी उसे न्योता दे रही थी। बस समझने वाला चाहिये था। शायद वो समझदार था।
“चाय तो पी लूंगा, पर हाँ आया तो खास काम से ही था।” मैं चाय बनाने चली गई, राहुल भी उठ कर वहीं आ गया और शायद नजरों इशारा पा कर उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया और बोला,”शालू, तुम बहुत सुन्दर लगती हो !”
उसके हाथ लगाते ही मेरे शरीर में चीटियां सी रेंगने लगी, मुझे तेज झुरझुरी आ गई। उसकी वासना भरी आवाज में लड़खड़ाहट थी। मुझे लगा कि उसने बहुत अधिक हिम्मत कर ली थी। मेरा मन अन्दर से खुशी से कांप उठा। पर मुझे तो अपने आप को पतिव्रता बताना था ना।
“भैया, आप वहा बैठे प्लीज !” मैंने चाय निकाली तो लगा मेरे हाथ कांप रहे थे। मैं ज्योंही पलटी, राहुल बिलकुल सामने था। मेरे हाथ से चाय गिरते गिरते बची।
“शालू, प्लीज बस एक बार मुझे किस दे दो !” उसकी सांसे तेज थी।
“क्…क्… क्या ?” मैं बुरी तरह से चौंक गई, और थर थर कांपने लगी। मुझे लगा मैं एक्टिन्ग ठीक ठाक कर लेती हूँ। पर सच में मुझे इस तरह बहुत शर्म आ रही थी। ऐसा कभी किया नहीं था ना। एकदम से मेरी हिम्मत नहीं हुई कुछ पहल करने की।
“राहुल जी, नहीं नहीं, ये क्या कह रहे हैं आप !” मेरी निगाहें नीचे झुक गई। चाय मैंने वहीं वापस रख दी। मैं चुप से पास में से निकल कर बैठक में आ गई और दीवार से लग कर खड़ी हो गई।
“प्लीज, शालू सिर्फ़ एक बार, मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा।” उसकी विनती जारी थी। उसकी सांसों के साथ उसकी धड़कन की आवाज तक मुझ तक आ रही थी। उसने शायद ये कहने में अपनी पूरी शक्ति लगा थी। मैं घबरा गई हालांकि वो मुझे अच्छा लगता था, पर एकदम से जैसे मुझ पर हमला हुआ हो, मैं कुछ तय नहीं कर पाई। मुझे लगा कि वो एक किस ले लेगा तो मेरा क्या जायेगा। मान जाऊं क्या ? पर कहीं और आगे बढ़ गया तो, क्या फिर मुझे ये चोदेगा। ये सोच कर मुझे वासना का तेज भी चढ़ने लगा और घबराहट सी भी होने लगी। पर ये सोच कर एक बार मेरी चूत में भी फ़ड़फ़ड़ाहट हो गई। इसी कशमकश के बीच राहुल मेरे करीब आ चुका था। मेरी नजरे जमीन में गड़ी जा रही थी। मेरे चेहरे पर शर्म की लालिमा आ गई थी। मैं बार बार नजरे उठा कर उसकी ओर देखने लगी।
“शालू प्लीज, मान जाओ ना !” उसके हाथ एकबारगी मेरी तरफ़ बढ़ चले थे।
“नही, भैया नहीं, ये पाप है, मुझे छूना नही, प्लीज !” दिल में इच्छा होते हुए भी मुझे जाने क्यों मर्यादा तोड़ना अच्छा नहीं लग रहा था।
“सिर्फ़ एक बार, आपका क्या जायेगा, मेरी दिल की इच्छा पूरी हो जायेगी।” लगभग वो हांफ़ उठा था।
“मैं मर जाऊंगी, राहुल, बस आप जाईये यहाँ से !” मैं पसीना पसीना हो उठी, मेरा दिल धड़क उठा, किसी अन्जाने सुख की तलाश में मेरा मन भटक चला।
राहुल ने मेरे चेहरे को उठाया और कहा,”सच में चला जाऊगा, ठीक है !! बस एक किस के बाद !” और उसने गजब ही हिम्मत दिखाते हुए अपने होंठ मेरे कांपते होंठ पर जबरदस्ती रख दिये। मेरे दोनों हाथ उसने कस कर पकड़ लिये। मैंने जाने किस नशे में अपनी आंखे बन्द कर ली। मेरा मन खिल उठा। मैं उसे कुछ नहीं कह पाई। शायद कहना भी नहीं चाहती थी। वो मेरे होंठ पीने लगा। अब उसने मेरे हाथ छोड़ दिये थे और अब उसके प्यार भरे हाथ मेरे बालों को संवार रहे थे। एक हाथ मेरे पीठ को सहला रहा था। मैं लम्बाई में छोटी थी, उसके पांवो पर चढ़ गई और अब अपने हाथ उसके गले में हार की तरह डाल दिये। मेरा सीना उसके सीने से दब गया, और जोर से अपने उरोज उसकी छाती से रगड़ने लगी। मेरे मन में आनन्द की लहरें उठने लगी। उसने जोश में मेरे चूतड़ों की गोलाईयाँ सहला डाली। वासना का आनन्द मुझ पर चढ़ने लगा। अचानक मेरे वक्षस्थलों पर उसका हाथ जम गया और उसे सहलाने लगा।
