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Massage Girl in Siliguri: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Siliguri who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Siliguri that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Siliguri massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Siliguri who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Siliguri massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Siliguri massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Siliguri who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Siliguri employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Siliguri helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Siliguri

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Siliguri at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

कहानी का शीर्षक – मेरी बीवी को किराने दुकान वाले ने चोदा नमस्कार दोस्तों ये मेरी अंतर्वासना पर पहली और बिल्कुल सच्ची कहानी है जो की अभी कुछ दिन पहले ही ये घटना हुई है तो मैंने सोचा क्यों ना इसे आप लोगो तक पहुचाऊँ और आप सबके लंड भी गर्म करूँ ! दोस्तों मेरा नाम आदित्य है मैं 35 साल का हूँ और मेरी बीवी जिसका नाम रजनी है उसकी उम्र अभी 28 साल है हम दोनों बिलासपुर में रहते हैं ! हमारी शादी को 7 साल हो चुके हैं हम दोनों की लव मैरिज हुई है और हम दोनों बहुत ख़ुश हैं , इस कहानी का तीसरा पात्र है अनिल जिसकी उम्र 39 साल है दिखने में ठरकी है ! रजनी बहुत खूबसूरत और हॉट है पूरे मोहल्ले में ऐसी जबरदस्त माल कोई नहीं उसका फिगर का साइज 36-34-38 है उसकी गांड इतनी जोरदार है की बुड्ढे भी उसे देखकर अपना लंड हिलाने पे मजबूर हो जाएं , अब आते हैं कहानी पर तो दोस्तों ये बात एक हफ़्ते पहले की है जब हमारे मोहल्ले के एक किराने की दुकान पर मेरी बीवी जाती है वो हमेशा जींस टॉप या सलवार सूट में होती है और हल्का मेकप करके बन ठन कर रहती है जोकि उसे और मुझे बहुत अच्छा लगता है साथ में वो योगा भी करती है तो बिल्कुल फिट है उसके बड़े बड़े दूध और निकली हुई गांड किसी को भी पागल कर सकती है , हमेशा की तरह मेरी बीवी किराने की दुकान पर गई थी और वो किराने की दुकान का मालिक जिसका नाम अनिल है उम्र करीब 38-39 की है वो उसे हवस भरी नजरों से देखता था ये बात उसने मुझे कई बार बतायी थी इस बार उसने मेरी बीवी रजनी से कहा की भाभी आप बहुत सुंदर लगती हैं और बहुत सेक्सी हैं , ये सुनकर मेरी बीवी एकदम से अकबका गई और उसने शर्म से कुछ नहीं कहा फिर ये बात उसने मुझे बतायी तो मैंने कहा अच्छी बात है ये तो तारीफ़ है ना इसमें कोई बुरी बात नहीं है , फिर उसने कहा की उसकी नज़रें हमेशा मेरे दूध पर होती हैं और मेरी गांड पर और वो अपने हाथ को अपने लंड पर रखा होता है मुझे देखते हुए , मैंने कहा जान कोई बात नहीं उसका इरादा जो भी हो तुम मजे लो और फ़िकर करने की कोई बात नहीं ! अक्सर जब हम दोनों चुदाई करते है तो उस टाइम हम दोनों एक दूसरे को बहुत गंदी गंदी गाली देते है, और रोलप्ले भी करते है। और मैं उससे पूछता हूँ की किससे चुदवाना चाहती है तू रंडी ?बोल मैं चुदवाऊँगा तुझे किसी ग़ैर मर्द से , ऐसी बातों से सेक्स करने में और भी ज़्यादा मजा आता है तो वो बोलती है आप जिससे चाहो मुझे चुदवा दो जान मैं आपको कभी मना नहीं करूँगी , तो अब हुआ यूँ की जब उसने किराने वाले की ये सब बात मुझे बतायी तो मेरे दिमाग़ में एक योजना आई की क्यों ना इससे ही अपनी बीवी को अपने सामने चुदवाया जाये और मजे लिए जायें ! मैंने इस बारे में रजनी से कहा तो पहले उसने मना किया फिर बोली की मुझे डर लगता है कहीं किसी को पता चल गया तो क्या बोलेंगे , मैंने कहा तुम उसकी चिंता मत करो और उसे लाइन दो और घर आने को कहना चाय पर और हाँ आगे से उसकी दुकान जाओ तो और सेक्सी कपड़े पहन कर जाना उसने कहा ओके ! फिर अगले दिन वो उसकी दुकान गई एक शोर्ट टॉप और शॉर्ट्स पहन कर और खुले बाल करके , उफ़ मैं बता नहीं सकता की वो कितनी बड़ी क़ातिल राँड लग रही थी बड़े बड़े दूध और निकली हुई बड़ी गांड और उस पर उसकी नाभि बहुत सेक्सी लग रही थी! अब आगे .मेरी बीवी की ज़ुबानी … किराने दुकान पर जाते ही उस आदमी ने मुझे देखा तो उठ खड़ा हुआ और एकदम खा जाने वाली नज़रों से देखते हुए बोला भाभी आइये आइये आज तो लगता है कि जान ही ले लोगी आप मेरी , मैंने शर्मा कर कहा अरे भैया आप भी क्या बात करते हैं ऐसा क्या ख़ास है आज ? तो उसने कहा आज तो आप किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही और सच कहूँ तो मैं पागल हो रहा हूँ आपको इस ड्रेस में देखकर , मैंने कहा अच्छा ऐसा है थैंक यू भैया , मैं उसको भैया कह कर ही बोलती आई हूँ फिर उसने कहा आज कहीं बाहर जा रही हैं क्या भाभी जी मैंने कहा नहीं बस मन हुआ आज ये पहनने के तो पहन लिया , वो बोला क़सम से भाभी जी आज मैं बता नहीं सकता की आप कितनी हॉट और सेक्सी लग रही हो , मैंने कहा अच्छा अच्छा बस करिए और ये सामान दे दीजिए और कितने पैसे हुए बताइए उसने झट से सारा सामान दिया और पैसे लेने से मना करने लगा मैंने जिद की तो वो अनिल बोला अरे आपसे कैसे पैसे ले सकता हूँ। तो मैंने कहा फिर क्या लेने का इरादा है , तो वो बोला की अगर बुरा ना मानों तो एक बार आपको हग करना है और एक किस बस , मैंने कहा अच्छा ठीक है तो आज शाम को घर आ जाना इतना सुनकर वो पागल हो गया और बोला क्या भाभी सच में ? मैंने कहा हाँ भैया सच में फिर वो बोला ठीक है मैं शाम को आता हूँ लेकिन घर पर भैया भी होंगे ना तो मैंने कहा उसकी चिंता मत करो मैं उनको काम से बाहर भेजने वाली हूँ शाम को तो वो ख़ुश होकर बोला वह भाभी जी कमाल है ठीक है मैं शाम को 7 बजे आता हूँ फिर शाम को 7 बजे – मैंने अपनी पति आदित्य को सब बता दिया था