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मैं जबलपुर का रहने वाला एक Hindi Sex Stories २६ वर्षीय युवक हूँ। एक गलत नंबर पर फोन लगने से क्या क्या हो सकता है, मैं आपको बताता हूँ।
यह बात उन दिनों की है जब कॉलर आई डी नया नया आया था। उसके बाद फोन पर लड़की पटाने में महारत हासिल कर ली। एक दिन मैंने शाम करीब ४ बजे एक ट्रेवल एजेंट को फोन लगाया, गलती से वो फोन किसी और के घर पर लग गया। एक लड़की की आवाज़ थी। मैंने पूछा- आप ट्रेवल ऐजेन्सी से बोल रही है?
उसने कहा- नहीं !
और फ़ोन रख दिया।
क्योंकि मैं कुंवारा हूँ इसलिए चुदाई की हमेशा इच्छा होती रहती है। मैंने अपने कालर आई डी पर नंबर देखा और फिर से फ़ोन किया तो उसी लड़की ने फोन उठाया। मैंने उससे कहा- नंबर गलत होने के बावजूद मैं आपसे बात करना चाहता हूँ !
तो लड़की बोली- कोई ज़रूरत नहीं ! आप अपना और मेरा समय बर्बाद ना करें !
और वो फोन रखने वाली थी कि मैंने उससे कहा कि आपकी आवाज़ बहुत अच्छी है, मैं आपके साथ कुछ देर बातें करूँगा, फिर कभी डिस्टर्ब नहीं करूंगा।
उसने कहा- बोलो ! क्या बोलना है !
मैंने कहा- मुझे आपकी आवाज बहुत अच्छी लगी, मुझे आपसे दोस्ती करनी है।
उसने पूछा- आपने मेरा नंबर फिर से कैसे लगा लिया?
मैंने कहा- रिडायल का बटन दबा दिया।
खैर थोड़ी देर यूँ ही बातें होती रही, उसकी आवाज दरअसल बहुत अच्छी और सेक्सी थी जिसे सुनकर मेरा लंड खडा हो रहा था। बातों बातों उसने कह दिया कि वो पोस्ट-ग्रेजुएट है और शादी की बातें चल रही हैं।
फिर उसने कहा- पापा ऑफिस से आने वाले हैं, मैं रखती हूँ।
मैंने कहा- अपना नंबर तो बता दो !
उसने कहा- नहीं !
तो मैंने कहा- मेरा नंबर ही सुन लो !
उसने यह कह कर फ़ोन रख दिया- ठीक है पर कोई फायदा नहीं है।
दो तीन दिन बीत गए, मैं इंतज़ार करता रहा। फिर एक दिन उसका मिस-कॉल आया मैंने वापस फोन नहीं किया ताकि उसको पता ना चले कि मेरे पास उसका नंबर है। दो तीन बार उसका मिस-कॉल आया तो मैंने उसे फ़ोन लगा कर कहा- बड़ी मुस्किल से बात हुई, मैंने बहुत नंबर लगाये जो पहले वाले नंबर से मिलते-जुलते हैं।
मुझे पता चल चुका था कि उसे मुझसे बात करने की इच्छा है, तो मैंने उसे कहा- तुम्हारी बहुत याद आ रही थी, मैं तुम्हारी आवाज़ सुने बगैर नहीं रह सकता हूँ।
फिर पूछा- अब तो नंबर बता दो ! कितना पैसा बर्बाद करवाओगी?
तो उसने नंबर बता ही दिया धीरे धीरे रोज बातें होने लगी। एक दिन रात को मैंने फ़ोन लगा कर कह दिया- मेरा लण्ड खड़ा है, मुझे किस करो !
वो ये सब सुनकर थोड़ा घबरा गयी और कहने लगी- कल दिन में बात करेंगे।
मैंने कहा- नहीं, मुझे अभी अपना माल निकालना है।
उसने कहा- नहीं, कोई आ जाएगा और उसे डाँट पड़ेगी !
मैंने कहा- तो कल के लिए प्रोमिस करो कि कहीं मिलोगी !
वो मान गई और हमने जगह तय की और मैं ठीक टाइम पर पहुँच गया, जैसा उसने कहा था कि वो एक्टिवा से आएगी और सफ़ेद सूट पहना होगा। मैंने उसे देखकर पहचान गया और हम एक साइबर में बैठ गए। लड़की दिखने में ठीक ठाक थी पर फिगर गजब का बड़े बड़े दूध गजब की गांड देखके लग रहा था शादी के लिए बिलकुल तैयार है। थोड़ी देर बातें की और मैंने एक गरम साईट ओपन कर दी जिसे देखकर वो पसीना पसीना होने लगी।
मैंने सीधे उसका होंट चूम लिया और एक हाथ से दूध मसलना शुरु कर दिया, वो कांपने लगी और पूरी तरह पसीने से तर-बतर हो गई। मैंने केबिन के अन्दर पंखा चला दिया और और उसका नाड़ा खोल दिया और चूत सहलाने लगा। उसकी आँखें बंद, चूत में पानी आने लगा। मैंने उसका कमीज़ उठा दिया और दूध को होंटों से पीने लगा। धीरे धीरे सलवार उतार दी और पैंटी को जांघ तक कर दिया फिर चूत को चूसा, गांड के छेद को चाटा। उसकी हालत मैं देख रहा था, वो धीरे धीरे अपना हाथ मेरे कंधो पर कस रही थी और अपनी गांड आगे पीछे करने लगी।
मैंने अपना जिप खोल दी लण्ड को बाहर निकाल लिया और उसका हाथ अपने लण्ड पर रख दिया्। शायद उसका और मेरा पहला सेक्स एक्सपेरिएंस था जिसे हम खूब एन्जॉय कर रहे थे। मुझसे रहा नहीं गया मैंने कुर्सी पर बैठ कर उसे अपने ऊपर बिठा लिया और पीछे से चूत में लण्ड डाल दिया। चूत की फिसलन में लण्ड अन्दर चला गया मेरा लण्ड मानो स्वर्ग में था। मैं गर्म गर्म महसूस हो रहा था। मैं ज्यादा कर नहीं पाया, मेरा रस उसी के अन्दर निकल गया।
खैर आज पूरे तीन साल हो गए, वो पी एच डी कर रही है, शादी अभी करना नहीं चाहती, न ही हमारा दिल का कोई सम्बन्ध है पर हर हफ्ते दो से तीन बार कहीं न कहीं हम लोग चुदाई करते हैं। अब मेरी प्रैक्टिस भी अच्छी हो गई है। बिना शादी किए शादीशुदा जैसा समय लगता है। उसे भी जब भी चुदने का मन होता है, फ़ोन करती है। कभी कभी रात में चोरी छुपे उसके घर पे जाकर उसके कमरे में रात बिताता हूँ। कभी परीक्षा देने दूसरे शहर जाती है तो मैं भी साथ चला जाता हूँ। एक ही होटल में पति पत्नी की तरह रहते हैं और खूब चुदाई करते हैं।
इन तीन सालों में मैंने ५-६ लड़कियाँ और आंटी को इसी तरह पटा चुका हूँ और चोद रहा हूँ।
दोस्तों यकीन माने, चाहे लड़का हो या लड़की, सभी को नया माल पसंद है, सभी को सेक्स पसंद है। मेरी सभी से गुजारिश है कि बातों में जल्दबाज़ी न करें, पहले हलके हलके पटायें फिर सेक्स की बातें करें।
मुझे मेल करें Hindi Sex Stories
हैलो दोस्तो, नमस्कार!
