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Massage Girl in Panchkula: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Panchkula who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Panchkula that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Panchkula massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Panchkula who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Panchkula massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Panchkula massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Panchkula who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Panchkula employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Panchkula helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Panchkula

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Panchkula at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

मेरा नाम सुरेश है। एक दिन घर में मैं, मेरा भाई और भाभी Antarvasna थे। मेरा रूम भाभी के बगल में है। रात में भाभी के कमरे से अजीब आवाज आ रही थी। मैंने वेंटीलेटर से देखा भाई और भाभी दोनो नंगे थे। भाई उनकी चूत चाट रहे थे। भाभी आंख बंद किये मजा ले रही थी। और आह ऊऊओहह्ह की आवाज निकाल रही थी। भाभी की चूची एक दम साफ़ नजर आ रही थी। एक दम कड़े थे। भाई चूत चाटने में मस्त थे। ये देख कर मेरा लंड तनता जा रहा था भाभी ने इशारे से कहा कि अब बरदाश्त नहीं हो रहा है। अब चोद दो लंड मेरी चूत में डाल दो, भाभी भरपूर जोश में थी। भाई जब हटे तब भाभी के चूत देखाई दी, एक भी बाल नहीं था, लाल लाल चूत पानी निकल रहा था। मैं जोश में भर गया था तभी भाई ने अपना लंड उनकी रसीली चूत में डाल दिया थोड़ी देर बाद में ही वो रुक गये। भाभी बोली बस हो गया भाई उनके ऊपर से हट गये और दूसरी तरफ़ सो गये मगर भाभी ने गुस्से में थी। अपनी ही उंगली को अपनी चूत में डाल रही थी। मुझे लगा कि भाभी अभी झड़ी नहीं है। तभी मेरा पैर फोटो से टकराया। भाभी ने मुझे देख लिया। भाभी साल लपेट कर मेरे कमरे के तरफ़ आ रही थी।

मैं झट से बेड पर आ कर लेट गया भाभी कमरे में मेरे पास आ कर खड़ी हो गयी। बरमूडा में मेरा लंड खड़ा था। उन्होंने मुझे चूमना शुरु किया वो इतने जोश में थी। मेरे सारे कपड़े निकाल दिये। मेरे लंड को चाटने लगी। भूखी शेरनी की तरह वो मुझपर टूट पड़ी। भाभी का साल हट गया था। सो उनकी चिकनी गांड साफ़ साफ़ देखाई दे रही थी। उनकी चूची अभी बहुत टाइट थी। मैंने कहा भाभी दरवाजा खुला है, कहीं भाई आ गये तो भाभी बोली आने दो मेरी प्यास अब तक नहीं बुझा पाये, मैं बहुत प्यासी हूं मेरी प्यास बुझा दो जो कहो मैं करूंगी। भाभी मेरा लंड चूस रही थी जैसे लोलीपोप। मैंने भाभी की चूत पर अपनी झीभ रख दी, वो मदहोश होती जा रही थी। भाभी की आंखों में अजीब सा नशा था। भाभी बोली अपने लंड से आज मेरी इतनी चुदाई करो इतनी चुदाई कि मेरी सालों की प्यास बुझ जाये। मैंने भाभी को लिटा कर कहा भाभी अब आप सिर्फ़ आंख बंद कर के मजे लो। भाभी की चूत एक दम लाल थी। मैंने अपना मोटा लंड भाभी की चूत पर रख दिया और अन्दर डालने लगा। भाभी ने अपने होठों को दातों से दबा रखे थे। उनको बहुत मजा आ रहा था। भाभी की चूत इतनी गरम थी कि मेरा लंड अन्दर गर्मी पा कर और भी मोटा हो गया था। अब मैंने पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया और धक्का मारने लगा भाभी अपनी कमर ऊपर उठा रही थी, मेरा साथ दे रही थी, लगभग ४० मिनट तक भाभी को चोदता रहा भाभी ने मुझे कस के पकड़ लिया और बोली मेरा माल बाहर आने वाला है, मैं धक्का मार ही रहा था मैंने सोचा कि भाभी झड़नेवाली है। मैं भी साथ में झड़ जाऔं मगर वो बोली बस करो वो हाफ़ रही थी। मैंने कहा मैं अभी नहीं झड़ा हूं तो जल्दी करो मैंने स्पीड बढ़ा दी और थोड़ी देर बाद मेरे लंड का रस भी भाभी के चूत में गिर रहा था मुझे बहुत मजा आया। थोड़ी देर तक हम दोनो ऐसे ही पड़े रहे फिर दोनो अलग अलग हुये। जैसे भाभी की चूत से मैंने अपना लंड निकाला ढेर सारा वीर्य भाभी की चूत से निकलने लगा, चूत से सफ़ेद सफ़ेद रस बाहर निकलते पहली बार देख रहा था। मैं और भाभी थक गये थे। वो उठी और मुझे चूम लिया फिर मेरे लंड को चूम कर बोली थैंक्स प्लीज़ अमित, ऐसे ही मुझे चोदते रहना, तुम जो बोलोगे मैं वो करूंगी। मैने कहा ठीक है फिर भाभी को मैंने नये तरीके से चोदा। वो बाद में बताऊंगा Antarvasna

मैं मुम्बई में रहता हूँ। मेरा नाम मोहन है, उमर 20 साल। Antarvasna

मेरे पापा आस्ट्रेलिया में कस्टम ओफ़िसर Antarvasna हैं और मम्मी स्कूल में अध्यापिका हैं। हमारे यहाँ एक नौकरानी है सुरुति नाम की, उसकी उमर बीस साल और रंग साँवला नयन नक्श एकदम अमिशा पटेल की तरह हैं। उसके बूब्स बड़े बड़े और उसकी गाण्ड बाहर को उठी है।

मैं उसको चोदने का ख्वाब बहुत पहले से देखता था। मेरा यह सपना तब पूरा हुआ जब मेरी मम्मी आस्ट्रेलिया मेरे पापा के पास गई।

उस दिन मैं घर में था। सुबह सुरुति आई तो मैंने दरवाज़ा खोल दिया। वो अपने काम करने लगी। मैं तभी अपने बेडरूम में जाकर एकदम नंगा हो गया।

उसको चोदने का ख्याल आते ही मेरा लण्ड एकदम खड़ा हो गया। मेरे लण्ड का आकार दस इन्च लम्बा और तीन इन्च मोटा है। मैं रात में ही वियाग्रा की गोली लाया था, मैंने उसको खा लिया।

फ़िर मैंने सुरुति को आवाज़ दी। वो जब मेरे बेडरूम में आई तो हैरान रह गई। वो मुझे नंगा देख कर हँस कर रसोई में भाग गई। मैं उसके पीछे गया। जैसे ही मैं रसोई में गया तो वो मुझसे बोली- तुम्हारा इरादा क्या है?

मैं बोला- सुरुति रानी ! मुझे तेरी चूत को चोदना है !

यह सुनते ही वो मेरी तरफ़ आई और बोली- इतना कहने में इतने दिन लगा दिए।

मैं उसको गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया। वहाँ मैंने उसे नंगा कर दिया। उसके बूब एकदम गुलाबी और रसीले थे।

मैं झट से उसके बूब अपने मुँह में ले कर चूसने लगा और एक को अपने हाथ से मसलने लगा। वो आह आह कर रही थी।

मैंने दस मिनट तक उसके स्तनों को चूस चूस कर और मसल मसल कर लाल कर दिया।

तभी मुझे अपने लण्ड पर कुछ गीला लगा। मैंने देखा तो उसकी चूत से पानी निकल रहा था। उसकी चूत पर झाँट के बाल थे पर थोड़े ही।

मैं उसकी चूत में मुँह डाल के चाटने लगा। उसकी चूत का दाना (क्लिट) को अपनी जीभ से चाटने लगा तो वो जोर से चिल्लाने लगी और तड़पने लगी।

मैंने अपनी एक उँगली उसकी चूत में डाल दी। उसकी चूत एकदम कसी थी। जैसे ही मैं उँगली अन्दर बाहर कर रहा था, तभी उसका पानी निकल गया। मैंने सारा पानी चाट लिया और फ़िर उठ गया।

उसकी गाण्ड के नीचे मैंने दो तकिये रख दिए और उसको अपना लण्ड दिखा के कहा- देख ! आज इससे तेरी चूत को चोदूंगा। तूने कभी चुदाई है?

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने कहा- तुझे दर्द होगा ! सहन करना, फ़िर बहुत मज़ा आएगा।

यह कह कर मैं अपने लण्ड का टोपा उसकी चूत में डालने लगा। वो बहुत ही टाईट थी। जैसे ही मैंने एक धक्का लगाया, वो जोर जोर से रोने लगी।

मैंने एक और धक्का लगाया तो वो चिल्लाने लगी और कहने लगी कि छोड़ दो मुझे नहीं चुदवानी !

