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Massage Girl in Bargarh: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Bargarh who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Bargarh that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Bargarh massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Bargarh who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Bargarh massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Bargarh massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Bargarh who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Bargarh employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Bargarh helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Bargarh

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Bargarh at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

न्यू वाइफ की छोटी चूत मेरे अब्बू ने कैसे फाड़ी, यह मैंने देखा उनकी पहली रात की वीडियो में! मेरे अब्बू कमसिन नई दुल्हन ब्याह के लाये तो मैंने उनकी चुदाई देखनी चाही.

मेरा नाम शरीफ़ कुरैशी है. मेरी अभी उम्र 25 साल की है.
मैं अब्बू के दूसरी बीवी की औलाद हूं.

मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है. मेरा रंग सांवला है लेकिन मैं अच्छा दिखता हूं.
मेरा घर यूपी के आजमनगर में है.

अब मैं अपनी कहानी सुनाता हूं.
बात तब की है जब मैं इंटर कॉलेज का छात्र था और तब मैं करीब 19 साल का था.

हमारी बहुत बड़ी फैमिली है. मेरे अब्बू बहुत पैसे वाले हैं और हमारे बड़े-बड़े 4 – 5 घर हैं.
फार्म हाउस के साथ ही हमारे पास 7 – 8 कार भी हैं.
हमें पैसों की भी कोई कमी नहीं है.

मेरे अब्बू का नाम मोहम्मद अली कुरैशी है.
अब्बू की उम्र 62 साल है.
उन्होंने तीन निकाह किए हैं.

मेरे बड़ी अम्मी सलमा 56 साल की हैं.
बड़ी अम्मी की 5 औलाद हैं, जिनमें दो बेटों के साथ तीन बेटियां हैं.
पहले बेटे का नाम सोहेल (38 साल) है और उनकी पत्नी जोया (35 साल), दूसरे का नाम सलीम (37 साल) उनकी पत्नी नूरजहां (33 साल) है.
तीसरी बेटी मराह (35 साल), चौथी बेटी का नाम मजिदा (34साल), पांचवीं का नाम मरीया (32 साल) है.
तीनों लड़कियों का निकाह हो चुका है.

अब्बू की दूसरी पत्नी अयासा (42) जो मेरी अम्मी हैं.
उनकी चार औलाद थीं लेकिन अब सिर्फ तीन हैं. एक की मौत बचपन में हो चुकी है.
मेरे बड़े भाई शाहिद (23 साल), जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, उनकी पत्नी का नाम शाहनाज (21 साल) है और मेरी छोटी बहन का नाम मलिका कुरैशी है, जो 10वीं की छात्रा है.

अब्बू की तीसरी पत्नी का नाम फातिमा बीवी (20) है जिससे अब्बू की नई-नई शादी हुई है.

हम सब अलग-अलग बंगले में रहते हैं.
बड़ी अम्मी और उनकी 2 औलाद एक बंगले में, मेरी अम्मी और हम तीन भाई-बहन एक साथ अलग बंगले में रहते हैं.

अब्बू की अभी नई-नई शादी हुई थी इसलिए अब्बू और छोटी अम्मी नए वाले बंगले में रहने वाले थे.

जब अब्बू ने शादी की तब उस समय घर में किसी को यह बात पता नहीं थी.
मैं भी कॉलेज में था.
जब घर आया तो मुझे पता चला कि अब्बू ने तीसरी शादी की है.

उन पर सब नाराज़ थे लेकिन मैं नई नवेली दुल्हन को देखना चाहता था.
जब दुल्हन सामने आई तो मैं उसे देखकर हैरान रह गया.

क्या दुल्हन थी यार … मल्ला कसम … मस्त फिगर वाली गोरे बदन, लम्बे बाल, लाल-लाल होंठ, पतली कमर छोटे-छोटे बूब्स जैसे ताज़ा-ताज़ा फूल खिला हो.
छोटी अम्मी का फिगर साइज 32 – 24 – 32 होगा.

मैं तो यह सोचकर परेशान हो रहा था कि इस बुड्ढे यानि मेरे अब्बू को ऐसी माल कहाँ से मिल गई.
अब्बू के ड्राइवर से पूछा तो पता चला कि यह एक गरीब किसान की बेटी थी. अब्बू ने उनके अब्बू को पैसे देकर निकाह की बात की तो वे मना नहीं कर सके.

अब अब्बू अपनी सुहागरात के लिए अपने नए घर को सजाने के लिए मुझे कहा.

मैं घर में सबसे छोटा लड़का था.
तो अब्बू ने कहा- नए घर के बेडरूम को सज़ा-संवार दो.

जब मैं बेडरूम को सज़ा रहा था तो मन में एक ही ख्याल आ रहा था कि काश फातिमा के साथ आज मेरी सुहागरात होती!
तो इस बेड पर मैं अब्बू की न्यू वाइफ की छोटी चूत को खूब पेलता.

और यह सोच कर मेरा लौड़ा खड़ा हो रहा था.

इस बात को सोचकर मैं उसी बेड पर मुठ मारने लगा और कुछ देर बाद मेरा लौड़ा झड़ गया.

फिर मैने सोचा कि आज तो फातिमा बीवी को पूरा नंगी देखना है.
इसके लिए मैंने अपना फोन को ऑन करके छुपा दिया और अपने पुराने घर आ गया.

रात के 10 बज चुके थे, अब्बू और फातिमा बीवी नए घर में सुहागरात के लिए चले गए.

अब सब सो गए थे लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी.
सारी रात फातिमा के बारे मे सोचता रहा और फातिमा की यादों में कब सुबह हो गई मुझे पता ही नहीं चला.

अब मैं अपना फोन लेने नए वाले घर गया.
लेकिन दरवाज़ा बंद था.

मैंने टाइम देखा तो सुबह के 5 बजे थे और सुहागरात के बाद कौन इतनी जल्दी उठता है.
यह सोचकर मैं वापस घर आ गया.

अब तो समय जैसे थम सा गया था.
मैं सिर्फ घड़ी को देख रहा था 5 से 6, 6 से 7, 7 से 8, 10 से 11 बज चुके थे और अब्बू अभी तक सोए हुए थे.

अब मेरा दिमाग खराब होने लगा था.
फिर अब्बू 12:30 बजे में बाहर आए लेकिन छोटी अम्मी (फातिमा) नहीं आईं.

अब फोन वापस कैसे लूं … यह सोच ही रहा था कि अब्बू ने कहा- बेटा शरीफ़, जाकर देख ना छोटी अम्मी को कुछ चाहिए तो हेल्प कर देना. अभी वह नई है न इसलिए!

अब्बू की बात सुनकर जब मैं छोटी अम्मी के रूम में गया तो देखा वे बैड पर बैठी हैं और उनकी आंखें लाल थीं.
वे काफी थकी- थकी सी लग रही थीं.
देखकर लग रहा था कि अब्बू ने न्यू वाइफ की छोटी चूत को खूब पेला होगा.

फिर मैंने कहा- छोटी अम्मी, आपको कुछ चाहिए तो बोलिए. अब्बू ने मुझे भेजा है.
छोटी अम्मी- नहीं, कुछ नहीं चाहिए. ये बताइए कि आप उनके बेटे हैं. क्या नाम है आपका?

मैं- हां, आपके शौहर मेरे अब्बू हैं और मेरा नाम है शरीफ़!
छोटी अम्मी- वह तो दिख रहा है आप कितने शरीफ़ हैं.
यह बोलकर छोटी अम्मी हंसने लगीं.

मैं- छोटी अम्मी, आप हंस क्यूं रही हैं, मैं कुछ समझा नहीं?
छोटी अम्मी- यह बात फिर कभी बोलूंगी, पहले आप मुझे अम्मी न कहिए. मैं आपसे थोड़ी ही बड़ी हूं तो मुझे आप फातिमा ही कहें.

