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Massage Girl in Kamrup: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kamrup who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kamrup that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kamrup massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kamrup who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kamrup massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kamrup massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kamrup who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kamrup employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kamrup helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kamrup

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kamrup at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

मेरा नाम दीपक है। मैंने Antarvasna अन्तर्वासना की काफी कहानियाँ पढ़ी हैं और वो सब मुझे बहुत पसंद आई और मेरा मन मचल उठा अपनी एक सच्ची कहानी आपको बताने का !

तो दोस्तो, मैं एक २६ वर्षीय लम्बा, भरा-पूरा एथलीट हूँ और मुझे सेक्स करना एक कला लगता है।

अब मैं आपको अपनी आपबीती सुनाता हूँ।

बात एक दिन इतवार की है, उस दिन मैं जल्दी सुबह अपने कसबे (रुरल जयपुर) से जयपुर आया प्रतियोगी-परीक्षा देने के लिए ! मेरा परीक्षा-केन्द्र शास्त्री नगर, जयपुर के एक स्कूल में बना और मुझे अपने कमरे के गेट के पास वाली कुर्सी मिली।

थोड़ी देर में स्कूल की घंटी बजी और एक सुंदर सी मेडम पश्न-पत्र और उत्तर-पुस्तिका लेकर कमरे में आई। वो एकदम सुंदर नैन नक्श वाली और हुस्न की मल्लिका लगती थी। थोड़ी देर में उसने सबको पेपर बांटे और फिर मेरे पास वाली कुर्सी पर बैठ गई और कभी मेरी उत्तर-पुस्तिका और कभी मेरे ऊपर लगातार देखती रही। परन्तु मेरा मन उस समय केवल परीक्षा देने का ही था सो मैंने इस बात पर विशेष ध्यान नहीं दिया।

थोड़ी देर में वो मेडम मेरी चोरी छुपे मदद करने लगी और मुझे प्रश्न हल करवाने लग गई और मैं उसका पूरा पूरा फ़ायदा लेने लगा। मैंने अपना पेपर नियत समय से आधा घंटा पहले ही ख़त्म कर लिया और उसकी तरफ प्यार से देखने लग गया। अब वो भी मुझे प्यार से बातें पूछने लगी कि तुम कहाँ रहते हो और क्या करते हो?

मैंने बताया- मैं फुलेरा में रहता हूँ और शाम को ६ बजे वापस ट्रेन से जाऊंगा।

तो मेडम बोली- ठीक है, परीक्षा के बाद गेट के पास मेरा इंतजार करना !

मैं कुछ नहीं बोला और परीक्षा ख़त्म हुई तो गेट के पास मैं उसका इंतजार करने लगा।

थोड़ी ही देर में मेडम आई और मैं उसके साथ हो लिया। लगभग १० मिनट पैदल चलते चलते हमने इधर उधर की बातें करते करते उसके घर पहुंचे जो कि ऊपर वाली मंजिल में एक अलग थलग घर था। वो मुझे लेकर अन्दर आई और दरवाज़ा बंद कर दिया।

अब वो मुझे ऊपर से नीचे तक निहारती ही रही। तो मैंने मेडम से उनका नाम पूछा, उसने बताया की नीलम है।

थोड़ी देर में वो मेरे लिए पानी लेकर आई और मुझे खाना भी खिलाया। जब मैं खाना खा रहा था तो वो मेरे सामने ही अपने कपड़े बदलने लगी तो मैंने शरमाकर दूसरी तरफ गर्दन कर ली लेकिन वो एक झीनी सी नाईटी पहनकर मेरे सामने बैठ गई और मुझे प्यार से खाना खिलाने लग गई।

दोस्तो, मैं आपको बताऊँ, अब मैं उसकी हर इच्छा में एक सुखमय आनंद ले रहा था। खाना ख़त्म करने के बाद वो अचानक मुझसे लिपट गई और मुझे चूम लिया। मुझसे भी रहा ही नहीं गया और मैंने उसको अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसके खूबसूरत लबों पर अपने लब रख दिए, उसको बेतहाशा चूमने लग गया और नाईटी के ऊपर से ही उसके मम्मों से खेलने लगा। क्या गजब के मम्मे थे !

मैंने उसे उठाकर दूसरे कमरे में बेड पर लिटा दिया और बोला- मेडम, आप बहुत सेक्सी हो !

तो वो मुस्कराने लगी। अब मुझे जल्दी हो रही थी सो मैंने उसकी नाईटी खोलकर पूरा नंगा कर दिया। कसम से क्या चीज़ लग रही थी वो !

मैंने उसकी बुर में अपने हाथ से खुजली करी, वो मचल उठी और मेरे कपड़ों को खोलकर मुझे नंगा कर दिया। अब वो मेरे लंड पर हाथ फिरा रही थी और थोड़ी देर में उसने मेरे लम्बे मोटे से लंड को मुँह में ले लिया। उस समय मैं जैसे स्वप्नलोक में था। मैंने उसे कहा- मैडम और जोर से चूसो !

