Important Notice: Post Free Ads Unlimited...🔥🔥🔥

Massage Girl in Kannur: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kannur who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kannur that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kannur massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kannur who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kannur massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kannur massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kannur who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kannur employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kannur helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kannur

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kannur at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

हेलो दोस्तों क्या है आप सब आशा करते हैं आप सब ठीक होंगे! मैं आपका दोस्त सोनू हाजिर हूं एक और कहानी लेके ये कहानी नवंबर 2023 की है मेरी शादी को 5 साल हो चुके हैं और मेरी एक बेटी और एक बेटा है इसके बाद भी मेरा एक अफेयर जो कि मेरी शादी से पहले का था लगतार चल रहा था! तो चलिए आते हैं अब अपनी कहानी पर मेरी गर्लफ्रेंड या यूं कहें रखेल का नाम भावना है उसे मेरी शादी और बच्चे के बारे में बताएं जब भी मैंने गर्लफ्रेंड के साथ कहा, इस वर्ड का इस्तेमल किया ये बात 2023 की है मुझे मेरी और उसकी एक करीबी दोस्त ने बताया कि उसका कहीं चक्कर चल रहा है तो मैंने खोजा चालू की जो सच निकली तो मैंने भी थान लिया कि अब इसके साथ "जेसे को तेसा" करना है! यहाँ भावना के बारे में थोड़ा सा बता दू उसकी हाइट लगभग 5"3 बिल्कुल पतली लेकिन स्तन और गांड निकले हुए हैं जो किसी को भी पागल कर दे उसे कहा कहा तक है मैं आँखे बंद करके भी बता सकता हूँ! नवंबर में मेरी बेटी के जन्मदिन के बारे में मैंने सोचा कि अब इसको सबक सिखाया जाएगा तो मेने जान भुजकर डेली इसके साथ ऐसा बिहेव क्रना चालू क्र दिया कि मैं इसे अलग होना चाहता हूं इसने मुझे 23 नवंबर की रात को मैसेज किया है कि मुझे कल मिलना है तो मैंने सोचा चलो मिल गया मौका माई अगले दिन घर में काम का बहाना क्रके निकल गया और भावना को पीरागढ़ी से पिक क्रके रोहिणी सेक्टर 16 के ओयो में ले गया मुझे उस दिन जानबूझ कर अपनी और इसकी ओरिजिनल आईडी वाह दी! हम रूम में आ गए लग्भाग 11 बजे थे उस समय तो मैंने बात चालू की और इधर उधर की बाते होने के बाद में 12 बजे भावना को बोला कि मुझे नींद आ गई दोस्तो याहा एक बात बता दू हमारे ओयो आने के बाद हमेशा 10-15 मिनट बाद में उसे किस करना चाहिए चालू कर देता था भावना को इसलिए इस बार भावना को थोड़ा अजीब लगा तो भावना ने कहा मुझे कुछ जरूरी बात करनी है तुमसे उठ कर बेथो मैं उठ कर बैठ गया तो उसने कहा कितना प्यार करते हो मुझसे मैंने कहा बहुत तो बोली कि अगर मैं कोई ऐसी गलती कर दूं जो तुमने सोची भी ना हो तो क्या तुम मुझे माफ कर दोगे मैंने कहा निर्भर करता है कि तुम्हें गलती का पछतावा है या नहीं तो उसने कहा जाओ वोदका लेके आओ हम हमेशा सेक्स करने से पहले वोदका पीते थे तो मैंने कहा मुझे नहीं पीनी तो उसने कहा मुझे पीनी है क्योंकि बिना पिये मैं वो बात नहीं बता सकती (दोस्तों हकीकत मुझे पहले से ही पता थी) तो मैं गया और वोदका का हाफ लिम्का और कुछ स्नैक्स ले आया वैपिस आके मैंने जनबूझकर अपना 30 और उसका 60+ का पेग बनाया 2-2 पेग के बाद मैं तो सामान्य था लेकिन उसे नशा हो गया और वो रोकर बोलने लगी प्लीज मुझे माफ कर दो मैंने जंबुझकर नहीं किया गलती हो गई तो मैंने कहा कि बात तो बता क्या हुआ क्यों रो रही है तो आन्हे भारत भरते जेसे ही बोलने वाली थी तो मैंने उसे रोका हुआ बोला कि सुन मैं बटाता हूं क्या हुआ है- तू पिछले 5 महीने से रिलेशनशिप में है मेरी बेटी के जन्मदिन के दिन तू उसके साथ उसके फ्लैट पर भी गई थी यही बताना चाहती है ना? दोस्तो उसका तो ये नशा ही उतर गया और चेहरा पीला पड़ गया मैंने उसकी तरफ शुद्ध गुस्से में देखा और कहा कि मुझे पिछले 2 महीने से सब पता था मैं बीएस देख रहा था कि तू किस हद तक जाती है मैंने बची हुई वोदका से वापसी के साथ वही पेग बनाया और वो अब फुल नशे में हो गई थोड़ी देर बाद मैंने टाइम देखा तो 1 बजे चुका था तो मैंने भावना को कहा कि 2 बजे मैं चला जाऊंगा तो उसने कहा ठीक है। दोस्तो इसके बुरे 2 बजते ही मैंने उसे उठाया और कहा चलो मुझे घर जाना है तेरे लिए मैंने कैब बुक कर दी है उसमें चली जाओ तो वो मुझसे लिपट कर रोने लगी और मुझसे माफ़ी मांगने लगी मुझे इस्तेमाल करने के लिए ढाका देने लगा इसी बीच हम दोनों बेड पे गिर गए मैं नीचे और वो मेरे ऊपर मुझे पगलो की तरह किस करने लगी मेरी शर्ट के बटन, उसने एक बार में खींच कर छोड़ दिया और मुझे मेरे शरीर पर हर जगह किस करने लगी तो मेरी भी अन्तर्वासना जग गई आगे जो हुआ वो आप हिंदी सेक्स कहानी पर पैड रह रहे हैं मैंने भावना को पकड़ कर अपनी जगह गिरा दी और उसकी कमीज उतार दी और उसको जीन्स के बटन खोलने लगा पैंट पे वो जींस या सलवार उतारने में ड्रामा कृति है लेकिन आज बिना कुछ बोले उतरने लगी अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके स्तन पीने लगा और वो पगलो की तरह मेरे बालों पर उंगली चलाने लगी