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बिग लंड पड़ोसी का देख कर एक मॉडर्न भाभी के दिल में उस लंड का मजा लेने की तमन्ना जाग गयी. वैसे भी वह रेगुलर सेक्स से बोर हो चुकी थी और कुछ नया करना चाहती थी.
कैसे हैं दोस्तो,
मेरी पिछली कहानी
दोस्त से बीवी को गर्भवती कराया
आपने पढ़ी और पसंद की.
धन्यवाद.
आज की कहानी सारिका और गौरव की है.
दोनों की लव मैरिज हुई है.
शादी को दो साल हो गये, अभी बच्चे की कोई प्लानिंग नहीं है.
गौरव और सारिका शादी से पहले ही सारिका की पहल पर हमबिस्तर होने लगे थे.
सारिका की मां को खबर लग गयी थी, उसने बखेड़ा खड़ा कर दिया.
तो गौरव के पेरेंट्स ने हथियार डाल दिए और दोनों की शादी करवा दी.
गौरव गुरुग्राम में किसी कंपनी में जॉब करता था.
कम्पनी के प्रोजेक्ट्स बाहर चलते थे तो गौरव की पोस्टिंग कहीं भी हो जाती एक दो साल के लिए.
अकेले रहने से वह सारिका के साथ में हर समय सेक्स की ही सोचता.
सारिका उसका भरपूर साथ देती.
सेक्सी सारिका ने कॉपर टी लगवा रखी है.
सारिका गजब की सुंदर, स्मार्ट और कामदेवी है.
उसने गौरव को सेक्स का और अपना इतना दीवाना बना दिया है कि शादी के दो साल बाद भी गौरव रोज चुदाई न करे तो सारिका उसे ऑफिस न जाने दे.
सारिका कभी सेक्स से थकती नहीं और हरदम कुछ नया ट्राई करना चाहती है.
उसे यह बर्दाश्त नहीं कि कोई उसके आगे किसी और औरत की तारीफ करे.
सारिका हर पार्टी की जान होती क्योंकि वह इतने खुले और आधुनिक कपड़े पहनती कि मर्द हर समय उसके आगे पीछे घूमते.
औरतों को भी उससे ऐतराज़ नहीं था क्योंकि वह फुलझड़ी की तरह सबके बीच हंसी मजाक के फूल बिखेरती और मुंहंफट होने से कोई मर्द उसकी मर्जी के बिना उसके ज्यादा नजदीक नहीं जा पता था.
सारिका फ़्लर्ट करने में पक्की थी.
पता नहीं कितने मर्द उसका ख्याल करके अपनी बीबियों को चोदते थे और कितने मुठ मारते थे.
गौरव और सारिका कहीं भी सरेआम बेशर्मी से लिपटा-लिपटी और चूमाचाटी करते थे.
उनका बस चलता तो वो सरेआम सेक्स भी कर लेते.
सारिका की अदाओं के मारे कितने ही मर्द उसे व्हाट्सएप्प मेसेज भेजते और वो उन सभी का बेबाकी से जवाब देती.
पर सभी मर्द आपस में और अपनी बीवियों से ये बात छिपा कर रखते.
सारिका को मजा आता जब पार्टी में वो उन मर्दों के पैन्ट के उभार को देखती.
उनकी फॅमिली किटी के सदस्य लगभग एक ही उम्र के थे और सभी बाहर से आये नौकरीपेशा थे.
गौरव हॉस्टल में 5-6 साल रहा था तो पक्का खुराफाती बन चुका था.
उसका हॉस्टल का साथी रवि भी उसी की कॉलोनी में रहता था और उनकी फॅमिली किटी का मेम्बर भी था.
रवि किसी एमएनसी में सीनियर पोस्ट पर था और गौरव से ज्यादा अच्छा पैकेज ले रहा था.
पर दोनों की बीवियों को उनकी हॉस्टल लाइफ और वेतन की जानकारी नहीं थी.
यही हाल सारिका का भी रहा.
दिल्ली के नामी कॉलेज में वह हॉस्टल में रही.
सिगरेट, बियर और ब्लू फिल्म सबका लुत्फ़ उठाते उठाते वह लेस्बियन हो चली थी.
उसने बहुत सारी लड़कियों के साथ नंगी होकर समलिंगी सेक्स का मजा लिया; न जाने कितनी चूतें चाटी, कितनी चूचियां चूसी, ना जाने कितनी लड़कियों से उसने अपनी चूत और चूचियां चुसवाई.
हाँ सील उसने पैक रखी हुई थी अपने सपनों के राजकुमार के लिए!
और वह सपनों का राजकुमार एसा मिला कि बिना डोली उठे उसकी सील तोड़ बैठा.
गौरव के ऑफिस जाने के बाद सारिका घर के काम निबटा कर आराम ही करती और टीवी पर या मोबाइल में उलझी रहती.
उनका एक आलीशान दो बेडरूम का फ्लैट था तो सफाई का ज्यादा झंझट नहीं था.
सुबह दो-तीन घंटे को एक लड़की सुरभि आती, वह साफ़ सफाई से लेकर खाना बनाने का काम भी कर जाती.
हर दूसरे दिन सारिका उससे अपनी मालिश भी करवा लेती.
इस सबके बदले वो उस लड़की को बंधे वेतन के अलावा खाना और कपड़े और बचा हुआ मेकअप का सामान भरपूर देती.
सुरभि उससे खूब खुश रहती और उसके अलावा कहीं और काम पर नहीं जाती.
नयी उम्र की लड़की थी वो!
