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प्रेषक : मासूम मैन Antarvasna

कैसे हो दोस्तों !मैं सूरत से Antarvasna मनजल

वैसे मैं बड़े लंबे समय से यह वेबसाईट को पढ़ रहा हूँ।

मैंने सबसे पहले इस वेब को ऑरकुट से एक के प्रोफाइल में से लिया था।

सब बातो को साईड पर रखते हुए असली बात पे आता हूँ वरना आप लोगों को मजा नहीं आने वाला है।

मैं २९ साल का हूँ मगर आज तक किसी लड़की को चोदा नहीं है।

यहाँ परले पॉइंट नाम से एक जगह है, मैं अक्सर वहाँ घूमने जाता हूँ।

लड़कियाँ और भाभियों के बॉल ( स्तन ) और गाण्ड को देखता रहता हूँ और फ़िर घर आकर मोहल्ले की सबसे बढ़िया भाभी के बारे में सोच कर ६१-६२ कर लेता हूँ और निकलने के बाद सोचता हूँ कि मेरे जीवन में कब कोई बढ़िया सी भाभी आकर मेरे लण्ड की ओपनिंग करेगी?

दोस्तों आप लोगों से क्या छुपाना अभी तक बस सबकी गांड और बॉल देख देख कर गांडू हो गया हूँ।

किसी भाभी के साथ दिल बहलाना चाहता हूँ !

अगर कोई भाभी हो और इसको मेरे साथ मजे करने हैं तो मुझे बता दे और मेरे लण्ड को १ लड़के से मरद बनने में मदद करे !

मेरी जवानी नर्क के समान गुजर रही है, इसको स्वर्ग जैसा बनाये थोड़ा ! मुझे मालूम है कि कैसे लण्ड और चूत को मिलाते हैं।

और कोई बढ़िया सी भाभी हो जो मुझे थोड़ा ट्रेनिंग दे दे ताकि आगे अपने लण्ड को सही रास्ता बता सकूं !

इसलिए मुझे कोई भी भाभी और लड़की को चोदना है !

मुझे एक लड़के की जिंदगी से आजाद होना है !

किसी भाभी के शरीर से खेलना चाहता हूँ !

जिंदगी का असली मजा लेना चाहता हूँ !

मगर मुझे किसी की मज़बूरी का फ़ायदा नहीं उठाना !

और जो मजा प्यार से चोदने में आता होगा वो पैसा देकर नहीं !

मुझे एक दोस्त ने बताया था कि औरत जो प्यार से चोदने दे, उसमें जो मज़ा है वो किसी रांड को चोदने में मजा नहीं आने वाला है ! इसलिए तू अपना लण्ड की सील सम्भाल कर ऱख ! जब कभी कोई बढ़िया सी भाभी से सेटिंग होगी तो उस दिन तेरा सील उसके पास खुलवा दूंगा !

मगर आज ११ महीने हो गए इस बात को ! ना ही कोई भाभी से सेटिंग हो पाई और ना ही मेरी सील टूटी !

बस ६१-६२ करके जिन्दगी गुजार रहा हूँ ! पैसा दे कर तो मैं सेक्स ले सकता हूँ पर मेरा एक दोस्त है उसने भी पैसा देकर सेक्स के मजे लेने को बोला, मगर दिल नहीं माना !

कि बेड पर कोई निर्जीव पुतले की तरह पड़ा हो और उसके ऊपर चढ़ कर जो करना हो वो कर लो !

मुझे दिल से मजा लेना और देना है !

और मैं जिस प्रोफ़ैशन में हूँ, इसमें आराम से किसी भी भाभी को चोद सकता हूँ !

मगर डर लगता है कि किसी दिन इसके पति को पता लग गया तो बिजनस में से एक ग्राहक कम हो जाएगा !

इसलिए इस वेब का सहारा ले रहा हूँ !

विशेष : इस प्रविष्टि के साथ ई-मेल आई डी नहीं दिया जा रहा है। Antarvasna

sex stories

मैं नेपाली हूं और ग्रेजुऐशन के बाद एक सरकारी दफ़्तर में नौकरी करता हूं Sex stories. मेरा घर राजधानी काठमांडु में है और नौकरी के दौरान मुझे देश के अलग अलग हिस्सों में जाना पड़ता है।

ये एक दस साल पुरानी हकीकत है जो मैं आपके साथ बांट रहा हूं।

ऐसे ही मेरा नेपाल के पूरवी शहर बिराट नगर तबादला हुआ। मैं शहर के बीचों बीच एक घर में डेरा लेकर रहने लगा।

वो घर तीन मंजिला था और सबसे ऊपर घरवाला रहता था बीच में मैं और सबसे नीचे एक व्यापारी था।

घरवाला इंजीनियर था और वो अपनी बीवी और दो बच्चों के साथ रहता था।
मैं अकेला रहता था और मेरी शादी भी नहीं हुई थी।

इंजीनियर को मैं भाई और उसकी बीवी को भाभी कहकर बुलाता था। हम शाम के वक्त छत पर बैठ कर गप्पे मारते थे और इंजीनियर की बीवी कभी चाय तो कभी शरबत पिलाकर हम लोगों का सत्कार करती थी।

उसकी बीवी का नाम गौरी था और लगभग सत्ताइस साल की थी लेकिन इंजीनियर देखने में पचास साल का लगता था।

इंजीनियर से उसके बारे में मैंने कभी नहीं पूछा और जरूरत भी नहीं समझी।

वो घर से बहुत दूर नौकरी करता था और महीने दो महीने में एक बार दो चार दिन के लिये घर आता था।

उनके दो बेटे थे एक आठ साल का और दूसरा पांच साल का।
दोनों स्कूल जाते थे और मैं फ़ुरसत के समय में उन लोगों को होमवर्क करने में हेल्प कर देता।

मुझे उन लोगों के घर में या किसी कमरे में जाने में रोकटोक नहीं थी।

गौरी अपनी नाम के तरह गोरी थी और देखने में बहुत सुंदर थी। बड़ी बड़ी काजल लगी हुई आंखें और काले लम्बे बाल उसको और सेक्सी बना देते थे।

गर्मियों का महीना था और शाम का वक्त था मैं हवा खाने छत पर निकल गया।

गौरी ढेर सारे कपड़े लेकर धो रही थी और मैं एक कुर्सी खींचकर गप्पे मारने के लिये उसके सामने बैठ गया।

जैसे ही मेरी नजर उस पर पड़ी, मैं सन्न रह गया वो पतला सफ़ेद रंग का टाइट ब्लाउज़ पहने हुए थी और तीन चौथाई से ज्यादा चूचियों का हिस्सा बाहर उबलने को तैयार था।
उसने बरा नहीं पहनी हुई थी।

मेरे लंड ने हरकत करना शुरु किया और कुछ ही देर में तनकर खड़ा हो गया।

उसकी चमकीली चूचियां गोल गोल थी और उसके बारूद ने मुझे हिलाकर रख दिया।
मेरा दिल तो करता था अभी उठकर जाऊं और गन्ने की तरह सारा रस पी जाऊं या यूं कहूं उसकी घाटी के बीच खुद को समा लूं।

मेरा 6.5” लम्बा और 2.5” मोटा लंड सनसनाकर खड़ा हो गया था और मैं उसको ठंडा करने के बारे में सोच रहा था।
मैं अपने भाग्य को कोस रहा था कि क्यों मैंने पहले ऐसा नजारा नहीं देखा।

सफ़ेद रंग के ब्लाउज़ से निकलता स्तन बेचैनी कर रहा था। मैं अपने शरीर में गर्मी महसूस करने लगा।

मेरे दिमाग में एक आइडिया आया और मैं भाभीजी को बोला- भाभीजी, आप कपड़े धोइए मैं पानी डाल देता हूं।
उसने हाँ कहा और मैं पानी डालने लगा।

मैं पानी डालते समय दो चार छींटे उसके ब्लाउज़ पर जानबूझकर डाल देता था और वो मुस्कुरा देती।

मैं एक हाथ से अपना लंड पकड़ रहा था और दूसरे हाथ से पानी डाल रहा था।

कुछ देर बाद भाभी का सारा ब्लाउज़ भीग गया और मैं सकते में आ गया। उसके भीगे ब्लाउज़ से लाल लाल निप्पल साफ़ दिखाई देने लगे या यूं कहूं कि वो ऊपर से पूरी तरह नंगी हो गई।

मेरे सब्र का बांध टूट रहा था और मैं उसको बोला- भाभी, आप पूरी तरह से भीग गयीं हैं, कपड़े बदल लीजिये नहीं तो आपको सर्दी लग जायेगी.
वो बस मुस्कुरा कर बोली- आपने ही तो भिगाया है देवर जी, आप बहुत बड़े वो हो।

मैं अपना लंड पकड़कर थोड़ा हिला रहा था और इसी दौरान मेरा लंड झड़ गया।

उसे देख कर मैं उसकी कल्पना में खोया था कि उसके बच्चे आ गये और मेरा सपना टूट गया।

दूसरे दिन जब मैं ओफ़िस से घर लौटा तो शाम के चार बज रहे थे।
मैं कपड़े बदलकर सीधा ऊपर चला गया।

भाभी और बच्चों में जंग चल रही थी कि सबसे ताकतवर कौन है। वो एक आपस में एक दूसरे को उठा रहे थे।

मैंने गौर से भाभी को देखा तो उस दिन भी उसने ब्रा पहनी नहीं थी, हल्के गुलाबी रंग के ब्लाउज़ और शिफ़ोन की साड़ी के साथ हल्का मेकअप उसको और हसीन बना रहा था।

मेरे शरीर में हरकत शुरु हो गयी और मेरा लंड धीरे धीरे बढ़ने लगा।

मैं भाभी और अपने लंड के बारे में सोच ही रहा था कि एक लड़का बोला- अंकल, आप हमारी मम्मी को उठा सकते हैं?
तो मैं भाबी को चिढ़ाने के लिये बोला- आपकी मम्मी भारी तो हैं पर हम उठा सकते हैं।
इतने में भाभी बोली- हम भारी हैं या देवर में उठाने की ताकत नहीं है?

