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दोस्तो, आप सभी का बहुत Hindi Sex Stories बहुत धन्यवाद, कि आपने मेरी कहानियाँ ‘माला की चुदाई, मजा और मलाई, व जब गांड मारी जमके’ पढ़ी, आपने जो मेरा साथ दिया उसके लिये एक बार और धन्यवाद!
दोस्तो, आज नई कहानी लेकर आया हूँ।
मेरी पड़ोसन जिसका नाम पूनम है और उसकी उम्र भी १९-२० की है। पूनम बहुत ही खूबसूरत है, उसके स्तन बहुत ही शानदार, जैसे दो नारियल के बड़े गोले रखे हों, एकदम टाइट कहने का मतलब।
वो जब भी मेरे घर किसी काम से आती तो मुझे अलग कमरे में जाकर मुठ मारनी पड़ती, अब आप ही सोचो दोस्तो कि जब आपका ये चोदू संजय को मूठ मारनी पड़े तो उस नारी का क्या कहना।
ऐसा नहीं कि मैं ही उसे देखा करता था, वो भी जब भी मेरे घर आती तो उसकी आंखे कुछ ना कुछ तलाशती रहती, शायद मुझे!
मैं उसको चोदने का रास्ता तलाशने लगा।
एक रोज घर कोई नहीं था और वो मेरे घर आई। उस वक्त मैं अपने कमरे में टी.वी. पर बहुत गरमागरम चोदू पिक्चर देख रहा था। घर की घंटी बजी तो मैंने उठकर तौलिया लपेटा और दरवाजे को खोलने गया। दरवाजा खोलते ही मैंने देखा कि मेरी पड़ोसन पूनम खड़ी हैं। वो मुझे देखते ही मुस्करा पड़ी और पूछा- क्या बात है संजू ? नहाने जा रहे थे?
मैंने कहा- हां !
तो उसने कहा- मम्मी कहाँ गई?
तो मैंने कहा- बाहर गई हैं।
पूनम बात करते करते अन्दर आ गई और मैं भी टी.वी. पर चल रही नंगी पिक्चर के बारे में भूल गया क्योंकि उसकी आवाज तो मैंने पहले ही बंद कर रखी थी। मैंने कहा- पूनम ! क्या काम था?
तो उसने रसोई में से कोई चीज लेनी थी, तो मैं रसोई में उसका बताया सामान लेने गया और पूनम मेरे कमरे में कब चली गई मुझे पता ही नहीं चला। मैं जब रसोई से वापस आया तो पूनम को ना देख मैं उसे तलाशता हुआ अपने कमरे की तरफ गया तो देखा पूनम बेड पर बैठी बड़े गौर से टी.वी. पर चल रही पिक्चर को देख रही थी, पूनम को होश भी नहीं था कि मैं कमरे में आ गया हूँ।
इधर पूनम को पिक्चर देखते हुए मेरा लंड भी फटाफट बिस्तर छोड़ खड़ा हो गया और अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेने लगा। चूंकि पूनम की पीठ मेरी तरफ थी तो उसे पता ही नहीं चला कि मैं कब आकर उसके पीछे खड़ा हो गया। पूनम पिक्चर देखते हुए गरम हो गई थी, वो अपने स्तनों को अपने ही हाथों से दबाती तो कभी अपनी चूत को अपनी उंगली से कुरेदने लगती तो कभी अपने होठों को अपने ही दांतो से काटने लगती।
लोहा गरम देख मैं घर का दरवाजा बंद कर पूनम के पीछे चुपचाप गया और पंलग पर बैठते हुवे पीछे से उसके स्तन दबाने लगा। एकदम से मेरे हाथ को देख वो डर गई। मगर मैं अब चुप रहने वाला थोड़े ही था, मैंने पूनम के होठों को अपने होठों से दबा लिया और चूसने लगा। कुछ देर तो पूनम मुझे दूर हटाने की कोशिश करती रही मगर पूनम तो खुद गरम हो चुकी थी।
धीरे धीरे मेरा एक हाथ उसके कुरते पर गया और उसके स्तन दबाने लगा। अब वह भी मेरा साथ देने लगी थी, उसका एक हाथ मेरी कमर पर गया और मेरी कमर को सहलाने लगी। अब मुझमें भी ताकत आ गई और मैंने पूनम का कुर्ता उतार दिया, कसम से मैं उसके तने चूचों को देखता ही रह गया। पूनम ने पूछा- क्या देख रहे हो?
