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Massage Girl in Kozhikode: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kozhikode who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kozhikode that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kozhikode massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kozhikode who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kozhikode massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kozhikode massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kozhikode who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kozhikode employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kozhikode helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kozhikode

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kozhikode at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Hindi Sex Stories

मेरा नाम राहुल है, मेरी उम्र २२ Hindi Sex Stories साल है ! मेरा शरीर मजबूत है क्यूंकि मैं बॉडी बिल्डिंग भी करता हूँ। मैं अन्तर्वासना की कहानियां हर सुबह पढ़ता हूँ ! मैं अपने जीवन की एक सच्ची कहानी लिख रहा हूँ !

हमारे घर के सामने नई नई एक शादी हुई ! मैं उनकी शादी में तो नहीं गया था ! इसलिए मैं उनके घर नहीं जाया करता था, परन्तु मैं अपनी गली में किसी की बात नहीं मोड़ता था, जिसकी वजह से सब लोग मुझे ही काम के लिए बुलाते थे।

एक दिन उस नई भाभी ने भी मुझे बुलाया और मैंने उनका जो काम था कर दिया। इस तरह मेरी उनसे बातें होने लगी।

धीरे-२ मैंने उनको कहा- मेरी किसी लड़की से बात करवा दो !

तो उन्होंने कहा- किस से?

मैंने कहा- किसी से भी !

उसने कहा- ठीक है, मैं देखती हूँ !

कुछ दिनों तक मैं उनके घर नहीं गया क्यूँकि मेरे दोस्त की उनके रिश्तेदार से लड़ाई हो गई! फिर कुछ साल बीतने के बाद मेरी भाभी से बात हुई पर तब तक तो उनके दो बच्चे हो चुके थे। मैंने भाभी से कहा- मिली कोई लड़की ?

तो उसने कहा- एक थी ! पर उसका रिश्ता हो गया है !

मेरी दिल में एक बात आई और मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई भी लड़की नहीं है, वो सिर्फ आप हो !

तो मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया ! उसने कहा- राहुल तुम्हें यह कैसे पता लगा कि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ?

कुछ दिन बीत गए ! मैं उनसे नहीं मिला ! एक दिन उनके घर पर कोई नहीं था ! (मैं आपको बताना भूल गया कि उनके परिवार में उनका पति, देवर, सास, देवरानी और दो बच्चे हैं !) मैंने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया ! भाभी ने कहा- यह क्या कर रहे हो !

मैंने कहा- कोई हमारी बातें न सुन ले !

तो उसने कहा- ठीक है, बोलो !

मैंने कहा- बोलना क्या है, एक पप्पी तो दे दो !

उसने थोड़ा दूर होते हुए मना कर दिया। मैं उठ कर गया और ज़बरदस्ती उसे चूमने लगा। थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी !

मैंने उससे कहा- नीचे की चीज़ कब दे रही हो?

उसने कहा- मम्मी आ रही होंगी, हम यह सब किसी और दिन करेंगे।

मैं वहाँ से चला आया ! वो रोज किसी काम से मुझे अपने घर अपनी सास के सामने बुलाती और पीछे के कमरे में मेरा साथ चूमा-चाटी करती।

फिर एक दिन मैंने उससे कह दिया- जब मुझे चूत दोगी तभी मुझे बुलाना !

एक दिन उसका फ़ोन आया, उसने कहा- कोई काम है तुम आ जाओ !

मैं उसके घर गया तो उसने बोला- कापियाँ ला दे !

मैंने कहा- पहले मुझे वो दो !

उसने कहा- आकर कर लेना !

मैंने कहा- कर के ही जाउंगा !

वो लेट गई, मैंने उसकी सलवार उतारी और उसे हाथों से चोदना शुरू कर दिया ! वो सिसकियाँ लेने लगी ! मैंने उसका कमीज उतारा और उसकी चूचियाँ दबाने और चूसने लगा।

वो कहने लगी- अब जाओ !

मैंने कहा- अभी तो इसे चूसो !

उसने मना कर दिया, कहने लगी- मुझे उलटी आती है।

फिर मैंने उसे ज्यादा मजबूर नहीं किया, अपना लंड उसकी गीली चूत पर रखा, वो एक दम से अन्दर चला गया, मुझे मज़ा नहीं आया तो मैंने उसकी टांगों को एक दूसरे पर तिरछा कर दिया। अब मुझे मज़ा आने लगा और वो चिल्लाने लगी- बस अब और नहीं मारो !

मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने उसको उल्टा किया और उसके ऊपर लेट गया।

उसने कहा कि वो गांड नहीं देगी।

मैंने कहा- मैं चूत ही मारूंगा !

उसने कहा- देखो, गांड मत मारना !

मैं उसकी गर्दन आगे करके बीच में बैठ गया और एक झटके से उसकी गांड में लंड पेल दिया, वो तड़पने लगी क्यूंकि मैंने उसकी लातों को बांध दिया था जिसका उसे पता नहीं लगा। वो रोने लगी और मुझे हंसी आ रही थी, मैंने कहा- क्यूँ साली, बहुत तड़पाया है तूने !

जब मेरा छुटने को आ रहा था तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसकी चुचियां गीली कर दी।

उसने कहा- यह तुमने ठीक नहीं किया राहुल !

मैंने कहा- कॉपी लेनी है या नहीं !

वोह कहती- यह सब करने में १ घंटा लग गया और तुमने कहा था सिर्फ पांच मिनट !

मैंने सॉरी कहा और अपने दोस्त की दुकान से कॉपियाँ लाकर दे दी।

वो मुझ से नाराज़ होने का नाटक करने कगी तो मैंने उसे मनाने के लिए ५ रुपये की चोकलेट लाकर दे दी। उसने कहा कि वो नहीं खायेगी!

