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Massage Girl in Katihar: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Katihar who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Katihar that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Katihar massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Katihar who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Katihar massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Katihar massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Katihar who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Katihar employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Katihar helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Katihar

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Katihar at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

प्रेषक : विनोद Antarvasna

पप्पू मेरे गाँव का ही लड़का था Antarvasna और बचपन में हम लोग साथ साथ ही रहे थे। उसका बाप हमारे घर का पुराना नौकर था, मगर गाँव देहात में इन सब चीज़ों को कोई नहीं मानता। हम लोग साथ ही दिन भर खेला करते थे और मेरी उम्र उस समय लगभग अठारह साल की थी. मैं नया नया जवान हुआ था और जैसा कि होता है, अक्सर सेक्स के बारे में सोचा करता था, मगर कभी मौका नहीं मिला था।

हम और पप्पू रोज़ सुबह शौच के लिए लोटा ले कर खेत में जाते थे और अगल बगल ही बैठ जाते थे। हर दिन साइड से मुझे उसका लटका हुआ आण्ड और थोड़ा सा लौड़ा दिख जाता था। मेरे बदन में हमेशा उसका सामान देख कर थोड़ी थोड़ी झुरझुरी हुआ करती थी। मैंने तब तक किसी भी लड़के या लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था मगर दिल तो हमेशा रहता था कि और कुछ नहीं तो किसी लड़के के साथ ही थोड़ी बहुत छु-छा हो जाये।

मैं मुठ मारा करता था अकेले में, मगर जो मज़ा किसी के साथ है वो अकेले में कहाँ !

मैं मन ही मन योजना बनाने लगा कि किसी तरह से पप्पू को पटाया जाए साथ में मज़ा लेने के लिए।

एक दिन जब हम सुबह शौच के लिए गए तो उसका लंड कुछ ज्यादा ही बड़ा दिख रहा था। मैंने मजाक करते हुए पप्पू से कहा,”क्या यार, अब तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए !”

“क्यों”

“तुम्हारा मन कर रहा होगा”

“ये कैसे कह रहे हो?”

“मुझे लगा !”

मगर पप्पू ने उस से ज्यादा कोई बात नहीं की। मैं भी मन मसोस कर रह गया।

अगले दिन हम सभी को एक शादी के लिए बगल के गाँव में जाना था। पप्पू भी साथ में गया। रात में ऐसा हुआ कि हम दोनों को सोने के लिए छत पे बना हुआ एक कमरा दे दिया गया। कमरा छोटा ही था और बिस्तर तो और भी छोटा, मगर मैं मन में खुश हो रहा था कि शायद आज कुछ इधर उधर की बात हो। मगर पप्पू लेटते ही सो गया। मेरे बदन में तो झुरझुरी चालू थी और मेरा लौड़ा भी थोड़ा थोड़ा खड़ा हो रहा था।

जब मुझे लगा पप्पू पूरी तरह सो गया है तो मैंने धीरे से करवट बदला और अपना हाथ उसके घुटनों के थोड़ा ऊपर रख दिया। उसने लुंगी पहन रखी थी आधा मोड़ कर। धीरे धीरे मैंने अपना हाथ ऊपर उठाया और सीधे उसके लंड के ऊपर रख दिया। शायद उसका लंड अभी सोया हुआ था और ऐसे भी लुंगी के ऊपर से पता नहीं चल पा रहा था। मैंने हलके से लुंगी को ऊपर से उसके लंड को दबाने की कोशिश की. मैंने लुंगी के ऊपर से उसका लौड़ा पकड़ लिया. उसका लंड अभी एकदम ठंडा पड़ा हुआ था मगर फिर भी बहुत ज्यादा मोटा लग रहा था।

मैंने धीरे धीरे उसके लंड को दबाना शुरू किया कि शायद पप्पू अगर जगा हो तो उसे पता चल जाये कि क्या हो रहा है।

पप्पू ने धीरे से अपना देह हिलाया जिससे मुझे लगा कि शायद वो जग गया है। मगर उसने मेरे हाथ को हटाने की कोशिश नहीं की। मैंने अपना सहलाना जारी रखा। थोड़ी ही देर में मैंने महसूस किया कि उसका लंड थोड़ा थोड़ा कड़ा हो रहा है। मैंने अब उसके लौड़े को थोड़ा और कस के दबा दिया। लुंगी के अन्दर से उसका लंड अब एकदम बड़ा हो गया था। मैंने धीरे से अपना हाथ हटाया और उसकी लुंगी को थोड़ा ऊपर उठा कर अन्दर डाल दिया।

अब मेरा हाथ उसके जांघिये के ऊपर था। मैंने पाया कि उसका लंड रह रह कर हलके से उछल रहा था। मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने धीरे से उसके जांघिये को सरका कर उसका लंड पूरा पकड़ लिया। पप्पू का लंड इतना बड़ा था कि मुझे यकीन ही ना हुआ। मैंने उसका सुपाड़ा अपने हाथ में ले लिया और हौले से रगड़ने लगा। उसके सुपाड़े पर से मैंने चमड़ी नीचे खींच दी और उसका हल्का सा अहसास लिया। उसके सुपाड़े से थोड़ा थोड़ा भीगा रस चिकना चिकना सा निकल रहा था।

इतने में पप्पू ने करवट ली और मेरे बदन पे अपना पैर रख दिया और मुझे हल्के से अपनी बाँहों में भींच लिया। अब हम दोनों के मुँह एक दूसरे के पास पास थे और मेरे हाथ में उसका बड़ा सा लौड़ा था। उसका लंड लगभग साढ़े छः इंच लम्बा और मोटाई लगभग पांच इंच थी। उसके लम्बे लम्बे झांट मेरे हाथों में फँस रहे थे। मैंने उसका लौड़ा सहलाना चालू रखा। पप्पू ने धीरे से मेरे गालों पे एक किस कर लिया। मैं भी अब एकदम गरम हो गया था और मैंने भी अपने हाफ पैंट को खोल कर सरका लिया. अब हम दोनों एक दूसरे से एकदम सट गए थे और मेरा लंड उसके जांघ को छू रहा था। मैंने अपना हाथ उसके लंड से हटा लिया और उसकी पीठ पे रख दिया। अब हम दोनों अपने लौड़े को आपस में रगड़ रहे थे। पप्पू की सांस भी तेज़ हो चली थी।

थोड़ी देर में मुझे अहसास हुआ कि पप्पू मेरे सर को धीरे से नीचे की ओर धकेल रहा था। मुझे लग गया कि शायद वो मेरा मुँह अपने लंड के पास ले जाना चाहता है। मैंने भी कोई प्रतिकार न किया और नीचे की ओर सरकता गया। थोड़ी ही देर में मेरा मुंह उसकी जांघों के पास था। उसका लोहे जैसा कड़ा लंड बिलकुल मेरे होंठ के पास था और उससे एक अजीब सी गंध आ रही थी।

इतने के बाद पप्पू ने हल्के से अपने बदन को आगे बढ़ाया जिससे कि उसके लंड का सुपाड़ा मेरे मुँह में आ गया। मैंने धीरे से उसका पूरा का पूरा लंड ही अपने मुँह ले लिया जो इतना बड़ा और मोटा था कि मुझे मुंह में रखने में भी दिक्कत आ रही थी।

मैंने उसके लंड को बड़े प्यार से चूसना चालू कर दिया और पप्पू भी हौले हौले से धक्के लगाने लगा। उसका एक झांट टूट कर मेरे जीभ पे आ गया था जिसे मैंने हटा दिया। उसका लंड बेहद गरम था और उससे थोड़ा थोड़ा पानी भी निकल रहा था जिसका नमकीन स्वाद मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। मैंने अपनी जीभ उसके सुपाड़े के चारों तरफ घुमानी शुरू कर दी जिससे वो और भी ज्यादा गरम हो गया। पप्पू ने अपने हाथ से मेरे सर को दबाना शुरू कर दिया और अपने धक्के भी तेज़ कर दिए। मैंने अपना लंड उसकी टांगों के बीच डाल दिया था और हल्के से आगे पीछे कर रहा था। थोड़ी देर में पप्पू के मुँह से ऊं ऊं की हल्की आवाज़ आने लगी और उसके धक्कों की रफ्तार भी बढ़ गई। मैंने उसका सुपाड़ा चाटना जारी रखा। दस पंद्रह मिनट के बाद मुझे लगा कि उसके लंड से वीर्य की धार निकल रही है। मैंने भी बहुत बार मूठ मार कर अपना माल गिराया है मगर इतना ज्यादा कभी नहीं निकलते देखा था। मेरा पूरा मुँह उसके वीर्य से भर गया था। उसका वीर्य बहुत ही नमकीन था और मैं उसे पूरा का पूरा पी गया। थोड़ा सा वीर्य मेरे गाल और होठ पे भी निकल आया था जिसे मैंने चाट लिया।

