Massage Girl in Hisar: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Hisar who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Hisar that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Hisar massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Hisar who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Hisar massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Hisar massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Hisar who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Hisar employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Hisar helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Hisar

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Hisar at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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प्रेषक : रंजन Sex Stories

दोस्तो, सब कैसे हो !उम्मीद है Sex Stories सब ठीक ठाक होंगे। सभी पाठकों और सबसे पहले आदरणीय गुरूजी को प्रणाम !

आप सबका धन्यवाद जो आप सबने मेरी कहानी ( कैसे बन गया मैं एक चुद्दकड़ गांडू ) को पसंद किया। उसके बाद भी मैंने कुछ कहानिया भेजीं हैं। उम्मीद है कि आपको पंसद आई होंगी।

यह जो कहानी आज लिखने जा रहा हूँ यह आज से ठीक दो महीने पहले की बात है, पापा जी ने घर ऊपर वाला हिस्सा किराये पर देने का फैसला किया और एयरफोर्स में काम करने वाले मद्रास के रहने वाले एक युगल को दिया। बीवी एयरफोर्स स्कूल में टीचर है। बीवी पर तो नहीं मियां पर मेरी नज़र थी, ऊपर जाने के लिए सीढ़ियाँ अन्दर से ही निकलतीं थीं।

जैसे कि आप सब तो जानते ही हैं कि मुझे लौड़ों से कितनी चाहत है !

एक दिन दोपहर की बात है, मैं कॉलेज से घर आया। बहुत गर्मी थी, मैं बाथरूम में नहाने के लिए जाने लगा, दिमाग में आया कि तौलिया तो ऊपर तार पर ही सूख रहा होगा। मैं ऊपर गया, उनका कमरा बंद था, अन्दर से बहसने की आवाजें आ रही थी।

वो बोला- साली ना तेरे में गर्मी है, न सुन्दर ! ऊपर से नखरे हज़ार ! चल मुँह में लेकर इसको चूस !

वो नहीं मानी। मैं चला आया। शाम को ऊपर किसी काम से गया तो अंकल नहा रहे थे, पानी से उनका अंडरवियर चिपका हुआ था और फूले हुए भाग से मालूम हुआ कि लौड़ा मस्त है। मेरी नज़र वहाँ पड़ती देख अंकल ने अन्दर हाथ डाल साबुन लगाने के बहाने साइड से लौड़ा दिखा ही दिया।

क्या मस्त लौड़ा था !

आजकल उनकी रात की शिफ्ट थी, वो नहा कर तैयार होकर चले गए। सुबह वो आठ बजे आते थे और आंटी नौ बजे जातीं थी। घर में कोई नहीं था, मैं अकेला था, कॉलेज ११ बजे जाना था। आंटी चाभी देकर चली गई। अंकल आज लेट थे।

जैसे ही वो आये, झट से कपड़े उतार बाथरूम में घुस गए। उन्होंने आवाज़ दी- मैं नहा रहा हूँ, आया !

मैं भी सिर्फ अंडरवियर पहन बाहर आया। उनकी नज़र मेरे चिकने और लड़की जैसे जिस्म पर थी- वाह बेटा ! चिकने हो ! देखूँ छाती ! कोमल !

बोले- अकेला है ?

जी हाँ ! अकेला ही हूँ !

ऊपर आजा ! मैं भी अकेला हूँ, मिलकर नहाते हैं !

मैं उनके पास गया और एक हाथ से चाबी देते हुए नीचे से लौड़े को मसलते हुए कहा- आप नीचे क्यूँ नहीं आ जाते ! ए.सी में मजा भी आयेगा !

हाय मेरी जान अभी आया !

मेन गेट बंद करते हुए आना !

सोचा- अबे ओ सनी ! तेरी गांड को तो मौज लग जायेगी ! वो भी घर में ही !

मैं शावर के नीचे नहाने लगा, अंकल भी आ गए। मैं उनसे चिपक गया, वो मेरे होंठ चूसने लगे। मैं हाथ में लौड़ा लेकर सहलाने लगा। पानी में और भी आनंद मिलने लगा।वाह मेरे गांडू !

वो मेरे चूतडों को पकड़ कर मसलने लगे। बेटा ! कितनी गांड मरवाता है कितने मस्त चूतड़ हैं !

मार के देख लेना जान ! कितने मस्त हैं ! आपका लौड़ा रात को जबसे देखा है चूसने को दिल कर रहा है।

हाँ हाँ चूस न !

मुझे पता है आंटी नहीं चूसती !

भोसड़ी की बहुत हरामी है !

ऐसे ही है अंकल ! मैंने उनका कच्छा उतार दिया और नीचे झुक कर मुँह में डाल लिया। मुँह में जाते ही उनका खड़ा होने लगा, देखते ही तन कर खड़ा हो गया।

आह मेरे लाल ! चूसता जा !

६९ में होकर मेरी गांड चाटने लगे, साबुन गांड पर लगा ऊँगली डालते हुए मुझे पूरा मजा देने लगे।

आह अह अह ! अंकल आई लव योउर लौड़ा !

चूस बेटा ! अच्छा लगा, बहुत अच्छा !

आह आह ! बिस्तर में चले अंकल?

ज़रूर !

तौलिए से पोंछ कर उठा मेरे ही कमरे में मेरे ही बिस्तर पर डाल दिया। अंकल ने दिल खोल कर चुसवाया, मैंने भी दिल से चूसा ऐसा लौड़ा।

मुझे घोड़ी बना पीछे से लौड़ा गांड पर रख दिया, मैंने पकड़ ठिकाने पर लगा दिया। पहले धक्के से थोड़ा सा घुसा, दो चार धक्कों से पूरा अन्दर घुस गया।

आह अंकल ! अब गांड मारो !

आह ओह !मेरे बेटा ! बहुत मस्त निकला ! तेरी गांड रोज़ मारूँगा ! क्या माल है ! ऐसा मजा तो मेरी औरत ने नहीं दिया !

आह अंकल ! फाड़ डालो मेरी गांड !

उनका लौड़ा ज़बरदस्त तरीके से मेरी गांड के अंदर बाहर हो रहा था।

चल ऊपर बैठ जा ! देखूँ कैसे उछल उछल कर इस पर बैठेगा ! तुझे भी मजा आ जायेगा ! वैसे भी तेरी पोली पोली गांड जब जांघों से घिसेगी तो मजे का आलम छा जायेगा मेरी जान !

लो अंकल आ गया ऊपर !

चल इस पे बैठता जा साले, नाटक मत कर, बहनचोद, सब जाने तू !

संभालो अंकल ! मैं अपने तरीके से आराम से पूरा लौड़ा निगल गया।

औ अह मेरी जान ! उछल ! अह ओह अह ओह ! बेटा मजेदार माल है ! फाड़ दूंगा तेरी ! आज से तू मेरी औरत ! क्या मुझे रोज़ मरवाया करेगा?

ज़रूर अंकल ! बाहर मुँह मारने से अच्छा है यहीं मरवाया करूँगा बिना किसी डर से !

अंकल ने एकदम मुझे पलटा और मेरे ऊपर आ गए दोनों टांगें कन्धों पर रखवा कर बीच से मोर्चा फतह किया। अब वो झड़ने वाले थे, वो फाड़ देने पर उतर आये थे। यह अंदाज़ मुझे स्वर्ग दिखा रहा था।

ओह बेटा !

वह जोर जोर से झटके लगाने लगे। कुछ मुझे दर्द भी हुआ, लेकिन सब भूल कर मैं चुदवाता रहा। फ़िर अंकल एकदम मुझ पर गिर गए और सारा माल अन्दर डाल दिया।

दोस्तो, मेरी तो गांड को मौज लग गई। वो ड्यूटी से आते और मुझे चोदने के बाद ही कॉलेज जाने देते। वह पूरे मजे लूट रहे हैं।

अब तो आंटी का पेट बाहर आने लगा है, उनका भाई कुछ दिनों में उनको लेने आने वाला है ताकि बच्चे की और माँ की देख रेख किसी घर की सयानी की देख रेख में हो।

मैं और अंकल बहुत खुश हैं। बोलते हैं- अब से तू मेरी पत्नी है ! तू घबरा मत, तुझे मैं नए लौड़े दिलवाता रहूँगा। किसी दिन हम उसके एक दोस्त के घर जाकर चुदाई करेंगे, उसके बारे में जल्दी लिखूंगा। Sex Stories

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मेरा नाम राहुल है Hindi Porn Stories और मैं आगरा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में तीन ही लोग हैं, मैं, पिताजी और माँ।

