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Massage Girl in Alirajpur: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Alirajpur who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Alirajpur that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Alirajpur massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Alirajpur who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Alirajpur massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Alirajpur massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Alirajpur who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Alirajpur employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Alirajpur helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Alirajpur

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Alirajpur at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Sex stories

मेरे साथ जो पहली बार Sex stories हुआ, उसे मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकता। इस बात को मैं आज तक दो साल बीत जाने पर भी किसी को नहीं बता पाया, लेकिन आज इस कहानी के माध्यम से आप को बता रहा हूँ।
जब मैं यूरेका फोर्ब्स कम्पनी में सेल रैप पर काम कर रहा था। मैं देखने में स्मार्ट हूँ, लम्बा हूँ, सब कुछ ठीक-ठाक है। एक दिन मैं सेल्स के लिए एक पॉश कॉलोनी में गया। बारह बजे तक कोई भी सेल नहीं हुई, मैं बड़ा उदास था। लंच के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे सो मैंने सोचा कोई बुकिंग हो जाए तो कुछ एडवांस मिल जाएगा फिर लंच करूँगा। इसी उम्मीद में मैं दोबारा ग्राहक तलाशने लगा।
काफ़ी देर बाद एक औरत ने दरवाजा खोला, मैंने कहा- मैं एक्वा बेचता हूँ, आप देखना चाहेंगी..!
उसने कहा- हमारे पास तो पहले से ही है।
और वो वापस जाने लगी, मेरी ये उम्मीद भी जाती हुई लगी। मैंने जाते-जाते पूछ लिया- मैम.. ठीक चल रहा है…!’
उसने कहा- रुको.. मैं देख कर आती हूँ..!
वो औरत करीब 30 साल की रही होगी और शादी-शुदा भी थी। थोड़ी देर के बाद वो वापस आई और बोली- नहीं.. ठीक नहीं चल रहा है, तुम चैक कर लो..!
और मैं अन्दर चला गया। अन्दर जाकर मैंने मशीन को चैक किया तो, वैसे वो ठीक थी… बस थोड़ी सी सफ़ाई करनी थी।
मैंने कहा- मैम इसमें थोड़ी प्रोब्लम है, ठीक करने के 300 रुपये लगेंगे..!
उसने मुझसे कहा- ये तो ज्यादा हैं..!
मैंने कहा- ठीक है आप 200 दे देना, लेकिन बिल नहीं दूँगा..!
(जबकि मुझे मशीन ठीक करने के परमीशन नहीं थी)
उसने कहा- ठीक है.. करो..!
और मैं उसको ठीक करने लगा, थोड़ी देर बाद मशीन ठीक होने पर मैंने उनसे रुपये मांगे। तो वो अन्दर से आई और कहा- मशीन चैक करा दो..!
मैंने कहा- आप चला कर देख लीजिए..!
और वो मेरे आगे खड़ी होकर चैक करने लगी, ठीक उनके पीछे मैं खड़ा था। मैंने पहली बार ध्यान दिया उसने नाईटी के नीचे कुछ नहीं पहन रखा था। उसकी फिगर भी 34-24-36 के आस-पास थी। अचानक वो पलटी और कहा- ठीक है.. अब बताओ कितने पैसे देने हैं..!
मैंने कहा- मैम 200 रुपये..!
उसने कहा- तुमने इसमें क्या सामान डाला है..! अपने ऑफिस में बात करो..!
मैं डर गया और मैंने कहा- ठीक है, आप 100 रुपये ही दे दीजिए..!
लेकिन वो फिर कहने लगी- नहीं.. मेरी अपने ऑफिस में बात कराओ..!’ और वो धीरे-धीरे स्माइल कर रही थी।
हार कर मैंने उनसे कहा- मैम मुझे मशीन ठीक करने की परमीशन नहीं है, इसलिए मैं आपकी ऑफिस में बात नहीं करा सकता..!
तो उसने कहा- तो तुमने मशीन को क्यों हाथ लगाया..!
मैंने कहा- पॉकेट-मनी के लिए..!
उसने कहा- क्यों सेलरी नहीं मिलती?
मैंने कहा- मैम अभी मैं नया हूँ..!
तो वो बोली- इसके लिए तुम गलत काम करोगे..!
मैंने कहा- मैम वैसे तो मैंने कोई गलत काम नहीं किया, लेकिन आप को लगता है तो मैम आधा दिन हो चुका है और मेरे पास पैसे नहीं है जिससे मैं लंच कर सकूँ.. इसलिए मैंने आप की मशीन ठीक की है..!
तो वो बोली- ओके.. ठीक है बैठो..!
और मेरे बारे सब कुछ पूछने लगी, मेरी शादी के बारे में पूछा।
मैंने मना कर दिया, फिर मेरे गर्ल-फ़्रेंड के बारे पूछा, मैंने कहा- पहले थी..!