उसने कहा- मैडम नहीं, मुझे नीलू कहो !

मैने कहा- नीलू मैडम और जोर से !

उसने फिर कहा- सिर्फ नीलू ! ओके ?

मैंने कहा- ओके ! नीलू मेरी जान !

नीलू ने अब मुझे पकड़ कर साइड में लिटा दिया और मेरे ऊपर बैठ गई और मेरे लंड को अपनी बुर में पेलने की तैयारी करने लगी। मैं उसका बराबर साथ दिए जा रहा था।

थोड़ी देर में मैंने उसे अपने नीचे लिटाकर खूब चोदा और ऐसे जमकर चुदाई की कि वो एकदम मस्त हो गई और बोली- मेरी जानू ! मेरी जिन्दगी का सबसे खूबसूरत दिन आज था जो तुम मुझे मिले !

वो और मैं उस दिन लगभग ५ घंटे तक चुदाई-चुदाई खेलते रहे ! एक दूसरे को छेड़ते और खूब मज़े लूटते रहे ! उस दरमयान मैंने उसके खूब स्तन दबाये और जमकर एक दूसरे का रसपान किया, एक बार गांड भी मारी।

अब इतने में शाम हो गई और वो सब तरह से संतुष्ट होकर बोली- मेरे राजा दीपक, तुम मुझे मिलते रहना !

मैंने भी वादा किया और इजाज़त ली और चल पड़ा स्टेशन की ओर !

मैंने घर आकर उससे फोन पर बात की और बताया- मैं ठीक से पहुँच गया हूँ और तुम्हारी याद आ रही है !

तो वो रोने लगी और फ़ोन पर ही मुझे अगली मुलाकात का समय देने लगी !

मैंने तुरंत हाँ कर दी !

दोस्तो, फिर हम महीने में ४-५ बार मिलते और खूब मज़े करते। लेकिन एक दिन वो मुझसे दूर चली गई उसका तबादला हो गया दिल्ली और मैं अकेला पड़ गया।

अब मुझे उसकी बहुत याद आती है और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहूँगा कि मैं उस प्यारी मैडम को कभी नहीं भूल पाया।

दोस्तो, मैंने अपनी इस कहानी में गन्दे शब्द ज्यादा प्रयोग नहीं किये क्योंकि मैं एक अच्छे घराने का सदाचारी नवयुवक हूँ और हमारे संस्कार ऐसे है कि मुझे गाली भी नहीं आती है।

कृपया मेरी कहानी के बारे में और मेरी नीलू मैडम के भविष्य में साथ के बारे में अपने अनमोल विचार और सुझाव मुझे जरूर मेल करें। Antarvasna

Indian Sex Stories

हैलो दोस्तों मेरे संबंध मेरी चाची के साथ Indian Sex Stories हैं जिनका नाम रोहिणी हैं। मैं अपनी चाची को खूब चौदता हूँ और जी भरकर गांड मारता हूँ। लेकिन मुझसे पहले भी उनका संबंध एक आदमी से रह चुका हैं उसी की कहानी आपको सुना रहा हूँ।

रोहिणी एक घरेलू महिला हैं जिसकी उम्र लगभग ४५ साल की और कद ५.२ इंच हैं। उसका वजन अधिक हैं जिससे वह मोटी ज्यादा दिखती हैं। इसके बावजूद वह एक गोरी चिट्टी सेक्सी महिला हैं जिसे देखकर हर दीवाने का लंड खड़ा हो जाये। उसकी तीन लड़कियाँ तथा एक लड़का हैं। दो लड़कियों की शादी हो गई हैं तथा एक लड़की रक्षा जिसकी उम्र १९ साल तथा लड़के राजू की उम्र १५ साल हैं।

इस उम्र में भी रोहिणी पर सेक्स का बुखार कम नहीं हुआ हैं उलटे और अधिक बढ गया हैं। रोहिणी के पति रमाकांत का वजन भी ज्यादा हैं और अब उनमें वो बात नहीं रही जो जवानी में होती हैं। इसलिये रोहिणी संतुष्ट नहीं होती हैं।

रोहिणी अपने नाम के अनुरूप ही सजती संवरती हैं और किसी महारानी से कम नहीं लगती। आज रोहिणी कुछ ज्यादा ही सज-संवर रही थी। पति ने पूछा तो बताया कि आज के दिन हम पहली बार मिले थे इसलिये सज-संवर रही हूँ। आज हम फिर हमारी सुहागरात की याद ताजा करेंगें।

रमाकांत मुस्कुराकर बोले- क्यों नहीं मेरी रानी। आज बहुत दिनों बाद हम सेक्स का मजा लेंगें।

ठीक हैं ठीक हैं ! पर जल्दबाजी मत करना। प्यार से रगड़ना मुझे ! वरना तुम पप्पी झप्पी लोगे और सो जाओगे। मेरी चूत प्यासी रह जायेगी।

अरे तुम चिंता मत करो ! आज मैं ताकत के कैप्सूल खा लूंगा और तुम्हें जी भर कर चौदूंगा।

दोनों हंसने लगे। रमाकांत ने आगे बढकर रोहिणी के रसीले होंठों को चूम लिया। शाम होते होते रोहिणी रमाकांत का इंतजार करने लगी। बच्चे रोहिणी से पूछने लगे कि आज क्या बात हैं जो आप इतना सज संवरकर बैठी हैं। किसी पार्टी में जाना हैं क्या?