तो मैंने कहा- पूनम डार्लिंग ! कसम से आज तक ऐसा हुस्न कहीं नहीं देखा।
नंगे स्तनों को मैं दोनों हाथों से दबाने लगा जैसे फिर कभी मौका मिले या ना मिले। पूनम का भी एक हाथ मेरे तौलिए पर गया और मेरे लंड को तलाशने लगा, वो कामयाब हो गई, आखिर मेरे लन्ड को तलाश ही लिया था।
उसने कुछ देर तक मेरे लन्ड को सहलाया, फिर बेड पर बैठ गई और मेरे लन्ड के सुपाड़े को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी, सच में मुझे एक ऐसी अनोखी यात्रा का आनन्द प्राप्त हो रहा था कि मैं शायद कहीं रास्ते में ही पंचर ना हो जाऊं।
मैंने पूनम से जबरदस्ती अपने लन्ड को छुड़ा कर उसकी सलवार पैन्टी समेत एक बार में ही उतार दी और उसकी चूत के दर्शन कर चूत को ऐसे चाटने लगा जैसे बिल्ली कटोरे में रखी मलाई को चाटती हो ! उसकी चूत को जीभ से ही चोदने लगा, पूनम का शरीर अकड़ने लगा था और अजीब सी आवाजें आने लगी- हाऽऽऽऽय सं……..जू बस करो ! मेरा पाऽऽऽनी निकऽऽऽल रऽऽऽहा हैं हाााााय मााााार डााालााााा।
मैंने लोहा गरम देखा और अपने लन्ड देव तो पहले से ही अंगड़ाइयाँ लेकर तैयार थे। लंड को सीधा पूनम की चूत पर रखा और उसके होठों को अपने होठों में लेकर चूसने लगा। पूनम भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। साथ तो लन्ड देव भी गजब का दे रहे थे, अपने आप ही पूनम की चूत में धीरे-धीरे चुपके-चुपके जगह बनाने में लगे थे।
अब तक मेरा सुपाड़ा पूनम की चूत में जा चुका था, जिससे उसके चेहरे पर दर्द की शिकन आने लगी थी। मगर उसकी जुबान मेरे होठों की गिरफ़्त में थी इसलिये पूनम चाह कर भी चिल्ला नहीं पा रही थी।
मैंने हलका सा झटका दिया और मेरा ९ इंची का लौड़ा सीधा पूनम मैडम की चूत में आधा धंस गया। पूनम की चूत से निकल रहे चिकने पानी के कारण लंड को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही थी, मगर पूनम को थोड़ा बहुत तो दर्द हो ही रहा था। एक हाथ से मैं पूनम के बोबे सहला रहा था जिससे पूनम वापस मस्त हो रही थी, अब एक झटका और दिया तो लन्ड देव चूत रानी से गले जा मिला यानि मेरा लन्ड सीधा पूनम की बच्चेदानी को बजाने लगा जिससे पूनम को काफी दर्द होने लगा और अपने आप को छुड़ाने की नाकामयाब कोशिश करने लगी।
मैं कुछ देर रूक गया और उसे हर तरीके से सहलाने लगा। पूनम का दर्द जब कुछ कम हुआ तो धीरे धीरे लन्ड को आगे पीछे करने लगा। पूनम को भी मस्ती चढ़ने लगी और वह भी नीचे से मेरा साथ देने लगी। अब तो मैंने भी स्पीड पकड़ ली। पूनम की आवाजें नशीली होने लगी- उंमऽऽ हाययययय संज….उ……. मा…र…….डााााााा ला….. संजू डार्लिंग चोदो आज मेरी चूत को जैसे तुम चाहो जल्दी करो मेराााा हो रहा और १५-२० मिनट बाद ही हम दोनो ही का एक साथ पानी छुटा और एक दूसरे पर ढेर हो गये।
फिर तो मैंने और पूनम ने एक बार और सेक्स किया फिर रात को मिलने के वादे के साथ ही वो चली गई।
दोस्तो तुम्हारे पत्रों का मुझे बेदर्दी से इंतजार रहता हैं। Hindi Sex Stories
मैने आप सबकी स्टोरी पढ़ी तो मुझे Antarvasna भी ऐसा लगा कि मैं भी आपनी बात कहुं सो लिख दिया।
मैं राजकोट का रहने वाला हूं। एक दिन मैं बारिश में भीगा हुआ घर आ रहा था तब रास्ते में एक भाभी की कार बंद हो गई थी, मुझे देखकर बोली कि मेरी कर बंद है प्लीज़ मुझे मेरे घर तक छोड़ देंगे? मैने बोला चलिये बैठिए, वो मेरी बाइक पर आ गई, तब मैने देखा की वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी थी, करीब ३० साल की होंगी। उसके कपड़े में से उसका जिस्म साफ़ दिखाई देता था, मेरे मन में सेक्स की इच्छा होने लगी, मैं बाइक चलाते वक्त थोड़ा पीछे दबाया तो देखा कि वो भी आगे की ओर धक्का दे रही है। मुझे मज़ा आता था।
जब उनका घर आया तो वो बोली कि यहीं रोक लो सो वो उतर गई फ़िर मैं चलने लगा तो बोली प्लीज़ अंदर आइये बारिश चालु है रुकने के बाद चले जाना। मैं भी यही चाहता था। सो उनके घर गया फ़िर देखा कि वहां कोई नहीं था। उनका लड़का था ८ साल का वो आया, फ़िर उन्होंने उससे कहा कि अपने रूम में जाकर सो जा तो वो चला गया फ़िर वो कपड़े बदल कर आकर मेरे सामने बैठी। उन्होंने बड़े सेक्सी कपड़े पहने थे मैं जब उनके बूब्स को देखने लगा तो बोली कि तुम भी भीग गये हो जाओ ऊपर मेरे पति के कपड़े पहन लो मैने पूछा कि कहां तो बोली चलो मैं दिखाती हूं। जब मैं ऊपर के कमरे में गया तो उन्होंने मुझे कपड़े दिये।
मैं जब चेंज करने के लिये बाथरूम में गया तो वो बोली मैं भी अन्दर आती हूं लाइट चालू कर देती हूं। जब वो अन्दर आयी तो उन्होंने गिरने का बहाना बनाकर मेरे ऊपर गिर पड़ी मैने उनको पकड़ा तो उसके बूब्स मेरे हाथों में थे, क्या नरम नरम थे वो, मुझे तो अच्छा लगा, तभी मैं जब अपना हाथ हटाने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर वापस बूब्स पर रखा और बोली प्लीज़ दबाओ मुझे अच्छा लगता है, मैं इसी इन्तज़ार में था, और मेरा लंड टाइट हो गया, मैने पूछा तेरा नाम क्या है तो बोली सोना। तो सोना तुम्हारा पति तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करता? तो बोली कि वो बहुत बड़ा बिजिनेसमैन है उनको टाइम ही नहीं मिलता।
तभी कहा कि सोना मैं तुम्हे आज चोदूंगा और मजा दूंगा, तो वो बोली इसलिये तो मैने यहां बुलाया है तुझे और फ़िर क्या था मैने सीधा उनका फ़ेस पकड़ कर उनके गुलाबी और नाजुक लिप्स को चूमा और आहिस्ता आहिस्ता उनके कपड़े निकालने लगा अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी मैने फ़िर उनको पांव से लेकर चूमता हुआ उनकी चूत पर आया तो देखा कि वो एकदम साफ़ थी और रसीली हो गई थी और अभी भी किसी जवान लड़की की तरह तंग थी। मेरा मन काबू में नहीं था और मैने उनकी चूत पर जैसे ही अपने होंठ लगाये कि वो सीईईईईईईईईईईईस्सस्सस करने लगी और मैं अब जोर से चूसने लगा उनकी चूत को तभी अचानक वो मुझे खड़ा होने के लिये बोली फ़िर उन्होंने मेरी शर्ट निकाल दी और मेरा पैंट भी उतार दिया मैने अपनी चड्ढी भी उतार दी और अब मेरा लंड आज़ाद था जैसे ही मेरा ६.५ इंच का लंड अपना सीधा तनकर बाहर आया तो वो देखती ही रह गई और सहलाने लगी फ़िर मेरा लंड अपने मुंह में लेके चूसने लगी मुझे तो समझो स्वर्ग का आनंद आने लगा मेरे मुंह से भी आवाज़ आने लगी कि आआह्हह्हह्हह्ह ऊऊऊह्हह .