उसने कहा- उसके साथ क्या-क्या किया?
मैंने कहा- मैं समझा नहीं..!
तो वो बोली- उसके साथ सेक्स किया था?
पहले तो मैं शर्मा गया, फिर उसके जोर देने पर मैंने कहा- नहीं..!
वो बोली- तुम झूठ बोल रहे हो..!
मैंने कहा- नहीं..!
तो वो बोली- सच बोलो, मैं तभी तुम्हारे पैसे दूँगी..!
मैंने कहा- हाँ.. किया था..!
तो वो बोली- क्या तुम एक्स्ट्रा इनकम करना चाहते हो? साथ में गिफ़्ट भी मिलेंगे..!
मैंने कहा- जरूर..!
तो वो बोली- उसके लिए तुम्हें पहले टेस्ट पास करना पड़ेगा, अगर तुम टेस्ट में पास हो गए तो तुम्हें 1000 रुपये आज ही मिल जायेंगे और हर महीने 10000 रुपये मिलेंगे..! महीने में 15 दिन 2 घंटे रोज देने होंगे..!
मैंने कहा- ठीक है..!
मैं बड़ा खुश हुआ, मैंने काम के बारे में पूछा तो वो बोली- केवल तुमको थोड़ी सी मसाज करनी है।
मैंने कहा- मुझे तो आती नहीं..!
वो बोली- मैं सिखा दूँगी।
मैंने कहा- ठीक है।
‘तो चलो.. तुम्हें मसाज सिखाती हूँ और तुम्हारा टेस्ट भी हो जाएगा..!’
मैंने कहा- ठीक है।
फिर वो मुझे लेकर अपने बेडरूम में गई, वहाँ जाकर बोली- पहले अपने कपड़े उतारो..!
मैं अब सब कुछ समझ रहा था और खुश भी था। मैंने अपने कपड़े उतारे, बस अंडरवियर पहने रखा।
फिर वो अपने कपड़े उतार कर बेड पर बैठ गई और बोली- अपना लण्ड दिखाओ..!
मैं थोड़ा हिचकचाया, उसने आगे आकर अपने हाथ से मेरा अंडरवियर नीचे किया और मेरे लण्ड को हाथ में लेकर आगे-पीछे किया और कहा- अंडरवियर भी उतार दो..!
मैंने वैसा ही किया। उसने मेरे हाथ में एक बॉडी-लोशन दिया और कहा- इसको मेरे बॉडी पर लगाओ..!
उस समय उसने ब्रा-पैंटी पहन रखी थी। मैंने डिब्बे से पहले लोशन उसके पेट पर लगाया फिर उसके पैरों पर, फिर मैंने उनसे ब्रा और पैंटी के लिए पूछा, तो उसने उसको उतारने के लिए कहा। उसकी ब्रा उतरते ही मेरा मन उसको चूसने के लिए करने लगा और मैंने अपना मुँह उसके मम्मे पर रख दिया और उसको चूसने लगा और वो मेरा लण्ड पकड़ कर दबाने लगी। उसके मम्मे काफ़ी टाइट थे। काफ़ी देर मम्मे चूसने के बाद मैंने लोशन दुबारा लगाना शुरु किया। कभी आगे, कभी पीछे मेरा लण्ड अब गीला होने लगा था। मेरा मन अब उसको चोदने को कर रहा था। उसने अपनी ब्रा और पैंटी उतार कर मेरा अंडरवियर भी उतार दिया।
और मेरा फ़ेस अपनी चूत पर रख कर कहा- इसको चाटो..!
मैंने भी वैसा ही किया, मैं पहली बार किसी की चूत चाट रहा था। फिर उसने मेरे लण्ड को पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी। अब तो जैसे मैं पागल हो गया था और लगने लगा मेरा पानी निकल जाएगा।
मैं अपने लण्ड को उसके मुँह से हटाने लगा, तो उसने पूछा- क्या हुआ?
मैंने कहा- पानी निकलने वाला है..!
तो उसने मेरा लण्ड अपने मुँह से निकाल दिया और कहा- अब तुम सबसे पहले अपना लण्ड मेरी गांड में डालो..!
मैंने कहा- आगे से नहीं..!
तो वो बोली- आगे से ज्यादा मजा पीछे से आता है।
मैं भी उसके पीछे से उसको चोदने लगा। काफ़ी देर बाद जब मेरा लण्ड से पानी निकलने वाला था, तो उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। मेरा लण्ड अब पानी छोड़ रहा था, लेकिन वो सारा पानी पी रही थी। जब मेरा लण्ड बैठ गया, तो उसने छोड़ा।
फिर उसने कहा- अब मेरी चूत में अपनी उंगली डाल कर आगे-पीछे करो। मैं वैसा ही करने लगा। थोड़ी देर के बाद मेरा लण्ड फिर तन गया और उसने देख कर कहा- चलो अब मेरी चूत मारो..!
मैंने अब उसकी चुदाई शुरु की और उसके मम्मे को अपने मुँह में लेकर चूसता रहा।
थोड़ी देर बाद उसने मेरा लण्ड अपनी चूत से बाहर निकाल कर अपने दोनों मम्मे के बीच में मेरा लण्ड दबा लिया और कहा- अब यहीं पर रगड़ते रहो और अपना पानी यहीं पर निकाल दो..!
मैं भी वैसा ही करता रहा। मेरे लण्ड उसके मम्मे के बीच में रगड़ रहा था, फिर मेरे लण्ड ने उसके मम्मे पर पानी छोड़ दिया। उसने दोबारा मेरा लण्ड अपने मुँह से साफ़ किया और मुझे कपड़े पहनने को कहा और वो बाथरूम चली गई। थोड़ी देर बाद फ़्रेश होकर आई और मुझे 1000 रुपये देकर कर कहा- ये तुम्हारा एडवांस..!
और मुझे एक फोन नम्बर देकर कहा- कल यहाँ पर फोन करके चले जाना..!
तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी। आप लोगों को कैसी लगी? Sex stories

