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स्वैपिंग सेक्स स्टोरी हाय फ्रेंड्स मेरा नाम मालविका हैं मेरी उम्र 27 साल फिगर 36-34-38 हैं और मेरे बूब्स और गांड बड़ी और बहुत सेक्सी हैं। मेरे पति बड़े पद पर नौकरी करते हैं। वो सुबह 9 बजे आफिस चले जाते हैं शाम को 6 बजे वापस घर आते हैं। शनिवार और संडे उनके छुट्टी होती हैं। हम दिल्ली में रहते हैं। मेरे हसबैंड का नाम विजय हैं और उनकी उम्र 28 साल हैं वो अच्छी हैल्थ के हैं और मुझे बहुत प्यार करते हैं। हम लगभग रोज चुदाई करते हैं। मैं सुबह सुबह मार्निंग वॉक पर जाती हूं। मैं हमेशा टाइट ड्रेस पहनती हूं। मेरे घर के पास ही मेरी फ्रेंड ऐश्वर्या अपने हसबैंड के साथ रहती हैं। उसकी उम्र 31 साल व फिगर 34-34-40 का हैं। ऐश्वर्या भी मेरे साथ मार्निंग वॉक पर चलती हैं। हम जब मार्निंग वॉक एक्सरसाइज करते हैं तो वहां पर सभी लोग अक्सर हमें घूरते हैं। वो हमारे बूब्स और गांड को देखते हैं। मैं और मेरे हसबैंड विजय रात में साथ में पोर्न देखते हैं और सेक्स स्टोरीज भी पढ़ते हैं। मेरे हसबैंड को स्वैपिंग पोर्न और सेक्स स्टोरी अच्छी लगती हैं तो वो उसे मेरे साथ ही देखते हैं। एक बार हम पोर्न देख रहे थे तो मेरे हसबैंड ने कहा मालविका तुम्हें दूसरे बड़े लंड से सेक्स की इच्छा नहीं होती तो मैंने कहा नहीं वो बोले मुझे तो बहुत होती है कि मैं दूसरी चुस्त की चुदाई करु। मैंने कहा तुम चोद दो मुझे नहीं है इच्छा वो बोले मैं दूसरी को चोदूंगा तो तुम्हारे लिए भी दूसरा लंड ढूंढ कर लाऊ तो मैं बोली ठीक हैं। मैं भी दूसरे लंड का स्वाद चख लूंगी। एक बार मेरे घर ऐश्वर्या आई हुई थी और वो किसी काम से मेरे बैडरुम में गई हुई थी तभी मेरे हसबैंड आए और मुझे हाल में ही किस करने लगे मैंने उस समय नाइटी पहनी हुई थी उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मुझे किस करने लगे वो मेरी चुप में भी अंगुली करने लगे तभी ऐश्वर्या बाहर आ गई और हमें इस हालत में देखकर वापस अंदर चली गई। मेरे हसबैंड ने भी मुझे छोड़ा और मैंने अपनी नाइटी ठीक की। मैंने कहा इतनी क्या जल्दी हैं। रात होने का इंतजार नहीं कर सकते थे। हसबैंड ने कहा तुम बहुत सेक्सी लग रही थी। कुछ देर बाद ऐश्वर्या मेरे पास आई और बोली कि तुम तो दिन में चुदवा लेती हो। मैंने कहा यार ये दिन में भी नहीं छोड़ते चोद देते हैं। फिर वो अपने घर चली गई। उस दिन रात में हसबैंड ने मुझे दो बार चोदा। मैंने हसबैंड से कहा कि ऐश्वर्या देख लेती तो वो बोले तो क्या वो भी तो अपने हसबैंड के साथ करती हैं। मैंने कहा फिर भी ध्यान रखा करो। हसबैंड बोले किसका ऐश्वर्या का तो मैंने कहा हां तो हसबैंड बोले क्या ध्यान रखू कि वो मुझसे कब चुदवाएंगी। मैंने कहा ये ज्यादा नहीं हो रहा तो वो बोले ज्यादा तो आप करवा रहे हो। फिर एक दिन ऐश्वर्या ने मुझसे बातें करते समय पूछा कि तुम रोज कितनी बार चुदवातीं हो तो मैंने कहा एक दो बार। मैंने कहा तुम काछनी बार चुदवा लेती हो तो वो बोली यार हसबैंड सप्ताह में एक दो दिन घर रहते हैं तभी चुदाई होती हैं। एक बार मेरे हसबैंड मुझे दिन में चोद रहे थे तभी ऐश्वर्या ने हमारे फ्लैट की बेल बजाई मैंने गेट नहीं खोला क्योंकि उस समय मेरू हसबैंड मुझे डागी स्टाइल में चोदा रहे थे। ऐश्वर्या ने मुझे फोन किया तो मैंने चुदाई रोककर फोन अटैंड किया तो वो बोली यार कब से बेल बजा रही हूं गेट क्यों नहीं खोल रही तो मैंने कहा अभी खोलती हूं फिर मैंने लोअर टी-शर्ट पहने और गेट खोलने गई। मेरे बाल बिखरे हुए थे और मेरे चेहरे पर किस के निशान थे मेरा चेहरा चुदाई से लाल था। वो घर के अंदर आई। मेरे हसबैंड बैडरुम में बैंड पर ही थे वो पूरे नंगे थे। ऐश्वर्या को मुझसे कुछ सामान लेना था वो बैडरुम की अलमारी में था तो वो मेरे साथ अंदर आ गई। बैडरुम में हसबैंड बैंड पर रजाई ओढ़कर लेटे हुए थे और उनके कपड़े और अडरवियर पास में पड़ा था। ऐश्वर्या ने ये देख लिया और देखकर मुस्कुराने लगी और बोली क्या विजय दिन में भी मेरी फ्रेंड को नहीं छोड़ते हो तो हसबैंड बोले कि दिन में ज्यादा मजा आता है आप भी कभी दिन में करो। ऐश्वर्या बोली हम तो सप्ताह में एक दो बार रात में भी मुश्किल से कर पाते हैं तो मेरे हसबैंड बोले कि मालविका तो लक्की है उसे तो रोज रात में दो तीन बार मिलता हैं। मैंने कहा क्या विजय आप भी सब कुछ बता देते हो। ऐश्वर्या बोली क्या हुआ मालविका वी आर क्लोज फ्रेंड्स और फ्रेंड्स में ये सब चलता हैं। अगले दिन ऐश्वर्या ने पूछा कि तुम्हारे हसबैंड का लंड कितना बड़ा है तो मैंने कहा उनका नौ इंच लंबा और साढ़े तीन इंच मोटा हैं वो बोली तुम्हें तो बहुत मज़ा आ जाता होगा। मैंने कहा हां मुझे बहुत मजा आता हैं। मैंने ऐश्वर्या से कहा तुम कोई ब्याव फ्रेंड क्यों नही बना लेती जो तुम्हें चुदाई करके खुश रख सके वो बोली यार मेरे घर पर कैसे किसी को बुला सकती हैं जोइंट फैमिली हैं। होटल में भी डर लगता हैं तो मैंने कहा तुम मेरे घर बुला लो। तो ऐश्वर्या बोली कि उसके कालेज टाइम का एक फ्रेंड है वो दिल्ली में ही नौकरी करता है उसे मैं बुला लूंगी मैंने कहा ठीक हैं। रात में मैंने हसबैंड को कहा कि मैंने ऐश्वर्या को उसके फ्रेंड से अपने घर में चुदवाने की बात कही है तो विजय बोले कोई बात नहीं पर तुम मत चुदवाना उससे मैं बोली मुझे भी अच्छा लगा तो मैं भी चुदवा लूंगी। हसबैंड बोले फिर मुझे भी ऐश्वर्या की चुदाई करनी पड़ेगी मैंने कहा ठीक हैं। कुछ दिन बाद ऐश्वर्या का फ्रेंड हमारे फ्लैट पर आया और दिन में ऐश्वर्या के साथ चुदाई करके दो तीन घंटे में चला गया। उसका फ्रेंड बहुत अच्छी कद काठी का था उसका नाम श्रीधरन था और उसकी उम्र 45 साल थी। वो मुझे भी घूरकर देखा रहा था। रात में मैंने हसबैंड को बताया कि आज ऐश्वर्या का फ्रेंड उसे चोदने आया था तो वो बोले अच्छा तुमने तो नहीं चुदवाया तो मैं बोली नहीं फिर मैंने हसबैंड को सारी बात बताई। हसबैंड बोले कि मुझे भी ऐश्वर्या को चोदने की इच्छा हो रही हैं। मैं बोली तुम्हारे लिए भी उसकी चुप मिल जाएगी। एक बार ऐश्वर्या की