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मुझे इसकी कई चुदाई कहानियाँ अच्छी लगीं, कई तो बहुत ही अच्छी लगीं.
मुझे पहले तो यह लगा कि लोग झूठी कहानियाँ लिख कर दे देते हैं पर जब से एक ऐसा ही हादसा मेरे साथ हुआ है तब से मैं मान गया कि कोई ऐसे ही लिख कर उसे क्या मिलता होगा. पर नहीं, मुझे आज ये सारी कहानियाँ सही लगती हैं.
यह मेरी पहली कहानी है जो मैं आप सबको सुनाने जा रहा हूँ और मेरा पहला अनुभव भी है.
मेरा नाम संदीप है, मैं 22 साल का हूँ. मुझे कभी सेक्स में रूचि ना थी लेकिन मेरे एक दोस्त ने जबसे मुझे ब्लू-फिल्म दिखाई है तब से मेरी कोशिश रहती थी कि कोई ऐसा मिले जिसके साथ मैं सेक्स कर सकूँ लेकिन कुछ नहीं उखाड़ पाया.
उन्हीं दिनों मेरा दोस्त जो मेरे पड़ोस में ही रहता था, उसकी शादी पक्की हो गई और 15 दिनों में उसकी शादी हो गई.
मैं उसकी शादी में नहीं जा पाया था क्योंकि मैं मुंबई मेरे चाचा के यहाँ था.
जब मैं वापस आया तो वो शाम को मिला, मैंने कहा- कैसी रही शादी.. और सुहागरात.!
पहले वो कुछ नहीं बोला फिर उसने कहा- चल, तुम्हें मेरी पत्नी से मिलाता हूँ.
मैं और मेरा दोस्त उसके घर गए, वहाँ उसकी पत्नी अकेली थी.
मैं अन्दर गया, मैंने देखा उसकी बीवी बहुत सुन्दर और सेक्सी लग रही थी, उसकी फ़िगर तो ऐसी थी कि पूछो मत…
वो मेरी ही उमर की थी. उसका नाम दिव्या था मुझे तो वो औरत नहीं, लड़की ही लग रही थी.
मैंने मेरे दोस्त को कहा- यार, तेरी बीवी तो बहुत मस्त लग रही है.
मैंने भी दुआ की कि मुझे बीवी दो तो ऐसी फ़िगर और सुन्दर वाली ही देना.
मैंने उससे बात की तो उसकी आवाज़ भी सेक्सी थी.
वो भी बार-बार मुझसे ही देख रही थी.
मैं वहाँ से चला आया.
फिर एक दिन मैं जब अपनी बाइक को धो रहा था, तभी वो घर से कुछ कपड़े और बर्तन लेकर मेरे यहाँ धोने आ गई.
जब वो नीचे की तरफ़ झुकती थी तो तभी मैंने उसके प्यारे से मम्मों को देख लिया. मैं उसे कुछ कह नहीं पाया मुझे मजा आ रहा था. मैं अपनी बाइक को धोता रहा और वो मुझे देखती रही.
लेकिन उसने कुछ ऐसा किया कि उसके मम्मे मुझसे साफ़ नज़र आने लगे.
उसके मम्मे जब देखता था तो मेरे में 400 वोल्ट का झटका एक साथ दौड़ता था.
इस तरह कई दिन तक मैं कई बार उसके मम्मों को देख चुका था, पर वो कुछ कहती ही नहीं थी.
और एक दिन आया जब मेरी किस्मत खुली, वो घर पर आई और मुझसे बोली मेरे घर पर टीवी में कुछ दिख नहीं रहा है, आप चल कर ठीक कर दीजिए ना!
मैं जैसे ही टीवी वाले रूम में गया तो उसने दरवाजा बन्द कर दिया.
मुझे मालूम नहीं चला कि उसने दरवाजा बन्द किया है.
तब उसके घर पर कोई नहीं था.
मैं टीवी को देख रहा था, उसने मुझे पीछे से आकर बांहों में पकड़ लिया. मैं मन ही मन में खुश हो रहा था.
मैंने पूछा- यह क्या कर रही हो?
तो वो बोली- जो तुम्हें दिख रहा है.
उसने मुझे चुम्बन करना शुरू कर दिए मेरे होंठों को वो बुरी तरह से चूमने लगी.
मैं भी जोश में आ गया और उसको चुम्बन करने लगा. उसको अपनी बांहों में दबाने लगा. उसको मैंने खींच कर सोफ़े पे लेटा दिया और मैं उसके ऊपर छा गया और उसको चूमना शुरू कर दिया.