पप्पू की टांगों के बीच मेरा लंड दबा रखा था और मैं भी लगभग साथ साथ ही झड़ गया।

मैंने अपने मुँह से उसका लौड़ा बाहर निकाला और चमड़ा खींच कर सुपाड़े के ऊपर कर दिया। पप्पू भी करवट बदल कर वापस सो गया। मुझे इतना मज़ा जिंदगी में कभी नहीं आया था। चूंकि मेरा गिर चुका था इसलिए मुझे भी जल्दी ही नींद आ आ गई और मैं सो गया।

लगभग दो घंटे बाद मुझे लगा कि पप्पू ने मेरे पैंट के अन्दर हाथ डाल दिया है और धीरे से मेरे गांड के छेद को सहला रहा है। मुझे भी मज़ा आने लगा और मैंने झट से अपना पैंट खोल कर हटा दिया और घूम कर उसके लौड़े को फिर से मुँह में ले लिया। जब पप्पू का लंड पूरा गरम हो गया तो उसने मुझे पेट के बल लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया पीछे से।

उसने पहले तो मेरे चूतड़ों को हल्का सा अलग किया और गांड के छेद पे झुक कर थूक दिया। मैं समझ गया कि अब वो मेरी गांड मारना चाह रहा है। मगर उसका लौड़ा इतना बड़ा था कि मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी। मैंने धीरे से कहा,”पप्पू तुम्हारा बहुत ज्यादा मोटा है, नहीं घुस पायेगा।”

“सब चला जायेगा, थोड़ा आराम से ढीला करो छेद !”

यह कह कर उसने मेरे गांड के छेद पे थोड़ा और थूक लगाया और उंगली से सहलाने लगा। मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। फिर धीरे से उसने अपने सुपाड़े को मेरी गांड के छेद पे रखा और अन्दर की ओर धकेलने लगा। मुझे बड़ा दर्द हुआ मगर पप्पू ने अपने पैरों से मुझे कस कर जकड लिया था जिससे कि मैं हिल नहीं पाया। धीरे धीरे उसने पूरा ही सुपाड़ा मेरी गांड में घुसा दिया और अंत में पूरा लौड़ा अंदर चला गया।

मुझे भी अब बहुत मज़ा आने लगा था और मैं भी नीचे से धीरे धीरे गांड उचका कर ठाप देने लगा। पंद्रह बीस मिनटों बाद उसका पूरा वीर्य मेरी गांड में ही निकल गया। मैं भी अपने लंड को चादर में रगड़ता जा रहा था और मेरा भी तुंरत ही गिर गया।

“पप्पू अब बाहर आ जाओ !” मैंने कहा।

“रुकिए न, थोड़ा बाथरूम में चलते हैं।”

“क्यों?”

“चलियेगा तब तो !”

पप्पू ने अपना लौड़ा भीतर ही रहने दिया और मुझे उसी अवस्था में खींच कर बाथरूम में ले गया। बाथरूम का दरवाज़ा सटा हुआ ही था। अन्दर जा कर हम दोनों खड़े हो गए और उसका लंड अभी भी मेरी गांड में फंसा हुआ था।

“क्या कर रहे हो पप्पू?”

“अभी पता चल जायेगा !”

थोड़ी देर वैसे रहने के बाद मुझे लगा कि जैसे उसके लौड़े से कोई गरम धार सी मेरी गांड में गिर रहा है। मैं समझ गया कि पप्पू ने मेरी गांड में ही अपना पेशाब कर दिया है। फिर हम दोनों अलग हुए और आ कर सो गए वापस। उस दिन मैंने तीन बार और उसका लौड़ा चूसा और अपनी गांड मरवाई।

हालाँकि इस घटना को अब सात साल गुजर गए, पप्पू की शादी हो गई, मगर अब भी जब मैं गाँव जाता हूँ तो मैं उसका मोटा लंड अपने मुँह में जरूर लेता हूँ और वो मेरी गांड भी मारता है। Antarvasna