पुरी फैमिली किसी फंक्शन में दिल्ली से बाहर गई थी वो घर पर अकेली थी तो मैंने उसे मेरे घर बुला लिया। उस दिन उसका फ्रेंड श्रीधरन उसे चोदने आया तो उसने ऐश्वर्या को कहा कि वो मुझे भी चोदना चाहता हैं। तो ऐश्वर्या मेरे से बोली कि मालविका तुम बुरा ना मानो तो एक बात बोलूं मैंने कहा बताओ वो बोली कि श्रीधरन तुम्हें चोदना चाहता है और वो इसके लिए कुछ भी देने को तैयार हैं। मैंने मना कर दिया तो ऐश्वर्या ने उसे बता दिया। उसने ऐश्वर्या को वापस कहा तो ऐश्वर्या मेरे पास आई और बोली कि उसने ये लिफाफा तुम्हें देने को कहा है वो सिर्फ एक बार तुम्हें चोदना चाहता हैं। मैंने लिफाफा खोला उसमें 5 लाख रुपये थे। ऐश्वर्या के ज्यादा कहने पर मैं मान गई। ऐश्वर्या ने कहा कि अभी बैडरुम में चलो। मैं उसके साथ बैडरुम में गई। श्रीधरन बैंड पर नंगा बैठा था उसका लंड 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था। उसने मुझे अपने पास बुलाया और अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया और ऐश्वर्या को किस करने लगा। फिर उसने मेरी नाइटी उतार दी और मुझे ब्रा पेंटी उतार कर नंगा कर दिया। फिर उसने अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया मैं उसका लंड चुसने लगी। ऐश्वर्या मेरी चुस्त चाट रही थी और मेरी चुत में अंगुली कर रही थी इस कारण मैं गर्म हो गई। मेरी चुत ने पानी छोड़ दिया। फिर श्रीधरन ने मुझे बैंड पर लिटा दिया और मिशनरी पोज में चोदने लगा। कुछ देर बाद उसने अपना स्पर्म मेरी चुत पर गिरा दिया और मेरे पास लेट गया। ऐश्वर्या उसका लंड मुंह में लेकर चुस रही थी इस कारण उसका लंड खड़ा हो गया। श्रीधरन मेरी चुत चाटने लगा और बूब्स दबाने लगा वो मेरे बूब्स मुंह में लेकर चुस रहा था। फिर उसने मुझे डागी स्टाइल में किया और मुझे चोदने लगा। ऐश्वर्या मेरे सामने बैड पर टांगें फैलाकर लेट गई मैं उसकी चुत चाटने लगी और उसके बूब्स भी दबा रही थी फिर श्रीधरन ने अपना लंड मेरी चुत से निकाल कर बैड पर लेट गया और ऐश्वर्या उसके लंड पर बैठकर चुदवाने लगी। मैं ऐश्वर्या के बूब्स दबा रही थी और किस कर रही थी। फिर श्रीधरन ने ऐश्वर्या की चुत में स्पर्म गिरा दिया। फिर हम नंगे ही बैठकर बातें करने लगे। ऐश्वर्या किचन में गई और हमारे लिए काफी बनाकर लाई। हम काफी पीछे हुए बातें कर रहे थे। कुछ देर में श्रीधरन का लंड खड़ा हो गया वो बोला कि मैं मालविका की गांड मारुंगा तो मैंने कहा ठीक हैं। फिर ऐश्वर्या ने मुझे कहा तुम लेट जाओ फिर मैं लेट गई और ऐश्वर्या मेरी गांड में क्रीम लगाने लगी वो अंगुली भी अंदर बाहर कर रही थी। फिर श्रीधरन ने अपना लंड मेरी गांड में धीरे धीरे डाला और चोदने लगा मैं मेरे सामने लेटी ऐश्वर्या की चुत में डिल्डो से चुदाई करने लगी। फिर 10 मिनट बाद श्रीधरन ने मेरी गांड के ऊपर स्पर्म गिरा दिया और फिर कुछ देर बाद वो चला गया। ऐश्वर्या ने कहा तुम्हें मजा तो आया मैंने कहा हां यार बहुत मज़ा आया हैं। उस रात मैंने हसबैंड को चुदाई नहीं करने दी। अगले दिन शाम को जब मेरे हसबैंड विजय आफिस से आए तो उन्होंने कहा कि मालविका आज तुम्हें अभी चोदना हैं तो मैं बोली कि रात होने दो फिर तुम्हें दो चुत मिलेगी। वो बोले दूसरी कौन है मैंने कहा कि ऐश्वर्या। वो बोले तुमने कैसे मनाया तो मैं बोली मैंने मना लिया। फिर मैंने ऐश्वर्या को कहा कि आज तुम्हें विजय से चुदवाना हो तो रात में आ जाना वो बोली ठीक हैं। रात में डिनर के बाद हम 10 बजे सोने चले गए। मैंने बैडरुम का गेट अंदर से बंद नहीं किया था। कमरे में रंगीन लाइट चला दी जिसकी हल्की रोशनी पुरे कमरे में थी। हसबैंड मेरे पास आए और मुझे किस करने लगे। फिर उन्होंने मेरी नाइटी उतार दी और अपने लोअर टी-शर्ट भी उतार दिए। वो खड़े खड़े मुझे किस कर रहे थे मेरी गांड और बूब्स दबा रहे थे। फिर उन्होंने मुझे नंगा कर दिया और खुद भी नंगे हो गए। हम 69 की पोजीशन में एक दूसरे के लंड और चुत चाट रहे थे। कुछ देर बाद हसबैंड ने मुझे बैड पर डागी स्टाइल में चोदना शुरु कर दिया वो मेरी गांड पर मार रहे थे और तेजी से मुझे चोद रहे थे फिर वो मेरे बूब्स दबाने लगे और मेरी गांड पर तेज तेज मारने लगे। मैं - धीरे करो दर्द हो रहा हैं। विजय- मेरी रण्डी आज तेरी चुत की गर्मी निकाल कर रहूंगा। मैं- आहहहहह उफफफफफ आहहहहह ओओओओओ विजय- आज तेरी चुत को भोसड़ा बनाकर रहूंगा। वो मेरी चुत बहुत तेज धक्के लगाकर चोद रहे थे फिर उन्होंने मेरी चुत में स्पर्म गिरा दिया। विजय मेरे पास लेट गए। मैंने देखा कि ऐश्वर्या गेट खुला होने से छुपकर हमें देख रही हैं मैंने कहा ऐश्वर्या अंदर आ जाओ तुम भी चुदवा लो तो वो बोली तुम्हें कैसे पता चला तो मैंने कहा मुझे पता है तुम हमें आधे घंटे से चोदते देख रही हो। फिर वो अंदर आ गई। मैंने उसके कपड़े उतार कर उसे नंगा कर दिया। मैंने कहा कि तुम विजय का लंड मुंह में लो वो विजय का लंड मुंह में लेकर चुसने लगी मैं विजय को किस कर रही थी। फिर विजय ने ऐश्वर्या को खड़ा कर दिया और उसके बूब्स चुसने लगे। फिर उन्होंने आगे से ऐश्वर्या की चुत में अपना लंड डाला और चोदने लगे। 5 मिनट इस पोज़ में चुदाई के बाद उन्होंने ऐश्वर्या को अपने लंड पर बैठाया और स्टैंडिंग पोजीशन में चोदने लगे इस तरह 10 मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने ऐश्वर्या के मुंह पर अपना स्पर्म गिरा दिया। फिर हम तीनों बैंड पर लेट गए और एक दूसरे को किस करने लगे और चुत लंड को सहलाने लगे। फिर हसबैंड बोले कि ऐश्वर्या आपकी गांड बहुत सेक्सी हैं मैं बोली तो आज चोद लो। फिर हसबैंड ने ऐश्वर्या की गांड में क्रीम लगाई और अपने लंड पर क्रीम लगाकर उसकी गांड में डाल दिया। ऐश्वर्या को थोड़ा दर्द हो रहा था। थोड़ी देर में उसे भी बहुत मज़ा आने लगा वो अपनी गांड मरवाते हुए मेरी चुत चाटते हुए उसमें डिल्डो डालकर चुदाई कर रही थी। 15 मिनट बाद विजय ने ऐश्वर्या की गांड के उपर अपना स्पर्म गिरा दिया। फिर हम तीनों बैंड पर नंगे ही सो गए। उस दिन हम तीनों ने बहुत एंजोय किया। anubabita1@hotmail.com
Antarvasna