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मेरा नाम राज Hindi Porn Stories घई है, मैं लुधियाना में रहता हूँ। आज मैं आप लोगो को अपना एक व्यक्तिगत अनुभव बताने जा रहा हूँ जो पिछले साल जुलाई के महीने में मेरे साथ हुआ। मैंने तब तक सेक्स नहीं किया था पर इस बार एकदम से किस्मत मेरे ऊपर मेहरबान होगी मैंने कभी सोचा भी नहीं था। किस्मत जब मेहरबान होती है तो बस क्या कहने ! अभी तक मैंने तीन बार अलग अलग लड़कियों के साथ सेक्स किया है। सोचिये तब तक मैंने एक बार भी सेक्स नहीं किया था और अब तक तीन लड़कियों को संतुष्ट कर चुका हूँ। मैं आप लोगों को ज्यादा बोर नहीं करता हूँ।

मैंने पहली बार जिस लड़की से सेक्स किया उसका नाम शीना (बदला हुआ नाम) लुधियाना में ही रहती थी।

मैं कॉलेज़ का विद्यार्थी हूँ और मेरे कॉलेज में नया बैच आया था। उन्हीं में एक लड़की थी शीना ! दिखने में अच्छी थी पर कभी मैंने उसके बार में गलत नहीं सोचा था क्यूँकि एक तो मैं सीनियर और दूसरा उस लड़की की आवाज़ इतनी मधुर है कि कोई भी उससे बात करके ही खुश हो जाये। वो मेरे से काफी घुल मिल गई थी, धीरे-धीरे एक दूसरे के घर भी आना-जाना चालू हो गया। वो मेरे घर के पास में ही रहती थी।

परीक्षा का समय करीब आने लगा था। एक दिन उसने मुझे कॉल किया और बोली- सर, मुझे एक विषय में दिक्कत आ रही है, कल मेरा प्रैक्टिकल है, मुझे पढ़ा दीजिये !

मैंने कहा- इतनी रात में?वो बोली- सर, प्लीज़ !

मैं अपने घर वालों से आज्ञा लेकर उसके घर चला गया। उस दिन मैंने उसे पहली बार नाइटी में देखा था वो भी गुलाबी रंग की ! क्या गज़ब लग रही थी !

जुलाई के महीने में काफ़ी गर्मी हो जाती है, मुझे भी गर्मी लग रही थी तो मैंने उससे बोला और उसने एसी चला दिया। मैं उसके बैठ गया, पढ़ाते-पढ़ाते मुझे नींद की झपकी आने लगी और मैं सो गया। जब उसने मुझे देखा तो मुझे आवाज़ दी पर मैं जागा ही नहीं। तब उसने मुझे हिलाया। उस दिन पहली बार मुझे उसने मुझे छुआ था, क्या नाज़ुक स्पर्श था उसका !

खैर मैं उठा और अपना चेहरा धोया ताकि नींद न आए। मैं आकर उसे दोबारा पढ़ाने लगा और उसका सब काम ख़त्म करवाकर अपने घर वापिस आकर सो गया। उस दिन से वो मेरे सपनों में आने लगी। मुझे लगा यह सब गलत है तो मैंने उससे बात करना बंद कर दिया लेकिन उसे अच्छा नहीं लगा कि मैं उसे नज़रंदाज़ करूँ ! क्यूंकि जब भी वो मेरे सामने आती थी, मैं उस जगह से ही हट जाता था।

लेकिन एक दिन वो मेरे घर ही आ गई, मेरी मम्मी से पूछा कि मैं कहाँ हूँ तो मम्मी ने बोला- अपने कमरे में !

वो अंदर आ गई और मैं एकदम से उसे यहाँ देखकर फंस गया, मैंने सोचा- बेटा अब कहां जाओगे !

उसने मुझसे पूछा- क्या बात है आप मुझे नज़रंअदाज़ क्यूँ कर रहे हो?

तो मैंने उससे बोला- मैं नज़रंदाज़ नहीं कर रहा हूँ ! बस थोड़ा व्यस्त था !

तो बोलने लगी- नज़रअंदाज़ करने में और व्यस्त होने में बहुत फर्क है ! मैं सब समझती हूँ, आप मुझसे बात ही नहीं करना चाहते हो !

और रोने सा चेहरा बना लिया !

अब दोस्तो, मैं भी तो इन्सान ही हूँ न ! क्या करता ! फिसल गया !

मैं उससे बोला- चलो ! कहीं घूम कर आते हैं !

और हम घूमने के लिए निकल गए। तब उसने मुझसे दोबारा से पूछा- आप मुझे से बात क्यूँ नहीं कर रहे थे?

मैं फिर से टालने की कोशिश करने लगा, वो मुझसे जिद्द करने लगी- सही सही बताओ कि क्या बात है?

तब मैंने उसे बता दिया कि ऐसी-ऐसी बात है ! इसलिए मैं तुम्हें नज़रंअदाज़ कर रहा था !

तो वो शरमा गई और मुझसे बोलने लगी- आप मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो !

खैर कुछ दिन बीत गए, एक दिन दोपहर में उसका कॉल आया- आप क्या कर रहे हो?

मैं बोला- कुछ नहीं ! मूवी देख रहा हूँ !

वो बोली- मैं घर पर अकेली हूँ और बोर हो रही हूँ ! आप आ जाओ, यहीं बैठ कर देखते हैं ना मूवी !

तो मैंने बोला- ठीक है !

और मैं डीवीडी लेकर उसके घर चला गया। डीवीडी प्लेयर मैं डीवीडी लगा कर हम दोनों मूवी देखने लगे। मूवी में ऐक्टर इमरान हाश्मी था तो उसका एक सीन आ गया और वो इतना जबरदस्त सीन था कि मेरी तो हालत ही ख़राब हो गई। मैंने शीना की तरफ देखा तो उसकी भी हालत ख़राब हो चुकी थी।

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?

तो उसने मुझसे बोला- राज, आई लव यू !

मैं उससे ऐसी बात सुनकर हक्का-बक्का रह गया। मेरा तो उस पर उसी दिन दिल आ गया था। खैर मैंने उसको गले लगा लिया और उसे चूमने लगा इमरान हाश्मी स्टाइल में !

और पता नहीं क्या हुआ कि मेरे हाथ अपना आप उसके वक्ष पर पहुँच गए, उसके नरम स्तनों का अनुभव क्या गज़ब था कि बयान नहीं कर सकता !

