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Massage Girl in Nuapada: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Nuapada who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Nuapada that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Nuapada massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Nuapada who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Nuapada massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Nuapada massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Nuapada who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Nuapada employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Nuapada helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Nuapada

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Nuapada at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

मॅाम फक कहानी में मैंने ट्रेन में अपने पापा की दूसरी बीवी को चोदा, कई बार चोदा. फर्स्ट क्लास के केबिन में 4 लोग थे, दूसरा कपल भी चुदाई में लगा था. दोस्तो, मेरा नाम विकी है. हम लोग पुराने पैसे वाले रईस हैं. पापा स्कूल में प्रिंसिपल हैं. मेरे पापा ने दो शादियाँ की थी. दोनों पत्नियों को एक साथ ही रखा हुआ था. कुछ साल पहले मेरी जन्मदात्री इस दुनिया से चली गयी थी. अब मेरी दूसरी माँ ही है. मैं अपनी सौतेली मां के बारे में बता दूं. मां का नाम निर्मला है. वह पेशे से हाउसवाइफ हैं और घर में ही रहती हैं. यह मॅाम फक कहानी तब की है जब हम शहर से हमारे गांव भागलपुर के पास जा रहे थे. हमारी फर्स्ट एसी की टिकटें थीं और एक ही कंपार्टमेंट में थीं जहां एक रूम होता है और 4 सीटें होती हैं. मां की नीचे वाली सीट थी और मेरी उनके सामने वाली ऊपर की सीट थी. करीब दो घंटा बाद हमारे कम्पार्टमेंट में एक कपल आया. शायद उनकी नई नई शादी हुई थी. पूछने पर पता चला वह बीवी को मायके से लेने आया था. अब वे दोनों अपने घर जा रहे थे. अब दोनों की सेक्सी हरकतें चालू हो चुकी थीं. उनका एक दूसरे से सेक्सी बातें करना और बात बात में एक दूसरे को टच करना चल रहा था. मां यह सब देखकर शर्मा रही थीं. शायद उनको अपने दिनों की याद आ रही थी. मैंने मां को होंठ चबाते हुए देखा और जब किसी की नजर नहीं थी, तो मां ने साड़ी सैट करने के बहाने अपनी चूत भी खुजाई थी. उस वक्त मैं उन्हें देख रहा था. जैसे ही उन्होंने मेरी तरफ़ देखा, मैं यहां वहां देखने लगा. अब मुझे उनकी हरकतें मां के ऊपर लगे हुए शीशे में साफ दिख रही थीं. तभी मुझे उस सामने वाली औरत के पति ने देख लिया कि मैं उन दोनों को प्यार की हरकतें करता देख रहा हूँ. उस आदमी ने मुझे इशारा कर बाहर आने को कहा. मैं आ गया और वह भी पीछे आ गया. उसने कहा- भाई, मेरी नई नई शादी हुई है. तुम लोग ऐसा करोगे तो कैसे चलेगा? मैंने सॉरी कहा. तो उसने कहा- कोई बात नहीं. अरे मुझसे कंट्रोल ही नहीं हो रहा है. तुम्हारा भी क्या दोष है … और सामने जो औरत बैठी है, मेरी पत्नी उसे समझा रही है. तू समझ गया तो मेरा एक काम करेगा. तू उनके साथ बैठ जा. उनको कंपनी दे दे. हम यहां लाइट बंद करके आते हैं. मेरा स्टेशन आने को अभी 5-6 घंटे हैं. उसके बाद मुझे घर पर ऐसा मौका 4-5 दिन नहीं मिलेगा. भाई मान जा. क्या पता अगर उस आंटी ने तुझे चांस दे दिया, तो कुछ भी हो सकता है. मजे ले ले! मैंने उससे कहा- ठीक है. कुछ देर बाद हम अन्दर आए तो मैं ऊपर न जाकर मां के बगल में ही बैठ गया. मां ने कहा- उनको प्राईवेसी चाहिए, तू यहीं मेरे साथ बैठ जा. फिर उन्होंने पूछा कि लाइट बंद कर दें? मैंने कहा- हां कर दो. उसके बाद अंधेरे में मैं और मां एक दूसरे से सट कर बैठे थे. अब हमें कुछ दिखाई तो नहीं दे रहा था पर उनकी हरकतों की आवाजें आ रही थी. उनकी चूमने की आवाज और उस लड़की का मादक भाव से सिसकना सुनकर मेरा लंड तन गया था. मेरा हाथ मां की तरफ था. मुझे लग रहा था कि मां अपने मम्मों से मेरी कोहनी पर दबाव डाल रही हैं. इतने में मां का फोन आया तो लाइट जली. हम दोनों ने देखा कि वह औरत ऊपर से नंगी हो चुकी थी और वह आदमी उसकी गोदी में बैठा, उसके मम्मे चूस रहा था. मां ने हड़बड़ा कर फोन कट किया और फोन ब्लाउज में डाल लिया. जैसे ही हाथ नीचे किया, तो मेरी जांघों पर लंड के करीब हाथ रख दिया. मैं कुछ नहीं बोला. फिर ना जाने क्यों … मां ने हाथ सरका कर लंड पर रखा और मेरे खड़े हुए लंड को महसूस करने लगीं. मां मेरे लंड को भांप रही थीं. उन्होंने लंड को पकड़ने की कोशिश की. शायद उन्हें पता चला होगा कि यह मेरा लंड है, तो उन्होंने झट से हाथ हटा लिया. अब मेरा पारा चढ़ गया था, मैंने हाथ पीछे लेकर मां की कमर पर रखा और वहां से हाथ निकाल कर मां के पेट को मसलने लगा. मां फुसफुसा कर बोलीं- बेटा यह क्या कर रहा है! मैंने पूछा- क्या? मां कुछ नहीं बोलीं. अंधेरे में मां ने वापस मेरे लौड़े पर हाथ रखा. इस बार उन्होंने उठाया नहीं. मुझे ऐसा लगा जैसे वे इशारा दे रही थीं कि चलो हम भी कुछ करते हैं. मैंने अपना एक हाथ मां के मम्मों पर रखा और मसलने लगा. मां मेरे कान में धीरे से बोलीं- बेटा, यह गलत है. मैंने मां के कान में कहा- छोड़ो ना मां … किसे पता चलेगा. प्लीज मां करने दो ना! बस एक बार, मैं इसके बाद ना मांगूंगा और ना किसी से कुछ कहूंगा. मैं ऐसे कहते कहते मां के कान और उनकी गर्दन को चूमने लगा. उनकी सांसें धीरे धीरे ऊपर नीचे हो रही थीं. माहौल में गर्मी बढ़ रही थी. मैं मां का ब्लाउज खोलने लगा. मां ने मेरा हाथ पकड़ा मगर मैंने ब्लाउज के सारे हुक एक एक करके खोल दिए. मां का ब्लाउज खुल चुका था और मां का हाथ अभी भी मेरे हाथ पर ही था. मैं समझ गया था कि मां गर्म है और यही मौका है उनकी चूत पर लौड़ा मारने का. अब मैं मां की साड़ी को ऊपर खींचने लगा. मां ने फिर से मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन इस बार उन्होंने रोका नहीं. मैंने साड़ी ऊपर की और मां की जांघों पर हाथ फेरने लगा. मां की सांसें तेज़ चल रही थीं. ‘हम्मम हम्म सों सों …’ की आवाजें आ रही थीं. मैं चूत पर गया और चड्डी के ऊपर हाथ फेरने लगा. चड्डी गीली सी लगी इसलिए मैंने अन्दर हाथ डाला. शायद मां ने 2-3 दिन पहले ही चूत साफ की थी. उनके छोटे छोटे बाल आए हुए थे. उनकी चूत पर हाथ फेरने का क्या मीठा अहसास था. मुझे उनकी चूत के होंठ समझ नहीं आ रहे थे. यह मेरा पहली बार था, जब मैं किसी की चूत को टच कर रहा था. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अन्दर घुसाया और मेरी उंगली पकड़ कर चूत के छेद के अन्दर डाल दी. फिर गांड उठा कर इशारा दिया कि अन्दर बाहर करो. मैंने चूत से हाथ निकाला और खुद से दो उंगलियां डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. तब तक सामने वाली सीट पर चुदाई चालू हो चुकी थी. पच फच धक्कों की आवाजें आ रही थीं. मैं उठा और अपनी पैंट निकाल कर नंगा हो गया. फिर मां के पास बैठ कर उनकी चड्डी निकालने के लिए हाथ लगाने लगा. पर मां पहले ही चड्डी निकाल टांगें फैला लेटी हुई थीं. मैं मां के ऊपर लेट गया. मां ने मेरा लंड पकड़ चूत पर सैट किया और धक्का देने को बोलीं- पेल दे! जैसे ही मेरा हैवी लंड चूत के अन्दर गया, मां की चीख निकल गई- उई मर गई आह आराम से कर ना! मेरे कुछ ही धक्कों में मां सामान्य हो गईं. मेरा लंड आसानी से अन्दर आ जा रहा था. अब हम भी फच फच की आवाज़ें करने लगे. मां गांड उठा उठा कर चुदवा रही थीं. अब मैंने मां के मम्मे चूसने को हाथ ऊपर किए, तो वे नंगे थे. मां ने ब्रा पहले से ही ऊपर कर ली थी. मैं बुरी तरह से मम्मे चूसने लगा और काट भी रहा था. मां कह रही थीं- आह काट मत बेटा … बस चूस कर मजा ले और ऐसे ही धक्के देता रह … बड़ा अच्छा लग रहा है. मैं धक्के देते देते हुए ही मां की चूत के अन्दर झड़ गया. मां भी झड़ गई थीं. उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और अपनी झड़ी हुई चूत को रगड़ने लगीं. हम दोनों ने अपने आपको संभाला. मैंने मां की चड्डी अपनी जेब में छुपा ली. थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के साथ लेटे रहे. फिर एक स्टेशन आया तो खिड़कियां खटखटाई जाने लगीं- चाय चाय. सामने की सीट वाले उस आदमी ने बाहर जाकर चाय ली. मेरी मम्मी ने भी मुझसे चाय मँगवा ली. वह आदमी मुझे देख कर हंस रहा था. उसने मुझे इशारा किया. हम दोनों पानी लेने के बहाने बाहर गए. बाहर आकर वह मुझसे बोला- भाई सही खेल गया तू तो … क्या गजब माल बजाया है. वैसे एक बात बोलूं यह मेरी बीवी नहीं है, मेरी बहन है. मैं शॉक्ड हो गया. मैंने कहा- चल झूठे … ऐसा भी कहीं होता है? “क्यों नहीं होता. आज तूने क्या किया. तुझे क्या लगा कि मुझे पता नहीं चलेगा कि जिसको तूने चोदा है, वह तेरी कौन है? मैंने बाहर लगे चार्ट पर तुम्हारे नाम पढ़े थे! तू मॅाम फक कर रहा था.” अब मेरी बोलती बंद हो गई. मैं उदास हो गया और सोचने लगा कि यह मुझसे क्या हो गया! वह बोला- भाई टैंशन क्यों लेता है, साले मजे ले इतना बड़ा कांड किया है तूने! हर फैमिली में ऐसे ही होता है, बस कोई बताता नहीं है. अब मुझे ही देख ले अपनी बहन को बीवी की तरह चोदता हूँ. कुछ रुक कर वह फिर से बोला- हमारे पास तो अभी मौका है. हम लोग तो यहां से जाने से पहले एक और शॉट मारने वाले हैं. अब तक मेरी बहन ने तेरी मां का दिमाग सैट कर दिया होगा. अब तुझे जब चाहे चूत मिलेगी, नहीं भी मिली तो अब भी मौका है. जो चाहे वह कर ले. अब हम दोनों ट्रेन में चढ़ गए. मेरी मां और उस लड़की की बातों से लग नहीं रहा था कि उनका कोई डिस्कशन हुआ था. उन दोनों में हंसी मजाक चल रहा था. फिर टीसी टिकट चैक करने आया. अब उस आदमी ने बोला- लाइट बंद कर दूँ … कोई दिक्कत तो नहीं है आपको! मैं हंस कर बोला- हां जी जरूर जरूर. मैं ऊपर वाली बर्थ पर जाने लगा तो मां बोलीं- बेटा कहां जा रहा है, यहीं मेरी बगल में सो जा! अब मैं बाहर की तरफ सो रहा था और मां अन्दर की तरफ सीट पर. जगह कम पड़ रही थी, इसलिए हम दोनों चिपक कर सो रहे थे. वे दोनों पुनः शुरू हो चुके थे. उसकी बहन की चूड़ियों की आवाज गूंज रही थी व उसकी खिलखिलाने की आवाज आ रही थी. मैं सोच रहा था कि अब क्या होगा. क्या मैं आगे फिर से कुछ करूँ. तभी मां की हरकतें शुरू हो गईं. मां अपनी गांड को मेरे लंड पर रगड़ने लगीं. मैं फिर से सेक्स नहीं करना चाहता था लेकिन इस बार मां सामने से मौका दे रही थीं. मेरा हाथ पकड़ मां ने अपने पेट पर घुमाते हुए नीचे को किया और अपनी चूत पर रख लिया. मां ने अपनी साड़ी ऊपर कर ली थी और एक हाथ से मेरी पैंट नीचे करने की कोशिश कर रही थीं. मैंने उठकर अपनी पैंट उतारी और मां ने मेरा लंड पकड़ लिया. वे लंड हिला हिला कर उसे टाइट कर रही थीं. मां मूड में आ गई थीं. अब मां मेरी तरफ मुँह कर मेरे ऊपर आना चाह रही थीं. मैंने मां को अपने ऊपर खींच लिया. मां ने अपना ब्लाउज के बटन खोल दिए; ब्रा तो पहले ही ढीली थी. ऊपर से मां नंगी हो गई थीं और अपने दूध मेरे मुँह में दे रही थीं. कुछ देर बाद मां ने मेरी भी शर्ट के बटन खोल दिए. मैंने भी जोश मैं मां की साड़ी उतार दी. मैं मां के नीचे था और वे मेरे ऊपर थीं. मां मुझे अपने दूध चुसवा रही थीं और मेरे लंड को मां अपनी चूत में लेकर खुद ऊपर नीचे करने लगी थीं. मैं नीचे से धक्के दे रहा था. ऐसे ही चुदाई होती रही. काफी देर बाद हम दोनों झड़ गए. मां मेरे ऊपर नंगी ही सोई रहीं. हमें जो कंबल मिला था, उसमें ही हम दोनों सोए रहे. सुबह अचानक उन दोनों ने हमें जगाया. उनका स्टेशन आ गया था. हमने उन्हें विदा करके कुंडी लगाई. अब हम दोनों ऐसे ही नंगे बैठे थे. मैंने पहली बार मां का नंगा गोरा बदन देखा था. मां मुझसे चिपक कर सोई थीं. हम एक दूसरे को देख रहे थे. मां ने मुझसे कहा- विकी बेटा देख, जो ट्रेन में हुआ, वह किसी को पता नहीं चलना चाहिए … और यह सब यहीं पर खत्म हुआ मान लेना. ट्रेन से उतरने के बाद गलती से भी नहीं होगा. ना ही मेरी तरफ से, ना ही तेरी तरफ से … ओके! मैंने मां से ओके कहा और उनके दूध चूसने लगा. मां मेरे बालों में हाथ डाल सहलाने लगीं मेरी एक जांघ मां की जांघों के बीच गई तो मुझे चूत की गर्मी महसूस हुई. मैं मां की चूत में लौड़ा घिसने लगा. मां कुछ नहीं बोलीं. मैंने मां से कहा- मां, अभी ट्रेन से उतरने में दो घंटा बाकी हैं. क्यों ना एक आखिरी बार और हो जाए. मां हंस दीं और बोलीं- बदमाश मुझे पता था कि तू इतने में नहीं मानेगा. अब हम दोनों ने किस करना चालू किया. मैं मां को चूमे जा रहा था और चूसे जा रहा था. यह मॅाम फक का आखिरी मौका था. मां मेरा लंड हिला रही थीं. मैंने मां से लंड चूसने को कहा. मां खड़ी हुईं और मेरा लंड चूसने लगीं. आह बड़ा मजा आ रहा था. मैंने मां को सीट पर बिठाया और उनके पैर फैला कर चूत चाटने लगा. अब मैं मां को अपनी गोद में बिठा कर चोद रहा था. फिर मैं मां को खिड़की के पास डॉगी स्टाइल में चोदने लगा. मां खिड़की की सलाखों को पकड़ कर गांड उछाल उछाल कर लंड अन्दर ले रही थीं. मस्त माहौल था. मां का ऐसा जंगली रूप रात को भी नहीं था. मैं मां को खड़ा करके और झुका कर पीछे से चोद रहा था. मैंने मां को नीचे बिठाया और उन पर अपने माल की बरसात कर दी और मां का सारा बदन अपने माल से भर दिया. हम दोनों हांफते हांफते एक दूसरे के ऊपर सो गए. अब मुझे मां को और चोदना था लेकिन मां जुबान की पक्की थी. वे मुझे ट्रेन के बाहर कभी चोदने नहीं देतीं. तो कैसे मैंने मां को पटाया और अगली चुदाई कब की. यह सब मैं अगली कहानी में लिखूँगा. इस मॅाम फक कहानी पर आप अपने विचार मुझे बताएं. rp8753660@gmail.com
Hindi Porn Stories