बात उस समय की है जब मैं पढ़ता था। मेरे पड़ोस में शर्मा जी का घर था, उनकी दो बेटियाँ थी, एक तो मेरे साथ ही पढ़ती थी। मैं पढ़ने में काफी होशियार था इसलिए कई बच्चे मुझसे सवाल पूछा करते थे और मैं भी सबकी मदद कर देता था। मैं अपने मोहल्ले का काफी सीधा लड़का था।

अब मैं आप लोगो को शर्मा जी की बेटियों के बारे में बताता हूँ। बड़ी का नाम सीमा और छोटी का अंशु था। दोनों की जवानी उभार पर थी पर छोटी वाली तो कुछ ज्यादा आगे थी। सीमा का फिगर बड़ा मस्त था 24-36-24, पर रंग थोड़ा सांवला था। अंशु तो गजब की बाला थी, गोरा रंग और गजब का फिगर ! ऐसा कि देखते ही चोदने का मन करे और कई लड़के तो खड़े-2 मुठ मार दें ! फिर भी मैं इन सब पर ध्यान नहीं देता था।

एक दिन की बात है, मैं शाम को घर के बाहर टहलने निकला, तभी अंशु दौड़ती हुई मेरे पास आई और कहा- दीदी आपको बुला रही है, उन्हें कुछ पूछना है।

मैं चलने को तैयार हो गया और उसके पीछे पीछे उसके घर चला गया। वहाँ देखा तो सीमा कुछ पढ़ रही थी। उसके मम्मी-डैडी कहीं बाहर गए हुए थे और घर पर बस वही दोनों थी।

अंशु ने मुझे एक सोफे पर बैठाया और पानी लेने चली गई। तब तक सीमा अपनी किताब लेकर मेरे पास आ गई। उसने आसमानी रंग की एकदम पतली नाइटी पहन रखी थी जिसमें से उसकी काली रंग की ब्रा-पैंटी साफ़ झलक रही थी।

पहले तो मैं थोड़ा शरमाया पर सब सही हो गया। वो मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई और सवाल पूछने लगी। सवाल पूछते-2 वो कुछ ऐसा कर रही थी कि उसके स्तन मुझे दिख जाएँ। मेरी नजरें उसके वक्ष पर अटक गई। वह अपनी सफलता पर थोड़ा मुस्कुराई और फिर आगे पूछने लगी।

तब तक अंशु पानी लेकर आ गई। वह आगे बढ़ी और एक कुर्सी से टकरा गई और पानी मेरी पैंट पर गिर गया। मैं घबरा गया। सीमा के स्तन देखते हुए मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था।

अंशु ने मुझसे माफ़ी मांगी और एक तौलिया दे दिया। मैं बाथरूम में चला गया। तभी सीमा वहाँ आ गई और मेरा हाथ पकड़ लिया।

मैं काफी डर गया और अपना हाथ खींच लिया।

वो अंशु को बुलाते हुए बोली- देख रे कैसा शरमा रहा है, जैसे कभी लड़की ही नहीं देखी।

अंशु भी आ गई और वो दोनों मुझे बेडरूम में ले गई।

मैं सिर्फ अंडरवियर और शर्ट में था।

मुझे देख कर सीमा बोली- हाय रे ! कातिल कहाँ छुपा था अब तक?

अब उन दोनों ने मुझ पर सेक्सी कमेंट्स करने शुरु कर दिए।

मैं बेचैन हो गया और उनसे कहा- मुझे जाने दो !

पर वो भला कहाँ मानने वाली थी।

अंशु ने पीछे से मुझे पकड़ लिया और मेरे शर्ट के बटन खोल दिए। सीमा भी आगे से मेरे ऊपर चढ़ गई और अपने स्तनों को मेरे सीने पर दबाने लगी और मुझे बेतहाशा चूमने लगी।

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाला और मेरे लिंग को दबाने लगी।

तभी अंशु ने पीछे से एक ब्लू फिल्म चला दी और कहा- तुम तो काफी ठंडे लगते हो, क्या पहले तुमने ये सब नहीं किया?

मैंने ना में जवाब दिया।

ब्लू फिल्म देख कर मुझे भी जोश आने लगा और मेरा लिंग तनकर 8 इंच का हो गया।

मैंने सीमा की नाइटी उतार दी और ब्रा के बाहर से ही उसके उरोजों को दबाने लगा। क्या सॉलिड बूब्स थे उसके ! मन तो कर रहा था कि काटकर खा लो।

मैंने उसकी पैंटी में ऊँगली डाली और उसकी योनि में ऊँगली करने लगा। उसकी चूत में से पानी आने लगा।

मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और पैंटी भी उतार दी, उसने भी मेरा अंडरवियर उतार दिया। अब दोनों एकदूसरे के सामने नंगे खड़े थे। मैंने पहली बार चूत के दर्शन किए थे। उसकी गुलाबी रंग की चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसके बड़े-2 चूतड़ उसको और हसीं बना रहे थे।

मेरे लिंग को देखते ही वो बोली-कितने गंदे हो तुम ! कभी अपनी झांटें भी साफ़ कर लिया करो !

मैंने कहा- डर लगता है ! कहीं कट गया तो?

उसने अपनी बहन अंशु से ब्लेड मंगाया और कहा- आओ, मैं तुम्हारी झांटें बना देती हूँ।

वो मुझे बाथरूम में ले गई और झांटे साफ़ करने लगी और इस बीच मैं उसके स्तन दबाता रहा।

इसके बाद उसने शॉवर चला दिया और हम दोनों उसके नीचे भीगने लगे। एक तरफ पानी और दूसरी तरफ आग, पर आज पानी भी आग को नहीं बुझा पाया।

उसने मेरा लिंग मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मैं भी उसकी चूचियों को चूसता रहा और चूत में ऊँगली करता रहा।

उसका बदन जलने लगा और कहने लगी- अब और न तड़पाओ मुझे। चोद दो इस चूत को। फाड़ दो इसे अपने फौलादी लंड से।

मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी कमर पर हाथ लगाया और उसकी चूत पर निशाना लगाते हुए अपना लंड आगे दिया। पर मेरा लंड किनारे हो गया। उसकी योनि काफी कसी थी। उसकी गुलाबी चूत शायद अभी तक कुंवारी थी। मैंने २-३ बार कोशिश की पर सफल नहीं हुआ।

फिर उसने मेरे लंड पर शैंपू लगाया और अपनी योनि पर भी। अब धीरे से उसने मेरे लंड को योनि के मुख पर टिकाया और मुझसे धक्का लगाने को कहा, वो खुद भी धक्का लगाने लगी। शैंपू की चिकनाहट के कारण लिंग योनि में सरकता चला गया।

आधा अन्दर जाते ही वो जोर से चिल्लाईई और बाहर निकालने के लिए कहने लगी।

मैंने अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए और उसके स्तन दबाने लगा। धीरे-2 उसका दर्द कम हुआ, तभी मैंने लिंग को थोड़ा बाहर खींच कर पूरी ताकत से पेल दिया। वो तड़प उठी।

मैं फिर उसके होठों को चूमने लगा। धीरे-2 वो जोश में आने लगी और अपने चूतड़ उछाल-2 कर मजे लेने लगी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी।

करीब दस मिनट बाद वो झड़ गई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया पर मैं अभी भी लगा रहा।

पाँच मिनट बाद मैंने भी वीर्य की पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी और उसके ऊपर लेट गया।

तभी उसकी बहन अंशु वहाँ आ गई और कहने लगी- अब मेरी प्यास भी मिटा दो।

मैंने देखा सीमा वहीं शॉवर के नीचे पड़ी है और उसकी चूत से पानी और खून निकल रहा है।

मैंने सीमा को वहीं छोड़ा और अंशु के पास पहुँच गया।

जैसा मैंने पहले ही बताया था कि अंशु सीमा से भी ज्यादा सेक्सी माल थी और ऊपर से उसका गोरा रंग और गजब ढा रहा था।

मुझे ऐसा लगा की कोई परी मेरे सामने खडी है और कह रही है- आओ, मुझे चोद दो, मेरी चूत की प्यास बुझा दो।

मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर लेट गया। उसने कसकर मुझे पकड़ लिया और उसकी चूचियों का नरम-2 एहसास मुझे अपने सीने पर होने लगा।

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा, धीरे से मैंने उसके होंठों को थोड़ा काट लिया। उसके पूरे बदन में आग लग गई, उसने भी मुझे चूमना शुरु कर दिया।

फिर मैंने उसे थोड़ा अलग किया और उसके स्तन दबाने लगा। वो भी मेरा लिंग दबाने लगी और लिंग को चूसना शुरु कर दिया। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैं भी उसकी चूत में ऊँगली डालने लगा और उसके स्तनों को चूसने लगा।