दोस्तो, एक बात बता दूँ- सेक्स ऐसी चीज़ है जिसे आप जिसे आराम से करोगे उतना ही ज्यादा मज़ा आएगा। मतलब हर एक शॉट की गर्मी का अनुभव करो। कभी भी आपने शादीशुदा लोगों को फटाफट सेक्स करते नहीं देखा होगा और ना ही कभी सुना होगा। वास्तव में जब तक एक दूसरे की भावना को नहीं समझते, मज़ा नहीं आता ! ये तेज़-तेज़ शॉट्स साला सब ब्लू फिल्मों से देख-देख कर लोग करने लगते हैं, इसमें कोई सेक्स का मज़ा नहीं आता है। दोस्तो, बल्कि आप जल्दी थक भी जाते हो सेक्स का मज़ा ही आराम से एकदम चाय की चुस्की के जैसे जितने आराम से करोगे उतना ज्यादा मज़ा बढ़ता है।

खैर जब मैंने उसके स्तन दबाये तो उसे इतने मज़ा आने लगा कि उसने मुझे जोर से अपने बाँहों में जकड़ लिया और हम एक दूसरे को चूमते हुए ही बेड पर लेट गए और काफी देर तक ऐसे ही पड़े रहे। अब अचानक मेरा सेल बजा और मेरा ध्यान टूटा, और किसी जरुरी काम की वजह से जाना पड़ गया।

मैं वहाँ से चला आया।

कहते हैं ना जो होता है अच्छे के लिए होता है !

मेरा काम हो जाने के बाद मैंने उसे काल करके पूछा- क्या कर रही हो?

तो उसने मुझे बोला- आज रात को मम्मी-पापा कोई नहीं है, आप आ जाओ ! यहाँ आओ प्लीज़ !

मैंने बोला- ठीक है !

मैंने अपने घर जाकर खाना खाया और अपनी किताबें और एक कंडोम का पैकेट लेकर उसके घर चल दिया। जब उसके घर पहुंचा तो वो खाना बना रही थी। वो मुझसे खाना खाने का बोलने लगी।

मैंने बोला- नहीं, मैं खाकर आया हूँ !

तो बोलने लगी- नहीं थोड़ा तो खाना पड़ेगा ! मैं आपके लिए बना रही हूँ !

फिर उसके इतना कहने पर मैंने बोला- ठीक है, थोड़ा खा लूँगा !

जब खाना बन गया तो उसने बोला- मैं नहा कर आती हूँ !

तो मैंने सोचा- चलो, मैं भी साथ मैं ही नहा लेता हूँ !

और उसके साथ बाथरूम में चला गया और पहले तो कपड़े उतारे फिर शॉवर चालू किया। हम दोनों ने साथ में शॉवर लिया। नहाने के बाद मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाया और बेड पर ले जाकर लेटा दिया। उसका पूरा शरीर तौलिए से पौंछ दिया। फिर रसोई में जाकर फ़्रिज से एक बर्फ़ का टुकड़ा ले आया और उसके टॉप पर बर्फ फेरने लगा और उसका पानी चूसने लगा और धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा- स्तन, फिर नाभि ! सबसे ज्यादा मज़ा यहीं आता है दोस्तो ! नाभि में पानी भर के पिया। जब नीचे उतरा तो उसकी चूत की गर्मी से बर्फ १० सेकंड में ही पानी हो गई। मैं उसकी चूत को चाटने लगा। क्या टेस्ट था दोस्तो ! आप सोच भी नहीं सकते हो ! उस समय निकलने वाली आवाजें इतना मज़ा देती हैं कि पूछो मत ! जोश चार गुना बढ़ जाता है। सेक्स ऐसी चीज़ है जिसे आप जब तक खुद सही ढंग से करोगे नहीं तो मज़ा नहीं आएगा।

मैंने उसे इतना ज्यादा चाट चाट कर बेहाल कर दिया था कि वो बस आऽऽआ अह करती रह गई, लेटे-लेटे आहें ही भरती रही और मेरे सर के बालों को नोचने लगी। कुछ ही देर में वो स्खलित हो गई। मैंने उसके पूरे रतिरस को चूस लिया और उसके बगल से जाकर लेट गया।

फिर वो उठी, मेरे लंड को हाथ में लिया और उसे प्यार से सहलाने लगी और उसके बाद उसे लॉलीपोप के जैसे चूसने लगी। धीरे धीरे लंड महाराज अपनी असली औकात में आ गए और फनफनाने लगे खड़े होकर !

वो एकदम से डर गई- ये क्या हो गया ?

मैंने उसे प्यार से समझाया कि कुछ नहीं, यही तो मज़ा है इसका असली ! पगली ! और उसे चूसने के लिए कहता रहा। जब बहुत देर हो गई तो मैंने उसको बगल से लिटाया और उसके पैरों को अपने कंधे पर रखने के बाद अपने लंड पर एक कंडोम चढ़ाया। फिर उसकी चूत पर थोड़ी देर तक धीरे धीरे ऊपर ही रगड़ता रहा तो वो कराहने लगी- आह्ह्ह प्ल्ज्ज्ज़ अब डाल दो ! रहा नहीं जाता है मुझसे ! मैंने कहा- सब्र करो जानू ! सब्र का फल मीठा होता है !

और एकदम से एक तगड़ा शॉट लगा दिया। वो इसके लिए अभी तैयार नहीं थी और एकदम से दर्द के मारे बहुत जोर से चीख पड़ी- आआह्छ !

मैंने जल्दी से उसके होटों को अपने होठों से दबा लिया और थोड़ी देर आराम से पड़ा रहा। थोड़ी देर के बाद उसने जब सांस ली तो मैंने एक और तगड़ा झटका लगा दिया और उसकी चीख निकल गई- आआआअह्ह्ह्ह माआआआ !

उसकी हालत ऐसी हो गई थी कि उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे।

मैंने कहा- यदि कोई तकलीफ़ है तो रहने दो !

तो बोली- नहीं, आराम से करो बस !