मेरे निपल कड़े होने लगे। मेरे स्तन उसके हाथों में मचल उठे। तन में मीठी सी आग जल उठी। मैं मदहोश होने लगी। हाय राम… मुझे ये क्या हो गया…इसे मैं भाई कहती हूँ… पर मुझे ये कैसा आनन्द आ रहा है… क्या ये आनन्द सही है या रिश्ता… पर रिश्ता तोड़ा तो राहुल ने ही है ना… कौन सा मेरा सगा भाई है … हाय मसल दे मुझे…। उसी समय राहुल ने मुझे धीरे से अपने पांवों पर से मुझे उतार दिया। जैसे नशा टूट गया…
“शालू, देखो किसी को मत कहना, आपका ये अहसान जिन्दगी भर मेरे दिल में रहेगा, मुझे असीम आनन्द आया, थंक्स शालू !” उसकी सांसे अब भी उखड़ी हुई थी। अचानक उसका मुझे यूँ छोड़ देना मुझे नहीं भाया, मेरी नजरें झुक गई और पैर के नाखून से जमीन कुरेदने लगी।
“राहुल जी, आप भी मत कहना, अब आप जाईये।” मैंने अपनी बड़ी बड़ी आंखे उठा कर राहुल की ओर देखा।
“क्या मैं कल भी आऊ?” उसकी शरारत भरी मुस्कान मेरे दिल को चीर गई।
“आपकी मरजी, आपका घर है !” घायल सी मैं बोली। राहुल खुश हो गया और जल्दी से दरवाजा खोल कर बाहर निकल गया।
उसके जाने के बाद मेरा दिल अब कही नहीं लग रहा था। मैं निढाल सी बिस्तर आ गिरी और राहुल के बारे में सोचने लगी। पहले तो मुझे अपने ऊपर शर्म आने लगी कि मैंने ये क्या कर डाला। फिर शनै: शनै: मुझे सब कुछ मोहक लगने लगा। अपनी छातियों पर दबाव, निपल को खींचना, नरम होंठो का किस, मेरे नरम नरम चूतड़ को सहलाना, मेरे बदन में आग भरने लगी। काश मैं उसका लण्ड पकड़ कर दबाती, उसका सुपाड़ा बाहर निकाल कर मलती। एक बार अपनी चूत में उसे ले कर तड़पती, तो मुझे शान्ति मिलती। शाम को कपिल थका हुआ सा घर आया और आते ही उसने राहुल को बुला लिया। राहुल ने मुझे जान कर देखा तक नही, बस आकर दोनों ने ड्रिंक ली और कपिल खाना कर सोने चला गया। राहुल कुछ देर तक बैठा रहा, शायद मुझसे कुछ कहना चाहता था।
“शालू, सुबह के लिये एक बार फिर थेंक्स !” उसने मेरी तरफ़ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखा, मुझे समझ में आ गया कि वो चाहता है कि मैं उसे सुबह बुलाऊँ। वैसे सुबह ही बात हो चुकी थी, पर शायद वो उसे सुनिश्चित करना चाह रहा था। पर फिर से कैसे कहूँ ? मैं शरमा गई और धीरे से बोली,”भैया, बार बार कह कर शर्मिन्दा मत करो।”
“कल सुबह आप फ़्री है ना, यही पूछ रहा था?” मेरी नजरें फिर से झुक गई। मैंने नजरें नीची करके ही बस हां में सिर हिला दिया। वो उठा और जल्दी से बाहर चला गया।
रात भर मैं फिर से राहुल के ख्यालों में उलझ सी गई। मुझे वो सेक्सी लगने लगा। मुझे अब लगा कि सुबह वो क्या क्या करेगा, जरूर वो मुझे चोदेगा, मेरी इच्छा जरूर पूरी करेगा। मेरे बोबे भी मसलेगा और्… और्… लण्ड को मेरी चूत में… हाय राम, मैं तो मर जाऊंगी।
मेरी आंख खुली तो कपिल मुझे देख कर मुस्करा रहा था। मुझे जागते देख कर पूछा,”रात को तुम कोई सेक्सी सपना देख रही थी क्या” उसके कहते ही मैं उछल पड़ी।
“हाय राम, आपको क्या पता ?” फिर मैं ही शरमा गई। शायद मैं सोच सोच कर रात को झड़ गई थी।
“हाय कपिल, तुम तो बस सो जाते हो, मेरा तो कुछ सोचते ही नहीं !” मैंने पकड़ा जाने पर शिकायत कर दी।
“डार्लिन्ग, अभी नहीं, मुझे अभी जुकाम और हल्का बुखार है, ठीक होने दो।”
