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Massage Girl in Gopalganj: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Gopalganj who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Gopalganj that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Gopalganj massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Gopalganj who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Gopalganj massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Gopalganj massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Gopalganj who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Gopalganj employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Gopalganj helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Gopalganj

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Gopalganj at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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सेक्स टेस्ट चेंज कहानी में पढ़ें कि जब पति पत्नी एक दूसरे के साथ सेक्स करके बोर होने लगे तो उन्होंने अपने यौन जीवन में नवीनता लाने के लिए क्या किया?

मेरा नाम संजना है. मेरी उम्र 25 साल की है. मैं शादीशुदा हूँ.

मेरे पति 30 साल के हैं.

मैं बहुत ही सुन्दर हूँ और मेरे पति भी बहुत आकर्षक दिखते हैं.

हम लोग मध्यम वर्गीय हैं … न ज़्यादा अमीर हैं और न ही गरीब हैं.
हमारी ज़िंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा था. मेरे पति भी बहुत अच्छे हैं.

हमारी शादी के 4 साल हो गए हैं.
हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुश भी रहते हैं. हम दोनों में कभी लड़ाई झगड़ा नहीं होता है.
मैं भी अपने पति से खुश रहती थी.

बहुत ही शर्मीली लड़की थी मैं … कोई मुझसे कुछ कह देता था तो मैं बुरा मान जाती थी और कोई मुझे टच करे तो मैं उससे लड़ जाती थी.
मेरे पति भी ऐसे ही हैं.

मुझे सेक्स करने में बहुत रूचि है क्योंकि ज़िंदगी में अगर सेक्स न हो तो हर किसी की लाइफ में उदासी छा जाती है.

यहीं से हमारी सेक्स टेस्ट चेंज कहानी शुरू हुई.

एक दिन को बात है, मैं और मेरे पति रात को खाना खाकर अपने कमरे में बात कर रहे थे.
बातों ही बातों में ‘वाइफ एक्सचेंज विद अदर पर्सन’ की बात होने लगी.

यह बात धीरे धीरे कुछ ज़्यादा ही बढ़ गई.
मैंने अपने पति से पूछा- ये लोग कैसे कर लेते हैं … अजीब लोग हैं?

तो पति ने कहा- जाने दो, हमें क्या करना है. हम लोग तो वैसे नहीं हैं न!
ऐसे ही कुछ दिन बीत गए.

हमारी जिंदगी में एक दो साल के बाद सेक्स धीरे धीरे कम हो गया.

अब कभी 10 दिन में एक बार सेक्स होने लगा था.
कभी 15 दिन में एक बार होता.
धीरे धीरे हमारे अन्दर भी सेक्स की भूख कम होती नज़र आने लगी थी.

ऐसे ही दिन बीत रहे थे.

एक दिन मैं अपनी एक सहेली शिखा से बात कर रही थी.

उसने पूछा- कैसी हो?
मैंने कहा- ठीक हूँ.

उसने आगे कहा- और मज़ा तो आ रहा है न जीजा के साथ!
मैंने कहा- हां, ठीक ही है.

इस पर शिखा ने कहा- क्यों … इतनी उदास होकर क्यों बोल रही हो?
मैंने कहा- पहले सेक्स में बहुत मज़ा आता था, पर पता नहीं क्यों … अब धीरे धीरे सब कम हो गया है.

शिखा ने कहा कि मैं एक राय दूँ?
मैंने कहा- हां बोल न!

उसने कहा- अगर तुम दोनों में किसी वजह से सेक्स कम हो गया है, तब तो कोई बात नहीं. वैसे एक तरीका है. यदि बुरा न मानो तो बताऊं?
मैंने कहा- मैं किसी बात का बुरा नहीं मानूँगी, तू बता.

मेरी सहेली ने कहा- एक बार एक रात के लिए हज़्बेंड चेंज करके देख लो, हो सकता है पहली बार दूसरे मर्द के साथ तुम्हारे अन्दर वह जोश फिर से आ जाए और सेक्स में तुम्हारी रुचि बढ़ जाए. क्योंकि ऐसा होता है जब एक ही मर्द के साथ रोज रोज सब होता है. तो बस वही जैसे रोज मगर दूसरा मर्द जब एक दिन के लिए आता है न, तो न जाने किस हिसाब से करता है और अपने सेक्स लाइफ में एक दिन में ही भरपूर मज़ा देता है. वह एक ही रात के लिए आएगा तो तुम्हारे लिए भी अलग होगा. उसके लिए भी अलग होगा. इसलिए एक बार करके देख लो. शायद जिंदगी में बात बदल जाए.

मैंने कहा- नहीं यार, इसमें किसी को पता चल गया तो गड़बड़ हो जाएगी!
शिखा बोली- किसी को पता नहीं चलता यार, क्योंकि जब तुम किसी को बताओगी नहीं, तो दूसरा जानेगा कैसे?

मैंने कहा- अच्छा और यह सब कैसे होगा?
सहेली ने कहा- तेरा मतलब कि ऐसे इंसानों का जोड़ा कहां मिलेगा?

मैंने पूछा- हां … और यह भी बता कि क्या तूने ऐसा किया है?
उसने कहा- हां, एक साल पहले हुआ था. वे दोनों पुणे के एक कपल थे. हम लोग नेट से जुड़े, फिर बात बन गई. इसी बहाने हम दोनों एक नए शहर में भी घूमे और एक रात के लिए एंजाय भी किया. सही बोलूं तो उस दिन सेक्स का भरपूर मज़ा आया था.

मैंने कहा- पर मैं यह नहीं कर पाऊंगी … मेरे उनको बुरा लगा तो?
शिखा बोली- हां पहले तुम अपने अपने पति को इस बात के लिए राज़ी करो. अगर वे राज़ी हो जाएं तो मुझे बताना.

मैंने कहा- कैसे बात करूँ?
वह बोली- तुम अपने पति से ज़्यादातर वाइफ स्वैपिंग की बात करना. जब बात करोगी … तो एक न एक दिन उनके मन में भी ऐसा महसूस होगा कि क्यों न एक बार स्वैपिंग करके देखी जाए.

कुछ देर इसी मुद्दे पर चर्चा के बाद फोन कट हो गया.

अब मैं अपने काम में जुट गई.