अरे नहीं बच्चों ! बस आज मेरा मन बहुत खुश हैं इसलिये थोड़ा सज संवर लिया! रोहिणी बच्चो को समझाते हुए बोली।

पर रक्षा समझ गई कि आज कुछ गड़बड़ होने वाली हैं।

रात में सभी ने खाना खाया और अपने अपने कमरे में चले गये। रोहिणी ने आज अपने कमरे में गुलाब जल छिड़क रखा था। भीनी-भीनी खुश्बू पूरे कमरे में महक रही थी। रमाकांत और रोहिणी दोनों अपने बिस्तर पर बैठे बातें करने लगे।

रोहिणी के हाथ रमाकांत के हाथों में थे। रमाकांत ने एक हाथ रोहिणी के बालों में डाला और रोहिणी के भीगे होंठों को चूसने लगे। रमाकांत ने रोहिणी की साड़ी खोल दी। रोहिणी ने भी तेजी दिखाई और रमाकांत के कपड़े खोल दिये। अब रोहिणी सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी तो रमाकांत सिर्फ अण्डरवियर पहने थे। उनका लंड अण्डरवियर में से अपनी झलक दिखला रहा था। रमाकांत ने ब्लाउज और पेटीकोट भी खोल दिया। रोहिणी पूरी तरह नंगी हो गई क्योंकि उसने ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी। रमाकांत रोहिणी के प्रत्येक अंग को चूमने लगे। रोहिणी उत्तेजित होने लगी। रमाकांत ने रोहिणी के बडे -बडे बूब्स को खूब चूसा। एक एक अंग को चूमते चूमते रमाकांत के होंठ रोहिणी की चूत को चूसने लगे। रोहिणी बुरी तरह उत्तेजित हो गई। रोहिणी ने एक हाथ से रमाकांत की अण्डरवियर में हाथ डाला और उनका लंड पकड लिया।

रोहिणी ने रमाकांत को उठाया और उनका लंड अपने मुंह में भर लिया। रमाकांत तड़पने लगे पर रोहिणी और जोर-जोर से लंड चूसने लगी। रमाकांत को झड़ने में ज्यादा देर नहीं लगी और सारा वीर्य रोहिणी के मुंह में भर दिया। रोहिणी एक-एक बूंद चाट गई।

रोहिणी ने रमाकांत के होंठों को अपने होंठो के बीच दबा लिये और जोर जोर से चूसने लगी। गर्दन से नीचे आने पर रोहिणी ने रमाकांत के छोटे-छोटे निप्पल को बुरी तरह से चूस लिया। रमाकांत की तड़प बढ़ गई। रोहिणी रमाकांत के शरीर को चूमते हुए फिर लंड तक पहुंच गई और ढीले लंड को मुंह में भरकर चूसने लगी। बहुत देर चूसने के बाद रमाकांत का लंड फिर से खड़ा होने लगा। रमाकांत जोश में आ गये और रोहिणी को बिस्तर पर लिटाकर अपना लंड रोहिणी की चूत में डाल दिया। रमाकांत धक्के पर धक्के लगाने लगे।

रोहिणी को मजा आने लगा और वह कहने लगी- आज तो इस चूत की धज्जियां उड़ा दो मेरे सरकार ! फाड़ कर रख दो इसे !

इतना सुनते ही रमाकांत ने जोर जोर से धक्के लगाना शुरू किये और सारा माल एक ही झटके में रोहिणी की चूत में भर दिया ।

रोहिणी अभी तक झड़ी नहीं थी। लेकिन रमाकांत का लंड ढीला हो चुका था। रोहिणी फिर से चूदाने के मूड में थी इसलिये फिर से उसने लंड को अपने मुंह में भर लिया। बहुत देर तक लंड चूसने के बाद भी लंड खड़ा नहीं हुआ। रोहिणी फिर मन मारकर लेट गई। रमाकांत थक गये थे इसलिये उन्हें फटाफट नींद आ गई लेकिन रोहिणी अभी भी प्यासी थी। उसने अपनी उंगलियों को ही चूत में डाल-डालकर अपना पानी निकाल लिया।

सुबह रमाकांत बडे फ्रेश लग रहे थे लेकिन रोहिणी अनमनी सी लग रही थी। रोहिणी ने रमाकांत से ज्यादा बात नहीं की और उन्हें खाना खिलाकर काम पर भेज दिया। दोनों बच्चे स्कूल चले गये। वह घर पर अकेली बोर होने लगी। वह बार-बार यहीं सोच रही थी कि कैसे अपनी प्यास बुझाई जायें। इनका लंड तो अब डालते से ही झड़ जाता हैं। क्या किसी और से चूदवा लूं? लेकिन उसका मन नहीं मान रहा था। आज पहली बार किसी पराये मर्द के लिये उसके मन में ख्याल आया था।

