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Massage Girl in Nagaon: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Nagaon who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Nagaon that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Nagaon massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Nagaon who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Nagaon massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Nagaon massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Nagaon who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Nagaon employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Nagaon helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Nagaon

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Nagaon at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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प्रेषिका : उषा Sex Stories

कोठे की कुतिया में आपने Sex Stories पढ़ा कि मौसी ने किस तरह से मुझे एक रंडी बना दिया था।

अब पढ़िए कि किस तरह से मौसी ने मेरी चूत और गांड का भोंसङा बना दिया।

मैं और मोनी मौसी के साथ एक पारदर्शी मैक्सी पहन कर ऊपर की तरफ चले गए जहा मोंटी अंकल हमारा इंतजार कर रहे थे। अंकल को देखकर मौसी बोली- डार्लिंग मस्त लोंडिया तुम्हरे लिए बचाकर रखी हुई है, छूते ही मस्तिया जाओगे और तुम्हारा चेला कहाँ है? मोनी को उसके लिए बचाकर रखा है।

अंकल बोले- टीनू आ रहा है, वो जरा दारू का इंतजाम कर रहा है।

मौसी ने पहले ही मुझे काफी बातें सिखा दी थी कि ग्राहक की सेवा कैसे की जाती है। मैं अंकल के पास जाकर बेठ गई और उनके लौड़े को जींस के ऊपर से रगड़ने लगी।

अंकल मेरे चूतड़ मसलते हुए बोले- मौसी, तुम यह झबले क्यों पहना लाती हो ?

मौसी के इशारे पर मैंने अपनी मैक्सी उतार दी।

अंकल मुस्कराए और बोले- समझदार है !

उन्होंने आगे से मेरी उभरी हुई चूत पर हाथ फेर कर कहा- साली की पाव रोटी तो बड़ी चकाचक है ! ज्यादा चुदी भी नहीं लगती है !

मौसी बोली- बिलकुल ताजा माल है ! पीछे से तो पूरी कुंवारी है आगे से भी लंड छुली हुई है बस। आज तुम्हें इसकी चूत का भोंसड़ा बनाना है।

अंकल गरम हो रहे थे उन्होंने जींस में से लौड़ा निकाल कर मेरे हाथ में पकड़ा दिया। थोड़ा सहलाने के बाद मैंने अंकल का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मेरी चूत चुदने को पगला रही थी। मौसी बाहर जाने लगीं और मुझसे बोली- अंकल जैसे कहें वैसा करना ! अगर अंकल खुश नहीं हुए तो तेरी चूत और गांड की भोंसड़ी तो बनाउंगी ही, साथ ही साथ चेहरा भी इतना सुंदर कर दूँगी कि कोई तुझे चोदने के दो रुपए भी नहीं देगा।

मौसी मोनी को लेकर बाहर चली गई और बोली- अंकल, मौज करो ! टीनू को दूसरे कमरे में बैठा दूँगी।

अंकल का लंड बहुत सुंदर था। आट इंच लम्बा लंड किसी भी औरत की चूत चोद चोद कर फाड़ने के लिए काफी था।

मैं अंकल का लंड मुँह में आगे पीछे करते हुए मस्ती से चूस रही थी। सच मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अंकल ने मेरे चूतड़ थपथपाते हुआ कहा- थोड़ा अपनी चूत चुसवा ! बहुत मस्त लग रही है।

उन्होंने मेरी टाँगें खींच कर अपने मुँह की तरफ कर ली अब मैं और अंकल 69 कि अवस्था में एक दूसरे के ऊपर थे, अंकल नीचे से मेरी चूत के होंठ चूस रहे थे और मेरे मुँह में उनका लौड़ा गरम हो रहा था। मेरी बुर पानी छोड़ने लगी थी, हम दोनों एक दूसरे से बुरी तरह चिपके हुए चूत और लंड की चुसाई का मज़ा ले रहे थे।

थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे ऊपर से हटा दिया और सीधे पलंग पर लेटा दिया और अपने तने हुए लंड को हाथ से पकड़ कर मेरी चूत पर फिराने लगे। मैं चुदने के लिए बुरी तरह से पगलाने लगी। मेरे मुँह से ऊह आह आह आह अंकल चोदो मुझे चोदो जैसी आवाजें निकलने लगी।

अंकल ने थोड़ी देर में अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी दोनों चूचियां दबाकर कर एक जोर का झटका दिया। मैं एकदम से बुरी तरह से चिल्ला उठी। अंकल का लंड मेरी चूत में अंदर तक घुस चुका था। मेरी चीख निकल गई- उईऽऽ मर गई ! मर गई ! मर गई, छोड़ो ! बहुत दुःख रही है छोड़ो !

अंकल ने मेरे दूध भोंपू की तरह दबाते हुए मेरी चुदाई शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में मुझे चुदने में मजा आने लगा। अब मैं मस्त होकर चिल्ला रही थी, मेरे मुँह से ऊ ऊहं ऊहं ओह आह आह अहह बड़ा मज़ा आया और चोदो चोदो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है जैसे आवाजें निकलने लगी।

अंकल चोदने में बहुत माहिर थे, कभी धीरे धीरे लंड अंदर-बाहर करते थे और कभी तेज कर देते थे। बराबर वो चूचियां और चुचक भी मसल रहे थे और होठों पर भी काट रहे थे। उनकी चुदाई में एक मज़ा था। मेरे होठों में अपने होंठ डालते हुए अंकल बोले- कुतिया थोड़ी गांड हिला हिला कर लंड अंदर ले ! बहुत मज़ा आयेगा।