दोस्तो, आप ही की तरह मैं Hindi Porn Stories भी अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक हूँ। मैंने अन्तर्वासना में बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं। इन कहानियों को पढ़ कर मैंने सोचा कि क्यूँ न मैं भी आपको अपने कुछ अनुभव बताऊँ !

मैं अपनी छुट्टियों में अपनी ससुराल या बड़ी साली के घर जाता था। वैसे एस साल भी गया हुआ था। उसी दिन ससुरजी का मेरी बीवी को फ़ोन आया कि किसी रिश्तेदार की मौत हुई है, तुम गीता के घर से यहाँ आ जाओ, हम लोग मिलकर जायेंगे।

मेरे बड़ी साली का नाम गीता है, उसके पति उदय जी आर्मी में हैं, साल में कभी कभार ही घर आते हैं। मेरी बड़ी साली को अभी कोई बच्चा नहीं था उनकी शादी को तब चार साल ही हुए थे लेकिन उदय जी शादी से पहले ही आर्मी में थे इसलिए गीता के साथ ज्यादा समय नहीं रह पाए थे।

पहले मैंने कभी गीता को ग़लत नजरों से नही देखा था, लेकिन एक दिन गीता बाज़ार गई हुई थी कि अचानक बारिश शुरू हो गई। मैं टी वी पर मूवी देख रहा था, मूवी में कुछ सीन थोड़े से सेक्सी थे जिन्हें देख कर मन के ख्याल बदलना लाजमी था। उस समय मेरे मन में बहुत उत्तेजना पैदा हो रही थी। मैं धीरे धीरे अपने लंड को सहलाने लगा।

तभी दरवाज़े की घण्टी बजी, मैं घबरा गया, मुझे लगा जैसे किसी ने मुझे देख लिया हो, लेकिन मुझे याद आया कि घर में तो कोई है ही नहीं, मैं बेकार में डर रहा था।

मैंने जाकर दरवाजा खोल दिया। बाहर गीता खड़ी थी, उनका बदन पूरी तरह पानी से भीगा हुआ था और वो आज पहले से भी ज्यादा जवान और खूबसूरत लग रही थी। मैंने दरवाजा बंद कर दिया और जैसे ही पीछे मुड़ा तो मेरी नज़र गीता की कमर पर पड़ी जहाँ पर उनकी गुलाबी साड़ी के ब्लाऊज़ से उनकी काले रंग की ब्रा बाहर झांक रही थी।

गीता ने सामान सोफे पर रखा और मुझसे बोली- राजाजी, मेरा पूरा बदन भीग चुका है इसलिए आप मुझे अंदर से एक तौलिया ला दो, मैं तौलिया ले आया तो गीता मुस्कुराते हुए बोली- सामान हाथों में लटका कर लाने से मेरे हाथ दर्द करने लग गए हैं इसलिए तुम मेरा एक छोटा सा काम करोगे?

मैंने पूछा- क्या काम है?

गीता बोली- जरा मेरे बालों से पानी सुखा दोगे?

मैंने कहा- क्यूँ नहीं?

गीता सोफे पर बैठ गई। मैंने देखा बालों से पानी निकल कर उनके गोरे गालों पर बह रहा था। मैं गीता के पीछे बैठ गया, उनको अपने पैरों के बीच में ले लिया और बालों को सुखाने लगा। गीता का गोरा और भीगने के बाद भी गरम बदन मेरे पैरों में हलचल पैदा कर रहा था। बाल सुखाते हुए मैंने धीरे से उनके कंधे पर अपना हाथ रख दिया। गीता ने कोई आपत्ति नहीं की। धीरे से मैंने उनकी कमर सहलानी शुरू कर दी।

तभी अचानक गीता कहने लगी- मेरे बाल सूख गए हैं, अब मैं भीतर जा रही हूँ।

वो कमरे में चली गई पर मेरी साँस रुक गई। मैंने सोचा कि शायद गीता को मेरे इरादे मालूम हो गए। कमरे में जाकर गीता ने अपने कपड़े बदलने शुरू कर दिए। जल्दी में गीता ने दरवाजा बंद नहीं किया वो बड़े शीशे के सामने खड़ी थी, उन्होंने अपना एक एक कपड़ा उतार दिया। मैंने देखा कि गीता बड़ी गौर से अपने बदन को ऊपर से नीचे तक ताक रही थी। मेरा दिल अब और भी पागल हो रहा था और उस पर भी बारिश का मौसम जैसे बाहर पड़ रही बूंदें मेरे तन बदन में आग लगा रही थी। अबकी बार गीता ने मुझे देख कर अनदेखा कर दिया. शायद ये मेरे लिए हरी झण्डी थी।

मैं कमरे में अन्दर चला गया। गीता बोली- अरे राजा, मैंने अभी कपड़े नहीं, पहने तुम बाहर जाओ !

मैं बोला- गीता, मैंने तुम्हें कपड़ो में हमेशा देखा, लेकिन आज बिन कपड़ों के देखा है, अब तुम्हारी मर्ज़ी है, तुम मेरे सामने ऐसे भी रह सकती हो!

और यह कहते हुए मैंने उनको बाहों में ले लिया। उन्होंने थोड़ी सी ना-नुकर की लेकिन मैंने ज्यादा सोचने का समय नही दिया और बिंदास उनको चूमना शुरू कर दिया। मैंने देखा कि गीता ने आँखें बंद कर ली हैं। इसमें उनकी सहमति छुपी थी। मैं दस मिनट तक उसे चूमता रहा। इस बीच मेरे गरम होंट उसके गोरे बदन के ज़र्रे ज़र्रे को चूम गए।

अचानक गीता ने मुझे जोर से धक्का दिया और मैं नीचे गिर गया। एक बार को मैं फ़िर डर गया लेकिन अगले ही पल मैंने पाया कि गीता मेरे ऊपर आकर लेट गई और मेरे सारे कपड़े उतार दिए। हम दोनों के बीच से कपड़ो की दीवार हट चुकी थी। मेरा लंड पूरी तरह तैनात खड़ा था। तभी उसने मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपने नरम होंटों से छुआ और अपने मुँह में ले लिया। वो मेरे ऊपर इस तरह बैठी थी कि उसकी चूत बिल्कुल मेरे होंठों पर आ टिकी थी। मैंने चूत को बिंदास चाटना शुरू कर दिया। उसके मुँह से मेरा लण्ड आजाद हो गया था और आआहऽऽ …आआऽऽऽ …ऊऊऊऊ …….ऊओफ्फ्फ्फ़ की आवाज उसके मुँह से आने लगी थी।

तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वो मुझसे बोली- ओह मेरी चूत तुम्हारे इस सुडौल लंड को लिए बिना नही रह सकती, प्लीज़ अपने इस खिलाड़ी को मेरी चूत के मैदान में उतार दो ताकि यह अपना चुदाई का खेल सके।