हाय पाठको !आपका शुक्रिया कि आपने मेरी कहानी को इतना पसंद किया Antarvasna कि मुझे दूसरी कहानी बताने का हौसला मिला। तो शुरु करता हूं और अपने एक नये अनुभव को आप के सामने पेश करता हूं।

बात उन दिनो कि है जब मैं सर्दी के दिनों में धूप सेंक रहा था, मेरे पड़ोस की कुछ लड़कियां भी हमारे घर की छत पे धूप सेंकने आती थीं क्योंकि हमारे घर की छत पे धूप बहुत अच्छी लगती थी। मेरा एक दोस्त, जिसका नाम बोक्सर भाई था, की बहन भी धूप सेंकने हमारी छत पे ही आती थी। उसका नाम बोबी था। गज़ब की सेक्स बोम्ब थी वो। उसकी मस्त गांड को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता था। उसको चोदने का बहुत मन तो था लेकिन बोक्सर से डर की वज़ह से कभी हिम्मत नहीं हो पायी थी। मेरी और उसकी बहुत अच्छी दोस्ती थी लेकिन शायद बोक्सर भाई को हमारी ये दोस्ती पसंद नहीं थी। वो टाइम टाइम पे मुझे धमकी देता था कि मैं उसकी बहन से किसी तरह की दोस्ती न रखूं, लेकिन आप तो जानते हैं कि लंड की प्यास के आगे हर कोई बेबस है।

उस दिन मोम डोक्टर के पास गयी हुयी थी। मैं घर पे ब्लु मूवी देख रहा था। मुझे पता भी नहीं चला कि कब बोबी मेरे पीछे आ के खड़ी हो गयी। वो मूवी देखने लगी। अचानक उसके हाथ से कुछ टकराया, मैने मुड़कर देखा तो बोबी मेरे सामने थी। मैने पहले तो टीवी ओफ़ किया, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करुं।
अचानक बोबी ने कहा-तुम तो बहुत गंदे हो, मैंने कहा नहीं बस टाइम पास कर रहा था। उसने कहा बोक्सर भैया ठीक कहते हैं कि तुमसे कोई वास्ता ना रखुं, मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम ऐसी मूवीज़ भी देखते होगे। मैंने कहा-मूवी तो तुमने भी देखी है।तो उसका जवाब था-मेरी हिम्मत ही नहीं हुई कुछ कहने की

अब मेरी हिम्मत कुछ बढ़ने लगी थी, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा प्लीज़ मोम या डैड से इस बारे में कुछ नहीं कहना जबकि मैं भी जानता था कि वो कुछ कहने वाली नहीं है। मैंने देखा कि उसने अपना हाथ छुड़ाने की ज़रा भी कोशिश नहीं की। मेरा हौसला और भी बढ़ गया। मैंने उसके हाथ को धीरे धीरे दबाना शुरु किया और उसे अपनी बाहों में भर लिया। शायद फ़िल्म देख के वो भी गरम हो चुकी थी। उसने कोई विरोध नहीं किया। मैंने उसके होठों को हल्का सा चूम लिया और कहा प्लीज़ मोम से मत कहना, उसने जवाब नहीं दिया। मैंने उसकी चूची को चूम लिया और कहा-मोम से मत कहना प्लीज़, उसने कोई जवाब नहीं दिया। वो मस्त हो चुकी थी।

मैंने धीरे धीरे अपना हाथ उसकी कमीज़ में डाल दिया और उसके मोम्मे दबाने लगा। मैंने अब मोर्चा सम्भालना शुरु कर दिया था, मैंने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और उसकी कमीज़ और ब्रा को अलग कर दिया शायद वो मज़ा ले रही थी अब उसकी चूचियां मेरे सामने थी, मैने उसकी चूचियों को अपने मुँह मे डाल लिया। वो तड़प उठी, नहीं नितिन ये ठीक नहीं है, मैंने उसके होठों पे अपने होठों को रखते हुये कहा जब मज़ा आये तो सब ठीक हो रहा है, उसने कहा अगर बोक्सर भाई को पता लग गया तो?
मैंने कहा उसने कौन सा तुझे चोदना है जो उसे पता लग पायेगा। हम इस बात को राज़ ही रखेंगे।

और मैंने टाइम ना वेस्ट करते हुये उसकी शलवार को भी अलग कर दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पैंटी में थी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि बोक्सर की सेक्सी बहन को आज मैं चोदने जा रहा हूं। मैंने उसकी चूचियां चूसते हुये उस की पैंटी को भी उस से अलग कर दिया। मैंने उसे ६९ पोजिशन में लिया और उसकी चूत को चाटने लगा, वो मेरे लंड को चूस रही थी।

वाह क्या आनंद के लम्हे थे वो? वो १५ मिनट में झड़ गयी लेकिन मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी बिना बालों की चूत को उंगली से सहलाना शुरु किया।

अब वो दोबारा जोश में आ रही थी। मैंने उसकी टांगों को ऊपर उठाया और अपना 7″ का लंड उसकी चूत में डाल दिया वो चीख उठी। मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ४ -५ धक्के लगाने के बाद जब लंड पूरी तरह अन्दर घुस गया और उसे भी मज़ा आने लगा तब मैंने हाथ हटा दिया। अब उसके मुंह से आआह ऊऊउह फ़क मी की आवाज़ निकल रही थी। अब हम जोश में थे।