दो चार दिन बीत गए.
मैं हिम्मत करके भी उनसे बात नहीं कर पा रही थी.

फिर एक दिन वह जब ऑफिस के सिलसिले से 15 दिन के लिए दूसरे शहर गए.

वे 4 दिन बाद मुझे वहां के माहौल के बारे में बताने लगे कि ये शहर ऐसा है. यहां पर ऐसा होता तो सब कुछ है, पर किसी को कोई खबर भी नहीं होती.

मैंने पूछा- कौन सी बात?
उन्होंने वाइफ स्वैपिंग की बात कही.

मैंने जानबूझ कर थोड़ा सा नाटक किया- इस तरह की बातें क्यों कर रहे हैं आप?
इस पर उन्होंने बात बंद कर दी.

मगर मेरे मन में आया कि बात जब कर रहे थे तो अच्छा लग रहा था.
पर बात को वापस कैसे शुरू की जाए.

दो दिन बाद मैंने ही यही बात पुन: उनसे शुरू की.

‘एक बात बताइए, ये जो वाइफ स्वैपिंग होती है, इसे कैसे करते हैं? किसी को पता नहीं चलता क्या?’
उन्होंने कहा- नहीं, कैसे पता चलेगा. उधर के हज़्बेंड और वाइफ और इधर के वाइफ हज़्बेंड किसी एक के घर पर ही सब करते हैं. वे दुनिया की नज़र में रिश्तेदार होते हैं, जो एक दिन के लिए आए और चले गए.

यह सुनकर मैंने कहा- कितना अजीब लगता होगा न!
उन्होंने कहा- अजीब तो तब लगेगा जब कोई जबरदस्ती करेगा. लेकिन इसमें सारा कुछ एक दूसरे की रजामंदी से होता है. अगर चारों की रज़ामंदी हो, तो कुछ भी गलत या अजीब नहीं … यह बस मस्ती वाला खेल हुआ और सब अपने अपने घर चले गए. कोई रोज रोज तो होता नहीं है!

मैंने कहा- इससे होता क्या है?
“कुछ खास नहीं … लेकिन लोगों के अन्दर सेक्स की भूख जो सुस्त हो गई होती है, वह फिर से ताज़ा हो जाती है.”

इतनी सब बातें करके उन्होंने फोन काट दिया और अपना काम पूरा करके घर वापस आए.

उस दिन मुझे काफी ज्यादा सेक्स की भूख थी तो रात में पति के साथ शरीर सहलाने के दौरान बातों बातों में उन्होंने मुझसे पूछा- क्या हुआ तुम बहुत उदास दिख रही हो?
मैंने कुछ नहीं कहा.

उनका सेक्स करने का मन भी नहीं हुआ था तो हम दोनों ने कुछ भी नहीं किया.
बस चुपचाप सो गए.

चार दिन ऐसे ही चलता रहा.

पांचवें दिन वे मुझसे कहने लगे कि हम लोगों में अब पहले जैसा सेक्स नहीं हो पाता है … ऐसा क्यों है?
मैं चुप रही.

उन्होंने ही फिर से कहा- पता नहीं मैं करता तो हूँ, पर मजा नहीं आता.
फिर मैंने कहा- जैसे लोग वाइफ स्वैपिंग करते हैं, उसमें तो मजा आता है. ऐसा क्यों?
उन्होंने कुछ बोला नहीं.

पर अगले दिन उन्होंने मुझसे कहा कि अगर तुम्हारा मन हो तो स्वैपिंग के लिए कोशिश की जा सकती है!
यह सुनकर मैं भी एक्सचेंज करने के लिए तैयार हो गई.

उन्होंने कहा- कौन करेगा, यह देखना पड़ेगा?
मैंने कहा- देखेंगे, आप किसी से बात करके देखिए. मैं भी कुछ कोशिश करती हूँ.

उन्होंने कहा- चलो ठीक है.
अब हम दोनों थोड़ा खुश हुए.

उनके चेहरे पर भी मस्त मुस्कान थी.
पति की आंखों में दूसरी चुत मिलने की खुशी साफ जाहिर हो रही थी.

अगले दिन मैंने शिखा से बात की.
उसने कहा- चलो ठीक है. अब अगर तुम चाहो तो हम दोनों ही एक दूसरे से एक्सचेंज कर सकते हैं. यह सब तुम्हारे घर पर या तुम चाहो तो हमारे घर पर किया जा सकता है!

मैंने कहा- ओके, मैं अपने पति से बात करके बताऊंगी. अगर वे मान गए तो मैं तुम्हें रात को मैसेज करूँगी.
शिखा ने कहा- ठीक है.

रात 11 बजे थे.
मैंने अपने पति से स्वैपिंग की बात को छेड़ा तो बात शुरू हो गई.

उन्हें मैंने बताया कि शिखा रेडी है.
वे भी बोले- ठीक है. पर वह लड़की दिखने में कैसी है?
मैंने कहा- बहुत सुन्दर है.

उन्होंने कहा- और उसका पति?
तो मैंने कहा- उसके पति को मैंने नहीं देखा है. हां उसका नंबर है, कहिए तो मैसेज करके पिक मंगवा लूं?
उन्होंने कहा- हां ठीक है, मंगवा लो!

मैंने शिखा को मैसेज किया कि अपने पति के साथ वाली अपनी पिक भेजो.
उसने झट से भेज दी.

उसका पति भी बहुत स्मार्ट दिख रहा था और शिखा तो हॉट थी ही.
मेरे पति को लड़की पसन्द आ गई और उधर मुझे भी उसका पति जँच गया.
मैंने हामी भर दी.

शिखा ने भी मुझसे हमारी जोड़ी वाली पिक माँगी.
मैंने भी भेज दी.

वे लोग भी राजी हो गए, डन कर दिया.

फिर एक दिन तय हुआ जब सेक्स टेस्ट चेंज करने का अनुभव लेना था.

हम सब हमारे घर पर ही उस तय तारीख को मिलने वाले थे.

उस दिन वे दोनों सुबह सुबह ही आ गए.

पहले पहल तो मेरा दिल घबरा रहा था.
पर एक खुशी भी मन में थी कि आज वह सब होगा जो मन चाहता है.

शाम हुई तो हम लोग बात करने के लिए तय प्रोग्राम के अनुसार अलग अलग कमरे में चले गए.