अब मैं और सोना दोनो पूरी तरह से गरम थे मैने शोवर चालु किया और अपनी बोडी पर पानी आया तो वो और भी स्सस्ससीईईक्सक्सक्सक्सक्सयययययी लगने लगी फ़िर मैने साबुन पूरे शरीर पर लगाया और लिपट गया, मेरे लंड की गरमी उनको चढ़ चुकी थी तभी मैने बोला कि जान अब न तड़पाओ तो वो बोली मैं तो कब से तैयार हूं, आ जाओ, और मैने सोना को नीचे झुकाया और अपना लंड उनकी गांड पर रगड़ा और फ़िर डोगी तरीके से पीछे से थोड़ा अन्दर डाला ओर सोना के मुंह से ऊऊऊऊईईईईइमा आवाज़ आयी तो मैने कहा कि अरे अभी तो शुरु ही किया है तो क्यों चिल्ला रही हो तो वो बोली पिछले १० महीने से सेक्स नहीं किया है मैने फ़िर मैने तेल लिया और अपने लंड में पूरा लगाया और फ़िर बेड पर सोना को ले गया और फ़िर डोगी तरीके से लेटया फ़िर पीछे से अपना लंड थोड़ा अन्दर डाला और अपना मुंह उनके मुंह के पास ले जाकर उनके पूरे मुंह को अपने मुंह में लेकर दबाया और एक ही झटका दिया मेरा लंड उनकी चूत में और सीधा चूत को छेदता हुआ पूरा घुस गया उनकी चूत में और सोना चिल्लाई आआईईईईईईईईईईईईईईईईईईईइ ऊऊऊऊऊऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह म्मम्ममाआआआआआआआआआ माआआर्रर्रर्रर्रग्गग्गग्गगाआअयययययययययययययीईईईईईईइ लेकिन सभी आवाजें मेरे मुंह में ही समा गयी अब धीरे धीरे मैं लंड को अन्दर बाहर करने लगा और अब सोना भी मेरा साथ देने लगी तभी मैने अपना लनद निकाल कर उनको सीधा लिटा दिया और उनके पैरों को उठाकर अपने हाथों से फ़ैलाया और उठा दिया और फ़िर अपना टाइट लंड उनकी चूत के बिल्कुल सामने था सो मैने आहिस्ता से धक्का दिया तो सीधा उनकी चूत में चला गया अब तो सोना भी मेरे साथ मजा ले रही थी हमने पूरे ४५ मिनट तक चुदाई की।
फ़िर मैने बोला अब कैसा लगता है तो बोली अपनी लाइफ़ में पहली बार सेक्स का मज़ा लिया है मैने फ़िर मैने उनको अपने ऊपर बिठाकर अपने लंड पर उनकी चूत लगा दी और अब वो मुझे चोदने लगी हम बैठे बैठे भी चुदाई करने लगे और फ़िर वो जड़ गई तो मैने अपनी रफ़्तार बढ़ाकर पूरी ताकत लगा दी उनको चोदने की अब तो उनको जो मज़ा आ रहा था वो सह नहीं सकती थी वो उछलने लगी समझो जैसे बिना पानी की मछली, मेरे लंड का धक्का पूरी रफ़्तार में आ गया था और आखिर में मैं भी जड़ गया और ऐसे ही हम दोनो १० मिनट एक दूसरे पर लेटे रहे और फ़िर मैं खड़ा हो कर नहा कर बाहर निकला उन्होंने मेरा मोबाइल नम्बर लिया और कहा कि अगर मेरी सहेली को तुम्हारा लंड चाहिये तो आयेंगे तो मैने बोला कि हां मगर एक शर्त है कि जब भी हम बाहर मिलें तो कोई जानता नहीं हो ऐसे ही पेश आना हगा मैं एक नामी बिजिनेसमैन हूं और मुझे १००% प्राइवेसी चाहिये तो वो बोली ये तो बहुत ही अच्छा है अब मैं तुम्हे कोल करुंगी तो आओगे न? मैने हां बोला और सोना की चुदाई के बाद और २ औरतों को मैने जो सोना की ही फ़्रेंड थी उनको चोदा है Antarvasna
मैंने अब तक अन्तर्वासना Antarvasna पर कई कहानियाँ लिखी। जिन्हें गुरूजी ने प्रकाशित भी किया। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ !
मैं अब तक कई लड़कियों को चोद चुका हूँ जिस कारण मैं लड़कियों को कैसे चुदवाने के लिए राजी करते हैं, यह बात जान चुका हूँ।
अब मैं आज की कहानी शुरू करता हूँ। यह बात जून 2009 की है जब मैं ऑडिट करने एक कंपनी में जाता था। कंपनी बहुत अच्छी थी, साथ ही वहाँ की एकाउंटेंट रीना !