और मुझे गालो पे किस करने लगी मैंने धीरे-धीरे आला की आते हुए उसकी नाभि पे किस क्रना चालू किआ और उसकी पैंटी भी उतार दी अब मैंने अपने लंड पर उसे भीख मांगी मैंने कोल्ड क्रीम को लगाया और लंड का टोपा उसकी चूत पे लगाया और उसकी तरफ जाने लगा और मेरा टोपा जेसे ही अंदर गया उसने अपने नाखुन मेरी पीठ में गाड़ दिए और मुझे बेरामो की तरह नोचने लगी और मुझे चूमने लगी और कहने लगी आई लव यू सॉरी प्लीज मुझे चोर कर मत जाना प्लीज मैंने मौका देखते हुए एक और करारा सा झटका मारा और पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया और भावना इतनी जोर से चिल्लाई की बगल के कमरे वाला बंदा मेरे गेट पे आ गया मैंने किसी तरह उसे भेजा और वापस ले लिया, आके फिर से भावना को चोदने लगा भावना के स्तनों पर काले तक मैं जानभुकार पीने लगा ताकि वाहा लव बाइट बन जाए और उसकी गर्दन पे 3 लव बाइट डोनो जगह बना दिए मुख्य उपयोग तबरतोड़ चोद रहा था और उसकी मुहं से आअहह उफ्फ्फ मम्मी अइइइइइइइ की आवाज, मेरा जोश और बड़ा रही थी अब मैंने झटके तेज किये एई ई आ ऊही माँ शशशशश मैंने उसके निप्पलों को दबाते हुए चूस चूस कर उसे थोड़ा नार्मल कियाउर वो अब तक 3 बार झड़ चुकी थी और 20 मिनट की चुदाई के बाद में भी उसकी चूत में झड़ गया और उसके ऊपर ही गिर गया दोस्तों फिर मैंने और भावना ने खाना खाया और जब टीके 3 बजे थे तो मैंने उसकी तरफ देखते हुए कहा एक राउंड और प्लीज तो उसने थोड़ा सा ड्रामा किया मैं और फिर वो हुए मन गई में फिर से उसके ऊपर आ गया और उसकी गर्दन पे किस करने लगा क्यूकी उसकी गरदन और उसकी नाभि के नीचे वाला हिस्सा बहुत संवेदनशील है जिसका बुरा वो बहुत गरम हो जाती है मैंने उसके होठों पर किस करते हुए प्यार काट लिया (लव बाइट्स देना और लिप्स पर काटना सब योजना का हिस्सा ) और उसके मुंह आह की आवाज आई मैंने उसकी चूत पर वापस लंड तो टिकाया और हल्का सा दबाया और मेरा टोपा हल्का सा अंदर जाते ही उसकी कामुक आवाज और सिस्कारियां फिर से चालू हो गई मैंने 2-4 झटके के बाद एक झटके से पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया तो भावना के मुँह से आहह सोनू, प्लीज स्लो स्लो … उहह उम्मह ओहह सोनू … दर्द हो रहा है. एक दो झटकों में ही लंड ने रफ्तार पकड़ ली और मैं पूरे जोश के साथ धक्का लगा कर भावना की चुत चुदाई करने लगा. भावना जोरों से सीत्कार कर रही थी और कमरे में फच फच फच की आवाज़ सुनाई दे रही थी. भावना- आहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओहह सोनू सो हार्ड … आहह ओह यस यह. मैं- ओह भावना आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो … आज तो मैं तेरी चूत की धज्जियां उड़ा डालूंगा. भावना- आंह … चोद कमीने … उहह ओहह चोद यस फक फक मी. कुछ देर बाद मैंने कुछ देर बाद मैंने भावना की चुत से लंड निकाल कर उसे घोड़ी बना दिया और भावना गांड हिलाते हुए लंड का इन्तजार करने लगी. इस समय उसने कुछ बोला नहीं था कि गांड में लंड मत डालना. मैंने भी बिना देर किए उसकी चिकनी गांड पर चपत मारकर कमर को पकड़कर लंड घुसा दिया. गांड में लंड घुसते ही भावना जोरों से आवाज़ निकालने लगी- ओहह उहह sonu … धीमे चोद … मैं तेरी रांड नहीं हूँ और ना ही तेरी बीवी हूँ. कमीने धीमे चोद न … मैं कहीं भागे नहीं जा रही हूँ. मैंने भावना की गांड पर चपत लगाकर लंड अन्दर ठेला और कहा- चुप रह साली … वरना तेरी गांड फाड़ दूंगा … आज तो तुम पूरी तरह से रांड लग रही हो. 5मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर आकर चोदने को बोला उसने आसन बनाया और टप से मेरे लंड को पकड़ के चूत पे रख कर बैठ गई. लंड लीलते ही वो तेज़ तेज़ गांड हिलाने लगी. मैं उसके मम्मों के साथ खेलने का मज़ा ले रहा था. दोस्तों मेरा अपना अनुभव है, जो मज़ा एक नई लड़की नहीं देती, वहीं चुदी चुदाई चूत देती है. उसके जैसा सुख कोई चुत नहीं दे सकती. तभी मैंने अपना लंड भावना के हाथ में पकड़ा दिया और बोला- भावना, इसको शांत कर दो तो मैं जाऊं! और भावना ना चाहते हुए भी बोलने लगी- कर लो जो करना है और बक्श दो मुझे! मैंने भावना को घोड़ी बनाया और पूरा लंड भाभी की चुत में घुसा दिया. भावना की चीख निकल गयी और भावना चिल्लाने लगी- धीरे धीरे … रुक जाओ. आह प्लीज … आह अहो हई … दर्द हो रहा है. धीरे आह आह! और मैंने धके तेज़ कर दिए 10 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं झड़ गया और भावना भी पानी पानी हो गयी। भावना के चेहरे पर हल्की मुस्कान थी. वह बोली- आज जीवन में पहली बार चुदाई में इतना मजा आया है. लव यू. तो मैंने भी कहा, तो मैंने भी कहा, लव यू टू.. दोस्तो इसके बाद में हम युही पड़े रहे 5 बजे मैंने उसे कहा कि अब निकलते हैं प्लीज तू यहीं से निकल जा मुझे देर हो रही है इसके बाद मैंने घर जाते ही भावना को हर जगह से ब्लॉक किआ और सीधा उसके यार अभी को कॉल किया कि अपनी मैडम से पूछ ले कोन सी ड्यूटी करके आ रही है या 7 बजे इसकी छुट्टी के टाइम पीरागढ़ी चला जाइयो और गर्दन पर ड्यूटी का निसान देख लिओ। अगले दिन भावना के 10 कॉल आये लेकिन मैंने ब्लॉक कर दिया था तो सिर्फ नोटिफिकेशन आया था एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया अब खुश हो गया ना धन्यवाद। दोस्तो ये थी मेरी कहानी "जेसे को तेसा" आपको कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं Rahuluid391@gmail.com
Sex Stories

