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मेरा नाम राम है। अब Antarvasna मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। मैं गुजरात के एक शहर में रहता हूँ।
मेरा घर एक सरकारी कॉलोनी के पास है। मैं क़रीब २२ साल का था। तब मैंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और अभी कोई नौकरी पर नहीं लगा था। तब मैं और मेरे दोस्तों ने मिलकर एक धंधा शुरु किया। जिसमें हम पास की सरकारी कॉलोनी, जहाँ पर सभी लोग बाहर से रहने आते थे, उनको यह पता नहीं होता था कि इस शहर में कौन सी चीज़ कहाँ मिलती थी, उन्हें हम उनके काम का सामान घर तक पहुँचवाने का काम करते थे, और इससे अच्छी कमाई होती थी।
अब मैं कहानी पर आता हूँ।
वैसे तो मैं और मेरे दोस्त बड़े ही रोमांटिक थे और वहाँ की औरतें भी काफ़ी सेक्सी होतीं थीं। मीना जो कि एक क्लास टू ऑफिसर की बीवी थी, उनकी शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे। वह देखने में बहुत ही सेक्सी थी। उसकी फिगर ३४-२८-३८ होगी। ऊँचाई क़रीब ५.८ होगी। मेरी नज़र पहले दिन से ही उस पर थी। ख़ास कर उसके चूतड़ों को देखकर मैं पागल ही हो जाता था। दिन में एक बार तो किसी न किसी बहाने से उसके घर चला ही जाता था। बहाना न हो तो भी मैं ‘कुछ चाहिए’, यह पूछने के बहाने चला जाता था। अक्सर उसका पति जो कि ऊँची पोस्ट के कारण सुबह ९:३० को चला जाता था और राम को देर से आता था। तब से मैं यह ख़्वाब देखता था कब जा कर मैं इस को चोदूँ और हर रोज़ उस के ख्याल से मैं मुठ मारता था।
एक दिन की बात थी जब मैं कुछ सामान देने के बहाने उनके घर राम को गया तब घर का दरवाज़ा खुला था। और मैं बिना थोक किए बिना ही घुस गया। मैंने देखा तो मीना सिर्फ ब्रा और पैन्टी में ही थी और आईने के सामने बैठकर तैयार हो रही थी। मुझे देख उसने कोई हरक़त नहीं की, ना ही अपने आप को ढँकने की, न ही घबराई। और मैंने जैसे शर्म आ रही है, ऐसा नाटक करते हुए सॉरी कह कर घर से बाहर जाने का उपक्रम किया।
उसने कहा- अरे तुम कहाँ जा रहे हो? तुम तो बड़े शर्मीले हो। क्या इससे पहले तुम ने कभी किसी औरत को इस तरह नहीं देखा है?
मैंने कहा- नहीं !
क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?
मैंने कहा- है ! लेकिन मैंने अभी तक उसके साथ कुछ भी नहीं किया।
तो उसने पूछा- क्यों नहीं किया।
अब धीरे-धीरे वह मेरे बहुत ही क़रीब आ गई। मैं समझ गया इसके इरादे कुछ ठीक नहीं लगते। फिर मैंने भी मौक़े की नज़ाकत को जान के अपने एक हाथ को उसकी जाँघ पर और दूसरे को उसके कंधे पर रख दिया। वो तो जैसे इसी के लिए तैयार थी।
मैंने हिम्मत करके धीरे-धीरे उसकी चूचियों पर ब्रा के ऊपर से ही सहलाने लगा। मैंने पूछा कि आईने के सामने बैठी थी, कहीं बाहर जाने वाली हो क्या?
तो वह बोली- मुझे पता था कि तुम इसी समय आते हो तो मैं तुम्हार ही इन्तज़ार कर रही थी।
तो मैंने पूछा- तुमको कैसे यह पता चला कि मेरी नज़र तुम पर है?
तो इस पर वह हँस कर बोली- एक दिन तुम्हें मेरे बदन घूर कर देखते हुए देख लिया था ! तुम्हारे साहब रात को क़ाफी देर से आते हैं, हफ्ते में चार दिन वह शराब पी कर आते हैं और बाकी उनको नौकरी की टेंशन रहती है तो हमारे बीच में महीने में एक-दो बार ही सम्बन्ध बन पाते हैं। मैं कॉलेज के समय से ही खूब चुदक्कड़ रही हूँ, मेरी चूत प्यासी रहे यह तो मुझसे सहन नहीं होता। पहले दो महीने सामने वाले पटेल साहब का लड़का उसके साथ सेटिंग हुई, लेकिन फिर वह विदेश पढ़ने चला गया। इतने में तुम आए और मेरी नज़र तुम पर पड़ी, तब मैंने तुमसे चुदवाने का मन बना लिया था। लेकिन तुम मुझे कुछ इशारा ही नहीं देते थे, इसीलिए आज मैंने तुम्हें खुला इशारा देने का मन बना लिया था।
यह कह कर वह मुझसे लिपट गई। मैं भी जैसे तैयार था। पहले मैंने उसकी ब्रा को खोला और मेरे सामने थीं दो हरी-भरीं नारंगी। उसकी चूचियों की घुण्डियों का रंग हल्का गुलाबी था और मैं बस उसपर टूट पड़ा। फिर उसने मेरे कपड़े उतारना शुरु किया। अब हम दोनों पैन्टी-अन्डरवीयर में थे। हम दरवाज़ा बन्द करना भूल गए थे।
उसने कहा- तुम अन्दर बेडरूम में जाओ, मैं दरवाज़ा बन्द कर आती हूँ।
मैं अन्दर रूम में पहुँचा, तब मैंने देखा कि रूम अच्छी तरह से सजाया था और कोने की टेबल पर सेक्सी तस्वीरों वाली पत्रिकाएँ थीं।
मैंने कहा- ये तुम पढ़ती हो?
“मैं अपनी दोस्त से पढ़ने के लिए लेती हूँ।”
“कौन सी दोस्त? वो मिसेज़ पटेल?”
तो उसने कहा “हाँ।”
“वह भी तुम्हारी तरह मस्त और सेक्सी है।”
“पहले मेरी प्यास बुझाओ फिर मैं उसके साथ तुम्हारी सेटिंग करवा दूँगी।”
अब उसने कमरे का ए.सी. चालू किया। फिर वह मेरे क़रीब आई और मेरे लंड को जो कब से उसे देखकर बाहर आने को बेक़रार था को अन्डरवीयर के ऊपर से ही सहलाना शुरु कर दिया। इसके बाद उसने उसे उतार दिया।
मेरा लंड जो कि ८” लम्बा और ३” मोटा था, उसे देखकर बोली “आज तक मैंने इतना तगड़ा और लम्बा नहीं देखा है। आज तो बहुत मज़ा आने वाला है। आज मैं तुम्हें वह सुख दूँगी जो तुम्हें सपनों में ही मिलता होगा।”
यह कह कर वो मेरा लंड अपने हाथ में लेकर उससे खेलने लगी, फिर उसे अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी, साथ ही मेरे अंडकोष भी चाटने लगी।
मैंने कहा,”अब मुझसे रहा नहीं जाता, क्योंकि यह मेरा पहली बार है।”
“डार्लिंग यह तो शुरुआत है, आगे-आगे देखो होता है क्या!”
