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Massage Girl in Peren: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Peren who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Peren that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Peren massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Peren who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Peren massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Peren massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Peren who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Peren employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Peren helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Peren

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Peren at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

बिजनेस बढ़ाया चुदाई से नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम नीलम हैं। मेरी उम्र अभी 43 साल हैं। मैं कई सालों से दिन में टाइम पास करने के लिए हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ती हूं। मुझे इसके बारे में मेरे मोहल्ले की ही पड़ोसनों ने बताया था शाम को जब हम लेडिस आपस में बैठकर बातें करते तो रात के सेक्स को लेकर भी चर्चा करते थे तो सभी अपने-अपने अनुभव बताती थी कि उनके पति उनके साथ कैसे-कैसे क्या-क्या करते हैं उनमें से ही एक पड़ोसन प्रीती ने इसके बारे में हमें जानकारी दी। मैं पहले अपने परिवार के साथ गांव में ही रहती थी और मेरे पति शहर में रहकर काम करते थे। वह सप्ताह में एक दिन घर आते हैं और फिर वापस शहर चले जाते हैं। शहर में भी उनको खान और रहने में काफी परेशानी होती थी क्योंकि वह खुद बनाते हैं फिर सारा काम खुद करते हैं तो काफी टाइम लग जाता ऐसे फिर एक बार उन्होंने बोला कि क्यों नहीं तुम शहर चलती हो मैंने कहा कि शहर में खर्चा ज्यादा होगा तो बोले कि हम कुछ काम कर लेंगे और सब ठीक हो जाएगा। फिर मेरे पति ने शहर से थोड़ा बाहर की तरफ एक प्लॉट खरीदा और वहां पर छोटा सा मकान बना दिया वह कॉलोनी अभी नई-नई बस रही थी इस कारण आदि से ज्यादा प्लाट खाली पड़े थे और कुछ मकान बने हुए थे हम लोगों ने वार है ना शुरू कर दिया। वहां पर 8-10 मकान और बने हुए थे और उन में भी सब गांव से ही आकर लोग रहना शुरू हुए थे जो शहर में काम करते थे। मैंने मेरे दोनों बेटों को हॉस्टल में एडमिशन करवा दिया और हम दोनों पति-पत्नी वहां रहने लगे। मैं पूरा दिन खाली रहती थी तो मैंने पति को कहा कि आप गांव से गाय भैंस या लेकर आ जाओ तो काम भी हो जाएगा आमदनी भी होगी तो मेरे पति गांव से दो भैंसे और दो गाय लेकर आ गए। गांव में हमारे बहुत सी गाय भैंस थी। तो पति कुछ लेकर के यहां शहर आ गए। शहर में हमने पास वाले प्लॉट में गाय भैंस रखनी शुरू कर दी। मैं सुबह 5:00 उठाती और गाय भैंसों का दूध निकाल कर उन्हें चार वगैरा दे देती और मेरे पति हमारे घर से ही एक दो किलोमीटर दूर बड़ी पोश कॉलोनी में दूध सप्लाई करके आ जाते। शाम का दूध देने में परेशानी होती थी तो मेरे पति ने एक सेकंड हैंड एक्टिवा खरीद ली और मुझे एक्टिवा सीखा दी। अब मैं शाम को खुद ही दूध सप्लाई करने जाती थी। रात में जब हम मोहल्ले की सभी औरतें इकट्ठा होती तो वह सब मेरे गाय भैंस के बारे में ही बैठकर बातें करती थी क्योंकि वहां पर हम सब अकेले आराम से बैठ कर बातें कर सकते थे तो वह सब अपनी सारी बातें बताती थी उनमें से रजनी किसी बड़े बंगले में काम करती थी तो वह महंगे महंगे कपड़े पहनती थी बाकी औरतें उससे पूछता की रजनी इतना कैसे खर्च कर लेती है पहले तो वह बताती नहीं थी लेकिन फिर वह धीरे-धीरे बताने लगी की बंगले का जो साब है वह उसके साथ सेक्स करता है और बदले में उसे यह सब देता हैं। वह हम सब में बहुत तेज थी तो हम सबको ब्यूटी पार्लर भी साथ लेकर जाती थी वैक्स वगैरा करवाती थी और कहती थी कि तुम लोग अपनी वजाइना को एकदम क्लीन रखा करो ताकि तुम्हारा पति जब शाम को आए तो तुम्हारी पैंटी हटाकर सीधा उसे चाटने लग जाए। वह बोली कि शहर की औरतें तो रात में नाइटी और शर्ट पहनती है हम लोग भी अब ऐसे कपड़े पहनेगी तो हम सब लोगों को मार्केट लेकर गई और वहां से हम लोगों ने नाइटी टाइट योग पैंट टी-शर्ट लोवर टी-शर्ट जैसे नाइट वियर खरीद लिए अब हम लोग भी रात में नाइटी वियर यानी योगा पेट और टी-शर्ट लोवर टी-शर्ट पहनते थे। एक बार रजनी ने बताया कि उनके साहब के यहां पर कोई बड़ी पार्टी है और कैटरिंग के लिए महिलाओं की जरूरत है जो भरे पूरे मांसल बदन की हो। तो हमने कहा कि हम सभी का शरीर बहुत भरा पूरा हैं। रजनी बोली कि सब के यहां पर जो पार्टी है उसमें सब को महिला वेटर की जरूरत पड़ेगी रात में 9:00 से लेकर 1:00 तक पार्टी है और आप सबको दो ₹2000 मिलेंगे सभी महिलाओं ने हां कर दी की चार घंटे में ₹2000 तो अच्छे ही हैं। फिर रजनी बोले कि तुम ऐसे ही मत चलना पहले तुम ब्यूटी पार्लर जाकर अपना वैक्स वगैरा करवा लेना और अच्छे से तैयार हो जाना दिन हम लोग ब्यूटी पार्लर गए और वैक्स वगैरह कराया और अच्छे से तैयार हो गए हम लोग अपने घरों का काम खत्म कर रात 8:30 सब के फार्म हाउस पर पहुंच गए। वहां पर हम लोगों को वेटर की ड्रेस दी गई जो हेयर कलर का शर्ट और काले कलर की टाइट पेंट थी हम लोगों ने वह पहन लिए। वेटर की ड्रेस में हमारे बड़ी-बड़ी बस और बड़ी-बड़ी गांड बहुत ज्यादा ही दिख रही थी। पार्टी के मेहमान अभी हमें घूर-घूर कर देख रहे थे। उसने बड़े-बड़े लोग आए थे और करीब 100 तरह का खाना पीना था। रात 1:00 बजे पार्टी खत्म हो गई और जब हम लोग जाने लगे तो सब हमारे पास आया और बोला कि आप सब लोग मुझे बहुत अच्छे लगे हो आपने बहुत अच्छा काम भी किया है तो मैं तुम्हें खुश होकर दो ₹2000 ज्यादा दे रहा हूं मुझे इनाम समझ कर रख लेना। फिर वह बोला की पार्टी मेंखाने में भी बहुत बचा हुआ है आप लोगों को जितना चाहिए उतना ले जाओ तो काफी महिलाओं ने वहां से पैक भी करवा लिया और उसे साहब ने हम सबको अपने घर तक अपनी गाड़ी से भी छोड़ दिया। उसे दिन हम सभी महिलाएं बहुत खुश थी क्योंकि हमें चार-पांच घंटे काम करने के ही ₹4000 मिल गए थे। हम सब लेडिस ने अपने पतियों को बताया तो वह भी बहुत खुश हुए। अगले दिन शाम को जब हम बातें करने इकट्ठा हुई तो रजनी आकर के बोली की एक और काम हैं। उसके बदले और ज्यादा पैसे मिल सकते हैं तो हमने पूछा क्या काम है तो वह बोली कि सब के यहां आने वाले मेहमान को खुश करना हैं इसके बदले वो अच्छा पैसा देंगे। पहले तो हम लोगों ने सोचा पर बाद में हां कर दिया। उसके बाद रजनी रोज किसी ना किसी महिला को लेकर जाती वो वहां सेक्स करवाती और उसे अच्छे पैसे मिलते। एक बार रजनी मुझे भी लेकर गई वहां पर कोई सातवां आठवां साल का आदमी था जिसे मेरे साथ सेक्स करना था। मैं उसे आदमी के साथ कमरे में चली गई। अंदर जाते ही उसे आदमी ने मुझे कहा कि तू तू बहुत बड़ी रैंड लगती है तेरे बड़े-बड़े बस और गांड ही बता रहे हैं कि तू कितनी बड़ी रंडी है। मैंने कहा कि मैं तो गाय भैंस पालती हूं और दुध पीती हूं इस कारण मेरे बड़े हैं। वो मेरे 38-34-42 के फिगर को घूरकर देखा रहा था। फिर उसने मुझे बोला कि अब तू तेरे कपड़े उतार और पूरी नंगी हो जा तो मैं मेरे सारे कपड़े निकाल कर रख दिए वह मेरे नंगे बदन को देखता रहा फिर खुद भी नंगा हो गया उसका पेनिस 7 इंच लंबा और 2 इंच के बराबर मोटा था उसका एकदम काला काला पेनिस उठा हुआ था वह बोला कि अब मेरे पेनिस को मुंह में लेकर चूस। फिर मैं उसका पेनिस मुंह में लेकर चूसने लगी। थोड़ी देर तक चूसने के बाद उसने मुझे सोफे पर बैठा दिया और मेरे दोनों टांगों को फैला कर खुद भी मेरी वजाइना को चाटना शुरू कर दिया मेरा पति कभी मेरी वजाइना जाता नहीं था तो मुझे बहुत मजा आया और मेरा पानी भी छूट गया। फिर उसने सोफे पर ही मेरे साथ पहली बार सेक्स किया। दूसरी बार उसने मेरे साथ गांड में सेक्स किया वह बहुत जल्दी ही फ्री हो गया। उसने मेरे से फोन नंबर लिए और बोला कि मुझे जरूरत पड़ेगी तो तुझे फोन करूंगा फिर वह वहां से चला गया और हमें भी रजनी के साथ घर आ गई। उसे दिन मुझे बहुत मजा आया क्योंकि उसने मेरी वजाइना कुछ इस तरह जाता था वैसा मजा मुझे पहली बार मिला। उसके एक-दो दिन बाद मेरे घर पर कुछ मेहमान आए और उसी दिन शाम को सब ने फोन किया कि