डू इट फ़ास्ट, डू इट फ़ास्ट, फ़क मी, फ़क मी, फ़क मी की आवाज़ से कमरा गूंज रहा था। मैंने २० मिनट तक उसको चोदा। हम दोनो खुश थे। उसके बाद वो कहने लगी-तुमने अपना लंड तो टेस्ट ही नहीं करवाया। तो मैंने कहा उसमें क्या बड़ी बात है और फ़िर मेरा लंड उसके मुँह में था। एक बार फ़िर वो मेरा लंड चूस कर मज़ा ले रही थी।

सच बताउं तो दोस्तो जितना मज़ा बोक्सर भाई की बहन को चोद कर आया उतना मज़ा ज़िंदगी में कभी भी नहीं आया। गज़ब का नशा है उसकी चूत में। उस दिन के बाद मैंने कई बार बोक्सर की बहन को चोदा। और बोक्सर आज भी इस बात से बेखबर है।

तो चोदो चुदाओ और लाइफ़ को खुश हाल बनाओ। Antarvasna

विशिंग यू ए लोट हेप्पी लाइफ़ & हेप्पी फ़किंग।

प्रेषक : पवन कुमार Hindi Porn Stories

मेरा नाम राहुल है! मैं सुशीला नाम की एक लड़की को Hindi Porn Stories बहुत ही पसंद करता था! हम दोनों ऑरकुट पर मिले थे! उसने मुझे अपनी फोटो दिखाई थी! फोटो में उसके मोटे चूचे देखकर मुझसे रहा नहीं गया! मैं उससे एक बार मिलना चाहता था! उसके चूचे दबाना चाहता था! उसकी चूत मारना चाहता था! मैंने उसे किसी तरह मिलने के लिए राज़ी कर लिया! उसने मुझसे दिल्ली में मिलने का वादा किया! मैं उसे पुराने किले लेकर गया पर वहां बस किस ही कर पाया! मैं ख़ुद को रोक नहीं पा रहा था! वो थी ही इतनी सेक्सी कि किसी का भी देखते ही झड़ जाए!

एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था सब शादी में गए हुए थे तब मैंने उसे बुला लिया! वो अपने घर से ट्यूशन के बहाने आ गई! मैं उस वक्त पढ़ाई कर रहा था कि उसने पीछे से आकर मेरी आँखे बंद कर लीं! उसके मोटे चूचे जब मेरी पीठ में लगने लगे तो मैं समझ गया कि सुशीला है ! मैंने उसका नाम लिया और उसने मुझे छोड़ दिया! यही मौका था मैंने उसे कस कर पकड़ लिया ! वो शरमा गई और मुस्कुराई!

मैंने जैसे ही अपने होंठ उसके होंठ से लगाये वो छटपटा उठी! उस वक्त कमरे में हमारे अलावा कोई नहीं था! वो पूरी जान लगा कर अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी! मैं डर गया पर मैंने उसे छोड़ा नहीं! वो छटपटा रही थी और मैं उसे किस करता जा रहा था! उसके होंठ बहुत मुलायम थे और मुझे उसे किस करना बहुत अच्छा लग रहा था!

इस बीच उसके चूचे कुछ सख्त हो गए थे! पर मैंने उसे तब भी नहीं छोड़ा! कम से कम दो मिनट तक मैंने उसे किस किया फ़िर कुछ ऐसा मुंह बनाकर छोड़ दिया जैसे मैं उससे नाराज़ हूँ! मैं वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गया!

कुछ देर वो कुछ नहीं बोली फ़िर धीरे से मेरे पास आई और कहा कि तुम तो नाराज़ हो गए! मैंने उसकी तरफ़ से मुंह फेर लिया! वो मेरे दूसरे तरफ़ आ कर बैठी और एकदम से मुझे किस करना शुरू कर दिया!
मेरे पूरे शरीर मैं आग सी लग गई! मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया! मैं भी उसके होठों पर जीभ फेरकर उसे किस कर रहा था! पाँच मिनट तक ऐसे ही वो मुझे मैं उसे किस करता रहा! फ़िर एकाएक मेरा हाथ उसकी जाँघों के बीच चला गया! उसने हड़बड़ा कर मुझे छोड़ दिया और मैंने उसे कस कर पकड़ लिया!

वो सफ़ेद रंग की जींस और काली टॉप पहन कर आई थी! मैंने उसका टॉप उतारने की कोशिश की पर उसे देखकर कुछ ऐसा लग रहा था कि वो ये सब करना तो चाहती है पर बहाने कर रही है!
मैंने जल्दी जल्दी उसका टॉप उतारा और फ़िर एक पल के लिए ब्रा के अन्दर झाँकने की कोशिश कि! वो शरमाकर मेरी तरफ़ पीठ कर के खड़ी हो गई मैंने पीछे से उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिए!

फ़िर जैसे ही मैंने पीछे से उसके नरम और गरम चूचों को हाथ लगाया मेरे पूरे बदन मैं आग लग गई! मैंने जोर जोर उसके चूचों को भींचना शुरू किया तो वो सिसकियाँ लेने लगी मुझे लगा उसे दर्द हो रहा है! इसलिए मैंने भींचना धीमा कर दिया! मेरे हाथ धीमे होते देख उसने मेरा हाथो को पकड़ लिया और अपने चूचे दबवाने लगी! मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और ऊपर से उसके चूचों को दबाने लगा! वो और जोर से सिसकियाँ लेने लगी, मैंने और जोर से दबाना शुरू किया!

फ़िर उसने ख़ुद ही जींस उतार दी! मैंने भी अपने कपड़े उतारने शुरू किया ! कपड़े उतारते समय मैं उसकी गुलाबी रंग की चड्डी को देख रहा था !
उसने मुझसे कहा “क्या बात है इरादे तो नेक है जनाब के ?”
मैंने कहा ” इरादे तो नेक हैं पर कमी एक है ”
उसने ह्ड़बड़ाकर पूछा “क्या ?”
मैंने कहा कि “ये गुलाबी कपड़ा हमारे इरादों के बीच आ रहा है इसे हटा दो तो इरादे नेक ही हैं ”

इतना कहकर मैंने उसकी गुलाबी चड्डी खींच ली! वो साँस रोके पड़ी रही बिस्तर पर! मेरे शरीर पर बनियान और अंडरवियर ही रह गया था!

मैंने अंडरवियर नीचे को सरकाया ही था कि उसने अपनी आँखें बंद कर लीं! मैंने कहा मज़ाक कर रहा हूँ यार लो नहीं उतारी अंडरवियर, हालाँकि मैं अंडरवियर उतार चुका था!

उसने धीरे से आँखें खोली और देखते ही बोली धत !
और फ़िर शरमाने का नाटक करने लगी!
मैंने जैसे ही लंड उसकी चूत पर सटाया उसने एक लम्बी सिसकी ली! फ़िर मैंने धीरे से लंड को अन्दर करना शुरू किया वो साँस रोककर पड़ी हुई थी! उसकी चूत काफ़ी गठीली थी वो पहली बार चुदवा रही थी! शुरू मैं तो मेरा लंड आधा भी अन्दर नहीं जा पाया!