मैं अपनी गांड धीरे धीरे हिलाने लगी। अब मेरी चुदने की मस्ती बढ़ गई थी, चुदने का मज़ा दुगना हो गया था। थोड़ा चोदने के बाद अंकल ने मुझे तिरछा कर दिया और मेरी टांग उठाकर पीछे से मेरी चूत में लंड डाल दिया और पीछे से मेरी चूत में धीरे धीरे धक्के मारने लगे।

मैं इस समय चरम सीमा का अनुभव कर रही थी, मेरी चूत बहुत तेज धार से पानी छोड़ रही थी। अंकल ने भी अपना वीर्य छोड़ दिया। मेरी चूत पूरी वीर्य से भर गई थी। मुझे आज चुदाई में एक चरम सीमा का आनंद आया।

बहुत दिनों के बाद मैं चुदी थी, चुदने के बाद मैं मस्तिया कर लेट गई। अंकल उठे और उन्होंने डीवीडी पर एक नग्न मूवी लगा दी और कमरे में रखे फ़्रिज से दारू की बोतल निकाल ली और दारू का ग्लास बना लिया। मूवी में दो हब्शी एक लड़की की गांड और चूत एक साथ मार रहे थे। अंकल अपना लौड़ा सहलाने लगे, थोड़ी देर में अंकल का लंड फिर खड़ा हो गया था। उन्होंने मुझे इशारा किया, मैं उठकर अंकल के पास आ गई। अंकल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया।

उनका लौड़ा पूरा तन गया था। उन्होंने दारू का ग्लास मुझे पकड़ा दिया और मेरी टांगें चौड़ी कर थोड़ा नीचे को फिसलते हुए अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। अब मैं अंकल के लौड़े पर बैठी हुई थी। एक हाथ से अंकल दारू का ग्लास पकड़े हुए थे और एक हाथ से कभी मेरी चूत का दाना सहला देते और कभी चुचक दबा देते। ब्लू फिल्म मैं भी बड़े प्यार से देख रही थी अंकल ने मेरी चूत में अपना लौड़ा फिट कर रखा था। बीच बीच में वो एक दो धक्के मुझे उचका के मार देते थे। मेरा बदन एक बार फिर गरम होने लगा था।

हम दोनों सोफा कुर्सी पर बैठे थे जिसके हत्थे नहीं थे। अंकल ने मेरी चुचकों पर चुटकी काटी और मेरे स्तन दबाते बोले- जरा साइड में देख !

साइड में एक बड़ा शीशा लगा हुआ था, मैं नंगी शीशे में देखकर शरमा गई। अंकल ने मुझे बैठे हुए ही कुर्सी मोड़ दी अब मैं शीशॆ के सामने थी और नंगी उनके लंड पर बैठी हुई अपने को देख रही थी। मैं पूरी रंडी बनी हुई थी अंकल ने अपनी टाँगें चौड़ी कर दी।मेरी चूत और उसमें घुसा हुआ लंड अब साफ़ दिख रहा था। अंकल मुझे कमर से पकड़ कर धीरे धीरे उछालने लगे और बोले- थोड़ा लौड़े पर कूद ले ! मौसी की रंडियां इतनी शर्माती तो नहीं हैं ! मस्ती से चुदवा, नहीं तो मौसी से शिकायत करनी पड़ेगी।

मौसी का नाम सुनकर मैं डर गई और उनके लौड़े पर उछल-उछल कर खुद चुदने लगी। आज तक मैं अपने पति से कभी रौशनी में नहीं चुदी थी। अब यहाँ चूत चौड़ी कर खुद चुद रही थी और अपनी चुदाई शीशे में देख रही थी। अंकल भी अब अपना लौड़ा गांड हिला हिला कर तेजी से पेल रहे थे, लेकिन मुझे चुदाई में जन्नत का मज़ा आ रहा था। मैं चुदाई की मस्ती में नहा रही थी। अंकल ने कुछ देर बाद मुझे सोफे के नीचे बैठा दिया और अपना मोटा लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया और अपना सारा लंड रस मेरे मुँह में उतार दिया। मेरा मुँह अंकल के लंड रस से भर गया जिसे मुझे अपने अंदर लेना पड़ा इसके बाद अंकल ने मुझे छोड़ दिया। मैं पेशाब करने बाथरूम में चली गई बाथरूम में दरवाज़ा नहीं था केवल पर्दा पड़ा था।

रात के तीन बज़ रहे थे, अंकल ने दूसरी ब्लू फ़िल्म लगा ली और मुझे बगल में बैठा लिया। उन्होंने मेरे गले में हाथ डाल लिया और थोड़ी देर बाद बोले- जा जरा मेरी पैंट की जेब में एक थैली पड़ी होगी, उसे लेकर आ।

मैं थैली लेकर आ गई। उसमें एक गोली का पत्ता था और एक ट्यूब रखी थी। अंकल ने एक गोली निकाल कर खा ली और ट्यूब साइड में रख ली। ब्लू देखते हुए अंकल मेरी चूचियां दबा रहे थे और चूचक नोच रहे थे। मैं अब थक रही थी और मेरी चूत की प्यास शांत हो चुकी थी।

थोड़ा इतरा कर मैं बोली- डार्लिंग, नींद आ रही है, सोने जाने दो न !