मैं एक और धक्का लगाने लगा तो मुझे लगा कोई चीज़ मेरे लण्ड को उसकी चूत में रोक रही है, मैं समझ गया कि यह उसकी सील है।

मैंने दोनो हाथों से उसके कंधों को पकड़ा और एक जोरदार धक्का लगाया, मेरा लण्ड उसकी चूत की सील फ़ाड़ते हुए चार इन्च अन्दर चला गया।

उसकी चूत से खून आने लगा और पानी भी। मैं रुक गया। वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी और रो रही थी। मैंने उसके चूचों को मसलना चालू किया। दस मिनट बाद वो शान्त हो गई।

मैं फ़िर धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। जब मुझे लगा कि उसको मज़ा आ रहा है तभी मैंने एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरा लण्ड उसकी चूत में पूरी गहराई तक चला गया और वो फ़िर जोर से चिल्लाई और मुझे पकड़ लिया और आहें भरने लगी।

फ़िर मैं उसे रोज़ चोदने लगा। Antarvasna

Hindi Porn Stories

यह एक ऐसी कहानी है जिसने मेरी दिमाग Hindi Porn Stories की खिड़कियाँ खोल के सेक्स की बहुत सी बारीकियाँ सिखा दी.

मैं रायपुर का रहने वाला हूँ मेरा नाम राहुल गुप्ता है. मेरी लम्बाई ६ फुट और कमर का नाप उस समय २८ इंच था जब की ये कहानी है. दिखने में ऊपर वाले की मेहरबानी से लड़कियों की नज़र चिपकाने लायक चेहरा और बदन है. जवानी की दहलीज़ पे कदम चढ़ने के बाद, लगभग २० साल की उम्र रही होगी।

मैंने लण्ड की सार संभाल ठीक से करने के लिए नहाते समय लण्ड की मालिश सरसों के तेल से करनी शुरू कर दी. तेल बहुत तेज लगता था लेकिन थोडी देर सहन कर लेता था. लेकिन इसका नुकसान ये हुआ कि लण्ड का सुपाडा थोड़ा लाल हो गया और थोड़ा दर्द होने लग गया. ये देख के मुझे थोडी घबराहट हुई. मैंने अपने सर्किल में पूछताछ कि तो किसी ने मुझे बताया कि पास की कालोनी में हमारे घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बड़े अस्पताल के स्किन रोग विशेषज्ञ रहते है उनको दिखा दू, अच्छे डॉक्टर है. शाम को ५ से ७ बजे तक देखते हैं

एक दिन शाम डॉक्टर साब से मिलने गया, बेल बजाई, थोड़ा इंतजार के बाद दरवाजा एक लेडी ने खोला, लेडी कहना तो उनकी शान में गुस्ताखी होगी, वो तो क़यामत थी. ३१ इंच कमर, ३८ साइज़ के मम्मे, ५ फुट ७ इंच कद, २५ – २६ साल उम्र, फार्मी गेहूं जैसा रंग, चेहरा ऐसा की मेरी नज़र उनके चेहरे पर से हटने का नाम नही ले रही थी. उनकी आवाज आई “कहिये क्या काम है” मैंने पूछा – डॉक्टर साब है क्या. वो बोली नही है, क्या काम था. मैं – उनको दिखाना था. वो बोली – अन्दर आइये. उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया.

वो मुझे कंसल्टिंग रूम में ले गई. बोली – हाँ बताइए क्या प्रॉब्लम है.

मेरे तो होश उड़ गए ये सुन कर. इन लेडी को मेरी प्रॉब्लम क्या बताऊँ. मैं पहली बार किसी औरत के सामने ऐसी बात कर रहा था. मैंने हिम्मत करके कहा कि डॉक्टर साब को दिखाना था. उन्होंने मुझे ऊपर से नीचे तक एक गहरी नज़र से देखा और बोली कि वो तो है नही, उनका ट्रान्सफर इस समय जोधपुर है. और वो शनिवार और रविवार को यहीं होते है. लेकिन मैं भी डॉक्टर हूँ, बिना किसी दिक्कत के आप अपनी प्रॉब्लम मुझसे कह सकते हैं.

ये सुन कर मेरी हथेलियों और पगथलियों में पसीना चुह चुहा आया. बहुत हिम्मत करके मैं ने हिचकते अटकते हुए धीरे धीरे अपनी प्रॉब्लम उनको बतानी शुरू की कि सरसों के तेल कि मालिश के कारण मेरे लण्ड में कुछ परेशानी आ गई है, उन्होंने लैंस उठाया और मेरे सामने आकर बोली – दिखाओ.

ये सुन कर मेरे छक्के छूट गए. बहुत मुश्किल से अपने आप को कंट्रोल किया, मेरे कान गरम हो कर लाल हो गए. धीरे धीरे भारी हाथों से अपनी पैंट के हुक और जिप खोला, ऐसा लग रहा था मानो युग युग बीत रहे हैं. किसी तरह से पैंट को थोड़ा नीचे करके अंडरवियर के साइड से लण्ड को बाहर किया तो वो बोली – ऐसे नही, अंडरवियर उतारो. मैं ने अंडरवियर का नाडा खोल कर अंडरवियर को जांघो पर कर लिया. और लण्ड के सुपाडे की खाल को पीछे करके उनको दिखाया.

उन्होंने मेरे हाथ को हटा कर अपने हाथ से मेरे लण्ड को पकड़ कर लैंस से सुपाडे को देखा. उनका मेरे लण्ड पर हाथ लगना था कि मेरे पूरे शरीर में करेंट लग गया और लाखों चीटियाँ मेरे शरीर पर रेंगने लगी, लण्ड ने अंगडाई लेनी शुरू कर दी. जिंदगी में पहली बार किसी स्त्री जात का हाथ लगा था वो भी किसी अप्सरा का.

डॉक्टर बोली- ये क्या हो रहा है?

तो मैंने कहा – इसमे मेरा क्या बस है।

वो बोली – हाँ ये तो है! उन्होंने मेरी झांटो के बाल में ऊँगली से चारों ओर दबा के देखा, पूछा कोई गांठ है?

मैंने कहा – नही.

डॉक्टर बोली – किसी औरत के पास गए थे?

मैंने कहा – नही! आज तक नही.

देख-दाख के उन्होंने बताया कि सरसों के तेल की तेज़ी ने खाल छील दी है. मैं दवा लिख देती हूँ, दिन में तीन बार लगाओगे दो चार दिन में ठीक हो जाएगा.

अब तक मेरा लण्ड अकड़ चुका था.

मैंने थोडी हिम्मत जुटाई और पूछा- डॉक्टर साब मैं साइंस का स्टुडेंट हूँ. क्या आप मेरी जिज्ञासा को शांत कर सकती हैं, मैं शरीर के विज्ञानं में बहुत रूचि रखता हूँ. ये कहते हुए मैंने अपना अंडरवियर और पैंट ऊपर सरकानी चाही तो डॉक्टर ने कहा – अभी रुको और पूछो क्या पूछना चाहते हो?

अब तक मेरी शर्म बहुत हद तक काबू में आ चुकी थी. कपड़े वैसे ही रहने दिए और मैं ने पूछा – ये होने का कारण क्या था?

डॉक्टर – सरसों के तेल में बहुत तेज़ केमीकल होते हैं और ये अंग ढके रहने और नमी के कारण यहाँ की खाल बहुत नाजुक होती है जो ये तेज़ सहन नही कर सकती. यदि यहाँ की मालिश करनी हो तो नारियल का तेल काम में लो और नीचे जड़ से ऊपर की ओर इस तरह से मालिश करो ये कह कर उन्होंने अपनी मुट्ठी में मेरे लण्ड की जड़ से पकड़ कर हौले से ऊपर की ओर लाते हुए बताया इस तरह से मालिश करनी है और बहुत ज्यादा जोर से नही दबाना. लण्ड ब्लड के ज्यादा पम्पिंग होने से कठोर होता है, इस समय लण्ड से शरीर को जाने वाला ब्लड धीमे हो जाता है और पम्पिंग से आने वाला ब्लड बढ़ जाता है. बहुत जोर से दबा कर मालिश करने से लण्ड के ऊतकों को नुक्सान हो सकता है और लण्ड की कठोरता कम हो सकती है.

वो बोली- रुको ! मैं आती हूँ ऐसे ही रहना. मैं हकबकाया सा खड़ा रहा, डॉक्टर जरा देर में वापस आई तो तीन चीजें उनके हाथ में थी – दवा की ट्यूब, नारियल तेल की बोतल और एक पारदर्शी छोटी बोतल जिसमे सुनहरे रंग का कुछ गाढा तरल था.

मेरे पास आकर उन्होंने ये सारा सामान मेज़ पर रखा और ट्यूब खोल के चने की दाल जितनी दवा अपनी ऊँगली पे लगाई और मेरे लण्ड के सुपाडे की खाल पीछे करके लण्ड के सुपाडे पर मलने लगी. मल मल कर दवा को उन्होंने पूरा सुखा दिया. नाम था फोरडेर्म. अब बोली गुप्ता जी तेल की मालिश देखिये ऐसे करनी है।

मैं ने कहा कि आप मेरा नाम नीरज बोलिए बहुत अच्छा लगेगा.

तो वो बोली आप भी मुझे रोहिणी बोलिए. उन्होंने अपने हाथ पे नारियल का तेल उंडेला और मेरे लण्ड पर अपने बताये तरीके से जड़ की तरफ़ से सुपाडे की तरफ़ लाते हुए मालिश करनी शुरू की। अभी १०-१२ बार ही हुए कि मैं दांत भीचते हुए हलके से चिल्लाया – रोहिणी ! और झपट कर एक हाथ से अपना अंडरवियर उठा कर लण्ड के आगे किया और दूसरे हाथ से रोहिणी का कन्धा जकड लिया. अब तक जो कुछ किसी तरह से कंट्रोल किया हुआ था वो सब जोरदार पिचकारी मारकर बाहर आ गया.