दोस्तों मैं आप को एक सेक्सी Sex Stories बातचीत बताता हूँ।इसे पढ़कर आदमी का लंड चूत के लिए और औरत की चूत लंड के लिए बेताब हो जायेगी !

तो पेश है :

हाय

बोलिए

कैसे हैं आप !

ठीक हूँ और तुम ?

ठीक

क्या चल रहा है ?

बस ठीक कट रही हैं

लंड खड़ा हो गया तुझे ओन लाइन देख के

अच्छा इतनी जल्दी

इसका मतलब आप के लिए बहुत हॉट पिक हूँ मैं

हाँ यार बहुत दिन बाद मिली न

हा यार

अच्छा, फिर आज कुछ मूड है कि नहीं

गांड मारनी है या चूत ?

दोनों

पहले क्या ?

आप का जो भी मन हो वो मार लो

एक साथ मारनी हो तो दो लोग लगेंगे

नहीं आप से ही मरवानी है और से नहीं

अच्छा क्या पहना है

मिनी स्कर्ट और टॉप पहना हैं, पैंटी और ब्रा भी हैं ब्लैक कलर की

मैंने पैन्ट और टी-शर्ट

अब एक दूसरे को किस करतें हैं और एक एक करके

कपड़े उतारते हैं

टी-शर्ट उतारो,

ओके आप भी हेल्प करो

अब मैं तुम्हारी टॉप

वो क्या साइज़ हैं बॉडी का बताओ जरा

बूब्स ३४ कमर ३० और हिप्स ३४

जान खुलकर बोल तभी मजा आयगा

बोल मेरी चूची ३४ , कमर ३० और गांड ३४

अच्छा अब जींस उतार दो

आप का लंड साइज़ क्या हैं

८.२ इंच लंबा हैं और २.१ इंच मोटा हैं

लंबा बहुत हैं

हां

जान

डरो नहीं तुम्हारे चूत इसी पूरा ले लेगी

बहुत डर लग रहा हैं

नहीं मेरी तो बहुत टाइट और छोटी हैं

जान क्या ये तुम पहली बार चुदने वाली हो

फट गई तो

नहीं पहले एक बार शुरुआत की थी पर ठीक से नहीं चुदवाई

अच्छा वो क्यूँ

उससे छोड़ो आप आगे बोलो

जान शुरू में तो थोड़ा दर्द होगा

लेकिन फ़िर मज़ा आएगा

अच्छा

जान तुम्हारी चूत पर बाल हैं क्या

या थोड़े थोड़े हैं और आपके लिए क्लीन शेव की हैं

तुम पूरा मुँह में ले लोगी

अच्छा चलो कोशिश कर लो

तुम्हारी चूत पर कुछ तेल /क्रीम लगा लेते हैं

तेल लगा लेने से आसानी से चूत में चला जाएगा

और तुम्हें दर्द भी कम होगा

अच्छा

हाथ में लो लंड को

अच्छा ले लिया बहुत हॉट हैं और टाइट भी रोड के जैसा

हम्म

अब पकड़ने से कुछ डर कम हुआ

अब आप ऐसे ही पैंटी के ऊपर से मेरी जांघों और चूत पर हाथ फेर रहे हो

मैं इसको किस कर लूँ , देख कर बहुत मन हो रहा हैं

एकदम अखरोट के जैसा

हाँ किस करो, और फिर इसे मुंह में लो जान

बहुत मोटा हैं मुंह में नहीं आ रहा

थोड़ा मुंह और खोलकर ट्राई करो जान, आ जायगा

जितना आ रहा है लो

पौचा पौच

कितना आ गया है

ऊई माँ ये तो किस करने से और मुंह में चूसने से और मोटा लंबा हो रहा है

अब मैंने तुम्हारे बालों को पीछे की तरफ़ से जोर से पकड़ लिया है

और अब अचानक मैंने एक ज़ोरदार झटके के साथ पूरा लंड तु्म्हारे मुंह में दे दिया

अह्हा मर गई ऐसे नहीं धीरे धीरे

तुम्हारी आवाज़ भी तुम्हारे मुंह में ही रह गई

रुको थोड़ी देर साँस लेने दो

आइस क्रीम लगा के चाटेगी ?

नहीं चोकलेट

कौन सा फ़्लेवर पसंद है

अब लंड पर चोकलेट लगा दी है चाट ले पूरी

अब मैं तुम्हारे मुंह में लंड को अंदर बाहर कर रहा हूँ

अह्हा अब अच्छा लग रहा हैं

हम्म्म ऐसे ही करते रहो

कैसा लग रहा है

अहा अब अच्छा लग रहा हैं

और अब मैं तुम्हारी चूत और गांड में ऊँगली कर रहा हूँ

पहले थोड़ी देर ऐसे ही पूरा बदन मसलो

और अपना बदन भी रगड़वाओ

अच्छा अब अपनी चूत तो चटा, मुझको बहुत बेचैन कर रखा हैं इसने

हम्म चाट लो पर मैं भी आपका लंड चूसूंगी

तो ठीक है, लेट जा, मेरे लंड को मुँह में लेकर और में तेरी चूत चाटता हूँ

हम्म बहुत गुलाबी और उभरी हुई हैं जान तेरी चूत इसे मारने में बहुत मजा आयगा

प्लीज़ यार ऐसे मत बोलो मुझे शर्म आती हैं

चल ठीक हैं अब लंड डालता हूँ तेरी चूत में

बहुत गीली हो गई हैं चाटने से अब लंड भी आराम से जाएगा

गई अरी चिल्ला मत

उम् मर गयीईइ

रुको बहुत दर्द हो रहा हैं, रुक गया अब तेरे लिप्स चूस रहा हूँ

तेरे बूब्स दबा रहा हूँ

इससे दर्द कम हो जाएगा

अच्छा फिर

और फिर एक और झटके में लंड पूरा तेरी चूत में अन्दर गया

प्लीज़ रुको, मर गयी ई ओह ऊई, फट गयी ई

फिर थोड़ी देर तू अपने आप गांड हिलाने लगी जब दर्द कम हो गया

मस्ती में चुदा

मजा ले ले के

अब बोल मैं अपनी चूत मरा रही हूँ

मजा आ रहा है

हम्म्म पूरा पूरा जन्नत का

तुझे तो एक साथ तीन लंड चाहियें

नही यार ऐसे मत बोल

पहले बहुत दर्द हुआ था

आप की खुशी के लिए सहन कर रही थी

अच्छा फिर

मार घच घच

अब मेरा पानी निकलने वाला है

मैं झरने वाली हूँ

तेरे मुंह से लंड की गंध आ रही है

लौड़े का टेस्ट आ रहा है

हम्म तो चाट लो दोनों को अच्छा लगा

अपनी चूत का रस चूस न मेरे मुंह से

हाँ बहुत अच्छा लग रहा है

दोस्तो ! मैं आशा करता हूँ कि आपको यह बात-चीत पसन्द आई होगी, मुझे मेल करें Sex Stories

वहां मैंने अपने भाई को सहेली की चुदाई के लिए दूसरे कमरे में भेज दिया और मैं अंकल को गर्म करने लगी.
अंकल मेरे साथ मस्ती करते करते पजामे में ही झड़ गए.

