Important Notice: Post Free Ads Unlimited...🔥🔥🔥

Massage Girl in Kendrapara Book Professional Massage Services Online

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

हाय दोस्तों Antarvasna

कैसे हैं आप सब? मेरी पहली कहानी ‘ मेरा बॉय Antarvasna फ्रेंड ब्लू फ़िल्म देखते देखते चोदता रहा’ सब लोगों को काफी पसंद आई। मुझे ढेर सारे ईमेल मिले। इसके लिए आप सबका धन्यवाद !

इस बार पहले तो मैं अपनी और राहुल की शेष कहानी भेजना चाहती थी लेकिन मुझे एक शरारत सूझ रही है और इस बार मैं आपको हिन्दी गानों पर मेरी बनाई हुई कुछ पैरोडी भेज रही हूँ।

मुझे पूरी उम्मीद है इनको पढ़कर आप गर्म हो जायेंगे।

हाँ ! मुझे कई दोस्तों ने पूछा है कि मैं लड़की हूँ या नहीं?

भाई यह मैं आप पर छोड़ती हूँ आप माने या ना माने, मैं तो लड़की हूँ और मनोज तो मुझे इमेल आई डी बनाने के लिए जोड़ना पड़ा।

तो अब कुछ पैरोडियाँ आपकी नज़र हैं !

१. गाना: जादूगर सैंया छोड़ो मेरी बैयाँ हो गई आधी रात अब घर जाने दो…………

पेरोडी: (ये राजस्थानी भाषा है जो मुझे राहुल ने सिखाई।)

जादूगर सैंयाँ चोदो म्हाने ऐयाँ (इनका मतलब है मुझे इस तरह चोदो) ऊंची कर द्यो टांग पूरो अन्दर जाबा दयो

चोदो जी थे चोदो म्हारा बोबा भी तो दबाओ.. बोबा भी दबाओ म्हारा कुल्हा भी सहलाओ

और ये सब करतां करतां म्हाने मस्त बनाओ …

जादूगर सैयां चोदो म्हाने ऐयाँ……

२. गाना: तू प्यार का सागर है तेरी इक बूँद के प्यासे हम …..

पेरोडी:

तू मॉल बड़ा मस्त है तेरी इस चूत के प्यासे हमऽऽऽऽऽ..

चोदेंगे तुम्हें हम कि भूल नहीं पाओगे तुमऽऽऽऽ…..

३. गाना: चाहा है तुझको चाहूँगा हरदम….

पेरोडी:

चोदा है तुझको चोदेंगे हरदम

चोद चोद के चूत चाहे भोसड़ा बन जाए सनम…

तेरी चूत में मेरा लंड यूँ मस्ती से जाता है

और इसमे तुमको भी बड़ा मजा आता है..

चोदा है तुझको चोदेंगे हरदम

चोद चोद के चूत चाहे भोसड़ा बन जाए सनम

४. गाना: इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा के मैं इक बादल आवारा….

पेरोडी:

इतना न मुझसे तू चूत चुदा के थक के मेरा लंड सुस्ताये

बार बार तुझे चोदता रहूँ के

मस्त होके तू चुदवाये

तेरी चूत के बिना रह पाए ऐसा तो लंड का काम नहीं

पर हर दम चोदता ही रहे ये भी कोई अच्छा काम नहीं…

समय समय पर तू मुझसे चुदा

तो तुझे भी आएगा बड़ा मजा….

इतना न मुझसे तू चूत चुदा के थक के मेरा लंड सुस्ताये

बार बार तुझे चोदता रहूँ के

मस्त होके तू चुदवाये

Antarvasna

पड़ोसन आंटी से पहला सेक्स-Antarvasnaअगर ये पैरोडियां आपको पसंद आई हो तो मुझे ईमेल करें मैं आपको और भेजूंगी…Antarvasna

(Padosan Chachi Chut Chuda Kar Maal Bani)sex stories

मेरा नाम राहुल है मेरी उमर 25 साल है। दोस्तों अब मैं तुम्हे अपनी सच्ची sex stories बता रहा हूं। मेरा दोस्त शुभम और राहुल है उसमें से शुभम तो बहुत ही हरामी है।

पिछले साल हमारे पड़ोस में एक औरत और उसका पति रहने आया। औरत का नाम स्वीटी था, वो क़रीब 30 साल की थी। हम दोनों में काफ़ी अच्छी बोलचाल थी। वो मुझे अपना फ़्रेंड मानती थी।
एक दिन मैं स्वीटी के घर गया, वो अपने घर के कपड़े धो रही थी पर उसका आधा स्तन सामने से बाहर निकला हुआ नजर आ रहा था। मेरा लंड एक दम फ़ूल गया। स्वीटी ने मुझे देखा और अपने मम्मे छुपा लिया। मैंने उसे ऐसी नजर से नहीं देखा था।

शाम को मैं और शुभम घर के बाहर खड़े हुए थे। स्वीटी झाड़ू मार रही थी और मुझे फिर उसका ब्लाऊज़ में से उसके उरोज दिखे। शुभम उसे देख कर बोला कि इतना बढ़िया माल हमारे पास है और हमारी उस पर नजर ही नहीं है।

वो एक दिन स्वीटी और हम तीनों को घुमाने ले गया। स्वीटी का पति उस समय बाहर गया हुआ था। उस दिन काफ़ी रात हो गयी थी। हम सब अपनी वैन में ही थे।

स्वीटी तो कार पर ही बैठे बैठे सो गयी थी। उसका पल्लू नीचा हो गया और डीप गला होना के कारण स्वीटी का आधा मोमा नज़र आने लगा। स्पीड ब्रेकर पर तो वो 75% बाहर आ जाता था। शुभम से रहा नहीं गया, उसने गाड़ी बहुत सुनसान जगह पर खड़ी कर दी। शुभम स्वीटी का मोमा चूसना लग गया।
स्वीटी चिल्लायी- ये क्या रहा है?
शुभम बोला- अपनी भूख मिटा रहा हूँ।
वो बोली- प्लीज ऐसा मत करो… मेरा पति को पता चल गया तो?
शुभम बोला- यार टेन्शन मत ले… उसे पता नहीं चलेगा।
आह बोलकर शुभम स्वीटी का मोटा मोटा मोमा चूसने लगा।

