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Massage Girl in Ghaziabad: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Ghaziabad who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Ghaziabad that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Ghaziabad massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Ghaziabad who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Ghaziabad massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Ghaziabad massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Ghaziabad who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Ghaziabad employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Ghaziabad helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Ghaziabad

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Ghaziabad at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

यह बात 2008 की है, जब मैंने पहली बार घर से दूर कोटा में एडमिशन लिया था और कॉलेज की दहलीज पर कदम रखा था. मेरे पहले दिन ही कॉलेज में कुछ अच्छे दोस्त बन गए.. मुझे अच्छा भी लगा. दो दिन बाद मेरी क्लास में एक नई लड़की आई, जिसका नाम तान्‍या था. वो दिखने में एकदम गोरी, खूबसूरत, शांत स्वभाव की लड़की थी. उसके लिए मैं ये कह सकता हूँ कि उसे भगवन ने फुर्सत से बनाया था.

चूंकि उसका कॉलेज में पहला दिन था तो मैंने उससे पूछ लिया- न्यू एडमिशन?
तो उसने हाँ में जवाब दिया. उसके बाद मैंने उसका नाम पूछा, तो उसने अपना नाम तान्‍या बताया. वो इटारसी की थी. वो एक साधारण देसी लड़की थी. उसके बाद 10 दिन उससे कोई बात नहीं हुई.. न ही वो किसी लड़के से क्लास में बात करती थी. लेकिन पता नहीं उसे देख कर मेरे मन में अजीब सी हलचल होने लगती थी. मन ही मन मैं उसे प्यार करने लगा था, लेकिन उससे बात करने की हिम्मत नहीं कर पाता था.

धीरे धीरे मैंने उसका मोबाइल नम्बर पता किया और उसे कॉल किया. उसने हैलो बोला, तो मैं डर गया और बात नहीं कर सका. फिर जब वो अगले दिन कॉलेज आई तो मैंने हिम्मत करके जाकर उसे बताया कि वो कॉल मैंने किया था.

इस पर उसने कई सवाल किए कि मेरा नम्बर कहां से मिला था, क्यों फोन किया था.. मुझसे क्या चाहते हो?
मैंने उसके सारे सवालों का जबाब दिया.

धीरे धीरे मेरी उससे बात होने लगी. हम लंच शेयर करने लगे. लाइब्रेरी, कैंटीन लैब में साथ जाने लगे. फिर 6 महीने बाद मैंने उससे अपने प्यार का इज़हार कर दिया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया.

लगभग एक महीने तक उसने मुझसे बात नहीं की. मैं पहले से ज्यादा उदास रहने लगा. फिर मेरे कुछ दोस्तों ने उससे बात की और कुछ क्लास की लड़कियों ने भी तब जाकर उसने मुझसे बात की. तीन महीने बाद मैंने फिर से अपने प्यार का इज़हार किया.

तब जाकर उसने कहा कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ, लेकिन डरती हूँ कि इसका असर हमारी स्टडी पर ना आये.
मैंने उसे समझाया कि ऐसा कुछ नहीं होता.

अब मैं उससे हर रोज घंटों बात करने लगा. रात में दो बजे तक बात करता, कभी पूरी रात लगा रहता. कभी कॉल से बात करता तो कभी मैसेज से करता रहता. ऐसे ही दिन निकलते रहे.

एक दिन मैंने उससे बोला कि मुझे तुम्हारे साथ वो सब करना है.
उसने साफ़ मना कर दिया.
मैंने उससे कुछ नहीं कहा.

फिर एक दिन वो मेरे रूम पर आई तब हम दोनों ही थे और कोई नहीं था. उसने मेरी तरफ अनुराग भरी निगाह से देखा तो मैंने धीरे से उसे किस किया. वो कुछ नहीं बोली तो मैंने उसे गले से लगाया और धीरे धीरे उसकी पीठ पर हाथ घुमाने लगा. अब उसे लगने लगा कि कुछ गड़बड़ होने वाली है तो वो मुझसे अलग हो गयी.
वो मुझसे कहने लगी कि ये सब शादी से पहले किसी के साथ करना गलत है.

मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वो नहीं मानी और अपने होस्टल चली गयी. दो दिन हमारा झगड़ा बना रहा, उसके बाद उसका कॉल आया, वो बोली- मुझे तुमसे मिलना है.
तो मैंने उससे बोला कि आ जाओ बाहर किसी पार्क में मिलते हैं.
उसने बाहर मिलने से मना कर दिया और मेरे ही रूम पर मिलने का कहने लगी.
मैंने उसे बोल दिया कि ठीक है आ जाओ.. मैं अपने ही रूम पर हूँ.

जब वो आई तो उसने मुझसे सेक्स के बारे में बात की. मैंने उसे बहुत कुछ बताया और उसने भी, जो उसे पता था मुझसे शेयर किया.

फिर वो बोली कि तुम गुस्सा मत हो जानू… मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ लेकिन वो सब नहीं कर सकती और अगर तब भी तुम करना चाहते हो तो ऊपर ऊपर से जो भी करना है, कर लो.
मैंने भी उसके जज्बातों को समझा और मना कर दिया कि नहीं मुझे कुछ भी ऐसा नहीं करना है.

यह सुन कर वो मुझसे लिपट गयी और मुझे किस करने लगी. उसने मुझे पन्द्रह मिनट तक लगातार किस किया और बोली- हम आज नहीं.. लेकिन सही समय आने पर इस बारे में जरूर सोचेंगे.