जब वो सारिका की मालिश करती तो सारिका बहुत कम कपड़ों में होती और सिगरेट के कश लगते हुए टी वी पर कोई हॉट फिल्म देख रही होती.
सुरभि भी सारिका के मखमली जिस्म और अंदरूनी अंगों की मालिश करते करते और हॉट फिल्म देखते देखते सारिका के रंग में रंग गयी थी और उसकी गुलाम सी हो गयी थी.
सारिका घर पर बहुत हल्के कपड़ों या सिर्फ फ्रॉक में ही रहती.
ये भी गौरव के आते ही उतर जाते.
दोनों काफी देर बाथटब में पड़े रहते.
गौरव उसे बाथटब में घोड़ी बनाकर चोदता.
ऊपर से पानी की फुहार पड़ती.
सारिका चुदते समय हल्ला बहुत मचाती.
उसे जोर जोर से आहें और सीत्कारें निकालने में बड़ा मजा आता.
और अब तो दोनों को आदत पड़ गयी थी इन आवाजों की!
वह जितना शोर करती, गौरव की चुदाई की स्पीड उतनी ही बढ़ जाती.
अब रुटीन सेक्स से दोनों बोर होने लगे थे और कुछ थ्रिल चाहते थे.
अभी दीपावली पर उनकी फॅमिली किटी पार्टी हुई तो उसमें कपल डांस भी था.
रोशनी बहुत धीमी करके सारे जोड़े चिपक कर डांस कर रहे थे.
गौरव और सारिका तो होंठ से होंठ भिड़ाये अपने में मस्त डांस करने में मशगूल थे.
बाकी जोड़े भी नजर बचा कर उन्हें ही देख रहे थे.
सारिका सबकी स्थिति को महसूस कर रही थी और मजे ले रही थी.
डांस के बाद वह पहले वाशरूम गयी और अपनी लिपस्टिक ठीक करके आई.
रात को घर पहुँचते ही गौरव उसे बेड पर खींचने लगा.
सारिका बोली- अरे कपड़े उतार कर मेकअप तो उतारने दो.
सारिका ने वाशरूम में अपना व्हाटसप्प चेक किया तो पार्टी में आये उसके दीवाने रवि का मेसेज था, उसकी सुन्दरता के कसीदे काढ़ रहा था.
तब सारिका ने जवाब दिया- अपनी बीवी को सुला कर आधा घंटे बाद फोन करना!
बाहर गौरव हल्ला मचा रहा था तो सारिका ने हबड़धबड़ में कपड़े उतारे और फेसवाश लेकर नंगी ही बेड में घुस गयी.
वहां चादर के नीचे गौरव नंगा अपना लंड सहला रहा था.
उसे देख के सारिका बोली- अगर ये भी तुम ही करोगे तो मैं क्या करुँगी? छोड़ो इसे!
सारिका ने गौरव का लंड मुंह में ले लिया और लगी लपर लपर चूसने!
पर चुदासी वह भी हो रही थी.
तो उसने अपनी टांगें गौरव की तरफ कर दीं.
अब गौरव ने भी उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी.
सारिका की चूत तो पहले से ही गीली थी.
गौरव ने जीभ के साथ एक उंगली भी सारिका की चूत में घुसा दी.
सारिका लगी मचलने!
गौरव ने ढेर सारा थूक उसकी चूत में डाला जो बह कर बाहर नीचे आ रहा था.
तब गौरव ने थूक से एक उंगली चिकनी की और सारिका की गांड में घुसा दी.
सारिका चिहुंकी और बोली- वहां नहीं, बाहर निकालो! तुम तो मेरी गुलाबो को चाटो बस!
गौरव ने उसकी टांगें और फैलायीं और पूरे दम खम के साथ उसकी चूत में जीभ और उंगली से चुभलाने लगा.
सारिका अब आवाजें निकाल रही थी.
उसे बहुत मजा आ रहा था.
गौरव उसके मम्मे भी मसल रहा था.
अब सारिका से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने गौरव को नीचे लिटाया और चढ़ गयी उसके ऊपर और गौरव का लंड अपनी चूत में सेट करके लगी जोर जोर से उछलने!
वह जितना जोर से उछलती, उतनी ही जोर से आवाजें करतीं.
उसके मुख से लार बाहर निकल रही थी.
वह गौरव को निचोड़ देना चाहती दी.
पर गौरव दमदार था.
उसने सारिका को नीचे पलटा और चढ़ गया उसके ऊपर और पेल दिया अपना मूसल उसकी चूत में!
तभी गौरव ने स्पीड बढ़ा दी थी.
वह भी बोलने में कम नहीं था, कह रहा था- बड़ा नैन-मटक्का कर रही थी मीटिंग में रवि के साथ? बुला लूं उसे भी … दोनों मिलकर तेरी चूत का भोसड़ा बना देते हैं अभी!
सारिका बोली- तुम भी तो कामिनी की गांड पर हाथ फेर रहे थे. ज्यादा मन कर रहा था तो चोद देते उसे वहीं! अब बकवास कम करो और मेरी चुदाई पर ध्यान दो. तुमसे नहीं चुदाई हो रही तो मैं ही रवि को बुला लेती हूँ.
सुन कर गौरव का जोश और बढ़ गया और वह और जोर लगा कर चोदने लगा सारिका को!
वह बोला- अब जब भी कामिनी मायके जायेगी, मैं रवि को बुला लूंगा. रवि से चुदवाऊंगा तुझे! सब मालूम पड़ जाएगा जब दो दो मोटे लंड तेरी चूत फाड़ेंगे.