रोहिणी अभी इसी सोच में पड़ी हुई सोफे पर लेटी थी। तभी दरवाजे की घंटी बजी। रोहिणी ने दरवाजा खोला तो सामने एक आदमी खड़ा था, जिसकी उम्र लगभग ५० साल की होगी। उसकी सफेद दाढ़ी थी तथा सिर पर बाल बहुत कम थे। उसने बताया कि रमाकांत जी ने उसे टॉयलेट की सफाई के लिये भेजा हैं।

रोहिणी उस आदमी को टॉयलेट तक लेकर गई। रोहिणी ने उसका नाम पूछा तो उसने अपने नाम कालू बताया। कालू अपने काम में लग गया। कुछ ही देर में उसका सारा काम हो गया।

काम होने के बाद कालू के कपडे गीले हो चुके थे। वह बाथरूम में गया और अपने शर्ट और पेंट उतारकर शॉवर में नहाने लगा। उसने दरवाजा आधा ही बंद किया था। उसने अंदर कुछ नहीं पहना था। वह नंगा होकर शॉवर का आनंद लेने लगा।

काम हुआ या नहीं, यह देखने के लिये रोहिणी बाथरूम तक पहुंची। बाथरूम तक पहुंची तो उसके होश उड़ गये। कालू नंगा होकर नहा रहा था। उसका लंड देखकर उसकी सांसे तेज हो गई। कालू ने रोहिणी को देख लिया था पर वह यह जता रहा था कि उसने उसे देखा ही नहीं। रोहिणी से कुछ बोलते नहीं बनी। अभी भी उसकी सांसे तेज चल रही थी।

कुछ देर बाद रोहिणी संभली तो उसने कालू को बोला- यह तुम क्या कर रहे हो। तुम्हें सिर्फ सफाई के लिये बुलाया था, नहाने धोने के लिये नहीं।

कालू हकलाकर बोला- मुझे माफ कर दो मेमसाब ! मेरे कपड़े और बदन गंदे हो गये थे इसलिये सोचा कि दोनों को साफ कर लूं।

रोहिणी बोली- ठीक हैं, ठीक हैं। जल्दी करो। मैं अपने बेडरूम में जा रही हूं। काम हो जाये तो पैसे ले जाना।

कालू- जी मेमसाब।

कालू मन ही मन खुश हो रहा था कि मेमसाब उससे नाराज नहीं हुई। हो न हो उसे भी लंड की चाहत जरूर होगी वरना इतनी देर में तो कोई भी उसे खरी खोटी सुनाता और घर से निकाल देता।

इधर रोहिणी अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर बैठ गई। उसके मन में कालू का नंगा शरीर ही दिख रहा था। वह अपने को काबू में नहीं रख पा रही थी। उसने अपने कपड़े खोले और गाउन पहन लिया ।

कालू नहाकर बाहर निकला। उसने कपड़े भी नहीं पहने और रोहिणी के कमरे की ओर चला आया। अंदर रोहिणी गाउन पहने अपने बिस्तर पर लेटी थी। वह आंखे बंद करके मन ही मन में कालू के बारे में सोच रही थी। कालू ने देखा कि दरवाजा हल्का सा खुला हैं। उसने अंदर झांका तो रोहिणी आंखे बंद करके लेटी थी।

इस अवस्था में देखकर उसके मन में भी सेक्स का बुखार चढ़ने लगा। उसका लंड तनतनाकर ७ इंच का हो गया। वह दबे पांव रोहिणी तक गया और उसके होंठों पर होंठ रख दिये।

रोहिणी बूरी तरह चौंक गई। वह सोच भी नहीं सकती थी कि कालू आकर उसके होंठों को चूम लेगा। उसने सोचा कि कालू को डांटकर भगा दे लेकिन अपनी हवस पर काबू नहीं रख पाई और कालू से चिपक गई। कालू ने भी उसे बाहों में भर लिया और उसकें होंठों का रस चूसने लगा। रोहिणी पर चूदवाने का नशा इस तरह चढ गया था कि वह एक भंगी के बदबूदार मुंह को अपने मुंह से लगाकर चूमाचाटी कर रही थी।

बहुत देर तक रोहिणी के होंठों की मां चोदने के बाद कालू ने रोहिणी का गाउन खोलकर उसे नंगा कर दिया। उसे रोहिणी की बड़ी लेकिन प्यारी सी चूत दिखाई दी जो पूरी तरह क्लीन शेव्ड थी। कालू ने चूत को अपने होंठों से लगाकर बूरी तरह चूसने लगा। रोहिणी पागल सी हो गई।