बहुत सेक्सी, सुन्दर, सुडौल बदन वाली… जब वो चलती तो उसकी गांड ऐसे हिलती मानो अभी मेरा लौड़ा उसकी गांड में घुस जयेगा और वो तड़पने लगेगी…
मुझे वो बहुत पसंद थी ..
वो ऑडिट करते समय मेरी हमेशा सहयता करती…
हम लोग बहुत बातें करते ..
उसके वक्ष का आकार 34 था..
टॉप में उसके स्तन बहुत अच्छे लगते ! मानो अभी ब्रा टॉप से बाहर आ जायेंगे…
वो जींस भी बहुत टाइट पहनती थी…
मैं जब भी उसे देखता तो चोदने के बारे सोचता था…
मैं रोज़ उससे ढेर सारी बातें करता था…
हम मोबाइल पर भी बातें किया करते थे…
काम करते करते कभी कभी उसके स्तन से मेरे हाथ अड़ जाते ! शुरुआत में तो मैंने ध्यान दिया… पर जब मैं उसके वक्ष को अधिक समय के लिए छूने लगा… तो बहुत मजा आने लगा…
मैं बार बार उसके स्तनों को छूता और वो कुछ नहीं बोलती…
मुझे तो बहुत मजा आने लगा था…
जब वो खड़ी होती तो उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा…
यह करने पर भी वो कुछ नहीं बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ गई, अब मैं उसकी गांड के छेद में ऊँगली डालने लगा…
एक दिन तो मैंने हद ही कर दी और गांड में ऊँगली डालते डालते चूत तक पहुँच गया…
उसकी चूत पर बाल थे यह छूने से पता चल रहा था ..
एकदम से रीना मेरे हाथ पर मारती हुई बोली- यार थोड़ा धीरे करो…
मुझे तो यह सुनने के बाद और मजा आ रहा था… अब तो मुझे खुली छूट मिल चुकी थी…
अब मैं उससे इस बारे में बात करने लगा…
मैंने रीना से पूछा- तुमने कभी सेक्स किया है?
बोली- नहीं…
मैं सोचने लगा- आज फिर एक कुंवारी चूत… बड़ा मजा आएगा..
फिर बोला- मुझसे चुदवाओगी?
पहले वो कुछ नहीं बोली, फ़िर मेरे खड़े लंड पर हाथ रख कर बोली- तेरे साथ तो बड़ा मजा आएगा राजेश…
फिर मैं रोज़ उसे व्यस्क मेसेज मोबाइल से भेजने लगा जो उसे बड़े पसंद आते…
शनिवार का दिन था, मैंने पूछा- कल तुम्हारी छुट्टी है…तो कल की क्या योजना है?
बोली- जहाँ तुम चलो, वहीं चलते हैं…
मैं बोला- ठीक है ! कल पहले मूवी, फिर रेस्टुरेंट में चलते हैं !
बोली- ठीक है…
अगले दिन के लिए मैंने एक नया परफ्यूम ख़रीदा जिसकी खुशबू बहुत अच्छी थी..
मैं बहुत खुश था कि अब जल्दी एक और नई चूत मेरे लंड को मिलने वाली है.
रविवार का दिन भी आ गया…
मैं जल्दी तैयार हुआ… और हम ठीक छः बजे पर हॉल में पहुँच गए। हॉल में बहुत काम लोग थे, मूवी देखनी किसे थी, हम कोने वाली सीट पर जा कर बैठ गये।
वो बहुत मस्त कपड़े पहन कर आई थी..
रीना धीरे से मेरे कान में बोली- यार आज तो मैं पैंटी और ब्रा पहन कर नहीं आई !
हैँ?… मैंने गाल पर किस देते हुए बोला- फिर तो बड़ा मजा आएगा…!
और फिर मैंने उसकी जींस का बटन खोला और जिप भी खोल दी..
वो बोली- यहाँ ये सब क्यों कर रहे हो…?
मैं बोला- जानेमन यहाँ हमें कोई नहीं देख रहा !
फिर उसने चारों ओर देखा, वहाँ सिर्फ 20-25 लोग ही थे जो हम से काफी दूर थे…
रीना बोली- चलो अब कर सकते हो…
फिर मैंने वापिस उसकी जींस की जिप खोली और बालों वाली चूत पर हाथ फेरने लगा। उसे बड़ा मजा आ रहा था… वो मुँह से आवाजें निकालने लगी- आह आह…
मैंने बोला- जरा धीरे आवाज निकालो…
बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसका शर्ट का बटन खोला और स्तनों को मसलने लगा… बहुत मजा आया दोस्तों..
वो बोली- यार, दोनों एक साथ मत खोलो…
मैंने फिर उसकी जींस की जीप बंद कर दी.. और वक्ष को ही दबाने लगा…
थोड़ी देर बाद इंटरवल हो गया, उसने जल्दी से अपने बटन बंद किये और मुझे कुछ खाने के लिए लाने को बोलने लगी… मैं बाहर गया और कोल्ड ड्रिंक्स और समोसे लेकर आ गया। मूवी फ़िर शुरु हो गई।
रीना बोली- यार, अब मैं तुम्हारा देखना चाहती हूँ..
मैं बोला- जानेमन, हम तो हमेशा तुम्हारे लिए तैयार हैं…
फिर उसने मेरी जींस की जिप खोली और मेरा 7.5 इंच लम्बा लौड़ा बाहर निकाला और देख कर बोली- यार, तुम्हारा तो काफी बड़ा है… बहुत मजा आएगा..