इस तरह समय निकलता गया. एक दिन किसी फेस्टिवल का टाइम था, वो अपने घर नहीं गयी थी. उसकी वजह से ही मैं भी घर नहीं गया था. कॉलेज 5 दिन के लिए बंद था और सभी दोस्त अपने अपने घर जा चुके थे. उसका भी हॉस्टल लगभग खाली था, तो उसे भी बुरा लग रहा था.

मैंने उसे अपने रूम पर रुकने का ऑफर किया, तो उसने बोला कि तुम्हारे मकान मालिक क्या कहेंगे?
मैंने उससे बोला- तुम उसका छोड़ो, वो मेरी परेशानी है.

तब मैंने अपनी मकान मालिक से बात की और उन्हें बात बताई कि वो अकेली हॉस्टल में रह गई है, जिस वजह से वो डर रही है और बुरा फील कर रही है.
यह सुनकर उन्होंने उसे मेरे रूम पर रुकने की इजाजत दे दी. तब मैंने उसे बता दिया कि मकान मालिक ने रहने की हां कर दी है. वो अपना बैग लेकर आ गयी.

अब हम दोनों साथ साथ टाइम स्पेंड करने लगे. दिन तो जैसे तैसे निकल गया अब रात आयी. चूंकि मैं अकेला रहता था तो एक ही बिस्तर था.
उसने बोला- कोई बात नहीं, हम सो जाएंगे.

मुझे भी ये सुनकर अच्छा लगा. खाना खाने के बाद जब हम बिस्तर पर आये तो वो मेरे सीने पर हाथ रख कर और मेरे हाथ पर अपना सर रख कर मुझसे बात करने लगी.

बात करते करते वो सो गयी और मैं उसे देखता रहा. मुझे जरा भी नींद नहीं आ रही थी. मैं रात को लगभग दो बजे तक जागता रहा.

तभी अचानक से उसकी नींद खुली और वो मुझे जागता देख कर पूछने लगी- अभी तक क्यों नहीं सोये?
मैंने उससे कहा- तुम सो रही थी तो मैं तुम्हें देख रहा था.

यह सुनकर उसने मुझे किस किया और वो मेरे ऊपर आ कर मुझे किस करती रही. काफी देर तक किस करने के बाद मैंने उससे बोला कि क्या आज मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर सकता हूँ?
तो उसने थोड़ा टाइम लेकर जबाब दिया कि हां कर सकते हो अगर मुझे कोई प्रॉब्लम हुई तो वहीं पर रोकना पड़ेगा.

मैं मान गया, तब फिर मैंने धीरे धीरे उसके मम्मों को सहलाना चालू किया. जब काफी देर हो गयी तो मैंने उसके टॉप को अलग किया. अन्दर का जो नज़ारा देखा तो मैं उसे देख कर पागल हो गया.
एक दूध सी सफ़ेद लड़की ब्लैक रंग की ब्रा में मेरे सामने थी. मैंने उसको देख कर उसे चूमना स्टार्ट किया. चूमते चूमते मैंने कब उसकी ब्रा खोल दी.. पता ही नहीं चला.

वो मेरे सामने आधी नंगी होकर शर्माने लगी और खुद को चादर में छिपाते हुए बोली- अपने भी तो कपड़े उतारो.
मैं अपने कपड़े निकालने लगा और केवल फ्रेंची में उसके सामने खड़ा हो गया. तब वो मेरी फ्रेंची की तरफ नज़र टिका कर देख रही थी.
मैंने उसे टोका और पूछा- कहां ध्यान है तुम्हारा?

तो वो मुस्कुराने लगी. मैं भी झट से उसकी चादर में घुस गया और उससे चिपक गया. मैंने उसे सहलाते सहलाते उसके लोअर को नीचे किया तो उसने अपनी टाँगें उठाकर उसे उतारने में मेरी मदद की. फिर मैं उसे किस करने लगा और वो मेरा साथ देने लगी.

तभी मैं सहलाते सहलाते अपना हाथ उसकी पेंटी के ऊपर ले गया, जहां उसकी चूत पहले से ही भट्टी के जैसी गर्म थी. मैंने जरा सा हाथ नीचे किया तो पता चला कि कुछ गीला और चिपचिपा सा द्रव्य उसकी पेंटी से लगा है. मैंने उससे पूछा- ऐसा क्यों?
वो बोली कि मुझे खुद नहीं पता कि कैसे गीली हो गई?
मैं समझ गया कि वो एक बार झड़ चुकी थी और उसे खुद नहीं पता था.

मैंने अब देर न करते हुए उसकी पेंटी में हाथ डाल लिया और उसकी चूत को सहलाने लगा. वो गर्म होने लगी और मुझे कसके पकड़ने लगी. तो मैंने एक झटके में ही उसकी पेंटी उसके बदन से अलग कर दी और उसकी चूत में एक उंगली डालने लगा. जैसे ही मैंने उसकी चूत में उंगली डाली, वो चिहुंक उठी. उसे थोड़ा सा दर्द हुआ तो मैंने उसे समझाया कि दर्द तो होगा और ब्लड भी आएगा.
वो कहने लगी- हां ये सब तो पता है कि पहली बार में ये आएगा.

मैंने उसे चूमा और कहा कि अगर तुम न चाहो तो मैं ये सब यहीं पर रोक सकता हूँ.
तो वो बोली- मैंने तुमसे प्यार किया है तो तुम्हारा ही इस पर हक है. आज जो चाहे हो जाए.. हम एक बार तो जरूर ही ये सब करेंगे, इसके लिए मुझे कितना भी दर्द क्यों न हो.