मैंने अपने एक दोस्त को लंड पर थूक लगा कर चूत मारते देखा था! मैंने थोड़ा सा थूक लगाया और जैसे ही अन्दर किया उसके मुंहसे सिसकी निकली इस बार लंड आधा अन्दर था! मैंने थोड़ा सा बाहर निकल कर फ़िर अन्दर किया उसने फ़िर सिसकी दी! मुझे मज़ा आने लगा और मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा! उसकी सिसकी तेज़ होने लगी तो मैंने भी लंड अन्दर बाहर करना तेज़ कर दिया उसकी चूत को फैलते और सिकुड़ते देख मुझे मज़ा आ रहा था!

कुछ देर बाद उसकी चूत से खून निकलना शुरू हो गया और वो चीखने लगी! ये शायद उसके कँवारेपन की निशानी थी! मेरा झड़ने वाला था और मेरे झटके तेज़ हो गए थे उसने मुझे कसकर पकड़ लिया मैंने और तेज़ झटके देने शुरू कर दिए वो और तेज़ चीखने वाली थी कि मैंने उसका मुंह दबा लिया और उसी वक्त मेरा झड़ गया!

पर जब मैंने देखा कि अब उसे मज़ा आ रहा है मैं और तेज़ तेज़ झटके देने लगा शायद उसकी चूत भी रस छोड़ने वाली थी! कुछ देर बाद उसने मुझे धक्का देकर अलग कर दिया ठीक २ सेकंड बाद ही उसकी चूत से कुछ चिपचिपा सा रस निकला!

उसके बाद मैं बाथरूम चला गया अपना लंड साफ़ किया जब वापस आया तो वो कपड़े पहन चुकी थी! मुझे लगा शायद वो अब मुझसे बात न करे लेकिन उसने मेरे पास आकर मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया और जब वो हटी तो सिर्फ़ इतना कहा “आई लव यू राहुल” मैं उसे देखता ही रहा और वो वहां से चली गई!

वो लम्हा मेरी ज़िन्दगी का यादगार लम्हा था! वैसे अब भी हम मिलते हैं ! मज़े करते हैं ! पर वो लम्हा भुलाये नहीं भूलता Hindi Porn Stories

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हाय ! गर्ल्स ! भाभी ! आंटी ! यंग लडिस ! कॉलेज गर्ल्स !! दोस्तों आज मैं आपको अपनी सच्ची Hindi sex stories बताने जा रहा हूँ. मैं यशवन्त अक्सर इन्टरनेट पर चाटिंग करता रहता हूँ. मैंने कई फ्रिएंड्स बनाये पर एक बार मेरे एक फ्रेंड बना जो की मेरे हे शहर का था. वो फ्रेंड एक २३ साल की शादीशुदा लेडी थी वो मुझसे बातें करने में इन्टरेस्टिड थी. हम काफ़ी टाइम तक एक दूसरे के फ्रेंड बने रहे.

फिर एक दिन उसने मुझे मिलने के लिए कहा. मैं मिलने के लिए तैयार हो गया. उस दिन बहुत तेज़ बारिश हो रही थी.
मैं उनके घर पहुँचा और बेल बजाई तो मैंने देखा के सामने एक सेक्सी फीगर की लड़की खड़ी उसने ब्लैक कलर की शोर्ट नाईटी पहन रखी थी जिसमे से उसकी व्हाइट कलर की ब्रा साफ़ दिख रही थी उसके बूब्स तो ऐसे लग रहे थे जैसे अभी ब्रा फाड़ के बाहर निकल जायेंगे.
मैंने अपना नाम बताया और अन्दर आ गया. मैं तेज़ बारिश के कारण बिल्कुल भीग चुका था. मेरे अंडरवियर मैं भी पानी चला गया था. मैं पहली बार किसी अजनबी लेडी के घर गया था इसलिए थोड़ा घबरा रहा था.

फ़िर उन्होंने मुझे चेंज करने के लिए कहा. मैं उनके पति के कपड़े पहन लिए. फिर हम दोनों ने काफ़ी बातें की. उसने बताया के उनके पति एक मल्टी नेशनल कम्पनी में काम करते हैं. जिस की वजह से काफ़ी दिनों तक बाहर ही रहते हैं. पर मेरा ध्यान तो उनकी जाँघों के बीच था जिसमे से उनकी ब्लैक कलर की पैंटी दिख रही थी उन्होंने मुझे देख कर कहा ये क्या देख रहे हो तुम में एक दम से डर गया.
मैंने कहा- कुछ नही.
उसने मुझे बड़े प्यार से कहा- नौटी बॉय.
ऐसा सुनते ही मेरी हिम्मत बढ गयी. मैंने उसे कह दिया मैडम आपका फिगर बहुत सेक्सी है. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा तो इसकी प्यास बुझा दो न मेरे पति पर तो टाइम नहीं है.

मैंने इतना सुनते ही उसके बूब्स पर हाथ रख दिया. हाथ रखते ही मेरा ८ इंच का लंड खड़ा हो गया. उसने मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगी. में एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था और दूसरा हाथ मैंने उसकी पैंटी में डाल दिया. उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी. मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और ख़ुद भी नंगा हो गया.

मैंने पागलों की तरह उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया. उसकी चूत गीली हो गयी थी. मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. क्या रसीली चूत थी वो. मुझे ऐसा लगा जैसे जन्नत में आ गया हूँ.

फिर में खड़ा हो गया और उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया. वो मेरे लंड को जोर जोर से चूसने लग गयी. मैं अब पूरे जोश मैं आ गया. मैंने उसे बेड पर लिटा लिया और उसकी चूत मैं लंड डालने की कोशिश करने लगा उसकी चूत अभी भी बहुत टाईट थी पहली बार ज़ोर लगाने पर उसकी चीख निकल पड़ी- आआअ आआअ आऐइ ईईईइ ऐईईइऊ ऊऊऊईइ ईईईई माआ आआआ.

मैंने दूसरी बार फिर ज़ोर लगाया जैसे ही मेरा आधा लंड उसकी चूत मैं गया वो जोर से चीख पड़ी फिर धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी और उसे भी मजा आने लगा.
मैं उसे ४० मिनट तक अलग अलग पोसिशन में चोदता रहा जब मेरे डिस्चार्ज होने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और सारा माल उसके मुंह पर निकाल दिया. वो मेरे लंड को चूस चूस कर सारा माल पी गयी.

Hindi sex stories पर सॉरी दोस्तों में आपको उसका नाम नहीं बता सकता क्योंकि उसने मुझे इस बात को छुपाने के लिए कहा था!

