Important Notice: Post Free Ads Unlimited...🔥🔥🔥

Massage Girl in Sant Kabir Nagar Book Professional Massage Services Online

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

(Pahli Bar Sex- First Time Sex, First Intercourse)- Antarvasna

पहली बार सम्भोग Antarvasna यानि सेक्स करते वक़्त डर लगना स्वाभाविक है। आखिर उन खूबसूरत पलों को कौन यादगार नहीं बनाना चाहता।

लेकिन अगर ज़रा सी भी चूक हो जाए तो ये खूबसूरत लम्हे ज़िन्दगी के सबसे डरावने अनुभवों में से एक बन जाते हैं। लेकिन अगर कुछ बातों का ख्याल रखा जाए, तो फर्स्ट टाइम सेक्स को बेहद खुशगवार यादगार बना सकते हैं।

सबसे पहले सुरक्षा- ज़्यादातर लोग अपने पहले सम्भोग को लेकर काफी भावुक और अधीर होते हैं। अधीर होना जायज़ भी है। लेकिन दो पल की खुशी के लिए सुरक्षा से समझौता न करें।
यौन सम्बन्धी रोगों और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल ज़रूर करें। अपने लिए एक भरोसेमंद साथी चुनें जो आपकी कद्र करता हो। मस्ती के लिए सेक्स करने से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ज़्यादा उम्मीदें न रखें- हर कोई सोचता है कि उनका पहली बार एक जादुई और यादगार अनुभव हो। लेकिन ऐसा होगा ही, यह ज़रूरी नहीं है। अच्छे से सेक्स करना एक कला है, जो वक़्त के साथ आती है। ज़्यादा उम्मीदें रखने से आपको ही निराशा होगी।

फोरप्ले यानि सेक्स पूर्व क्रीड़ा करना न भूलें- चाहे कितने ही उत्सुक और उत्तेजित क्यों न हों- सीधा वहाँ’ पहुँचने से बचें। समय लें और अपने साथी को भी मुख्य कार्य के लिए गर्म होने, तैयार होने का वक़्त दें। पहली बार में आप जितना ज़्यादा फोरप्ले करेंगे उतना ही अच्छा रहेगा।

सम्भोग से पहले पूरी तरह उत्तेजित हों- इंटरकोर्स तक पहुँचने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह उत्तेजित हैं। वरना पहली बार सेक्स में आपको काफी दर्द होगा। लड़की की झिल्ली फ़टने पर और लड़के के लिंग के तन्तु कटने पर दर्द अवश्यभावी है।
यह न सोचें कि वो अनुभवी है- अधिकतर मामलों में, पुरुषों को यह दिखावा करने में बहुत मज़ा आता है कि वे सेक्स के एक्सपर्ट हैं। ऐसा शायद इसलिए कि वह अपनी साथी के सामने अपना भय और अनुभवहीनता व्यक्त करने से डरते हैं। इसलिए, कभी भी यह मान कर न चलें कि वो इसके एक्सपर्ट हैं। अपनी अन्तर्वासना यानि सेक्ष की इच्छा को भी अपने साथी के सामने रखें और कोशिश करें कि हमेशा वो ही लीडिंग न हों।

झूठ न बोलें- कई लोग सिर्फ इसलिए कह देते हैं कि वो संतुष्ट हैं ताकि उनके सहभागी को बुरा न लगे। ऐसा करने से आप असंतुष्ट ही रह जाएँगे और आपका रिश्ता खतरे में पड़ सकता है, इसलिए सच बोलें। और पहली बार सेक्स करने जा रहे लोग तो कतई झूठ का सहारा न लें।

चरमोत्कर्ष परम आनन्द चरमसीमा पर पहुँचने की आशा न रखें- हालांकि चरमोत्कर्ष से काफी सुख मिलता है, लेकिन बिना उसके भी आप सेक्स को इंजॉय कर सकते हैं। पहली बार इसकी आशा न रखें। अगर होता है तो बहुत अच्छा और नहीं होता तो कोई बात नहीं। बस अपने अनुभव का आनंद लें।

दर्द ज़्यादा देने का मतलब प्यार नहीं? जी नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। पहली बार सेक्स करने में थोड़ा ज़्यादा दर्द ज़रूर होता है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आप अच्छे प्रेमी नहीं हैं। लेकिन अगर आपको दर्द हो तो उसे ज़रूर बताएँ। अगर आपका साथी संवेदनशील हैं तो वह इसे ज़रूर समझेगा और इस बात का ख़्याल रखेगा। Antarvasna