तो वो बोले की मैं यहीं दूसरे रूम पर छुप कर बैठूँगा तुम आज उसके आने के बाद उसके साथ खेलना शुरू कर देना फिर मैं धीरे से बीच में आ जाऊँगा और हम थ्रिसम का मजा लेंगे तो रजनी बोली जान ये सब ठीक तो है ना मैंने कहा हाँ जान सब ठीक है जिंदगी का मजा लेना जरूरी है तो वो बोली ठीक है ! अब आगे – ठीक शाम को 7 बजे अनिल ने घंटी बजाई मैंने दरवाजा खोला तो अनिल बोला भाभी जी नमस्ते , मैंने कहा अरे आइये भैया नमस्ते वो अंदर आते हुए बोला भाभी जी प्लीज मुझे भैया कहना बंद कर दीजिए तो मैंने कहा अरे आप उम्र में इतने बड़े हैं मुझसे और क्या कहूँ , अनिल बोला आप सिर्फ अनिल कहिए ना बहुत अच्छा लगेगा मुझे और सोफे पर बैठ गया मैंने अभी भी वही टॉप और शॉर्ट्स पहना हुआ था , फिर मैंने कहा अच्छा ठीक है जैसी आपकी मर्जी अनिल , बोलो क्या पियोगे चाय या कोल्ड्रिंग , तो बोला भाभी जी बुरा ना मानो तो बस आज दूध ही पीना चाहता हूँ ऐसा बोलते हुए उसकी नज़रें मेरे चूचि पर थी , मैंने शर्माते हुए बोला अरे अनिल तुम तो किस और हग करने की बात किए थे अचानक से दूध की बात कहा से आ गई तो एकदम से वो मेरे पास आकर बोला इतने बड़े दूध जिसके सामने होंगे वो कैसे इन्हें बिना पिए छोड़ सकता है भाभी जी मैंने हंसते हुए कहा अच्छा ठीक है अनिल जैसी मर्जी तुम्हारी इतना सुनते ही उसने कस कर अपनी बाहों में भर लिया और मेरे लिप्स चूसने लगा मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी बहुत देर तक मेरे लिप्स चूसने के बाद वो मेरे चूचियों को मसलना शुरू कर दिया और मुझे पहली बार किसी ग़ैर मर्द का हाथ अपनी छाती में पाकर अलग ही रोमांच महसूस हो रहा था , वो पागलों की तरह मेरे टॉप के ऊपर से ही मेरे दोनों बूब्स को दबा रहा था और अपने मुंह को दबा कर उन्हें मसल रहा था मैंने कहा अरे थोड़ा आराम से मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ तो वो मेरे टॉप को निकाल कर फ़ेक दिया और मैं इसके सामने ब्लैक ब्रा में आ गई तुरंत उसने ब्रा का हुक खोला तो मेरे दोनों बड़े बड़े दूध उछल कर बाहर आ गए और अनिल की आंखे फटी की फटी रह गई वो बोला रजनी आज तो मैंने इनको खा जाऊँगा मैंने बोला खा जाओ चूसो इन्हें आज एक पराये मर्द का मजा दो इतना सुनते ही अनिल भूखे शेर की तरह मेरे दूध को चूसने लगा दोनों निप्पल जो एकदम कड़क हो चुके थे उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगा और चूस चूस कर दोनों निप्पल लाल कर दिए , तभी अनिल बोला भाभी आज मैं तुम्हें चोदे बिना नहीं जाने वाला मैंने कहा जो मन करे करो अब तड़पाओ नहीं इतना कहते ही अनिल ने मुझे पूरी नंगी कर दिया और बेडरूम में जाने को कहा मैंने उसे कहा अपनी गोद में उठा कर ले चलो अनिल तो उसने तुरंत ही मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मुझे अनिल का लंड बिल्कुल ताना हुआ महसूस हुआ शायद उसका लंड एकदम खड़ा होकर निकलने को मचल रहा था हम लोग रूम में आ गए ! उसने मुझे बेड पर पटक दिया और अपने कपड़े उतारने लगा उसने अपनी शर्ट पेंट उतारी और अंडरवियर में आ गया मैंने कहा अनिल इसे भी उतारो तो वो बोला इसे तुम उतारो रजनी तो मैं ने एक झटके में ही उसका अंडरवियर उतार दिया और उसका लंड मेरे सामने सलामी देने लगा उसका लंड बहुत मस्त था मोटा और लंबा करीब 7 इंच लंबा ये देख कर मेरी चुत गीली होने लगी मैंने कहा अनिल वाह क्या लंड है तुम्हारा उसने कहा भाभी आपके लिए ही है इसे चूसो मैंने तुरंत उसके लंड को मुंह में ले लिया और मजे से चूसने लगी बिल्कुल किसी रांड की तरह और वो सिसकारी लेने लगा आह आह भाभी मेरी जान मेरी रंडी और चूस साली कुतिया मादरचोद कब से तुझे चोदने की मन में ठान रखी थी आज तेरी चुत को चोद चोद कर फाड़ दूँगा , ये सब सुनकर मुझे बहुत मजा आ रहा था और तभी आदित्य कमरे में आ गए और उनको देख कर अनिल की गांड फट गई उसका खड़ा हुआ लंड तुरंत मुरझा गया और वो सकपका कर बोला अरे भैया आप यहाँ वो बहुत डर गया था तो आदित्य ने बोला अरे अनिल भैया डरो नहीं ये सब मैंने कहा था करने को रजनी से क्युकी तुम बहुत दिनों से उसको पटाने की कोसिश में लगे थे मुझे सब बातों का पता है इतना सुनकर अनिल की जान में जान आई और वो बोला अरे भैया आपने तो डरा ही दिया था चलो अब साथ में मजे करते हैं और फिर मेरे पति भी नंगे हो गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे वो बोले चलो अनिल अब मजे से चोदो रजनी को जितना मर्जी करे जैसे मन करे फिर क्या इतना सुनते ही अनिल को जोश आ गया और वो मेरे मुंह में वापस से अपना लंड देकर बोला चूस इसे रंडी साली डर से सो गया था ये अब इसे चूस ज़ोर ज़ोर से और मैं मस्ती में आ कर उसका लंड चूसने लगी तुरंत ही उसका लंड एकदम कड़क हो गया और वो मेरे मुंह में ही धक्के देने लगा मैंने पूरे गले तक उसका मोटा लंड लिया उधर आदित्य अपना लंड अपने हाथ में लेकर हिला रहे थे जो बहुत मजेदार नजारा था फिर कुछ देर तक अनिल का लंड चूसने के बाद उसने लंड निकाला और मैंने कहा अब मेरी चुत और गांड चाटो अनिल बोला अरे इतनी प्यारी चुत और इतनी सेक्सी गांड को कोई बिना चाटे छोड़ भी नहीं सकता , इतना कह कर वो मेरी चुत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा मुझे सच में पराए मर्द का ऐसा करना बहुत मजा दे रहा था और मैं अनिल के सर को अपनी चूत में दबाने लगी आह आआआ बह उर मजा आ रहा है अनिल और चाटों मेरी इस चुत को खा जाओ फिर अनिल अपनी एक उँगली मेरी गांड में डाल कर अंदर बाहर करते हुए मेरी चूत चूसने लगा और बोला वह साली रांड क्या मजेदार चुत है तेरी मजा आ गया इसका रस पीकर और तेरी गांड का तो मैं दीवाना हो गया हूँ आज तेरी चूत और गांड दोनों चोद कर फाड़ दूँगा तेरे पति के सामने , इतना कह कर वो मेरी गांड के छेद को चाटने लगा और बीच बीच में एक उँगली उसमे डाल कर उसे चूसने लगा मुझे जन्नत का मजा आ रहा था सच में ऐसा मजा की मैं बता नहीं सकती फिर आदित्य ने मोबाइल एक जगह सेट कर दिया और मेरे पास आकर बोले कैसा लग रहा है मेरी जान मेरी रंडी आज दो दो लंड एक साथ मिल रहे हैं तुझे , मैंने कहा आह मजा आ रहा है जान इतना मजा कभी नहीं आया सच में , फिर आदित्य ने अपना लंड मेरे मू में दिया और मैं मजे से चूसने लगी। इधर अनिल मेरी गांड चाट रहा था और मेरी चुत में उँगली कर रहा था मैं पागलों की तरह सिसकारिया ले रही थी आह मजा आ रहा है उफ्फ आआह और चाटो मेरी गांड अनिल बहुत मजा आ रहा है , अब अनिल ने मुझे कुतिया बनने को कहा और तुरंत मैं झुक कर कुतिया बन गई पीछे से अनिल ने अपना लंबा लंड एक झटके में मेरी चुत में उतार दिया मेरी चिंख निकल गई थोड़ा दर्द हुआ क्युकी अनिल का लंड आदित्य से थोड़ा मोटा था पर मुझे।