और वह घोड़ी बन गई और बोली,”बहुत दिन हो गए, मेरी किसी ने गाँड नहीं मारी। तुम मेरी यह तमन्ना आज पूरी करो।”
और सच में उसको जो पीछे से करने में जो मज़ा था वह अलग ही था। क़रीब १५ मिनट तक मैंने उसको पीछे से ही शॉट्स मारे। फिर वह सीधी हुई और मेरा मुँह अपनी चूत के पास ले गई, और मैं उसे चाटने लगा। मेरा एक हाथ उसकी दाईं चूची को दबा रहा था। अब हम 69 की मुद्रा में आ गए। वह काफी उत्तेजित हो चुकी थी और मुझे ज़ोर-ज़ोर से चूम रही थी। मैं भी बहुत जोश में आ गया था।
अब उसने कहा कि अब मुझसे रहा नहीं जाता, चोदो मुझे।
फिर मैंने अपना लंड जो कि बहुत ही तड़प रहा था, उसकी चूत पर रख दिया और धक्का दिया। मेरा ४” उसकी चूत में जा चुका था और वह सिसकियाँ लेने लगी। फिर मैंने दूसरे धक्के में पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। मुझे उसकी चूत की गरमी का अहसास पागल बना रहा था।
अब मैंने थोड़ी रफ्तार बढ़ाई, तो उसने भी कहा- और ज़ोर से, और तेज़। बस मुझे चोद दो।
और मैं साथ-साथ उसके पूरे गोरे बदन का मज़ा ले रहा था। कभी उसके होंठ, तो कभी-कभी उसकी चूची चूस कर। बस फिर क्या था, वह झड़ गई और मैंने भी कहा – मैं भी झड़ने वाला हूँ !
उसने कहा- तुम अन्दर मत झड़ना, मैं तुम्हारा रस पीना चाहती हूँ। तब मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसके मुँह पर पिचकारी मारी, उसने सारा पानी पी लिया।
ऐसा बहुत दिनों तक हुआ। मिसेज़ पटेल को कैसे चोदा, वो अगली कहानी में बताऊँगा।
मुझे मेल करके बताएँ कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी। Antarvasna
बिग लंड पड़ोसी का देख कर एक मॉडर्न भाभी के दिल में उस लंड का मजा लेने की तमन्ना जाग गयी. वैसे भी वह रेगुलर सेक्स से बोर हो चुकी थी और कुछ नया करना चाहती थी.
कैसे हैं दोस्तो,
मेरी पिछली कहानी
दोस्त से बीवी को गर्भवती कराया
आपने पढ़ी और पसंद की.
धन्यवाद.
आज की कहानी सारिका और गौरव की है.
दोनों की लव मैरिज हुई है.
शादी को दो साल हो गये, अभी बच्चे की कोई प्लानिंग नहीं है.
गौरव और सारिका शादी से पहले ही सारिका की पहल पर हमबिस्तर होने लगे थे.
सारिका की मां को खबर लग गयी थी, उसने बखेड़ा खड़ा कर दिया.
तो गौरव के पेरेंट्स ने हथियार डाल दिए और दोनों की शादी करवा दी.
गौरव गुरुग्राम में किसी कंपनी में जॉब करता था.
कम्पनी के प्रोजेक्ट्स बाहर चलते थे तो गौरव की पोस्टिंग कहीं भी हो जाती एक दो साल के लिए.
अकेले रहने से वह सारिका के साथ में हर समय सेक्स की ही सोचता.
सारिका उसका भरपूर साथ देती.
सेक्सी सारिका ने कॉपर टी लगवा रखी है.
सारिका गजब की सुंदर, स्मार्ट और कामदेवी है.
उसने गौरव को सेक्स का और अपना इतना दीवाना बना दिया है कि शादी के दो साल बाद भी गौरव रोज चुदाई न करे तो सारिका उसे ऑफिस न जाने दे.
सारिका कभी सेक्स से थकती नहीं और हरदम कुछ नया ट्राई करना चाहती है.
उसे यह बर्दाश्त नहीं कि कोई उसके आगे किसी और औरत की तारीफ करे.
सारिका हर पार्टी की जान होती क्योंकि वह इतने खुले और आधुनिक कपड़े पहनती कि मर्द हर समय उसके आगे पीछे घूमते.
औरतों को भी उससे ऐतराज़ नहीं था क्योंकि वह फुलझड़ी की तरह सबके बीच हंसी मजाक के फूल बिखेरती और मुंहंफट होने से कोई मर्द उसकी मर्जी के बिना उसके ज्यादा नजदीक नहीं जा पता था.
सारिका फ़्लर्ट करने में पक्की थी.
पता नहीं कितने मर्द उसका ख्याल करके अपनी बीबियों को चोदते थे और कितने मुठ मारते थे.
गौरव और सारिका कहीं भी सरेआम बेशर्मी से लिपटा-लिपटी और चूमाचाटी करते थे.
उनका बस चलता तो वो सरेआम सेक्स भी कर लेते.
सारिका की अदाओं के मारे कितने ही मर्द उसे व्हाट्सएप्प मेसेज भेजते और वो उन सभी का बेबाकी से जवाब देती.
पर सभी मर्द आपस में और अपनी बीवियों से ये बात छिपा कर रखते.
सारिका को मजा आता जब पार्टी में वो उन मर्दों के पैन्ट के उभार को देखती.
उनकी फॅमिली किटी के सदस्य लगभग एक ही उम्र के थे और सभी बाहर से आये नौकरीपेशा थे.
गौरव हॉस्टल में 5-6 साल रहा था तो पक्का खुराफाती बन चुका था.
उसका हॉस्टल का साथी रवि भी उसी की कॉलोनी में रहता था और उनकी फॅमिली किटी का मेम्बर भी था.
रवि किसी एमएनसी में सीनियर पोस्ट पर था और गौरव से ज्यादा अच्छा पैकेज ले रहा था.
पर दोनों की बीवियों को उनकी हॉस्टल लाइफ और वेतन की जानकारी नहीं थी.
यही हाल सारिका का भी रहा.
दिल्ली के नामी कॉलेज में वह हॉस्टल में रही.
सिगरेट, बियर और ब्लू फिल्म सबका लुत्फ़ उठाते उठाते वह लेस्बियन हो चली थी.
उसने बहुत सारी लड़कियों के साथ नंगी होकर समलिंगी सेक्स का मजा लिया; न जाने कितनी चूतें चाटी, कितनी चूचियां चूसी, ना जाने कितनी लड़कियों से उसने अपनी चूत और चूचियां चुसवाई.