मेरे पति भी शिखा को अलग कमरे में लेकर चले गए.
मैं शिखा के पति के सामने थी और शर्मा रही थी; कुछ डर भी रही थी.

शिखा के पति ने कहा- लाइट ऑफ कर दीजिए.
मैंने लाइट ऑफ कर दी और बिस्तर पर बैठ गई.

थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ा तो मेरे शरीर में अजीब सी सिहरन हुई. ऐसा लगा जैसे आज न जाने कितना मज़ा आने वाला है.

तभी वे मुझे किस करने लगे.
मैं भी उनका साथ देने लगी.

फिर वे अपने कपड़े उतारने लगे और कुछ ही पलों में उन्होंने पूरे कपड़े उतार दिए.

उनका लंड एकदम मोटा और जबरदस्त मूसल जैसा था.
मैं देख कर हैरान रह गई.
सच में बहुत मोटा लंड था और लंबा भी काफी था.

धीरे धीरे सेक्स की शुरुआत हुई.

उन्होंने मुझसे लंड चूसने के लिए कहा.
मैंने उनका मान रखने के लिए सुपारा चाटा.
एक बार चाटने से अच्छा लगा तो लौड़े को मुँह में भर लिया और खूब चूसा.
उन्होंने भी मेरी चुत को चाटा.

फिर चुदाई शुरू हुई.

मेरी चुत उनके लंड से चुद कर निहाल हो गई.
उन्होंने भी मेरे दूध खूब चूसे और दूध चूसते हुए ही मेरी जबरदस्त ली.

एक बार में मेरा मन नहीं भरा था तो दूसरी बार की चुदाई मैं उनके लौड़े पर उछल उछल कर चुदी.

इस तरह से उन्होंने मुझे रात भर में 4 बार कई तरीकों से चोदा.
मुझे भी बहुत मज़ा आया.

सच में इतना मज़ा मुझे कभी नहीं आया था. यह बहुत प्यारा अहसास था.

फिर सुबह हुई.

मेरे पति भी बहुत खुश थे उन्होंने मुझसे पूछा- कैसा रहा?

मैंने भी खुश होकर कहा- बहुत अच्छा … और आपका?
उन्होंने कहा- मेरा भी.

तब से मैं बहुत खुश रहती हूँ और मेरे पति भी मुझसे खुल कर चुदाई करते हैं.
हम दोनों चुदाई में गैर मर्दों और स्त्रियों की खुल कर चर्चा करते हैं.
इस बात को दो साल हो गए हैं.

मेरे पति ने ऐसा एक बार और करने का कहा है कि स्वैपिंग करते हैं.
इस बार हम दोनों बाहर किसी अनजान शहर में करने का सोच रहे हैं.

देखते हैं कि कौन मिलता है, जिससे बात बन जाए.

सच कह रही हूँ कि इसमें बहुत आनन्द आता है.
बस एक रात के लिए किसी दूसरे का लेकर देखना … आह आई लव स्वैपिंग.

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मेरे दोस्त की शादी थी। उसकी Hindi Porn Stories शादी की सारी तैयारियाँ उसका मामा देख रहा था जो करीब ४० साल का था। दोस्त होने के नाते मैं बी काम में उसका हाथ बँटाने लगा, उसके मामा से मेरी अच्छी पटने लगी।

दोपहर के दो बजे मैं मामा के साथ तैयारियों में लगा था तभी मैंने देखा कि ३२ या ३३ साल की एक औरत लाल साड़ी में मामा के पास आई जो बहुत ही गज़ब की लग रही थी, सेक्सी फ़िगर थी, साड़ी में भी उसकी गाँड उभरी हुई थी, और उसकी चूचियाँ तो जैसे दो पपीते लटक रहें हों। उस औरत को देखकर मेरा लण्ड ज़ोर मारने लगा, जैसे कह रहा हो इसको तो चोदना ही है। मेरे हाथ अपने आप लण्ड को सहलाने लगे।

तभी मामा ने मुझे आवाज़ दी, मैं उनके पास गया, उन्होंने कहा, इनसे मिलो ये तुम्हारी संगीता मामी है। एक सेकण्ड को हमारी नज़रें एक-दूसरे से टकराईं फिर मामी ने मुझे ऊपर से नीचे तकत बड़े ग़ौर से देखा। तभी मामा ने कहा, तुम्हारी मामी को अभी बाज़ार जाना है और मैं अभी शादी की तैयारियों में व्यस्त हूँ, क्या तुम अपनी मामी के साथ बाज़ार जा सकते हो। मैंने मन ही मन कहा, लगता है किस्मत साथ है।

मामा ने अपनी बाईक की चाभी मुझे दे दी और मैं मामी के साथ बाज़ार को निकल गया। हम बातें करते जा रहे थे, मैं बाईक धीरे-धीरे चला रहा था। तभी मामी ने पूछा, “तुम कितने साल के हो?”

२४ साल का – मैंने बताया।

मामी बोलीं,”फिर बाईक इतनी धीरे क्यों चला रहे हो?”

“वो आप बैठीं हैं ना, और आपने मुझे पकड़ा भी नहीं है, इसलिए धीरे चला रहा हूँ।” मैंने कहा।

“अच्छा तुम बाईक तेज़ चलाओ, मैं तुम्हें पकड़ लेती हूँ।”

मैंने बाईक की स्पीड बढ़ा दी।

मैंने मामी से पूछा,”आपको बाज़ार में क्या लेना है?”