अंकल बोले- बस अभी से? अभी तो तुम्हरी गांड भी नहीं मारी है। अच्छा एक काम करो इस ट्यूब से क्रीम निकाल कर मेरे लौड़े पर मलो, मरती क्या नहीं करती ! मैं झुककर अंकल के लौड़े पर क्रीम मलने लगी। अंकल ने क्रीम से सनी दो ऊँगली एक साथ मेरी गांड में अंदर तक घुसा दी। मैं अनमने मन से उई उई करते हुए अपनी गांड में ऊँगली घुसवा रही थी और अंकल के लौड़े और सुपाड़े पर क्रीम की मालिश कर रही थी। थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे लौड़ा चूसने के लिए बोल दिया। अब अंकल का क्रीम लगा चिकना लौड़ा मैं मुँह में चूसने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था कि सेक्स मस्ती की जगह मैं जैसे कोई सेक्स की मजदूरी कर रही हूँ।

अंकल अब ऊँगली की जगह अपने पैन को मेरी गांड में आगे पीछे कर रहे थे। मुझे लग रहा था कि अब मेरी गांड फाड़ी जाएगी। थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे फिर बगल मैं बैठा लिया। अंकल का लंड तनतना रहा था। लेकिन अब मेरा चुदने का मन नहीं हो रहा था। थोड़ी देर बाद मुझे पेशाब आने लगी। मैं उठी और मुस्करा के बोली- अंकल पेशाब कर के आती हूँ !

अंकल कुटिलता से मुस्कराए और बोले- ठीक है !

मैं उठी और बाथरूम में चली गई।

जब मैं पेशाब कर के उठी तो देखा अंकल पीछे खड़े थे और उनका लंड उछाल मार रहा था। अंकल ने पीछे से कमर से मुझे पकड़ लिया और बोले पीछे का माल तो तेरा बड़ा मस्त है, चल झुक जरा तेरी गांड तो चोद दूँ ! क्या मस्त दिख रही है !

अंकल की पकड़ बड़ी मजबूत थी, मुझे कुतिया की तरह झुकना पड़ा। मैंने अपने हाथ इंग्लिश टोइलेट सीट पर लगा दिए। उन्होंने अपनी दो उंगलियाँ मेरी गांड में डाल दी और कस कस के गोल गोल गांड के अंदर घुमा दी। मैं ऊई ऊई कर के कराह उठी। अंकल ने ढेर सारा थूक मेरी गांड पे डाल कर अपना सुपारा मेरी गांड के मुँह पर रख दिया और एक तेज झटका मारकर सुपारा मेरी गांड में घुसा दिया। मेरी चीख निकल गई और मैं चिल्ला उठी- उई उई मर गई मर गई !

लेकिन रंडी तो बजने के लिए ही बनी है, अंकल अब अपना लंड मेरी गांड में घुसा रहे थे, चिकना लंड मेरी गांड में अंदर तक घुसता जा रहा था। मेरी आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा था। अंकल ने अपना पूरा लंड मेरी गांड में ठूस दिया था मुझे ऐसा लगा कि मैं बेहोश हो जाउंगी। मैं चीख कम और रो ज्यादा रही थी। मेरे दोनों चूतड़ फाड़ दिए गए थे। अगले दो मिनट बाद ही में बहुत तेजी से चिल्ला उठी। अंकल ने पूरा लंड बाहर खींच कर फिर दुबारा एक झटके में अंदर डाल दिया था। मेरी चीख बहुत तेज थी। पूरी नीचे गली तक गई होगी क्योंकि रात के तीन बज़ रहे थे और एक शांति सी थी। लेकिन यहाँ तो रोज लड़कियां बजती थीं इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि कोई मुझे बचायेगा अब कोठे की कुतिया के दोनों छेद फट गए थे, अंकल ने मेरी गांड बजाना शुरू कर दी थी। वाकई चुदाई तो मेरी अब हो रही थी, अभी तक तो मैं चूत लौड़े की मस्ती ले रही थी जो शरीफ औरतें रोज़ अपने पति से लेती हैं। चुदाई क्या होती है यह तो बस रंडी ही जानती है।

वाकई मौसी ने मुझे कुतिया बनाकर कोठे पर चुदवा दिया था। मेरे मुँह से बार बार उई मर गई फट गई बचाओ छोड़ो मुझे छोड़ो ऊ मर गई ऊ ओई ऊ ओई ऊ ओई फट गई की आवाजें निकल रही थीं अंकल ने दस मिनट तक मेरी गांड बुरी तरह से ऐसे चोदी जैसे कि सड़क की कुतिया की कुत्ते चोदते हैं। उसके बाद उन्होंने अपना वीर्य मेरी गांड में छोड़ दिया। मैं बाथरूम में ही लेट गई थी। अंकल ने मुझे उठाकर पलंग पर डाल दिया।

अब मेरी गांड और चूत दोनों फट गई थीं। अंकल मेरी बगल में लेट गए थे।

आधे घंटे बाद मौसी एक आदमी और एक रंडी जिसका नाम शोभा था, के साथ अंदर आई और बोली- अंकल, क्या हुआ ? ठंडे पड़ गए?

अंकल मुस्कराए और बोले- तीन राउंड निपटा चुका हूँ, तेरी कुतिया ठंडी पड़ी है।

अंकल उठकर पलंग के पास सोफा कुर्सी पर बैठ गए। मौसी ने मेरी चूत पे हाथ फिराया और बोली- तेरी मुनिया तो बड़ी चकाचक हो रही है। बड़े आराम से लेटी हुई है, लगता है जैसे कि हनीमून के मज़े ले रही हो ! चल उठ और धंधा कर साली ! जब तक तेरी मुनिया बुरी तरह से सुजेगी नहीं, तब तक चुद ! उसके बाद तुझे खुद ही नींद आ जाऐगी। चल उठ और ग्राहक के लिए ग्लास बना। मैं खड़ी हो गई। जानी पलंग पर बैठ गया।

शेष दूसरे भाग में ! Sex Stories

Hindi Sex Stories

मेरा नाम सोनू है, मेरी शादी Hindi Sex Stories हुए २ साल हो गए हैं, शादी भी २१ साल में हुई थी. लेकिन मेरी शादी में कभी भी शारिरिख सुख का आनन्द नहीं रहा है। शादी के बाद से ही मेरे पति पता नहीं क्यों मुझसे दूर-२ रहा करते थे। पूछने पर कहते कि काम बहुत ज्यादा होता है। इसी कारण हमारा झगड़ा होता रहता। एक तो नई नई शादी, उस पर सावन का महीना ! हमेशा जिस्म में आग भड़की हुई रहती !