रोहिणी इतनी उत्तेजित हो गई थी कि वह एक भंगी से भी चूदवाने को तैयार थी। कालू का लंड देखकर रोहिणी खुश हो गई कि आज यह लंड उसकी प्यास बुझा देगा। कालू ने अपना लंड रोहिणी के मुँह में दे दिया। कालू भी तड़प उठा पर यह सोचकर उसे अपनी जिंदगी पर गर्व होने लगा कि एक भंगी भी किसी अप्सरा को, चाहे वह मोटी ही क्यों न हो, चौद सकता हैं।

आज हवस के नशे में एक मालदार महिला ने अपनी इज्जत एक भंगी के हाथों में दे दी। रोहिणी पूरी तरह गर्म हो गई थी। कालू उसे अब अपना सब कुछ नजर आ रहा था।

रोहिणी – आह कालू। अब देर मत करों। अपना लंड मेरी चूत में डालो और मेरी प्यास बुझा दे मेरे राजा ।

कालू ने रोहिणी की चूत का निशाना लगाया और एक ही झटके में पूरा लंड रोहिणी की चूत में डाल दिया। रोहिणी चीख पड़ी। आह कमीने धीरे से डाल ! मार डालेगा क्या !

कालू तो पागल हो गया था। इस स्वर्गीय आनंद में वह जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। रोहिणी का पूरा शरीर हिलने लगा। इतना आनंद तो उसे रमाकांत से चुदाई कराने पर भी कभी नहीं आया। कालू ने पूरी तरह से रोहिणी की चूत को भौंसड़ा बना दिया। आज रोहिणी तीन बार झड़ चुकी थी। कालू ने तेज झटके मारे और सारा माल रोहिणी की चूत में डाल दिया। रोहिणी अपनी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट थी।

दोनों एक साथ चिपककर लेटे रहे। थोड़ी देर बाद कालू फिर चालू हो गया। उसका लंड फिर खड़ा हो गया। उसने रोहिणी को उलटा लिटाया और उसकी गांड के छेद पर लंड रखकर धक्का लगाया। रोहिणी दर्द से चीखने लगी। दो तीन झटको में कालू ने लंड रोहिणी की गांड में घुसा दिया।

रोहिणी दर्द से चीख रही थी। कुछ देर में उसे भी मजा आने लगा। कालू ने ५ मिनट तक रोहिणी की गांड मारी फिर तेज धक्कों के साथ अपने वीर्य से रोहिणी की गांड को भर दिया। कुछ देर तक कालू और रोहिणी चिपककर लेटे रहे। फिर कालू उठकर जाने लगा।

कालू ने बाथरूम में जाकर अपने कपड़े पहन लिये। कालू जाने लगा तो रोहिणी ने कालू को होंठों पर लंबा चुम्मा दिया और ढेर सारे पैसे भी दिये। कालू खुशी-खुशी चला गया और रोहिणी पूरी तरह संतुष्ट होकर अपने कमरे में जाकर मीठी नींद में सो गई । Indian Sex Stories

Antarvasna stories

मैं Antarvasna मेरा नाम नितेश है.. मैं अभी 27 साल का हूँ.. मेरा जिस्म बहुत आकर्षक है और मैं एक इंजीनियर हूँ।
आज़ मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपनी कॉलेज फ़्रेंड के साथ चुदाई की।

यह कहानी उस वक्त की है जब मैं MCA कर रहा था। उस वक्त मैं तीसरे सेमस्टर में था। इसी सेमेस्टर में हमारे इंस्टिट्यूट में लखनऊ से एक लड़की ट्रांसफ़र हो कर आई थी.. उसका नाम रेखा था, वो काफ़ी सुंदर थी, उसका 36-23-32 का फिगर एकदम मस्त था.. और वो एकदम गोरी-चिट्टी एक माल थी।

मेरा तो मन उसे पहली बार देखते ही चोदने का कर रहा था तो मैंने उससे एक दिन मौका पाकर बात शुरू की।
मैंने पूछा- आपका नाम क्या है।
बोली- रेखा.. मेरा यहाँ पर कोई दोस्त नहीं है.. क्या आप मेरे दोस्त बनोगे।

जैसे उसने मेरे मन की बात ही छीन ली हो। मैंने भी झट से ‘हाँ’ कर दिया। उसके परिवार में उसका छोटा भाई था.. वो भी BE कर रहा था। उसके पापा बैंक में मैनेजर थे और उसकी मम्मी हाउसवाइफ थीं।

ऐसे ही क्लास में आते-जाते हम काफ़ी करीब आ चुके थे। एक दिन मौका देख कर मैंने उसे ‘आई लव यू’ बोल दिया.. और उसने भी ‘हाँ’ कह दिया।
फ़िर एक दिन उसके सभी घर वाले 70 किलोमीटर दूर मंदिर में दर्शन करने गए हुए थे, आने और जाने में करीब दस घन्टे लगने की उम्मीद थी।

इसलिए उसने मुझे मेरे मोबाइल पर फोन करके बुलाया। मैं उसके घर गया और देखा कि वो सिर्फ़ एक पतली नाइटी में थी। नाइटी के अन्दर उसने ब्लैक ब्रा और पैंटी पहन रखी थी.. जो कि साफ़ दिखाई दे रही थी।