मैंने धीरे-धीरे करके अपना ७″ का लंड पूरा अंदर कर दिया और हर एक शॉट के मज़े लेने लग गया- अ आया !

उससे पूछा- क्यूँ तुम्हें भी मज़ा आ रहा है ना?

तो बोली- जान ! हाँ ऐसा मज़ा कभी नहीं आया आआअह्ह्ह्ह्ह ! ऐसा सुख किसी चीज़ में नहीं है, जानू, तुम बहुत ही बढ़िया कर रहे हो !

और धीरे धीरे करके मैंने स्पीड बढ़ा दी और करीब 15 मिनट के बाद मैं स्खलित हो गया। इतनी देर में वो भी दो बार डिस्चार्ज हो चुकी थी। फिर मैं उसे अपनी बाँहों में जकड़ कर बगल में लेट गया और थोड़ी खामोशी का मज़ा लेने लग गया। फिर मैंने उसे जोर से चूम लिया गालों पर ! उसने भी लेटे-लेटे मेरी छाती के बालों में ऊँगली घुमाना चालू कर दी।

दोस्तो, ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं जन्नत में घूम रहा हूँ।

जब हम बिस्तर से उठे तो बिस्तर पर खून के लाल-लाल निशान बन गए थे। वो देख कर डर गई।

उसके बाद हम एक साथ नहाये, खाना खाया और फिर लेट गए। उस रात मैंने उसे 3-4 बार चोदा। सुबह जब मैं जाने लगा तो उसने मुझे किस दिया और बोलने लगी- आगे जब भी मौका मिलेगा हम यह करेंगे !

अब मेरी पढ़ाई ख़त्म हो चुकी है, मैंने उसके साथ कई बार सेक्स किया और किस्मत कि उसके बाद मुझे दो और लड़कियों से सेक्स करने का मौका मिला, कभी किसी और दिन सुनाऊंगा उनकी बातें।

दोस्तों कैसी लगी यह कहानी? जरूर बताना ! Hindi Porn Stories

Hindi Sex Stories

मैं मडगाँव, गोआ स्टेशन पर उतरी। ‘जो’ लपक Hindi Sex Stories कर मेरी बोगी के आगे आ गया और मेरा सामान सामने वाले रेस्टोरेन्ट पर रख दिया। फिर वहां से लपक कर दूसरी बोगी में गया और वहां से एक जोड़े को और ले कर आ गया।

मैं उन्हें जानती थी, अमन जो का पुराना मित्र है और गीता अमन की पत्नी। जो ने बताया कि उन्हें भी मैंने गोआ घूमने के लिये बुला लिया था

हम चारों स्टेशन से बाहर आ कर कार में बैठ गए। जो वहाँ से अपने घर ले गया। सुबह का समय था हमने चाय-नाश्ता किया। फिर घूमने का कार्यक्रम बनाया। गोआ अपने आप में कोई बड़ी जगह नहीं है। यहाँ से मात्र ३५ किलोमीटर दूर पंजिम है और यहाँ कुछ ही दूर पर वास्कोडिगामा है। चूँकि आज हमारे पास घूमने के अलावा कोई काम नहीं था, सो हमने पंजिम घूमने का कार्यक्रम बना लिया। जो ने वहाँ पर किसी को फ़ोन किया और रवाना हो गये।

दिन के ११ बज रहे थे हम लोग बीच पर पहुँच गए थे। समुद्र का किनारा बहुत ही सुहाना लग रहा था… लहरें बार-बार किनारे से टकरा कर लौट रहीं थीं। हम सभी लगभग १२ बजे तक वहाँ रहे तभी जो को एक आदमी ने कुछ कहा और लौट गया।

“चलो…! लँच तैयार है…! “

सभी ने अपना सामान एकत्र किया और एक होटल की तरफ़ चल दिये। होटल पहुँच कर वहाँ लँच लिया और फिर जो हमें ऊपर वाले भाग में ले गया… ऊपर कुछ कमरे थे उसने खोल दिये और सभी से थोड़ा आराम करने को कहा। यात्रा की थकान तो थी ही, सभी आराम करने क्या गये कि गहरी नींद में सो गये।

शाम को जो ने सभी को जगाया और कॉफी पिलायी। समय देखा तो ५ बज रहे थे। हम सभी फ्रेश हो गये थे सो अब बीच पर दुबारा पहुँच गये। सभी ने स्वीमिंग सूट पहन लिए थे। मैं और गीता कम कपडों में थी उसका फ़ायदा जो और अमन दोनों ही उठा रहे थे। जो तो पहले से ही मुझ पर मरता था। पर दिखाता ऐसे था कि जैसे सिर्फ़ दोस्त ही हो। वो मेरे शरीर के एक-एक अंग का भरपूर जायज़ा लेता था। मैं भी कपड़े ऐसे ही पहनती थी जिसमें जो मेरे उभार, कटाव और गहराईयों को नाप सके। आज फिर उसे मौका मिल गया। अमन और गीता तो लहरों में खेलने लगे और मेरा पार्टनर जो बन गया। आज हम कुछ ज्यादा ही मस्ती कर रहे थे। एक दूसरे को छेड़ भी रहे थे। कुँवारेपन का मजा बहुत ही रोमांटिक होता है।

लहरें बढ़ने लगी थी… पानी का उछाल भी बढ़ रहा था। आकाश भी बादलों से ढक गया था। सुरक्षा गार्ड ने आगाह कर दिया कि अब बीच छोड़ दो… शाम ढलने लगी थी। हमने वापस लौटने का विचार किया। बादल चढ़ आए थे, किसी भी वक्त पानी बरस सकता था। हम लोग जल्दी से सामने वाले होटल में पहुँचने की कोशिश करने लगे। बूँदा-बाँदी शुरू हो चुकी थी… होटल में पहुँचते ही बरसात तेज़ होने लगी। जो ने कहा कि बरसात बन्द हो तब तक सभी लोग खाना खा लेते हैं। हमें जो का सुझाव पसन्द आया। डिनर करके जो ने बाहर का जायज़ा लिया तो बरसात तेज़ हो रही थी। होटल के मालिक ने जो को चाबी ला कर दे दी और कुछ समझाया।

