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Massage Girl in Kanpur Dehat: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kanpur Dehat who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kanpur Dehat that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kanpur Dehat massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kanpur Dehat who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kanpur Dehat massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kanpur Dehat massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kanpur Dehat who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kanpur Dehat employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kanpur Dehat helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kanpur Dehat

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kanpur Dehat at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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लेखिका : रेखा Antarvasna Sex Stories

सबसे पहले गुरु जी को मेरा Antarvasna Sex Stories कोटि-कोटि प्रणाम ! गुरु जी का क्या कहना ? क्या वेबसाइट लॉन्च की है,जिसमे लोगों की चुदाई के किस्से पढ़ के चूत गीली हुए बिना नहीं रहती !

मेरा नाम रेखा (काल्पनिक) है ! दोस्तो, मैं २६ बरस की एक जवान औरत हूँ ! वैसे तो मैंने एम. कॉम तक पढ़ाई की हुई है लेकिन मेरे पति देव नहीं चाहते कि मैं जॉब करूँ ! मेरी सुन्दरता को लेकर उनके दिमाग में मेरे प्रति गंदे ख्याल आते हैं ! शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ ! हाँ, इस वक़्त मैं पेट से हूँ ! शादी से पहले मेरी गिनती चालू गर्ल्स में रही है !

मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में हुई थी, जब मैं 12वीं की फाइनल पेपर दे कर अपने नानके गई हुई थी ! वहां मैं एक लड़के से इश्क लड़ा बैठी और उसने मेरा काम तमाम कर दिया ! एक महीने में कई बार चुदी ! फिर तो बस मुझे लड़कों का चस्का लग गया और मेरे न जाने कितने लड़कों से एफेअर चले ! मैंने उनमें से कुछ से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किये ! मेरे फिसलते क़दमों को मेरी माँ ने भांप लिया और एक रिश्ता ढूँढ मेरी भी शादी करवा दी !

पति का अच्छा बिज़नस है लेकिन उनमें वैसी सेक्स पॉवर नहीं है जैसी मुझे चाहिए थी ! कई बार बिना पानी की मछली की तरह बिस्तर पर तड़फती ! पति हफ्ते में सिर्फ तीन बार सेक्स करते जिससे मेरी प्यास बढ़ गई थी ! मैंने कहा कि मुझे जॉब मिल रही है लेकिन मेरे खसम ने ऐसा नहीं होने दिया ! उसको अपनी कमजोरी का डर था ! वो यह भी जानता था कि उसकी बीवी में कितनी आग है !

मेरे जेठ के बड़े लड़के ने बारहवीं कक्षा में कामर्स रखा लेकिन गाँव में कोई टयूशन नहीं पढ़ाता !
जेठानी जी ने मुझे कहा,”छोटी बहू, प्लीज़ इसको एक दो घंटे पढ़ा दिया कर !”

मैंने कहा,”ठीक है !”

अगले ही दिन समीर मेरे पास पढ़ने आने लगा ! उसका ध्यान मेरे मस्त मम्मों पर रहता ! गहरे गले के सूट से तो मेरा यौवन डुल-डुल जाता ! कई बार नोटिस किया कि उसके लौड़े वाला भाग फूला फूला सा रहता !

एक रोज़ सभी रात की शादी पर गए थे ! यहाँ पर भी मेरे पति को मैं सुरक्षित नहीं लगी! मुझसे बोला,”उसके दोस्त की शादी ही है ! “

जब मैंने कहा कि बाकी सब क्यूँ जा रहे हैं ?

तो बोले कि बचपन से उनका परिवार माँ बापू को जानते हैं ! मुझे कहा गया कि तुम रुको और समीर रुक जायेगा !

समीर भी रुक रहा था इसलिए पहले से सेक्सी कपड़े पहन रखे थे ! नाईटी में से मेरा जिस्म साफ़ दिखता ! पैंटी-ब्रा सब कुछ! आज समीर ने मुझे देखा तो देखता रह गया ! मैंने उसको बिठाया और बोली,” चलो पढ़ाई करें !”

“जी ,चाची ………! ”

एक बहुत मुश्किल गणित का सवाल था ! मैंने कहा,” इधर मेरे पास ही बैठ जाओ !”

मैंने उसे अपने पास बिठा लिया और मैं उसे गणित के सवाल का फार्मूला बताने लगी ! उसका ध्यान मेरी छातियों पर था ! मैंने उसकी जांघ पे हाथ फेरते हुए कहा,”अब इन्हें देखना छोड़ो !”

मेरा हाथ फिसलता हुआ उसके लौड़े की तरफ जाने लगा ! मैंने पहल इसलिए की क्योंकि वो डर रहा था ! हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था ! मैं उसके लौडे की तरफ अपना हाथ ले जाकर उसको मसलने लगी ! उसने भी सारा डर फेंक कर मुझे बाँहों में उठाया और सीधा बिस्तर पर ले गया ! देखते ही देखते उसने मुझे एक दम नंगी कर दिया और मेरी जवानी से खेलने लगा !

मैंने कहा,” वाह ! मेरे मुन्ना !!”

मैंने भी अब उसका लौड़ा निकाल लिया ! वाह ! क्या लौड़ा था !!!!!! छोटी उम्र से यह हाल था तो आगे क्या होगा ? मैंने भी उसका लौड़ा मुँह में ले लिया और खूब चूसने लगी ! वो आहें भर भर के कह रहा था,” मेरी रखैल चुदासी चाची, आज तुझे मसल दूंगा !”

“वाह ! पट्ठे ! वाह ! मसल दे मुझे ! रौंद दे मुझे ! फाड़ दे मेरी चूत ! मत छोड़ना इसको !”

“अभी ले ,चाची ! कमीनी, कितना दिखा दिखा के तड़फाया मुझे !”

वो बखूबी खेल रहा था वॉलीबाल के साइज़ के मेरे मम्मे के साथ !

मैंने कहा,” बहन चोद ! मार मेरी !”

“अभी ले, रंडी !” कहते हुए उसने टांगें खोल कर अपना लम्बा मोटा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया !

“वाह ! और तेज़ ………और तेज़…… और तेज़ मार ……..! ” उसका जोश बढाने के लिए मैं अप-शब्द बोल रही थी !

“मादरचोद, बहनचोद ! तेरे चाचा से मेरी जवानी नहीं संभाली जाती ! मुझे अपनी बना ले !”

मैं झड़ने के करीब थी इस लिए और जोर-जोर से चूतड़ उठा के उसका लौड़ा ले रही थी !

वो बोला,”चाची, मैं झड़ने वाला हूँ !”

“अन्दर डाल दे समीर ! अपना गरम माल ! डाल दो अपना बीज मेरी कोख में !”

देखते ही देखते उसने सारा माल मेरी चूत में भर दिया और लौड़ा निकाल कर मुंह में डाल दिया ! मैंने उसको चाट-चाट कर साफ़ कर दिया !

“वाह ! मेरे राजा ! ” मैंने कहा ! उस रात हम नंगे बिस्तर पे रहे ! तीन बार उसने मुझे अलग अलग मुद्रा में ठोका !
उस रात के बाद चुदने के लिए हमें जगह नहीं मिल रही थी ! उसने मुझे कहा,” चाची, मेरा एक दोस्त अकेला रहता है ! उसका परिवार अमेरिका में है ! वहीं चला करो ! ” मैंने हामी भर दी और उसके साथ वहां गई। ?????????????????

इंतज़ार का फल मीठा होवे …………….!