सारिका यह सुन कर और गर्म हो गयी और उछल-उछल कर गौरव का साथ देने लगी.
दोनों गुत्थम गुत्था हो रहे थे.
गौरव ने झटके बढाते हुए कहा- मेरा तो होने वाला है, मैं आने वाला हूँ.
सारिका ने अपने लम्बे नाख़ून गौरव की पीठ में गड़ा दिए और कस के भींच लिया उसे!
उसकी चूत की आग अभी भड़की हुई थी.
गौरव ने एक झटके में सारा माल सारिका की चूत में निकाल दिया और वहीं निढाल होकर पड़ गया.
सारिका ने उसे एक भद्दी गाली देते हुए कहा- इतना जल्दी कर दिया, अब मैं इसमें किसका लंड घुसाऊं?
गौरव थक कर मुंह ढक के सो गया हँसते हँसते ये कहते- किसी का भी घुसा ले, मैं क्या रोकता हूँ?
सारिका वाशरूम में फ्रेश होने गयी और एक फ्रॉक डाल कर फ्रिज से अपने लिए एक कोल्ड कॉफ़ी का केन निकाल लायी और सिगरेट जला कर दूसरे रूम में सोफे पर बैठ गयी.
तभी रवि का मेसेज आया- हाय!
सारिका ने बेबाकी से पूछ लिया- निबटा लिया कामिनी को?
रवि ने भी जवाब दिया- वह तो पार्टी से आते ही सो गयी और मैं तुम्हारे ख्वाबों में सोने की तैयारी में हूँ.
सारिका ने जवाब दिया- ज्यादा उड़ो नहीं, फोन बंद करो और सो जाओ. ख्वाबों में जो आये उससे अपना काम करवा लेना, मैं तो नहीं आने वाली!
रवि ने तुरंत सॉरी बोला- अब तो तुमसे बात हो रही हैं तो नींद का सवाल ही नहीं!
तब रवि ने उसे पार्टी की सारिका की कुछ फ़ोटोज़ भेजीं जो उसने खींची थी.
सारिका बोली- मेरी फ़ोटोज़ डिलीट कर देना. वरना कामिनी ने देख लीं तो तुम्हारा टूल काट देगी!
रवि पीछे पड़ गया- वीडियो काल कर लो!
सारिका बोली- मैं तो रात को बिना कपड़ों के हूँ और तुम कपड़े पहने हो.
रवि बोला- मैं भी ऐसे ही हूँ, एक बार प्लीज़ काल करता हूँ, उठा लेना.
सारिका बोली- दिखाऊंगी कुछ नहीं.
रवि ने उसे वीडियो काल किया.
सारिका ने फोन का कैमरा अपनी चिकनी टांगों को दिखाते हुए उसे सीधे अपने चेहरे पर ले लिया.
रवि को एसा ही अहसास हुआ कि वह बिना कपड़ों के है.
तो रवि ने अपना मोबाइल अपने चेहरे पर करते हुए सीधे अपने औज़ार पर कर दिया.
“क्या मोटा लंड था उसका!”
बिग लंड देख सारिका के मुंह में पानी आ गया.
पर उसने झटके से फोन काट दिया और फोन स्विच ऑफ कर दिया.
उसे मालूम था कि अब रवि बार बार उसका फोन ट्राई करेगा और बाद में उसके नंगे जिस्म की कल्पना में मुठ मार कर सो जाएगा.
सारिका बेड में घुस गयी और गौरव से चिपट कर सो गयी.
परन्तु रवि का मोटा लंड उसके दिमाग से उतर नहीं रहा था.
मेरे प्यारे पाठको, पांच भागों में समाप्य यह कहानी आगे आगे आपको और मजा देगी.
अभी तक की बिग लंड कहानी कैसी लगी?
प्रेषक : राहुल शर्मा Antarvasna
हाय दोस्तो !
तो दोस्तो मामला है एक सेक्स भरी रात का
किस्सा है ये चुदाई की रात का
उस रात मेरे मन में ना जाने क्या झमेला था
क्योंकि मैं घर पर एकदम अकेला था
अकेलेपन में मैं तन्हाई के गीत गुनगुना रहा था
और बीच बीच में अपने लण्ड को भी हिला रहा था
क्योंकि किसी कन्या का ख्याल आते ही ये दिल बड़ा हो जाता है
ये मासूम लण्ड भी इसकी तमन्ना समझते हुए खुद ही खड़ा हो जाता है
अब है तो खड़ा होगा ही
छोटा है तो बड़ा होगा ही
अचानक मुझे लगा कि कोई बुदबुदा रहा है
दिमाग गंदा हो तो लगता है कि कोइ चुदवा रहा है
मैने दरवाजा खोला तो वहां एक गोरी थी
उसके मम्में और गाण्ड देख कर लग रहा थी कि आज तक कोरी थी
मैने उसे अपने घर में अन्दर बुला लिया
ठंड बहुत थी सो मैंने कुन्डा लगा दिया
मैंने माज़रा पूछा तो पता चला वो रास्ता भूल गई
मेरी हिम्मत भी उसकी हालत देख के खुल गई
मैंने उसे बाहों में भर लिया था