प्रेषिका : मोनिशा Antarvasna Stories

अजय अपनी गर्ल फ़्रेन्ड Antarvasna Stories को साथ लेकर चोदने के लिये गेस्ट हाऊस पहुँचा, अपने कमरे की चाबी लेकर जाने के लिये सीढ़ियाँ चढ़ ही रहा था कि सामने से आते युगल पर उसकी नजर पड़ी। सामने उसके दोस्त की बहन राधिका किसी अजनबी के साथ बाहर आ रही थी। अजय की समझ में आ चुका था कि राधिका चुदवा कर आ रही है। अजय को देख कर राधिका का चेहरा फ़क हो गया। मगर अजय जैसे कुछ भी ना देखने का अभिनय करते हुये अपनी गर्ल फ़्रेन्ड को ले कर कमरे में आ गया। वे दोनों लगभग दो घण्टे तक चुदाई करके होटल से बाहर निकले।

अजय लखनऊ से दिल्ली आ कर नौकरी कर रहा था। राधिका भी दिल्ली में किसी सोफ़्ट्वेयर कम्पनी में काम कर रही थी। दिल्ली में उन्होंने एक दूसरे को पहली बार देखा था, जबकि अजय का लखनऊ में राधिका के घर आना जाना था। राधिका का भाई अजय का दोस्त था।

अजय और उसकी गर्ल फ़्रेन्ड जब होटल से निकले तो उसने देखा कि राधिका रिक्शा स्टेण्ड के पास खड़ी उसी को देख रही थी। अजय ने राधिका को देखा और मुस्करा दिया।
राधिका भी मुस्करा दी और बोली,”मुझे तुमसे बात करनी है… प्लीज इधर आओ !”
“ओह, क्यों नहीं, बताओ कि तुम कैसी हो और दिल्ली में कहाँ रहती हो?”
“एक सहेली के साथ एक फ़्लेट किराये पर लिया है… ”
“चलो, कहीं कॉफ़ी पीते हैं, वहीं बातें करेंगे।”
दोनों एक कॉफ़ी हाऊस में पहुँच गये।

अजय बताने लगा,”मै भी तुम्हारी तरह एक दोस्त के साथ किराये पर मधुवन सोसाइटी में एक फ़्लैट में रहता हूँ, यहाँ से दो किलोमीटर दूर है।”
“और वो लड़की … ?”
“उह्ह्ह, वो तो मेरी एक दोस्त है, घर पर मेहमान आये हुये थे तो हम दोनों यहाँ आ गये। देखो किसी को घर में बताना मत !”
राधिका ने अजय की आँखों में झांका, उसे कुछ अपनापन सा लगा।
“अजय मैं तुम्हारा अहसान मानूंगी, प्लीज मेरी भी कोई बात घर में किसी को मत बताना, बोलो ना, मानोगे मेरी बात?”

“अरे राधिका, मै कोई तुम्हारा दुशमन थोड़े ही हूँ, अगर मेरी वजह से तुम पर कोई आंच आये तो लानत है मुझ पर, मैं भी चोर, तू भी चोर !”
“थैन्क्स अजय, तुमने मेरे दिल का बोझ उतार दिया !”

बातों बातों में राधिका थोड़ा खुलने लगी थी। वो भी अभी चुद कर आई थी, सो अजय ने सोचा कि ये तो पट सकती है। वैसे भी राधिका को घर में उसकी भारी और चौड़ी गाण्ड देख कर उसका लण्ड जोर मारने लगता था। उसे लग रहा था कि उसे चोदना अब और आसान है और राधिका भी जान चुकी थी कि वो रंगे हाथ पकड़ी गई है। उसे लगा कि अब फ़ासला अधिक नहीं है।
“हम दोनों यहाँ पहली बार मिले मिले हैं, चलो आज मैं तुम्हें खाना खिलाऊंगा, घर पर तो तुमने कई बार खिलाया है।”
“पर कहाँ चलें… ?” राधिका थोड़ा सा हिचकचाई।
“होटल में तो मजा नहीं आयेगा, खाना लेकर फ़्लैट पर चलें, अच्छा रहेगा ना … फिर किसी की नजर में भी नहीं आयेंगे !”

“तुम्हारा दोस्त क्या कहेगा… ?” वो भी कुछ कुछ आश्वस्त हो चुकी थी।
“वो तो अपने जीजू और बहन के साथ चार दिन के लिये अब तक तो जा चुका होगा।”
“तो चलो, मैं अपनी सहेली को फोन कर देती हूँ कि मुझे आज देर हो जायेगी।”
“हाँ ये भी कह देना कि आज रात ना भी आ पाऊँ तो चिन्ता मत करना।”

राधिका ने मुझे तिरछी नजरों से देखा और मुस्करा दी। अजय भी यह देख कर मुस्करा दिया। दोनों ने एक दूसरे के दिल की बात समझ ली थी।

अजय सामने के होटल में जाकर दो तन्दूरी चिकन और कुछ चपातियाँ ले आया, रास्ते से उसने एक व्हिस्की की बोतल भी ली और फिर दोनों घर पहुंच गये।
अजय ने खाने का सामान राधिका को दे दिया और कहा,”मै अभी स्नान करके आ रहा हूँ… तब तक तुम खाना लगाओ।”
“हाँ पहले तुम नहा लो, फिर मैं भी पानी डाल लूंगी। कितनी गर्मी है ! है ना?”

“अरे तो फिर क्या बात है… आ जाओ, साथ ही नहा लेते हैं… तुम अपना मुख उधर कर लेना और मैं दूसरी तरफ़ कर लूँगा।”
“धत्त … तुम देख लोगे !” उसकी तिरछी नजर कह रही थी कि नहीं देखोगे तो मैं बुरा मान जान जाऊँगी।
“तुम्हारी कसम, नहीं देखूँगा !” उसने भी जैसे आँख मार कर बता दिया था कि एक बार कपड़े तो उतारो…
“तो ठीक है चलो… ! ” उसने अपने कपड़े उतार दिये और ब्रा और पेन्टी में आ गई।

अजय ने भी कपड़े उतार लिये और मात्र छोटे से अंडरवियर में आ गया। राधिका ने एक नजर अजय के लण्ड पर डाली। उसे देख कर उसे वो बहुत बड़ा लगा। अजय भी राधिका के मस्त उभारों को देखने लगा था। उसका हाल तो राधिका की जवानी देख कर ही खराब हो गया था।

“ना… ना… कोई जरूरत नहीं है मुँह उधर करने की… !” राधिका की नजर अब भी उसके मोटे फ़ूले हुये लण्ड पर थी। अजय ने उसका मतलब भांप लिया और उसे एक झटके में फ़व्वारे के नीचे ले लिया। दोनों भीगने लगे थे, पर उनके दिलों में आग भड़कने लगी थी। अजय ने राधिका के गीले बदन को अपनी बाहों में ले लिया और उसे सहलाने लगा। इसी बीच राधिका की ब्रा का एक भाग कंधे से उतर गया और उसका एक स्तन बाहर निकल पड़ा। जोश में अजय ने उसके स्तन भींच दिये। जवाब में बस राधिका के मुख से एक सिसकारी निकल पड़ी।

अजय का भारी लण्ड तन कर सीधा खड़ा हो गया। राधिका ने भी तड़प कर उसे खींच कर अंडरवियर से उसे बाहर निकाल लिया। उसे तो वो एनाकोन्डा जैसा मोटा लगा,”अजय, यह तो ! हाय राम ! कितना मोटा है ! बिल्कुल एनाकोन्डा की तरह !”

“बस तुम्हारा ही है, इसे एक बिल चाहिये समाने के लिये !”
“चलो फिर कोशिश करते हैं इसे बिल में समाने की !” राधिका मचलते हुये बोली।

दोनों ही हंस पड़े। वे दोनों नहा कर बाहर आ गये और वैसे ही आधे नंगे से गीले ही बैठ गये। अजय ने व्हिस्की के दो पेग बनाया और पी गये। कुछ ही देर में दोनों में दारू की तरावट आने लगी।
“राधिका, वहाँ होटल में तुम चुदाने गई थी ना?”
“जब मालूम है तो पूछते क्यों हो… जब प्यास लगे तो बुझानी तो पड़ती है ना !”
“उस मादरचोद को तो मजा आ गया होगा, भेन का लौड़ाऽऽ मेरी राधिका को चोद गया !”
“धत्त, ऐसे क्या कहते हो, चूत को चुदानी ही पड़ती है ना … तू भी चोद ले … ”
“वो तो भोसड़ी की, चुदेगी ही, मेरा लण्ड देख कितना जोर मार रहा है !”