अंशु की योनि तो सीमा से भी मस्त और कसी थी। उसको देख कर ऐसा लगता था मानो भगवान् ने फुर्सत में उसे बनाया है।

तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मैंने भी अपना वीर्य उसके मुँह में भर दिया, उसने पूरा वीर्य पी लिया और लिंग को चाट-2 कर साफ़ करने लगी।

मेरा लिंग एक बार फिर मैदान में आ गया और इस बार उसका निशाना सिर्फ अंशु की चूत थी। अंशु भी गरम हो गई थी और बार-2 मुझे छोड़ने का निमंत्रण दे रही थी।

मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख लिया। मुझे पता था कि अंशु की चूत भी अभी कुंवारी है इसलिए मैंने धीरे से उसकी योनि का मुँह फैलाया और उस पर लंड का सुपारा टिका दिया।

मैं उसके होंठों को चूमता रहा और एक उसके पुष्ट उरोजों को दबाते हुए हल्का सा झटका दिया और मेरा लंड आधा अंशु की चूत में पंहुच गया।

वो दर्द से चीख पड़ी पर मैंने उसे ज्यादा मौका नहीं दिया और उसके होंठों को चूसता रहा। उसकी झिल्ली फट चुकी थी, मैंने उसका कौमार्य भंग कर दिया था।

मैंने थोड़ा पीछे होते हुए पूरी ताकत से लंड उसकी चूत में डाल दिया।

वो तड़प उठी पर थोड़ी ही देर में उसे मजा आने लगा और वो चूतड़ उछाल-2 कर साथ देने लगी।

करीब 15 मिनट बाद वो झड़ गई। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे कुतिया की पोजिशन में कर दिया और फिर उसी तरह करीब आधे घंटे चलता रहा।

तभी उसने कहा- राहुल, अब मैं झड़ने वाली हूँ।

मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए। वो मुझसे चिपक गई और निढाल हो गई।

उस रात हम तीनों ने चुदाई के कई राउंड चलाये। जिसमें दो बार मैंने उन दोनों की गांड मारी और चूत को फाड़ कर भोंसड़ा कर दिया।

उसके बाद भी हमे जब भी मौका मिलता हम पूरा फायदा उठाते।

अंशु की चूत तो अब भी वैसी ही टाइट लगती है। कई बार मैंने उनकी सहेलियों के साथ भी सम्बंध बनाए।

पर यह अगली बार।

यह कहानी आप लोगों को कैसी लगी, जरूर बतायें, मुझे ईमेल करें ! Hindi Porn Stories

सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.. मेरा नाम पंकज है और मेरा लण्ड साइज़ 6.2 इंच है.. मैं देखने में मस्त हूँ और काफी रोमाँटिक भी हूँ।
यह मेरी पहली कहानी मेरी और वालिया यानि मेरी पहली गर्ल-फ्रेंड की है.. अब उसकी शादी हो चुकी है। वो अपने पति से तो चुदती ही होगी, क्या पता दूसरों से भी चुदवाती होगी।
खैर.. उसकी चूत और उसे चुदवाने के लिए मेरी तरफ से पूरी छूट।

बात उन दिनों की है.. जब मैं रोज सुबह की तरह जॉब की तलाश में घर से अपनी बाइक लेकर निकल जाता था।

एक दिन जब मैं अपने शहर दिल्ली के करोल बाग में इंटरव्यू के लिए जा रहा था.. तो मैंने देखा एक लड़की बस स्टैंड पर परेशान सी खड़ी है.. वैसे तो मुझे पहले लड़कियों से बात करने में बड़ा डर लगता था।
इस बार मैंने उससे डरते-डरते पूछ ही लिया- क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?

पहले तो उसने मुझे घूर कर देखा.. फिर कुछ सोच कर बोली- मुझे इंटरव्यू पर जाना है और मेरी बस छूट गई है।
मैंने उससे पूछा- आपको कहाँ जाना है?
तो उसने बोला- अब कोई फायदा नहीं है क्योंकि इंटरव्यू का समय सुबह ग्यारह ही बजे तक का था।
मैंने कहा- फिर भी मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ?

तो उसने मुझे अपने बारे में बताया कि उसका नाम वालिया है.. वो दिल्ली में ही रहती है और वो अभी जॉबलैस है।
फिर बात करते-करते मैंने उससे पूछ ही लिया- कहीं बैठ कर चाय पीएं?
तो पहले तो वो हिचकिचाई.. फिर मान गई।

एक बात बताऊँ.. मुझे सड़क किनारे बैठकर चाय पीना बड़ा पसंद है।

तो हम सड़क के किनारे एक चाय वाले के पास बैठ कर चाय पीने लगे। इस तरह से हमारी दोस्ती हो गई।
दोस्ती होने के बाद हम इंटरव्यू साथ-साथ देने लगे और साथ-साथ घूमने भी लगे।
एक दिन उसने कहा कि वो मेरा घर देखना चाहती है।

तो मैंने उससे पहले साफ़-साफ़ बता दिया- मैं एक मिडिल क्लास परिवार से हूँ..
तो उसने कहा- उससे मुझे कुछ नहीं लेना-देना.. बस मुझे तो तेरा घर देखना है।
मैंने कहा- ठीक है.. आज तो नहीं.. कभी और दिन दिखा दूँगा।
उसने कहा- ठीक है.. मैं इंतज़ार करूँगी।

मैंने उससे उसकी फैमिली के बारे में पूछा तो उसने बताया- मैं भी मिडिल क्लास फैमिली से ही हूँ।
मैंने कहा- फिर तो यानि हम दोनों की चाय का हिसाब बराबर-बराबर रहेगा।
तो वो हँसने लगी और मेरा हाथ पकड़ कर ‘थैंक्यू’ बोला।
मैंने पूछा- थैंक्यू क्यों?
तो उसने कहा- मैं तेरे कारण थोड़ी थोड़ी दुनिया देखने और जीने लगी हूँ।

उसकी यह बात सुनकर मैंने उसके माथे पर एक किस कर दिया और ‘थैंक्यू’ कहा।
तो उसने पूछा- तुमने ‘थैंक्यू’ क्यों बोला..?
मैंने उससे कहा- उसके कारण अब मुझे लड़कियों से बात करने में डर नहीं लगता..
शायद उसे इस बात से कुछ बुरा सा लगा था।

उसने कहा- चलो अब चलते हैं।
मैंने कहा- नहीं.. आज तो मुझे अपना वादा पूरा करना है।
तो वो बोली- जिस-जिस लड़की से बात की है.. उन्हीं से वादे पूरे कर लेना और उन्हीं को अपना घर भी दिखा देना।
मैं समझ गया कि वो मुझसे प्यार करने लगी है।

तो फिर भी मैंने उससे कहा- चलो आज तुम्हें तुम्हारी मनपसंद चीज दिखाता हूँ।
वो थोड़ा सा मुँह बनाकर बाइक पर बैठ गई.. फिर उसे मैं अपने घर ले आया.. तो वो थोड़ी सी खुश लगी।
मैंने उससे कहा- मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ।

तो उसने भाव खाने चालू कर दिए.. यह देख कर मैंने उससे कहा- ठीक है जानू.. तो मैं फिर उससे ‘हाँ’ बोल देता हूँ जिसने मुझे कल प्रपोज किया था।
वो यह सुन कर वो रोने लगी.. यह देख कर मैंने उससे अपनी गोद में उठा लिया और प्यार से उसका माथा चूमा।
फिर मैं धीरे-धीरे से उसकी गर्दन पर हाथ डालते हुए मैंने उसके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया।

वो थोड़ी-थोड़ी सी हिचकिचाने लगी.. तो फिर मैंने जोर-जोर से उसके होंठों को चूमना चालू कर दिया।
अब उसे भी मज़ा आने लगा और वो मेरा साथ देने लगी।
धीरे-धीरे हम दोनों मस्त होकर एक-दूसरे को गरम करने लगे।

तभी मैंने उससे कहा- एक मिनट रुको.. मैं वाशरूम से अभी आता हूँ।
मैं जानबूझ कर अपना पर्स उसको पकड़ा दिया और वाशरूम चला गया।

जो मैंने सोचा था उसने भी वही किया। उसने मेरा पर्स खोल कर देखा.. जिसमें एक डॉटेड कंडोम का एक पैकेट रखा था।
अब उसने कंडोम देख लिया था और मैंने उसे पर्स खंगालते हुए चुपचाप से थोड़ा सा दरवाजा खोल कर देख लिया था।

मैंने देखा कि वो कंडोम देख कर अपनी चूत को प्यार से सहला रही थी। फिर मैं समझ गया कि वो गरम हो चुकी है और अगर मैं उसकी चूत मारूँ तो शायद वो मना नहीं करेगी।
थोड़ी देर में मैं परफ्यूम छिड़क कर सफ़ेद बनियान में वाशरूम से बाहर वापस आया।
फिर जाकर मैं रसोई में गया और कोल्ड ड्रिंक और चॉकलेट लेकर वापस उसके पास बैठ गया।