फिर वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी… मुझे काफी मजा आ रहा था। काफी देर ऐसे करने पर मुझे लगा कि मेरा पानी (वीर्य) आने वाला है, तो मैंने बोला- अब रुक जाओ.. नहीं तो पानी आ जायेगा…
वो रुक गई…
हम लोग वहाँ से मूवी ख़त्म होने से 25 मिनट पहले ही बाहर आ गये और सीधे पार्क में चले गए…
अँधेरा काफी हो चुका था इसलिए पार्क लगभग खाली ही था।
हमने ऐसी कुर्सी देखी जहाँ पेड़ हों और हमें कोई ना देख पाए…
फिर हम कुर्सी पर जाकर बैठ गए… रीना घबरा रही थी…
मैं बोला- जानेमन, घबराने की कोई जरुरत नहीं है…
फिर बोली- यार, किसी ने देखा तो?
मैं बोला- इस समय कोई नहीं आता है यहाँ…
फिर वो बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसकी शर्ट के दो बटन खोले और उसके चुचूक को मुँह में चूसने लगा…
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी जींस खोली और उसकी बालों वाली चूत पर हाथ फेरने लगा…
वो आह आह करने लगी…
फिर मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाल कर खोलने की कोशिश की… उसकी चूत बड़ी कसी थी…
मैंने अपनी ऊँगली पर अपना थूक लिया और चूत को धीरे धीरे खोलने लगा तो रीना बोली- यार दर्द हो रहा है…
मैं बोला- तो फिर अपना लंड डालता हूँ, कम दर्द होगा…
बोली- ठीक है…
फिर मैंने उसे बैन्च पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसकी चूत में अपना बड़ा लंड धीरे धीरे घुसाने लगा…
वो बोली- थोड़ा दर्द हो रहा है लेकिन मैं सहन कर लूंगी ! तुम चालू रखो..
मैंने थोड़ी गति बढ़ाई और उसकी चूत को फाड़ने लगा.. तीन मिनट बाद उसकी चूत फट गई और वो चिल्लाई- हाय राम मर गई…
मैं डर के मारे रुक गया और पूछा- क्या हुआ जानेमन…
थोड़ी देर रुक कर बोली- तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी… अब ठीक हूँ, चालू रखो !
मैं बोला- यार मुझे डर लग रहा है… कोई आ गया तो मर जायेंगे… परसों मेरे घर कोई नहीं होगा तुम भी बहाना बना कर छुट्टी ले लेना.. खूब मजे करेंगे !
वो बोली- ठीक है…
फिर हमने जल्दी अपने कपड़े ठीक किये और घर चले गए…
मंगलवार को हमने बहुत मस्त चुदाई की जिसे आप मेरी आगे वाली कहानी में पढ़ना मत भूलना… और हाँ मेल करते रहिये। Antarvasna
आज मैं आप के लिये कोई कहानी नहीं लाया Antarvasna लेकिन मैं आपसे केवल २ बातें करने आया हूं।और ये दो बातें केवल लड़कियों के लिये हैं।
तो लेडीज़—गौर फ़रमायें।
आप या तो कुंवारी होंगी या फ़िर शादी शुदा
शादीशुदा हो तो ठीक है, कुंवारी होंगी तो २ बातें होंगी,
या तो आप शादी करेंगी या नहीं।
शादी नहीं कि तो ठीक लेकिन अगर की तो २ बातें होंगी,
या तो आपका पति ठरकी होगा या नहीं
ठरकी हुआ तो आपको चुदाई का मज़ा आयेगा लेकिन अगर ठरकी नहीं हुआ तो २ बातें होंगी
या तो आप एक ही बिस्तर पे सोयेंगे या अलग – अलग,
अलग से सोने का तो सवाल ही नहीं उठता और अगर एक ही बिस्तर पे होंगे तो २ बातें होंगी।
या तो आप बिना चुदे ही सो जायेंगी, फ़िर पति को गालियां देंगी।
बिना चुदे तो नींद आयेगी नहीं और अगर मन में पति को गालियां देंगी तो २ बातें होंगी।
या तो आप अपने पति को छोड़ने की सोचेंगी या फ़िर किसी और से अपनी चूत मरवाने की।
एक साल से पहले तो तालाक तो होगा नहीं और अगर किसी और से चुदवाना हो तो २ बातें होंगी।
या तो आप अपने किसी पुराने यार से चुदवायेंगी या किसी और से।
किसी और को तो ढूंढना पड़ेगा लेकिन अगर यार से चुदवाना होगा तो २ बातें होंगी।
या तो उसकी शादी हो गयी होगी या नहीं,
कुंवारा होगा तो ठीक लेकिन अगर शादी शुदा होगा तो २ बातें होंगी।
या तो वो आपको चोदेगा या नहीं।
चोद देगा तो आप खुश लेकिन अगर नहीं चोदेगा तो २ बातें होंगी।
आपको या तो अपनी जवानी ऐसे ही गुज़ारनी होगी या फ़िर किसी को ढूंढना होगा जो आपको चोद सके।
ऐसे जवानी बिताना मुश्किल है अगर किसी को ढूंढना हो तो २ बातें होंगी।
या तो वो आपको चोद के खुश कर पायेगा या नहीं।
खुश किया तो ठीक लेकिन अगर खुश नहीं किया तो २ बातें होंगी।
या तो आप को वो जैसा भी चोदे खुश रहना होगा या फ़िर किसी दूसरे के लंड को ट्राई करना होगा।
उससे चुदवा के ही खुश रहना है तो पति के लंड में क्या बुराई है,
लेकिन अगर दूसरा लंड ट्राई किया तो २ बातें होंगी।
या तो दूसरा लंड मस्त होगा या फ़िस,
मस्त हुआ इसकी क्या गारंटी लेकिन अगर फ़िस हुआ तो फ़िर एक और लंड ढूंढो।
अरे तो मेरी बात आपकी समझ में क्यों नही आती है——–
बार बार लंड ढूंढ रही हो और हर एक लंड फ़िसड्डी निकल रहे हैं। दुनिया से कितना चुदवाओगी। Antarvasna
हॉट सिस्टर्ज़ चुदाई की कहानी में पढ़ें कि तीन सगी बहनें चुदाई के लिए तड़प रही थी. आखिर वे पढ़ाई के बहाने अपने प्रोफेसर के घर गयी. वहां वे तीन सिस्टर्स कैसे चुदी?
