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Massage Girl in Kurukshetra: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kurukshetra who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kurukshetra that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kurukshetra massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kurukshetra who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kurukshetra massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kurukshetra massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kurukshetra who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kurukshetra employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kurukshetra helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kurukshetra

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kurukshetra at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna

मेरी प्यारी चुदासी औरतें और तमाम चूतवालियों आपको राजेश का Antarvasna प्यार। आशा करता हूं कि अभी तक की कहानी जो हकीकत है आप सबको पसन्द आयी होगी और तमाम चूतें रस से लबालब भर गयी होंगी। मैं हमेसा तैयार हूं किसी भी चूत को मारने के लिये। मेरा तो दिल करता है जैसे सभी खेलों का विश्वकप होता है वैसे ही लंड चूत के खेल का भिउ विश्वकप होना चाहिये। अब आपको आगे की कहानी बताता हूं।

सोनम, पाठकों गलती से भाग-२ में इसका नाम शालु लिख दिया है आप नाम को छोड़िए और घटना का आनन्द लीजिये, कि जबरदस्त चुदाई के बाद हम दोनो पस्त होकर सो गये। सोनम बोली “राजा तूने आज इस चूत का खूब मजा लिया और मुझको भी मजा दिया। सचमुच इतनी जबरदस्त चुदाई मेरी आज तक नहीं हुई थी। मेरी तो पूरी चूत दर्द कर रही है। हरामी, हमेशा मुझको चोदते रहना।” मैं बोला “रन्डी अभी तो तेरी गाँड तो बाकी है, मैं तो तेरी गाँड भी मारुंगा तब शान्ती मिलेगी।” सोनम “न रे मादरचोद तेरे इतने मोटे लंड से मैं अपनी गाँड नहीं फड़वाउंगी। तू तो मेरी जान ले लेगा।”

मैने कहा “रानी बड़े प्यार से तेरी गाँड मारुंगा, तू चिंता मत कर तुझे बड़ा मजा आयेगा, मैं जैसा बोलता हूं वैसा कर। जा देख चाची के किचन में कोई मोटा लकड़ी का चिकना डंडा है।” चाची के किचन में दाल को मथने वाली मथानी मिली जिसका हैंडल चिकना और मोटा था। किचन में तेल की शीशी भी मिल गयी।

दोनो को लाने के बाद मैने सोनम से कहा “रानी जरा अपनी गाँड तो दिखाओ उसका रास्ता जरा साफ़ कर दूं ताकि मेरा लंड असानी से उसमें घुस सके।” मैने उसकी साड़ी उठाकर उसको उल्टा सुला दिया, उसके ब्लाउज़ के बटन खोलकर उसके दोनो मम्मो को बे-रहमी से मसलने लगा, वो चिल्लाने लगी “अरे सुअर कितनी जोर से मसल रहा है, जरा धीरे धीरे मसल ताकि मुझको भी मजा आये। इसको छोड़ मादरचोद अपना लंड मेरे मुँह में दे ताकि उसको चूस के खड़ा तो करूं तभी तो तू मेरी इस कोमल गाँड को मार पायेगा।

मैने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया वो सचमुच एक कुतिया की तरह चभर चभर मेरे लंड को चूसने लगी और बोली “बहनचोद, तेरा लंड अभी कितना शांत है और खड़ा होता है तो खतरनाक हो जाता है।” लंड धीरे धीरे अपने असली रूप में आने लगा। मैने उसको उल्ता सुला कर कुतिया के पोज में कर दिया। उसकी गाँड का छेद दिखने लगा था।

मैने उसकी गाँड के छेद पर थूक लगाया और अपनी जीभ से उसकी गाँड को कुत्ते की तरह चाटने लगा और अपनी जीभ को उसकी गाँड में घुसाने लगा। अपनी एक उंगली उसकी गाँड में धीरे धीरे डाला और अंदर बाहर करने लगा। सोनम “राजा तेरी उंगली से तो मजा आ रहा है जरा जोर जोर से डाल।” मैने उसकी गाँड पर ढेर सारा तेल डाला और उसको अपनी उंगली से उसकी गाँड के अंदर डाल दिया। फिर दाल मथानी के हैंडल पर तेल लगाया और उसको सोनम की गाँड पे रखा और दबाया, वो सरकता हुआ उसकी गाँड में घुसने लगा और वो बोल पड़ी “अरे हरामी के बच्चे आराम से घुसा” धीरे धीरे हैंडल उसकी गाँड में घुस गया और मैं उसको अंदर बाहर करने लगा। सोनम को भी मजा आने लगा “अरे राजा बड़ा मजा आ रहा है जरा जोर जोर से डाल, हाय रे मादरचोद, नहीं पता था कि गाँड में भी इतना मजा आता है। राजा मेरी गाँड का भी छेद मेरी चूत की तरह कर दे और इसको भी अपने खम्भे से चोद।” मैं हैंडल को गोल गोल घुमाने लगा ताकि उसकी गाँड ढंग से खुल जाये और मेरे लंड का रास्ता साफ़ हो जाये।

उसके बाद मैने अपने लंड पे ढेर सारा तेल लगाया और उसकी गाँड के छेद पर रख कर एक जोर का झटका मारा, सोनम चीख पड़ी “अरे हर्रर्राम्ममीइ मादरचोद, सुअर मार डाला रे, अहह … र्रर्रर्रर्रीईईए माअद्ददाअर्ररछहूओद्दद्द ने मेरी गाँड फाड़ दी रे। हराम का चोदा रे रुक जा रे साला धीरे धीरे डाल रे हाय रे मेरी गाँड।” मैने फिर धीरे धीरे दबाना सुरु किया और १० मिनट की मेहनत के बाद मेरा लंड उसकी गाँड मेँ ठस गया था। मैने धीरे धीरे अंदर बाहर करना चालु किया, सोनम का दर्द भी कम हो गया था। मैने स्पीड बढ़ाना चालू किया और अब सोनम रंडी को भी मजा आ रहा था। पूछा “क्यों रंडी अब मजा आ रहा है न, छिनाल आज मैं तेरी गाँड फाड़ के रहूँगा, साली एक नम्बर की चुदक्कड है तू, तेरा सारा परिवार छिनाल है। हरामजादी तुझे बता दूं तेरी दोनो बड़ी बहनें भी मेरे लंड की आशिक है और मैं उनको भी जम के चोदता हूं, समझी। तेरी माँ को भी मैने एक बार चोदा हाय रे रंडी। तेरी माँ तो तेरे से बड़ी छिनाल है साली का भोसड़ा इतना बड़ा है कि उसमें दो लंड घुस जाये।”