नेहा कहां हो मिलोगी क्या तो मैंने कहा कि मैं मिल नहीं सकती हूं तो कहा कि आधे घंटे के लिए ही टाइम निकाल दे मैं बोली घर पर मेहमान आए हैं कैसे निकाले तो बोले कि हो तो मैनेज कर मेरे से अब नहीं रह जा रहा है या तो तू यहां आज या फिर मैं तेरे वहां आता हूं मैं बोली कि मेरे घर पर मेरा पति और मेहमान है मैं कहां मिलेगी तो वह बोली की तो कहीं भी मिल भले जंगल में मिलने आ जाना लेकिन एक बार मिलना पड़ेगा। फिर थोड़ी देर मैंने सोचा और मैं वापस फोन करके कहा कि मेरी गाय भैंस के बारे में ही जगह है वहां मिल सकते हो साहब बोला मैं तो तेरे लिए कहीं भी आ सकता हूं फिर वह रात को 12:00 बजे वह आया और मुझे फोन किया उसने अपनी कर हमारे घर से आधा किलोमीटर दूर खड़ी कर दिया और पैदल ही वहां तक आया फिर उसने मुझे फोन किया तो मैंने उसे बोला कि तुम वहीं रुको मैं आ रही हूं फिर मैं अपने पति को बताया कि रजनी मुझे बार-बार फोन कर रही है वह घर पर अकेली है तो मैं चली जाती हूं मेरा पति बोला ठीक है सुबह टाइम पर आ जाना मैंने कहा ठीक है आ जाऊंगी फिर मैं वहां से निकल गई और मैंने रजनी को फोन करके कहा कि रजनीबंगले वाला सब सेक्स के लिए आया है मैं गाय भैंस के बारे में उसके साथ करूंगी मैं तेरे घर का बोला है तू थोड़ा ध्यान रखना रजनी बोली कि तू चिंता मत कर तू मजे कर मैं संभाल दूंगी। फिर मैं सब को लेकर बड़े में चली गई वहां पर पूरा अंधेरा था और सब को तो पूरे कपड़े उतार कर करने की आदत थी मैंने बोला साहब आज आपको जल्दी-जल्दी करना पड़ेगा सब बोला कि जल्दी तू मेरे से होता नहीं है तरीका तो मेरा वही रहेगा हमें मुश्किल में पड़ गई कि अब क्या करूं तभी सब बोला कि इंतजार किसका कर रही है रंडी कपड़े उतार और नंगी हो जा हमें बोली कोई देख लेगा तब बोला कोई नहीं देखेगा तूने फोन तो कर दिया है रजनी को या कोई नहीं आएगा। फिर मैं सब को बड़े में एक कोने में लेकर गई जहां पर कई सारी बोरियां पड़ी थी और ऊपर भी छठ बनी हुई थी उसे कमरे में मैंने पर्दा लगा दिया और गेट बंद कर दिया अंदर मैंने लाइट ऑन कर दी वहां पर सिर्फ एक गड्ढा जमीन पर पड़ा था जहां पर हम सभी औरतें बैठकर बातें करते थे सब वहां बैठ गया और मैं कपड़े उतारने लगी साहब भी खड़ा होकर अपने कपड़े उतारने लगा फिर उसने जल्दी ही मेरे मुंह में अपना पेनिस डाल दिया और मैं चूसने लगी थोड़ी देर चूसने के बाद में गधे पर सो गई और सब मेरे ऊपर आ गया और अपना पेनिस मेरी वैजाइना में डाल दियामैंने सब को कहा कि क्या बात है साहब आज आपने मेरी वजाइना छाती नहीं साहब बोले रुक जा नेहा अभी एक बार करने दे फिर देख क्या-क्या करता हूं फिर सब ने जोर-जोर से झटका मारना शुरू कर दिया और 6 7 मिनट तक करीब 100 डेढ़ सौ झटका लगाया और अंदर ही स्पर्म छोड़ दिया। फिर सब ने किसी को फोन लगाया मैंने कहा किसी फोन कर रहे हो तो सब बोले कि मेरा एक दोस्त है वह भी है मैंने कहा आप कर क्या रही हो किसी को पता चल जाएगा बोला किसी को पता नहीं चलेगा फिर थोड़ी देर में सब का दोस्त नवीन भी पर आ गया। और अंदर जाकर वह भी पूरा नंगा हो गया। आप कमरे में हम तीन लोग थे नवीन मेरे बड़े-बड़े बूब्स को दबाने और चूसने लगा सब मेरी वजाइना को अच्छे से चैट रहे थे नवीन का पेनिस भी 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था थोड़ी देर के बाद नवीन बोला कि नीलम मेरा मुंह में ले ले यार तो मैं नवीन का पेनिस अपने मुंह में लिया और थोड़ी देर चुस्ती रही फिर नवीन बोला कि अब मैं तेरे साथ करूंगा तू घोड़ी बन जा तो मैं वहीं पर घोड़ी बन गई नवीन पीछे से मेरी वैजाइना में पेनिस डालकर सेक्स करने लगा और सब आगे आए और उन्होंने अपना पेनिस मेरे मुंह में दे दिया अब मैं एक साथ दो लोगों से सेक्स करवा रही थी। 10 मिनट तक दोनों लगातार करते रहे फिर उनके स्पर्म निकल गए तो उन्होंने मुझे छोड़ दिया मैं बोली अपने घर जा सकती हूं क्या तो बोले अभी कहां जाओगी आधा घंटा तो रुको फिर वह खड़े-खड़े ही मेरे बस और बड़ी-बड़ी गांड को दबाने लगे आज मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि अमीर घरों के दो बड़े-बड़े साहब मुझे सेक्स का बहुत मजा दे रहे थे जितना मेरे पति ने कभी नहीं दिया था। फिर सब गधे पर सो गया और मैं उनके पेनिस पर अपनी वजाइना रखकर सेक्स करवाने लगी तभी नवीन ने मेरी गांड हमें क्रीम लगाई और अपना पेनिस मेरी गांड में डाल दिया अब मैं एक साथ दो लोगों से अपने दोनों छेदों को चुदवाने का मजा ले रही थी। वह दोनों अमीर घरों के बड़े-बड़े आदमी थे पर वह मुझे बहुत मजा दे रहे थे। 6 7 मिनट बाद उन्होंने मुझे सीधा खड़ा कर दिया और नवीन मेरी वैजाइना में सेक्स करने लगा और सब मेरी गांड में अपना पेनिस डालकर सेक्स करने लगे इस पोजीशन में 10 मिनट तक उन्होंने मुझे खड़े-खड़े ही सेक्स का मजा दिया और उसके बाद वह बोली की अब तो डॉगी स्टाइल में बन जा तो मैं गद्दे पर डॉगी स्टाइल में बन गई नवीन मेरी वैजाइना में पीछे से झटका करने लगा और सब मेरे मुंह में झटका देने लगे दो-तीन मिनट बाद सब ने मेरे मुंह में ही अपना स्पर्म गिरा दिया जबकि नवीन 15 मिनट तक लगातार तेज तेज झटके मारता रहा 15 मिनट तक उसने करीब 300 से ज्यादा झटका मेरी वैजाइना में लगाए थे मैं उसकी ताकत देखकर बहुत खुश थी कि 55 साल से ज्यादा की उम्र में भी यह दोनों लोग कितने ताकतवर हैं जो इतने अच्छे से सेक्स कर रहे हैं। फिर उन्होंने सेक्स के बाद मुझे कहा कि नेहा तू तो बहुत बड़ी मस्त और सेक्सी औरत है तेरे साथ हमें बहुत मजा आता है फिर सब बोले की यह बैग पकड़ इसमें तेरा गिफ्ट है तो मैंने वह छोटा सा बैग रख लिया सब मेरे लिए कोई महंगा लेडिस बैग लेकर आए थे जिसने मेरा गिफ्ट था फिर वह लोग चले गए। मैं भी घर जाकर सो गई। दूसरे दिन सब मेहमान चले गए और रात में हम सभी लेडिस रात में बातें करने के लिए करता हुए और 9:00 बजे वह सब अपने-अपने घर चली गई। फिर मैं अपने कमरे में आ गई और सोने लगी तो पति ने कहा कि रजनी के घर कल क्या काम था मैं बोली कि वह अकेली थी तो मुझे बुला लिया था। मेरा पति बोला कि मैं कल रात में रजनी के पति को फोन करके पूछा कि तुम कहां पर हो तो उसने मुझे बताया कि मैं तो घर पर ही हूं फिर मैं एक बार जब रात में गाय भैंस के बारे में चेक करने के लिए आया था कि सब ठीक-ठाक तो है तो मैं कमरे में लाइट चलती हुई देख ली तो मैं वहां बाहर खड़ा होकर देखने लगा कि अंदर कौन है तो मुझे तुम्हारी और दो लोगों की आवाज सुनाई दे रही थी फिर मैं खिड़की में से सब कुछ देखा है जो कल रात तू करके आई है। मैंने मेरे पति को कहा कि आप मुझे माफ कर दो वह मुझे अच्छा पैसा देते हैं और मैं तो हम सबके लिए ही यह कर रही हूं पति बोला कि वह लोग अब तुझे यहां घर आकर भी छोड़ रहे हैं मैं बोली कि आगे से मैं ऐसा नहीं करूंगी और मैं तो यह सब आपके लिए ही कर रही हूं आप अगर मना करेंगे तो मैं आगे से नहीं करुंगी फिर मैं पति को थोड़ी देर समझती रही तो वह मान गए वह थोड़ा गुस्से में भी थे उन्होंने अपना हाथ मेरे बस पर रखा और बोले कि कल तो दो लोगों के साथ कर रही थी आज मेरे साथ भी वैसा ही कर फिर वह बोले अब तू पूरी नंगी हो जा फिर मैं नंगी हो गई और मेरे पति भी पूरे नंगे हो गए पहली बार उन्होंने मेरे साथ घोड़ी बनाकर सेक्स किया और 4 मिनट में इस पर में गिरा दिया थोड़ी देर बाद और फिर से सेक्स के लिए तैयार हो गए फिर उन्होंने मुझे बोला तू लेट जा और अपनी टांगों को अपने कंधों के बराबर फैला कर उठा ले फिर मैं लेट गई और मैं मेरी दोनों टांगें उठा ली और कंधों के बराबर कर लिया अब मेरी वजाइना ऊपर की और उठी हुई थी और मेरे पति उसमें अपना पेनिस डालकर सेक्स करने लगे वह पूरा अंदर तक झटका दे रहे थे इस कारण मुझे बहुत दर्द हो रहा था मैं बोली धीरे करो दर्द भी होता है मुझे तो बोले कि कल दो-दो लोगों ने तीन-तीन बार किया तब दर्द नहीं हो रहा था। अब तेरा अपना पति कर रहा है तो तुझे दर्द हो रहा हैं। फिर उन्होंने अपना स्पर्म मेरी वैजाइना में ही गिरा दिया और मेरे पास सो गए। फिर सुबह जब मैं उठी और जाने लगी तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने पास बुलाया और सुबह-सुबह ही 15 मिनट तक फिर से सेक्स किया। मैं बोली आप मेरे से नाराज तो नहीं है मेरे पति बोले नहीं मैं तुझसे नाराज नहीं हूं तू बहुत सेक्सी हैं और मजा देती है। आप लोग पढ़ कर बताना कि मैं कैसा लिखा हैं। neelamexpert@outlook.com
लेखिका : आरती वर्मा Hindi Sex Stories