मैंने कहा- आप तो मेरे रिश्ते में अम्मी ही हुईं ना और घर वाले भी क्या कहेंगे.
छोटी अम्मी- ठीक है, आप सबके सामने मुझे छोटी अम्मी बोलिएगा और जब कोई नहीं हो, तो फातिमा … ठीक है?
मैं- ठीक है. पर आप भी मुझे तुम ही कहिएगा या फिर शरीफ़ कह कर बुलाइयेगा.

छोटी अम्मी- ठीक है. अच्छा शरीफ़, बाथरूम कहां है बताओगे? मुझे नहाना है.
मैं- आगे से दाएं के बाद वाला.

फिर छोटी अम्मी नहाने चली गईं.

मौका देखकर मैंने अपना फोन निकाला और चालू किया.
लेकिन मेरा फोन चालू नहीं हुआ.
शायद फोन की बैटरी खत्म हो गई थी.

मैं अपने कमरे में आया और फोन चार्ज में लगाकर उसे ऑन करने वाला ही था कि इतने में मेरी अम्मी आईं और बोली- बेटा, हमें रहमान भाईजान के घर चलना है.
मैंने अम्मी से कहा- मेरा फोन अभी चार्ज नहीं है और मैं वहां बोर हो जाऊंगा. वहां अभी रुखसाना भी नहीं है, वह अभी दिल्ली में है.

अम्मी- बेटा चल ना … जल्दी आ जाऊंगी. फोन को चार्ज में लगा दे.
मैं अम्मी को लेकर रहमान चाचू के घर चला गया.

रहमान चाचू और मेरी अम्मी की बातें तो मानो जैसे खत्म ही नहीं हो रही थी.
रात 9 बजे हम उनके घर से खाना खाने के बाद अपने घर आए.

मैंने देखा कि बड़ी अम्मी घर आई हुई थीं.
फिर अम्मी और बड़ी अम्मी बातें करने लगीं.

तो मैंने अम्मी से कहा- अम्मी, मैं सोने जा रहा हूं.
यह बोलकर मैं अपने कमरे में गया और दरवाज़े को बंद कर दिया.

मैंने बिना देर किए हुए फोन को ऑन करके वीडियो को चालू किया.
मैंने देखा कि बेड पर छोटी अम्मी बैठी हुई हैं लेकिन उनका चेहरा नहीं दिख रहा है.
उन्होंने साड़ी से चेहरे को छुपा रखा है.

फिर अब्बू आए और दरवाज़े को बंद कर दिया.

इसके बाद अब्बू बैड के पास आए और छोटी अम्मी से बातें करने लगे.
अब वहां क्या बातें हो रही थीं, मुझे ठीक से समझ नहीं आ रहा था क्योंकि फोन बहुत दूर था.

मैंने वीडियो देखते हुए कहा कि अबे बुड्ढे, इतनी खूबसूरत लड़की के साथ क्या बात कर रहा है. लड़की सामने है और तू बात करके टाइम पास कर रहा है.
इसके बाद मैंने वीडियो को थोड़ा आगे किया.

अब अब्बू छोटी अम्मी के चेहरे से साड़ी हटाते हैं और छोटी अम्मी को चूमते हैं और फिर जल्दी-जल्दी से सारे कपड़े उतार देते हैं और फिर उन्हें बेड पर लेटाकर ऊपर चढ़कर घपाघप करना शुरू कर देते हैं.

ये सब कुछ देखने में मुझे मजा नहीं आ रहा था.
शायद मैंने फोन को काफी दूर पर रख दिया था इसलिए साफ-साफ छोटी अम्मी का कोई भी सामान नहीं दिख रहा था.

छोटी अम्मी अब्बू को धीरे-धीरे करने को कह रही थीं लेकिन अब्बू तो उन पर भूखे शेर की तरह टूट पड़े थे.

अब्बू अपनी गांड आगे-पीछे, आगे-पीछे कर करके चोद रहे थे. मानो कि छोटी अम्मी की चूत को जैसे आज फाड़ ही देंगे.

मेरा फोन इतना दूर होने के बाद भी छोटी अम्मी की आवाज साफ-साफ सुनाई दे रही थी.
छोटी अम्मी जोर-जोर से आ उफ़ उफ़ आह की आवाज़ें निकाल रही थीं

मेरे अब्बू बहुत मोटे हैं उनका वजन करीब 125-130 किलो होगा.
तो वहीं छोटी अम्मी यही 50 -55 किलो की होंगी.

लेकिन अब्बू इस छोटी सी कली को मसले जा रहे थे.

अब अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स दबाने लगे और मुंह से छोटी अम्मी के बूब्स चूसने लगे.
अब्बू बूब्स को इतना जोर-जोर से दबा और चूस रहे थे जैसे बूब्स को वे खा ही जाएंगे.

अब्बू ने छोटी अम्मी के बूब्स को दांत से काट लिया जिस पर छोटी अम्मी जोर से चिल्लाई- याल्ला आह मर गई.
छोटी अम्मी- क्या कर रहे हैं … धीरे-धीरे से करिए ना …बहुत दर्द हो रहा है.

अब्बू- चुप साली, तेरे बाप को पैसे तेरा मुंह देखने के लिए नहीं दिया है. तुझसे शादी की है सिर्फ तुझे चोदने के लिए.

इसके बाद अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स को और जोर-जोर से दबाने लगते हैं.

छोटी अम्मी- आ आह ओह … अम्मी मर गई … आ उफ्फ उफ आह ओह याल्ला रहम करें मुझे पर … आ आआआ आऊऊ ऊऊऊ ऊफ आ आह!
वे दर्द से सिसक रही थी.

छोटी अम्मी- खुदा के लिए मुझे अब छोड़ दें बहुत दर्द हो रहा है.
अब्बू- नई चूत में पहली बार लौड़ा घुसने पर दर्द होता है फातिमा!

छोटी अम्मी- जी चूत में नहीं जा रहा है. आप का वजन बहुत है मेरे शरीर में दर्द हो रहा है.
अब्बू- रंडी चुपचाप चोदने दे!

इसके बाद अब्बू अपना लौड़ा न्यू वाइफ की छोटी चूत में रगड़ने लगते हैं.
इसके बाद अपने मुंह से थूक लगा कर चूत मे डालकर छोटी अम्मी के ऊपर चढ़कर चोदने लगते हैं.

छोटी अम्मी- आ नहीं आ … उफ उफ उफ … आह ओह उफ़ उफ़!

नए घर में सिर्फ अब्बू और छोटी अम्मी ही थी इसलिए अब्बू छोटी अम्मी को जवानों की तरह चोद रहे थे, दोनों की आवाज़ अब पूरे कमरे में गूंज रही थी.

अब्बू के हांफने की आवाज़ और छोटी अम्मी की आ उफ उफ आह ओह की आवाज़ के साथ-साथ एक आवाज़ और थी जो फच फच फच की थी.

छोटी अम्मी- अब हमें छोड़ दें. मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है.
अब अब्बू दो तीन शॉट लगाने के बाद रुके.

छोटी अम्मी को लगा कि अब अब्बू का हो गया है. जिस पर उन्होंने थोड़ी सांस ली.

लेकिन अब्बू कहा रुकने वाले थे … अब्बू ने छोटी अम्मी की चूत में अपनी उंगली डालकर जोर-जोर से आगे-पीछे आगे-पीछे करके चोदना शुरू कर दिया.
शायद अब्बू का लौड़ा काम नहीं कर रहा था तो अब्बू उंगली से ही काम चला रहे थे.

छोटी अम्मी- आ आह उफ़ … आह आह … ओह ओह मर गई! नहीं नहीं … आआ आआ ईईई … आआआ ईईई ऊयाल्ला मदद आ … उफ आ आ आह ओह ओह माई.