बहुत मजा आ रहा था इधर मैं आदित्य का लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी उधर अनिल मेरी चुत में गपागप अपना लंड पेल रहा रहा था और मेरी गांड में भी एक उँगली डाल कर अंदर बाहर कर रहा था मैं आह आहा आ आ yessss आआह और जोर से चोदो अनिल मुझे बहुत मजा आ रहा है आज मेरी चूत फाड़ दो अनिल कह रही थी अब अनिल ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बहुत जोर जोर से मेरी चुत चोदने लगा मैं भी अपनी गांड उछाल उछाल कर उसका पूरा लंड अंदर तक ले रही थी फिर करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ चोदने के बाद अनिल बोला मैं झड़ने वाला हूँ रजनी बताओ कहा निकालूँ अपना पानी मैंने बोला मेरे मुंह में गिराओ मुझे पसंद है बहुत तो उसने तुरंत अपना लंड निकाल कर मेरे चेहरे के सामने अपने हाथ से हिला कर अपना सारा पानी मेरे चेहरे पर गिरा दिया इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी उसका गर्म गाढ़ा पानी मेरे पूरे चेहरे हो नहला दिया कुछ मेरे लिप्स पर गिरा तो मैंने उसे चाट लिया मुझे टेस्ट अच्छा लगा अक्सर मैं अपने पति का पानी पूरा पी जाती हूँ मुझे बहुत अच्छा लगता है फिर अनिल वही बिस्तर पर एक साइड लेट गया और अब मेरे हब्बी जो बहुत देर से मजे ले रहे थे वो मेरी गांड चोदने की तैयार थे मैंने कहा जान मैं मुंह धोकर आती हूँ मैं तुरंत बाथरूम से अपना चेहरा साफ़ करके आई और अपने पति का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी और पाँच मिनट में वो एकदम कड़क हो गया फिर मैंने झुक गई और आदित्य ने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और अपने लंड को मेरी गांड की छेद पर रख कर एक झटके में पूरा लंड मेरी गांड में उतार दिया अब वो मेरी गांड में लगा तार धक्के दे रहे थे कमर पकड़ कर और बीच बीच में मेरी गांड़ में थप्पड़ मार रहे थे मुझे गाली देते हुए साली राँड आज तूने मेरी इक्षा पूरी कर दी पराए मर्द से मेरे सामने चुदवा कर मुझे बहुत मजा आया तुम दोनों की चुदाई देख कर और जोर जोर से मेरी गांड चोदने लगे मैंने कहा आह आदित्य आज तुमने मुझे सच में रंडी बना दिया आह aaaaah upsssss बहुत मजा आया आज और जोर से चोदो अपनी रंडी को आज मैं बहुत ख़ुश हूँ फिर क़रीब 10 मिनट तक चोदने के बाद मैं झाड़ने वाला था तो मैंने सारा माल उसकी गांड़ में ही निकाल दिया और वो बह कर बाहर आ रहा था तो मैंने थोड़ा हाथ में लेकर उसे रजनी को दिया मुंह में उसने पी लिया और बहुत टेस्टी है जान हमेशा की तरह ऐसा बोला ! इधर हम दोनों की चुदाई देख कर अनिल का लौड़ा भी दुबरे तन कर मेरी चुदाई करने के लिए एकदम तैयार था इधर चुत गांड़ दोनो चुदवा कर मैं थक गई थी फिर मैंने बोला चलो सब पहले शावर ले लेते हैं फिर कुछ खा कर फिर अगले राउंड के लिए रेडी होते हैं तो अनिल बोला साली रंडी तेरे जैसे माल हो तो कोई दूसरा कोई काम ना करे दिन रात तुझे चोदे बस और हसने लगा ये सुनकर मैं और आदित्य भी हसने लगे , फिर हम तीनों ने एक साथ बाथरूम में शावर लिया और बाथरूम में दोनों ने मेरी चुत खूब चाटी और मैंने दोनों के लंड को चूस चूस कर उनका पानी निकाल दिया सब थक गए थे फिर हमने साथ में पिज़्ज़ा मंगाया और बियर के साथ खूब एंजॉय किया हम तीनो अभी भी नंगे ही थे हॉल में एक साथ बैठे हुए और बियर पी रहे थे इतने में आदित्य बोले की अनिल यार तुम्हारी बीवी अंजलि भाभी बहुत हॉट है यार मुझे अंजलि को चोदना है तुम्हारे सामने तो क्यों ना किसी दिन हम चारों ग्रुप चुदाई का कार्यक्रम करें ? तो अनिल बोला हाँ आईडिया अच्छा है तुम मेरी बीवी को रण्डी बना कर चोदना और मेरी रजनी को रण्डी बनाऊँगा मैंने कहा रजनी तो रंडी बन गई है अब अंजलि की बारी है हम सब हसने लगे फोई आर मैंने अनिल से कहा अब तुम रजनी की गांड चोदना और मैं इसकी चूत चोदूँगा वो भी एक साथ तो अनिल तुरंत खुश होकर बोला बिल्कुल भैया आज भाभी जी के दोनों छेद चोद चोद कर बड़े कर देने हैं , और हसने लगा उनकी ये सब बात सुनकर मेरी चुत और गांड़ में खुजली सी होने लगी और मैं बोली आज तो सच में मजेदार यादगार दिन है मजा आ जाएगा फिर इतना कह कर मैंने दोनों को एक साथ सोफे पर बैठा कर उनके सामने फर्श पर बैठ कर दोनों के लंड पारी पारी से चूस कर खड़े किए और उसके बाद दोनों ने मेरी चुत और गांड़ में एक साथ लंड घुसा कर चोदने लगे मुझे बहुत ज़्यादा मजा आ रहा था थोड़ा दर्द भी हो रहा था पर इस मजे के सामने वो दर्द कुछ नहीं ! क़रीब १ घंटे की ताबड़तोड़ चुत गांड़ चुदाई के बाद दोनों का पानी मैंने सारा अपने जिस्म पर दूध पर चेहरे पर निकलवाया और फिर थक कर सब पस्त होकर वही लेट गए , और काफ़ी देर ऐसे ही रहने के बाद सब नहा कर आए और अनिल ने विदा ली ! दोस्तों ये थी मेरी बीवी रजनी की पराए मर्द से चुदाई की बिल्कुल असली सच्ची कहानी ! दोस्तों जल्दी ही मैं एक और सच्ची कहानी लेकर आऊंगा जिसमे मैं रजनी अनिल और अनिल की सेक्सी बीवी अंजलि शामिल है ! मुझे मेल करके जरूर बतायें दोस्तों की ये कहानी आप सब को कैसी लगी मुझे आपके मेल का इंतेजार रहेगा और दूसरी कहानी लिखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा ! मेरी मेल आईडी है – aaditya03agr@gmail.com
Antarvasna

