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सबसे पहले सभी Hindi Porn Stories प्यासी चूतों को मेरे लण्ड का सलाम !

मेरा नाम राजेश कुमार है, मैं आप सब प्यासी चूतवालियों का अपने ७ इंच के खड़े लण्ड के साथ आप लोगों का स्वागत करता हूँ !

मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ। मैं २४ साल का नवयुवक हूँ मेरा कद १७५ सेमी और मेरा वजन ६५ किलो है और मैंने बहुत साहस करके अपनी खुद की वास्तविक कहानी आप लोगों का बता रहा हूँ।

वैसे आप सब लोगों को बता दूँ कि मैं एक नम्बर का चूत का चुस्सू हूँ, मुझे चूत चाटने, चूसने और उसका रस पीने में बड़ा मजा आता है। वैसे मैं एक कॉल बॉय बनना चाहता हूँ।

मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ और अभी गांधीनगर, गुजरात में रह रहा हूँ, गांधीनगर में मैं एक सिक्योरिटी कम्पनी में नौकरी करता हूँ और हर ३-४ महीने बाद घर जाता हूँ।

अभी मैं अपनी कहानी पर आता हूँ, मैं अपने परिवार के साथ गाँव में रहता था, मेरे घर के पिछवाड़े में एक परिवार रहता है। उस घर में एक बड़ी सेक्सी औरत रहती है, उसका नाम श्वेता है। उसका साईज ३६ इंच, ३२ इंच, ३८ इंच है।

उसका पति फौज में है, मैंने उस औरत को कैसे चोदा और कब चोदा इस कहानी में बताउंगा।

यह बात उन दिनों की है, जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता था, तब मेरी उम्र १८ साल और ६ महीने थी।

जब मैं दोपहर को स्कूल से आता तो हमारे घर पर कोई नहीं होता था, एक दिन मैं स्कूल से जब घर आया तो मेरा घर बंद था तो मैं अपने पिछवाड़े की तरफ गया तो देखा कि श्वेता नीम के पेड़ के नीचे आधी नंगी होकर नहा रही है।

जैसे ही मैंने उसे देखा मेरा तो लंड उसकी ३६ इंच की चूची देख के खड़ा हो गया, हमारे पिछवाड़े में एक छप्पर है जिसमें हमारी भैंसें बंधती हैं, मैं उस छप्पर में घुस गया और उसकी तरफ देखा तो श्वेता मेरी तरफ ही देख रही थी। तो मैंने उसे दिखाते हुए अपनी पैन्ट उतारी और उसे नहाता देखते हुए मुठ मारने लगा, अब वो अपने बदन पर साबुन लगा रही थी और तिरछी नजर से मेरे ७ इंच लंड को मुझे मुठ मारते हुए देख रही थी, लेकिन वो जैसे ही मेरी तरफ देखती, मैं छप्पर की दीवार कर आड़ में हो जाता। पर उसे पता था कि मैं उसे नहाते देख के मुठ मार रहा हूँ।

अब वो अपना पेटीकोट ऊपर करके अपनी जांघों पर साबुन लगा रही थी मुझे उसकी जांघें साफ दिखाई दे रही थी। मैं उसे नहाते हुए देख मुठ मार रहा था और वो कभी अपनी चूचियों को दबाती कभी अपनी जांघों को सहलाती और अचानक उसने अपना पेटीकोट ऊपर उठाया और अपनी चूत पर साबुन मलने लगी। अब मेरे हाथ की स्पीड बढ़ गई थी और मैं झड़ने लगा।

मैंने अपनी पैन्ट पहनी और छप्पर से बाहर निकल कर घर का पिछला दरवाजा खोल अन्दर जाते हुए उसे देखा तो वो मेरी तरफ ही देख रही थी और मुझे अपनी ओर देखते हुए देख के मुस्करा गई।

अब तो मैं उसे रोज उसे नहाते देखता हुआ मुठ मारने लगा और अब मैं धीरे-२ खुल के मुठ मारते हुए नहाते देखता और वो मुझे देखती हुई नहाते हुए अपनी चूची दबाती।

एक महीने बाद मेरी माँ और मेरा छोटा भाई मेरे मामा के घर गये तो मेरी माँ श्वेता को मेरे खाने के बारे में बता के गई क्योंकि मुझे खाना बनाना नहीं आता था।

जब मैं स्कूल से घर आया तो श्वेता ने मुझे बताया कि मेरी माँ मेरे मामा के घर गई है और आज से वो मुझे खाना खिलायेगी।

तो मैंने कहा- ठीक है !

उसने कहा- तुम आज शाम ७ बजे खाना खाने आ जाना !

फिर मैंने खाना खाया और फिर पिछवाड़े में आ गया तो श्वेता ने कहा- मैं नहा लेती हूँ।

मैंने कहा- ठीक है !

और मैं अपने छप्पर की ओर जाने लगा तो श्वेता ने कहा- वहाँ जाने की कोई जरूरत नहीं है, तुम यहीं बैठ के मुझे नहाते हुए देखो।

मैंने कहा- मैं तो कभी आपको नहाते हुए नहीं देखता !

तो वो बोली- मैं तुम्हें रोज देखती हूँ ! तुम रोज मुझे देखते हुए वहाँ छप्पर में मुठ मारते हो और अब झूठ बोल रहे हो !

तो मैंने कुछ नहीं कहा और वहीं बैठ गया, वो अपने कपड़े खोलने लगी और मुझसे पूछने लगी- तुझे मेरी कौन सी चीज बहुत अच्छी लगती है?

तो मैंने कहा- मुझे तो तेरी चूचियॉं बहुत अच्छी लगती हैं !

उसने कहा- तो फिर यहाँ आओ और इन्हें अच्छी तरह देखो !

मैं डरते हुए उसके पास गया और देखने लगा तो उसने डाँटते हुए कहा- इन्हें जोर-२ से दबाओ !

और मैंने उसकी दोनों चूचियों को जोर-२ से दबाना शुरू कर दिया।

फिर श्वेता ने मुझ से पूछा- राजेश क्या तूने कभी किसी को चोदा है या किसी को चुदाते हुए देखा है आज तक?

तो मैंने मना कर दिया।

तुम चुदाई के बारे में कुछ जानते हो क्या?

मैंने जवाब दिया- मैं चुदाई के बारे में कुछ नहीं जानता हूँ !

तो श्वेता कहने लगी- तुम आज रात हमारे घर ही सोना, आज मैं तुम्हें सब सिखाउंगी कि चुदाई कैसे करते हैं और चुदाई का कैसे मजा लेते हैं !

मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ कि आज जमके चोदने को मिलेगा।

फिर मैं शाम को ७ बजे श्वेता के घर गया तो श्वेता सज धज के बैठी थी।

यारो, मैं तुम लोगों को बताना भूल गया था कि श्वेता के दो बच्चे भी हैं एक लड़का ३ साल का और एक लड़की १ साल की !

उसने पहले अपने बच्चों खिला के सुला दिया, फिर हम दोनों ने खाना खाया और टीवी देखने लगे। उस समय पर ये सीडी प्लेयर नहीं चले थे। श्वेता के घर में एक पुराना वीसीआर था तो श्वेता ने अपने वीसीआर में एक कैसेट लगाई और बोली- आज तुझे सब कुछ सिखा दूंगी !

थोड़ी देर में जब कैसेट चली तो उसमें दो लड़कियाँ एक लड़के को नंगा कर रही थी, एक ने उसकी शर्ट निकाली और एक ने पैन्ट ! जिस लड़की ने उसकी पैन्ट निकाली, उसने उसकी अण्डरवीयर निकाली और लण्ड पकड़ कर उसे चूसना शुरू कर दिया।

अचानक श्वेता ने मुझे खड़ा कर के मेरी भी पैन्ट निकाल के मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया तो मुझे ऐसे लगा जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच गया हूँ और श्वेता मेरे हाथों को अपनी चूचियों पर लाकर बोली- अब इन्हें जोर-जोर से दबाओ और चूसो भी !

तो मैं उसकी चूचियों को दबाने और चूसने लगा। थोड़ी देर बाद हम एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे। फिर श्वेता ने मुझे टीवी की ओर इशारा किया कि देखो वो लड़का कैसे उन लड़कियों की चूत चूस रहा है ! तुम भी मेरी चूत भी ऐसे ही चूसो !

फिर मैंने उसका पेटीकोट खोल दिया, मैंने देखा कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना है और मुझे उसकी झाँटों से छिपी चूत नजर आने लगी। पहले मैंने उसकी चूत को चूमा और अपनी जीभ चूत के अन्दर डाल दी और चूसने लगा- वाह ! क्या स्वाद था उसकी चूत का ! थोड़ा नमकीन थोड़ा खारा ! मुझे तो मजा आ गया चूत चूसने में, श्वेता जोर-जोर से आ़ऽऽऽ….. और जोर सेऽऽ चूसोऽऽ ! और जोर….. से चूसो ….. बड़ा मजा आ रहा है ….. आह ….. ओह …… अब मैं झड़ने वाली हूँ ….. आह ……. ओर जोर से …….. आह …..मैं गई…..

और अचानक उसकी चूत का रस बुरी तरह बहने लगा तो श्वेता ने मुझसे कहा- मेरा रस पीओ !

तो मैं उसका पूरा चूत-रस पी गया, वो भी मेरा लण्ड बड़े प्यार से चूस रही थी।

श्वेता के झड़ने के थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य भी निकलने लगा तो श्वेता मेरा पूरा वीर्य पी गई और कहने लगी- राजेश, मैंने आज तक तेरे वीर्य जैसा गाढ़ा और स्वादिष्ट वीर्य किसी का नहीं पिया !

फिर मैंने कहा- श्वेता, मुझे झांटों वाली चूत अच्छी नहीं लगती, और फिर टीवी की ओर इशारा करके बोला- मुझे उन लड़कियों की तरह सफाचट और साफ चूत पसंद है !

तो श्वेता बोली- मेरे राजा, तुम्हें थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, मैं शेविंग का सामान लाती हूँ ! तुम मेरी चूत की शेव कर दो ! फिर दबा के चोदना !

मैंने कहा- हाँ यह ठीक रहेगा !