फ्रेंड से अफेयर और सेक्स हाय फ्रेंड्स मेरा नाम मालविका हैं मेरी उम्र 27 साल हैं और मेरा फिगर 36-34-38 हैं। मेरे बड़े बड़े बूब्स और बड़ी गांड बहुत सेक्सी हैं। मेरे हसबैंड का नाम विजय हैं उनकी उम्र 29 साल हैं और वो बड़े पद पर नौकरी करते हैं। वो सुबह 9 बजे आफिस जाते हैं शाम को 6 बजे के बाद वापस घर आते हैं। उनके शनिवार संडे को छुट्टी रहती हैं तो हम उस समय बहुत एजोंय करते हैं। मेरी सेक्स लाइफ अच्छी हैं मेरे हसबैंड सप्ताह में तीन चार बार मेरे साथ चुदाई करते हैं। उनका लंड छ इंच लंबा और तीन इंच मोटा हैं। हम साथ में पोर्न देखते हैं सेक्स स्टोरी पढ़ते हैं। हसबैंड मुझे आगे पढ़ने के लिए मोटीवेट करते हैं इसलिए मैंने आगे तैयारी शुरु कर दी। फिर मैं दिन में तीन चार घंटे कोचिंग जाने लगी। मैं सुबह सुबह मार्निंग वॉक पर जाती हूं हसबैंड कभी कभार चलते हैं इसलिए मैं एक्टिवा लेकर जाती हूं। मैं हमेशा टाइट कपड़े पहनती हूं इस कारण लोग मुझे बहुत घूरते हैं। वहां मेरी फ्रेंड्स भी आती हैं और वो भी टाइट कपड़े पहनकर आती है ताकि लोग उन्हें देखे। एक बार मैं सुबह मार्निंग वॉक कर रही थी तभी मैंने नोटिस किया कि एक अंकल मुझे बहुत ज्यादा घूर रहे थे फिर जब मैं बेंच पर रिलेक्स होने के लिए बैठी तो वो मेरे पास आकर बैठ गए और बातें करने लगे। वो दिल्ली के बारे में पूछ रहे थे। मैं भी उनको बता रही थी वो बोले कि उनकी अभी यहां ट्रांसफर हुई हैं इसलिए वो ज्यादा जानते नहीं हैं। उन्होंने अपना नाम वी एस रामन बताया वो दिल्ली में एक बड़े इंस्टीट्यूट में बड़े अधिकारी थे उनकी उम्र 56 साल थी और उनकी पत्नी मुंबई में नौकरी करती हैं और फैमिली साउथ से है और वही रहती हैं। दिल्ली में वो अकेले रहते हैं। मार्निंग वॉक पर रोज उनसे बातें होने लगी उन्होंने मेरा नंबर लिया और मुझे रोज मैसेज करने लगे। फिर वो रोज मुझे फोन करते और बातें करते। फिर वो मुझे कोचिंग से घर छोड़ने लगे और हम साथ में बाहर लंच करते। वो घर छोड़ने आते तो जाते समय मेरे हाथ मिलाते। वो मुझे अक्सर महंगे महंगे गिफ्ट देते थे। एक बार उन्होंने कहा कि मालविका तुम मुझे अच्छी लगती हो तो मैंने कहा सर मैं समझी नहीं वो बोले क्या तुम मेरी फ्रेंड बन सकती हो मैंने कहा सर मैं आपकी बेटी जैसी हूं वो बोले मालविका प्यार में उम्र नहीं देखते। मैं बोली कि मैं मैरिड हूं वो बोले मैं भी मैरिड हूं पर मेरी वाइफ मुंबई में नौकरी करती हैं और साल में दो तीन बार ही मिल पाते हैं। तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो मैं तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहता हूं। फिर वो जमीन पर घुटनों पर बैठ गए और मुझे रोज देने लगे मैंने रोज लेने से मना कर दिया तो बहुत रिक्वेस्ट करने लगे तो मैंने रोज ले लिया फिर उन्होंने मुझे एक गिफ्ट दिया तो मैंने उसे रख दिया फिर वो बोले इसे खोलकर देखो तो मैंने उसे खोला तो उसमें दो लाख रुपये थे मैंने कहा सर ये किस लिए तो कहा कि तुम्हारे लिए गिफ्ट हैं मैंने कहा इतने रुपये कि क्या जरुरत थी तो बोले कि तुम हसीना हो और तुम्हारे लिए ये गिफ्ट बहुत कम हैं। फिर बोले मैं कल तुम्हें लंच के लिए लेकर जाऊंगा। फिर वो चले गए। दूसरे दिन मैं कोचिंग से उनके साथ लंच के लिए चली गई वहां से वो मुझे शापिंग करवाने लेकर गए और महंगे कपड़े दिलवाए और सेक्सी ब्रा पेंटी भी दिलवाई। फिर वो मेरे साथ घर आए और घर आकर उन्होंने मुझे हग करके मेरे गाल पर किस किया। फिर वो बोले कि कल दिन में मैं आऊंगा तुम ये पहनकर तैयार होना मैं बोली ठीक हैं। फिर दूसरे दिन मेरे हसबैंड आफिस चले गए और मैं कोचिंग नहीं गई। दिन में एक बजे रामन सर ने फोन किया बोले तुम तैयार हो मैंने कहा हां मैं तैयार हूं वो बोले मैं आ रहा हूं मैंने कहा ठीक हैं फिर वो आधे घंटे में मेरे घर आए मैं भी सेक्सी ब्रा पेंटी और नाइटी पहनकर तैयार हो गई थी। उन्होंने घर में आते ही मुझे किस करना शुरु कर दिया। फिर हम हाल में सोफे पर बैठ गए मैं काफी बनाकर लाई और हमने काफी पी। फिर रामन सर बोले कि अब बैडरुम में चलो फिर हम मेरे बैडरुम में चले गए। रामन सर ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और मुझे किस करने लगे। वो मेरे बूब्स और गांड दबा रहे थे। फिर उन्होंने कोई सेक्स टेबलेट ली और अपने कपड़े उतारने लगे वो सिर्फ अंडरवियर मैं मेरे सामने खड़े थे। उनका शरीर थोड़ा मोटा था और बहुत मजबूत था। उनका तना हुआ लंड अंडरवियर में से दिख रहा था। फिर उन्होंने मेरी नाइटी उतार दी और बोले कि मेरा लंड मुंह में लो। मैंने कहा ठीक हैं फिर मैं उनका लंड मुंह में लेकर चुसने लगी। फिर उन्होंने अपना अंडरवियर उतार दिया और नंगे हो गए। उन्होंने मुझे भी नंगा कर दिया। उनका लंड पांच इंच लंबा और तीन इंच मोटा था। उन्होंने लेपटाप पर एक पोर्न मूवी चला दी जिसमें दो काले अफ्रीकन एक गोरी लड़की की चुदाई कर रहे थे। फिर रामन सर ने मुझे बैंड पर लिटा दिया और मेरी चुत चाटने लगे। वो अंदर तक जीभ डाल रहे थे। फिर वो बैंड पर बैठ गए और मैं नीचे बैठकर उनका लंड चुसने लगी। वो मेरा सिर पकड़ कर लंड पर दबा रहे थे। पांच मिनट बाद उन्होंने मुझे बैड पर मिशनरी पोज में चोदना शुरू कर दिया वो धीरे धीरे मेरी चुदाई कर रहे थे और बोल रहे थे मालविका तुम्हारी चुत बहुत टाइट हैं। वो अपना लंड पुरा बाहर निकालते और अंदर डालते मुझे बहुत मजा आ रहा था। बार उन्होंने मुझे अपने लंड पर बैठा दिया और चोदने लगे कुछ देर बाद उन्होंने मुझे खड़ा किया और आगे से मेरी चुत की चुदाई कर रहे थे। पांच मिनट बाद उन्होंने अपना स्पर्म मेरी चुत में ही गिरा दिया और उनका स्पर्म मेरी चुत से बाहर आने लगा। मैंने स्पर्म साफ किया और बैड पर बैठ गई। रामन सर का लंड सेक्स टेबलेट के कारण तनाव हुआ था। थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदने लगे पहले वो धीरे कर रहे थे फिर उन्होंने स्पीड बढ़ा दी और तेज धक्के लगाने लगे। मुझे दर्द हो रहा था। मैं - सर धीरे करो दर्द हो रहा हैं रामन- अभी तेरा दर्द मिटाता हूं और तेरी चुत का भौसडा बनाता हूं बार वो मेरी गांड पर अपने हाथ से मारने लगे इस कारण मुझे और दर्द होने लगा। मैं - सर धीरे करो रामन- अभी तुझे बहुत अच्छा लगेगा मैं - धीरे चोदना फिर उन्होंने स्पीड बहुत तेज कर दी और मेरी कमर पकड़ कर तेज स्पीड में मेरी चुत में धक्के लगाने लगे। मैं - आआआआआआ उहहहहहह ओओओओओओओ दर्द हो रहा हैं धीरे चोदो मुझे रामन- अब रुक नहीं सकता मेरी जान आज तुझे चोदकर तेरी चुत फाड़ दूंगा। मैं - धीरे चोदो मुझे रामन- अभी मैं धीरे करता हूं फिर उन्होंने स्पीड कम की और मेरे बूब्स को दबाने लगे फिर उन्होंने वापस स्पीड तेज कर दी मैं - आआआआआआ उहहहहहह ओओओओओओओ आईईईईईईई ओह ओह आ आ रामन- यह माय फकिंग बेब मैं - ओओओओओओओ आईईईईईईई ओह ओओओओ आहहहहह दस मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने मेरी चुत में अपना स्पर्म गिरा दिया और बैड पर लेट गए। मैं उनके पास लेट गई। फिर वो उठे और नंगे ही किचन से चाकलेट लेकर आए और मुझे दी फिर हमने चाकलेट खाई और बातें करने लगे। फिर उन्होंने मेरी गांड में क्रीम लगाकर अंगुली डाल दी मैंने कहा गांड मत मारना तो बोले कि आज हमारी फ्रेंडशिप का सेलिब्रेशन है तो मैं मान गई। कुछ देर अंगुली करने के बाद उन्होंने अपना लंड क्रीम लगाकर मेरी गांड को चोदने लगे। टेबलेट के कारण उनका लंड तना हुआ था। मुझे गांड में दर्द होने लगा। वो पन्द्रह मिनट तक गांड चोदने के बाद मेरी गांड पर स्पर्म गिरा दिया। फिर उन्होंने कपड़े पहने और मैंने भी वापस नाइटी पहनी। उन्होंने जाते समय मुझे गिफ्ट दिया उनके जाने के बाद मैं गिफ्ट खोलकर देखने लगी उसमें तीन लाख रुपये थे। फिर मैं सो गई और शाम को पांच बजे उठकर कपड़े बदले और लोअर टी-शर्ट पहन लिए। रात में हसबैंड चोदना चाहते थे पर मैंने मना कर दिया। फिर रामन सर मुझे सप्ताह में दो तीन बार चोदने लगे और पैसे भी देने लगे। एक बार मेरे हसबैंड को पता चल गया दिन में रामन सर मेरे घर आए थे और हसबैंड भी उस दिन जल्दी आ गए उन्होंने घर के बाहर कार देगी और बाहर ही रुक गए। रामन सर के जाने के बाद वो घर आए और दो तीन बाद पूछा तो मैंने कहा कि कोई नहीं आया था तो उन्होंने अलमारी में से नाइटी निकाल कर कहा कि ये खांसने दिलवाई मैं बोली मैंने ली हैं तो कहा पहनती क्यों नहीं मैं बोली अब शुरु करुंगी तो बोले इसे तुम पहन चुकी हो बताओ किसके लिए पहनी फिर मुझे हसबैंड को सब बताना पड़ा पहले वो नाराज़ हुए बाद में मेरे बहुत मनाने पर मान गए। मैंने कहा मैं आपको मेरी फ्रेंड के साथ चुदाई करवाने दूंगी आप जो कहोगे करुंगी। फिर वो खुश हो गए। एक बार रामन सर का अमेरिका का फ्रेंड दिल्ली आया उसका नाम जैक था। सर ने मुझे भी उससे मिलवाया। दूसरे दिन सर ने कहा कि जैक तुम्हें चोदना चाहता हैं मैं बोली मैं तैयार नहीं हूं। सर बोले वो इसके लिए कुछ भी देने को तैयार हैं मैंने मना कर दिया। बार सर ने उसे फोन करके बता दिया कि मैंने मना कर दिया हैं। उसने सर को कहा कि वो दस लाख देने को तैयार हैं। सर ने कहा वो तुम्हे दस लाख देने को तैयार हैं तो फिर मैं मान गई। दूसरे दिन में दो बजे रामन सर के घर चली गई मैंने टाइट जींस और टी-शर्ट पहना था। रामन सर और जैक वहीं पर था। उसने मुझे देखा और पहले हाथ मिलाकर फिर हग किया और मुझे किस कर दिया। फिर थोड़ी देर बातें करने के बाद हमने काफी पी और रामन सर और जैक ने सेक्स टेबलेट ली फिर सर ने म्यूजिक लगा दिया और हम तीनों साथ में डांस करने लगे सर और जैक मेरे से चिपक कर डांस कर रहे थे मुझे भी मजा आ रहा था। सर मुझे किस करते हुए मेरे बूब्स और गांड दबा रहे थे जैक भी मुझे किस करते हुए मेरे बूब्स गांड दबा रहा था। फिर सर ने अपने कपड़े उतारने लगे और नंगे हो गए जैक भी नंगा हो गया उसकी उम्र 55 साल थी और उसका लंड नौ इंच लंबा तीन इंच मोटा था। फिर उन्होंने मुझे भी नंगा होने को कहा तो मैं भी अपने पुरे कपड़े उतार कर नंगी हो गई। फिर मैं बैंड पर बैठ गई सर ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया और जैक मेरी चुत चाटने लगा। वो मेरी दोनों टांगें फैलाकर चुत चाट रहा था। सर मेरा सिर अपने लंड पर दबा रहे थे मैं दोनों हाथों से उनका लंड पकड़कर चुस रही थी। मेरी चुत दो बार पानी छोड़ चुकी थी। जैक बैड पर लेट गया और डागी स्टाइल में उसका लंड चुसने लगी रामन सर ने पीछे से मेरी चुत में लंड डाल दिया। मैं जैक का मोटा लंड चुस रही थी और सर मुझे चोद रहे थे वो मेरी गांड पर मारते हुए मुझे चोद रहे थे। जैक - आहहह को आआआ ओओओ आहहह उसे लंड चुसवाने में मजा आ रहा था। पांच मिनट चुदाई के बाद सर ने मेरी चुत में ही स्पर्म गिरा दिया। जैक ने भी मेरी मुंह में स्पर्म गिरा दिया मेरा मुंह जैक के स्पर्म से भर गया वो बोला इसे पी जाओ मैं उसका स्पर्म पी गई। फिर हम बैठकर बातें करने लगे। थोड़ी देर में जैक ने मुझे मिशनरी पोज में लिटा दिया और चोदने लगा उसका लंड बहुत बड़ा था तो मुझे दर्द हो रहा था पर जैक बहुत तेज स्पीड से चुदाई कर रहा था। पांच छः मिनट इस पोजीशन में चोदने के बाद वो नीचे लेट गया मैं उसके लंड पर बैठ गई और चुदवाने लगी रामन सर ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया मैं उसका लंड चुसने लगी। थोडी देर बाद जैक ने मुझे डागी स्टाइल में किया और तेजी से चोदने लगा मुझे उसके बड़े लंड के कारण दर्द हो रहा था। रामन सर मेरे मुंह में लंड डालकर मेरे मुंह में लंड को दबा रहे थे। कुछ देर बाद जैक ने मेरी चुत में स्पर्म गिरा दिया तो रामन सर ने मेरे मुंह से लंड निकालकर चुत में डाल दिया और चोदने लगे तीन चार मिनट बाद उन्होंने भी मेरी चुत में स्पर्म गिरा दिया मेरी चुत स्पर्म से भर गई थी जब मैं खड़ी हुई तो उनका स्पर्म मेरी चुत से बाहर आने लगा मैं बाथरुम गई और स्पर्म साफ करके आई। फिर हमने चाकलेट खाई और रामन सर बोले कि आज तुम्हें मजा आ गया मैंने कहा सर मुझे दर्द भी हो रहा हैं। वो बोले दर्द में मजा भी आता हैं। थोड़ी देर बाद सर बैड पर लेट गए और मुझे अपने लंड पर बैठा दिया जैक ने मेरी गांड पर क्रीम लगाई और अपने लंड पर क्रीम लगाकर मेरी गांड में डाल दिया मुझे बहुत दर्द होने लगा तो वह कुछ देर रुका फिर अंदर बाहर करने लगा। रामन सर नीचे से चुत में धक्के लगा रहा था। कुछ देर बाद जैक ने मुझे गोद में उठाया और सामने से खड़े खड़े मेरी चुत में लंड डालकर चोदने लगा इस पोजीशन में मुझे बहुत मजा आ रहा था। कुछ देर बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से चोदने लगा वो मेरी कमर पकड़ कर तेज स्पीड से चोद रहा था और रामन सर बैड कर बैठकर मुझे अपना लंड मुंह में देकर चुसवा रहे थे जैक मेरी गांड पर मार रहा था और मुझे बहुत दर्द हो रहा था। इस तरह दस मिनट की लगातार चुदाई के बाद जैक ने मेरी चुत में स्पर्म गिरा दिया और रामन सर ने मेरे मुंह में स्पर्म गिरा दिया मैं उनका स्पर्म पी गई। फिर हम तीनों बैंड पर लेट गए और हमें नींद आ गई शाम को पांच बजे हम उठे। जैक ने मुझे गोद में उठाया और रामन सर ने मेरी चुत में लंड डाल दिया और जैक ने खड़े खड़े मेरी गांड में लंड डाल दिया वो मुझे खड़े खड़े चोद रहे थे मेरी चुत और गांड में दो लंड एक साथ घुस रहे थे। पन्द्रह मिनट तक चोदने के बाद उन्होंने मुझे ज़मीन पर बैठाया और मेरे मुंह पर अपना स्पर्म गिरा दिया। फिर मैं नहाने चली गई जैक और रामन सर भी मेरे साथ बाथरुम में आ गए नहाने के बाद मैं टावल में बैडरुम में आ गई। जैक ने कहा एक बार और चोदना है मैंने कहा मेरे हसबैंड आने वाले हैं। वो बोला मुझे चोदना हैं तो मैंने हसबैंड को फोन करके कहा कि आप मेरे लिए शापिंग माल से नाइटी लेकर आना वो मेरे लिए नाइटी लेने के लिए आफिस से शापिंग माल चले गए अब वो दो घंटे बाद आने वाले थे। जैक ने मेरा टावल हटाया और मुझे खड़ी करके आगे से चोदने लगा और रामन सर पीछे से मेरी चुत में लंड डालने लगे अब मेरी टाइट चुत में दो लंड एकसाथ अंदर बाहर हो रहे थे उन्होंने मेरी चुत में क्रीम लगाई और अपने लंड पर भी क्रीम लगाकर तेजी से एकसाथ अंदर बाहर करने लगे दस मिनट तक इस तरह चोदने के बाद जैक ने मुझे बैंड पर डागी स्टाइल में किया और तेज स्पीड से चोदने लगा उसने दस मिनट चोदने के बाद स्पर्म मेरी चुत में गिरा दिया। फिर रामन सर ने भी दस मिनट तक मुझे घोड़ी बनाकर चोदा और मेरी चुत में स्पर्म गिरा दिया। फिर जैक ने मुझे दस लाख रुपये दिए फिर वो दोनों कपड़े पहनकर चले गए। रात में हसबैंड आए तो उन्होंने पूछा क्या हुआ इतना थकी हुई क्यों हो तो मैं बोली कि आज काम ज्यादा था। फिर उस रात मैंने हसबैंड को चोदने नहीं दिया। मेरी चुत और गांड में दर्द हो रहा था। उसके दस दिन बाद मैंने हसबैंड को चोदने दिया। anubabita1@hotmail.com
Sex Stories