मैंने कहा- तुम मुझे प्यार नहीं करती तो मैं जा रहा हूँ !

उसने मेरा हाथ पकड़ा और चोकलेट अपने मुंह में डाल कर मेरे आगे कर दी। मैंने चोकलेट खाते हुए उसे बहुत चूमा और अगली बार का कह कर घर चले आया।

अब मैं उसकी देवरानी को अपने चक्कर मैं ले रहा हूँ। Hindi Sex Stories

Antarvasna

मेरा नाम रौनक Antarvasna शर्मा है! मैं 20 साल का गोरा-चिट्टा नौजवान हूँ और इंदौर में रहता हूँ.
घर पर मैं अपने मोम डैड के साथ रहता हूँ.

आज मैं आप सबको मेरी पहली कहानी बताता हूँ.

मई का महीना था. मेरी मम्मी पापा उस दिन भोपाल गए हुए थे.

तभी हमारी काम वाली आ गई!

वह बहुत ही सुन्दर है और उसका फिगर ३४ २८ ३४ का है.

मैंने दरवाजा खोला और वापस जाकर अपने बेड पर लेट गया.

इतनी देर में मैंने देखा कि वो अपना ब्लाउज़ खोल के हवा खा रही थी.

मुझे देख के वो एकदम सहम गई और मैं वहां से उठ के चला गया और न्यूज़ पेपर पढ़ने लगा.

तभी वह मेरे पास आई और बोली- आपने कुछ देखा तो नहीं?
मैंने उसे कहा- कुछ तो शर्म किया करो, ऐसे कहीं भी कपड़े खोल के खड़ी हो जाती हो.

तो वो बोली- बहुत गर्मी हो रही है भैय्या! क्या करूँ?

मैंने कहा- अब कभी ऐसा मत करना!

तो वह ‘ठीक है’ बोल के चली गई.

लेकिन मेरे दिमाग में तो वही मोटे मोटे गोल गोल बोबे दिख रहे थे.

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे जाकर पूछा- तुम अपने घर पर क्या बिना कपड़ों के घूमती हो इतनी गर्मी में?
तो वो शरमाई और बोली- हाँ, मेरा मरद तो मुझे मना नहीं करता नंगी घूमने के लिए!

तो मैंने कहा- जब इतने मस्त बोबे देखने को मिलेंगे तो कौन मना करेगा.

इस पर वह शरमा के वहां से चली गई.

फिर मैं नहाने चला गया लेकिन मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया.

थोड़ी देर में कमला मेरे कमरे में आई तो उसने मुझे नहाते हुए देखा.
और मेरी चाल काम कर गई.

वो मेरा लम्बा लंड देख कर खुद को रोक नहीं पाई और बोली- इतना लम्बाऽ !!?
तो मैंने पूछा- तुझे चाहिए ये?

वह मेरे पास आई और मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए.
अब हम दोनों नंगे थे.

हम दोनों साथ में नहाये.

फिर मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया!
उसे बेड पर पटका कर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया, वो भी मजे से चूसने लगी.
15 मिनट तक चुसवाने के बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही डाल दिया और वो भी चाट चाट के पी गई.

5 मिनट तक और लंड चुसवाने के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
फिर मैंने उसे घुटनों पर बिठा के पीछे से अपना लंड उसकी चूत पे रखा और 3 धक्कों में पूरा का पूरा लंड अन्दर डाल दिया.
और वो जोर से चिल्लाई- ऊऊईई ईईई … आह आह आह आह आह मर गई!

उसके बाद मैंने धक्का मारना शुरू किया … पहले धीरे धीरे धक्के मारे और फिर जोर जोर से!
पूरा कमरा पचक-पचक की आवाज़ से भर गया.

कमला भी लगातार चिल्ला रही थी- ऊऊऊ ऊउई ईईए ऊऊऊउईई उए उए आह आह आह आह अहह ह्ह्ह!

20 मिनट में वो 2-3 बार झड़ चुकी थी!
लेकिन मेरे लौड़े में बहुत जान बाकी थी और वो अन्दर बाहर लगा हुआ था!

फिर मैंने अपने लौड़ा निकाल के उसकी गांड पे रख दिया और वो बोलने लगी- साहब, गांड मत मारो! मैंने कभी नहीं मरवाई!

लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और पूरा लंड उसकी गांड में पेल दिया.

वो अब बहुत जोर से चिल्लाई आहआह आह आआअ ह्ह्ह आआ आह्ह्ह!

फिर मैंने झटके देना शुरू किया और वो दर्द से चिल्लाई- आआह्ह ऊऊई ईए …
और 10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने सारा माल उसके अन्दर डाल दिया!

उसे चोद के मैं जैसे ही पीछे मुड़ा तो मैंने देखा कि हमारे घर के सामने रहने वाली शीतल भाभी वहां खड़ी थी.

कमला ने बाहर का दरवाजा खुला छोड़ दिया था.

भाभी को देख कर कमला ने जल्दी से कपड़े पहने और चली गई और मैंने भी जल्दी से तौलिया उठा के लपेट लिया.

तभी भाभी बाहर गई और दरवाजा लगा दिया!

मैंने सोचा कि आज तो मैं गया!

तभी भाभी आई और बोली- तुम तो बहुत अच्छी चुदाई करते हो … मुझे चोदोगे?

यह सुन कर मैं तो हैरान ही रह गया!

वो बहुत ही सुंदर है! 34- 28- 36 की भरी पूरी माल!

मैंने भी बिना देर किये भाभी को पूरा नंगा कर दिया और भाभी ने भी मेरा तौलिया हटा दिया और मेरा लंड चूसने लगी.