तभी मेरा भाई मेरी सहेली की चुदाई करके बाहर निकला.

मैं मुस्कुराती हुई बोली- उन्हें छोड़ो … यह बताओ काम हो गया कि कुछ कसर बाकी रह गयी है? प्लान सही था कि नहीं मेरा?
ज्योति मुस्कुराती हुई बोली- प्लान तो लाजवाब था।

फिर हम तीनों हंस दिये।

तभी कुछ देर बाद अंकल भी लोअर चेंज कर आ गये।
चूंकि उन्होंने दोबारा उसी रंग की लोअर पहनी थी तो ज्योति और सोनू ने ध्यान नहीं दिया कि वे दूसरी लोअर पहने हैं।

फिर हम सबने कुछ देर बातें की और फिर घर के लिए वापस चल दिये।

अब आगे गरम चूत का इलाज:

सच कहूँ तो इतनी देर में मेरी चूत भी एकदम गीली हो चुकी थी और उसकी खुजली बर्दाश्त नहीं हो रही थी।

अंकल के घर से निकलते-निकलते करीब साढ़े आठ बज चुके थे और अंधेरा हो चुका था।

घर लौटते वक्त रास्ते में हम बातें करते आ रहे थे।

मैंने कहा- तुम दोनों अंदर मजे कर रहे थे और तुम दोनों के बारे में सोचकर मेरी चूत में खुजली मच रही है उसी समय से!

ज्योति हंसते हुए बोली- अरे तो आ जाती ना तू भी!
मैं बोली- अरे अंकल थे … नहीं तो मैं आ ही जाती!

सोनू हंसते हुए बोला- तो क्या हुआ … उन्हें भी लेती आती, साथ में मजे कर लेते चारों!
हम तीनों हंस दिये।

अब मैं क्या बताती कि अंकल ने ही आग लगायी है।

सोनू मुस्कुराते हुए बोला- मेरा तो दो बार पानी निकल चुका है तो दोबारा खड़ा होने में टाइम लगेगा नहीं तो अभी खुजली मिटा देता। रात में मिटाता हूं खुजली!

ज्योति मुस्कुराते हुए बोली- अरे तो क्या हुआ जीभ का कमाल दिखा ना! वैसे भी यहाँ सुनसान और अंधेरा है।

चूंकि कॉलोनी में बाहर का कोई आना जाना नहीं था तो सुनसान सड़क पर हम लौट रहे थे।
दोनों तरफ पेड़ और बड़ी झाड़ियाँ थीं।
स्ट्रीट लाइट भी सब खराब पड़ी थीं।
जिसकी वजह से कोई देख नहीं सकता था हमें!

सोनू ने आगे की तरफ एक जगह की ओर इशारा करते हुए कहा- वहाँ एकदम अंधेरा है वहीं चलते हैं। वहीं अपने जीभ का कमाल दिखाता हूँ।
हम तीनों हंस दिये और फिर उस जगह पर आकर सड़क से हटकर पेड़ों के पीछे झाड़ियों में आ गये।

मेरे ऊपर वासना का ऐसा भूत सवार था कि मैं रात का इंतज़ार नहीं करना चाह रही थी, मुझे मेरी गरम चूत का इलाज तुरंत चाहिए था।

मैंने एक पेड़ पर पीठ टिका दी और सोनू मेरे सामने वहीं घुटने के बल बैठ गया।
अपनी पैण्टी निकाल कर मैंने ज्योति को पकड़ा दी और स्कर्ट को पूरा उठाकर कमर को आगे कर चूत को सोनू के सामने कर मुस्कुराती हुई बोली- जल्दी से अपनी जीभ का कमाल दिखा दे भाई!

हालांकि अंधेरे में हम एक-दूसरे को भी मुश्किल से ही देख पा रहे थे।

सोनू ने बिना कुछ बोले मेरी दोनों हाथों से मेरी जांघों को फैलाया और अपना मुंह सीधा मेरी चूत पर रख दिया और जीभ निकालकर तेजी से चूत चाटने लगा।

मैं रात के सन्नाटे में हल्का-हल्का अपनी कमर हिलाते हुए भाई से चूत चटवाने लगी।
मेरी मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकलने लगीं.

वहीं ज्योति थोड़ा आगे बढ़कर सड़क पर निगाह गड़ाए थी कि कोई आ तो नहीं रहा है।

इधर सोनू तेजी से मेरी चूत चाटे जा रहा था और मैं सोनू के सिर को पकड़े कमर हिलाते हुए तेजी से चूत चटवा रही थी।

मैंने अपने होठों को दांतों से भींच रखा था ताकि मुंह से सिसकारी की आवाज तेज न निकले।
उसके बावजूद मेरे मुंह से हल्की-हल्की सिसकारी निकल रही थी- आआआ आआह हहह … सोनू … तेज और तेज चाट भाई … आह!

मेरी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि चूत चाटते हुए बीच-बीच में सोनू आराम से अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर डालकर घुमा रहा था।
मैं इतनी चुदासी हो चुकी थी कि मेरे लिए अब बर्दाश्त करना मुश्किल था।

अचानक मैंने तेजी सोनू के सिर को कसकर पकड़ लिया और अपनी चूत से एकदम सटा दिया.
मेरे मुंह से तेज सिसकारी निकली- आआआ आआ आआ आआहह हहह … बस ससस!
और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।

मैं करीब 15-20 सेकेण्ड तक उसी तरह मुंह को चूत में दबाए खड़ी रही।
सोनू ने चूत का सारा पानी चाट लिया उसके बाद उसने चूत से मुंह को हटाया और खड़ा हो गया।

मैं भी सांस को जल्दी से काबू में करने की कोशिश करने लगी।
ज्योति ने मुझे पैंटी दी जिसे मैंने पहन लिया फिर हम तीनों घर वापस आ गए।

खैर इसी तरह डेढ़ दो महीने बीत गये।
लेकिन उस दिन के बाद हमें और अंकल को दोबारा वैसा मौका नहीं मिला कुछ करने का और न ही हम उससे आगे बढ़ पाए।
हालांकि इस बीच मैंने महसूस किया कि अंकल के दिमाग में कुछ और चल रहा है।

पहले तो मुझे लगा कि वह शायद उस दिन जो हुआ उससे शर्मिन्दा होंगे।
लेकिन बाद में जब पता चला कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है तो मैं दंग रह गयी।

दरअसल एक दिन हर बार की तरह अंकल संडे की शाम को घर आये।
उस दिन वह साथ में मिठाई का डिब्बा भी लेकर आये थे और बहुत खुश थे।

पापा ने पूछा- क्या हुआ, कोई खुशखबरी है क्या?
अंकल बोले- हाँ भाई, आज बेटे का रिजल्ट आ गया, उसकी रेलवे में जॉब लग गयी है।