मैं आप सबको बता दूँ कि मेरा परिवार बहुत बड़ा है, मेरे दो जेठ-जेठानी हैं और एक कुवांरा, जवान, आकर्षक शरीर का मालिक मेरा देवर जो मुझसे उमर में बड़ा है। दिखने में मैं भी कुछ कम नहीं हूँ, कोई भी देखे तो बस देखता रह जाए ! मैं ३४ २८ ३६, उसपर चमकता गोरा रंग, काले लंबे बाल लेकिन कोई काम की नहीं थी मेरी जवानी जब तक …

एक दिन की बात है, घर पर कोई नहीं था, देवर कॉलेज गए थे, जेठ और मेरे पति काम पर और मेरी जेठानियाँ शौपिंग पर !

मेरे जिस्म में हमेशा की तरह आग लगी हुई थी जिसको मिटाने के लिए अपने कमरे में आकर मैंने साड़ी उतार के फेंक दी और ब्लाऊज़ के आधे बटन खोलकर अपनी चुचियों को जोर-२ से मसलने लगी और दूसरे हाथ से अपनी चिकनी चूत रगड़ने लगी। जिससे मेरे मुँह से ह्म्म्म्म आ आआ आआआह्ह्ह की जोर-२ से आवाज़ निकलने लगी। मैं अपने में ही मस्त थी, मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरे देवर घर आ गये और मेरी आवाज़ सुनकर मेरे खुले दरवाजे से मुझे देखने लगे। जल्दी से उन्होंने अपने सारे कपड़े उतारे और धीरे से एक दम मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगे। मैं कुछ समझ पाती, तब तक अपने होठों को मेरे होटों पर रखकर चूमने लगे और फ़िर एक जोर के झटके के साथ मेरा ब्लाऊज़ और मेरी ब्रा फाड़ दी और मुझे चूमते हुए मेरी नंगी चूचियों को दबाने लगे।

उनकी इतनी हिम्मत देखकर मैं घबरा गई और बोली- यह क्या कर रहे हो?

तो वो बोले- मेरी जान तेरी जिस्म की आग बुझा रहा हूँ, तू बहुत प्यासी है ! और फ़िर मेरी नंगी चूचियों को जोर-२ से मसलने लगे और सब जगह अपने चुम्बन जड़ दिए। मेरी तो और आग भड़क चुकी थी लेकिन रिश्ते का ख्याल करते हुए मैं मना करने लगी। उतने में उन्होंने एक हाथ मेरी चूत पर रख दिया, मेरी चूत एक नदी की तरह बहने लगी थी, मैं काबू से बाहर होने लगी थी, मैं मना कर रही थी लेकिन उसमे भी मेरी हाँ थी जो उन्हें समझ आ गई।

फ़िर बस वो मेरी चूत को अपनी जबान से चाटने लगे, चूसने लगे, मुझे तो जैसे जन्नत मिल गई थी ! मेरे मुँह से जोर-२ की आवाजें आने लगी, मैं पूरी तरह गरम हो चुकी थी. सब भूल कर मैं भी लुटने के लिए तैयार हो गई और अपने देवर का साथ देने लगी। फ़िर हम ६९ की पोसिशन में आ गये। मैं उनका ६ १/२ इंच का लण्ड अपने मुँह में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी तो कभी जोर-२ से पूरा लण्ड मुँह में लेकर अंदर बाहर करने लगी और वो भी मुझे चाटता रहा जिससे मैं एक बार झड़ गई और वो मेरा सारा रस पी गया।

मुझसे रहा नहीं जाता ! चोद दे ! कमीने मुझे जोर जोर से चोद ! जल्दी कर साले !

मेरे मुँह से यह सुनकर मेरे देवर और जोश में आ गये और मुझे रंडी ! साली ले अब ! यह कहते हुए अपने लण्ड को मेरी चूत पर रख दिया और एक बहुत जोर का धक्का मारा जिससे एक बार में ही पूरा लण्ड मेरे अंदर चला गया, साढ़े छः इंच लम्बा और साढ़े तीन इंच का मोटा लण्ड मेरी झिल्ली को चीरता हुआ अंदर चला गया और मेरी चीख से कमरा भर गया, मेरी सांस अटक गई और खून की पतली धार मुझे महसूस हुई। मेरे दर्द को समझते हुऐ मेरे देवर थोड़ा रुक गए और जैसे मुझे थोड़ा आराम आया कि फ़िर धीरे -२ अंदर बाहर करने लगे।

मुझे भी मजा आने लगा, मैं तो जैसे जन्नत मैं थी ! फ़िर मैं भी उछल -२ कर मजे लेने लगी, करीब ५ मिनट बाद मैं झड़ गई और मेरे देवर भी !फ़िर भी सिलसिला चलता रहा और कमरा फुच फ्हाक की आवाज़ से गूंजने लगा, इसके बाद मैंने और तीन बार चुदवाया. और फ़िर …

पर बात यहाँ ख़त्म नहीं होती, आगे की कहानी अगली बार !