तब मुझे उस पर और ज्यादा प्यार आने लगा और मैंने मना किया कि नहीं, मैं अब ये सब नहीं करना चाहता.
उसने जिद करते हुए बोला कि आज कर लो.. पता नहीं ऐसा मौका दोबारा कभी मिलेगा भी कि नहीं.

तो मैं उसकी बात मान गया. चूंकि आग दोनों तरफ लगी थी, सो मैंने अपनी फ्रेंची उतार कर साइड में रख दी और उसके ऊपर आ गया.

जब उसने मेरा लंड देखा तो वो थोड़ा डर गयी और कहने लगी- एक उंगली से इतना दर्द हुआ तो इससे तो बहुत ज्यादा होगा.
तो मैंने हाँ में सर हिलाया तो उसने बोला कि जो भी हो, अब यहाँ तक पहुँच गए तो आगे भी जाएंगे.
मैंने ओके कहा तो उसने मुझसे बोला कि जब तुम ये अन्दर डालो, तो मेरा मुँह बंद कर देना.
मैंने उसे फिर से समझाया कि अगर इतना ही डर हो रहा है तो मत करो.
तो उसने मेरी एक न सुनी और बोलने लगी- अब मैं रेडी हूँ, जो चाहे सो आज कर लो.
तब मैंने उसे अपनी एक टी-शर्ट दी और उससे बोला- इसे अपने मुँह में दबा लो, जिससे आंटी के रूम तक आवाज़ न जाये.

उसने मेरी बात मान ली और कपड़े को मुँह में उतना ठूंस लिया, जितना बन सकता था.

तब मैंने उसे इशारा किया कि मैं अपना लंड उसकी चूत में डाल रहा हूँ तो उसने हाँ में सर हिलाया.
फिर जैसे ही मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखा तो वो ऊपर तरफ खिसकने लगी. मैंने उसे प्यार से किस किया और धीरे धीरे उसकी चूत पर अपना लंड फिराने लगा.

इससे उसे कुछ अच्छा लगा और आँखों से सहमति दे दी कि करो अब.

तब मैंने उसकी गीली चूत पर अपना लंड रखा और उसकी तरफ देख कर हल्का सा झटका दिया. मेरा लंड का टोपा उसकी चूत के अन्दर चला गया. उसको बहुत ज्यादा दर्द हुआ और वो मुझे धकेलने लगी. मैंने उसकी तरफ देखा तो आँख में आंसू थे. उसी समय मैं झट से अलग हो गया और अपना टोपा बाहर निकाल लिया. फिर मैंने उसके मुँह से कपड़ा निकाला और उसके आंसू पौंछे.
उसने कराहते हुए कहा- बहुत ज्यादा दर्द हुआ है.

उसने नीचे हाथ लगाया तो देखा हल्का सा ब्लड लगा था, जो उसकी चूत की साइड की स्किन कटने से निकला था.
तब मैंने उससे बोला कि अब नहीं करते हैं, जब इतना दर्द हो रहा है तो रहने दो.
उसने बोला- एक बार और कोशिश कर लो.. अगर इस बार हुआ तो फिर नहीं करेंगे.

मैंने उसकी बात मानी और उसके मुँह में कपड़ा देकर अपने लंड पर पहले तेल लगाया और कुछ तेल उसकी चूत पर भी लगा दिया. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और इस बार जोर का धक्का लगाया तो मेरा लंड लगभग तीन इंच उसकी चूत में चला गया. वो दर्द से आंसू बहाने लगी और अपने हाथ पैर छटपटाने लगी. तब मैंने उसके आंसुओं को पोंछा और समझाया कि अब अन्दर चला गया है. कुछ देर बाद दर्द नहीं होगा.

उसने मुझे ऐसे ही दो मिनट रुकने को बोला. मैं वैसे ही उसके ऊपर रुका रहा.. अन्दर मेरा लंड जल रहा था. मुझे लग रहा था कि जैसे मैंने किसी गरम भट्टी में अपना लंड डाल दिया हो.

कुछ देर बाद मैंने थोड़ा सा हिलना शुरू किया और अपना लंड अन्दर बाहर किया, तो उसे फिर से दर्द हुआ. मैंने अब उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और अन्दर बाहर करने लगा. कुछ देर बाद वो नार्मल हुई और अपने मुँह से कपड़ा निकल कर मादक सिस्कारियां निकालने लगी. वो मुझे किस करने लगी.

जब मैंने उससे पूछा कि अब कैसा फील हो रहा है?
तो उसने मुस्कुराकर कहा- बहुत अच्छा.
मैंने उससे बोला- अभी थोड़ा और बाहर बाकी है..
उसने बोला- डाल दो पूरा, पर मेरा मुँह पकड़ कर करना.

मैंने वैसा ही किया, अपने होंठ उसके होंठ से लगा कर एक तेज़ झटका दिया और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया.
उसे फिर से दर्द हुआ और चीखने लगी लेकिन मेरी किस की वजह से उसकी चीख वहीं सिमट गयी.

फिर थोड़ा रुक कर मैंने उसे चोदना चालू किया. वो कुछ देर बाद झड़ने वाली थी. उसे बहुत अच्छा लगने लगा था, वो कहने लगी- और जोर से और जल्दी आह आह आह्ह ऊंह.