मुझे लगा कि कहीं ये आज की छुट्टी ना ले लें। पर नहीं, उसका छुट्टी लेने का जरा भी मन नहीं था। मैं तुरंत उठी और नित्य कर्म से निपट कर कपिल के लिये नाश्ता और टिफ़िन बनाने लगी। कुछ ही देर में वो ऑफ़िस के लिये निकल गया। मैंने अपना सफ़ेद टाईट पजामा पहना, पर पेन्टी नहीं पहनी। ढीला सा ऊंचा सा टॉप बिना ब्रा के पहन लिया। मुझे लगा कि सच में मुझे ब्रा की आवश्यकता ही नहीं थी। मेरे स्तन तो वैसे ही सीधे तने हुए खड़े थे। मुझे ये सब अपने मजे के लिये तो करना ही था। मेरा दुबले बदन की सारी गहराईयां अधिक लचीली नजर आने लगी। पजामा चूतड़ों की दरार में घुस कर उसकी गहराई नाप रहा था, शायद राहुल को ये सब सेक्सी लगेगा। यदि अब वो मेरे स्तनो पर हाथ डाले तो सीधे बोबे ही उसके हाथ में आये। लण्ड तैयार हो तो अन्दर जाने में कठिनाई ना हो। पर मुझसे यह सब कैसे होगा।
राहुल भी अपने समय से आ गया। उसे देखते ही मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई। मुझे पता था आज वो फिर किस करेगा और फिर्…
“शालू, मुझे कल कितना मजा आया कि मैं बता नहीं सकता।” उसने कल की बात याद दिलाई। मैं शरमा गई और झुकी निगाह से कह उठी। बात सीधे ही बिन्दु पर लाने का ये सबसे अच्छा तरीका था।
“राहुल, पर ये सब ठीक नहीं है, अगर पता चल गया तो मैं तो मर ही जाऊंगी।” मैंने अपनी शंका व्यक्त की। राहुल उठा और मेरे पास आ गया।
“मेरे ऊपर भरोसा रखो, जवानी है तो मजे लूटो और जिस्म की प्यास खुद भी बुझाओ और मुझे भी बुझाने दो।”
“राहुल, हाय रे ऐसे ना कहो, मुझे कुछ होता है” मैंने अपनी तड़प उसे दर्शाई।
“शालू, तुम्हारा जिस्म लाजवाब है, तुम्हारा क्या मस्त फ़िगर है, इसका मजा उठा लो।”
“नहीं जी… वो… वो … कैसे… हाय रे मैं मर जाऊंगी।” मैं कांप उठी।
“सच में , ये बदन इतना सेक्सी है कि इसे एक मर्द मसलने को चाहिये” उसके हाथ मेरी कमर पर आ गये और मेरे स्तन की और बढ़ने लगे। मैं अपने कांपते हाथो से उसका हाथ रोकने की कोशिश करने लगी, पर नाकाम रही, ताकत के साथ मेरे हाथ को हटाते हुए वो मेरे चूंचियो के ऊपर आ गये। मेरी सिसकारी निकल पड़ी। मेरे चूंचियां दब गई… एक मीठी सी कसक उठी।
“ना कर्… हाय, लाज आती है।” मैं सिमट उठी। पर मन में लगा कि मेरी चूंचियाँ वो बेरहमी से मसल डाले। मेरी मन की कसक शांत कर दे। उसका हाथ मेरी चूंची को सहलाने लगे। तभी उसका दूसरा हाथ मेरे पेट को दबाते हुए टाईट पजामे में घुस कर चूत की ओर बढ़ गया।
“बस ना… ये नहीं करो…मैं मर जाऊंगी राम रे !” पर तब तक उसका हाथ मेरी नरम नरम झांटो को सहलाते हुए चूत तक पहुंच गया था और मेरी चूत को प्यार से सहला रहा था। मेरी चूत गीली हो चुकी थी, उसका चिकनापन उसकी अंगुलियों में लग गया। मैं तड़प उठी। मुझे मीठी मीठी सी सेक्सी गुदगुदी का अहसास होने लगा था। मैंने उसे धन्यवाद की नजरों से निहारा। मेरा मन उसका लण्ड पकड़ने को तरस उठा। मेरी चूत लपलपा उठी। मैंने अब शरम छोड़ दी और मेरे मुख से एक हाय निकल पड़ी। मैंने शर्म के साथ अपना पांव और जिस्म फ़ैला कर उसके हवाले कर दिया। उसके हाथ मेरे जिस्म पर फ़िसलने लगे, मुझे नशीली तरंगों का अह्सास होने लगा। मेरी चूंचियों को वो मसलने लगा, चूत के अन्दर उसकी दो दो उंगलियां उसकी गहराईया नापने लगी। मेरा बदन उसकी बाहों में बल खाने लगा, तड़प उठा।