हम कुछ कहने वाले थे कि बच्चों को उनके दोस्तों ने नीचे से आवाज़ दी और बच्चे नीचे की तरफ़ भागने लगे और भाभी उन लोगों को आहिस्ता जाने की हिदायत दे रही थी।
उसकी पीठ मेरी तरफ़ थी और मैंने सोचा यही मौका है भाभी को दबोचने का और मैं आगे बढ़ा और उनकी कमर में हाथ डाल के झटके से ऊपर उठा लिया।

वो न नुकर कर रही थी लेकिन मैंने उसको दबोचे रखा।

मैंने अंदाज़ा लगाया वो लगभग 55 किलो की थी और 5’5” उंचाई वाली औरत थी।
उसने हल्का खुश्बुदार परफ़्यूम लगा रखा था जो मुझे और मदहोश कर रहा था।

मैंने अपना हाथ थोड़ा ढीला किया तो वो धीरे धीरे नीचे की तरफ़ सरकने लगी और जब वो ज़मीन पर टिक गयी तो उसकी दो बड़ी बड़ी चूचियां मेरे हाथ में थी।

मैंने अपने लंड का दबाव उसकी गांड पर महसूस किया और मैंने अपना हाथ का दबाव उसकी चूचियों पर थोड़ा और बढ़ाया।

उसका शरीर भी काँप रहा था और सांसें गर्म हो गयी थी।
इसी बीच मैंने एक लम्बा चुम्बन उसके होंठों पर रख दिया।

उसके निप्पल बहुत कड़क हो गये थे और मेरा लंड साड़ी के बाहर से ही उसकी चूत में जाने के लिये तड़प रहा था।

अपना हाथ मैंने उसके ब्लाउज़ के अंदर डाल दिया और उसकी दो पहाड़ जैसी रसीली चूचियां दबाने लगा।

मैंने महसूस किया कि मेरे लंड से पानी निकल रहा है।

जबमैंने उसके निप्पल को थोड़ी ज़ोर से दबाया तो वो दूसरी तरफ़ हटकर बोली- देवर जी, आप बहुत नटखट हैं, जो काम रात को करते हैं वो दिन में नहीं करते.
इतना कहकर वो किचन की तरफ़ चली गयी और मैं वहीं बैठकर अपने लंड हिला हिला कर पानी निकालने लगा।

मैं एक बार फिर नकामयाब होकर लौट गया।

अब मुझे रात का इन्तज़ार था और घड़ी की सुई थी कि हिलती ही नहीं थी।

मैं कभी कभी व्हिस्की पीता था इसलिये एक दो व्हिस्की की बोतल मेरे पास रहती थी।
मैंने एक पैग ले लिया लेकिन मेरी बेसब्री और बढ़ गयी।

मैंने दूसरा पैग भी ले लिया अब मेरी बेसब्री थोड़ी कम हुई। मैंने तीसरा पैग बनाया और खाना खाने लग गया।

खाना खाने के बाद मैंने ब्रश किया और थोड़ा परफ़्यूम अपने शरीर पर और थोड़ा अपने लंड पर लगा लिया।

इतने में रात के नौ बज गये और मैं तैयार होने लगा।
मैंने व्हिस्की का तीसरा पैग एक घूंठ में हलक से नीचे डाला और मैं सीढ़ियों की तरफ़ बढ़ा।

भाभी का मेन गेट खुला था और एक कमरे से हल्की रोशनी आ रही थी।
मैं उसी दरवाजे की तरफ़ बढ़ा, दरवाजा आधा खुला था और भाभी पलंग पर बैठकर कुछ पढ़ रही थी।

मैंने दरवाजा थोड़ा पुश किया तो भाभी दरवाजे की तरफ़ पलटी, उसकी और मेरी आंखें चार हुई तो वो अलग अंदाज़ में मुझे न्यौता दे रही थी।
अब मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।

सारे कमरे में हलकी खुशबू फ़ैली थी।

भाभी भी पलंग से उठकर आयी तो मैंने देखा, वो एक झीनी सी पारदर्शी नाइटी में थी और उसका सारा अंग मुझे दिखाई पड़ रहा था।
उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और वो अभी भी ब्रा पहने नहीं थी।
काले लम्बे बालों को आगे की तरफ़ झुकाये थी और आंखों में काजल उसको और सेक्सी बना रहा था।

मेरा लंड फिर हरकत में आ गया और देर करना मुझे मेरी मूर्खता लगी.
इसलिये मैं आगे बढ़ा और एक झटके में उसे बांहों में जकड़ लिया।

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उसकी जीभ को चूसने लगा।
उसने मेरी पैंट का हुक खोलकर मेरी पैंट नीचे गिरा दिया।

मेरे लंड का दबाव शायद वो अपनी चूत पर कर रही थी।
मैंने उसकी नाइटी को उतार दिया और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए।

हल्की रोशनी में मुझे उसका जिस्म ताजमहल जैसा लग रहा था।

मैंने फिर एक बार उसके होंठों पर लम्बा किस जड़ दिया।

मेरे हाथ धीरे धीरे उसकी बड़ी बड़ी चूचियों पर बढ़ने लगे।
उसकी चूचियां सख्त थी और ऐसा नहीं लगता था कि उसके दो बच्चे भी हैं।

मैं अपना दबाव उसकी गोलाइयों पर बढ़ाता गया और वो मेरे शरीर के अंग अंग को किस कर रही थी।

जब मैं उसकी कड़क निप्पलों को चूसने लगा तो सिसकारी भरने लगी।

उसके शरीर की गरमाहट मुझे और मदहोश बनाने लगी थी।

मैं अपनी एक उंगली उसकी चूत पर रगड़ने लगा और मुँह से उसके निप्पल चूस रहा था।
उसके चूत से निकला पानी से मेरी उंगली भीग गई थी।

मैंने उसको उठकर बेड पर लिटा दिया। मैं उसके ऊपर विपरीत दिशा में बैठ गया तो उसकी टांग मेरे सर की तरफ़ थी और मेरी टांग उसके मुँह की तरफ़ थी।

मैं धीरे धीरे उसकी चूत सहलाने लगा तो वो छटपटाने लगी।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर फ़ेरना शुरु कर दी।
लाल चूत के बीच में जो छोटा मांस का टुकड़ा होता है, मैं उसको मुँह में लेकर अपनी जीभ से दबाने लगा।

वह भी मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी।

उसकी चूत में अपनी जीभ अंदर बाहर करता था और कभी कभी मैं टुकड़े को हल्का सा काट देता था तो वो सिहर उठी थी और मेरे सर को जोर से चूत की तरफ़ खींचती थी।

वो अपनी चूत को ऊपर नीचे कर रही थी जिससे मेरी जीभ उसकी चूत के अंदर बाहर हो जाती थी।

थोड़ी देर हिलने के बाद उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकला जो मैंने ज्यादा से ज्यादा मुँह से निगल गया।

मेरा भी लंड तुनक रहा था तो मैं अब उसके ऊपर आ गया।
मैंने अपना लंड उसकी चूत के सामने रखकर थोड़ा दबाव दिया तो लंड का सुपारा उसकी चूत के अंदर घुस गया।

उसने हल्की आह की आवाज़ मुँह से निकाली और मुझे अपनी बाहों में भींच लिया।

मैंने एक और जोरदार धक्का मारा, अब सारा लंड उसकी चूत के अंदर था।

मैं धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। मेरे दोनों हाथ उसकी चूचियों पर थे और मेरा मुँह कभी उसके निप्पल तो कभी उसके होंठ पर चल रहा था।
मेरे होंठ, हाथ और लंड की स्पीड धीरे धीरे बढ़ाने लगा।

वो मुझे पूरी तरह साथ दे रही थी और बीच बीच में सिसकारी भरकर मुझे भींच लेती थी।

मेरे लंड की स्पीड बढ़ती गयी और उसकी चूत से इतना पानी निकल रहा था कि पूरा कमरा फच फच की आवाज़ से गूंज रहा था।

मैं दनादन उसकी चूत में लंड डाल रहा था।

इतने में ही उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकला और वो निढाल हो गयी।

मैं भी झड़ने वाला था तो अपना लंड चूत से निकालकर उसके मुँह में दे दिया।

वह मेरे लंड के सुपारे को अपने दांतों से दबाव देकर चूसने लगी और वो लंड को जड़ तक चूस रही थी।

थोड़ी देर बाद मेरे लंड से ढेर सारा सफ़ेद वीर्य निकला जो वो चाव से चाटने लगी।
हम दोनों पलंग पर बैठ कर बातें करने लगे।

मैं बोला- भाभी, कैसी रही चुदाई?
तो वो बोली- आपका लंड तो बहुत बड़ा है, मेरे मियां का लंड तो इससे आधा भी नहीं है और जब वो चोदने आते हैं तो मैं अभी तैयार भी नहीं होती हूं और उसका लंड झड़ जाता है। देवर जी, तुम में बहुत दम है और अब जब चाहो मुझे चोद सकते हो।

मैंने पूछा- भाभी, आपके दो बच्चे हैं लेकिन आपकी चूचियां तो बहुत सख्त हैं.
तो वो बोली- मैं रोज योगा करती हूं इसलिये मेरा शरीर दुरुस्त है।

मैं उसकी चूचियां दबा रहा था और वो मेरी छाती पर हाथ फेर रही थी।

धीरे धीरे उसका हाथ मैंने अपने लंड पर पाया और वो उसे उठाने की कोशिश कर रही थी।
मैं भी उसकी चूचियां दबाता रहा था तो कभी उसके निप्पल को मुँह में ले के चूसता था।

मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ से खेलना शुरु किया जिसमें उसने मेरा पूरा साथ दिया।

Sex stories

मैं उसकी जीभ चाट रहा था और वो मेरी। उसका मुँह मेरे मुँह से सटा हुआ था और उसके दोनों हाथ लंड को सहला रहे थे।

Hindi Sex Stories

अब मैं एक और कहानी आपके सामने प्रस्तुत Hindi Sex Stories कर रहा हूँ. कृपया अपने विचार लिखते रहें. मैं किस तरह का आदमी हूँ ये मेरी कहानी ” डॉक्टर मेरी गुरुआनी” पढने के बाद जान चुके होंगे.