5 मिनट में मेरा लंड पूरा कड़क हो गया तो वो बोली- जल्दी चोद दो मुझे! मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है, तुम्हारे भईया आने वाले हैं!

तभी मैंने भाभी को बेड पे लिटाया और पूरा लंड चूत में पेल दिया.
वो चिल्लाई- आह आह ऊऊऊ ऊउईई ई ईए…

और फिर खुद भी गांड हिला-हिला कर मेरा साथ देने लगी.

पचक पचक की आवाजें आने लगी और मैंने धक्के तेज़ कर दिए.

20 मिनट तक चोदने के बाद मैंने सारा माल भाभी की चूत के अंदर डाल दिया.
तभी वो मुझसे यह वादा करके चली गई कि मैं मौका देख के फिर चुदाई करवाऊंगी.

इस तरह से उस दिन मैंने दो औरतों को चोदा.

कुछ दिन बाद पता चला कि भाभी माँ बनने वाली हैं.

उसके अगले दिन वो हमारे घर पर आई और मुझे बताया कि यह उस दिन की चुदाई का ही नतीजा है.
और वे बहुत खुश थी क्योंकि उनकी शादी के 5 साल बाद भी भैय्या उन्हें बच्चा नहीं दे पाए थे! Antarvasna

Antarvavsna

यह अन्तर्वासना पर मेरी दूसरी Antarvavsna कहानी है। लोगों की चुदाई की कहानियाँ पढ़ पढ़ कर चूत गीली हो जाती है।

पहली कहानी में जिस तरह मैंने बताया था कि मेरे पति एक फौजी हैं। और मेरे घर में काम करने वाले एक सीरी (जो की औरत की चुदाई का माहिर निकला) ने किस तरह दोपहर में मेरी प्यास बुझाई !

उस दिन जल्दी जल्दी में हम मजे से नहीं चुदाई कर सके। मैंने उसको रात को १२ बजे अपने कमरे की खिड़की पर आने को कहा।

वो बोला- सुहागरात मनानी है क्या छोटी दुल्हन?

मैंने कहा- तैयार रहना ! जो जी में आये समझ लो ! मुझे तेरा लौड़ा फिर लेना है !

ठीक बारह बजे मेरा इशारा पाकर वो खिड़की पर आया। उसको अन्दर खींच मैंने खिड़की बंद करते हुए पर्दा आगे किया। बाहर बहुत गर्मी थी, ए.सी में आकर उसको सकून सा मिला। उसे पसीना आने की वजह से मैं उसको पकड़ बाथरूम में ले गई, उसके सारे कपड़े उतार दिए, अपने भी, दोनों अलफ नंगे !

उसका लुल्ला लटक रहा था, कितना सांप जैसा !

मैंने शावर चलाया और नीचे उसके साथ लिपट कर खड़ी हो गई। पानी के बूंदें मेरे यौवन को निखार रहीं थीं। बूँद बूँद मेरे चिकने जिस्म से फिसल रही थी, वो मेरा अंग अंग सहला, चाट रहा था, मेरे मुहं से सिसकियाँ निकल रहीं थी।

मेरे आलीशान बाथरूम में, जो मैंने बहुत तबीयत से बनवाया था, वहीं फर्श पर मैं नीचे बैठ गई। पहले उसके लौड़े को सहलाया, फिर मुँह में डाल लिया। वह कितना मजा आ रहा था ! देखते ही देखते तन कर डण्डा बन गया। उसका पूरा लौड़ा मैंने मुँह में ले ले कर चूसा। उसने मुझे वहीं चित्त कर दिया, पकड़ कर नीचे लिटा मेरे ऊपर सवार हो गया।

अह ! अह !

धीरे से उसने अन्दर डाल दिया और चोदने लगा।

वाह मेरे घोड़े और चोद साले ! पक्का चोदू है ! मैं क्यूँ तड़प रही थी इतने दिन से ! अह ! अह ! और घस्से मार ! जोर जोर से ठोक ! वाह मेरे लौड़े !

पानी के नीचे चुदाई का अलग मजा मिलता है।

बोला- चल साली कुतिया बन जा !

मैं कुतिया की तरह चलती हुई टब किनारे जा रुकी, वो पीछे से आया और डाल दिया !

मेरे हाथ टब में और घुटने बाहर !

उसका मोटा लौड़ा धमाल मचाने लगा।

वाह मेरी बुलबुल ! कमाल की चीज़ है तू ! तेरी जैसे को तेरा पति कैसे ठंडी करता होगा ! क्या हुस्न मिला है ! तुझे साली जिंदगी भर चोदता रहूँगा ! अह ! आहा !

और जोर से रगड़ हरामी ! अपनी मालकिन की भोंसड़ी मार मार कर फाड़ डाल ! आज रात पड़ी है ! डर भी नहीं साले ! और तेज़ ! अह ! अह !

साली कुतिया ! नौकर से चुदा कर कैसा लग रहा है ?

हीरा है तू ! पता नहीं नज़र से कैसे बचा रहा !

ले साली ! उसने ऊँगली गांड में डाल दी और फिर दो ऊँगली करते करते उसने लगभग हाथ ही डाल देता, अगर मैं चीखती ना !

मैं गई साईं ! झड़ने वाली हूँ ! जोर से रगड़ ! हः ! अह ! हा !

कहते कहते मैं झड़ने लगी। ओह ओह ! बहुत म़जा आया कमीने ! तेरे नीचे फुर्सत में बिना टेंशन चुदवा कर निहाल हो गई !

उसने लौड़ा निकाला और रस से भीगा हुआ गीला लौड़ा मेरी गांड में घुसा दिया !

वाह मेरे कुत्ते ! वाह बहुत हरामी है तू भी ! डाल ही दिया आखिर ! वाह मेरे ठोकू !

और मेरी गाण्ड में सारा रस डाल दिया, सारी खुजली ख़त्म !