उसने मुझे उठाया और बिस्तर पर लेटा दिया। उसने अपनी कमीज और पैन्ट उतार दिया और अपना बलिष्ठ लण्ड मेरे सामने लहरा दिया। उसका लण्ड तन्ना कर सीधा खड़ा था। मैंने धीरे से उसका लण्ड थाम लिया और हाथों में कस लिया। उसके मुँह से हाय निकल पड़ी। मेरा पजामा उसने नीचे खींच लिया और मेरा टॉप भी उतार कर पास में रख दिया। मैंने उसके लण्ड को कस कर थाम कर मुठ मारना आरम्भ कर दिया। आह भरते हुए उसने मेरी तारीफ़ करने लगा।
“सुन्दर, शालू, तुम्हारा जिस्म कितना सुन्दर है !” वो कुछ करता उसके पहले ही मुझसे नहीं रहा गया और उसके लण्ड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। उसने तो मुँह में ही धक्के मारने आरम्भ कर दिये। मुझे बहुत ही आनन्द आने लगा।
उसने अपना हाथ पीछे करके मेरी चूत को सहलाते हुए मेरी योनि-कलिका को हल्के से मल दिया। दाना मलते ही एक तीखा मजा आया। फिर उसकी अंगुली मेरी चूत में उतरती चली गई। मैं मस्ती में चिहुंक गई। अब उसने मेरे मुख से लण्ड निकाल लिया और मेरे ऊपर लेट गया और मेरे मुख से मुख मिला दिया और मेरे होंठ और जीभ को चूसने सा लगा। उसका जिस्म का दबाव मेरे ऊपर बढ़ता ही चला गया और उसके भटकते राही ने अपनी राह ढूंढ ही ली। लण्ड अपना रास्ता खोज कर आगे बढ़ चला और गहराईयों का लुफ़्त लेने लगा। मेरे शरीर में लण्ड के अन्दर उतरते ही, एक तेज मिठास जिस्म में भर गई। योनिद्वार से मस्ती का पानी चू पड़ा। उसका मुख मेरे मुख को रगड़े जा रहा था और लण्ड की मस्ती भरी चाल मेरी योनि को असीम सुख दे रही थी। मेरी टांगें ऊपर की ओर उठ चुकी थी और कमर खुल कर चल रही थी। मेरी आंखे मस्ती में बंद थी। मेरी कस कर चुदाई चल रही थी। सच में राहुल एक अच्छी चोदने की कला जानता था। मेरा पूरा जिस्म वो इस तरह से मसल रहा था कि मेरा कोई भी अंग अछूता नहीं रहा।
अचानक मुझे लगा कि मैं अब नहीं सह पाउंगी और झड़ जाऊंगी। मेरे शरीर में अतिवासना भर उठी। पूरा जिस्म वासना की तीव्र मिठास से भर उठा और मैंने राहुल को जकड़ लिया। राहुल समझ चुका था, उसने और तेजी दिखाई और मैं छूट पड़ी। चूत ने पानी छोड़ दिया और मैं झड़ने लगी। पर राहुल में दम था, उसका कड़क लण्ड बाहर आ गया। मेरी उठी हुई टांगों का फ़ायदा उठाते हुए उसने अपना लण्ड मेरे दूसरे छेद में सटा दिया। मैं एकदम से घबरा उठी, क्योंकी मेरे गाण्ड का द्वार अभी तक अछूता था और खुला हुआ भी नहीं था। मुझे पता था कि मेरी गाण्ड में यदि उसका लण्ड घुस पड़ा तो मेरी फ़ट भी सकती है।
“राहुल प्लीज ये नहीं करना…उईऽऽऽऽ… मत घुसाओ ना…हाऽऽऽय रेऽऽऽ…मार दी रे मेरी…” मैं विरोध करते हुए चीख सी उठी, पर जब तक लण्ड मेरी गाण्ड में घुस चुका था। मैं दर्द से तड़प गई। पर मेरी गाण्ड अभी नरम थी, स्किन भी नरम थी सो फ़टने से बच गई।
“बस हो गया शालू… इसे भी कब तक छुपा कर रखती…थोड़ा सा दर्द होगा, पर असली मजा तो यही है।”
उसका दूसरा धक्का लगा, मुझे लगा की जैसे गाण्ड में आग लग गई हो। मैंने अपना मुख कस कर बंद कर लिया। मेरी आंखो से आंसू निकल पड़े। मेरी गाण्ड में जलन होने लगी। उसने धीरे धीरे लण्ड अन्दर बाहर करना आरम्भ कर दिया। धीरे धीरे आग जैसी जलन कम होने लगी। वो मेरी गाण्ड के छेद में थूक लगाता जाता और लण्ड पेलता गया। उसकी आहें भी तेज हो उठी, और मेरी चीखें क्रमश: कम होती गई। पर गाण्ड का छेद टाईट होने से उसका वीर्य छूट पड़ा और मेरी गाण्ड के अन्दर ही भरने लगा। उसका चिकना चिकना वीर्य मेरे दर्द को भी राहत दे रहा था और मेरी गाण्ड की पूरी ग्रीसिन्ग भी होने लगी थी। उसका लण्ड सिकुड़ कर बाहर आ गया। उसने मेरा टॉप लेकर मेरी गाण्ड साफ़ कर दी।
“राहुल, देख खून तो नहीं निकला ना?”