वो मुस्कुराई बोली- नीरज तुम सच ही बोल रहे थे कि तुम किसी औरत के पास नही गए. घबराने की कोई बात नही है, पहली बार में उत्तेजना ज्यादा होने से जल्दी ओर्गास्म आ जाता है. अब रोहिणी ने एक ऐसा काम किया जिसने मेरे शरीर में बिजली भर दी, वो मेरे साथ चिपक गई, उसके हाथ मेरी पीठ पर बंध गए और बोली मुझे जकड कर थोडी देर इसी पोजीशन में रहो और अपने ओर्गास्म का आनंद लो. मेरा लण्ड उनकी चूत के ऊपर अड़ रहा था. मुझे स्वर्ग का आनंद आ रहा था.

दो-तीन मिनिट बाद उनकी पकड़ ढीली पड़ी और अपने को छुड़ा कर मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी, मुझसे बोली- माना कि नीरू ये तुम्हारा पहला अनुभव है लेकिन बुद्धू तो नहीं हो ना.

अब मेरी समझ में एकदम से ही बहुत कुछ आ गया मैंने उनके ब्लाउज़ के बटन खोल कर ब्लाउज़ अलग किया और उनके कंधे के पीछे देख कर ब्रा स्ट्रेप खोल कर ब्रा भी अलग कर दी. एकदम तने हुए सख्त गोरे बोबे देख कर मैं दंग रह गया. रोहिणी ने मुझसे मेरी बनियान भी उतारने को बोला, ५ सेकंड में बनियान मेरे शरीर से अलग थी और मैं एकदम पैदाइशी अवस्था में डॉक्टर के सामने था.

रोहिणी ने अपने हाथ मेरे बाजुओं पे गड़ा कर कहा- बहुत कसरती हो, अपनी इन बाजुओं का इस्तेमाल करो और मुझे मरीज देखने वाली टेबल पर लिटा दो !

मैंने कहा- रोहिणी ! जरा रुको, एक गड़बड़ है सही कर दूँ. उसकी सवाली निगाहों ने मेरी हरकत नोट की, मैं ने उसकी साडी पकड़ के हौले हौले से खींच कर अलग कर दी. और रोहिणी को पेटीकोट सहित उठा कर मरीज देखने वाली मेज पर हौले से लिटा दिया, उनके मुह के ऊपर अपना मुह लगाया और जिंदगी का पहला किस किया, अगले १५ सेकंड में दो काम एकसाथ हुए, मेरा बायाँ हाथ रोहिणी के बोबे पर और दाहिना हाथ पेटीकोट के नाड़े पर था, ज़रा देर में नाड़ा खोल के मैं अलग हुआ और पेटीकोट के दोनों साइड में अपने दोनों हाथ रखते हुए सरसराते हुए पेटीकोट को अंडरवियर सहित रोहिणी की टांगों से निकाल बाहर किया.

मैं ठगा सा खड़ा अपनी किस्मत पर आश्चर्य करते हुए रोहिणी के तराशे हुए बदन को निहार रहा था. ऊपर वाले ने कहीं भी कोई कमी, कोई गलती नही छोड़ी थी रोहिणी के शरीर को बनाने में.

रोहिणी की आवाज़ ने मेरा ध्यान तोडा – नीरू अगले दो तीन घंटे में तुम जैसा चाहो वैसे इस बदन को निहार कर छू कर खूब परख लेना. अब जरा वो गोल्डन लिक्विड वाली बोतल उठा कर खोलो और मेरे पास लाओ. मैं बोतल खोल कर रोहिणी के पास ले आया. अब ये लिक्विड मेरी दोनों चूचियों पर खाली करो. जैसे ही मैंने वो गाढा लिक्विड रोहिणी की चूचियों पे गिराया तो जाना कि वो शहद है.

अब रोहिणी ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर लपेट दिए और बोली नीरू तुम अपनी बाँहों में मुझे उठा कर बेडरूम तक ले चलो.

अपना एक हाथ रोहिणी की पीठ के नीचे और दूसरा हाथ उनकी गाण्ड के नीचे लगा के ६० किलो की उस परी को हौले से उठाया, एक कदम बढाया ही था कि उसके शरीर ने एक जुम्बिश खाई और गाण्ड के नीचे से मेरा हाथ एकदम से फिसला और रोहिणी का शरीर खड़े होकर मेरे शरीर से चिपक गया. उनके हाथ मेरी गर्दन पे लिपटे रहे. उनकी ये हरकत ने मुझे दंग कर दिया. अब मेरा गाण्ड के नीचे वाला हाथ भी रोहिणी की पीठ पर कस गया, शहद उसके रसदार कठोर बोबों से मेरे सीने पर भी फ़ैल गया. रोहिणी के दोनों पंजे मेरे पंजों पर आ गए और उनको चिपकाए हुए उनके होटों पे होंट चिपकाए मैं उनके बताये अनुसार उनके बेडरूम तक ले गया और एक हाथ वापस उसकी गाण्ड के नीचे लगते हुए रोहिणी को उठा कर बेड पर लिटा दिया.

मैं अपने पैर बेड के नीचे लटका कर रोहिणी से सट कर बैठ गया. जैसे ही मैं झुक कर उसको किस करने लगा उसका एक हाथ हमारे बीच में आ गया. देखो नीरू अब मैं तुमको सहवास की बारीकियाँ समझाती हूँ, सुनो !

सेक्स में फोरेप्ले करने का अपना महत्व है, ये जोड़े को चरम पर ले जाने में बहुत मदद करता है. यह सारी यौन क्रिया जितनी सोफिसटीकेटेड होगी, जोड़ा उतना ही ज्यादा आनंद पायेगा. लिप किस, जीभ को चूसना, कान के नीचे की लटकन को चूसना लटकन के नीचे गर्दन को चूसना और बोबे चूसने से औरत में आग भड़कती है. और उसकी चूत में से चिकना पानी बहने लगता है. ये चिकना पानी ही लण्ड को आराम से अन्दर जाने के लिए होता है. ये प्रकृति की देन है.

अब रोहिणी ने अपनी दोनों टांगो को फैला कर चौड़ा करते हुए कहा कि नीचे चूत की दरार को चौड़ा करके देखो. मैं कुछ समझ ही नही पा रहा था कि आज ये मेरी किस्मत इतना महरबान क्यों है.

रोहिणी के कहे अनुसार मैंने उसकी चूत के फलक को चौड़ा किया, रोहिणी ने अपनी एक ऊँगली से बीच के उभरे हुए छोटे से आधे इंच के बराबर दाने को दिखाया और बोली कि यह क्लैटोरियस है. यह बहुत ही संवेदनशील होती है. इसके रगड़ खाने से परम आनन्द (ओर्गास्म) आता है. योनि की दोनों फलक के अन्दर होल का ऊपरी डेढ़ इंच तक का हिस्सा भी ज्यादा संवेदनशील होता है. अन्दर योनि लगभग ४ इंच गहरी होती है लेकिन यह फ्लेक्सिबल होती है और लण्ड के अन्दर जाने पर लण्ड की लम्बाई तक फ़ैल जाती है. अन्दर योनि के बाद बच्चेदानी का मुंह होता है. जब लण्ड इस पर अड़ता है तो आनंद दुगुना हो जाता है.

जैसे जैसे औरत के काम जगता है, योनि में मीठी मीठी खुजली होने लगती है. लण्ड की रगड़ साथ योनि के बीच का हिस्सा उस खुजली को मिटा कर बहुत सुकून देता है. अब ये याद रखो कि योनि के फलक और लण्ड के आगे सुपाडे में यदि बहुत जोर की रगड़ या धक्का दिया जाए तों तेज दर्द से भी इन अंगों के ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं इसलिए लण्ड की एंट्री हलके से सरसराते हुए करनी चाहिए न की ज्यादा जोश में आकर तेज़ धक्का लगाकर. वरना जो आनंद सेक्स की प्रत्येक गतिविधि से मिलता है वो न मिलकर हार्ड सेक्स की आदत हो जाती है.

अब बहुत हो चुका, अब मेरे बोबों से शहद को चाटकर साफ़ करो. मैं उसके शरीर के ऊपर वाले हिस्से की ओर मुड़ा और दोनों हाथों से उसके बोबों को थाम कर अपनी जीभ से शहद चाटने लगा, रोहिणी के मुंह से सिस्कारियां और आहें निकलने लगी, उसके हाथों ने मेरे सिर के बालों को सहलाना शुरू किया और धीरे धीरे मेरे सिर को बोबों की ओर भींचने लगी।

अचानक वो नीचे सरकी और मेरे सीने पर अपने होंट चिपका कर शहद चूसने लगी, मेरा तो फ़्यूज़ उड़ गया, इतनी उत्तेजना तों मैं सहन नही कर पा रहा था. सात इंच का लण्ड कड़क होकर पत्थर के माफिक हो चुका था.

अब रोहिणी ने मुझे थोड़ा सा झुकाते हुए कानो के नीचे मेरी गर्दन पर हलके से अपने दांत लगाये, होटों को गर्दन पर चिपकाया और जीभ को घुमा कर मेरी गर्दन को चूसने लगी, मेरे शरीर में बिजलियाँ गिरने लगी, मेरा शरीर भट्टी की तरह तप गया, मुह से बहुत ही लम्बी सिसकारी निकली. मैं ने रोहिणी का चेहरा हाथों में थाम कर अपने होंट उसके होटों पर चिपका दिए, हम एक दूसरे के होंट चूसने लगे, रोहिणी ने अपनी जीभ मेरे मुह में दे दी, मैं टॉफी की तरह जीभ चूसने लगा, सच में इतनी रसदार, स्वादिष्ट तों कभी कुछ जिन्दगी में पहले कभी खाया नही था.