फिर वो शेविंग का सामान ले आई।

मैंने उसकी उसकी चूत पे शेविंग क्रीम लगाई और ब्रश को रगड़ने लगा। ब्रश के मुलायम बाल जब चूत के अन्दर गुदगुदी करते तो श्वेता आह…… ओह …… करने लगती। फिर जब खूब झाग बन गये तो मैंने रेजर लिया और शेव करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद चूत चमकने लगी और मैं दोबारा चूत चाटने लगा तो श्वेता बोली- क्या चूत ही चाटते रहोगे या चोदोगे भी !

मैं बोला- मुझे तो चोदना आता ही नहीं है !

श्वेता बोली- चोदोगे तभी तो चोदना सीखोगे ! चूत ही चाटते रहोगे तो चाटना ही सीखोगे।

फिर श्वेता चारपाई पर लेट गई और बोली- मेरे राजा यहाँ आओ और अपना यह मूसलचंद मेरी इस ओखली में डाल के दबा के कुटाई करो !

तो मैं बोला- मेरी चुद्‌दो रानी ! मेरी तो कुछ समझ में नहीं आया कि तुम क्या बोल गई ?

तो वो हंस के बोली- मेरे बुद्धू चोदू राजा ! अपना यह लम्बा लण्ड मेरी इस में घुसा दो !

और उसने अपनी टाँगें फैला दी, मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पे रख कर धक्का मारा तो लण्ड फिसल के साईड में चला गया तो श्वेता बोली- मेरे प्यारे चोदू राजा, यह ऐसे ही अन्दर चला जाता तो हर आदमी चोदू बन जाता !

और फिर अपने हाथ से मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगाया और बोली- अब मारो धक्का, जोर से मारना कि पूरा लण्ड एक ही झटके में चूत को फाड़ के अन्दर चला जाये और फिर धुँआधार झटके मारना, मेरे दर्द की परवाह मत करना !

फिर मैने एक जोर का झटका मारा और पूरा लण्ड एक ही झटके में चूत के अन्दर पेल दिया, श्वेता जोर से चिल्ला पड़ी- आह ……… थोड़े धीरे, साले मारेगा क्या ………..

मैंने कहा- तुम ही तो बोली थी कि जोर से पेलना !

इतने जोर से पेलने को थोड़े ही बोला था ?

तो मैं रुक गया।

वो बोली- रुक क्यों गया साले?

तो मैं बोला- साली कभी रुकने को बोलती है कभी चोदने को !

तो वो बोली- कि मैंने तुझे पहले कहा था कि मैं कुछ भी बोलूँ तू रुकना मत ! जोर-जोर से धक्के मारते रहना ! तो तू रुका क्यों? अब जोर -जोर से धक्के मारते हुए चुदाई कर !

और चूचियों को भी खूब दबा और चूस !

तो फिर मैंने राजधानी मेल की तरह धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी। ३० मिनट तक दबा के चुदाई चली। इस दौरान श्वेता ३ बार झड़ी और जब मैं झड़ने वाला थ तो मैंने कहा- मेरा निकलने वाला है !

तो श्वेता बोली- राजा तुम अपना ये अमृत मुझे पिलाना ! मेरी चूत को मत पिलाना !

तो मैंने अपना लण्ड उसकी चूत से निकाल कर उसके मुंह में डाल दिया और वो मेरा पूरा वीर्य गटागट पी गई। उस रात उसने मुझे अलग-अलग आसनों से चोदना सिखाया और फिर हम रोज चुदाई करते ! जब उसका पति छुट्‌टी आता तो हम छुप के चुदाई करते।

फिर एक बार उसकी बड़ी बहन की लड़की उसके घर आई तो मैंने उसे भी चोदा ! उसका नाम बीरबती था, वो १९ साल की थी और उसके जेठ की लड़की विमला को कैसे चोदा और विमला की गांड कैसे मारी ये आपको अगली कहानी में बताउंगा !

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, कृपया मुझे मेल करें ! Hindi Porn Stories

न्यू वाइफ की छोटी चूत मेरे अब्बू ने कैसे फाड़ी, यह मैंने देखा उनकी पहली रात की वीडियो में! मेरे अब्बू कमसिन नई दुल्हन ब्याह के लाये तो मैंने उनकी चुदाई देखनी चाही.

मेरा नाम शरीफ़ कुरैशी है. मेरी अभी उम्र 25 साल की है.
मैं अब्बू के दूसरी बीवी की औलाद हूं.

मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है. मेरा रंग सांवला है लेकिन मैं अच्छा दिखता हूं.
मेरा घर यूपी के आजमनगर में है.

अब मैं अपनी कहानी सुनाता हूं.
बात तब की है जब मैं इंटर कॉलेज का छात्र था और तब मैं करीब 19 साल का था.

हमारी बहुत बड़ी फैमिली है. मेरे अब्बू बहुत पैसे वाले हैं और हमारे बड़े-बड़े 4 – 5 घर हैं.
फार्म हाउस के साथ ही हमारे पास 7 – 8 कार भी हैं.
हमें पैसों की भी कोई कमी नहीं है.

मेरे अब्बू का नाम मोहम्मद अली कुरैशी है.
अब्बू की उम्र 62 साल है.
उन्होंने तीन निकाह किए हैं.

मेरे बड़ी अम्मी सलमा 56 साल की हैं.
बड़ी अम्मी की 5 औलाद हैं, जिनमें दो बेटों के साथ तीन बेटियां हैं.
पहले बेटे का नाम सोहेल (38 साल) है और उनकी पत्नी जोया (35 साल), दूसरे का नाम सलीम (37 साल) उनकी पत्नी नूरजहां (33 साल) है.
तीसरी बेटी मराह (35 साल), चौथी बेटी का नाम मजिदा (34साल), पांचवीं का नाम मरीया (32 साल) है.
तीनों लड़कियों का निकाह हो चुका है.

अब्बू की दूसरी पत्नी अयासा (42) जो मेरी अम्मी हैं.
उनकी चार औलाद थीं लेकिन अब सिर्फ तीन हैं. एक की मौत बचपन में हो चुकी है.
मेरे बड़े भाई शाहिद (23 साल), जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, उनकी पत्नी का नाम शाहनाज (21 साल) है और मेरी छोटी बहन का नाम मलिका कुरैशी है, जो 10वीं की छात्रा है.

अब्बू की तीसरी पत्नी का नाम फातिमा बीवी (20) है जिससे अब्बू की नई-नई शादी हुई है.

हम सब अलग-अलग बंगले में रहते हैं.
बड़ी अम्मी और उनकी 2 औलाद एक बंगले में, मेरी अम्मी और हम तीन भाई-बहन एक साथ अलग बंगले में रहते हैं.

अब्बू की अभी नई-नई शादी हुई थी इसलिए अब्बू और छोटी अम्मी नए वाले बंगले में रहने वाले थे.

जब अब्बू ने शादी की तब उस समय घर में किसी को यह बात पता नहीं थी.
मैं भी कॉलेज में था.
जब घर आया तो मुझे पता चला कि अब्बू ने तीसरी शादी की है.

उन पर सब नाराज़ थे लेकिन मैं नई नवेली दुल्हन को देखना चाहता था.
जब दुल्हन सामने आई तो मैं उसे देखकर हैरान रह गया.

क्या दुल्हन थी यार … मल्ला कसम … मस्त फिगर वाली गोरे बदन, लम्बे बाल, लाल-लाल होंठ, पतली कमर छोटे-छोटे बूब्स जैसे ताज़ा-ताज़ा फूल खिला हो.
छोटी अम्मी का फिगर साइज 32 – 24 – 32 होगा.

मैं तो यह सोचकर परेशान हो रहा था कि इस बुड्ढे यानि मेरे अब्बू को ऐसी माल कहाँ से मिल गई.
अब्बू के ड्राइवर से पूछा तो पता चला कि यह एक गरीब किसान की बेटी थी. अब्बू ने उनके अब्बू को पैसे देकर निकाह की बात की तो वे मना नहीं कर सके.

अब अब्बू अपनी सुहागरात के लिए अपने नए घर को सजाने के लिए मुझे कहा.

मैं घर में सबसे छोटा लड़का था.
तो अब्बू ने कहा- नए घर के बेडरूम को सज़ा-संवार दो.

जब मैं बेडरूम को सज़ा रहा था तो मन में एक ही ख्याल आ रहा था कि काश फातिमा के साथ आज मेरी सुहागरात होती!
तो इस बेड पर मैं अब्बू की न्यू वाइफ की छोटी चूत को खूब पेलता.

और यह सोच कर मेरा लौड़ा खड़ा हो रहा था.

इस बात को सोचकर मैं उसी बेड पर मुठ मारने लगा और कुछ देर बाद मेरा लौड़ा झड़ गया.

फिर मैने सोचा कि आज तो फातिमा बीवी को पूरा नंगी देखना है.
इसके लिए मैंने अपना फोन को ऑन करके छुपा दिया और अपने पुराने घर आ गया.

रात के 10 बज चुके थे, अब्बू और फातिमा बीवी नए घर में सुहागरात के लिए चले गए.

अब सब सो गए थे लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.
सारी रात फातिमा के बारे मे सोचता रहा और फातिमा की यादों में कब सुबह हो गई मुझे पता ही नहीं चला.

अब मैं अपना फोन लेने नए वाले घर गया.
लेकिन दरवाज़ा बंद था.

मैंने टाइम देखा तो सुबह के 5 बजे थे और सुहागरात के बाद कौन इतनी जल्दी उठता है.
यह सोचकर मैं वापस घर आ गया.

अब तो समय जैसे थम सा गया था.
मैं सिर्फ घड़ी को देख रहा था 5 से 6, 6 से 7, 7 से 8, 10 से 11 बज चुके थे और अब्बू अभी तक सोए हुए थे.

अब मेरा दिमाग खराब होने लगा था.
फिर अब्बू 12:30 बजे में बाहर आए लेकिन छोटी अम्मी (फातिमा) नहीं आईं.

अब फोन वापस कैसे लूं … यह सोच ही रहा था कि अब्बू ने कहा- बेटा शरीफ़, जाकर देख ना छोटी अम्मी को कुछ चाहिए तो हेल्प कर देना. अभी वह नई है न इसलिए!