तब तक मम्मी भी आ गयीं, अंकल ने उन्हें मिठाई का डिब्बा दे दिया।
मम्मी-पापा ने उन्हें बधाई दी।

मैंने भी अंकल को नमस्ते किया और बधाई देकर किचन में आ गयी और मम्मी की मदद करने लगी।

अंकल संडे को अक्सर खाना खाकर ही घर जाते थे तो मैं और मम्मी किचन में खाने की तैयारी में लग गये थे।
उधर पापा अंकल के साथ बात कर रहे थे।

तभी पापा ने मम्मी को आवाज देकर बुलाया।
वैसे पापा कभी मम्मी को बुलाते नहीं थे जब तक कोई खास बात न हो.
तो मम्मी पास चली गयीं।

वे लोग धीमे-धीमे कुछ बातें कर रहे थे लेकिन मुझे कुछ क्लीयर नहीं हो रहा था कि आखिर क्या बात हो रही है।

करीब 15 मिनट के बात मम्मी किचन में आयीं तो बहुत खुश लग रहीं थीं।
मैंने पूछा- क्या हुआ, कुछ खास बात है क्या?
मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- है तो खास ही … बाद में बताती हूँ, पहले जल्दी से खाना बना लें।

मैं समझ नहीं पायी और फिर मम्मी की मदद करने लगी।

खैर … खाना वगैरह खाकर जब अंकल चले गये तो मम्मी ने तुरंत मामा को फोन लगाने लगीं।
तब जाकर मुझे पता चला कि आखिर क्या मामला है।

मम्मी बेहद खुश होकर नानी और मामा से बात करते हुए कह रही थीं- गरिमा के लिए रिश्ता आया है। लड़का सरकारी नौकरी में है रेलवे में … और रिश्ता खुद लड़के वालों की तरफ से आया है। लड़के के पापा भी रेलवे में अधिकारी हैं।

पापा ने मेरी ओर देखा तो मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया।
चूंकि पापा-मम्मी साथ में थे तो पापा ने ज्यादा कुछ नहीं कहा।

जब ये सब बातें होने लगीं तो मैं अपना खाना लेकर अपने कमरे में चली आयी।

अब मैं समझ गयी कि अंकल के मन में इतने दिन से क्या चल रहा था।
मम्मी-पापा तो समझ रहे थे कि अंकल तो पापा के साथ दोस्ती निभा रहे हैं लेकिन असलियत तो मुझे पता थी कि वह तो अपने चक्कर में मेरी शादी अपने लड़के से कर रहे हैं।
लेकिन यह बात मैं किसी से कह भी नहीं सकती थी।

क्योंकि वैसे भी मम्मी, मामा, नानी और पापा की बातचीत से लग रहा था कि वे सभी इस रिश्ते के लिए तैयार हैं।
मामला सरकारी नौकरी का था इसलिए सभी इस रिश्ते के लिए तैयार थे।

हालांकि मुझे भी कोई दिक्कत नहीं थी … लेकिन शादी इतनी जल्दी तय हो जाएगी मुझे अंदाजा नहीं था।
उस समय मेरी उम्र अभी 21 साल की ही थी और कॉलेज का आखिरी साल था।

हालांकि एक बात सोचकर ही मेरे मन और चूत दोनों में कुलबुली हो गयी थी कि शादी के बाद ससुराल में भी दो लण्ड तो तय हैं।
एक हसबैंड का और दूसरा ससुर का … जो पहले ही मेरी मस्त जवानी के दीवाने हो चुके थे।

एक दिन मेरी चुदाई करते समय पापा मुझसे बोले- एक बात बोलूँ बेटा!
मैंने कहा- बोलिए पापा?
पापा बोले- मेरी इच्छा है कि शादी वाले दिन जब तू दुल्हन के कपड़े में सज धज कर तैयार हो तो उस दिन भी मैं तुम्हारे साथ सेक्स करूँ।

कुछ दिन बीतने के बाद एक दिन मम्मी मुझसे बोलीं- अगले संडे अंकल के साथ उनका बेटा (जिससे मेरी शादी होनी थी) और उसकी बहन मुझे देखने आ रहे हैं।
यह सुनते ही मेरी धड़कन बढ़ गयी।

शनिवार को मामा-मामी भी घर आ गये।

खैर … सब कुछ तय हो गया, लड़के और उसकी बहन दोनों को मैं पसंद आ गयी।

इंगेजमेंट और शादी की डेट भी फाइनल हो गयी।

सबकुछ इतनी तेजी से हो रहा था कि क्या बताऊँ।

इसमें सबसे ज्यादा तेजी दिखा रहे थे अंकल यानि मेरे होने वाले ससुर!

इस बीच मेरे होने वाले ससुर जी का हमारे घर आना-जाना बंद हो गया.
उसकी वजह ये थी शादी के कुछ दिनों पहले ही उन्होंने जुगाड़ लगाकर अपना ट्रांसफर उसी शहर में करवा लिया जहाँ उनका घर यानि मेरी होने वाली ससुराल थी।

Antarvasna

दोस्तो, मेरा Antarvasna आप सभी को प्रणाम! मैं राहुल गुप्ता भोपाल का हूँ। मैं अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ।

तो बात उस समय की है जब मैं कॉलेज़ में पढ़ता था। मेरी आयु 20 साल थी। मैंने किराए पर कमरा लिया हुआ था।
मेरे मकान मलिक की एक लड़की थी 18 साल की होगी।
वो रोज़ कॉलेज़ में मिला करती थी और मैं उसे बहुत देखा करता था।

मुझे उसके सेक्सी गोल-गोल वक्ष टॉप के ऊपर से बड़े अच्छे लगते थे, स्तन 32 इन्च के तो होंगे। और उसके चूतड़ तो क्या कहिए! मानो स्वर्ग है!

एक दिन मैं उसे कॉलेज़ में बोला- आप मुझसे बात क्यों नहीं करती?
वो बोली- मेरी आदत नहीं!
मैं बोला- आदत तो बदलनी पड़ती है तभी लाइफ का मज़ा है!

वो बोली- कैसा मज़ा? मुझे समझ नहीं आया!
मैं बोला- आ जाएगा बाबा!

एक दिन उसके घर पर कोई नहीं था। मैं ऊपर गया, बोला- अंकल हैं?
तो कोई आवाज़ नहीं आई। मैं बोला- अंकल!!
तो अंदर से आवाज़ आई- घर पर नहीं हैं!
और वो दरवाजा खोल कर बाहर निकली।

मैंने कहा- क्या कर रही हो?

वो जीन्स और टाईट टॉप पहने थी, बड़ी सेक्सी लग रही थी।
मैं बोला- मैं आ सकता हूँ अंदर?
बोली- क्यों नहीं! आओ!
मैं बोला- आज सब कहाँ गये?
बोली- मार्केट!