क्योंकि उसे चोदने का पक्का इरादा कर लिया था
वो मेरी बांहों में आकर शरमा रही थी
और मेरी सांसों की गरमी से वो भी गरम हुई जा रही थी
मैंने धीरे से एक हाथ उसके मम्मों पर धर दिया
इन हाथों ने ही उसका सारा काम कर दिया
मेरा दूसरा हाथ उसकी चूत पे था
और ध्यान उसके सूट पे था
आखिर उसकी जवानी को जो संवारना था
इसलिये उसका सूट भी उतारना था
मैंने उसकी कमीज़ उतार कर मम्म दबाने शुरू कर दिये
सलवार को अलग किया और शोट लगाने शुरू कर दिये
वो आहें भर कर मज़ा दे रही थी
या यूं कहें कि लड़की होने की सज़ा ले रही थी
मेरा लण्ड उसकी चूत के अन्दर था
ये भी मज़े का एक मंजर था
वो कह रही थी कि चोदते रहो, चोदते रहो और चूत को फ़ाड़ डालो
आज अपने लण्ड से मेरी चूत में झण्डे गाड़ डालो
मैं भी पूरे दम से उसे चोदे जा रहा था
और चूत चुदाई के इस खेल में दोनों को मज़ा आ रहा था
मेरे लण्ड से पानी निकला तो वो संतुष्ट हो गई
नंगी ही वो मुझसे लिपट के सो गई
थोड़ी देर बाद उसने मेरे लण्ड को पकड़ लिया
मुझे कुछ समझ आता इससे पहले ही अपने होठों में जकड़ लिया
वो मेरे लण्ड को चूस रही थी इसलिये लण्ड खड़ा हो गया
एक बार फ़िर से ये लण्ड चुदाई के लिये खड़ा हो गया
अब उसे अपनी गाण्ड मुझसे मरवानी थी
उसकी चूत की तरह उसकी गाण्ड भी सुहानी थी
मैंने भी पूरी पावर से अपना लण्ड उसकी गाण्ड में डाला
और एक ही बार में उसकी गाण्ड को फ़ाड़ डाला
उसकी चीख ने मुझे झन्झोड़ दिया
साथ ही मेरे लण्ड ने एक बार फ़िर पानी छोड़ दिया
अब मुझे पता चला मैं कहां था
जिसमें मैं था वो एक दूसरा ही जहां था
मैंने गाण्ड और चूत दोनों ही मारी थी
लेकिन यारो सच जो ये है कि मैंने सपने में मुठ मारी थी
मेरा अन्डरवियर एकदम गीला हो गया था
मुठ इतनी जोर से मारी कि लण्ड भी नीला हो गया था
यारो सपना ही सही लेकिन मज़ा तो किया
अपने लण्ड को चूत के अन्दर तो किया
तो दोस्तो ! चोदो, चुदाओ और अपनी लाइफ़ को खुशहाल बनाओ Antarvasna
यह उन दिनों Hindi Sex Stories की बात है जब मुंबई में बार-डांस जोरों से चल रहा था। मेरी बीवी मायके गई हुई थी। ऑफिस से आने के बाद घर पर करने को कुछ नहीं होता था। मेरे कुछ दोस्तों को डांस बार जाने की आदत थी। कई बार उन्होंने मुझे साथ आने को कहा पर मेरी हिम्मत नहीं होती थी। हाँ इच्छा जरूर होती थी।
एक दिन घर आकर जब मैं टीवी देख रहा था, तभी एक भड़कीला गाना आने लगा, सीन डांस बार का था। बस फिर क्या था- मैंने अपने दोस्तों को फ़ोन किया और पूछा कि वे कहाँ हैं। पता चला कि वो वाशी के सन्डे-बार में बैठे हैं। बस मैंने गाड़ी उठाई और वहाँ पहुँच गया। भीतर गया तो वहाँ का नजारा देख दंग रह गया। चारों ओर थिरकती लड़कियाँ रंग-बिरंगी रोशनी में वे बहुत सेक्सी लग रही थी। मैं अपने दोस्तों के पास बैठ गया और ड्रिंक्स आर्डर करके डांस देखने लगा।
थोड़ी देर बाद ५०० रुपये का छुट्टा मंगवा के कोने में खडी एक लम्बी सांवरी लड़की को इशारा किया मेरे सामने डांस करने के लिए। जैसे ही उसने डांस करना शुरू किया तो बाकी सब लड़कियां खुद डांस करना बंद करके उसे ही देखने लगी।
क्या लाजवाब डांस कर रही थी !
मुझ पर जैसे अजीब सा नशा छा रहा था। मैं पैग पर पैग पिए जा रहा था और उसके सेक्सी बदन को मन ही मन निर्वस्त्र करता जा रहा था।
न जाने कब उसने अपना नाम पायल बता दिया। एक एक करके मेरे दोस्त घर जाने लगे, पर मैं था कि उठने का नाम ही नहीं ले रहा था।
बार बंद होने को आया तो उसने कहा कि क्या मैं उसको उसके घर पर छोड़ सकता हूँ?