कहानी कैसी लगी ? बताओ ताकि आगे लिख सकूँ ! बाय ………………………… Antarvasna Sex Stories

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मैं आमिर Hindi Porn Stories अलाहाबाद से हूँ, उम्र चौबीस साल है, मेरा लंड सात इन्च लम्बा है तीन इन्च मोटा है।

यह जो कहानी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है। मेरे पड़ोस में एक आंटी रहती है उसकी कहानी है। मुझे यह आंटी बहुत अच्छी लगती थी। क्या माल था। उसकी फ़ीगर 38-30-38 है। बड़े-2 चूतड़ और इतनी सेक्सी गाँड थी कि मेरा लंड उसको देख कर तन जाता था। गाँड का पूछो मत, मोटी मोटी गाँड ! जब जब वो चलती थी तो गाँड हिलती रहती। जब जब मैंने आंटी की गाँड देखा करता था मेरा लंड जोश में आ जता। आंटी बहुत ही सेक्सी थी। बेचारी आंटी अंकल के काम की वजह से एंजोय भी नहीं करती थी। उसके पति आर्मी ओफ़िसर थे, अक्सर बाहर ही रहते थे।

एक दिन मैं उनके घर गया, सोनिया आंटी अकेली थी। मैंने आंटी से पूछा कि सब लोग कहाँ है?

आंटी ने जवाब दिया कि अंकल का तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा के घर गये हैं। आज रात को नहीं आयेंगे।

फिर मैंने आंटी को कहा- ओके आंटी, मैं चलता हूँ।

आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा- अभी रुक जाओ, मुझे नहाना है, तब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखना। मैं अभी नहा कर आती हूँ।

आंटी नाइटी में थी, पिंक नाइटी में उनके वक्ष बड़े सेक्सी लग रहे थे, बोली- तू मेरा पीसी भी ठीक करके जाना ! खराब है !

मुझे नहीं पता था कि आंटी भी पीसी चलाना जानती हैं। मैं रुक गया आंटी नहाने चली गई।

मैं इनके बेडरूम में आंटी का इन्तज़ार कर रहा था कि अचानक मेरी नज़र बेड पर पड़ी, बेड पर तौलिया, पैंटी और ब्रा पड़ा था। ब्रा और पैंटी बहुत बड़ी थी। तकरीबन 15 मिनट बाद आंटी ने आवाज़ दी और कहा- तौलिया दे दो मुझे।

मैंने आंटी को तौलिया दिया फिर आंटी ने कहा- प्लीज़ मेरी पैंटी और ब्रा भी दे दो।

मैंने आंटी को पैंटी और ब्रा भी दे दी। अब आंटी नहा कर निकली। आंटी ने सफ़ेद रंग का सूट पहना हुआ था। आंटी की काली ब्रा नज़र आ रही थी।

अब मैंने आंटी को कहा- आंटी अब मैं चलता हूँ।

आंटी ने कहा- तुम्हें कुछ काम से जाना है क्या?

मैंने जवाब दिया- नहीं !

फिर आंटी ने मुझे कहा- रुक जाओ ! मैं अकेली बोर हो जाऊंगी। कुछ बातें वगैरह करते हैं।

मैं बैठ गया और आंटी अपनी लाइफ़ के बारे में बता रही थी। अब आंटी कुछ खुल कर बातें करने लगी। मेरे से पूछने लगी- तुम्हारी गर्लफ़्रेंड्स हैं या नहीं, कभी सेक्स किया है या नहीं।

मैं ऐसी बात सुन कर हैरान हो गया।

अब मैं भी खुल गया था। मैंने आंटी से पूछा- आंटी, आप को सेक्स पसंद है?

आंटी ने जवाब दिया- सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल।

क्या तुम्हें पसंद नहीं है आंटी ने कहा?

मैंने जवाब दिया- कभी किया ही नहीं है।

आंटी ने कहा- झूठ मत बोलो, मुझे मालूम है, तुम बहुत बुरे हो ! तुमने अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी, मुझे सब पता है और तुमने उन पर कहानी भी लिखी, मैंने भी तुम्हारी कहानी कल रात को पढ़ी थी और मेरी चूत गीली हो गई थी, जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास बुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पर थे। झूठ बोलता है, तूने अपना मोबाइल नम्बर भी दे रखा है, लेकिन मैंने सोचा जब घर आओगे तब ही बात करूंगी तुमसे। तेरी माँ को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे।

मैं अचानक डर गया।

आंटी ने कहा- डरो मत, मैं कुछ नहीं कहूँगी ! मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है।

मैंने आंटी से पूछा- कब देखा आप ने मुझे नंगा?

आंटी ने जवाब दिया- जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे। मैंने कुछ नहीं कहा। मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनी आंटी की प्यास नहीं बुझाओगे? कहानी में तो लिख रखा है गुलाम हाज़िर है, अब चुप क्यों बैठे हो? बोलो, अब तुम्हारा लंड प्यास बुझायेगा मेरी चूत की प्यास को?

मैं सोनिया आंटी की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था, सोचा नहीं था कभी कि आंटी खुद तैयार हो जायेगी। मैं उनसे डरता भी था क्योंकि वो बहुत गुस्सेवाली है।

आंटी ने अब अपना हाथ मेरे लंड पर रखा तो मुझे तब बहुत अच्छा लगा। मेरी आंटी बहुत प्यासी थी वो बिल्कुल गोरी थी। उनकी उमर 38 की थी लेकिन अभी भी बिल्कुल जवान लगती थी। ज़िंदगी में आज पहली बार 38 साल की औरत के साथ सेक्स करने जा रहा था।

अब आंटी ने मुझसे कहा- अपनी पैंट उतारो ! मैं भी देखूँ तुम्हारा प्यारा सा लंड।

मैंने अपनी पैंट उतार दी। मैंने उस दन अंडरवियर नहीं पहना हुआ था। मैं अब नीचे से नंगा था।

आंटी मेरे पास आई और मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे पूरा नंगा कर दिया। आंटी को मेरा लंड बहुत अच्छा लगा। आंटी ने मेरा हाथ अपने वक्ष पर रखा और कहा दबाते रहो प्लीज़।

मैंने खूब दबाये आंटी के स्तन। आंटी को मज़ा आ रहा था। फिर आंटी ने अपनी कमीज़ उतारी फिर सलवार उतारी। फिर मेरे लंड को चूसने लगी। फिर मैं आंटी की ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था तो आंटी मुस्करा कर बोली- बेटा, मैं खोल देती हूँ।

फिर आंटी ने ब्रा खोल दी और पैंटी भी उतार दी। अब आंटी का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था।

आंटी ने अपने बड़े बड़े स्तन मेरे लंड पर रख दिये और अपने वक्ष से मुझे चुदाई का मज़ा दे रही थी। कुछ देर बाद मैं आंटी की चूत को चाटने लगा। आंटी की सेक्सी सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी आआआआह्हहह्हह्ह ऊऊऊह्ह्हह बेटा आआआह्हह्हह्हह्हह ज़ोर से बेटा आआआह्हह्हह्हह्ह तेरी आंटी प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा। आआआअह्हह्हह्ह।

आंटी ने कहा- अब अपना लंड मेरी चूत में डालो ! प्यासी है मेरी चूत, प्यास बुझाओ जल्दी।

मैंने आंटी की दोनों टांगों को अपने हाथों से अपने कंधों पर रखा और चूत पर लंड रखा। आंटी की चूत टाइट हो रही थी। मैंने हल्का सा धक्का दिया तो आंटी की चीख निकल गई और आंटी ने कहा- आराम से डालो ! क्या जल्दी है तुमको?