“नहीं जरा सा भी नहीं, रोज ग़ाण्ड भी मराना तो फिर तुम्हें पूरा मजा आयेगा, और छेद भी खुल जायेगा !”
“नही, पीछे तो लगती है, आगे ही ठीक है !” मैंने अपनी बात कही।
“ईश्वर ने जितने छेद दिये हैं उसका पूरा फ़ायदा उठाओ, चुदाई कराओ तो पूरी कराओ, पूरा मजा लो, सारे छेद मुझसे खुलवा लेना फिर भरपूर मजा उठाना चुदाई का !” राहुल ने मुझे समझाया।
“धत्त, अब बस भी करो, चलो जल्दी से कपड़े पहन लो, कहीं कोई आ गया तो … मजा तो हमने ले ही लिया है ना !” मैं हंस पड़ी।
“बस अपन दोनों को मजा आ गया, चुदाई सफ़ल हो गई” राहुल ने भी कमेन्ट्स किये। हम दोनों ने जल्दी से कपड़े पहन लिये और दरवाजा शरीफ़ लोगों की तरह खोल दिया। मैं चाय बना कर ले आई और अब हम दोनों अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार कर रहे थे। प्यार की बातें होने लगी थी। हम दोनों को अब लगने लगा था कि कही हमें प्यार तो नहीं हो गया है… Sex Stories
मेरी क्लास में गीता नाम Indian Sex Stories की एक लड़की थी, मैं उससे बहुत प्यार करता था। हमारी जान पहचान इस प्रकार हुई :
एक दिन जब हम ट्यूशन पढ़ रहे थे तो उस दिन सर जी नहीं आएगे यह बात सब को पता थी लेकिन गीता का घर दूर होने के कारण उसे किसी ने नहीं बताया। गीता के आने का समय हो गया तो मैंने नंगी तस्वीर वाली किताब को इंग्लिश की कापी में छुपा दिया। तभी वह आ गई।
गीता ने पूछा,”आज सर जी नहीं आए ?”
मैंने कहा,”नहीं !”
मैंने कहा- मुझे इंग्लिश के कुछ ट्रांसलेशन नहीं आ रहे हैं, उसे बता देना।
गीता ने इंग्लिश की कापी खोली और तस्वीर को कुछ क्षण देखा और मुझ पर भड़क उठी, कहने लगी “तुम आखिर अपने आप को समझते क्या हो !”
किताब मेरे मुँह पर फेंक कर चली गई।
मैं डर गया कि कहीं उसने सारी बातें सर को बता दी तो ?
इस ख्याल से मैं रात भर सो नहीं पाया।
अगले दिन उसने ट्यूशन में तो कुछ नहीं कहा लेकिन ट्यूशन के बाद में मिलने को कहा।
सर के जाने के बाद उसने मुझे २०-३० नंगी तस्वीर वाली किताब दिखाई और कहा- सिर्फ तुम्हारे अन्दर ही आग नहीं धधक रही है। एक छोटी सी चिंगारी मेरे अन्दर फुलझड़ी की तरह तेज होती रहती है।
इस प्रकार हमारी मुलाकात हुई।
तभी एक दिन हमें कमरा खाली मिला तो हम दोनों में जीवविज्ञान के प्रेक्टिकल करने की इच्छा हुई।
मैंने दोपहर के १२ बजे उसे घर पर बुला लिया और कमरा बंद कर लिया। मैंने कहा- जीव विज्ञान में किस जंतु के बारे में जानना है?
उसने कहा,”होमोसपियंस के बारे में !”
अब मैंने पढ़ाना शुरु कर दिया- देखो मैं सबसे पहले इनके जननांगों के बारे में बताउंगा- मेल व फिमेल दो प्रकार के होते हैं मेल का जननांग ३ से ४ इंच लंबा तथा १ से २.५ इंच मोटा हो सकता है जिसे लिंग, लण्ड, केला, मुसड़, पेलन यंत्र आदि नामों से जानते हैं।
गीता ने पूछा- क्या इसकी कोई निश्चित लम्बाई नहीं होती?