हाँ सील उसने पैक रखी हुई थी अपने सपनों के राजकुमार के लिए!
और वह सपनों का राजकुमार एसा मिला कि बिना डोली उठे उसकी सील तोड़ बैठा.
गौरव के ऑफिस जाने के बाद सारिका घर के काम निबटा कर आराम ही करती और टीवी पर या मोबाइल में उलझी रहती.
उनका एक आलीशान दो बेडरूम का फ्लैट था तो सफाई का ज्यादा झंझट नहीं था.
सुबह दो-तीन घंटे को एक लड़की सुरभि आती, वह साफ़ सफाई से लेकर खाना बनाने का काम भी कर जाती.
हर दूसरे दिन सारिका उससे अपनी मालिश भी करवा लेती.
इस सबके बदले वो उस लड़की को बंधे वेतन के अलावा खाना और कपड़े और बचा हुआ मेकअप का सामान भरपूर देती.
सुरभि उससे खूब खुश रहती और उसके अलावा कहीं और काम पर नहीं जाती.
नयी उम्र की लड़की थी वो!
जब वो सारिका की मालिश करती तो सारिका बहुत कम कपड़ों में होती और सिगरेट के कश लगते हुए टी वी पर कोई हॉट फिल्म देख रही होती.
सुरभि भी सारिका के मखमली जिस्म और अंदरूनी अंगों की मालिश करते करते और हॉट फिल्म देखते देखते सारिका के रंग में रंग गयी थी और उसकी गुलाम सी हो गयी थी.
सारिका घर पर बहुत हल्के कपड़ों या सिर्फ फ्रॉक में ही रहती.
ये भी गौरव के आते ही उतर जाते.
दोनों काफी देर बाथटब में पड़े रहते.
गौरव उसे बाथटब में घोड़ी बनाकर चोदता.
ऊपर से पानी की फुहार पड़ती.
सारिका चुदते समय हल्ला बहुत मचाती.
उसे जोर जोर से आहें और सीत्कारें निकालने में बड़ा मजा आता.
और अब तो दोनों को आदत पड़ गयी थी इन आवाजों की!
वह जितना शोर करती, गौरव की चुदाई की स्पीड उतनी ही बढ़ जाती.
अब रुटीन सेक्स से दोनों बोर होने लगे थे और कुछ थ्रिल चाहते थे.
अभी दीपावली पर उनकी फॅमिली किटी पार्टी हुई तो उसमें कपल डांस भी था.
रोशनी बहुत धीमी करके सारे जोड़े चिपक कर डांस कर रहे थे.
गौरव और सारिका तो होंठ से होंठ भिड़ाये अपने में मस्त डांस करने में मशगूल थे.
बाकी जोड़े भी नजर बचा कर उन्हें ही देख रहे थे.
सारिका सबकी स्थिति को महसूस कर रही थी और मजे ले रही थी.
डांस के बाद वह पहले वाशरूम गयी और अपनी लिपस्टिक ठीक करके आई.
रात को घर पहुँचते ही गौरव उसे बेड पर खींचने लगा.
सारिका बोली- अरे कपड़े उतार कर मेकअप तो उतारने दो.
सारिका ने वाशरूम में अपना व्हाटसप्प चेक किया तो पार्टी में आये उसके दीवाने रवि का मेसेज था, उसकी सुन्दरता के कसीदे काढ़ रहा था.
तब सारिका ने जवाब दिया- अपनी बीवी को सुला कर आधा घंटे बाद फोन करना!
बाहर गौरव हल्ला मचा रहा था तो सारिका ने हबड़धबड़ में कपड़े उतारे और फेसवाश लेकर नंगी ही बेड में घुस गयी.
वहां चादर के नीचे गौरव नंगा अपना लंड सहला रहा था.
उसे देख के सारिका बोली- अगर ये भी तुम ही करोगे तो मैं क्या करुँगी? छोड़ो इसे!
सारिका ने गौरव का लंड मुंह में ले लिया और लगी लपर लपर चूसने!
पर चुदासी वह भी हो रही थी.
तो उसने अपनी टांगें गौरव की तरफ कर दीं.
अब गौरव ने भी उसकी चूत में अपनी जीभ घुसा दी.
सारिका की चूत तो पहले से ही गीली थी.
गौरव ने जीभ के साथ एक उंगली भी सारिका की चूत में घुसा दी.
सारिका लगी मचलने!
गौरव ने ढेर सारा थूक उसकी चूत में डाला जो बह कर बाहर नीचे आ रहा था.
तब गौरव ने थूक से एक उंगली चिकनी की और सारिका की गांड में घुसा दी.
सारिका चिहुंकी और बोली- वहां नहीं, बाहर निकालो! तुम तो मेरी गुलाबो को चाटो बस!
गौरव ने उसकी टांगें और फैलायीं और पूरे दम खम के साथ उसकी चूत में जीभ और उंगली से चुभलाने लगा.
सारिका अब आवाजें निकाल रही थी.
उसे बहुत मजा आ रहा था.
गौरव उसके मम्मे भी मसल रहा था.
अब सारिका से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने गौरव को नीचे लिटाया और चढ़ गयी उसके ऊपर और गौरव का लंड अपनी चूत में सेट करके लगी जोर जोर से उछलने!
वह जितना जोर से उछलती, उतनी ही जोर से आवाजें करतीं.
उसके मुख से लार बाहर निकल रही थी.
वह गौरव को निचोड़ देना चाहती दी.
पर गौरव दमदार था.
उसने सारिका को नीचे पलटा और चढ़ गया उसके ऊपर और पेल दिया अपना मूसल उसकी चूत में!
तभी गौरव ने स्पीड बढ़ा दी थी.
वह भी बोलने में कम नहीं था, कह रहा था- बड़ा नैन-मटक्का कर रही थी मीटिंग में रवि के साथ? बुला लूं उसे भी … दोनों मिलकर तेरी चूत का भोसड़ा बना देते हैं अभी!
सारिका बोली- तुम भी तो कामिनी की गांड पर हाथ फेर रहे थे. ज्यादा मन कर रहा था तो चोद देते उसे वहीं! अब बकवास कम करो और मेरी चुदाई पर ध्यान दो. तुमसे नहीं चुदाई हो रही तो मैं ही रवि को बुला लेती हूँ.
सुन कर गौरव का जोश और बढ़ गया और वह और जोर लगा कर चोदने लगा सारिका को!
वह बोला- अब जब भी कामिनी मायके जायेगी, मैं रवि को बुला लूंगा. रवि से चुदवाऊंगा तुझे! सब मालूम पड़ जाएगा जब दो दो मोटे लंड तेरी चूत फाड़ेंगे.
सारिका यह सुन कर और गर्म हो गयी और उछल-उछल कर गौरव का साथ देने लगी.
दोनों गुत्थम गुत्था हो रहे थे.
गौरव ने झटके बढाते हुए कहा- मेरा तो होने वाला है, मैं आने वाला हूँ.