ये बात तब 2020 की है जब मैं कॉलेज में था । मेरा एक दोस्त था रोहित। हम दोनो खूब मस्त रहते थे, साथ कॉलेज जाते थे, जिम जाते साथ में । लोग हमे देख कर ये सोचते थे की हम सगे भाई है । इस ही दिन कट रहे थे मगर मैं कभी भी रोहित के घर नही गया था । एक दिन उसका कॉल आया और बताया कि उसके मम्मी पापा की सालगिराह है तो घर में पार्टी है जल्दी आने के लिए उसके घर। मैने सोचा पहली बार जा रहा हु और स्पेशल दिन भी है तो कुछ गिफ्ट ले लेता हु। मैने एक बुके लिया और चॉकलेट का पैक ले लिया। मैं उसके घर जैसे ही पोहौचा देखा बोहोत लोग आए हुए थे । 30,35 लोग थे तो मैंने रोहित को कॉल करा और बाहर आने को बोला । वो बाहर आया और मुझे लेके गया उसके मम्मी पापा के पास। मैं जाते ही हैरान हो गया उसकी मम्मी को।देख कर। उनका नाम श्वेता था और पापा का नाम कमलेश। अंकल की उम्र 54 थी और आंटी 43 मगर आंटी को देख कर लगा नही वो इस उम्र में है। एक दम फिट और सेक्सी। आंटी का साइज 34–38–42 मस्त सुडोल । आंटी ने चमकीली और नेट वाली साड़ी पहनी थी जिसमे हाफ स्लीव ब्लाउज था। ब्लाउज में से चूचे बाहर आने को हो रहे थे।आंखों में चमक, बाल लंबे , चूचे एक दम तने हुए और गान्ड देख कर तो मुंह में पानी आ जाए। आंटी ने कहा :– अच्छा ये राहुल है । मैं उनसे मिला और पार्टी में एंजॉय करने लगा। कुछ भी करू बस आंटी पर ही नजर जा रही थी । आंटी ने भी मुझे देख लिया था उन्हें देखते हुए। पार्टी में दारू बीयर चल रही थी तो मैं और मेरा दोस्त भी पी रहे थे। पार्टी खतम होने के बाद मैं जाने लगा तो रोहित ने कहा रात हो गई है यही रुक जा । मैने मना किया तो आंटी भी बोली रुकने का तो मैने सोचा चलो रुक ही जाते है। सब सोने चल दिए अपने अपने रूम में। मुझे नींद नहीं आ रही थी बस आंटी घूम रही थी दिमाग में । मुझे प्यास लगी तो किचन गया पानी पीने तो आंटी के रूम से आवाज़ सुनी। मैं दबे पाओ देखने चला गया । मैने देखा आंटी पूरी नंगी थी और अंकल भी। आंटी बिस्तर में लेटी थी और अंकल चोद रहे थे । आंटी के चूचे ऊपर नीचे हो रहे थे मस्त और अंकल दमादम चोद रहे थे। आंटी बोलती है आंटी :– चोदते रहो बस आह आह आह बस करते रहो कमलेश आह चोदो मुझे अंकल:– आज कल तू खूब रण्डी बन गई है हमेशा हवस चढ़ी रहती है तुझे आंटी :– तुमसे भी तो अब नही होता है कुछ कमलेश करते रहो। अंकल:– मेरा होने वाला है आंटी :– प्लीज़ अभी मत निकालना इतनी जल्दी प्लीज प्लीज अंकल का निकल गया और आंटी के ऊपर ढेर हो गए । आंटी मुंह बनाके बोलती है जब कर नही पाते हो तो क्यों मेरी वासना को जगा देते हो । अंकल चुपचाप होके सोने लगे । आंटी ने कपड़े से अपने आपको पोछा और पानी पीने आई तो मुझे देख लिया जगे हुए । मुझे बोलती है अभी तक सोया नही मैने भी कह दिया नींद नहीं आ रही। आंटी कहती है आजा फिर कॉफी पीते है। मैं भी चला गया उनके पीछे पीछे किचन में । मेरा लन्ड तो पहले से ही टाइट था जो दिख रहा था पैंट में से । आंटी और मे कॉफी पीते पीते बाते कर रहे थे। आंटी :– कैसी चल रही है पढ़ाई मैं:– बोहोत मस्त आंटी आंटी :– तुम दोनो भी ड्रिंक करते हो मैं डर के :– कभी कभी आंटी बस आंटी :– चलो अच्छा है मगर आदत मत बनाना मैं :– हा आंटी आदत नही बनाएंगे आंटी को मेरा लन्ड दिख गया था जो तना हुआ था । आंटी एक दम घूरने लगी तो मैने धीरे से एडजस्ट करा और चुपचाप बैठा रहा । आंटी बोलती है चल सो जाते है मैने भी हा कहा और रूम में चले गए । मेरा मन नहीं माना तो आंटी के रूम में धीरे से देखने लगा आंटी क्या कर रही है । मैं हैरान हो गया देख कर आंटी अपनी मैक्सी उठा के चूत में उंगली कर रही है और अपने चूचे मैक्सी के ऊपर से दबा रही है। 10 15 मिनट उंगली करने के बाद झड़ गई तो ऐसे ही थोड़ी लेटी रही और मैं उन्हें देख कर लन्ड सहला रहा था तो उन्होंने मुझे देख लिया की मैं उन्हें देख रहा था । मैं भाग गया और रूम में जाके सो गया चुपचाप। सुबह हुई तो आंटी उठाने आई हम दोनों को। मैं उठा तो आंटी को देखते रह गया नहा के आई थी गीले बाल और डीप नेक सूट में कमाल लग रही थी। उन्होंने उठाया और चाय देके गई । रोहित उठा बाथरूम में चला गया । मैं भी फ्रेश होने गया तो आंटी के ब्रा पैंटी देखा जो हैंगर में टंगे हुए थे । मैने उठाया और सूंघने लगा । पता नही क्या हुआ मैने सूंघते सूंघते मूठ मारने लगा और अपना माल पैंटी में छोड़ दिया । मुझे डर लगने लगा की अब मुझे डाट ना पड़े । मैं चुपचाप ब्रा पैंटी को पानी से गीला कर के आ गया। नाश्ता कर के घर चला गया । फिर ऐसे ही 2 दिन बीत गए फिर रोहित का कॉल आया की वो और उसके पापा अपने गांव जा रहे है कुछ काम से तो मैं उसके घर में रुक जाऊं क्युकी आंटी अकेली होगी। मैं मना कर नही सकता था तो मैं भी चला गया। रोहित ने बताया कि वो 3,4 दिन में आ जाएंगे तब तक उसके ही घर रुक जाऊं मैं।अंकल और रोहित चले गए अब मैं और आंटी बचे दोपहर में खाना खाया फिर आंटी ने मुझे मार्केट चलने को कहा तो मैं साथ चल दिया । कुछ सामान खरीदने के बाद घर आ गए । आते आते शाम हो गई थी तो आंटी ने आके मुझसे कहा ड्रिंक करूंगा क्या उनके साथ। मैं पहले तो डर गया मगर हा बोल दिया । आंटी ने मुझे पैसे दिए और कहा की बीयर ले आ साथ में कुछ खाने को भी लाना। मैं चला गया बीयर चकना के साथ साथ कॉन्डम भी ले आया। मैं जैसे ही आया तो देखा आंटी एक सेक्सी जालीदार मैक्सी पहनी हुई थी सोफे में बैठी हुई थी । मैक्सी से हल्की हल्की ब्लैक ब्रा दिख रही थी। हम दोनो पीने लगे और जब सुरूर चढ़ा तो आंटी बोलती है आंटी :– तेरी गर्लफ्रेंड कैसी है मैं :– कोई गर्लफ्रेंड नही है मेरी पहले थी मगर अब नही है आंटी :– अब कोई क्यों नही है ? मैं :– अब कोई मिली ही नहीं आपके जैसी आंटी :– तभी मेरे कपड़ों में माल निकाला था मैं डर गया और चुप रहा तो आंटी ने कहा :– मैं कैसी लगती हु तुझे मैने तपाक से कह दिया :– आप bomb हो आंटी मस्त एक दम आंटी:– अब मुझ में इतनी बात कहा मैं:– आंटी अभी भी आप जवान लड़कियों को पीछे छोड़ देती हो आप बोहोत खूबसूरत हो आंटी मेरे पास आके बोली :– अच्छा ऐसा है तो मुझे गर्लफ्रेंड बना ले मैं डर गया तो उन्होंने मेरे लन्ड को पैंट के ऊपर से सहला दिया । मेरा लन्ड एक दम से फुल टाइट हो गया। में बताना भूल गया की मेरा लन्ड 7.4 साइज है और मस्त मोटा। मैं मस्त होके उन्हें चूमने लगा वो भी साथ दे रही थी । हम सोफे में एक दूसरे को चूमे जा रहे थे और साथ में उनके मैक्सी के ऊपर से दोनो चूचे दबा रहा था। वो आह आह आह कर के कहार रही थी। फिर उन्होंने मेरी शर्ट उतारी और छाती को चूम रही थी।धीरे से बोलती है बेडरूम में चलते है तो मैने एक बीयर की बॉटल उठाई और उनके साथ चल दिया। जाते ही उनकी मैक्सी उतार दी और बेड में पटक दिया। चूम रहा था और चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था। वो मस्त होने लगी तो मैने उनकी ब्रा पैंटी उतारी और चूत को चूमने लगा। एक दम चिकनी चूत थी एक भी बाल नहीं थे। मैं उनके नीचे आके चूत चाटने लगा तो वो मेरा सर दबा रही थी । आंटी बोलती है आंटी:– खा जा मेरी चूत को आज तक ऐसा मजा नही दिया तेरे अंकल ने आह आह ओह चाट राहुल प्लीज करते रह चाट चाट के उन्हे पागल कर चुका था उनका निकलने लगा तो मेरा सर दबा दिया उन्होंने और मेरे मुंह में झड़ गई। अब में उठा और उनको लन्ड चूसने को बोला तो तुरंत चूसने लगी एक दम लॉलीपॉप की तरह । हाथ से हिलाती और चुस्ती रहती। मेरा निकलने वाला था तो उनका सर दबा दिया गले तक चला गया और मेरा निकल गया वो भी पी गई मेरा सारा माल। अब आंटी को चूम रहा था और उनके बूब दबा रहा था तो वो बोलती है इतना बड़ा लन्ड कभी नहीं देखा तेरे अंकल का तो इसका आधा है। अब में फिर से मस्त हो गया और उठा । लन्ड में कॉन्डम चढ़ाने लगा तो बोलती है ऐसे ही कर बिना कंडोम लगा के । मैने थूक लगाया और उनके ऊपर आ गया । मैं लन्ड चूत के ऊपर सहला रहा था तो बोलती तड़पा मत प्लीज अब डाल दे मैने टांगे कंधे पर रखा और सेट किया । जैसे ही थोड़ा अंदर गया तो बोलती है तो छठपटाने लगी और चूमने लगी। मै चूमते हुए एक हल्का धक्का दिया तो आधा अंदर चला गया तो उसके आंखों से आसू आने लगे । मैं :– क्या हुआ आंटी आंटी :– इतना बड़ा नही लिया है तू मेरे आसू मत देख मैने भी हल्का बाहर निकाला और जोर का धक्का दे दिया मेरा पूरा लन्ड उसके अंदर चला गया। वो रोने लगी और बोलने लगी की निकल ले सहन नही हो रहा। मैं उन्हें चूमता रहा थोड़ी देर और हल्के हल्के झटके दे रहा था । अब आंटी अपनी गांड़ हिलाने लगी तो मै भी धक्के देने लगा । अब आंटी मस्त होके बोलने लगी आंटी :– आह आआआह राहुल बोहोत मस्त लन्ड है तेरा , तू पहले क्यों नहीं मिला यार कितना मस्त तगड़ा लन्ड है तेरा , आह आह ओह राहुल करते जा आज से मै तेरी रण्डी हु इस पर वो और ज़्यादा चीखने लगीं और मुझे गालियाँ देने लगीं, “आह … अह … साले बहनचोद, मार दिया मुझे आह … हाय हअह … मादरचोद, ऐसे कौन चोदता है आह … हह अह … बहन के लौड़े, चूत फाड़ दी मेरी आह … हांह … साले गांडू…” मैं भी धक्के दे रहा था उसका होने वाला था तो मुझे पकड़ के चूमते हुए बोली करते रह राहुल i love you राहुल आह। फिर वो निकल गई तो मैंने उसे कहा मेरे ऊपर आओ मेरा नही हुआ तो वो मेरे ऊपर आई और लन्ड सेट कर के कूदने लगी। मैं उसके चूचे दबा रहा था और चूम रहा था वो उछल उछल के ले रही थी। मैं भी नीचे से धक्का दे रहा था । थोड़ी देर बाद मैने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदने लगा । उसकी गांड़ में थप्पड़ लगा रहा था और चोद रहा था। मेरा निकलने वाला था तो पूछा कहा निकालू तो बोलती है अंदर ही निकाल मैं भी निकालने वाली ही तो मैने जोरदार झटके देता रहा दोनो एक साथ निकल गए । मेरा निकलने के बाद उसके ऊपर लेटा रहा। उस रात हमने 4 राउंड चूदाई करी। फिर सुबह हुई तो उसके चेहरे में खुशी झलक रही थी । मैने उसको किचन बाथरूम हर जगह चोदा 4 दिन । कभी होटल जाके तो कभी मेरे रूम में । आज भी अंकल और रोहित को नही पता है की उसकी मां मुझसे चुदाती है।आज भी मौका मिलता है तो हम चूदाई करते रहते है। अगले पार्ट में बताऊंगा मैने उसकी कैसी गांड़ मारी आपको अगर मेरी कहानी पसंद आया है तो मुझे मेल कर सकते है और बता सकते है।किसी भाभी को मुझसे मिलना है तो मुझे मेल करे। Roleplayexpertincest@gmail.com is me