यह बात तब की है जब मैं 12वीं में Sex Stories पढ़़ती थी. मैं एक को-एड स्कूल में पढ़़ती थी जिस में लड़के और लड़कियाँ दोनों साथ में पढ़़ते हैं और हमारे स्कूल में लड़के पैंट शर्ट और लड़कियाँस्कर्ट शर्ट पहनते हैं टाई के साथ. वो मेरे स्कूल के सबसे सुनहरे दिन थे. मैं अपनी क्लास में सबसे सुंदर थी, ऐसा मुझे कई लड़के कह चुके थे पर मैं ये बात किसी और के मुंह से सुनना चाहती थी.

हाँ ! आईने के सामने खड़े हो के ख़ुद को निहारती भी थी कभी बालों को समेटती कभी बिखेरती कभी अपनी माँ का बलोउस और पेटीकोट पहन के साड़ी पहनने की कोशिश करती तो कभी फव्व्वारे के नीचे अपनी नाईटी पहन के नहाती !!

उन दिनों मैं अपने यौवन के शिखर पे थी मेरे उभरते हुए स्तन और खूबसूरत जांघें सबको लुभाती थी.. मेरी क्लास के सभी लड़के मुझ पे जान छिड़कते थे..पर मैं 12वीं में पढ़ने वाले एक लड़के को बेहद पसंद करती थी उसका नाम वरुण था वो बेहद स्मार्ट और हैंडसम था. उसकी हाईट करीबन 6 फीट रही होगी और मैं 5.6 फीट की थी पर हील्स पहन के उसके कंधे तक पहुँच ही जाती थी।

उन्ही दिनों टीचर्स डे आने वाला था.. दो दिन पहले नाम अनोउंस हुए चूंकि उसकी क्लास में कम लड़कियाँथी तो हमारे क्लास से लड़कियों को टीचर्स बनने का प्रस्ताव आया. मेरे गैर मौजूदगी में मेरे क्लास के कुछ शरारती लड़कों ने मुझे साड़ी में देखने के लिए लिस्ट में मेरा नाम लिखवा दिया और उस दिन 5 सितम्बर को टीचर बनी…

मैंने व्हाइट कलर की साड़ी पहनी थी जिसमें गुलाबी और हलके जामुनी रंग के खूबसूरत फूल थे और व्हाइट ब्लाउज जिसका गला बेहद डीप था चूँकि वो माँ का था इसीलिए मुझे उसे थोड़ा टाइट करना पड़ा था. पर गला तो बदला नहीं जा सकता था इसीलिए मुझे ऐसे ही पहन ना पड़ा. उस ब्लाउज का गला V आकार का था और बेक लेस था जिस वजह से मैं ब्रा भी नहीं पहन पाई. पेटीकोट बहुत बड़े घेरे होने की वजह से मैंने अंदर एक टाइट जींस पहनी थी और फ़िर साड़ी बंधवाई माँ से, ताकि मैं पतली और लम्बी लगूँ..