अब्बू की बात सुनकर जब मैं छोटी अम्मी के रूम में गया तो देखा वे बैड पर बैठी हैं और उनकी आंखें लाल थीं.
वे काफी थकी- थकी सी लग रही थीं.
देखकर लग रहा था कि अब्बू ने न्यू वाइफ की छोटी चूत को खूब पेला होगा.

फिर मैंने कहा- छोटी अम्मी, आपको कुछ चाहिए तो बोलिए. अब्बू ने मुझे भेजा है.
छोटी अम्मी- नहीं, कुछ नहीं चाहिए. ये बताइए कि आप उनके बेटे हैं. क्या नाम है आपका?

मैं- हां, आपके शौहर मेरे अब्बू हैं और मेरा नाम है शरीफ़!
छोटी अम्मी- वह तो दिख रहा है आप कितने शरीफ़ हैं.
यह बोलकर छोटी अम्मी हंसने लगीं.

मैं- छोटी अम्मी, आप हंस क्यूं रही हैं, मैं कुछ समझा नहीं?
छोटी अम्मी- यह बात फिर कभी बोलूंगी, पहले आप मुझे अम्मी न कहिए. मैं आपसे थोड़ी ही बड़ी हूं तो मुझे आप फातिमा ही कहें.

मैंने कहा- आप तो मेरे रिश्ते में अम्मी ही हुईं ना और घर वाले भी क्या कहेंगे.
छोटी अम्मी- ठीक है, आप सबके सामने मुझे छोटी अम्मी बोलिएगा और जब कोई नहीं हो, तो फातिमा … ठीक है?
मैं- ठीक है. पर आप भी मुझे तुम ही कहिएगा या फिर शरीफ़ कह कर बुलाइयेगा.

छोटी अम्मी- ठीक है. अच्छा शरीफ़, बाथरूम कहां है बताओगे? मुझे नहाना है.
मैं- आगे से दाएं के बाद वाला.

फिर छोटी अम्मी नहाने चली गईं.

मौका देखकर मैंने अपना फोन निकाला और चालू किया.
लेकिन मेरा फोन चालू नहीं हुआ.
शायद फोन की बैटरी खत्म हो गई थी.

मैं अपने कमरे में आया और फोन चार्ज में लगाकर उसे ऑन करने वाला ही था कि इतने में मेरी अम्मी आईं और बोली- बेटा, हमें रहमान भाईजान के घर चलना है.
मैंने अम्मी से कहा- मेरा फोन अभी चार्ज नहीं है और मैं वहां बोर हो जाऊंगा. वहां अभी रुखसाना भी नहीं है, वह अभी दिल्ली में है.

अम्मी- बेटा चल ना … जल्दी आ जाऊंगी. फोन को चार्ज में लगा दे.
मैं अम्मी को लेकर रहमान चाचू के घर चला गया.

रहमान चाचू और मेरी अम्मी की बातें तो मानो जैसे खत्म ही नहीं हो रही थी.
रात 9 बजे हम उनके घर से खाना खाने के बाद अपने घर आए.

मैंने देखा कि बड़ी अम्मी घर आई हुई थीं.
फिर अम्मी और बड़ी अम्मी बातें करने लगीं.

तो मैंने अम्मी से कहा- अम्मी, मैं सोने जा रहा हूं.
यह बोलकर मैं अपने कमरे में गया और दरवाज़े को बंद कर दिया.

मैंने बिना देर किए हुए फोन को ऑन करके वीडियो को चालू किया.
मैंने देखा कि बेड पर छोटी अम्मी बैठी हुई हैं लेकिन उनका चेहरा नहीं दिख रहा है.
उन्होंने साड़ी से चेहरे को छुपा रखा है.

फिर अब्बू आए और दरवाज़े को बंद कर दिया.

इसके बाद अब्बू बैड के पास आए और छोटी अम्मी से बातें करने लगे.
अब वहां क्या बातें हो रही थीं, मुझे ठीक से समझ नहीं आ रहा था क्योंकि फोन बहुत दूर था.

मैंने वीडियो देखते हुए कहा कि अबे बुड्ढे, इतनी खूबसूरत लड़की के साथ क्या बात कर रहा है. लड़की सामने है और तू बात करके टाइम पास कर रहा है.
इसके बाद मैंने वीडियो को थोड़ा आगे किया.

अब अब्बू छोटी अम्मी के चेहरे से साड़ी हटाते हैं और छोटी अम्मी को चूमते हैं और फिर जल्दी-जल्दी से सारे कपड़े उतार देते हैं और फिर उन्हें बेड पर लेटाकर ऊपर चढ़कर घपाघप करना शुरू कर देते हैं.

ये सब कुछ देखने में मुझे मजा नहीं आ रहा था.
शायद मैंने फोन को काफी दूर पर रख दिया था इसलिए साफ-साफ छोटी अम्मी का कोई भी सामान नहीं दिख रहा था.

छोटी अम्मी अब्बू को धीरे-धीरे करने को कह रही थीं लेकिन अब्बू तो उन पर भूखे शेर की तरह टूट पड़े थे.

अब्बू अपनी गांड आगे-पीछे, आगे-पीछे कर करके चोद रहे थे. मानो कि छोटी अम्मी की चूत को जैसे आज फाड़ ही देंगे.

मेरा फोन इतना दूर होने के बाद भी छोटी अम्मी की आवाज साफ-साफ सुनाई दे रही थी.
छोटी अम्मी जोर-जोर से आ उफ़ उफ़ आह की आवाज़ें निकाल रही थीं

मेरे अब्बू बहुत मोटे हैं उनका वजन करीब 125-130 किलो होगा.
तो वहीं छोटी अम्मी यही 50 -55 किलो की होंगी.

लेकिन अब्बू इस छोटी सी कली को मसले जा रहे थे.

अब अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स दबाने लगे और मुंह से छोटी अम्मी के बूब्स चूसने लगे.
अब्बू बूब्स को इतना जोर-जोर से दबा और चूस रहे थे जैसे बूब्स को वे खा ही जाएंगे.

अब्बू ने छोटी अम्मी के बूब्स को दांत से काट लिया जिस पर छोटी अम्मी जोर से चिल्लाई- याल्ला आह मर गई.
छोटी अम्मी- क्या कर रहे हैं … धीरे-धीरे से करिए ना …बहुत दर्द हो रहा है.

अब्बू- चुप साली, तेरे बाप को पैसे तेरा मुंह देखने के लिए नहीं दिया है. तुझसे शादी की है सिर्फ तुझे चोदने के लिए.

इसके बाद अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स को और जोर-जोर से दबाने लगते हैं.

छोटी अम्मी- आ आह ओह … अम्मी मर गई … आ उफ्फ उफ आह ओह याल्ला रहम करें मुझे पर … आ आआआ आऊऊ ऊऊऊ ऊफ आ आह!
वे दर्द से सिसक रही थी.

छोटी अम्मी- खुदा के लिए मुझे अब छोड़ दें बहुत दर्द हो रहा है.
अब्बू- नई चूत में पहली बार लौड़ा घुसने पर दर्द होता है फातिमा!

छोटी अम्मी- जी चूत में नहीं जा रहा है. आप का वजन बहुत है मेरे शरीर में दर्द हो रहा है.
अब्बू- रंडी चुपचाप चोदने दे!

इसके बाद अब्बू अपना लौड़ा न्यू वाइफ की छोटी चूत में रगड़ने लगते हैं.
इसके बाद अपने मुंह से थूक लगा कर चूत मे डालकर छोटी अम्मी के ऊपर चढ़कर चोदने लगते हैं.

छोटी अम्मी- आ नहीं आ … उफ उफ उफ … आह ओह उफ़ उफ़!

नए घर में सिर्फ अब्बू और छोटी अम्मी ही थी इसलिए अब्बू छोटी अम्मी को जवानों की तरह चोद रहे थे, दोनों की आवाज़ अब पूरे कमरे में गूंज रही थी.

अब्बू के हांफने की आवाज़ और छोटी अम्मी की आ उफ उफ आह ओह की आवाज़ के साथ-साथ एक आवाज़ और थी जो फच फच फच की थी.

छोटी अम्मी- अब हमें छोड़ दें. मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है.
अब अब्बू दो तीन शॉट लगाने के बाद रुके.

छोटी अम्मी को लगा कि अब अब्बू का हो गया है. जिस पर उन्होंने थोड़ी सांस ली.

लेकिन अब्बू कहा रुकने वाले थे … अब्बू ने छोटी अम्मी की चूत में अपनी उंगली डालकर जोर-जोर से आगे-पीछे आगे-पीछे करके चोदना शुरू कर दिया.
शायद अब्बू का लौड़ा काम नहीं कर रहा था तो अब्बू उंगली से ही काम चला रहे थे.

छोटी अम्मी- आ आह उफ़ … आह आह … ओह ओह मर गई! नहीं नहीं … आआ आआ ईईई … आआआ ईईई ऊयाल्ला मदद आ … उफ आ आ आह ओह ओह माई.

छोटी अम्मी अपना सिर दाएं और बाएं कर रही थीं.
शायद उन्हें बहुत दर्द हो रहा था.
लेकिन अब्बू रुके नहीं, वे उंगली डाले जा रहे थे.

अब अब्बू, छोटी अम्मी को उलटा लेटाकर उनके ऊपर चढ़कर चोदने लगे.
छोटी अम्मी की आवाज और तेज हो गई.

अब्बू ने छोटी अम्मी के मुंह को अपने हाथों से दबा दिया और चोदने लगे.
वे दो-तीन शॉट मारने के बाद रुके और अब छोटी अम्मी को घोड़ी बनाया और घापाघप शुरू कर दिया.

अभी घोड़ी बनाकर शुरू ही किया था कि वे अचानक रुक गए और छोटी अम्मी की गांड को चाटने लगे.
अपनी जीभ से कभी चूत तो कभी गांड को चाटने के बाद फिर उंगली डालकर आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

मैं समझ गया कि अब अब्बू के लौड़े में दम नहीं रहा.

छोटी अम्मी- आआ आआआ उफ आ … ओह ओह … आह आह आआऊऊ ऊऊऊ!

उन्होंने अपना मुंह तकिए से दबा लिया और घोड़ी वाली पोज में गांड को रखा.
अब्बू भी उंगली करते रहे.

थोड़ी देर के बाद अब्बू रुके.

वे इतने पर ही नहीं रुके … उन्होंने छोटी अम्मी को अपना लौड़ा चुसवाया.