“लेना कुछ नहीं, मुझे तो ब्यूटी-पार्लर जाना है। वहाँ जाने से पहले क्यों ना एक-एक कप कॉफी हो जाए।”

मैंने मामी से कहा, “ठीक है।”

“चलो’ – मामी ने भी कहा।

मैंने बाईक इंडिया कॉफी हाउस की ओर मोड़ दी, हमने कोने की टेबल पर कब्ज़ा कर लिया और दो कप कॉफी का ऑर्डर दिया। मैं और मामी बातें करने लगे, बातें करते-करते मेरी एक टाँग मामी की टाँग से टकरा गई, मैंने टाँग अलग की और सॉरी कहा।

“कोई बात नहीं।” मामी ने कहा और धीरे-धीरे मुस्कुराने लगीं।

कॉफी पीते-पीते मामी और मेरी नज़रें एक-दूसरे से कई बार टकराईं और हम दोनों ही एक-दूसरे की आँखों में देखते रहे।

कॉफी पीकर हम पार्लर की ओर चल पड़े।

मामी का हाथ मेरी कमर पर था, अचानक मैंने ब्रेक लगा दिया, मामी के दोनों स्तन एक साथ ज़ोर से मेरी पीठ से टकराए, और उसकी गुदगुदाहट का मुझे भी अहसास हुआ, और मामी के मुँह से आह निकल गई साथ ही उनका हाथ फिसल कर मेरे लण्ड पर आ गया। मामी ने भी मेरे लण्ड को दबा दिया, मेरे मुँह से भी आह निकल गई।

“अब आया मज़ा?” मामी बोलीं।

“अगर आप चाहो, तो ये मज़ा और भी बढ़ सकता है।”

“कैसे?” मामी ने पूछा।

मैंने बाईक किनारे रोक दी और मामी से कहा कि मामा को मोबाईल पर फोन करके कहो कि शादी के मौसम के कारण सभी ब्यूटी-पार्लरों पर भारी भीड़ है और मुझे दो से तीन घंटे लग जाएँगे।

मामी ने वैसा ही किया।

मामा ने कहा- ठीक है, वैसे भी नन्द तुम्हारे साथ है तो फ्री होते ही आ जाना।

“अब क्या करना है?” मामी ने पूछा।

“अभी तीन बज रहे हैं, क्यों ना कोई फिल्म देखने चलें?”

“नहीं वहाँ ठीक नहीं रहेगा, क्यों ना किसी होटल में चलें।”

“यही ठीक होगा।”

और हम एक होटल की ओर चल पड़े।

हमने ३०० रुपये में एक कमरा ले लिया। कमरे में जाते ही मैंने कमरे को अन्दर से बन्द किया। मैं जैसे ही पलटा, मामी मेरे ऊपर एक भूखे जानवर की तरह टूट पड़ी, इस पर मैं भी मामी पर टूट पड़ा।

मेरे होंठ मामी के होंठों को चूम रहे थे, कभी मामी अपनी जीभ मेरी मुँह में डाल देती, तो कभी मैं अपनी जीभ उनके मुँह में।

चूमते-चूमते मैं मामी के दूधों को ऊपर से ही कस-कस कर दबाने लगा। मामी दर्द से कराहने लगी।

कम से कम पाँच-दस मिनट हम एक-दूसरे को चूमते रहे और मैं मामी के बड़े-बड़े दूधों को दबाता रहा। फिर मैंने मामी की लाल साड़ी को मामी के शरीर से अलग कर दिया और मामी की पेटीकोट का नाड़ा भी खींच मामी की ब्लाउज़ के हुक खोल कर उसे भी मामी के शरीर से अलग कर गिया। अब मामी सिर्फ पैन्टी और ब्रा में मेरे सामने पड़ी थी।

मामी की मस्त फिग़र जैसे तराशा हुआ ताजमहल हो। मामी ३६ डी आकार के लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी जो दो बड़े बड़े पपीतों को बड़ी मुश्किल से सम्हाल पा रहे थे। २९ इंच की कमर, उसके नीचे अलग-अलग रंग के धब्बों वाली पैन्टी जिसके बगलों से मामी की झाँटों के बाल निकल रहे थे। मैंने मामी को अपनी ओर खींचा और ब्रा व पैन्टी को भी उनके शरीर से अलग कर दिया।

मैं जैसे ही मामी की चूत को चाटने के लिए झुका, मामी ने मुझे रोक दिया और कहा, अब मैं तुम्हारे कपड़े उतारूँगी। फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर धकेल दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरी शर्ट के बटन खोलकर मेरी छाती को चूमने लगी, फिर मेरी बेल्ट को जीन्स से निकाल फेंका और जीन्स का बटन खोलकर एक झटके से जीन्स निकाल कर दूर फेंक दिया।

मेरी अण्डरवियर का तंबू बना हुआ था और वह कहाँ मेरे शरीर पर रहने वाला था, मामी ने उसे भी निकाल फेंका। मेरे ६ इंच के लण्ड को देख मामी बहुत उत्तेजित हो गई और मुँह मे लेकर लॉ़लीपॉप की तरह चूसने लगी। जब वह मेरे अण्डकोष से मेरे सुपाड़े तक अपनी जीभ को फेरती तो जन्नत का मज़ा आ रहा था।

थोड़ी देर में मैंने अपना माल मामी के मुँह में ही छोड़ दिया, और उन्होंने सारा का सारा पी लिया, और मेरा लण्ड सिकुड़ने लगा। फिर मैंने मामी को बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत को चाटने लगा। चूत बहुत ही गीली हो चुकी थी और चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था। मैं मामी की चूत के गुलाबी दाने को हल्के-हल्के काटने लगा और मामी की सिसकियाँ निकलने लगीं। मामी आआआआहहहह आआआहहह करने लगी, उनकी ये सिसकियाँ पूरे कमरे में गूँज रहीं थीं। तभी मामी ने पूरे ज़ोर से मेरे मुँह पर अपना माल छोड़ दिया, मैंने भी सारा पानी पी लिया। तब तक मेरा मुरझाया हुआ लण्ड भी फौलाद की तरह सख्त हो चुका था।

“मामी अब मैं आपकी सवारी करने वाला हूँ…”

“नहीं मैं तुम्हारी सवारी करूँगी” मामी ने मेरी बात बीच मे ही काटकर कहा।

मैं बिस्तर पर लेट गया, मामी मेरे ऊपर आ गई और मेरे लण्ड को अपनी चूत की दरार पर रख कर आगे होने लगी, तभी मैंने नीचे से एक ज़ोर का झटका मारा, और हमारी झाँटे आपस में मिल गईं। मामी की चीख और आँसू निकल आए। वह बोली, “क्या मेरी चूत को फाड़ना है?”

“चूत फटेगी नहीं, इस पर तो अब गाज़ गिरने वाली है,” कहते हुए मैं एक झटके से पलट कर मामी के ऊपर आ गया, मामी को कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया। मामी बोली – “तुम तो एकदम एक्सपर्ट लगते हो, पर शुरु में आहिस्ता करना, ठीक है?”