डॉक्टर से मिलना कम हो गया था, डॉक्टर साब का ट्रान्सफर अलका के साथ ही हो गया, डॉक्टर साहब और अलका साथ रहने लगे थे और अब खुश भी थे. हम भी खुश हैं, हमारी दोस्ती बिगड़ी नही लेकिन अब मेरी भी शादी हो चुकी थी और हमारी दोस्ती में सेक्स का वो मतलब भी वैसे ही पूरा हो रहा था. फ़िर भी हम खुश हैं क्यूंकि हम बेवफा नही हैं.

कुछ साल निकल गए. धीरे धीरे मेरी पत्नी का सेक्स के प्रति लगाव थोड़ा कम हो गया और आश्चर्य कि वो पहले नही शरमाती थी अब कई बातों में शरमाने लगी या यूँ कह लें कि हिचकने लगी. मेरे सेक्स की चाहत अधूरी हो गई.

ये बहुत पुरानी बात नही है।

मेरा परिचय मेरे खास दोस्त के ऑफिस में इंटरव्यू देने आई एक लड़की से हुआ. मैं ही इंटरव्यू ले रहा था. वो लड़की नमस्ते कर के सामने कुर्सी पर बैठ गई. साधारण शक्ल सूरत की लड़की ५ फुट ६ इंच कद की थी. लेकिन उसका बदन बहुत आकर्षक है. एकदम सुता हुआ. उसने मुझे बहुत इम्प्रेस किया. मैंने उसको जाने के लिए बोला और कहा कि आपके फ़ोन पर कॉल करके आपको बुला लिया जाएगा.

मैंने अपने दोस्त को उस लड़की रीना को बुलाने को कह कर आगे के सारे इंटरव्यू कैंसल कर दिए और अपने ऑफिस में चला आया. मेरे दोस्त ने उस लड़की रीना को कॉल करके बधाई दी और ऑफिस जोइन करने के लिए कह दिया. जाने रीना ने मुझमे क्या देखा कि हम दोनों में धीरे धीरे बातचीत शुरू हुई फोन पर और फ़िर वो अपने ऑफिस के बाद मेरे ऑफिस में आने लगी. हम दोनों साथ में ही खाना खाते, नाश्ता करते और शाम को ७ बजे बाद मैं उसको उसके घर के बाहर मेन रोड पर छोड़ भी आता. फ़िर तो हम एक दूसरे से खुलते गए. मैं लगभग रोज ही उसको घर तक छोड़ने लगा. आश्चर्य की बात थी कि आज के जमाने में कोई ऐसी भी लड़की थी जिसको सेक्स की कोई जानकारी नही थी.

मेरी उस से कोई ग़लत फायदा उठाने की नीयत नही थी. डॉक्टर की तरह ही उस से भी अच्छी दोस्ती रखना चाहता था. इसलिए मैंने उसको सेक्स की जानकारी देना शुरू किया. हम और एक दूसरे के करीब आते गए इसके बावजूद कि वो जानती थी कि मैं शादी शुदा हूँ हम एक दूसरे को चाहने लगे. हम ने एक दूसरे को वादा किया कि हम एक दूसरे के साथ तब तक बंधे रहेंगे जब तक कि हमारे कोई और रिश्ते इस कारण ही बिगड़ने न लगें. हम एक दूसरे से चिपक कर बैठने लगे. उसको सेक्स चढ़ने लगा. शाम को मेरे ऑफिस में हम दोनों को छोड़ कर कोई नही होता था.

एक दिन एकांत पाकर मैंने ऑफिस में ही उसको होटों पर किस किया. हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगा. फ़िर मैंने उसके बोबों पर हाथ रखा तो उसने कसकर मेरे हाथों को पकड़ लिया. उसकी हालत ख़राब होने लगी. थोडी देर रुक कर जब रीना थोड़ा सामान्य हुई तो मैं उसको उसके घर छोड़ आया.

फ़िर एक दिन हम कुछ ज्यादा ही फ्री हुए तो मैंने ऑफिस के दरवाजे में चाभी लगा कर बंद किया और वापस कुर्सी पर आकर उसका पायजामा नाड़ा खोल कर थोड़ा नीचे कर दिया और उसकी जांघें सहलाने लगा. रीना को सेक्स चढ़ने लगा. उसकी आँखें मुंदने लगी. मैंने पैंटी में हाथ डालना चाहा तो रीना ने मेरा हाथ पकड़ लिया बोली प्लीज नही. तो मैंने उसकी पैंटी की साइड से ऊँगली उसकी चूत पर छुआई. वो तो जैसे पागल हो गई. उसका सर मेरे सीने से लग गया. मेरा एक हाथ उसकी गर्दन पर लिपट गया और दूसरे हाथ से उसकी चूत साइड से सहलाता रहा. वो सेक्स में पिघलने लगी. फ़िर मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी में दे दिया. वो थोड़ा कसमसाई लेकिन मैंने हाथ नही हटाया. वो लम्बी साँसे लेने लगी. मैंने उसकी चूत सहलाना शुरू किया. और साथ में लिप किस भी शुरू कर दिया. मेरी इच्छा थी उस से आज ही सेक्स करने की. मैंने उसकी चूत में ऊँगली की. मुझे एक झटका सा लगा. वो अभी तक अनछुई थी. मैंने सोच लिया कि कोई बात नही, इस लड़की को लंड अंदर डाल कर नही करूँगा.

मैं खडा हो गया. और उसको भी कुर्सी से खडा कर लिया और हम एक दूसरे से होंट मिलाते हुए एक दूसरे की बाँहों में बंध गए. मैंने भी अपने पैंट और अंडरवीयर उतार कर लंड उसको खेलने को दे दिया. उसने लंड अपने हाथों में पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया. मैंने उसके बोबे दबाने शुरू कर दिए.

फ़िर थोडी देर में उसका कुरता ऊँचा करके मैंने उसके बोबे ब्रा से बाहर कर लिए और उनको चूसना शुरू कर दिया वो जल उठी. उसने कस कर मुझको बाँहों में ले लिया. मैंने उसकी हिप्स को टेबल टॉप के साथ लगाया और अपने लंड को उसकी चूत की दरार में लगा दिया और जोर से दबा कर धीरे धीरे चूतड़ चला कर उसके कलाईटोरिस को लंड से रगड़ देने लगा. हम एक दूसरे के होंट और जीभ को खूब चूसने लगे. रीना को भी मजा आने लगा. वो भी अपनी गांड चलाने लगी. अब मैंने अपना बायाँ हाथ उसके चूतड़ों के पीछे करके अपनी और भींच रखा था और दायें हाथ से उसके बोबे दबा रहा था. मुँह से मुह मिले हुए थे. उसके हाथ मेरी गर्दन पर लिपटे हुए थे. धीरे धीरे हमारी मंजिल करीब आती गई फ़िर वो और उसके बाद हम दोनों ही झड़ गए. कुर्सी पर बैठ कर एक दूसरे को बाँहों में ले कर सहलाने लगे. फ़िर थोडी देर बाद कपड़े पहन कर सामान्य हो गए.

आज कई महीने हो गए. हम एक दूसरे के साथ सुखी और संतुष्ट है. वो सेक्स जान चुकी है लेकिन अब भी हम इसी तरीके से करते हैं. Hindi Sex Stories

Antarvasna

दोस्तो, मैंने पिछले दिनों अन्तर्वासना की Antarvasna कहानियाँ पढ़ीं तो मेरा भी मन हुआ कि मैं भी अपने अनुभव आपके साथ बाटूँ। मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ.

मेरा नाम मंजू है. मैं 34 साल की शादीशुदा औरत हूँ. मेरे पति बिज़नस के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं.

कुछ दिन पहले की बात है मेरे पति दो दिन के लिए घर से बाहर गए हुए थे और मैं घर में अकेली टीवी पर ब्लू फ़िल्म देख रही थी. ब्लू फ़िल्म देख देख कर मेरी चूत में से पानी आने लगा था. मेरा मन कर रहा था कि कोई मज़ेदार लंड मिल जाए तो जी भर के चुदाई करवाऊं.

वो कहते हैं ना कि सच्चे दिल से मांगो तो सब कुछ मिलता है. घर की कॉल बेल बजी तो मुझे लगा कि भगवान् ने मेरी सुन ली. मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि मेरे पति के ख़ास दोस्तों वर्मा और गुप्ता बाहर खड़े थे.

अचानक उनको देख कर मैं चौंक गई. मैंने उनसे कहा कि ‘ये’ तो बाहर गए हैं दो दिन बाद आयेंगे. यह बात सुन कर वो दोनों भी उदास हो गए और बाहर से ही वापस जाने लगे.