एक यही पोज था जिसमें अब्बू के साथ छोटी अम्मी भी मजे ले रही थीं.

छोटी अम्मी तो लौड़ा ऐसे चूस रही थीं जैसे किसी छोटी बच्ची को लॉलीपॉप मिल गया हो. वे उह लच पूच लप लप चप लप कर लौड़ा चूसे जा रही थीं.

अब्बू का लौड़ा बार-बार झड़ कर गिर जाता था.
लेकिन छोटी अम्मी उसे बार-बार खड़ा करके और चूस रही थीं.

दो बार झड़ने के बाद अब्बू ने छोटी अम्मी को रोका और धक्का लगा कर बेड पर गिरा दिया और ऊपर चढ़ गए.

छोटी अम्मी को लगा कि अब्बू फिर चोदेंगे. वे गिड़गिड़ाई- नहीं, अब और नहीं खुदा के वास्ते अब रहने दें.

अब्बू ने इस बार रहम करते हुए छोटी अम्मी के बूब्स को दबाना और चूसना शुरू कर दिया.
वीडियो में दिख रहा था कि अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स को बहुत जोर-जोर से दबा रहे थे.

छोटी अम्मी- आ आह ओह … माई उफ उफ … आआआ आई ईऊ उफ आआ आह… याल्ला आह ओह ओह!

कुछ देर के बाद अब छोटी अम्मी की आवाजें धीरे-धीरे कम होने लगीं.
फिर छोटी अम्मी ने अब्बू को अपने से नीचे गिराया.
शायद अब्बू थककर सो गए थे.

छोटी अम्मी ने उठकर एक कपड़े से अपनी चूत को साफ किया.
वे बेड से उतरीं.

लेकिन जैसे ही छोटी अम्मी का वह हिस्सा दिखने वाला था कि वीडियो बंद हो गया.
शायद यहीं पर फोन की बैटरी खत्म हो गई थी.

मेरा सारा मूड खराब हो गया.
मैं छोटी अम्मी का नंगे बदन को देखना चाहता था लेकिन मैं देख नहीं पाया.

लेकिन अब्बू और छोटी अम्मी की चुदाई वाले वीडियो को देखकर मेरे अंदर का शैतान जाग गया.
चुदाई तो मैंने पहले भी बहुत देखी थी.

आपको बता दूं कि जब मैंने पहली बार सेक्स किया था तो करते हुए अम्मी ने मुझे देख लिया था.
फिर क्या था … मेरी पिटाई भी बहुत हुई थी.
उस पिटाई के बाद मैंने फिर कभी चुदाई के बारे में नहीं सोचा.

लेकिन आज मेरा लौड़ा सिर्फ चूत के बारे में ही सोच रहा है और यही सोच रहा था कि किसको चोदूं.

छोटी अम्मी को सोचते-सोचते मैं कब सो गया, पता ही नहीं चला.

आंख खुली तो कोई दरवाजा खटखटा रहा था.
मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि मेरी भाभी थीं.
शाहिद भाई जान की बीवी … वही मेरा शाहिद भाई जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है.
उनकी बीवी शहनाज.

भाभी घर को साफ करने आई थीं.

मैं वापस बैड पर आकर बैठ गया और भाभी घर साफ करने लगीं.

न जाने क्यों आज भाभी को देखकर मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा.
जबकि आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था.

मेरे भाईजान की शादी के 3 साल हो गए थे.
लेकिन आज भाभी के बदन को देखकर मेरी आंखें एक-एक इंच नाप रही थीं.
भाभी के बड़े-बड़े मम्मे दिख रहे थे जब वे झुक कर घर साफ़ कर रही थीं.

मैंने भी सोच लिया कि इस शहनाज का नाजायज पति तो बन कर ही रहूंगा.

प्रेषक – राम कुमार Antarvasna stories

राम कुमार (ग्वालियर से) का Antarvasna stories अन्तर्वासना के सभी पाठकों को खड़े लण्ड का सलाम। मैं अपना एक सच्चा अनुभव लेकर हाज़िर हूँ जिस को पढ़कर आँटियाँ, चाचियाँ, मामियाँ, भाभियाँ और लण्ड की प्यासी लड़कियों की चूत गीली हो जाएगी और लंड के लिए तड़प उठेंगीं। और जिन लड़कों के पास चूत की व्यवस्था होगी, वो चूत चोदने लगेंगे और जिनके पास नहीं होगी, वो मूठ मारने लगेंगे।

यह बात मई की है। मेरी मामी जो लगभग ३२ साल की है और दो बच्चों की माँ है, रंग गोरा, शरीर भरा हुआ, न एकदम दुबला न एक दम मोटा-ताज़ा। मतलब बिल्कुल गज़ब की। पर चूचियाँ तो दो-दो किलो के और गाँड कुछ ज़्यादा ही बाहर निकले हैं। मेरे ख़्याल से उसकी फिगर ३८-३२-३९ होगी।

मैं उस मामी को चोदने के चक्कर में दो सालों से लगा था, और उसके नाम से मूठ मारा करता था। मेरे मामा (४०), जो ग्वालियर में ही रहते थे, रेडीमेड कपड़ों के धंधे में थे और अपना माल दिल्ली ख़ुद ही जाकर लेकर आते थे।

एक दिन जब मैं अपने घर पहुँचा तो मामा वहाँ थे, और मम्मी से बातें कर रहे थे। मैंने मामा से पूछा – “अब नये कपड़े कब आ रहे हैं?”

“बस आज ही लाने जा रहा हूँ। पर इस बार माल दिल्ली से नहीं, मुम्बई से लेकर आना है। वहाँ एक नामी कम्पनी से मेरी बात तय हो गई है। मुझे वहाँ से आने में चार-पाँच दिन तो लग ही जाएँगे। तब तक मैं चाहता हूँ कि तुम दिन में एक बार ज़रा दुकान जाकर काम देख लेना और रात में मेरे घर चले जाना।”

“तू कुसुम और बच्चों को यहीं क्यों नहीं छोड़ देता?” मेरी मम्मी ने पूछा।

“मैंने कुसुम से कहा था कि बच्चों के साथ दीदी के यहाँ रह लेना, पर वह कह रही थी कि चार-पाँच दिनों के लिए आप लोगों को क्यों परेशान करना, बस राम को बोल देना, वो तुम्हारे आने तक हमारे यहाँ ही आ जाए और दुकान को भी काम देख ले। नौकरों के भरोसे दुकान छोड़ना ठीक नहीं। तुझे कोई दिक्क़त तो नहीं?” – मामा बोले।

“अभी तो मैं पूरा खाली ही हूँ। परीक्षाएँ भी खत्म हो चुकी हैं। चलिए एक अनुभव के लिए आपकी दुकान को भी सँभाल लेते हैं (और मामी को भी)।”

“आज ८ बजे मेरी ट्रेन है, तू सात बजे घर आ जाना और मुझे स्टेशन छोड़ कर वापिस मेरे घर ही चले जाना।”

“ठीक है मैं ६:३० बजे आ जाऊँगा।”

६:३० बजे मैं मामा के घर पहुँच गया, मामा सफ़र की तैयारी कर रहे थे और मामी पैकिंग में मामा की मदद कर रही थी। पैकिंग के बाद मामी ने मामा को खाना दिया और मुझे भी खाने के लिए पूछा।

“मामा को छोड़कर आता हूँ, फिर खा लूँगा।” मैंने कहा।

७:३० बजे मामा और मैं स्टेशन पहुँच गए। मामा की ट्रेन सही समय पर आ गई, मामा का आरक्षण था, मामा अपनी सीट पर जाकर बैठ गए और पाँच मिनट के बाद ट्रेन मुम्बई के लिए चल पड़ी। चलते-चलते मामा बोले,”मामी और बच्चों का ख्याल रखना।”

“आप यहाँ की फिक्र ना करें, मैं मामी और बच्चों का पूरा ख्याल रखूँगा।”

मैंने स्टैण्ड से अपनी बाईक ली और ८:३० तक घर आ गया। मैंने दरवाज़े की कॉलबेल बजाई तो मामी ने दरवाज़ा खोला और बोली,”हाथ-मुँह धो लो, अब हम खाना खा लेते हैं।”

“आपने अभी तक काना नहीं खाया?” मैंने पूछा।

“बस तुम्हारा ही इन्तज़ार कर रही थी। बिट्टू और सोनू तो खाना खाकर सो गए हैं। तुम भी खाना खा लो।”

मैं और मामी डिनर की टेबल पर एक-दूसरे के आमने-सामने बैठ कर खाना खा रहे थे। जब मामी निवाला खाने के लिए थोड़ा झुकती उनकी चूचियों की गहराईयों के दर्शन होने लगते और मेरा लंड विचलित होने लगता। पर स्वयं को सँभाल कर मैंने खाना खतम किया और टीवी चालू कर लिया। उस समय आई पी एल मैच चल रहे थे, मैं मैच देखने लगा।

कुछ देर बाद मामी बर्तन साफ करने लगी और वह भी मैच देखने लगी। जल्दी ही उसे नींद आने लगी।
“मैं तो सोने जा रही हूँ, तुम भी हमारे कमरे में ही सो जाना, तुम डबल बेड में बच्चों के एक तरफ ही सो जाना” मामी बोली।

“ठीक है, बस एक घन्टे में मैच खत्म होने वाला है। आप सो जाओ, मैं मैच देखकर आता हूँ।”

मामी चली गई और मैं मैच देखने लगा।

कुछ देर बाद बाद ब्रेक हुआ और मैं चैनल बदलने लगा, और एक लोकल चैनल पर रुक गया। डिश वाले एक ब्लू-फिल्म प्रसारित कर रहे थे। अब काहे का मैच, मैं तो उसी चैनल पर रुक गया और वो ब्लू-फिल्म देखने लगा और मेरा लंड हिचकोले मारने लगा।

मेरा साढ़े पाँच इंच का लंड लोहे की तरह सख्त होकर तन गया, मैं अपनी पैंट के ऊपर से ही उसे सहलाने लगा। मेरा लंड चूत के लिए फड़फड़ाने लगा और मेरी आँखों के सामने मामी का नंगा बदन घूमने लगा और मैं मामी के नाम से मूठ मारने लगा। मैं मन ही मन मामी को चोद रहा था, कुछ देर बाद लंड ने एक पिचकारी छोड़ दी। मेरा वीर्य लगभग पाँच फीट दूर छिटका, और यह बस मामी के नाम का कमाल था।

अब मेरा दिमाग मामी को हर हाल में चोदने के बारे में सोचने लगा, तब तक फिल्म भी खत्म हो गई थी। मैंने टीवी बन्द किया और बेडरूम की ओर चल दिया। जैसे ही मैंने कमरे की बत्ती जलाई, मेरी आँखें फटी रह गईं। बिल्लू और सोनू, दोनों दीवार की ओर सो रहे थे, और मामी बीच बिस्तर में। उनकी साड़ी घुटनों के ऊपर तक उठ गई थी और उनकी गोरी-गोरी जाँघें दिख रहीं थीं। उनका पल्लू बिखरा हुआ था, ब्लाउज़ के ऊपर के दो हुक खुले थे और काली ब्रा साफ-साफ दिख रही थी। मामी एकदम बेसुध सो रहीं थीं।

मैंने तुरन्त लाईट बन्द की और अपने लंड को सहलाते हुए सोचा,’क़िस्मत ने साथ दिया तो समझ हो गया तुम्हारा जुगाड़ !’