धीरे धीरे स्वीटी को मज़ा आने लगा।

फिर क्या था राहुल भी आ गया। उसका चिकना चिकना मोमा चूसने का कारण बहुत मोटा हो गया था। फिर हमने उसको पूरी नंगी कर दिया। नंगी औरत मैंने पहली बार देखी थी।
शुभम ने स्वीटी के मुंह में अपना लंड डाला। स्वीटी को लण्ड चूसना नहीं आता था।
फिर शुभम ने उसे ‘लंड कैसे चूसते हैं’ ये सिखाया।

फिर राहुल ने स्वीटी की चूत में अपना लण्ड डाला और जोर जोर से स्वीटी की चूत चुदाई करने लगा। स्वीटी की चूत इतनी नहीं खुली हुई थी। चूत मारते समय राहुल का पूरा सर हिल रहा था। राहुल का लण्ड झड़ने को हुआ और माल उसकी चूत में ही निकाल दिया।
फिर स्वीटी को शुभम ने चोदा। ये सब 3 बजे तक चलता रहा। स्वीटी की वासना पूरी मिट चुकी थी।

उसको अब उसे लण्ड खाने की लत लग गयी थी।

अगले दिन शुभम ने स्वीटी की गाण्ड भी मारी। अब तो वो रोज ही पांच घण्टा चुदाती थी।

एक महीने बाद स्वीटी का बदन पूरा भर कर मस्त दिखने लगा था। उसकी गाण्ड पूरी भर कर गोलाई में आ गयी थी। उसकी चूचियां मोटी होकर अब बहुत बाहर आ गयी थी। अब वो बहुत मस्त दिखने लगी थी।
मेरे पास स्वीटी की कई नंगी फोटो हैं।

continue sex stories.....

(Didi Ko Maine Choda)- Hindi sex stories

ये मेरी पहली Hindi sex stories मेरे बड़ा भाई और मेरी कजिन सिस्टर की है मेरे भाई का नाम रवि है, और मेरी कजिन सिस्टर यानि मेरे दीदी रवीना है।

रवि की उमर 35 है और दीदी का भी 35 है। मेरे दीदी कि फिगर तो अल्टीमेट है 40-32-38 साली एकदम सेक्सी लगती है।
अठारह साल की उमर में उसकी शादी हो गई एक पुलिस कांस्टेबल के साथ, मेरे जीजा रिज़र्व पुलिस में थे तो उनको आउट स्टेशन जाना पड़ता था। और मेरे दीदी और जीजाजी के सम्बन्ध उतना क्लोज नहीं था क्योंकि उनकी उमर 25 थी जब वो दीदी को शादी किये थे। मेरे दीदी मेरे घर के बाजु में ही घर लिये थे। पता नहीं कब मेरे दीदी और मेरे भैया के साथ अफैर हो गया।

मुझे पहले पहले कुछ ऐसा लगता था कि मेरे भैया और दीदी के बीच में कुछ है। मैं उन दोनो के ऊपर शक करता था। एक बार दोपहर में मैंने कोलेज से आया तू मेरे दीदी और मेरे भैया रूम में बैठ के जोर जोर से बात कर रहे थे तो में रूम का दरवाज़ा खोलके अंदर चला गया देखा तो दीदी ने उसके बच्चे को दूध पिला रही है वो भी पूरा ब्लाउज़ खोलके और भैया आराम से बैठ के देख रहा है मैंने सोचा कि बच्चा को दूध पिला रही है तो उसमे शक करने कि बात नहीं है। फिर भी मेरे मन मे शांति नहीं था सिर्फ़ उन दोनो का है बात दिमाग में हर वक्त चलता था।

कुछ महीने के बाद रात मे मैं धीरे से घर आया रूम में दीदी, भैया और दीदी का बच्चा सब सो रहे थे तो मैंने डिनर करने के लिये किचन में गया और तभी पावर कट हो गया। तो मैंने खाना लगा के हाल में आया तो रूम के अंदर से कुछ आवाज़ आ रही थी (भैया का रूम तो हाल में अटैच था।

मेरे को शक हो गया कि रूम में शायद हो दोना कुछ कर रहे हैं और मैंने धीरे से रूम के दरवाज़ा पर कान रख के सुना तो पया कि मेरे भैया बड़ी जोर से सांस ले रहा था और दीदी भी कुछ अजीब से आवाज़ कर रही थी। कुछ देर बाद में एक अजीब स्मेल रूम से आने लगा और फच फच कर के बहुत जोर से सांस ले के दोनो आवाज़ मिलकर रूम से आ रहा था मेरे को वो स्मेल और आवाज सुनकर मेरे लौड़ा खड़ा हो गया मैंने बहुत जल्दी में खना खा लिया और बड़ी हिम्मत से रूम का दरवाज़ा खोल के अंदर गया तो खाट के उपर बच्चे को सुला के भैया और दीदी नीचे ज़मीन पर एक के बगल में सो रहे थे। उस रात से मैं उन दोनो का पीछा करना शुरु किया तो मुझे वो दोनो रंगे हाथ पकड़े गये

वो रात मेरे को पता कि आज भैया और दीदी मस्त चोदने वाले है क्योंकि मेरे घर में उस दिन कोई बी नहीं थे सिर्फ़ मैं, भैया, दीदी और उस का बच्चा को छोड़के। तो उस रात मैंने बड़ी जल्दी सोने का नाटक किया और रात 9 बजे तक बेड पर चला गया। और 10 बजे को उठा और रूम की खिड़की के पास जाके बैठ गया।