मैंने धीरे से उसकी कमर में हाथ डाला और फिर से उसे किस करने लगा। उसने कोई एतराज नहीं किया तो धीरे-धीरे से मैंने उसका कुरता ऊपर को कर दिया और उसके चूचे दबाने लगा।

मैंने जब उसके चूचे देखे.. तो बस मैं पागल सा हो गया।
क्या मस्त उठे हुए चूचे थे.. गजब.. माल..
इतने कड़क चूचे कि जैसे शायद आज तक मेरी जान ने खुद भी अपने हाथों से नहीं दबाए हों.. दिखने में एकदम सख्त और सहलाने में ठोस लेकिन मुलायम अहसास लिए हुए थे।

फिर मैंने अपने होंठों से उसकी घुंडियों को पकड़ा और दबा कर पीने लगा।
वो गरम होने लगी.. मौका देखते हुए मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और वो ‘धत्त’ कह कर शर्माने लगी।
फिर क्या था.. समझदार को इशारा काफी.. मैंने उससे अपने हाथों में उठाया और कमरे में ले गया.. बिस्तर पर लिटाने से पहले मैंने उसके एक-एक करके सारे कपड़े उतार दिए.. जो पहले से ही आधे उतर चुके थे।

फिर मैंने सीधे उसकी चूत पर हमला किया.. धीरे-धीरे से मैं उसकी चूत चाटने लगा.. और वो अपनी मादक सिसकारियाँ निकालने लगी जिन्हें सुनकर मेरा लण्ड और ज्यादा कड़क हो गया और वो अपनी चूत के साथ गोते खाने लगी।
आखिर मैं उसने बोल ही दिया- अब उससे रहा नहीं जा रहा.. प्लीज चोद दो.. आह्ह जान मेरी चूत को मजा दे दो..

कामातुर हो कर उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया और अपनी चूत पर लगाने लगी।
मैंने धीरे से उसकी चूत में लण्ड टिकाया और पेल डाला.. वो दर्द से बिलखने लगी.. साली बिलखती भी क्यों नहीं.. आखिर मेरा लण्ड 6.2 इंच लम्बा जो है..
वो दर्द से कहने लगी- उह..माँ.. बहुत दर्द हो रहा है..
तो मैंने उससे कहा- जानू.. शुरू में तो दर्द होगा ही.. इसे प्लीज़ सह लो.. फिर तुम्हें भी मज़ा आएगा।

यह बोलते हुए ही मैंने एक झटके में अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में उतार दिया।


उसकी चूत से खून की पतली सी धार फूट पड़ी.. वो दर्द से कांपने लगी।

फिर मैं थोड़ी देर में रुक गया.. जब उसने थोड़ी सी हिम्मत बनाई.. तो मैंने फिर से उसकी चूत की चुदाई जोरों से चालू कर दी।
अब उसे मज़ा आने लगा और वो भी कहने लगी- आह्ह.. जानू.. आज फाड़ दो चूत को.. साली बड़ा परेशान करती थी।
उसके ये बोलते ही मैंने जोर-जोर से झटके मारकर उसे ठंडा कर दिया।

फिर मैंने कहा- जानू अब मुझे ठंडा करो..
तो उसने कहा- कैसे?
मैंने कहा- मेरा लण्ड मुँह में ले लो..
यह सुन कर वो कहने लगी- मेरी चूत तो फाड़ दी.. अब क्या मुँह भी फाड़ोगे?
बोलते हुए मेरा पूरा लण्ड मजे से लेकर मुँह में चूसने लगी।

ऐसा करते-करते मैंने उसके मुँह में ही अपना माल झाड़ दिया.. जिसे वो पूरा मुँह में लेकर पी गई।

अब वो कहने लगी- ये मेरी चूत की तुम्हारे लिए चाहत थी.. और तुम्हारे लण्ड ने मुझे जी भर के चोदा.. वो तुम्हारे लण्ड का दीवानापन था..

चुदाई खत्म होकर हम दोनों ने विदा ली फिर तो गाहे-बगाहे उसकी चूत मेरे लौड़े की खुराक हो ही जाती थी।
तो मित्रोम यह थी वो काम रस से भरी कथा.. मुझे उम्मीद है कि आप सभी पसंद आई होगी।

मैं राहुल पहली बार अपने साथ हुई एक सच्ची घटना आपके सामने रखना चाहता हूँ! Antarvasna

बात आज से करीब दो साल Antarvasna पहले की है, मैं अपने चाचा के यहाँ पर पढ़ाई करने के लिए गया हुआ था! तब मैं सेक्स के बारे में ज्यादा नहीं जानता था। मुझे यह तो पता था कि सेक्स करते हैं पर कैसे करते हैं, मैं नहीं जानता था!

मेरे चाची की एक भतीजी थी जो देखने में बहुत ही सुंदर थी। वो इतनी सुंदर थी कि मानो कोई परी हो! मैं जब भी उसे देखता तो सोचता कि काश यह मेरी गर्ल-फ्रेंड होती तो कितना अच्छा होता!

देखते ही देखते वो और बड़ी हो गई और मैं भी बड़ा हो गया और अब मैं सब समझने लग गया था क्योंकि मेरी उम्र 21 साल की हो गई थी और वो मुझसे बड़ी थी इसलिए उसकी उम्र 23 साल हो गई थी।

समय के साथ-साथ उसका फीगर और भी ज्यादा सेक्सी हो गया था, उसकी चूची इतनी बड़ी हो गई थी कि जैसे दो मोसम्म्बी हों रस से भरी हुई! और उसकी गांड तो इतनी सुन्दर लग रही थी कि जो भी देखे बस यही सोचने लगे कि बस एक बार इसे मसल दूँ! उसे देखकर कोई भी उसे मन में ही चोद दे इतनी सुन्दर थी वो!

समय बीतता चला गया। फ़िर एक बार हुआ यूँ कि हमारे घर पर एक कार्यक्रम था जिसमें सभी को बुलाया था, सो वह भी आई थी। उसे देखकर मैं तो जैसे ख़ुशी के मारे पागल ही हो गया था। मैंने बिना कुछ सोचे समझे बस उसका हाथ पकड़ा और उसे अपने कमरे में ले गया! हम दोनों बचपन से ही खूब बाते करते थे इसलिए किसी ने कुछ नहीं कहा!

फ़िर मैंने उससे उसके हाल चाल पूछे और इधर की ढेर सारी बात करी लेकिन मेरे मन में तो कुछ और ही चल रहा था सो मैंने उससे पूछ लिया कि इतनी बड़ी हो गई हो, कोई दोस्त बनाया या नहीं?

तो उसने नहीं में जवाब दिया। मुझे यह सुनकर और भी ख़ुशी हुई और मैंने उसे एक आँख मार दी तो उसने कहा- तेरा इरादा कुछ ठीक नहीं लग रहा है?

फिर मैंने उसे कहा- मैं तुझे बहुत चाहता हूँ और बहुत पसंद करता हूँ। लेकिन तुझे मैं कैसा लगता हूँ? क्या तू मुझे पसंद करती है?

तो उसने कुछ जवाब नहीं दिया और बस मेरी तरफ आँख मार के चली गई! फ़िर मैंने उससे थोड़ी देर बाद यही पूछा तो कहने लगी- तू यह सब क्यों पूछ रहा है? तू मुझे अच्छा लगता है और इसीलिये ही मैं तुझसे बात करती हूँ।

तो फिर मैंने उसे ‘आई लव यू’ कह दिया और उसके गाल पर एक चुम्मा जड़ दिया। जवाब में उसने भी चुम्मा दे दिया। फ़िर हम दोनों कमरे से बाहर आ गए और वो अन्य लोगों से बातें करने लग गई और मैं घर के काम में लग गया।

फ़िर जब शाम हुई तो मैंने उसको अपने कमरे में आने का इशारा किया। जब वो कमरे में आई तो मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिये और उसके होठों का रस पीने लगा।

क्या होंठ थे! उसके एकदम शहद से भरे!

मैंने उसके अधर इतनी जोर से चूसे कि वो गुलाबी से लाल हो गए।

और फ़िर वो भाग गई बाहर!