मेरा लंड तूफान मेल की तरह सोनम की गाँड में उसको चोद रहा था और सोनम तो जैसे पागल हो गयी थी “जियो मेरे राजा आज तुमने मुझको नया आनन्द दिया है, बहुत मजा आ रहा है दिल करता है इस लंड को अपनी गाँड से निकालू ही नहीं। आहा रे मेरे राजा, जोर से मार आह्हह मार मार मार जोर जोर से मार और जोर से मार रे मादरचोद हाय रे अरे पूरा लंड घुसा दे रे मादरचोद। शाबाश मेरे राजा ये चूत और गाँड तुम्हारी हुई जब चाहे जितना चाहे मारना। तू तो बड़ा हरामी है रे तूने तो मेरे पूरे परिवार को चोद दिया है। अगली बार तू मुझको और मेरी माँ को एक साथ चोदना, नई और पुरानी चूत दोनो का मजा एक साथ लेना।”

मैं पागलों की तरह उसकी गाँड में अपना लंड पेले जा रहा था और २० मिनट बाद मेरे लंड ने अपना सारा माल उसकी गाँड में गिरा दिया और शांत हो गया। सोनम ने माल से सने लंड को कुतिया की तरह साफ़ कर दिया चाट चाट कर। सोनम “चल मेरे राजा तूने बहुत मजा दिया और मैं याद रखुंगी तेरी इस चुदाई को। समय समय पर लंड का आनंद देते रहना।”

इस प्रकार सोनम की एक चुदाई खत्म हुई, मैने अनगिनत बार उसकी चूत मारी है और आज भी उसकी चूत मारता हूं। दोस्तों अगली बार मैं अपने मामी की चुदाई की असली दास्तान ले कर आपके सामने आउंगा। Antarvasna

Antarvasna

हेल्लो दोस्तों ! मैं कोई कहानीकार Antarvasna नहीं हूँ, पर यहाँ कई कहानियाँ पढ़ने के बाद मैंने भी अपना एक अनुभव आपको बताने की कोशिश की है. उम्मीद है आपको पसंद आएगी.

बात उस समय की है जब हम एक महानगर के पास के एक छोटे से शहर में रहने गए. वो एक नई कालोनी थी और बाज़ार दूर था इस. उसी समय हमारे पड़ोस के मकान में एक परिवार रहने आया. पति पत्नी और उनका 6 महीने का बच्चा. उस औरत को जब भी देखता था तो मेरे लंड उससे सलामी देने लगता था. क्या ज़बरदस्त माल थी. उमर 21 साल. बच्चा होने के बाद भी अच्छा संवार कर रखा था उसने अपने आप को.

पतली कमर गोरा रंग और भरा हुआ शरीर. मुझे शुरू से ही भरे बदन की ज़बरदस्त आंटियाँपसंद हैं. आंटी को हिन्दी फिल्मों का बहुत शौक था. और मुझसे हर हफ्ते 1-2 फिल्मों की कैसेट मंगवा कर घर पर देखती थी. उसके पति का ट्रांसपोर्ट का बिज़नस था और उन दिनों उनके अहमदाबाद के कई चक्कर लगते थे.
वो महीने में मुश्किल से एक हफ्ता ही घर पे रह पाते थे. पर जब वो घर पर होते थे तो भी मुझसे ही फिल्में मंगवाया करते थे. विडियो लाइब्रेरी वाला उनका दोस्त था, वोह उससे फ़ोन कर देते थे और मैं कैसेट ले आता था. पर जब वो कैसेट मंगवाते थे तो मुझे फ़िल्म की स्पेल्लिंग असली स्पेल्लिंग से अलग लगती थी.

एक दिन अंकल घर आए, मुझसे एक फ़िल्म मंगवाई. अगले दिन मैं कॉलेज से वापस आया तो देखा कि घर पे ताला लगा है तो मैं आंटी के घर चला गया. आंटी ने बताया कि मम्मी को मार्केट जाना था तो वो अभी गई हैं, तुम यहीं इंतज़ार कर लो.

मैंने अंकल के बारे में पूछा तो पता चला कि उनका ट्रक ख़राब हो गया है तो वो सुबह ही चले गए हैं और 10 दिन के बाद आएंगे. आंटी का मूड बहुत ख़राब था. मुझे लगा कि वो अभी रो रही थी. मैंने पूछा तो वो बोली कि तबियत ठीक नहीं है. मुझसे कहा कि मैं नहा कर आती हूँ फिर चाय बना दूंगी.

मैं बैठ गया, अचानक मेरी नज़र उस कैसेट पर पड़ी और मैं सोच ही रहा था कि इस फ़िल्म कि स्पेल्लिंग भी कुछ अलग क्यों है. थोड़ी देर में आंटी नहा कर आ गई और चाय बना लायी. मैंने उनसे पूछा कि आंटी कुछ कैसेट की स्पेल्लिंग ग़लत क्यों लिखी होती है, तो वोह मुस्कुरा दी और बात को घुमा दिया. फिर अंकल और उनके काम के बारे में बात होने लगी तो वो कहने लगी कि अंकल के पास मेरे लिए समय नहीं है और अचानक फिर से रोने लगी और अपना सर मेरे कन्धों पर रख दिया. मैंने उनके कन्धों पे हाथ रखा और चुप कराने की कोशिश करने लगा.

उन्होंनें स्लीवेलेस सूट पहना था और उनकी चिकनी बाहों का स्पर्श मुझे मजा देने लगा. मेरा लंड खड़ा हो गया और पैंट से बाहर आने के लिए मचलने लगा. मैं आंटी को तसल्ली देने लगा और बोला कि आप जैसी सुंदर बीवी को छोड़ कर वो कैसे चले जाते हैं. अगर मैं आपका पति होता तो…

फिर चुप हो गया तो वो बोली कि अगर होते तो… आगे बोलो… मैंने कहा कि तो मैं आपको दिन रात प्यार करता. वो बोली कि फिर तुम्हारे अंकल क्यों नहीं करते… क्या मैं अच्छी नहीं हूँ…?