मेरी सगाई की तारीख पक्की हो Hindi Sex Stories गई थी। मैं जब राजू से पहली बार मिली तो मैं उसे देखती रह गई। वो बड़ा ही हंसमुख है। मज़ाक भी अच्छी कर लेता है। मैं ३ दिनों से इन्दौर में ही थी। वो मुझे मिलने रोज़ ही आता था। हम दोनो एक दिन सिनेमा देखने गए। अंधेरे का फ़ायदा उठाते हुए उन्होंने मेरे स्तनों का भी जायज़ा ले लिया। मुझे बहुत अच्छा लगा था।

पापा ने बताया कि उज्जैन में मन्दिर की बहुत मान्यता है, अगर तुम दोनों जाना चाहो तो जा सकते हो। इस पर हमने उज्जैन जाने का कार्यक्रम बना लिया और सुबह आठ बजे हम कार से उज्जैन के लिए निकल पड़े। लगभग दो घण्टे में ७०-७५ किलोमीटर का सफर तय करके हम होटल पहुँच गये.

कमरे में जाकर राजू ने कहा-“आरतीफ्रेश हो जाओ…नाश्ता करके निकलेंगे..”

मैं फ्रेश होने चली गयी. फिर आकर थोड़ा मेक अप किया. इतने में नाश्ता आ गया. नाश्ते के बीच बीच में वो मेरी तरफ़ देखता भी जा रहा था. उसकी नज़ारे मैं भांप गयी थी. वो सेक्सी लग रहा था.

मैंने कहा -“क्या देख रहे हो…”

“तुम्हे… इतनी खूबसूरत कभी नहीं लगी तुम..”

“हटो…” मैं शरमा गयी.

“सच… तुम्हे बाँहों में लेने का मन कर है”

“राजू !!! ”

“आओ मेरे गले लग जाओ..”

‘वो कुर्सी से खड़ा हो गया और अपनी बाहें फैला दी. मैं धीरे धीरे आंखे बंद करके राजू की तरफ़ बढ गयी. उसने मुझे अपने आलिंगन में कस लिया. उसके पेंट में नीचे से लंड का उभार मेरी टांगों के बीच में गड़ने लगा. मैं भी राजू से और चिपक गयी. उसने मेरे चेहरे को प्यार से ऊपर कर लिया और निहारने लगा. मेरी आंखे बंद थी. हौले से उसके होंट मेरे होंटों से चिपक गए. मैंने अपने आपको उसके हवाले कर दिया. वो मुझे चूमने लगा. उसने मेरे होंट दबा लिए और मेरे नीचे के होंट को चूसने लगा. मैं आनंद से भर उठी. उसके नीचे का उभार मेरी टांगों के बीच अब ज्यादा चुभ रहा था. मैंने थोड़ा सेट करके उसे अपनी टांगों के बीच में कर लिया. अब वो सही जगह पर जोर मार रहा था. मैं भी उस पर नीचे से जोर लगा लगा कर चिपकी जा रही थी.

वो अलग होते हुए बोला -“नेहा…एक बात कहूं…”

“कहो राजू”

“मैं तुम्हे देखना चाहता हूँ…”

मैं उसका मतलब समझ गयी , पर उसको तड़पाते हुए मजा लेने लगी…”तो देखो न…सामने तो खड़ी हूँ…”

“नहीं…ऐसे नहीं…”

“मैंने इठला कर कहा -“तो फिर कैसे.. ”

“मतलब…कपडों में नहीं…”

“हटो राजू…चुप रहो…”

“न..नहीं..मैं तो यूँ ही कह रहा था… चलो…अच्छा..”

मैं उस से लिपट गयी..” मेरे राजू… क्या चाहते हो… सच बोलो..

“क कक्क कुछ नहीं… बस..”

“मुझे बिना कपडों के देखना चाहते हो न…”

उसने मुझे देखा… फिर बोला..” मेरी इच्छा हो रही थी.. तुम्हे देखने की…क्या करून अब तुम हो ही इतनी सुंदर…”

“मैं धीरे से उसे प्यार करते हुए बोली – ” सुनो मैं तो तुम्हारी हूँ… ख़ुद ही उतार लो..”

“सच…” उसने मेरे टॉप को ऊपर से धीरे से उतार दिया. मैं सिहर उठी.

“राजू… आह…”

ब्रा में कसे मेरे उरोज उभार कर सामने आ गए. राजू ने प्यार से मेरे उरोजों को हाथ से सहलाया. मुझे तेज बिजली का जैसे करंट लगा…फिर उसने मेरी ब्रा खोल दी. उसकी आँखे चुंधिया गयी. उसके मुंह से आह निकल पड़ी. मैंने अपनी आंखे बंद करली. वो नज़दीक आया उसने मेरे उभारों को सहला दिया. मुझे कंपकंपी आ गयी. उस से भी अब रहा नहीं गया…मेरे मस्त उभारों की नोकों को मुंह में भर लिया..और चूसने लगा..

“राजू मैं मर जाऊंगी…बस…करो..” मेरे ना में हाँ अधिक थी.

उसने मेरी सफ़ेद पेंट की चैन खोल दी और नीचे बैठ कर उसे उतारने लगा. मैंने उसकी मदद की और ख़ुद ही उतार दी. अब वो घुटनों पर बैठे बैठे ही मेरे गहरे अंगों को निहार रहा था. धीरे से उसके दोनो हाथ मेरे नितम्बों पर चले गए और वो मुझे अपनी और खींचने लगा.। मेरे आगे के उभार उसके मुंह से सट गए. उसकी जीभ अब मेरी फूलों जैसे दोनों फाकों के बीच घुस गयी थी. मैंने थोड़ा और जोर लगा कर उसे अन्दर कर दी. फिर पीछे हट गयी.