ये कहते हुए उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और वो झड़ गयी. उसके एक मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने तुरंत अपना लंड बाहर निकाल कर सारा माल उसकी चूत के ऊपर गिरा दिया.

जब वो उठी और उसने जो देखा तो पागल सी हो गयी. उसकी चूत से बहुत ज्यादा खून निकला था. जिससे चादर का एक फीट का हिस्सा पूरी तरह ख़राब हो गया था, उसमें दाग लग चुका था.

फिर उसने अपनी चूत की तरफ देखा तो वो सूज गयी थी और लाल हो गयी थी. वो लंगड़ाते हुए बाथरूम गयी और खुद को साफ़ करके बाहर आई.

उसने मुझे किस किया और बोली- आज जो हुआ, वो करने की हिम्मत तुमसे मिली है.. और यह रात मेरी जिन्दगी की सुहागरात से कम नहीं है.
उसके बाद उसने वो बेडशीट हटाई और दूसरी बिछाई. हम फिर से बिस्तर पर आ गए.

Hello dosto mera naam dineah hai mai aaj meri maa ki sachi kahani batane jaa raha hu maja aaye to comment jarur kijiyega Chalo to baat karte hum log 2 bhai papa aur maa 4 logo ka pariwar hai, meri Maa Mohani jiski umar ab 55 hai rang sawla height 5.3 kafi bhara bhara badan hai abhi bhi chudai ke liye betab rehti hai. Ab jo mai aapko sunane ja raha hu ye baat hai saal 2006-07 tab mai kewal 13 saal ka tha aur meri maa 37-38 saal ki thhi. Ek uncle humare he gaon ke roj subah subah humare ghar aaya karte thhe us samay papa duty mein hote thhe , toh maine notice kiya ki jab woh uncle aate the toh mummy ke bagal mein jaake rajai ke andar baith jaate thhe aur jab bhi baithte the toh maa bahut tilbilati thi jai koi unko chooti kaat raha ho ab mujhe thoda shak hone laga thha fir maine ek plan banaya ki ab jab bhi uncle aayenge mai sone ka bahana karke rajai ke andar he rahunga aur dekhunga ki esa kya hota hai. Fir agle din subeh woh aaye aur same wse he maa ke bagal mein baith gaye ab mai andar he thha maine us time ke phone videcon keyped ki tourch on kar li thhi uss samay maa kewal peticot mein thi ab dheere se ek hath maa ki jangho mein aaya aur dhire dhire baate karte hue peticot ko upar khichne laga uff pehli baar mujhe maja aane laga, ab uncle ne laghbhag pura peticot upar kar liya aur pehle baar aaj mujhe maa ki choot jo ki bahar se sawli aur andar se gulabi thi uff pehli baar aaj mai koi phuddi dekh raha thha ab mera lund bhi kathor ho gaya thha, maa ki phuddi mein ek bhi baal nahi thha jisse pata lagta thha ki wo full chudai ke liye taiyar thi aur usbe koi kachhi bhi nahi pehni thhi, maa ki phuddi kaafi chipchipi thhi, ab uncle ne apne hath se choot mein pehle 2 thapki mari aur phuddi ke dono hontho ko apne angoothe aur ungli se kafi tez upar ki or khicha jisse maa kaafi tilmilayi uff mere mooh ke samne maa poori nangi leti thi, pairo mein paya bar bar chhan chhan kar rahi thhi. Unhe laga mai gehri neend mein hu kyuki maa ne check karne ke liye mere muh se rajai hatai thi toh maine aankhe band kar li thhi, ab dono nidar hokar baate bhi krne lage thhe halki aawaj mein jismein maine uncle ko kehte suna mohani palat ja mera lund ab bahut tight ho gaya hai 3 din se teri choot nahi maari hai, maa ne kaha khusphusate hue dimag kharab h bache uth jayenge us samay subah ke 6 baj rahe thhe. Ab wo maa ki phuddi mein dono ungli undar bahar kar raha thha, kareeb 1 minute baad maa uncle ki taraf halka palat gayi jisse ki ab mere mooh ke saamne maa ki moti saawli gaand thhi jismein maa ke pichhe ka 2inch ka chhed mujhe dikh raha thha aur saaf pata lag raha thha ki maa ne kai baar gaand mein bhi lund liya hai. Uff ab mujhse raha nahi gaya aur ek hath se mai apne lund ko bahar nikal kar sehlane laga ab uncle ka ek hath maa ke gand ko daboch raha thha aur chhed mein apne mooh ka thook
Antarvasna Stories

यह उस समय की बात है Antarvasna Stories जब मैं पढ़ता था। गर्मियों के दिन थे, मैं अपनी एक कॉपी अपनी अंग्रेजी की टयूशन टीचर के घर पर भूल आया था। मैं दोपहर को दो बजे अपनी कॉपी लेने टीचर के घर गया।

पहले मैं यह बता दूँ कि मेरी टीचर की उमर 30-32 साल के आस पास होगी और वो शादीशुदा हैं। जब भी मैं टयूशन जाता था तो वो मुझे अजीब नज़रों से देखती थीं और जब भी मौका मिलता था तब मुझको अपने से चिपका लेती थीं।

जब मैं उनके घर पंहुचा तो दरवाज़ा खुला हुआ था। मैं दरवाज़ा खोल के अन्दर गया और मैडम के कमरे में घुस गया। मैंने देखा कि वो पारदर्शी सलवार और कुरते में लेटी हुई थीं। उन्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उन्हें नमस्ते की और उनके पास जाकर बैठ गया। मैंने उन्हें बताया कि मेरी कॉपी रह गई थी और मैं उसी को लेने आया हूँ।