उसके बाद अगले दिन वो जब भी मुझे देखती अपने होठों को काटने लगती। फ़िर शाम हो गई और घर पर कार्यक्रम चालू हो गया। सभी लोग बाहर थे, मैं भी बाहर था लेकिन घर का सारा काम मुझे ही करना था इसलिए मैं घर के अंदर गया और उसे भी इशारा कर दिया।

फ़िर हम दोनों घर में अकेले ही रह गए और हमने खूब चूमा-चाटी की। फ़िर मैंने अपना एक हाथ उसकी चूची पर रख दिया, जिससे वो सिहर गई और मेरा हाथ हटाने लगी। तब मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसकी दूसरी चूची पर भी हाथ रख दिया।

वो उत्तेजित हो गई और अपने होठों को काटने लगी और मुझसे कहने लगी- मैं पागल हो जाऊँगी, मुझसे अब रहा नहीं जाता! तू मुझे बस मसल दे यार! ऐसे से ही करता रह!

मैं भी उसकी चूचियों को मसल रहा था प्यार से!

फ़िर मैंने देखा कि वो अब गरम हो गई है तो मैंने उसकी कमीज को ऊपर करके अंदर से हाथ डाल दिया और उसके स्तन मसलने लगा। फ़िर मैंने उसके होठों से अपने मुँह को हटाया और उसकी चूची पर लगा दिया और जोर से चूसने लगा।

इतने में मेरी चाची भी घर में आ गई और हम दोनों अलग हो गए। मैं कुछ सामान लेने का नाटक करने लगा और हम दोनों बाहर आ गए।

जब रात हुई तो मैंने उसे कहा कि वो मेरे कमरे में ही सो जाये तो इस पर वो नहीं मानी और मैं रात भर सो नहीं सका और उसके ही बारे में सोचता रहा, सुबह होने का इंतजार करने लगा।

जब वो सुबह दिखी तो मैं तो उसे देखता ही रह गया, उसने काले रंग का सूट पहना था और उसमें वो एक दम माल लग रही थी। उसने मुझे देखा और एक आंख मार के चली गई रसोई में।

मैंने उसे अपने पास आने का इशारा किया और वो जल्दी से आ गई। उसके आते ही मैंने उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगा।

फ़िर वो वापस चली गई और जब हम दोपहर को मिले तब मैंने फ़िर से उसके स्तन दबाये और खूब मसला, चूसा और उसके चुचूकों को सुर्ख लाल कर दिया। वो भी सेक्सी आवाज़ें निकालने लगी- आहह ह ह ह उ उ उह उह हा हा हाहा जोर से और और पी लो… बस स स छोड़ दो ओ.ओ. जाने दो.. फ़िर मैंने उसे छोड़ दिया और रात को मिलने की योजना बनाई।

रात हुई तो वो अपनी नाइटी पहन कर रात के करीब दो बजे मेरे कमरे में आई, मुझे जगाया। मैंने अपने कमरे के दरवाजे को अटका दिया और उसे अपनी बाहों के आगोश में ले लिया वो भी बिना कुछ बोले मुझसे लिपट गई और मुझे चूमने लगी।

थोड़ी देर रुक कर वो रोने लगी और कहने लगी- अब हम नहीं मिल सकेंगे क्योंकि मैं कल जा रही हूँ अपने घर! और कहने लगी कि आज की रात ही है हमारे पास! बस जो भी करना है कर लो जी भर कर!

तो मैंने भी उसे कहा- जानू, ऐसा मत कहो! तुम तो हमेशा मेरे साथ ही रहोगी मेरे दिल में बसकर!

वो फ़िर से हंसने लगी और मुझसे लिपट गई, मुझे चूमने लगी और कहने लगी- ओह मेरे राहुल! मैं तुम्हें कभी भुला नहीं पाऊँगी, मैं जब तक जीयूँगी तुम्हारी ही रहूंगी! मेरे तन-मन-धन पर अब सिर्फ तुम्हारा ही अधिकार होगा! मैं किसी और की नहीं हो सकती हूँ!

फ़िर से उसकी आँखों से मोती बहने लगे। मैंने भी उन मोतियों को अपनी जबान से पी लिया और हम फ़िर चूमा-चाटी करने लग गए। उसने मेरी जबान को पूरा चूस लिया और मैंने भी! फ़िर मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा वो सीहरने और कराहने लगी- मसल दो आज इन्हें! चूस लो! सारा रस निकाल दो इनका!

और मैंने अपना हाथ धीरे धीरे नीचे सरकाना चालू किया। मैंने उसकी नाभि पर जैसे ही अपनी जबान लगाई, वो सिमटने लगी और उसकी साँसें चढ़ने लगी। वो जोर जोर से साँस लेने लगी, वो इतनी गरम हो गई थी कि अपना हाथ खुद ही योनि पर फेरने लगी।

मैंने भी अब देर न करते हुए उसकी कुर्ती को ऊपर उठाया और अब उसे पूरा ही निकाल दिया। फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसकी सलवार को उतारने लगा। लेकिन जैसे ही सलवार उतारने लगा, मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दी। मैंने बाहर देखा तो मेरे चाचा बाथरूम करने के लिए उठे थे।

इतने में जानू भी डर गई और जल्दी से अपने कपड़े पहनने लगी। फिर जब चाचा चले गए तो मैंने वापस उसके कपड़े निकाले और उसके ऊपर लेट कर उसे चूमने लगा। वो थोड़ा नार्मल हुई और हम फिर हमारे काम में जुट गए।

मैंने उसकी पैंटी जो गुलाबी रंग की थी, वो उसके ऊपर इतनी अच्छी लग रही थी कि क्या बताऊँ! उसको जैसे ही मैंने उतारा, मेरे सामने जन्नत का द्वार खुल गया था। क्या चूत थी उसकी! एकदम गुलाबी! जैसे गुलाब की पंखुड़ियों को शहद के रस में भिगोया हो!

वो इतनी गरम हो चुकी थी कि उसकी योनि से रस टपक रहा था और जांघे गीली हो गई थी। मैंने भी जबान से उस अमृत को पूरा चाट कर साफ़ कर दिया। वो इतने में ही पहली बार स्खलित हो गई।
मैंने उसके योनि-अमृत को पूरा पी लिया फिर उसकी योनि के अंदर एक ऊँगली धीरे धीरे घुमाना चालू किया। वो आवाजें निकालने लगी तो मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। उसने मेरे होठों को काट लिया।

मैंने उसे अपना लोअर उतारने को कहा तो वो शरमाने लगी। मैंने भी उसका हाथ पकड़ा और उसी के हाथों से अपना लोअर निकलवाया। फिर उससे ही चड्डी भी उतरवाई और उसने जैसे ही मेरे लण्ड को छुआ मेरे तो जैसे रोंगटे ही खड़े हो गए। मेरे पूरे जिस्म में एक आग लग गई और मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा।

फिर मैंने उसके योनि-द्वार को चूसकर थोड़ा नरम किया और फिर उस पर अपने लण्ड का शीर्ष-भाग रखा और जोर लगाने लगा। लेकिन जानू की चूत इतनी टाइट थी कि उसमें घुसने की बजाए लण्ड फिसल जाता।

फिर मैंने थोड़ा तेल लिया और उसकी योनि में लगाने लगा। वो भी आहें भरने लगी। फिर मैंने एक बार और कोशिश की तो इस बार तेल के कारण मेरे लण्ड जो छः इंच का है, करीब दो इंच तक अंदर चला गया और उसकी चीख निकल गई। लेकिन किसी के सुन लेने के डर से उसने अपनी चीख को दबा लिया।

मैंने अपने लण्ड पर कुछ तरल पदार्थ महसूस किया, हाथ लगाकर देखा तो वो खून था जो उसकी योनि से निकल रहा था। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे। मैंने फिर उसे चोदना रोककर उसके स्तन सहलाए और उसे चूमने लगा।

वो जब थोड़ी नार्मल हुई तब मैंने फिर से एक झटका लगाया और करीब चार इन्च तक लण्ड अन्दर चला गया। वो फिर से चीख पड़ी। मैंने भी थोड़ा रुक कर फिर एक धक्का लगाया और पूरा लण्ड पेल दिया उसकी चूत में!

अब वो थोड़ा नार्मल हो चुकी थी और फिर मैंने धक्के तेज करना चालू कर दिया जिससे उसके मुँह से चीखें निकलने लगी और वो आवाजें करनेलगी- आ.. अ.सी.. आ .सी..स. सी.. हा.. हा. हहह . नि.. नी.. अह.. आह… आह..

मुझे भी मज़ा आने लगा और हम दोनों चरम सीमा पर पहुँचने लगे। वो अब तक एक बार झड़ चुकी थी और अब फिर स्खलित होने वाली थी। वो कहने लगी- मैं जाने वाली हूँ!

मैंने भी कहा- मैं भी जाने वाला हूँ!

और हम दोनों ही एक साथ झड़ गए और मैंने अपना सारा रस उसकी चूत की गहराइयों में डाल दिया। हम दोनों का रस उसकी चूत से निकलने लगा, मैंने उसे साफ किया और उससे कहा- क्या एक बार और हो जाए?