मैंने कहा- आंटी, अब आराम से डालूँगा।

फिर मैंने हल्के हल्के झटके लगाने शुरु कर दिये। मेरे धक्कों से आंटी को मज़ा आ रहा था। आंटी की आवाज़ें निकल रही थी- ऊओह्हह्ह्ह ऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ हाआआ। और डालो और डाल आज मेरी चूत को मज़ा दे दो प्लीज़। तेज़ करो।

मैंने तेज़ कर दिया।

आंटी ने मुझे बेड पे मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत रख दी और ज़ोर-2 से हिलने लगी और चिल्लाने लगी- आह्हह्हह्हह्हह बेटा बेटा आआआआह्हह्हह्हह्हह्ह मज़ा आ गया तुम्हारा लंड अब मेरी प्यास बुझा देगा !

और ज़ोर-2 से ऊपर नीचे होने लगी, ऐसे में मेरे लंड को भी दर्द हो रहा था। आंटी और मैं दोनों पागल हो गये और मैंने आंटी को उठा लिया और नीचे लिटा कर उनकी टांगें खोल दी और फिर से चुदाई शुरु कर दी, आंटी झड़ने वाली थी। हमको 15-20 मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था।

आंटी ने कहा- अंदर नहीं निकालना।

मैंने कहा- ठीक है आंटी।

अब मैंने अपना लंड निकाल लिया और आंटी के स्तनों पर पानी निकाल दिया। फिर आंटी ने मेरा लंड चूसा और पानी पी गई। 15 मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे।

फिर मैंने आंटी से कहा- आंटी। मुझे आप की गाँड मारनी है।

आंटी ने जवाब दिया- आज से सब कुछ तुम्हारा है बेटा ! यह गाँड भी तुम्हारी है ! जब बोलोगे, दे दूंगी।

मैंने कहा- अभी मिल सकती है?

आंटी ने कहा- अभी क्यों नहीं।

आंटी ने फिर मेरे लंड को चूसना शुरु किया, 5 मिनट के बाद मैं आंटी की मोटी मोटी गाँड पर अपनी ज़बान फेरने लगा।

आंटी ने कहा- यह क्या कर रहे हो? आज तक किसी ने मेरी गाँड पर ज़बान नहीं फेरी !

मैंने जवाब दिया- आंटी एक ब्लू मूवी में मैंने देखा था।

आंटी ने कहा- तुमको तो बहुत कुछ पता है सेक्स के बारे में। अब आंटी कुतिया स्टाइल में थी और मेरा लंड बेचैन था मोटी गोरी गोरी मोटी मोटी गाँड में जाने के लिये।

आंटी ने कहा- आराम आराम से डालना ! यह चूत नहीं है गाँड है। बहुत दर्द होता है।

मैंने कहा- आंटी, आप फ़िक्र नहीं करें, मैं आराम से करूंगा।

मैंने अब आंटी की गाँड में हल्का सा झटका दिया, आंटी को दर्द हुआ, चीख निकल गई- आआआह्हह्ह हरामी बाहर निकाल ! फट जायेगी ! रहम कर आआआह्हह नो बेटा प्लीज़्ज़ अह्हह्ह ऊऊऊईईए माआ मम्मी आअह्हह्ह बाहर निकाल।

फिर मैंने अपनी स्पीड हल्की कर दी। अब हल्के हल्के मेरा पूरा लंड आंटी की गाँड में जा चुका था और आंटी को भी मज़ा आ रहा था। आंटी को भी बहुत मज़ा आया गाँड में लंड ले कर। मैंने आंटी को कहा- आंटी, पानी निकलने वाला है !

आंटी ने कहा- निकाल लो।

फिर आंटी ने सारा पानी फिर से पिया और लंड को चूसने लगी।

अब जब भी मौका मिलता है मैं आंटी की प्यास बुझाता हूँ।

इसे कहानी मत समझना ! यह हकीकत है ! Hindi Porn Stories

(Meri Padosan Chalu Ladki)-antarvasna

नमस्कार मेरे पाठक दोस्तो,मैं पंजाब से आकाश हूँ। मैंने यह antarvasna कहानी लिखी है क्योंकि मैं आप सभी को अपनी एक सत्य घटना बताना चाहता हूँ।

मैं अपनी थ्री ईयर आर्ट्स की पढ़ाई पूरी कर चुका हूँ और मै अभी आगे भी पढने की सोच रहा हूँ। लेकिन हमारा कॉलेज घर से बहुत दूर था। तो मैं अपने चाचा के घर रहने लगा था। उनका घर कॉलेज के नजदीक था। मेरे अंकल का लड़का विदेश गया हुआ था। मैं तो प्रातः कॉलेज जाता और संध्या को पांच बजे तक कॉलेज से वापस आ जाता था।

मेरे अंकल के पड़ोस में एक परिवार किराये पर रहता था। उनकी तीन लड़कियाँ थी रूही, कोमल और पिंकी। सबसे बड़ी लड़की रूही को देख कर मेरा मन उस पर लट्टू होने लगा था। वो थी ही इतनी सुन्दर।

उसकी छोटी बहन पिंकी कभी कभी अंकल के घर आया करती थी। मैंने उसके जरिये रूही से बात करने का इरादा बनाया। लेकिन डर रहता था कि वो मेरी मदद नहीं करे या किसी को बता दिया तो क्या होगा। मैंने हिम्मत करके एक पत्र लिख कर उसकी बहन को दे दिया कि वो पत्र रूही को दे देना।

मैं उसे जितना बच्चा या नासमझ सोचता था वो उतनी नहीं थी। वो समझ गई और बोली- आप खुद ही क्यों नहीं दे देते?

पर मैंने जैसे तैसे उसे मना लिया। अगले दिन मैं उसके जवाब का इन्तज़ार करने लगा। वो सात बजे हमारे घर आई और आंटी से बात करने लगी। मैं छत पर चला गया तो वो भी बहाना बना कर छत पर चली आई। मैंने उससे धीरे से पत्र के बारे में पूछा तो उसने पत्र का जवाब दिखा कर अपनी ब्रा में रख लिया और बोली खुद ही ले लो।

मैं उसकी बात सुन कर हैरान रह गया। अरे यह तो बहुत ही चालू लड़की है। मैंने उसकी कमीज में हाथ डाल दिया और पत्र निकालने के बहाने उसकी चूचियाँ दबाने लगा। तो वह बोली- क्या बात है रात रंगीन करने का इरादा है?

मैं उसकी बात सुन कर फिर से सुन्न सा रह गया कि अभी इसकी उम्र तो छोटी सी है और यह तो चुदने को भी राजी है।

मैंने हाँ कर दी तो बोली- चलते हैं किसी होटल में। मैंने अपनी बाईक ले ली और होटल की तरफ़ चल दिया।

वहाँ हम सारी रात एक दूसरे के साथ सेक्स करते रहे। उसने बताया कि उसने मेरे साथ पहली बार ही सेक्स किया है।

वो बहुत खुश थी, कहती थी कि बहुत मजा आया।

बाद में जब मैंने पत्र मांगा तो उसने मुझे दे दिया, लेकिन एक शर्त थी कि मैं उसे ऐसा मजा फिर से दूँ। मैंने उसे वहीं लिटा लिया।

उसने अभी अन्डरवियर नहीं पहना था। मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में गाड़ दिया और बहुत अन्दर गहराई तक पेल दिया। वो सिसक रही थी ऊऊओह्हह् हह्हह हीईईईई और अंदर ह्हह हह्हह्ह ह्हह फ़ाड़ डालो। अहहह हह्हह।

लगभग आधे घण्टे बाद हम एक दूसरे से अलग हुए। उसने अपने कपड़े पहने और मैंने भी अपने कपड़े पहन लिये। उसके बाद मैंने वह पत्र पढ़ा तो मुझे हैरानी हुई कि उसकी बहन भी मुझ पर मरती है।