वो टीवी पर एक फिल्म देख रही थीं, तभी उसमें एक गरम दृश्य आ गया। उन्होंने कस कर मेरा हाथ पकड़ लिया और उसे दबाने लगीं। मेरा तो वैसे ही हाल बुरा था और अब तो मेरी धड़कने और भी तेज़ हो गई।

उन्होंने उठ कर अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया और मुझसे बोलीं- हाय! मैं तो कबसे इस इंतज़ार में थी कि तुम मेरी प्यास बुझाओ। मेरे पति तो हमेशा बाहर रहते हैं और मैं तड़पती रहती हूँ मैं भी अपनी मैडम की एक बार लेना चाहता था और आज मुझे मौका मिल गया।

वो मेरे पास आकर बैठ गईं और मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को मसलने लगीं। मैं भी अपने हाथों से उनकी चूचियाँ दबाने लगा और अपने होंठ उनके लाल-लाल होठों पर रख दिए। वो मेरे होंठ चूसने लगीं। मैंने इससे पहले कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया था।

करीब दस मिनट तक यही चलता रहा। फिर उन्होंने मेरी पैंट खोल दी और मेरे लंड को बाहर निकाला। हालाँकि मैं बहुत छोटा था पर मेरा लंड तब भी काफी बड़ा और मोटा था। वो मेरे लंड को देख कर चौंक गईं, बोलीं- तुम्हारा लंड तो मैंने जितना सोचा था उससे भी बड़ा है!

और यह कहते हुए उनहोंने मेरे लंड पर अपना मुँह लगा दिया। वो काफी देर उसे चूसती रहीं।

फिर मैंने उनसे कहा- बस यही करना है क्या?

और मैंने उनके कपड़े उतारने शुरू कर दिए। जैसे ही मैंने उनकी ब्रा खोली, उनकी चूचियाँ उछ्ल कर बाहर आ गईं, मैं तो दंग ही रह गया। इतनी बड़ी चूचियाँ मैंने पहली बार देखी थीं। मैंने झट से उन्हें मुँह में ले लिया और चूसने लगा। मैंने उनकी पैंटी के अन्दर हाथ डाला और उनकी चूत को रगड़ने लगा।

वो मस्त हो कर आह ऊई ओह! चिल्लाने लगी।

फिर उन्होंने भी मेरे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों बिलकुल नंगे थे।
मैंने उनसे कहा- मुझे सेक्स करना नहीं आता!
तो उन्होंने कहा- मैं सिखा दूंगी।

फिर उन्होंने मुझे उनकी चूत चाटने को कहा।
पहले तो मैंने मना किया कि मुझे यह गन्दा लगता है, पर बाद में मैं मान गया। मैंने अपने नरम नरम होंठ उनकी चूत पर लगा दिए और कस-कस के चूसने लगा। वाह क्या खुशबू थी।

मैं अपनी जीभ उनकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। वो पलंग पर लेटी हुई सिसकियाँ भर रहीं थीं। मैं उनके ऊपर गया और उनके होंठ चूसने लगा, साथ ही साथ अपनी ऊँगली उनकी चूत में डाल कर हिला रहा था, तभी मेरे हाथ में कुछ पानी सा आने लगा। मैंने देखा कि मैडम झड़ चुकी थीं। मैंने उनकी चूत का पानी अमृत जल समझ कर चाट लिया।

फिर हम उठे और मैडम मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगीं। मेरा लंड लोहे की तरह सख्त था। फिर वो अपनी टांग चौड़ा कर लेट गई। मैं समझ गया कि अब क्या करना है क्यूंकि मैं काफी ब्लू फिल्म देख चुका था।

मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया। वो आहह्ह्ह ऊहहह करने लगीं। क्यूंकि वो पहले चुद चुकी थीं इसलिए मेरा लंड आसानी से अन्दर चला गया। फिर मैं उन्हें झटके देने लगा। सारा कमरा फच-फच की आवाजों से गूंज उठा। मैडम भी मस्त होकर सिसकियाँ भरने लगीं। उसी में मैडम दो बार और झड़ गईं।

तभी मुझे लगा कि मेरा लंड फूल रहा है और बाहर नहीं आ पा रहा है।
मैंने मैडम को बताया तो उन्होंने कहा- तुम पानी छोड़ने वाले हो!
मैंने कहा कि उससे तो आप प्रेग्नेंट भी हो सकती हो!
तो वो मेरे भोलेपन पर हंसती हुई बोलीं- कोई बात नहीं! मैं तो एक हफ्ते पहले ही अपने पति से चुदी हूँ! किसी को शक नहीं होगा!

इसी बीच मैंने पानी छोड़ दिया और निढाल होकर एक ओर लुढ़क गया। पर अभी भी थोड़ा सा पानी मेरे लंड में बचा था। मेरी मैडम ने मेरा लंडा हिलाया तो एक ज़ोरदार धार निकली और मेरा अमृत रस उनके मुहँ में भर गया। फिर उन्होंने मेरा लण्ड और जांघ चाट कर साफ़ किये। फिर मुझे बाथरूम में ले जा कर नहलाया और नहाते समय भी मज़े लिए।

मैंने भी नहाते समय उन्हें खूब रगड़ा। फिर मैं अपनी कॉपी लेकर घर चला गया।

उसके बाद भी मैंने उन्हें कई बार चोदा पर बाकी कहानी अगले अंक में!