दोस्तो, तीन बहनों की चुदाई की कहानी के पहले भाग
चुदाई की प्यासी तीन सगी बहनें
में मैंने अब तक आपको बताया था कि प्रोफेसर आलोक ने सोनम की चुत को उसकी पैंटी के ऊपर से ही सूंघना शुरू कर दिया था. सोनम भी आलोक के लंड को चाट रही थी.
अब आगे हॉट सिस्टर्ज़ चुदाई कहानी:
जैसे ही सोनम आलोक का लंड अपने मुँह में भर कर चूसने लगी, आलोक ने सोनम की पैंटी को भी उतार दिया और सोनम को पूरी तरह से नंगी कर दिया.
सोनम नंगी होने से शर्मा रही थी और उसने अपना चेहरा आलोक के सीने में छिपा लिया.
इसी दौरान आलोक ने सोनम की चूचियों को चूसना फिर से चालू कर दिया.
सोनम की चूची अब पत्थर के समान कड़ी हो गई थीं.
तब आलोक ने सोनम को फिर बिस्तर पर चित लिटा दिया और उसकी बुर को अपनी जीभ से चाटने लगा; अपनी जीभ सोनम की बुर के अन्दर बाहर फिराने लगा.
अपनी बुर में आलोक की जीभ घुसते ही सोनम को बहुत मजा आने लगा. वो जोर से आलोक का सिर अपने बुर के ऊपर पकड़ दबाने लगी और थोड़ी देर के बाद अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी.
आलोक चुदाई के मामले में बहुत माहिर खिलाड़ी था, वो सोनम की कसमसाहट से समझ गया कि अब सोनम की बुर में लंड पेलने का समय आ गया है.
उसने सोनम का मुँह चूम कर धीरे से उसके कान पर मुँह रख कर पूछा- सोनम रानी, अपनी कमर क्यों उछाल रही हो? क्या तुम्हारी चूत में कुछ कुछ हो रहा है?
सोनम बोली- हां मेरे डियर सर, कुछ कुछ नहीं … मेरी बुर में चींटियां सी रेंग रही हैं … मेरा सारा बदन तप रहा है, अब तुम ही जल्दी से कुछ करो.
आलोक ने पूछा- क्या तुम अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवना चाहती हो?
सोनम ने झुंझला कर कहा- अरे यार, आपने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी कपड़े भी उतार दिए और अब भी पूछ रहे हो कि क्या चुदाई करवानी है … मुझे जल्दी से आपका लंड मेरी चुत में चाहिए.
आलोक ने ये सुना तो उसने सोनम से बोला- ठीक है मेरी जान, अब मैं तुमको चोदूंगा, लेकिन तुमको पहले पहल थोड़ा दर्द होगा, पर मैं तुम्हें बहुत ही प्यार से और धीरे धीरे चोदूंगा … मैं कोशिश करूंगा कि तुमको दर्द महसूस न हो.
अब आलोक उठा और सोनम के दोनों पैर उठा कर घुटनों से मोड़ दिए.
उसने सोनम के दोनों पैरों को अपने हाथों से फैला दिया.
इसके बाद उसने ढेर सारा थूक अपने हाथ में लेकर पहले अपने लंड में लगाया, फिर सोनम की बुर पर लगाया.
थूक से सनी बुर के छेद पर आलोक ने अपने खड़े लंड को रखा और धीरे से कमर को आगे बढ़ा कर अपना सुपारा सोनम की बुर में घुसा दिया और सोनम के ऊपर लेटा रहा.
अनचुदी बुर में लंड घुसा तो सोनम की चुत परपराने लगी.
मगर अभी लंड ने चुत को चीरा नहीं था तो सोनम को ख़ास दर्द नहीं हो रहा था.
थोड़ी देर के बाद जब सोनम नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी तो आलोक ने धीरे धीरे अपना लंड सोनम की बुर में पेलना शुरू किया.
इससे सोनम का बदन दर्द से कांपने लगा और वो चिल्लाने लगी- आह बाहर निकाल लो सर … आह मेरी बुर फटी जा रही है. हाय मैं मर गई … मेरी बुर फटी जा रही है. आप तो कह रहे थे कि थोड़ा सा दर्द होगा और आप आराम आराम से चोदोगे. मुझे नहीं चुदवाना है, आह … आप अपना लंड बाहर निकालो.
आलोक ने सोनम के मुँह में अपना हाथ रख कर कहा- बस मेरी रानी बस, अभी तुम्हारा सारा दर्द खत्म हो जाएगा और तुम्हें मज़ा आने लगेगा. बस थोड़ी सी देर और बर्दाश्त करो.
सोनम - आह उई … मेरी बुर फटी जा रही है … और आप कह रहे हो कि थोड़ी देर और बर्दाश्त करो. अरे मुझे नहीं चुदवानी है अपनी बुर, आप अपना लौड़ा मेरी बुर से बाहर निकालो!
सोनम की आंखों से आंसू आ गए.
इतनी देर में आलोक अपनी कमर उठा कर एक जोरदार धक्का मारा और उसने महसूस किया कि उसका सारा का सारा लंड सोनम की बुर में घुस गया है और सोनम की बुर से खून निकल रहा है.
सोनम दर्द के मारे तड़पने लगी और आलोक को अपने हाथों से अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी.
आलोक सोनम को मज़बूती से पकड़े हुए था और उसका हाथ सोनम के मुँह के ऊपर था इसलिए सोनम कुछ ना कर सकी .. वो बस छटपटा कर रह गयी.