मैंने कहा कि आप बहुत सुंदर हो…फिर धीरे से मैंने उसके होठों को चूम लिया और हम दोनों धीरे धीरे एक दूसरे को किस करने लगे. धीरे धीरे हमने एक दूसरे को बाहों में भर लिया और ज़ोरदार किस चालू हो गई, होंठ होंठों को चूसने लगे। कभी मेरी जीभ उसके मुहँ में जाती और कभी उसकी जीभ मेरे मुहँ में।

अचानक वो बोली कि तुम पूछ रहे थे ना कि इस मूवी की स्पेल्लिंग ग़लत क्यों है? तो उस मूवी को ओन करो पता चल जाएगा। मैंने वीसीआर में मूवी लगा दी, वो बेड पे बैठ गई और आवाज़ कम कर दी. मैं भी उसके पास जाकर बैठ गया। वो एक नग्न मूवी थी।

ब्लू फ़िल्म देखते देखते हम उत्तेजित हो गए और मैंने किस करते करते उसका कुरता उतार दिया…मेरे हाथ उसकी पीठ पर फिरने लगे……क्या चिकना बदन था उसका…
फिर उसने मेरा शर्ट और बनियान निकाल दी… मैं एक बात बतानी भूल गया कि मैं जिम्नास्टिक का प्लेयर हूँ और इसी वजह से मेरी फिजिक ज़बरदस्त है… फिर धीरे से मैंने उसकी ब्रा खोल दी। उसके मस्त कबूतर फडफडा कर बाहर आ गए और मैं उन्हे धीरे धीरे दबाने लगा

उसने मुझे कस कर बाहों में भर लिया… उसका गर्म चिकना नाजुक शरीर .. मुझे ऐसा लगा जैसे इससे अच्छी फीलिंग कोई हो ही नहीं सकती… फिर मैंने धीरे धीरे उसके बूब्स बारी बारी से चूसना शुरू कर दिया… उसने मस्ती में अपने सर पीछे फ़ेंक दिया और मज़े में सिस्कारियाँलेने लगी… मैंने धीरे धीरे उसकी सलवार का नाडा खोल दिया।

अब मेरे हाथ उसके पूरे नंगे शरीर को सहलाने लगे पैरों से लेकर कंधे तक। और मैं चूसते और चूमते हुए नीचे जाने लगा। फिर मैंने उसकी नाभि पे जीभ फिरानी शुरू कर दी… फिर मैं उसके पैरों की तरफ़ चला गया और उसके पैर के अंगूठे और उँगलियों को एक एक करके चूसने लगा…
इससे वो और उत्तेजित होने लगी और मुझे प्यार से देखकर मीठी मीठी सिस्कारियाँ लेने लगी… फिर मैंने अपनी पैंट उतार दी और उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से हलके हलके सहलाने लगा…

उसने फिर मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया…… उसके हाथों के स्पर्श से मेरा लंड लकड़ी की तरह सख्त हो गया और मैंने उसकी पैंटी को अलग करके उसकी मस्त चूत को चाटना शुरू कर दिया और बीच बीच में जीभ को चूत के अंदर डालकर क्लिट्स को चाट लेता था।
थोड़ी देर सिस्कारियाँ लेने के बाद वो मेरा सर पकड़ कर जोर से चूत पे दबाने लगी और चूत को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी… मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है।

थोडी देर में उसकी चूत से पानी निकलने लगा पर मुझे अच्छा नहीं लगता सो मैंने मुँह हटा लिया। वो धीरे धीरे साँसे लेने लगी… पर मेरी बेचैनी बढती जा रही थी।
मैंने फिर से उसके बूब्स से खेलना शुरू कर दिया और वो फिर से मस्त होने लगी। मैं उसके बूब्स मसलते हुए किस करने लगा और सारे बदन को सहलाता रहा थोडी देर मैं वो फिर से उत्तेजित होने लगी।

फिर उसने पलंग से नीचे बैठकर मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया… सच कहूँ तो ऐसी चुसाई का मजा मुझे और किसी ने नहीं दिया…और मेरी झाटों से खेलने लगी… थोडी देर में मेरे लंड का पानी निकल गया और उसने एक एक बूँद चाटकर साफ़ कर दी… फिर हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया और मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा… वो बोली कि यह बड़ा शैतान है… देखो फिर से उठ गया… मैंने कहा कि मैंने तुम्हें कहा ही था कि मैं तुम्हे सारी रात प्यार कर सकता हूँ…

वो बहुत भावुक हो गई और मुझे ज़ोर से गले लगा लिया और मेरे होंठ चूसने लगी… अब हम दोनों पूरे जोश में आ चुके थे। मैंने उसको लिटा दिया और पैरों के बीच मैं आ गया… फिर मैंने उसके चूतड़ों के नीचे 2 तकिये रख दिए और उसके दोनों पैर अपने कन्धों पे रख लिए।
फिर मैं लंड को उसकी चूत पे रगड़ने लगा… वो पागल हो रही थी और लंड अंदर पेलने की मिन्नत करने लगी…… थोड़ा तरसाने के बाद मैंने एक ज़ोरदार झटका लगाया और मेरा लंड आधा उसकी चूत में चला गया… उसकी चूत बहुत टाइट थी…

उसने अपना निचला होंठ दातों में दबा लिया और मुझे रोकने का इशारा किया…… फिर बोली कि दर्द हो रहा हैं आराम से करो… मैं थोडी देर और रुका और फिर दूसरा धक्का लगाया तो मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर समां गया और वो दर्द से करह उठी।

मैंने फिर थोड़ा इंतज़ार किया… उसका दर्द कम हो गया था और उसने धीरे धीरे अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी… .. फिर मैंने भी अपने धक्के तेज़ कर दिए और लंड पिस्टन की तरह अंदर बाहर होने लगा…

उसे भी पूरा मज़ा आ रहा था और वो मेरा साथ देने लगी… थोडी देर बाद मैंने अपने पंजे बेड पर टिका दिए और घुटने सीधे करके ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे होने लगा… यह एक ज़बरदस्त पोसिशन होती है बिल्कुल ऐसे जैसे दंड बैठक करते हैं… इसमें बहुत मज़ा आता है… और वो झड़ के निहाल हो गई…

मैंने फिर से उसे किस करना शुरू किया… फिर वो बोली कि मैं ऊपर आ जाती हूँ… मैंने कहा ठीक है… तो वो मेरे ऊपर बैठ गई और पैर मोड़कर उछलने लगी… मेरा लंड पूरा अन्दर बाहर हो रहा था और उसे भी मज़ा आ रहा था… थोडी देर बाद वो फिर से झड़ गई।
फिर मैंने उसे नीचे लिटाया और एक पैर ऊपर कर कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा… थोडी देर इसी तरह चुदाई करने के बाद मैंने उसे डोग्गी स्टाइल मैं आने को कहा तो वो डर गई… बोली पीछे से नहीं… बहुत दर्द होगा…