गीता अब मेरे लंड को लेने के तड़पने लगी थी। मैंने भी उसी वक्त गीता को बाहों में भरा और उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया। गीता की चूत रसीली हो रखी थी, मैं गीता के ऊपर लेट गया, मेरा लंड गीता के चूत के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था। गीता ने चूत को अपने दोनों हाथों से खोल दिया और मैंने धीरे से गीता की चूत में अपना लंबा लंड डालना शुरू कर दिया। काफी दिनों से गीता की चुदाई नहीं हुई थी इसलिए गीता की चूत एक दम टाईट थी। मैंने जोर से झटका लगाया और लंड पूरी तरह चूत की आगोश में समां चुका था। गीता के मुँह से आआह्ह मार डाला की आवाज़ निकल गई और मुझे थोड़ी देर हिलने से मना कर दिया। कुछ देर बाद वो नीचे से हल्के-हल्के झटके लगाने लगी।

अब मुझे भी चूत का मजा आने लगा और मैंने गीता की चुदाई शुरू कर दी। जितने ज़ोर से मैं गीता की चुदाई करता, वो उतनी सेक्सी सेक्सी आवाज़ निकालने लगी- आह्ह ….आह ……..ऊऊ ऊऊ …ईई ईशश्र्श्र्श्र ……….आआआआ …………..ऊऊओफ़ फफ ….ऊऊऊ फफ फ अआ ह्ह्ह . धीरे धीरे चूत ढीली होने लगी।

हम दोनों ने कम से कम आधे घंटे तक चुदाई की। आधे घंटे बाद अचानक गीता मुझसे जोर से लिपट गई और उसकी चूत थोड़ी देर के लिए कस सी गई। कुछ और झटके लगाने के बाद मेरे लंड ने अपना वीर्य चूत में छोड़ दिया और वो फ़िर से मुझे लिपट गई। मैं इसी तरह दस मिनट तक गीता के ऊपर लेटा रहा।

उस दिन की बरसात से लेकर और अब तक ये आपका राजा अपनी गीता के प्यासे बदन पर हर साल बरसता है। मैं कभी कभी मीटिंग के बहाने जाता हूँ या कभी कभी वो अपनी बहन से मिलने हमारे घर आती है तो उसे चोदता हूँ।

आप सबको कैसी लगी मेरी साली की चुदाई की कहानी? Hindi Porn Stories

Antarvasna

सभी अंतर्वासना सेक्स कहानी Antarvasna पढ़ने वालों को मेरी तरफ से यानि कि प्रीतो पंजाबन की तरफ से बहुत बहुत आदर, सतिकार, प्यार, सलाम, नमस्ते!

दोस्तों, आप ही की तरह मैं भी अन्तर्वासना की पक्की पाठक हूँ और अब तक वैसे इस में छपने वाली हर एक कहानी का लुत्फ उठाती रही हूँ और फिर कभी कभी तो बाथरूम में भी जाना पड़ता है जब पास में कोई मर्द न हो तो उंगली, मोमबत्ती जिंदाबाद!

मेरी उम्र इक्कीस साल की है. मैं पंजाब में अमृतसर में रहती हूँ और यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली सेक्स कहानी है. पिछले तीन सालों से मुझे लड़कों का चस्का लगा है, घर में माहौल ही ऐसा था कि कदम खुद ब खुद बहकने लगे थे. मेरी कामुकता मेरे काबू में नहीं थी. अब तक तीन सालों में मैंने पांच बॉयफ़्रेन्ड बदले हैं. किसी एक साथ मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाती, जो भी लड़का या कोई भी मर्द मुझे सेक्स में खुश नहीं कर पाता या फिर जिस के साथ मुझे बिस्तर में मजा नहीं मिलता, मैं उसे छोड़ देती हूँ.

अन्तर्वासना पर अपनी चुदाई के एक एक किस्से को बताने जा रही हूँ जिस का आगाज़ मैं अपनी सब से पहली डेट पर हुई चुदाई के साथ करने लगी हूँ.

ठीक तीन साल पहले मैंने जवानी में बिल्कुल नया नया पैर रखा था, तभी से मेरा दाना फड़कने लगा था, जिस का कारण था केबल, हॉट वेब साइट्स अथवा अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों के साथ मेरी दोस्ती! उनके घर जाती तो वो कंप्यूटर पर ब्लू फिल्में देख देख एक दूसरी की चूतें मसलती, मम्मे दबाती!

दसवीं क्लास में मेरा पहला एफेयर बारहवीं क्लास में पढ़ने वाले बबलू नाम के लड़के के साथ चला. उस की स्कूल में पूरी दहशत थी, हर लड़का उस से डरता था, स्कूल का चौकीदार, चपड़ासी वगैरा स्टाफ के लोग उस का पानी भरते थे, मन मर्ज़ी से स्कूल आता जाता! हमारा स्कूल बहुत बड़ा है, फ्री पीरियड में वो मुझे स्टोर रूम में बुला लेता, वहाँ बैठ बातें करतें, वो मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी जांघें सहलाता, मेरे बटन खोल मेरे मम्मे दबाता, चूमा चाटी करता, बदले में मैं भी उस का लौड़ा पकड़ लेती और मसल देती. एक दो बार उसने मुझ से लौड़े की मुठ मरवाई और चुसवाया भी. मुझे चूस कर बहुत मजा आया. मेरा दिल रोज़ उसके लौड़े को चूसने को करता लेकिन मौका और जगह सही ना होने की वजह से कभी आगे नहीं बढ़ पाए.

एक दिन उसने मुझे पहली डेट का ऑफर दिया. उसने मुझे स्कूल से बंक कर के सिनेमा हाल में बुला लिया. स्कूल टाइम पर घर से निकली और वहाँ पहुँचने की बजाये थिएटर चली गई. वहाँ डबल एक्स फिल्म लगी थी. दोनों अंधेरे में एक दूसरे से लिपट गए. उसने खुलकर मेरे मम्मे चूसे! तभी उसको कॉल आई और वो खुश हो गया और मुझे वहाँ से चलने को कहा. मैं उसके साथ बाहर आई, चेहरा चुन्नी से छुपा उसकी बाईक पर बैठ गई.

वो मुझे लेकर शहर से थोड़ा बाहर ले आया. जब मैंने पूछा तो उसने कहा- बस बैठी रहो!

मुझे लेकर वो किसी के फार्म हाउस में गया. वहाँ कोई नहीं था. सिर्फ गेट कीपर था. उस ने उसको चाभी दी, मैं समझ चुकी थी.

हम दोनों एक आलीशान बेडरूम में पहुँच गए. उसने उस आदमी को कुछ पैसे दिए और बीयर लेकर आने को कहा और साथ में कुछ खाने के लिए भी!

उसने मुझे बाँहों में भर लिया, मैं भी लिपट गई. उसने मेरी कमीज़ उतार दी और अपनी भी! उस ने मेरी स्कर्ट उतार फेंक दी मुझे ब्रा पेंटी में देख उसका लौड़ा हिलने लगा. फिर दोनों ने बीयर पी, पहली बार पीने से मुझे नशा हो गया, मैं बेशर्म बन गई और खुद ही अपनी ब्रा पेंटी उतार दी. पहली बार किसी मर्द के सामने पूरी नंगी हुई थी मैं उस दिन!

मेरी रोयेंदार सी सील बंद गुलाबी चूत देख वो मचल उठा, पागल हो गया और मेरे उभरती हुईं छातियों को देख वो रुक नहीं पाया और मेरे चुचूक पहली बार उसने रोशनी में देखे, पहले हर बार अँधेरे वाली जगह में देखे थे. वो चूसने लगा, मैं भी मचलने लगी.

वो मुझे पर छाता गया और मैं दबती गई. बेडरूम में पहली बार लड़के के साथ थी, मुझ से रुका नहीं गया और मैं नीचे बैठ उसका लौड़ा चूसने लगी. पूरा तन चुका था उसका लण्ड, मुझे बहुत स्वाद लग रहा था, अपनी ही धुन में मैं लगी पड़ी थी. फिर उसने फिर से मेरी चूत में अपनी जीभ घुमा घुमा कर पागल कर दिया मुझे! मैंने भी उसके लौड़े को कस के पकड़ लिया और अपनी ओर खींचने लगी. उसने ऊपर आते ही मेरी टाँगें खोल लीं और बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पर रखते हुए झटका मारा.

मैं उछल उठी. वो इस काम का मास्टर लग रहा था, पहले से ही मुझे अपने सिकंजे में जकड़ रखा था और मेरे होंठ अपने होंठों में दबा रखे थे. दो तीन झटकों से उसने पूरा लौड़ा मेरी चूत में उतार दिया. मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. इस बार थोड़ी राहत मिली और थोड़ा आराम से घुसा.