मैंने मामी को नीचे Antarvasna खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा. मेरा जोश अब पहले से भी ज्यादा था. क्या पता फिर मौका मिले ना मिले? मैं उनके मम्मे चूसे ही जा रहा था और एक हाथ से चूत सहला रहा था. मैंने अब उनको चाटना चालू किया. उन्होंने अपने हाथों से सर के नीचे जो तकिया था, उसे कस के पकड़ा था. तो मैंने उनकी बगलों में चूमना चालू किया जिससे मामी पूरी सिहर उठी. धीरे धीरे चूमते हुए मैं नीचे आ गया और चूत चाटने लगा. अब मामी ने धीरे से अपने पैर उठाये और अपनी छाती के पास ले गई जिससे अब उनकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया था.

“नयन, अगर तुमको तकलीफ ना हो तो थोड़ा इसे भी चाटो ना!”
मैंने अपनी जीभ गांड के छेद पर रखी और धीरे धीरे अपनी जीभ का जोर बढ़ाया. मामी कसमसा रही थी और नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर मुझसे चुसवा रही थी.
“मामी क्या इस छेद को कभी किसी ने छेड़ा है?”
“नहीं नयन, ये तो मेरी चूत को हो नहीं चाटते! तो इसको क्या चाटेंगे!”
“मामी, मैं इसको चूसूंगा भी और बजाऊँगा भी!”
मामी अब जरा मेरा लंड गीला तो करो!”