तो मैं समझ गया कि अभी गांड नहीं मरवाएगी… मैंने कहा कि नहीं मैं पीछे से चूत में ही डालूँगा…

वो धीरे धीरे डोग्गी स्टाइल में आ गई और मैंने पीछे से लंड उसकी चूत में डालकर धक्के लगाने लगा… वो मजे से सिस्कारियाँ निकालती रही और गांड को आगे पीछे करती रही… मैं उसकी गांड के छेद को धीरे धीरे मसलता रहा… और थोडी देर में हम दोनों एक साथ फिर से झड़ गए… फिर मैं लेट गया और वो मेरे साथ लगकर लेट गई…

हम दोनों को ही बहुत मज़ा आया था… इसके बाद हम कई दिनों तक रोज़ चुदाई करते रहे… मैंने उसको गांड मारने के लिए तैयार किया और गांड मारी… पर वो कहानी फिर कभी…

मैं अगली कहानी कब लिखूंगा और लिखूंगा या नहीं ये सब आपकी मेल पर निर्भर करता है… तो मुझे ज़रूर बताइयेगा कि यह कहानी आपको कैसी लगी…Antarvasna

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मैं अभी सेकेण्ड ईयर बी एस सी Hindi Porn Stories में हूँ। मेरे पापा ने एक छात्र अमन को तीसरी मंज़िल पर एक कमरा किराये पर दे रखा था। ऊपर बस दो ही कमरे थे। एक खाली था और एक में अमन रहता था। दोनो कमरों के बीच एक खुली छत थी। मैं खाना खा कर कभी-कभी छत पर टहलती थी।

ऐसी ही एक रात थी… मैं छत पर टहल रही थी। अमन अपने दोस्त के साथ था। मेरे बारे में उन्हें नहीं पता था कि मैं रात को अक्सर छत पर टहलती हूँ। मैंने यूँ ही एक बार खिड़की से उसके कमरे में झाँका। अमन और उसका दोस्त कमल नीचे बैठे दारू पी रहे थे। सामने टीवी चल रहा था। पाजामे में से अमन का लण्ड खड़ा साफ़ ही दिख रहा था। कमल उसे बार-बार देख रहा था। अचानक मैं चौंक गई। कमल का हाथ धीरे से अमन की जाँघ पर आया और धीरे से उसके लण्ड की तरफ़ आ गया। अमन ने तिरछी नज़रों से उसके हाथ को देखा, पर कहा कुछ नहीं। अब कमल का हाथ उसके लण्ड पर था। अमन के जिस्म में थोड़ी कसमसाहट हुई। कमल ने अब उसका लण्ड अपने हाथों से दबा दिया। अमन ने उसकी कलाईयाँ पकड़ लीं पर लण्ड नही छुड़ाया।

“ अमन कैसा लग रहा है…?”

“हाय… बस पूछ मत… दबा यार और दबा !” अमन ने भी अपना हाथ उसके लण्ड की तरफ़ बढ़ा दिया। अमन ने भी उसका लण्ड पकड़ लिया। अब दोनों एक दूसरे का लण्ड दबा रहे थे और धीरे-धीरे मुठ्ठ मार रहे थे। मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी… ये क्या कर रहे हैं… क्या होमो कर रहे हैं…।

तभी कमल ने पाजामे का नाड़ा खोल दिया और अमन का लण्ड बाहर निकाल लिया। हाय रे… इतना बड़ा लण्ड…! मेरा जी धक् से रह गया। मेरा मन वहाँ से हटने को नहीं कर रहा था।

कमल ने धीरे से अमन के सुपाड़े की चमड़ी ऊपर खींच दी। अमन भी उसके पाजामे के अन्दर हाथ डाल कर कुछ कर रहा था। कुछ ही देर में वो नंगे हो गये। दोनों शरीर से सुन्दर थे, बलिष्ठ थे, चिकना जिस्म था। मेरी भी इच्छा होने लगी कि अन्दर जा कर मैं भी मज़े करूँ। वो दोनों एक-दूसरे से लिपट गये और कुत्ते की तरह से कमर हिला हिला कर लण्ड से लण्ड टकराने लगे।

“कमल… चल लेट जायें… और लण्ड चूसें…” अमन ने अपने मन की बात बताई।

दोनों ही बिस्तर पर लेट गये और और करवट लेकर उल्टे-सुल्टे हो गये। अब दोनों का लण्ड एक-दूसरे के मुँह के सामने थे। दोनों ने एक दूसरे का लण्ड अपने-अपने मुँह में लेकर चूसना चालू कर दिया। मैंने तो पहले ऐसा ना सुना था ना ही देखा था। मैंने अपनी चूत दबा ली… और पैन्टी के ऊपर गीला और चिपचिपापन आ गया था। मन में मीठी सी चुभन होने लगी थी।

दोनों की कमर ऐसे चल रही थी जैसे एक दूसरे के मुँह चोद रहे हों। दोनों ने एक-दूसरे के गोल-गोल चूतड़ों को दबा रखा था। पर अमन ने अब कमल की गाँड में अपनी ऊँगली घुसा डाली। और थूक लगा कर बार-बार ऊँगली को गाँड में डाल रहा था। अचानक अमन उठा और कमल की गाँड पलट कर उस पर सवार हो गया। उसने कमल की चूतड़ों को चीर कर अलग किया और अपना लण्ड उसकी गाँड में घुसाने लगा। मुझे लगा कि उसका लण्ड अन्दर घुस गया था। कमल ने अपनी टाँगें फ़ैला दी थीं। अमन के बलिष्ठ शरीर के मसल्स उभर रहे थे। कमर ऊपर-नीचे चल रही थी। कमल की गाँड़ चुद रही थी।

अब अमन ने कमल को उठा कर घोड़ी बना दिया और उसका लम्बा और मोटा लण्ड अपने हाथ में भर लिया। अब उसे शायद धक्के मारने में और सहूलियत हो रही थी। उसका लण्ड अमन की मुठ्ठी में भिंचा हुआ था। वह उसकी गाँड़ मारने के साथ-साथ उसके लण्ड पर मुठ्ठ भी मार रहा था। दोनों सिसकियाँ भर रहे थे। इतने में अमन ने जोर लगाया और उसका वीर्य छूट पड़ा। अमन ने उसे जकड़ लिया और मुठ्ठ कस-कस के मारने लगा। इससे कमल का वीर्य भी जोर से पिचकारी बन कर निकल पड़ा। दोनों के मुख से सिसकारियाँ फूट रही थीं… पूरा वीर्य निकल जाने के बाद वो वहीं बैठ गये और सुस्ताने लगे।