मैंने सोचा कि अगर इन लोगों को अन्दर नहीं बुलाऊंगी तो ये लोग बुरा मान जायेंगे, मैंने उनसे कहा कि आप लोग अन्दर आ जाईये.

ये सुन कर मेरे पति के खास दोस्त वर्मा ने कहा कि नहीं भाभी हम लोग चलते हैं. हम लोग तो ये सोच कर आए थे कि पाटिल घर में होगा तो बैठ कर दो दो पैग लगायेंगे.

मैं आप लोगों को बता दूँ कि पाटिल मेरे पति का नाम है और ये सारे दोस्त हमारे घर में अक्सर दारू पार्टी करते हैं. क्योंकि इन लोगों के घरों मैं दारू पीना मना है.

मेने एक अच्छे मेजबान का फ़र्ज़ निभाते हुए कहा कि कोई बात नहीं आप लोग अन्दर बैठ कर पैग लगा लीजिये मुझे कोई परेशानी नहीं है. मेरी बात सुन कर दोनों खुश होते हुए बोले ‘क्या सचमुच हम लोग अन्दर बैठ कर पी सकते हैं.’

मैंने कहा- क्यों नहीं आप का ही घर है आप लोग अन्दर आ जाईए, मैं आप लोगों के लिए पानी और सोडा का इंतजाम कर देती हूँ.
ये सुन कर गुप्ता ने कहा कि एक शर्त है ‘आपको भी हमारा साथ देना होगा !’

मैं पहले भी कई बार अपने पति के सामने इन लोगों के साथ दारू पी चुकी थी इसलिए इन लोगों को पता था कि मैं भी दारू पीती हूँ. मैंने तुंरत हाँ भर दी और वो दोनों अन्दर आ गए.
अन्दर आते ही उनकी निगाह टीवी पर चल रही ब्लू फ़िल्म पर गई जिसे मैं बंद करना भूल गई थी. मैंने जल्दी से शरमा कर टीवी बंद कर दिया. लेकिन वो दोनों ये सब देख कर मुस्करा रहे थे. मैं किचेन मैं पानी और सोडा लेने चली गई.

किचन में जाकर मैंने सोचा कि मैं तो एक लंड के इंतज़ार मैं थी और भगवान् ने मुझे दो दो लंड गिफ्ट में भेज दिए. क्यों ना इस मौके का फायदा उठाया जाए और ये सोच कर मैंने सोडा और पानी की बोतल फ्रीज़ में से निकली और तीन गिलास साथ में ले कर वापस कमरे में आ गई.

वर्मा ने अपनी जेब से व्हिस्की कि बोतल निकाल कर मुझे दी और मैं तीन पैग बनाने लगी. वो लोग साथ मैं खाने के लिए स्नेक्स भी लाये थे. हम लोग बातें करते हुए पैग लगा रहे थे. कुछ ही देर में हम सभी पर थोड़ा थोड़ा सुरूर छाने लगा.

उन दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और फ़िर गुप्ता ने मुझसे पूछा ‘भाभी आप टीवी पर ब्लू फ़िल्म देख रहीं थीं तो फिर आपने टीवी बंद क्यों कर दिया. टीवी चलाओ ना हम लोग भी फ़िल्म देखना चाहते हैं. ‘

अब तक मुझ पर भी शराब नशा चढ़ने लगा था. मैंने सोचा कि यही मौका है चुदाई का माहौल बनाने का. ये सोच कर मैं उठी और टीवी चालू करने लगी.
टीवी चालू करते हुए मेरी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया जिसे मैंने जानबूझ कर ठीक नहीं किया. मेरे कसे हुए ब्लाउज में से बड़े बड़े बूब्स आधे बाहर निकल आए थे.
मैंने तिरछी नज़र से देखा कि वो दोनों मेरे बूब्स पर निगाह गड़ाये हुए मुस्करा रहे हैं.

मैंने टीवी पर ब्लू फ़िल्म चालू कर दी और उसी सोफे पर जा कर बैठ गई जिस पर वो दोनों बैठे हुए थे. अब मैं उन दोनों के बीच में बैठी थी. टीवी पर चल रही फ़िल्म मैं भी एक औरत को दो आदमी चोद रहे थे.

ये सीन देख कर हम तीनो ही गर्म हो गए. मैंने जान बूझ कर अपना पल्लू नीचे सरका दिया और सोफे पर आधी लेट गई. मेरे बगल में बैठे वर्मा ने पहल की और धीरे से मेरे बूब्स के ऊपर हाथ फिराने लगा.

मैंने कोई विरोध नहीं किया और आँखे बंद कर लीं. थोडी ही देर में उन दोनों ने मिल कर मेरे ब्लाउज के हुक खोल दिए और मेरे बड़े बड़े फलों का रस चूसने लगे.
अब हम लोग खुल चुके थे इसलिए मैंने भी हाथ बढ़ा कर पैंट के ऊपर से ही उनके लंड को टटोलना शुरू कर दिया था. वर्मा मेरे होटों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और गुप्ता मेरी एक चूची को मुंह में भर कर पीने लगा.

अभी हमारा खेल चालू हुआ ही था कि अचानक घर कि कॉल बेल फ़िर से बज गई. हम तीनो चौंक गए. मैंने कहा कि अब कौन हो सकता है.

तभी गुप्ता ने कहा- अरे यार में समझ गया, शर्मा और ठाकर होंगे हमने उन लोगों को भी बुलाया था.

मैंने जल्दी से टीवी बंद कर दिया और अपने कपडे ठीक करने लगी तो वर्मा ने मेरे हाथ पकड़ कर मुझे रोक लिया और कहा- रहने दो भाभी ये लोग भी अपने ही दोस्त हैं इनसे क्या शरमाना?

जब तक मैं कुछ कहती तब तक गुप्ता ने दरवाजा खोल दिया था और मेरे सामने तीन नए लोग खड़े थे. जिनका नाम शर्मा, ठाकर और नारंग था.

अब घर में पॉँच मर्द थे और मैं अकेली औरत. शराब का दौर चल रहा था सब लोग नशे में थे. मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे. मेरी बरसों की इच्छा आज पूरी होने जा रही थी. मेरी इच्छा थी की मैं एक साथ पॉँच मर्दों के साथ चुदाई का खेल खेलूं और आज ये सपना सच होने वाला था.

किसी ने मेरे बदन से ब्लाऊज़ उतार दिया था.
वर्मा और गुप्ता मेरी एक एक चूची को मुंह में लेकर चूस रहे थे.

ठाकर जो बाद में आया था उसने अपना लंड निकाल कर मेरे मुंह में डाल दिया और नारंग और शर्मा मेरे नीचे के कपडे हटाने की कोशिश कर रहे थे.

मैंने उन सब को रोक कर कहा कि चलो अन्दर बेड रूम मैं चलते हैं. ये सुन कर उन पांचों ने मुझे गोदी में उठा लिया और ले जा कर बेड पर डाल दिया. अब मेरे बदन पर कोई कपडा नहीं था.

ठाकर जिसका लंड काला और ज्यादा ही लंबा था उसने मेरे मुंह में अपना पूरा लंड डाल दिया. मैं उसके लंड को लेमनचूस की तरह चूसने लगी.

नारंग और वर्मा ने मेरे बोबे मसलने और चूसने चालू कर दिए.

वर्मा ने मेरी दायीं तरफ़ आ कर मेरे हाथ में अपना मोटा लंड पकड़ा दिया. जिसे मैंने आगे पीछे करना चालू कर दिया.

गुप्ता पलंग के नीचे बैठ कर मेरी चूत को चाटने लगा. मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था.

मेरे चारों तरफ़ अलग अलग तरह के लंड थे. मैं किसी भी लंड को हाथ में लेकर खेलने लगती. मेरे मुंह में भी अलग अलग साइज़ के लंड डाले जा रहे थे और मैं सभी लंड बड़े प्यार से चाट और चूस रही थी. तभी उनमे में से किसी ने मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी. खुशी के मारे मेरे मुंह से चीख निकल गई.

मैं जोर से चिल्लाई ‘वैरी गुड… ऐसे ही चूसो मादरचोदों चाटो मेरी चूत को…’. मैं पूरे नशे में थी और उछाल उछाल कर चूत चुसवा रही थी.

ठाकर ने मेरे मुंह में लंड डालकर मुंह की ही चुदाई शुरू कर दी. दो लोग मेरे हाथ में लंड पकड़ा कर मुठ मरवा रहे थे. एक जन अभी खाली था इसलिए मैंने कहा- मेरे यारो… अभी तो एक छेद बाकी है उसमे भी तो कुछ डालो!

मेरी बात सुनते ही वर्मा ने सब को रोक कर कहा कि रुको पहले आसन लगा लेते हैं. सब ने अपनी अपनी पोसिशन ले ली.

नीचे वर्मा सीधा लेट गया और मुझसे कहा- आओ भाभीजान मेरे ऊपर आओ मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड डाल कर मज़ा देता हूँ.

मैं तुंरत अपनी गांड चौड़ी करके उसके लंड पर बैठ गई. वर्मा का लंड मेरे पति के लंड से ज्यादा मोटा नहीं था इसलिए आराम से मेरी गांड में चला गया.

दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि मेरे पति भी काफी माहिर चुद्दकड़ हैं और मुझे बहुत मज़ेदार ढंग से चोदते हैं लेकिन मेरी प्यास उतनी ही बढ़ जाती है जितना मैं चुदवाती हूँ. यही कारण है कि आज मैं अपने पति के पाँच दोस्तों से एक साथ चुदवाने को तैयार हूँ.

हाँ तो दोस्तों वर्मा का लंड मैंने अपनी गांड में डाल लिया और सीधी होकर अपनी चूत ऊपर की तरफ करते हुए बोली ‘ चलो कौन मेरी चूत का बाजा बजाना चाहता है वो आगे आ जाए.’