मामी ने वापस मेरा लंड मुँह में लिया और चूसना चालू किया.
“अब मामी पेट के बल हो जाओ, मैं आपके पीछे के छेद को छेड़ता हूँ!”
“नयन, संभल के! मैंने कभी पीछे लिया नहीं है!”
“अरे मामी जी! तुमने कभी आगे भी नहीं लिया था! लेकिन अब लेती हो ना!”

मैंने अपनी पकड़ बना ली और उनकी गांड पर लंड का दबाव बनाने लगा.
“नयन, धीरे से करो! मुझे दुःख रहा है!”
“हाँ मामी! मैं धीरे से करता हूँ!”
“मामी, एक काम करो! आप नीचे से गांड उठाओ और धीरे से अन्दर लेने की कोशिश करो!”

लंड तो अब मेरा भी दुखने लगा था क्योंकि गांड का छेद बहुत ही छोटा था. मामी ने अपनी गांड नीचे से उठानी शुरू कर दी थी. वो गांड तो नीचे से उठा रही थी, साथ में चिल्ला भी रही थी.
“नयन, आऽऽऽऽ आआआऽऽऽ बहुत दर्द हो रहा है नयन…!”

अब लंड आधा अन्दर जा चुका था और मामी अब गांड आगे खींचने लगी थी. मुझे लगा कि मामी अब बाहर निकलेगी तो मैंने मामी को पेट के नीचे हाथ डाल कर पकड़ लिया और ऊपर से ऐसा जोर लगाया कि लंड अन्दर धंसने लगा. मामी की तो चीख ही निकलने वाली थी पर उसने जैसे तैसे रोक ली.
“मामी, अब पूरा अन्दर गया है! अब कैसा लग रहा है?”
“नयन, बहुत ही दर्द हो रहा है!”
“मामी, थोड़ा सहन करो! और आपको दर्द ना हो, इस तरह से अपनी गांड नीचे से हिलाओ!”
“हाँ मामी! बस इसी तरह से धीरे धीरे हिलाओ!”

मामी ने अपना काम चालू कर दिया था.
“मामी, कैसा लग रहा है?”
“नयन, यह तो अलग ही अनुभव है! मुझे बहुत ही मजा आ रहा है! तुम भी कमर हिलाओ ना! मजा आ रहा है बहुत!”