मैंने मामी के होंठ चूमते हुए पहला झटका मारा, पच्च की आवाज़ के साथ मेरा लण्ड आधा मामी की चूत में समा गया। मामी हल्के से चीखी… आहहहह और दूसरे झटके से मेरा पूरा लण्ड जड़ तक मामी की चूत में समा गया और मैंने हल्के-हल्के झटके मारने चालू कर दिए और मामी की सिसकारियाँ उसी के साथ बढ़ने लगीं।

मामी की सिसकारियाँ पच्च-पच्च की आवाज़ के साथ जुगलबन्दी कर रही थीं। तभी मैंने अपना लण्ड चूत से निकाल लिया। “ऐसा मत करो, मुझे चोदते रहो अपनी लण्ड से, इसे फाड़ डालो, आज पहली बार मुझको चुदाई का असली आनन्द आ रहा है। मेरा पति मादरचोद अभी तक मुझे ऐसा मज़ा नहीं दे सका जो तुमने आधे घण्टे में दिया है।”

“ठीक है, पर अब मैं जैसा कहूँ, आपको वैसा ही करना होगा मामी।”

“अब तो मुझे मामी कहना बन्द करो।”

“तो क्या कहूँ?”

“कुछ भी कहो, पर मामी नहीं।”

“तो अब आप को मैं राण्ड कहूँगा और आप मुझे गाली देती रहना।”

मामी बिस्तर पर चढ़कर कुतिया बन गई और मैं उसकी गाँड के पीछे खड़ा हो गया, अपने लण्ड को चूत की दरार पर रख कर मामी के दोनों स्तनों को दबाते और गालों को चूमते हुए लण्ड को दबाने लगा। लण्ड फिसलता हुआ चूत में समा गया और मेरे झटके चालू हो गए और साथ ही मेरी राण्ड की सिसकियाँ भी।

वह चिल्लाने लगी… “आआआआहहहह आआआहह… बहनचोओओओददद… चोद दे मुझे… फाड़ दे मेरी चूत… निकाल दे इसका पानी, बहा दे इससे गंगा जमुना…”

“गंगा जमुना दोनों बहेगी और मेरा लण्ड उसमें डुबकी भी लगाएगा” और मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी।

पूरे कमरे में फच्च-फच्च और फक्क-फक्क का संगीत बजने लगा।

पाँच मिनट बाद मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और मामी पलंग पर पसर गई। मैं भी चूत में लंड डाले मामी के ऊपर ही गिर पड़ा। गिरने के कारण मेरा लंड और अन्दर समा गया और मामी की चीख निकलने से पहले मेरे हाथों ने उसका मुँह बन्द कर लिया और हल्के-हल्के झटके मारता रहा। थोड़ी देर में मामी सामान्य हो गई। मैंने हाथ हटा लिया और अपनी रफ्तार बढ़ा दी। मामी का शरीर अकड़ने लगा। मैं समझ गया कि यह झड़ने वाली है। मैं और तेज़ी से धक्के मारने लगा… तभी मामी झड़ गई।

मैंने लण्ड बाहर निकाला, मामी को सीधा किया और लण्ड मामी की चूत में फिर से पेल दिया।

मेरे झटकों से मामी के दोनों स्तन हिलने लगे, हिलते हुए स्तन बहुत प्यारे लग रहे थे। मैं झुका और एक को चूसते हुए झटके चालू रखे। मैं और मामी एक-दूसरे का भरपूर साथ दे रहे थे। मामी अपनी गाँड उचका-उचका कर मेरा साथ दे रही थी और मैं मामी को पूरे दम से चोद रहा था। गाँड हिलाते-हिलाते मेरा बुरा हाल हो गया था पर मैं रुका नहीं, झटके चालू रखे। थोड़ी देर बाद मेरा और मामी का शरीर अकड़ने लगा, मैं बोला,”मेरी राण्ड, मैं झड़ने वाला हूँ, कहाँ झड़ूँ?”

“अपने वीर्य से मेरी चूत भर दो, इसकी आग को अपने पानी से शान्त कर दो, मैं भी झड़नेवाली हूँ” मामी बोली।

और मैंने अपना वीर्य मामी की चूत में ४-५ झटकों के साथ छोड़ दिया। दोनों एक ही साथ झड़े थे। मैं मामी के ऊपर ही पस्त होकर पड़ा रहा। मामी मेरे बालों पर अपना हाथ फिरा रही थी और बोली, “ऐसा परम आनन्द मुझे पहले कबी नहीं मिला, मेरी चूत को तो अब तुम्हारे लण्ड का चस्का लग गया है। अब शादी भर जब भी मौक़ा मिलेगा, तुम मेरी चुदाई करना और मुझे ऐसे ही आनन्द देते रहना।”

तभी मामी के मोबाईल पर मामा का फोन आ गया, मामा ने कहा “तुम लोग जल्दा घर आ जाओ, दो घण्टे बाद बारात निकलने वाली है।”

“अभी ब्यूटी-पार्लर में मेरा नम्बर आने वाला है, हम थोड़ी देर से आते हैं” और मामी ने फोन बन्द कर दिया।

हमने अपने कपड़े पहने और ब्यूटी-पार्लर की ओर चल पड़े।

शादी में भी मैंने मामी को दो बार चोदा। कैसे, यह अगली कहानी में बताऊँगा। Hindi Porn Stories

प्रेषिका : दिव्या Antarvasna

रात आने को थी… मेरा Antarvasna दिल धड़कने लगा था। मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था कि मेरी मां मेरे सामने ही चुदेगी ! कैसे चुदेगी … आह्ह्ह चाचा का कड़क लण्ड भला अन्दर कैसे घुसेगा ? यह सोच कर तो मेरी चूत में भी पानी उतरने लगा था।

रात का भोजन मैं और मम्मी साथ साथ कर रहे थे।

“मम्मी, एलू अंकल अच्छे है ना… “

“हूं, बहुत अच्छे है … प्यारे भी हैं !”

“प्यारे भी हैं … क्या मतलब … यानि आपको प्यारे हैं ?”

“अरे चुप भी रह ना, वो हमारा कितना ख्याल रखते हैं … घर को अपना ही समझते हैं ना !”