नारंग जिसका लंड थोडी देर मैंने मुंह में डाल कर चूसा था वो मेरे ऊपर आ गया और निशाना लगाते हुए बोला ‘मेरी जान सबसे पहले मेरा स्वाद चखो.’

गुप्ता भी मेरे सर कि तरफ़ आते हुए बोला ‘मेरी प्यारी भाभी मुझे अपने मुंह में डालने दो प्लीज़.’

अब शर्मा और ठाकर बच गए थे, मैंने उनसे कहा कि आओ मेरे यारो, अभी तो मेरे दोनों हाथ खाली हैं.

इस तरह पोसिशन लेने के बाद घमासान चुदाई चालू हो गई. मेरी गांड और चूत में एक साथ लंड अन्दर बाहर हो रहे थे. मुझे जम कर मज़ा आ रहा था.
मैं बीच बीच में अपने मुंह से लंड निकाल कर सिस्कारियाँ लेने लगी ‘आआ… और जोर से… चोद… ओऊऊ… फाड़ डालोऊऊओ… मेरी चूत… बहनचोदों एक भी छेद मत छोड़ना… सब जगह डाल दोऊऊओ… फाड़ डाल मेरी गांड… वर्मा…के बच्चे… और जोर से नारंग… अन्दर तक डाल अपना हथियार…यार… आर आर अअअ आ आ आ…मज़ा आ गया.’

काफी देर तक पोसिशन बदल बदल कर ये चुदाई का कार्यक्रम चलता रहा. कभी किसी ने मेरे मुंह में लंड डाला कभी किसी ने. अलग अलग लंडों का स्वाद मेरे मुंह में आता रहा. करीब एक घंटे तक चले इस खेल में मैं पॉँच बार झड़ चुकी थी. अब मेरी चुदाई की आग शांत होने लगी थी.

मैंने उन सबसे कहा- मेरे यारों… एक बात ध्यान रखना कोई भी अपना पानी इधर उधर नहीं डालेगा…सबको मेरे मुंह में ही अपना पानी डालना है… मैं बहुत प्यासी हूँ…मेरी प्यास तुम्हारे पानी से ही बुझेगी. कम से कम पचास ग्राम पानी पिलाना मुझे.’

वो सब लोग भी अब अपनी मंजिल पर पहुँच चुके थे.

गुप्ता ने कहा- चल भोसड़ी की अब नीचे लेट जा और पानी पी… आज नहला देंगे तुझे मेरी जान.

मैं पलंग पर सीधी लेट गई और उन पांचों ने मेरे मुंह के चारों तरफ़ घेरा डाल लिया. मैंने एक एक करके सबके लंड को मुंह में ले कर पानी निगलना चालू कर दिया.
मेरा पूरा मुंह और गला लिसलिसे वीर्य से भर गया. सबका मिलाजुला स्वाद मुझे कॉकटेल का मज़ा दे रहा था और मैं स्वाद ले ले कर उन सबका पानी पीती चली गई और सबके लंडों को चाट चाट कर साफ़ कर दिया.
मेरी बरसों की तम्न्ना आज पूरी हो गई थी.

दोस्तों मेरी चुदाई के और भी मज़ेदार किस्से मैं आप को बताऊंगी पहले आप मुझे जरूर बताएं कि ये किस्सा आप को कैसा लगा.Antarvasna