अब मैंने अपने शॉट धीरे से चालू किये जिससे उनको तकलीफ़ ना हो.
लेकिन मामी पूरे जोश में आ गई थी, वो तो नीचे से गांड हिला हिला कर लंड ले रही थी.
मैं भी जोरों पर था और और एक हाथ से उनकी चूची भी दबा रहा था.
बहुत देर ये खेल चला!

“मामी, क्या बस करूँ गांड की ठुकाई?”
“हाँ नयन, अब जरा मेरी चूत पर जोर लगाओ!”
मैंने गांड से लंड बाहर निकाला और उनको घोड़ी बना कर उनकी चूत में डाल दिया और पूरी गति से कमर हिलाने लगा.
मामी की सिसकारियाँ रुक रुक कर निकल रही थी जो के मेरे धक्के के कारण हो रहा था.
“मामी, कैसा लग रहा है?”
“नयन, मत पूछो! तुम अपना काम चालू रखो!”
“नयन! आआऽऽऽ आआआआअ… क्या मजा आ रहा है! मैं तो पागल थी जो तुम्हें चोदने को मना कर रही थी!”
“नयन, मैं निकलने वाली हूँ मुझे कस लो नयन! आआऽऽऽ आआआआअ…! ”

मैंने मामी की हालत जान ली और पीछे से उनको कस कर पकड़ लिया.
मामी ने अपनी चूत को मेरे लंड पर कस लिया जिस कारण मैं भी मचलने लगा.
“मामी, ऐसे ही चूत से दबाओ मेरे लंड को! मैं भी निकलने वाला हूँ…मामी ऽऽऽ! ”

और मैं और मामी एक साथ झड़ने लगे. मेरे लंड का फव्वारा मामी की चूत में खाली हो रहा था और मामी भी अपनी चूत के होंट दबा दबा कर मेरा पूरा लंड खाली करवा रही थी.
“क्यों नयन, मजा आया?”
“बहुत मामी…बहुत मजा आया!”
“अरे अभी कहाँ? मजा तो अब तुझे दूंगी जो तुम जिन्दगी भर नहीं भूलोगे!”

और मामी ने मेरा मुरझाया हुआ लंड अपने मुँह में लिया और अपनी जबान से और दातों से उसे चूसने लगी. मेरी हालत तो ख़राब हो रही थी, एक तो पहले ही मैं दो बार झड़ चुका था.
“मामी बस करो ना! अब मेरे लंड में दर्द हो रहा है!”
“नयन, यह दर्द बस थोड़ी देर सहन करो! फिर देखो!”

थोड़ी देर बाद मेरी लंड में जान आने लगी और वो वापिस पहले की तरह तैयार हो गया. मामी मेरे लंड को निहार निहार कर चाट रही थी. शायद उनको लंड चूसना बहुत ही पसंद था.

“नयन, तुम्हरे लंड में तो बड़ा जोर हैं! यह तो तीसरी बार भी तैयार हो गया है?”
“यह तो आप के मुँह में लेने की कला के वजह से हो रहा है!”
“अब मेरी समझ में आया कि मेरी गांड में इतना दर्द क्यों हुआ! यह तो कितना बड़ा है!”
“अब आपको पता चला? जब चूत और गांड दोनों चोद कर हो गया?”
“अरे तुमने देखने ही कहाँ दिया? जब देखो मशीन चालू थी तुम्हारी!”
“हाँ मामी! अब क्या करना है मुझे?”
“नयन, चूत और गांड तो तुमने चोद दी! अब मैं तुम्हें मुँह चोदना सिखाती हूँ.

मामी ने मुझे घोड़ा बना दिया और मेरे नीचे आ कर नीचे से मेरे लंड को पकड़ा.
“नयन, जैसे तुमने मेरी चूत चोदी और मेरी गांड चोदी, उसी तरह अब मेरे मुँह को चूत समझ कर जोर से चोदो!”

मैंने जैसे ही अपनी कमर हिलाना चालू किया, मामी ने अपने मुँह से कमाल दिखाना चालू किया, नए-नए तरीके से मेरे लंड को मुँह में चूस रही थी, कभी अपने होंटों का दबाव बना कर, कभी अपनी जबान से सहला कर मुझे पागल कर रही थी.
मैं भी अब पूरी गति से उनके मुँह में लंड को हिला रहा था. मैं अब घुटनों के बल बैठ गया और मामी वैसे ही नीचे से सर हिला के अपने मुँह को खुद चुदवा रही थी.

मैंने एक हाथ पीछे किया और उनकी चूत में उंगली डाल दी. मामी अब आगे से सर हिला के मुँह को चुदवा रही थी और कमर हिला एक चूत में उंगली ले रही थी. अब मेरा बदन अकड़ने लगा था. मामी अपने मुँह का कमाल दिखा रही थी. मैं अब अपने हाथों पर आ गया और कमर हिला हिला के मामी का मुँह चोदने लगा.
मामी पूरा लो! खा जाओ! मैं तो झड़ने वाला हूँ ऽऽ!!