मैं बोला- ओके! अकेले क्या कर रही थी?

बोली- कुछ नहीं! नेट पर थी!

तो मैंने देखा तो याहू मैसेन्जर खुला था और वैबकैम पर एक लड़का नंगा था।

मैं बोला- आपको यह सब पसंद है?
बोली- थोड़ा-थोड़ा!
मैं बोला- कभी किया है?
बोली- नहीं!

मैं बोला- तो आज करते हैं!
बोली- क्या बेहूदा बात करते हो!

मैं बोला- तब कैसे पता चलेगा कि कैसा लगता है?

लेकिन उसका मन तो हो ही गया था। वो बाथरूम में गई और जब लौटी तो उसके स्तन तने थे। मैं समझ गया कि लड़की गर्म हो गई है।

मैंने उसे पकड़ कर ज़ोर से अपने से चिपका लिया और चूमने लगा।

बोली- क्या कर रहे हो राहुल? मत करो! मुझे डर लग रहा है! कोई आ ना जाए!

मैं बोला- चिन्ता मत करो, दरवाजा लॉक है जी कोई नहीं आएगा।

और हम फिर बेडरूम में चले गये। मैंने उसका टॉप उतार दिया। वो गुलाबी ब्रा पहने बड़ी सेक्सी लग रही थी। उसके स्तन आज़ाद होने को तड़फ़ रहे थे।

मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी। वो नेट थोंग पैंटी पहने थी। नेट से हल्के छोटे छोटे बाल दिखा रहे थे, बड़ी सेक्सी लग रही थी पैंटी में!

मैंने अपने भी कपड़े जल्दी से उतार दिए और मैं उसके स्तन चूसने लगा। धीरे से ब्रा का हुक खोल कर मैंने ब्रा उतार दी और फ़िर पैंटी भी!

अब हम दोनों नंगे थे। वो मेरा लंड जो 8 इंच का था, उसे ऊपर-नीचे कर रही थी और चूस रही थी, मैं उसकी फुद्दी को चाट रहा था।

मैंने उसे सीधा लिटाया और जैसे ही उसकी चूत पर लण्ड पर रखा तो वो सी सी सिस सी अहहहः की आवाज़ निकालने लगी।

मैंने झटके से लंड को अंदर डाल दिया।
वो चिल्ला उठी, बोली- मत करो राहुल! दर्द हो रहा है! मैं मर जाऊँगी! अहाआआआ हाआआ अहहहहा ओह ओऽऽ!

और मैं अब उसकी चूत में ही झड़ गया और उसने भी पानी छोड़ दिया।
हम दोनों 30 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे।
फिर उठे और दोनों बाथरूम में जाकर नहाए।
मैंने उसे ब्रा-पैंटी पहनाई और फ़िर अपने कमरे में आ गया।

अभी भी मैं वहीं रहता हूँ। अभी तक उसे मैं चार बार चोद चुका हूँ।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें! Antarvasna