आलोक ने अपना लंड सोनम की बुर के अन्दर ही थोड़ी देर के लिए रहने दिया.
उसने सोनम की एक चूची को अपने मुँह में लेकर जीभ से सहलाना शुरू कर दिया और दूसरी चूची को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया.
थोड़ी देर बाद सोनम की चुत का दर्द गायब हो गया और अब उसे मज़ा आने लगा. उसने नीचे से अपनी कमर को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया.
आलोक भी धीरे धीरे अपनी कमर हिला हिला कर अपना लौड़ा सोनम की बुर में अन्दर-बाहर करने लगा.
कुछ ही देर में सोनम ने भी अपनी गांड उठा कर जोरदार धक्के देना शुरू कर दिए.
जब आलोक का लंड उसकी बुर में अन्दर घुसा होता तो सोनम उसे कस कर जकड़ लेती और अपनी बुर को सिकोड़ लेती थी.
इससे चुदाई की रगड़ उसे भरपूर मजा दे रही थी.
यह महसूस करके आलोक भी समझ गया कि सोनम को चुदाई का मज़ा आने लगा है.
ये समझते ही आलोक ने अपनी कमर को ऊपर खींच कर अपना पूरा का पूरा लंड सोनम की बुर से बाहर निकाला … उसने सिर्फ लंड का सुपारा ही फांकों में फंसा छोड़ा था.
फिर उसने एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड सोनम की बुर में पेल दिया.
इस झटके से सोनम बुरी तरह से कलप उठी और आलोक से लिपट गई.
उसने आलोक को अपने हाथ और पैर से जकड़ लिया था. सारे कमरे में सोनम और आलोक की सिसकारियां और उनकी चुदाई की ‘फच … फच .. फट फट …’ की आवाज ही गूंज रही थी.
सोनम अपने मुँह से सीत्कार रही थी- अह अह … ओह हां और जोर से आह और जोर से … हां ऐसे ही अपना लंड मेरी बुर में पेलते रहो … मजा आ गया सर.
आलोक भी पूरी गति से सोनम की बुर में अपना लंड अन्दर-बाहर करके उसको चोद रहा था.
सोनम बुरी तरह से आलोक से चिपकी हुई थी.
काफी देर तक सोनम की बुर चोद रहे आलोक का लंड अब झड़ने वाला हो गया था.
उसने 8-10 धक्के काफी जोरदार लगाए और उसके लंड से ढेर सारा पानी सोनम की बुर में गिर कर समा गया.
आलोक के झड़ जाने के साथ ही साथ सोनम की बुर ने भी पानी छोड़ दिया.
उसने अपने हाथ पैर से आलोक को जकड़ लिया.
आलोक हांफ़ते हुए सोनम के ऊपर गिर गया और थोड़ी देर तक दोनों एक दूसरे से चिपके रहे.
फिर सोनम उठ कर अपनी बुर में हाथ लगाए हुए बाथरूम की तरफ़ चली गयी.
आलोक इस समय बुरी तरह से थक चुका था और वो बेड पर पड़ा रहा लेकिन उसका लंड अभी भी खड़ा था.
उधर मीनाक्षी और डिंपल दोनों एक दूसरे को बुरी तरह से चूम चाट रही थीं.
पांच मिनट बाद आलोक ने आंखें खोलीं और उन दोनों को इस तरह से खेलते देखा तो वो अपनी जगह से उठ कर उन दोनों के पस चला गया.
वो मीनाक्षी की चिकनी जांघ पर अपना हाथ फेरने लगा.
मीनाक्षी जो पहले ही मदहोश थी, अपने पैर पर आलोक का हाथ लगते ही अपने आप पर काबू नहीं रख सकी.
उसने डिंपल को छोड़ दिया और वो आलोक की तरफ़ मुड़ गयी.
उसके सामने आलोक बिल्कुल नंगा अपना खड़ा लंड लिए खड़ा था.
आलोक एक बार फिर से चुत चोदने के मूड में आ गया था.
मीनाक्षी ने आलोक के चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और अपना मुँह उसके लंड पर रगड़ने लगी.
आलोक का लंड अब भी सोनम की चूत के खून और रस से भीगा हुआ था.
उसने मीनाक्षी को अपने दोनों हाथों में बांधा और उसे चूमने लगा.
आलोक का हाथ मीनाक्षी की नंगी सेक्सी जवानी पर घूमने लगा था. उसका हाथ मीनाक्षी की चूचियों पर गया और वो उसकी दोनों कड़क चूचियों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा.
मीनाक्षी अपनी चूचियों पर आलोक का हाथ पाते ही और जोश में आ गयी और उसने अपना हाथ आलोक के खड़े लौड़े पर रख दिया.
आलोक ने अपना लंड मीनाक्षी की मुट्ठी में पाते ही उसकी एक चूची को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
वो दूसरी चूची को अपने हाथ में लेकर उसका निप्पल मसलने लगा.
कुछ ही देर में मीनाक्षी ने आलोक के लंड को अपने हाथों में पूरा ले लिया और उसके सुपारे को एक बार खोल कर बंद किया.
उसे लंड देख कर गर्मी चढ़ गई और एकाएक मीनाक्षी ने आलोक के लंड के सुपारे को अपने मुँह में भर लिया.
वो लंड चाटने लगी.
जैसे ही मीनाक्षी ने आलोक का लंड अपने मुँह में लिया, वैसे ही आलोक ने अपनी कमर को हिला कर अपना लंड मीनाक्षी के मुँह के अन्दर पेल दिया.
वो बोला- ले ले मेरी रानी … मेरा लंड अपने मुँह में लेकर इसको खूब चूस … इसके बाद मैं इसको तुम्हारी चूत में डाल का इसे चूत चुसाऊंगा.