10 मिनट तक मैं उसको चूमता रहा, फिर मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया, उसके बाद मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी. जैसे ही मैंने ब्रा खोली तो उसके मम्मे उछल कर बाहर आ गए. मैं उसे देखकर उसके मम्मों को दबाने लगा, कितने दिनों के बाद इसके पूरे के पूरे मम्मे देखने को और दबाने को मिले.
फिर मैंने उसके चूचुकों को मुँह में ले लिया और चूसने लगा.
वो ‘आआह्ह… ह्हह्ह… हाआआ… आह्हह्ह… ह्हहाह्ह… ह्हह…’ कर रही थी, मैं उसे चूसता ही रहा.
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी साड़ी हटा कर उसको सिर्फ पेंटी में ला दिया.
उसकी चूत बहुत गरम हो गई थी तो उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी, मैं पेंटी को उतार कर उसकी चूत को फैला कर चाटने लगा.
वो सिसकारी भर रही थी- अहाआआ अस्सस्स शह्हह्हस..
उसने कहा- ऐसा तो तेरा दोस्त भी नहीं करता है.
उसे और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था क्योंकि मैंने चूत पहली बार देखी थी.
वो पूरी नंगी थी. पहली बार ऐसी नंगी लड़की को देख कर मेरा लण्ड जो सो रहा था वो कड़ा हो चुका था. उसने मुझे बैठा कर मुझसे नंगा कर दिया.
मेरा लण्ड देखते ही वो बोली- इतना लम्बा तो तेरे दोस्त का भी नहीं है. मुझे मजा आएगा तेरे लण्ड से चुदवाने में.
मेरा लण्ड उसके हाथों में आते ही झटके मारने लगा. वो बहुत कड़ा हो चुका था.
उसने कहा- तुम्हारा लण्ड तो बहुत मोटा और लम्बा है.
मैंने कहा- 9 इन्च का है.. मुँह में लेगी!
वो मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले कर चूसने लगी.
मुझे बहुत मजा आ रहा था. थोड़ी देर वो चूसती रही.
मैंने उसे सोफ़े पर लेटा दिया और फिर से उसकी चूत को चाटने लगा. वो सिसकारियाँ भर रही थी. फिर मैं उठा और उसके दोनों पैरों को फैला दिया. उसने अपने हाथों से चूत को और फैला दिया. मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत पर घिसने लगा.
वो बोली- अब डाल भी दे.. कितना तड़पाएगा.
मैंने कहा- तड़पने में ही मजा है मेरी जान!
और मैंने धक्का लगा कर उसकी फैली हुई चूत में लण्ड को 3 इन्च तक घुसा दिया.
वो चिल्लाई- ऊऊऊउ माँ ..इऊऊउ ऊईईई ई मा आआआअ घह्हह्ह ह्हस्स स्स गया अ आअ आआआ.’
मैंने धक्के मारना बन्द किया वो शान्त हो गई और मैंने उसको चुम्बन करना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर बाद मैंने फिर से धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू कर दिए.
वो ‘अह्हाआअ हह्ह ह्हहा उफ़्फ़फ़ फ़्फ़ू फ़्फ़ उफ़्फ़फ़’ कर रही थी.
तभी मैंने एक जोर से धक्का लगा कर मेरे लण्ड को मैंने 7 इन्च तक उसकी चूत में घुसा दिया. वो चिल्ला नहीं सकी क्यूँकि उसका मुँह मेरे मुँह में था और मैं उसको जोर-जोर से चुम्बन करता रहा और धक्के लगाता रहा.
तभी वो बोली- फाड़ डाल मेरी चूत को.. यह ऐसा लण्ड ही मांगती है.
उसके यह कहने से मुझमें जोश आ गया. मैंने फिर से बेदर्दी से धक्का लगा कर मेरे पूरे 9 इन्च के लण्ड को उसकी चूत में घुसा दिया.
वो इस बार जोर से चिल्ला उठी- ‘आआ आआआ आआअह्ह ऊउई ईईई!
मैं समझ गया कि मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में घुस चुका है.
वो बोली- मैं तुम्हारा लण्ड और नहीं सह पा रही हूँ इसे बाहर निकाल लो.
मैंने कहा- तुमने खुद मेरे लण्ड को न्यौता दिया है, तो उसकी भूख मिटाने के बाद ही मैं यह बाहर निकालूँगा.
वो कुछ नहीं बोली.. मैं उसे लगातार धक्के लगा रहा था.
ऐसा 15 से 20 मिनट तक मैं उसको उसी पोजीशन में चोदता रहा.
उसे भी मजा आ रहा था, वो आपने चूतड़ उछाल-उछाल कर मुझसे चुदवा रही थी.
मैंने उसे और जोर से चोदना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद वो झड़ गई और शान्त पड़ गई.
फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया, सोफ़े के सहारे वो खड़ी हो गई, मैंने उसके पीछे से उसकी चूत में लण्ड डाल दिया.
इस बार मेरा लण्ड एक ही धक्के में पूरा का पूरा उसकी चूत में चला गया. फिर उसे मैं जोर-जोर से धक्के मारने लगा. मुझे तो पसीना आ गया था.
मैं उसके मम्मे को दबाते जा रहा था. तकरीबन 25 मिनट तक ऐसे ही मैंने उसको चोदा. तब तक वो दो बार और झड़ चुकी थी, पर मेरा पानी तो अभी भी नहीं निकला था.
मैंने अपनी गति और बढ़ा दी और फुल स्पीड से चोदना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर के बाद मैंने कहा- मेरा पानी निकलने वाला है, उसे कहा निकालूँ?
वो बोली- मेरी चूत में ही पानी छोड़!
मैंने उसकी चूत में पानी छोड़ दिया. फिर उसको मैं अपनी बाँहों में लेकर सोफ़े पे लेट गया. थोड़ी देर बाद वो उठी और चूत से मेरा लण्ड निकाल कर उसको चूसने लगी. बाद मैं वो मुझे बाथरूम में ले गई और मेरे लण्ड को साबुन से साफ़ किया.
उसने मुझे पूछा- मजा आया!
मैंने कहा- बहुत मजा आया..
तभी वो बोली- तुम्हारा लण्ड तो अभी भी खड़ा है.. क्यूँ!
मैंने कहा- अभी भी भूखा लगता है.