मैंने कहा,”नहीं !”
यह देखने में कैसा होता है?
यह सुन मैं हंस पड़ा।
गीता ने कहा- मैंने छोटे बच्चो का और केवल तस्वीर में ही देखा है।
मैंने अपने पैंट की ज़िप को नीचे कर अपना लिंग निकाल कर उसके हाथों में थमा दिया।
गीता ने कहा- अरे ! अरे ! देखो यह भाग रहा है !
मैंने कहा- यह दौड़ नहीं सकता !
इस पर गीता ने कहा- देखो मेरे हथेली इसके भार से नीचे को झुक रही है ! और यह क्या? इसका आकार किसी दैत्य की तरह बढ़ता जा रहा है।
फिर उसने कहा- ऐसे नहीं ! पूरे कपड़े उतारो और समझाओ !
मैंने कहा- इसके लिए तुम्हें भी नंगा होना होगा !
वो तो मानो इस बात के लिए तैयार बैठी थी। उसने झट से मेरे और अपने कपड़े उतार फेंके।
अब हम दोनों नंगे बैठे थे।
मैंने कहा- अब तेरी बारी !
गीता ने बताया- लड़कियों में कुल तीन छेद होते हैं- १. मल-द्वार २. योनि ३.मूत्रद्वार
तथा दो चूचक भी होते हैं।
मैंने कहा- दो चूचक तो मुझे दिख रहे हैं लेकिन तीन छेद की बात तो हजम नहीं हो रही है।
गीता ने कहा- लगता है तुम्हें प्रेक्टिकल करना ही पड़ेगा। इसके लिए तुम मेरे पास आओ मेरे चूचक को दबाना शुरु करो।
मैंने कहा- इससे क्या होगा?
तो गीता ने जबाब दिया- इससे तेरे लिंग में कड़कपन आने से ही प्रेक्टिकल शुरु होगा।
अब धीरे धीरे कड़कपन आ गया।
गीता ने कहा- देखता क्या है, ठोक दे मेरे योनि को ! मजा चखा दे ! बहुत दिनों से उबल रही है !
मैंने कहा- पर योनि है किधर ?
उसने फिर चट से मेरा लिंग पकड़ा और योनि में टेक लगा बोली- पेल दे इसे !
मैंने पेलना शुरू किया- १ २ ३…. मार गप्पा गप पेलता ही गया !
इस प्रकार गीता ने एक एक चीज के बारे में खुल के समझाया।
धन्यवाद गीता ! मैं तुझे याद हमेशा रखूंगा। Indian Sex Stories
दोस्तो, मेरी यह Antarvasna पहली कहानी है जो मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर भेज रही हूँ।
मैं मुम्बई में एक साधारण परिवार में पली-बड़ी हुई हूँ। मेरे पिताजी सरकारी कर्मचारी हैं। मेरी आयु 23 की है। यह बात तब की हैं जब मैं 20 साल की थी। तब मैं बारहवीं में पढ़ती थी। हमारे स्कूल सब लड़के-लड़कियाँ एक दूसरे के साथ मजाक-मस्ती करते रहते थे। मेरा भी एक बॉय फ्रेंड था, उसका नाम अमित था। मैं उसे बहुत पसंद करती थी। वो भी मुझे पसंद करता था।
वो पढ़ाई में भी बहुत होशियार था। जब हमारी बारहवीं की परीक्षा ख़त्म हुई तब उसने और उसके दोस्तों ने घूमने के लिए गोआ जाने की योजना बनाई और हमें भी आने के लिए कहा। हमने भी हाँ कर दी। चार लड़के और सबकी गर्लफ्रेंड, हम गोवा के लिए निकल पड़े। गोवा के सस्ते होटल में हमने कमरे लिए और अपना सामान कमरे में रखा और थोड़ा आराम किया। फिर हम बीच पर घूमने गए।
वहाँ हमने अपने कपड़े उतारे और बिकनी पहन ली और घूमने लगे। बाद में हमने होटल आकर खाना खाया और हम अपने कमरे में आराम करने लगे।
तभी रीता नाम की मेरी सहेली ने कहा- मैं तो आज राज के साथ मजे करने वाली हूँ!
मैंने कहा- मजे? कैसे मजे करने वाली हो?
उसने कहा- मैं उसके साथ सेक्स करने वाली हूँ!
मैंने कहा- सेक्स? यह क्या होता है?
दरअसल मुझे पता था कि सेक्स क्या होता है, मैं उसके मुँह से सुनना चाहती थी।
रीता ने कहा- बुद्धू! सेक्स का मतलब चुदाई! जो लड़का-लड़की करते हैं!