सारिका ने अपने लम्बे नाख़ून गौरव की पीठ में गड़ा दिए और कस के भींच लिया उसे!
उसकी चूत की आग अभी भड़की हुई थी.
गौरव ने एक झटके में सारा माल सारिका की चूत में निकाल दिया और वहीं निढाल होकर पड़ गया.
सारिका ने उसे एक भद्दी गाली देते हुए कहा- इतना जल्दी कर दिया, अब मैं इसमें किसका लंड घुसाऊं?
गौरव थक कर मुंह ढक के सो गया हँसते हँसते ये कहते- किसी का भी घुसा ले, मैं क्या रोकता हूँ?
सारिका वाशरूम में फ्रेश होने गयी और एक फ्रॉक डाल कर फ्रिज से अपने लिए एक कोल्ड कॉफ़ी का केन निकाल लायी और सिगरेट जला कर दूसरे रूम में सोफे पर बैठ गयी.
तभी रवि का मेसेज आया- हाय!
सारिका ने बेबाकी से पूछ लिया- निबटा लिया कामिनी को?
रवि ने भी जवाब दिया- वह तो पार्टी से आते ही सो गयी और मैं तुम्हारे ख्वाबों में सोने की तैयारी में हूँ.
सारिका ने जवाब दिया- ज्यादा उड़ो नहीं, फोन बंद करो और सो जाओ. ख्वाबों में जो आये उससे अपना काम करवा लेना, मैं तो नहीं आने वाली!
रवि ने तुरंत सॉरी बोला- अब तो तुमसे बात हो रही हैं तो नींद का सवाल ही नहीं!
तब रवि ने उसे पार्टी की सारिका की कुछ फ़ोटोज़ भेजीं जो उसने खींची थी.
सारिका बोली- मेरी फ़ोटोज़ डिलीट कर देना. वरना कामिनी ने देख लीं तो तुम्हारा टूल काट देगी!
रवि पीछे पड़ गया- वीडियो काल कर लो!
सारिका बोली- मैं तो रात को बिना कपड़ों के हूँ और तुम कपड़े पहने हो.
रवि बोला- मैं भी ऐसे ही हूँ, एक बार प्लीज़ काल करता हूँ, उठा लेना.
सारिका बोली- दिखाऊंगी कुछ नहीं.
रवि ने उसे वीडियो काल किया.
सारिका ने फोन का कैमरा अपनी चिकनी टांगों को दिखाते हुए उसे सीधे अपने चेहरे पर ले लिया.
रवि को एसा ही अहसास हुआ कि वह बिना कपड़ों के है.
तो रवि ने अपना मोबाइल अपने चेहरे पर करते हुए सीधे अपने औज़ार पर कर दिया.
“क्या मोटा लंड था उसका!”
बिग लंड देख सारिका के मुंह में पानी आ गया.
पर उसने झटके से फोन काट दिया और फोन स्विच ऑफ कर दिया.
उसे मालूम था कि अब रवि बार बार उसका फोन ट्राई करेगा और बाद में उसके नंगे जिस्म की कल्पना में मुठ मार कर सो जाएगा.
सारिका बेड में घुस गयी और गौरव से चिपट कर सो गयी.
परन्तु रवि का मोटा लंड उसके दिमाग से उतर नहीं रहा था.
मेरे प्यारे पाठको, पांच भागों में समाप्य यह कहानी आगे आगे आपको और मजा देगी.
अभी तक की बिग लंड कहानी कैसी लगी?
मैं रमेश 20 साल Hindi porn stories, अमदाबाद में रहता हूँ। मेरी हाईट 5’6″ गोर रंग और सबसे महत्त्वपूर्ण कि मेरा लंड 8″ का है जिसे सारी लड़कियाँ, भाभियाँ और आंटियाँ पसन्द करती हैं।
मेरी भाभी रीना, जो एक सुन्दर सेक्सी लेडी हैं, की उमर 27 साल है। उनके बड़े बड़े स्तन और मोटे चूतड़ जो चलते समय इधर उधर झूलते हैं, मुझे हर वक्त बेचैन किये रहते हैं।
मेरा भाई 28 साल का है और 8 महीने पहले उसकी शादी रीना से हुई है। वो एक बड़ी मल्टी नैशनल कम्पनी में सोफ़्टवेयर इंजीनीयर है। उसे अक्सर कम्पनी के काम से बाहर जाना पड़ता है। मैं भी एक कोलेज में पढ़ता हूँ और भैया भाभी के साथ रहता हूँ।
शुरू के महीनों में भैया भाभी ने अपनी मैरिड लाइफ़ को अच्छा एन्जोय किया। फ़िर भाभी भैया के लम्बे समय के विदेश के टूर से परेशान हो जाया करती। भैया चार महीने के लिये फ़िर गये तो मैं और भाभी दोनों ही घर मैं अकेले थे, भाभी एकदम उदास नज़र आती थी। मैं भाभी से बहुत बातें करता था और उनको खुश करने की कोशिश करता था, लेकिन यह बहुत मुश्किल था।
थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये।
भाभी में मैंने थोड़ा चेंज नोटिस किया, मैं और भाभी अब अच्छे दोस्त बन गये थे। दोनों बाहर शोपिंग करने जाते थे, घूमते थे मज़े करते थे। जो लोग हमें नहीं जानते थे उन्हें हम दोनों पति और पत्नी लगते थे। मेरे मन में भाभी के बारे में बहुत सेक्सी ख्याल थे लेकिन वो मेरे बड़े भैया की पत्नी है यह सोच कर मैं अपने आप को कंट्रोल करता था। लेकिन रात को घर में हम दोनों अकेले होते तो मेरा लंड भाभी को चोदने के इरादे से खड़ा हो जाता था और मैं अपने लंड को अपने हाथों से हिला के अपनी आग बुझाता था।
भाभी और मैं बहुत सी बातें करते थे, वो हमेशा यह जानने की कोशिश करती थी कि कोई लडकी मेरी दोस्त है या नहीं?
मैं उसे कहता था कि मेरी कोइ गर्ल फ्रेंड नहीं तो वो मानने से इंकार करती थी, वो बोलती थी कि तेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं, ऐसा हो ही नहीं सकता। और कहती थी लड़कियों को तेरे जैसे सुडौल सुगठित लड़के चाहिये होते हैं। आज कल भाभी ऐसे ही बातें करती थी। मैं जान गया भाभी के मन में मेरे बारे में कुछ चल रहा है। उसका मेरे साथ व्यवहार भी थोड़ा बदल गया था। बातें करते समय वो मुझे छूने की कोशिश करती थी। मेरे करीब आया करती थी। मैं बड़े मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल करता था। भाभी अब सेक्स की कमी महसूस कर रही थी। उसकी हरकतों से ऐसे लगता था कि उनको सेक्स चाहिए बस!