आप बताईयेगा कि आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी ! इन्तजार में ! Hindi Sex Stories

Sex Stories

करीब एक हफ़्ते के बाद भाभी लौट कर घर आई तो हमारे Sex Stories घर मिलने चली आई, एकान्त पाते ही मैने पूछा कि कहाँ गई थी? तो उसने कहा दोपहर में घर आना वहीं पर बातें होंगी, मैं तो तुम्हें ही बताने आई थी कि मैं लौट आई हूं। दोपहर में मैं स्कूल से ही उनके घर चला गया, बेल बजाने पर भाभी ने दरवाजा खोला, मैने देखा भाभी बहुत प्रसन्न दिख रही है मैने पूछा तो उसने कहा अन्दर तो आओ मैं अन्दर सीधे बेडरूम में चला गया बेड पर छोटू सो रहा था इसलिए मैं सोफ़े पर बैठ गया।थोड़ी देर में भाभी दो कप कोफ़ी लेकर आई और मेरे से सट कर बैठ गई उसने गुलाबी रंग की सलवार कमीज पहने थी काले रंग की ब्रा ऊपर से दिख रही थी। भाभी अक्सर काली ब्रा और काली पैंटी पहनना पसन्द करती है। मैने पूछा कहा गई थी? तो उसने कहा मैं इलाहाबाद अपनी बहन के घर गई थी वो मुझसे केवल दो साल छोटी है और वो मुझसे पूरी तरह खुली हुई है मैने उसे तुम्हारे बारे में बताया तो वो कह रही थी मैं भी मिलना चाहती हूं।कोफ़ी खत्म होने के बाद मैने भाभी को अपनी तरफ़ खींचा भाभी मेरी गोद मे गिर गई मैने उसकी चूचियों को ऊपर से ही दबाने लगा तो मुझे महसूस हुअ कि साइज़ में कुछ अन्तर आ गया है, मैने पूछा तो वो हसने लगी और कहा लगता है दवा का असर हो रहा है, मैने तबतक सलवार खोल दी थी भाभी जब खड़ी हुई तो सलवार नीचे सरक गई, उसने कहा लो मैं पूरा काम किए देती हूं यह कह कर उसने अपनी कमीज भी निकाल दी फ़िर से मेरे सामने उसका भरा हुआ शरीर सामने था। मेरे लंड में तनाव भरता जा रहा था, मैने भाभी को नीचे कालीन पर लिटा कर अपने होंठों को उनके होंठों से जकड़ दिया, भाभी ने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी।ऊऊह कितना मीठा स्वाद लग रहा था, मैने अपना शरीर ढीला छोड़ दिया मैं अपने हाथों से उसके चेहरे को पकड़ रखा था उसकी लार मेरे अन्दर बह रही थी कुच देर के बाद मैने अपनी जीभ उसके अन्दर डाल दी और उसे पूरा अन्दर डाल कर चारों ओर घुमाता रहा काफ़ी देर तक हम एसा करते रहे फ़िर उसने कहा चलो ६९ करते हैं, मैने पूछा ये क्या होता है तो उसने कहा पहले अपने कपड़े उतारो तो बताती हूं। मैने अपनी पैंट और शर्ट निकाल दी और बेड के किनारे बैठ कर भाभी को कपड़े उतारते देखने लगा अब उसने अपनी ब्रा को उतार दिया और मेरे पास आ कहा चलो मैं तुम्हारी सफ़ाई कर दूं यह कह कर उन्होंने वही बोतल निकाली और उसे मेरे लंड के चारों ओर लगा दिया तो मैने कहा लाओ मैं भी तुम्हारी पूरी सफ़ाई कर दूं तो उसने कहा ये बहुत अच्छा रहेगा यह कह कर वो बेड पर लेट गई मैने उनकी पैंटी निकाल दी उसकी फ़ूली हुई बुर पर छोटे छोटे काले बाल थे मैने उंगली डाल कर बोतल से ढेर सारी क्रीम निकाल कर उसकी चूत पर लगा दिया और धीरे धीरे मालिश करने लगा मेरा लंड हिलोरे लेने लगा, मैने उसकी चूचियों को दबाना चाहा तो उसने कहा पहले क्रीम को पोंछ लो, तभी मेरी नजर उसके बगल के बालों पर पड़ी मैने कहा इसे भी साफ़ कर दूं तो बोली नहीं ये जब कुछ बड़े हो जायेंगे तो तुम्हें अच्छे लगेंगे इसे रहने दोमैं सोफ़े पर बैठ गया और हम बातें करने लगे तो भाभी ने बताया तुम्हारे भैया तो रात में कपड़े निकाल कर अपना लंड मेरी बुर में डालने की कोशिश में लगे रहते हैं उन्हे ये भी जानने की जरुरत नहीं महसूस होती कि मेरी चूत सूखी होने के कारण कितना दर्द कर रही होती है जब तक मेरी चूत गीली होती है तब तक वो अपना पानी छोड़ चुके होते हैं इस तरह मैं असन्तुष्ट रह जाती हूं। मैने भाभी से पूछा अच्छा बताओ तो जरा लेडीज़ को क्या करना अच्छा लगता है तो भाभी ने कहा ये कोई नियम की बात नहीं है सेक्स तो महसूस करने की बात है केवल महसूस करके भी सेक्स में संतुष्टि मिल सकती है, तुम निश्चिंत रहो मैं तुम्हें सब कुछ बता दूंगी तो तुम शादी के बाद अपनी बीवी को पूरी तरह सन्तुष्ट कर पाओगे, मैने कहा भाभी तुम कितनी प्यारी हो और मेरा कितना ख्याल रखती हो, भाभी ने कहा देखो सेक्स तो एक भूख की तरह है इस तो सन्तुष्ट करना ही पड़ता है, कुछ लोग अपने हाथों से अपने आपको सन्तुष्ट कर लेते हैं तो कुछ लोग बाहर किसी को खोज लेते हैं इसमें तो कोई बुराई नहीं है केवल इस बात का ध्यान रखना है कि आस पास के लोगों में ये बात पता नहीं चले क्योंकि ये सब हमारे समज में अच्छा नहीं माना जाता।बातें करते काफ़ी देर हो गई तो भाभी ने कहा चलो बाथरूम में नहा लें, हम दोनो साथ ही बाथरूम में घुस गये शोवर चला कर हम एक दूसरे से लिपट कर देर तक भीगते रहे। मैं बीच बीच में भाभी के पीठ पर हाथ फ़िरा रहा था हम दोनो ने अच्छी तरह एक दूसरे को साबुन लगा कर नहलाया। भाभी की चूचियों पर साबुन वाला हाथ रगड़ने में बहुत अच्छा लग रहा था उसने भी मेरे लंड की अच्छी तरह से रगड़ाई की, हम दोनो बाहर आ कर टोवल से अपना बदन पोंछ लिए तो भाभी ने कहा चलो एक खेल खेलते हैं, हम दोनो बेड पर लेट गै भाभी ने पोंड्स का पाउडर निकाल कर उसे मेरे बदन पर पोत दिया और एसा ही करने को कहा मैने भी उनके बदन पर पाउडर डालकर पूरे शरीर पर लगा दिया तो भाभी ने कहा चलो मेरे ऊपर लेट जाओ मैं पूरी तरह उनके ऊपर लेट गया अब हम आपस में बदन रगड़ते रहे मेरा लंड भाभी की फ़ूली हुई चूत में घुसने के लिए बेताब हो रहा थाभाभी ने कहा तुम मेरी ऊपर की तरफ़ से धीरे धीरे नीचे की तरफ़ जाओ मैने भी चूत पर पहुंच कर अपनी जीभ को चूत में घुसाना चाहा तो भाभी ने कहा अभी समय नहीं हुआ है, अब मेरा मुंह भाभी के पैर की तरफ़ था और मेरा लंड भाभी के चेहरे को छू रहा था उसने मेरा लंड अपने दोनो हाथों से पकड़ लिया और अपने मुंह में डाल दिया अपने आप मेरा मुंह भाभी की चूत से सट गया अब भाभी की चूत से रस बह रहा था मैने चूत में अपनी पूरी जीभ घुसा कर चूसने लगा भाभी भी मेरे लंड को अपने मुंह से चूस रही थी कि अचानक मेरे लंड का पानी छूट गया भाभी ने उसे पूरा पी लिया अब भाभी जोर जोर से सिसकियां ले रही थी यस और करो और करो और करो यह कहते हुए भाभी ने अपने दोनो पैरों से मेरे सिर को दबा लिया और अब भाभी ने पलटने की कोशिश शुरु कर दी अब मैं भाभी के नीचे था भाभी मेरे मुंह पर धक्के मार रही थी और उसकी चूत से गरम गरम कुछ निकल रहा था जो सीधे मेरे गले में जा रहा था