शो समाप्त हो गया था सो मैं धीरे से वहाँ से हट गई। मैं छत से नीचे आ गई। दोनो के मांसल शरीर मेरे मन में बस गये थे। मेरी इच्छा अब उनसे चुदने की हो रही थी। चाहे अमन हो या कमल… दोनों ही मस्त चिकने थे…। मैंने फ़ैसला किया कि चूँकि अमन यहीं रहता है, इसलिये उसे पटाना ज्यादा सरल है, फिर कमल भी तो सेक्सी है। यही सोचती हुई मैं सो गई। दूसरे दिन अमन कहीं बाहर से घूम कर आया तो मैंने उसे अपने प्लान के हिसाब से रोक लिया।

“ अमन अभी क्या कर रहे हो…? मुझे तुमसे कुछ काम है…।”

“तुम ऊपर आ जाओ… खाना खाते हुए बात करेंगे…!” कह कर वो ऊपर चला गया

मैं भी ऊपर आ गई… उसका टिफ़िन आ गया था। मैंने उसका खाना थाली में लगा दिया और सामने बैठ गई।

“हां बोल… क्या बात है…?”

“यार मुझे फ़िज़िक्स पढ़ा दे… तेरी तो अच्छी है ना फ़िज़िक्स…”

“ठीक है, कॉलेज के बाद मैं तुझे बुला लूंगा…” ये कह कर वो वापिस चला गया।

मैं भी कॉलेज रवाना हो गई। कॉलेज से आने के बाद मैं अमन का इन्तज़ार करने लगी। उसके आते ही मैं बुक्स ले कर ऊपर उसके कमरे में आ गई।

उसने किताब खोली और कुर्सी पर बैठ गया, उसकी बगल में मैं भी कुर्सी लगा कर टेबल पर बैठ गई। मेरा इरादा पढ़ने का नहीं था… उसे पटाना था। मैं उसे बीच-बीच में कुछ चॉकलेट भी देती जा रही थी। मैंने धीरे से उसके पाँव पर पाँव रख दिया। फिर हटा दिया। वह थोड़ा सा चौंका… पर फिर सहज हो गया। कुछ देर बाद मैंने फिर पाँव मारा… उसने इस बार जान कर कुछ नहीं किया। मेरी हिम्मत बढ़ी… मैंने उसका पाँव दबाया।।

अमन ने मुझे देखा… मैं मुस्करा दी। उसकी बाँछें खिल उठी। हँसी तो फँसी मान कर उसने भी एक कदम आगे बढ़ाया। उसने अपना दूसरा पाँव मेरे पाँव पर रगड़ा। मैंने शान्त रह कर उसे और आगे का निमंत्रण दिया। उसने मुझे फिर से देखा… मैंने फिर मुस्करा दिया।

अचानक वो बोला,”दिव्या… तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो…”

“क्या… कह रहे हो… अच्छे तो तुम भी हो…” मैंने उसे काँपते होठों से कहा। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खींचा। मैं जान करके उसके ऊपर गिर सी पड़ी। उसने तुरन्त मौके का फ़ायदा उठाया। और मेरी चूँचिया दबा दीं।

“हाय क्या करते हो…! कोई देख लेगा ना…!”

“कौन यार… उसने मुझे खींच कर गोदी में बैठा लिया। उसका लण्ड खड़ा हो चुका था। वो मेरी गाँड में चुभने लगा था।

“उफ़्फ़्…नीचे कुछ चुभ रहा है…”

“मेरा लण्ड है…” कह कर उसने और चूतड़ में चुभाने लगा।

“क्या है?”

“मेरा लौड़ा…” मैं जान करके शरमा उठी। मेरे चूतड़ की गोलाइयों के बीच लण्ड घुसने लगा। मेरे शरीर में सनसनी फ़ैलने लगी।

“मार डालोगे क्या… पूरा ही घुसा दोगे…” मेरी चुदने की स्कीम सफ़ल होती नजर आ रही थी। मुझे ये सोच के ही कंपकंपी आ गई।

“रुको… मेरी स्कर्ट तो ऊपर कर लो… ” मैंने अपने चूतड़ ऊपर उठा लिये और स्कर्ट ऊपर करके पैन्टी नीचे खींच दी। उसने भी अपनी पैन्ट नीचे खींच ली। उसका लण्ड फुँफकारता हुआ बाहर आ गया। उसने मुझे धीरे से चूतड़ ऊपर उठा कर लण्ड को मेरी चूत पर रख दिया और फिर मुझसे कहा कि धीरे से घुसा लो। उसका लण्ड मेरी चूत में फ़िसलता हुआ अन्दर बैठ गया। मैं आनन्द से भर गई।

तभी नीचे से पापा की आवाज आई। मैं चिढ़ गई। ये पापा भी ना… मैंने लण्ड धीरे से बाहर निकाला और कपड़े ठीक किये।

“ये दरवाजा खोल कर रखना रात को… मैं यहीं से आऊंगी… ! “

“पर ये तो बाहर से बन्द है ना…”

“अरे मैं खोल दूँगी… ये छत पर खुलता है…” कह कर मैं नीचे भाग आई। मेरा काम तो हो चुका था… बस चुदना बाकी था। मन ही मन मैं बहुत खुश थी, जैसे मैदान-ए-जंग जीत लिया हो। मैं रात होने का इन्तज़ार करने लगी।

मेरा कमरा दूसरी मंजिल पर था… मम्मी-पापा नीचे बेडरूम में सोते थे… मैं खाना खा कर अपने कमरे में आ गई। लगभग 9 बजे जब सब शान्त हो गया, मैं छत पर आ गई। मैंने तुरन्त अमन का दरवाजा खोला तो दिल धक् से रह गया… अमन और कमल दोनों ही वहाँ थे… बिल्कुल नंगे खड़े थे और गाँड मारने की तैयारी में थे।

मैं वापस जाने लगी तो अमन ने कहा…”जाओ मत दिव्या… सॉरी हम ऐसी हालत में हैं… मुझे ऐसा लगा कि तुम नही आओगी !”