तो उसने कहा- तो फिर चलो शुरू हो जाओ.
मैं यह सुनकर तो खुशी के मारे उछल पड़ा.
बस दोस्तो, यह चुदाई कहानी है मेरी… यकीन आए या ना आए पर है.
आपके विचारों का स्वागत है.
हैलो फ्रेंड्स, सेक्स स्टोरी की इस दुनिया में मेरा आप सभी को नमस्कार। मेरा नाम समीरा है, मुझे लाइफ एन्जॉय करना पसंद है। मैं बॉलीवुड हीरोइन बनना चाहती हूँ.. मैं दिखने में ईशा गुप्ता जैसी हूँ और उसी की स्टाइल कॉपी करती हूँ।
कभी-कभी घर में तो सिर्फ़ बिकिनी पहने रहती हूँ.. वैसे भी मैं बाहर भी शॉर्टस और टॉप पहने घूमती हूँ। मेरे इस उन्मुक्त रवैये के कारण सभी लौंडे मुझे घूर-घूर कर देखते रहते हैं। मुझे भी अपनी बॉडी एक्सपोज़ करने में मजा आता है।
चलो सेक्स स्टोरी पर आती हूँ।
जैसे कि मैंने बताया कि मुझे हीरोइन बनना है पर मैं बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के किसी भी इंसान को नहीं जानती थी।
इसके लिए मैंने एक लड़के को पटाया जो मीडिया से जुड़ा हुआ है और उसके साथ पार्टीज और बाकी फंक्शन में जाना शुरू किया। वैसे तो सभी मुझे देखते थे पर कोई बात नहीं करता था। सो मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे कुछ लोगों से इंट्रोड्यूस किया, जिनमें से कुछ डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स थे।
एक दिन ऐसे ही एक पार्टी में एक मध्यम सा आदमी मेरी तारीफ़ करता हुआ बोला- तुम्हारा फिगर काफी अच्छा है.. फिगर का साइज़ क्या है?
मैंने नॉटी सी स्माइल देते हुए कहा- साइज़ 36-26-38 का है।
वो- वाह क्या मस्त फिगर है.. तुम हमारी बॉलीवुड में ट्राय क्यों नहीं करती हो?
मैं- करना तो चाहती हूँ, पर..
वो- पर क्या..! एक काम करो कल मेरे ऑफिस आ जाना.. वहीं स्टूडियो में तुम्हारा ऑडिशन ले लेंगे।
मैं- ओह्ह थैंक यू सर.. थैंक्स अ लॉट.. आय विल कम टुमारो।
वो- यू वेलकम और हाँ मेरा नाम दिनेश कपूर है.. सो कॉल मी दिनेश।
मैं- ओके..
फिर उन्होंने मुझे अपना नंबर और ऑफिस का एड्रेस दिया और वो चले गए।
दूसरे दिन मैं ऑफिस के एड्रेस पर पहुँच गई, रेसिप्शन पर नाम बोला और थोड़ी देर में एक लड़का आया, वो बोला- मैडम आपको सर ने बुलाया है।
मैं अन्दर गई तो उन्होंने मुझे वेलकम किया और कुर्सी देकर कहा- देखो तुम एक सुंदर चेहरा हो और हमारी फिल्म इंडस्ट्री में तुम्हारी जरूरत है.. पर तुम्हें एक्टिंग भी आनी जरूरी है।
मैं- यस सर..
दिनेश- तो ऑडिशन रूम में चलें??
मैं- यस सर..
और हम दोनों एक रूम में चले गए।
वहां बहुत लोग थे शायद किसी हीरो के रोल का ऑडिशन चल रहा था.. दिनेश ने मुझे अपने बाकी टीम से इंट्रो करवाया और एक एक्टर को बुलाकर उसे एक सीन दिया। वो सीन मुझे उस लड़के के साथ करना था।
सीन था कि प्रेमी अपने प्रेमिका को छोड़ कर जा रहा है और प्रेमिका को उसे रोकना है।
सीन शुरू हुआ।
मैं पहले 4 बार चूक गई.. सभी लोग अपसेट हो गए क्योंकि कुछ भी रोमांटिक और मसालेदार नहीं था।
अब दिनेश ने मुझसे कहा- ये तुम्हारा लास्ट चांस है।
मैंने सोचा इस बार सब भूल जाती हूँ और उसके साथ दमदार शॉट देती हूँ।
दिनेश सर ने एक्शन बोला…
मैं- रुक जाओ अभी.. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ।
अभी- नहीं अगर तुम मुझसे प्यार करती तो मुझे अपने से दूर नहीं करती।
मैं- मैंने कभी तुम्हें अपने से दूर नहीं किया।
अभी- तुम झूठ बोल रही हो और अब मैं एक पल के लिए भी नहीं रुकना चाहता।
तभी मैं उस एक्टर को अपने ओर खींच कर किस करने लगती हूं और अपनी शर्ट के बटन खोल के उसके सर को अपने उभार पर दबाने लगती हूँ।
तभी दिनेश सर कट बोलते हैं और खड़े होकर ताली बजाने लगते है।
दिनेश- वाह… तुमने तो सीन में गर्मी और जान दोनों डाल दी समीरा.. वाह.. चलो कम विद मी।
ऑडियो सेक्स स्टोरी- नेहा की बस में मस्ती सेक्सी लड़की की आवाज में सेक्सी कहानी का मजा लें!
मैं बड़ी खुश थी। हम दोनों वापस उनके ऑफिस में आ गए।
दिनेश मेरे साथ सोफे पे बैठ गए और उन्होंने अपने सेक्रेटरी को बुलाया और कहा- देखो मैं मैडम के साथ डिस्कशन में हूँ.. स्क्रिप्ट और रोल फायनालाइज करना है.. सो डोन्ट डिस्टर्ब अस।
सेक्रेटरी ‘हाँ’ कह कर वहाँ से चला गया।
अब दिनेश मेरे पास आए और कहा- तुम्हारे एक्टिंग में दम तो है.. पर मेरे पास इस रोल के लिए कई सारी हिरोइनों के फ़ोन आ चुके हैं.. तो तुम इस रोल के लिए और क्या कर सकती हो??