आपसे विदा लेता हूँ!!
धन्यवाद। Antarvasna Stories

Sex Stories

आज मैं आपको अपना Sex Stories असली xxxi अनुभव सुनाने जा रहा हूँ उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आयेगा।

मेरा नाम रोहित है और मेरठ में रहता हूँ। यह जून के शुरू की बात है। तब मेरी परीक्षाएँ ख़त्म हो चुकी थी। मेरी इंग्लिश की मैडम बहुत सेक्सी हैं, उनका नाम शगुफ्ता है। वे अट्ठाईस वर्ष की हैं। उनका कद सवा पाँच फ़ीट, कसा शरीर है, उनकी चूचियाँ बहुत बढ़िया हैं और वो कपड़े भी ऐसे पहनती कि उसके जिस्म का कुछ हिस्सा नज़र आता, क्लास में आती उसके चुचूक खड़े होते थे। कसी कमीज़ पहनती और ब्रा भी कसी, तो चुचूक खड़े होने की वजह अपने निशान उस पर बना लेते। फिर पढ़ाई तो भाड़ ही में जानी थी। मैं रोज़ ख्यालों में उसके साथ प्यार करता।

खैर मैं इंग्लिश पेपर लेकर उसके घर पेपर पर विचार-विमर्श करने गया। कितनी खूबसूरत लग रही थी शलवार-कमीज़ में। उसकी कमीज़ थोड़ी छोटी थी। उनके घर में इतना शोर नहीं था। लगता था जैसे कोई भी न हो। उनके पति आर्मी में हैं, वो शायद कहीं गए हुए हों।

उन्होंने मुझ से कहा- मैं किताब लाती हूँ फिर देखते हैं कि तुम्हारा पेपर कैसा हुआ।

उन्होंने मुझे अपने कमरे से आवाज़ दी और कहा- यहाँ आ जाओ।
मैं चला गया।

किताब ऊपर वाली शेल्फ़ पर पड़ी थी कमरे में। उफ़ क्या सीन था- मैडम किताब को लेने के लिए ऊपर होतीं और उनकी शर्ट भी ऊँची हो जाती, उनकी कमर नज़र आती। मेरा तो उसी वक़्त खड़ा हो गया। मैं उनके पास गया और मैंने मजाक करते हुए कहा- मैडम, मैं आप को उठाता हूँ, आप किताब उतार लें।

और जो उत्तर मुझे मिला उसकी मुझे बिल्कुल भी आशा नहीं थी।
उन्होंने कहा- हाँ! ठीक है! मुझे तुम ऊपर उठाओ।
मैंने जल्दी में जवाब दिया- जी मैडम!
उन्होंने कहा- ठीक है आज मैं तुम्हारा जोर देखूं!

मैं तो चाहता ही यह था। मैं मान गया।

मैडम काफ़ी भारी थी मगर मैंने उन्हें उठा ही लिया। उनकी गांड मेरी पेट से लग रही थी, वो अभी किताब को ऊपर ढूंढ रही थी कि मुझसे पूछने लगी कि थके तो नहीं?

मैंने कहा- नहीं!

मैंने उसे थोड़ा सा नीचे किया और उसकी गांड अब मेरे खड़े हुए लंड के साथ लगने लगी। उसने कुछ भी नहीं कहा। इससे लग रहा था कि मेरी बरसों की खवाहिश पूरी होने जा रही है।

मैंने पूछा- मैडम, किताब मिली या नहीं?
उसने कहा- सबर करो!

मैंने आहिस्ता-आहिस्ता अपना हाथ उनकी कमीज़ के नीचे ले जाना शुरू किया। उनको लगा कि मैं थक गया हूँ और वो फिसल रही हैं।

खैर मैडम को लगने लगा कि मेरा लंड तो बस मेरी चड्डी फाड़ने लगा था।

उन्होंने फ़ौरन मुझे कहा- तुम मुझे उतार दो!
मैंने उन्हें जल्दी उसे उतार दिया। उफ्फ्फ! उनके खड़े चुचूक देखकर मेरे अन्दर करंट आ रहा था।

उन्होंने कहा- किताब नहीं मिल रही! मैं तुम्हारे लिए कुछ पीने को लाती हूँ! फिर ऐसे ही पेपर देख लेंगे।
मैं कहा- ओ के!

वो किचन में चली गई। मैं अब कमरे में अकेला था। मैंने अपने लंड को जल्दी हाथ लगाया और दबाया ताकि जल्दी ही मुठ निकले और मुझसे मैडम के साथ कोई ग़लती न हो जाये।

मैं अभी अपना लण्ड दबा ही रहा था कि मैडम शरबत लेकर आई। वो कब रसोई से निकली, कुछ पता नहीं चला।

उन्होंने मुझे लंड दबाते देख लिया, मैंने जल्दी अपने लंड पर से हाथ उठा लिया। किसी हद तक मैं भी चाहता था कि मैडम मुझे देखे।

वो एकदम से डर गई। मैडम ने मुस्कुराते हुए पूछा- यह क्या कर रहे थे?
मैंने कहा- कुछ नहीं!