मुझे लगा कि एक की जगह दो दो… मेरा मन मचल उठा…दो दो से चुदवाने को ! मैं रूक गई।

“पर दोनों नंगे हो कर ये क्या कर रहे हो…” मुझे पता था फिर भी अन्जान बनने का नाटक किया फिर अन्दर आ कर जल्दी से दरवाजा बन्द कर लिया।

“देखो किसी से कहना मत… हम रोज होमो करते हैं… कभी ये मेरी गाँड मारता है और कभी मैं इसकी गाँड चोदता हूं”

“मजा आता है ना…”

“हाँ… पर कुछ अलग सा…”

“क्या बात है यार… तुम भी ना…”

“थैंक्स दिव्या… देखो तुम यहाँ बैठो और बस देखो… हम तुम्हारे साथ कुछ नही करेंगे…” अमन और कमल दोनो ही एक तरह से विनती करने लगे।

“अरे तो मैं क्या तुम्हारी शकल देखूँगी… बस देखो!!! … मुझे भी तो मज़ा दो…” सुनते ही दोनों ही खुश हो गये। कमल को तो शायद पहली लड़की को चोदने का मौका मिल रहा था।

दोनो ने प्यार से मेरे कपड़े उतार दिये और अब हम तीनो नंगे थे। कमल तो मुझे ऐसे देख रहा था जैसे उसे कोई खज़ाना मिल गया हो… दोनों के लण्ड मुझे देख कर ९० का नहीं १२० डिगरी का ऐंगल बना रहे थे। मुझे ये जान कर सनसनी और मस्ती चढ़ रही थी कि मुझे दो-दो लण्ड खाने को मिलेंगे।

अमन मेरे आगे खड़ा हो गया और कमल मेरी गाँड से चिपक गया। अमन बोला,” दिव्या दोनो ओर से यानि चूत और गाँड में लण्ड झेल लोगी…?”

मैं सिहर उठी। मेरे मन में खुशियाँ हिलोरें मारने लगीं।

मैंने कुर्सी पर एक टाँग ऊपर रख दी और गाँड का छेद खोल दिया और इशारा किया- “लग जाओ मेरे हीरो… कमल तुम मेरी गाँड मारो, अमन ये चूत तुम्हारी हुई…!”

मैंने नशे में अपनी आँखे बन्द कर लीं। दोनों ही मेरे आगे-पीछे चिपक गये… मुझे दोनों का चिकना शरीर मदमस्त किये दे रहा था… मेरी एक टाँग कुर्सी पर ऊपर थी इसलिये गाँड और चूत दोनो ही खुली थी… पहल कमल ने की, मेरी गाँड पर तेल लगाया… और छेद में अपना लण्ड जोर लगा कर घुसा दिया।

अब अमन की बारी थी… उसने अपना लण्ड मेरी चिकनी और पनीली चूत में डाल दिया।

दोनों के मोटे और लम्बे लण्ड का भारीपन मुझे महसूस होने लगा। चूत लप लप कर लण्ड निगलने को तैयार हो गई थी। अब दोनों चिपक गये और हौले-हौले से कमर हिलाने लगे। दोनों ओर से लण्ड घुस रहे थे। मेरे आनन्द का कोई पार नहीं था। मेरे शरीर में तरंगें उठने लगीं। लण्ड मेरे दोनों छेदों में सरलता से आ जा रहे थे। पहली बार मैं आगे और पीछे से एक साथ चुद रही थी। दोनो के लण्ड फुफकार मार-मार कर डस रहे थे…

मैं वासना की गुड़िया बनी जम कर चुदवा रही थी। मस्तानी हो कर झूम रही थी। चुदाने का पहले का तज़ुर्बा काम में आ रहा था। दोनों ओर की चुदाई के कारण मैं कमर हिला नही पा रही थी… पर धक्के अब जोरदार लग रहे थे और मेरे चूत और गाँड में गजब की मिठास भर रहे थे। मेरी गाँड और चूत एक साथ चुदी जा रही थी।

कमल के दोनों हाथ मेरी चूचियों पर थे और मसलने में कोई कसर नही छोड़ रहे थे। उसे तो शायद पहली बार बोबे दाबने को मिले थे… सो जम कर दाब रहा था… लग रही थी, पर आनन्द असीम था… मेरी चूत और गाँड में तेज़ गुदगुदी और सनसनाहट हो रही थी… उन दोनों के लण्ड अन्दर आपस में टकराने का अह्सास भी करा रहे थे।

अचानक दोनों की ही बाँहों ने मुझे भींच लिया… दोनों के लन्डों का भरपूर दबाव चूत पे आने लगा। भींचने के कारण मेरी चूत में रगड़ लगने लगी और मैं अपनी सीमा तोड़ कर झड़ने लगी… “हाय रे… मैं तो गई…”

पर दोनों के बाँहों की कसावट बढ़ने लगी। अमन ने अपना लण्ड चूत में दबाया और अपना वीर्य छोड़ दिया… और ज़ोर लगा कर बाकी का वीर्य भी निकालने लगा। मेरी चूत से वीर्य निकल कर मेरे पाँवों पर बह चला।

इतने में कमल ने भी अपनी पिचकारी गाँड़ में उगल दी। दोनों ही कुत्ते की तरह कमर को झटका दे देकर वीर्य निकाल रहे थे। मेरी टाँग दोनो के वीर्य से चिकनी हो उठी। दोनों ने मुझे अब छोड़ दिया।

दोनों के मुरझाये हुए लण्ड लटकने लगे। अब मुझे अपने बिस्तर पर लिटा कर दोनों ही अपने मन की भड़ास निकालने लगे और बाकी की चूमा चाटी करने लगे। काफ़ी देर प्यार करने के बाद उन दोनों ने मुझे छोड़ा। मैंने उन दोनो को इस डबल मज़े के लिये धन्यवाद कहा और कल और चुदाने का वादा करके मैंने अपने कपड़े पहने और कमरे से निकल कर छत पर आ गई। धीरे से नीचे आकर अपने कमरे में आ गई।

आज मेरा मन सन्तुष्ट था। आज मेरी चूत और गाँड दोनों की प्यास बुझ गई थी। मैं अब सोने की तैयारी करने लगी…… Hindi Porn Stories

Sex Stories

मेरे घर कुछ दिन Sex Stories पहले मेरी छोटी दादी (पिताजी की चाची) आई। उनके साथ कोई उनके मायके की भतीजी थी। उन्हें मेरे ही कमरे में ठहराया गया।

मेरी पारखी नज़रों ने मुझे बताया कि चांस मारा जा सकता है। फ़िर मुझे पता चला कि उनके पति स्वर्गवासी हैं, तो मैंने कुछ भी ऐसा-वैसा करने का इरादा छोड़ दिया।
पर उन्होंने मेरा हौसला खाने के वक्त बढ़ाया। मेज़ के नीचे बार-बार मेरा पैर अपने पैर से रगड़ती रहीं।
फ़िर मैंने ख्याल किया उनके नीचे गले वाले ब्लाउज से बाहर झांकते स्तनों का। कुछ नहीं तो 36 सी आकार रहा होगा।