नमस्ते फ्रेंड्स, मेरी एक रीडर है मनीषा वह मेरी स्टोरी पड़ती है वह सेक्स स्टोरी पढ़ने का शौक रखती है उसने अपना एक रियल एक्सपीरियंस लिखकर मुझे भेजा था। जो मैं उसी के शब्दों में आपके सामने पेश कर रही हूं। हाय फ्रैंड्स मेरा नाम मनीषा है मेरी उम्र 29 साल हैं और मैं अभी अपने हस्बैंड के साथ बेंगलुरु में रहती हूं। मेरे हस्बैंड यहां पर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनकी उम्र 31 साल है। मेरा फिगर 34-32-38 हैं। मेरी शादी को 6 साल हो गए हैं और मेरी सेक्स लाइफ ठीक-ठाक ही है मेरे हस्बैंड सप्ताह में मुश्किल से दो-तीन बार मेरे साथ चुदाई करते हैं। उनका टाइम भी बहुत कम है 1 से 2 मिनट के अंदर ही उनका काम हो जाता है। बेंगलुरु में हम जहां पर रहते हैं वह जगह थोड़ी बाहर की तरफ है और वहां अभी नई-नई कालोनियां बन रही है इसलिए हमें सस्ते में वन बीएचके का मकान मिल गया। हसबैंड सुबह 10:00 बजे ऑफिस चले जाते हैं और रात में 7:00 बजे तक घर आते हैं मैं पूरा दिन घर में अकेली बोर होती रहती थी। इसलिए अपनी सहेलियों से बात करती। वह सब भी दिन में फ्री होती थी इसलिए बात करती थी। उनमें से लगभग सभी बताते कि उनकी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी चल रही है और उनके पति रोज उनके साथ चुदाई करते हैं। मेरे से पूछती तो मैं उनको झूठ ही बताती की हम भी लगभग रोज दो बार करते हैं। उनसे बातें करते हुए मैं गर्म हो जाती थी लेकिन मेरे पास कोई साधन नहीं था कि मैं अपनी सेक्स डिजायर को शांत कर सकूं। बहुत बार मैंने मेरे हस्बैंड को भी कहा कि उनका सेक्स टाइम बहुत कम है कुछ करो तो वह बोले कि क्या करूं यार मैं भी चाहता हूं कि मेरा सेक्स टाइम बढ़ जाए लेकिन कोई ऑप्शन नहीं है। फिर मैं ज्यादा कहना बंद कर दिया। मेरे हस्बैंड मेरी सारी जरूर का बहुत ध्यान रखते थे मेरे से बहुत प्यार भी करते हैं बस उनकी एक ही कमी है कि वह सेक्स करने में थोड़े कमजोर है। मेरे हसबैंड को पॉर्न वीडियो देखना और सेक्स स्टोरी पढ़ने बहुत पसंद है मैं भी उनके साथ ही कभी-कभी सेक्स स्टोरी पढ़ने शुरू किया था। कई बार मेरे हस्बैंड लैपटॉप में पॉर्न वीडियो चला देते थे और मेरे साथ सेक्स करते थे। इससे मुझे भी सेक्स स्टोरी पढ़ने का शौक लग गया अब मैं दिन में बैठकर खाली टाइम में एक दो सेक्स स्टोरी पढ़ती थी और मुझे अच्छा लगता था। फिर मेरे हस्बैंड ने ऑनलाइन दो डिल्डो मंगवा दिए। वो अपने लन्ड से चुदाई के साथ डिल्डो से भी मेरी चुदाई करते ताकि मैं सेटिस्फाई हो जाऊं। वह रोज रात में मुझे पूरा नंगा करते और मसाज क्रीम से 1 घंटे तक मेरी अच्छे से मसाज करते हैं फिर मेरी चुदाई करते और फिर हम सो जाते। पॉर्न वीडियो देखते टाइम मैं मेरे पति को कई बार कहा कि वीडियो के अंदर इनका सेक्स टाइम इतना अच्छा कैसे होता है और इनका लंड भी इतना बड़ा है। तुम मेरे हस्बैंड मुझे छेड़ते ड़ते हुए कहते कि मनीषा तुझे भी बड़ा लंड चाहिए क्या। तू कई बार ऐसा कहते थे तो एक बार मैंने भी बोल दिया की हां मुझे भी बड़ा लंड चाहिए। मैं और मेरे हस्बैंड रोज सुबह-सुबह हमारे घर के पास बने एक पार्क में मॉर्निंग वॉक करने जाते थे पार्क थोड़ा दूर था तो हम लोग रोज नहीं जा पाए थे। मैं वहां पर टाइट योगा पैंट और टाइट टीशर्ट पहनकर मॉर्निंग वॉक और एक्सरसाइज करती थी। वहां बहुत से लड़के और आदमी मुझे घूरते हुए देखे थे। कुछ लोग बात भी करते थे काफी बार उन्होंने मेरे नंबर भी मांगे पर मैंने दिए नहीं। मैं पूरा दिन बोर होती थी तो फिर मैं मेरे हस्बैंड को कहा कि मुझे कोई जॉब कर लेनी चाहिए तो हस्बैंड बोला कि तुम जॉब करोगी मुझे अच्छा नहीं लगेगा। मैं बोली क्यों तो हस्बैंड बोल की मैं कर रहा हूं वह ठीक है ना तुम्हें जॉब करने की क्या जरूरत है। फिर मैंने कहा कि तो फिर मैं क्या करूं मैं पूरे दिन घर बोर होती हूं। हस्बैंड बोल कि तुम हायर स्टडीज करना शुरू कर दो। मैं बोली मेरे से नहीं होती पढ़ाई। हस्बैंड बोल तो फिर जब भी नहीं करनी। कुछ दिन ऐसे ही चला रहा फिर मेरे हस्बैंड बोल की मनीषा तुम सेंट्रल गवर्नमेंट में वैकेंसी आई है उसका फॉर्म भर लो उसके लिए मैं कोचिंग लगवा लूंगा दिन में तुम कोचिंग चली जाओगी तो तुम्हारा टाइम भी पास हो जाएगा मैंने एक भी दिन सोचा और फिर हस्बैंड को बोला कि ठीक है आप मेरा फॉर्म भर दो। फिर अगले दिन मैं और मेरे हस्बैंड उनकी बाइक पर बैठकर वैकेंसी का फॉर्म भरने चले गए हमने वैकेंसी का फॉर्म भर उसके बाद बेंगलुरु में ही एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में बात की उसी दिन फीस का पेमेंट कर दिया और फिर हम वहां से बुक्स मार्केट में कंपटीशन एग्जाम की किताबें लेने चले गए। हम लोग रात को 10:00 बजे घर आए। उसे दिन खाना भी हस्बैंड नहीं बनाया और फिर हम सो गए। अगले दिन से हसबैंड सुबह अपनी जॉब पर चले गए और मुझे भी 11:00 बजे कोचिंग निकलना था तो मैं भी घर से निकली और बस से कोचिंग सेंटर चली गई घर से कोचिंग जाने में 40 मिनट लगे फिर 12:00 बजे से क्लास थी शाम को 4:00 बजे तक क्लासेस चलती रही फिर वहां से निकली और 5:00 बजे तक वापस घर पहुंची मैं पूरी थक चुकी थी घर आकर मैं सो गई। फिर वापस 8:00 बजे उठी और हस्बैंड आए तो मैं खाना बनाया और फिर हम लोगों ने खाना खाया। हस्बैंड ने पूछा कोचिंग कैसी है मैंने कहा ठीक है। इस तरह धीरे-धीरे यह मेरा रोज का शेड्यूल बन गया। वह कोचिंग में हमारे बैच में 70-80 लोग थे। ज्यादातर पहले से ही कहीं नौकरी कर रहे थे और इस बड़े पद के लिए कोचिंग ले रहे थे वहां 2:00 बजे 20 मिनट का फ्री टाइम होता था जब हम लोग केंटीन में चाय कॉफी पिया करते थे। कुछ दिन बाद कोचिंग के काफी लड़के और लड़कियों से मेरी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई। वहां पर बहुत से लड़के मुझे लाइन मारते थे। पर मैं किसी को भाव नहीं दिया। महीने बर्बाद वहां कोचिंग में हमारे साथ एक लड़का था शिवम उसने मुझे कहा कि मनीषा तुम जहां से आती हो मैं भी वही रहता हूं तुम मेरे साथ आ जाया करो मैंने मना कर दिया। कोचिंग में मेरी फ्रेंड थी वैशाली जो मेरे साथ बैठती थी। उसने कई बार मेरे से कहा कि तू शिवम के साथ आ जाया कर मैंने मना कर दिया। कुछ दिन बाद मुझे पता चला कि वैशाली और कोचिंग में तैयारी कर रहे विकास का अफेयर चल रहा है। मुझे बड़ा अजीब लगा मैंने वैशाली से इस बारे में बात की मैंने बोला कि वैशाली तु शादीशुदा है फिर भी तेरा अफेयर है। तो वैशाली बोली की देख मनीषा तू मेरी फ्रेंड है मैं तेरे से कुछ भी नहीं छुपाऊंगी। वैशाली बोली मैं शादीशुदा हूं लेकिन मेरी बहुत सारी ज़रूरतें है जिसे मेरा हस्बैंड पूरी नहीं कर पाता। मैंने कहा तेरा पति तो गवर्नमेंट जॉब में है फिर तुझे क्या दिक्कत है तो वैशाली बोली की गवर्नमेंट जॉब में है लेकिन वह मुझे पैसे तो दे सकता है लेकिन मुझे अच्छी सेक्स लाइफ नहीं दे सकता। उसका 4 इंच का लंड मुझे पूरा मजा नहीं दे पता है। फिर उसने जो बताया उसके बाद में उसे कुछ भी नहीं पूछ पाई। वैशाली ने बताया कि विकास और वह इस सप्ताह में तीन-चार बार चुदाई करते हैं। विकास का लंड 6 इंच लंबा हैं। वो दो तीन राउंड चुदाई करता हैं। फिर मैं और वैशाली भी आपस में पर्सनल बातें करते थे मैंने भी मेरी सारी सिचुएशन बता दी कि मेरी सेक्स लाइफ अच्छी नहीं है तो वैशाली बोली की कोचिंग में इतने सारे लड़के हैं तू किसी को सेट कर ले तुझे तो इतने लोग लाइन मार रहे हैं। मैंने कहा यार अच्छा नहीं है यह। वैशाली बोली कि तेरी मर्जी है मनीषा तेरे पास ऑप्शन है कि तू एंजॉय कर सकती है फिर भी अगर तू तड़पना चाहती है तो तड़पती रहे दुनिया में किसको तेरी चिंता है। फिर मैं भी सोचने लगी कि यार जब मेरी सेक्स लाइफ इतनी डिस्टर्ब है मैं एंजॉय नहीं कर पा रही हूं तो क्या मतलब। कुछ दिन बाद शिवम ने वापस मुझे कहा कि मनीषा तुम मेरे साथ आ जाया करो तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ आ जाऊंगी तो उसे दिन वह बोला कि तो आज शाम को तुम मेरे साथ चलोगी मैंने कहा ठीक है अच्छा मैं तेरे साथ चलूंगी। उसे दिन शाम को शिवम ने मुझे हमारे घर के आगे छोड़ दिया। उसने बताया कि वह हमारे घर से 3 किलोमीटर आगे रहता है और रोजाना अपनी बाइक से कोचिंग जाता है। वह कहीं नौकरी करता था और इस वैकेंसी के लिए उसने छुट्टी ली थी और तैयारी कर रहा था। उसकी उम्र 30 साल थी और वह अभी तक कुंवारा था। फिर जब हम लोग साथ में आने जाने लगे तो हमारे बीच कुछ नजदीकियां भी बढ़ने लगी। शाम को जब शिवम मुझे घर छोड़ना तो मैं उसे अंदर बुला लेती और हम लोग साथ में चाय पीते हैं कॉफी पीते और थोड़ी बातचीत के बाद वह अपने घर निकल जाता। शिवम अब मुझे सप्ताह में एकाद बार गिफ्ट भी देने लगा था। मैंने पहले मना किया कि मैं शादीशुदा हूं यह अच्छा नहीं लगता मुझे तो शिवम बोला कि मनीषा में जानता हूं तू शादीशुदा है मेरी भी सगाई हो चुकी है लेकिन मैं बस एक अच्छे फ्रेंड की तरह रहना चाहता हूं। अब वह