मैं तो नशे में था और पता ही नहीं चला कि कब मैंने उसके घर के सामने गाड़ी खड़ी कर दी। उसने मुझे अन्दर आने को कहा और मैं उसके पीछे चल पड़ा।
मुझे सोफ़े पर बैठा कर वो अन्दर फ्रेश होने चली गई। मैं इतने नशे में था कि कब मेरी आँख लगी मुझे पता ही नहीं चला, पर मुझे हल्का सा एहसास होने लगा कि कोई मेरे करीब आकर बैठ गया है।
धीरे धीरे मुझे अपने बदन से कपड़े निकलने का एहसास होने लगा। नरम नरम होंठ मेरे बदन को चूमने लगे। वे होंठ मेरी आंखें, मेरे होंठ, मेरे निप्पल्स, मेरी नाभि को चूमते हुए मेरे लण्ड की ओर बढ़ने लगे।
अब मुझे हल्का हल्का होश आने लगा। फिर उन होठों ने मेरे लंड को सहलाना शुरू किया। अहिस्ते अहिस्ते वो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी। नशे के बावजूद मेरा लंड में बहुत ज्यादा तनाव आ गया। उसने मेरे हाथ लेकर अपनी कड़क चुचियों पर रख दिया और मैं उन्हें धीरे धीरे मसलने लगा। उसके चूचुक तन गए। फिर वो मुझे उल्टा लेटा कर अपने वक्ष से मेरे बदन के हर हिस्से की मालिश करने लगी।
ऐसा लग रहा था कि मैं किसी जन्नत में आ गया हूँ। फिर वो मुझे पीठ के बल लेटा कर वापस मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी। इसके बाद उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर रख दिया और धीरे धीरे उसे अपने अन्दर लेने लगी। मैंने तड़प कर जब अपने कुल्हे उठाने चाहे तो उसने मुझे ऐसे करने से रोक दिया।
मैं बेहाल होता जा रहा था पर उसे कोई हड़बड़ी नहीं थी, वो धीरे धीरे मुझे चोदने लगी। जैसे ही उसे एहसास होता कि मेरा झड़ने वाला है तो वो रुक जाती। ऐसा उसने कई बार किया।
फिर उसने मेरे मुँह में अपनी चूची डाल दी और जोर से चूसने को कहा। मेरे ऐसा करते ही वो मुझे जोर जोर से चोदने लगी, उसकी चूत टाइट होने लगी। इतनी टाइट की ब़स मजा आने लगा। २० २५ जोरदार झटके के बाद वो पागलों जैसे हो गई और और ऐसे लगने लगा कि वो मुझे पूरा का पूरा अपने चूत के अन्दर समां लेना चाहती है।
मेरा भी सब्र चरम पर पहुँच गया। फिर अचानक उसकी चूत एकदम से गीली हो गई और वो झड़ने लगी, मैंने भी अपना पानी छोड़ दिया। कसम से इससे ज्यादा पानी पहले कभी नहीं निकला था।
थकान के मारे मेरी आँखें बंद होने लगी। वो मेरे ऊपर से उतर कर मेरा लंड अपने मुँह में लेकर प्यार से उसे साफ़ करने लगी। ऐसा आनंद आने लगा कि कब नींद लगी पता ही नहीं चला। जब आँख खुली तो अपने आपको अपनी गाड़ी के अन्दर पाया। गाड़ी उसी बार के नीचे खड़ी थी। सुबह हो चुकी थी, खिड़की पर एक भिखारी आवाज लगा रहा था।
बहुत कोशिश के बाद भी कुछ याद नहीं आ रहा था कि मैंने किस घर में हसीं रात बिताई थी। बस हल्का सा पायल का चेहरा याद आ रहा था।
अगले दिन शाम को फिर दोस्तों के साथ उसी बार में पायल से मिलने गया तो पता चला कि वो किसी और बार में चली गई, पता नहीं कहाँ। Hindi Sex Stories
मैंने अब तक अन्तर्वासना Antarvasna पर कई कहानियाँ लिखी। जिन्हें गुरूजी ने प्रकाशित भी किया। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ !
मैं अब तक कई लड़कियों को चोद चुका हूँ जिस कारण मैं लड़कियों को कैसे चुदवाने के लिए राजी करते हैं, यह बात जान चुका हूँ।
अब मैं आज की कहानी शुरू करता हूँ। यह बात जून 2009 की है जब मैं ऑडिट करने एक कंपनी में जाता था। कंपनी बहुत अच्छी थी, साथ ही वहाँ की एकाउंटेंट रीना !
बहुत सेक्सी, सुन्दर, सुडौल बदन वाली… जब वो चलती तो उसकी गांड ऐसे हिलती मानो अभी मेरा लौड़ा उसकी गांड में घुस जयेगा और वो तड़पने लगेगी…
मुझे वो बहुत पसंद थी ..
वो ऑडिट करते समय मेरी हमेशा सहयता करती…
हम लोग बहुत बातें करते ..
उसके वक्ष का आकार 34 था..
टॉप में उसके स्तन बहुत अच्छे लगते ! मानो अभी ब्रा टॉप से बाहर आ जायेंगे…
वो जींस भी बहुत टाइट पहनती थी…
मैं जब भी उसे देखता तो चोदने के बारे सोचता था…
मैं रोज़ उससे ढेर सारी बातें करता था…
हम मोबाइल पर भी बातें किया करते थे…
काम करते करते कभी कभी उसके स्तन से मेरे हाथ अड़ जाते ! शुरुआत में तो मैंने ध्यान दिया… पर जब मैं उसके वक्ष को अधिक समय के लिए छूने लगा… तो बहुत मजा आने लगा…
मैं बार बार उसके स्तनों को छूता और वो कुछ नहीं बोलती…
मुझे तो बहुत मजा आने लगा था…
जब वो खड़ी होती तो उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा…
यह करने पर भी वो कुछ नहीं बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ गई, अब मैं उसकी गांड के छेद में ऊँगली डालने लगा…
एक दिन तो मैंने हद ही कर दी और गांड में ऊँगली डालते डालते चूत तक पहुँच गया…
उसकी चूत पर बाल थे यह छूने से पता चल रहा था ..
एकदम से रीना मेरे हाथ पर मारती हुई बोली- यार थोड़ा धीरे करो…
मुझे तो यह सुनने के बाद और मजा आ रहा था… अब तो मुझे खुली छूट मिल चुकी थी…
अब मैं उससे इस बारे में बात करने लगा…
मैंने रीना से पूछा- तुमने कभी सेक्स किया है?