ये कहते हुए दिनेश मेरे चेहेरे पे से हाथ फेरते हुए मेरे उभारों पर ले गए।
मैंने झट से उनके होंठों पे किस किया। मेरी इस प्रतिक्रिया से वो एकदम से खुश हो गए और कहा- गुड.. तुम काफी समझदार हो.. तरक्की करोगी।
मैं- थैंक यू सर।
‘ओके कैरी ऑन..’
मैंने अपने कपड़े उतारे तो वो मेरी बॉडी को देख कर एकदम पागल हो गए। अब दिनेश मेरी बॉडी को किस करते हुए मेरे शरीर से खेलने लगे।
मैंने उनकी पैंट के ऊपर से ही उनके लंड को मसल दिया।
अगले कुछ पलों में हम दोनों पूरी तरह सेक्स में डूब गए थे। दिनेश सर ने भी अपने कपड़े उतार दिए और मुझे लंड चूसने बोला.. मैंने वैसा ही किया।
अब उन्होंने मुझे चोदना शुरू किया.. मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.. क्योंकि मैं पहले भी कई बार चुद चुकी थी। उन्होंने मेरी चूत में लंड डाला और अन्दर-बाहर करने लगे। मैं भी कामुक सिसकारियां भरने लगी और चुत चुदाई के मजे लेने लगे।
हम दोनों बिल्कुल नंगे एक-दूसरे से लिपटे हुए थे.. वो मुझे चूम रहे थे और साथ में धकापेल चोदे जा रहे थे।
‘आह्ह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… सर अह्ह्ह लव यू.. आह्ह्ह..’ मैं सिसकारियां भर रही थी और दिनेश सर अपने लंड का सारा पानी मेरी चुत के अन्दर छोड़ कर मेरे ही ऊपर निढाल हो गए।
दिनेश सर मेरे ऊपर पड़े-पड़े मुझे किस करने लगे। 2 घंटे में उन्होंने मुझे 3 बार चोदा।
इसके बाद हम दोनों ने कपड़े पहन लिए थे। तभी बेल बजी और उनका सेक्रेटरी आकर बोला- मैडम सैट पर पहुँच गई हैं.. शूट शुरू करना है।
दिनेश- हाँ मैं आता हूँ।
मैंने दिनेश की ओर देखा तो उसने स्माइल दी और बोला- क्या करूँ तुम्हें देखा तो चोदने का मन हुआ.. इसी लिए ये सब नाटक किया.. सॉरी।
दिनेश ने मेरे हाथ में 50000 रुपये दिए और सैट पर चला गया।
मेरी चुत की चुदाई की कीमत मुझे अब समझ आ रही थी।
अन्तरवासना के सभी Sex Stories रीडर्स को प्यार भरा प्रणाम.
मेरी एडल्ट स्टोरी के पिछले भाग
दिल्ली की वरजिन गर्ल की चुदाई-1
में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने दिल्ली की एक वर्जिन लड़की को चुत चुदाई के लिए मनाया और एक होटल रूम में ले गया.
अब आगे:
तभी मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया और उसकी सलवार पैरों से आज़ाद कर दी. उसने सफ़ेद रंग की चड्डी पहनी थी. वो शरमा के दूसरे तरफ देख रही थी.
मैंने अपना शर्ट उतारा बनियान निकाली और पैंट उतारी अब मैं उसके सामने सिर्फ़ अंडरवीयर में था और वो मेरे सामने सिर्फ़ एक छोटी सी चड्डी में.
मेरा लंड तो एकदम खड़ा हुआ था, मैं बेड पे उसके ऊपर लेट गया और उसके बूब्स दबाने लगा। मैंने उसे कहा- मेरा लंड टेस्ट करोगी?
उसने न कहा, वो बोली- मुझे मुंह में नहीं लेना!
मैं बोला- ठीक है, तुम्हारी मर्ज़ी!
और फिर एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत सहलाने लगा।
उसकी चड्डी गीली हो चुकी थी, मैंने हाथ फिर उसके चड्डी में डाल दिया तो वो सिहर गयी। मेरे हाथ को उसकी झांट के बाल लग गये, मैंने उसे पूछा- कभी इसे साफ नहीं करती?
उसने गर्दन हिला के न कहा।
मैं एक उंगली उसकी चूत के छेद पे फेरने लगा, वो आअहह ऊउफ़्फ़ आआह्हह स्सीईई आआह्हह करती रही, मैं फिर वही उंगली उसके चूत में घुसेड़ने लगा, वो फिर से चिल्लाने लगी, मेरी पूरी उंगली उसकी चूत में चली गयी.
उसकी चूत काफी टाइट थी।
फिर मैं उंगली को अन्दर ही गोल गोल घुमाने लगा, वो सिर्फ़ आहह् उफ़्फ़ ऊओर सीए कर रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने अपना हाथ उसके चड्डी से निकाला, उसकी चड्डी निकालने लगा वो शर्मा रही थी। मैंने उसकी चड्डी उसके पैरों से अलग कर दी और उसकी चूत देखने लगा।
तभी उसने अपने दोनों पैर एक के ऊपर एक रख दिये और चूत छुपाने की कोशिश करने लगी. मैंने उसके दोनों पैर अलग कर के उसे पकड़ लिये और मुझे उसकी चूत दिखने लगी.
क्या चूत थी वो… एक दम कोरी चूत, चूत पूरी तरह से सील पैक थी।
मैंने फिर अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसा दी और उसके गुलाबी लिप्स पर अपने लिप्स रख कर किस करने लगा, साथ ही साथ उंगली अन्दर बाहर करने लगा।
वो एकदम पागल हो गई और मेरा हाथ पकड़ के ज़ोर ज़ोर से उंगली अन्दर बाहर करने लगी। थोड़ी देर में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मेरा हाथ गीला कर दिया।
मैंने सोच लिया कि यही सही टाइम उसे चोदने का क्योंकि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो गयी थी। मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया मेरा खड़ा हुआ लम्बा लंड देख कर वो हैरान हो गयी और बोली- मैं तो झूठ समझी थी पर तुम्हारा तो सचमुच बहुत लम्बा है.