छोटी अम्मी अपना सिर दाएं और बाएं कर रही थीं.
शायद उन्हें बहुत दर्द हो रहा था.
लेकिन अब्बू रुके नहीं, वे उंगली डाले जा रहे थे.

अब अब्बू, छोटी अम्मी को उलटा लेटाकर उनके ऊपर चढ़कर चोदने लगे.
छोटी अम्मी की आवाज और तेज हो गई.

अब्बू ने छोटी अम्मी के मुंह को अपने हाथों से दबा दिया और चोदने लगे.
वे दो-तीन शॉट मारने के बाद रुके और अब छोटी अम्मी को घोड़ी बनाया और घापाघप शुरू कर दिया.

अभी घोड़ी बनाकर शुरू ही किया था कि वे अचानक रुक गए और छोटी अम्मी की गांड को चाटने लगे.
अपनी जीभ से कभी चूत तो कभी गांड को चाटने के बाद फिर उंगली डालकर आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

मैं समझ गया कि अब अब्बू के लौड़े में दम नहीं रहा.

छोटी अम्मी- आआ आआआ उफ आ … ओह ओह … आह आह आआऊऊ ऊऊऊ!

उन्होंने अपना मुंह तकिए से दबा लिया और घोड़ी वाली पोज में गांड को रखा.
अब्बू भी उंगली करते रहे.

थोड़ी देर के बाद अब्बू रुके.

वे इतने पर ही नहीं रुके … उन्होंने छोटी अम्मी को अपना लौड़ा चुसवाया.

एक यही पोज था जिसमें अब्बू के साथ छोटी अम्मी भी मजे ले रही थीं.

छोटी अम्मी तो लौड़ा ऐसे चूस रही थीं जैसे किसी छोटी बच्ची को लॉलीपॉप मिल गया हो. वे उह लच पूच लप लप चप लप कर लौड़ा चूसे जा रही थीं.

अब्बू का लौड़ा बार-बार झड़ कर गिर जाता था.
लेकिन छोटी अम्मी उसे बार-बार खड़ा करके और चूस रही थीं.

दो बार झड़ने के बाद अब्बू ने छोटी अम्मी को रोका और धक्का लगा कर बेड पर गिरा दिया और ऊपर चढ़ गए.

छोटी अम्मी को लगा कि अब्बू फिर चोदेंगे. वे गिड़गिड़ाई- नहीं, अब और नहीं खुदा के वास्ते अब रहने दें.

अब्बू ने इस बार रहम करते हुए छोटी अम्मी के बूब्स को दबाना और चूसना शुरू कर दिया.
वीडियो में दिख रहा था कि अब्बू छोटी अम्मी के बूब्स को बहुत जोर-जोर से दबा रहे थे.

छोटी अम्मी- आ आह ओह … माई उफ उफ … आआआ आई ईऊ उफ आआ आह… याल्ला आह ओह ओह!

कुछ देर के बाद अब छोटी अम्मी की आवाजें धीरे-धीरे कम होने लगीं.
फिर छोटी अम्मी ने अब्बू को अपने से नीचे गिराया.
शायद अब्बू थककर सो गए थे.

छोटी अम्मी ने उठकर एक कपड़े से अपनी चूत को साफ किया.
वे बेड से उतरीं.

लेकिन जैसे ही छोटी अम्मी का वह हिस्सा दिखने वाला था कि वीडियो बंद हो गया.
शायद यहीं पर फोन की बैटरी खत्म हो गई थी.

मेरा सारा मूड खराब हो गया.
मैं छोटी अम्मी का नंगे बदन को देखना चाहता था लेकिन मैं देख नहीं पाया.

लेकिन अब्बू और छोटी अम्मी की चुदाई वाले वीडियो को देखकर मेरे अंदर का शैतान जाग गया.
चुदाई तो मैंने पहले भी बहुत देखी थी.

आपको बता दूं कि जब मैंने पहली बार सेक्स किया था तो करते हुए अम्मी ने मुझे देख लिया था.
फिर क्या था … मेरी पिटाई भी बहुत हुई थी.
उस पिटाई के बाद मैंने फिर कभी चुदाई के बारे में नहीं सोचा.

लेकिन आज मेरा लौड़ा सिर्फ चूत के बारे में ही सोच रहा है और यही सोच रहा था कि किसको चोदूं.

छोटी अम्मी को सोचते-सोचते मैं कब सो गया, पता ही नहीं चला.

आंख खुली तो कोई दरवाजा खटखटा रहा था.
मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि मेरी भाभी थीं.
शाहिद भाई जान की बीवी … वही मेरा शाहिद भाई जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है.
उनकी बीवी शहनाज.

भाभी घर को साफ करने आई थीं.

मैं वापस बैड पर आकर बैठ गया और भाभी घर साफ करने लगीं.

न जाने क्यों आज भाभी को देखकर मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा.
जबकि आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था.

मेरे भाईजान की शादी के 3 साल हो गए थे.
लेकिन आज भाभी के बदन को देखकर मेरी आंखें एक-एक इंच नाप रही थीं.
भाभी के बड़े-बड़े मम्मे दिख रहे थे जब वे झुक कर घर साफ़ कर रही थीं.

मैंने भी सोच लिया कि इस शहनाज का नाजायज पति तो बन कर ही रहूंगा.