मैंने कहा- तूने पहले किया है कभी ऐसा राज के साथ?
रीता ने कहा- हाँ! कितनी ही बार किया है।
तभी वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होठों को चूमने लगी। मैंने और उसने बिकनी ही पहनी थी इसलिए वो मेरे स्तन ब्रा के ऊपर से ही सहलाने लगी और चूमने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था, उसने मेरी ब्रा और पेंटी खोल दी और मैं उसके सामने नंगी हो गई। वो मेरे बदन को सहलाने लगी और बाद में वो मेरी चूत पर मुँह रख कर चूमने लगी।
मेरे मुँह से आह ऊह आह ऊह ओह्ह और करो आह चाटो आह जैसी आवाजें निकलने लगी।
तभी दरवाजा खुला और वहाँ अमित और राज ने कमरे में प्रवेश किया और हमें इस तरह देख कर मुस्कुराने लगे।
तभी राज ने कहा- क्यूँ! आज हमारे बिना ही अपनी प्यास बुझा लोगी?
रीता ने कहा- तो आ जाओ! तुम्हें किसने रोका है! अब तुम ही हमारी प्यास बुझा दो!
इतना सुनते ही दोनों हमें बिस्तर पर ले गए, अमित मुझे चूमने लगा। धीरे-धीरे वो मेरे नीचे की तरफ जाने लगा और वो मेरे चूत के दाने को चाटने लगा। मुझे और भी मजा आने लगा। तभी उसने अपना लंड मेरे हाथ में दिया और मुँह में लेने को कहा। मैं उसके लंड को मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
उसने मुझे चित्त लिटाया और अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रख कर फिराने लगा और तभी एक जोर धक्का दिया। उसका 8 इन्चा लंड मेरी चूत में आधा घुस गया।
मैं कराहने लगी, मुझे बहुत दर्द होने लगा और वो मुझे चूमने लगा। धीरे-धीरे दर्द ख़त्म होने लगा। मैंने उसे आगे बढ़ने को कहा और उसने पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और घर्षण करने लगा।
मेरे मुँह से आह उह की आवाज निकलने लगी और कहने लगी- और चोदो! फाड़ डालो मेरी चूत! आह चोदो।
थोड़ी देर बाद मैं झड़ने वाली थी और वो भी झड़ने वाला था। उसने स्पीड बढ़ा दी और एक झटके के साथ मेरा कामरस निकल गया। दो मिनट बाद वो भी मेरी चूत में झड़ गया। गर्म-गर्म पानी चूत में गिरने से मुझे और भी मजा आया।
उधर रीता और राज़ दोनों का भी काम तमाम हो गया था। थोड़ी देर बाद राज ने मुझे चोदा। उस रात मैं तीन बार चुदी थी।
दोस्तो, कैसे लगी मेरी कहानी! मेल जरूर करना!
मैं और भी कहानी लिखूंगी नेहा दीदी की तरह! बस आपके मेल का इंतजार रहेगा। Antarvasna
मैं पहली बार कोई कहानी Hindi Sex Stories लिख रहा हूँ। यह मेरी वास्तविक कहानी है। मैं ट्युशन पढ़ाने का कार्य करता हूँ। बात उस समय की है जब अंजना नाम की एक लड़की ट्युशन पढ़ने आई। पहले ही दिन से उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या होने लगा। हालांकि मैंने सैकडों लड़कियों को पढ़ाया है पर उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या-क्या उमंगें उठने लगी।
वार्षिक परीक्षा के बाद जब सभी छात्र आखरी दिन मिलने आये तब वह बहुत जोर-जोर से रोने लगी और कहने लगी- अब तो हम सभी आपसे जाने कब मिलेंगे !