उसे देखते ही मेरा मूड बन गया और नीयत खराब हो गई।

मैंने उसे नशीली निगाहों से ताकते हुए पूछा- बाकी सब लोग कहाँ गए हैं।
उसने भी अर्थपूर्ण तरीके से कहा- सब मंदिर गए हैं.. रात तक आयेंगे।

इतना सुनते ही मैंने उसे अपने बाहों में ले लिया और उसे किस करने लगा। मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और अन्दर बेडरूम में ले गया।

मैं उसके होंठों पर किस करने लगा। करीब 15 मिनट तक मैंने उसे किस किया। वो एकदम उत्तेजित हो चुकी थी और कामुकता से सिस्या रही थी ओह्ह.. जान.. प्लीज़ कम ऑन..

फिर मैंने उसकी नाइटी को लगभग फाड़ते हुए खोल दिया। अब वो सिर्फ़ टू पीस में थी.. फिर मैंने अपनी पैंट-शर्ट खोल दिए।

अब मैं सिर्फ़ चड्डी में था, मैं उसे ऊपर से नीचे की तरफ़ किस करने लगा।
किस करते हुए जब मैं उसके मम्मों के पास आया.. तो मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। तो ये देख कर मैं पागल हो गया कि उसके इतने भरे हुए मम्मों एकदम पूरी तरह से टाइट थे.. और उसके चूचुक पूरी तरह से तन रहे थे।

मैंने उसका निप्पल चूसना शुरू किया तो वो चिल्ला उठी- प्लीज़ निमि.. जल्दी करो.. अहह.. फक मी..

फिर मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दी और अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। मैंने भी अपनी चड्ढी खोल दी। मेरा 8 इंच का मोटा तगड़ा लंड देख कर वो घबरा गई और बोली- प्लीज पूरा मत डालना.. मैंने सुना है कि काफ़ी दर्द होता है।
फिर मैंने कहा- जान दर्द से ज्यादा मजा आता है.. तुम देखती जाओ बस।

और मैंने अपना लंड उसके मुँह में डालना चाहा.. तो उसने मना कर दिया और बोली- इसे मेरी चूत में ही डालो।
फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया और काफ़ी देर तक चाटता रहा। उसके मुँह से चीखें निकल रही थीं- मुझे जल्द चोद दो.. मुझसे अब रहा नहीं जाता.. आह्ह..

फिर उसने मुझे खींच कर अपने ऊपर लिटा लिया और मैंने उसके कंधों को अपने हाथों से कस कर पकड़ लिया और अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा। अभी सिर्फ़ 25% ही गया थे कि वो जोर से चिल्लाई और पीछे हटने की कोशिश की.. मगर मैंने भी उसे पूरे जोर से पकड़ रखा था।

फिर एक और झटके से मैंने अपना करीब 75% लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो फिर से चिल्लाई- ओह्ह.. छोड़ो मुझे.. बहुत बड़ा है.. दर्द हो रहा है.. आह्ह..

मैंने उसे फिर एक झटका दिया और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था। उसके मुँह से काफ़ी तेज आवाज निकल रही थीं। लेकिन कुछ ही देर में उसे भी मजा आने लगा। फिर उसने कहा- निमि.. अब मुझे मजा आ रहा है.. प्लीज़ फक मी..फास्ट..

फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाते हुए फ़ुल स्पीड पर चुदाई शुरू कर दी। अब वो चिल्ला रही थी- प्लीज जोर से चोदो.. प्लीज.. फक मी फास्ट..

काफ़ी देर तक मैं उसे चोदता रहा। फिर उसकी चूत में से पानी निकल गया और उसने मुझे और टाइट से पकड़ लिया।

मैं समझ चुका था कि उसका पानी निकल चुका है। अब मैंने अपनी स्पीड और तेज की.. थोड़ी देर में मेरा भी पानी निकल गया।

जब मेरा माल निकलने लगा तो मैं उसके ऊपर ही लेट गया और फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने एक-दूसरे को चूमा और यूँ ही प्यार करते रहे।

इसके बाद तो जब भी मौका मिला हम दोनों ने अपनी खूब प्यास बुझाई। Antarvasna

हाय पाठको !Hindi Sex Stories

आपका शुक्रिया Hindi Sex Stories कि मैं अपने एक नये अनुभव को आप के सामने पेश कर रहा हूँ।

बात उन दिनों की है जब मैं सर्दी के दिनों में धूप सेंक रहा था। मेरे पड़ोस की कुछ लड़कियां भी हमारे घर की छत पे धूप सेंकने आती थीं क्योंकि हमारे घर की छत पे धूप बहुत अच्छी लगती थी।