नमस्ते दोस्तो मेरा नाम सतीश कुमार है मै म्यांमार देस के एक छोटे से गांव राम पुर का रहने वाला हु। मुझे गंदी कहानियां पढ़ना बहुत पसंद हैं मुझे फैमिली सेक्स में बहुत रुचि है। मेरे फैमिली में मै मां और दीदी है पापा की मृत्यु हो चुकी है तीन साल पहले। मेरी उम्र 24 साल है मेरे लन्ड का साइज 7 इंच है मेरी बहन की उम्र 21 साल की है मस्त माल है और मेरी मां की उम्र 45 साल है लेकीन दिखने मे वो अभी 35 साल की लगती है मां की चूचियां और गांड़ देख कर किसी का भी लन्ड खड़ा हो जाए ये कहानी मेरी और मेरी दीदी और मां की है । दो महीने पहले मै और दीदी और मां नैपी ड के पहाड़ों पर घूमने गए थे मै ऐसे कई जगह पर घूमने गया हु अपने दोस्तों के साथ तो मुझे पता है कि कहा अच्छी जगह है घूमने के लिए । तो हम लोग सुबह आठ बजे घर से निकले जाने में आधा घंटा लगा । वहां पहुंच कर यहां वहां घुमा और हमने प्लान बनाया था कि अच्छी जगह होगी तो एक रात वही बिताए ग्रे अच्छी जगह तो हमने टैंट लगाया और मां कुछ बना ने लगी खाने के लिए मै और दीदी एक पानी वाली जगह पर बैठ के बाते करने लगे । मुझे पता नहीं क्यों बहुत सेक्स करने का मन होने लगा तो मैं दीदी से थोड़ी दूर हो कर पोर्न वीडियो देखने लगा दीदी अपने फोन में फेसबुक चला रही थीं मै देखते देखते मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैं पथर के पीछे जाके मूठ मारने लगा इतना खो गया कि कब दीदी चुप के से देख रही थीं मुझे पता नहीं चला और मैं बोल रहा था और चूसो ना दीदी मेरे लन्ड को और चूसो मां तुम अपनी चूत दो मुझे आपकी चूत मारनी है । ऐसे कह के मै मूठ मार रहा था थोड़ी देर में मेरा पानी निकले लगा तभी दीदी आ गई और देख लिया मेरा पानी निकलते । दीदी : ये तू क्या कर रहा हैं अपनी दीदी और मां को चोद ने का मन कर रहा हैं तुझे। मै बोला : नहीं दीदी sorry। दीदी: चल अभी मां को बताती हु मै बोला : नहीं दीदी प्लीज मत बताना sorry दीदी। दीदी को देख कर लग रहा था कि वो मेरा लैंड पकड़ लेगी और चूसने लगे गी। फिर मै अपने लन्ड को पैंट के अंदर डाला और आ गया दिन बाहर पहाड़ों पर घूमने लगे फोटो खींचने लगे फिर शाम हुआ तो हम सब टेंट के पास आए और मां ने जो कुछ बनाया था और घर से जो लिए थे वो डिनर किया हमने । मां और बहन टेंट के अंदर हे फोन चला रही थी। मै बाहर आ गया और हवा खाने लगा और मेरा मूड बनने लगा तभी मैने सोच लिया कि आज दीदी को पेलना है कैसे भी । मै फिर से पोर्न देखने लगा और लन्ड पैंट से बाहर निकल कर छुने लगा थोड़ी देर बाद दीदी भी बाहर आ गई और मुझे पुकारने लगी लेकिन मैने कुछ जवाब नहीं दिया तो दीदी यहां वहां देखने लगी मुझे फिर दीदी की नजर मुझ पर पड़ी तो दीदी मेरे पास आई और बोली क्या करने का इरादा है तेरा मां को पेले गा और मुझे । मैने कहा हा तुम दोनों को पेलू गा आज और अपने कपड़े खोल दिए और दीदी ने भी और दीदी की चूत को चूसने लगा । दीदी : और चूस भाई साले । मै : आज तुझे रंडी बना के चोदू गा साली और दीदी की चूत को चूसने लगा थोड़ी देर बाद दीदी से बोला मेरा लन्ड चूसो ना दीदी । वो बोली दे मेरे मुंह में डाल लन्ड को और दीदी की मुंह में लैंड डाल के चूसने लगी । फिर मैं कहा अब आपकी चूत पेलना है दीदी ने अपने टांगे चौड़ी कर दी मैने जोर का धक्का मारा तो पूरा सात इंच का लन्ड दीदी की चूत में चला गया । तो दीदी चिल्ला यि मां मर गई मैं तो रुक जा भाई प्लीज लेकिन मैं अब कहा रुकने वाला था मैने पेलना जारी रखा जंगल सुनसान था तो फच फच की आवाज गूंज रही थी । इतने में मां आ गई और हमें सेक्स करते हुए देख लिया । और बोली दोनों भाई बहन क्या कर रहे हो शर्म नहीं आती दीदी ने कहा कि आप जो शर्मा अंकल के साथ करती हो कभी कभी रात को तो आपको शर्म नहीं आती है क्या । दीदी ने मां और हमारे पास बैठाया और मां के कपड़े खोलने लगी मां ने कहा कि नहीं मैं नहीं चुदवा सकती अपने बेटे से दीदी ने कहा एक लन्ड तो ले लिया है ना गैर का तो अपने बेटे का लन्ड लेने में कैसी शर्म फिर मां मेरे पास आई और बहन के साथ मेरा लैंड हिलने लगी बहन ने कहा मां चूसो अपने बेटे का लन्ड मां ने मेरा लन्ड अपने मुंह में लेके चूसना शुरू कर दिया दस मिनिट तक चूसने के बाद मेरा पानी निकल गया । फिर मां ने अपनी कपड़े खोल के अपनी चूत सामने कर दिया तो मैं भी अपनी मां की चूत चूसने में जुट गया मां की चूत से एक मादक सुगंध आ रही थी मैं मां की चूत को चूसते चाटते पानी निकाल दिया और सब पी गया । और फिर मां ने कहा चोद दे बेटा अपनी मां की चूत बहुत साल से इस में खुजली हो रही हैं चोद जल्दी । मैं भी अपना लन्ड मां की चूत पे सेट किया और एक जोर का झटका मारा तो मेरा सात इंच का लन्ड मां की चूत में पूरा घुस गया मां चिल्लाने लगी निकाल दे बेटा लेकिन मैं कहा रुकने वाला था मैने तो चोदना जारी रखा कभी पूरा निकाल के पूरा जड़ तक घुसा देता । फिर मां को भी मजा आने लगा और वो मजे से चुदवा ने लगी और कहने लगी बहुत मजा आ रहा बेटा और पेल पेल ना जोर से फाड़ दे मेरा भोसड़ा साले मैने भी जोर जोर झटके मारने लगा और बीस मिनिट तक पेलता रहा मां झड़ने लगी तो बोलने लगी मां : जोर से पेल साले हरामजादे मादर चोद और पेल फाड़ दे मेरा भोसड़ा । में भी जोश में आ गया और पेलने लगा जोर जोर से जिससे मां झड़ गई फिर मैने और दस पंद्रह झटके मारे और मां की चूत में हे झड़ गया । फिर मैने देखा कि बहन अपनी चूत सहला रही है जिससे मै बहन की चूत को चूसने लगा तो वो और भी गरम हो गई फिर मैने बहन की चूत में लन्ड पेल दिया। धीरे धीरे हे पेल रहा था क्यों कि एक बार झड़ गया था और बिना रुके हे बहन को पेलने लगा था । फिर दस मिनिट बाद मेरे लन्ड और भी कड़क हो गया और जोर जोर से पेलने लगा बहन की चूत तभी मां बियर की बोतल लाई हम लोग थोड़ा सा रुक गए और बियर पीने लगे और 1 बोतल शराब भी मै लाया था मां से छुपा के वो भी मै लेके आया और पीने लगा लगभग 20 मिनिट तक ड्रिंक किया हम सब ने और मुझे थोड़ा सा नशा चढ़ने जैसा हो गया। मैं बहन की चूत को चूसने लगा जिससे वो गरम होने लगी और फिर मुझे कहने लगी चोदो भाई जल्दी से फिर मैने लन्ड दीदी की चूत में पेल दिया और मजे से चोदने लगा अपनी दीदी को इस मेरा पानी निकल हे नहीं था क्यों कि एक बार निकल चुका था और फिर मैने ड्रिंक्स भी किया था लेकिन बहन दो बार झड़ गई थी तो बहन ने कहा रुको मेरा हो गया थोड़ी देर में करे गए लेकिन मैं कहा रुकने वाला था क्यों कि मेरा पानी नहीं निकला था तो बहन हट गई और मां को फिर से चोदने लगा बहुत देर तक मां को चोदा इस बार वो फिर झड़ गई फिर मै भी दस बारह झटके पेलने के बाद जब झड़ने को हुआ तो मैं बोला मै झड़ने वाला हु कहा झड़ू मां ने कहा इस बार अपनी रंडी दीदी की चूत में झड़ जा फिर दीदी की चूत में डाल दिया लन्ड और जल्दी जल्दी पेलने लगा और झड़ गया दीदी की चूत में । रात भर हम तीनों ने चूदाई की फिर हम 5:30 बजे हम सब टेंट में आके नंगे सो गए । फिर 12 बजे नींद खुला तो एक एक राउंड फिर मां को और दीदी को चोदा फिर हम सब घर चल दिए । फिर अगले 3 दिन के बाद बुआ और बुआ की लड़की हमारे घर आई क्या हुआ अगले कहानी में बताओं गा कैसा लगा मेरी सच्ची कहानी कमेंट करके जरूर बताए और ये कहानी सुन कर लड़के मूठ मारना मत भूलना और लड़कियां अपनी चूत में बैगन या खीरा डाल के पानी निकलना मत भूलना। Thank you love you all
प्यारे दोस्तो Hindi Sex Stories

मैं जबलपुर का रहने वाला एक Hindi Sex Stories २६ वर्षीय युवक हूँ। एक गलत नंबर पर फोन लगने से क्या क्या हो सकता है, मैं आपको बताता हूँ।

यह बात उन दिनों की है जब कॉलर आई डी नया नया आया था। उसके बाद फोन पर लड़की पटाने में महारत हासिल कर ली। एक दिन मैंने शाम करीब ४ बजे एक ट्रेवल एजेंट को फोन लगाया, गलती से वो फोन किसी और के घर पर लग गया। एक लड़की की आवाज़ थी। मैंने पूछा- आप ट्रेवल ऐजेन्सी से बोल रही है?