तब मैंने कहा- इसमें रोने की क्या बात है तुम जब चाहो मेरे मोबाईल पर कॉल करके मुझसे बातें कर लिया करना।
यह सुनकर उसने रोना बंद कर दिया।
उसके बाद उसने अगले दिन मुझे कॉल किया। तब हमने थोड़ी बहुत बातें की और उसके बाद हमारी बातों का सिलसिला चल पड़ा और यह सिलसिला धीरे-धीरे कब प्यार में बदल गया दोनों को पता ही नहीं चला।
फिर एक दिन हिम्मत जुटा कर मैंने उससे अपने प्यार का इजहार भी कर दिया। इजहार करते वक्त मुझे कितनी घबराहट हो रही थी, इसको मैं बता भी नहीं सकता। लेकिन मेरी घबराहट तब खुशी में बदल गई जब उसने भी मुझसे कहा कि वह भी मुझसे प्यार करती है।
इसके बाद हम दोनों अकेले में मिलने के रास्ते ढूँढने लगे। हमारा कस्बा ज्यादा बड़ा नहीं है, लगभग सभी लोग एक दूसरे को जानते हैं, ऐसे में बाहर हमारा मिलना सम्भव नहीं था।
तब एक दिन उसने मुझसे कहा- क्या तुम रात को मेरे घर पर आ सकते हो? मैं पढ़ाई के बहाने अलग कमरे में आ जाऊँगी।
मैंने भी उसे हाँ कर दी। इसके बाद उस रात को करीब २ बजे मैं उसके घर गया। हम दोनों अकेले एक बंद कमरे में अलग थे और उसके मम्मी-पापा तथा भाई बहन अलग कमरे में थे। हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे से बातें करते रहे। धीरे-धीरे मैंने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और फिर उसके गालों पर एक चुम्बन दे दिया। यह पहला मौका था जब मैंने उसे छुआ था। मेरे शरीर में एक अजीब सी सिरहन दौड़ गई। फिर हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना शुरू किया और एक दूसरे से लिपट गये। धीरे-धीरे मैंने उसके स्तन दबाने शुरू किये जो कि बहुत ही कड़े थे, तो उसने मना कर दिया।
चूमा-चाटी तथा बाहों में लेने का यह सिलसिला करीब २ घण्टे तक चला और फिर मैंने कहा- अब मुझे चलना चाहिए।
उसके बाद करीब ४ बजे मैं वापस आ गया।
इसके बाद जब भी मौका मिलता हम उसके घर मिल लेते। एक बार उसने मुझे बताया कि उसके घर के सभी सदस्य किसी रिश्तेदार की शादी में गये हैं और वो आज घर में अकेली है।
यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।
मैं रात को ११ बजे ही उसके घर पहुँच गया। यह पहला मौका था जब हम बिना किसी डर के एक दूसरे से मिल रहे थे। जब मैं वहाँ पहुँचा तो मैंने देखा कि उसने बिस्तर लगा रखा था। मैंने उसे देखते ही उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगा क्योंकि आज किसी के भी आने का डर नहीं था। फिर मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और मैं उसके पास ही लेट गया। हम काफी देर तक एक दूसरे से प्यार की बातें करते रहे। इस बीच मैं उसके शरीर पर हाथ भी फेरता जा रहा था। आज वह मुझसे कोई विरोध नहीं कर रही थी क्योंकि शायद वह जानती थी कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते हैं।
मैंने फिर उसके कुर्ती के अन्दर हाथ डालकर उसके स्तन दबाने शुरू किये। उस समय तो मानो स्वर्ग का आनन्द मिल रहा था। काफी देर तक स्तन दबाने के बाद मैंने उसकी कुर्ती को उतार दिया और साथ ही उसके सलवार को भी उतार दिया। अब वह मेरे सामने ब्रा और पेंटी में लेटी थी। मैंने उसके शरीर को अच्छी तरह से सहलाना और रगड़ना शुरू कर दिया और उसे चूमने लगा।
मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिये और उसके स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगा। इसके बाद मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया। इसके बाद हम ६९ की पोजीशन में आ गये। मैं उसकी चूत को काफी देर तक चाटता रहा और वह भी मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।
हम दोनों ही बहुत ज्यादा गर्म हो चुके थे और मेरा लण्ड उसको चोदने के लिये उतावला हो रहा था। मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत के मुंह पर रखा और एक हल्का सा झटका दिया। वह चिल्लाने लगी तथा मुझे दूर हटाने लगी। लेकिन मैं उस पर हावी हो चुका था, मैंने उसके होठों पर अपने होठ रखकर उसके मुँह को बंद कर दिया और एक जोरदार झटका दिया जिससे मेरा आधा लण्ड उसकी कुंवारी चूत में घुस गया। वह बुरी तरह से छटपटाने लगी और रोने लगी। उसकी चूत से खून भी निकलने लगा था।
वह रोते हुए कहने लगी- प्लीज ! मुझे छोड़ दो ! फिर कभी करेंगे !
लेकिन मैंने उसकी एक भी न सुनी और दो-तीन झटकों में पूरे लण्ड को उसकी चूत में घुसेड़ दिया जिससे वह एक चीख के साथ बेहोश हो गई। मैंने बेहोशी में ही उसे चोदना जारी रखा। तेज दर्द के कारण वह फिर होश में आ गई और जोर-जोर से रोने लगी।
यह देख मैं रूक गया। मैंने कहा- अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है, तुम्हारी सील टूट चुकी है और अब तुम्हे सिर्फ मजा आयेगा।
इसके बाद मैंने उसे धीरे-धीरे चोदना चालू किया तो उसे भी मजा आने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगी। करीब आधा घण्टा चोदने के बाद हम दोनों ही एक साथ झड़ गये।
उसके बाद उसे मैंने कई बार चोदा। Hindi Sex Stories
The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first.
We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.