सामान्यतया वो घर में साड़ी में रहती थी, साड़ी में उसके गोल गोल चूतड़ देख कर मेरा तो लंड हमेशा तन जाता था। उसकी नाभि, ब्लाउज़ में से दिखने वाली उसकी सेक्सी क्लीवेज, मैं इन सबके लिये पागल हुये जा रहा था। झाड़ू लगाते समय हमेशा मेरे सामने वो अपने साड़ी का पल्लू जानबूझ कर गिराया करती थी ताकि मैं उसके बड़े स्तन देख सकूँ। शायद वो मुझे पाने के लिये पागल हुए जा रही थी। लेकिन मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं जाकर भाभी को चोदना शुरु करुं। मुझे बहुत डर लगता था।
एक दिन रात को बेडरूम मैं अपने सेक्सी भाभी के बारे में सोच कर अपना लंड हिला रहा था, मेरे कमरे का दरवाज़ा तो बंद था लेकिन मैंने लॉक नहीं किया था। तभी भाभी कुछ काम से या जानबूझ कर मेरे कमरे में बिना खटकाए चली आई, और मैं अपना लंड बड़े मज़े से हिला रहा था। भाभी को देख के मैं इतना शरमा गया, कुछ कह नहीं सका।
भाभी ने भी कुछ नहीं कहा, लेकिन मेरे बड़े लंड को 2-3 मिनट तक देखते रही और वहाँ से चली गई।
अगले दिन सुबह मैं जब कॉलेज जाने की तैयारी कर रहा था तब भाभी ने मुझे स्नैक्स और चाय दी। मैं तो रात की घटना से इतना शरमा गया था कि मैं भाभी से आंखें नहीं मिला पा रहा था। एक नज़र मैंने भाभी के तरफ़ देखा तो भाभी ने मुझे शरारती मुस्कान दी, लेकिन कुछ नहीं कहा। और मैं झट से वहाँ से कॉलेज के लिये निकल पड़ा।
मैं दोपहर को 1 बजे घर आया, भाभी ने दरवाज़ा खोला, उसने गुलाबी रंग की शीफ़ॉन साड़ी और सेक्सी स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना हुआ था। वो सेक्सी दिख रही थी। उसकी पारदर्शक साड़ी में से उसका सेक्सी बदन साफ़ दिख रहा था। उसने मेरे हाथों से मेरा कॉलेज बैग लिया और मुझे अंदर लेकर दरवाज़ा बंद कर दिया और उसने मुझसे पूछा- प्यारे देवरजी, आप कल रात को क्या कर रहे थे??’
मैंने कहा- भाभी मैं कल रात को आपके बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था।’
मैं उसी के बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था, यह सुन कर वो एकदम पागल हो गई और मेरे पास आई, उसने मुझे धक्का दिया और सोफ़े पे गिरा दिया। अब वो कूद के मेरी छाती पर बैठ गई और बोलने लगी- रमेश, तुम कितने भोले हो, अपनी भाभी को चोदना चाहते हो लेकिन कभी ज़बरदस्ती नहीं की, मैं भी तुम्हारे लिये पागल हूँ, मैंने सोचा था कभी ना कभी आके तुम मुझे ज़रूर चोदोगे। लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया। मैं तुम्हारा प्यार पाने के लिये तड़प रही हूँ। तूने भाभी को बहुत तरसाया है। मुझे तुम्हारे प्यार की बहुत ज़रुरत है।’
ऐसे बोल के उसने मेरे होंठों पे अपने होंठ कस के दबा दिये। 15 मिनट तक वो मेरे और मैं उसके होंठ चूसता रहा। अब मेरा भी लंड बहुत टाइट हो रहा था। होंठों के बाद वो मुझे सब जगह पे चूमने लगी, गाल छाती और सब जगह। मैं भी उसके गालों को चूसने लगा। चूस चूस के उसके गोरे गाल मैंने लाल कर दिये।
अब तो वो बहुत गरम हो गई थी उसने मेरे कपड़े निकाल दिये, और मैंने उसके। अब मैं सिर्फ़ मेरे अंडरवीयर में था। और मेरे लंड का आकार साफ़ नज़र आ रहा था। वो शेप देख के वो और पागल हो गई और बोली- रमेश, जब से तुम्हें अपना ये बड़ा लंड हिलाते देखा है, मैं तो इसके लिये पागल सी हो गई हूँ, अब मुझे और ना तड़पाओ!’
ऐसे बोल कर उसने मेरी अंडरवीयर निकाल दी। अब वो मेरा पूरा नंगा लंड देख के जो कि अब 8′ से बड़ा हो गया था, अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। उसने उसे अपने हाथों से हिलाना शुरु किया और बोली- तुम्हारा तो तुम्हारे भैया से काफ़ी बड़ा है, इसलिये मैं तुम्हें कहती थी कि तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है क्या?? मेरे भोले देवर जी लड़कियों को ऐसे बड़े लंड वाले लड़के बहुत पसंद होते हैं!’
वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी। अब उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। मेरा लंड पहली बार किसी छेद में जा रहा था। मेरे लंड को गुदगुदी सी हो रही थी। मैं जैसे स्वर्ग में था।
उसने मेरा लंड पूरा अपने मुंह में ले लिया। क्योंकि यह मेरा पहली बार था, मैं ज्यादा देर नहीं टिक पाया, 5 मिनट के बाद मैंने उसे कहा- मैं छूटने जा रहा हूँ!
उसने कहा- मुंह के अंदर ही छोड़ देना!
मैंने बड़े जोर के साथ अपना वीर्य उसके मुंह में निकाल दिया और उसने वो पूरा निगल भी लिया। अब छूटने की वजह से मेरा लंड फ़िर अपने सामान्य शेप में आ गया। तब भाभी और मैं बाथरूम में सफ़ाई के लिये चले गये। वहाँ वो तो और सेक्सी बातें करने लगी। लगता है अब तक उसकी गरमी ठंडी नहीं हुई थी। उसने कहा- तुम्हारे भैया का लंड तुमसे बहुत छोटा है, और वो मुझे इतना प्यार भी नहीं करते, भैया नहीं थे तो मैं सेक्स के लिये बहुत पागल हुये जा रही थी, मुझे तुम अपनी बीवी समझना और जब जी चाहे तब चोदना। ये भाभी आज से तेरी है।’
और उसने मुझे फिर चूमना शुरु किया। हम एक दूसरे को फिर चूसते रहे, चूमते रहे। मैंने उसे कहा ‘भाभी, देवर को दूधू पिलाओ!’उसने कहा- पूछो मत! ये दूध और दूधवाली सब आप ही के लिये हैं, जितना दूध पीना है पी लो!’