जो ने कहा,”आज तो यहीं सोना पड़ेगा। रास्ता भी बन्द हो गया है… चलो सभी ऊपर उन्हीं कमरों में चलो…”

मजबूरी थी रुकने की, पर हमें उससे कोई मतलब नहीं था… हम तो आये ही घूमने के लिए थे। अमन और गीता किनारे वाले कमरे में चले गये… मैंने बीच वाला कमरा ले लिया… और जो ने दूसरी तरफ़ वाला कमरा ले लिया पर जो मेरे कमरे में आ गया। उसकी फ़ेवरेट जिंजर वाईन ले कर बैठ गया। दो पेग मैंने भी लिये। लगभग ११ बजे मैंने जो को गुडनाईट कह कर बिस्तर में सो गयी।

अचानक मेरी नींद खुल गयी। कोई मेरे शरीर को सहला रहा था। मुझे अच्छा तो लगा… पर कौन था, ये… शायद जो था। मैंने अंधेरे में देखने की कोशिश की पर एकदम अंधेरा था। मैं ज्योंही हिली सहलाना बन्द हो गया।

मैंने धीरे से आवाज दी,”जो ! जो !”

पर कोई उत्तर नहीं। मैंने साईड-लैम्प जलाया तो वहां कोई नहीं था। शायद मेरा सपना था। मैं फिर से पसर कर सो गयी। मेरी नींद फिर खुल गयी। मेरे चूतड़ों को किसी ने दबाया था। और अब वो चूतड़ों की दरार में हाथ घुसा रहा था।

“हाँ जी… जो ! पकड़ा गये ना…” जैसे ही मैंने लाईट जलाई वहाँ कोई नहीं था। पर जो के कमरे का परदा हिल रहा था। बरसात बन्द हो चुकी थी।

मैं उठ कर दरवाजे तक गई और झाँक कर देखा तो जो तो आराम से सो रहा था… मैने सोचा- साला ! जो ! नाटक कर रहा है…! रुकता तो क्या हो जाता… घूमने का और चुदाई का दोनों का ही मजा ले लेते। मैं वापस आ गयी और सोचा कि इस बार तो पकड़ ही लूँगी। मैंने लाईट बन्द कर दी… पर अब नींद कहाँ… थोड़ी ही देर में किसी ने मेरे बोबे सहलाये… मैंने तुरन्त ही उसके हाथ पकड़ लिये।

“अब तो… जो पकड़े ही गये ना…!”

“श्श्श्श्श्शीऽऽऽऽऽऽऽ चुप रहो… और अपनी आँखें बन्द कर लो… प्लीज़… मुझे शरम आती है !” उसने फ़ुसफ़ुसाते हुए कहा। उसने एक रूमाल मेरे चेहरे पर डाल दिया।

मैंने कहा,”जो… तुम कुछ भी करो ना… मजा तो आएगा… लाईट जला लेते हैं…!”

उसकी ऊँगली मेरे होंठों पर आ गई यानि चुप रहूँ…। उसने हल्के-हल्के मेरी चूचियाँ दबानी शुरू कर दीं। मैं बहुत दिनों से चुदी नहीं थी। इसलिये मुझे बहुत ही उत्तेजनापूर्ण लगने लगा था। उसने मेरा टॉप ऊपर उठा दिया और मेरे चूचुक चूसने लगा। मेरे मुँह से हाय निकल पड़ी। उसने मेरी पैन्ट उतार दी… और मेरी चूत को सहलाने लगा। मेरा उत्तेजना के मारे बुरा हाल हो रहा था। मैंने अपनी दोनो टाँगें फ़ैला दीं। मुझे लगा कि अब वो मेरी टांगों के बीच में आ गया है। उसके लण्ड का अहसास मुझे चूत पर होने लगा, उसका सुपाड़ा मेरी चूत पर टिक ही गया। मेरी तो बरदाश्त से बाहर हो रहा था। मैने अपनी चूत उछाल दी… नतीजा ये हुआ कि उसका गीला सुपाड़ा मेरी चिकनी और गीली चूत में फ़क्क से घुस गया। मुझे लगा कि उसका लण्ड साधारण लण्डों से मोटा था और शायद लम्बा भी था। बेहद गरम और कठोर लोहे जैसा। मेरी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ गहराई में बैठ गया। मैं इतना तगड़ा लण्ड पा कर निहाल हो गयी।

“हाय जो…… क्या लन्ड है यार… इतना मोटा… हाय इतना लम्बा… तुने तो आज मुझे मस्त कर दिया…”

उसका लण्ड फिर से बाहर निकला और फिर से सरसराता हुआ अन्दर बैठ गया… मैंने जोश में रुमाल हटाने की कोशिश की पर उसने तुरन्त ही फिर से मेरे मुँह को ढाँक दिया। मेरा शरीर उसके नीचे दबा हुआ था। मेरे शरीर को दबने से पूरी संतुष्टि मिल रही थी। उसका लण्ड अब एक ही स्पीड से अन्दर बाहर चल रहा था। मेरी चूत भी उसके मोटे लण्ड की वजह से टाईट थी… चूत की दीवारों पर घर्षण बड़ा ही मीठी-मीठी गुदगुदी दे रहा था। उसके हाथ मेरी चूचियों को मसक रहे थे… मसल रहे थे… चूचकों को खींच रहे थे।

“हाय जो… मर गयी, राम रे… कितना मज़ा आ रहा है… कैसा घुस रहा है चूत में…”