मैं जाकर मामी के पास लेट गया, मामी एकदम गहरी नींद में थी। मैंने एक हाथ मामी के गले पर रख दिया और हाथ को नीचे खिसकाने लगा। अब मेरा हाथ ब्लाउज़ के हुक तक पहुँच गया। मैं आहिस्ते-आहिस्ते हुक खोलने लगा। तभी मामी बच्चों की ओर पलट गई, इससे मुझे हुक खोलने में और भी आसानी हो गई और मैंने सारे हुक खोल दिए। ब्रा के ऊपर से ही मामी की चूचियों को सहलाने लगा।

मामी के स्तन एकदम मुलायम थे। पर ब्रा ने उन्हें ज़ोरों से दबा रखा था, इस कारण ऊपर पकड़ नहीं बन रही थी। मैं अपना हाथ मामी की ब्लाउज़ के पीछे ले गया और ब्रा के हुक को भी खोल दिया। अब दोनों स्तन एकदम स्वतंत्र थे। मैं उन आज़ाद हो चुके बड़े-बड़े स्तनों को हल्के-हल्के सहलाने लगा, फिर मैं एक हाथ उनकी जाँघ पर ले गया और ऊपर की ओर ले जाने लगा पर एक डर सा भी लग रहा था कि कहीं मामी जाग ना जाए। पर जिसके लंड में आग लगी हो वो हर रिस्क के लिए तैयार रहता है और लंड की आग को सिर्फ चूत का पानी ही बुझा सकता है।

हिम्मत करके मैं अपने हाथ को ऊपर ले जाने लगा। जैसे-जैसे मेरा हाथ चूत के पास जा रहा था, मेरा लंड और तेज़ हिचकोले मार रहा था।

अब मेरा हाथ मामी की पैन्टी तक जा पहुँचा था। पैन्टी के ऊपर से ही मैंने हाथ चूत के ऊपर रख दिया। चूत बहुत गीली थी और भट्टी की तरह तप रही थी। मैंने साड़ी को ऊपर कर दिया और पैन्टी को नीचे खिसकाने लगा। थोड़ी मेहनत के बाद मैं पैन्टी को टाँगों से अलग करने में कामयाब रहा।

अब मैं हाथ को चूत के ऊपर ले गया और चूत को प्यार से सहलाने लगा। मामी अभी तक शायद गहरी नींद में थी। मैंने एक हाथ मामी की कमर पर रखा और उन्हें सीधा करने लगा।

मामी एक ही झटके से सीधी हो गई। मैं अपनी टाँग को मामी की टाँगों के बीच ले गया और मामी की टाँगों को फैला दिया। अब मैं नीचे खिसकने लगा और मैं जैसे ही चूत चाटने के लिए मुँह चूत के पास ले गया, मामी ने हाथ से चूत को ढँक लिया।

मेरी तो गाँड फट गई, रॉड की तरह तना हुआ लौड़ा एकदम मुरझा गया, दिल धाड़-धाड़ धड़कने लगला।

तभी मामी उठी और फुसफुसाकर बोली,”ये सब यहाँ नहीं। बिट्टू और सोनू जाग सकते हैं। अब तक तो मैंने किसी तरह अपनी सिसकियाँ रोक रखीं थीं पर अब नहीं रोक सकूँगी। हम ड्राईंगरूम में चलते हैं।”

इतना सुनते ही मेरा लंड फिर से क़ुतुबमीनार बन गया। मामी जैसे ही बिस्तर पर से उठी, मैंने मामी को अपनी बाँहों में भर लिया और उनके होंठों को चूमने लगा। वह भी मेरे होंठों पर टूट पड़ी। हम एक-दूसरे के होंठों को पागलों की तरह निचोड़ने लगे।

मैं उनके होंठों को चूमते हुए अपने दोनों हाथ उनकी गांड तक ले गया और उन्हें उठा लिया। मामी ने अपने पैर मेरी कमर के गिर्द लपेट दिए। मैं उन्हें चूमते हुए ड्राईंगरूम तक ले आया और मामी को लेकर सोफे पर बैठ गया।

मामी मेरी गोद में थी, ब्लाउज़ और ब्रा अभी भी मामी के कंधों से लटक रहे थे। पहले मैंने ब्लाउज़ को निकाल फेंका, फिर ब्रा और एक चूची को हाथ से मसलने लगा और साथ ही दूसरी चूची को चाटने लगा।

अब साड़ी की बारी थी, मैंने साड़ी भी निकाल फेंकी, अब पेटीकोट बेचारे का भी शरीर पर क्या काम था। अब मामी एकदम नंगी हो चुकी थी। लाल नाईट-बल्ब की रोशनी में मामी का नंगा बदन पूर्णिमा में ताज़ की तरह चमक रहा था और इस वक्त मैं इस ताजमहल का मालिक था।

अब मामी मेरे कपड़े उतारने लगी। मेरे सारे कपड़े उन्होंने उतार दिए और मैं सिर्फ अपनी फ्रेंची अण्डरवियर में रह गया पर वह भी अधिक देर न रह सका। उन्होंने वह भी एक ही झटके में उतार फेंकी और फिर मामी ने मेरे साढ़े पाँच इंच लम्बे विकराल लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।

कभी मामी लंड पर, तो कभी अंडकोष से सुपाड़े तक जीभ फिराती, कभी लंड को हल्के से काटती, सुपाड़े पर थूकती और फिर उसे चाट जाती। मेरा तो बुरा हाल कर दिया और मेरे लंड ने मामी के मुँह पर अपनी पिचकारी मार दी। उनका पूरा चेहरा मेरे वीर्य से सन गया था। मैंने अपने दोनों हाथों से सारा वीर्य उनके चेहरे पर मल दिया।

“दूसरी बार में भी इतना माल? तेरा लंड है या वीर्य का टैंक?” – मामी ने कहा।

मैं यह सुनकर हैरान हो गया, मेरी हैरानी जानकर उन्होंने बताया – “जब तू ब्लू-फिल्म देख रहा था और मेरे नाम से मूठ मार रहा था तब मैं पानी पीने के लिए रसोईघर में आई थी और तेरे लंड की धार को देख कर मेरी कामवासना की प्यास जाग गई और मैं बेडरूम में अपने कपड़ों को जान-बूझ कर अस्त-व्यस्त कर लेट गई थी। वहाँ आने के बाद अगर तू ऐसी हरकतें नहीं करता तो आज मैं ही तेरा जबरन चोदन कर देती।”

“तरबूज़ तलवार पर गिरे या तलवार तरबूज़ पर, कटना तरबूज़ को ही है। अब तो आज रात सचमुच में जोरदार चोदन होगा। आज रात अगर आपसे रहम की भीख न मँगवाई तो मेरा भी नाम राम नहीं।” मैंने कहा।

“चल देखते हैं, कौन रहम की भीख माँगता है !” मामी ने भी ताना सा मारा।

मामी के ऐसा कहते ही मैंने मामी को ज़मीन पर लिटा दिया और उनकी चूत पर टूट पड़ा, अपनी जीभ को चूत में जितना हो सकता था अन्दर डाल दिया और जीभ हिलाने लगा। चूत के गुलाबी दाने को जैसे ही मैं हल्के-हल्के काटता-चूसता, वह तड़प उठती और आआहहहहहह आआहह्ह्हहहह करने लगती।

उसने टाँगों से मेरे सिर को जकड़ लिया और टाँगों से ही सिर को चूत में दबाने लगी और बालों में हाथ फेरने लगी। मैं चूत-अमृत पीते हुए दोनों स्तनों को मसल रहा था… तभी अचानक मामी का शरीर अकड़ने लगा उनकी चूत ज़ोरदार तरीके से झड़ने लगी।

मैंने चूत को चाटकर साफ कर दिया और जैसे ही मैं मामी के ऊपर आने को हुआ, मामी ने मुझे रोका और गेस्ट-रूम की ओर इशारा किया। मैं समझ गया कि वह उस कमरे में चलने को कह रही है। मैंने उन्हें गोद में लिया और चूमते हुए उस कमरे में ले आया। लाईट जलाई तो देखा, वहाँ एक सिंगल बेड था। मैंने पंखा चालू किया और उन्हें बिस्तर पर पटक दिया और उनके ऊपर आ गया। मैंने उनके होंठों को चूमते हुए अपनी टाँगों से उनकी टाँगे चौड़ी कीं।

अब मेरा लंड मामी की चूत के ऊपर था। मैंने अपने हाथों को सीधा किया और धक्के मारने की मुद्रा में आ गया। अब मैं अपनी कमर को नीचे करता और लंड को चूत से स्पर्श करते ही ऊपर कर लेता। कुछ देर ऐसा करने के बाद मामी बोली,”अब मत तड़पाओ, मेरी चूत में आग लग रही है, इसमें अपना लंड अब डाल दो और मेरी चूत की आग को शान्त करो, मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ।