“बस करो ना अब…” वो खड़ा हो गया. ऐसा लग रहा था की उसका लंड पेंट को फाड़ कर बाहर आ जाएगा

“राजू..अब मैं भी तुम्हे देखना चाहती हूँ… मुझे भी देखने दो.. ”

राजू ने अपने कपड़े भी उतार दिए. मैं उसका तराशा हुआ शरीर देख कर शर्मा गयी. अब हम दोनों ही नंगे थे. उसका खड़ा हुआ लंड देख कर और उसकी कसरती बॉडी देख कर मन आया कि… हाय…ये तो मस्त चीज़ है… मजा आ जाएगा… पर मुझे कुछ नहीं कहना पड़ा. वो ख़ुद ही मन ही मन में तड़प रहा था. वो मेरे पास आ गया. उसका इतना कड़क लंड देख कर मैं उसके पास आकर उस से चिपकने लगी. मुझे गांड कि चुदाई में आरंभ से ही मजा आता था. मुझे गांड मराने में मजा भी खूब आता है. उसका कड़क, मोटा और लंबा लंड देख कर मेरी गांड चुदवाने कि इच्छा बलवती होने लगी.

मेरी चूत भी बेहद गीली हो गयी थी. उसका लंड मेरी चूत से टकरा गया था. वो बहुत उत्तेजित हो रहा था. वो मुझे बे -तहाशा चूम रहा था. “नेहा…डार्लिंग… कुछ करें…”

“राजू… मत बोलो कुछ…” मैं ऑंखें बंद करके बोली ” मैं तुमसे प्यार करती हूँ…मैं तुम्हारी हूँ.. मेरे राजू..”

उसने मुझे अपनी बलिष्ठ बाँहों में खिलोने की तरह उठा लिया. मुझे बिस्तर पर सीधा लेटा दिया. मेरे चूतडों के नीचे तकिया लगा दिया. वो मेरी जांघों के बीच में आकर बैठ गया। धीरे से कहा -“आरतीमैं अगर दूसरे छेद को काम में लाऊं तो…” मैं समझ गयी कि ये तो ख़ुद ही गांड चोदने को कह रहा है. मैं बहुत खुश हो गयी.”चाहे जो करो मेरे राजा…पर अब रहा नहीं जाता है.”

” इस से सुरक्षा भी रहेगी..किसी चीज का खतरा नहीं है…”

“राजू…अब चुप भी रहो न… चालू करो न…” मैंने विनती करते हुए कहा.

मैंने अपनी दोनों टांगे ऊँची करली. उसने अपने लंड कि चमड़ी ऊपर खीच ली और लंड को गांड के छेद पर रख दिया. मैं तो गंद चुदवाने के लिए हमेशा उसमे चिकनाई लगाती थी. उसने अपना थूक लगाया और… और अपने कड़े लंड की सुपारी पर जोर लगाया. सुपारी आराम से अन्दर सरक गयी. मैं आह भर उठी.

“दर्द हो तो बता देना..नेहा..”

“राजू… चलो न…आगे बढो… अब..” मैं बेहाल हो उठी थी. पर उसे क्या पता था की मैं तो गांड चुदवाने और चुदाई कराने मैं अभ्यस्त हूँ. उसने धीरे धीरे धक्के मारना चालू किया.

“तकलीफ़ तो नहीं हुई…नेहा…”

“अरे चलो न…जोर से करो ना…क्या बैलगाडी की तरह चल रहे हो…” मुझसे रहा नहीं गया. मुझे तेजी चाहिए थी.

सुनते ही एक जोरदार धक्का मारा उसने… अब मेरी चीख निकल गयी. लंबा लंड था…बहुत अंदर तक चला गया. अपना लंड अब बाहर निकल कर फिर अन्दर पेल दिया उसने… अब धक्के बढने लगे थे. खूब तेजी से अन्दर तक गांड छोड़ रहा था.. मुझे बहुत मजा आने लगा था. “हाय..मेरे..राजा… मजा आ गया… और जोर से… जोर लगा…जोर से… हाय रे…”

उसके मुंह से भी सिस्कारियां फूट पड़ी. “नेहा… ओ ओह हह ह्ह्ह… मजा..आ रहा है… तुम कितनी अच्छी हो…”

“राजा…और करो… लगा दो…अन्दर तक…घुसेड दो… राम रे…तुम कितने अच्छे हो…आ आह हह…रे..”

मेरी गांड चिकनी थी…उसे चूत को चोदने जैसा आनंद आ रहा था… मेरी दोनों जांघों को उसने कस के पकड़ रखा था. मेरी चुन्चियों तक उसके हाथ नहीं पहुँच रहे थे. मैं ही अपने आप मसल रही थी. और सिस्कारियां भर रही थी. मैंने अब उसे ज्यादा मजा देने के लिए अपने चूतडों को थोड़ा सिकोड़ कर दबा लिया. पर हुआ उल्टा…

“आरतीये क्या किया… आह…मेरा निकला…मैं गया… ”

“मैंने तुंरत अपने चूतडों को ढीला छोड़ दिया… पर तब तक मेरी गांड के अन्दर लावा उगलने लगा था.

“आ अह हह नेहा…मैं तो गया… अ आह ह्ह्ह…” उसका वीर्य पूरा निकल चुका था. उसका लंड अपने आप सिकुड़ कर बाहर आ गया था. मैंने तोलिये से उसका वीर्य साफ़ किया

मैं अभी तक नहीं झड़ी थी.. मेरी इच्छा अधूरी रह गयी थी. फिर भी उसके साथ मैं भी उठ गयी.

हम दोनों एक बार फिर से तैयार हो कर होटल में भोजनालय में आ गए. दोपहर के १२ बज रहे थे. खाना खा कर हम उज्जैन की सैर को निकल पड़े.

करीब ४ बजे हम होटल वापस लौट कर आ गये. मैंने राजू से वो बातें भी पूछी जिसमे उसकी दिलचस्पी थी. सेक्स के बारे में उसने बताया कि उसे गांड चोदना अच्छा लगता है. चूत की चुदाई तो सबको ही अच्छी लगती है. हम दोनों के बीच में से परदा हट गया था. होटल में आते ही हम एक दूसरे से लिपट गए. मेरी चूत अभी तक शांत नहीं हुयी थी. मुझे राजू को फिर से तैयार करना था. आते ही मैं बाथरूम में चली गयी. अन्दर जाकर मैंने कपड़े उतार दिए और नंगी हो कर नहाने लगी. राजू बाथरूम में चुपके से आ गया. मैंने शोवेर खोल रखा था. मुझे अपनी कमर पर सुहाना सा स्पर्श महसूस हुआ. मुझे पता चल गया कि राजू बाथरूम में आ गया है. मैं भीगी हुयी थी. मैंने तुरन्त कहा -“राजू बाहर जाओ… अन्दर क्यूँ आ गए..”

राजू तो पहले ही नंगा हो कर आया था. उसके इरादे तो मैं समझ ही गयी थी. उसका नंगा शरीर मेरी पीठ से चिपक गया वो भी भीगने लगा. “मुझे भी तो नहाना है…” उसका लंड मेरे चूतड में घुसने लगा. मैं तुंरत घूम गयी. और शोवेर के नीचे ही उस से लिपट गयी. उसका लंड अब मेरी चूत से टकरा गया. मैं फिर से उत्तेजित होने लगी. मेरी चूत में भी लंड डालने की इच्छा तेज होने लगी. हम दोनों मस्ती में एक दूसरे को सहला और दबा रहे थे. अपने गाल एक दूसरे पर घिस रहे थे. उसका लंड कड़क हो कर मेरी चूत पर ठोकरें मार रहा था. उसने मुझे सामने स्टील की रोड पकड़ कर झुकने को कहा. शोवेर ऊपर खुला था. मेरे और राजू पर पानी की बौछार पड़ रही थी. मैंने स्टील रोड पकड़ कर मेरी गांड को इस तरह निकाल लिया कि मेरी चूत की फ़ांकें उसे दिखने लगी.

उसने अपना लण्ड पीछे से चूत की फ़ांकों पर रगड़ दिया। मेरा दाना भी रगड़ खा गया। मुझे मीठी सी गुदगुदी हुई। दूसरे ही पल में उसका लण्ड मेरी चूत को चीरता हुआ अन्दर तक घुस गया। मैं आनन्द के मारे सिसक उठी,”हाय रे… मार डाला…”

“हाँ नेहा… तुम्हें सुबह तो मजा नहीं आया होगा…अब लो मजा…”

उसे कौन समझाए कि वो तो और भी मजेदार था… पर हाँ…सुबह चुदाई तो नहीं हो पाई थी.

“हाँ… अब मत छोड़ना मुझे… पानी निकाल ही देना…” मैं सिसककते हुए बोली.