मेरा एक दोस्त, जिसका नाम लालू भाई है, की बहन भी धूप सेंकने हमारी छत पे ही आती थी। उसका नाम हनी था। गज़ब की सेक्स बॉम्ब थी वो। उसकी मस्त गांड को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता था। उसको चोदने का बहुत मन तो था लेकिन लालू से डर की वज़ह से कभी हिम्मत नहीं हो पाई थी। मेरी और उसकी बहुत अच्छी दोस्ती थी लेकिन शायद लालू भाई को हमारी ये दोस्ती पसंद नहीं थी। वो बार बार मुझे धमकी देता था कि मैं उसकी बहन से किसी तरह की दोस्ती न रखूं, लेकिन आप तो जानते हैं कि लंड की प्यास के आगे हर कोई बेबस है।

उस दिन मेरी मॉम डोक्टर के पास गई हुई थी। मैं घर पे ब्ल्यू मूवी देख रहा था। मुझे पता भी नहीं चला कि कब हनी मेरे पीछे आ के खड़ी हो गई। वो मूवी देखने लगी। अचानक उसके हाथ से कुछ टकराया, मैने मुड़कर देखा तो हनी मेरे सामने थी। मैने पहले तो टीवी बंद किया, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करुं।

अचानक हनी ने कहा- तुम तो बहुत गंदे हो।

मैंने कहा- नहीं बस टाइम पास कर रहा था।

उसने कहा- लालू भैया ठीक कहते हैं कि तुमसे कोई वास्ता ना रखूं, मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम ऐसी मूवीज़ भी देखते होंगे।

मैंने कहा- मूवी तो तुमने भी देखी है।

मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा- प्लीज़ मॉम या डैड से इस बारे में कुछ नहीं कहना !

जबकि मैं भी जानता था कि वो कुछ कहने वाली नहीं है। मैंने देखा कि उसने अपना हाथ छुड़ाने की ज़रा भी कोशिश नहीं की। मेरा हौंसला और भी बढ़ गया। मैंने उसके हाथ को धीरे धीरे दबाना शुरु किया और उसे अपनी बाहों में भर लिया। शायद फ़िल्म देख के वो भी गरम हो चुकी थी। उसने कोई विरोध नहीं किया। मैंने उसके होठों को हल्का सा चूम लिया और कहा- प्लीज़ !मॉम से मत कहना !

उसने जवाब नहीं दिया।

मैंने उसकी चूची को चूम लिया और कहा- मोम से मत कहना प्लीज़ !

उसने कोई जवाब नहीं दिया। वो मस्त हो चुकी थी।

मैंने धीरे धीरे अपना हाथ उसकी कमीज़ में डाल दिया और उसके मोम्मे दबाने लगा। मैंने अब मोर्चा सम्भालना शुरु कर दिया था, मैंने धीरे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिये और उसकी कमीज़ और ब्रा को अलग कर दिया शायद वो मज़ा ले रही थी अब उसकी चूचियां मेरे सामने थी, मैने उसकी चूचियों को अपने मुँह मे डाल लिया।

वो तड़प उठी- नहीं समीर ये ठीक नहीं है !

मैंने उसके होठों पे अपने होठों को रखते हुये कहा- जब मज़ा आये तो सब ठीक हो रहा है।

उसने कहा- अगर लालू भाई को पता लग गया तो?

मैंने कहा- उसने कौन सा तुझे चोदना है जो उसे पता लग पायेगा। हम इस बात को राज़ ही रखेंगे।

और मैंने समय खराब ना करते हुये उसकी शलवार को भी अलग कर दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पैंटी में थी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि लालू की सेक्सी बहन को आज मैं चोदने जा रहा हूं। मैंने उसकी चूचियां चूसते हुये उस की पैंटी को भी उस से अलग कर दिया। मैंने उसे ६९ पोजिशन में लिया और उसकी चूत को चाटने लगा, वो मेरे लंड को चूस रही थी।

वाह क्या आनंद के लम्हे थे वो? वो १५ मिनट में झड़ गई लेकिन मैंने उसे सीधा लिटाया और उसकी बिना बालों की चूत को उंगली से सहलाना शुरु किया।

अब वो दोबारा जोश में आ रही थी। मैंने उसकी टांगों को ऊपर उठाया और अपना ७” का लंड उसकी चूत में डाल दिया वो चीख उठी। मैंने उसके मुँह पे हाथ रख दिया ४-५ धक्के लगाने के बाद जब लंड पूरी तरह अन्दर घुस गया और उसे भी मज़ा आने लगा तब मैंने हाथ हटा दिया। अब उसके मुंह से आआआआह ऊऊऊऊउह करो ! और करो ! की आवाज़ निकल रही थी। अब हम जोश में थे।

डू इट फ़ास्ट, डू इट फ़ास्ट, फ़क मी, फ़क मी, फ़क मी की आवाज़ से कमरा गूंज रहा था। मैंने २० मिनट तक उसको चोदा। हम दोनो खुश थे। उसके बाद वो कहने लगी- तुमने अपना वीर्य तो चखाया ही नहीं?