मेरा तो कलुआ खुशी से उठ खड़ा हुआ जब पता चला कि उन्हें मेरे कमरे में ठहराया गया है।

वे मेरे बिस्तर पर चैन से सो रहे थे। दादी साइड में थी। सीमा – उनका नाम था- किनारे पर इस तरफ थी। और मैं अपने सिस्टम पर प्रोग्रामिंग का अभ्यास कर रहा था। पर दिमाग अलग ही प्रोग्रामिंग में लगा था।

जब मैंने देख लिया कि अब सब गहरी नींद में हैं तो उठा। अभी मुझे चेक करना था कि क्या सही में सीमाजी और कितनी हद तक एक्सेसिबल हैं।

मैंने कम्बल ओढ़ाने के बहाने उनके एक बेल को मसला। उनकी आंख झट से खुली। मैं डरा, पर उनकी मुस्कान ने मुझे ग्रीन सिग्नल दे दिया।

फिर दादी को कम्बल ओढ़ाने के बाद मैंने उनके कम्बल को पैर से सर तक सही किया, एक बार। वो भी एकदम अच्छे तरीके से। पर देखा दादी अभी करवट ले रही है, इसलिये फ़िर से मशीन पर बैठ गया।

बैठा था मैं जो करने, वहाँ ध्यान ही नहीं था। मैं उन लड़कियों और औरतों के बारे में सोच रहा था, जिनके साथ खेला हुआ था, या मैंने करना चाहा था।

मुझसे रहा नहीं गया। मैं उठ कर बाथरूम चला गया। वहीं हस्तमैथुन करने लगा, एकदम से भीतर जाकर।

तभी मुझे लगा कोई आया बाथरूम में। रात के एक बज रहे थे, सो मैंने बन्द नहीं किया था। पता नहीं कौन होगा, सोचकर मैंने खांसी की। पर देखा कि वो मेरे सामने आकर मुस्कुरा रहीं हैं, सीमाजी!!

मैं सकपका गया। एकदम सावधान खड़ा हो गया। वो मुस्कुराते हुए चली गईं।

मैं अब आकर सोफ़े पर एक चादर लेकर सो गया। देखा वो करवटें ले रही थी। और उनकी चूचियाँ छलक-छलक के बाहर आ रही थी।
एकबार जब वो शान्त हुई, तो मैंने हिम्मत की। डर मुझे इतना ही था कि ये मेरे पापा की सम्बंधी लगती एक रिश्ते में, बस।

मैं उनके छाती पर धीरे-धीरे ऊँगलियों से हरकत कर रहा था। थोड़ी देर बाद पूरे हाथ से दबाना शुरू किया उनके बेल के आकार के स्तनों को।

उन्होंने अपने दोनों हाथ जांघों के भीतर दबा कर डाल लिये। जगी तो वो थी ही, अब आंखें भी खोल ली उन्होंने और मुझे इशारा किया ब्लाउज खोलने को।

पैकिंग और अनपैकिंग के काम मेरा हाथ तेज है। मैंने झट-पट ब्लाउज के साथ ब्रा भी खोल दिया।

अब उनको मस्ती आने लगी थी। पर मैंने होठों पर हाथ रख कर आवाज ना करने को कहा।

वो हाथ पैर फेंक कर दादी को डिस्टर्ब करे उससे पहले मैंने उनसे सोफे पर चलने को कहा।

सोफे पर जाते ही उन्होंने मेरा सर अपनी तनी हुई चूचियों वाली छाती पे लगा दिया। मैं भी लगा चूसने कस के।
सिसकारी निकलने लगी तो मैंने उनके मुँह पर हाथ रख दिया। वो बड़े-बड़े बोबे, दोनों हाथों से पकड़ो तो हाथ मे आयेंगे। मैं सब कुछ भूल कर दूध पी रहा था उसका।

वो भी जन्नत की हूर थी, कैसे आ गई मेरा रात रंगीन करने!!! जो गठीला बदन था, आजकल पैसा खर्चने पर भी वैसी आइटम नहीं मिलेगी।

जब मेरा मन भर गया ऊपर से तो मैंने नीचे की ओर देखा। उन्होंने सहमति में सर हिलाया।

मैंने धीरे से साड़ी के भीतर हाथ डाला। पूरे पैर को सहलाते हुए जांघों तक पहुँचा। इस बीच उनके हाथ मेरे लुंगी के भीतर मेरे लोहे जैसे गर्म और सख्त टूल को टटोलने लगे थे।
वो मेरे साइज से बेहद खुश थी। एक ही बार में भूखी शेरनी जैसे भेड़िये को खाती है, मेरे तीसरे पैर को डाल लिया अपने मुँह में।

मैं सिहर उठा। आज मैं सातवें आसमान में उड़ रहा था। मेरे हाथ अब उस चूत की ओर बढ रहे थे जिसे उन्होंने बताया कि 3-4 साल से जल रही थी।

सच में किसी ऑवन से कम गर्मी न थी। पर सारा लव-होल एरिया जंगल से भरा था। वो चाहती थी, मैं चाटूं। पर बालों ने मेरा उत्साह कम कर दिया।
पर उन्होंने मेरा मन खुश किया था, तो मैंने कहा कि आज मैं टेस्टर से चेक कर लूँ कि कितना कर्रेंट है, फिर कल मुँह डालूंगा, इतना गरम है कि क्या पता मुंह जल जाए।

वो मेरे बात से सहमत थी।

मैंने अपना रॉड गाड़ दिया उनके आग के कुंए में। कसम से आज मैं समझा कि जिसको हम चरित्रहीनता कहते हैं, वो उसके अन्तःमन की दबी हुई आग की चिन्गारी भर होती है, अन्तर्वासना होती है।

एक सम्पूर्ण संतुष्टि का भाव था उनके चेहरे पर उस वक्त।

सालों से ना चुदने की वजह से उनके लव-स्पॉट की दीवारें तंग हो गई थी। बड़ी दिक्कत हो रही थी मुझे। मैं उठ कर अपने रसोई से मक्खन ले आया। गर्मी तो इधर इतनी थी कि मक्खन पिघलते देर नहीं लगी।

खैर मैं उत्तेजना की वजह से दस मिनट से ज्यादा सम्हाल न सका। पर वो खुश थी।

उसके बाद 2-3 दिन और रुके वो लोग… Sex Stories

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मेरा नाम श्रेया Hindi Porn Stories आहूजा है, चंडीगढ़ की रहने वाली हूँ ! आज मैं आपको अपनी लाइफ स्टोरी बताने जा रही हूँ !