मुझे किसी न किसी बहाने से टच भी करता था। अब जब हम बाइक पर आते जाते थे तो वह कई बार मेरी टांगों पर बात करते हुए हाथ फेर लेता था। एक दो बार मैंने मना किया पर वह वापस करता था। जब वह मुझे घर छोड़ना और घर के अंदर से चाय पीने के बाद निकलता तो कभी हाथ मिला था कभी मुझे गले लगा कर निकलता था। मैं समझ गई थी कि उसके मन में क्या चल रहा है। एक दिन मैंने मेरे हस्बैंड को यह सब बताया कि मैं शिवम के साथ कोचिंग आती जाती हूं और वह हमारे घर भी आने लगा है चाय कॉफी पीने तो मेरे हस्बैंड बोल की कोई बात नहीं मनीषा तुम्हें बस से आने-जाने में परेशानी होती है तो तुम उसके साथ आया जाया करो और तुम उसे आधे पैसे दे देना ताकि उसे ठीक लगे। मैं बोली ठीक है। मेरे हस्बैंड रोज रात में मेरी 1 घंटे तक मसाज क्रीम से मालिश करते हैं और उसे टाइम वह पॉर्न वीडियो चला देते हैं जिसमें अलग-अलग क्रांतिकारी की वीडियो होती है एक दिन उन्होंने एक पॉर्न वीडियो लगाया जिसमें एक कला अफ्रीकन नीग्रो एक अंग्रेज लड़की की मसाज कर रहा था और उसके बाद उसे कल अफ्रीकन नीग्रो ने उसे लड़की के साथ चुदाई कि। मनी मनी हस्बैंड को कहा कि यह कितनी अच्छी तरीके से चुदाई कर रहा हैं। मेरे हस्बैंड बोल मनीषा रानी तुझे भी करवानी है क्या तुम्हें बोली की हां करवानी है तुम करो ना कुछ अरेंजमेंट तुम्हारे हस्बैंड बोल कि मैं तेरे लिए अरेंजमेंट करता हूं कि एक बड़े लंड वाला अफ्रीकन नीग्रो आए और तुझे चोदे। उसे रात चुदाई के बाद हम सो गए। अगले दिन जब मैं शिवम के साथ कोचिंग जा रही थी तो शिवम मुझे बार-बार टच कर रहा था कोचिंग के बाद जब हम वापस घर आए और हम लोगों ने साथ में चाय पी उसके बाद जब वह निकल रहा था तो उसने मुझे हग कर लिया मैं बोली शिवम क्या कर रहे हो तो बोल कुछ नहीं मनीषा बस ऐसे ही अच्छा लगा फिर उसने मुझे एक बहुत महंगा गिफ्ट दिया मैंने खोला और मैं बोली की शिवम यह तुम तुम्हारी वाइफ को देना मैं इतना महंगा गिफ्ट नहीं ले सकती है तो शिवम बोला कि मनीषा मैं तेरे लिए लेकर आया हूं तू इसे रख ले। फिर उसने निकलने से पहले मुझे पड़ा और जबरदस्ती मेरे गालों पर दो-तीन किस कर दिए पहले तो मैं दूर हटाने की कोशिश की लेकिन फिर मुझे भी अच्छा लगा। उसके बाद वह रोज शाम को मुझे घर छोड़ना और शाम को निकालने से पहले मुझे किस करता था। दो-तीन दिन बाद संडे था और शिवम बोला कि मनीषा तुम कल फ्री हो तो हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा कि नहीं शिवम कल मेरे हस्बैंड की छुट्टी है वह भी घर पर रहेंगे मैं नहीं चल पाऊंगी शिवम बोला ठीक है। उसके बाद सोमवार को शिवम सुबह मुझे लेने आया और बोला कि मनीष आज तुम अगर चलो तो हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा फिर कोचिंग तो बोला कि आज वैसे भी कुछ खास नहीं है हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा ठीक है फिर मैं मेरे हस्बैंड को फोन किया और बोला कि आज कोचिंग में कुछ खास नहीं है तो मैं घूमने चली जाऊंगी हस्बैंड बोल ठीक है तुम चली जाओ। मैं और शिवम पहले मूवी देखने चले गए जब हम मूवी देख रहे थे तब शिवम मेरा हाथ पकड़ कर बैठा था और रह रह कर दबा रहा था। मूवी देखने के बाद हम लोग एक रेस्टोरेंट में चले गए और वहां पर खाना खाने के बाद हम लोग पार्क में गए वहां पर बैठ गए, पार्क में शिवम ने अपना हाथ मेरी कमर पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच लिया मैंने छुड़ाने की कोशिश की लेकिन वह बोला कि रहने दो ना मनीषा और कुछ देर बाद वहां से हम लोग निकल गए। उस दिन वह कुछ ज्यादा ही क्लोज हो रहा था। वहां से हम लोग घर आ गए मैं किचन में चाय बनाने लगी शिवम वहीं पर आ गया और उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया मैं बोली छोड़ो शिवम मुझे अच्छा नहीं लग रहा तो शिवम बोला कि मुझे तुम्हें कुछ गिफ्ट देना है मैं बोली पिछले सप्ताह ही तो तूने दिया था अब किस लिए तो शिवम बोला कि आज तुम मेरे साथ घूमने चली थी इसलिए मैं तुम्हें गिफ्ट देना चाहता हूं मैं बोली तुम तुम्हारी वाइफ को गिफ्ट दो तुम्हारी सगाई हो चुकी है तुम्हारी लाइफ अच्छी रहेगी तो शिवम बोल की वाइफ को तो देता ही हूं तुम भी तो मेरी फ्रेंड हो। फिर उसने एक और महंगा गिफ्ट अपने बैग में से निकाला और मुझे दिया। मैं देख कर हैरान रह गई कोई लड़का 10 दिन के अंदर ही दो बार इतने महंगे महंगे गिफ्ट कैसे दे सकता है। मैं इसका मतलब तो समझ ही रही थी। मैंने वहीं पर गिफ्ट रख दिया और चाय कप में डाल रही थी तभी शिवम ने वापस मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे कंधे पर किस करने लगा मैं बोली छोड़ो शिवम चाय गिर जाएगी तब शिवम ने मुझे छोड़ दिया और फिर मैं और शिवम वापस सोफे पर बैठ गए और चाय पीने लगे। चाय पीने के बाद शिवम मेरे पास आ गया और उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और उसने मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिए। वह मुझे किस करने लगा। पहले तो मैं दूर हटाने की कोशिश की लेकिन उसने थोड़ा जबरदस्ती से किस करना शुरू कर दिया फिर मुझे भी अच्छा लगने लगा। वह दो-तीन मिनट तक मेरे होठों पर किस करता रहा। फिर हम दोनों अलग हो गए फिर और उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे भी उठा लिया फिर उसने मुझे गले से लगा लिया और मेरे कंधे और मेरी गर्दन पर किस करने लगा किस करते हुए वह मेरी बड़ी बड़ी गांड को दबा रहा था। तीन-चार मिनट तक वह ऐसा करता रहा फिर बोला कि मनीषा बेडरूम में चलते हैं फिर मैं उसके साथ बेडरूम में आ गई। बेडरूम में आते ही वह मेरे ऊपर टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर सुला दिया और किस करने लगा थोड़ी देर बाद हो मेरी जींस खोलने लगा तो मैंने कहा आज नहीं शिवम कल करते हैं उसने कहा ठीक है मनीषा हम कल करेंगे। चला गया उस दिन मेरी चुत पानी छोड़ चुकी थी। रात में हस्बैंड ने मुझे पूरा नंगा करके मेरी मसाज की और फिर चुदाई की। अगले दिन सुबह में उठी और हस्बैंड के ऑफिस जाने के बाद मैं मेरी पूरी बॉडी की वैक्सिंग की और तैयार हो गई। मैं लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था। मेरे बाल खुले थे। 12.30 बजे शिवम का कॉल आया कि मनीषा में बाहर खड़ा हूं फिर मैं गेट खोल वह अंदर आ गया। अंदर आते ही उसने मुझे गले लगाया और मेरे होठों पर किस कर दिया। फिर उसने मुझे बुके दिया, फिर हम लोग सोफे पर बैठकर बातचीत करने लगे। फिर मैं किचन में गई और काफी बनाकर लाई। शिवम ने वापस एक गिफ्ट मुझे दिया मैंने बोला कल ही तो महंगा गिफ्ट दिया है वह बोल कोई नहीं आज स्पेशल दिन है तो मैंने गिफ्ट खोल बहुत महंगा था। नमन में सोच रही थी कि कोई आदमी सेक्स के लिए गोल्ड के इतने महंगे गिफ्ट भी दे सकता है। फिर मैंने गिफ्ट रख दिया और हम लोग बैठ कर बातें करने लगे फिर शिवम ने मुझे अपने पास खींच लिया और मेरे होठों पर किस करने लगा। 2-3 मिनट तक मुझे लिप किस करता रहा। फिर वह उठा और उसने मुझे भी खड़ा कर लिया अब मुझे गले लगा कर मेरी गर्दन और मेरे कंधों पर किस कर रहा था और मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को दबा रहा था। 5 6 मिनट तक इस तरह करने के बाद शिवम बोला कि मनीषा बेडरूम में चलते हैं मैंने कहा ठीक है फिर मैं और शिवम बेडरूम में चले गए। मुझे मन में डर लग रहा था कि कहीं हस्बैंड आ गए तो प्रॉब्लम हो जाएगी तो मैं मेरे हस्बैंड को फोन किया और पूछा कि क्या कर रहे हो तो हस्बैंड बोल की कुछ नहीं ऑफिस का काम कर रहा हूं तो मैंने कहा कि घर कब तक आओगे तो हस्बैंड बोला कि वही रोज के टाइम पर 7:30 बजे तक। तो मैं ऐसे ही कहा कि ऑफिस से निकले तब मुझे फोन करना मैं सिटी के मार्केट में ही अपनी फ्रेंड के साथ शॉपिंग करने आई हूं मुझे साथ लेकर घर चलना हस्बैंड बोले ठीक है। फिर मुझे थोड़ा विश्वास हो गया कि आज शाम को 7:30 बजे तक कोई नहीं आएगा। मेरा थोड़ा डर भी दूर हो गया। अब मैं वापस बाहर गई और हमारे घर के सारे दरवाजे चेक किया कि कहीं खुला तो नहीं रह गया है फिर मैं पर्दे वगैरा लगाएं और बेडरूम में आ गई मैं जैसे ही अंदर आई शिवम ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे होठों पर हाथ रखकर मुझे लिप किस करने लगा। वह मुझे लिप किस करते हुए मेरे चूतड़ों को दबा रहा था। तीन-चार मिनट तक हुआ ऐसा करता रहा फिर उसने अपनी शर्ट और जींस उतार दी। अब वो मेरे सामने अंडरवियर में खड़ा था। अब मेरे पीछे आ गया और मेरे कंधे पर किस करते हुए मेरे बूब्स दबाने लगा वह अपने दोनों हाथों में मेरे दोनों बूब्स को पकड़ कर दबा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं गर्म हो गई थी। फिर शिवम में मेरा टॉप और मेरी लॉन्ग स्कर्ट उतार दी। मैंने लाल कलर की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी मेरे गोरे चिकने बदन पर लाल कलर की ब्रा पैंटी बहुत सेक्सी लग रही थी शिवम ने मुझे इस तरह देखा तो बोला कि मनीषा तुम बहुत