फ़िर मैंने अपने जांघो को चूमते लंबे बाल खोले और आधे बांधे, हलकी सी न्यूड लिपस्टिक और मस्कारा, लाइनर लगाया और पहुँच गई स्कूल सुबह 8 बजे. क्लास्सें 9 बजे शुरू होनी थी.. और असेम्बली में टीचर्स मीट होनी थी असली और नकली दोनों की, ताकि हम अपनी टीचर को थंक्स कह सकें।

मैं अपनी टीचर के लिए एक रेड रोज़ लायी थी और एक कार्ड. मैंने घोषणा के वक्त सुना वरुण मेरे साथ ही था यानि वरुण और मैं एक ही टीचर बने थे चूंकि हमारे स्कूल मैं एक क्लास में 50 बच्चे पढ़ते थे और एक बन्दे का 50 बच्चों को संभालना काफी मुश्किल होता तो टीचर्स ने एक क्लास के लिए दो टीचर बनाये।

मैं काफी उत्साहित थी और नर्वस भी कि आज मैं सारा दिन वरुण के साथ रहूंगी. जब मैं अपनी टीचर से मिलने गई, उन्हें थंक्स कहने के लिए तो वो भी मेरे साथ था. मैंने वो गुलाब जो मैं अपनी टीचर के लिए लायी थी उन्हें देने की बजाये वरुण को दे दिया गलती से नर्वसनेस में.. और वो जोर जोर से हँसने लगा. फ़िर कहने लगा थंक्स वैसे ये तुम्हारे बालों पे ज्यादा खिलेगा.. और मेरे बालों में फूल लगते हुए वो बोला.. नाऊ यू आर लूकिंग गोर्जियस..!!

मैं बेहद खुश थी उसने मुझे गोर्जिअस कहा.. फ़िर हम लोगों को अपना टाइम टेबल दिया गया उस दिन के लिए और हम अपनी फर्स्ट क्लास लेने के लिए 11वीं क्लास में पहुँच गए मैंने जैसे ही क्लास में कदम रखा, मैं ठोकर खाकर गिरने लगी थी क्यूंकि मेरा सारा ध्यान तो वरुण पे था.. क्यूंकि वो एक दम मेरे सपनों के राजकुमार जैसा लग रहा था काला कोट, काली टाई, हलकी जामुनी फोर्मल शर्ट में, सच, मैं अपने होश में नहीं थी।

अचानक से वरुण ने मुझे थामा और गिरने से बचाया.. अपने पैरों पे खड़े होते हुए मैंने उसे थंक्स कहा और वो मुस्कुराते हुए बोला माय प्लेजर ! तभी पीछे से क्लास के एक लड़के ने कमेन्ट किया अरे वाह क्या जोड़ी है जामुन और जामुनी की और वरुण ने उस लड़के को ये कहते हुए देख लिया और उसे क्लास के बाहर खड़ा कर दिया… और बच्चों को पढ़ाने लगा.
तब मुझे पता चला कि वो देखने में ही नहीं पढ़़ाई में भी बेहद होशियार था। मैं सच मुच उसकी दीवानी होती जा रही थी. कई बार उसने मुझे उसे निहारते हुए देखा पर देख कर अनदेखा कर दिया. इसी तरह 2 पीरियड गुजर गए, तीसरा पीरियड खाली था।

तो हम दोनों स्टाफ रूम में चले गए वहां कोई नहीं था हम दोनों के सिवा, वहां मैं सर झुकाए बैठी थी. और एक नोवेल पढ़ रही थी. कि अचानक से वरुण ने पूछा- तुम्हारा नाम क्या है? मैंने कहा आपको मेरा नाम भी नहीं मालूम और हम इकठे काम कर रहे हैं तो कहने लगा- बताओगी नहीं तो पता कैसे चलेगा…
तो मैंने कहा पूछोगे नहीं तो क्या मुझे सपना आया कि तुम्हें मेरा मतलब आपको मेरा नाम नहीं मालूम.
तो उसने मुझे बीच में टोकते हुए कहा- ठीक है तुम मुझे तुम कह कर बुला सकती हो, मैं काफ़ी खुले विचारों का हूं।
मैंने कहा.. अच्छा.. कितना खुला है तुम्हारा मन..
तो वो हसने लगा

मैंने कहा मैंने कोई जोक नहीं मारा है तो कहने लगा- रहने दो तुम अभी नादाँ हो..
और मैं चुप हो गई और नोवेल पढ़ने लगी.
उसने फ़िर कहा- ये साड़ी तुम्हारी अपनी है?
मैंने कहा- नहीं माँ की है.
और फ़िर उसे टोकते हुए कहा कि मुझे नोवेल पढ़ने दो मुझे पसंद नहीं कि कोई मुझे पढ़़ते हुए डिस्टर्ब करे. तो वो नाराज़ हो के वहां से उठ के चला गया. मुझे बहुत ग्लानि महसूस हुई कि मैंने उस से ऐसा कहा. इतनी मुश्किल से तो मैं उसका साथ पा सकी हूँ वो भी एक दिन के लिए उसमें भी मैंने उसे नाराज़ कर दिया. तो मैंने अपनी नोवेल वहीँ छोड़ी और उसके पीछे भागते हुए गई और उसे दूर से कहा- एक्सक्यूज़ मी ! आई एम् सॉरी फॉर बीइंग रयुड टू यू । आप मुझसे नाराज़ हो?

उसने कहा हाँ.. मैंने फ़िर कहा सॉरी तो कहने लगा कि मैं तुमसे उस बात पे नाराज नहीं हूँ इस बात पे नाराज हूँ कि तुमने मुझे आप कहके बुलाया और. हलके से मुस्कुराते हुए शरारत भरे लफ़्ज़ों में बोला- मैं खूबसूरत लड़कियों से न तो नाराज़ होता हूँ न ही उन्हें नाराज़ करता हूँ.
मेरे मन में लड्डू फ़ूट रहे थे कि उसने मुझे खूबसूरत कहा और मेरे चेहरे पे खुशी झलकने लगी जो उसने भी नोटिस की. फ़िर कहने लगा इतनी खुश मत हो मैंने तुम्हे खूबसूरत नहीं कहा और मेरा सारा मूड ऑफ़ कर दिया.

मैं मुड़ के वापिस स्टाफ रूम में जाने लगी कि पीछे से उसने मुझे आवाज़ लगायी… कृति !!! तुम्हारा नाम क्या है..!!!

मैंने कहा तुम्हे मेरा नाम मालूम है तो पूछा क्यूँ था.. कहने लगा मुझे मालूम है कि तुम थोडी सी शोर्ट टेम्पेरेड हो इसीलिए तुम्हे तंग कर रहा था.
मैंने कहा.. मैं शोर्ट टेम्पेरेड ही नहीं कराटे चैम्प भी हूँ. इसीलिए बचके रहना. फ़िर बोला कि तुम कराटे चैम्प होगी पर मैं प्रेम पुजारी हूँ फ़िर मैं शरमा के स्टाफ रूम में चली गई थोड़ी देर में हमारा चौथा पीरियड लगने वाला था।

जैसे ही वरुण स्टाफ रूम में आया मैं उठ के जाने लगी और मेरी साड़ी का पल्लू उसके कोट के बटन में अड़ गया. अच्छा हुआ मैंने उसे पिन अप कर रखा था. उसने पल्लू छुड़वाया और मैं भागते हुए क्लास में चली गई पर पल्लू छुडाते वक्त मैंने उसके होंठो पे आती मुस्कराहट साफ देखी और 5 मिनट बाद वो भी क्लास में आया.