मैं बोला- डरो नहीं, मेरा वादा है कि कुछ टाइम बाद तुम ही बोलोगी कि पूरा डालो, जोर जोर से!
फ़िर मैंने पैंट से कन्डोम का पैकेट निकाला।
मैंने उसे कहा- ये कन्डोम है। कभी देखा है?
उसने गर्दन हिला के न कहा।
मैंने उसमें से एक कन्डोम बाहर निकाला और उसे कहा- देख लो इसे लंड पे कैसे चढ़ाते हैं, अगली बार तुम्हें ऐसा वाला दूसरा कन्डोम मेरे लंड पे चढ़ाना होगा।
वो गौर से देखने लगी।
मैंने कन्डोम अपने लंड पे चढ़ा दिया. मैंने कल ही अपनी झांट के बाल साफ किये थे।
फिर मैंने उसकी दोनों टांगें घुटनों से मोड़ दी और जितनी हो सके उतनी फैला दी। अब उसकी चूत खुल चुकी थी और उसकी दोनों टांगों के बीच उसके ऊपर आ गया।
मैंने अपना लंड एक हाथ से उसकी चूत पे रख दिया और उसकी चूत पे रगड़ने लगा। वो बुरी तरह पागल हो गयी और मुझसे कहने लगी- प्लीज़ जल्दी डाल दो वरना मैं मर जाऊँगी। प्लीज़ जल्दी करो। फाड़ दो मेरी चूत इस लंड से प्लीज़।
मैंने एक जोर से धक्का मारा, वो तड़प उठी और चिल्लाने लगी -उईइ म्ममाआअ म्माआरग्गग्गा आआ अययीई आआअहह मेरी चूत फट ग्गययीइ न्नीकआअलओ ईस्ससे आआअहह।
फिर थोड़ी देर मेरा लंड ऐसे ही रख के एक और जोर से धक्का मारा, वैसे उसकी सील टूट गयी और वो रोने लगी, वो चिल्ला उठी- आआहह प्लीज़ निकालो इससे मैं मर जाऊँगी प्लीज़।
वो तो शुक्र है कि मैंने टीवी पहले ही तेज आवाज़ में ओन किया हुआ था वरना होटल वाले आ जाते!
मैंने कहा- कुछ नहीं होगा, ऐसे ही पड़ी रहो, दर्द कम हो जायेगा.
हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे, उस वक्त मैं उसके बूब्स प्रेस कर रहा था और दूसरा चूस रहा था.
पांच मिनट बाद वो अपनी गांड हिलाने लगी तो मैं समझ गया कि अब चूत चुदवाने को लंड के धक्कों का इन्तजार कर रही है. मैं अपना लंड उसके चूत से अन्दर बाहर करने लगा। उसे भी अब मज़ा आ रहा था, वो भी अपनी गांड ऊपर नीचे कर के रिस्पोंस देने लगी।
मैं फिर स्पीड बढ़ाते हुए जोर जोर से धक्के मारने लगा, वो चिल्ला रही थी जिससे मुझे और भी मज़ा आ रहा था।
थोड़ी ही देर में वो मुझसे लिपट गयी और उसने अपनी चूत से ढेर सारा पानी छोड़ दिया।
लेकिन मेरा लंड अभी भी जोश में था, मैंने उसको बोला- अब मैं तुम्हें डोगी स्टाइल में चोदूँगा.
वो झट से डोगी बन गयी, वाह पीछे से क्या शेप थी उसकी…
बिना टाइम वेस्ट किये मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और जोरदार धक्का मारा, एक ही धक्के में पूरा का पूरा लम्बा लंड उसकी चूत फाड़ता हुआ जड़ तक पहुंच गया वो चीखते हुई बोली- ऊओईई माआआअ, स्पर्श प्लीज़ आराम से!
फिर मैं धीरे धीरे उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. कुछ देर बाद वो खुद पीछे की तरफ़ धक्के मारने लगी और बोलने लगी- स्पर्श, आज अपनी पूरी ताकत से मेरी चूत चोदो, जो होगा देखा जायेगा.
फिर क्या था, मैं पूरे जोश के साथ उसकी चूत चोदने लगा और वो ऊओहह, आआअम म्मम्म यीईस्स… ययीईस्स स्पर्श ययीईस्स… करने लगी.
करीब दस मिनट के बाद मैंने भी कंडोम में पानी छोड़ दिया और वो भी झड़ गयी.
फिर मैं उसके पीछे ही उसके चूत में लंड डाल के लेट गया।
कुछ मिनट बाद मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और उसके ऊपर से उठ गया और देखा तो उसके चूत से थोड़ा बहुत खून निकला था। खून और उसकी चूत के छोड़े हुए पानी से उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।
मैंने अपने लंड से कंडोम उतारा और उसे अपनी बाहों में उठा के टोइलेट ले गया। वहाँ उसे बैठा के ठंडे पानी से उसकी चूत साफ करने लगा। उसकी चूत में उंगली डाल के साफ करने की वजह से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
मैंने उसकी चूत साफ करके फिर उसे अपने बाहों में उठाया और बेड पे लाकर रख दिया।
अब मेरा लंड मेरा पसंदीदा शोट मारने के लिये बेकरार था।
पैंट से मैंने एक कंडोम निकाला और उसके हाथ में दे दिया और कहा- चढ़ा दो इसे मेरे लंड पे!
उसने उसमें से कंडोम बाहर निकाल के मेरे लंड पे रखा और उसे मेरे लंड पे चढ़ा दिया।
मैंने उसकी दोनों टांगें अपने कंधे पे रखी, नीचे से मैंने मेरा लंड उसकी चूत में पूरी तरह से घुसा दिया और उसकी बाहों में अपने दोनों हाथ डाल के उसे ऊपर उठाया। अब मैं खड़ा था, उसकी दोनों टांगें मेरे कंधे पे थी और मेरे दोनो हाथ उसके पीठ के पीछे थे।
वो पूरी तरह से बेंड हो चुकी थी, मेरा लंड उसकी चूत में था।
मैंने अपनी थोड़ी सी पीठ सपोर्ट के लिये दीवर पे टच की और अपनी कमर आगे पीछे करने लगा। इस पोजिशन में मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला जा रहा था।
जब मैं प्रिया को इस तरह से चोदता तो मुझे दिवार का सपोर्ट लेने की जरूरत न पड़ती क्योंकि वो सिर्फ़ बाईस साल की थी और उसका भार बहुत ही कम था।
मेरा लंड उसकी चूत से अंदर बाहर हो रहा था।
मैंने उसे पूछा- मज़ा आ रहा है न?