“मम्मी ! उन्हें यहीं रख लो ना … देखो ना उनका अपने अलावा और कौन है ? उनके तो कोई बच्चा भी नहीं है, बिल्कुल अकेले हैं… वो तो मुझे भी बहुत प्यार करते हैं।”

“हां, जानती हूँ… ” फिर मुझे वो मुस्करा कर देखने लगी। खाना खाकर मैं अपने कमरे में चली आई। कुछ ही देर में चाचा आ गये। मम्मी ने मुझे कमरे में झांक कर देखा, उन्हें लगा कि मैं सो गई हूँ। वो चुपचाप अपने कमरे में चली गई और कमरा भीतर से बन्द कर लिया। मैंने अपने लिये लाईव शो का इन्तज़ाम पहले से ही कर रखा था। उनके दरवाजा बन्द करते ही मैं चुपके से कमरे से बाहर आ गई और खिड़की को ठीक से देखा। अन्दर का दृश्य साफ़ नजर आ रहा था। मेरा दिल धड़क रहा था कि मां की चुदाई होगी।

मां धीरे धीरे शरमाते हुए अंकल की तरफ़ बढ़ रही थी। उनके पास आ कर वो रुक गई और अपनी बड़ी बड़ी आंखों से उन्हें निहारने लगी।

“माया, तुम कितनी सुन्दर हो … “

मां ने नजर नीची कर ली। अंकल ने आगे बढ़ कर मम्मी को प्यार से गले लगा लिया। मां तो जैसे उनसे चिपट सी गई। दोनों के लब एक दूसरे से मिल गये।

गहरे चुम्बनों का आदान प्रदान होने लगा। मां की लम्बाई चाचा के बराबर ही थी, मां के भारी भारी चूतड़ों को अंकल ने दबा दिया। मां के मुख से एक प्यारी सी आह निकल पड़ी। पजामे में से अंकल का लण्ड उभर कर बाहर निकलने हो हो रहा था। मम्मी ने एक बार नीचे उनके लण्ड को देखा और अपना पेटीकोट उनके लण्ड से टकरा दिया। अब वो अपनी चूत वाला भाग लण्ड पर दबा रही थी।

अंकल ने अपने दोनों हाथों से मम्मी की चूचियों को सहला कर दबा दिया। मम्मी सिमट सी गई।

“माया, मेरे लण्ड को प्यार करोगी… ?”

मम्मी धीरे से नीचे बैठ गई और उनके पजामे का नाड़ा खोल दिया। उसे धीरे से नीचे उतार दिया। अंकल का लण्ड बाहर आ गया। सुपाड़ा पहले से ही खुला हुआ था। मां ने मुस्करा कर ऊपर देखा और लण्ड को अपने मुख में डाल दिया। अंकल ने मस्ती में अपनी आंखें बन्द कर ली। अंकल के हाथ मां के ब्लाऊज को खोलने में लगे थे। मम्मी ने उनका लण्ड चूसना छोड़ कर पहले अपना ब्लाऊज उतार दिया।

हाय रे ! मम्मी के उरोज तो सच में बहुत सधे हुये थे। हल्का सा झुकाव लिये, चिकने और अति सुन्दर।

मम्मी ने फिर से उनका लण्ड अपने मुख में ले लिया और चूसने लगी। अंकल के हाथ मम्मी के बालों में चल रहे थे, उनके बाल खुल गये थे। उन्होने मां को अब उठा कर अब खड़ा कर लिया और उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल कर उसे नीचे गिरा दिया।

“माया, मुझे भी आप अपनी चूत को प्यार करने की इजाजत देंगी?”

पहले तो मां शरमा गई। फिर वो बिस्तर पर लेट गई और अपनी दोनों टांगें ऊपर खोल ली।

“हाय … माया … इतनी चिकनी, इतनी प्यारी … लण्ड लगते ही भीतर फ़िसल जाये !”

“ऐसे मत बोलो, बस इसे चूम लो, फिर चाहे जो करो। भले ही उसे अन्दर उतार दो !”

मां को चुदने की बहुत लग रही थी, पर अंकल ने अपना मुख मम्मी की चूत पर लगा दिया। उनके दाने को उनके होंठों ने मसल दिया। मम्मी अपनी चूत उछालने लगी। मेरी चूत में भी यह देख कर पानी उतर आया। मैं अपने कमरे में से जा कर अंकल का दिया हुआ डिल्डो उठा लाई। पहले तो मैं अपनी चूत को दबाने लगी।

मां तो खुशी के मारे जैसे उछल रही थी। पर अंकल चूत से चिपके हुये उसका रस चूसने में लगे थे।

“अब तड़पाओ मत … जैसा मैं कहूँ वैसा करो !”

“पीछे घूम जाओ, तुम्हारी चिकनी गाण्ड पहले मारूंगा !”

“ओह, तुम्हें गाण्ड मारना अच्छा लगता है… कोई बात नहीं … दोनों तरफ़ छेद है, किसी को भी चोद दो ! पर पहले मुझे मुठ मार कर दिखाओ ना !”

“ओह, जैसी माया जी की इच्छा… “

चाचा नीचे बैठ गए और मुठ मारने लगे। मां बहुत ध्यान से मुठ मारते हुये देखने लगी। मां के मुख से बीच बीच में सिसकी भी निकल जाती थी। वो अपने कठोर लण्ड को मुठ मारते रहे और मां ने अपनी चूत घिसना चालू कर दिया।

जैसे ही अंकल का वीर्य छलक पड़ा। मां के मुख से भी सीत्कार निकल पड़ी।

“इसमें आपको बहुत मजा आता है ना… ?” उनके लण्ड को मां ने हिलाया, मां ने अंकल को अपने चिकने बोबे से लगा दिया और उसे उनकी छाती पर घिसने लगी।

“माया, अब तुम्हारी बारी है … चलो शुरू हो जाओ !”

मां भी जमीन पर बैठ गई और अपनी चिकनी चूत को पहले तो सहलाने लगी। फिर चूत की धार को मसलने सी लगी। फिर मां ने अपना दाना उभार कर देखा और उसे मसलने लगी। फिर उन्होंने अपनी गीली चूत में अपनी अंगुली घुसा ली और आह भरते हुये हस्तमैथुन करने लगी। मां जल्दी ही झड़ गई, वो शायद पहले ही उत्तेजित थी।

मां के झड़ते ही अंकल मां की चूत का रस चूसने लगे। मां ने उन्हें अपनी जांघों के बीच दबा लिया।

“अब देखो, मैं तैयार हूँ, अब मैं तुम्हारी जम कर गाण्ड चोदूंगा… मजा आ जायेगा !”