रूम की खिड़की को मैंने पहले ही थोड़ा सा खोल के रखा था और परदा को पूरा छोड़ दिया था। जैसे मैं खिड़की के पास तो वो दोनो ऐसे ही कुछ बातो में खोये हुए थे। अचानक भैया ने दीदी को समूच किया तो मेरा हार्ट बीट बहुत तेज़ वो गोया। मेरे दिल में थोड़ा सा डर हो रहा था। भैया समूच करने के बाद दीदी को गाली दिया कि वो दूध पिये थी। भैया को दूध से नफ़रत थी। वो दूध या दूध के स्मैल से नफ़रत करता था। दीदी ने तुरंत बाथरूम में जाके ब्रुश करके आयी।

फिर 5-10 मिनट बाथ किया और फिर से भैया दीदी को समूच किया और अपने हाथ को उस के बूब्स पर रख के जोर से दबाना शुरु किया। दीदी भी भैया का लिप्स और जीभ को अपने मुंह में लेके बड़ि मजेदार से किस कर रही थी। भैया ने दीदी की नाइटी को उपर उठाया और उसे निकाल के ज़मीन पर फेंक दी। दीदी अकसर घर में ब्रा नहीं पहनती थी। और वो नंगी हो गयी। भगवान की कसम दीदी की जांघें तो कमाल की चीज़े है।

साली के पैर एक दम बनाना के पेड़ के जैसा है। इतनी बड़ी बड़ी बूब्स थी इसकी कि भैया का पूरा फ़से उस में छुप जा रहा था कि वो बूब्स को चूस रहा था। भैया ने दीदी के दोनो बूब्स को ऐसे चूस रहा था कि कोई आदमी बहुत सालो तक प्यसा हो और उसे पानी मिल गया हो। थोड़ी देर बाद में भैया ने दीदी के दोनो पैरों को फैला दिया और दीदी की चूत दिखने लगी उसके पूरा प्युबिक हेयर से छुपा हुआ था। भैया ने दीदी के चूत को उंगली से फ़ैला दिया और अपने मुंह को चूत में डालकर चूसने लग गया। कुछ 5 मिनट तक वो दीदी के चूत को चूस रहा था तो दीदी ने पूरे मूड में आ चुकी थी और वो बोल ने लगी कि चूस रवि मेरे चूत को और चूस खा जा मेरे चूत को।

आज तो बहुत खुजली हो रही है मेरी चूत मैं चूसले, पूरा पानी मेरे चूत में से अह्ह अह्ह अह्ह आअ… अ… अ अहह कर रही थी।
5 मिनट के बाद भैया ने दीदी कि चूत में से निकाल कर दीदी को उसके होंथों पे किस्स करके दीदी का लिप्स को चूस ने लगा। दीदी ने भैया का टी शर्ट निकाला और भैया को गर्दन के पास किस करने लगी और गर्दन से लेकर ऐसे ही उसके छाती के पास उसके छाती को किस करके उसके शोर्ट्स को निकाल दिया और भैया का 8′ तगड़ा मोटा लौड़ा पूरे तरह से खड़ा हो गया था।

दीदी ने भैया का लौड़ा पकड़ लिया और हाथ से शेक किया और उसके उपर का स्किन को पीछे कर के भैया का लंड को मुंह में ले के चूसना शुरु कर दिया। भैया बोले चूसले जान मेरे लौड़े को चूसले आहाह अह्हह अह्हहह बड़ा मज़ा आ रहा आता है जब तु मेरे लौड़े चूसती है कर के बोलने लगा

5-10 मिनट के बाद भैया ने दीदी का सिर पकड़ के उसके माउथ में धक्का देना शुरु किया और दीदी को उपर उठके उस खाट के उपर में सुला के अपने लंड को हाथ में लेके सम्भालने लगा और दीदी के चूत के उपर रख के एक ही झटके में अपने पूरे लंड को अंदर डाल दिया।

दीदी ने एक जोर सी आवाज़ की और बोली- मादरचोद धीरे से कर!
में दीदी के मुंह से वो बात सुनके हैरान हो गया और पता चला कि भैया और दीदी दोनो गंदी तरह से गाली दे के चोदते हैं। और भैया ने दीदीके चूत में अपने लंड को अंदर और बाहर कर रहा था और दीदी धीरे धीरे सिसकार कर रही थी अह्ह्ह अह्ह रा… ज… अह्ह्ह… अझहह्हह कर के सिसकार कर रही थी।
5-10 मिनट के बाद भैया ने अपने स्पीड ज्यादा करने लगा और बोलने लगा कि तेरी मां को चोदु तेरी बहन को चोदु तेरी चूत फ़ाड़ के रख दूंगा साली रंडी चल चोद जोर से चोद हरामज़ादी रंडी साली चोद मुझे चोद कर के गाली देने शुरु किया बहुत जोर जोर से चोदने लगा।
इतना जोर से चोद रहा था कि उन दोनो का चोदने के साउंड इतनी जोर से आ रहा था और दीदी कि चूत में से कुछ व्हाइट कलर में तरल आने लगा और पूरा रूम में फ़चाक फचाक फचाक करके आवाजें आने लगा।
और दीदी बोलने लगी कि मादर चोद और जोश से चोद मुझे मेरी चूत पर दे रविआआ मेरी चूत फाड़ दे बहुत अंदर तक चला गया है तेरा लौड़ा चोद रे साले मादर चोद मुझे और जोसे से चोद मेरी मां बहन को भी चोद ले रवि तेरी लौड़ा को सारी दुनिया की चूत कुर्बानी है रवि चोद आअहहा आआअह्ह्हह अह्हह स्सस्स स्सस्सहू ऊऊओदूऊऊ अह्हहह कर के चिल्लाने लगी और मेरे भैया ने भी गंदी गंदी गालियो से गाली दे के चोद रहा था