फिर उसने मुझे रात को अपने घर पर बुलाया।

पिंकी ने बताया कि आज रात को उसके घर में कोई नहीं होगा, तुम रात को आ जाओ। मैं उस दिन कॉलेज नहीं गया। रात को मैं उसके घर गया और कॉल बेल बजाई। पिंकी ने मुस्करा कर दरवाजा खोला।

फिर हम उसकी बहन के कमरे में चले आये और कहा कि मेरा इन्तज़ार करो। उसकी बहन पिंकी ने हम सभी के लिये खाना बनाया। भोजन के उपरान्त हम सभी ने ग्रुप सेक्स किया। मैं उस रात को बहुत खुश था फिर मैं वापस चला आया। अब तो जब भी हमें मौका मिलता है, हम सेक्स करते हैं।

मैं आगे की Antarvasna कहानी अगली बार लिखूंगा।

वे बोलीं- क्या हुआ हार्दिक?
मैं पहले कुछ नहीं बोला फिर उनसे कहा- आप एक मिनट आइए.

तब मैं एक रेस्टोरेंट में उनको ले गया और उनको बैठने को बोला.

वे कुछ बोलतीं, इससे पहले मैं ऑर्डर देने चला गया.
और वे एक टेबल से लगी कुर्सी पर बैठ गईं.

मैं उनका पसंदीदा कप केक लेकर आया. ये मैंने उनसे व्हाट्सैप पर उनकी पसंद पूछी थी, तभी पता चला था.

वे कप केक देख कर खुश हो गईं.
मैंने उनसे कहा- यहां का कप केक काफ़ी अच्छा है.

हम दोनों वे कप केक खाने लगे, जिससे उनके चेहरे पर थोड़ी स्माइल आ गई.

फिर मैंने उनसे पूछा- मैम एक बात बोलूँ!
वे बोलीं- हां बोलो.

मैंने कहा- मैम, आपको देख कर लगता नहीं कि आपका कोई बेटा भी होगा. इनफॅक्ट ऐसा भी नहीं लगता है कि आपकी शादी भी हुई है.
वे बोलीं- अच्छा जी, ऐसा क्यों?

मैं बोला कि बस आपको देख कर लगता है कि आप 21-22 साल की ही लड़की हो.
वे बोलीं- ऊओह ये बात!

वे ये कह कर हंस पड़ीं और कुछ देर वापस हम दोनों बाइक पर बैठ कर चल दिए.

मैंने उनको उनके घर पर ड्रॉप कर दिया.
वे मुझे अन्दर आने के लिए बोलने लगीं पर मुझे कुछ काम था तो मैंने मना कर दिया.

उन्होंने मुझे थैंक्यू बोला.
मैं वहां से चला गया.

अब मैं उनसे और ज़्यादा बातें करने लगा.
वे भी मुझसे खुल सी गई थीं.

फिर एक दिन वे मुझसे मेरी फैमिली के बारे में पूछने लगीं.
मैंने उनको अपनी फैमिली के बारे में बताया साथ ही ये भी बताया कि मेरी फैमिली की कंडीशन इतनी अच्छी नहीं है.

उन्होंने कहा- सब ठीक हो जाएगा … और हां कभी कुछ भी ज़रूरत हो, मुझसे बोल देना.
मैंने उनसे कहा कि कोई नहीं मेम.
वे बोलीं- क्या कोई नहीं?
फिर मैं कुछ नहीं बोला और उनको बस थैंक्यू बोला.

अब हमारी ऐसे ही बातें होती रहीं.
मैम मुझे अब अपनी बातें और कुछ काम भी बता दिया करती थीं और कभी कभी मेरे साथ कॉलेज जातीं.

फिर उन्होंने अचानक से मुझसे कॉलेज में बोलना बंद कर दिया और मुझसे अब मज़ाक भी नहीं किया.

मैंने शुरू में तो कुछ ध्यान नहीं दिया पर 5-6 दिन बाद मुझे जब ये महसूस हुआ.
तो मैंने उनसे फोन पर पूछा.
वे बोलीं कि कुछ नहीं बस तुमको ऐसे ही लग रहा है.

अगले दिन में कॉलेज गया और मैम ने मुझे लेक्चर के बाद अपने केबिन में बुलाया.
मैं वहां गया तो उन्होंने मुझसे कहा- हार्दिक, तुमको पता है कि क्लास में हमारे बारे में क्या चल रहा है?
मैं चुप रहा.

मुझे तो पता था कि क्लास में मेरे और मैम के बारे में बातें होती थीं.

वे बोलीं- बताओ?
मैंने कहा- मुझे नहीं पता मेम?
वे बोलीं- ज़्यादा सीधे मत बनो. अच्छा चलो तुम जाओ … और हां अब थोड़ा ध्यान रखो. इन सब बातों ने मेरा दिमाग़ खराब कर दिया है.

मैं बोला- मैम, मैं कुछ बोलूँ, बुरा ज़रूर लगेगा आपको!
वे बोलीं- हां बोलो!

मैंने उनसे कहा- आप बिना मतलब इन बातों पर ध्यान दे रही हैं.
वे बोलीं- क्या मतलब?

मैंने कहा- आप इन बातों को पहले सोचना छोड़ो … और सोचो क्लास में तो सबको फालतू बकने का काम करते हैं और अगर आप मुझसे बोलोगी भी नहीं तो भी भी क्लास में सब ये ही सोचेंगे, जो वे सोच रही हैं. पर कुछ टाइम बाद सब भूल जाएंगे. आपको इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ना चाहिए कि कोई आपके बारे में अच्छा सोचे या बुरा. वे उनकी सोच है, जिसमें हम कुछ नहीं कर सकते. वे अब आपके बारे में सोच रहे हैं … कल को किसी ओर के बारे में सोचेंगे.

फिर वे बोलीं- अच्छा बाबा ठीक है, चलो तुम अब अपनी क्लास में जाओ.
मैं क्लास में आया और सोचने लगा कि कहीं मैम मुझसे बातें करना बंद ना कर दें.

पर फिर मैम मुझसे फिर से अच्छे से बातें करने लगीं.

कुछ दिन बाद मैम का बर्थडे आया.
मैं पहले उनको विश करने की सोच रहा था लेकिन फिर मैंने नहीं किया.
मैंने उनको सर्प्राइज़ देने का सोचा.

मैं कॉलेज गया और मैम से बात भी हुई.
पर मैंने ऐसे रिएक्ट किया जैसे मुझे याद ना हो कि उनका आज बर्थडे है.

वे थोड़ा दुखी हो गईं.
मैं समझ गया कि क्या बात है.

एक तो मैंने भी उनको बर्थडे विश नहीं किया और दूसरा वे अपने बर्थडे पर अकेली थीं.
वे लेक्चर में भी चुप-चुप सी रहीं.
मैंने प्लान बनाया कि उनको सर्प्राइज़ देता हूँ.

जैसे ही मेरा कॉलेज खत्म हुआ और मैंने मैम को कॉल किया.
तब 4 बजे थे.

‘मैम आप फ्री हो क्या?’
वे बोलीं- क्यों, क्या हुआ?

मैंने उनसे झूठ बोला कि आज मेरी भाभी का बर्थडे है, तो उनके लिए कुछ गिफ्ट लेना है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि क्या लूँ.
वे बोलीं- देख लो, कुछ भी ले लो.

मैंने कहा- मैम मुझे समझ आता, तो आपको कॉल थोड़े ही करता.