मां ने घोड़ी बन कर अपनी सुडौल गाण्ड पीछे की ओर उभार दी। अंकल तो गाण्ड मारने में उस्ताद थे ही। उन्होंने धीरे से लण्ड गाण्ड में डाल दिया और मां मस्त हो गई। मुझे देखने में बहुत आनन्द आ रहा था। मम्मी की गाण्ड अंकल ने बहुत देर तक बजाया। मम्मी भी अंकल के स्खलित होने तक गाण्ड चुदाती रही।

मम्मी की गाण्ड मार कर अंकल सुस्ताने लगे।

“जूस पियोगे या दूध लाऊँ?”

“अभी तो दूध ही पियूंगा, फिर जूस… “

मां जैसे ही उठी दूध लाने के लिये, चाचा ने उन्हें फिर से गोदी में खींच लिया और उनकी चूचियों को अपने मुख से दबा लिया।

“कहां जा रही हो, दूध नहीं पिलाओगी क्या ?”

और मां को गुदगुदाते हुये दूध पीने लगे।

हुंह … मां के खूब चूस चूस के पी रहा है … मेरे तो चूसता ही नहीं है !

मां गुदगुदी के मारे सिसकियाँ भरने लगी।

“बहुत प्यारे हो एलू तुम तो … कैसी कैसी शरारते करते हो… “

दोनों नंगे ही एक दूसरे के साथ खेल रहे थे… खेलते हुये उन दोनों में फिर से आग भरने लगी थी। अंकल का लण्ड फिर से फ़ुफ़कारने लगा था।

“अब देरी किस बात की है?” मां ने अनुरोध किया।

“बस हो गया ना … अब कल के लिये तो कुछ छोड़ो !”

“बस एक बार, मेरे ऊपर चढ़ जाओ … मुझे शांत कर दो !”

“कहीं कुछ हो गया तो … ?”

“कुछ नहीं होगा, मेरा ऑप्रेशन हो चुका है … अब तो आ जाओ !”

अंकल का चेहरा खिल गया। मां ने अपनी दोनों खूबसूरत सी टांगें उठा ली। अंकल उन टांगों के बीच में समा गये। कुछ ही पलों में अंकल का मोटा लण्ड मां की चूत को चूम रहा था। चाचा का लण्ड मां की चूत में घुसता चला गया। मां खुशी से झूम उठी। मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया, मैंने डिल्डो को धीरे से अपनी चूत में घुसा लिया, मुझे भी एक मीठी सी गुदगुदी हुई।

मेरी मां अपनी टांगें ऊपर उठा कर उछल उछल कर चुदवा रही थी। मेरा हाल इधर खराब होता जा रहा था। मां की मधुर चीखें मेरे कानों में रस घोल रही थी। दोनों गुत्थम-गुत्था हो गये थे। कभी अंकल ऊपर तो कभी मम्मी ऊपर ! खूब जम कर चुदाई हो रही थी। मां को इस रूप में मैंने पहली बार देखा था। वो एक काम की देवी लग रही थी। लगता था जिन्दगी भर की चुदाई वो दोनों आज ही कर डालेंगे।

तभी दोनों का जोश ठण्डा पड़ता दिखाई देने लगा। अरे ! क्या दोनों झड़ चुके थे? सफ़र की इति हो चुकी थी। वो दोनों झड़ चुके थे।

मैं अपने कमरे में आ गई और चूत में डिल्डो को फ़ंसा कर अन्दर बाहर करने लगी। साथ में अंकल को गालियाँ भी देती जा रही थी- साला, बेईमान, झूठा ! मम्मी को तो बुरी तरह चोद दिया और मुझे… हरामी घास भी नहीं डालता है।

अब किसे क्या बताऊं, मैं भी तो जवान हूँ, मुझे भी तो एक मोटा, लम्बा, कड़क … हाय, हां … बस आपके जैसा ही… ऐसा ही तो लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ना है। प्लीज आईये ना !!! Antarvasna

Hello dosto mera naam dineah hai mai aaj meri maa ki sachi kahani batane jaa raha hu maja aaye to comment jarur kijiyega Chalo to baat karte hum log 2 bhai papa aur maa 4 logo ka pariwar hai, meri Maa Mohani jiski umar ab 55 hai rang sawla height 5.3 kafi bhara bhara badan hai abhi bhi chudai ke liye betab rehti hai. Ab jo mai aapko sunane ja raha hu ye baat hai saal 2006-07 tab mai kewal 13 saal ka tha aur meri maa 37-38 saal ki thhi. Ek uncle humare he gaon ke roj subah subah humare ghar aaya karte thhe us samay papa duty mein hote thhe , toh maine notice kiya ki jab woh uncle aate the toh mummy ke bagal mein jaake rajai ke andar baith jaate thhe aur jab bhi baithte the toh maa bahut tilbilati thi jai koi unko chooti kaat raha ho ab mujhe thoda shak hone laga thha fir maine ek plan banaya ki ab jab bhi uncle aayenge mai sone ka bahana karke rajai ke andar he rahunga aur dekhunga ki esa kya hota hai. Fir agle din subeh woh aaye aur same wse he maa ke bagal mein baith gaye ab mai andar he thha maine us time ke phone videcon keyped ki tourch on kar li thhi uss samay maa kewal peticot mein thi ab dheere se ek hath maa ki jangho mein aaya aur dhire dhire baate karte hue peticot ko upar khichne laga uff pehli baar mujhe maja aane laga, ab uncle ne laghbhag pura peticot upar kar liya aur pehle baar aaj mujhe maa ki choot jo ki bahar se sawli aur andar se gulabi thi uff pehli baar aaj mai koi phuddi dekh raha thha ab mera lund bhi kathor ho gaya thha, maa ki phuddi mein ek bhi baal nahi thha jisse pata lagta thha ki wo full chudai ke liye taiyar thi aur usbe koi kachhi bhi nahi pehni thhi, maa ki phuddi kaafi chipchipi thhi, ab uncle ne apne hath se choot mein pehle 2 thapki mari aur phuddi ke dono hontho ko apne angoothe aur ungli se kafi tez upar ki or khicha jisse maa kaafi tilmilayi uff mere mooh ke samne maa poori nangi leti thi, pairo mein paya bar bar chhan chhan kar rahi thhi. Unhe laga mai gehri neend mein hu kyuki maa ne check karne ke liye mere muh se rajai hatai thi toh maine aankhe band kar li thhi, ab dono nidar hokar baate bhi krne lage thhe halki aawaj mein jismein maine uncle ko kehte suna mohani palat ja mera lund ab bahut tight ho gaya hai 3 din se teri choot nahi maari hai, maa ne kaha khusphusate hue dimag kharab h bache uth jayenge us samay subah ke 6 baj rahe thhe. Ab wo maa ki phuddi mein dono ungli undar bahar kar raha thha, kareeb 1 minute baad maa uncle ki taraf halka palat gayi jisse ki ab mere mooh ke saamne maa ki moti saawli gaand thhi jismein maa ke pichhe ka 2inch ka chhed mujhe dikh raha thha aur saaf pata lag raha thha ki maa ne kai baar gaand mein bhi lund liya hai. Uff ab mujhse raha nahi gaya aur ek hath se mai apne lund ko bahar nikal kar sehlane laga ab uncle ka ek hath maa ke gand ko daboch raha thha aur chhed mein apne mooh ka thook
Antarvasna