फिर मैं खुद ही अपनी गांड उठा कर चुदवाने लगी.
वाह मेरी जान! क्या टाइट चूत है साली तेरी!
हाँ अब अच्छा लग रहा है! थोड़ी स्पीड बढ़ाओ!
उसने तेज़ तेज़ झटके मारने शुरु कर दिए.
अह उहऽऽ
मैं उस का उत्साह बढ़ा रही थी!
साले चोद दे मुझे!
हाँ! मेरी रांड देखती जा!

उसने मुझे पलट लिया और घोड़ी बना कर चूत मारने लगा. उस का स्टेमिना बहुत था. मेरी इतनी चुदाई की जिससे मैं निहाल हो गई.

एक साथ दोनों का काम तमाम हुआ. उसके बाद कुछ बीयर और पी और उसने स्कूल टाइम तक मुझे खूब चोदा और मुझे कच्ची कलि से फूल बना दिया, वो भी तीन बार चोद कर!

मुझे चलने में मुश्किल हो रही थी.

यह थी मेरी पहली चुदाई!
आपके जवाबों का इंतज़ार है और बाद में अपनी चूत में घुसे दूसरे लौड़े के बारे में बताऊँगी.
बाय बाय!
यह तो शुरुआत है!!!! Antarvasna

(Hot College Girls Sex Kahani) चुदाई की कहानी

हॉट कॉलेज गर्ल्स से कहानी में पढ़ें कि कैसे चूत चुदाई की प्यासी तीन सगी बहनों ने एक एक करके एक ही दिन में अपने टीचर से अपनी सीलबंद चूतें फटवा ली.

हैलो फ्रेंड्स … तीन सगी बहनों की एक लंड से चुदाई की कहानी में आपका स्वागत है.
हॉट कॉलेज गर्ल्स सेक्स कहानी के दूसरे भाग
प्रोफेसर ने कुंवारी लड़कियों की चूत फाड़ दी
में आपने अब तक पढ़ा था कि मीनाक्षी की चुत में आलोक का लंड घुसा हुआ था और मीनाक्षी दर्द से छटपटा रही थी.

अब आगे हॉट कॉलेज गर्ल्स सेक्स कहानी:

कुछ देर बाद मीनाक्षी का दर्द जाता रहा और वो लंड के मजे लेने लगी.
आलोक अभी भी सावधानी बरत रहा था कि कहीं मीनाक्षी को ज्यादा दर्द न हो इसलिए वो धीरे धीरे ही लंड चुत में आगे पीछे कर रहा था.

थोड़ी देर के बाद मीनाक्षी बेकरारी से बोली- क्या कर रहे हो? धीरे धीरे क्यों कर रहे हो … और जोर से चोदो मुझे, आने दो तुम्हारा पूरा लंड मेरी चूत में … मेरी चूत में अपना लंड जड़ तक पेल दो … और जोर जोर से धक्का मारो.

यह सुनते ही आलोक ने चुदाई फुल स्पीड से शुरू कर दिया और बोलने लगा- आह मेरी मीनाक्षी रानी, चुदाई कैसी लग रही है … चूत की आग बुझ रही है या नहीं?

मीनाक्षी नीचे से अपनी कमर उछालती हुई बोली- अभी बात मत करो … और मन लगा कर मेरी चूत चोदो. चुदाई के बाद जितनी चाहे बात कर लेना, अभी तुम मुझे अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को खिलाओ. इस समय मेरी चूत बहुत भूखी है और उसको बस लंड की खुराक चाहिए.

आलोक और मीनाक्षी इस समय एक दूसरे को जोर से अपने हाथ और पैर से जकड़े हुए थे और दोनों फुल स्पीड से एक दूसरे को अपने अपने लंड और चूत से धक्का मार रहे थे.

पूरे कमरे में उनकी सिसकारियां और चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं.

मीनाक्षी की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और इसलिए उसकी चूत से आलोक के हर धक्के के साथ बहुत आवाज निकाल रही थी.

अचानक से मीनाक्षी बहुत जोरों से अपनी कमर उछालने लगी और वो एकदम से निढाल होकर बिस्तर पर अपने हाथ पैर फ़ैला कर ढीली पड़ गयी.
मीनाक्षी अब झड़ चुकी थी और उसमें और चुदने की हिम्मत नहीं बची थी.

आलोक ने भी मीनाक्षी के झड़ जाने के बाद जोरदार धक्के लगाए और मीनाक्षी की चूत के अपना पूरा लंड घुसेड़ कर उसके ऊपर ही गिर गया.

आलोक भी झड़ चुका था. अब वो मीनाक्षी के ऊपर आंख बंद करके लेटा था और हांफ रहा था.

थोड़ी देर के बाद आलोक ने अपना लंड मीनाक्षी की चूत से बाहर निकाला और लंड के बाहर निकलते ही मीनाक्षी की चूत से ढेर सारा सफ़ेद गाढ़ा गाढ़ा पानी निकलने लगा.

मीनाक्षी ने यह देख कर चूत में अपनी पैंटी खौंस दी और उठ कर बथरूम की तरफ़ चली गई.

अब तक प्रोफेसर आलोक काफी थक चुका था.
वो आज लगातार दो कुंवारी लड़कियों के साथ चुदाई कर चुका था.

उसने मन में कुछ सोचा कि अभी तो तीसरा माल भी बाकी है. एक बार इसकी सील और फाड़ दूँ … फिर ये तीनों बार बार चोदने के लिए मिलती रहेंगी.

अब आलोक ने अपना मुँह घुमा कर देखा कि सोनम और डिंपल आपस में व्यस्त थीं. सोनम डिंपल के चूचे उसकी ब्रा के ऊपर से ही दबा रही थी.

सोनम ने डिंपल की जींस और टी-शर्ट को उतार दिया था और अब डिंपल सिर्फ अपनी ब्रा और पैंटी में थी.

डिंपल की चूचियां बहुत ही सेक्सी थीं. उसकी चूचियां बहुत बड़ी तो नहीं थीं … पर बहुत गठीली और गोल गोल थीं.

उसकी चूचियों के निप्पल इस समय बिल्कुल तन कर खड़े थे और कड़क हो गए थे.

डिंपल की एक निप्पल को सोनम ने अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.
वो अपने एक हाथ को डिंपल की जांघों के बीच में घुमाने लगी.

कुछ ही देर में सोनम ने डिंपल की पैंटी भी उतार दी और लिटा कर अपना मुँह डिंपल की चूत पर रख दिया.

सोनम ने अपनी जीभ निकाल कर डिंपल की चूत के अन्दर कर दिया और किसी कुतिया की तरह अपनी बहन की चुत चाटने लगी.

इससे डिंपल इतनी ज्यादा गर्म हो गई थी कि वो अपने हाथों से अपने दोनों निप्पलों को मसल रही थी.

यह सब देख कर आलोक के अन्दर वासना का ज्वर फिर से भरने लगा और चुदाई के लिए उसका लंड फिर से गर्म होने लगा.

वो उठ कर सोनम और डिंपल के पास पहुंच गया और दोनों बहनों की कामलीला को ध्यान से देखने लगा.

दोनों बहनों को मस्ती करते देखते हुए ही उसने अपना हाथ डिंपल की एक चूची पर रख दिया और निप्पल को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगा.
फिर उसने अपने अंगूठे और तर्जनी उंगली के बीच निप्पल को मसलने लगा.

डिंपल आलोक की तरफ़ देखने लगी कि आलोक सर उसके बगल में नंगे खड़े हैं और उनका लंड अब गर्म होकर खड़ा होने लगा है.

उसने आलोक का लंड अपने हाथों में ले कर पूछा- क्या सर अब मुझको भी चोदेंगे?
आलोक ने पूछा- क्यों तुमको नहीं चुदवाना है?

शीरीन- हां सर, मैं भी अपनी बहनों की तरह अपनी चूत आपसे चुदवाना चाहती हूँ. प्लीज आप मुझे भी अपने लंड से चोदिए. लेकिन आपके लंड को क्या हो गया है … ये तो ढीला पड़ा है … क्या अब यह मेरी चूत में घुसने के काबिल नहीं रहा?