उसने हाँ कहते हुए कहा- ऐसे ही चोदते रहो मेरे स्पर्श। मैं तुम्हारी दीवानी हो गयी हूँ। शादी के बाद भी मैं तुम्हीं से चोदवाऊँगी. और ज़ोर से चोदो फ़ाड़ डालो मेरी चूत को और कस के… आअहह्हह आअहह्ह!
कुछ मिनट बाद मैंने उसे बेड पे टिका दिया और कुतिया की तरह होने को कहा। उसने अपने दोनों हाथ जमीन पे रखे और घुटनों के बल वो कुतिया की तरह हो गयी. मैंने उसके पैर थोड़े से फैला दिये और पीछे से मेरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मैं उसे डोग शोट मारने लगा।
दस मिनट बाद मैंने पानी छोड़ दिया। इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी।
मैंने अपने लंड से कंडोम उतारा। दोपहर के साढ़े बारह बज गये थे, मैंने उसे कहा- कपड़े पहन लो, खाना खाने चलते हैं।
वो उठ के बाथरूम चली गयी, मैं भी उसके पीछे चला गया.
वो कहने लगी- तुम बाहर जाओ, मुझे पेशाब करना है.
मैंने कहा- इसमें इतनी शरमाने वाली क्या बात है?
और मैं उसके सामने पेशाब करने लगा। वो गौर से देख रही थी.
जैसे ही मेरी पेशाब खत्म हुयी वो बैठ गयी और पेशाब करने लगी। बड़ी जोर से धार मारी थी उसने। फिर वो खड़ी होकर पानी से पैर और चूत पे गिरा हुआ पानी साफ करने लगी। हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गये।
मैंने अपने कपड़े पहन लिये, उसने पहले अपनी चड्डी पहनी फिर ब्रा, मैंने उसके ब्रा के हुक लगा दिये।
फिर उसने अपनी सलवार पैरों में चढ़ायी और लास्ट में उसने कमीज़ पहनी, फिर उसने अपने बाल और कपड़े ठीक किये और हम खाना खाने के लिये चले गये।
खाना खाने के बाद वो बोली- एक बार और!
मैं बोला- नहीं, मुझे ढाई बजे तक कहीं काम से जाना है, अब तुम घर जाओ और यह मेरा नम्बर रखो फिर फोन करना!
हम दोनों ने एक दूसरे को अपने नम्बर दिये, फिर वो मुझे किस करने एक कोने में ले गयी और मुझे किस किया और बोली- प्लीज़ ज़ल्दी मिलना!
फिर वो वहाँ से चली गयी.
मैंने होटल का बिल दिया और अपने काम से चला गया। Sex Stories
तो फ़्रेंड्स, कैसी लगी मेरी एडल्ट स्टोरी?
हेलो दोस्तों मेरा नाम दीपक है Sex Stories और मैं रीवा का रहने वाला हूं। मैं आप सभी को एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूं जिसे सुनते ही नौजवान लडकों को मुठ मारना पड़ सकता है और यदि शादीशुदा हैं तो अपनी पत्नी की चूत भी फाड़ सकते हैं, कुंआरी लडकियों को अपनी चूत में बैंगन या लौकी डालकर अपनी चूत ठण्डी करनी पड़ेगी और जो शादीशुदा हैं उन्हें अपने पति से चुदना पड़ेगा।
अब मेरी कहानी इस प्रकार से है :
किसी शहर में एक करोड़पति सेठ रहता था। चूंकि वो काफी रईस था तो उसने शादियाँ भी चार की थी। उस सेठ की उम्र करीब ५५-६० रही होगी। अब आप सोच सकते हैं कि इस उम्र के आदमियों का लण्ड क्या खड़ा होता होगा। उसके घर में हर काम के लिये अलग-अलग नौकर लगे हुए थे। उसकी तीन पत्नियां का तो ठीक-ठाक था क्योंकि उन्होंने सेठ से भरपूर मजा लिया था पर चौथी पत्नी की हालत खराब थी क्योंकि उसकी उम्र २५-२७ रही होगी और इस उम्र में उसे किसी भी प्रकार का मजा नहीं मिल पा रहा था। आखिर उसने तंग आकर ऐसा फैसला किया कि आप सबके होश उड़ जाएंगे।
उसका नाम मल्लिका था, उसकी एक नौकरानी थी जिसका नाम पायल था।
अपनी जवानी से तंग आकर एक दिन मल्लिका ने पायल से कहा- अब नहीं रहा जाता ! मैं तो अब नौकरों से अपनी चूत चुदवाकर अपनी जवानी की प्यास को ठण्डी करूँगी !
पायल चौंक गई यह सुनकर !
वो बोली- आप किससे चुदवाएंगी ?
मल्लिका ने कहा- तू मेरा साथ दे तो हम दोनों को भरपूर मजा मिल सकता है !
पायल भी एक नंबर की चुदक्कड़ थी और सेठ से तो कई बार चुदवा चुकी थी। वो तुरंत तैयार हो गई। फिर मल्लिका ने राका और शेरा नाम के नौकरों को चुना और पायल से उन दोनों को बुलवाया। पायल उन दोनों नौकरों को बुलाकर मल्लिका के पास ले आई। वे दोनों नौकर काफी गरीब थे और सेठ के यहां दो वक्त की रोटी के लिये जी-तोड़ मेहनत करते थे। वे दोनों मल्लिका के सामने किसी मुजरिम की तरह खड़े हो गये।
मल्लिका ने उन दोनों को ऊपर से नीचे तक गौर से देखा और पायल से कहा- वाह क्या हट्टे कट्टे हैं ये दोनों !