इस बार मैंने लण्ड चूत पर रखा और धीरे-धीरे नीचे होने लगा और लण्ड चूत की गहराईयों में समाने लगा। चूत बिल्कुल गीली थी, एक ही बार में लण्ड जड़ तक चूत में समा गया और हमारी झाँटे आपस में मिल गईं। अब मेरे झटके शुरु हो गए और मामी की सिसकियाँ भी… मामी आआआहहहहह अअआआआआहहहह करने लगी। कमरा उनकी सिसकियों से गूँज रहा था।

जब मेरा लण्ड उनकी चूत में जाता तो फच्च-फच्च और फक्क-फक्क की आवाज़ होती। मेरा लण्ड पूरा निकलता और एक ही झटके मे चूत में पूरा समा जाता। मामी भी गाँड हिला-हिला कर मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी, अब तो खाट भी चरमराने लगी थी। पर मेरी गति बढ़ती जा रही थी। हम दोनों पसीने से नहा रहे थे। पंखे के चलने का कोई भी प्रभाव नहीं था।

दोनों के चेहरे एकदम लाल हो रहे थे पर हम रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। झटके अनवरत जारी थे। कभी मैं मामी के ऊपर तो कभी मामी मेरे ऊपर आ जाती। दोनों ही चुदाई का भरपूर मज़ा ले रहे थे। पूरे कमरे में बस कामदेव का राज था। हम दोनों एक-दूसरे की आग को बुझा रहे थे। तभी हमारे शरीर अकड़ने लगे।

दोनों झड़ने वाले थे। मैं लण्ड को बाहर निकालने वाला ही था कि मामी ने रोक दिया और बोली – “अपना सारा माल चूत के अन्दर ही छोड़ दो।”

मैंने भी झटके चालू रखे। हम दोनों ने एक-दूसरे को भींच लिया। मामी ने टाँगों और हाथों को मेरे शरीर पर लपेट दिया। मैंने मामी के कंधों को कसकर पकड़ लिया और एक ज़ोरदार झटका मारा। मैं और मामी एक ही साथ झड़े थे। मामी की चूत मेरे वीर्य से भर गई।

वीर्य चूत से बह रहा था। मेरा मुँह अपने-आप चूत पर पहुँच गया और मैं मामी की चूत को चाट-चाट कर साफ करने लगा।

मामी ने भी मेरे लंड को चूस-चूस कर साफ कर दिया और हम दोनों एक-दूसरे के बगल में लेट गए, पर मामी का हाथ मेरे लंड पर था और मैं मामी के बालों को सहला रहा था।

मामा के आने तक मैं और मामी पति-पत्नी की तरह रहे। मैं सुबह को दुकान का एक चक्कर लगा आता। दिन में हम नींद ले लेते और रात को…

मामा के आने के बाद भी जब भी मौक़ा मिलता, मैं उसको छोड़ता नहीं।

अन्तर्वासना के पाठकों, आपको मेरी यह दास्तान कैसी लगी, मेल कर बताएँ। Antarvasna stories

Antarvasna

इस भाग में आप पढ़ें कि कैसे मैंने Antarvasna अपनी सगी बुआ को चोदा! या बुआ ने मुझे चोदा! जब हम शादी में से वापस आए तो मैंने सोचा कि अब मैंने बुआ के साथ ऊपर का मजा ले लिया। फ़िर मुझे लगा कि यार ये सब ग़लत हो रहा है। रानी मेरी बहन लगती है उसके साथ किया। गौरी मेरी बहन लगती है उसको भी चोदा। और ये भी मेरी बुआ लगती है इसको भी ऊपर से चोद दिया। इसीलिए मैंने सोचा के अब मैं रानी, गौरी और बुआ के साथ नहीं करूँगा। और मैंने इनके बारे में ग़लत सोचना छोड़ दिया।

लेकिन, कुछ दिनों के बाद बुआ का फोन मम्मी के पास आया। मम्मी ने मुझे बताया के मुझको रात में बुआ के घर जाना है क्योंकि फूफा जी और उनका लड़का एक शादी में गये हैं। मैं फिर बुआ के घर चला गया।

मैं जब बुआ के घर में घुसा तो बुआ सामने ही बैठी थी। उस ‍‍दिन उसने काली साड़ी और काला ब्लाउज पहन रखा था। मैं सामान्य था क्योंकि बुआ, गौरी और रानी का ख्याल मन से निकाल चुका था। बुआ उठी और मेरे लिए खाना लेकर आई। हम खाना खाने बैठ गये। खाना खाते वक्त बुआ ने अपनी साड़ी को उपर किया और बुआ इस तरह से बैठ गई कि मुझे उसकी चूत दिखाई दे। पर मैंने ध्यान नहीं दिया।

ख़ाने के बाद बुआ बोली- रात के दस बज गये हैं, अब सो जाते हैं।

मैं बेड पर लेट गया और बुआ भी मेरे बराबर में आकर लेट गई। मैं सोने की कोशिश कर रहा था। उस कमरे के बाहर की लाइट जल रही थी। जिससे कमरे में बहुत रोशनी हो रही थी कि सब साफ दिख रहा था। मैं आज चुपचाप लेटा हुआ था। मेरी आँख थोड़ी खुली थी थोड़ी बंद थी। एक दम मुझको झटका लगा। जब बुआ ने अपना पैर मेरे पैर से छुआ। पर मैंने सोचा कि बुआ सो चुकी है। और मैंने अपना पैर अलग कर लिया।

फिर थोड़ी देर बाद बुआ खड़ी हुई और उसने अपनी साड़ी उतार दी। और वो पेटिकोट और ब्लाउज में लेट गई। उसने सोचा कि मैं सो चुका हूँ। मुझको दोबारा झटका जब लगा जब उसने अपनी गांड को मेरे लंड पर छुआ दिया। पर मैं चुप अपने मन पर काबू करके पड़ा रहा।

बुआ इस हरकत से मुझको जगाना चाहती थी। पर मैंने कोई हरकत नहीं की। बुआ को बुरा लगा और बैठ गई और बोली आज ‘बुआ चोद’ सो रहा है। जब मेरा मन आज चुदने का कर रहा हैं तो आज ‘बुआ का लंड’ सो रहा है और उस दिन मेरे मना करने पर भी खुद ही कर रहा था।

और फिर, बुआ ने अपने ब्लाउज के हुक खोल दिए। आज बुआ ने कॉटन की काली ब्रा पहन रखी थी। फिर बुआ मेरी तरफ मुंह करके लेट गयी। और अपना एक हाथ मेरे अंडरवियर के उपर से मेरे लंड पर रख दिया। मुझको फिर झटका लगा और मैंने उसका हाथ अपने हाथ से हटा दिया।

फिर बुआ बोली- मुझको आज तुझको चोदना पड़ेगा।
मैं तो उसकी बोली सुनकर दंग रह गया कि बुआ ऐसी बोली बोल रही है।

फिर उसने अपने एक हाथ से मेरे अंडरवियर से मेरा लंड निकाल लिया। अबकी बार मैंने बुआ को कुछ नहीं कहा और बस सोचता रहा कि क्या करूँ? बुआ ने मेरे लंड को अपने कोमल हाथ से सहलाना शूरु कर दिया। मैंने अपनी आँख खोली तो बुआ बोली आज तेरा मन नहीं कर रहा है क्या?

तो मैंने कहा- तुम मेरी बुआ लगती हो।
तो उसने कहा- उस दिन तो तू मुझको रंडी समझ रहा था।

और वो बोलते बोलते मेरे लंड की मूठ मार रही थी। मेरा लंड भी अब खड़ा होने लगा था। मैं भी एक मर्द हूँ। कब तक मैं मन पर काबू रखता। फिर भी मैंने बुआ का हाथ पकड़ कर अपने लंड से अलग कर दिया।

फिर बुआ बोली- मुझको आज तुझसे हर हाल में चुदना है। क्योंकि आज मैंने तेरे लिये ब्लू फिल्म देखी है।
मैंने उससे कहा- तुम मेरी बुआ हो उस दिन जो हुआ वो ग़लत था। और जब तुमको सब पता था तो तुमने मुझको रोका क्यों नहीं?

बुआ ने कहा- मैं तेरे लंड को देख कर गरम हो गई थी। और तेरे लंड की दीवानी भी। क्योंकि आज तक मुझको इतना मोटा और लम्बा लंड कभी भी नहीं मिला हैं। क्योंकि तेरे फूफा के सिवाय मैं आज तक किसी और से नहीं चुदी हूँ। और उसका लंड तो बहुत छोटा और पतला हैं। और वो बस मुझको चोदता हैं और सो जाता है चाहे मैं झड़ूं या ना झड़ूं। उसका लंड ठीक से अन्दर नहीं जाता है जिससे मुझको सही मजा नहीं आता है और मैं हमेशा तड़पती रहती हूँ। और कभी उंगली से तो कभी लम्बे बैंगन से अपनी प्यास बुझाती हूँ। तूने भी उस दिन खुद तो मजा ले लिया और अपनी बुआ को तड़पते हुए छोड़ दिया। पर आज सुबह जब तेरा फूफा मुझको चोद कर खुद ही झड़ कर चला गया और मुझे बिना झड़े छोड़ गया तो मैं ब्लू फिल्म देखने लगी तो मुझको तेरा ख्याल आया कि तू भी तो मुझको चोदना चाहता हैं।

फिर उसने अपनी ब्रा उपर की और मेरे मुंह में अपनी चूची का दाना देने लगी। फिर मैंने अपना मुंह बंद कर लिया।

उसने कहा- तू मुझको मत चोद पर जो मैं कर रही हूँ वो तो करने दे। वरना मैं तेरी उस हरकत के बारे में सब को बता दूँगी।

और मैं डर गया। और मैंने कहा जो करना है कर लो। और मैं चुपचाप पड़ा रहा। पर मैं आज सच्ची में बुआ के साथ नहीं करना चाहता था।

फिर बुआ ने मेरा अंडरवियर उतारा और मेरे लंड की खाल को आगे पीछे करने लगी। यानी वो मेरी मूठ मार रही थी। और अपने एक हाथ से अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर बुआ ने मेरे लंड को अपनी चूची के बीच में फंसाया और अपनी चूची को मेरे लंड से चोदना शुरू कर दिया।