“श्शशऽऽऽ मत बोलो कुछ भी……” वो फ़ुसफ़ुसाया। उसकी फ़ुसफ़ुसाहट वाली आवाज़ मुझे अनजानी सी लगी… फिर लगा कि जो ने ज्यादा पी ली होगी। उसका लण्ड मेरी चूत में अन्दर-बाहर आता जाता बहुत ही आनन्द दे रहा था। उसके चूतड़ गज़ब की तेज़ी से चल रहे थे… मैं भी उछल-उछल कर बराबर का साथ दे रही थी। सच मानों तो ऐसी चुदाई बहुत दिनों बाद हुई थी। मेरी चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी और लण्ड भी मोटा होने से चूत में टाईट चल रहा था। फ़च-फ़च की आवाज़ें भी आ रहीं थीं। मैं आनन्द से सरोबार हो रही थी… लग रहा कि अब गयी…… अब गयी… निहाल हो रही थी…

“आ आऽऽऽ आऽऽऽऽ जोऽऽऽऽ हाय रे… मैं तो गयी ऊह्ह्ह ऊऽऽऽऽऽऽ मर गयी रे… निकला मेरा पानी… जोऽऽऽऽ” मुझे लगा कि अब खुद को झड़ने से रोक पाना मेरे बस में नहीं है…

“हाऽऽऽऽऽय जो मुझे दबा लो… मैं हो गयी हूँ… हाय… निकल गया रे… मुझे दबा लो जो…” अब मैं रुक नहीं पाई… और झड़ने लग गई… उसके धक्के धीरे-धीरे कम होते गये… जिससे मैं आराम से झड़ गयी… झड़ते हुए असीम संतुष्टि मिल रही थी।

“हाय जो… पहले क्यों नही मिले तुम… कितनी शानदार चुदाई करते हो…”

“नेहा… नींद में क्या बोले जा रही हो… सच में चुदने की इच्छा है…?”

मैंने रुमाल चेहरे से हटा लिया। जो वहाँ खड़ा मुस्करा रहा था। कमरे में अंधेरा ही था पर चूँकि जो के कमरे की लाईट जल रही थी इसलिये अच्छी रोशनी आ रही थी।

“अब नहीं… अब तो मैं पूरी तरह से झड़ गयी हूँ…”

“क्याऽऽऽ…… बिना किए ही… क्या सपने में चुदाई की थी।” जो हैरानी से पूछ रहा था।

मैं बिस्तर से उठ बैठी और जो को प्यार से मुक्का मारा…” इतना तो चोदा… और कह रहे हो सपने मे… ये पकडो तुम्हारा रूमाल…”

“ये मेरा नहीं है… पर तुम्हारी बात समझ में नहीं आई…”

“हाय मेरे जो… समझ गयी… चलो हो जाये एक दौर और… तुमने कपड़े कब पहन लिए… जानते हो इन १५ मिनट में तो तुमने मुझे निहाल कर दिया।”

“अरे मैं तो जो जो सुन कर यहाँ आया था… तुम तो यहाँ ऐसे कर रही थी जैसे तुम्हारी चुदाई हो रही हो… यानि जैसे कोई सपना…”

“क्या… यहाँ कोई नहीं था… यानि मेरे साथ… तुम नहीं थे…”

“नहीं तो… तुम मुझे लगा बुला रही हो… मेरी नींद खुल गयी… मैं यहाँ आया तो तुम मेरा नाम ले कर ऐसे कर रही थी कि…”

“बस-बस जो… मैं लपक कर अमन के कमरे में गई… वो दोनों भी बिस्तर पर नंगे गहरी नींद में सो रहे थे…”

क्या मैं सपना देख रही थी… तो फिर वो रूमाल… मैंने चूत में हाथ डाल कर देखा… हल्का सा दर्द अब भी था…

सवेरा हो चुका था… मन में उलझन बढ़ रही थी… जो बार-बार कह रहा था कि उसे एक मौका दे दो… फिर रात को इतनी शानदार चुदाई कौन कर गया।

अगले दिन-

“उस बीच वाले कमरे में कल कौन सोया था…” हम चारों की नज़रें रूम-ब्वॉय की तरफ़ उठ गई…

“क्यों… क्या हुआ…?”

“उन कमरों में कोई नहीं ठहरता है… आप में बहुत हिम्मत है साब…”

“मतलब… तो बताना था ना… हमें बताया क्यों नहीं…”

“वो नये आये हैं… उन्हे नहीं पता हैं… वहाँ पर एक जोड़े को हनीमून मनाते समय लड़के की हत्या कर दी थी… लड़की की तो किसी तरह बच गयी थी… वो हत्यारे उनका सारा सामान लूट कर ले गये थे…”

“तो… उससे क्या…”

लड़का बहादुर था… बराबरी से लड़ा… पर अन्त बुरा हआ… कहते हैं कि उसकी आत्मा अब भी प्यासी है… हनीमून को तरसती है…”

मुझे चक्कर आने लगे… जो सब समझ चुका था… उसने मुझे सँभाल लिया। जो और मैं एक-दूसरे को देखने लगे…

“चलो अब घर चलते हैं… अगला कार्यक्रम तय करते हैं…” मैं अब जो का हाथ ही नहीं छोड़ रही थी डर के मारे…Hindi Sex Stories

कोड़े की कहानी
प्रेषक : अभिषेक Hindi Sex Stories

इससे पहले मैं अपनी कुछ कहानियाँ Hindi Sex Stories भेज चुका हूँ। मेरी एक कहानी का नाम था “कैसे मैं बन गया गांडू “

चलो खैर दोस्तो ! वो सब कुछ मैंने बता दिया था कि किस तरह बचपन से लड़की होने के लिए भगवान् को कोसता रहा और आखिर भगवान् ने वो तो नहीं लेकिन लड़की जैसा जिस्म दे डाला। मेरी छाती और शरीर की बनावट काफी हद तक लड़कियों जैसी है, पोले पोले मम्मे आकर्षक निप्पल गोल-मोल गांड !