मां कसम भैया ने ठीक 45 मिनट तक लगातार दीदी के चूत को चोद के फाड़ दिया और उसने पूरा पानी दीदी के चूत में निकाल दिया और दीदी के चूत से अपने लंड को निकाल दिया और साइड में सो गया यहां दीदी ऐसी सो पड़ी थी जैसे किसी को अपना चुदा हुआ चूत दिखा रही है और दीदी के चूत को बड़ा हो गया था और उसमे से भैया का पानी नीचे गिर थे हुए दिख रहा था।

10 मिनट तक दोनो शांत पड़ गये थे। 10 मिनट के बाद दीदी बोली रवि फिर से करना दूसरे राउंड तो भैया बोला तेरी मां को चोदू साली तेरी प्यास भी जाती नहीं है जा के लकड़ी ले के आ के तेरी चूत में रख के सो जा साली रंडी हरामी कर के बोल के सो गया और

दीदी ने बोला ठीक है तो सुबह 5 बजे को उठी हूं और सुबह मुझे खूब चोद लेना अभी सो जा कर के बोली और सो गयी।
मैंने उसके बाद बाथरूम में गया और लगभग 45 मिनट तक जो देखा था वो पूरा जोश को सिर्फ़ 2 मिनट के हाथ मारने पे पूरे के पूरा पानी निकाल दिया।

ठीक महीने बाद मेरे भैया की शादी हो गयी और हमारे घर के उपर और 2 रूम बना दिया ताकि भैया को शादी के बाद परायिवेसी दिया जाये और कोई मेहमान आये तो भी दूसरे रूम का इस्तेमाल होगा कर के सोच के 2 रूम बना दिया।

भैया की शादी होने के महीने दो महीने के बाद एक रात ऐसा हुआ कि मेरे ज़िन्दगी का आसमान खुल गया।

हर समय के तरह दीदी जब जीजा नहीं वो तो हमारे घर में ही रहती थी।

वो हमारे घर में सोती थी।

उस रात वो रूम में सोने को आई। जैसे भैया उपर रूम में चला गया। में खाट के उपर सो रहा था और दीदी ज़मीन पर बेड लगा के सो गयी। मेरे को नींद नहीं आ रही थी क्योंकि मेरे को रोज़ हाथ मारने का प्रक्टिस है और एक बार अपना पानी गिराने के बाद ही मेरे को नींद आती थी। लेकिन उस रात दीदी थी तो मैन ऐसे ही सोने की कोशिशअ रहा था।

कुछ 12 बजे के आस पास तक मेरे को नींद नहीं आयी थी और मैंने दीदी को घूर घूर के देख रहा था जैसे वो अपना हाथ और पैर हिला रही थी तो उसका नाइटी उपर वो हट रहा था, तो मैं कोशिश कर रहा था कि उसका पैरों को उपर तक देखने की। ऐसे ही देख रहा था तो दीदी ने अचानक बेड शीट को अपने पैर पर लगा के अपनी चूत में उंगली करनी शुरु कर दिये और उनके प्युबिक हेयर में उनका उंगली जैसे मूव वो रहा था आवाज आने लगा।

10-15 मिनट तक दीदी उंगली कर रही थी तो मैन खाट के उपर बैठ गया और सीधे दीदी को घूरने लगा।

जैसे दीदी उंगली करके आंख खोली तो मेरे को देख के हैरान हो गयी और पूछी ऐसे क्यों बैठा है। और मैंने कहा दीदी मैंने देखा कि आप उंगली करते हुये।

दीदी बोली क्या बोलता है तुझे शरम नहीं आती है ऐसे बात करने में।

मैंने बोला दीदी मेरे को पता है कि तुझे भैया रोज़ चोदता था और अब उस का शादी हो गयी तो तुम उंगली करले रही हो।

दीदी बोली क्या उल्लु के जैसा बात करता है तेरे को क्या पता, कैसे पता मलूम है तू क्या कह रहा है। मैंने बोला मैंने सब कुछ देखा है। दीदी थोड़ा सा डरा हुई थी मैंने बोला दीदी डरो मत मैं किसी को नहीं बोलने वाला हूं।

बस मेरे को एक बार तेरे को चोदना है

दीदी बोली हरामज़ादे मेरे को चोदेगा?

मैं खाट से उतरा और सीधा उसके बूब्स पर हाथ रखके उसे किस करने लगा।

शुरु में वो थोड़ी न की और वो भी जोश में आ गयी। मेरे मन में खुशी ही खुशी हो रहा था।

मैं दीदी का मुंह में मेरा मुंह डाल के चूस ने लगा वो भी साथ दे रही थी उसने मेरे पूरे जीभ को अपने अंदर ले लिया। मैंने उसके दोनो बूब्स को दबाने शुरु किया इतने बड़े बड़े बूब्स थे कि मेरे दोनो हाथ में एक नहीं आ रहा था।

मैंने तो बड़े बड़े बूब्स के औरतों को देखा हूं वो सभी लूज़ लगते थे लेकिन दीदी के बूब्स तो एक दम टाइट था और क्या कलर था उसके निप्पल कम से कम 1′ तो था मैंने जी भर के उसका बूब्स को चूसा उसके निप्पल के साथ खेला करता उंगलियों के बीच में उसे जोर से दबाया दीदी धीरे से सिसकार कर रही थी। मैंने उसके नाइटी उतार दिया और उसको मेरे सीधे आंखों के सामने मेरे बाहों में नंगा देख कर मेरे को लगा कि ये तो सपना है।

ऐसे औरत को तो नंगा में मेरे साथ बिठा सकता हूं ये तो में सपनो भी नहीं देखा था। मैंने उसके चूत चाटने लगा पहली बार था न तो उसके लुब्रिकेंट मेरे मुंह में आने लग गया और मेरे पूरा मुंह उसके पानी से गीला हो गया मैंने उसके चूत को चोद के मेरा ट्रैक पैंट उतार के मेरा 8′ के लंड को उस के मुंह में रखने को दिया।