अब मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था। फिर मैंने बुआ को अलग कर दिया। पर आज तो बुआ मुझसे अपनी चूत की प्यास बुझाना चाहती थी। फिर बुआ उठी और उसने अपने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसे उतार दिया। बुआ ने नीचे मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी। क्योंकि बुआ नर्स हैं। ‍इसी कारण वो अपने घर पर पेटीकोट के नीचे स्कर्ट पहनती है। और बुआ अपने घर पर ‍अधि‍कतर स्कर्ट और ब्रा में ही रहती हैं ताकी जब भी क्लीनिक पर जाना हो तो बस नर्स वाला गाऊन पहना और चल दी। जो उसने अपने घर के बाहर के कमरे में खोल रखा हैं।

बुआ ने अपनी स्कर्ट उठाई और मेरे लंड बैठने लगी तो मैंने उसको धक्का दिया और जाने लगा। पर बुआ तो आज एक मर्द की तरह हो रही थी। और उसने मुझको अपनी तरफ खींचा और मेरे लंड के ऊपर चढ़ कर बैठ गयी। अब मैं अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करता रहा।

तो बुआ ने मुझे दो थप्पड़ मारे और बोली- चोद अपनी बुआ को।

फिर उसने अपने हाथ से मेरे हाथ पीछे किए और अपनी साड़ी से बेड से बाँध दिए। फिर उसने अपनी स्कर्ट ऊपर की और मेरे लंड पर अपनी चूत रगड़ने लगी। उसकी चूत से चिकना और गरम पानी निकल रहा था।

करीब दस मिनट बाद मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया। अब उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर सीधा खड़ा किया और अपनी चूत को मेरे लंड पर रख कर बैठ गयी। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में बिना किसी रुकाबट के अंदर चला गया।

फिर बुआ हँसी और बोली- बोल! बुआ लंड! आ रहा है मज़ा।

मैं चुप पड़ा रहा।

फिर वो बोली- मैं तुझको बहुत मजा दूँगी। जब भी तेरा मन चूत मारने का करे तो तू बता देना तेरी ये रंडी आ जायेगी। फिर बुआ मेरे लंड पर धक्के लगाने लगी। बुआ ने अपनी ब्रा से एक चूची को निकाली और मेरे मुंह में दे दी और बोली- आज तू इस रंडी का दूध भी पी!

मैं उसकी चूची पी नहीं रहा था, तो बोली- बुआ चोद! पी इसे!

मैं डरकर उसे पीने लगा। बुआ की चूची एकदम सख़्त हो गई थी। अब बुआ को मजा आने लगा था। फिर वो उठी और उसने अपनी चूत को पौंछा। मैंने सोचा कि वो झड़ चुकी है पर पता ही नहीं था कि वो अभी भी झड़ी नहीं है।

फिर उसने मेरे लंड को अपनी ब्लाउज से पौंछा और बोली- अब मैं अपनी चूत को सुखा लूं।

उसने अपनी चूत को एक दम सुखा लिया। वो बोली- ले अब सुखी चूत मार, अपनी बुआ की सूखी चूत मारने में तुझको बहुत मजा आएगा।
और वो मेरे खड़े लंड पर बैठ गई, उसने एक बार में ही पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया और वो ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगी।

करीब दस मिनट बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।

तो बुआ रुक गई। फिर उसने पाँच मिनट बाद धक्के मारने शुरू किये। अब की बार बुआ पूरा लंड बाहर निकालकर जड़ तक लंड को पूरा अंदर कर रही थी। और धक्के भी ज़ोर से मार रही थी। बुआ की स्पीड बढ गई और वो मुझसे चिपक गई। मैं भी बुआ से अपने आप चिपक गया। हम दोनों एक साथ झड़ चुके थे।
बुआ मेरे कान में बोली- आया अपनी इस रंडी बुआ को चोदने में मज़ा?

उस रात बुआ ने मुझे तीन बार चोदा और हम तीनों बार एक साथ ही झड़े। बुआ ने मेरा सारा पानी अपनी चूत में ही छुड़वाया था। फिर सुबह को बुआ नहाकर चाय बनाकर लाई और बोली- रात कैसी रही? तीन बार अपनी बुआ को चोदा तूने!

मैं बोला- बुआ मैं तो अपने मन से तुम्हारा ख्याल निकाल चुका हूँ, मैं बहुत शर्म महसूस कर रहा हूँ।
फिर बुआ बोली- ठीक है। अब ऐसा दोबारा नहीं होगा। उस दिन तूने बुआ को चोदा और आज मैंने तुझको चोद दिया। हिसाब बराबर तुझको शर्म आती है तो ठीक है।
और बुआ वहाँ से अपने क्लीनिक पर जाने के लिये तैयार होने के लिये चली गई।
पर फिर मैंने दिन में बुआ की गांड भी मार ली। ये अगली कहानी में।