तो उसने भी शरमाते हुए हामी भरी और हमने एक बार फिर चुदाई की। इस बार उसे पहले ज्यादा मज़ा आया और करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद हम फिर से झड़ गए। इतने में सुबह के पाँच बज गए और अगली सुबह वो उसके घर वालों के साथ उसके घर रतलाम चली गई। मैं उसकी प्यास में तड़पता रह गया। लेकिन हम दोनों फ़ोन पर खूब बातें करते और मज़ा लेते।

छः महीनों के बाद उसने कहा कि उसके घरवालों ने उसकी शादी कहीं राजस्थान में तय कर दी है, कुछ ही दिनों में उसकी शादी होने वाली है। और वो जोर जोर से रोने लगी, कहने लगी- राहुल मैं तुम्हारे अलावा और किसी की नहीं हो सकती हूँ, मेरे शरीर और आत्मा पर सिर्फ तुम्हारा ही अधिकार है।

उसकी इस बात से मेरी भी पलकें नम हो गई और फिर खबर आई कि उसकी शादी होने वाली है, उसमें मुझे भी जाना है।

फिर देखते ही देखते उसकी शादी हो गई और आज उसकी शादी को तीन साल हो गए हैं लेकिन मैंने कभी उसके बारे में तलाश नहीं की और मैं एक बार फिर प्यासा ही अपनी जिंदगी बिता रहा हूँ!

दोस्तो, कैसी लगी मेरी यह सच्ची कहानी?
मुझे मेल करके जरुर बताना!
मेरी अगली कहानी में आपको बताऊँगा कि कैसे मैंने मेरी दूसरी गर्ल फ्रेंड सोनू को कैसे चोदा! Antarvasna