और मैंने बिना रुके उसके 36 डी साइज़ के सेक्सी बूब्स दबाने लगा। उसे ज़ोरो से चूसने लगा। वो चीखने लगी- चूसो और ज़ोरों से, पी जाओ सारा, रमेश् आआआआअ आईईइ ईइ अ दूध ऊऊऊह ह्हह्हा आऐइ ईई ईई…ऊऊ ऊऊओ ऊऊओ ऊओ ऊ…आ आआअ आ आअ।
मैंने अपनी चुसाई जारी रखी, और वो मेरे लंड से खेले जा रही थी। 20 मिनट मैंने उसके स्तन चूस चूस के लाल कर दिये, अब मेरा लंड फ़िर तन रहा था। अब तो मेरे लंड को उसके चूत के छेद में जाना था। अपना तना हुआ लंड मैंने उसकी चूत पर रख कर अन्दर करएने का प्रयत्न किया। मेरा लंड मोटा होने के कारण अंदर जाने में थोड़ी दिक्कत हुई। लेकिन 2-3 जोर के झटकों के बाद अंदर चला गया। तब वो चिल्लाई- आआअ आआअ आऐइ ईईईइ ऐईईइऊ ऊऊऊईइ ईईईई माआ आआआ निकालो बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन वो उसे अलग नहीं होने दे रही थी। उसे भी बहुत मज़े आ रहे थे। मेरा लंड भी बहुत मजा कर रहा था। उसे चूत चुदवाना अच्छा लग रहा था। मैंने उसे लगभग 20 मिनट तक चोदा और उसकी चूत में पानी निकाल दिया, उसी समय पे उसके भी चूत से पानी निकला।
फिर हम दोनों बाथरूम में एक साथ शॉवर में नहाये, वहाँ भी मैंने थोड़ी मस्ती की। कॉलेज से घर आने के बाद शाम को 2।00 से ले के 5।00 तक चुदाई का ही प्रोग्राम चलता रहा। उस रात को हम दोनों एक ही बेड पे सोये थे एक दूसरे के बाहों में पति-पत्नी की तरह। मेरी सेक्सी भाभी के बदन की आग ठंडी हो ही नहीं रही थी। सुबह 5।30 को वो फ़िर से मेरे लंड के साथ खेलने लगी, मैं तब नींद में था। लेकिन उसकी मस्ती से मैं उठ गया और मेरा लंड भी उठ गया। और फिर एक बार मस्त चुदाई हुई।
उस पूरे दिन में हम दोनों ने 4-5 बार सेक्स किया, मैं तो पूरा थक गया था और वो भी। दूसरे दिन मैं कॉलेज जा ना सका।
इस लिये मैंने इस स्टोरी को ‘भाभी ने देवर को चोदा’ ये नाम दिया है। वो रात मैं अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं भुला सकता। उसके बाद मैंने भाभी को बहुत बार अलग अलग तरीके से चोदा है।
लेकिन अच्छी बातें कभी ज्यादा देर नहीं टिकती। वैसे ही हुआ, पिछले महीने में भैया का ट्रांसफ़र हो गया और उन्हें शिफ़्ट होना पड़ा। भाभी भी अब उन्हीं के साथ रहती है।
अब अमदाबाद में मैं बिल्कुल अकेला हूँ।
अब मेरे लंड को चोदने की अच्छी आदत लगी है, और जैसा भाभी ने कहा था कि लड़कियों को बड़े लंड वाले लड़के पसंद है वैसे ही हुआ। मेरे कॉलेज में एक लड़की है, उसने मुझसे फ़्रेंडशिप की, मैंने उसे परपोज़ भी किया। उसे भी मैं 3-4 बार चोद चुका हूँ। यह कहानी मैं आपको अगली बार Hindi porn stories ज़रूर बताऊँगा।
मेरा नाम कुसुम है। मैं मुम्बई में नौकरी करती हूं। मैं Antarvasna और मेरा भाई सुमित दोनों जुड़वां हैं. मैं बचपन से ही पढने में तेज थी तो इस वजह से घर में मेरे भाई को हमेशा डांट पड़ती थी कि देख तेरी बहन कितनी तेज है और तू नालायक …
मैं मुंबई में अकेली रहती थी एक बी एच के हाउस में मलाड में, एक साल बाद मेरे भाई का भी मुंबई में जॉब लग गया ..मम्मी पापा ने उसे मेरे पास ही रहने को कहा, हम दोनों साथ रहते थे मगर हमारे अंदर कोई ग़लत फीलिंग नहीं थी …
मैं कभी कभी जब ज्यादा चुदाने के लिए भूखी हो जाती थी तो शायद होश नहीं रहते थे और भाई का अंडरवियर लेकर उसे अपने चूत में ऊँगली से डालती थी … मुझे पता नहीं था कि मेरा भाई मेरे बारे में क्या सोचता है। कुछ दिनों बाद मैंने नोटिस किया कि मेरी ब्रा और पैंटी कभी भी मेरे रखे हुई जगह पे नहीं मिलती थी और उन पे सिलवटें भी बहुत होती थी. मुझे शक हो गया था कि मेरा भाई भी मेरी ब्रा पैंटी प्रयोग करता है मुठ मारने के लिए … फ़िर भी हम चुप रहते …अब असली कहानी …
मैं अपने बॉस से पहले चुदवा चुकी थी और वही था मेरे एक साल में दो प्रमोशन का राज … मेरे बॉस की उमर ४० की थी और उसका बॉस ५० का था … मैं २६ की थी …
क्यूँकि अभी मेरा भाई मेरे घर पे रहता था तो बॉस को बहुत दिनों से मौका नहीं मिला था मुझे चोदने का .. तो वो मुझसे काफी नाराज रहता था और मुझे कभी कभी डांटता भी था ऑफिस में …
मेरा भाई अपने दफ्तर के काम से पुणे जा रहा था दो दिन के लिए ..