बोली- नहीं…
मैं सोचने लगा- आज फिर एक कुंवारी चूत… बड़ा मजा आएगा..
फिर बोला- मुझसे चुदवाओगी?
पहले वो कुछ नहीं बोली, फ़िर मेरे खड़े लंड पर हाथ रख कर बोली- तेरे साथ तो बड़ा मजा आएगा राजेश…
फिर मैं रोज़ उसे व्यस्क मेसेज मोबाइल से भेजने लगा जो उसे बड़े पसंद आते…
शनिवार का दिन था, मैंने पूछा- कल तुम्हारी छुट्टी है…तो कल की क्या योजना है?
बोली- जहाँ तुम चलो, वहीं चलते हैं…
मैं बोला- ठीक है ! कल पहले मूवी, फिर रेस्टुरेंट में चलते हैं !
बोली- ठीक है…
अगले दिन के लिए मैंने एक नया परफ्यूम ख़रीदा जिसकी खुशबू बहुत अच्छी थी..
मैं बहुत खुश था कि अब जल्दी एक और नई चूत मेरे लंड को मिलने वाली है.
रविवार का दिन भी आ गया…
मैं जल्दी तैयार हुआ… और हम ठीक छः बजे पर हॉल में पहुँच गए। हॉल में बहुत काम लोग थे, मूवी देखनी किसे थी, हम कोने वाली सीट पर जा कर बैठ गये।
वो बहुत मस्त कपड़े पहन कर आई थी..
रीना धीरे से मेरे कान में बोली- यार आज तो मैं पैंटी और ब्रा पहन कर नहीं आई !
हैँ?… मैंने गाल पर किस देते हुए बोला- फिर तो बड़ा मजा आएगा…!
और फिर मैंने उसकी जींस का बटन खोला और जिप भी खोल दी..
वो बोली- यहाँ ये सब क्यों कर रहे हो…?
मैं बोला- जानेमन यहाँ हमें कोई नहीं देख रहा !
फिर उसने चारों ओर देखा, वहाँ सिर्फ 20-25 लोग ही थे जो हम से काफी दूर थे…
रीना बोली- चलो अब कर सकते हो…
फिर मैंने वापिस उसकी जींस की जिप खोली और बालों वाली चूत पर हाथ फेरने लगा। उसे बड़ा मजा आ रहा था… वो मुँह से आवाजें निकालने लगी- आह आह…
मैंने बोला- जरा धीरे आवाज निकालो…
बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसका शर्ट का बटन खोला और स्तनों को मसलने लगा… बहुत मजा आया दोस्तों..
वो बोली- यार, दोनों एक साथ मत खोलो…
मैंने फिर उसकी जींस की जीप बंद कर दी.. और वक्ष को ही दबाने लगा…
थोड़ी देर बाद इंटरवल हो गया, उसने जल्दी से अपने बटन बंद किये और मुझे कुछ खाने के लिए लाने को बोलने लगी… मैं बाहर गया और कोल्ड ड्रिंक्स और समोसे लेकर आ गया। मूवी फ़िर शुरु हो गई।
रीना बोली- यार, अब मैं तुम्हारा देखना चाहती हूँ..
मैं बोला- जानेमन, हम तो हमेशा तुम्हारे लिए तैयार हैं…
फिर उसने मेरी जींस की जिप खोली और मेरा 7.5 इंच लम्बा लौड़ा बाहर निकाला और देख कर बोली- यार, तुम्हारा तो काफी बड़ा है… बहुत मजा आएगा..
फिर वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी… मुझे काफी मजा आ रहा था। काफी देर ऐसे करने पर मुझे लगा कि मेरा पानी (वीर्य) आने वाला है, तो मैंने बोला- अब रुक जाओ.. नहीं तो पानी आ जायेगा…
वो रुक गई…
हम लोग वहाँ से मूवी ख़त्म होने से 25 मिनट पहले ही बाहर आ गये और सीधे पार्क में चले गए…
अँधेरा काफी हो चुका था इसलिए पार्क लगभग खाली ही था।
हमने ऐसी कुर्सी देखी जहाँ पेड़ हों और हमें कोई ना देख पाए…
फिर हम कुर्सी पर जाकर बैठ गए… रीना घबरा रही थी…
मैं बोला- जानेमन, घबराने की कोई जरुरत नहीं है…
फिर बोली- यार, किसी ने देखा तो?
मैं बोला- इस समय कोई नहीं आता है यहाँ…
फिर वो बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसकी शर्ट के दो बटन खोले और उसके चुचूक को मुँह में चूसने लगा…
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी जींस खोली और उसकी बालों वाली चूत पर हाथ फेरने लगा…
वो आह आह करने लगी…
फिर मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाल कर खोलने की कोशिश की… उसकी चूत बड़ी कसी थी…
मैंने अपनी ऊँगली पर अपना थूक लिया और चूत को धीरे धीरे खोलने लगा तो रीना बोली- यार दर्द हो रहा है…
मैं बोला- तो फिर अपना लंड डालता हूँ, कम दर्द होगा…
बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसे बैन्च पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसकी चूत में अपना बड़ा लंड धीरे धीरे घुसाने लगा…
वो बोली- थोड़ा दर्द हो रहा है लेकिन मैं सहन कर लूंगी ! तुम चालू रखो..