तो दीदी बोली- बहन चोद साले पूरे घर वालों का लौड़ा बड़ा है तेरे भैया का भी और तेरा भी। उधर तेरा भैया मेरे को चोद के उस रंडी साली तेरी भाभी को चोद रहा है। नया चूत मिला है न उसको इसलिये मुझे टच करने को भी नहीं आता है। आज से तू ही मेरे को चोदेगा इस रंडी को तू ही चोदना। अगर वो नया चूत चोद रहा है तो में भी नया लौड़ा से चुदवाउंगी। साला अपने भैया के रंडी को चोदने चाहता है चोद तेरे में कितना दम है उतना भी लगा के चोद इस चूत को। तेरा फर्स्ट नाईट है आज चोद मुझे बोलने लगी।

मैंने कहा साली कितना बोलती है रंडी हरामज़ादी कितने लोग चोदा है इस चूत को साली ऐसा लगता है कि कोई बवडी है चूत नहीं है कर थे मैंने दीदी कि चूत में मेरे लौड़ा घुसा के मार रहा था तो वो बोली तो जा के पूछना अपने मादरचोद भाई को उसने ही बनाया है मुझे रंडी और मेरे चूत को पर के भवडी बना दी है।

ऐसे ही हम दोनो मज़े लूट रहे थे तो 20–25 मिनट के बाद मैंने झाड़ दिया। दीदी बोली साले फर्स्ट टाइम इतना तिमे लेता है तो साले तू भी बड़ा चुदक्कढ़ बनेगा साले। कुछ 10 मिनट के बाद मैंने बोला दीदी में क्या अपका गांड मार सकता हूं।

तो बोली हा हा क्यों नहीं मादरचोद तुम सब भाई लोग एक ही हो सिर्फ़ चूत से थोड़ी तसल्ली होगा मारो गांड मारो मेरी लेकिन इस बार तू अपने पानी मेरे मुंह में गिरना है मेरे को तेरे पानी पीना है करके बोली। उसके बाद मैंने दीदी को खूब गांड मारा और उसके मुंह मैं झाड़ दिया। Hindi sex stories

Xx हिंदी चुदाई कहानी में मेरे साथ एक लड़की काम करती थी. उसका उसके पति से झगड़ा हो गया तो उसे सेक्स की कमी लगने लगी. तब हम दोनों ने आपस में सेक्स करके मजा किया.

दोस्तो, मैं राजेंद्र कोटा से!

मेरी पिछली कहानी थी:
प्यासी विधवा मकान मालकिन की चूत चुदाई

आज मैं फिर से आपके लिए अपने जीवन की एक सच्ची सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
यह Xx हिंदी चुदाई कहानी करीब 10 साल पुरानी है.

उस समय मैं एक कॉलेज में लैब असिस्टेंट था.
मेरे साथ एक मैडम थी, वह भी लैब असिस्टेंट थी.
उस मैडम का नाम सीमा था.

हम दोनों का काम स्टूडेंट्स को मदद करना होता था.
वह मैडम देखने में बड़ी हॉट थी और स्कूल के कई टीचर्स उसकी लेने की फिराक में रहते थे.
लेकिन वह किसी को भाव ही नहीं देती थी.
जबकि वह हंसमुख बहुत ही ज्यादा थी.

उसकी इसी आदत के चलते मैं उससे काफी मजाक करता रहता था.
मेरी हमेशा मज़ाक करने की आदत भी थी, इसी वजह से मैं हमेशा कह देता था कि मैडम क्या डेट पर चलोगी?

वह मुस्करा देती थी.
उसने मुझसे कभी कुछ नहीं कहा कि आप मुझसे ऐसी बात नहीं किया करो या कुछ भी गुस्सा वाली बात नहीं दिखाई दी थी.
यदि वह मुझसे एक बार भी कह देती कि आप मुझसे यह सब नहीं कहा करो तो मेरी उसके साथ मजाक करने की कभी हिम्मत ही न होती.

हालांकि मेरे मन में कुछ गलत नहीं था, बस इतना कहने का मन करता था और मैं हमेशा ही ऐसा कहकर उसको छेड़ देता था.

जब स्टूडेंट्स की और टीचर्स की छुट्टियां भी हो जाती थीं, तब भी हम दोनों की ड्यूटी होती थी क्योंकि हम दोनों टीचिंग स्टाफ में नहीं थे.

धीरे धीरे हम दोनों काफी नजदीक आते गए.
साथ में टिफिन शेयर करना, एक दूसरे के काम कर देना, यही सब चलता रहता था.

वह मेरे खाने की बड़ी तारीफ करती थी और मैं उसके हाथ के बने खाने की तारीफ करता था.
मैं रोजाना उसकी आदतों को लेकर तारीफ करता रहता था तो वह कहती- आप झूठे हो, मुझे यूं ही बनाते हो.

मैं भी कह देता- चलो झूठ को ही सच मान लो, क्या घट जाएगा!
इस पर वह हंस पड़ती थी.

एक बार उसने मेरे सामने अपना दुखड़ा रोया कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया और वह काफी अकेला महसूस कर रही है.
मैं समझ गया कि इसको क्या अकेलापन लग रहा है.

मैंने उसे दिलासा देते हुए कहा- तुम मुझसे अपने दिल की बात कह कर अपना मन हल्का कर लिया करो.
उसने मेरी तरफ देखा और वह मेरे कंधे से सर लगा कर लंबी लंबी सांसें लेने लगी.

इसी तरह से वह मेरे साथ काफी क्लोज हो गई थी.
गर्मी की छुट्टी में हम दोनों रोजाना कॉलेज जाते थे और लैब में ही होते थे.

उस दौरान टाइम निकालना मुश्किल होता था क्योंकि हमारे पास कोई काम तो होता नहीं था, बस यूं ही बैठ कर समय गुजार देते थे.