मौके का फायदा उठाते हुए मैंने अपने बॉस को कहा कि आज कुसुम आपकी है, मेरा भाई दोपहर को ही घर से निकलने वाला था, मैं शाम को जब घर आई तो मुझे लगा मेरा भाई जा चुका है .. मैंने अपने बॉस को फ़ोन लगाया और बातें करने लगी … मेरा भाई उस वक्त बाथरूम में था .. उसे मेरे बॉस की आवाज़ तो नहीं पर मेरी आवाज़ साफ साफ सुने दे रही थी … मैंने अपने बॉस से कहा .. आज कुसुम को चुदवाना है अपने डार्लिंग से.. कुसुम की चूत बहुत दिनों से प्यासी है…मैं थक गई हूं अपने भाई का अंडरवीयर अपनी चूत में डाल डाल कर.. मुझे लण्ड चाहिएप्लीज़ जल्दी से आ जाओ और मुझे जम कर चोदो…
उधर मेरा भाई मेरी बातें सुनकर गरम हो गया था.. वो नहा कर बाहर निकला तो उसका लण्ड तन कर खड़ा था टॉवेल के ऊपर से ही दिख रहा था … मैं समझ गई कि इसने सब सुन लिया फ़िर भी नाटक कर के बोली- तुम गए नही अब तक … तो उसने कहा नही मेरे पेट में दर्द है, मैंने कहा कुछ दवा ले लो, उसने कहा नही मम्मी ने जो तेल दिया है उस से मालिश कर के सो जाऊँगा … फ़िर मैं समझ गई कि आज भी मेरी चूत भूखी रह जायेगी क्यूँकि मेरा भाई नहीं जाने वाला …
मेरा भाई नाटक कर रहा था .. उसके दिमाग में सिर्फ़ मेरी बातें घूम रही थी … वो भी अपनी प्यास मेरी चूत से मिटाना चाह रहा था … उसने मुझसे कहा , कुसुम प्लीज़ इस तेल से मेरे पेट पर मालिश कर दो ना … मैंने कहा ठीक है .. वो अपना बनियान उतर कर बेड पर लेट गया .. मैंने उस वक्त बस नाईटी पहनी थी मैंने ना ही पैंटी ना ब्रा पहनी थी क्यूँ कि मुझे लगा था थोडी ही देर में मेरे बॉस आयेंगे और मुझे सब उतरना पड़ेगा …
मैं उसके पेट पे तेल मालिश कर रही थी, उसके नाभि के नीचे बहुत सरे बाल थे जो जैसे जैसे नीचे जाते थे और ज्यादा थे … मेरे थोड़ी देर मालिश करने पे वो बहुत गरम हो चुका था क्यूँकि उसके पायजामे के ऊपर से उसका तना हुआ लंड दिखाई देने लगा था फ़िर भी मैं चुप चाप मालिश करती रही …
थोडी देर बाद उसने कहा- पायजामा थोड़ा नीचे सरका कर थोड़ा नीचे तक मालिश करो न …
मैंने वैसा ही किया … अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था … मैं भी सोच रही थी कि कब अपनी प्यास मिटाऊँ अपने सगे भाई के लंड से … इतने में वो बोल पड़ा हाथ अंदर डाल न … मैंने कहा कहाँ अंदर .. उसने कहा पायजामे के अंदर .. मैंने मना कर दिया .. . मन तो बहुत कर रहा था मगर वो मेरा भाई था इसलिए मैंने ना कह दिया … उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती अपने लंड पे ले गया, मैंने एक झटके से उसका हाथ दूर कर दिया …फ़िर वो बेड से उठ गया और मुझे जकड लिया और बोला सिर्फ़ अपने बॉस से चुदवाओगी … कब तक तेरे ब्रा और पैंटी से मुठ मारता रहूँगा … मेरे लंड ने क्या पाप किए हैं?.. मैं ये सब सुन कर दंग रह गई … उसने कहा मैं किसी को कुछ नहीं कहूँगा .. बस तू वो कर जो मैं कहता हूँ …
फ़िर …
अगले भाग में पढिये…
कि कैसे पहले मेरे भाई ने फ़िर मेरे बॉस ने फ़िर मेरे बॉस के बॉस ने मुझे चोदा, उसके बाद मेरे भाईसुमित ने अपने बॉस से भी मुझे चुदवा कर अपना प्रमोशन लिया ! Antarvasna
दोस्तो, मैं अमन कोलकाता Hindi Sex stories से… चोदन स्टोरीज का लेखक…
आपने मेरा पहला अनुभव ’एक सच्ची कहानी’ के रूप में पढ़ी होगी. इसके जवाब में मुझे कई ई मेल मिले. बहुतों को ये कहानी झूठी लगी.
लेकिन सच तो हमेशा सच ही रहता है. इस कहानी से मुझे एक दोस्त मिली. जो की मुझे रोज 4-5 मेल करती है और मुझे भी उसके ई मेल का इंतेजार रहता है.
खैर, मैं सेक्स के बारे में शुरू से ही बहुत सक्रिय रहा हू. मेरी शादी के दस साल हो गये हैं. इस वेबसाइट पर कहनियाँ भेजने वाले और पढ़ने वाले ज़्यादातर शादीशुदा लोग ही होंगे ऐसा मैं सोचता हूँ.
रवि और चिंता के साथ सेक्स करने के बाद से मेरी इच्छा और ऐसा करने को करने लगी. उस समय के बाद जब मैं रितु (मेरी बीवी) के साथ सेक्स करता तो मुझे ऐसा ख्याल आता कि अगर एक और कोई मर्द होता और हम दोनों मिलकर रितु को फक करते तो कैसा लगता. इसके बाद मुझे ख्याल आया वाइफ स्वापिंग के बारे में. इसके बारे में बहुत चर्चा हो रही थी. मैं ये सोचता था कि क्या ऐसा होता है. मैंने अपनी बीवी से कहा तो पहले तो उसने झिड़क दिया. महीनों कोशिश करने के बाद वो तैयार हुई लेकिन इस शर्त पर कि मर्द उसकी पसंद का होगा और ये केवल एक ही बार ऐसा करेगी. मेरा ख्याल था कि अगर वो किसी के साथ राज़ी होती है तो शायद मेरी 2:1 ( दो मर्द और एक औरत) की इच्छा पूरी होगी.
इसके बाद मैंने ऐसे जोड़ों की नेट पर तलाश शुरू की. संपर्क हुआ लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी. किसी को मैं नहीं पसंद आया तो कोई मिलने की बात उठते ही जवाब देना बंद कर दिया तो किसी को मेरी बीवी ने पसंद नही किया. एक-दो जोड़ों ने अपनी फोटो भी भेजी थी लेकिन बात नहीं बनी. कहने को तो सब तैयार थे लेकिन वक्त पर सबने अपने पैर पीछे खींच लिए.
पिछले साल यानी 2004 में मेरा संपर्क एक लड़के से हुआ जिसका नाम सन्नी था. कुछ ई मेल के संपर्कों के बाद हम मिलने पर राज़ी हुए. और एक दिन मिले लेकिन केवल वो और मैं. वो मुझसे दिखने ज़्यादा स्मार्ट और हॅंडसम था. मुझे लगा कि वो मेरी बीवी को पसंद आ जाएगा. लेकिन उस दिन के मिलने के बाद उसने संपर्क करना छोड़ दिया. उसके फोन पर ट्राइ करने पर हमेशा आउट ऑफ रीच होता. मुझे लगा कि उसे मैं पसन्द नहीं आया और मेरी बीवी ने मुझे जी भरकर कोसा कि तुम्हारा दिमाग़ बिना मतलब के कामों में लगा रहता है.
इस घटना के 6 मास के बाद मैंने उसके मोबाइल पर एक “हैप्पी न्यू ईयर” का मैसेज भेजा. कुछ दिन के बाद उसका जवाब मिला कि उसका फोन खो गया था इसलिए वो मुझसे संपर्क नहीं कर पाया था और वो अब हम लोगों से मिलना चाहता है. फिर मिलने का दिन तय हुआ. मैंने अपनी बीवी को बहुत मुश्किल से उससे मिलने के लिए मनाया. सन्नी की बीवी का नाम सीमा था.
जिस दिन मिलना था उसके पहले दिन उसका फोन आया कि मैं उनसे पहले मिल सकता हूँ.