मैंने थोड़ी गति बढ़ाई और उसकी चूत को फाड़ने लगा.. तीन मिनट बाद उसकी चूत फट गई और वो चिल्लाई- हाय राम मर गई…
मैं डर के मारे रुक गया और पूछा- क्या हुआ जानेमन…
थोड़ी देर रुक कर बोली- तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी… अब ठीक हूँ, चालू रखो !
मैं बोला- यार मुझे डर लग रहा है… कोई आ गया तो मर जायेंगे… परसों मेरे घर कोई नहीं होगा तुम भी बहाना बना कर छुट्टी ले लेना.. खूब मजे करेंगे !
वो बोली- ठीक है…
फिर हमने जल्दी अपने कपड़े ठीक किये और घर चले गए…
मंगलवार को हमने बहुत मस्त चुदाई की जिसे आप मेरी आगे वाली कहानी में पढ़ना मत भूलना… और हाँ मेल करते रहिये। Antarvasna
मेरा नाम प्रकाश है, 24 Hindi Sex Stories साल का हूँ, हैदराबाद में रहता हूँ और मैं एक अच्छा बॉडी बिल्डर हूँ क्योंकि मैं रोज़ जिम जाता हूँ।
यह कहानी मेरी और मेरी सेक्सी चाची की है।
हमारे घर पर हम 5 लोग रहते है मैं मेरे मम्मी पापा मेरे चाचा और मेरी सेक्सी चाची।
आज से 2 साल पहले मेरा जन्म दिन था और मैंने मेरे घर पर सब को बता दिया था कि आज रात को घर पर पार्टी है और सब लोग समय पर आ जाएँ।
सब के सब घर पर समय पर आ गये और मैंने 9 बजे रात को केक काटा। सब ने मुझे गिफ्ट दिया पर मेरी चाची ने मुझे कोई तोहफ़ा नहीं दिया। जब मैंने चाची को गिफ्ट देने को कहा तो उन्होंने कहा कि सही समय आने पर वो दे देंगी। तो मैं उस समय कुछ नहीं समझा और कुछ दिन बाद मेरे चाचा को उन के काम से शहर से बाहर जाना था और उसी बीच मेरी दादी की तबियत ख़राब हो गई। मेरी दादी गाँव में रहती हैं और मेरे मम्मी पापा को वहाँ जाना था। सभी लोग चले गए और घर पर मैं और मेरी चाची ही थे।
मम्मी और पापा के जाने के बाद मैंने चाची से कहा- मैं मूवी देखने जा रहा हूँ अपने दोस्तों के साथ! शाम को लौटूंगा!
फिर मैं शाम को 5.30 बजे घर आया, चाची ने मुझे खाना दिया। खाना खा कर घूमने के लिए बाहर चला गया और रात को 9 बजे घर आया और फिर चाची ने मुझे खाने के लिए बुला लिया।
चाची ने मुझे पूछा- कौन सी मूवी देखी है?
तो मैंने शरमाते हुए चाची से कहा- मर्डर देखी है।
तो चाची बोली- तो तू इतना क्यों शरमा रहा है?
मैं समझा कि चाची को वो मूवी के बारे में कुछ नहीं पता है और फिर मैंने मजाक में चाची से पूछा- चाची क्या हुआ, एक हफ्ते पहले आप और चाचा डॉक्टर के पास गए थे, क्या हुआ? क्या बोला डॉक्टर ने? आप माँ बनने वाली हैं? और मैं कब भैय्या बोलने वाला का मुँह देखूँगा?
तो चाची एकदम रोने लगी। तो मैंने उनके करीब जाकर पूछा- क्या हुआ चाची? आप क्यों रो रही हैं?
तो उन्होंने कहा- मैं कभी माँ नहीं बन सकती हूँ!
तो मैंने चाची से कहा- ऐसे कैसे नहीं बनेगी आप माँ! ये डॉक्टर लोगों को क्या मालूम कि जो करता है सब ऊपर वाला करता है! चाची खामोश हो गई और फिर मैंने खामोशी को तोड़ते हुए चाची को मजाक मैं कह दिया कि अगर मैं होता तो आपको माँ बना देता!
इस पर चाची ने मेरी तरफ देखा, मुस्कुराई और बोली- धत!
और फिर हम दोनों ने खाना ख़त्म किया और हम लोग सोने चले गए। पर रात को गर्मी के कारण मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैंने जाकर चाची से कहा- क्या मैं यहाँ सो सकता हूँ।
चाची ने कहा- क्यों तुम्हारे कमरे को क्या हुआ?
मैंने कहा- वहाँ बहुत गर्मी हो रही है।
चाची ने कहा- सो जाओ!
मैंने अपना बिस्तर नीचे लगा लिया और सो गया कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा और एक रात चाची ने मुझे कहा- तुम यहाँ मेरे साथ ऊपर सो जाओ।
तो मैंने उनसे कहा- मुझे अकेले ही सोने की आदत है!
चाची ने कहा- मुझे साथ सोने की आदत है पर मैं तो अकेली ही सो रही हूँ, आओ, मेरे साथ सो जाओ!
मैं उनके साथ सोने के लिए ऊपर बिस्तर पर चला गया। पर चाची उस समय सिर्फ ब्रा और पेटिकोट में ही थी। मैंने चाची से कहा- आप तो सिर्फ ब्रा और पेटिकोट में ही सो रही हैं?
तो क्या हुआ! तुम जैसे सोते हो वैसे ही सो जाओ!
मैंने चाची को कहा- मुझे तो सिर्फ अन्डरवीयर में ही सोने की आदत है!