और एक जोरदार धक्का लगाकर मैं उनके मुँह में झड़ गया. पहले की तरह मामी ने मेरा वीर्य पूरा चाट लिया और मेरे लंड को साफ कर दिया.
फिर हमने उठ कर कपड़े पहन लिए.
“मामी, मैं निकलता हूँ! आपने आज मेरा सपना पूरा कर दिया! अब मैं आप से दोबारा कुछ नहीं मांगूंगा!”
“नयन भले ही तुम मुझे दोबारा कुछ नहीं मांगो, लेकिन तुमने आज जो ख़ुशी मुझे दी है, अब मैं तुमसे रोज तुम्हारा लंड मांगूंगी! तो फिर नयन कल दोपहर को आओगे ना? मैं तुम्हारा इंतजार करुँगी.”
तो दोस्तो! कैसी लगी मेरी आगे की कहानी?

अब तो मैं इतना चोदने का आदि हो गया हूँ कि जब तक दो बार झड़ता नहीं, मैं नीचे उतरता ही नहीं.
तो अब मैं 29 साल का हूँ और मुंबई में रहता हूँ.
मुझे जरूर मेल करें कि मेरी कहानी आपको कैसी लगी! Antarvasna

दोस्तो! Hindi Sex Stories

मेरे पति ने मेरे बारे में आप सभी Hindi Sex Stories को तो बता ही दिया है कि मैं क्या हूँ और उन्होंने सच ही बताया है। मैं सच में बहुत ही कामुक औरत हूँ! मुझे ना जाने क्यों कम उमर से ही सेक्स करने का शौक है!

और मुझे पति भी ऐसा मिला है बिल्कुल मेरे जैसा!

वह कहता है कि अगर जैसे हम ब्लू फ़िल्म देखते हैं, वैसे ही अगर हम अपने सामने अपने किसी खास को चुदते देखें तो सेक्स का मज़ा दुगना हो जाता है।

वैसे मेरा पति भी एक नंबर का चोदु है! कभी कभी तो मुझे चोद चोद कर इतना परेशान कर देता है कि मैं ‘बस’ कह उठती हूँ।

कई बार मैं उसके सामने ही दूसरे मर्दों से चुद चुकी हूँ!
जैसा मज़ा मेरे पति को मुझे चुदवाने में आता है वैसा ही मुझे भी दूसरों से चुदने में आता है।

हमारी शुरुआत कुछ इस तरह हुई:

एक बार एक इनका दोस्त हमारे घर आया।
उसका नाम अरुण है और हम सब उसे पंकज कह कर पुकारते थे।

ये दोनों शराब पी रहे थे.
मैं भी थोड़ी देर इनके साथ बैठ कर अपने कमरे में चली गई, अपने बेटे को सुलाने के लिए!

ये दोनों पीते हुए बातें करते रहे।

थोड़ी देर में मनु मुझे देखने आए कि मैं सो गई हूँ या नहीं।
मैंने भी सोने का नाटक किया और लेटी रही।

थोड़ी देर में ये दोनों फिर बात करने लगे:

“यार तेरे तो मज़े है, अभी तू कुंवारा है और जब चाहे कोई भी लड़की पटा कर बजा सकता है!”मनु ने कहा।

“खाक मज़े है! साला किसी लड़की को पटाओ तो हफ्तों बीत जाते है! साला गश्ती ले कर आओ तो उसके रेट ऊंचे होते हैं!”पंकज ने कहा।

“तो क्या हुआ यार कोई ऐसी लड़की पटा जो पहले से ही बजी हुई हो और अपनी और बजवाना चाहती हो!”

“नहीं यार ऐसी लड़कियाँ कम ही मिलती हैं, अगर मिल भी जायें तो सालियों को मज़ा देना पड़ता है बहुत कम ऐसी होंगी जो ख़ुद मज़े दें!”
“तो फिर ख़ुद मज़े देने वाली कहाँ से मिलेगी?”

“हाँ यार अगर कोई शादीशुदा औरत जिसका एक तीन या चार साल का बच्चा हो न! वो ही फुल मज़े दे सकती है।”
“मतलब? कैसे?”

“यार जिसका अभी बच्चा हुआ हो वो और छोटा हो तो उसकी चूत अभी नई नई खुली होती है उसकी चूत में खुजली भी बहुत होती है और उस खुजली को सिर्फ़ मोटा ताज़ा लंड ही बुझा सकता है!”
“अच्छा!”

मैं अन्दर से सब सुन रही थी!

“हाँ यार ऐसी औरत के साथ मज़े ही अलग आते हैं, मैंने एक बार एक गश्ती चोदी थी, साली का फिगर इतना मस्त था! क्योंकि औरत बच्चा होने के बाद थोड़ा सा भर जाती है उसके चुचे बिल्कुल पके हुए आम की तरह हो जाते हैं
एकदम रसीले मोटे मोटे!”

“साली की गांड बाहर को निकली हुई उठी उठी सी! गोल गोल मोटी मोटी जांघें आ आहा देखते ही नंगी करके चोदने को जी चाहे!

“अच्छा यार चल अब बता तो तूने उसे कैसे चोदा? मेरा तो लंड सलामी देने लगा है!”

“बस मत पूछ यार! मैंने नहीं, उस साली ने मुझे चोदा! मैं तो सिर्फ़ उस के बताए अनुसार कर रहा था। क्या पोज़ थे उस साली के, कम से कम तीन बार उसने मुझे चोदा!”

“अच्छा यार, एक बात बोलूं? तू तो अपना दोस्त है तुझसे क्या परदा! सोनिया भी यार एक बच्चे की माँ है वो भी भरे बदन की है और तू सच कह रहा है ऐसी औरतों को चुदने का बड़ा मन करता है!”