हम तीनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और एक साथ पढ़ते थे, बड़ी गहरी दोस्ती थी हम तीनों की।

कुछ ऐसा संयोग हुआ कि हम तीनों की नौकरी दिल्ली में लग गयी और हम लोग एक कॉलोनी में एक एक फ्लैट में रहने लगे।

हम लोग रोज़ शाम को मिलते, दारू पीते और खूब एन्जॉय करते।
ज़िन्दगी अच्छी तरह गुज़रने लगी।

फिर एक एक करके हम तीनों की शादी भी हो गयी।

मेरी शादी रेखा नाम की लड़की से हो गयी.
अरुण की शिल्पा से और आनंद की नेहा से!

हम लोग अपनी अपनी बीवी के साथ अपने अपने फ्लैट में रहने लगे और एक दूसरे के घर आने जाने लगे।
हमारी बीवियां भी आपस में मिलने जुलने लगी, उनकी भी आपस में वही दोस्ती हो गयी जो हम लोगों के बीच में थी।
तो हमारी नजदीकियां और बढ़ने लगीं.

मैंने यह देखा कि ये तीनों बीवियां जब भी मिलतीं हैं तो खूब हंस हंस कर बातें करती हैं।
बातें क्या होतीं हैं … यह तो पता नहीं … पर होतीं जरूर मजेदार हैं यह बात उनके चेहरे से मालूम हो जाती थी।

एक दिन रात में मैं पूरा नंगा अपनी बीवी रेखा के साथ लेटा था और वह भी नंगी थी।
वह बड़े प्यार से मेरा लण्ड सहला रही थी और मैं उसका नंगा बदन।
हम दोनों वासना में डूबे थे।

मैंने पूछा- यार रेखा, ये बताओ कि तुम तीनों बीवियां आपस में कौन सी बातें किया करती हो?
वह बोली- क्यों क्या हो गया? हम लोग तो बस ऐसे ही हंसी मजाक किया करतीं हैं।

“नहीं नहीं खुल कर बताओ न मुझे?”
“क्यों बताऊँ? तुम लोग जब बातें करते हो तो क्या हमें बताते हो?”

“कुछ तो बताओ यार? किसके बारे में बातें करती हो और क्या बातें करती हो?”
“हमारी बातें बड़ी गुप्त होतीं हैं किसी को बताई नहीं जाती!”

“अच्छा तो क्या तुम लोग लण्ड चूत चूत की भी बातें करती हो?”
“ये तो सब छोटी छोटी बातें हैं, इससे भी आगे करती हैं।”

“अच्छा तो मैं तुम्हें बताता हूँ कि मुझे शिल्पा भाभी और नेहा भाभी बहुत अच्छी लगतीं हैं।”
“इसमें भी कोई खास बात नहीं है। हर मर्द को परायी बीवी अच्छी लगती है और हर बीवी को पराया मर्द अच्छा लगता है।”

“तो इसका मतलब तुमको अरुण और आनंद अच्छे लगते हैं?”
“हां हां … बिल्कुल अच्छे लगते हैं।”

“तो तुम उन दोनों के लण्ड पकड़ोगी?”
“तुम पकड़ने दोगे तो पकड़ लूंगी।”

“उन दोनों से चुदवा भी लोगी?”
“तुम कहोगे तो चुदवा भी लूंगी.”

“मेरे कहने पर चुदवा लोगी या तुम अपने मन से चुदवाना चाहोगी?”
“चुदवाना तो चाहती हूँ पर बिना तुम्हारी अनुमति के नहीं चुदवा सकती।”

“अच्छा अगर मैं उन दोनों की बीवियां चोदूँ तो तुम मुझे चोदने दोगी?”
“क्यों नहीं चोदने दूँगी? बिल्कुल चोदने दूँगी। जब कोई तुम्हारी बीवी चोदेगा तो तुम भी उसकी बीवी चोदो; मैं मना नहीं करूंगी। अपनी बीवी चुदाओ तो उनकी बीवी चोदो।”

“वादा खिलाफी तो नहीं करोगी? मैं तेरे सामने ही उनकी बीवियां चोदूंगा।”
नहीं करूंगी वादा खिलाफी … पर मैं भी तेरे सामने उन लोगों से चुदवाऊंगी।”
“ठीक है।”

अगले दिन मैंने अरुण और आनंद से बात की और उनको बताया- यार मेरी बीवी तो ‘वाइफ स्वैपिंग’ के लिए एकदम तैयार है। तुम अपनी वाली से पूछ कर देखो!
अरुण ने कहा- मेरी बीवी तो पहले से ही राज़ी है. मेरी बात होती है उससे इस टॉपिक पे!

और आनन्द ने बताया- यार, मेरी बीवी तो ख़ुशी ख़ुशी तैयार हो गयी। वह तो शायद खुद ही यह बात मुझसे कहना चाहती थी।

दरअसल दो दिन पहले जब हम तीनों आपस में बैठ कर दारू पी रहे थे तो ख्याल आया कि क्यों न हम लोग ‘वाइफ स्वैपिंग’ करें और एन्जॉय करें?
सबने हां कह दी पर सवाल यह था कि क्या हमारी बीवियां तैयार होंगी?