मैंने अपनी बुआ को चोदा… आपको यह कहानी कैसी लगी? Antarvasna

मेरा नाम जय है मैं झारखंड धनबाद से हूं। मेरा उमर 29 साल है मैं एक कॉल बॉय हू। और मैं आपको जायदा बोर नहीं करके सीधे स्टोरी पर लेके चलता हु। मरे पिछले स्टोरी | मेरा पहला कॉल बॉय अनुभव को बहुत लोगो ने खूब प्यार दिया आशा है की इसे भी मिलेगी | हुआ यूँ की मुझे एक दिन मेरे ईमेल पर एक मैसेज आया। मैंने हेलो कहा तो उधर से रिप्लाई आया की आप जय हो तो मैने कहा जी हां बोलिया। तो उसने रिप्लाई दी मैं रोशनी (नाम बदला हुआ ) बोल रही ही हूं। मैं एक हाउसवाइफ हु और रांची से हूं और मुझे सर्विस चाहिए। तो मैने ओके कहा और मैने उसकी उम्र पूछा तो 28 बताई। फिर वो पूछी की क्या लोगे। मैने बोल दी की आप क्या दोगी तो उसने बोली की 7 हजार दूंगी। तो मैने बोला ठीक है । मैने बोला की यदि आप उतना देने मैं असमर्थ हो तो आपकी जो खुशी हो दे देना मेरा काम सिर्फ पैसा कमाना नहीं है आप जैसी औरत को खुश करना मेरा काम है मैं बोला की आप पता भेजिए कहा आना होगा हमको। तो उसने रांची के एक होटल का पता दे दी। समय और तारीख तय हुए। और फिर मैं उस तारीख को निकाल गया रांची उस होटल जहां का उसने पता दी थी। मैने वहां पहुंच के कॉल किया तो तो उसने होटल नंबर दे दी मैं उसके कमरे मैं पहुंच गया। जैसे ही कमरे मैं पहुंचा देख के दंग रह गया। क्या बताऊं यार जितना बोलूंगा मैं उसके बारे मैं उतना ही कम होगा देखने मैं सॉलिड थी। हल्की सावली लेकिन फिट थी। हाइट 5 फिट 5 इंच होगी। बॉडी फिगर 34 36 38 थी। सिल्की कॉलर की साड़ी पहनी थी। खुली बाल रखी थी। कातिलाना नजर थी। इतने मैं आवाज दी आप jai हो। मैं जी बोला। तो उसने बोली कहा खो गए थे आप। मैने कहा कही नहीं तो। तो उसने कातिलाना स्माइल दी और अंदर आने को बोली मैं अंदर गया तो उसने गेट लॉक की ओर वापस आकर कर बैठ गई। उसने पूछी और सफर कैसा रहा आपका मैने कहा बढ़िया रहा। तो बोली की थोड़ा थक गए होंगे आप जा कर फ्रेश हो जाइए तब तक मैं चाय ऑर्डर करती हु | फिर मैं चला गया फ्रेश होने फिर मैं फ्रेश होके बाहर आया तो देखा कि रोशनी भाभी जी चाय को लेकर मेरा वेट कर रही थी। और साथ मैं कपड़े चेंज करके नाईटी पहन ली थी। जिसकी कलर पिंक थी और गला डीप थी कभी। तो मैं सामने गया और उसने मेरा बैग से तोलिया निकल दिए और मैं अपने बॉडी को साफ किए और फिर दोनो साथ मैं बैठ कर चाय की चुस्की लेने लगे। और इसी बीच हम दोनो की जान पहचान होने लगी आपके हसबैंड क्या करते है और कहाँ रहते है. तो उसने जवाब दी की मेरे हसबैंड का ज्वेलरी का दुकान है और ओ काफी बिजी रहते है मेरे लिए टाइम ही नहीं निकल पाते है मैं अपने आप को किसी तरह से एडजेस्ट कर रही हु अपनी लाइफ मै और मानो तो सेक्स नाम की चीज भी भूल गए है हम। जब भी बोलती भी ही तो गुस्सा करने लगते है मेरे उप्पर तो मैने बोलना भी छोड़ दि अब किसी तरह से चूत मैं उंगली डाल कर अपने आप को शांत कर लेती हूं। तो मैने पूछा की मेरा नंबर आपको कहा से मिला तो उसने बताई की स्टोरी मैं आपके बारे मैं पढ़े थे और आपका ईमेल आईडी से आपका नंबर मिला और एक मेरी फ्रेंड के पास भी नंबर मिला उसी ने हमको सारा चीज बताया कि आप सेफ और संतुष्ट हो जाएगी इसके पास किसिंको पता भी नहीं चलेगा। हम ऐसे ही थोड़ी देर बात करने लगे हमारी बिच एक दोस्त की तरह बाते होने लगी , मैंने पूछ लिया की आपके कितने बच्चे है उसने बताया 2 है , पर अब मेरे हंसबैंड ज्यादा टाइम नहीं दे पाते मुझे इसीलिए बोर हो जाती हु मैंने बोलै मैं हु न | हमें गर्मी लगने लगी तो उसने ac on कर दी , रूम का वातावरण एकदम हसीन हो गया था | फिर मैं उठा और उसे तो उसने मुझे किस करदी और मेरे उप्पर निढाल हो गई और बोलने लगी की जय मुझे जायदा गर्मी होने लगी होने लगी है अब मुझे बेड पर लिटा दो और उसने नाइटी पूरा उतार दी अब ओ सिर्फ ब्रा और। पेंटी मैं ही थी मैं उसको बेड पर लेटा | उसके पास गया तो उसने मुझे लपक कर पकड़ी और मुझेसे लिप किस करने लगी| और इस तरह हम दोनो गरम होने लगे पूरा और एक दूसरे को पागलों की तरह पूरे बॉडी को चूमने और चाटने लगे बिलकुल किसी कुत्ता की तरह ओ इस हरकत से पूरी जोश मैं आकर सिसकियां लेने लगी। मैं उसको बोल दिए थी की मुझे सेक्स के समय गाली और चूत चूसने का बहुत शौकीन हैं जब तक की मेरा जी न भर जाय तब तक मैं नहीं छोडूंगा आपकी चूत चाटना। और मैने ये भी बोल दिए की आपको जिस तरह से सेक्स करना पसंद है आपको जैसा दिल करे आप वैसा सेक्स कीजिएगा आपको जो चुस्वाना पसंद हो आप वहा भी चुस्वाईये। मानो तो मैं आपका गुलाम हू तब तक जब तक की आप संतुष्ट न हो जाओगी तब तक। ओ बोली ओके मैं जैसे चाह रही थी आप उससे कहीं ज्यादा अच्छा निकले। थैंक्स आप मुझे ये सब बताने के लिए ताकि मैं खुलकर आपके साथ सेक्स का मजा लूट सकू। अब धीरे धीर मैं उसके निप्पल को चूसने लगा और बूब्स को दबाने लगा. और सिसकारियां लेते हुए बोल रही थी जोर से दबाओ और जोर से कुत्ते खा जाओ मेरी चूची को बहुत परेशान कर रखा है मेरी चूची हमको आह्ह्ह उह्ह्ह्ह उउउईई उम्म्मम्मम्म अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उईईई मायआ अह्ह्ह्हह ह्म्म्मम्म्म्म जोर से दबाओ भोंसड़ी के और मैं इसे ही पागलों की तरह चूस रहा और दबा रहा था उसकी चूची को फिर मैं धीरे धीरे उसके नाभी को चाटने लगे. तो उसने गाली देते हुए बोली कुत्ते के बच्चे मेरी चूत कोन चाटेगा तेरा बाप और ओ मेरा माथा पकड़ के अपनी चूत पर लगा पटक दी और चटवाने लगी. जैसे ही हमने जीभ को चूत पर लगाई तो मदहोश हो कर पागल हो गई और बोलने लगी चूस मेरे राजा खा जा मेरी चूत कुत्ता आज बरसो के बाद इसका कोई सेवा करने वाला मिला है आआआआह्हह्ह उह्ह्ह्ह्ह उउम्मम्म चाटो और चाटो मेरे लाल मेरी चूत की सारा पानी पीजाओ चाट के. हां मेरी रानी मैं तेरा कुत्ता हूं तुम्हारा गुलाम हू आज मैं तेरी बरसो की प्यास बुझा दूंगा रण्डी साली मधरचोद हरामजादी बहुत चूत मैं गर्मी चढ़ गई है न सब आज झाड़ के पी जाऊंगा मैं रण्डी छीनाल. और इतने मैं मैं उठ कर मैं सहद लाया और थोड़े थोड़े करके उसके बुर मैं डालने लगा और चाटने लगा, क्या टेस्ट था क्या बताऊ मजा आ गया अह्ह्ह्ह एकदम जैसे रसगुल्ला किसी चीनी की चासनी में हो | उसने मुझे एक थप्पड़ लगाई और मुझे कुत्ते की तरह बैठा दी और खुद खड़ी हो गई और मुझसे चटवाने लगी पूरी बदन को एक कुत्ते की तरह और ओ मालकिन की तरह मुझ पर हुक्कम कर रही थी। इसी तरह से पूरी सहद को अपनी चूत मैं भरकर मुझे से चुस्वाती रही थी और साथ मैं चूत की पानी भी मिलकर बहती तो टेस्टी कुछ आ रही थी पीने का मजा डबल मिल रहा था मुझे अब डबल नशा हो गया था | मेरे माथा को पकड़ के अपनी चूत पर घिसने लगी. और बोलने लगी चाट कुत्ता बहंचोद। चाट आआआह्हज्ज उह्ह्ह्ह्ह्ह उउउईई ऊऊउम्मम बहुत मजा आ रहा है और चाट अंदर तक चाट जीभ घुसा के और ओ अंत मैं मेरी मुंह मै सारी पानी छोड़ दी जब तक पूरी पानी मेरी मुंह मै नही गिराई तब तक अपनी चूत को मेरे मुंह से नहीं हटाई। और उसे अपनी चूत मैं दबा के ही रखी और रगड़ते रही जब पूरी पानी झड़ गई तो मैं उसकी चूत को चाट चाट के साफ करने लगा और साफ कर दी। इतने मैं उसने मेरा लन्ड को मेरे लोअर के उप्पर से ही सहलाने लगी और फिर कुछ देर बाद लण्ड को लोअर से बाहर निकाल कर आगे पीछे करने लगी अच्छी से. तो मैंने कहा चूस माधरचोद रण्डी कुतिया छीनाल चूस पूरा लंड को अंदर तक लेके गु गु गु गु करके चूस रही थी पूरा रण्डी की तरह और मैं धीरे धीरे उसके मुंह को चोदने लगे पूरा अंदर तक डाल कर ऐसा कुछ 10 मिनट चोदे होंगे तो उसने मेरे लन्ड को निकाल कर अपनी अपनी चूत की मुंह पर लगाया. और बोली चोद माधरचोद अपनी रखैल को देखते है तेरी लन्ड मैं कितना दम है आज जैसे इतना बोली मैं लन्ड को थोड़ा जोर से धक्का दे दिया तो लन्ड का सुपाड़ा ही अंदर गया और उसकी चीख निकल गई क्यूकी पूरे 2 साल के बाद चूद रही थी इसलिए चूत थोड़ी टाइट हो गई थी. इसलिए थोड़े लन्ड को बहार निकाला और जोर से झटका मारा इस बार लन्ड सीधे उसकी चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गया और हा मैं ये नहीं बोलुंग की मेरे लौंडा बहुत बड़ा है पर मस्त है मेरे लन्ड की साइज 5 इंच बड़ा और 2.5 इंच से मोटा है मैंने पेल दिया उसकी बुर में वो चिला उठी जोर से मार डाला रे हरामि कुत्ता आआआह्हह उह्ह्ह्ह्ह्ह उउउईई ओ माआआआआआ मर गई. तो मैं थोड़ा रुक गया और चूची को दबाने लगा और किस करने लगे लिप्स बाय लीप इस तरह उसकी कुछ दर्द कम हुई तो बोली अरे माधरचोद देख क्या रहे हो फाड़ मेरी चूत को भोसडीवाला तो मैंने लन्ड को फिर से बाहर निकाला और फिर एक जोरदार झटके से घुसा दिया और इस तरह से चोदने लगा. अब मेरा साथ धीरे धीरे ओ भी देने लगी कमर उठा उठा कर मेरा और मैं लन्ड पेलने लगा गपागप गपागप और इस तरह से उसकी चोदना चालू हो गया और अब ओ मदहोश होकर आंखे बंद कर मजे लूटने लगी थी और अपने होठ को अपने दत से दबा कर आनंद लेने लगी थी. तो ऐसी बीच मैने एक थप्पड़ उसके गाल पर मारा तो चिला उठी चोद कुत्ता जोर लगा के बहुत मस्त चोद रहे है हो आज से मैं तेरा रखैल हो गई है जब जी चाहे चोद लिया करो उह्ह्ह्ह्ह अआझझझ ऊऊऊम्म जजजज्ज जोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत को आज साला परेशान कर रखा है मेरी चूत फाड़ और फाड़ आआआआह्हह्हज उह्ह्ह उउउउईई माआआआआ बहुत मजा आ रहा है. फिर मैं बोल की तुम डोगी बन जाऊ तो तुरंत ओ डोगी बन गई। और फिर मैं लन्ड को पीछे से चूत मैं पेल दी एक ही झटके मैं और फिर चोदने लगा जोर लगा के इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी।अब वो हमको लिटा के मेरे लन्ड पर बैठ गई और उछल उछल कर आनंद लेने लगी जैसे कोई घुड़ सवारी कर रही हो. और अंत मैं मेरे लन्ड मैं तुफान उठने लगा था और नशों में दौड़ने लगा था तो मैने कहा कि मैं झड़ने वाला हूं तो उसने बोली की चूत मैं ही निकाल दो बहुत दिन की प्यास आज बुझने वाली है तो मैने ऐसा ही किया दो चार झटके जोर जोर से मार कर उसकी चूत मैं ही झड़ गया और वैसे ही निढाल पड़ा रहा दोनो। कुछ देर तक 10 से 15 मिनट तक चोदे थे । फिर दोनो उठे और बाथरूम मैं जाकर फ्रेश हुए और वापस आ गए।फिर एक दूसरे के कपड़े को ठीक ठाक करके पहने और उसने पैसे फोन पे किए और खुशी से एक हजार और दिए नगद दिए और बोली आपने मुझे ओ खुशी और प्यार दी जो सायद मेरे लाइफ मै कभी नही मिल पाती। मैं आपकी बहुत आभारी हूँ । और मानिएगा तो मैं आपका आज से गुलाम,रखैल सब कुछ हूं। आपका जब भी दिल करे मुझे चोद सकते हो। लेकिन आप से एक नम्र निवेदन है कि मेरी इज्जत आपकी हाथो मैं अब से है आप जरा संभाल के रखियेगा। तो मैने उसके हाथ को थाम हुए बोले आप बिलकुल भी टेंशन मत लो आपकी इज्जत हमारी इज्जत है। और हा आपको जब भी चुदवाने का दिल करे आप कॉल कर सकती हो। और आपके फ्रंड भी चुदवाना चाहती हो जो अपने लाइफ मै अपने पति से खुश नहीं हैं तो उनलोग को भी आप इस बारे मैं बता कर अपने अपने फ्रेंड को मुझे चुदवा सकती है। इतना बोल कर मैं उसको लिप किस किया और जाने लगा जैसे ही कुछ दूर गए की उसने मुझे आवाज दी तो मैं रुक गया और ओ पीछे से आकर लिपट गई i love you boli तो मैने भी love you too बोला ओर वहा से बाहर गया। तो किसी लगी मेरी स्टोरी बताना दोस्तो। मेरी ईमेल मैं मैसेज करके जरूर बताइयेगा । jaik861@gmail.com.

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