मैं क्लास में खड़ी थी अंदर आते हुए उसने कहा- बच्चों आज पढ़़ाई का मूड है.. सब ने जोर से चिल्लाते हुए कहा- नहीं ! और क्लास को दो हिस्सों में बाँट दिया एक तरफ़ लड़के और वो और दूसरी तरफ़ लड़कियाँऔर मैं और हम अन्ताक्षरी खेलने लगे.!!!
खेलते खेलते उनकी बारी आई अक्षर था प तो उन्होंने मेरी तरफ़ देखते हुए गाना शुरू किया प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे कभी तुम नहीं थे कभी हम नहीं थे…

मैंने शरमा के नज़रें झुका ली थोड़ी देर बाद मेरी बारी आई गाने की मेरा अक्षर था डी तो मैंने गया दिल दे दिया है जान तुम्हे देंगे, दगा नहीं करेंगे सनम, इसी तरह से खेल चलता रहा और हम दोनों अपने दिल के एहसासों को गानों में बयाँकरते रहे. इसी तरह वक्त गुज़र गया और रिसेस की घंटी बजी. सभी बच्चे शोर करते हुए बाहर चले गए और मैं अपनी साड़ी समेटते हुए खड़ी हुई. वरुण मुझे ही देख रहा था और मैंने जान बूझ कर ध्यान नहीं दिया.

मैं क्लास से निकलने लगी तो कहने लगा- तुम कहाँ स्टाफ रूम में खाना खाओगी क्या. मैंने कहा- हाँ ! तो कहने लगा कि इस टाइम पूरा स्टाफ रूम फुल होगा मैंने कहा तो क्या हुआ और जाने लगी तो कहने लगा कि मैं तुमसे कुछ बात करना चाहता हूँ. तो मैंने कहा कि करो तो कहता कि वो मैं तुमसे कहना चाहता हूँ कि आई.. आई… आई लव… आई लव…
मैंने कहा- आगे भी कुछ बोलोगे अब..
तो कहने लगा कि… आई लव बुक्स !!!

मैंने कहा- यूऽऽऽ..!!!! मैं जा रही हूं और स्टाफ़ रूम की तरफ़ जाने लगी तो कहने लगा- अरे रुको मैं भी आता हूँ ना तुम्हारे साथ…!!
मैंने कहा- अपने आप आ जाना, मैं जा रही हूँ.
और स्टाफ रूम में आ गई .. वहां कुछ और ही माहौल था, लड़कियाँ साड़ी ठीक कर रही थी और मेक अप कर रही थी और अपनी साडियाँ लड़कों से ठीक करा रही थी .. ये सब देख के मुझे और गुस्सा आ गया और मैं वरुण के पास वापिस चली गई.

मेरे पहुँचने पे वो कहने लगा देख लिया तमाशा इसीलिए मैं मना कर रहा था .. पर मेरी तो ना मानने की ठान रखी है तुमने .. तो मैंने कहा अच्छा ना सॉरी ! .. कहता सॉरी बोल के एहसान कर रही हो… और मेरा हाथ पकड़ के उसने मुझे दीवार की तरफ़ धक्का दिया और कहने लगा- मैं तुमसे उमर में भी बड़ा हूँ और सोच में भी, दुनिया तुमसे ज्यादा देखी है,…तुम्हें क्या लगता है तुम कोई हूर की परी हो जिसके लिए लड़के मरते हैं?

तो मैंने कहा मेरा हाथ छोड़ो मुझे दर्द हो रहा है। छोड़ते हुए उसने मुझे सॉरी कहा और फ़िर सारा दिन मैंने उस से बात नहीं की.
स्कूल टाइमिंग्स के बाद टीचर्स के लिए स्कूल में लंच था लंच कराने के बाद जब में स्कूल से निकलने लगी तो जोर जोर से बारिश शुरू हो गई।
मैं पूरी तरह से भीग गई और मेरे ब्लाउज़ व्हाइट होने की वजह से अंदर के मेरे स्तन साफ दिखने लगे. मुझे भीगते हुए रिक्शा का इंतज़ार करते देख वरुण ने मुझे बाईक पे घर छोड़ने की ऑफर दी और मैंने कोई और रास्ता ना दीखते हुए उसे हाँ कर दी.

मेरी साड़ी भीगने की वजह से जींस के साथ एक दम चिपक गई थी और जींस दिखने लगी थी तो मुझे वरुण ने कहा तुम साड़ी उतार दो ..और जींस में बैठ जाओ .. मैं तुम्हे अपने घर ले चलता हूँ वहां ब्लाउज चेंज़ करके मेरी टी शर्ट पहन के घर चली जाना तब तक बारिश भी कम हो जायेगी . इसीलिए वो मुझे अपने घर ले गया मेरे भीगे बाल मेरे बदन से चिपके हुए थे जैसे पेड़ से कोई लट चिपकी होती है और मेरी जींस पूरी तरह भीग चुकी थी .. मेरे व्हाइट ब्लाउउज़ में से मेरे स्तन साफ नजर आ रहे थे.
उसने मुझे घर के अन्दर बुलाया और एक टॉवेल दिया .. और पूछा कि तुम्हारे पास और कपड़े नहीं हैं क्या.

मैंने कहा- नहीं !

तो उसने मुझे अपनी टी शर्ट दी। वो बेहद खुली थी, उसके अंदर से मुझे उसके बदन की खुशबू भी आ रही थ। मैं अपनी टांगे पोंछ रही थी तो वरुण मेरे पास आकर खड़ा हो गया और मेरे चेहरे पे फिसलते मेरे बालों को ऊपर करने लगा ताकि मैं अच्छे से अपना बदन पोंछ सकूँ। मेरे ब्लाउज में से मेरे स्तन ऊपर की ओर झांक रहे थे।

फ़िर मैं खड़ी हुई और बाथ रूम में चली गई चेंज करने के लिए पर मेरे ब्लाउज की डोरियों तक मेरे हाथ नहीं पहुँच रहे थे कि मैं उन्हें खोल सकूँ. और घर में वरुण के सिवा कोई और नहीं था, तो मैंने उसे मदद के लिए बुलाया। उसने कहा क्या हुआ .. मैंने कहा कि मेरे ब्लाउज कि डोरी नहीं खुल रही, तो उसने डोरी पकड़ के खींची और खोल के बाहर चला गया..

मुझे उसकी ये बात बहुत अच्छी लगी कि उसने अकेलेपन का कोई ग़लत फायदा नहीं उठाया. मैंने उसकी दी हुई टी शर्ट पहनी और घर चली गई. उसकी बाईक पे बैठ के।
उसके बाद से हम दोनों के बीच अच्छी खासी दोस्ती हो गई.

और अब तक हम दोनों खूब मस्ती करते हैं.

ये हम दोनों की प्रेम कहानी की सिर्फ़ शुरुआत थी. बाकी के किस्से में आप सभी को इस कहानी के दूसरे अंको में बताउंगी. हमारी प्रेम कहानी में भी वो सब कुछ हुआ जो हर प्रेम कहानी में होता है लेकिन कुछ अलग अंदाज़ से. तो आप लोगों को कैसी लगी मेरी कहानी ये मुझे ई मेल करके जरूर बताइयेगा, मुझे आपके फीडबैक का इंतज़ार रहेगा .. अगर आपको ये शुरुआत पसंद आई तभी मैं इस सच्ची कहानी को आगे बढाउंगी. पढ़ने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया. Sex Stories

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प्यारे पाठको, मेरा Sex Stories नाम विनय है। मैंने अन्तर्वासना की हर कहानी पढ़ रखी है। आपका अहसान चुका रहा हूँ अपनी सच्ची कहानी भेज कर! कृपया मुझे उत्साहित करें! यह मेरी पहली कहानी है, अच्छी लगे तो तो अपने विचार देना।

यह बात आज़ से दो साल पहले की है जब मैं नौकरी नहीं करता था और फ़्री रहता था। मेरी एक मौसी की लड़की जिसको देख कर मुझे कुछ कुछ होता था, हम दोनों काफ़ी घुले मिले हुए थे। इसी लिए हम एक दूसरे की सभी बातें जानते थे। मैं उसके स्तनों और चूतड़ों को देख कर अपने लण्ड से खूब पानी निकालता था और उसके करीब जाने की कोशिश करता था, बार बार उसके बूब्स से टकराता था । वो भी यह बात समझ चुकी थी इसलिए मुझे भी किसी मौके की तलाश थी और एक दिन मुझे मौका मिल गया।

मेरी मौसी ने कहा कि वो सब चार पाँच दिन के लिए बाहर जा रहे हैं लेकिन गौरी की परीक्षा है, इसलिए वो अकेली है, तुम रात को उसके पास सो जाना!

मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ और उसके घर पर ठीक दस बजे पहुँच गया। उसने लम्बी स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। पहले हमने बहुत सारी बातें की फ़िर मैं उसके करीब आ गया। हम सोफ़े पर बैठे थे। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और धीरे धीरे उसके साथ मस्ती करने लगा।

तभी वो मेरे गले से लग गई। जैसे ही मैंने उसे पकड़ा, वो अपने आप को छुड़ाने लगी लेकिन मैंने उसे कस कर पकड़ लिया। क्योंकि मैं यह मौका नहीं खोना चाहता था। मैं उसके गले पर चूमने लगा। अब वो भी मुझ से चिपक गई।
फ़िर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा।

वो कहने लगी- विनय! कुछ हो गया तो?
मैंने कहा- तुम डरो मत! मैं पूरे इन्तज़ाम के साथ आया हूँ, कुछ नहीं होगा।

फ़िर मैं उसे उठा कर कमरे में ले गया और बिस्तर पर लिटा दिया। मैंने अपने कपड़े उतार दिए, सिर्फ़ चड्डी पहने रखी। वो काफ़ी डरी हुई थी। मैंने उसे प्यार से चूमा और उसके ऊपर आ कर उसके गले और होंठों पर चूमने लगा। मैं एक हाथ से उसके स्तन मसले जा रहा था। अब उसे भी मज़ा आने लगा था।

फ़िर मैंने उसकी स्कर्ट जांघों से ऊपर कर दी और उसकी जांघें चूमने लगा। उसने सफ़ेद रंग की चड्डी पहनी थी। वो भी गर्म हो चुकी थी। मैंने उसकी स्कर्ट और टॉप दोनों उतार दिए।

उसका दूध जैसा गोरा और चिकना बदन देख कर मेरा लण्ड और सख्त हो गया। क्या गज़ब का फ़िगर था 36-28-34, मैंने उसकी ब्रा से उसके बूब्स को आजाद कर दिया और एक हाथ से उसकी चड्डी उतार दी। अब हम दोनों नंगे थे और पूरी रात हमारी थी।

मैं पागलों की तरह उसके बूब्स चूस रहा था और वो सिस्कारियाँ भर रही थी। फिर मैंने उसकी चूत में उंगली की, चूत पहले से बहुत गीली हो चुकी थी। मैंने नीचे आकर उसकी चूत को चूमा, वो तड़प उठी, मैंने उसकी चूत का दाना अपने मुंह में ले लिया, वो गांड हिला हिला कर चूत चटवाने लगी।

फिर मैंने भी अपना लण्ड उसके मुंह के पास कर दिया। उसने बिना समय गँवाए लण्ड को पकड़ कर अपने होठों में दबा लिया और चूसने लगी। अब हम 69 की अवस्था में थे, मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट रहा था और चोद रहा था और वो मेरा लण्ड चूस रही थी।

फिर वो बोली- प्लीज़ विनय! अब नहीं रहा जाता! कुछ करो!

मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया और लण्ड उसकी चूत पर रख कर एक झटका दिया, वो चिल्लाई लेकिन मैंने उसके होंठ अपने होंठों में दबा लिए। उसकी चूत कुंवारी थी। फिर मैंने एक और झटका दिया, अबकी बार मेरा लण्ड उसकी चूत फाड़ता हुआ पूरा समां गया और उसकी आँखों में आंसू आ गए।

फिर मैंने धीरे धीरे उसके स्तन चूसे और धीरे धीरे झटके दिए। मैंने देखा अब उसे भी मजे आ रहे हैं तो मैंने अपनी गति बढ़ा दी। अब मैं उसको पूरी तेजी से चोद रहा था और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।

अब हम झड़ने वाले थे, मैंने अपना लण्ड निकल के उसकी गांड पर रख दिया और हिलाने लगा और तभी मैं झड़ गया और सारा पानी उसकी गांड पर निकाल दिया क्योंकि मेरा अगला कार्य उसकी गांड मारना ही था इसलिए मैंने उसकी गांड चिकनी कर दी थी।

इस बीच वो भी दो बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड चोदी। साली बड़ी ही कसी थी!जो मजा मुझे गौरी के साथ आया वो आज तक नहीं आया। उसके बाद हमने 3-4 दिन तक रात में 5-5 बार चुदाई की, लेकिन अब उसकी शादी हो चुकी है और मेरी जान अब मुझसे बहुत कम मिल पाती है।

प्यारे पाठको! मेरी कहानी के बारे में मुझे अवश्य लिखें! Sex Stories

मेरा नाम अर्चना है.
मैं मुंबई की रहने वाली हूँ.
मेरी शादी इंदौर में हुई है लेकिन फ़िलहाल भोपाल में अपने पति के साथ रहती हूँ.

मेरे पति एक मल्टीनेशनल कम्पनी में मैनेजर हैं और वे महीने में 15 से 20 दिन बाहर ही रहते हैं.

मेरी उम्र 35 वर्ष है.

दोस्तो, मैं इतनी ज्यादा कामुक और सुन्दर हूँ कि हर कोई मुझे पकड़कर चोदना चाहता है.
हर इंसान मुझे बुरी तरह से जंगली बन कर चोदना चाहता है.

मैं भी अपनी पसंद के मर्द से लग जाती हूँ.
अभी तक मैं कितनी बार और कितने मर्दों से चुद चुकी हूँ, ये मुझे खुद याद नहीं है.

पर बहुत सी चुदाई मुझे अच्छे से याद हैं.

जैसा कि मैंने लिखा है कि मुझे खुद भी अलग अलग मर्दों से चुदना बहुत भाता है और मोटे व काले लंबे लंड मुझे प्रिय हैं.
उस पर भी लौड़े पर खोपरे का तेल लगा हो तो कहना ही क्या.

मैं दिखने में बिल्कुल अमृता राव की ट्रू-कापी हूँ.
मेरा सीना 34, कमर 32 और नितम्ब 38 के हैं.

स्कूल और कालेज लाइफ में लड़के मुझे अमृता राव ही बुलाते थे.

उस समय विवाह फिल्म रिलीज हुई थी, तब उस फिल्म के सभी गाने लड़के मुझे देखकर गाया करते थे.
मुझे बड़ा मजा आता था.

मैंने अपने आपको बिल्कुल फिट रखा है।
शुरू से ही मेरा मानना है कि फिट बॉडी को हर कोई सेक्सी निगाहों से देखता है.
मुझे मर्दों की कामुक नजरों से घूरा जाना बहुत अच्छा लगता है.

स्कूल में पहला अनुभव जब हुआ था, जब एक सहपाठी द्वारा मुझ पर यौन आक्रमण हुआ था.

मैं उस समय पढ़ने में सबसे तेज थी तो सभी लड़के और लड़कियां मेरे आस-पास ही मंडराते थे.

उनमें एक मेरा सहपाठी भी था, जिसका नाम संजय था.
वह पढ़ने में ठीक-ठाक ही था लेकिन था खूब मस्तीखोर.
हर समय उसे मस्ती ही सूझती थी.
दूसरी बात ये कि वह मुझे हमेशा घूरता रहता था.

उस समय मुझे इन सब चीजों की आदत नहीं थी तो मैं उससे डर गई.
मैंने उससे बात करना बंद कर दी.

उसने भी मुझे देखना बंद कर दिया, जिससे मुझे डर लगना बंद हो गया.

बात दिसंबर में क्रिसमस की छुट्टियों की है.
स्कूल से हमें एक टूर पर ले जाया जा रहा था.

यह जगह ओखला पक्षी अभ्यारण्य था, जो कि दिल्ली से 22 किलोमीटर की दूरी पर है.

पापा से अनुमति लेकर मैं भी टूर पर जाने के लिए तैयार हो गई.
वह तीन दिनों का टूर था जो मुझे एक नया अनुभव देने वाला था.
उसके बारे में मुझे आज तक कुछ भी पता नहीं था.

हम सभी लोग सुबह स्कूल में इकट्ठा होकर सुबह 7 बजे बस से निकले.
दिन भर हमने पक्षियों और अन्य जीवों की जानकारी हासिल की.

शाम को रुकने की व्यवस्था डाक बंगले पर रखी गई थी.
यहीं पर वह समय प्रारम्भ हो गया, जिसने मुझे नया अनुभव दिलाया.

डाक बंगले पर कमरों की कमी थी तो अल्फाबेटिकली 10-10 का ग्रुप बनाकर हम कमरों में शिफ्ट हो गए.
उस समय लड़के लड़कियां सब एक साथ ही रहते थे और सेक्स जैसी कोई भी बात किसी के दिमाग में नहीं आई.

मुझे सबसे आखिर में कोने में कमरे के गलियारे में जगह मिली.
मेरे पीछे संजय था.

उस गलियारे में हम दोनों के अलावा बाकी 8 स्टूडेंट कमरे में थे.
रात में लगभग सभी सो गए थे.

ठण्ड का मौसम था तो सब दुबके हुए सो रहे थे.
मैं भी सो गई थी.
परन्तु संजय नहीं सोया था.

रात में करीब सवा बारह बजे संजय मेरे बिस्तर में आकर सो गया.
जगह कम होने से मैं कसमसाई लेकिन ठण्ड के कारण उठी नहीं.

फिर जल्द ही नींद के आगोश में चली गई.
यही वह रात थी जब मुझे खोपरे के तेल से प्यार हो गया था.

हालांकि इस बात का पता बहुत बाद में चला, जब मैं कॉलेज में आ गई थी.
उस समय मेरी जबरदस्त चुदाई हुई थी.