एक दिन सीमा मैडम ने कहा- सर आप रोज मुझे कहते हो कि डेट पर चलो, डेट पर चलो. आज बोलो कहां चलना है!
मैं उसकी इस बात को सुन कर एकदम से स्तब्ध रह गया.

मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा.
तो वह बोली- ये बात किसी से नहीं कहना, मैं सच में आपके साथ चलूँगी.
यह कहती हुई वह मेरे पास आकर बैठ गयी.

वह मेरे काफी करीब बैठी थी, बोली- आपने ही तो कहा था कि अपने दिल की बात मुझसे कह कर अपना मन हल्का कर लिया करो!

मैंने उसकी आंख में आंख डालकर देखा और पूछा- क्या सच में डेट पर चलना है?
वह बोली- हां!

मैंने कहा- मालूम है कि डेट पर चलने का अर्थ क्या होता है?
वह हंस दी और बोली- नहीं मालूम है … आप बताओ कि डेट पर चल कर क्या होता है?

जबाव में मैंने अपना हाथ उसकी जांघ पर रखा, तो उसने भी मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया.
मुझे समझ आ गया कि आज यह मुझसे कुछ चाह रही है.

मैंने उसे चूमा, तो वह उठकर गेट के पास गयी और इधर उधर देख कर वापस आ गयी.
आते ही वह मेरी गोद में बैठी और कुछ सेकंड के बाद उठ गयी.

वह वापस दरवाजे के पास चली गयी.
दुबारा से उसने इधर उधर झांक कर देखा और फिर से मेरे पास आकर बैठ गयी.

मैंने उसके गाल पर उंगली फिराई, वह शांत रही.

मैंने उंगली ऊपर से नीचे उसके 36 साइज के मम्मों पर फेरना चालू की, तब भी वह चुप रही.
तब मैंने उसके एक दूध को कसके पकड़ लिया.

उसने एक गहरी सांस ली और हवस भरी निगाहों से मुझे देखने लगी.

अब तक मेरे भी तन बदन में आग लग चुकी थी.
मेरा लंड फनफना रहा था, मेरी भी सांसें तेज हो चुकी थीं.

मैं बार बार लंड पर हाथ रख रहा था.
वह यह नजारा देख रही थी.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर ले गया.
जैसे ही उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड पर हाथ रखा, वह ऊपर से नीचे तक सिहर गयी.

उसने अपने होंठों को दांत से काटना शुरू कर दिया और आंख बंद करके लंड को सहलाने लगी.
मैं भी उसकी चूचियों को दबाता हुआ सहला रहा था.

उस दौरान वह अपने होंठों को अपने दांतों से काटती गयी.
उसने कहा- अब मुझसे रहा नहीं जाता!

मैंने कहा- अभी इधर ही डेट पूरी कर लें?
उसने हां में सर हिला दिया.

मैं झट से उठ कर फिर से दरवाजे पर आया और देखा कि बाहर कोई है तो नहीं.
उधर कोई नहीं था.

मैं वापस आया.
वह खड़ी थी.

मैंने पीछे से उसे पकड़ा और उसकी दोनों चूचियों को कस कसके दबाने लगा.
उसका हाथ मेरे हाथ के ऊपर था.

जब जब मैं उसकी मस्त चूचियों को दबा रहा था, वह इस्स्स आह की आवाज़ निकाल रही थी.

फिर वह झटके से मेरी तरफ घूम गयी और मुझे पकड़ कर मेरे होंठों पर अपने होंठ ले आयी.
वह मुझे किस करने लगी.

उसका किस एकदम वाइल्ड किस था.
वह अपनी जीभ मेरे मुँह में घुसा रही थी, तो कभी हल्के से दांतों से काट रही थी.

उसके दोनों हाथ मेरे गाल पर आ गए थे और वह चुंबन का मजा ले रही थी.

मैंने भी अपने हाथ उसके पीछे किए और उसके दोनों उभरे हुए चूतड़ों को पकड़ कर जोर से दबाया. ताकि उसकी चूत मेरे लंड के करीब आ जाए.

जैसे ही वह मेरे लौड़े से चूत रगड़ने लगी, मैं जोर जोर से धक्का लगाने लगा.
हम दोनों की बेचैनी बढ़ रही थी, क्योंकि अभी तक हमारे जिस्म से जिस्म मिले नहीं थे. कपड़ों के ऊपर से ही ये सब हो रहा था.

उसने कहा- अब आगे बढ़ो न!
मैंने कहा- आगे बढ़ने के लिए कपड़े हटाने पड़ेंगे … हटा दूँ?

वह कुछ कहती कि तभी कोई कॉरीडोर में आता दिखाई दिया.
मैंने उससे अलग होते हुए कहा- यहां कुछ भी करना ठीक नहीं है.

वह भी अपने कपड़े ठीक करने लगी.
हम दोनों अलग अलग होकर बैठ गए और वह कुछ करने लगी, मैं किताब पढ़ने लगा.

थोड़ी देर बाद ही छुट्टी हो गयी थी.

उस दिन इससे अधिक कुछ भी नहीं हो पाया था.
बस यह था कि वह अपनी प्यास मुझसे बुझवाना चाहती थी, यह बात खुल कर सामने आ गई थी.

उसके बाद शाम को करीब 5 बजे सीमा का फ़ोन आया- सर, क्या कल आप छुट्टी कर सकते हो, मैं भी कल ऑफिस नहीं जाऊंगी … दोनों मिलकर कहीं चलते हैं.
मैंने कहा- हां ठीक है. मैं ऑफिस के लिए ही निकलूंगा, पर ऑफिस नहीं आऊंगा.
सीमा बोली- ठीक है, मैं भी वही करूंगी.

हम दोनों ने प्लान बनाया और एक जगह पर मिलने का तय किया.

मैं बाइक से उसी जगह पर पहुंच गया.
वह वहीं पर दुपट्टा से चेहरा ढक कर खड़ी थी.

फिर हम दोनों एनसीआर में एक होटल में गए.
उधर करीब 11 बजे पहुंच गए थे.
कमरा बुक किया.