वैसे मैं भी कुछ खिसिया गया था। मैंने शरबत लिया और वो दरवाज़े की तरफ बढ़ी और दरवाज़ा बंद कर दिया।

मैंने हैरान होकर उन्हें देखा, उन्होंने कुछ नहीं कहा और मेरे पास आ कर बैठ गई। वो इतना पास बैठी कि मैं दूर नहीं हो सकता था। मैंने उनकी आँखों में देखा तो ऐसे लग रहा था कि अब वो सेक्स की तलाश में हैं। मैंने उनको छूना चाहा लेकिन डर रहा था।

उसके बाद उन्होंने मुझसे पेपर लिया और फेंक दिया और पूछा- तुमने पहले कभी किया है?
मैंने पूछा- क्या?
उन्होंने कहा- अंजान मत बनो!

मैं दिल ही दिल में खुश हुआ और उन्हें जवाब दिया- जी हाँ! एक बार!
उन्होंने पूछा- x, xx या xxxi
मैंने जानबूझ कर उनसे पूछा- इनका मतलब क्या है?
उन्होंने कहा- सिर्फ चूमा-चाटी, मसलना-रगड़ना या सब-कुछ?
मैंने फ़ौरन जवाब दिया- जी मैडम!

मुझसे बिल्कुल भी कण्ट्रोल न हुआ और मैंने उन्हें जल्दी से दोनों हाथों से पकड़ा और सोफे पर लिटा दिया और अधीर हो कर होंठों को चूमने लगा। उन्होंने कुछ भी नहीं कहा और मैं गर्म हो गया। फ़िर फ्रेंच किस भी की। मेरा लण्ड तो पूरा सख्त हो गया।

उन्होंने मेरे मुँह पर बहुत चुम्बन लिए। उनके मम्मे तो शर्ट में भी थोड़े थोड़े नज़र आ रहे थे। वो भी गरम हो गए और मेरी चूमा-चाटी उन्हें और गरम करती गई। उन्होंने सोफा सख्ती से पकड़ लिया और मुझे करने दिया जो मैं करना चाहता था। मैंने उनकी शर्ट उतारी और अपनी भी। वो इतनी गरम हो चुकी थी कि लाल हो रही थी। मैंने उनकी सलवार उतारी और उनके बड़े बड़े चूतड़ों को दबाने लगा।

मेरा लंड भी गरम था और उसकी चूत भी गरम थी। बस मैंने उसकी ब्रा पीछे से खोली और उतार कर फेंक दी, मैडम के चुचे जैसे आजाद हो गए हों और ज्यादा खड़े हो गए। मैंने उनके चूचों को बहुत ज्यादा दबाया और चूसा। उफ्फ्फ! वे इतने स्वादिष्ट थे।

मैंने शर्ट-पैंट पहनी हुई थी। मैंने अपनी पैंट उतारी और अंडरवियर भी! और कहा- मैडम! प्लीज़ उल्टी हो जाएँ।

उन्होंने मुझसे कहा- चोदोगे मुझे?
मैंने कहा- अब कण्ट्रोल नहीं होता।

उनके मम्मे सोफे पर दब गए और मैं और अपना धैर्य खोते हुए मैडम की कमर पर चूमने लगा, उनकी कमर पर हाथ फेरा, उन्हें मजा आया। मैं उनकी कमर पर लेट गया और मेरा लंड उनकी योनि से छू गया। फ़िर सीधा करके उनके चुचूकों को चूसना शुरू किया और पैरों को ऊपर की ओर कर दिया और अपना लंड उनकी चूत में डाला।

क्या तंग योनि था। फिर भी मैंने आसानी से अंदर किया, थोड़ा गया और उन्हें मजा आया। वो आह ऽऽ.. ओह ऽऽ.. औरऽऽ और ऽऽ जैसी आवाजें निकाल रही थी। मैंने और जोर लगाया और पूरा लंड अन्दर डाल दिया, वो चीखी लेकिन उन्होंने मुझे नहीं रोका। मैंने अब अंदर-बाहर, अंदर-बाहर करना शुरू किया।

मैंने उन्हें 20-25 मिनट चोदा, मेरा वीर्य निकल आया और मैडम का भी .. उफ्फ्फ्फ़ क्या दिन था । मैंने सोचा भी न था।

मैडम ने मुझे कहा- अब तुम चूचों के बीच में डालो!

अपना लंड मैंने चूचों के बीच में रख कर आगे-पीछे किया। मुझे बहुत मजा आया। मैंने उनके पूरे जिस्म पर चूमा-चाटी की और फिर कपड़े पहने।

फ़िर एक जोरदार चुम्मा लेकर पूछा- मैडम आप चाहती हैं कि मैं फिर आऊँ?
मैडम ने कहा- हाँ! मुझे अपना फोन नंबर दो! जब घर पे कोई नहीं होगा तो तुम्हें बुलाऊँगी।

मैंने कहा- ठीक है ।
मगर उन्होंने यह भी कहा- तुम मुझे फोन नहीं करोगे!
मैंने कहा- ठीक है!

मैंने अपना मोबाइल नंबर दिया।
अब तक मैं उनके साथ तीन दफा कर चुका हूँ।

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दोस्तो, मेरा नाम आकाश है.. जोधपुर के एक छोटे से गांव से हूँ।

बात उन दिनों की है.. जब मैं अपनी bcom की पढ़ाई कर रहा था.. मेरे साथ एक टीना नाम की लड़की भी पढ़ती थी।
जब से मैंने उसको देखा था.. बस उसे चोदने के बारे में ही सोचता रहता था। वो थी ही इतनी हॉट और सेक्सी उसका फिगर 32-30-34 का था।

एक दिन मैंने मौका देख कर उसे प्रपोज़ कर दिया.. पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने सोचा शायद उसे बुरा लगा है.. क्योंकि वो अगले दिन क्लास में भी नहीं आई थी।

फिर जब उसके अगले दिन वो आई.. तो मुझे कुछ शान्ति हुई कि कोई गड़बड़ वाली बात नहीं है।
उस दिन क्या मस्त लग रही थी वो..!