उसने कहा- नहीं !

और फ़ोन रख दिया।

क्योंकि मैं कुंवारा हूँ इसलिए चुदाई की हमेशा इच्छा होती रहती है। मैंने अपने कालर आई डी पर नंबर देखा और फिर से फ़ोन किया तो उसी लड़की ने फोन उठाया। मैंने उससे कहा- नंबर गलत होने के बावजूद मैं आपसे बात करना चाहता हूँ !

तो लड़की बोली- कोई ज़रूरत नहीं ! आप अपना और मेरा समय बर्बाद ना करें !

और वो फोन रखने वाली थी कि मैंने उससे कहा कि आपकी आवाज़ बहुत अच्छी है, मैं आपके साथ कुछ देर बातें करूँगा, फिर कभी डिस्टर्ब नहीं करूंगा।

उसने कहा- बोलो ! क्या बोलना है !

मैंने कहा- मुझे आपकी आवाज बहुत अच्छी लगी, मुझे आपसे दोस्ती करनी है।

उसने पूछा- आपने मेरा नंबर फिर से कैसे लगा लिया?

मैंने कहा- रिडायल का बटन दबा दिया।

खैर थोड़ी देर यूँ ही बातें होती रही, उसकी आवाज दरअसल बहुत अच्छी और सेक्सी थी जिसे सुनकर मेरा लंड खडा हो रहा था। बातों बातों उसने कह दिया कि वो पोस्ट-ग्रेजुएट है और शादी की बातें चल रही हैं।

फिर उसने कहा- पापा ऑफिस से आने वाले हैं, मैं रखती हूँ।

मैंने कहा- अपना नंबर तो बता दो !

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने कहा- मेरा नंबर ही सुन लो !

उसने यह कह कर फ़ोन रख दिया- ठीक है पर कोई फायदा नहीं है।

दो तीन दिन बीत गए, मैं इंतज़ार करता रहा। फिर एक दिन उसका मिस-कॉल आया मैंने वापस फोन नहीं किया ताकि उसको पता ना चले कि मेरे पास उसका नंबर है। दो तीन बार उसका मिस-कॉल आया तो मैंने उसे फ़ोन लगा कर कहा- बड़ी मुस्किल से बात हुई, मैंने बहुत नंबर लगाये जो पहले वाले नंबर से मिलते-जुलते हैं।

मुझे पता चल चुका था कि उसे मुझसे बात करने की इच्छा है, तो मैंने उसे कहा- तुम्हारी बहुत याद आ रही थी, मैं तुम्हारी आवाज़ सुने बगैर नहीं रह सकता हूँ।

फिर पूछा- अब तो नंबर बता दो ! कितना पैसा बर्बाद करवाओगी?

तो उसने नंबर बता ही दिया धीरे धीरे रोज बातें होने लगी। एक दिन रात को मैंने फ़ोन लगा कर कह दिया- मेरा लण्ड खड़ा है, मुझे किस करो !

वो ये सब सुनकर थोड़ा घबरा गयी और कहने लगी- कल दिन में बात करेंगे।

मैंने कहा- नहीं, मुझे अभी अपना माल निकालना है।

उसने कहा- नहीं, कोई आ जाएगा और उसे डाँट पड़ेगी !

मैंने कहा- तो कल के लिए प्रोमिस करो कि कहीं मिलोगी !

वो मान गई और हमने जगह तय की और मैं ठीक टाइम पर पहुँच गया, जैसा उसने कहा था कि वो एक्टिवा से आएगी और सफ़ेद सूट पहना होगा। मैंने उसे देखकर पहचान गया और हम एक साइबर में बैठ गए। लड़की दिखने में ठीक ठाक थी पर फिगर गजब का बड़े बड़े दूध गजब की गांड देखके लग रहा था शादी के लिए बिलकुल तैयार है। थोड़ी देर बातें की और मैंने एक गरम साईट ओपन कर दी जिसे देखकर वो पसीना पसीना होने लगी।

मैंने सीधे उसका होंट चूम लिया और एक हाथ से दूध मसलना शुरु कर दिया, वो कांपने लगी और पूरी तरह पसीने से तर-बतर हो गई। मैंने केबिन के अन्दर पंखा चला दिया और और उसका नाड़ा खोल दिया और चूत सहलाने लगा। उसकी आँखें बंद, चूत में पानी आने लगा। मैंने उसका कमीज़ उठा दिया और दूध को होंटों से पीने लगा। धीरे धीरे सलवार उतार दी और पैंटी को जांघ तक कर दिया फिर चूत को चूसा, गांड के छेद को चाटा। उसकी हालत मैं देख रहा था, वो धीरे धीरे अपना हाथ मेरे कंधो पर कस रही थी और अपनी गांड आगे पीछे करने लगी।

मैंने अपना जिप खोल दी लण्ड को बाहर निकाल लिया और उसका हाथ अपने लण्ड पर रख दिया्। शायद उसका और मेरा पहला सेक्स एक्सपेरिएंस था जिसे हम खूब एन्जॉय कर रहे थे। मुझसे रहा नहीं गया मैंने कुर्सी पर बैठ कर उसे अपने ऊपर बिठा लिया और पीछे से चूत में लण्ड डाल दिया। चूत की फिसलन में लण्ड अन्दर चला गया मेरा लण्ड मानो स्वर्ग में था। मैं गर्म गर्म महसूस हो रहा था। मैं ज्यादा कर नहीं पाया, मेरा रस उसी के अन्दर निकल गया।

खैर आज पूरे तीन साल हो गए, वो पी एच डी कर रही है, शादी अभी करना नहीं चाहती, न ही हमारा दिल का कोई सम्बन्ध है पर हर हफ्ते दो से तीन बार कहीं न कहीं हम लोग चुदाई करते हैं। अब मेरी प्रैक्टिस भी अच्छी हो गई है। बिना शादी किए शादीशुदा जैसा समय लगता है। उसे भी जब भी चुदने का मन होता है, फ़ोन करती है। कभी कभी रात में चोरी छुपे उसके घर पे जाकर उसके कमरे में रात बिताता हूँ। कभी परीक्षा देने दूसरे शहर जाती है तो मैं भी साथ चला जाता हूँ। एक ही होटल में पति पत्नी की तरह रहते हैं और खूब चुदाई करते हैं।

इन तीन सालों में मैंने ५-६ लड़कियाँ और आंटी को इसी तरह पटा चुका हूँ और चोद रहा हूँ।

दोस्तों यकीन माने, चाहे लड़का हो या लड़की, सभी को नया माल पसंद है, सभी को सेक्स पसंद है। मेरी सभी से गुजारिश है कि बातों में जल्दबाज़ी न करें, पहले हलके हलके पटायें फिर सेक्स की बातें करें।

मुझे मेल करें Hindi Sex Stories

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मेरे प्यारे दोस्तो!इस कहानी को पढ़ने वाली लड़कियों, भाभियों Hindi Porn Stories और आंटियों को मेरा प्यार!मेरे बचपन के दोस्त राहुल की शादी को तीन महीने ही हुए थे। उसकी पत्नी का नाम पूनम है। उसकी शादि चूंकि पूनम के परिवार वालों ने हमारे शहर में आकर की थी तो उनकी देखरेख का काम मैंने ही किया था। इसी कारण पूनम भी मुझे पहचानने लगी थी। जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मैं मन ही मन सोचने लगा कि बेटा राहुल तेरी तो किस्मत ही खुल गई क्योंकि पूनम बहुत सुन्दर है, 5’4″, लम्बे बाल, गुलाबी होंट, आंखें बड़ी बड़ी और नशीली और आवाज कोयल की तरह है। पूनम और राहुलदोनों एम एस सी पढ़े हैं।