“जरा पास ना , हाय तेरे एनाकोन्डा को मै अपनी चूत में छुपा लूँ… तू भी कितना चिकना है… साले के चिकने गालों को काट खाऊँऽऽ … ”
“तेरी मां की भोंसड़ी, आ बैठ जा मेरे एनाकोण्डा पर… ”

अजय का मन राधिका के चूतड़ों पर आ चुका था, दूसरा पेग पीते हुये उसकी पिछाड़ी को उसने दबा दिया। उसकी पसन्द की थी उसकी मोटी गाण्ड ! उसे खींच कर उसके चूतड़ों पर अजय ने अपने दांत गड़ा दिये। राधिका भी अपने चूतड़ों को बार बार दांत से कटवा कर मस्ती से मचल रही थी।

“हाय राधिका, तेरी गाण्ड ने तो मेरा जीना दुश्वार कर दिया था, आज मिली है, कसम से पूरी तबीयत से मारूँगा, गाण्ड मरवाओगी ना मेरी जान?”

राधिका अपनी गाण्ड मटकाते हुए बोली,”आह्ह्ह, नेकी और पूछ पूछ ! मारो मेरे चोदू बालमा, तुम्हें कसम है जानू ! मेरी चूत को अपने दोस्त की नहीं, दुश्मन की चूत समझ कर चोदना !”

“सोच लो रानी ! फिर मुकर मत जाना?” अजय अपने एमाकोन्डा जैसे लण्ड को हाथ में लेकर गरूर से बोला।

“मुकर भी जाऊँ तो भी तुम मुझ पर रहम मत करना, एक राण्ड की तरह फ़ोड़ना मुझे !” राधिका इठलाती हुई बोली।

“हाय मेरी रण्डी यह हुई बात, चल झुक जा भेन की लौड़ी, तेरी गाण्ड में मेरा लण्ड घुसे तो चैन आए !” यह कहते हुये राधिका को फ़र्श पर खड़ा करके बेड पर पर उसे झुकाते हुये लण्ड को गाण्ड के छेद पर प्यार से टिकाया।
“अब तक कितने लण्ड पिलवाये हैं गाण्ड में मेरी रानी?”
“हाय राम , अब क्या कहूँ मैं, जिससे भी चुदवाती हूँ, हर एक ने मेरी को बजाये बिना नहीं छोड़ा… ”

“मैं भी नहीं छोड़ने वाला रण्डी, मां की भोसड़ी… ” कहते हुये अजय ने जो करारा थाप मारा कि पूरा लण्ड बिना थूक या तेल के गाण्ड में चाकू की तरह धंस गया।
आह्ह्ह्ह की चीख के साथ राधिका उछल कर बेड पर जा गिरी,”हाय मार डाला साले, भेन चोद, मेरी जान ही निकाल दी… ”
“मेरी रानी, इतना मस्त शॉट मारा था, इतनी दमदार गाण्ड ले कर किसी कमसिन की तरह चीखती हो।”

राधिका अपनी गाण्ड सहलाते हुये बोली,”सुनो मिस्टर, मैंने तुम्हें अपनी गाण्ड चोदने को कहा था, गाण्ड की मां चोदने को नहीं कहा था ! साले हरामजादे तुम तो मेरी गाण्ड को फ़ाड़ डालने पर आमदा हो?”
“कमाल करती हो रानी, तुम्हारी गाण्ड बिल्कुल नहीं फ़टेगी, पूरा चिकन तन्दूरी खा गई और मेरे लौड़े से घबरा गई?”
“मुर्गा तो मैंने, भोसड़ी के, मुँह से खाया था, गाण्ड से नहीं, समझे?”
“अब खा लिया है तो निकलेगा तो गाण्ड ही से ना, मेरी रण्डी !”
“लगता है मेरी गाण्ड को फ़ाड़ कर ही मुर्गा निकालोगे, क्यों है ना?”

“ओह्ह्ह हो, डार्लिंग अब कायदे से मारूंगा !” कह कर वो तेल की शीशी उठा लाया और अपने लण्ड पर और राधिका की गाण्ड में उसे अच्छी तरह से लगा दिया।

फिर लण्ड के लाल सुपारे को छिद्र पर सेट कर फिर से हौले धक्का मारा। लण्ड राधिका की गाण्ड में ऐसे उतर गया जैसे मक्खन पर में छुरी घुसती है, दूसरे शॉट में पूरा लण्ड उसकी गाण्ड में फ़ंस गया। राधिका के चूतड़ों पर सने तेल के कारण लण्ड हर एक थाप पर चप-छपक की आवाज कर रहा था। दोनों हाथों से उसके स्तनों को तेल से मसलते हुये अजय गाण्ड का पूरा मजा ले रहा था,”कैसी हो मेरी रण्डी … गाण्ड चुदने का मजा आ रहा है ना?”
“मार दे रे हारामजादे, फ़ाड़ डाल इन चूतड़ों कोऽऽ ! बजा दे गाण्ड का बाजाऽऽ आ ऽऽ ह !”

राधिका की आंखों में दोगुना नशा था, एक तो अजय की पिलाई हुई व्हिस्की का, और दूसरा उसकी गाण्ड में फ़ंसे हुये एनाकोन्डा का… !
राधिका बिस्तर के सामने लगे आईने में देख कर रण्डी नम्बर एक जैसे भाव दिखा रही थी।

“हाय और मारो राजा, मेरे चोदू छैला, जोर से मारो मेरी गाण्ड, हाय रे तेरा मस्त लौड़ा, मैं तो हारामजादे रण्डी बन गई, हाय अजय मुझे गालियाँ दे ! भेनचोद, रण्डी, चुदैल, छिनाल बुला मुझे साले ! तेरी मां की चूत !”
अजय भी जोर जोर से मस्त करारे थाप मार रहा था।
“ले खा भोसड़ी की, मेरा लौड़ा खा जा, साली कुतिया तुझे तो एक दिन अपने रूममेट के साथ मिल कर चोदूंगा, भेन की लौड़ी, तुझे तो तेरी माँ के सामने चोद चोद कर तेरी चूत का भोंसड़ा बना दूँगा, तेरी मां दी फ़ुद्दी… हाय क्या गाण्ड है तेरी तो साली, तुझे तो कॉल गर्ल होना चाहिये था छिनाल !”

राधिका भी बेशरमाई पर उतर आई थी। शराब का नशा, तिस पर चुदाई, वो तो बेहयाई पर आ चुकी थी,”गाण्डू, साले मुझे मेरी मां के सामने चोदेगा तो मम्मी भी नंगी हो कर तेरे नीचे लेट जायेगी, तेरे लण्ड को देख कर वो भी रण्डी बन कर तेरा लौड़ा खायेगी, मादरचोद साले चोद मुझे पटक पटक कर, रन्डी बना कर चोद सजना, आज हलाल कर दे मुझे, जैसे कसाई बकरे को हलाल करता है, तड़पने दे मुझे, तेरी तो भेन की चूत ! तेरी बहन चुदवा दूंगी तेरे लौड़े से !”