दोस्तो, मेरा नाम सुजीत है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं|आज आप सभी को मैं अपनी जिन्दगी का सबसे हसीन वाकिया बताना चाहता हूं जिसको पढ़ कर लड़कियों की चूत और लड़कों के लंड से पानी की फुहार निकल जाएगी| ये कहानी मेरी पड़ोसन ज्योति मैडम की है जिनसे मै बचपन में पढता था | वो पड़ोस में रहती थी तो मेरे घर से अच्छा लगाव रहता था लेकिन उनकी फिगर इतनी अच्छी थी की मेरा मन उनको हमेशा से चोदने का करता था और फिर एक समय ऐसा आया जिसमें मैंने अपनी एक ज्योति मैडम की जमकर चुदाई की| ज्योति मैडम के चूचे खरबूजे के जैसे थे और मस्त गांड थी; एकदम दूध सा गोरा बदन और काले लंबे बाल| वैसे तो ज्योति मैडम दो लड़कियों की मां थीं पर हर कोई उनका दीवाना था| मैं अक्सर ज्योति मैडम को देखकर मुठ मारा करता था| हुआ यूं कि जब मेरे नाना जी की तबीयत खराब हो गई तो मेरे घर वालों को मुझे छोड़कर जाना पड़ा क्योंकि मेरे 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल थे| तो मेरे घरवालों ने मेरी पड़ोसन ज्योति मैडम को मेरी जिम्मेवारी दी| मेरे घर वालों के जाने के बाद मैं ज्योति मैडम के घर खाना खाता और रोज की तरह स्कूल जाता| दो दिन तक ऐसे ही चलता रहा| तीसरे दिन मैं प्रैक्टिकल देकर स्कूल से जल्दी घर आ गया| मैंने अपने घर आकर कपड़े बदले और दोपहर का खाना खाने के लिए ज्योति मैडम के घर चला गया| वैसे तो मैं उनके घर आवाज लगाकर जाता था लेकिन उस दिन मैं उनके घर में ऐसे ही चला गया| मैंने देखा ज्योति मैडम के घर में कोई नहीं है, तो मैंने आवाज लगाई- ज्योति मैडम जी, कहां हो? बाथरूम से आवाज आई- , खाना गर्म करना पड़ेगा, तुम बैठ जाओ| मैं आती हूँ| जैसे ही मैं बैठा मैंने बाथरूम के बाहर की दीवार पर टंगी हुई एक लाल रंग की पैंटी और सफ़ेद ब्रा देखी| ज्योति मैडम की ब्रा पैंटी देख कर मैं अपने होश खो बैठा| मैं अपने आप पर पूरी तरह से कंट्रोल नहीं कर पा रहा था| ज्योति मैडम की ब्रा पैंटी को देखकर ही मेरे लंड ने लोअर में तम्बू तान दिया था|मेरा लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था और मैं नहीं चाहता था कि ज्योति मैडम मुझे इस हालत में देखें|मैंने झट से हैंगर से ज्योति मैडम की पैंटी उतारी और उसको अपने साथ घर ले गया| अपने घर जाकर मैं बेड पर लेट गया और ज्योति मैडम की पैंटी को चूत की तरह गद्दे तकिया के बीच में सैट कर दिया|फिर अपने लंड को उनकी पैंटी में घुसेड़ दिया| मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं ज्योति मैडम की चुदाई कर रहा हूँ| कसम से दोस्तो, मैंने दो बार जल्दी जल्दी ज्योति मैडम की पैंटी में अपने लंड का पानी गिराया और इसके बाद मैं उनके घर चला गया|मेरी जेब में ज्योति मैडम की गंदी हो चुकी पैंटी थी|लेकिन जैसे ही उनके घर में पहुंचा, मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं क्योंकि ज्योति मैडम पूरी तरह से सिर्फ एक तौलिए में लिपटी हुई थीं| शायद ज्योति मैडम अपनी पैंटी को ढूँढ रही थीं| मैंने ज्योति मैडम को देखा तो मैं सकपका सा गया| शायद उनको भी शक हो गया था कि उनकी पैंटी गायब होने में मेरा हाथ है| चूंकि उनके घर में मेरे सिवाए कोई नहीं गया था| ज्योति मैडम की दोनों बेटियां हॉस्टल में पढ़ती थीं और मैडम के पति जी डॉक्टर थे, वो शाम को घर आते थे| जब ज्योति मैडम ने मुझसे कुछ नहीं कहा, तो मैंने समझ लिया कि सब कुछ ठीक है| फिर मैं खाना खाने के बाद वापस आ गया और उनकी पैंटी को वहीं ज्योति मैडम के घर में छिपा कर रख आया| शाम के समय मैंने ज्योति मैडम के घर जाकर खाना खाया और उसके बाद मैं वहीं गहरी नींद में सो गया| मैं रात को ज्योति मैडम के घर में सोता था क्योंकि मुझे अकेले घर में डर लगता था| रात में मैंने अजीब सी आवाजें सुनी तो देखा कि मैडम के पति और ज्योति मैडम सेक्स कर रहे थे, पागलों की तरह एक दूसरे में लगे हुए थे| उन दोनों का सेक्स देख कर मैं पागल हो गया| मैंने देखा ज्योति मैडम पति के बालों को पकड़कर उनका मुँह अपनी चूत में घुसाए जा रही थीं|वो उनको गालियां दे रही थीं- चाट मेरी चूत को आज खा जा … मेरी चूत को जल्दी जल्दी से चाट साले| ज्योति मैडम ने अब अपनी चूत अलग हटाई और उस पर लिक्विड चॉकलेट गिराकर पति को इशारा किया| मैडम के पति ज्योति मैडम की चूत से लग गए और ज्योति मैडम ने उन्हें अपनी चूत से चिपका लिया था| मैडम के पति को ज्योति मैडम की चूत चाटते देखकर मैं भी गर्म हो गया|मैंने अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया; अपने हाथ से तेज तेज हिलाते हुए लंड की मुट्ठी मारी|आज मैंने पहली बार ज्योति मैडम को इस हालत में देखा था| वैसे तो ज्योति मैडम साड़ी में बड़ी शरीफ लगती थीं लेकिन सारे मोहल्ले वाले उनके दीवाने थे; ज्योति मैडम की मटकती गांड को हर कोई चोदना चाहता था| अगली सुबह जब मैं उठा, तो मैं नहाकर स्कूल आ गया| उधर अपना प्रैक्टिकल देने लगा| लेकिन मैं वह दृश्य भुला नहीं पा रहा था| सोच रहा था कि किस तरह से ज्योति मैडम चूत चुसवा रही थीं| मेरे मुँह में पानी आ रहा था| मैं स्कूल से फ्री हुआ और तेज कदमों से अपने घर आ गया| जल्दी से अपनी ड्रेस चेंज की और ज्योति मैडम के घर आ गया| मैंने उनके घर में छिपाई हुई ज्योति मैडम की पैंटी उठाई और अपने घर आकर बैठ कर कल के जैसे नंगा होकर फिर से ज्योति मैडम की पैंटी को ज्योति मैडम समझ कर चोदने लगा| इतने में मेरे घर में ज्योति मैडम आ गईं और उन्होंने मुझे रंगे हाथों पकड़ लिया| वैसे तो ज्योति मैडम गुस्सा थीं लेकिन कुछ हंस भी रही थीं| उन्होंने मुझसे कहा- तुम्हारी मम्मी को मैं सब बताऊंगी| मैंने दोनों हाथ जोड़ कर ज्योति मैडम से कहा- प्लीज़ माफ़ कर दीजिए, आप जो कहेंगी, मैं करूंगा| ठीक है … चलो अभी घर आकर खाना खाओ| बाद में सोचती हूँ कि क्या करना है|” मैं खाना खाने आ गया लेकिन मुझसे खाना नहीं खाया गया क्योंकि मैं काफी डर गया था| शाम को भी मेरा ज्योति मैडम के घर जाने का दिल नहीं कर रहा था, मुझे बेहद डर लग रहा था| जब मैं शाम को नहीं गया, तो वो मेरे घर आईं और मुझे अपने साथ ले गईं| उसी वक्त अचानक से ज्योति मैडम के फोन पर मैडम के पति का फोन आया| उन्होंने हैलो कहा| तो मैडम के पति ने कहा- हां, मैं जरा देरी से वापस आऊंगा| तुम दोनों खाना खाकर सो जाना| यदि मैं ग्यारह बजे तक नहीं आया, तो फिर मैं कल आऊंगा| अब ज्योति मैडम ने मेरी तरफ देखा और होंठ दबा कर हल्का सा मुस्कुरा दी| लेकिन मैंने कुछ भी रिएक्ट नहीं किया| मैंने और ज्योति मैडम ने खाना खाया और टीवी देखने आ गए| हम दोनों ने 11:00 बजे तक टीवी देखा| फिर ज्योति मैडम बाथरूम में नहाने चली गईं| आज भी उनकी पैंटी और ब्रा वहीं दरवाजे के पीछे की दीवार पर टंगी हुई थी| मेरा अभी फिर से मन हुआ कि ज्योति मैडम की पैंटी को चोदने के लिए उठा लूं लेकिन मुझे ज्योति मैडम का डर था| मुझे नहीं पता था कि आज ज्योति मैडम का क्या इरादा है| ज्योति मैडम ने मुझे आवाज लगाई और बोलीं- बेटा, बाहर मेरी पैंटी और ब्रा टंगी है, उसे लेकर देना| मैं डरते डरते वॉशरूम के पास आ गया| तभी झटके से दरवाजा खुला और मैंने देखा कि ज्योति मैडम पूरी नंगी खड़ी थीं| मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं| ज्योति मैडम की नंगी चूत को देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया था| तभी उनकी मस्त उठी हुई गांड हिली, जिससे चूत ने मुँह चलाया| मैं नजारा देखने लगा| फिर ज्योति मैडम मादक आवाज में बोलीं- क्या देख रहे हो? अन्दर आ जाओ| जैसे ही मैं अन्दर जाने लगा तो सहमा हुआ था| मेरी सांसें तेज चल रही थीं| मैं कुछ भी करने से डर रहा था| मैंने कहा- ज्योति मैडम, मुझे माफ़ कर दीजिए| कैसा काम? उन्होंने मेरे बालों को पकड़ा और मुझे नीचे कर दिया| अपनी एक टांग को कमोड पर रखी और मेरे सामने ज्योति मैडम की गुलाबी और रसभरी चूत खुल गई थी| उन्होंने मेरा सर अपनी चूत में दबा दिया|मैंने भी चूत को देखा और ज्योति मैडम की चूत में मुँह लगा दिया| ज्योति मैडम की चूत में रस ही रस भरा था| नमकीन सफ़ेद अमृत का स्वाद जैसे ही मेरी जीभ पर लगा, मैं निहाल हो गया ‘उफ्फ … उम्महा …’ मैंने आज पहली किस उनकी चूत की फांकों पर की थी| उनके मुँह से मुझे वासना से लबरेज सिसकारियां निकलती सुनाई देने लगीं| मैंने जीभ चूत पर चलाने शुरू कर दी| शुरूआत में तो चूत चाटने में बहुत अजीब सा लगा| मगर चपर चपर करके मैं ज्योति मैडम की चूत चाटने लगा| तभी उन्होंने अपनी चूत पर लिक्विड चॉकलेट टपकानी शुरू कर दी| मुझे ज्योति मैडम की चूत मीठी लगने लगी| उन्होंने एक पल के लिए मुझे हटाया औरलिक्विड चॉकलेट की शीशी को अपनी चूत में लगा कर दबा दिया| उनकी चूत में लिक्विड चॉकलेट भर गई| अब ज्योति मैडम बोलीं- अगर तुम ये पूरी चॉकलेट खा लोगे, तो मैं तुमको स्पेशल गिफ्ट दूंगी| मैंने ज्योति मैडम की चूत को चाटा, उनकी चूत में जीभ डालकर मजा लेने लगा| ज्योति मैडम सेक्स की उत्तेजना में बोलने लगी- उफ्फ आंह … चाट ले साले … हिलाने से क्या होगा, आज चूत में घुस जा | ज्योति मैडम की गालियां और कामुक सिसकारियों से मेरा लंड तनता जा रहा था| फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी चूत को खोला और जीभ को नुकीला करके अन्दर डाल दी| जीभ अन्दर हुई और हाथ फ्री हो गए| मैंने हाथों से ज्योति मैडम की गांड को पकड़ा और अपनी जीभ से उनकी चूत को गपागप चोदने लगा| मैं पागलों के जैसे लगा हुआ था| वो भी मेरे बालों को पकड़कर मेरा साथ दे रही थीं|ज्योति मैडम बोलीं- तुम आज अपने मैडम के पति का काम कर रहे हो, इतनी मस्ती से तो पति भी नहीं चूसते हैं| आंह लगे रहो मेरी जान| चूसो , आंह जब तक मेरी चूत का पानी तुम्हारे मुँह में नहीं आ जाता, चूत चूसते रहो| कुछ देर बाद मुझे लगा कि बहुत अजीब सा नमकीन पानी मेरे मुँह आने लगा है| मैं हटने को हुआ, लेकिन उन्होंने मुझे हटने ही नहीं दिया| ज्योति मैडम बोलीं- आंह … साले पी जा ,आज अगर आज तूने मेरी चूत से मुँह हटाया, तो मैं तुम्हारी मम्मी को सारी बात बता दूंगी| मुझे डर लगा और बिना मुँह हटाए उनकी चूत को चूसना पड़ा|चूत चूसते हुए ही मुझे उनका सारा नमकीन पानी पीना पड़ा| फिर ज्योति मैडम ने मुझे उठाया और मेरे होंठों पर टूट पड़ीं| ज्योति मैडम ने मेरे होंठों को चूस चूस कर अपनी चूत का सारा रस साफ़ कर दिया| फिर वो मुझे अपने साथ पकड़ कर अपने रूम में ले आईं| अब मेरे लंड की गर्मी बढ़ चुकी थी और मुझे लग रहा था कि मैं जल्द से जल्द मुठ मार लूं| मतलब सामने चुदासी ज्योति मैडम नंगी थी और मैं चूतिया मुठ मारने की सोच रहा था| गांड फटने पर यही हाल होता है| फिर जब ज्योति मैडम ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए, तब ख्याल आया कि लंड के लिए चूत तो सामने ही है, मुठ क्या मारना| मैं पूरा नंगा हो गया| ज्योति मैडम ने मेरा लंड देखा और मुस्कुरा दीं| अब हम दोनों बेड पर आ गए और मैं चित लेट गया| ज्योति मैडम मेरे ऊपर चढ़ गईं और वो मेरे होंठों को किस करने लगीं| एक मिनट बाद ज्योति मैडम बोलीं- आज तुझे पति का काम करना है, करेगा ना!मैंने सर हां में हिला दिया|ज्योति मैडम मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच दबाने और चूसने लगीं, मेरे लंड को अपने हाथों से दबाने लगीं| लंड पर उनका हाथ लगते ही लंड एकदम कड़क हो गया था|आह आह साली ज्योति मैडम, किसी रंडी के जैसे मेरे लंड को मसल रही थी| कुछ पल बाद वो अपनी चूत से मेरे लंड को रगड़ने लगीं| लंड को चूत का चुम्बन मिला तो मैं चूत का कायल हो गया; लंड चूत के अन्दर घुसने को लालायित हो गया| हम दोनों ही पागल हो चुके थे| मैं नहीं चाहता था कि ज्योति मैडम मुझे चोदें, इसलिए मैंने उनको धक्का दे दिया और उनके ऊपर आ गया| मैं भी गर्म हो चुका था| मैंने भी उनके गोरे-गोरे चूचों को मसलना और दबाना शुरू कर दिया| एक स्तन को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा| पागलों के जैसे उनके निप्पल को दाँतों से खींच कर काटा| दूसरे हाथ से उनके दूसरे निप्पल को मसल दिया| ज्योति मैडम एकदम से चिल्ला उठीं- आंह साले काट मत , प्यार से चूस न|फिर मुझको पता ही नहीं चला कि मैं कब उनके चूचों से उनकी चूत पर आ गया| मुझे भी ज्योति मैडम की चूत चूसने का मजा आने लगा था क्योंकि वह चॉकलेट और शहद टपका कर मुझे पागल कर रही थीं|अबकी बार मैं ज्योति मैडम की चूत को ऐसे चाट रहा था जैसे मलाई खाता है| उन्होंने अपनी दोनों टांगों को खोलकर मुझसे अपनी चूत खूब चुसवाई|ज्योति मैडम बोलीं- तुम मेरे हो और चाटो|सच कहा था उन्होंने , आज असल में ज्योति मैडम का ही बन गया था| फिर ज्योति मैडम बोलीं- चल आ जा , अब आज मैं तुझको कुछ और देना चाहती हूँ|अब ज्योति मैडम ने मुझको अपने नीचे लेटाया और मेरे मुँह पर आकर बैठ गईं| ज्योति मैडम बोलीं- चूत चूसते जाओ बस, मरी तरफ मत देखो, और जो भी परसाद मिले, उसे खा जाना| मैं ज्योति मैडम की चूत चूसने लगा| कुछ मिनट के बाद ज्योति मैडम का रज मेरे मुँह में निकल गया| मैंने उस दिन उनका 3 बार पानी चूस लिया था| फिर ज्योति मैडम बोलीं- आज तुझे तेरे किए की सजा भी मिलेगी| तेरे लिए मेरी चूत से अभी कुछ और भी आएगा| चुत से धीरे धीरे नमकीन पानी आने लगा , शुरू में कुछ नमकीन सा स्वाद आया , वो बोली कैसा लगा , मैंने कहा बहुत अच्छा लेकिन ये क्या है वो बोली पेशाब है , रुको मत ज्योति मैडम ने मेरा सर थामा और बोलीं- तुम्हें तुम्हारी मम्मी की कसम, पी ल | कुछ ही पलों में मुझको उनका गर्म-गर्म मूत बहुत मस्त लगने लगा| मैं ज्योति मैडम का सारा मूत पी गया| उनकी चूत से मूत निकलना बंद हो गया जबकि मैं चाह रहा था कि वो मुझे और पिलाएं| वह समझ गईं और बोलीं- आज तूने मेरे मन की इच्छा पूरी कर दी| बोलो तुमको क्या चाहिए? मैंने भी बोल दिया- आपकी चूत को चोदना चाहता हूँ|उन्होंने ओके कहा और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया|वो पागलों के जैसे लंड चूमने लगीं| जैसे ही मैं अपना लंड उनके होंठों पर रखा, मेरे लंड ने हार मान ली| लंड का रस उनके मुँह में निकल गया| ज्योति मैडम ने सारा रस खा लिया|साली के मुँह से एक भी बूंद बाहर नहीं गिरी| आज पहली बार मेरे लंड से इतनी क्रीम निकली थी कि ज्योति मैडम का मुँह अच्छे से भर गया था| ज्योति मैडम हंसती हुई बोलीं- इतनी सारी क्रीम मत जमा किया करो, इसके अन्दर कीड़े पड़ जाएंगे|मैंने कहा- निकालता तो आपकी पैंटी में हूँ| ज्योति मैडम हंसने लगीं और बोलीं- अब तड़पाओ मत … मेरी चुदाई करो| मैंने कहा- लंड तो खड़ा करो| उन्होंने दोबारा से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और एक मिनट में ही चूस कर खड़ा कर दिया| लंड देख कर ज्योति मैडम बोलीं- चल अब असली काम पर लग जा| मुझे ज्यादा मत तड़पा| डाल दे जल्दी से मेरी चूत में| मैंने भी उनको कुतिया बनाया और पीछे से लंड लगा और उनकी चूत पर लंड रगड़ा| ज्योति मैडम अपनी गांड हिलाकर बोलीं- कुत्ते ऐसे मत तड़पा , डाल देना अन्दर अपना लंड मेरी चूत को रगड़ दे| मैंने भी लंड को सैट किया, उनकी गांड को पकड़ा और जोर से धक्का दे मारा|मेरा पूरा लंड ज्योति मैडम की चूत में अन्दर तक समा गया था| वो एकदम से चिल्ला उठीं और बोलीं- इतना लंबा लंड तो तेरे मैडम के पति का भी नहीं है|मैंने कहा- ज्योति मैडम, तुम्हारी पैंटी पर लंड को रगड़ रगड़ कर इतना लंबा किया है| वो हंसने लगीं और गांड हिलाने लगीं| मैं जोर जोर से धक्के देने लगा और उनके चूचों को पकड़कर चूत को फाड़ता रहा| ज्योति मैडम भी अपनी गांड को उठा उठा कर साथ दे रही थीं, मुझे गालियां दे देकर अपनी चूत का भोसड़ा बनवा रही थीं| वो मुझे जोश दिला रही थीं लेकिन मैं भी कहां थकने वाला था, मैंने भी ज्योति मैडम को ऐसा चोदा कि वो थरथरा उठीं| ज्योति मैडम बोली- तू तो बड़ा मर्द निकला| मैंने कहा- बस आपके मूत की वजह से ही ये सब कुछ हुआ| लगभग दस मिनट की चुदाई के बाद ज्योति मैडम की चूत से पानी की फुहार छूटने लगी| अब उन्होंने धक्का देकर मुझे हटाया और मुझे बेड पर गिरा दिया| वो फिर से मेरे होंठों पर बैठ कर बोलीं- फिर से चूस मेरी चूत को , मुझे आज तुझे सजा देनी है| मैं भी चूत चूसने लगा क्योंकि उनकी चूत में से मस्त खुशबू आ रही थी| कुछ देर बाद ज्योति मैडम लंड पर चूत फंसा कर चुदवाने लगीं| आधा घंटा की चुदाई में हम दोनों संतुष्ट हो गए| कुछ देर आराम करने के बाद ज्योति मैडम बोलीं- अब तुम मेरी गांड की चुदाई करो| मैं तो ज्योति मैडम का गुलाम था| मैंने उनकी गांड की चुदाई करने के लिए इस बार उनको बेड के एक सिरे पर लेटा दिया | उनकी टांगों को फैलाया और उनकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया| फिर अपने लंड पर थूक गिरा कर लंड को ज्योति मैडम की गांड में सैट कर दिया| ज्योति मैडम ने मुस्करा कर देखा, तो मैंने उनकी चूचियों को पकड़ कर जोर से झटका दे दिया| लंड गांड में घुसता चला गया| ज्योति मैडम की चीख निकल गई|मैंने झट से उनके होंठों को लॉक किया और अपने लंड से फिर से धक्के देने शुरू कर दिए| मेरे धक्के इतने जोर से लग रहे थे | कि ज्योति मैडम की गांड के अंतिम छोर पर लग रहे थे| ज्योति मैडम पागलों के जैसे चिल्ला रही थीं| मैंने अपने लंड से धक्के मार मार कर उनकी गांड सुजा दी| कुछ देर बाद मैंने कहा- मेरा रस निकलने वाला है| ज्योति मैडम ने कहा- आज तुम अपनी बना लो| बोलो कहां निकालने का मन है!मैंने भी बोल दिया- आपके मुँह में| वो बैठकर मेरे लंड को चूसने लगीं|मेरे माल की पिचकारी निकली तो उनकी आंखों में, बालों में, होंठों पर जा गिरी| वो हंसने लगीं| फिर हम दोनों शांत होकर वहीं लेट गए और सो गए| सुबह जब उठे तो ज्योति मैडम ने एक प्यारी सी किस मेरे होंठों पर कर दी और बोलीं- यदि आज रात को भी तुम्हारे मैडम के पति नहीं आए, तो तुम्हारे लिए एक और चीज भी है, जो तुम्हें चाटनी है| ये ज्योति मैडम ने अपनी गांड की तरफ इशारा करते हुए कहा| मेरी सुबह खराब हो गई| वो सब क्या था , ये अगली कहानी में लिखूंगा| मेरी यह ज्योति मैडम की सेक्स कहानी आपको कैसी लगी? आप मेल करना न भूलें|

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