आलोक लड़कियों की चुदाई का पुराना खिलाड़ी था. उसने अपने लंड को हिलाते हुए कहा- घबराओ मत, अभी तुम्हें अपना लंड का कमाल दिखाता हूँ.

यह कह कर आलोक ने अपना लंड डिंपल के मुँह में दे दिया और बोला- लो मेरी जान … मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसो.

डिंपल भी उनके लंड को अपने मुँह में लेकर उस पर अपनी जीभ चलाने लगी और कभी उस पर अपने दांत गड़ाने लगी.

आलोक को डिंपल की लंड चुसाई से बहुत मज़ा आया और उसका लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा.

उधर सोनम अपनी एक हाथ से डिंपल की चूत सहला रही थी और दूसरे हाथ से आलोक के गांड में अपनी उंगली पेल रही थी.

थोड़ी देर के बाद लंड चुसाई और गांड में सोनम की उंगली होने से आलोक का लंड पूरे जोश के साथ खड़ा हो गया और वो फिर से चुत चुदाई शुरू करने के लिए तैयार था.

आलोक ने अपना लंड डिंपल के मुँह से निकाला और उसके पैरों के बीच में बैठ गया.
उसने अपने दोनों हाथों से डिंपल की चूत को फ़ैलाया और उसके अन्दर अपनी जीभ डाल दी.

आलोक अपनी जीभ डिंपल की चूत के अन्दर-बाहर करने लगा और अपनी जीभ से चूत की अंदरूनी दीवारों के साथ खेलने लगा.

कभी कभी आलोक अपनी जीभ डिंपल की भगनासा को भी खींच कर चुभला रहा था और कभी कभी उस दाने को अपने दांतों के बीच पकड़ कर जोर जोर से खींचते हुए चूस रहा था.

डिंपल अब काफी बेचैन हो गई थी और अपनी कमर हिला हिला कर अपनी चूत को आलोक के मुँह पर आगे पीछे कर रही थी.

आलोक समझ गया कि डिंपल की कुंवारी चूत अब लंड खने की लिए तैयार है.

अब आलोक का लंड भी पहले जैसा तगड़ा हो गया था और डिंपल की चूत में घुसने के लिए उतावला था.

आलोक ने अपनी जीभ को डिंपल की चूत से से बाहर निकाल लिया और पोजीशन बना कर उसकी चुत पर लंड टिका कर तैयार हो गया.

उसने पहले अपना सुपारा डिंपल की चूत पर रख कर एक हल्का सा धक्का दिया लेकिन डिंपल की चुत काफी कसी थी. वो इस जरा से धक्के से ही जोर से चिल्ला पड़ी.

आलोक का लंड डिंपल की छोटी चूत के हिसब से बहुत मोटा था और डिंपल की यह पहली चुत चुदाई थी.

डिंपल अपने हाथों से आलोक को रोक रही थी जिससे आलोक अपना लंड डिंपल की चूत में पेल नहीं पा रहा था.

उसने सोनम और मीनाक्षी से डिंपल के चूचों और चूत से खेलने को कहा जिससे डिंपल दर्द भूल जाए और आलोक के लंड को अपनी चूत में घुस जाने दे.

वो दोनों डिंपल की चूची और चुत से खेलने लगीं.
तब तक आलोक उठ कर नारियल के तेल का शीशी उठा लाया और उसने अपने लंड पर तेल को अच्छी तरह से मल लिया.

फिर उसने सोनम को हटा कर डिंपल की चूत पर भी तेल को अपनी उंगली में लेकर मल मल कर लगा दिया.

उसने चूत के अन्दर तक अपनी उंगली से घुमा घुमा कर तेल लगाया.

तेल लग जाने के बाद आलोक अपनी दो उंगलियों को डिंपल की चूत के अन्दर-बाहर करने लगा.
कभी कभी वो अपनी उंगली से उसकी चूत की घुंडी भी रगड़ देता था.

डिंपल की चूत अब पानी छोड़ रही थी और इससे उसकी चूत चुदाई के तैयार हो गयी.

आलोक फिर से डिंपल के पैरों को फ़ैला कर उनके बीच घुटनों के बल बैठ गया और डिंपल को समझाया कि अब कोई डरने की बात नहीं है. उसको तेल से कोई दर्द नहीं होगा.

उधर सोनम और मीनाक्षी डिंपल की एक एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूस रही थीं.

आलोक ने डिंपल के दोनों पैर हवा में उठा दिए और उसकी कमर को कस कर पकड़ लिया, जिससे कि फिर से वो छूटने की कोशिश ना कर सके.

अब आलोक ने फिर से डिंपल की चूत पर अपना लंड रखा और डिंपल को कुछ समझ आने के पहले ही एक जोरदार झटका लगा दिया.

डिंपल की चूत तेल और चूत से निकले पानी की वजह से काफी चिकनी हो गई थी जिससे आलोक का लंड एक ही झटके से पूरा का पूरा चुत के अन्दर घुसता चला गया.

इस अचानक हमले से तो डिंपल पहले चीखी और उसने आलोक को अपने ऊपर से हटाने के लिए धक्का मारा लेकिन इस बार आलोक की पकड़ बहुत ही मजबूत थी.
डिंपल कसमसा कर रह गई.

आलोक ने तभी अपनी कमर आगे पीछे करके अपना लंड डिंपल की चूत में पेलते हुए एडजस्ट करने लगा.

थोड़ी देर के दर्द और तकलीफ के बाद डिंपल को भी चुत चुदवाने में मज़ा आने लगा और अब वो अपनी कमर उठा उठा कर आलोक को चुदाई में सहयोग करने लगी.

आलोक और डिंपल दोनों एक दूसरे को ऊपर और नीचे से दनादन धक्के मार रहे थे और डिंपल की चूत में आलोक का लंड तेज़ी से आ-जा रहा था.

सोनम और मीनाक्षी अब डिंपल के पास से हट कर उन दोनों की ताबड़तोड़ होती चुदाई को देख रही थीं और एक दूसरे की चूत में उंगली कर रही थीं.

डिंपल और आलोक दोनों एक दूसरे से चूत और लंड के साथ जुड़े हुए थे.

बीस मिनट की धकापेल चुदाई के बाद डिंपल की चूत से मलाई निकलने लगी तो आलोक ने अपनी चुदाई की स्पीड और तेज़ कर दी क्योंकि आलोक भी अब झड़ने वाला हो चला था.

उसने आखिरी के चार पांच धक्के जोरदार तरीके से डिंपल की चूत में लंड से मारे और वो डिंपल की चूत के अन्दर पूरा लंड पेल कर झड़ गया.

डिंपल भी अब तक झड़ चुकी थी.
आलोक का सारा पानी डिंपल की चूत में समा गया. दोनों हांफ़ रहे थे और एक दूसरे से चिपके पड़े थे.

कुछ पल बाद आलोक ने अपना लंड को डिंपल की चूत से निकाला तो चुत में से ढेर सारा पानी निकलने लगा.

सोनम और मीनाक्षी ने जल्दी से अपने अपने मुँह डिंपल की चूत पर लगा दिए और उससे निकल रहा आलोक और अपनी बहन की चूत के मिश्रित पानी को जीभ से चाट चाट कर पीने लगीं.

थोड़ी देर के बाद डिंपल ने अपनी आंखें खोलीं और मुस्कुरा कर आलोक से बोली- सर, आपके लंड से चुदवा कर बहुत मज़ा आया. आज हम तीनों बहनों ने आपसे अपनी अपनी चूत की सील तुड़वा कर ओपनिंग करवा ली. आपको किसकी चूत सबसे मस्त लगी और कौन सी बहन की चुत चोदने में आपको ज्यादा मज़ा आया … सच सच बताना.

आलोक ने डिंपल की चूची को मसलते हुए कहा- अरे ताजी ताजी चुदी हुई लड़कियो, मुझे तो तुम तीनों बहनों की चूत की बहुत मस्त लगी. हां तुम्हारी चूत बहुत टाईट थी और इसे खोलने में मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी, तेल भी लगाना पड़ा. लेकिन तुम तीनों बहनों ने आज दिल खोल कर अपनी अपनी चूत चुदवाई हैं. मुझे तो तुम सभी बहनों की चूत को चोदने में मज़ा आया.