जब हमने अपनी अपनी बीवी से बात की तो मालूम हुआ कि वो भी पतियों की अदला बदली करना चाहती है।
अब तो वाइफ एक्सचेंज Xxx में मज़ा ही मज़ा आएगा।
बस अगले दिन मैंने अपने घर में ही एक डिनर पार्टी रख ली।

मैंने जब यह बात अपनी बीवी रेखा को बताई तो वह ख़ुशी के मारे उछल पड़ी और फ़टाफ़ट सारा इंतज़ाम करने लगी।

उसने कहा- डिनर का आर्डर तुम कर देना और ड्रिंक्स का इंतज़ाम मैं कर लूंगी. और सुनो चुदाई का भी सारा इंतज़ाम कर लूंगी मैं! कल तुम मेरे सामने दोनों बीवियों की चूत का बाजा खूब बजाना।
मैंने कहा- और तुम भी कल उन दोनों के लण्ड अपनी चूत में डाल कर भून डालना।
वह बोली- वो तो मैं करूंगी ही! उनके लण्ड भुने हुए बैगन की तरह निकालूंगी मैं अपनी चूत से! तुम देखते रहना।

अगले दिन अरुण अपनी बीवी शिल्पा के साथ और आनंद अपनी बीवी नेहा के साथ आ गए।

शिल्पा भाभी ने साड़ी पहनी थी और उसके नीचे एक छोटी सी ब्रा जिसके अंदर से उसकी बड़ी बड़ी चूँचियाँ बाहर निकलने के लिए बेताब हो रही थीं।

नेहा भाभी ने जींस और टॉप पहना था, ब्रा तो थी ही नहीं। टॉप का गला इतना गहरा था कि एक बटन खुल जाए तो चूचियाँ पूरी नंगी हो जायेंगी।
उसकी भी चूचियाँ बड़ी भी थी और सुडौल भी। जींस उसकी बहुत ही लो वेस्ट की थी अगर एक बटन खुल जाए तो चूत की झांटें दिखाई पड़ने लगेंगी। उसकी गांड बड़ी मस्त लग रही थी।

फिर मेरी बीवी ने ड्रिंक्स चालू कर दी और हम सब लोग दारू पीने लगे और एक दूसरे की बीवी ललचायी नज़रों से देखने लगे।

हमारी बीवियां भी एक दूसरे के पति को ललचायी नज़रों से निहारने लगीं, उनकी टांगों के बीच का उभार देखने लगीं।
एक दूसरे के पति के लण्ड के साइज का आईडिया लगाने लगीं।

नशा चढ़ने लगा तो बातें भी ज्यादा खुल कर होने लगीं, अश्लील होने लगीं और बीच बीच में प्यार से गालियां भी निकलने लगीं।
जोश बढ़ने लगा और उत्तेजना भी बढ़ने लगी।

दूसरा पैग चालू हो गया।

फिर मैंने कहा- शिल्पा भाभी, आप कोई नॉन वेज चुटकुला सुनाइये।
सबने जोर डाला तो वह बोली- अच्छा सुनाती हूँ।

उसने कहा:
एक बार एक औरत डॉक्टर के पास गयी और बोली- डॉक्टर साहेब, मेरे पति का लण्ड बहुत लंबा है, कलेजे तक आ जाता है।
डॉक्टर बोला- तो क्या लण्ड काट कर छोटा कर दूँ?
वह औरत बोली- नहीं डॉक्टर साहेब, लण्ड नहीं कटवाना है, मेरा कलेजा थोड़ा ऊपर कर दो।

सबने खूब तालियां बजाईं।

फिर नेहा भाभी बड़े प्यार से बोली:
कांटों का तो नाम ही बदनाम है यार …
पर हकीकत यह है की चुभता तो लण्ड भी है।

सबने खूब एन्जॉय किया और तालियां बजाई।

फिर मेरी बीवी रेखा ने भी सुनाया:

एक बार दो लण्ड बात कर रहे थे।
पहला- चलो आज मैं तुम्हें एक फिल्म दिखाता हूँ।
दूसरा- अरे यार ब्लू फिल्म मत दिखाना?
पहला- क्यों?
दूसरा- मुझे खड़े खड़े देखनी पड़ेगी।

सब लोग खूब ठहाका लगा कर हंस पड़े।

अब किसी को भी किसी से कोई शर्म नहीं रही।

मेरी बीवी उठी और अरुण के गले में बांहें डाल दी और उसके गाल चूमकर बोली- हाय मेरे राजा, तुम मुझे बड़े अच्छे लगते हो।
वह भी मेरी बीवी के बदन पर हाथ फेरने लगा।

अरुण की बीवी शिल्पा आनंद से चिपक गयी और दोनों एक दूसरे के बदन को सहलाने लगे।

आनंद की बीवी नेहा मुझसे लिपट गयी और मेरा लण्ड टटोलने लगी, बोली- तेरा लण्ड भोसड़ी का बड़ा मोटा लग रहा है यार आकाश!
मैं उसकी चूचियाँ दबाने लगा।

फिर धीरे धीरे सबके कपड़े उतरने लगे; नंगे बदन सबके दिखाई पड़ने लगे।

बस 5 मिनट तीनों बीवियां मादरचोद एकदम नंगी हो गयीं और और तीनों मर्द भी बहनचोद नंगे हो गए।

तीन तीन पैग शराब का नशा ये सब बड़ी मस्ती से करवा रहा था।
किसी को न कोई झिझक, न कोई डर, न कोई संकोच … सब कुछ बिंदास अपने आप ही होने लगा।

मेरी बीवी ने फर्श पर ही चुदाई का सारा इंतज़ाम किया था।
गद्दे मसनद लगे थे, चादरें बिछीं थीं, नैपकीन रखे थे, कंडोम काफी मात्रा के रखे थे।

बाकी सारा इंतज़ाम था.
यहाँ तक कि झांटें बनाने का भी प्रबंध था।
लेकिन इत्तिफाक से किसी की झांटें थीं ही नहीं।
तीनों लण्ड एकदम चिकने थे और चूत भी नेहा भाभी की एकदम चिकनी थी।

मेरी बीवी और शिल्पा भाभी की चूत पर छोटी छोटी झांटें थीं जो बहुत ही सेक्सी लग रहीं थीं।

सब लोग गोला बनाकर कर बैठे थे।
फिर सब लेट कर मज़ा लेने लगे।

नेहा भाभी मेरा लण्ड चाटने लगी और मैं शिल्पा भाभी की चूत चाटने लगा,
शिल्पा भाभी आनंद का लण्ड चाटने लगी और आनंद मेरी बीवी रेखा की चूत चाटने लगा.
मेरी बीवी अरुण का लण्ड चाटने लगी और अरुण नेहा की चूत चाटने लगा।

इस तरह सबको डबल मज़ा मिलने लगा।
हर एक बीवी एक पराये मरद का लण्ड चाटने लगी और दूसरे पराये मरद से अपनी चूत चटवाने लगी।

इसी तरह हर एक मर्द एक परायी बीवी से लण्ड चटवाने लगा और दूसरी परायी बीवी की फुद्दी चाटने लगा।

इतनी मस्ती तो बस वाइफ स्वैपिंग के खेल में आ सकता है … और कहीं नहीं।

मेरी बीवी बोली- यार शिल्पा, तेरे पति अरुण का लण्ड तो बड़ा मोटा और सख्त है यार! ये बहनचोद आज ही मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा। और देखो न नेहा का पति कितनी मस्त से मेरी चूत चाट रहा है। चाट क्या अपनी जबान से चोद रहा है मेरी चूत। आज वह सब सच हो रहा है जो मैं सोचा करती थी।

शिल्पा बोली- हां यार, मुझे भी नेहा के पति का लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है। पराये मरद का लण्ड तो मजेदार होता ही है। आज मैं पहली बार अपने पति के आगे किसी और के पति का लण्ड चूस रही हूँ। मैं सच में बड़ी खुश हूँ बड़ा मज़ा आ रहा है मेरी चूत किसी और का मरद चाट रहा है। वाह क्या बात है … कितनी अय्याशी हो रही है आज!