मैं सरक कर बेड पर उसके ऊपर आ गया, एक हाथ से लण्ड को उसकी चूत के फलक के बीच लम्बाई में सेट किया, और अपने धड़ को थोड़ा झुका कर रोहिणी के बोबे चूसने लगा. रोहिणी के मुंह से आहें और सिसकियां तेज़ होती जा रही थी, उसके बोबे एकदम कड़क हो गए थे, मैंने उसकी गर्दन पर उसके ही अनुसार दांत लगा कर चूसना शुरू किया, उसकी आँखें एकदम से मुंद गई, उसको हिचकियाँ आने लगी जैसे रोने के बाद आती हैं, मैं घबरा गया, पूछा क्या हुआ रानी !

रोहिणी बोली – नीरू मेरे भोले राज्जा ये निर्मल आनंद है, घबराओ मत, लेकिन अब लण्ड का प्रेशर मेरी क्लेटोरिअस पर बढ़ा दो और मुझ से चिपक जाओ. मैंने अपन लण्ड शरीर के दबाव से उसकी चूत पर जोर से दबाया. दोनों ३-४ मिनिट तक चिपके रहे, फ़िर कुछ देर मैंने अपना लण्ड रोहिणी की चूत की दरार के बीच उसके क्लैटोरियस पर रगडा.

अब रोहिणी ने कहा कि मेरे प्रिय स्टुडेंट नीरू, अब मैं आनंद के झूले पर सवार हूँ, इस आनंद को अपने चरम पर लाने का काम शुरू कर दो, ये कहते हुए एक कंडोम का पैकेट तकिये के नीचे से निकाल कर मेरे हाथ में दे दिया, और रोहिणी के सहयोग से मेरे लण्ड पर अगले ३० सेकंड्स में एक कंडोम लगा नज़र आने लगा.

मैं फ़िर रोहिणी पर आ गया, मैं ने अपने हिप्स थोड़े ऊपर किए और हाथ उसकी चूत पर लगाया, उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि नीचे चादर तक गीली हो गई थी. लण्ड को रोहिणी की चूत पर सेट किया, लेकिन ये लेकिन ये सब पहली बार था सो लण्ड अंदर नही जा पाया, ऊपर से अकड़ इतनी ज्यादा थी कि वो अपनी जगह से टस से मस भी नही होने को राजी था.

रोहिणी हौले से मुस्कुराई और अपना एक हाथ नीचे ले ला कर लण्ड को अपनी चूत के छेद पर सेट किया और बोली लण्ड को अन्दर डालो मैंने धीरे से जोर लगाया तो लण्ड जरा सा ही अन्दर हुआ, अन्दर जाने के अहसास से लण्ड तनकर स्टील के माफिक कड़क हो चुका था. नीचे से रोहिणी ने अपने हिप्स ऊपर किए, उसने अपना हाथ बीच में से हटा लिया, लण्ड पर थोड़ा जोर डालने पर सरकता हुआ धीरे धीरे चूत की गहराई में घुस गया, मैं तो सातवें आसमान पर आ गया और रोहिणी के मुह से एक लम्बी सिसकारी निकली वो मेरे साथ ऐसी चिपक गई जैसे मेरे ही शरीर का हिस्सा हो.

उसके शरीर ने सारी हरकत बंद कर दी. मुझे कुछ पता नही चल रहा था कि क्या हो रहा है, जब ३-४ मिनिट तक कोई हरकत नही हुई तो मैंने अपना वजन कोहनी और घुटनों पर लिया और एक हाथ से उसके गाल थपथपाते हुए उसको हलके हलके आवाजें दी. उसने धीरे धीरे अपनी आँखें खोली, मेरे चेहरे की घबराहट को देख कर बड़े प्यार से मुस्कुरा कर बोली, मेरे शेर मेरे राजा ये सब इस खेल के आनंद है. चिंता मत करो. ये सब नरम ढंग से सेक्स करने का आनंद है. प्रत्येक हरकत आनंद देती है. तुम्हारे लण्ड ने अंदर सरक कर मेरी चूत की खुजली को बहुत आराम दिया है.

अब रोहिणी ने फ़िर एक जुम्बिश खाई और पलट कर मुझे नीचे कर दिया और वो मेरे ऊपर हो गई, मैं फ़िर एकबार उसकी इस हरकत पर दंग रह गया, न जाने रोहिणी मुझे बहुत ही प्यारी लगने लगी हालाँकि अब तक का उसका व्यव्हार एक रहस्य था. लेकिन अब तक का बिजी टाइम मुझे ये पूछने नही दे रहा था. 1 मिनिट का रेस्ट लेकर रोहिणी ने कहा कि नीरू राज्जा अब मेरे ऊपर के बदन से जैसा चाहो खेलो, मैंने उसके बोबे दबाना और लिप किस करना एक साथ शुरू किया हम दोनों में आग भरती गई, फ़िर तो मैंने उसके बोबे चूसना, गर्दन और कानो को चूसना और होटों व एक दूसरे की जीभ को चूसना ये सब एक के बाद एक बदल बदल कर करना शुरू किया और रोहिणी ने बगैर न नुकर किए पूरा सहयोग देना शुरू किया।

धीरे धीरे हम दोनों की आँखें मुंदने लगी, सिसकियों और आहों से कमरे में गर्मी आने लगी, बदन से गर्मी फूट कर पसीना आने लगा, रोहिणी के हिप्स लम्बाई में चलने लगे. वो हिप्स को ऊपर नीचे नही करके लम्बाई में चला रही थी. इसने मुझे बहुत आनंद दिया, मेरी झांटे उसकी झांटों से रगड़ खा रही थी और उसका क्लैटोरियस भी. ऊपर के आधे शरीर पर सारी हरकतें हो रही थी और नीचे चक्की के पाटों के बीच घर्षण हो रहा था. अन्दर लण्ड रोहिणी के बच्चेदानी पर टकरा रहा था, मेरी गाण्ड भी धीरे धीरे हरकत में आने लगी, रोहिणी की हरकत लम्बाई में कम होकर तेज मूव होने लगी, हमारे होंट एक दूसरे के चिपक गए, मेरे धक्के भी नीचे से तेज और तेज होते गए, अचानक रोहिणी के होंट खुले और वो फुसफुसाई राजा और तेज़, और और तेज़ ठोको, और एकदम से थम कर मेरे ऊपर ढेर हो गई, फ़िर उसके शरीर ने हरकत बंद कर दी. मैं उसके बाल सहलाने लगा, धीरे धीरे उसको चूमने लगा, वो बहुत ही प्यारी लगने और प्यारी लगने लगी।

चार पॉँच मिनिट बाद उसकी ऑंखें खुली, वो बहुत हौले से प्यारी सी मुस्कुराई, बोली मज्जा आ गया, और फ़िर दोबारा किस्सिंग चालू हो गई, रोहिणी ने तीन बार, ऊपर रहते हुए ओर्गास्म लिया और तीसरी बार में फ़िर उसके शरीर ने जुम्बिश खाकर मुझको ऊपर ले लिया, बोली अब तुम्हारी बारी है राजा शुरू हो जाओ।

नीचे से उसने किस्सिंग को बदल बदल कर मेरे होटों फ़िर कान फ़िर सीना फ़िर गर्दन सब को चूस कर मुझ में भट्टी जला दी. अब मैंने धीरे धीरे लण्ड को उसकी चूत के फलक तक लाकर अन्दर गहरे उतरना चालू किया, उसके मुह से हिचकियाँ आने लगी, दोनों एक दूसरे की बाँहों में जकड गए।

मैं धक्के लगाने की रफ्तार बढ़ता चला गया और उसके मुह से हिचकियों की रफ्तार भी बढ़ने लगी. लगभग ७०-८० धक्कों के बाद मेरे लण्ड में जोर की अकडन हुई और इतना तेज ओर्गास्म हुआ कि मैं रोहिणी के बिल्कुल चिपक गया, मेरी आँखें मुंद गई, और मैं कहाँ चला गया कुछ पता नही चला. लगभग पाँच मिनिट बाद आंखें खुली, मैं रोहिणी की साइड में आ गया, करवट लेकर, रोहिणी को अपनी बाँहों में जकडा, उसमे अभी तक हरकत नही थी, और एक दूसरे के चिपक कर सो गए.

आधे घंटे बाद हम जागे, एक दूसरे को बाँहों में लिए ही हम बैठ गए, रोहिणी ने तकिये और गाव तकिये दीवार के सटा कर सेट किए और हम टाँगे फैला कर दीवार के सहारे धड टिका कर बैठ गए. अब थी मेरी सारी उत्सुकता शांत करने की बारी, रोहिणी ने धीरे धीरे एक एक सवाल का जवाब दिया, रोहिणी भी एक ऐम ऐस डॉक्टर है, उसकी शादी को ६-७ महीने ही हुए हैं लेकिन पति के ट्रान्सफर ने सारा कबाडा कर दिया, कभी सात तो कभी कभी १५ दिन तक में एक बार डेढ़ दिन का मिलन होता है, हमारी दोनों की नौकरी ने हमें अलग कर रखा है. तुम आए, मुझे अच्छे लगे, फ़िर तुम इतने अच्छे लुक के होते हुए भी इधर उधर मुंह नही मारते, बोलने का अंदाज बहुत अच्छा है, तमीज और आदर के साथ बोलते हो, तो मैंने ये निर्णय लिया.