भाभी, बोले जा रही थी ओह ऊओह ओह ओह ओह अंत में भाभी मेरे ऊपर पसर गई हम एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे भाभी का चिकना बदन बहुत ही कोमल लग रहा था मेरा मन कह रहा था कि काश ये समय खत्म ही न हो। हम दोनो एक दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे, थोड़ी देर बाद हम उठ गये तो भाभी ने कहा अब समझ में आया कि ६९ क्या होता है, मैं भाभी से लिपट गया हम दोनो काफ़ी देर तक लिपटे ही रहे तब भाभी ने मेरे माथे को चूमते हुए कहा जानते हो जब दो लोग सेक्स करते हैं तो उनका आपस में रिश्ता बहुत मजबूत हो जाता है। काफ़ी देर हो गई थी हालांकि मन नहीं हो रहा लेकिन भाभी ने कहा अब घर जाओ नहीं तो तुम्हारी मम्मी खोजेंगी, अधूरी प्यास लिए मैं अपने घर आ गया। आगे की कहानी पार्ट ५ में। Sex Stories

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मेरा नाम मुकेश है, मैं पहली Sex Stories बार अपनी ए़क कहानी आपको बताने जा रहा हूँ. यह कहानी एक सच्ची कहानी है.

मैं जब 18 साल का था तब गयारहवीं कक्षा में पढ़ रहा था. मेरा एक सुशील नाम का दोस्त (बदला हुआ नाम) दोस्त था. हम एक ही कक्षा में पढ़ते थे. मैं हर रोज उसके घर पढ़ाई करने जाता था.
सुशील की माँ बहुत ही सेक्सी थी, उसका फिगर 36/32/36 था. वो चलती तो क्या वाह… वाह क्या कहूं मैं! शब्द ही नहीं हैं.
गोरा रंग और काले बाल! जी करता उसकी जुल्फों में खो जाऊँ! क्या बताऊँ यारो कि कैसी थी वो!
जाने दो…

जब उसे मैं देखता था तब मेरा 6 इंच का लौड़ा खड़ा हो जाता था. रोज वो हमें पढ़ाती थी.

एक दिन मैंने स्कूल को दांडी मार दी क्योंकि मेरा सर बहुत दर्द कर रहा था. लेकिन मैं पढ़ाई करने के लिए आंटी के घर चला गया. आंटी घर में अकेली थी. अंकल काम पर गए थे और सुशील स्कूल में था.