नेहा बोली- आज तो वाकई बड़ा मज़ा आ रहा है. दो दो पराये मर्दों को नंगा देख रही हूँ, उनके लण्ड देख रही हूँ, उनके लण्ड चाट रही हूँ, उनसे अपनी चूत चटवा रही हूँ। और क्या चाहिए एक चूतचोदी बीवी को? आज मैं बिल्कुल रंडी बनकर इन दोनों लण्ड का मज़ा लूंगी।

इन सब बातों से माहौल में और ज्यादा गर्मी हो गयी।

मैंने आनंद की बीवी नेहा की चूत में पेल दिया और चोदने लगा.
आनंद अरुण की बीवी चोदने लगा और अरुण मेरी बीवी चोदने लगा।

हम तीनों बड़ी दूसरे की बीवी चोदने लगे और मज़ा लूटने लगे।
दूसरे की बीवी चोदने कितना मज़ा आता है, इसका अनुभव आज हम सबको हो रहा था।

अरुण बोला- यार आकाश, अपनी बीवी के सामने किसी और की बीवी चोदना कितना मजेदार होता है।
आनंद बोला- हां बात तेरी सही है। मुझे तो जितना मज़ा दूसरे की बीवी चोदने में आ रहा है उतना ही मज़ा अपनी बीवी किसी और से चुदवाने में आ रहा है। मैं आज पहली बार अपनी बीवी को किसी और से चुदते हुए देख रहा हूँ और मुझे अच्छा लग रहा है.

इस तरह हम तीनों खूब मस्ती से दूसरे की बीवी की चूत का बाजा बजने लगे।

दूसरी पारी में मैंने अरुण की बीवी चोदी, अरुण ने आनंद की बीवी चोदी और आनंद ने मेरी बीवी चोदी।

दूसरे दिन जब सब लोग चले गए तो मेरी बीवी ने कहा- देखो जी, अब मुझे पराये मरद से चुदवाने का चस्का लग गया है। मुझे पराये मरद का लण्ड अच्छा लगने लगा है। अब तो मैं पराये मर्दों से ही चुदवाऊंगी इसलिए अब और भी कपल ढूंढो जो हमारे साथ बीवियों की अदला बदली कर सकें।

मैंने कहा- हां यार, मुझे भी थोड़ा थोड़ा चस्का लग गया है दूसरे की बीवी चोदने का। अब तो मैं अपनी बीवी चुदाने में भी कोई झिझक नहीं करूंगा।
वह बोली- मैं भी तुम्हें दूसरे की बीवियां चोदने दूँगी।

कहते हैं न कि जहाँ चाह है वहां राह है।
हमें दो कपल एक ही हफ्ते में मिल गए।

पहला पवन और उसकी बीवी प्रेमा और दूसरा सूरज और उसकी बीवी सीमा।
दोनों कपल की उम्र हमारी उम्र के बराबर ही थी।

पहले मैंने पवन की बीवी चोदी और पवन ने मेरी बीवी चोदी।
हम दोनों रात भर एक दूसरे की बीवी चोदते रहे।

दूसरे हफ्ते में मैंने सूरज की बीवी सूरज के सामने चोदी और सूरज ने मेरे सामने मेरी बीवी चोदी।
खूब एन्जॉय किया हम सबने!

फिर हमारा एक बड़ा सा वाइफ एक्सचेंज Xxx ग्रुप बन गया।
आज हमारे पास 8 / 10 कपल हैं और हम हर शनिवार और इतवार को एक ही जगह आमने सामने एक दूसरे की बीवियां चोदते हैं।
हमारी बीवियां भी एक दूसरे के पतियों से चुदवातीं हैं और खूब मज़ा लूटतीं हैं।

Hindi Porn Stories

मेरे प्यारे दोस्तो!इस कहानी को पढ़ने वाली लड़कियों, भाभियों Hindi Porn Stories और आंटियों को मेरा प्यार!मेरे बचपन के दोस्त राहुल की शादी को तीन महीने ही हुए थे। उसकी पत्नी का नाम पूनम है। उसकी शादि चूंकि पूनम के परिवार वालों ने हमारे शहर में आकर की थी तो उनकी देखरेख का काम मैंने ही किया था। इसी कारण पूनम भी मुझे पहचानने लगी थी। जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मैं मन ही मन सोचने लगा कि बेटा राहुल तेरी तो किस्मत ही खुल गई क्योंकि पूनम बहुत सुन्दर है, 5’4″, लम्बे बाल, गुलाबी होंट, आंखें बड़ी बड़ी और नशीली और आवाज कोयल की तरह है। पूनम और राहुलदोनों एम एस सी पढ़े हैं।

अब मैं राहुल के घर कम ही जाने लगा और राहुल इस बात की शिकायत भी करता कि मैं उसके घर नहीं आता। तो मैंने एक दिन कहा कि मैं आने लगूंगा तो भाभी मन ही मन कहेंगी कि अमन जब देखो यहीं पड़ा रहता है। यह बात सुन कर वो नाराज़ हो गया और कहने लगा कि अमन तू ऐसी बात करता है और पूनम कहती है कि अमन जी आते ही नहीं हैं, क्या अमन जी मुझसे नाराज़ हैं। यह बात सुनकर मुझे कुछ अजीब सा लगा पर मैंने राहुलसे कल आने का वायदा किया, वैसे तो हमारे घर पास पास ही हैं।

अगले दिन मैं उसके घर गया तो मुझे पूनम भाभी मिली, वो रसोई में नाश्ता बना रही थी। मैंने भाभी को हेलो बोला और राहुलके बारे में पूछा।

पूनम मुझे देख कर काफ़ी प्रसन्न हुई और बोली- अमन जी! आज आप कैसे सुबह सुबह आ गए! चलो आए हो तो अपने दोस्त से ही मिलने आए होंगे।

मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं, बस काफ़ी दिनों से कुछ ज्यादा काम आ गया था, इसलिए नहीं आया।

पूनम बोली- राहुलबाज़ार गए हैं, आज शाम को उन्हें ओफ़िस के काम से इन्दौर जाना है, इसलिए घर का सामान लेने गए हैं। आप बैठिए, मैं नाश्ता लाती हूँ।

मैंने कहा- नहीं भाभी, मैं नाश्ता नहीं करूंगा।
तो पूनम बोली- अमन जी! एक बार नाश्ता कर के देखें कि मैं कैसा नाश्ता बनाती हूँ।
तो मैं पूनम भाभी को मना नहीं कर पाया। फ़िर भाभी ने पूछा- आप चाय लेंगे या जूस?
तो मैंने कहा- भाभी, मैं तो सुबह चाय ही लेता हूँ।

भाभी दो कप चाय ले आई और हम साथ साथ ही नाश्ता करने लगे। मैंने पूनम की ओर देखा, वो काले रंग के गाऊन में थी। पूनम के दूध के समान गोरे रंग पर काला गाऊन काफ़ी जच रहा था। शायद पूनम ने ब्रा नहीं पहनी थी फ़िर भी उसकी छाती काफ़ी आगे को उभरी हुई थी। उसे देख कर मेरे मन में अजीब सी हरकत होने लगी लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जो पूनम को बुरा लगे।

थोड़ी देर बाद राहुलभी आ गया और मुझे देख कर बहुत प्रसन्न हुआ, बोला- अच्छा हुआ अमन तुम मुझे यहाँ पर ही मिल गए।

मैंने पूछा- कुछ काम था क्या?