मैंने उनसे जोर देकर कहा- प्लीज मैम चलिए ना प्लीज.
वे मान गईं, वे बोलीं- अच्छा ठीक है.

मैंने उनसे कहा- मैं 30 मिनट में आपको पिक करने आता हूँ.
उन्होंने ओके बोला और फोन कट कर दिया.

मैं तैयार होकर मैम के पास चला गया और उनको पिक करके हम दोनों एक मॉल में आ गए.

वहां के लेडीज सेक्शन में आए और उधर मैम ने एक पर्फ्यूम सिलेक्ट किया जिसकी खुशबू मैम को काफी अच्छी लगी.
वाकयी में खुशबू अच्छी थी.

मैंने परफ्यूम पैक करवा ली और हम वहां से निकल पड़े.

रास्ते में आते हुए मैंने एक रेस्टोरेंट के बाहर बाइक रोकी और मैम से कहा- कुछ खाते है, बहुत भूख लग रही है.
मैम ने कहा- मेरा मन नहीं है.

वे अभी भी थोड़ा सा अपसैट थीं पर मेरे ज़िद करने पर वे मान गईं.

हम अन्दर गए और मैंने वहां पहले से ही एक सेक्शन मैम के बर्थडे के लिए बुक किया हुआ था जो उनके लिए सर्प्राइज़ था.
वहां थोड़ी डेकोरेशन भी करवाई थी.

मैं मैम के साथ वहां गया और उनको बिठा कर मैं काउंटर पर बोल कर आया कि वे केक भेज दें.

मैंने थोड़ा बर्थडे बॉम्ब वगैरह का इंतजाम भी किया था और गाने चलाने के लिए भी होटल वालों को बोल दिया था.

उन्होंने प्यारे से सॉंग्स चलाए और मैम मुझे देख कर कुछ पूछने वाली थीं कि तभी वेटर केक लेकर आ गया और टेबल पर रख दिया.

मैंने मैम को बर्थडे विश किया.
मैं मैम के बराबर में ही बैठा था.
मैंने उनको केक कट करने के लिए बोला.
उनको बहुत अच्छा लगा.

जब वे केक कट करने लगीं, तो वहां वे बर्थडे बॉम्ब वगैरह भी फोड़े, जिससे उनको और ज्यादा खुशी मिली.

मैंने उनको एक बार और विश किया.
उन्होंने मुझे थैंक्स बोला और मुझे केक खिलाया.

मैंने उनको वे परफ़्यूम दिया तो वे बोलने लगीं- ये तो तुम्हारी भाभी के लिए था ना!
मैंने कहा- मैंने आपसे झूठ बोला था, जिससे मेरा सर्प्राइज़ खराब ना हो. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या गिफ्ट दूँ तो ये बहाना बनाया था.

वे बोलने लगीं- इस सबकी क्या ज़रूरत थी. तुमने इतना सब क्यों किया?
मैंने कहा- ख़ास लोगों के लिए ख़ास चीजें ही की जाती हैं.

वे बोलीं- लेकिन फिर भी इतना सब … और तुम्हारी कंडीशन भी इतनी अच्छी नहीं है, फिर भी?
मैंने उनसे कहा कि मैंने आज के लिए अपनी पॉकेट मनी सेव की थी.

उनके कुछ बोलने से पहले मैं बोला कि अब आप केक भी कट कीजिए ना!
वे हंस दीं और उन्होंने केक कट करके मुझे खिलाया.

मैंने भी उनको खिलाया और बोला कि अब तो मूड ऑफ नहीं है आपका!
वे बोलीं कि मुझे इतना अच्छा सर्प्राइज़ कभी नहीं मिला.

उन्होंने मुझे फिर से थैंक्स बोला और मेरे गाल पर किस कर दिया.
वे अपना चेहरा नीचे करके बैठ गईं.

एक पल बाद उन्होंने मुझे सॉरी बोला.
अब मैं उनको क्या बोलता.

फिर हम दोनों ने वहां पर डिनर किया और मैंने उनको घर ड्रॉप कर दिया.

रात को मैं उनके बारे में सोचता रहा और वे किस याद करके अपना लौड़ा सहलाता रहा.

अगले दिन सब नॉर्मल था.
ऐसे ही कुछ दिन निकले. अब मेरी उनसे और ज़्यादा बातें होना शुरू हुईं.

एक दिन मैंने उनको प्रपोज़ करने का सोचा.
लेकिन हिम्मत नहीं हुई कि कहीं उनको बुरा लगा तो!

मैंने सोचा कि उनको व्हाट्सैप पर ही बोल देता हूँ.
उनसे व्हाट्सैप पर बात करते हुए मैंने कहा- मुझे आपको कुछ बोलना है!
वे बोलीं- हां बोलो.
मैंने मैसेज किया कि आई लव यू.

उन्होंने 2 मिनट तक कोई रिप्लाइ नहीं किया.
फिर कहा- अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो, तुमको अभी बहुत कुछ करना है. कल से तुम्हारे पेपर भी हैं.

मुझे थोड़ा बुरा लगा और मैं उनकी बात समझा भी नहीं.

फिर बस मैंने अगले 12 दिन उनसे बातें नहीं की और अपने एग्जाम पर ही ध्यान दिया.
ये इंटर्नल एग्जाम थे.

बस मुझसे सवाल पूछा था, तो उससे रिलेटेड बातें हुईं.
एग्जाम खत्म हुए और मैं उनसे कॉलेज में अकेले में मिला.

मैंने उनसे सॉरी बोला, तो वे बोलीं- क्यों?
मैंने कहा कि उस दिन के लिए.

वे कुछ नहीं बोलीं और कहा कि छोड़ो इस बात को.
फिर इधर उधर की बातें हुईं और मैं घर आ गया.

पहले तो मैं उनको केवल हवस की निगाहों से देखता था और उनको चोदना चाहता था, इसलिए टीचर रोमांस कर रहा था लेकिन अब कहीं ना कहीं मेरे दिल में उनके लिए थोड़ी सी फीलिंग्स आ गई थी.
शायद इसका एक कारण ये भी था कि हम दोनों की कंडीशन सेम थी.

उनके पास इतना कुछ होते हुए भी वे अकेली थीं … और मेरे पास कुछ नहीं था इसलिए परेशान और अकेला था.

मैं रात को सोचने लगा कि लगता है पल्लवी मैम के मन में भी मेरे लिए कुछ है.
क्योंकि जब मैंने उनको प्रपोज़ किया तो उन्होंने हां नहीं की और मना भी नहीं की.

उनको यदि बुरा लगता तो वे मुझसे नाराज़ होतीं.

यह सोचते ही मैंने आगे सोचा कि मेरे बर्थडे के 3 दिन बाद वे फ्री हो जाएंगी, उनकी कॉलेज की टेंशन, जो पेंडिंग वर्क है, वे भी खत्म हो जाएगा, तभी उनसे तसल्ली से बात करना ठीक रहेगा.

ऐसे ही 3-4 दिन निकल गए.
वे मुझसे, इतना व्यस्त होने के बाद भी काफ़ी बातें करतीं और मुझे छेड़ भी देतीं.

मैं भी उनसे अब ज़्यादा हंसी मज़ाक करने लगा था.

अगले दिन जब मैं कॉलेज गया तो मेरे कुछ क्लासमेट मेरे बर्थडे की पार्टी की बात करने लगे.
पहले तो नॉर्मल ही रहा.

फिर पल्लवी मैम लेक्चर लेने आईं तो मैम ने उनकी बात सुन ली कि वे मुझसे पार्टी के लिए बोल रहे हैं.