ज्यादा होता और सेक्सी लग रही हो जानू। फिर वह मेरे पास आया और मुझे वापस गले लगा कर किस करने लगा वह मेरी पीठ पर हाथ पैर रहा था मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को दबा रहा था। फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी और खुद पलंग पर बैठ गया मैं उसके सामने खड़ी थी और वह मेरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। वह दोनों हाथों से मेरे बूब्स को सहलाते हुए अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। वह मेरे बड़े-बड़े निप्पल को अपनी जीभ से सला रहा था इस कारण मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी। वह भारी-बड़ी से मेरे दोनों बूब्स अपने मुंह में भरकर चूस रहा था। मैं उसका सिर अपने बूब्स पैर दबा रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर वह उठा और उसने अपनी बनियान और अपना अंडरवियर उतार दिया। मैं उसके 8 इंच लंबे और 2.5 इंच चौड़ाई की नाप के लंड को देखकर चौंक गई। मैंने आज से पहले इतना बड़ा लंड सिर्फ पॉर्न मूवी में ही देखा था। शिवम ने मेरी पेंटिं भी उतार दी और मुझे पुरा नंगा कर दिया। वापस उसने मुझे अपने करीब खींच लिया और मुझे लिप किस करने लगा वह मेरी चुत पर हाथ फेर रहा था। फिर उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया और मेरी दोनों टांगों को चौड़ा कर दिया अब वह मेरी चुत को अपनी जीभ से सहलाने लगा। एक दो मिनट के बाद वह अपना पूरा मुंह मेरी चुत पर लगाकर मेरी चुत को चाटने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था मेरी चुत एक बार पानी छोड़ चुकी थी शिवम ने मेरी चुत का सारा रस पी लिया। वह अपनी जीभ मेरी चुत के अंदर तक डालकर घूमा रहा था मुझे तब बहुत ज्यादा मजा आने लगा था वह मेरी चूत चाटते हुए मेरे दोनों बड़े-बड़े बूब्स को भी दबा रहा था वह करीब 10 मिनट तक मेरी चूत चाटता रहा इस दौरान एक बार और मेरी चूत गीली हो गई शिवम ने मेरी चूत का सारा पानी पी लिया फिर वह खड़ा हुआ और मुझे भी बैठा दिया और वह अपना 8 इंच लंबा और ढाई इंच चौड़ा लंड मेरे मुंह में डालने लगा मैं बहुत गर्म हो गई थी तो मैं उसके लंड को अपने हाथों से सहलाया और अपने मुंह में लेकर चूसने लगी मैं उसके लंड के टॉपे पर अपनी जीभ फेर रही थी उसका लंड बहुत लंबा था और मोटा भी मेरा पूरा मुंह भर गया था। मैं 5 मिनट तक उसका लंड चूसती रही। फिर शिवम पलंग पर लेट गया और मुझे बोला कि मनीषा तुम मेरे मुंह पर अपनी चूत रखो हम 69 की पोजीशन में एंजॉय करेंगे फिर मैं शिवम के मुंह पर अपनी चूत रखकर बैठ गई अब हम 69 की पोजीशन में थे शिवम मेरी चूत के अंदर तक जीभ डालकर चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी। 10 मिनट तक हम लोग 69 की पोजीशन में मजे लेते रहे। फिर मैं उठी और शिवम के पास लेट गई शिवम अब मेरे ऊपर आ गया उसने मेरी दोनों टांगों को चौड़ा किया और खुद मेरे चूत पर अपना लंड घूमाने लगा। वह दो-तीन मिनट तक ऐसा करता रहा मैं बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी तो मैंने कहा शिवम अब अंदर भी तो डाल दो वह बोला अभी करता हूं मनीषा रानी। फिर शिवम ने अपने लंड पर कंडोम लगाया और मेरी गली चूत में लंड डालने लगा उसका लंड एक दो इंच अंदर गया होगा कि मुझे दर्द होने लगा मैंने कहा शिवम बाहर निकलो मुझे दर्द हो रहा है वह बोल बस थोड़ा सा रुक जाओ मनीष सेट हो जाएगा फिर उसने करीब अपना आधा लंड मेरी चूत में डाल दिया मुझे बहुत तेज दर्द हुआ मैंने कहा शिवम बाहर निकालो तो शिवम ने वापस अपना लंड बाहर निकाल फिर थोड़ी देर रुक कर शिवम ने वापस अपने कंडोम पर और क्रीम लगाई उसने मेरी चूत पर भी क्रीम लगाई और अंदर डालने लगा अब उसने करीब अपना आधा लंड अंदर डाला होगा मुझे दर्द हो रहा था मैं बोली शिवम रुको वह थोड़ी देर रुका फिर उसने एक झटका मारा और अपना पूरा 8 इंच का लंड मेरी चूत में डाल दिया मुझे तेज दर्द हो रहा था मैं बोली शिवम बाहर निकाल दो फिर वह मेरे ऊपर आ गया और रुक कर मुझे होठों पर किस करने लगा उसने मुझे लिप किस करना शुरू किया और अपना लंड अंदर बाहर करने लगा मुझे तेज दर्द हो रहा था लेकिन एक-दो मिनट के बाद मेरा दर्द खत्म हो गया अब मुझे मजा आने लगा। अब शिवम ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मिशनरी पोजीशन में मेरी चुदाई करने लगा मैंने आज तक इतना बड़ा लंड सिर्फ पॉर्न मूवीज में देखा था इसलिए मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं बहुत एंजॉय कर रही थी। शिवम चुदाई करते हुए मेरे बूब्बस मेरे होंठों और मेरे कंधों पर किस भी कर रहा था। वह 7- 8 मिनट तक मिशनरी पोजीशन में चुदाई करता रहा। मैंने शिवम से पूछा कि तुम्हारा स्टैमिना बहुत अच्छा है शिवम तो वह बोला कि मनीषा रानी आज मैंने सेक्स टेबलेट भी ली हुई है। फिर शिवम ने मुझे खड़ा कर दिया और मेरी एक टांग पलंग पर रखती और अब शिवम आगे से मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे चोदने लगा। वह आगे से मेरी चूत में अपना लंड डाल रहा था और अपने दोनों हाथों से मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को मसल रहा था। तीन-चार मिनट तक लगातार तेज स्पीड से मेरी चुदाई करता रहा फिर वह बोला कि मनीषा मेरा स्पर्म निकलने वाला है और मैं चाहता हूं कि तुम इसे अपने मुंह में लो मैं बोली शिवम मुझे अच्छा नहीं लगता है मैं आज तक कभी किसी का स्पर्म अपने मुंह में नहीं लिया है तो वह बोला कि प्लीज मनीषा मना मत करो उसने ज्यादा रिक्वेस्ट की तो मैंने कहा ठीक है मैं मुंह में नहीं लूंगी तुम मेरे मुंह पर गिरा देना। फिर शिवम ने अपने लंड से कंडोम हटा लिया और मुझे बोला कि तू मुंह में लेकर आगे पीछे हो। ‌ मैंने उसका लंड मुंह में लिया अब शिवम मेरे सर को पकड़ कर अपना लंड अंदर बाहर करने लगा एक डेढ़ मिनट के बाद उसने अपना लंड मेरे मुंह से निकाला और बोला कि मनीषा अब निकल रहा है मैंने मेरी दोनों आंखें बंद कर ली फिर शिवम ने अपना पूरा स्पर्म मेरे चेहरे पर गिरा दिया उसका आधा कप की जितना स्पर्म मेरे चेहरे पर गिर गया फिर हमें बोली कि शिवम मुझे टॉवल दो तो शिवम ने मुझे टॉवल दिया मैंने उसका स्पर्म साफ किया। फिर मैं बोली कि शिवम मुझे फेस साफ करके आना पड़ेगा फिर मैं मेक्सी पहनी और बाथरूम में मुंह धोने चली गई। मैं बाथरुम से अपना मुंह धो कर वापस आई। शिवम बेडरूम में नंगा ही पलंग पर लेटा हुआ था मैं उसके पास आकर बैठ गई और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होठों पर किस करने लगा। शिवम लगातार मेरे साथ रोमांस कर रहा था इसका लैंड भी टाइट था मैं शिवम से बोला कि शिवम कुछ खाओगे तो शिवम बोला कि तुम दूध लेकर आ जाओ फिर मैं किचन में गई और हल्का दूध गर्म करके लेकर आई शिवम नंगा ही किचन में आ गया और वह फ्रिज से केले निकाल कर खाने लगा उसने चार-पांच केले खाए मैं भी दो-तीन केले खा फिर शिवम ने एक ग्लास दूध पिया मैं भी दूध पिया। फिर शिवम ने मेरी मैक्सी उतार दी। उसने मुझे घोड़ी बनाया और खुद फर्श पर नीचे बैठकर मेरी चूत चाटने लगा वह 5 मिनट तक मेरी चूत चाटता रहा फिर खुद पलंग पर बैठ गया और मुझे बोला मनीषा रानी मेरा लंड चूस तो मैं भी फर्श पर बैठकर शिवम का लंड अपने मुंह में लेकर चूसने और चाटने लगी। फिर शिवम ने मुझे पलंग पर डॉगी स्टाइल में किया और खुद फर्श पर खड़ा हो गया उसने अपने लैंड पर कंडोम लगाया और क्रीम लेकर अपनी उंगलियों से मेरी चूत के अंदर तक गहरी क्रीम लगाने के बाद उसने कंडोम पर भी क्रीम लगाई और अब वह डॉगी स्टाइल में अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा उसका लंड बड़ा था तो मुझे कुछ दिक्कत हो रही थी उसने धीरे-धीरे दो-तीन मिनट में अपना लंड अंदर बाहर करते हुए पूरा अंदर डाल दिया। कंडोम हटाकर उसे बाथरूम के बाहर वाले डस्टबिन में डालकर आ गया। फिर मैं भी पैंटी पहन ली और चाय कप में डाली और लेकर चली गई फिर मैं और शिवम ने एक साथ चाय पी और शिवम वहां से निकल गया तब तक 6:30 बज गए थे। शिवम के निकलने के बाद मैंने मेरे हस्बैंड को फोन किया और बोला कि आप सीधे घर आ जाना मैं जस्ट अभी घर पहुंच गई हूं वह बोले की शॉपिंग जल्दी खत्म हो गई तो मैंने कहा कि हां हमने सोचा कुछ सामान अगली बार ले लेंगे। फिर बेडरूम में जाकर लेट गई रात को 8:00 बजे के आसपास हस्बैंड आए और जैसा कि उनका रोज का रूटीन है वह मेरे से बोला कि मनीषा चलो मैं तुम्हारी मसाज कर देता हूं तुम्हें बोली कि नहीं आज मत करो आज थकान बहुत ज्यादा है आप कल कर लेना तो हस्बैंड बोल की क्या फर्क पड़ता है मसाज से तुम्हारी थकान उतर जाएगी तो मैंने कहा कि नहीं आज मेरा मन नहीं है तो हस्बैंड बोले ठीक है। मुझे डर लग रहा था कि कहीं हस्बैंड ने मुझे नंगा करके मसाज की तो मेरे चूतड़ों पर पड़े निशान और मेरी चूत की हालत देखकर समझ जाएंगे कि मैं किसी दूसरे से चुदवाया है। anubabita1@hotmail.com

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