मॅाम फक कहानी में मैंने ट्रेन में अपने पापा की दूसरी बीवी को चोदा, कई बार चोदा. फर्स्ट क्लास के केबिन में 4 लोग थे, दूसरा कपल भी चुदाई में लगा था. दोस्तो, मेरा नाम विकी है. हम लोग पुराने पैसे वाले रईस हैं. पापा स्कूल में प्रिंसिपल हैं. मेरे पापा ने दो शादियाँ की थी. दोनों पत्नियों को एक साथ ही रखा हुआ था. कुछ साल पहले मेरी जन्मदात्री इस दुनिया से चली गयी थी. अब मेरी दूसरी माँ ही है. मैं अपनी सौतेली मां के बारे में बता दूं. मां का नाम निर्मला है. वह पेशे से हाउसवाइफ हैं और घर में ही रहती हैं. यह मॅाम फक कहानी तब की है जब हम शहर से हमारे गांव भागलपुर के पास जा रहे थे. हमारी फर्स्ट एसी की टिकटें थीं और एक ही कंपार्टमेंट में थीं जहां एक रूम होता है और 4 सीटें होती हैं. मां की नीचे वाली सीट थी और मेरी उनके सामने वाली ऊपर की सीट थी. करीब दो घंटा बाद हमारे कम्पार्टमेंट में एक कपल आया. शायद उनकी नई नई शादी हुई थी. पूछने पर पता चला वह बीवी को मायके से लेने आया था. अब वे दोनों अपने घर जा रहे थे. अब दोनों की सेक्सी हरकतें चालू हो चुकी थीं. उनका एक दूसरे से सेक्सी बातें करना और बात बात में एक दूसरे को टच करना चल रहा था. मां यह सब देखकर शर्मा रही थीं. शायद उनको अपने दिनों की याद आ रही थी. मैंने मां को होंठ चबाते हुए देखा और जब किसी की नजर नहीं थी, तो मां ने साड़ी सैट करने के बहाने अपनी चूत भी खुजाई थी. उस वक्त मैं उन्हें देख रहा था. जैसे ही उन्होंने मेरी तरफ़ देखा, मैं यहां वहां देखने लगा. अब मुझे उनकी हरकतें मां के ऊपर लगे हुए शीशे में साफ दिख रही थीं. तभी मुझे उस सामने वाली औरत के पति ने देख लिया कि मैं उन दोनों को प्यार की हरकतें करता देख रहा हूँ. उस आदमी ने मुझे इशारा कर बाहर आने को कहा. मैं आ गया और वह भी पीछे आ गया. उसने कहा- भाई, मेरी नई नई शादी हुई है. तुम लोग ऐसा करोगे तो कैसे चलेगा? मैंने सॉरी कहा. तो उसने कहा- कोई बात नहीं. अरे मुझसे कंट्रोल ही नहीं हो रहा है. तुम्हारा भी क्या दोष है … और सामने जो औरत बैठी है, मेरी पत्नी उसे समझा रही है. तू समझ गया तो मेरा एक काम करेगा. तू उनके साथ बैठ जा. उनको कंपनी दे दे. हम यहां लाइट बंद करके आते हैं. मेरा स्टेशन आने को अभी 5-6 घंटे हैं. उसके बाद मुझे घर पर ऐसा मौका 4-5 दिन नहीं मिलेगा. भाई मान जा. क्या पता अगर उस आंटी ने तुझे चांस दे दिया, तो कुछ भी हो सकता है. मजे ले ले! मैंने उससे कहा- ठीक है. कुछ देर बाद हम अन्दर आए तो मैं ऊपर न जाकर मां के बगल में ही बैठ गया. मां ने कहा- उनको प्राईवेसी चाहिए, तू यहीं मेरे साथ बैठ जा. फिर उन्होंने पूछा कि लाइट बंद कर दें? मैंने कहा- हां कर दो. उसके बाद अंधेरे में मैं और मां एक दूसरे से सट कर बैठे थे. अब हमें कुछ दिखाई तो नहीं दे रहा था पर उनकी हरकतों की आवाजें आ रही थी. उनकी चूमने की आवाज और उस लड़की का मादक भाव से सिसकना सुनकर मेरा लंड तन गया था. मेरा हाथ मां की तरफ था. मुझे लग रहा था कि मां अपने मम्मों से मेरी कोहनी पर दबाव डाल रही हैं. इतने में मां का फोन आया तो लाइट जली. हम दोनों ने देखा कि वह औरत ऊपर से नंगी हो चुकी थी और वह आदमी उसकी गोदी में बैठा, उसके मम्मे चूस रहा था. मां ने हड़बड़ा कर फोन कट किया और फोन ब्लाउज में डाल लिया. जैसे ही हाथ नीचे किया, तो मेरी जांघों पर लंड के करीब हाथ रख दिया. मैं कुछ नहीं बोला. फिर ना जाने क्यों … मां ने हाथ सरका कर लंड पर रखा और मेरे खड़े हुए लंड को महसूस करने लगीं. मां मेरे लंड को भांप रही थीं. उन्होंने लंड को पकड़ने की कोशिश की. शायद उन्हें पता चला होगा कि यह मेरा लंड है, तो उन्होंने झट से हाथ हटा लिया. अब मेरा पारा चढ़ गया था, मैंने हाथ पीछे लेकर मां की कमर पर रखा और वहां से हाथ निकाल कर मां के पेट को मसलने लगा. मां फुसफुसा कर बोलीं- बेटा यह क्या कर रहा है! मैंने पूछा- क्या? मां कुछ नहीं बोलीं. अंधेरे में मां ने वापस मेरे लौड़े पर हाथ रखा. इस बार उन्होंने उठाया नहीं. मुझे ऐसा लगा जैसे वे इशारा दे रही थीं कि चलो हम भी कुछ करते हैं. मैंने अपना एक हाथ मां के मम्मों पर रखा और मसलने लगा. मां मेरे कान में धीरे से बोलीं- बेटा, यह गलत है. मैंने मां के कान में कहा- छोड़ो ना मां … किसे पता चलेगा. प्लीज मां करने दो ना! बस एक बार, मैं इसके बाद ना मांगूंगा और ना किसी से कुछ कहूंगा. मैं ऐसे कहते कहते मां के कान और उनकी गर्दन को चूमने लगा. उनकी सांसें धीरे धीरे ऊपर नीचे हो रही थीं. माहौल में गर्मी बढ़ रही थी. मैं मां का ब्लाउज खोलने लगा. मां ने मेरा हाथ पकड़ा मगर मैंने ब्लाउज के सारे हुक एक एक करके खोल दिए. मां का ब्लाउज खुल चुका था और मां का हाथ अभी भी मेरे हाथ पर ही था. मैं समझ गया था कि मां गर्म है और यही मौका है उनकी चूत पर लौड़ा मारने का. अब मैं मां की साड़ी को ऊपर खींचने लगा. मां ने फिर से मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन इस बार उन्होंने रोका नहीं. मैंने साड़ी ऊपर की और मां की जांघों पर हाथ फेरने लगा. मां की सांसें तेज़ चल रही थीं. ‘हम्मम हम्म सों सों …’ की आवाजें आ रही थीं. मैं चूत पर गया और चड्डी के ऊपर हाथ फेरने लगा. चड्डी गीली सी लगी इसलिए मैंने अन्दर हाथ डाला. शायद मां ने 2-3 दिन पहले ही चूत साफ की थी. उनके छोटे छोटे बाल आए हुए थे. उनकी चूत पर हाथ फेरने का क्या मीठा अहसास था. मुझे उनकी चूत के होंठ समझ नहीं आ रहे थे. यह मेरा पहली बार था, जब मैं किसी की चूत को टच कर रहा था. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अन्दर घुसाया और मेरी उंगली पकड़ कर चूत के छेद के अन्दर डाल दी. फिर गांड उठा कर इशारा दिया कि अन्दर बाहर करो. मैंने चूत से हाथ निकाला और खुद से दो उंगलियां डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. तब तक सामने वाली सीट पर चुदाई चालू हो चुकी थी. पच फच धक्कों की आवाजें आ रही थीं. मैं उठा और अपनी पैंट निकाल कर नंगा हो गया. फिर मां के पास बैठ कर उनकी चड्डी निकालने के लिए हाथ लगाने लगा. पर मां पहले ही चड्डी निकाल टांगें फैला लेटी हुई थीं. मैं मां के ऊपर लेट गया. मां ने मेरा लंड पकड़ चूत पर सैट किया और धक्का देने को बोलीं- पेल दे! जैसे ही मेरा हैवी लंड चूत के अन्दर गया, मां की चीख निकल गई- उई मर गई आह आराम से कर ना! मेरे कुछ ही धक्कों में मां सामान्य हो गईं. मेरा लंड आसानी से अन्दर आ जा रहा था. अब हम भी फच फच की आवाज़ें करने लगे. मां गांड उठा उठा कर चुदवा रही थीं. अब मैंने मां के मम्मे चूसने को हाथ ऊपर किए, तो वे नंगे थे. मां ने ब्रा पहले से ही ऊपर कर ली थी. मैं बुरी तरह से मम्मे चूसने लगा और काट भी रहा था. मां कह रही थीं- आह काट मत बेटा … बस चूस कर मजा ले और ऐसे ही धक्के देता रह … बड़ा अच्छा लग रहा है. मैं धक्के देते देते हुए ही मां की चूत के अन्दर झड़ गया. मां भी झड़ गई थीं. उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और अपनी झड़ी हुई चूत को रगड़ने लगीं. हम दोनों ने अपने आपको संभाला. मैंने मां की चड्डी अपनी जेब में छुपा ली. थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के साथ लेटे रहे. फिर एक स्टेशन आया तो खिड़कियां खटखटाई जाने लगीं- चाय चाय. सामने की सीट वाले उस आदमी ने बाहर जाकर चाय ली. मेरी मम्मी ने भी मुझसे चाय मँगवा ली. वह आदमी मुझे देख कर हंस रहा था. उसने मुझे इशारा किया. हम दोनों पानी लेने के बहाने बाहर गए. बाहर आकर वह मुझसे बोला- भाई सही खेल गया तू तो … क्या गजब माल बजाया है. वैसे एक बात बोलूं यह मेरी बीवी नहीं है, मेरी बहन है. मैं शॉक्ड हो गया. मैंने कहा- चल झूठे … ऐसा भी कहीं होता है? “क्यों नहीं होता. आज तूने क्या किया. तुझे क्या लगा कि मुझे पता नहीं चलेगा कि जिसको तूने चोदा है, वह तेरी कौन है? मैंने बाहर लगे चार्ट पर तुम्हारे नाम पढ़े थे! तू मॅाम फक कर रहा था.” अब मेरी बोलती बंद हो गई. मैं उदास हो गया और सोचने लगा कि यह मुझसे क्या हो गया! वह बोला- भाई टैंशन क्यों लेता है, साले मजे ले इतना बड़ा कांड किया है तूने! हर फैमिली में ऐसे ही होता है, बस कोई बताता नहीं है. अब मुझे ही देख ले अपनी बहन को बीवी की तरह चोदता हूँ. कुछ रुक कर वह फिर से बोला- हमारे पास तो अभी मौका है. हम लोग तो यहां से जाने से पहले एक और शॉट मारने वाले हैं. अब तक मेरी बहन ने तेरी मां का दिमाग सैट कर दिया होगा. अब तुझे जब चाहे चूत मिलेगी, नहीं भी मिली तो अब भी मौका है. जो चाहे वह कर ले. अब हम दोनों ट्रेन में चढ़ गए. मेरी मां और उस लड़की की बातों से लग नहीं रहा था कि उनका कोई डिस्कशन हुआ था. उन दोनों में हंसी मजाक चल रहा था. फिर टीसी टिकट चैक करने आया. अब उस आदमी ने बोला- लाइट बंद कर दूँ … कोई दिक्कत तो नहीं है आपको! मैं हंस कर बोला- हां जी जरूर जरूर. मैं ऊपर वाली बर्थ पर जाने लगा तो मां बोलीं- बेटा कहां जा रहा है, यहीं मेरी बगल में सो जा! अब मैं बाहर की तरफ सो रहा था और मां अन्दर की तरफ सीट पर. जगह कम पड़ रही थी, इसलिए हम दोनों चिपक कर सो रहे थे. वे दोनों पुनः शुरू हो चुके थे. उसकी बहन की चूड़ियों की आवाज गूंज रही थी व उसकी खिलखिलाने की आवाज आ रही थी. मैं सोच रहा था कि अब क्या होगा. क्या मैं आगे फिर से कुछ करूँ. तभी मां की हरकतें शुरू हो गईं. मां अपनी गांड को मेरे लंड पर रगड़ने लगीं. मैं फिर से सेक्स नहीं करना चाहता था लेकिन इस बार मां सामने से मौका दे रही थीं. मेरा हाथ पकड़ मां ने अपने पेट पर घुमाते हुए नीचे को किया और अपनी चूत पर रख लिया. मां ने अपनी साड़ी ऊपर कर ली थी और एक हाथ से मेरी पैंट नीचे करने की कोशिश कर रही थीं. मैंने उठकर अपनी पैंट उतारी और मां ने मेरा लंड पकड़ लिया. वे लंड हिला हिला कर उसे टाइट कर रही थीं. मां मूड में आ गई थीं. अब मां मेरी तरफ मुँह कर मेरे ऊपर आना चाह रही थीं. मैंने मां को अपने ऊपर खींच लिया. मां ने अपना ब्लाउज के बटन खोल दिए; ब्रा तो पहले ही ढीली थी. ऊपर से मां नंगी हो गई थीं और अपने दूध मेरे मुँह में दे रही थीं. कुछ देर बाद मां ने मेरी भी शर्ट के बटन खोल दिए. मैंने भी जोश मैं मां की साड़ी उतार दी. मैं मां के नीचे था और वे मेरे ऊपर थीं. मां मुझे अपने दूध चुसवा रही थीं और मेरे लंड को मां अपनी चूत में लेकर खुद ऊपर नीचे करने लगी थीं. मैं नीचे से धक्के दे रहा था. ऐसे ही चुदाई होती रही. काफी देर बाद हम दोनों झड़ गए. मां मेरे ऊपर नंगी ही सोई रहीं. हमें जो कंबल मिला था, उसमें ही हम दोनों सोए रहे. सुबह अचानक उन दोनों ने हमें जगाया. उनका स्टेशन आ गया था. हमने उन्हें विदा करके कुंडी लगाई. अब हम दोनों ऐसे ही नंगे बैठे थे. मैंने पहली बार मां का नंगा गोरा बदन देखा था. मां मुझसे चिपक कर सोई थीं. हम एक दूसरे को देख रहे थे. मां ने मुझसे कहा- विकी बेटा देख, जो ट्रेन में हुआ, वह किसी को पता नहीं चलना चाहिए … और यह सब यहीं पर खत्म हुआ मान लेना. ट्रेन से उतरने के बाद गलती से भी नहीं होगा. ना ही मेरी तरफ से, ना ही तेरी तरफ से … ओके! मैंने मां से ओके कहा और उनके दूध चूसने लगा. मां मेरे बालों में हाथ डाल सहलाने लगीं मेरी एक जांघ मां की जांघों के बीच गई तो मुझे चूत की गर्मी महसूस हुई. मैं मां की चूत में लौड़ा घिसने लगा. मां कुछ नहीं बोलीं. मैंने मां से कहा- मां, अभी ट्रेन से उतरने में दो घंटा बाकी हैं. क्यों ना एक आखिरी बार और हो जाए. मां हंस दीं और बोलीं- बदमाश मुझे पता था कि तू इतने में नहीं मानेगा. अब हम दोनों ने किस करना चालू किया. मैं मां को चूमे जा रहा था और चूसे जा रहा था. यह मॅाम फक का आखिरी मौका था. मां मेरा लंड हिला रही थीं. मैंने मां से लंड चूसने को कहा. मां खड़ी हुईं और मेरा लंड चूसने लगीं. आह बड़ा मजा आ रहा था. मैंने मां को सीट पर बिठाया और उनके पैर फैला कर चूत चाटने लगा. अब मैं मां को अपनी गोद में बिठा कर चोद रहा था. फिर मैं मां को खिड़की के पास डॉगी स्टाइल में चोदने लगा. मां खिड़की की सलाखों को पकड़ कर गांड उछाल उछाल कर लंड अन्दर ले रही थीं. मस्त माहौल था. मां का ऐसा जंगली रूप रात को भी नहीं था. मैं मां को खड़ा करके और झुका कर पीछे से चोद रहा था. मैंने मां को नीचे बिठाया और उन पर अपने माल की बरसात कर दी और मां का सारा बदन अपने माल से भर दिया. हम दोनों हांफते हांफते एक दूसरे के ऊपर सो गए. अब मुझे मां को और चोदना था लेकिन मां जुबान की पक्की थी. वे मुझे ट्रेन के बाहर कभी चोदने नहीं देतीं. तो कैसे मैंने मां को पटाया और अगली चुदाई कब की. यह सब मैं अगली कहानी में लिखूँगा. इस मॅाम फक कहानी पर आप अपने विचार मुझे बताएं. rp8753660@gmail.com

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