अब मैं राहुल के घर कम ही जाने लगा और राहुल इस बात की शिकायत भी करता कि मैं उसके घर नहीं आता। तो मैंने एक दिन कहा कि मैं आने लगूंगा तो भाभी मन ही मन कहेंगी कि अमन जब देखो यहीं पड़ा रहता है। यह बात सुन कर वो नाराज़ हो गया और कहने लगा कि अमन तू ऐसी बात करता है और पूनम कहती है कि अमन जी आते ही नहीं हैं, क्या अमन जी मुझसे नाराज़ हैं। यह बात सुनकर मुझे कुछ अजीब सा लगा पर मैंने राहुलसे कल आने का वायदा किया, वैसे तो हमारे घर पास पास ही हैं।

अगले दिन मैं उसके घर गया तो मुझे पूनम भाभी मिली, वो रसोई में नाश्ता बना रही थी। मैंने भाभी को हेलो बोला और राहुलके बारे में पूछा।

पूनम मुझे देख कर काफ़ी प्रसन्न हुई और बोली- अमन जी! आज आप कैसे सुबह सुबह आ गए! चलो आए हो तो अपने दोस्त से ही मिलने आए होंगे।

मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं, बस काफ़ी दिनों से कुछ ज्यादा काम आ गया था, इसलिए नहीं आया।

पूनम बोली- राहुलबाज़ार गए हैं, आज शाम को उन्हें ओफ़िस के काम से इन्दौर जाना है, इसलिए घर का सामान लेने गए हैं। आप बैठिए, मैं नाश्ता लाती हूँ।

मैंने कहा- नहीं भाभी, मैं नाश्ता नहीं करूंगा।
तो पूनम बोली- अमन जी! एक बार नाश्ता कर के देखें कि मैं कैसा नाश्ता बनाती हूँ।
तो मैं पूनम भाभी को मना नहीं कर पाया। फ़िर भाभी ने पूछा- आप चाय लेंगे या जूस?
तो मैंने कहा- भाभी, मैं तो सुबह चाय ही लेता हूँ।

भाभी दो कप चाय ले आई और हम साथ साथ ही नाश्ता करने लगे। मैंने पूनम की ओर देखा, वो काले रंग के गाऊन में थी। पूनम के दूध के समान गोरे रंग पर काला गाऊन काफ़ी जच रहा था। शायद पूनम ने ब्रा नहीं पहनी थी फ़िर भी उसकी छाती काफ़ी आगे को उभरी हुई थी। उसे देख कर मेरे मन में अजीब सी हरकत होने लगी लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया जो पूनम को बुरा लगे।

थोड़ी देर बाद राहुलभी आ गया और मुझे देख कर बहुत प्रसन्न हुआ, बोला- अच्छा हुआ अमन तुम मुझे यहाँ पर ही मिल गए।

मैंने पूछा- कुछ काम था क्या?

राहुलबोला कि मैं एक सप्ताह के लिए इंदौर जा रहा हूँ और तुम्हारी भाभी को बाज़ार से कुछ सामान की आवश्यकता थी इसलिए तुम और पूनम बाज़ार से सामान ले आना।
मैंने कहा- तुम चिन्ता मत करो।

फ़िर अगले दिन पूनम का फ़ोन आ गया कि अमन जी आज हम बाज़ार चलें अगर आप को कोई और काम ना हो तो।

मैंने पूनम को शाम पांच बजे का समय दिया और शाम को जब मैं भाभी के घर गया तो वो बाज़ार जाने के लिए तैयार थी। आज भाभी ने सफ़ेद कमीज़ और काले रंग की जींस पहन रखी थी और आज भी काफ़ी सुन्दर दिख रही थी। मैंने भाभी को बताया कि मैं कार ले कर आया हूँ तो भाभी ने कहा कि बाज़ार में कार बहुत तंग करती है इसलिए आओ अपनी बाईक ले लो। फ़िर मैं बाइक ले आया और वो बाईक पर लड़कों की तरह बैठी। ब्रेक लगने पर भाभी की चूची मेरी कमर से लग जाती। मुझे बहुत खुशी हो रही थी कि कम से कम भाभी और मैं आपस में स्पर्श तो हुए।

खरीदारी के बाद मैंने भाभी से पूछा कि आप क्या खाएंगी तो वो बोली कि कुछ भी जो आप खाएं। हमने एक होटल में जाकर कुछ खाया पिया और घर की ओर चल दिए। शाम के साढ़े सात से ज्यादा बज गए थे तो भाभी को घर छोड़ कर मैं बोला- भाभी मैं चलता हूँ।

भाभी बोली-मैं चाय ला रही हूँ, काफ़ी थक चुके हैं! फ़िर मैंने और भाभी ने चाय पी और थोड़ी देर बाद मैं अपने घर आ गया।

आज भाभी के साथ रहने से हम दोनों काफ़ी खुल गए थे और मजाक भी कर लेते थे। अगले दिन रविवार होने के कारण मैं पूनम के घर गया तो भाभी एक किताब पढ़ रही थी। मुझे देख कर बोली- अच्छा हुआ अमन जी आप आ गए, मैं बहुत बोर हो रही हूं। अगर आप कहें तो कोई मूवी देखने चलें?

मैंने हाँ कर दी तो भाभी बोली- मैं तैयार हो कर आती हूँ।

जब भाभी आई तो मैं देखता ही रह गया क्योंकि भाभी लाल रंग की साड़ी और ब्लाऊज़ में थी। मैं भाभी को देखता ही रहा तो वो बोली- अमन जी क्या हुआ! कहाँ खो गए?

मैंने तुरन्त कहा- भाभी जी! आपको देख कर खो गया हूँ, आप बहुत सुन्दर लग रही हैं। तो भाभी हंसने लगी। फ़िर हम दोनों माल आ गए और मूवी देखने लगे। अच्छी मूवी थी। जैसे ही हम माल से बाहर निकले तो मेरे एक अच्छे मित्र ने मुझे देखा और पुकारा- अमन!

मैंने देखा तो वो रमण था। मैं रुका और रमण और उसकी पत्नी से मिला और पूनम से मिलवाते हुए कहा- यह पूनम है…

मेरी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रमण बोल पड़ा- भाभी जी नमस्ते! और मुझसे बोला- यार! शादी भी कर ली और बताया भी नहीं!

मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं…!

लेकिन मेरी बात काट कर रमण बोला- भाभी चलो, हमारे घर चलते हैं, तो मैंने मना किया और कहा कि बाद में आऊँगा। पर रमण ने कहा कि नहीं आज ही!

तो हम रमण के घर चल दिए। घर आकर रमण ने कहा- यार! शादी में क्यों नहीं बुलाया? इससे पहले कि मैं कुछ कहता। पूनम बोल पड़ी- रमण जी! हमारी लव मैरिज़ है और अचानक ही हो गई, इसी कारण किसी को भी नहीं बुला पाए। रमन और उसकी बीवी ने हमें खाना खाने के बाद ही आने दिया। अब रात भी हो चुकी थी। हम घर के लिए निकले और मैंने कहा- भाभी जी! आपने ऐसा क्यों कहा?

तो भाभी बोली- आपको बुरा लगा क्या?
मैंने कहा- नहीं ऐसी कोई बात नहीं!
तो वो बोली- फ़िर क्या बात है?
मैंने कहा- भाभी! हमारी ऐसी किस्मत कहाँ कि आप हमारी पत्नी बनें!
भाभी बोली- पत्नी नहीं पर भाभी तो हूं!
मैंने कहा- हाँ! यह तो है!