फिर उसने नौकरों से कहा- तुम दोनों को मेरा एक काम करना होगा !
नौकरों ने डरते-डरते पूछा- क्या काम है मालकिन ?
मल्लिका ने कहा- तुम्हें हमारी चूत को चोद कर फाड़ना पड़ेगा।
उन दोनों नौकरों के तो होश ही उड़ गए। दोनों की जबान से आवाज नहीं निकल रही थी। फिर उन दोनों ने हिम्मत करके पूछा- आप हमारी परीक्षा क्यों ले रहीं हैं मालकिन ?
तो मल्लिका ने गुस्सा होकर कहा- मादरचोदो ! अगर नौकरी करनी है तो हमारा यह काम करना पड़ेगा, नहीं तो जाओ तुम्हारी आज से छुट्टी।
अब उन दोनों के आगे कोई दूसरा चारा नहीं था। तो उन दोनों ने मल्लिका से पूछा- हमें करना क्या है?
तब मल्लिका ने पायल से कहा- दरवाजा बंद कर दे !
पायल ने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया।
फ़िर मल्लिका ने कहा- अब तुम दोनों अपने अपने कपड़े उतार कर मेरे पास आओ।
उन्होंने ऐसा ही किया और एकदम नंगे होकर मल्लिका के सामने खड़े हो गए। मल्लिका ने उन दोनों का लंड देखा तो उसकी बांछें खिल गई। उसने जल्दी से राका का लंड अपने हाथ में लिया और मुठ मारने लगी। शेरा के लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
कुछ देर लंड चूसने के बाद वो बिस्तर पर चित्त लेट गई और उन दोनों को भी बिस्तर पर आने का न्यौता दिया। दोनों बिस्तर पर लेट गए। पायल भी नंगी होकर अपनी चूत में उंगली डालकर मजे ले रही थी।
फिर मल्लिका ने दोनों से कहा- मेरी एक-एक चूची दोनों बांट लो और उसे मसल डालो, चाट डालो, चूस डालो।
दोनों ने ऐसा ही किया। करीब १० मिनट चूची की चुसाई के बाद मल्लिका ने कहा- राका ! मेरी सलवार उतारो !
राका ने सलवार का नाड़ा खोलकर उसे नीचे खिसकाया। आधा खिसकते ही मल्लिका ने उसे रोक दिया और कहा- अभी इतना ही ! बाकी कुछ देर के बाद !
फिर से राका ने मल्लिका की चूची चूसना शुरू कर दिया।
मल्लिका ने पायल से कहा- क्या अपनी चूत को उंगली से चोद रही है ! इधर आ और मेरी चूत को चाट !
पायल दौड़कर आई और मल्लिका की चूत को चाटने लगी। कुछ देर के बाद मल्लिका ने उसे रोक दिया और कहा- पूरा माल तू ही चाट लेगी तो ये दोनो बेचारे क्या मुठ मार कर रहेंगे? तू हट और इन दोनों को चाटने दे।
फिर राका को इशारे से मल्लिका ने चूत चाटने को कहा। राका जल्दी से चूत चाटने के लिये नीचे खिसक गया। उसकी तो आज जिंदगी बन गई। मल्लिका जैसी औरत की चूत जो रसगुल्ले की तरह थी उसे वो चाटने लगा। मल्लिका मदहोश होने लगी। फिर उसने शेरा को भी मौका दिया। वो भी जल्दी से नीचे गया और चूत चाटने लगा। मल्लिका की चूत से नमकीन पानी गिरने लगा जो शेरा गटगटा कर पी गया। इधर पायल मल्लिका की चूची को चूसती जा रही थी। कुछ देर के बाद मल्लिका ने कहा- बस, अब मेरी सलवार पूरी उतारो।
दोनों ने ऐसा ही किया- उसे पूरी तरह से नंगी कर दिया।
फिर मल्लिका ने कहा- शेरा अब तुम मेरी चूत को चोद कर उसका भरता बना दो !
शेरा ने आव देखा न ताव, अपना लंड मल्लिका की चूत के दीवाल पर लगाकर ऐसा धक्का मारा कि पूरा का पूरा लंड एक ही बार में मल्लिका की चूत को ककड़ी की तरह चीरता हुआ समा गया। मल्लिका का बदन ऐंठने लगा। फिर तुरंत राका मल्लिका की एक चूची और पायल भी एक चूची चूसने लगी, जिससे उसे कुछ राहत मिली।
मल्लिका थोड़ी देर के बाद जोश में आ गई और नीचे से चूतड़ उछालने लगी। शेरा ने भी अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और मल्लिका की चूत में ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा। कुछ देर के बाद मल्लिका ने शेरा को नीचे आने के लिये कहा और शेरा नीचे चित्त लेट गया।
फिर मल्लिका शेरा के ऊपर चढ़ गई और उसके लंड को अपनी चूत में डाल लिया और खुद धक्के मारने लगी।
फिर थोड़ी देर में उसने राका को कहा- तुम पीछे से मेरी गांड में अपना लंड डालो।
राका के लंड में पायल ने खूब तेल लगा दिया और फिर राका ने मल्लिका की गांड की छेद में लंड को रखकर एक करारा धक्का मारा। मल्लिका के मुंह से चीख निकल गई लेकिन थोड़ी ही देर में सब शांत हो गया और उन दोनों ने धक्कों की रफ़्तार बढा दी।
करीब २० मिनट के बाद मल्लिका ऐंठने लगी और चिल्लाने लगी- चोदो मुझे ! फाड़ दो मेरी गांड और चूत ! मैं तुम दोनों को मालामाल कर दूंगी ! चोदो मादरचोदो ! चोदो मुझे ! आ .. .. … …. ….. हा …………. और ………… तेज चोदो।
फिर कुछ ही देर में वो झड़ गई लेकिन राका और शेरा उसे चोदते रहे और वो चुदवाती रही। कुछ देर के बाद उन दोनों ने भी अपना अपना माल उसकी चूत और गांड में उड़ेल दिया। फिर उस रात बारी बारी से कई बार उन दोनों ने मल्लिका और पायल को चोदा।
आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें ! Sex Stories
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