राहुलबोला कि मैं एक सप्ताह के लिए इंदौर जा रहा हूँ और तुम्हारी भाभी को बाज़ार से कुछ सामान की आवश्यकता थी इसलिए तुम और पूनम बाज़ार से सामान ले आना।
मैंने कहा- तुम चिन्ता मत करो।

फ़िर अगले दिन पूनम का फ़ोन आ गया कि अमन जी आज हम बाज़ार चलें अगर आप को कोई और काम ना हो तो।

मैंने पूनम को शाम पांच बजे का समय दिया और शाम को जब मैं भाभी के घर गया तो वो बाज़ार जाने के लिए तैयार थी। आज भाभी ने सफ़ेद कमीज़ और काले रंग की जींस पहन रखी थी और आज भी काफ़ी सुन्दर दिख रही थी। मैंने भाभी को बताया कि मैं कार ले कर आया हूँ तो भाभी ने कहा कि बाज़ार में कार बहुत तंग करती है इसलिए आओ अपनी बाईक ले लो। फ़िर मैं बाइक ले आया और वो बाईक पर लड़कों की तरह बैठी। ब्रेक लगने पर भाभी की चूची मेरी कमर से लग जाती। मुझे बहुत खुशी हो रही थी कि कम से कम भाभी और मैं आपस में स्पर्श तो हुए।

खरीदारी के बाद मैंने भाभी से पूछा कि आप क्या खाएंगी तो वो बोली कि कुछ भी जो आप खाएं। हमने एक होटल में जाकर कुछ खाया पिया और घर की ओर चल दिए। शाम के साढ़े सात से ज्यादा बज गए थे तो भाभी को घर छोड़ कर मैं बोला- भाभी मैं चलता हूँ।

भाभी बोली-मैं चाय ला रही हूँ, काफ़ी थक चुके हैं! फ़िर मैंने और भाभी ने चाय पी और थोड़ी देर बाद मैं अपने घर आ गया।

आज भाभी के साथ रहने से हम दोनों काफ़ी खुल गए थे और मजाक भी कर लेते थे। अगले दिन रविवार होने के कारण मैं पूनम के घर गया तो भाभी एक किताब पढ़ रही थी। मुझे देख कर बोली- अच्छा हुआ अमन जी आप आ गए, मैं बहुत बोर हो रही हूं। अगर आप कहें तो कोई मूवी देखने चलें?

मैंने हाँ कर दी तो भाभी बोली- मैं तैयार हो कर आती हूँ।

जब भाभी आई तो मैं देखता ही रह गया क्योंकि भाभी लाल रंग की साड़ी और ब्लाऊज़ में थी। मैं भाभी को देखता ही रहा तो वो बोली- अमन जी क्या हुआ! कहाँ खो गए?

मैंने तुरन्त कहा- भाभी जी! आपको देख कर खो गया हूँ, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं। तो भाभी हंसने लगी। फ़िर हम दोनों माल आ गए और मूवी देखने लगे। अच्छी मूवी थी। जैसे ही हम माल से बाहर निकले तो मेरे एक अच्छे मित्र ने मुझे देखा और पुकारा- अमन!

मैंने देखा तो वो रमण था। मैं रुका और रमण और उसकी पत्नी से मिला और पूनम से मिलवाते हुए कहा- यह पूनम है…

मेरी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रमण बोल पड़ा- भाभी जी नमस्ते! और मुझसे बोला- यार! शादी भी कर ली और बताया भी नहीं!

मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं…!

लेकिन मेरी बात काट कर रमण बोला- भाभी चलो, हमारे घर चलते हैं, तो मैंने मना किया और कहा कि बाद में आऊँगा। पर रमण ने कहा कि नहीं आज ही!

तो हम रमण के घर चल दिए। घर आकर रमण ने कहा- यार! शादी में क्यों नहीं बुलाया? इससे पहले कि मैं कुछ कहता। पूनम बोल पड़ी- रमण जी! हमारी लव मैरिज़ है और अचानक ही हो गई, इसी कारण किसी को भी नहीं बुला पाए। रमन और उसकी बीवी ने हमें खाना खाने के बाद ही आने दिया। अब रात भी हो चुकी थी। हम घर के लिए निकले और मैंने कहा- भाभी जी! आपने ऐसा क्यों कहा?

तो भाभी बोली- आपको बुरा लगा क्या?
मैंने कहा- नहीं ऐसी कोई बात नहीं!
तो वो बोली- फ़िर क्या बात है?
मैंने कहा- भाभी! हमारी ऐसी किस्मत कहाँ कि आप हमारी पत्नी बनें!
भाभी बोली- पत्नी नहीं पर भाभी तो हूं!
मैंने कहा- हाँ! यह तो है!

फ़िर हम घर आ गए और मैंने कहा कि भाभी रात के ग्यारह बज गए, मैं चलता हूँ।

भाभी ने कहा- रुको! ज़रा मैं कपड़े बदल लूँ! और भाभी काले रंग का गाऊन पहन कर मेरे पास बैठ गई और बोली- अमन जी, शादी कब करोगे?

मैंने कहा- जब आप जैसी कोई मिल जाएगी तो कर लूंगा, आज मिले तो आज ही कर लूंगा।
पूनम ने कहा- अगर मैं ही मिल जाऊँ तो?
भाभी की इस बात को सुन कर मैं दंग रह गया और कुछ बोल नहीं पाया।

भाभी बोली- अमन जी! क्या हुआ, सांप सूंघ गया क्या?
मैंने कहा- नहीं भाभी पर मैं समझ नहीं पाया कि आपने क्या कहा।
तो पूनम ने कहा- मैं आप से प्यार करती हूँ।
मैंने कहा- सिद्धार्थ?

भाभी ने कहा- राहुलको कुछ पता नहीं चलेगा। इतना कह कर भाभी मेरे पास लेट गई और मुझे किस किया। मैंए भी उसे पसन्द करता था इसलिए मैं भी विरोध ना कर सका।

फ़िर भाभी बोली- अमन, अगर आपको मैं पसन्द नहीं तो रहने दो।
मैंने कहा- नहीं भाभी! ऐसी कोई बात नहीं, आप मुझे अच्छी लगती हो।
पूनम ने कहा- तो मुझे पूनम नाम से पुकारो!

मैंने कहा- पूनम! मैं तुमसे प्यार करता हूँ और मैंने पूनम को उसके लाल रंग के होटों पर किस किया और फ़िर तो मैं और पूनम एक दूसरे के मुँह में जीभ देने लगे। आधे घण्टे इस तरह एक दूसरे के साथ चिपके रहे। तब पूनम ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, मैंने भी पूनम के कपड़े उतारने शुरू कर दिए।

पूनम बोली- अमन, आज तुम्हारी मेरे साथ पहली सुहागरात है, अभी रुको, आज हम सुहागरात मनाएंगे, मैं तैयार होती हूँ।, तुम एक अच्छी सी नग्न फ़िल्म लगाओ।

मैंने एक ब्लू फ़िल्म लगा दी और देखता रहा। काफ़ी देर बाद पूनम आई तो उन्हीं कपड़ों में थी जो उसने अपनी शादी के दिन पहने थे और काफ़ी सुन्दर दिख रही थी। आते ही मैंने उसे अपनी तरफ़ खींच लिया और किस करने लगा। मैं कुछ जल्दी कर रहा था तो पूनम ने कहा- जल्दी ना करो, पूरी रात बाकी है।

मैं पूनम की चूची जोर जोर से दबाने लगा तो पूनम गर्म हो गई। मैंने एक एक कर के पूनम के सारे गहनें उतार दिए और फ़िर उसका ब्लाउज़ भी उतार दिया। फ़िर जब लहंगा भी उतार दिया तो पूनम के शरीर पर केवल ब्रा और पेंटी ही बची थी। उसकी आंखें बंद थी और वो गर्म सांसें छोड़ रही थी। मैं पूनम के शरीर के सब हिस्सों पर किस करने लगा और फ़िर मैंने उसकी ब्रा को भी फ़ाड़ के उसके शरीर से अलग कर दिया। जैसे ही मैंने उसकी पेंटी को हाथ लगाया तो वो गीली थी।

मैंने पूनम से कहा- पूनम! तुम तो झड़ चुकी हो।
उसने कहा- हाँ!

लेकिन मैं तो अब भी पागल हो रहा था, शायद मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सच है। मैंने पूनम के शरीर से पेंटी अलग कर दी और उसकी पेंटी अपने लण्ड से रगड़ने लगा तो पूनम ने कहा- इसे छोड़ो, मैं हूँ ना!

उसके बाद पूनम ने मेरे लण्ड को पहला स्पर्श किया तो लण्ड पहले से भी ज्यादा गर्म और कड़क हो गया। वो मेरे लण्ड को आगे पीछे कर रही थी और मैं उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा। पूनम के मुँह से सी सी की आवाज़ें आने लगी और वो अपने चूतड़ ऊपर करने लगी।

फ़िर पूनम ने मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया तो ऐसा लगा कि मैं उसके मुँह में झड़ जाऊँगा।

मैंने पूनम से पूछा- पूनम, तुमने राहुलसे पहले किसी के साथ यह काम किया है?
तो उसने कहा- पहले मुझे पता ही नहीं था कि इसमें इतना मजा आता है।
मैंने कहा- तुम्हें राहुलके साथ मजा नहीं आता क्या?