फ़िर हम घर आ गए और मैंने कहा कि भाभी रात के ग्यारह बज गए, मैं चलता हूँ।

भाभी ने कहा- रुको! ज़रा मैं कपड़े बदल लूँ! और भाभी काले रंग का गाऊन पहन कर मेरे पास बैठ गई और बोली- अमन जी, शादी कब करोगे?

मैंने कहा- जब आप जैसी कोई मिल जाएगी तो कर लूंगा, आज मिले तो आज ही कर लूंगा।
पूनम ने कहा- अगर मैं ही मिल जाऊँ तो?
भाभी की इस बात को सुन कर मैं दंग रह गया और कुछ बोल नहीं पाया।

भाभी बोली- अमन जी! क्या हुआ, सांप सूंघ गया क्या?
मैंने कहा- नहीं भाभी पर मैं समझ नहीं पाया कि आपने क्या कहा।
तो पूनम ने कहा- मैं आप से प्यार करती हूँ।
मैंने कहा- सिद्धार्थ?

भाभी ने कहा- राहुलको कुछ पता नहीं चलेगा। इतना कह कर भाभी मेरे पास लेट गई और मुझे किस किया। मैंए भी उसे पसन्द करता था इसलिए मैं भी विरोध ना कर सका।

फ़िर भाभी बोली- अमन, अगर आपको मैं पसन्द नहीं तो रहने दो।
मैंने कहा- नहीं भाभी! ऐसी कोई बात नहीं, आप मुझे अच्छी लगती हो।
पूनम ने कहा- तो मुझे पूनम नाम से पुकारो!

मैंने कहा- पूनम! मैं तुमसे प्यार करता हूँ और मैंने पूनम को उसके लाल रंग के होटों पर किस किया और फ़िर तो मैं और पूनम एक दूसरे के मुँह में जीभ देने लगे। आधे घण्टे इस तरह एक दूसरे के साथ चिपके रहे। तब पूनम ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, मैंने भी पूनम के कपड़े उतारने शुरू कर दिए।

पूनम बोली- अमन, आज तुम्हारी मेरे साथ पहली सुहागरात है, अभी रुको, आज हम सुहागरात मनाएंगे, मैं तैयार होती हूँ।, तुम एक अच्छी सी नग्न फ़िल्म लगाओ।

मैंने एक ब्लू फ़िल्म लगा दी और देखता रहा। काफ़ी देर बाद पूनम आई तो उन्हीं कपड़ों में थी जो उसने अपनी शादी के दिन पहने थे और काफ़ी सुन्दर दिख रही थी। आते ही मैंने उसे अपनी तरफ़ खींच लिया और किस करने लगा। मैं कुछ जल्दी कर रहा था तो पूनम ने कहा- जल्दी ना करो, पूरी रात बाकी है।

मैं पूनम की चूची जोर जोर से दबाने लगा तो पूनम गर्म हो गई। मैंने एक एक कर के पूनम के सारे गहनें उतार दिए और फ़िर उसका ब्लाउज़ भी उतार दिया। फ़िर जब लहंगा भी उतार दिया तो पूनम के शरीर पर केवल ब्रा और पेंटी ही बची थी। उसकी आंखें बंद थी और वो गर्म सांसें छोड़ रही थी। मैं पूनम के शरीर के सब हिस्सों पर किस करने लगा और फ़िर मैंने उसकी ब्रा को भी फ़ाड़ के उसके शरीर से अलग कर दिया। जैसे ही मैंने उसकी पेंटी को हाथ लगाया तो वो गीली थी।

मैंने पूनम से कहा- पूनम! तुम तो झड़ चुकी हो।
उसने कहा- हाँ!

लेकिन मैं तो अब भी पागल हो रहा था, शायद मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सच है। मैंने पूनम के शरीर से पेंटी अलग कर दी और उसकी पेंटी अपने लण्ड से रगड़ने लगा तो पूनम ने कहा- इसे छोड़ो, मैं हूँ ना!

उसके बाद पूनम ने मेरे लण्ड को पहला स्पर्श किया तो लण्ड पहले से भी ज्यादा गर्म और कड़क हो गया। वो मेरे लण्ड को आगे पीछे कर रही थी और मैं उसकी चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा। पूनम के मुँह से सी सी की आवाज़ें आने लगी और वो अपने चूतड़ ऊपर करने लगी।

फ़िर पूनम ने मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया तो ऐसा लगा कि मैं उसके मुँह में झड़ जाऊँगा।

मैंने पूनम से पूछा- पूनम, तुमने राहुलसे पहले किसी के साथ यह काम किया है?
तो उसने कहा- पहले मुझे पता ही नहीं था कि इसमें इतना मजा आता है।
मैंने कहा- तुम्हें राहुलके साथ मजा नहीं आता क्या?

तो पूनम ने कहा- आता है! लेकिन मैं तुमसे प्यार करती हूँ और तुम्हारे ही बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ। अगर मैं तुमसे प्यार ना करती तो क्या मैं ऐसे सुहागरात मनाती।

यह सुन कर मुझे अच्छा लगा और मैंने पूनम के मुंह में अपनी जीभ दे दी। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे पास कन्डोम होगा? तो पूनम ने कहा- कंडोम की जरूरत नहीं है।

फ़िर मैंने पूनम की चूत पर अपना लण्ड रख कर अन्दर किया तो आधा उसकी चूत में चला गया। एक और झटके में मैंने पूरा का पूरा लण्ड पूनम की चूत में डाल दियाऔर जोर जोर से झटके मारने लगा तो पूनम को भी मजा आने लगा। दस बारह झटकों में मैं झड़ गया और पूनम भी झड़ गयी और उसकी चूत में अपना वीर्य डाल दिया।

पूनम ने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया तो मेरा लण्ड पाँच मिनट में ही पहले की तरह खड़ा हो गया। फ़िर मैंने पूनम को घोड़ी बना कर चोदा। इस प्रकार हम सुबह के चार बजे तक चुदाई करते रहे और हमें कब नींद आ गई पता ही नहीं चला।

सुबह साढ़े पाँच बजे घर पर बैल बजी तो पूनम ने अपना गाऊन पहना और गेट पर जाकर आई तो मैंने पूछा कि कौन था?

उसने कहा- दूध वाला था। अमन! तुम चाय लोगे?

तो मैंने हाँ कर दी। पूनम चाय ले कर आई तो मैं नंगा ही लेटा था। मैंने पूनम को अपने पास खींच लिया तो उसने कहा कि अब भी कोई कमी रह गई है क्या!

मैंने कहा- हाँ! और उस कमी को पूरा करना है।

तो पूनम ने कहा- सुबह हो चुकी है, अमन अब रहने दो!

लेकिन मेरे लण्ड को तो गर्मी चढ़ी थी। पूनम मना करती रही और मैं पूनम को खींचता रहा। ऐसा करने से पूनम का गाऊन फ़ट गया और पूनम मुझ से लिपट गई। फ़िर हमने तीन बार काम किया और एक बार पूनम के मुँह में झाड़ा। पूनम काफ़ी खुश थी।

पूनम ने कहा- अब जब तक राहुलनहीं आ जाता, आप ही मेरे पति की तरह यहाँ पर रहोगे। इस प्रकार हम एक दूसरे को मजा दिलाते रहे।

और अब जब भी राहुलबाहर जाता है तो हम खूब चुदाई करते हैं। Hindi Porn Stories

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दोस्तो, आप सभी का बहुत बहुत Hindi Porn Stories धन्यवाद, कि आपने मेरी कहानियाँ ‘माला की चुदाई, मजा और मलाई, व जब गांड मारी जमके’ पढ़ी, आपने जो मेरा साथ दिया उसके लिये एक बार और धन्यवाद!