वे भी मुझे कहने लगीं- हार्दिक, बर्थडे की पार्टी कहां दे रहे हो?
मैंने उनसे भी यही बोला कि देखते हैं मेम.

मैम और मेरे दोस्त दोबारा कहने लगे तो मैंने कह दिया- रेस्टोरेंट में चलते हैं. पर बर्थडे से अगले दिन का रखेंगे.

अब मैं उन्हें क्या बताता कि मुझे पैसों का भी इंतजाम करना था.

मैम भी बोलीं- हां ठीक है. उस दिन तो मैं भी फ्री हूँ.
सभी ने मेरे बर्थडे से अगले दिन का प्लान फिक्स किया.

अब मुझे पैसों का देखना था.
मैंने सोचा कि अपने फ्रेंड से मांग लेता हूँ बाद में दे दूंगा.

मेरा बर्थडे आया, मुझे मैम ने 12 बजे विश किया और कुछ प्यारी से कपल वाली केक कट करते हुए एक पिक सेंड की.

मैंने उनको थैंक्स बोला.
उन्होंने पूछा- तुम कल कॉलेज तो आ रहे हो ना!
मैंने कहा- हां मेम, आ रहा हूँ ना … क्यों क्या हुआ?

वे बोलीं- कुछ नहीं, बस ऐसे ही पूछा. वो कल शायद तुम्हारा असाइनमेंट होगा ना!
मैंने उनको ओके बोला और मैं सुबह कॉलेज गया.

मेरा बर्थडे हर बार की तरह सिंपल सा था.
मुझे पता था कि बस घर जाकर शाम को केक कट करना और बस घरवाले कुछ गिफ्ट देंगे शायद और बस खत्म.
मुझमें कुछ उत्साह नहीं था.

अब मैम का लेक्चर आया, वे क्लास में आईं … तो मैं उनको देखता ही रह गया.
वे आज ब्लैक साड़ी पहन कर आई थीं. वे आज से पहले कभी ब्लैक साड़ी में नहीं आई थीं.

जब वे क्लास में आईं तो मेरी तरफ आंख मारती हुई और अपनी कमर मटकाती हुई आईं.

मेरे नजदीक आकर मुझसे थोड़ा मादक सी आवाज़ में बोलीं- हैप्पी बर्थडे टू यू हार्दिक!
मैंने उनको थैंक्यू मैम बोला.

उन्होंने मुझे फिर से आंख मारी, पर मैं कुछ समझा ही नहीं क्योंकि मेरा ध्यान तो उस काली साड़ी में उनके गोरे टाइट जिस्म पर था, जिसे देख कर मेरा बुरा हाल हुआ जा रहा था.
मैं खुद पर किसी तरह कंट्रोल कर रहा था.

उनका लेक्चर खत्म हुआ और वे बाहर चली गईं.
मैंने तुरंत बाथरूम में जाकर हाथ चलाया, तब जाकर मुझे कुछ राहत मिली.

कुछ समय बाद जब छुट्टी हुई, तो मैम की कॉल आई कि मैं उनके केबिन में जाऊँ.
मैं वहां गया तो वे मुझसे बोलीं कि उनकी स्कूटी फिर से खराब हो गई है और उनको कुछ बुक्स घर लेकर जाना है, तो मैं उनको घर पर ड्रॉप कर दूँ.

वे अब मुझे कुछ भी बात अपने हक़ से बोलने लगी थीं, पहले की तरह नहीं कि प्लीज प्लीज कह कर कहें.
मैंने उनको ओके बोला.

उन्होंने कुछ बुक मुझे भी पकड़ा दीं और मैं उनके साथ नीचे पार्किंग तक आया.
फिर मैंने उनको वे बुक्स दे दीं और वे मेरे पीछे बैठ गईं.

मैं बाइक लेकर निकला, मैंने बाइक पर रास्ते में 4-5 बार ब्रेक मारे, जिससे वे मेरे ऊपर गिर जातीं और उनके 34 इंच के बूब्स मेरी पीठ में दब जाते.
वे आउच बोलतीं.
मैं उस पल का सुख लेता हुआ अपने नसीब को सराहता.

हम दोनों उनके घर आ पहुंचे.
मैंने बाइक रोकी और वे उतर गईं.

उन्होंने बुक्स मेरी बाइक पर ही रखी हुई थीं.
वे मुझे अन्दर आने के लिए बोलने लगीं.

मेरा उनको देख कर ही बुरा हाल हो रहा था.
यदि उनके घर में जाता तो पक्की कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती.

मैंने मना किया तो वे थोड़ा फोर्स करने लगीं और बोलीं- इतनी सारी बुक्स हैं, ये तो अन्दर रखवा दो.
तब मैंने उनको ओके बोला और बाइक को साइड में खड़ा करके उनके पीछे बुक्स लेकर चल दिया.

वे मेरे सामने अपनी गांड मटका मटका कर चल रही थीं.
वे घर खोलने के बाद एक रूम में गईं और मुझे भी बुलाया.

वे उनका बेडरूम था.
उन्होंने वहां टेबल पर बुक रखने को कहा.

मैंने वहां बुक्स रख दीं.
उन्होंने मुझे बैठने को बोला, मैं मना करता … उससे पहले ही उन्होंने फिर से बोल दिया- बैठ जाओ, ज़्यादा नखरे ना दिखाओ.

मैं उनके बेड पर बैठ गया.
वे मेरे लिए पानी लेकर आईं.

मैंने पानी पिया और ग्लास टेबल पर रख दिया.
मैं अब उनको देख रहा था और उनके रूम को भी.

वे मुझसे बोलीं- अपना ये बैग साइड में रख दो, कौन सा भागना है तुमको!
मैं चुप था.
मैंने उनको देखते हुए बैग रख दिया.

वे मुझसे पूछने लगीं- क्या देख रहे हो ऐसे?
मैं बोला- कुछ नहीं … सक्षम नहीं दिखाई दे रहा!

वे बोलीं- मैंने तुमको बताया था ना कि मेरे हज़्बेंड मुंबई में रहते हैं. सक्षम की अभी 2 महीने की छुट्टी है, तो वे अभी 3 दिन पहले ही अपने पापा के पास गया है.
मैंने ओके कहा.

वे मुझसे बोलीं- क्या लोगे … चाय कॉफी या कोल्ड ड्रिंक?
मैं बोला कि कुछ नहीं मेम. बस आज्ञा दीजिए, मैं चलता हूँ.

क्योंकि मेरा लंड काबू से बाहर हो रहा था. मेरा मन तो ये कर रहा था कि उनको अभी पकड़ कर चोद दूँ पर फिर उनकी लाइफ के बारे में सोचता, तो मेरा ये ख्याल चला जाता कि मेरी किसी हरक़त की वजह से उनको बुरा लग गया, तो उनकी लाइफ में रहेगा ही कौन … क्योंकि वे मुझसे ही बातें करती हैं बस.

वे बोलीं- अच्छा 2 मिनट रूको, मैं आती हूँ.

मैं हां में सर हिला कर बैठा रहा और वे रूम से बाहर चली गईं.

दोस्तो, मैम कमरे से बाहर जरूर चली गई थीं.
लेकिन जब वे वापस आईं तो मैं भौचक्का रह गया था.
मैंने उनसे जो चाहा था वे मुझे खुद ब खुद मिल गया था.
जी हां … मैम ने अपने आपको मेरे हवाले कर दिया था और मैंने उनकी तबियत से चुदाई की

Antarvasna

प्रिय मित्रो आप सब को मेरा नमस्कार !

मैं राम,

मुझे उम्मीद है मेरी कहानी “बायलोजी की टीचर के साथ Antarvasna सेक्सोलोजी” आप सब को पसंद आई होगी, प्लीज़ आप मुजे अपनी राय भेजना मत भूलिएगा.