“तो ये लो…येस…येस… कितनी चिकनी है तुम्हारी..”उसके धक्के तेज हो गए थे. ऊपर से शोवेर से ठंडे पानी की बरसात हो रही थी…पर आग बदती जा रही थी. मुझे बहुत आनंद आने लगा था.

“राजू… तेज और… तेज… कस के लगाओ… हाय रे मजा आ रहा है…”

“हा…ये..लो…और…लो…ऊ ओऊ एई एई…”

मैंने अपनी टांगे और खोल दी. उसका लंड सटासट अन्दर बाहर जा रहा था. हाँ…अब लग रहा था कि शताब्दी एक्सप्रेस है. मेरे तन में मीठी मीठी सी जलन बढती जा रही थी .उसके धक्के रफ़्तार से चल रहे थे. फच फच की आवाजें तेज हो गयी. “हाय रे मार दो मुझे…और तेज धक्के लगाओ…हाय…आ आह ह्ह्ह…आ आ हह हह…”

मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था. मैं झड़ने वाली थी. मैंने राजू की ओर देखा. उसकी आँखे बंद थी. उसकी कमर तेजी से चल रही थी. उसके चूतड मेरी चूत पर पूरे जोर से धक्का मार रहे थे. मेरी चूत भी नीचे से लंड की रफ्तार से चुदा रही थी. “राजू…अ आह…हाय…आ आया ऐ ई ई ई… मैं गयी… हाय रे…सी ई सी एई ई… निकल गया मेरा पानी… अब छोड़ दे मुझे… बस कर…”मैं जोर से झड़ गयी. मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. पर वो तो धक्के मारता ही गया. मैंने कहा..”अब बस करो…लग रही है… हाय..छोड़ दो ना…”

राजू को होश आया… उसने अपना लंड बाहर निकल लिया. उसका बेहद उफनता लंड अब बाहर आ गया था. मैंने तुंरत उसे अपने हाथ में कस के भर लिया. ओर तेजी से मुठ मारने लगी. कस कस के मुठ मारते ही उसका रस निकल पड़ा. “नेहा…आ आह हह…आ अहह ह्ह्ह… हो गया…बस… बस…ये आया…आया…”

इतने मैं उसका वीर्य बाहर छलक पड़ा. मैं राजू से लिपट गयी. उसका लंड रुक रुक कर पिचकारियाँ उगलता रहा. और मैं उसका लंड खींच खींच कर दूध की तरह रस निकालती रही. जब पूरा रस निकल गया तो मैंने उसका लंड पानी से अच्छी तरह धो दिया. कुछ देर हम वैसे ही लिपटे खड़े रहे. फिर एक दूसरे को प्यार करते रहे और शोवर के नीचे से हट गए. हम दोनों एक दूसरे को प्यार से देख रहे थे. इसके बाद हम एक दूसरे के साथ दिल से जुड़ गए. हमारा प्यार अब बदने लगा था.

शाम के ६ बजे हम उज्जैन से रवाना हो गए… मन में उज्जैन की यादें समेटे हुए इंदौर की और कूच कर गए. Hindi Sex Stories

दोस्तो! Antarvasna

मेरा नाम आतिश है, मैं Antarvasna दिल्ली में रहता हूँ। मैं हमेशा यह सोचा करता था कि क्या मैं भी कभी अपनी ज़िन्दगी में किसी के साथ सेक्स कर पाऊँगा! मुझे ब्लू-फिल्म देखने की आदत है लेकिन क़िस्मत देखिए कि कभी भी मैं किसी के साथ सेक्स नहीं कर पाया था। मेरी उम्र 23 साल और कद 5 फीट 9 इंच है। वैसे लोग कहते हैं कि मैं स्मार्ट भी हूँ, ख़ैर छोड़िये।

लेकिन मैं आप को अपनी एक ऐसी हक़ीकत से वाक़िफ कराना चाहता हूँ जो मेरे साथ पहले कभी नहीं हुई। ये होने के बाद मैं मन ही मन बड़ा खुश होता रहता था क्योंकि जो मैं इतनी कोशिश करने के बाद भी नहीं कर पाया वो अचानक हो गया।

हुआ ये कि मेरे घर के सामने एक घर है जिसमें एक परिवार रहता है जो बिहार से है, उस परिवार में 4 सदस्य हैं जिनमें से 2 बच्चे और दो बड़े हैं

जून 2004 की बात है जब मेरा परिवार स्कूल की छुट्टियों की वज़ह से गाँव गई हुई थी तो बस मैं ही घर पर अकेला था। शनिवार की बात है उस दिन मेरे ऑफिस में छुट्टी होती है तो थोड़ा देर से सोया और देर से जागा। उसके बाद मैं फ्रेश हुआ और बिस्किट खरीदने के लिए दुकान पर गया।

वह दुकान बहुत ही छोटी थी और वहाँ भीड़ बहुत ज्यादा रहती थी। जहाँ मैं खड़ा था उसके एकदम आगे मेरे सामने वाली आंटी खड़ी थी वो भी कुछ सामान ले रही थी और भीड़भाड़ होने की वज़ह से हम एक-दूसरे से बिल्कुल चिपके हुए थे। पहले तो मैंने ध्यान नहीं दिया फिर मैंने महसूस किया कि मेरा लण्ड आंटी की गाँड पर लग रहा है। मेरा लण्ड एकदम तन गया, मुझे बहुत मज़ा आने लगा।

फिर आंटी सामान लेकर जाने लगी, जाते हुए आंटी ने मेरी तरफ देखा, उनका चेहरा गुस्से से लाल था। मुझे पता नहीं क्यों, बहुत शर्म सी आई और फिर मैं भी उनके जाने के करीब 10-15 मिनटों के बाद घर आ गया।

मैंने पहले तो चाय पी, फिर अपने दरवाज़े के सामने खड़ा हो गया। अचानक आंटी ने अपना दरवाज़ा खोला और मुझे देखकर आंटी ने मुझे कहा ‘बेटा, क्या तुम हमारा एक काम कर दोगे?’

‘कहिए आंटी जी- मैंने डरते हुए कहा।

उन्होंने कहा- बेटा, मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा है, तुम मेरा एक डिब्बा उतार दो।’

मैंने कहा- ठीक है। फिर मैं उनके घर चला गया, वहाँ ऊँचाई पर एक डिब्बा रखा हुआ था, आंटी ने बताकर कहा- बेटा यही डिब्बा उतारना है।’

मैंने डिब्बा उतार दिया। तभी आंटी ने गेट बन्द कर लिया।

मैंने कहा- आंटी! मैं जाता हूँ, तो उसने मुझे बुलाया- इधर आओ-

यह सुनकर मेरी तो हवा ही खिसक गई, लेकिन फिर मैं भी हिम्मत करके चला गया। मैंने कहा ‘कहो आंटी, क्या कोई और कोई काम है?’

‘नहीं, एक बात पूछनी थी।’ आंटी ने कहा।
मैं डर गया, डरते-डरते मैंने कहा- कहिए आंटी जी!’
आंटी ने पूछा- तुम्हारी उम्र कितनी है?’
मैंने जवाब दिया- आंटी जी, 23 साल!’

फिर आंटी ने कहा कि मेरी उम्र 40 साल है और मैंने तुम्हारी माँ के उम्र की हूँ, तुम्हें शर्म नहीं आई दुकान पर ऐसी हरक़त करते हुए?

मैंने गर्दन नीचे किये हुए उनसे माफी माँगी- आंटी मुझे माफ कर दो, आज के बाद ऐसा नहीं होगा- मैं उनके सामने हाथ जोड़ने लगा।
‘अरे कोई बात नहीं, ऐसी उमर में ऐसा होता है। पहले भी किसी के साथ ऐसा या कोई और गलत काम किया है?’
मैं कुछ नहीं बोला।

फिर आंटी ने कहा- अरे शरमाओ मत, बताओ।’
‘नहीं आंटी! अभी तक नहीं।’
‘शादी से पहले कम से कम 2-3 बार ज़रूर करना चाहिए।’

मैंने हिम्मत करके कहा- क्यों आंटी?’
‘क्योंकि हर काम से पहले ट्रेनिंग ज़रूरी है, जैसे आर्मी वालों को दी जाती है। क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेण्ड है?’
‘नहीं आंटी जी, मेरी कोई भी गर्लफ्रेण्ड नहीं है।’
‘ये तो बड़े ही दुःख की बात है।’ आंटी ने कहा।
‘अगर तुम इजाज़त दो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूँ।’ आंटी ने आगे कहा।
‘कैसे?’ मैंने प्रश्न किया।

उन्होंने कहा- मैं तुम्हें ट्रेनिंग दूँगी ताकि तुम अपनी बीवी को ज़्यादा खुश रख सको। क्या तुम तैयार हो?’
‘जी हाँ आंटी, जैसा आप कहें।’

मैं सोच रहा था कि ये मेरे साथ ऐसी बातें कैसे कर रही हैं, वो भी पहली बार। मुझे लगा शायद दुकान वाली हरकत की वज़ह से वह मुझसे ऐसी बातें कर रही है।