मीनाक्षी ने अपने मुँह से आलोक का लंड निकाल कर कहा- बस सिर्फ मेरी चूत से ही अपना लंड चुसवाओगे, गांड से नहीं? मैं तो तुम्हारा लंड अपनी चूत और गांड दोनों से खाऊंगी. क्या तुम मुझको अपना लंड दोनों छेदों में खिलाओगे?
आलोक की तो मानो लॉटरी निकल आई थी. वो तो अब तक तीन छेद ही समझ रहा था, जबकि उसे अब छह सील बंद छेदों की जुगाड़ दिखाई देने लगी थी.
थोड़ी देर के बाद आलोक ने मीनाक्षी को पलंग पर ले जाकर चित करके लेटा दिया और उसके पैरों के पास बैठ कर उसकी सलवार को खोलने लगा.
सलवार खोलने में मीनाक्षी ने भी आलोक को मदद की और नाड़ा खुलते ही उसने अपनी गांड उठा कर सलवार को नीचे सरका दी, फिर अपनी टांगों से उसे अलग कर दिया.
सलवार उतरने के बाद आलोक ने मीनाक्षी की पैंटी को भी इसी तरह खींचते हुए उतार दिया.
अब मीनाक्षी की गुलाबी कुंवारी चूत उसकी संगमरमर सी चिकनी जांघों के बीच चमकने लगी.
आलोक मीनाक्षी की गुलाबी चूत को अपनी दम साधे देखने लगा और अपनी जीभ होंठों में फेरने लगा.
मीनाक्षी ने आलोक को वासना भरी नजरों से देखा और अपनी चुत को हल्की सी जुम्बिश दी तो आलोक ने झुक कर मीनाक्षी की चूत पर चुम्मा धर दिया और अपना जीभ निकाल कर उसकी चूत की घुंडी को तीन-चार बार चाट दिया.
इससे मीनाक्षी की मादक आह निकल गई; उसकी चुत को मानो जन्नत का सुख मिल गया था.
अब आलोक ने मीनाक्षी की टांगों को फ़ैलाया और ऊपर उठा कर घुटनों से मोड़ दिया.
मीनाक्षी को इस वक्त लंड का इंतजार था.
आलोक ने भी देर नहीं की … उसने अपना लंड मीनाक्षी के चूत के मुहाने पर रख दिया.
इतना करने के बाद आलोक मीनाक्षी के ऊपर झुक गया और उसकी चूचियों को चूसने लगा, भंभोड़ने लगा.
मीनाक्षी मस्त होने लगी.
नीचे उसकी चुत पर लंड की गर्मी मजा दे रही थी और ऊपर चूचियों को चुसवाने का सुख मिल रहा था.
उसके मुँह से हल्के स्वर में कामुक आहें निकलने लगीं.
थोड़ी देर के बाद आलोक ने अपना लंड मीनाक्षी की चूत की फांकों में टच किया और चुत में लंड रगड़ने लगा.
लंड के स्पर्श से मीनाक्षी चुदास से भर उठी और अपनी कमर उठा उठा कर आलोक का लंड अपने चूत में लेने की कोशिश करने लगी.
जब मीनाक्षी से नहीं रहा गया तो वो बोली- अब क्यों तड़पाते हो, कब से आपका लंड अन्दर लेने की लिए मेरी चूत बेकरार है और आप अपना लंड सिर्फ मेरी चूत के ऊपर ऊपर ही रगड़ रहे हो. अब जल्दी करो और मुझको चोदो, फाड़ दो मेरी कुंवारी चूत को. आज मैं लड़की से औरत बनना चाहती हूँ, अब ज्यादा परेशन मत करो. जल्दी से मुझे चोदो और मेरी चूत की आग को बुझा दो.
मीनाक्षी की इतनी सेक्सी मिन्नत सुनते ही आलोक एक तकिया बेड से उठा कर मीनाक्षी के चूतड़ों के नीचे लगा दिया, जिससे मीनाक्षी की चुत और ऊपर को उठ गई और खुल गयी.
लंड ने भी चुत की फांकों में से काफी रस निकाल दिया था. चुत एकदम रसीली हुई पड़ी थी.
आलोक ने अपने लंड से एक जोरदार धक्का मीनाक्षी की चूत में दे मारा.
चिकनाई के कारण उसका पूरा लंड सरसराता हुआ मीनाक्षी की चूत में जड़ तक घुस गया.
मीनाक्षी के मुँह से चीख निकल गयी और उसकी चूत से खून निकलने लगा.
लेकिन उसे इस बात का पता ही नहीं चला कि खूनाखच्ची हो गई है.
उसे तो भयंकर वाला दर्द हो रहा था इसलिए मीनाक्षी ने आलोक को जोरों से जकड़ लिया और अपनी टांगें आलोक की कमर पर कस दीं.
लंड चुत की जड़ में ठोकने के बाद आलोक ने लंड की पोजीशन को स्थिर कर दिया और वो मीनाक्षी की एक चूची चूसते हुए एक हाथ से दूसरी चूची की घुंडी को मसलने लगा.
धीरे धीरे मीनाक्षी का दर्द कम होने लगा और उसकी गर्मी फिर से बढ़ने लगी.
कोई दो मिनट बाद मीनाक्षी खुद अपनी कमर को ऊपर नीचे करने लगी.
आलोक ने भी अब अपनी कमर चलानी चालू कर दी और वो मीनाक्षी की चूत में अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा.
मीनाक्षी की चुत मोटे लंड के कारण काफी परपरा रही थी और इसी कारण से वो छटपटा रही थी. मगर उसे अपनी बहनों के जैसे चुत फड़वाने की बेचैनी थी इसलिए वो दांत भींच कर दर्द को सहन करने लगी.
हॉट सिस्टर्ज़ चुदाई की कहानी के अगले हिस्से में मीनाक्षी की आगे की चुदाई लिखूंगा … आप मेरी इस सेक्स कहानी के लिए अपने कमेंट्स करना न भूलें.
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