मैं अन्दर घर में आया और अपना होम वर्क करने बैठा. तभी आंटी ने पूछा- आज स्कूल क्यों नहीं गए?
तो मैंने कहा- मेरा सर बहुत दर्द कर रहा था आंटी!
तभी आंटी बोली- चलो! मैं दबा देती हूँ!
मैंने कहा- जाने दो आंटी अब! कुछ नहीं, ठीक हो जाएगा.

आंटी मान ही नहीं रही थी तो उन्होंने टाइगर बाम निकला और मेरे माथे लगाया.
मैंने कहा- बस करो आंटी! अब दर्द नहीं है.
फिर भी आंटी ने बाम लगाया उनका हाथ लगते ही मैं रोमांचित हो उठा, मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. आंटी ने उसे देख लिया और मेरे तरफ देखती हुई हंसती रही.
आंटी ने मुझसे कहा- कल हम गाँव गए थे तो बहुत घूमे तो उसकी वजह से मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा है.
तो मैंने उनसे पूछा- मैं आपका बदन दबा दूँ?
तो आंटी ने कहा- बड़ी मेहरबानी होगी!
तो आंटी ने कहा- यहाँ नहीं, चलो बेडरूम में चलते हैं!
मैं उनके पीछे उनके बेडरूम में चला गया.

तभी आंटी ने कहा- जरा रसोई से तेल तो लाना!

मैं तेल लेने रसोई घर में गया और तेल ले के कमरे में आया तो मैंने देखा कि आंटी केवल पेटोकोट और ब्लाउज में सोफे पर लेटी हुई थी.उन्होंने कहा- शरमाओ मत! अंदर आओ!
मैं अन्दर गया, उन्होंने उनके पास बैठने को बोला, मैं उनके पास बैठा, मुझे शर्म आ रही थी. मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो चुका था. अब मुझसे रहा जा नहीं था.

आंटी ने अपना पेटोकोट घुटने तक ऊपर किया, फिर मैंने धीरे धीरे उनकी जांघ पर तेल लगाना शुरू किया.
मेरा हाथ लगते ही आंटी भी उत्तेजित हो गई, उन्होंने पेटोकोट और ऊपर किया, मेरा हाथ और ऊपर गया. थोडी देर बाद मुझे पता ही नहीं चला कि मेरा हाथ आंटी की पेंटी के पास पहुंच गया.
तभी आंटी ने पूछा- किसी लड़की को अब तक चोदा है क्या?
मैंने कहा- नहीं! अब तक नहीं!
तो उन्होंने मुझे कहा- चलो, आज मैं तुझे चुदाई सिखाती हूँ!
मुझे अब भी शर्म आ रही थी.

फिर उन्होंने अपना ब्लाउज निकाला, मैं उनकी चूचियों की तरफ देखता ही रहा- हाय इतनी बड़ी बड़ी उनकी चूची!

फिर आंटी ने मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा. मैंने अपने कपड़े उतारे. फिर आंटी ने अपनी जांघें फैलाई और मुझे उनकी गाण्ड चाटने को कहा. मैं बड़ी उत्तेजना से उनकी गाण्ड चाटने लगा. आंटी के मुँह से आवाज निकलने लगी- इ…स ..आ आ जरा धीरे!

मुझे बड़ा मजा आ रहा था. फिर आंटी मेरा लंड चूसने लगी. क्या बताऊँ यारों- क्या मजा आ रहा था!
फिर आंटी ने मेरा लौड़ा ले के अपनी गांड में डाला. फिर मैंने जोर से आंटी की चुदाई की.

अब 4 साल हो गए, जब भी आंटी मुझे फोन करके बुलाती हैं तब तब मैं आंटी की चुदाई करने जाता हूँ. सुशील को यह बात अब तक मालूम नहीं है. Sex Stories

नमस्कार प्रिय पाठक Hindi Porn Stories

मैं आपको अपनी एक कहानी Hindi Porn Stories बताता हूँ। मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ। मेरी कहानी १९ मई २००९ को घटी सच्ची कहानी है। मेरे घर के सारे सदस्य गाँव गए थे तो मुझे ही घर का पूरा काम करना पड़ता था। पूरे घर का काम करने में पूरा दिन चला जाता तो मैं अपने दोस्त को रोज़ नहीं मिल पाता। मेरे दोस्तों के समूह में हम ७ दोस्त थे। ३ लड़कियाँ और ४ लडके। उसमें से सिर्फ़ ३ लोग ही मुम्बई में थे। सोनाली (परिवर्तित नाम), राज और मैं।

१७ मई को राज अपने दादी के घर चला गया तो फिर सोनाली और भी बोर होने लगी। क्योंकि सोनाली तो बहुत ही अमीर परिवार से थे और रोज़ हमें घुमाने या पार्टी के लिए ले जाती थी। सोनाली वैसे दिखने में एकदम हॉट, सेक्सी है। कोई भी उसे देखे तो उसका खड़ा होकर अण्डरवीयर में सलाम करता होगा। उसकी फिगर तो शायद ३२-२८-३२ होगी। उसकी एक-एक अदा हर किसी को फ़िदा होने पर मज़बूर करती थी। उसके होंठ तो एकदम लाल टमाटर जैसे थे, उसे देखकर मुझे तो रोज़ किस्स करने की इच्छा होती, पर कभी मौक़ा नहीं मिला था।