हम दोनों जैसे ही कमरे के अन्दर पहुंचे, पागलों की तरह एक दूसरे को चाटने लगे.
एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए.

अब वह सिर्फ पैंटी में थी और बेड पर लेटी नशीली आंखों से मुझे निहार रही थी.
क्या खूब लग रही थी.

फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके मम्मों को मसलने लगा, उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा.
हम दोनों के होंठ और गाल लाल हो गए थे.

मैंने उसके होंठों पर जीभ को फिराना शुरू किया और मम्मों से होते हुए नाभि पर, फिर पैंटी के पास पहुंच गया.
फिर एक गहरी सांस लेकर मैंने पैंटी को सूंघा तो मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी.

मेरा तो लंड खड़ा हो गया था, लौड़े के ऊपर से थोड़ा लसलसा सा पानी भी निकलने लगा था.
मैंने उसकी पैंटी खोली तो देखा उसकी चूत भी पानी पानी हो चुकी थी.

उसकी चूत को मैंने थोड़ा फैला कर देखा तो एकदम टाइट चूत थी.
अन्दर का रंग एकदम गुलाबी था.

मैंने जीभ को लगाया तो वह सिहर गयी और गांड हिलाने लगी.
मैं उसकी चूत पर अपनी जीभ फिराने लगा.

वह अपने दोनों हाथ ऊपर करके तकिए को अपनी मुट्ठी में पकड़ने की कोशिश कर रही थी.
फिर कुछ देर बाद वह अपनी चूत को उछालने लगी.

मैं एक उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा.
वह काफी ज्यादा कामुक हो चुकी थी, उसके माथे से पसीना निकलने लगा था.

वह कहने लगी- अब बर्दाश्त के बाहर है, मुझे चोद दो … मेरी वासना की पूर्ति कर दो … मेरा मन भर दो … चोद दो मुझे … आज मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ.

तब वह मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
वह ऐसे लंड चूस रही थी कि न जाने कितनी प्यासी हो.

मेरे भी तन बदन में आग लग चुकी थी.
मैं उसकी ज्वाला को शांत करने के लिए तैयार था.

जैसे ही उसने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला, मैंने उसकी दोनों टांगों को फैला कर उसकी चूत पर लंड का सुपाड़ा रख दिया और एक ही झटके में अन्दर घुसा दिया.

वह ‘आआ अह मर गई …’ की आवाज़ निकालने लगी.
मैं झटके पर झटके दे रहा था और कुछ ही देर में वह भी मजा लेने लगी.

वह कभी अपने बूब मसलती तो कभी मेरे बालों में उंगली फिराती.
इस तरह से मैंने उसे काफी देर तक चोदा और झड़ कर हम दोनों निढाल होकर सो गए.

करीब एक घंटा बाद जब हम दोनों उठे तो एक दूसरे को चूम कर मुस्कुराने लगे.
बहुत तेज भूख लग आई थी.

फिर नीचे जाकर हम दोनों ने खाना खाया और मैंने वहीं मेडिकल स्टोर से सेक्स समय बढ़ाने वाली दवा ले ली.
अब तो हमारे बीच सेक्स और भी ज्यादा वाइल्ड और हार्डकोर हो गया था.

मैंने उसे हचक कर चोदा. उसकी चूत का सत्यानाश कर दिया.
शाम को ऑफिस के टाइम पर ही होटल से अपने अपने घरों को निकल गए.

उसके बाद मैंने कई बार सीमा को चोदा. कई बार उसके घर जाकर भी उसे चोदा.

प्रेषक : रंजन Sex Stories

दोस्तो, सब कैसे हो !उम्मीद है Sex Stories सब ठीक ठाक होंगे। सभी पाठकों और सबसे पहले आदरणीय गुरूजी को प्रणाम !

आप सबका धन्यवाद जो आप सबने मेरी कहानी ( कैसे बन गया मैं एक चुद्दकड़ गांडू ) को पसंद किया। उसके बाद भी मैंने कुछ कहानिया भेजीं हैं। उम्मीद है कि आपको पंसद आई होंगी।

यह जो कहानी आज लिखने जा रहा हूँ यह आज से ठीक दो महीने पहले की बात है, पापा जी ने घर ऊपर वाला हिस्सा किराये पर देने का फैसला किया और एयरफोर्स में काम करने वाले मद्रास के रहने वाले एक युगल को दिया। बीवी एयरफोर्स स्कूल में टीचर है। बीवी पर तो नहीं मियां पर मेरी नज़र थी, ऊपर जाने के लिए सीढ़ियाँ अन्दर से ही निकलतीं थीं।

जैसे कि आप सब तो जानते ही हैं कि मुझे लौड़ों से कितनी चाहत है !

एक दिन दोपहर की बात है, मैं कॉलेज से घर आया। बहुत गर्मी थी, मैं बाथरूम में नहाने के लिए जाने लगा, दिमाग में आया कि तौलिया तो ऊपर तार पर ही सूख रहा होगा। मैं ऊपर गया, उनका कमरा बंद था, अन्दर से बहसने की आवाजें आ रही थी।

वो बोला- साली ना तेरे में गर्मी है, न सुन्दर ! ऊपर से नखरे हज़ार ! चल मुँह में लेकर इसको चूस !

वो नहीं मानी। मैं चला आया। शाम को ऊपर किसी काम से गया तो अंकल नहा रहे थे, पानी से उनका अंडरवियर चिपका हुआ था और फूले हुए भाग से मालूम हुआ कि लौड़ा मस्त है। मेरी नज़र वहाँ पड़ती देख अंकल ने अन्दर हाथ डाल साबुन लगाने के बहाने साइड से लौड़ा दिखा ही दिया।

क्या मस्त लौड़ा था !