आंटी ने मेरे हाथ अपने चेहरे पर लगाये और मुझे कहा कि मेरे गालों को सहलाते रहो। मैं ऐसा ही करता रहा। फिर आंटी ने मेरा हाथ अपनी टाँग पर रखा और मुझसे कहा- मेरी टाँग पर अपना हाथ फेरते रहो।

मैं ऐसा ही करता रहा। मुझे भी मज़ा आने लगा। आंटी बहुत गरम होने लगी और मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरी गाँड पर हाथ फेरने लगी।

मैंने अपना हाथ टाँग से हटाकर आंटी के मोटे-मोटे बूब्स पर रखा, वैसे तो उन्होंने कपड़े नहीं उतारे थे, पर फिर भी मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। आंटी कहने लगी कि तुम तो इंटेलीजेन्ट हो, अपने आप ही हाथ रख लिया।

फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से बूब्स दबाने लगा, आंटी एकदम पागल सी हो गई। मैं भी होश खो बैठा और अपना हाथ आंटी के पेटीकोट में अन्दर उनकी प्यारी सी चूत पर रखा, वो एकदम मुझसे चिपक गई।
फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी चूत में डाली और बार-बार अन्दर-बाहर करने लगा। आंटी को बड़ा मज़ा आने लगा। मज़े की वज़ह से वो सिसकियाँ लेने लगी। उनके मुँह से आवाज़ें आ रहीं थीं… हाय! मैं मर गईईईई…! ओओओ…! ह्ह्ह्ह।

फिर अचानक आंटी ने कहा कि मैं तुम्हें इस ट्रेनिंग का आखिरी पाठ सिखाती हूँ और फिर उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे अपने बेड पर लेटने के लिए कहा। मैं लेट गया। उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिये।

अब वो मेरे सामने एकदम नंगी थी। वो उतनी ख़ूबसूरत तो नहीं थी, पर उसकी फिगर लाजवाब थी। फिर वो मेरा लण्ड अपने हाथ में पकड़कर अपने हाथ को ऊपर-नीचे करने लगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर उन्होंने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और फिर अपने मुँह को ऊपर-नीचे करने लगी। मेरा लण्ड एकदम तन गया और करीब 7-7.5 इंच का हो गया।

फिर उन्होंने फिर मुझे कहा कि अब तुम उठो और मैं लेटती हूँ। मैं सोच रहा था कि यार, कहीं इसका दिमाग तो खराब नहीं हो रहा है, लेकिन फिर ये सोचकर कि कहीं बना-बनाया काम न बिगड़ जाये, मैंने कुछ नहीं कहा। फिर वो लेट गई और मुझे कहा अपना मुँह मेरी दोनों टाँगों के बीच में रखकर मेरी चूत को चाटो!

मैंने कहा, आंटी ये गन्दी है। आंटी ने पूछा- क्या तुम अपनी बीवी को खुश नहीं रखना चाहते?’

मैंने उत्तर दिया ‘हाँ’।
‘तो फिर चलो, जल्दी करो।’
मैंने चाटना शुरू कर दिया।

मैंने देखा कि आंटी की आँखें बन्द हैं और वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ ले रहीं हैं। थोड़ी देर ऐसा ही करने के बाद आंटी ने कहा ‘रूको!’

मैंने पूछा ‘क्या हुआ?’

आंटी ने कहा- कुछ नहीं हुआ, अब मैं तुम्हें सबसे मज़ेदार, और सबसे आख़िरी स्टेप सिखाती हूँ।

फिर आंटी ने अपनी टाँगें ऊपर कीं और मुझे कहा कि अपना लण्ड मेरी चूत पर रखो और अपने हाथ मेरे कंधे के पास। मैंने ऐसा ही किया। फिर आंटी ने मेरा गरम लण्ड अपनी गरम चूत पर रखा और मुझे कहा कि अब धीरे-धीरे इसे अन्दर करते रहो। मैंने ऐसा ही किया। जब मेरा आधा लण्ड अन्दर जा चुका था तो मुझे बड़ा मज़ा आने लगा।

आंटी कह रही थी कि तुम्हारा लण्ड कितना मोटा है। बड़ा दर्द हो रहा है।
मैंने कहा- अगर आप कहती हैं तो मैं निकाल लेता हूँ।

आंटी ने कहा, नहीं मेरी जान, मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, और दर्द तो ज़रूर होता है और जितना दर्द होगा, बाद में मज़ा भी उतना ही आयेगा।

मैंने फिर एकदम से अपना सारा का सारा लण्ड उसकी गरम चूत में पेल दिया। वो चिल्लाने लगी, कहने लगी कि इसे फाड़ेगा क्या। उसकी आँखों से आँसू निकल पड़े।

मैंने पूछा- बहुत दर्द हो रहा है क्या?’
‘जानवर की तरह करेगा तो दर्द नहीं होगा?’
‘सॉरी आंटी…!’

आंटी बोली- कोई बात नहीं, तुम लगे रहो, धीरे-धीरे दर्द कम हो जाएगा।’

चार-पाँच मिनट बाद शायद उसका दर्द कम हो गया, क्योंकि वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी- आज इसे फाड़ दो… मैं तुम्हारी हूँ… ज़ोर-ज़ोर से पेलो मेरी जा..आआआन… आआआआह ईईईईईईई ऊऊऊऊऊ आआआआआह मैं मर गईईईईई।

तकरीबन 15 मिनट के बाद आंटी ने कहा मेरी जान अब दूसरा स्टेप करते हैं और वो फिर उठी और डॉगी स्टाईल में हो गई और मुझे कहा अब दुबारा अपना काम शुरू करो।

मैंने फिर उसकी गरम चूत में अपना सात इंच का मोटा लण्ड पेल डाला। वो फिर सिसकियाँ लेने लगी, और चिल्लाने लगी- मैं मर गई… आज मेरी चूत को फाड़ डालो मेरी जान…’

और मैं भी मज़े से पागल हो रहा था। हम दोनों की आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रहीं थीं।

तकरीबन 10 मिनट बाद आंटी ने कहा ‘ज़रा हटो।’
‘क्यों आंटी?’
‘अब मैं तुम्हें वो स्टेप सिखाऊँगी जो अन्त में करना चाहिए, जब तुम्हारी गाड़ी मंज़िल पर पहुँचने वाली हो।’
‘ठीक है आंटी।’

वो पिर उसी पोज़ीशन में आ गई जैसे कि शुरू में थी, अपने दोनों पैर ऊपर उठा लिये और फिर कहा कि अब दुबारा इसमें डाल दो, और चाहे जो कुछ भी हो, अपना लण्ड अन्दर ही रहने देना।

मैंने सोचा कि यार क्या होगा, फिर मैंने अपना लण्ड घुसेड़ दिया और तकरीबन 6-7 मिनटों के बाद मुझे और आंटी को बड़ा जोश आने लगा। हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से सिसकने लगे… आहहहह ओययययय आआ आआह हहह।

मैंने फिर आंटी से कहा कि आंटी लगता है मेरे लण्ड से कुछ निकलने वाला है।
‘मेरी भी चूत से निकलने वाला है, लेकिन तुम अन्दर ही रखना और अन्दर ही डाल देना जो भी निकलेगा।’
मैंने कहा- ठीक है।’

आंटी फिर शायद झड़ने वाली थी क्योंकि उसने मुझे बहुत कसकर पकड़ रखा था और आंटी कहने लगी मेरी जान… मैं मर गई… मैं झड़ने वाली हूँ। फिर वह झड़ गई।

दो मिनट बाद मेरा भी काम हो गया। आंटी पहले भी 1 बार बीच में झड़ चुकी थी, फिर हम दोनों थोड़ी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे और फिर आंटी ने कहा- लो ये कपड़ा और इसे साफ कर लो।’ आंटी ने भी अपनी चूत साफ कर ली और फिर पूछा- कुछ सीखा?’

‘हाँ आंटी, मैं सीख गया।’

‘मेरी जान अब मैं तुम्हारी हो चुकी हूँ। अगर तुम्हें मेरी क्लास अच्छी लगी हो तो तुम रोज़ आ सकते हो।’

‘ठीक है आंटी जी मैं रोज़ सीखने आया करूँगा।’ मैंने उत्तर दिया।
आंटी ने मुझे एक लम्बी पप्पी दी और कहा कि अब तुम जाओ मेरी जान।
फिर मैंने कपड़े पहने और अपने घर वापस आ गया।

उसके बाद मैं आंटी को चोदने रोज उसके घर जाने लगा।
1 महीने तक हमने खूब मस्ती की। और अब भी जब मौका हाथ लगता है हम दोनों सेक्स करते हैं, खूब मज़े लेते हैं… अब मैं एक दूसरी औरत पर लाईन मार रहा हूँ जिसकी शादी अभी-अभी हुई है। अगर हमारी बात वहाँ तक पहुँचती है तो मैं आपको ज़रूर लिखूँगा… बाययय

प्लीज़ आप मुझे बतायें कि आपको मेरी ये सच्ची कहानी कैसी लगी।
मुझे मेल करें! मैं आपके मेल का इन्तज़ार करूँगा! Antarvasna