१९ तारीख को मेरा नसीब खुल गया और सोनाली ने मुझे कॉल किया और पूछा कि क्या आज तुम खाली हो क्या। मुझे लगा कि आज वह फिर से मुझे कहीं घुमाने ले जाना चाहती है। मैंने कहा – हाँ फ्री हूँ।

तो उसने कहा – मैं तेरे घर आ रही हूँ।

मैंने कहा – ठीक है।

फोन रखने के लगभग २० मिनट बाद वह मेरे घर आ गई। मैं अपने घर में हमेशा की तरह कम्प्यूटर पर गाने सुन रहा था। मैंने उससे पूछा कि चाय या सॉफ्ट-ड्रिंक लोगी, तो उसने कहा कुछ भी चलेगा। मैं उसके पसन्द की ७अप की २ गिलास लेकर बाहर आया तो देखा कि सोनाली मेरे कम्प्यूटर के सामने बैठी है। मैंने उसे १ गिलास दिया और मैं उसके पास वाले बिस्तर पर बैठ गया। उसे सेवन अप की घूँट मारी और कम्प्यूटर में मेरी तस्वीरें देखने लगी।

अचानक उसने मेरी एक हॉट तस्वीर देखी और फिर मुझे घूर कर देखने लगी। मैं उसे देखकर डर गया। उसी समय उसका मोबाईल बजा और उसके हाथ से गिलास उसकी चूचियों पर गिर गई और उसकी टीशर्ट भीग गई। टीशर्ट भीगने के कारण उसकी सफ़ेद टी-शर्ट से उसकी ब्रा साफ-साफ दिखने लगी। मैं तुरन्त उठकर उसके पास चला गया और गिरा हुआ गिलास उठाया और पूछा, कहीं लगी तो नहीं। वो शर्म के मारे मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी। उसे ऐसी हालत में देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उससे कहा कि बाथरूम में जाकर धो लेना, पर वह नहीं मानी। और उसी हालत में वह घर से बाहर भी नहीं जा सकती था। तो वह मान गई और बाथरूम चली गई। १० मिनट वो बाहर नहीं आई, मैं सोचने लगा कि क्या कर रही होगी।

जब वह वापस आई तो मैं उसे बस देखता ही रह गया। वह काले रंग की ब्रा और पैन्टी पहने हुए मेरे सामने थी। थोड़ी देर के लिए मैं बिल्कुल सुन्न हो गया था। फिर मैं होश में आया और सीधे जाकर उसे ज़ोरों से गले लगा लिया और उसके होंठों पर होंठ रखकर चूमने लगा। उसे ख़ुद को सँभालने का मौक़ा भी नहीं मिला।

चूमते-चूमते मैंने अपना एक हाथ उसकी पैन्टी के अन्दर डाल कर उसके गोरे-गोरे और मुलायम चूतड़ों को सहलाने लग गया। फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी। ब्रा उतारते ही उसकी गुलाब़ी घुण्डियों वाली चूचियाँ मेरे सामने थीं। मैंने उन्हें दबोच लिया और एक हाथ से उसकी घुंडी को मसलने लगा, तो उसकी सिसकियाँ निकल पड़ीं। फिर मैंने एक झटके से उसकी पैन्टी को उतार कर उसे बिस्तर पर लिटा दिया, उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए।

उसके गाँड की छेद भी गुलाबी रंग की थी। मैं बीच-बीच में उसमें भी उँगली डाल देता, जिससे वह अचानक चिहुँक पड़ती। थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसे नीचे लिटा दिया, उसकी टाँगों को अपने कंधों पर रखकर मैंने अपना लंड उसके गाँड की छेद पर रखा और हल्का सा धक्का लगाया तो मेरे लंड का सुपाड़ा उसके अन्दर चला गया, जिसके कारण वो चिल्ला पड़ी। मैं रुक गया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा, उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने फिर उसकी जाँघों को पकड़ कर धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर घुसा दिया। वह एकदम से चिल्ला उठी।

मैंने उसके होंठों को चूमना शुरु कर दिया, फिर थोड़ा सामान्य होने पर मैं उसकी गाँड में अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा। अब उसे भी मज़ा आने लगा। मैंने साथ में उसकी चूत में ऊँगली करना भी जारी रखा, जिससे उसे और भी मज़ा आ रहा था। वह सिसकारियाँ लेने लगी और बोली, निशु थोड़ा और तेज़ करो। मैंने चुदाई की गति में और बढ़ावा किया। थोड़ी देर बाद उसकी चूत से पानी आने लगा।, और वह अपनी गाँड को दबोचने लगी। उसने कहा, “निशु… मैं गई… मैं गई…!” कहते हुए फिर वो आहह ह्हहहह… आह्ह्ह हहहह करने लगी।”

पर मैं रुका नहीं। जल्द ही मेरा भी निकलने वाला था, मैंने पूछा – “सोनाली कहाँ छोड़ूँ?”

उसने कहा, “अन्दर ही।”

थोड़ी देर धक्के मारने के बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसकी गाँड में ही छोड़ दिया। यह पहला अवसर था कि मैं किसी की गाँड में स्खलित हुआ था।

फिर मैं उसके ऊपर लेट गया, थोड़ी देर लेटे रहने के बाद हमने एक-दूसरे को साफ़ किया और वापस आकर दुबारा बिस्तर पर लेट गए और बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद मैं फिर से तैयार हो गया। पिर मैंने उसकी चूत की जमकर चुदाई की।

उस दिन मैंने उसकी २ बार चुदाई की।

फिर हम २२ को वाटर किंगडम चले गए और वहाँ भी मज़े लिए। यह मैं अगली कहानी में लिखूँगा।

मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल ज़रूर करें! Hindi Porn Stories

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