तो मैंने कहा- उसमें क्या बड़ी बात है और फ़िर मेरा लंड उसके मुँह में था। एक बार फ़िर वो मेरा लंड चूस कर मज़ा ले रही थी।

सच बताऊँ तो दोस्तो जितना मज़ा लालू भाई की बहन को चोद कर आया उतना मज़ा ज़िंदगी में कभी भी नहीं आया। गज़ब का नशा है उसकी चूत में। उस दिन के बाद मैंने कई बार लालू की बहन को चोदा। और लालू आज भी इस बात से बेखबर है।

तो चोदो चुदाओ और लाइफ़ को खुश हाल बनाओ।Hindi Sex Stories

Sex Stories

मैं एक लड़का हूं और मेरा नाम सुरेश कुमार है।अभी मैं देल्ही में रहता Sex Stories हूं। बात उन दिनों की है जब मैं इंजिनियरिंग कॉलेज में पढ़ता था।मैं ट्रेन से घर जा रहा था गर्मी की छुट्टियों में। डिब्बे में काफ़ी भीड़ थी। शाम का टाइम था मैं अपनी रिज़र्व्ड सीट पर जा कर लेट गया तो देखा कि सामने वाली सीट पर एक परिवार था जिसमें एक १९-२० साल की थोड़ी मोटी सी लड़की २४-२५ साल का पतला सा लड़का और उसकी माँ थी जिसकी उमर लगभग ४७ -४८ होगी।एकदम दुबली पतली।
वो लोग अपना समान सेट करने लगे। वो औरत मेरे पास आकर बैठ गई। मैं लेटा हुआ था। फिर पूछने लगी कि तुम कहाँ तक जाओगे मैंने कहा गुवाहाटी जाना है। तो उसने बताया कि वो लोग बिहार के किसी स्टेशन तक जाने वाले थे। फिर बोली कि तुम्हारी सीट खिड़की के पास है बड़ी अच्छी हवा आ रही है। मैं यहाँ थोड़ी देर बैठ लेती हूं। मैं उसे बात करने मैं इंटेरेस्ट नहीं ले रहा था|क्योंकि मुझे डर था कि कहीं किसी को मेरी सीट पर एड्जस्ट न कर दे। आंटी ने कहा बेटा दिल्ली से आ रहे हो। मैंने कहा हां तो वो बोली कि दिल्ली में तो बड़ी बेशरम लड़कियां रहती हैं, मैं जहाँ रहती हूं वहाँ पड़ोस मैं तीन चार लड़कियाँ रहती हैं जो ब्रा और चड्डी में ही बाहर निकल आती है ऐसे थोड़े होता है मैने कहा। वो कहने लगी कि हमारा और उनका बाल्कनी पास पास है। वो चड्डियों में ही कपड़े सुखाने चली आती हैं मैं ने कहा आंटी आप भी कैसी बात करती हो। पर पैंट में मेरा लंड फड़फड़ाने लगा था।

आंटी ने अब एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया था और सहला रही थी बात करने के साथ साथ मुझे अपने लंड पे काबू रखना मुश्किल हो रहा था। फिर धीरे धीरे अपना हाथ मेरे लंड के उपर रख दिया। साथ ही साथ वो कुछ बोलती भी जा रही थी जिससे आस पास वालों को शक न हो पर वो क्या कह रही थी मेरी समझ में बिल्कुल नहीं आ रहा था क्योंकि एक तो ट्रेन की आवाज़ हो रही थी दूसरे मेरा पूरा ध्यान अपने लंड पर था कि वो झड़ न जाए।

तभी आंटी ने धीरे धीरे मेरे पैंट की जिप खोल दी और लंड को पकड़ लिया। लंड इतना सख़्त हो रहा था कि उसमें दर्द होने लगा। आंटी बड़बड़ा रही थी कि कितना प्यारा और सख़्त लंड है, लगता है और कितना सख़्त भी। कोई भी औरत इससे चुदने को तैयार हो जायेगी मैं सोचने लगा पहली बार तो इसे किसी ने सहलाया है।तभी उसकी उंगलियों ने मेरी गोलियों की मालिश शुरू कर दी। मेरा अपने लंड पर से काबू हट गया और सारा माल इतनी तेज़ी से निकलने लगा कि बता नहीं सकता। लंड झटके पर झटके ले रहा था। जब तक आंटी ने नहीं छोड़ा जब तक की पूरा रस नहीं निकल गय।फिर लंड को थपथपाते हुए पूछा- किसी की चूत मारी है कि नहीं। जब मैं ने न कहा तो वो बोली इससे जितनी लड़कियों की चूत में डालोगे उतने ही एक्सपर्ट हो जाओगे। मैं तो अपनी साँसे ठीक करने में व्यस्त था।

तभी मेरी नज़र उपर गयी तो देखा कि उसकी बेटी हमें बड़े ध्यान से देख रही है। पर जब उसने मुझे अपनी ओर देखते हुए पाया तो एकदम नॉर्मल दिखने की कोशिश करने लगी…। Sex Stories

शेष अगले भाग में………………।

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