अब तो तुमको अनुभव हो गया होगा कि किस किस स्टेज पर कैसा मज़ा आता है. फ़िर उसने बताया कि ओर्गास्म के समय फेरोमोन नाम का हारमोन शरीर को परम आनंद की ओर ले जाता है और शरीर को पूरा रिलेक्स कर देता है. अब एक वादा करो कि यदि अब भी इधर उधर मुह नहीं मारोगे तो मैं तुमसे सम्बन्ध रखने को तैयार हूँ, जब मेरी इच्छा होगी तुमको बुला लूंगी. मैंने वादा किया. रोहिणी ने और बताया कि मैं उनकी जिन्दगी में कुल दूसरा पुरूष हूँ.

अब फ़िर वो उठी और मेरी जांघो पर बैठ गई, हम बैठे हुए ही एक दूसरे की बाँहों में बंध गए. हमारे होंट फ़िर एक दूसरे के चिपक कर चूसने लगे. मैंने रोहिणी को हिप्स के पीछे हाथ रखकर अपने से सटा लिया, उसकी चूत की दरार में मेरा लण्ड सेट हो गया. मेरे हाथ उसके बोबे दबाने लगे. उसके हाथ मेरे लण्ड को पकड़ कर उसकी चूत में क्लैटोरियस पर फिरने लगे, मैं उसकी जीभ चूसने लगा.

फ़िर अपने हाथ उसके बोबों से हटा कर अपनी उँगलियों के पोरों को उसकी एड़ी से छूआया और सिर्फ़ अँगुलियों के पोर हौले से छुआते हुए हाथ ऊपर को लाते गया. पिंडली, घुटने फ़िर जांघे और उसके बाद कूल्हे. कूल्हे तक आते आते रोहिणी के शरीर में तेज हरकत होनी शुरू हो गयी. उसके होंट मेरे होटों से हट कर सिसकियाँ भरने लग गए. उत्तेजना की लहरें उसके शरीर में उठने लगी, वो मेरे से एकदम चिपक गई. मैंने दो बार और इसी तरह किया. उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और बोबों पर कस लिए. मैं समझ गया की अब वो और बर्दाश्त नही कर सकती मैंने उसके बोबे भींचने शुरू कर दिए. अपने होंट उसके गले पर चिपका दिए और चूसने लगा.

अब उसने मेरी एडी से कूल्हों तक अपनी अँगुलियों का स्पर्श करते हुए हाथ फिराए. मेरे शरीर में बिजली फूटने लगी. मैंने कस कर रोहिणी को अपने से चिपका लिया और उसके कूल्हों को अपने हाथों में थम कर रोहिणी को ऊपर नीचे करने लग गया. इस बैठी पोसिशन का फायदा ये था की पूरा शरीर हाथों की हद में था. शरीर एक दूसरे को चिपके थे और दोनों के मुह एक दूसरे के बिल्कुल सामने थे और दोनों के हाथ कुछ भी करने को स्वतंत्र थे.

रोहिणी ने मेरी जीभ अपने मुह में लेकर चूसनी शुरू कर दी और अपने हाथ मेरी गर्दन के पीछे कस कर कूल्हे चंलाने शुरू कर दिए. मैंने एक हाथ दोनों के बीच लेकर अपने लण्ड को पकड़ कर रोहिणी को थोड़ा पीछे करके उसकी चूत के छेद पर सेट करके रोहिणी के हिप्स के पीछे अपना हाथ लगाकर अपनी और खींचा. लण्ड सरकता हुआ उसकी चूत में जा घुसा और बच्चेदानी के मुह पे जा लगा. उसके मुह से सीसाहट निकलने लगी उसने फ़िर मेरे पूरे मुह को चाट दिया. अब मैंने उसके कूल्हे हाथों में उठा कर ऊपर नीचे करने लगा. अब रोहिणी ने इसी पोसिशन में सहयोग करना शुरू किया, हमारे होंट एक दूसरे को चूसने लगे।

जैसे जैसे हम ओर्गास्म की तरफ़ बढ़ते गए, होंट बहुत जोरों के चूसे जाने लगे. कूल्हों की हरकत बढती गई. रोहिणी के होंट ढीले पड़ने लगे और गर्दन पर हाथ कसते गए फ़िर एकदम से ढीले हो गए. रोहिणी के मुह से लम्बी सीत्कार निकली और मेरे ओर्गास्म आने तक वो हिचकियाँ लेने लग गई. हम एक दूसरे को पकड़े जकडे फ़िर निढाल हो गए.

१५ -२० मिनिट बाद धीरे धीरे हमारे शरीर में हरकत होने लगी. न चाहते हुए भी हम एक दूसरे से अलग हुए और अपने कपड़े इकठ्ठा करके उनको बदन पर डालने लगे. थोडी देर में हम वापस २ घंटे पुरानी हालत में आ गए. मैं विदा होने के लिए तैयार हो गया. रोहिणी ने विदा होते समय कहा कि हमारे रिश्ते के बारे में किसी को भी पता नही चलना चाहिए. मैंने कहा कि बिल्कुल, ये भी कोई कहने वाली बात है, निश्चिंत रहो.

मेरे पूछने पर फीस के बारे में बताया कि ज्वेलरी उसके पास बहुत है, कोई यादगार आइटम लाकर दे देना, मैंने अगले ही दिन उसको प्यार करते हुए पेयर का चाइनीज शो पीस लाकर दिया, उसने बहुत खुशी से स्वीकार किया जो आज भी उसकी शो विण्डो की शोभा है.

वो मुझे बहुत समय तक बुलाती रही, २ सालों बाद भी वोही पहली बार की अनुभूति होती थी. जब मेरी शादी की बात चलने लगी तो भी वो बहुत खुश हुई, बोली मेरे प्यारे स्टुडेंट अब तुम्हारा एक्जाम का टाइम आ गया है, हम ऐसे ही मिलते रहेंगे. मजे करो.

और मेरी गुरुआनी के सबक मेरी शादी में बहुत काम आये. रोहिणी ने मेरी पत्नी को देख कर मेरे कान में कहा कि तुम खुश किस्मत हो, सुखी रहोगे, लड़की अच्छी है. मैंने रोहिणी को बोला मैं तो पहले से ही खुश किस्मत हूँ. शादी के बाद भी दो सालों से ज्यादा हम और साथ बने रहे फ़िर उसके पति का ट्रान्सफर रायपुर हो गया. अब मैं एक साथी की जरूरत महसूस करता हूँ. आपका स्वागत है… Hindi Porn Stories