उसके बाद उसने मुझे बाँहों में भर बेड पर पटक दिया, खुद किनारे पर खड़ा होकर लौड़ा मेरे मुँह में फिर से डाल दिया। क्या मर्द था दोस्तो ! इतनी जल्दी दुबारा मेरा कोई भी आशिक शादी से पहले ऐसा न कर पाया, क्यूंकि जब कभी मेरा बॉय फ्रेंड मुझसे पहले ठुस्स हो जाता तो लाख कोशिश के बाद भी उसका जल्दी खड़ा नहीं होता।

लेकिन देखते ही देखते उसका लण्ड सात आठ मिनट में तन कर फूंके मार रहा था। दोस्तों सारी रात, सुबह के पाँच बजे तक वो मुझे रौन्धता रहा, मैं चुदती रही !

उसके बाद २० दिन के लिए हॉस्टल से मेरी ननद घर आई वो मेरे साथ सोती। मेरा और मेरे सीरी बुरा हाल था। उसकी चुदाई के बिना मैं तड़प रही थी।

एक दिन उसने मुझे कहा- खेतों में ट्यूबवेल पर दोपहर में मुझे मिलने आ जाना !

खेत घर से ४ किलोमीटर दूर था, जब हम दोनों खेतों में पीपल के दरखत की ठंडी छाया में एक दूसरे में समाये हुए थे तो मेरे जेठ ने हम दोनों को रंगे-हाथ पकड़ लिया। मैं जल्दी से कमरे में घुस गई, कपड़े पहने और वहाँ से निकल आई।

जेठ जी भी मुझे प्यासी नज़रों से देख मुस्कुरा दिए।

मैं थोड़ा शरमाने का नाटक कर चली आई।

उसके बाद क्या हुआ?

यह आपके प्यारे जवाबों के बाद !

कि किस तरह मैंने जेठजी का मुँह बंद किया !! Antarvavsna

Sex stories
मैं मेरे नये दोस्तों को मेरा अपना परिचय करा Sex stories दूं। मेरा नाम सीता है, मेरी उमर 28 साल है, मेरी शादी हो चुकी है। मैं सेक्स की बहुत भूखी हूं। मेरे हबी संजू बड़े स्मार्ट और सेक्स में पावरफ़ुल हैं पर वो ज्यादातर समय बाहर ही गुजारते हैं और मुझमें सेक्स की भूख बहुत ज्यादा है इसलिये मैं हर वक्त नये लंड की तलाश में रहती हूं। अपनी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि किस तरह मेरे ड्राइवर अमित ने मुझसे जबरदस्ती की थी।

आज मैं आपको अपनी एक नयी कहानी सुना रही हूं जिसमे मैंने और मेरी दोस्त (अब वो मेरी ननद है) सुमन ने किस तरह मनाली में चुदाई के साथ इनकम भी की। ये बात 1998 की है जब मैं और मेरी दोस्त चंडीगढ़ में बी ए के तीसरे साल की पढ़ाई कर रही थी। हम दोनों ही शुरु से चुदक्कड़ थी और अक्सर अपने ब्वायफ़्रेंड के साथ डेट पर जाती और चुदाई का मज़ा लेती।
एक बार मैं अपने दोस्त के साथ शिमला घूमने के लिये गयी हुई थी। वहां पर हमने 3 दिन तक खूब चुदाई का नज़ारा लिया। वहां जिस होटल में हम रुके हुए थे वो होटल पर अक्सर काल गर्ल आती रहती थी और उस होटल में लगभग हर टूरिस्ट इसी लिये आता था।

मैं एक दिन शाम के वक्त बार टेबल पर बैठी थी मेरा दोस्त अभी रूम से नीचे नहीं आया था तभी एक सांवले रंग का मजबूत बदन का मर्द मेरे पास आ कर बैठ गया। उसने मुझे काल गर्ल समझ लिया था। मेरे पास आ कर उसने मुझे ड्रिंक की पेशकश की जिसे मैंने नम्रता से ठुकरा दिया। उसके बाद उसने स्माइल पास करते हुए मुझे से नाम पूछते हुए अपना परिचय देने लेगा। कुछ देर बाद उसने असली बात पर आते हुए मुझे रात की ओफ़र की और इसके लिये उसने बिना मेरी तरफ़ देखे सौ रुपये के काफ़ी सारे नोट मेरी तरफ़ बढ़ा दिये।

एक बार तो मैं उसकी हरकत पर हैरान हो गयी और मुझे गुस्सा भी आया पर दूसरे ही पल मेरे दिमाग में एक नया विचार आया (हालांकि मैं भी बहुत रिच फ़ैमिली से हूं पर जैसा कि सभी पाठक जानते हैं कोलेज लाइफ़ में पोकेट मनी की प्रोब्लम रहती है) कि ये तो पैसे के साथ मजा और नये लंड के साथ बाहर घूमने का बड़ा अच्छा साधन है। पर उस वक्त मैं अपने दोस्त के साथ थी। मैंने उसे अपना पता देते हुए बाद में सम्पर्क करने को कहा।

कई दिन के बाद मुझे उसका सन्देशा मिला कि उसे 2 लड़कियां 5 दिन के लिये चाहिये। वो और उसका दोस्त अपनी आउटिंग को इस बार रंगीन करना चाहते हैं। मेरे पूछने पर बताया की उन लोगों को मनाली के अन्दर अपना होलीडे बिताना है। मैंने उससे उसका कोन्टेक्ट नम्बर ले लिया और बोला कि मैं आपको कल तक बता दूंगी।

मैं तो उसी वक्त तैयार थी पर अब उसे दो लड़कियों की जरूरत थी जबकि मैं अकेली थी। तभी मेरे मन में सुमन का ख्याल आया। वैसे भी हम अकसर इकट्ठी चुदायी पर जाती थी।