आज मैं आपको एक और नवीनतम लौड़े के बारे बताऊंगा।

हुआ यूँ कि मैं याहू पर चैट कर रहा था। मैंने एक लड़की का आईडी बना रखा था। उस पे मैं कई मर्दों से बातें करता रहता। एक दिन मुझे अपने ही शहर का एक मर्द मिला जिससे खूब चैट की मैंने ! उससे पूछा कि कभी अपनी पत्नी की गांड मारी है?

वो बोला- मेरी घरवाली गांड पे लौड़ा तक नहीं रखने देती, लेकिन मुझे गांड मारने में बहुत मजा आता है।

वो बोला- क्या हम मिल सकते हैं?

उसने मेरा मोबाइल नंबर माँगा।

मैंने कहा- मेरे पास है ही नहीं मोबाइल ! अपना दे दो !

उसने अपना नंबर दे दिया। मैंने कोई कॉल नहीं की।

अगले दिन वो फिर जब चैट पर आया, उसने कहा- आपने फ़ोन नहीं किया?

मैंने कहा- नहीं हो सका, सॉरी !

कोई बात नहीं- वो बोला- आज मेरी पत्नी और बच्चे घर में नहीं हैं, वो अपने मायके गई है। मुझे मिल सकती हो ?

मेरा भी नया लौड़ा लेने का दिल था, आखिर कितने दिन से मेहनत की थी। लेकिन क्या करता ! था तो गांडू ! लड़की नहीं !

मैंने अपना वेबकैम लगाया, सबसे पहले अपनी गाण्ड दिखाई। मेरी गाण्ड देख किसी का भी लौड़ा खड़ा जाता। मैंने वेबकैम के सामने गाण्ड गोल-गोल मटका के दिखाई और फिर अपना ऊपर का हिस्सा छाती !

वो बोला- चूत दिखाओ !

मैंने कहा- वो है ही नहीं !

क्या ?

मैं गांडू हूँ !

बोला- नहीं ऐसी गांड, मम्मे किसी लड़के के नहीं हो सकते ! क्यूँ मज़ाक करती हो?

मैंने उसको चेहरा दिखाया और बोला- मेरी गांड मारनी हो तो बोल दो, अभी आ जाऊंगा।

तू बी-ब्लाक मार्केट में गुरु नानक बेकरी के बाहर आ जा ! मैं काले रंग की लैंसर में आऊंगा ! ठीक है?

मैं बहुत गर्म था, जल्दी से पैन्ट डाली, टीशर्ट पहनी और वहां जा खड़ा हो गया।

उसके वहां आते ही मैं गाड़ी में बैठ गया। उसने बरमूडा पहना हुआ था, बोला- बेफकूफ बनाया मुझे इतने दिन से?

सब शिकायेतें दूर कर दूंगा बिस्तर में !

बहुत चिकना है तू यार !

मैंने उसकी जांघ पर हाथ फेरते हुए बरमूडा में हाथ डाल लिया- हाय ! क्या लौड़ा मिला है !

वो बोला- एक बार टीशर्ट उतारो !

मेरी ब्रेस्ट देख बोला- तू माल कमाल का है, कितनों से चुदा है?

वो कार चलाता रहा, मैंने नीचे जाकर, बाहर निकाल, लौड़ा मुँह में ले लिया। वह ओह यार !

जुबां से चाट कर उसको गर्म किया, इतने में घर आ गया। सीधी कार अन्दर ! मुझे अपने बेडरूम में ले गया, दो ग्लास ठंडी बियर के ले आया। मैं एक बार में ही पी गया। ऐसे तीन मग पीने के बाद सरूर आने लगा।

उसने मुझे नंगा कर दिया और मेरे निपल चूसने लगा। मैं उसके लौड़े को हाथ में लिए मुठ मार रहा था। मैंने फिर उसका लण्ड मुँह में लिया और चूसने लगा।

वाह राजा ! ऐसी तो कोई लड़की नहीं मिली जो तुम कर रहे हो ! लड़की भी नहीं करती और चूस ! चूस ! छूटने वाला हूँ ! अह अह अह करते हुए उसने सारा पानी मेरे मुहं में निकाल दिया।

मैंने चाट कर उसका लौड़ा साफ़ किया।

कैसा लगा माल?

बहुत स्वादिष्ट !

वो मेरी गांड से खेलने लगा। मैंने फिर से मुँह में लिया, वो मेरी गांड में जुबान डाल कर चाटता !

अब चोदो !

पास में पैन्ट से उसको कंडोम दिया, अपने हाथ से चढ़ा दिया, दोनों टांगें चौड़ी करते हुए उसको इशारा किया, उसने धक्का मारा, बहुत मोटा था पर मैंने सह लिया। ऐसे करते करते पूरा घुस गया और वो रफ़्तार पकड़ने लगा।

और चोद मुझे ! अह अह और फाड़ मेरी ! तेरी रांड बन कर रोज़ चुदने आउंगी ! अह अह !

उसने मुझे घोड़ी बना लिया और पीछे से मारने लगा।

हाय राजा ! क्या चोदता है तू ! उई फाड़ डाल !

बीस मिनट वो अलग तरीकों से चोदता हुआ झड़ गया। मैंने कंडोम खोल उसका लौड़ा मुँह में डाल लिया, गांड से निकल कर आया था, बहुत गर्म था।

वाह मेरे राजा ! मेरा बच्चा ! कल सुबह आना वहीं ! ठीक है?

अगले दिन जाकर फिर चुदा।

उसके बाद उसको जगह नहीं मिल रही थी।

एक दोस्त के घर लेकर गया, वहां क्या हुआ, वो सब अगली बार ! Hindi Sex Stories

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