दोस्तो, आज नई कहानी लेकर आया हूँ।

मेरी पड़ोसन जिसका नाम रिहा है और उसकी उम्र भी १९-२० की है। रिहा बहुत ही खूबसूरत है, उसके स्तन बहुत ही शानदार, जैसे दो नारियल के बड़े गोले रखे हों, एकदम टाइट कहने का मतलब।

वो जब भी मेरे घर किसी काम से आती तो मुझे अलग कमरे में जाकर मुठ मारनी पड़ती, अब आप ही सोचो दोस्तो कि जब आपका ये चोदू संजय को मूठ मारनी पड़े तो उस नारी का क्या कहना।

ऐसा नहीं कि मैं ही उसे देखा करता था, वो भी जब भी मेरे घर आती तो उसकी आंखे कुछ ना कुछ तलाशती रहती, शायद मुझे!

मैं उसको चोदने का रास्ता तलाशने लगा।

एक रोज घर कोई नहीं था और वो मेरे घर आई। उस वक्त मैं अपने कमरे में टी.वी. पर बहुत गरमागरम चोदू पिक्चर देख रहा था। घर की घंटी बजी तो मैंने उठकर तौलिया लपेटा और दरवाजे को खोलने गया। दरवाजा खोलते ही मैंने देखा कि मेरी पड़ोसन रिहा खड़ी हैं। वो मुझे देखते ही मुस्करा पड़ी और पूछा- क्या बात है संजू ? नहाने जा रहे थे?

मैंने कहा- हां !

तो उसने कहा- मम्मी कहाँ गई?

तो मैंने कहा- बाहर गई हैं।

रिहा बात करते करते अन्दर आ गई और मैं भी टी.वी. पर चल रही नंगी पिक्चर के बारे में भूल गया क्योंकि उसकी आवाज तो मैंने पहले ही बंद कर रखी थी। मैंने कहा- रिहा ! क्या काम था?

तो उसने रसोई में से कोई चीज लेनी थी, तो मैं रसोई में उसका बताया सामान लेने गया और रिहा मेरे कमरे में कब चली गई मुझे पता ही नहीं चला। मैं जब रसोई से वापस आया तो रिहा को ना देख मैं उसे तलाशता हुआ अपने कमरे की तरफ गया तो देखा रिहा बेड पर बैठी बड़े गौर से टी.वी. पर चल रही पिक्चर को देख रही थी, रिहा को होश भी नहीं था कि मैं कमरे में आ गया हूँ।

इधर रिहा को पिक्चर देखते हुए मेरा लंड भी फटाफट बिस्तर छोड़ खड़ा हो गया और अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेने लगा। चूंकि रिहा की पीठ मेरी तरफ थी तो उसे पता ही नहीं चला कि मैं कब आकर उसके पीछे खड़ा हो गया। रिहा पिक्चर देखते हुए गरम हो गई थी, वो अपने स्तनों को अपने ही हाथों से दबाती तो कभी अपनी चूत को अपनी उंगली से कुरेदने लगती तो कभी अपने होठों को अपने ही दांतो से काटने लगती।

लोहा गरम देख मैं घर का दरवाजा बंद कर रिहा के पीछे चुपचाप गया और पंलग पर बैठते हुवे पीछे से उसके स्तन दबाने लगा। एकदम से मेरे हाथ को देख वो डर गई। मगर मैं अब चुप रहने वाला थोड़े ही था, मैंने रिहा के होठों को अपने होठों से दबा लिया और चूसने लगा। कुछ देर तो रिहा मुझे दूर हटाने की कोशिश करती रही मगर रिहा तो खुद गरम हो चुकी थी।

धीरे धीरे मेरा एक हाथ उसके कुरते पर गया और उसके स्तन दबाने लगा। अब वह भी मेरा साथ देने लगी थी, उसका एक हाथ मेरी कमर पर गया और मेरी कमर को सहलाने लगी। अब मुझमें भी ताकत आ गई और मैंने रिहा का कुर्ता उतार दिया, कसम से मैं उसके तने चूचों को देखता ही रह गया। रिहा ने पूछा- क्या देख रहे हो?

तो मैंने कहा- रिहा डार्लिंग ! कसम से आज तक ऐसा हुस्न कहीं नहीं देखा।

नंगे स्तनों को मैं दोनों हाथों से दबाने लगा जैसे फिर कभी मौका मिले या ना मिले। रिहा का भी एक हाथ मेरे तौलिए पर गया और मेरे लंड को तलाशने लगा, वो कामयाब हो गई, आखिर मेरे लन्ड को तलाश ही लिया था।

उसने कुछ देर तक मेरे लन्ड को सहलाया, फिर बेड पर बैठ गई और मेरे लन्ड के सुपाड़े को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी, सच में मुझे एक ऐसी अनोखी यात्रा का आनन्द प्राप्त हो रहा था कि मैं शायद कहीं रास्ते में ही पंचर ना हो जाऊं।

मैंने रिहा से जबरदस्ती अपने लन्ड को छुड़ा कर उसकी सलवार पैन्टी समेत एक बार में ही उतार दी और उसकी चूत के दर्शन कर चूत को ऐसे चाटने लगा जैसे बिल्ली कटोरे में रखी मलाई को चाटती हो ! उसकी चूत को जीभ से ही चोदने लगा, रिहा का शरीर अकड़ने लगा था और अजीब सी आवाजें आने लगी- हाऽऽऽऽय सं……..जू बस करो ! मेरा पाऽऽऽनी निकऽऽऽल रऽऽऽहा हैं हाााााय मााााार डााालााााा।

मैंने लोहा गरम देखा और अपने लन्ड देव तो पहले से ही अंगड़ाइयाँ लेकर तैयार थे। लंड को सीधा रिहा की चूत पर रखा और उसके होठों को अपने होठों में लेकर चूसने लगा। रिहा भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। साथ तो लन्ड देव भी गजब का दे रहे थे, अपने आप ही रिहा की चूत में धीरे-धीरे चुपके-चुपके जगह बनाने में लगे थे।

अब तक मेरा सुपाड़ा रिहा की चूत में जा चुका था, जिससे उसके चेहरे पर दर्द की शिकन आने लगी थी। मगर उसकी जुबान मेरे होठों की गिरफ़्त में थी इसलिये रिहा चाह कर भी चिल्ला नहीं पा रही थी।

मैंने हलका सा झटका दिया और मेरा ९ इंची का लौड़ा सीधा रिहा मैडम की चूत में आधा धंस गया। रिहा की चूत से निकल रहे चिकने पानी के कारण लंड को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही थी, मगर रिहा को थोड़ा बहुत तो दर्द हो ही रहा था। एक हाथ से मैं रिहा के बोबे सहला रहा था जिससे रिहा वापस मस्त हो रही थी, अब एक झटका और दिया तो लन्ड देव चूत रानी से गले जा मिला यानि मेरा लन्ड सीधा रिहा की बच्चेदानी को बजाने लगा जिससे रिहा को काफी दर्द होने लगा और अपने आप को छुड़ाने की नाकामयाब कोशिश करने लगी।

मैं कुछ देर रूक गया और उसे हर तरीके से सहलाने लगा। रिहा का दर्द जब कुछ कम हुआ तो धीरे धीरे लन्ड को आगे पीछे करने लगा। रिहा को भी मस्ती चढ़ने लगी और वह भी नीचे से मेरा साथ देने लगी। अब तो मैंने भी स्पीड पकड़ ली। रिहा की आवाजें नशीली होने लगी- उंमऽऽ हाययययय संज….उ……. मा…र…….डााााााा ला….. संजू डार्लिंग चोदो आज मेरी चूत को जैसे तुम चाहो जल्दी करो मेराााा हो रहा और १५-२० मिनट बाद ही हम दोनो ही का एक साथ पानी छुटा और एक दूसरे पर ढेर हो गये।

फिर तो मैंने और रिहा ने एक बार और सेक्स किया फिर रात को मिलने के वादे के साथ ही वो चली गई।

दोस्तो तुम्हारे पत्रों का मुझे बेदर्दी से इंतजार रहता हैं। Hindi Porn Stories

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