Antarvasna

समस्त Antarvasna चूतों को समस्त लंडों की तरफ से सलामी! मेरा नाम अंकुर है दोस्तो!
और मेरा लंड भी कोई ज्यादा बड़ा नहीं है जैसा कि सब लिखते हैं यहाँ पर, मेरा लंड का आकार सामान्य है और आप जानते हैं कि सील जब टूटती है तो कितना दर्द होता है और मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है इसलिए शायद लड़कियाँ मुझे ज्यादा पसंद करती हैं अपनी सील तुड़वाने के लिए।

मुझे सील तोड़ने का बहुत ज्यादा अनुभव भी है और शौक भी। मैं पुरानी चूतें तब ही मारता हूँ जब नई नहीं मिलती।

मैं वैसे तो अब तक उन्नीस सीलें तोड़ चुका हूँ पर अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए कहानी पर आता हूँ।

सबसे पहले तो बता दूँ कि यह एक सत्य कथा है क्योंकि मुझे झूठ बोलने से भी और बोलने वालों से भी सख्त नफरत है। यह बात अभी पिछले महीने की है, हमने दिल्ली में एक नया घर खरीदा था।

एक लड़की जिसका नाम हेमा है, हमारे घर के सामने अपने परिवार के साथ रहती है। उम्र कोई होगी 18 के करीब, छोटी छोटी चूचियाँ, पतली कमर, गुलाबी होंठ और चूतड़ तो समझो कयामत।

अभी हमें नए घर में आये हुए चार दिन ही हुए थे। मैने देखा कि वो मेरी तरफ देख रही थी।
मैंने उस दिन उसको पहली बार देखा। बस मेरा तो समझो लंड पूरा अकड़ गया। मन किया कि साली को अभी पटक कर चोद दूँ पर मैं चाहता था कि पहल वही करे तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

मैं बाईस साल का स्मार्ट लड़का हूँ, अच्छी अच्छी लड़कियाँ मरती हैं मेरे ऊपर!

बस उस दिन तो मैं जैसे तैसे ऑफिस चला गया तो वो बाद में मेरे घर आई, मेरी मम्मी से मिली और पूछा कि कहाँ से आये हो? क्या करते हो? और मेरे बारे में भी पूछा।

आपको बता दूँ कि मेरा खुद का व्यापार है क्रॉकरी एक्सपोर्ट का। मैं सुबह 10 बजे ऑफिस जाता हूँ और रात को 8 बजे आता हूँ। शनिवार और रविवार मेरी छुट्टी होती है।

अगले दिन शनिवार था तो वो स्कूल नहीं गई। शायद उसे मम्मी ने बता दिया था कि मैं शनिवार को घर पर ही रहता हूँ।

जब मैं 7 बजे सोकर उठा तो बालकोनी की तरफ आया। देखा कि वो खड़ी थी, मेरी तरफ देखते ही उसने गरदन हिलाकर मुझे नमस्ते किया और मेरी तरफ एक मिनट में आने इशारा करके चली गई।

मैं देखता रहा।
अचानक देखा तो वो मेरे घर पर ही मेरे पीछे खड़ी थी।

अच्छा हुआ कि उस समय मम्मी वहाँ नहीं थी मंदिर चली गई थी।
मैंने उससे पूछा- जी हाँ! बताईये!
तो वो कहने लगी- आप मेरी तरफ देख रहे थे न! तो मैंने सोचा कि जाकर ही मिल लूँ।

मैंने कहा- प्लीज़, आप यहाँ से चली जाओ! कहीं किसी ने देख लिया तो परेशानी हो जाएगी।
वो बोली- ओ के बाबा! चली जाउंगी, तुम क्यों इतना डर रहे हो?

फिर बोली- अच्छा तुम्हारा नाम अंकुर है ना? और तुम बिजनेस करते हो! और तुम्हारी शादी भी नहीं हुई है! अभी तक क्या तुम्हारा शादी करने का मन नहीं करता?
तो मैंने गुस्से से कहा- तुम्हें इससे क्या मतलब?

क्योंकि मुझे डर लग रहा था, अभी चार दिन हुए थे मोहल्ले में आये हुए।
वो बोली- प्लीज़, मेरा एक काम करोगे?

उसकी आँखों में मासूमियत झलक रही थी तो मैं भी पिघल गया और बोला- बोलो, क्या काम है?
तो वो बोली- मैंने सुना है कि आपकी इंग्लिश बहुत अच्छी है लेकिन मेरी बहुत कमजोर है। अगर आप मुझे थोड़ा बहुत पढ़ा दिया करें तो आपका एहसान मैं जिन्दगी भर नहीं भूलूंगी।
मैंने कहा- इसमें एहसान की क्या बात है, अगर तुम्हारे घर वालों को कोई परेशानी नहीं है तो मुझे भी कोई परेशानी नहीं होगी। तुम रोज रात को आठ बजे आ सकती हो।

उसने मुझे धन्यवाद कहा तो मैंने सोचा कि मौका है गुरु! चौका मार दो और बोल दिया- दोस्ती में नो सॉरी! नो थैंक्स!
वो मुस्कुराई और जाने लगी.

तभी मेरी मम्मी भी मंदिर से आ गई और उससे पूछ ही लिया- हाँ बेटी! कैसे आई थी?
मम्मी को शक तो हो रहा था, बस मैं तुरंत अपने कमरे में चला गया।

पर उसने खुद ही मम्मी को बोल दिया कि मैं आज से शाम को 8 बजे से उसे पढ़ाने वाला हूँ क्योंकि उसकी परीक्षा करीब आ रही हैं, और उसे कोई इंग्लिश का अच्छा टीचर नहीं मिल रहा है।

मैंने भी चुपके से सुन लिया।
मैं भी मन ही मन खुश होने लगा।

उस दिन ऑफिस में भी काम में मन नहीं लगा।
अब इतनी सुन्दर लड़की और वो भी नई, तो भला किसका मन करेगा काम करने का!
और मैं ऑफिस से सात बजे ही आ गया।

मम्मी ने खाने को पूछा तो मैंने बोला- अभी नहीं! थोड़ा बाद में खाऊंगा।
बस 8 बजे और वो गई अपनी किताबें लेकर!

तो मैंने उसे बोला कि पढ़ाई हमेशा एकांत में ही होती है और अपने कमरे में आने को कहा।
बस वो मेरे पीछे पीछे आ गई। अब वो और मैं मेरे बिस्तर पर बैठ गये।

उसने अपनी किताब खोली और पूछने लगी यह क्या होता है, वो क्या होता है।
मेरा कहाँ मन कर रहा था पढ़ाने का! मैं तो बस उसकी तरफ देखता ही जा रहा था।

उसने पूछा- क्या देख रहे हो?
तो मैंने कहा- तुम्हारा चेहरा पढ़ रहा हूँ क्योंकि मैं एक साइकोलोजिस्ट हूँ और मुझे लगता है कि तुम्हें कोई ना कोई परेशानी जरूर है।

तब वो उत्साहित हो गई और बोली- आपको कैसे पता? और बताओ ना कुछ!

तो मैंने भी सोचा कि मौका अच्छा है और बोला- लगता है तुम्हें किसी की कमी खलती है अपनी जिन्दगी में!

वो बोली- हाँ! और तुम्हें शायद कोई अच्छा दोस्त नहीं मिला जिससे तुम अपने दिल की बातें कर सको!

तो उसने हाँ में सर हिलाया और उदास सी ही गई और बोली- कुछ और भी बताओ ना!

तो मैंने कहा- लाओ तुम्हारे गालों की लकीरें देखता हूँ क्या कहती हैं! और उसके गालों को छू-छू कर देखने लगा।
मेरा लंड तो समझो बाहर आने को बेताब था पैंट से!
वो देख रही थी और बोली- बताओ ना क्या लिखा है मेरे गालों पर?

तो मैंने बोल दिया कि तुम्हारी जिन्दगी में कोई बहुत जल्दी आने वाला है और तुम भी उसे चाहती हो और अगर तुमने उसे बोलने में थोड़ी भी देर की तो तुम जिन्दगी भर ऐसे ही पछताते रहोगी।

तब वो बोली- अगर उसने मना किया तो?
मैंने कहा- ऐसा हो ही नहीं सकता।
तब अचानक वो मुझसे लिपट गई और बोली- आई लव यू अंकुर!
बस मैंने भी बोला- आई लव यू टू जान!

और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये।
पांच मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लिपटे रहे कि अचानक उसकी मम्मी ने नीचे से आवाज लगाई- पढ़ाई ख़त्म हो गई हो तो आ जाओ बेटा! बाकी कल पढ़ लेना।

अगले दिन इतवार था तो मैंने उसे कहा- कल मैं कहीं बाहर जा सकता हूँ इसलिए तुम्हें सुबह आठ बजे ही पढ़ा दूंगा।

रात भर नींद नहीं आई और बस सोचता रहा कि कब सुबह हो और चोद डालूं उसे!