पहले तो सुमन ने इन्कार कर दिया पर मेरे समझाने पर वो राजी हो गयी। मैंने उसी शाम उसको फोन करके रुपये और टाइम की सेटिंग कर ली। हम लोगों ने 5 दिन के उनसे 20000 रुपये मांगे। २ दिन के बाद हम मनाली के लिये निकल पड़े। अब हम दोनों बहुत खुश थे। एक तो हमे २-२ नये लंड मिलने वाले थे दूसरा हमें 20000/- रुपये भी मिलने वाले थे मनाली बसस्टेंड पर ही वो दोनों हमें मिल गये। हम दोनों उनके साथ कर पर चल पड़े। उन लोगों ने होटल पिकडेली में रूम ले रखा था। हमने रूम में पहुंचते ही उन्होने हमें नंगा होने को कहा और खुद फोन कर के वेटर को खाने का ओर्डर दे दिया।

हम लोगों ने पहले बाथ लेने की इच्छा जतायी। सन्जू (उनमें एक का नाम) ने कहा ठीक है परन्तु पहले कुछ खा लो। इतने में वेटर कोफ़ी और कुछ स्नैक्स ले आया। कोफ़ी लेने के बाद हम नहाने के लिये बाथरूम में चले गये। जैसे ही सुमन ने बाथरूम का गेट बंद करना चाहा तो उसे श्याम ने रोक दिया और कहने लगा, अब कोई शरम नहीं, दरवाजा खुला रहने दो हम देखना चाहते हैं कि तुम कैसे एक दूसरे को नहलाती हो। क्योंकि इस वक्त हम उनकी पेड सेक्स थी इसलिये चुप-चाप उनकी बात मानते हुए नंगी नहाने लेगी।

कुछ समय के बाद सन्जू और श्याम भी बाथरूम के अंदर आ गये। वो दोनों बिल्कुल नंगे थे। सन्जू बोला- इकट्ठे नहाएँ?
मैंने उन्हें कहा- ओके।
सन्जू ने श्याम से कहा- चलो हम चारों सब साथ साथ ही नहा लेते हैं, फिर चुदाई करेंगे!
और हम सब बाथरूम में इकट्ठे नहाने लगे।

मैं सन्जू की तरफ़ देख कर मुस्कुरा रही थी। उसका खड़ा हुआ लंड देख कर मेरा हाथ अन्जाने में मेरी चूत पर चला गया और मैं अपनी चूत में उसके सामने ही उंगली करने लगी। ये देख कर श्याम बोला- अरे तुम क्यों अपनी चूत में उंगली कर रही हो। तुम तो अपने हाथ से सन्जू के लंड का मजा लो और फिर जम कर चुदवाओ।

सन्जू ने तभी एक हाथ से मेरी चूचियों को मसलना शुरु कर दिया और दूसरे हाथ की दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी। मुझसे रहा नहीं गया और मैं भी अपने एक हाथ से उसके लम्बे और मोटे लंड को कस के पकड़ कर आगे पीछे करने लगी। उसके लंड का सुपाड़ा काफ़ी बड़ा था और बिल्कुल काले रंग का था।

उधर सुमन और श्याम शोवर के नीचे एक दूसरे से चिपके हुए खड़े थे और सुमन श्याम के लंड को पकड़ कर खींच खींच कर हिला रही थी। श्याम एक हाथ से सुमन के दोनों नंगे चूतड़ों को मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगली से चोद रहा था।

मैंने भी सन्जू के तने हुए लंड को इतना चूसा कि उसके सुपाड़े से चिकना चिकना पानी निकलने लगा। हम दोनों वहीं बाथरूम फ़्लोर पर 69 के पोज में लेट गये। सन्जू की जीभ मेरी चूत में आग लगा रही थी। मैं सन्जू के लंड को हाथ से पकड़ कर खींच खींच के चूस रही थी।
तभी सन्जू मेरे मुंह में ही झड़ गया। मैं तो उसके लंड से निकले डिस्चार्ज की मात्रा देख कर ही हैरान रह गई। काफी सारा सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ा गाढ़ा माल उसके लंड से निकला जो मेरे मुंह में भर गया। मैं धीरे धीरे उस सारे खट्टे खट्टे माल को अपनी जीभ से चाट चाट कर पी गयी। इससे पहले मैंने जितने भी देखे थे उनके लंड से तो इसका करीब आधा माल ही निकलता है।

मेरा मन अभी भरा नहीं था इसलिये उसके झड़े हुए लम्बे लटकते हुए लंड को मैंने फिर से चूसना शुरु कर दिया। सन्जू अभी भी मेरी चूत चाटने में लगा था। मैं तो ये सोच कर मजे में बिल्कुल पागल सी हो गयी कि ये लंड आगले 5 दिन के लिये मेरे पास रहेगा।

जब सन्जू से नहीं रहा गया उसने मुझे वहीं बाथरूम के फ़्लोर पर कुतिया की तरह पोज बना कर बिठा दिया और मेरी दोनों टांगे फैला कर पीछे से मेरी चूत में अपना ८ इंच लम्बा और ४ इंच मोटा गधे जैसा लंड पेल दिया और एक जोरदार धक्का लगाया। मेरी चूत चुदने के लिये बिल्कुल गीली हो कर इतना खुल गयी थी कि एक ही धक्के में सन्जू का पूरा लंड गपक गयी। उसके धक्कों में मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं भी अपने चूतड़ उछाल उछाल कर अपनी चूत में उसके लंड के धक्कों का मजा लेने लगी। दो तीन धक्कों में ही मेरी चूत फच फच करने लगी।