हेलो दोस्तो, मेरा नाम Antarvasna अखिल है और मैं आज अपनी सच्ची कहानी ले कर आया हूँ जो मेरे कॉलेज के टाइम की है!
मेरा पड़ोस में गुप्ता जी का परिवार रहता है जिनकी दो लड़कियाँ हैं, बड़ी का नाम पायल और छोटी का नाम नेहा है!

पायल मेरी ही उमर की थी और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे! पायल देखने में तो ज्यादा अच्छी नहीं थी, साधारण सा चेहरा, दबा दबा सा रंग… मगर उसका फ़ीगर कमाल का था बिल्कुल ऐश्वर्या राय जैसा! नम्बर तो मुझे पता नहीं लेकिन शायद 34-28-34 हो?

एक दिन उसका पूरा परिवार अपने रिश्तेदार के शादी में पूरे एक सप्ताह के लिए चला गया। घर पर सिर्फ़ उसके पापा और वो ही रह गई थी! क्योंकि उन दोनों को शादी वाले दिन ही जाना था और घर पर भी कोई चाहिए!

उस दिन उसके पापा ऑफिस गए हुए थे और वो घर मैं अकेली थी तो मैंने सोचा कि मौका अच्छा है और उसके घर पर भी कोई नहीं है इस कारण मैं उसके घर चला गया। पहले तो वो मुझे देख कर घबरा गई और फिर बाद में मुझे अपने कमरे में लेकर चली गई! मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया और उसे अपनी बाहों में ले लिया और सीने से लगा कर किस किया।

पायल तड़प रही थी मगर उसे भी मजा आ रहा था! उसके सारे बदन में आग लग रही थी। मैंने बना मौका गंवाए उसकी गुदाज चुचियों पर हाथ फ़ेर दिया जिस पर पायल ने विरोध नहीं किया! मैंने चुचियाँ दबाते हुए ही उसको उठा कर पलंग पर लेटा दिया! अब मैंने उसके कपड़े उतारने शुरु कर दिए और जल्द ही उसे पूरा नंगी कर दिया!

उस समय वो एक दम मस्त लग रही थी वो एक दम परी, जिसे आज मैं चोदने जा रहा था फिर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और मैं भी पूरी तरह से नंगा हो गया।

अब हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए थे वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत… इस बीच उसकी चूत एक बार पानी छोड़ चुकी थी और मैं भी अपना पानी उसके मुँह में छोड़ चुका था।
अब मैंने ज्यादा समय बर्दाद न करते हुए उसकी मस्त चूत में अपना 8 इन्च का लंड लगा दिया! एक हल्की सी हरकत की और लंड का अगला भाग अंदर चला गया!
पायल कराह उठी।
फिर मैंने एक और झटका दिया, इस बार आधे से अधिक अन्दर चला गया। अन्दर का रास्ता अधिक तंग था, चूत की दीवार लंड से चिपक सी गई थी। लण्ड अभी आधा ही अंदर घुसा था।

लेकिन इतने में ही अन्दर की गर्मी सहन नहीं हो रही थी, जैसे अन्दर कोई ज्वालामुखी हो।
इस बीच पायल तड़प रही थी, उसका पूरा बदन मचल गया, मैंने देखा कि उसके चेहरे पर दर्द था, वो चीखना चाहती थी मगर चीखी नही।
तभी मैंने आखरी झटका मारा और लंड पूरा अन्दर चला गया।

इस पर पायल जोरदार मचली। उसके गले से दर्द भरी दबी दबी आवाज निकल रही थी, वो दर्द से कराहती हुई बोली- यह तुमने क्या किया? बहुत दर्द हो रहा है! इसे अभी निकाल लो मेरी जान निकल जायेगी। लगता है तुमने मेरी फाड़ दी है परवेश ओह… हा…!
मुझे नहीं पता कि वो अभी तक किसी से चुदी थी या नहीं… लेकिन उसे दर्द तो बहुत हुआ था.

मैं उसकी बात सुन रहा था, लेकिन बोला नहीं। पूरा लंड अन्दर करके अब उस पर छा गया। उसकी मस्त चुचियों पर फिर से अपने हाथ रख दिए और उसकी हा हा! रोकने के लिए मैंने उसके होंटों पर अपने होंट रखे दिए और जोर से चूमने लग गया और धक्के लगाता रहा।

थोड़ी देर बाद वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी और दोनों नशे में चुदाई करने लगे, उसका दर्द अब जा चुका था और वो भी मजा ले रही थी।

मैंने काफी देर तक उसकी चुदाई की और बाद में अपने लंड का वीर्य साफ़ कर के अपने घर चला गया! उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता, हम चुदाई करके अपना टाइम पास कर लेते हैं।
तो आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी। मुझे मेल करके बताएं! Antarvasna

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