संजय मुझसे पीछे से बिल्कुल सट कर सो रहा था.
उसने धीरे से मेरी मिड्डी ऊपर कर दी और मेरी चड्डी को खोल दिया.

तब तक भी मेरी नींद नहीं खुली थी.
उसने खोपरे के तेल में अपनी उंगली भिगो कर मेरी गांड के छेद पर लगाना शुरू कर दिया.

धीरे धीरे उसने पूरी उंगली मेरी गांड में डाल दी.
चिकनाहट के कारण और गहरी नींद में सोई रहने के कारण मुझे कुछ अहसास ही नहीं हुआ.

वह तो जब उस कमीने ने उंगली से अन्दर हरकत करना शुरू की, तब जाकर मेरी नींद खुली.
मुझे लगा कि कोई कीड़ा मेरी गांड में घुस गया है.
मैं जोर से चिल्ला दी.

मेरे कमरे के सर उठ कर आए और उन्होंने मुझसे पूछा- क्या हुआ?
मैंने अपने मुँह से कोई आवाज नहीं निकाली.

मैंने कहा- कुछ नहीं सर, मैं नींद में डर गई थी.
सर फिर सोने चले गए.

मैंने सर से इसलिए नहीं कहा क्योंकि संजय मेरे चिल्लाने पर अपने बिस्तर पर चला गया और हाथ जोड़कर माफ़ी मांगने लगा था.
तो मैंने भी रात में कोई बखेड़ा खड़ा करना उचित नहीं समझा और फिर हम सभी सो गए.

अगले दिन मैं दिन भर उस बारे में सोचती रही कि रात में गुदगुदी हुई तो कैसा लगा था.
फिर मैंने बड़ी कक्षा की सहेलियों से पूछना उचित समझा.

उधर संजय मेरी कक्षा में एक बार फेल हो चुका था तथा बड़ी कक्षा की लड़कियां उसकी दोस्त थीं तो वह उनसे बातें कर रहा था.

मुझे आती देखकर वह दूसरी ओर चला गया.

फिर मैं उन सीनियर लड़कियों के पास गई और रात में जो गुदगुदी हो रही थी, उन्हें उसके बारे में बताया.
वे सभी हंसने लगीं.
उनको पता चल गया था कि मैं अभी इन सब बातों से अनजान हूँ.

उन्होंने कहा- ये सब इस उम्र में होता है … फिर अगर कोई ऐसी गुदगुदी करे, तो उसका मजा लो. इस बात की किसी से शिकायत मत करो.

मैं समझ गई कि संजय ने मुझसे पहले ही उनको सब बता दिया है.
खैर … फिर रात हुई तो मुझे थोड़ा डर सा लगने लगा.

तब हमारे सर ने उनके पास सोने का बोला तो मैंने ही मना कर दिया.
मैं फिर से उसी गलियारे में संजय के पास आकर सो गई.

उधर संजय की आंखों में शरारत के भाव थे और नींद तो नाम की नहीं थी.
जबकि मुझे डर के मारे नींद नहीं आ रही थी.

जैसे ही आधी रात हुई, संजय के हाथ हरकत करने लगे और उसने खोपरा के तेल से लबालब अपनी उंगली मेरी गांड में डाल दी.

मैं एकदम चिहुंक उठी तो संजय बोला- आज चिल्लाई नहीं?

मैंने गुस्से में उसे देखकर उंगली निकालने को कहा.
तो उसने अपने एक हाथ को मेरे गले में डालकर मेरे दूध को दबा दिया, फिर दो उंगलियों से मेरे चूचुक को मींजने लगा.

साथ ही वह अपनी उंगली को मेरी गांड में अन्दर बाहर करने लगा.
मुझे जो गुदगुदी उस समय हो रही थी, उसका मजा अलग ही था.

मैंने भी ज्यादा विरोध नहीं किया.
जिससे संजय का हौसला बढ़ता ही गया और वह उंगली को तेजी से अन्दर बाहर डालने लगा.

अब रजाई के अन्दर पटपट सट सट की आवाज आने लगी थी.

अचानक उसने अपनी उंगली निकाल ली.
मैंने समझा कि वह फिर से तेल लगाकर पेलेगा.
मैं यही सोचकर आंख बंद करके ऐसे ही नंगी ही लेटी रही.

उधर संजय ने एक हाथ से ही अपने छह इंच के लंड पर तेल लगाकर उसे लबालब कर लिया था.

उसका दूसरा हाथ मेरे गले में लिपटा हुआ मेरे दूध सहला रहा था.

फिर वह धीरे से मेरे पीछे आया और अपना पतला लम्बा लेकिन कड़क लंड मेरी गांड में डाल दिया.

थोड़े से दर्द के साथ मुझे बहुत अच्छा लगने लगा और वह भी मेरी गांड को फचफच फच फच करके चोदने लगा.

जल्दी ही उसने अपना वीर्य मेरी गांड में छोड़ दिया लेकिन मुझे अधूरी छोड़ दिया.

अभी मेरी चूत से पानी तो निकला ही नहीं था जिसके बारे में मुझे कोई खास जानकारी भी नहीं थी.

गांड में उसका लिसलिसा पानी मुझे अजीब सा लग रहा था.
बड़ी मुश्किल से मुझे नींद आई.

सुबह मेरी गांड में जबरदस्त खुजली मची, तो मुझे खूब मजा आया.

मैंने सोच लिया था कि आज गांड मरवाने की आखिरी रात है.
यही सोचकर मैं रात का इंतजार करने लगी.

आखिर रात हुई तो मैंने सर से कहा- मैं और संजय कमरे के बाहर वाले गलियारे में आखिरी में सो जाएं क्या? क्योंकि यहां जगह नहीं है और खिड़की से ठंडी हवा भी आती है.

उस गलियारे के आखिरी में तीनों ओर से दीवारें थीं तो वह हिस्सा पैक था और सामने से कोई भी आता, तो दिख जाता.

लेकिन सर ने मना कर दिया- नहीं, ऐसे नहीं सोने दे सकता हूँ.
फिर खाने के बाद सर फिर रिक्वेस्ट की और उनको वह जगह बताई, तो सर मान गए.

मैंने तुरंत संजय से बोला तो संजय को विश्वास नहीं हुआ और वह बोला- आज फिर से खेलेंगे क्या?
मैंने कहा- हां पूरी रात मस्ती से खेलेंगे.

फिर आधी रात को हम दोनों एक दूसरे के पास सट कर सो गए.
पर आज उसने उंगली नहीं डाली, सीधे अपना लंड बिना तेल के डाल दिया.

मैं दर्द से चिल्लाऊं, इतने में उसने मेरा मुँह दबा दिया.
दर्द से मैं रोने लगी और उसके हाथ को काट लिया.

उसने कहा- आज तेल ख़त्म हो गया है.
मैंने भी गांड मरवाने से मना कर दिया.

वह उठा … और पता नहीं कहां चला गया.

लगभग दस मिनट बाद उसके हाथ में खोपरे का तेल था और वह जल्दी जल्दी आ रहा था.
नजदीक आकर उसने पहले मेरी गांड में तेल लगाया और फिर अपने लंड पर.

तेल लगाने के बाद उसने मुझे उल्टा लेटने को कहा तो मैं लेट गई.
मुझे नहीं पता था कि आज मेरी गांड की बैंड बजने वाली है.

वह मेरे ऊपर चढ़ गया और धीरे से अपना लंड मेरी गांड पर सैट करके रख दिया.
फिर धीरे से धक्का दिया.
तेल लगा लंड लहराता हुआ मेरी गांड में घुस गया.

मुझे आज तेल लगाने के बाद भी बहुत दर्द हो रहा था.
मैं रोने लगी तो अब संजय ने कुछ भी रहम नहीं दिखाया और जोर जोर से मेरी गांड को पेलने में लग गया.

गलियारे में रात के सन्नाटे में फचफच फचफच फच सटासट सटासट की आवाज आने लगी.

मुझे भी अब मजा आने लगा था.
आज मेरी चूत में अजीब सी खुजली मच रही थी.

मैं अपने हाथ से खुजली मिटाने के लिए चूत को जोर जोर से मसल ही रही थी कि अचानक मेरी चूत से चिकना सफ़ेद पानी निकलने लगा.
मुझे बहुत मजा आने लगा था.

उधर संजय भी फचफच फचफच करते हुए गांड में झड़ गया.
उसने अपना सारा वीर्य गांड में टपका दिया.

हम दोनों ने चुदाई के बाद अपने अपने कपड़े पहने और उसी चिकनाहट के साथ सो गए.

आज मुझे बिल्कुल भी अजीब नहीं लग रहा था और मन बिल्कुल शांत था.
मैं पूरी तरह संतुष्ट भी थी.

दोस्तो, मेरा पहला अनुभव गांड चुदाई से शुरू हुआ था.

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