चार पांच धक्कों में ही मैं झड़ गयी। लेकिन सन्जू के लम्बे लंड के धक्के जारी थे और उसके बाद तो मैंने पहली बार मल्टीपल ओर्गास्म का मतलब जाना क्योंकि हर दूसरे धक्के पर मेरी चूत पानी छोड़ रही थी।
मुझे सन्जू से चुदाने में बहुत मजा आ रहा था कि मैं सिसकारियां भर रही थी, मैं एक्साइटमेंट में कई बार बोल भी पड़ी- मुझे और जोर से चोदो। पूरा लंड पेल दो। हाय, मेरी चूत फाड़ डालो।

करीब मुझे 15 मिनट तक सन्जू ने कई सारे पोज में कभी आगे से, कभी पीछे से, कभी खड़े खड़े और कभी अपने लंड पर बिठा कर वहीं पर श्याम और सुमन के सामने चोदा और मेरी चूत में अपना सारा माल एक बार फिर से निकाल दिया। हम दोनों अब थक कर अलग हो गये। मेरी चूत से सन्जू का सारा माल निकल निकल कर मेरी जांघों पर टपक रहा था।

सन्जू अभी भी मेरी चूचियां मसल रहा था। उसका लंड मेरी चूत के रस से गीला हो कर चमक रहा था और गधे के लंड की तरह नीचे लटक गया था।

कुछ समय के बाद मैं फिर से गर्म हो गयी। मैंने फिर से सन्जू के लंड को चूसना शुरु कर दिया। सन्जू भी मेरी चूत में उंगली डाल डाल कर और निकाल कर उंगली में लगे मेरे और उसके झड़े हुए माल को चाटने लगा। इतने जोर से झड़ कर भी मेरी चुदास शान्त नहीं हुई थी और मेरा मन कर रहा था कि मैं सारी रात सन्जू के उस मोटे और लम्बे लंड से मजे लेती रहूं।

तभी हम सभी बाथरूम से बाहर आ गये सन्जू का गधे जैसा लम्बा लंड चलते समय उसकी दोनों टांगों के बीच लटका हुआ ऐसे मस्ताना हो कर झूल रहा था कि मैं उसके लंड पर से नजर हटा ही नहीं पा रही थी। मैं अभी भी सन्जू के लटकते हुए लंड को देख रही थी।

उसके बाद तो फिर 5 रातों तक हम चारों एक ही कमरे में सारी बत्तियां जला कर एक ही बिस्तर पर अलग अलग स्ताइल से एक-दूसरे को चोदते। वो 5 रातों में मैंने जी भर कर ऐसी चुदाई करवाई कि मैं जीवन भर कभी भूल नहीं सकती।

आखिरी रात को सन्जू के उस लम्बे लंड से मैं पता नहीं कितनी बार झड़ी। श्याम ने भी मेरी चूत और मुंह में पता नहीं कितनी पिचकारियां मारी होंगी। मेरी चूत को तो 5 दिन के बाद उसके लंड ने खुला भोसड़ा बना दिया था।

आखिरी दिन जब हम जब वो दोनों जाने लगे तब भी मुझ से रहा नहीं गया और मैंने फिर से एक आखिरी बार सन्जू के लंड को चूस चूस कर इतना गर्म कर दिया कि वो मेरे मुंह में ही झड़ गया। उसका सारा सफ़ेद माल पी कर मैंने उसको बुझते हुए दिल से गुड बाय कहा।

हमें जाते वक्त उन्होंने 20000/- से अलग 2000/- और भी दिये और साथ में ब्रा-पैंटी के इम्पोरटेड सेट भी दिये।

अब चंडीगढ़ वापस आने के बाद हम दोनों उस रात की बात जरूर करते हैं और दोनों ही उत्तेजित हो कर एक दूसरे के साथ लेस्बियन करती। सन्जू का गधे जैसा मोटा और लम्बा लंड अभी भी आंखों के सामने आ जाता है। Sex stories

मेरी हॉट एच आर गर्ल के साथ ऑफिस में मेरा चुदाई का खेल चल रहा था। एक दिन मैंने रिस्क लेने की सोची। लोगों के रहते हुए मैं एच आर के पास पहुंच गया और फिर …

अगर आप इस सेक्स स्टोरी को शुरू से पढ़ते आ रहे हैं तो आपको पता होगा कि मेरे ऑफिस में एचआर जैनब और मेरे बीच चुदाई का खेल चल पड़ा था।
हम दोनों ने कई बार चुदाई कर ली थी और इस चुदाई के खेल में अब एक कैम गर्ल रूमी भी शामिल हो चुकी थी।

ऑफिस में से जब सब लोग चले जाते थे हम दोनों ही आखिर में रह जाते थे।
मैं उसके केबिन में चला जाता था और वहीं डेस्क पर उसकी टांग उठवाकर उसकी चूत में लंड डाल देता था।
इस तरह से कई बार हम लोग चुदाई कर चुके थे।

अब धीरे-धीरे हम लोगों का डर खत्म हो चुका था।

दरअसल शुरुआत में ऑफिस में चुदाई करने के काम में डर के कारण एक रोमांच पैदा होता था जो अब कम हो गया था।
हम अब इसे थोड़ा खतरनाक बनाना चाहते थे।

कंपनी ने सभी सीनियर मैनेजर के लिए कॉन्फ्रेंस बुक की थी।
लेकिन सारे ही मैनेजर शहर से बाहर गए हुए थे।
केवल मेरे जैसे निचले कर्मचारी ही बचे थे।

तो यह हमारे लिए भी अच्छी ही बात थी।
ऑफिस के टाइम में सब लोग मस्ती करते रहते थे लेकिन मैं काम में पिसता रहता था।