उसने लाल रंग का सूट और मैचिंग की पजामी पहनी हुई थी.. इससे पहले कि मैं उससे बात करता.. वो ही मेरे पास आई और एक कागज दे कर चली गई।

मैंने भी जल्दी-जल्दी में देखा तो उसमें उसका नंबर लिखा था.. मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

फिर हम दोनों की फोन पर बातें शुरू हो गईं।

अब हम दोनों बाहर मिलने लगे.. लेकिन मेरा तो बस उसे चोदने का ही मन था। फिर एक दिन मॉम-डैड कहीं बाहर गए हुए थे और मैं घर पर अकेला था।

अचानक मेरे मन में आया कि क्यों ना आज टीना को घर पर बुला कर चोदूँ.. मैंने उसी वक्त उसे फोन मिलाया और कहा- आज मैं नहीं आऊँगा क्योंकि घर पर कोई नहीं है।

वो कुछ मायूस सी लगी तो मैंने कहा- तुम आ जाओ ना इधर ही मेरे पास.. मैं भी अकेला बोर रहा हूँ..
पहले तो उसने मना कर दिया.. लेकिन मेरे ज़ोर देने पर वो मान गई और मैं उसे लेने निकल पड़ा।
घर आते समय हम कुछ आइस्क्रीम वगैरह भी ले आए.. लेकिन मेरे दिल में कुछ और ही था।

घर आने के बाद हमने कॉफी पी और फिर वो मेरा घर देखने लगी। अपना घर दिखा कर मैं उसे अपने कमरे में ले गया।
कमरे में जाते ही मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया.. मैं इस मौके को गंवाना नहीं चाहता था।
मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा और उसके मम्मे दबाने लगा.. उसे दर्द होने लगा और वो ‘ऊऊउह..’ की आवाज़ करने लगी।

अब वो बोली- थोड़ा आराम से करो न.. मुझे दर्द हो रहा है..
फिर मैंने उसका टॉप उतारा और उसकी चूचियां उसकी ब्रा से आज़ाद कर दीं और उसकी चूचियां चूसने लगा।
अब उसे भी मज़ा आने लगा.. मैंने धीरे-धीरे अपने एक हाथ से उसकी जीन्स का बटन खोल दिया और अपना एक हाथ उसकी फुद्दी तक पहुँचा दिया। अब वो मज़ा लेने लगी थी।

अपने दूसरे हाथ से मैं उसके चूतड़ सहला रहा था.. वो मदहोश होने लगी.. उसकी आंखें बंद होने लगीं।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी जीन्स और पैंटी अलग कर दी।
अब वो मेरे सामने एकदम नंगी लेटी हुई थी। मुझसे रहा नहीं जा रहा था.. उसकी फुद्दी भी गीली हो चुकी थी।

मैंने उसकी टाँगें उठाईं और फुद्दी में जीभ लगा कर चाटना शुरू कर दिया।
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वाह.. उसकी सील भी बंद थी.. जो और मज़े की बात थी।
थोड़ी देर चाटने के बाद वो पूरी गरम हो चुकी थी.. और उसके मुँह से ‘आह्ह.. ह्ह्हह.. आह्ह्ह.. ह्ह्हह..’ की आवाज़ें आ रही थीं।

मैंने अपना 7 इंच का लंड उसकी फुद्दी पर रगड़ा और एक धक्का मारा तो वो कराह उठी.. लेकिन ये मज़े की कराहट थी।
अब 2-3 बार और धक्का देने के बाद मेरे लंड का अगला हिस्सा उसकी फुद्दी में घुस गया और उसकी सील टूट गई।

वो ज़ोर से चिल्लाई.. लेकिन मैंने उसके मुँह में अपना मुँह डाल कर उसकी चीख को दबा दिया.. लेकिन उसका दर्द उसकी आँखों से आँसू बनकर बह रहा था।
मुझे तो फुद्दी मारने का नशा चढ़ा हुआ था.. मैंने धक्के लगाने चालू रखे और अब चुदाई जोरों पर थी।
वो ‘आह्ह.. हह्हह’ कर रही थी और मज़ा भी ले रही थी।

हम दोनों चुदाई का आनन्द ले रहे थे।

करीब 10 मिनट के बाद वो झड़ गई और मुझे ऐसे लगा कि जैसे किसी ने मेरे लंड पर गरम पानी डाल दिया हो।
लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था.. मैं उसे ताबड़तोड़ चोदे जा रहा था।
फिर 30 मिनट के बाद मैं भी झड़ गया और मैंने अपना सारा माल उसकी फुद्दी में छोड़ दिया।

फिर कुछ पलों तक लिपटे रहने के बाद हम दोनों अलग हुए तो देखा कि बिस्तर की चादर खून से लाल हो गई थी।
उसके बाद हम दोनों एक साथ नहाए और मैंने बाथरूम में भी उसकी फुद्दी मारी.. फिर हम नहा कर बाहर आ गए और हमने बैठ कर आइसक्रीम खाई।

मैंने एक बात नोट की कि टीना ठीक से चल नहीं पा रही थी.. और फिर थोड़ी देर बाद मैं उसे छोड़ आया।

इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता है.. हम दोनों चुदाई करते हैं।

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