आजकल उनकी रात की शिफ्ट थी, वो नहा कर तैयार होकर चले गए। सुबह वो आठ बजे आते थे और आंटी नौ बजे जातीं थी। घर में कोई नहीं था, मैं अकेला था, कॉलेज ११ बजे जाना था। आंटी चाभी देकर चली गई। अंकल आज लेट थे।

जैसे ही वो आये, झट से कपड़े उतार बाथरूम में घुस गए। उन्होंने आवाज़ दी- मैं नहा रहा हूँ, आया !

मैं भी सिर्फ अंडरवियर पहन बाहर आया। उनकी नज़र मेरे चिकने और लड़की जैसे जिस्म पर थी- वाह बेटा ! चिकने हो ! देखूँ छाती ! कोमल !

बोले- अकेला है ?

जी हाँ ! अकेला ही हूँ !

ऊपर आजा ! मैं भी अकेला हूँ, मिलकर नहाते हैं !

मैं उनके पास गया और एक हाथ से चाबी देते हुए नीचे से लौड़े को मसलते हुए कहा- आप नीचे क्यूँ नहीं आ जाते ! ए.सी में मजा भी आयेगा !

हाय मेरी जान अभी आया !

मेन गेट बंद करते हुए आना !

सोचा- अबे ओ सनी ! तेरी गांड को तो मौज लग जायेगी ! वो भी घर में ही !

मैं शावर के नीचे नहाने लगा, अंकल भी आ गए। मैं उनसे चिपक गया, वो मेरे होंठ चूसने लगे। मैं हाथ में लौड़ा लेकर सहलाने लगा। पानी में और भी आनंद मिलने लगा।वाह मेरे गांडू !

वो मेरे चूतडों को पकड़ कर मसलने लगे। बेटा ! कितनी गांड मरवाता है कितने मस्त चूतड़ हैं !

मार के देख लेना जान ! कितने मस्त हैं ! आपका लौड़ा रात को जबसे देखा है चूसने को दिल कर रहा है।

हाँ हाँ चूस न !

मुझे पता है आंटी नहीं चूसती !

भोसड़ी की बहुत हरामी है !

ऐसे ही है अंकल ! मैंने उनका कच्छा उतार दिया और नीचे झुक कर मुँह में डाल लिया। मुँह में जाते ही उनका खड़ा होने लगा, देखते ही तन कर खड़ा हो गया।

आह मेरे लाल ! चूसता जा !

६९ में होकर मेरी गांड चाटने लगे, साबुन गांड पर लगा ऊँगली डालते हुए मुझे पूरा मजा देने लगे।

आह अह अह ! अंकल आई लव योउर लौड़ा !

चूस बेटा ! अच्छा लगा, बहुत अच्छा !

आह आह ! बिस्तर में चले अंकल?

ज़रूर !

तौलिए से पोंछ कर उठा मेरे ही कमरे में मेरे ही बिस्तर पर डाल दिया। अंकल ने दिल खोल कर चुसवाया, मैंने भी दिल से चूसा ऐसा लौड़ा।

मुझे घोड़ी बना पीछे से लौड़ा गांड पर रख दिया, मैंने पकड़ ठिकाने पर लगा दिया। पहले धक्के से थोड़ा सा घुसा, दो चार धक्कों से पूरा अन्दर घुस गया।

आह अंकल ! अब गांड मारो !

आह ओह !मेरे बेटा ! बहुत मस्त निकला ! तेरी गांड रोज़ मारूँगा ! क्या माल है ! ऐसा मजा तो मेरी औरत ने नहीं दिया !

आह अंकल ! फाड़ डालो मेरी गांड !

उनका लौड़ा ज़बरदस्त तरीके से मेरी गांड के अंदर बाहर हो रहा था।

चल ऊपर बैठ जा ! देखूँ कैसे उछल उछल कर इस पर बैठेगा ! तुझे भी मजा आ जायेगा ! वैसे भी तेरी पोली पोली गांड जब जांघों से घिसेगी तो मजे का आलम छा जायेगा मेरी जान !

लो अंकल आ गया ऊपर !

चल इस पे बैठता जा साले, नाटक मत कर, बहनचोद, सब जाने तू !

संभालो अंकल ! मैं अपने तरीके से आराम से पूरा लौड़ा निगल गया।

औ अह मेरी जान ! उछल ! अह ओह अह ओह ! बेटा मजेदार माल है ! फाड़ दूंगा तेरी ! आज से तू मेरी औरत ! क्या मुझे रोज़ मरवाया करेगा?

ज़रूर अंकल ! बाहर मुँह मारने से अच्छा है यहीं मरवाया करूँगा बिना किसी डर से !

अंकल ने एकदम मुझे पलटा और मेरे ऊपर आ गए दोनों टांगें कन्धों पर रखवा कर बीच से मोर्चा फतह किया। अब वो झड़ने वाले थे, वो फाड़ देने पर उतर आये थे। यह अंदाज़ मुझे स्वर्ग दिखा रहा था।

ओह बेटा !

वह जोर जोर से झटके लगाने लगे। कुछ मुझे दर्द भी हुआ, लेकिन सब भूल कर मैं चुदवाता रहा। फ़िर अंकल एकदम मुझ पर गिर गए और सारा माल अन्दर डाल दिया।

दोस्तो, मेरी तो गांड को मौज लग गई। वो ड्यूटी से आते और मुझे चोदने के बाद ही कॉलेज जाने देते। वह पूरे मजे लूट रहे हैं।

अब तो आंटी का पेट बाहर आने लगा है, उनका भाई कुछ दिनों में उनको लेने आने वाला है ताकि बच्चे की और माँ की देख रेख किसी घर की सयानी की देख रेख में हो।

मैं और अंकल बहुत खुश हैं। बोलते हैं- अब से तू मेरी पत्नी है ! तू घबरा मत, तुझे मैं नए लौड़े दिलवाता रहूँगा। किसी दिन हम उसके एक दोस्त के घर जाकर चुदाई करेंगे, उसके बारे में जल्दी लिखूंगा। Sex Stories

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