मेरे काम का बोझ अब बढ़ता जा रहा था।
बावजूद इसके मैं थोड़ा रिलैक्स रहता था।

इसके पीछे भी एक वजह थी।
जो एचआर काम को चेक करती थी, वह रोज मेरी टांगों के बीच में पड़ी रहती थी, मेरा लौड़ा चूसती रहती थी।
इसलिए मुझे किसी के टोकने का डर नहीं था।

तो मैं नीचे पहुंचा और जाते ही अपने लंड पर उस हॉट ऑफिस गर्ल का मुंह दबा दिया।
उसकी सांस रुकने लगी तो उसने ताजी हवा लेने के लिए जोर से सांस छोड़ी।

इसी दौरान उसके होंठ मेरे लंड को चूस गए।

उस वक्त मेरे डिपार्टमेंट के सभी लोग रिट्रीट के लिए गए हुए थे।
दूसरी बात यह भी थी कि मेरी कंपनी साइबर सिक्योरिटी को लेकर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देती थी।

तब मैंने Dscgirls.live वेबसाइट खोली।
इस दौरान जैनब मेरा लंड चूसने में लगी हुई थी।

मैंने गहरी सांस ली और एक बार फिर से उसके गले में लंड को फंसा दिया।
उसने रंडी की तरह लंड को गले में फंसा लिया और ऊंह करके सिसकारी भरी।

जैनब हाँफती हुई- रूमी को कॉल कर रहे हो क्या?
मैं- हां, मुझे चुदाई करने का मन हो रहा है. और जब वो अपनी चुदक्कड़ चूत को हमें देखते हुए रगड़ती है तो मुझे बहुत मजा आता है।

जैनब- तुम उसका बहुत फायदा उठाते हो। याद रखो, पहले वह मेरी थी।

अब मैंने नीचे की ओर जाकर जैनब की रसीली चूत को पकड़ लिया।
एकदम से उसका मुंह खुल गया और आह्ह … निकल गई।

वह हैरानी के साथ-साथ मजे में मेरी तरफ देख रही थी।
मैंने उसे जोर से किस कर लिया।

मैं- हो सकता है कि वह पहले तुम्हारी हो … लेकिन अब तुम दोनों ही मेरी हो।
जैनब- ओह, मेरी चूत गीली हो रही है!

मैं- सही टाइम आने पर मैं इसमें उंगली भी करूंगा और इसे जमकर चोद भी दूंगा।
जैनब- ओह येस! कर दो!
अब उसने उठकर अपनी सनड्रेस को उठा दिया।

उस हॉट ऑफिस गर्ल ने नीचे से पैंटी भी नहीं पहनी हुई थी।
उसने अपनी उंगली को मुंह में लिया और फिर चूत के दाने को मसलने लगी।

उसकी क्लीव शेव चूत का पूरा नजारा वो मुझे दिखा रही थी।

मैं उसे देखकर मुठ मारने लगा।

साथ ही मेरी नजर लैपटॉप पर भी थी।

तभी रूमी ने वीडियो कॉल को जॉइन कर लिया।
वह देख रही थी कि कैसे मैं अपने लंड की मुठ मार रहा हूं और जैनब तेजी से अपनी चूत को रगड़े जा रही है।

रूमी- आआ, तुम दोनों तो बड़े नॉटी हो, मेरा इंतजार कर रहे थे क्या?

उसने मुस्कराते हुए अपने टैंक टॉप के स्ट्रैप कंधों पर से हटा दिए।
उसके चूचे नंगे हो गए।
वह अपने निप्पलों को मसलने लगी।

अब जैनब भी उसकी तरफ घूम गई और अपनी चूत का पूरा नजारा उसे दिखाने लगी।
उसने चूत में उंगली दे डाली और गहराई तक चोदने लगी।

उसकी चूत कैमरा में चमक उठी थी और रूमी को यह नजारा बहुत पसंद आ रहा था।
अब रूमी बेड पर पीछे की ओर झुक कर लेट गई और अपने शॉर्ट्स भी उतार दिए।

उसकी चूत भी गीली थी।

उसने भी अपनी चूत में उंगली डाल ली और दोनों एक दूसरे को देखते हुए चूतें चोदने लगीं।
दोनों के ही मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं।

मैंने मुठ मारना रोक दिया और पीछे से जैनब के पास पहुंच गया।
उसने मेरी गर्दन पकड़ ली और गहरी सांस ली।

इतने में ही मेरी पैंट नीचे गिर चुकी थी।

मुझे नंगा देखते ही उसकी टांगें खुल गईं और वो इंतजार करने लगी कि कब मैं उसकी चूत में लंड डालूं।
लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया।
मैं उसकी टांगों के बीच में झुक गया। मैं लार से सनी अपनी जीभ से उसकी गांड के छेद को चाटने लगा।

वो हैरानी में पड़ गई और उसने कैमरा में देखते हुए एक कामुक सिसकारी ली।

मैं जैसे उसकी सनड्रेस के अंदर ही घुस गया था क्योंकि उसने ड्रेस को मेरे मुंह पर ही डाल दिया था।

जैनब- ओह्ह माय गॉड, रूमी!! वह ड्रेस के अंदर जाकर मेरी गांड चाट रहा है! फक! बहुत नॉटी है ये!

रूमी जोर से अपनी चूत रगड़ते हुए- फक! ओह याह! चाटो उसकी गांड बेबी! बहुत हॉट है, मैं तो झड़ने वाली हूं!