दोस्तो मैं अभमन्यु हूँ और आज मैं आपको अपने जीवन की वो घटना सुनाता हूँ जिसने मेरे सेक्स लाइफ को अलग सोच दी । मैं सेक्स और महिलाओं से सहज हो गयाऔर ये खेल रोचक और बोल्ड बना । स्कूल खत्म करते करते मैने यौन अनुभव तो ले लिए थे पर उनसे मैंने सिर्फ मजे लिए थे कुछ सीखा नही था । लोगो की प्राइवेसी रखते हुए नाम और स्थान बदल रहा हूँ पर बाकी सभी बातें जैसा हुई वैसा ही बताता हूँ । ये बात है सन 2015 की हैदराबाद की है ,जहाँ मेरी पहली नौकरी करते हुए मुझे 2 साल हुए थे । मैं 27 साल का था । मैं जिस पी एस यू में था वहीं एक महिला सहकर्मी रश्मि कोहली से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई ।वो शादी शुदा थी और उसके हसबैंड राहुल जी एक बैंक में सीनियर लेवल पे थे । रश्मि लगभग 35 -36 की होगी और उसका एक बेटा था जो 10 साल का था ।रश्मि की हाइट 5 '5" और अच्छा मैन्टेनेड फिगर था । वो साड़ी पहनतीं थी और ब्लाउज काफी रेवेलिंग और फैंसी होते थे ।हम दोनों मॉडर्न तबियत के थे और गप शप और चैटिंग करते करते काफी बोल्ड बातें सामान्य तौर पर ही करने लगे थे ।एक दिन बातों ही बातों में ड्रिंक्स का प्लान बना । तय हुआ कि आफिस से एक -डेढ़ घंटा जल्दी निकल कर मेरे अपार्टमेंट में जाएंगे । मैंने सिकंदराबाद रोड पर एक 3 बी एच के फ्लैट किराए पे लिया था । तय दिन में मैं आने फ्लैट जल्दी चला गया और ग्लेंलेवित व्हिस्की , सिगरेट्स और वेज नानवेज स्टार्टर्स की तैयारी कर के रश्मि का इंतिजार करने लगा । लगभग 4 बजे रश्मि मेरे घर आ गई । वो स्लीवलेस ब्लाउज के साथ बड़े प्रिंट की खूबसूरत साड़ी और बहुत थोड़ा मेकअप के साथ बला की आकर्षक लग रही थी । रश्मि ने आते साथ अपने घर सर्वेंट को फोन करके रात के खाने की तैयारी और बच्चे के रख रखाव का डायरेक्शन दिया फिर अपने हस्बैंड को कॉल करके बताया कि वो थोड़ा लेट हो जाएगी । उसके हसबैंड ने कुछ नही पूछा और उनकी बात कुछ मुस्कुराहट और हां , हूँ , ओके में खत्म हो गई वो मुझसे वाशरूम यूज़ करने की इजाजत ले कर बाथरूम में घुस गई । लगभग 5- 7 मिनट बाद वो बाहर आई । अब वो बहुत एजी मूड में लग रही था ।आते साथ उसने व्हिस्की का ब्रांड देख कर खुशी जाहिर की और सिंगल माल्ट के लिए अपना प्यार जताया फिर तुरंत ही वो मेरे साथ किचन में आ गई ।अगले 5 मिनट में हमारा पीने का प्रोग्राम शुरू हो गया। टीवी में गाने चल रहे थे । एक के बाद दूसरा और तीसरा पेग आते आते हम काफी हल्के मूड में आ गए और हमारी बातें आफिस से शुरू होकर घर परिवार होते होते अब निजी होने लगी । अचानक रश्मि ने मुझसे पूछा कि क्या मेरी कोई गर्लफ्रैंड है या मैं कहीं कमिटेड हूँ क्या । मेरे नही कहने पर उसने छेड़ते हुए कहा कि तुम्हे जरूरत नही पड़ती क्या ? मैं थोड़ा चौंका पर मजे लेते हुए बोला कि लगता है आज भगवान ने मेरी सुन ली है । रश्मि जो सोफे पर पालथी मार कर बैठी थी ने हंसते हुए आंख मारी और कहा कि "तो मुझसे बोलने में फटती है क्या " मैने इसे चुनौती की तरह लिया और सोफे में उसके बाजू जा कर बैठ गया फिर उसे कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और किस करते करते उसके बदन पर हाथ फिराने लगा । मेरा पूरा शरीर जैसे हवा हो गया था ,मेरा समान इतना टाइट हो रहा था कि मन कर रहा था कि बस वो एक बार इसे हाथ में ले ले । मैंने उसका हाथ पकड़ कर आने पेंट के ऊपर से अपने सामान पर रखवा दिया । अब वो बदहवास सी मेरे लंड को दबा रही थी । कुछ देर किस के बाद उसने मुझसे कहा कि मैं अपने कपड़े उतारूँ और उसने तेजी से पर ध्यान से अपनी साड़ी और पेटीकोट आने शरीर से हटा दिए।उसके शरीर मे बिल्कुल बाल नही थे और वो अंदर से इतनी चिकनी थी कि उसे चाटने का मन करने लगा था । उसने क्रीम कलर की ब्रा और पैंटी पहनी थी । उसके बूब्स मीडियम थे । कमर पतली पर हिप्स शानदार चौड़े और उभरे हुए थे । मैं उसे खा जाने की कामना से घूर रहा था और वो मेरी भूख को अपने हाव भाव से पूरी निर्ममता से बढ़ा रही थी । इस बीच मैंने अपने पूरे कपड़े हटा दिए थे और मेरा 7 इंच का लंड पूरा आकार ले चुका था । रश्मि मेरे लंड को अपने हाथ मे लेकर सुपाडे पर जीभ फिराने लगी वो दूसरे हाथ से मेरे टेस्टिकल्स को मसल रही थी । उत्तेजना और दर्द के मिश्रण में मैं पूरा उसके काबू में था । हम बड़े सोफे में ऐसे थे कि मैं एक हत्थे पर अधलेटा था और वो मेरे लन्ड को चूसते हुए डॉगी बनी हुई थी । मैं हाथों से कभी उसका चेहरा तो कभी उसके बूब्स और पीठ को सहला रहा था । मुझे डर लग रहा था कि कहीं मैं उसके मुंह मे ही स्खलित न हो जाऊं । मैने रश्मि से ये कहा तो उसने एक पल के लिए अपना मुंह से मेरा लण्ड बाहर निकाल कर कहा " होता है तो मत रोको" । अब मैं उसे चोदने के लिए पागल हो रहा था और वो लंड छोड़ना ही नही चाह रही थी , उसकी जीभ का दबाव मेरे पेनिस पर अच्छे खासे दबाव से महसूस हो रहा था । मैंने उसकी ब्रा खोल कर हटा दिया और उसके निप्पल्स को हल्के हाथ से मसलना शुरू कर दिया और बैठ कर सीधा हाथ बढ़ा कर उसकी पैंटी के अंदर हाथ डाल कर उसकी चूत में उंगली डालकर चूत की दीवार को सहलाने लगा । अब वो पूरी गर्म हो गई थी और नीचे भरपूर गीली हो गई थी उसका पानी मेरे हाथ मे भरने लगा था ।अब उसने मेरा लंड छोड़ा और अपनी पैंटी उतारकर कमरे में उछाल दी । उसका एनर्जी लेवल इतना कमाल का था कि वो जिस तरह से चाहती मैं वैसा ही करने लगता । वो आगे बढ़ी और मेरे ऊपर बैठने के पोज़ में अपने हाथ से मेरा लन्ड अपनी गीली चूत में डलवा ली अब उसके बूब्स मेरे मुंह मे थे । मैने अपने दोनों हाथ से उसके कूल्हों को पकड़ा हुआ था क्योंकि उसके वजन से मेरे लंड की स्किन पीछे जा रही थी । मेरा लंड का सूपड़ा तब तक पूरा खुला नही था और पीछे की स्किन पर हल्का दर्द हो रहा था । लगभग 5-6 मिनट ऊपर नीचे होने और मेरे लंड को अपने पानी से नहलाने के बाद वो मुझ पर से उतरी और तकिए को एडजस्ट करते हुए सोफे के दूसरे सिरे पर आधी लेट कर मुझसे बोली कि आओ । अब हम मिशनरी पोजीशन में थे और अगले 10- 15 मिनट मैंने उसे इसी तरह चोदा । मैं अपने लंड से उसकी चूत की हर दीवार की मालिश कर रहा था। मेरे अंदर उसे संतुष्ट करने बल्कि यूं कहूँ की पराजित करने की भावना ऐसी तेजी पकड़ रही थी ।मैं सोच रहा था कि अच्छा हुआ मैं पहले कई औरतों के साथ संभोग कर चुका था । मगर ये कुछ और ही बला थी ,ये लड़को की तरह सेक्स की कमान संभाल रही थी । अब मैं अपनी कमर और घुटनों की पूरी ताकत और कौशल का उपयोग कर उसे झटके मार रहा था । रश्मि मेरे कूल्हों को मसल रही थी और मुझे कभी कम तो कभी तेज करने को कह रही थी ।पूरा कमरा मेरी- उसकी सीत्कार और झटकों की आवाज से गूंज उठा था । अचानक मुझे भय हुआ कि कहीं ये आवाजें बाहर तो सुनाई न पड़ रही हों और मैने पास पड़े रिमोट से गाने की आवाज बढ़ा दिया । काफी देर बाद उसने कहा अब निकाल लो । मैं उत्तेजना से भरा हुआ था । मैंने कहा 5 मिनट और कर लेते हैं ।उसने कहा कि मैं अपना स्पर्म उसके मुंह मे गिराऊं फिर उसने कहा कि मैं उसे रंडी कह कर चोदू ।मैने उत्तेजित होकर कहा की चल रंडी कुतिया बन जा । वो उठ कर डॉगी बन गई । अब मैं उस पर पीछे से आकर करने लगा तो उसने कहा कि मैं उसके बाल पकड़ कर करूँ ।वो मेरे सेक्स की तारीफ इतनी वासना भरे शब्द और आवाज में कर रही थी कि मैं सेक्स में दीवाना हो गया था । 4 -5 मिनट बाद मैं झड़ने के कगार पर था । मैने उसे कहा कि मैं निकाल रहा हूँ तो वो पलटकर मेरे लंड को मुंह मे भर कर ब्लोवजोब करने लगी । कुछ सेकण्ड्स में ही मैं स्खलित हो गया ।मुझे लगता है मेरे पेनिस से कम से कम 8 झटकों में वीर्य निकल कर उसके मुंह मे गया । रश्मि ने एक मिलीग्राम भी बाहर नही जाने दिया और स्वाद लेकर पूरा पी गई । ये सीन किसी पोर्न फिल्म की तरह था । वो आदम नंगी थी और खुद के जिस्मानी आनंद में मगन थी ।उसके घने काले बाल उसके गोरे चमकते बदन को और खूबसूरत बना रहे थे । उसने मुंह से कुछ बूंद वीर्य निकाल कर अपनी उंगलियों में लिया और अपनी चूत की मालिश करने लगी ।कुछ देर के लिए वो अपनी एक टांग पर दूसरी रख कर पड़ी रही । मैं इस औरत की कामुकता का फैन हो गया था । मैं उसे खुश करने के लिए तन मन से हाजिर था ।अब वो उठी और मेरे गले लग गई और मुस्कुरा कर आंख मारते हुए मुझे कहा कि तुम मस्त प्यार करते हो , प्रैक्टिस में रहा करो । मैंने कहा तुम तैयार रहो तो दिन रात करने को तैयार हूं । वो वाशरूम में घुस गई ।15मिनट में रश्मि ड्रेसिंग टेबल के सामने तैयार खड़ी थी । मैने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि तुम्हारे पति देरी की वजह से नाराज तो नही होंगे । उसने कहा कि नही वो उंन्हे बता कर आई है । मैंने कहा कि ये भी की हम प्यार करेंगे । उसने कहा " हाँ " मुझे लगा कि वो मेरा सवाल समझ नही पाई । तो मैंने दोहराया । उसने कहा हाँ , हम एक दूसरे से कुछ नही छुपाते । मुझे यकीन नही हुआ । मेरे कान सनसन करने लगे । मैने फिर कुछ अनगढ़ से सवाल दाग़ा कि उंन्हे हमारे सेक्स का कैसे मालूम है । रश्मि ने कहा अभिमन्यु ,मेरे हबी ये जानते हैं कि मैं तुम्हे पसंद करती हूँ और आज तुम्हारे साथ ड्रिंक्स एन्जॉय कर रही हूं ।मैने उंन्हे ये भी बताया है कि तुम रेस्पेक्टफुल, रिलाएबल और डिसेंट इंसान हो , जिसे मैंने पिछले दो साल में तुम्हारे साथ दोस्ती में जाना है । उंन्हे अंदाज है कि शायद मैं तुम्हारे साथ इंटिमेट हो जाऊंगी । मैं उन्हें सब बताती हूँ और वो भी मुझे सब बताते हैं । अब मेरे दिमाग में ख्याल आने लगे कि हो सकता है राहुल ठीक से सेक्स नही करता होगा इसीलिए उनने इसे ऐसा करने की इजाज़त दी होगी ।बड़ी हिम्मत करके मैंने पूछा राहुल सर को कोई समस्या तो नही है । रश्मि खिलखिला कर हंस पड़ी ।उसने कहा मुझे अंदाज था कि तुम ऐसा सोच सकते हो पर तुम्हे बताऊं की वो बिस्तर के उस्ताद हैं । मुझे थका देते हैं और उनका लंड भी तुम्हारे जितना ही बड़ा है हाँ उनके लंड की मोटाई थोड़ी और ज्यादा है । अभी जब मैं उन्हें अपनी सेक्स की बात बताऊंगी तो वो मेरी ऐसी चुदाई करेंगे कि मैं फव्वारा बन जाऊंगी और मैं भी तुम्हारे साथ के अनुभव को उनके मजे के लिए लगाउंगी ।रश्मि आगे बढ़ कर मेरे गले मे बांह डाल कर बोली जानेमन तुम मेरी लाखों में एक पसंद हो और वो भी । मुझे सेक्स पसंद है और हम इसे खूब एन्जॉय करते हैं । बिना किसी टैबू के । ये हमें खूब चुस्त दुरुस्त और ऊर्जावान रखता है । उसने कहा ,आई शॉल लव अगर तुम इसे एन्जॉय करोगे पर अगर तुम्हे ऑब्जेक्शन होगा तो वी शैल कीप दिस स्टॉप टुडे । मैंने कहा मुझे तुम बहुत आकर्षक लगी और मैं इसे कंटिन्यू करना चाहूंगा । मैंने थोड़ा उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मैं तो राहुल के साथ मिलकर भी तुम्हे चोदना चाहता हूं । उसने मेरे लंड पर हाथ फेरकर कहा " आमीन " और खूब जोर से हँसी । रश्मि ने मेरे होंठ चूमे और मुझसे बाई , गुड नाईट कहा और अपना हैंडबेग उठा कर निकल गई । उसके जाने के बाद मैंने उसे सोचकर मूठ मारी । रात 1 बजे मेरे मोबाइल पर रश्मि का एक व्हाट्सएप फ़्लैश हुआ । यस डार्लिंग- वैसा ही हुआ जैसे मैंने कहा था । में फिर टाइट हो गया और 10 -15 मिनट मेहनत के बाद स्खलित होकर थक कर सो गया । सुबह देर से उठा पर बदन फूल जैसा हल्का लग रहा था और लंड सूजा हुआ पर मीठे दर्द के साथ । मैं जल्दी जल्दी तैयार होकर आफिस पहुंचा । रश्मि आज और भी खूबसूरत लग रही थी और मुझे देखकर उसने गर्मजोशी से हाय किया । मेरे मन मे कल रात उसके घर का किस्सा जानने की तीव्र इक्षा थी । 12 बजे के लगभग हम सिगरेट पीने साथ में स्मोकिंग जोन में थे । ।मैंने उससे कहा कि रात क्या क्या हुआ , बताओगी क्या । उसने कहा , कल मिलकर बताऊंगी । मैंने ओके किया । अगले दिन संडे था । दोपहर 12 बजे मैं घर पर बिरयानी बना रहा था तभी डोरबेल बजी । दरवाजा खोला तो सामने रश्मि मैडम मुस्कुराते हुए वाइट सूट में जगमगाती खड़ी थीं । वो अंदर आई और कहा कि बड़ी अच्छी खुशबू आ रही है । अब मैं समझ गया था कि मुझे क्या करना है । ..... ..................…अगली कहानी
Sex Stories