यह उन दिनों की बात है जब मैं बारहवी क्लास में पढता था, मैं मेरी मौसी के यहाँ रहता था क्योकि उनका घर शहर से नजदीक भी था और 2 मंजिला था.

मेरी मौसी की दो लड़कियां थी, दोनों ही बड़ी सेक्सी थी. सोनिया जो मुझसे 2 साल बड़ी थी वह कॉलेज में थी और दूसरी सिया वह दसवीं क्लास में थी, हम दोनों एक ही स्कूल में थे.

हर रोज साथ में आना-जाना, खेलना, पढाई में उसकी मदद करना, यह सब मिला के हम दोनों में अच्छी पटती थी, सिया को कभी भी बुरी नजरो से नहीं देखा, सिया मेरी बहुत इज्ज़त करती थी और मैं हमेसा उसको खुश रखता था, वो जो मांगती वो मैं उसे ला देता था तो खुशी से मेरे गले लग जाती या मुझे चूम लेती थी।

एक दिन उसने मुझे कहा भइया आप मुझे मेरी बर्थडे पर क्या गिफ्ट दोंगे ?

मैंने कहा तुझे जो भी चाहिए, हर साल की तरह इस साल भी ला दूंगा. तो उसने कहा इस बार आप मुझे आप की पसंद की गिफ्ट देना,

मैंने कहा- ठीक है जैसी तेरी मर्जी।

अगले दिन जब स्कूल जाने का टाइम हो गया था लेकिन सिया दिख नहीं रही थी, तो मैंने उसे आवाज़ लगाई लेकिन कोई जवाब न मिला तो मैं उसे देखने के लिए उसके कमरे मैं गया, दरवाजा अन्दर से खुला ही था और मैंने नोक भी नहीं किया, सीधा अन्दर ही चला गया, लेकिन जो दृश्य मैंने देखा…मेरी साँस रुक गई.

सिया एकदम बे ख़बर सी बेड के उपर बैठ के उसकी ब्रा का हुक ठीक करने में मशगूल थी, उसके तन का उपरी हिस्सा बिल्कुल नंगा था, हाय का नजारा था, उसके इस रूप को देखा तो मेरे अन्दर का जानवर जग उठा, क्या मस्त बूब्स थे…जैसे मोसंबी को काट के लगा दिए हो, मुंह में पानी आ गया लेकिन क्या करे…

मैंने वहां ठहरना उचित न समझा जैसे जाने के लिए मुडा तो उसका ध्यान मेरी ओर गया, मुझे देख कर वो शर्म से कांप गई…अपने आजाद कबूतरों को हाथों से छिपाने लगी, और मेरी पीठ करके खड़ी हो गई ..पूछा यहाँ क्या कर रहे हो भइया…

मैंने कहा स्कूल के लिए देर हो रही थी…आवाज़ दी लेकिन जवाब नहीं मिला तो तुझे ढूंढते हुए यहाँ आ गया…

उसने कहा ठीक है आप यहाँ से जाओ मैं तैयार हो के 2 मिनट में आती हूं। मैं बाहर तो आ गया लेकिन दिल अन्दर ही छोड़ आया.

ऐसे भी देर हो गई थी…स्कूल बस भी चली गई होगी करके मैंने मौसाजी से उनकी बाइक मांग ली.

सिया को लेकर मैं भी स्कूल की ओर चल दिया..

स्कूल आने तक वो एक शब्द भी नहीं बोली तो मुझे लगा सिया मुझसे नाराज़ हो गई है.

पूरा दिन स्कूल में दिल नहीं लगा…बार-बार सिया के बूब्स दिखाई दे रहे थे…राम को जब घर लौट रहे तो रास्ते में मैंने पूछा तुम मुझसे नाराज़ हो तो उसने कहा नहीं तो…

तब मैंने कहा बोलती क्यों नहीं हो, तो वो कहने लगी शर्मिन्दा हूँ, मैंने कहा किस बात के लिए तो कहने लगी की सुबह वाली बात से…मेरी ही गलती थी मुझे दरवाज़ा अन्दर से बंद करना चाहिए था…

मैंने कहा उसमे कौन सी बड़ी बात है मैंने ही तो देखा है किसी और ने नहीं, और मैं थोड़े ही किसी को बताऊंगा. ऐसा कहने पर उसने मुझे पीछे से जोर से जकड लिया और बोली थेंक यू भइया.

उस रात मैंने मुठ मार के ही काम चला लिया. अब मेरा सिया को देखने का नजरिया ही बदल गया. हर बार उसे बूब्स, गांड, चूत, कोमल होंठ के बारे में सोचने लगा. अब मैं हर मौके का फायदा उठा लेता था, कभी उसे चूतड़ को हाथ लगा देता कभी बस की भीड़ में बूब्स पर भी.

दो हफ़्ते बाद उसका जन्म दिन आया तो मैं उसके लिए अच्छी घड़ी लाया जो उसे बहुत पसंद थी. जब मैं उसके रूम में गिफ्ट देने के लिए गया तो वो स्कूल का बेग रेडी कर रही थी.

मैंने उसे गिफ्ट दिया तो उसने झट से मेरे सामने ही खोला और थेंक यू कहते हुए मु्झसे लिपट गई मैंने भी उसे बाँहों में भर लिया और उसके निप्पल को अपनी छाती पर महसूस करने लगा, तब उसने कहा भइया यह तो मेरी पसंद का है और आपने मुझे आप की पसंद का गिफ्ट देने का वादा किया था, मैं इस मौके को कैसे चूकता, मैंने कहा वो भी दूंगा लेकिन तु्झे पसंद न आया तो? तो वो बोली आप की हर पसंद मेरी पसंद, मैंने कहा वादा करो पसंद न आए तो नाराज नहीं होगी और मेरा गिफ्ट मुझे वापस कर दोगी…उसने कहा ठीक है…

तो मैंने कहा- अपनीआँखे बंद करो. जैसे ही उसने आँखे बंद की मैंने उसे अपने पास खींच लिया और उसके गुलाब की कलि जैसे होठों को चूम लिया. वो एकदम पीछे हट गई और बोली यह क्या कर रहे हो…मैंने कहा यही तो गिफ्ट है…मैंने पूछा पसंद आया…उसने कहा नहीं…तो मैंने कहा ठीक है मुझे वापस कर दो…उसने पूछा कैसे…

मैंने कहा जैसा मैंने दिया…इस बार उसका रिस्पोंस अलग था…झट से मेरे लग गई और बोली भइया आप बड़े वो हो…मुझे पसंद है…मैंने कहा ठीक है और देता हूं कह के अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और धीरे धीरे चूसने लगा

…उसे भी अच्छा लगने लगा इसलिए वो भी मेरे होंठो को चूसने लगी…अब हम दोनों एक दूसरे को जम के किस कर रहे थे…मेरा लंड खड़ा हो गया था और बेकाबू हो रहा था, मैंने एक हाथ से उसको अपने साथ चिपका के रखा था और दूसरा हाथ उसके कड़क बूब्स को सहलाने लगा…उसकी सांसे तेज होने लगी…तभी मैं अपना हाथ उसकी गांड पर रख के हलके से दबाने लगा और उसकी चूत के साथ अपने लंड को उपर से ही रगड़ने लगा…तभी हमने बाहर से मौसी की आवज़ सुनाई दी…हम दोनों ने अपने आप को ठीक किया और स्कूल जाने की तैयारी करने लगे.