मैंने अब जैनब की गांड को चाटना बंद कर दिया।
वह हैरानी से मेरी तरफ देखने लगी … जैसे वो निराश हो गई हो।

वो चूत में उंगली अभी भी चला रही थी।
रूमी भी अपनी दो उंगलियों को गीली चूत के होंठों पर फिराती हुई कैमरा में ही देख रही थी।

अब उसे इंतजार था कि मेरा अगला कदम क्या होगा।

मैं उठा और मैंने जैनब की ड्रेस ऊपर चढ़ा दी जिससे उसके रस में सने झांट भी मुझे दिखने लगे।

मैंने उसकी टांगें ऊपर करवा कर डेस्क पर रखवा दीं।
उसकी आह्ह निकल गई।

वो लगातार अपने बदन पर हाथ फिरा रही थी।
रूमी भी कैमरा में सामने आहें भर रही थी।

मैं- रूमी, घूम जाओ, और इस चूत में कुछ डाल लो। इसे रिसने दो!
हॉट ऑफिस गर्ल जैनब- ओह फक, और फिर?
रूमी- हां बताओ हमें!

वह घूम गई और गांड को हवा में उठा लिया और डिल्डो लेकर उसके गांड और चूत के आसपास फिराने लगी.

मैंने जैनब को अब उसके चूतड़ों से पकड़ लिया, उसकी टांगें खोल दीं।
तब मैंने लंड पकड़ा और उस हॉट ऑफिस गर्ल की चूत में पेल दिया।

मैंने उसको चोदना शुरू किया तो उसने डेस्क को पकड़ लिया और चुदास के चस्के में अपनी गंदी ड्रेस के किनारे को ही दांतों से काटने लगी।
चुदाई के धक्कों से उसके बाल बिखरने लगे।

चुदती हुई वो भी अब बहुत ज्यादा हॉर्नी लग रही थी।
उसने रूमी की तरफ देखा।

उधर रूमी भी मुझे एचआर की चुदाई करते देख उतनी ही स्पीड से डिल्डो से अपनी चुदाई करने लगी।
मैंने जैनब को घुमाया ताकि वो मुझे किस कर सके।

वह मेरी जीभ को चूसने लगी।
मैं उसे तेजी से चोद रहा था।

धक्कों के कारण केबिन के ग्लास पैनल भी हिलने लगे।
और उनके हिलने के साथ ही जैनब भी कराहने लगी।
उसकी आंखें ऊपर चढ़ने लगी थीं और वह अपने होंठ काट रही थी।

जैनब आनंद में उछलते हुए- ओह फक … रूमी देख रही हो … देखो ये … ओह फक!
रूमी रंडियों की तरह सिसकारते हुए- अम्म याह! ऐसे ही चोदो इसे!

अब मैं छूटने की कगार पर पहुंच रहा था।
उन दोनों की सिसकारियों मुझे पागल बना रही थीं।

फिर मुझे एक नॉटी आइडिया आया।
मैंने लंड में कड़ापन महसूस किया और मैं समझ गया था कि मैं छूटने वाला हूं।

उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और अंदर तक घुसा लिया।
लेकिन मैं लंड को ठोक कर रुक गया।

उसने गुस्से भरी चुदास से मेरी तरफ देखा। उसने डेस्क को पकड़ा और मेरे लंड पर अपनी गांड की जैसे चक्की चलाने लगी।
मैंने फिर से लंड देकर रोक दिया।
वह सिसकारने लगी और मेरा लंड बाहर निकाल दिया।

वो मेरा लंड देखते हुए अपनी चूत सहला रही थी और मैं अपने लंड को हाथ से हिला रहा था।
मैंने जल्द ही सारा माल जैनब की ड्रेस पर छोड़ दिया।

जैनब ने अपनी गन्दी हो चुकी ड्रेस को देखा।

माल उसके बदन को भी भिगो चुका था।
फिर उसने सारा माल चाट लिया और मेरे गाल पर हल्का तमाचा लगा दिया जैसे प्यार भरा गुस्सा दिखा रही हो क्योंकि मैंने उसकी ड्रेस खराब कर दी थी।

एचआर- तुम बहुत नॉटी हो।
मैं- तो अब क्या करोगी तुम?

उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे धीरे धीरे सहलाने लगी।

उधर रूमी भी धीरे धीरे अपनी चूत को सहला रही थी और हमारी तरफ देखते हुए मुस्करा रही थी।
रूमी- तुम दोनों हमेशा ही कुछ न कुछ ऐसा मजा करते रहते हो। मेरा इंतजार अब दूसरा क्लाइंट कर रहा है तो मुझे जाना होगा।

हमने रूमी को बाय बोल दिया।

जैनब- हमें उसे कुछ घंटे बाद फिर बुलाना चाहिए!
वह मेरे कानों में फुसफुसाई- जब यहां से हर कोई जा चुका होगा।
मैं- तो क्या तुम पूरा दिन इस सनी हुई ड्रेस में घूमोगी?

जैनब ने बदन से ड्रेस पूरी तरह हटा दी और मेरे ऊपर फेंक दी।
मैंने उसे दीवार से सटा दिया और ग्लास पैनल के सहारे लगाकर उसे चोदने लगा।
अबकी बार मेरा माल उसकी चूत में छूट गया।

उसने मेरी तरफ देखा और मुस्करा दी।
फिर वो एक तरफ गई और कुछ टिश्यू ले आई, साथ में एक नई सनड्रेस भी।
मेरे पास आकर उसने मुझे किस किया और फिर ड्रेस पहन ली।

जैनब- मैं पहले से ही तैयारी करके आई थी। मुझे अंदेशा था कि तुम अपना माल मेरी ड्रेस पर भी गिरा सकते हो।
मैं- मैं तो बार-बार तुम्हारे अंदर ही अपना माल निकालना चाहता हूं जान!

हॉट ऑफिस गर्ल जैनब मुझे चूमते हुए- थोड़े घंटे इंतजार करो, फिर मेरी गांड में भी गिरा लेना।

मुझे इस वर्चुअल थ्रीसम में बहुत मजा आ रहा था।
मस्त राइड थी यह मेरे लिए!

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