हाय दोस्तो, मैं शाहिल एक बार फिर Sex Stories आपके सामने अपनी बीती बातें रखने आया हूँ।मेरी पहली सेक्सी कहानीकुंवारी छोकरी
को अच्छा रेस्पोंस मिला इसके लिए आप सभी को धन्यवाद। बस इसी तरह हमारा साथ दीजिये।

यह कहानी पिछले साल की है। एक बार वार्षिक परीक्षा के बाद मैं बनारस गया। वहाँ मेरे मामा रहते हैं। मामा एक छोटी सी प्राइवेट कुरियर कंपनी में काम करते हैं। उनके बेटे यानी मेरा ममेरा भाई हमसे एक साल बड़ा है। उसका नाम जमाल उद्दीन है। जब यह नाम लेकर उसे कोई बुलाता है तो उसे कुछ ख़ास खुशी नहीं होती है। इसलिए वो अपना नाम जमाल ना बताकर जिमी बताता है। अब सब लोग बनारस में उसे जिमी ही बुलाते हैं। वह एक साधारण सा टूरिस्ट गाइड है। मेरा भाई दिखने में भी अच्छा है, मेरा मतलब काफी आकर्षक है। हम दोनों हर तरह की बातें कर लेते हैं।

एक रात हम बाज़ार में घूम रहे थे कि अचानक एक विदेशी औरत आकर मेरे भाई से बात करने लगी। मेरा भाई भी उससे बातें करने लगा। कुछ समय बाद मुझे पता चला कि वो एक दूसरे को कुछ दिनों से जानते थे। मैंने भी उससे हाथ मिलाया और अपने बारे में बताया। काफी देर बाद बातें समाप्त होने पर वो चली गई। यारों मेरी इंग्लिश फास्ट तो नहीं है पर अगर कोई धीरे-धीरे बातें करता है तो समझ लेता हूँ।

वह देखने में काफी सेक्सी माल लग रही थी। वह करीब 30 साल की होगी पर भाई ने बताया कि उसकी उम्र 40 साल है। मैं हैरान हो गया कि वह लग नहीं रही थी कि 40 साल की है। मेरे अनुसार वह 30 की होगी। जब मैं उसे देख रहा था तब मेरा भाई भी मुझे देख रहा था। घर जाने पर मैंने उससे कहा बहुत अच्छी थी। मेरे बोलने का मतलब वह समझ गया था। उसने मुस्कुराते हुए कहा कल देखते हैं। कल का मतलब मैं समझ गया था।

बस और क्या, मैं सुबह-सुबह तैयार होकर अपने भाई के साथ निकल गया। जल्द ही हम तीनों की मुलाक़ात हुई। उसने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। काफी देर बातें होने पर मुझे पता चला कि उसका नाम जेन्नी है और वह जर्मनी की रहने वाली है। उस दिन पूरा दिन इधर-उधर घूमते रहे। शाम में उसने दो बियर की बोतल एक दूकान से खरीद ली।

जब हम उसे उसके होटल के कमरे तक छोड़ने गए तो उसने मेरे भाई से अन्दर आने को कही सो हम लोग अन्दर गए। फिर उसने अपने बैग से कुछ चाकलेट और मिक्स्चेर निकाली और मेज़ पर रख दी। फिर मेरा भाई नीचे ग्लास लेने के लिए चला गया। फिर मैंने उससे कुछ बातें की, जिस दौरान मुझे पता चला कि वह शादी-शुदा है और उसका एक 10 साल का बेटा भी है। उस समय वह मुस्कुराकर बातें कर रही थी। तब तक मेरा भाई नीचे से तीन ग्लास लेकर आया और फिर बियर पीने का दौर चला। मैं तो बियर पीता नहीं हूँ पर मेरे भाई के कहने पर दो ग्लास पी ली। मैं ज्यादातर उन दोनों की बातें ही सुनता रहा था।

कुछ समय बाद वो एक दूसरे को छेड़ने लगे थे। उस औरत ने हम दोनों को अलग नजरों से देखा और फिर अचानक वो मेरे भाई के होंठो पर किस करने लगी। किस अब धीरे-धीरे तेज होती जा रही थी। अब वो दोनों एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे थे। फिर देखते ही देखते उसने अपना टी-शर्ट और भाई का शर्ट उतार दी। मेरा भाई उसकी चुचियों को हलकी हलकी चुटकी में पकड़ रहा था। अचानक वो औरत घुटने के बल बैठकर मेरे भाई के पैंट के जिप खोलकर उसके तने हुए लण्ड अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी और फट से अपने मुंह में ले लिया।

शायद इतने जोश के कारण दोनों को याद भी नहीं रहा होगा कि मैं वहीं पर खड़ा होकर सारी क्रिया देख रहा हूँ। मैं उसके चूचों को गौर से देख रहा था जो कि काफी बड़े बड़े थे। यकीं मानो यार यह सब देखकर मेरा शेर पैन्ट में ही दहाड़ मार रहा था। मानो कह रहा था कि मुझे भी शिकार करना है। एक दम लोहे के जैसे लंबा और टाइट हो गया था। वो औरत मेरे भाई के लण्ड को काफी तेजी से चाट रही थी। मेरे भाई के मुंह से सिस्कारियाँनिकल रही थी। मेरे भाई को अपना लण्ड चुसवाने में पैन्ट से थोडी तकलीफ हो रही थी जिस कारण वह पैन्ट निकालने लगा।