अजय इस प्रकार की बातों से मदहोश हो रहा था, उसकी रफ़्तार बढ़ गई। राधिका उसके नीचे मछली की भांति तड़प रही थी। वो राधिका के चूतड़ों से चिपट कर उसकी गाण्ड तबीयत से मार रहा था, लण्ड पेल रहा था। इतनी तन्दरुस्त और सुंदर भारी गाण्ड पर रहम करना उसकी बेवकूफ़ी ही होती।

राधिका भी उसे ऐसा कोई मौका नहीं दे रही थी कि वो उसकी गाण्ड को चोदना छोड़ दे। हर बात पर वो तो नहले पर दहला मार कर अपनी त्रिया चरित्र की मां चोद रही थी।

अचानक अजय ने राधिका के दोनों हाथ पकड़ कर पीछे खींच लिये और उसके ही दुपट्टे से ही बांध दिया और बोला,”देख मेरी राधिका, मेरी रण्डी, मेरी छिनाल, तुझे अब मैं कैसे हलाल करके चोदता हूँ, मेरी जान, मेरी दोस्त मुझे माफ़ कर देना !”

राधिका आंखे नचा कर और चूतड़ों को मटका कर बोली,”मेरे भैया की तरफ़ से मैं तुझे माफ़ करती हूँ। मेरे सरताज़, बस अब लगा दो पूरा जोर, मुझे कुतिया बना कर चोद दो और कुत्ते की तरह लण्ड गाण्ड में फ़ंसा दो, बरबाद कर दो मुझे, रण्डी से भी गई गुजरी कर दो हाय रे, मेरे चोदू रण्डवे, ऐसा चोदना कि गाण्ड और चूत में कोई फ़रक करना मुश्किल हो जाये !”

उसके बालों को पकड़ कर अजय ने अपनी ओर खींच लिया, और इस बार का शॉट करारा था। राधिका को लगा कि जैसे अजय के एनाकोन्डा ने उसकी गाड फ़ाड़ कर रख दी है। उसके मुख से एक चीख निकल पड़ी, उसे लगा कि कोई आग का गोला गाण्ड की गहराई को भी फ़ोड़ता हुआ भीतर सुलग उठा हो। उसकी चीख को नजर-अन्दाज करते हुए उसका दूसरा भरपूर शॉट फिर से लगा।

वो तड़प उठी,”भोसड़ी के, मार डालेगा क्या … साला लौड़ा है कि लोहे का गरम रॉड … धीरे कर हरामी… मेरी मां चोद दी इस लण्ड ने तो !”

“चुप रह, कुतिया, अरे लण्ड लेना है तो लपक लपक कर ले, साली ऐसे चीख रही है कि जैसे तेरी माँ को चोद रहा हूँ !”

अब अजय ने अपना मोटा लण्ड को खुला छोड़ दिया और उसकी गाण्ड पर पूरे जोर से पटकने लगा। कुछ ही देर में वो फिर से मस्त हो उठी और उसकी चूत लपलपाने लगी।

“बहुत हो गया मादरचोद … मेरी चूत तेरा बाप चोदेगा क्या ?”

“ओह हाँ ! थोड़ा बहुत माल चूत के लिये भी तो बचाना पड़ेगा ना… चल अब सीधी हो जा !”

“नहीं, बहुत चोद लिया तूने ! अब मेरी बारी है … चल मेरे नीचे हो कर चुद अब तू !”

राधिका ने अजय को अपने नीचे दबा लिया,”मादरचोद मेरी गाण्ड का तो तूने हलवा बना दिया, अब देख साले ! तैयार हो जा… मेरी चूत में कितना दम है तू ही देख ले !”

राधिका उसकी टांगों के बीच बैठ गई। उसका हाथी की सूण्ड जैसा लण्ड उसने हिलाया। लाल सुपारा पूरे उफ़ान पर था, उस पर रह रह कर वीर्य की बूंदें उभर आती थी। यह देख कर वो मुस्कराई। उसने लण्ड जोर से अपनी चूत के द्वार पर थपथपाया और मुठ में भर कर उसे अपने योनि-द्वार में फ़ंसा लिया।

“तेरी मां की चूत, हो जा तैयार… देख तेरे लण्ड का कमाल मेरी चूत में… !” और उसने उसे चूत में घुसेड़ लिया। उसे एक झटके से भीतर उतार लिया और सिसक उठी। लण्ड के भीतर गहराई में फ़ंसने के बाद राधिका ने बदला लेने की गरज से कहा,”ओ मेरी भेन के लौड़े, तैयार है चुदने के लिये… ?”

“ओह्ह्हो, बड़ा दम मार रही हो, मेरे एनाकोन्डा के सामने सब फ़ेल हो जाते हैं !”
“देखूँ तो सही… फिर लण्ड पकड़ कर हाय हाय मत करना ? !!”
और राधिका ने अपनी कला दर्शा दी। उसने अपनी चूत जोर से भींच ली।
“मजा आ रहा है ना मेरे सजना ? इस कड़क चूत का… !”
“आह, कैसी मीठी मीठी सी चुदाई है !”

भींची हुई चूत उसने ऊपर खींची। अजय चीख पड़ा… “अरे लण्ड की चमड़ी फ़ट जायेगी… तेरी माँ की बहन को चोदूँ, भोसड़ी की… आह !”
राधिका ने अपनी भिंची चूत से अन्दर एक धक्का मारा। वो फिर से कराह उठा।
“अरे मेरी मां, ठीक से चोद ना !”
“मेरी कैसी फ़ाड़ी थी … कुछ याद आया… ?”

राधिका को भी अन्दर चोट पहुंच रही थी, पर अजय को सबक तो सिखाना था ना ! उसने उसी अन्दाज में तीन चार धक्के लगाये, अजय निढाल सा हो गया।
“बस मेरे राजा… अब मजा लो !” राधिका ने भी अपनी जिद छोड़ दी। उसे भी तो मजा लेना था ना !

और राधिका ने मस्ती की फ़ुहार छोड़ दी और भचाभच उसके लण्ड पर चूत मारने लगी। अजय बहुत अधिक नहीं सह पाया और उसका वीर्य छूटने को हो गया।

तभी राधिका का रज निकल पड़ा… वो उससे लिपट कर अपना रज निकालने लगी… पर उसने होश नहीं खोये। उसने तुरन्त अजय का लण्ड चूत में से निकाल लिया और धीरे धीरे मुठ मारने लगी। उसके सुपारे पर उसने अपने अधर खोल कर रख दिये।

अजय ने वीर्य छोड़ने से पहले एक हुंकार सी भरी और तीर की भांति उसकी पहली धार राधिका के हलक तक पहुंच गई। उसने लल्दी जल्दी लण्ड को मसला और बाकी का ढेर सारा वीर्य अपने मुख में चूस लिया। अजय झड़ कर निढाल पड़ा था। दारू का नशा भी उस पर पूरा था। राधिका भी थक कर पास में लेट गई। कुछ ही देर में व्हिस्की ने अपना असर दिखा दिया और दोनों गहरी नींद में सो गये।

कमरे में मात्र खर्राटों की आवाजे आ रही थी। जहाँ जहाँ वीर्य के कतरे पड़े थे वो वहीं सूख गये थे। जब उठे तो शाम ढल चुकी थी। दोनों ने फिर से स्नान किया और एक एक करके व्हिस्की के कई जाम दोनों ने पी लिये और बचा हुआ तन्दूरी मुर्गा साफ़ कर गये। व्हिस्की का नशा उन दोनों पर एक बार और चढ़ गया … और फिर कुछ ही पलों में कमरे में सिसकारियाँ गूंज उठी। Antarvasna Stories

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