पहले मैं अपना विवरण देना चाहूंगी : अत्यंत गोरी चिकनी हूँ कमर बहुत पतली लेकिन बुंड थोड़ी चौड़ी है !

मम्मे बिल्कुल गोल गोल हैं जब ब्रा के बिना टी-शर्ट पहनती हूँ तो मम्मो का उछाल देखकर लड़कों के छक्के छूट जाते हैं ! वैक्सिंग के बाद मेरा जिस्म और भी खिल जाता है ! बुंड के बाल मैं नहीं निकलवाती क्यूंकि सेंसिटिव हूँ !

स्कूल का आखिरी दिन था, मेरा बॉय फ्रेंड मुझे स्पोर्ट-रूम में ले गया और मुझे चूमने लगा ! पता नहीं कब मेरी पैंटी के अन्दर ऊँगली डाल कर मेरी फुद्दी में आग सुलगाने लगा …

नहीं अखिल ! रुक जाओ प्लीज़ …

श्रेया तुम भी ना ..? मज़े लो ना ! फिर कहाँ मौका मिलेगा …

उसने मेरा स्कर्ट ऊपर किया और पैंटी उतारने लगा …

नहीं अखिल ! आह ..

यह क्या … पैड ..? ओह पीरियड आ रहे हैं क्या .. ??

कह कर मेरी पैड फेंक दी …

ओह्ह नहीं… !

तभी पीटी सर अन्दर आ गए ….

यह क्या हो रहा है अखिल ??

उसने मुझे ऊपर से नीचे देखा …

मेरी पतली टाँगें और भरी हुई जाँघें … मेरी चिकनी फुद्दी और गोरी चिकनी बुंड देखकर चुप हो गया ..

अब स्कूल गर्ल का फिगर कैसा होगा आप समझ लें ..

अखिल आई विल सस्पेंड यू !! पीटी सर नाराज़ होकर बोले …

मैं इसी बीच अपने पैंटी लेकर भाग निकली।

पीटी सर मेरे घर के पास ही रहते थे …

डील डौल तो अच्छा था, लेकिन एक परेशानी थी- उसके शरीर में बाल बहुत थे ! मानो भालू जैसा …

कुछ महीने गुज़र गए …

एक दिन मैं अपने गार्डन में टेनिस खेल रही थी … छोटी सी स्कर्ट और स्पोर्ट्स ब्रा पहनकर …

मुझे पता था कि वो गेट से मुझे देख रहा था …

मैं जानकर झुकी … अपनी लाल पैंटी दिखाने के लिए …

अगले ही दिन वो मेरे घर आया …

घर में कोई नहीं था, सब शादी में गए हुए थे ..

मैं गार्डन में पौधों को पानी दी रही थी ..

श्रेया ! कालोनी में टेनिस मैच होने जा रहा है ! क्या तुम खेल रही हो ??

मैंने कहा- नहीं सर ! असल में सर … !

यह फॉर्म भरो …

मैं झुककर फॉर्म भरने लगी ..

वो मेरे अध-खुले मम्मों को देखने लगा..

क्या हुआ सर ?

कुछ नहीं चलता हूँ श्रेया …

मैंने कहा- कुछ पियेंगे ??

उसने कहा- हाँ दूध .. डेयरी फ्रेश ..

मैं समझ गई …

घर में कोई नहीं था, मैंने अपने मम्में बाहर निकाल लिए टी शर्ट से ! क्यूंकि मैं हर वक़्त ब्रा नहीं पहनती ..

वो उसे बच्चे की तरह पीने लगा …

आह्ह अहह ! मेरी सिसकियाँ निकलने लगी …

उसने मेरी पैंटी में ऊँगली डाली !

आह सर ! बस भी करो … !

क्यूँ अखिल को तो नहीं रोकती …? बता दूँ क्या घर पे ?

मैं डर गई और वहीं गार्डन में लेट गई, शाम हो रही थी घर पर कोई नहीं था ..

उसने मुझे नंगा कर दिया था …

सर बेडरूम में चलें? यहाँ नहीं.. मुझे शर्म आ रही है !

उसने एक ना सुनी और मेरी टांगें फैला दी … जब मैंने उसका लंड देखा तो मैं डर गई .. ओह नहीं इतना बड़ा ? मैं मर जाउंगी !!

उसकी बालदार मोटी मोटी जांघें और उसके विशाल लंड में उभरी नसें देख मैं उठने लगी- नहीं मुझे जाने दो ..

लेकिन उसने मुझे उठने नहीं दिया और बड़े प्यार से मुझे बच्चो की तरह उठाया … तुम्हारी उम्र क्या है ?

आह अठारह ..

कितनी बार चुदवा चुकी हो इसे ? उसने मेरी फ़ुद्दी में उंगली डालते हुए पूछा।

ओह, कभी नहीं ! मेरी फुद्दी कुँवारी है ..

कहकर मैंने उसका लण्ड अपने मुँह में ले लिया ..

अह ! श्रेया ! आह !

उसकी सिसकियाँ सारे गार्डन में गूंजने लगी ..

उसने मेरी टांगें फैलाई …

चोदो ना जल्दी सर … अहह ! लेकिन आराम से करना !

मेरा पानी जांघों से बह रहा था !

उसने “कैसा बॉय फ्रेंड है जो इस रेशम सी कोमल लड़की को कुँवारी छोड़ा हुआ है .. कहकर अन्दर डाला !

अहह अह्ह्ह बस और अन्दर नहीं !

बेबी, अभी तो सिर्फ टोपा गया है … लम्बी लम्बी सांसे लो ..

अह्ह्ह बस अब्ब नहीं सहा जा रहा ..

उसने मेरी गाण्ड को एक एक हाथ में उठाया और मुझे पेलने लगा ..

आह और .. और चोदो सर ! बस थक गए क्या ?

हम दोनों स्खलित हो गए …

अहह ! मेरी सिसकियों से सारा जहाँ गूंज उठा ..

मेरी नींद आधी रात को टूटी …

सर जा चुके थे .. मेरी फुद्दी में उसके वीर्य के अलावा खून के दाग भी थे जो जांघों के नीचे लकीर की तरह बह के जम चुके थे …

मैंने गार्डन के वाटर पाइप से साफ़ कर लिया उसे ..

मैं पहली बार चुदी थी ..

बाद में कितने आये कितने गए ! लेकिन पीटी सर जैसा कोई ना था ..

आइ मिस माय फर्स्ट सेक्स …

आई मिस यू सर !

आपकी

श्रेया आहूजा Hindi Porn Stories

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