तो पूनम ने कहा- आता है! लेकिन मैं तुमसे प्यार करती हूँ और तुम्हारे ही बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ। अगर मैं तुमसे प्यार ना करती तो क्या मैं ऐसे सुहागरात मनाती।

यह सुन कर मुझे अच्छा लगा और मैंने पूनम के मुंह में अपनी जीभ दे दी। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे पास कन्डोम होगा? तो पूनम ने कहा- कंडोम की जरूरत नहीं है।

फ़िर मैंने पूनम की चूत पर अपना लण्ड रख कर अन्दर किया तो आधा उसकी चूत में चला गया। एक और झटके में मैंने पूरा का पूरा लण्ड पूनम की चूत में डाल दियाऔर जोर जोर से झटके मारने लगा तो पूनम को भी मजा आने लगा। दस बारह झटकों में मैं झड़ गया और पूनम भी झड़ गयी और उसकी चूत में अपना वीर्य डाल दिया।

पूनम ने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया तो मेरा लण्ड पाँच मिनट में ही पहले की तरह खड़ा हो गया। फ़िर मैंने पूनम को घोड़ी बना कर चोदा। इस प्रकार हम सुबह के चार बजे तक चुदाई करते रहे और हमें कब नींद आ गई पता ही नहीं चला।

सुबह साढ़े पाँच बजे घर पर बैल बजी तो पूनम ने अपना गाऊन पहना और गेट पर जाकर आई तो मैंने पूछा कि कौन था?

उसने कहा- दूध वाला था। अमन! तुम चाय लोगे?

तो मैंने हाँ कर दी। पूनम चाय ले कर आई तो मैं नंगा ही लेटा था। मैंने पूनम को अपने पास खींच लिया तो उसने कहा कि अब भी कोई कमी रह गई है क्या!

मैंने कहा- हाँ! और उस कमी को पूरा करना है।

तो पूनम ने कहा- सुबह हो चुकी है, अमन अब रहने दो!

लेकिन मेरे लण्ड को तो गर्मी चढ़ी थी। पूनम मना करती रही और मैं पूनम को खींचता रहा। ऐसा करने से पूनम का गाऊन फ़ट गया और पूनम मुझ से लिपट गई। फ़िर हमने तीन बार काम किया और एक बार पूनम के मुँह में झाड़ा। पूनम काफ़ी खुश थी।

पूनम ने कहा- अब जब तक राहुलनहीं आ जाता, आप ही मेरे पति की तरह यहाँ पर रहोगे। इस प्रकार हम एक दूसरे को मजा दिलाते रहे।

और अब जब भी राहुलबाहर जाता है तो हम खूब चुदाई करते हैं। Hindi Porn Stories

Sex stories
मैं मेरे नये दोस्तों को मेरा अपना परिचय करा Sex stories दूं। मेरा नाम सीता है, मेरी उमर 28 साल है, मेरी शादी हो चुकी है। मैं सेक्स की बहुत भूखी हूं। मेरे हबी संजू बड़े स्मार्ट और सेक्स में पावरफ़ुल हैं पर वो ज्यादातर समय बाहर ही गुजारते हैं और मुझमें सेक्स की भूख बहुत ज्यादा है इसलिये मैं हर वक्त नये लंड की तलाश में रहती हूं। अपनी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि किस तरह मेरे ड्राइवर अमित ने मुझसे जबरदस्ती की थी।

आज मैं आपको अपनी एक नयी कहानी सुना रही हूं जिसमे मैंने और मेरी दोस्त (अब वो मेरी ननद है) सुमन ने किस तरह मनाली में चुदाई के साथ इनकम भी की। ये बात 1998 की है जब मैं और मेरी दोस्त चंडीगढ़ में बी ए के तीसरे साल की पढ़ाई कर रही थी। हम दोनों ही शुरु से चुदक्कड़ थी और अक्सर अपने ब्वायफ़्रेंड के साथ डेट पर जाती और चुदाई का मज़ा लेती।
एक बार मैं अपने दोस्त के साथ शिमला घूमने के लिये गयी हुई थी। वहां पर हमने 3 दिन तक खूब चुदाई का नज़ारा लिया। वहां जिस होटल में हम रुके हुए थे वो होटल पर अक्सर काल गर्ल आती रहती थी और उस होटल में लगभग हर टूरिस्ट इसी लिये आता था।

मैं एक दिन शाम के वक्त बार टेबल पर बैठी थी मेरा दोस्त अभी रूम से नीचे नहीं आया था तभी एक सांवले रंग का मजबूत बदन का मर्द मेरे पास आ कर बैठ गया। उसने मुझे काल गर्ल समझ लिया था। मेरे पास आ कर उसने मुझे ड्रिंक की पेशकश की जिसे मैंने नम्रता से ठुकरा दिया। उसके बाद उसने स्माइल पास करते हुए मुझे से नाम पूछते हुए अपना परिचय देने लेगा। कुछ देर बाद उसने असली बात पर आते हुए मुझे रात की ओफ़र की और इसके लिये उसने बिना मेरी तरफ़ देखे सौ रुपये के काफ़ी सारे नोट मेरी तरफ़ बढ़ा दिये।

एक बार तो मैं उसकी हरकत पर हैरान हो गयी और मुझे गुस्सा भी आया पर दूसरे ही पल मेरे दिमाग में एक नया विचार आया (हालांकि मैं भी बहुत रिच फ़ैमिली से हूं पर जैसा कि सभी पाठक जानते हैं कोलेज लाइफ़ में पोकेट मनी की प्रोब्लम रहती है) कि ये तो पैसे के साथ मजा और नये लंड के साथ बाहर घूमने का बड़ा अच्छा साधन है। पर उस वक्त मैं अपने दोस्त के साथ थी। मैंने उसे अपना पता देते हुए बाद में सम्पर्क करने को कहा।

कई दिन के बाद मुझे उसका सन्देशा मिला कि उसे 2 लड़कियां 5 दिन के लिये चाहिये। वो और उसका दोस्त अपनी आउटिंग को इस बार रंगीन करना चाहते हैं। मेरे पूछने पर बताया की उन लोगों को मनाली के अन्दर अपना होलीडे बिताना है। मैंने उससे उसका कोन्टेक्ट नम्बर ले लिया और बोला कि मैं आपको कल तक बता दूंगी।

मैं तो उसी वक्त तैयार थी पर अब उसे दो लड़कियों की जरूरत थी जबकि मैं अकेली थी। तभी मेरे मन में सुमन का ख्याल आया। वैसे भी हम अकसर इकट्ठी चुदायी पर जाती थी।

पहले तो सुमन ने इन्कार कर दिया पर मेरे समझाने पर वो राजी हो गयी। मैंने उसी शाम उसको फोन करके रुपये और टाइम की सेटिंग कर ली। हम लोगों ने 5 दिन के उनसे 20000 रुपये मांगे। २ दिन के बाद हम मनाली के लिये निकल पड़े। अब हम दोनों बहुत खुश थे। एक तो हमे २-२ नये लंड मिलने वाले थे दूसरा हमें 20000/- रुपये भी मिलने वाले थे मनाली बसस्टेंड पर ही वो दोनों हमें मिल गये। हम दोनों उनके साथ कर पर चल पड़े। उन लोगों ने होटल पिकडेली में रूम ले रखा था। हमने रूम में पहुंचते ही उन्होने हमें नंगा होने को कहा और खुद फोन कर के वेटर को खाने का ओर्डर दे दिया।

हम लोगों ने पहले बाथ लेने की इच्छा जतायी। सन्जू (उनमें एक का नाम) ने कहा ठीक है परन्तु पहले कुछ खा लो। इतने में वेटर कोफ़ी और कुछ स्नैक्स ले आया। कोफ़ी लेने के बाद हम नहाने के लिये बाथरूम में चले गये। जैसे ही सुमन ने बाथरूम का गेट बंद करना चाहा तो उसे श्याम ने रोक दिया और कहने लगा, अब कोई शरम नहीं, दरवाजा खुला रहने दो हम देखना चाहते हैं कि तुम कैसे एक दूसरे को नहलाती हो। क्योंकि इस वक्त हम उनकी पेड सेक्स थी इसलिये चुप-चाप उनकी बात मानते हुए नंगी नहाने लेगी।