इतने में उस औरत की नज़र मुझ पर पड़ी। वह मेरे लण्ड के उभरे भाग को पैंट पर देखने लगी और आगे बढ़कर मेरा पैंट फट से खोल दिया। फिर अन्डरवीयर खोलने पर मेरा लण्ड उसके मुंह के करीब था। जिसको फट से पकड़कर अपने मुंह में ले कर तेजी से चाटने लगी। कुछ मिनटों के बाद मुझे ऐसा लगा जैसे मैं झड़ने वाला हूँ। मैंने फट से अपना लण्ड उसके मुंह से बाहर निकाला। क्योकि अभी तो काफी खेल बाकी था।

फिर हमने उसे पूरी की पूरी नंगी करके बेड पर लिटा दिया। मेरा भाई ने उसके पैरों को फैलाकर उसकी बूर पर अपना मुंह रख दिया। उसके बूर पर एक भी बाल नहीं था। मुझे लगता है कि वह बाल झड़ने वाला कोई क्रीम लगाती होगी। मेरा भाई उसके बूर को चाट रहा था। मैं उसकी चुचियों के पास जाकर उन्हें सहलाता सहलाता चाटने लगा।

अब उसकी आवाजें बदलने लगी थी। पता नहीं क्या क्या वह इंग्लिश में बोले जा रही थी। उसकी आवाजें सुनकर मुझे भी जोश आने लगा था। जिस कारण मेरी भी चुचियाँ मसलने की स्पीड में और तेजी आ रही थी। मैं एक हाथ से उसके एक चूची को बड़ी बेरहमी के साथ मसल रहा था और दूसरी चूची को एक कुत्ते की तरह चाट रहा था। उसकी चूची मेरे चाटने से गीली हो गई थी। मैं कभी-कभी चाटते-चाटते उसे काट भी लेता था।

मेरा भाई तो मानो इस तरह लगा हुआ था कि आज उसकी बूर का सारा पानी निकाल ही देगा। मैं भी कम नहीं था, मसल मसल कर उसकी चूचियाँएक दम ढीली कर दी। चूचियाँझूलने लगी थी। वह तो केवल ओह…नो ओह…येस्स बोले जा रही थी। मानो उसे मजा के साथ-साथ दर्द भी हो रहा था। उधर मेरे भाई की इतनी कोशिश से बूर ने पानी छोड़ ही दिया था। कुछ पानी उसके चेहरे पर भी लग गया था। जिसे वह बेड-शीट से साफ कर रहा था।

फिर मेरे भाई ने उसे इस तरह बेड पर लिटाया कि उसके पैर बेड से नीचे हवा में झूल रहे थे। मेरा भाई उसके पैरों को फ़ैलाकर उसके सामने खड़ा हो गया। पैरों के फैलाव से उसकी बूर का छेद साफ नज़र आने लगा था। उसकी बूर का आकार आम लड़कियों के जैसा नहीं था, थोड़ा बड़ा था। ऐसा लगता था कि सैंकडो बार चुदा चुकी है। मेरे भाई ने अपना लण्ड हाथ में लेकर उसके बूर के छेद पर टिकाया और हल्का सा धक्का दिया जिससे उसका सारा लण्ड उसकी बूर में चला गया। वह औरत अब थोड़ा ऊपर नीचे होने लगी। अब मेरा भाई भी उसे जवाब देने लगा था उसके मुंह से केवल ओह…येस्स! ही निकला। बाद में वो ओह यस्…नाओ फ़्क मी फ़क मी! बोलने लगी।

मेरा भाई ने अपना काम शुरू कर दिया था। वह लण्ड को अन्दर बाहर अब जोर जोर से करने लगा था। जिस कारण उस औरत की आवाजें बदलने लगी थी। मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि अब मैं क्या करूं। मैंने भी अपना लण्ड संभाला और उसके मुंह में डाल दिया जिसे वह चूसने लगी। सिस्कारियों के कारण वह कभी कभी चूसना बंद कर देती। मैं जोश में आ गया था। मैंने उसके मुंह में ही हल्का हल्का धक्का मारना शुरू कर दिया था। धक्का मारने से मेरा लण्ड उसके गले तक जा रहा था।

करीब 10 मिनट तक हम दोनों भाई इसी काम में लगे रहे। शायद मेरा भाई थोड़ा थक गया था जिस कारण वह उसकी बगल में लेट गया। पर वह औरत कहाँ मानने वाली थी। वह उठी और सीधे मेरे भाई के खड़े लण्ड पर बैठ गई जिससे लण्ड पूरा का पूरा बूर में चला गया।
मैंने उसे मेरे भाई के आगे की और झुकने के लिए कहा जिससे उसकी गांड का छेद नज़र आ जाए। उसने वैसा ही किया जिससे उसकी ढीली चूचियाँ मेरे भाई के हाथो के करीब आ गयी। मेरा भाई उन्हें हाथों में लेकर मसलने लगा था।

अब मैंने उसके ऊपर आकर उसके गांड के छेद पर अपना लण्ड सटाया और धक्का मारा तो लण्ड तो आधा अन्दर गया, पर उसकी आवाज़ में मुझे दर्द महसूस हुआ। मैंने महसूस किया की उसके गांड का छेद थोड़ा टाइट है। मैंने उसकी परवाह किए बगैर दूसरा धक्का मारा तो पूरा लण्ड उसके गांड में समां गया। इस बार दर्द की आवाज़ थोड़ा तेज थी। मैंने मोर्चा संभाला और धक्का मारना शुरू कर दिया था। गांड मराने में उसे दर्द महसूस हो रहा था।

जब मैं धक्का लगाता तो वह नीचे की तरफ़ जाती जिससे मेरे भाई का लण्ड उसके बूर में और समां जाता। मेरा भाई भी अपना लण्ड अन्दर बाहर कर रहा था। मेरा भाई नीचे से और मैं ऊपर से मोर्चा संभाल रहे थे। हम दोनों भाइयों के बीच मानो वह हिरनी फंस गई थी। मेरा भाई उसके चुचियों को मसले जा रहा था। मेरा लण्ड उसके गांड में अब तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था। कुछ समय बाद मेरे भाई की अजीब सी आवाज़ निकली और उसने अपना पानी उसकी बूर में ही छोड़ दिया। पानी बूर से बह कर वापस मेरे भाई के जाँघों और पेट पर बहने लगा।

मेरा भाई झड़ चुका था। पर वह औरत नहीं झड़ी थी। वह केवल कम… ओन… कम.. ओन… कहती रही पर मेरे भाई का लण्ड शांत हो चुका था। वह औरत थोड़ी गुस्से में होने लगी थी।
‘ऐसा ही होता है जब कम उम्र के लड़के को किसी दोगुने उम्र के औरत के साथ सेक्स करना पड़ता है.’

मैंने सोचा बात न बिगड़ जाय। मैंने अपना लण्ड उसके गांड में से निकाला और उसे एक तरफ़ लिटा कर, पैरों को फैलाकर उसकी बूर में डाल दिया। पूरे जोश में धक्का मारने लगा। उसकी आवाज़ तेज होने लगी थी। फिर एक अजीब सी आवाज़ के साथ वह शांत हो गई थी पर मैंने धक्का मारना बंद नहीं किया था। उसके 2 मिनट के बाद मैंने भी अपना पानी उसके बूर में भर दिया। फिर हम तीनो एक ही बेड पर लेट गए। करीब 30 मिनट के बाद मैं उठा तो उस औरत के चहरे पर खुशी झलक रही थी। वह मेरे भाई से कुछ इंग्लिश में कह रही थी- आज वह बहुत खुश है। ऐसा मजा उसे बहुत दिनों के बाद मिला है। वह मुझसे बहुत खुश थी।

फिर हम तीनों एक साथ बाथरूम में जा कर फ्रेश हुए। तब तक 11 बज चुके थे। हम दोनों भाई अपने घर जाने के लिए तैयार हो गए तो उस औरत ने मेरे होठों पर एक मीठा सा किस किया। मैं बहुत खुश हुआ। क्योंकि मुझे लड़की के होंठ बहुत पसंद है। उस पर अगर कोई किस करे तो क्या कहना।
हमारे घर होटल से करीब 30 मिनट की दूरी पर थी इसलिए हम 11:30 में घर पहुंचे।

अगली शाम वह औरत दिल्ली जा रही थी और दिल्ली से सीधे जर्मनी। हम दोनों भाई उसे छोड़ने के लिए स्टेशन पर गए। उस औरत ने लिफाफे में कुछ पैसे मेरे भाई को दिए शायद वह गाइडिंग फीस थी। स्टेशन पर जाते समय उसने हम दोनों भाई को एक बार फिर किस की और फिर गले मिलकर चली गई। मैं भी कुछ दिनों के बाद अपने घर चला आया। उस दिन मैंने जाना कि अपने से दोगुने उम्र की औरत को शांत करना आसान काम नहीं है। पर दोस्तों वह औरत एकदम सेक्सी माल थी।

तो दोस्तो, यह मेरी सेक्सी कहानी आपको कैसी लगी। जरूर जवाब दीजिये। Sex Stories

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