मैंने पूछा- क्यों?
तो उसने जो कहा वो सुनकर मैं तो पहले उछल पड़ा. उसने मुझे 2:1 का प्रस्ताव दिया. मैं, सन्नी और उसकी बीवी सीमा जिसको मैंने अभी तक देखा भी नहीं था और ना कभी बात किया था. मैंने बिना सोचे हाँ बोल दिया.
उसने अगले दिन मुझे एक होटल में बुलाया. मैंने अपनी बीवी नहीं बताकर एक ज़रूरी काम का बहाना बनकर मिलने चल दिया. लेकिन सारे रास्ते मैं यही सोचता था की कैसे होगा कहीं कोई प्राब्लम न हो जाए. खैर लाइफ में कभी- कभी रिस्क तो लेना ही पड़ता है.
मैं सन्नी के बताए हुए होटल के बाहर पहुँचा वो बाहर ही मेरा इंतजार कर रहा था. फिर हम दोनों होटल में घुसे. एक रूम के सामने उसने दस्तक दिया और दरवाजा खुला और हम अंदर गये. रूम में एक 23-24 साल की लड़की थी. वही सीमा थी सन्नी की बीवी. वो एक पतली, लंबी और बहुत सुंदर तो नहीं लेकिन सुंदर थी. देखने में बहुत सादगी पसन्द लगी. मुझे तो पहले लगा कि क्या वो ऐसी हो सकती है?
फिर कुछ देर तक हमने इधर उधर की बातें की. इसके बाद सन्नी ने टी वी पर एक हिन्दी मूवी चला दी. इसके बाद वो सीमा के पास बेड पर बैठ गया और मुझे दूसरी ओर से आने को बोला. मैं सीमा के दूसरी ओर बेड पर अधलेटा होकर टी वी देखने लगा. सीमा ने उस समय ऑरेंज कलर का सूट पहन रख था और उसमे वो बहुत पवित्र लग रही थी.
फिर सन्नी ने उसका एक हाथ मेरे हाथ में पकड़ा दिया और एक हाथ अपने हाथ में लेकर चूमने लगा. उस समय सीमा बेड पर अधलेटी थी. मैंने भी उसका हाथ धीरे धीरे चूमना शुरू किया तो उसने अपनी आँखें बंद कर ली. सन्नी धीरे धीरे उसके गर्दन और कानो को चूमने लगा और सीमा का मुख मेरी ओर घुमा दिया मैं सीमा के होठों को अपने होठों में लेकर चूसने लगा और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी जिसे वो चूसने लगी. मैंने पहली बार उसकी चुचियों पर हाथ रखा. चुचियाँ छोटी पर कठोर थी. सन्नी भी उसकी एक चुची दबाने लगा.
सीमा उस समय उत्तेजना से छटपटा रही थी. उसके होठों को चूसते हुए मैंने अपना एक हाथ उसकी बुर की ओर बढ़ाया. उसने इलास्टिक वाली सलवार पहन रखी थी इसलिए मुझे वहाँ तक पहुँचने में कोई परेशानी नहीं हुई. उसके बूर पर छोटे छोटे बाल थे. मैंने एक अंगुली उसकी बूर में घुसाई तो मेरी अंगुली पूरी तरह से भीग गई.
इसके बाद सन्नी ने उसकी सलवार और पैंटी एक झट के में उतार दी और मैंने उसके ऊपर के कपड़े उतार दिए. अब वो पूरी तरह से नग्न थी. जिस लड़की को मैंने 1 घंटा पहले पहली बार देखा था वो मेरी बाहों में थी पूरी तरह से नग्न. मेरी उस समय क्या हालत थी मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मैं उसकी एक चुची को चूस रहा था और सन्नी दूसरी. और सीमा का चेहरा लाल हो रहा था.
इसके बाद मैं उसके पेट और नाभि से होते हुए उसकी बूर को चूसने लगा. उस समय सीमा उत्तेजना से जैसे पागल हो रही थी और अपना बूर चूसते हुए मुझे अपना सिर उठा कर देख रही थी.
सन्नी ने अपना लिंग उसके मुख में दे दिया और वो उसे चूस रही थी. इसके बाद सन्नी ने मुझे उसे चोदने का इशारा किया और एक कंडोम भी दिया. मैंने जल्दी से कंडोम को अपने लण्ड पर चढ़ा कर सीमा के दोनों पैरों के बीच बैठ गया. और उसकी पतली कमर को दोनों हाथों में उठकर अपना लण्ड उसके बूर में एक ही बार घुसा दिया वो उत्तेजना के मारे ज़ोर से चिल्लाई. मैंने उसकी कमर को दोनों हाथों में पकड़ कर थोड़ उपर उठाकर ज़ोर ज़ोर से उसे चोदने लगा. मैं जितना ज़ोर से धक्का लगता वो उतनी ज़ोर से अपना चूतड़ उठाती. ऐसी हॉट लड़की मैंने आज तक अपनी जिंदगी में नही देखी थी।
कंडोम लगाकर करने में मेरा जल्दी झड़ता नहीं है इसलिए मेरी बीवी बर्थ कंट्रोल पिल्स खाती है. वहाँ भी ऐसे ही हुआ मैं करते – करते थक गया लेकिन सीमा नहीं थकी. अपनी जिंदगी में मैंने 5-6 लड़कियों को चोदा है लेकिन सीमा ने मुझे थका दिया था. सन्नी ने मेरी स्पीड धीमी देखकर मुझे हटाकर वो सीमा को चोदने लगा कुछ देर के बाद वो भी हट गया. लेकिन सीमा के चेहरे को देखकर ऐसा लग रहता की उसे और चाहिए.
मैं और सन्नी बेड पर लेट गये और सीमा हमारे बीच में बैठ गई उसने मेरे लण्ड पर से कंडोम हटाया और चूसना शुरू किया। उस समय तो ऐसा लगा कि मैं स्वर्ग में हूं. वो कभी मेरा तो कभी सन्नी का लॅंड चूस रही थी. उसने बताया कि ये उसका एक सपना था कि वो एक समय में दो मर्दों से चुदवाये और उनका लण्ड चूसे. इसके बाद सन्नी फिर उसे चोदने लगा और मैं उस समय उसकी चुचियाँ दबा रहा था. सन्नी के झड़ने के बाद मैंने एक और कंडोम अपने लण्ड पर लगाया और उसे चोदने लगा. थोड़ी देर के बाद मैं भी झड़ गया लेकिन सीमा का चेहरा जैसे कुछ और माँग रहा था. खैर मैंने अपने कपड़े पहने और दूसरी बार सारी रात का प्रोग्राम बनाने के लिए बोलकर चला आया क्योंकि मुझे उस समय मुझे ऑफीस भी जाना था.
दोस्तो, ये मेरा आपसे बाँटने लायक आख़िरी अनुभव है अभी तक तो… इसके बारे में अपनी राय प्रकट करना! Hindi Sex stories
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