इतना सुन कर तीनों बहनें मुस्कुरा दी और एक साथ बोलीं- अब फिर से हमारी चूत को आपके लंड का भोग कब मिलेगा? जल्दी से कोई दिन निकालिए और हमारे पिछवाड़े की ओपनिंग कर कर दीजिए. हम तीनों बहनें आपके लंड के धक्के अपनी अपनी चूत में खाने के लिए हाज़िर हो जाएंगी.

आलोक ने कुछ देर सोच कर कहा- ऐसा करो कि मैं रविवार को नई दिल्ली एक सेमीनार में चार-पांच दिन के लिए जा रहा हूँ. तुम तीनों बहनें अपने घर से परमीशन लेकर हमारे साथ दिल्ली चलो. मैं तुम सबको वहां रोज सुबह शाम और रात को वियाग्रा की गोली खा खाकर चोदूंगा और तुम्हारी चूतों को चोद चोद कर भोसड़ा बना डालूंगा. हां, वहां और भी लोग आएंगे … तुम लोग अगर चाहोगी तो तुम्हें और भी लंड अपनी चूतों में पिलवाने को मिल जाएंगे … और तुम तीनों बहनें मज़े से अपनी अपनी चूत को लम्बे और मोटे लंड से चुदवा सकती हो.

यह सुन कर तीनों बहनों ने आलोक के साथ दिल्ली जाने का प्रोगाम बना लिया.

चुदने के बाद तीनों बहनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और आलोक ने सिर्फ एक लुंगी अपनी कमर पर बांध ली.

चुदाई के बाद आलोक ने उनको अपने हाथ से कॉफ़ी बनाई और नाश्ते के साथ दी.

फिर आलोक तीनों बहनों को बाहर छोड़ने गया.

बाहर जाने के पहले दरवाजे के पास आलोक ने उन तीनों को फिर से एक एक करके अपनी बांहों में लेकर उनको चुम्मा दिया और इन तीन बहनों की चूचियों को उनके कपड़ों के ऊपर से दबा दीं.

सोनम का मन नहीं भरा था तो उसने फिर से आलोक को अपनी बांहों में लेकर चूमा और फिर अपनी साड़ी उठा कर आलोक से अपनी चूत पर चुम्मा देने को कहा.

आलोक ने सोनम की चूत पर एक जोरदार चुम्मा दिया और उसको चूत की घुंडी को जीभ से चाट दिया.

मीनाक्षी और डिंपल अपनी चूत पर आलोक का चुम्मा नहीं ले सकीं क्योंकि वो सलवार और जींस पहनी हुई थीं. वो अपनी चूत चुसवाने के लिए नहीं खोल सकीं.

सोनम ने आलोक की लुंगी हटा कर उसके मोटे लंड का सुपारा खोल कर चूमा. सोनम की देखा देखी मीनाक्षी और डिंपल ने भी आलोक के लौड़े को चूमा और उसके सुपारे को मुँह में लेकर चूसा.

अब वो तीनों हॉट कॉलेज गर्ल्स अपनी अपनी चुदी हुई चूत में आलोक के लंड से निकला हुआ रस भरवाए हुए अपने घर चली गईं.

उनके जाते ही आलोक अपने कमरे में आकर सो गया.
वो बहुत थक चुका था.
उसको अब दिल्ली में इन तीनों बहनों की चुत चुदाई का अवसर मिलने वाला था.

आपको हॉट कॉलेज गर्ल्स चुदाई की कहानी कैसी लगी, प्लीज़ कमेंट्स के माध्यम से जरूर बताएं.

Antarvasna

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम Antarvasna राम है और मैं रीवा का रहने वाला हूँ। मैंने इस साईट की कई कहानियाँ पढ़ीं हैं और पहले तो मैं इन सब में बिल्कुल विश्वास नहीं रखता था क्योंकि मैं यही सोचता था कि ऐसा तो कभी हो ही नहीं सकता कि कोई अपने ही बेटे से चुदवा ले या कोई बहन अपने ही भाई से गाँड मरवा ले। पर यकीन मानिए जब से मेरे साथ चुदाई वाली यह घटना घटी तो मुझे यकीन हो गया कि ऐसा भी होता है। मेरे साथ कोई माँ-बहन वाली तो नहीं पर किरायेदार की चुदाई की घटना घटी जो मैं आप लोगों को सुनाना चाहता हूँ।

यह कहानी आज से दो साल पहले की है जब मेरी उम्र २३ साल की थी और मैं अपनी ग्रेजुएशन पूरा कर चुका था। हमारा घर रीवा के एक बड़ी कॉलोनी में है। हमारा घर बहुत बड़ा है। घर के एक हिस्से के तीन कमरों में किरायेदार रहते हैं। हमारे घर में एक हिस्से में कमरा खाली था, उसी में रहने के लिए एक दिन एक प्रधानमंत्री सड़क योजना के इंजीनियर सपरिवार आए। उनके परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी और उनकी एक बेटी थी। पत्नी की उम्र ३८ साल की होगी और उनकी बेटी की उम्र १९ साल की रही होगी।

अब मैं अपनी कहानी शुरु करता हूँ। मेरा ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद मैं नौकरी की तलाश में लग गया। कोई काम न होने के कारण मैं अक्सर घर पर ही रहता था। एक दिन की बात है कि मैं अपने बालकनी में कुर्सी लगाकर बैठा हुआ कुछ पढ़ रहा था कि इतने में मुझे पानी गिरने की आवाज़ सुनाई पड़ी, जैसे कोई नहा रहा हो। मैंने खड़े होकर नीचे आँगन में देखा तो मेरे होश उड़ गए। मैंने देखा कि रानी (इंजीनियर की पत्नी) नहा रही थी और वह भी पूरी नंगी होकर। मैंने पहली बार किसी औरत को पूरा नंगा देखा था। मेरे रोम-रोम खड़े हो गए, और उसका नहाना पूरा होने तक मैं उसे देखता रहा। चूँकि मेरे घर के चारों और उँची दीवारें हैं इसलिए बाहर से तो कोई भी नहीं देख सकता, तो इसलिए स्त्रियाँ आँगन में नंगी नहा सकतीं थीं।

अब मैं रोज़ाना उसी बालकनी में चला जाता और जब तक वो नहाती, मैं उसे देखा करता। मुझे पहले से चुदाई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और न मैं यह जानता था कि चुदाई कैसे करते हैं। बस, पूरे बदन में एक अजीब सी हरक़त होती थी। मैं परेशान होने लगा कि मुझे यह क्या हो रहा है, और कुछ ही देर में सब शांत हो जाता था। एक दिन जब वह नहा रही थी और मैं उसे देख रहा था, तभी उसकी नज़र मुझ पर पड़ गई। मैं जल्दी से वहाँ से भाग कर अन्दर आ गया। मैं काफ़ी डर गया था कि अब वह मेरे घरवालों को सबकुछ बता देगी, पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

कुछ दिन बीत गए। मैंने बालकनी की ओर जाना बन्द कर दिया। एक दिन रानी ने मुझे अपने घर बुलाया। मैं वहाँ गया, वह घर पर अकेली ही थी। उसकी बेटी कॉलेज गई थी और पति दौरे पर जिले से बाहर गए थे। मैं जब उसके घर गया तो उसने बैठने को कहा और अभी आने की बात कहकर अन्दर चली गई। कुछ ही देर बाद वो एक झीनी सी गाऊन पहनकर बाहर आई। गाऊन के अन्दर उसने कुछ भी नहीं पहना था। गाऊन के बाहर से सबकुछ दिखाई दे रहा था। मैंने अपनी नज़रें नीची कर लीं। वह मेरे बगल में आकर बैठ गई। उसने कहा, “आजकल तुम दिखाई नहीं देते हो, क्या बात है?”

“नहीं आँटी ऐसी कोई बात नहीं है। इन दिनों मैं कुछ ज़्यादा ही व्यस्त था।”

“अच्छा बताओ, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेण्ड है?” – उसने बात आगे बढ़ाने के लिए पूछा।

मैंने ना में सिर हिलाया, तो वह चौंक कर बोली, “क्या? इतने बड़े हो गए हो, अभी तक कोई गर्लफ्रेण्ड नहीं है? तब तो तुम्हें बड़ी परेशानी होती होगी।”

“परेशानी कैसी?”

“तुम तो एकदम बुद्धू हो, और मैं कुछ और ही समझ रही थी।”

“आप क्या सोच रहीं थीं?”