राम को जब वापस स्कूल से आए, फ्रेश हुए…खाना खाया…सब साथ बैठ के बातें करने लगे…

करीब 8 बजे मैंने कहा मुझे एक इम्पोर्टेन्टप्रोजेक्ट पे काम करना है जो मुझे 10 दिन में स्कूल में जमा करनाहै. यह कहके उपर चला गया, मेरा कमरा दूसरे फ्लोर पर था जहाँ मेरे अलावा कोई नहीं सोता था।

दो और कमरे थे लेकिन वो गेस्ट रूम थे.

10 बजे सब सो गए, मेरा ध्यान पढ़ाई में कम और सिया के इंतजार में ज्यादा था. 11.30 को सिया कॉफी के दो कप ले के उपर आई. उसने हल्के पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी और कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी. हमने कोफ़ी पी और और चेक कर लिया कोई जाग तो नहीं रहा है.

अब सुबह तक हमें कोई खतरा नहीं था… मैंने दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया…
सिया चेयर पर बैठ के कुछ पढ़ने का नाटक कर रही थी, मैंने पीछे से जाके उसको दबोच लिया…
उसने कोई विरोध नहीं किया…मैं उसके दोनों बूब्स को दबाने लगा और उसकी गर्दन और कान को किस करने लगा.

वो गरम हो रही थी, मेरा लंड भी कड़क हो गया था. मैंने उसकी नाइटी उतार दी और उसकी ब्रा भी निकाल दी निकर उसने पहने नहीं थी, मैंने भी सारे कपड़े उतार दिए।

हम दोनो एकदम नंगे हो गये, मैंने धीरे से उसका मुंह अपनी ओर किया और उसके रसीले होंठ चूसने लगा.

वो भी मुझे बराबर का साथ दे रही थी, मैं कोई जल्दबाजी करना नहीं चाहता था.
एक हाथ से में उसके बूब्स को सहलाने लगा और दूसरे से उसकी गांड को दबा रहा था.

अब धीरे धीरे उसके बूब्स को चूसने लगा उसके मुंह से हल्की सी कराहने की आवाज़ आ रही थी, अब मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसके बूब्स को चाटने और चूसने लगा साथ ही एक हाथ उसकी कुंवारी चूत पर रख दिया और हलके से सहलाने लगा, सिया एकदम उत्तेजित हो उठी…पहली बार किसी मर्द ने उसकी चूत को छुआ था.

अब मैं उसे फ्रेंच किस करने लगा और साथ ही उसकी चूत से खेल रहा था…जैसे ही मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाली उसने मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन मैं नहीं रुका मैं उसकी चूत में ऊँगली अन्दर बाहर करने लगा। अब उसको भी मज़ा आने लगा…

उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी, मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर लगा दिया और चाटने लगा साथ ही उसके निपल्स के साथ खेल रहा था.

धीरे धीरे मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर डाली उसका वर्जिन ज्यूस पीने कान कुछ और ही मज़ा था, अब मैं जोर से उसकी चूत को चाटने लगा, उसने अपना पानी छोड़ दिया, मुझे उसका पानी चाटने में बहुत मज़ा आया, मेरा भी सब्र का बाँध टूटा जा रहा था। आधा घण्टा बीत चुका था इस चुम्मा चाटी में.

अब मैंने कहा- मेरा लंड चूसोगी?

पहले तो उसने मना किया फ़िर मान गई तो हम 69 पोसिशन में आ गए, मेरे लंड को देखते ही वो घबरा गई, मैंने कहा डरो मत धीरे धीरे जितना हो सके उतना लो और जब मेरा ज्यूस निकले तब उसे पी जाना ताकि चुदाई के वक्त तुझे ज्यादा ताकत मिलेगी…

मैं ज्यादा नहीं टिक सका क्योंकि उसको लंड चूसना नहीं आता था, 5 मिनट में मैं उसके मुंह में झङ गया, वो मेरा सारा पानी पी गई।

…अब मैंने उसकी बुर में अपनी ऊँगली डाल दी और चाटने लगा थोडी देर में मैं तैयार हो गया, मेरा ९” का मूसल सिया की चूत से मिलने को बेकरार था।

वो भी कह रही थी भइया ! डालो ना ! मुझसे रहा नहीं जाता…!

मैं उसके दो पैर के बीच आ गया और उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया, दोनो पैरों को फैला दिया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा…उसकी सिसकारी बढ़ने लगी…

मैंने अपने लंड का सुपाडा उसकी चूत के मुंह पर सेट किया और एक हलका सा धक्का मारा, मेरा सुपाडा सिया की चूत में घुस गया वो दर्द के मारे चीखने लगी…निकालो.. निकालो… .मर गई…लगी…निकालो…निकालो…मर गई…

मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया…
थोडी देर बाद उसके पैर ढीले होने लगे तो मैं समझ गया कि उसका दर्द कम हो गया है, एक और धक्का मारा तो मेरा लंड उसके सील तक पहुँच गया, मैंने लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा, सिया को भी मज़ा आने लगा वो भी नीचे से गांड उठा के साथ देने लगी, और मौका देखते ही उसके मुंह पे अपना मुंह रख दिया और एक जोरदार झटका मारा…

उसकी सील टूट गई…कली से फ़ूल बन गई मेरी सिया…उसके मुह से चीख निकल गई…आँखों से आंसू निकलने लगे…दर्द से छटपटाने लगी, लेकिन मैंने आव देखा ना ताव, तीन चार और झटके मार के रुक गया 6″ से ज्यादा मेरा लंड उसकी बुर में जा चुका था…

थोडी देर बाद उसका दर्द कुछ कम हुआ तो उसने गांड हिलानी चालू कर दी मैं समझ गया कि अब सब ठीक है…मैंने धीरे धीरे अपना लंड उसकी खून भरी चिकनी चूत में पेलना चालू किया

…आअह…आ.आआ.ईई.म्म्म्म्म्म्म्म्म्मर ग..गग..आआईई यस्…ओह…फ़िर मेरी स्पीड बढ़ने लगी…मेरा पिस्टन जोर से अन्दर बाहर हो रहा था…एक और झटका मारा, पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया…

वो भी गांड उठा उठा के मेरा साथ अच्छे से दे रही थी…भइया चोदों मुझे…और जोर से…आह…आह…अआः…आह…ऊईई माँ..फक मी…ओह यस्…वो अब तक तीन बार झङ चुकी थी…उसकी गांड और जांघ वीर्य से पिचपिचा रही थी…पूरे रूम में चुदाई का संगीत बज रहा था
पच..पच..फच…फचक…फचक…ओह…ओह…ओह..आ…आ..आया.इ..इ..इ..ई..ओ..ओ..ओ…मैं अब झड़ने वाला था, रफ्तार तेज हो गई…सिया मैं झड़ने वाला हूं…मैं भी झड़ने वाली हूं…ओह माय…ओह मैं गई और मैं भी…20-25 झटके मार के मैं झड़ गया उसकी चूत में ही।

थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे हम दोनो, पसीने से तर थे…लंड उसकी चूत से निकला तो पूरा खून से रंगा था पूरी चादर खून और वीर्य से भरी थी…सिया ठीक से चल नहीं पा रही थी.बाथरूम ले जा कर हम दोनो ने साफ किया, सिया को पेनकिलर दिया, ताकि दर्द थोड़ा कम हो सके।

फ़िर मैंने उसे पूछा कैसा लगा मेरा गिफ्ट…हमेशा की तरह वो मुझ्से चिपक गई और मेरे होठों को चूमते हुए बोली बेस्ट ऑफ़ द बेस्ट… आई लव यू भइया…और अपने अपने रूम में जा के सो गए… Antarvasna

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