वो रात भी इतनी लम्बी हो गई कि बस आप तो जानते ही होंगे दोस्तो कि इंतजार कितना मुश्किल होता है।

खैर सुबह हुई, आठ बजे और वो आ गई। और तभी मम्मी भी मंदिर चली गई।

वो और मैं सीधे कमरे में गये, दरवाज़ा बंद कर लिया और जाते ही उसके जलते हुए होठों पर अपने होंठ रख दिये। वो भी मेरा साथ देने लगी। ना जाने कब ही कब में मैंने उसकी चूचियों को आजाद कर दिया और उन्हें जोर जोर से मसलने लगा।

उसने मेरा हल्का सा विरोध किया पर उसके बाद वो भी गर्म हो गई।

मेरा लंड अन्दर ही पैंट फाड़ने लगा और उसने अपने हाथों से मसलना शुरू कर दिया।

करीब 10 मिनट की चुम्मा-चाटी के बाद वो पूरी गर्म हो गई और मेरे कपड़े उतारने लगी।

मैंने भी देर ना करते हुए उसके कपड़े उतार दिए। उसने केवल पैन्टी ही पहनी थी।

उसका नंगा बदन देखकर मैं दंग रह गया। उसकी चूचियाँ इस तरह मेरे सामने थीं कि मानो मुझे अपनी वासना बुझाने के लिए आमन्त्रित कर रही हों।

थोड़े ही समय में दोनों पूरे नंगे हो गए। वह घुटने के बल बैठ गई और मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसके मम्मे दबा रहा था।

फिर मैंने उसे लिटा दिया और उसकी संगमरमरी चूत अपनी उंगलियों से चोदने लगा।

उसकी चूत एकदम कसी थी अनचुदी कली थी।

वह सिसकारियाँ भर रही थी और इतने में वह झड़ चुकी थी। मैंने उसके अमृत-रस को साफ़ कर दिया।

तब मैंने अपने लंड को उसकी चूत के छेद से सटाया और सांस रोक कर जोर लगाने लगा। पर उसकी चूत बहुत कसी लग रही थी तो मैंने कर थोड़ा जोर से धक्का लगाया तो उसकी चीख निकल गई। मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया ताकि पड़ोसी न सुन सकें।

लंड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुस चुका था। अब मैंने लंड को थोड़ा सा पीछे करके एक और जोर से धक्का दिया तो लण्ड चूत की दीवारों को चीरता हुआ आधा घुस गया।

अब वह सर को इधर उधर मार रही थी पर लंड अपना काम कर चुका था।

मैंने अपनी सांस रोकी और लंड को वापिस थोड़ा सा पीछे करके जोर से धक्का दिया तो लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया।

उसकी आँखों से आंसू निकल गए और ऐसे लग रहा था कि जैसे वह बेहोश हो गई हो!

थोड़ी देर में उसका दर्द कुछ कम हुआ।
अब वह धक्के पर आः ऊह्ह्ह श् औरऽऽर्र आआह्ह्ह कर रही थी, उसके हाथ मेरी पीठ पर थे और वह अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा रही थी।
उसने अपनी टांगों को मेरी टांगों से ऐसे लिपटा लिया था जैसे सांप पेड़ से लिपट जाता है।

मुझे बहुत आनंद आ रहा था।
उसके ऐसा करने से लंड उसकी चूत की पूरी गहराई नाप रहा था.
और हर शॉट के साथ वह पूरा आनंद ले रही थी, बोल रही थी- अंकुर, प्लीज़ कम ओन ऽऽ न! फक मी हार्ड!

उसकी साँसें तेज हो गई थी और पूरे कमरे में आ आ… आ… उ… की आवाजें गूंजने लगी और फिर आःह्हछ उफ्फ्फ श्ह्ह्ह की आवाजें करते करते वो फिर से झड़ गई।

अब उसकी चूत और चिकनी हो गई थी और मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी, कभी तेज शॉट और छोटे शॉट तो कभी तेज शॉट और लॉन्ग शॉट लगाता।

जब छोटे शॉट लगाता तो उसको लगता कि उसकी जान निकल रही है, जब लॉन्ग शॉट लगाता तो उसको दर्द होता!

और ऐसे ही दस मिनट की चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और ऐसे ही उसके ऊपर निढाल होकर लेट गया। उसके चेहरे पर संतुष्टि और आनंद झलक रहा था।

हम दोनों पूरी तरह थक चुके थे। उसमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो अपने कपड़े पहन सके। मैंने उसको जल्दी जल्दी जल्दी कपड़े पहनाए क्योंकि डर था कहीं कोई आ ना जाये!

मुझे उसने बाद में बताया कि अब वह बहुत खुश है!

और उसके बाद मैंने उसे चार बार और चोदा और उसने मुझ से अपनी तीन सहेलियों की सील भी तुड़वाई पर वो मैं अगली बार लिखूंगा।
दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है सो प्लीज़ मुझे मेल जरूर करें ताकि मैं अपनी और भी सत्य कथाएँ तुम्हें भेजता रहूँ। Antarvasna

सवाल: मैं एक 26 वर्षीय collagge student हूं। मैं तीन साल से अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव इन रिलेशनशिप में हूं और हम लगातार सेक्स करते रहते हैं। हालांकि हम हमेशा सेफ सेक्स करते हैं। फिर भी मुझे सेक्स संबंधी कुछ आम धारणाओं को लेकर उलझन रहती है। इसलिए कृपया मुझे सेफ सेक्स के बारे में समुचित जानकारी दें।

जवाब: सुरक्षित तरीके से किया जाने वाला सेक्स न सिर्फ आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (sexually transmitted diseases) से बचाता है, बल्कि आप अनवॉन्टेड प्रेग्नेंसी से भी सुरक्षित रहती हैं। मैं आपको सेफ सेक्स के कुछ तरीके बता रही हूं, इन्हें आजमाकर आप हैप्पीली सेक्स को एन्जॉय कर सकती हैं।

सेफ सेक्स (Safe Sex) का मतलब है कि आप सेक्स करते समय गर्भावस्था प्राप्ति और सेक्स संबंधित बीमारियों से सुरक्षित रहें। सेफ सेक्स के माध्यम से, आप खुद को और अपने साथी को नकारात्मक प्रभावों से बचा सकते हैं। यहां कुछ सेफ सेक्स के तरीके और सुझाव दिए गए हैं:

  1. सेफ सेक्स के लिए कंडोम को सबसे बेहतरीन उपाय माना जाता है। इसलिए अपने बॉयफ्रेंड को कंडोम का इस्तेमाल करने को कहें। कंडोम न सिर्फ अनवांटेड प्रेग्नेंसी से बचाता है, बल्कि इंफेक्शन, एचआईवी/एड्स या अन्य सेक्सुअल डिजीज से भी आपका बचाव करता है।

2. सेक्स के दौरान लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें, तो ज़्यादा अच्छा है। लुब्रिकेशन न केवल कंडोम को फटने से बचाता है, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी आसान होता है।

3. प्रजनन नियंत्रण के औषधियां: यदि आप गर्भावस्था से बचना चाहते हैं, तो आप प्रजनन नियंत्रण के औषधियों का उपयोग कर सकते हैं। डॉक्टर से सलाह लें और उनके सुझाव का पालन करें।

4. सेक्सुअल रिलेशनशिप में अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहकर न केवल आप अपनी सेक्सुअल लाइफ अच्छी तरह से एंजॉय कर सकते हैं, बल्कि सेक्सुअल डिजीज के ख़तरों को भी कम कर सकते हैं।

5. पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सेफ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कंसीव करने के चांस कम होते हैं। लेकिन इसके लिए अपने पीरियड्स सायकल को समझते हुए दिनों को कैलकुलेट करके सेक्स करने से ही अनवांटेड प्रेग्नेंसी से सुरक्षित रह सकती हैं।

6. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल का सेवन केवल इमरजेंसी में ही करें, क्योंकि इनका नियमित रूप से इस्तेमाल करना नुक़सानदायक हो सकता है। असुरक्षित सेक्स के 72 घंटों यानी 3 दिनों के अंदर तक इसका इस्तेमाल प्रभावकारी होता है। वैसे आप जितनी जल्दी इसका इस्तेमाल करेंगी, फ़ायदा उतना ही जल्दी होगा।

7. सेफ सेक्स करने के लिए पुरुष एक ऐसा भी तरीका अपनाते हैं, जिसमें मेल पार्टनर ऑर्गेज़्म के समय बाहर ही स्पर्म को डिस्चार्ज कर देता है। लेकिन यह तरीक़ा ज्यादा सुरक्षित नहीं है। इसमें पुरुष को इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है कि वीर्य योनि के अंदर न गिरे, अन्यथा प्रेग्नेंसी हो सकती है।

8. हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल कर सकती हैं, यह 3 महीने में एक बार लगाया जाता है।

9. यदि आप गर्भनिरोधक के रूप में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही हैं, तो इसे कभी भी लेना न भूलें। प्रतिदिन इसे नियत समय पर लें। यदि कभी एक दिन पिल्स लेना भूल जाएं, तो दूसरे दिन दो पिल्स एक साथ ले लें। फिर दोबारा नियमित रूप से पिल्स लेती रहें।

10. ओरल सेक्स से बचें, क्योंकि इससे कई तरह के इंफेक्शन्स होने का ख़तरा रहता है। कई ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जब ओरल सेक्स से व्यक्ति को कैंसर व सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज हुई हैं।

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