“उस दिन तुम मुझे नहाते हुए देख रहे थे, तो मैंने सोचा कि तुम काफी एक्सपर्ट हो। पर तुम तो इन सब के बारे में बिल्कुल ही मूर्ख हो। अच्छा बताओ, तुमने मेरा क्या-क्या देखा।”

“मैंने आपका पूरा शरीर देखा।”

“पूरे शरीर और उसके कुछ भाग में अन्तर होता है। तुमने मेरे शरीर में ऐसा क्या देखा जो तुम्हें अच्छा लगा हो?”

“आपकी छाती…”

यह सुनकर वह हँसने लगी, “इससे पहले कभी किसी औरत या लड़की को नंगा देखा है?”

“नहीं।”

“चलो, मैं आज तुम्हें अपना पूरा नंगा बदन दिखाती हूँ,” और इतना कहकर वो मुझे अपने बेडरूम में लेकर चली गी। बेडरूम में पहुँचते ही उसने अपना गाऊन उतार कर फेंक दिया और मेरे कपड़े उतारने लगी। कुछ ही देर में उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझसे लिपट कर मुझे बेतहाशा चूमने लगी। कुछ देर के बाद मैं भी उसके बदन को चूमने लगा। जब मेरा हात उसकी चूची पर गया, मेरे बदन में कँपकँपी होने लगी। फिर मैं धीरे-धीरे उन चूचियों को दबाने लगा। मुझे मज़ा आ रहा था और वह सिसकारियाँ भर रही थी।”

अब उसने मुझ अपने घुटनों पर झुका लिया और अपनी चूत चूसने का इशारा किया। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में घुसेड़ दिया। उसकी चूत से नमकीन पानी निकलने लगा और मैं बड़े चाव से उसका पानी पी गया। कुछ देर के बाद उसने मुझे अपने बेड पर लिटा दिया और मेरे बगल में बैठ कर मेरे ७ इंच लम्बे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मेरे लंड ने अपना पानी मुँह में ही छोड़ दिया। पर उसने मेरे लंड बाहर नहीं निकाल और उसे चूसती रही। थोड़ी ही देर में मेरा लंड वापस तैयार हो गया। तब उसने मुझसे कहा, “अब रहा नहीं जाता। अब मुझे चोदो।”

पर मुझे चोदना तो आता नहीं था, मैंने उसे बताया, तो वह मेरे ऊपर चढ़ गई और अपनी चूत की छेद पर मेरे तैयार लंड को रखा और दबाव दिया। मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया। वह चीख़ी तो मैं डरकर अपना लंड बाहर निकालने लगा, पर उसने मुझे रोक दिया और कहा कि ऐसा होता है। मैं कितना भी चीखूँ, तुम अपना लंड बाहर नहीं निकालना। मैंने ऐसा ही किया। अब वो दबाव बढ़ाने लगी और धीरे-धीर मेरा पूरा लंड उसकी चूत ने निगल लिया। कुछ देर बाद तक वो शांत थी, फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने अपनी गाँड ऊपर-नीच करनी शुरु कर दी। मुजे भी बहुत मज़ा आ रहा था फिर उसने कहा कि ऐसे ही तुम मेरे ऊपर चढ़ कर करो। इसी को चोदना कहते हैं। फिर वो बिस्तर पर चित्त लेट गई और मैं उसके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को पूरा-का-पूरा उसकी चूत में पेल दिया और धक्के मारने लगा।

पूरे कमरे में फच्च-फच्च की मधुर आवाज़ें आ रहीं थीं। वो चीखती जा रही थी – और तेज़… मेरे रामा… आआ….. आ…. इइइइइईईईई… उउउउउऊऊऊ… मरररररर… गईईईईई… मैं…तो……..। मेरी उत्तेजना बढ़ गई और मैं उसे तेज़ी के साथ चोदता रहा। कुछ ही देर में वो चिल्लाई कि मैं अब झड़ने वाली हूँ। मेरी समझ में नहीं आया कि झड़ना किसे कहते हैं। पर मेरे लंड से कुछ ही देर में पानी निकला जो उसकी चूत ने पी लिया। उसी समय उसने भी मुझे कस कर दबोच लिया, शायद वह भी झड़ गई थी। फिर हम कुछ देर तक यूँ ही एक-दूसरे से लिपट कर लेटे रहे।

फिर जब मैं वापस घर जाने के लिए उठा तो मेरे कानों में उसकी बेटी रीना की आवाज़ें सुनाई दीं, “कहाँ जा रहे हो, अब तो मेरी बारी है।”

हम लोगों ने घबरा बाहर की ओर देखा तो बेडरूम के दरवाज़े पर रीना खड़ी थी और शायद उसने हमारी चुदाई-लीला देख ली थी। उसकी माँ ने हक़ला कर कहा रीना तुम? तुम कब आईं? तो रीना ने कहा, “अभी १० मिनट पहले, पर माँ तुम्हें दरवाज़ा तो बन्द कर लेना चाहिए था। दरवाज़ा खुला था, कोई और आ जाता तो तुम्हारी माँ चुद जाती। चलो शुक्र है कि मैं थी और अगर तुम दोनों अपनी सलामती चाहते हो तो राम तुम्हें मेरी भी जमकर चुदाई करनी होगी।”

मरता क्या न करता, मैं तैयार हो गया और रीना की माँ भी तैयार हो गई। रीना ने तुरन्त अपने कपड़े उतार दिए और बिस्तर पर आ गई। उसने मुझे चूमने शुरु कर दिया, और मैंने उसे। उसकी माँ ने एक बार फिर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। रीना ने उसे मना किया कि माँ तुमने तो एक बार मुँह से और एक बार अपनी चूत से लंड का मज़ा ले लिया। अब मेरा मज़ा किरकिरा मत करो। तुम मेरी चूत चूसो। मैं राम का लंड चूसती हूँ, और राम मेरी चूत चूसेगा।

हमने ऐसा ही किया, फिर कुछ देर बाद रीना कुतिया बन गई और बोली कि राम अब चोदो। मैं उसके पीछे आया और उसकी माँ नीचे लेट गई। अब उसकी माँ की चूत और रीना की चूत ऊपर-नीचे थी, और बीच में मेरा लंड था। क्या क़िस्मत थी मेरे लंड की कि दो अप्सराओं की चूत आज उसे मिली थी। फिर मैंने रीना की चूत को अपने हाथों से पकड़ कर फैलाया और अपने लंड को उसकी कुँवारी चूत की छेद पर रखकर एक ज़ोरदार धक्का मारा… वह चीख़ पड़ी… आआअअअअअअ…. मरी…… मर जाऊँगी… मैं…..।

मैंने रानी से जो सीख ली थी, उसी पर क़ायम रहते हुए अपने लंड को वापिस खींचकर एक बार फिर ज़ोरदार धक्का मारा। उसकी चूत से ख़ून निकल रहा था। अब मैं डर गया कि शायद उसकी चूत फट गई है। पर उसकी माँ ने कहा कि पहली बार ऐसा होता है। अब तुम मेरी चूत चोदो, तब तक रीना की शांत हो जाएगी। मैंने ऐसा ही किया और रानी की चूत चोदने लगा।

कुछ देर के बाद रीना बोली कि अब वह तैयार है। तो मैंने वापिस अपने लंड को उसकी चूत में पेल दिया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। कुछ देर के बाद रीना भी अपनी गाँड आगे-पीछे करने लगी, तो मैंने चुदाई की गति बढ़ाई। रानी कभी मेरे लंड को पीती को कभी रीना की चूत को चाटती। कुछ ही देर में हम दोनों झड़ गए। पर चूँकि रीना कुँवारी थी इसलिए उसकी माँ ने कहा कि अपना पानी रीना की चूत में मत डालना, मेरे मुँह में डालना, वरना रीना गर्भ-धारण कर सकती है। मैंने वैसा ही किया। जैसे ही मेरा पानी गिरने वाला था तो मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और रानी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और मेरा पूरा पानी वह पी गई। रीना भी झड़ चुकी थी। फिर हम-तीनों आपस में लिपटे रहे और कुछ देर के बाद मैं अपने घर वापस चला गया।

आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताईएगा, ताकि मैं इसी प्रकार आपका मनोरंजन करता रहूँ। Antarvasna

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