तो चाची ने कहा- तो क्या हुआ, तुम यहाँ भी वैसे ही सो जाओ!
मैं अपने अंडरवीयर पहने ही उनके साथ सो गया। रात को मुझे मेरे पेट पर किसी का हाथ महसूस हुआ, मैंने अपनी आँख खोली तो वो चाची का हाथ था। मैं समझा कि वो नींद में हैं, इसी लिए उनका हाथ मेरे ऊपर आ गया होगा। मैं वैसे ही सो गया और फिर दूसरे दिन भी हम लोग वैसे ही सोये। आज चाची मेरे करीब आई। मैंने चाची को कहा- मुझे नींद नहीं आ रही है। तो हम लोग बातें करने बैठ गए और बातों बातों में मैंने चाची से मेरा गिफ्ट पूछ लिया तो चाची ने कहा कि उनके पास मुझे देने के लिए एक गिफ्ट है जो वो आज मुझे देना चाहती है।
मैंने चाची को कहा- मुझे वो गिफ्ट अभी चाहिए!
तो चाची ने अपनी ब्रा का हूक खोला और कहा- यही है जो मैं तुमको देना चाहती थी।
मैंने चाची से कहा- यह गलत है!
पर चाची ने कहा- तुमने ही तो मुझे कहा था कि तुम मुझे माँ बनाओगे! तो तुम मुझे माँ बना दोगे तो मैं तुम को ये रोज़ दूँगी!
और उन्होंने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और जैसे ही उन्होंने मेरा लण्ड पकड़ा तो मेरे बदन मैं एक करंट दौड़ा और मैंने चाची के बूब्स को पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया। वो भी गरम हो रही थी, मैंने उनके पेटिकोट का नाड़ा खोला, उन्होंने पेंटी नहीं पहनी हुई थी। फिर मैंने उनकी फुद्दी में अपनी उंगली घुसाई और अन्दर बाहर करने लगा। वो उत्तेज़ना के कारण अजीब आवाजें निकल रही थी आऽऽऽह आऽऽऽ आऽऽअ ऊऽऽ ऊँह श्श्श्श्श्श म्म्म्मम्म आऽऽह और बोल रही थी- और करो और करो!
अब मुझे भी जोश आने लगा था तो मैंने चाची को बेड पर लिटाया और उनकी फुद्दी को अपनी जीभ से चाटने लगा। अब वो और जोश के कारण आऽऽऽ अअऽ अआअ अहहहहः श्श्श्श्श्श अम्म्म्म उम्म्म ऊऊऊऊ कर रही थी!
फिर कुछ देर उनकी फुद्दी को चाटने के बाद उन्होंने मुझ से कहा कि वो झड़ने वाली है, और झड़ गई, मैंने उनका सारा रस पी लिया और वाह दोस्तो, उनका जूस पीने के बाद मुझे तो जैसे नशा सा चढ़ गया। फिर मैंने चाची को मेरा लण्ड चूसने को कहा पर उन्होंने मना कर दिया और कहा कि उन्होंने आज तक किसी का नहीं चूसा है!
मैंने उनसे कहा- मैंने भी आज तक किसी की फुद्दी को नहीं चाटा है, आज मैंने आपकी ही फुद्दी को पहली बार चाटा है।
मेरे ऐसा कहने के बाद उन्होंने मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया। वाह दोस्तो, उन्होंने मेरा लण्ड ऐसे चूसा जैसे कोई छोटा बच्चा लॉलीपॉप चूसता है। कुछ देर मैंने चाची से कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा कि मैं उनके मुँह में झड़ जाऊँ!
मैंने उनके मुँह में एक लम्बी पिचकारी मारी जिससे उनका मुँह मेरे वीर्य से भर गया और उन्होंने मेरा सारा वीर्य पी लिया।
हम दोनों कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे और फिर मैं चाची के स्तन चूसने लगा और इसी बीच मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया, मैंने चाची से कहा- मैं तैयार हूँ!
उन्होंने अपनी टाँगें फ़ैलाई और मैंने अपना लण्ड उनकी फुद्दी के द्वार पर रख कर एक धक्का मारा जिससे मेरा आधा लण्ड उनकी फुद्दी में घुस गया और उन्होंने मेरे कान में चुपके से कहा की ज़रा धीरे!
मैंने एक और धक्का मारा, चाची के मुँह से एक छोटी सी चीख निकली और फिर मैंने अपना काम चालू किया। मैं जैसे जैसे स्पीड बढ़ाता, चाची जोश में आयी और उनके मुँह से आवाजें निकलती- ऊऊऊऊ अहहहाहा श्श्श्श्श्श्श म्म्म्म्म् म्म्मम्म अहह हहहहः और कहती- और जोर से! और जोर से!
फिर मैंने चाची को कुतिया बनाया और उनके पीछे से मारना चालू किया। वो और भी मज़े लेने लगी और जोश के कारण श्श्श्श्श्श्श अहहह म्म्म! और कहती- और डालो! और डालो! आज फाड़ दो अपनी चाची की फुद्दी!
और फिर 25 मिनट की चुदाई के बाद मैंने चाची से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ!
तो उन्होंने कहा- तू मेरी फुद्दी में ही झाड़ना!
तो मैंने उनके फुद्दी में एक लम्बी पिचकारी मारी।
हम दोनों ने उस रात कई बार चुदाई की और आज चाची एक बच्चे की माँ बन चुकी है।
जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं चाची को चोदता हूँ और वो मुझसे बड़े मज़े से चुदवाती है।
मुझे मेल करो! Hindi Sex Stories
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