कुछ समय के बाद सन्जू और श्याम भी बाथरूम के अंदर आ गये। वो दोनों बिल्कुल नंगे थे। सन्जू बोला- इकट्ठे नहाएँ?
मैंने उन्हें कहा- ओके।
सन्जू ने श्याम से कहा- चलो हम चारों सब साथ साथ ही नहा लेते हैं, फिर चुदाई करेंगे!
और हम सब बाथरूम में इकट्ठे नहाने लगे।

मैं सन्जू की तरफ़ देख कर मुस्कुरा रही थी। उसका खड़ा हुआ लंड देख कर मेरा हाथ अन्जाने में मेरी चूत पर चला गया और मैं अपनी चूत में उसके सामने ही उंगली करने लगी। ये देख कर श्याम बोला- अरे तुम क्यों अपनी चूत में उंगली कर रही हो। तुम तो अपने हाथ से सन्जू के लंड का मजा लो और फिर जम कर चुदवाओ।

सन्जू ने तभी एक हाथ से मेरी चूचियों को मसलना शुरु कर दिया और दूसरे हाथ की दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी। मुझसे रहा नहीं गया और मैं भी अपने एक हाथ से उसके लम्बे और मोटे लंड को कस के पकड़ कर आगे पीछे करने लगी। उसके लंड का सुपाड़ा काफ़ी बड़ा था और बिल्कुल काले रंग का था।

उधर सुमन और श्याम शोवर के नीचे एक दूसरे से चिपके हुए खड़े थे और सुमन श्याम के लंड को पकड़ कर खींच खींच कर हिला रही थी। श्याम एक हाथ से सुमन के दोनों नंगे चूतड़ों को मसल रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत में उंगली से चोद रहा था।

मैंने भी सन्जू के तने हुए लंड को इतना चूसा कि उसके सुपाड़े से चिकना चिकना पानी निकलने लगा। हम दोनों वहीं बाथरूम फ़्लोर पर 69 के पोज में लेट गये। सन्जू की जीभ मेरी चूत में आग लगा रही थी। मैं सन्जू के लंड को हाथ से पकड़ कर खींच खींच के चूस रही थी।
तभी सन्जू मेरे मुंह में ही झड़ गया। मैं तो उसके लंड से निकले डिस्चार्ज की मात्रा देख कर ही हैरान रह गई। काफी सारा सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ा गाढ़ा माल उसके लंड से निकला जो मेरे मुंह में भर गया। मैं धीरे धीरे उस सारे खट्टे खट्टे माल को अपनी जीभ से चाट चाट कर पी गयी। इससे पहले मैंने जितने भी देखे थे उनके लंड से तो इसका करीब आधा माल ही निकलता है।

मेरा मन अभी भरा नहीं था इसलिये उसके झड़े हुए लम्बे लटकते हुए लंड को मैंने फिर से चूसना शुरु कर दिया। सन्जू अभी भी मेरी चूत चाटने में लगा था। मैं तो ये सोच कर मजे में बिल्कुल पागल सी हो गयी कि ये लंड आगले 5 दिन के लिये मेरे पास रहेगा।

जब सन्जू से नहीं रहा गया उसने मुझे वहीं बाथरूम के फ़्लोर पर कुतिया की तरह पोज बना कर बिठा दिया और मेरी दोनों टांगे फैला कर पीछे से मेरी चूत में अपना ८ इंच लम्बा और ४ इंच मोटा गधे जैसा लंड पेल दिया और एक जोरदार धक्का लगाया। मेरी चूत चुदने के लिये बिल्कुल गीली हो कर इतना खुल गयी थी कि एक ही धक्के में सन्जू का पूरा लंड गपक गयी। उसके धक्कों में मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं भी अपने चूतड़ उछाल उछाल कर अपनी चूत में उसके लंड के धक्कों का मजा लेने लगी। दो तीन धक्कों में ही मेरी चूत फच फच करने लगी।

चार पांच धक्कों में ही मैं झड़ गयी। लेकिन सन्जू के लम्बे लंड के धक्के जारी थे और उसके बाद तो मैंने पहली बार मल्टीपल ओर्गास्म का मतलब जाना क्योंकि हर दूसरे धक्के पर मेरी चूत पानी छोड़ रही थी।
मुझे सन्जू से चुदाने में बहुत मजा आ रहा था कि मैं सिसकारियां भर रही थी, मैं एक्साइटमेंट में कई बार बोल भी पड़ी- मुझे और जोर से चोदो। पूरा लंड पेल दो। हाय, मेरी चूत फाड़ डालो।

करीब मुझे 15 मिनट तक सन्जू ने कई सारे पोज में कभी आगे से, कभी पीछे से, कभी खड़े खड़े और कभी अपने लंड पर बिठा कर वहीं पर श्याम और सुमन के सामने चोदा और मेरी चूत में अपना सारा माल एक बार फिर से निकाल दिया। हम दोनों अब थक कर अलग हो गये। मेरी चूत से सन्जू का सारा माल निकल निकल कर मेरी जांघों पर टपक रहा था।

सन्जू अभी भी मेरी चूचियां मसल रहा था। उसका लंड मेरी चूत के रस से गीला हो कर चमक रहा था और गधे के लंड की तरह नीचे लटक गया था।

कुछ समय के बाद मैं फिर से गर्म हो गयी। मैंने फिर से सन्जू के लंड को चूसना शुरु कर दिया। सन्जू भी मेरी चूत में उंगली डाल डाल कर और निकाल कर उंगली में लगे मेरे और उसके झड़े हुए माल को चाटने लगा। इतने जोर से झड़ कर भी मेरी चुदास शान्त नहीं हुई थी और मेरा मन कर रहा था कि मैं सारी रात सन्जू के उस मोटे और लम्बे लंड से मजे लेती रहूं।

तभी हम सभी बाथरूम से बाहर आ गये सन्जू का गधे जैसा लम्बा लंड चलते समय उसकी दोनों टांगों के बीच लटका हुआ ऐसे मस्ताना हो कर झूल रहा था कि मैं उसके लंड पर से नजर हटा ही नहीं पा रही थी। मैं अभी भी सन्जू के लटकते हुए लंड को देख रही थी।

उसके बाद तो फिर 5 रातों तक हम चारों एक ही कमरे में सारी बत्तियां जला कर एक ही बिस्तर पर अलग अलग स्ताइल से एक-दूसरे को चोदते। वो 5 रातों में मैंने जी भर कर ऐसी चुदाई करवाई कि मैं जीवन भर कभी भूल नहीं सकती।

आखिरी रात को सन्जू के उस लम्बे लंड से मैं पता नहीं कितनी बार झड़ी। श्याम ने भी मेरी चूत और मुंह में पता नहीं कितनी पिचकारियां मारी होंगी। मेरी चूत को तो 5 दिन के बाद उसके लंड ने खुला भोसड़ा बना दिया था।

आखिरी दिन जब हम जब वो दोनों जाने लगे तब भी मुझ से रहा नहीं गया और मैंने फिर से एक आखिरी बार सन्जू के लंड को चूस चूस कर इतना गर्म कर दिया कि वो मेरे मुंह में ही झड़ गया। उसका सारा सफ़ेद माल पी कर मैंने उसको बुझते हुए दिल से गुड बाय कहा।

हमें जाते वक्त उन्होंने 20000/- से अलग 2000/- और भी दिये और साथ में ब्रा-पैंटी के इम्पोरटेड सेट भी दिये।

अब चंडीगढ़ वापस आने के बाद हम दोनों उस रात की बात जरूर करते हैं और दोनों ही उत्तेजित हो कर एक दूसरे के साथ लेस्बियन करती। सन्जू का गधे जैसा मोटा और लम्बा लंड अभी भी आंखों के सामने आ जाता है। Sex stories

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