पंकज थोड़ा सा चौंका कि ये मनु क्या कह रहा है??

“ऐसे मत देख पंकज मैं सही कह रहा हूँ, सच में सोनिया के साथ मज़ा आ जाता है!”

“पंकज तुझसे एक बात पूछूँ?”मनु ने कहा!
“हाँ हाँ! पूछ न!”

“यार तुझे सोनिया का बदन कैसा लगता है?”

अब तो पंकज बिल्कुल ही चौंक गया, “ये क्या कह रहा है तू मनु?”
“सच बता यार! शरमा मत! मैं चाहता हूँ, कोई सोनिया के बदन की तारीफ करे!”
“लगता है तुझे ज्यादा हो गई है!”

मैं भी सुनना चाहती थी कि अब कोई क्या कहता है! मुझे भी सुनने में मज़े आ रहे थे।

“नहीं तू बुरा मत मान, जो कहना है कह दे आज, तू मेरा दोस्त है! मैं बुरा नहीं मानूंगा!”

पंकज को लगा अब मनु नहीं मानेगा तो उसने भी कहना शुरू कर दिया, “यार सच में न सोनिया भाभी का फिगर इतना कातिल है की कोई भी देखे तो उसका लंड पैन्ट फाड़ कर बाहर आ जाए!”

“और बता यार!”

“सच में यार तू मानेगा नहीं! मैं हफ्ते में तीन बार तो सोनिया भाभी को याद कर के मुठ मारता हूँ, रात को सोते हुए भी कभी कभी में आँखें बंद करके सोचता हूँ अगर मैं सोनिया भाभी की चुदाई करूँगा तो किस तरह करूँगा! सच में
सोनिया भाभी के 36 इंच की गोलाइयों के बीच में अपना लंड छुपाने को मन करता है। कम से कम सोनिया भाभी की कमर 27 इंच की तो होगी ही और गांड तो मत पूछ इतनी गोल और कसी हुई है की घोड़ी बना कर गांड में थूक लगा
कर लंड का पूरा सुपाड़ा अन्दर करने को मन करता है, सोनिया भाभी की जांघें इतनी गोल और चिकनी है कि मन करता है चूमता ही रहूँ!”

“मैं तुझे बताता हूँ! मनु तूने कभी ब्राजील में साम्भा डांस देखा है क्या? उनमें जो काली काली सी औरतें सिर्फ़ रंग बिरंगी पैंटी पहन कर अपने चूचों को सिर्फ़ नाम मात्र के कपड़े से ढक कर नाचती हैं, उनको देख कर मुझे हमेशा
सोनिया भाभी की याद आ जाती है!”

“हाँ यार पंकज, तूने सही कहा सोनिया बिल्कुल वैसी ही है वैसे है, मोटी गांड वैसी जांघें उतने ही मोटे चूचे कसम से तूने सही कहा!”

मैं भी आपने बदन की तारीफ सुन कर खुश हो रही थी।

“यार पंकज, अब बता, अगर तुझे सोनिया को चोदने का मौका मिले तो तू कैसे चोदेगा?”

“सच बताऊँ तो सोनिया भाभी को सबसे पहले एक टाइट सा टॉप पहनाऊंगा और नीचे एक मिनी स्कर्ट वो भी चिपकी हुई जिसमें से उनकी गोल गोल जांघों के दर्शन हो रहे हों और स्कर्ट की लम्बाई भी इतनी की सिर्फ़ उनकी पैंटी न
दिखे! अन्दर उनको एक सेक्सी सी बिकनी पहनाऊंगा जिसमे सिर्फ़ उनके चूचों की नोकें छुपें और चूत की दरार ढके! पीछे गांड के अन्दर से जाती हुई बिकनी! कसम से फिर धीरे धीरे से उनको अपने कपड़े उतरने को कहूँ, पहले टॉप!
फिर स्कर्ट धीरे धीरे! ब्रा उतरते ही उनको कहूँगा- अपने चूचे हाथ से पकड़ ले! फिर धीरे धीरे उनके चूचे उन्हीं के हाथ से चूसूंगा! फिर पैंटी को उन्हीं को उतारने को कहूँगा!”

मुझे भी ये सब ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरे साथ पंकज कर रहा है।

उधर पंकज पूरे मज़े से मनु को बता रहा था, “मैं भी पूरा नंगा हो कर सोनिया भाभी के मुँह में अपना लंड दे दूंगा! चूसाता ही रहूँगा चूसाता ही रहूँगा! जब तक उनके बदन पर अपना गरम माल नहीं छोड़ देता!”

“अपना माल झाड़ते ही फिर भाभी को दुबारा चूसने को कहूँगा इस बार उनकी आंखों पर पट्टी बाँध कर बिस्तर पर उल्टा लेटा कर उनके हाथ बाँध कर पीछे से उनकी चूत मारूंगा आहा! पीछे से जब चूत मारूंगा तब झटके
पड़ते ही सोनिया भाभी की चीख निकल जाए ऐसा झटका मारूंगा! आहा! हर झटके पर उनकी गांड पर पट!पट! की आवाज़ आहा! भाभी हर झटके पर चिल्ला कर कहेगी और तेज़ पंकज और तेज़!

फिर उनको कुतिया की तरह पोज़ में लाऊंगा! इस बार गांड पर थूक लगा कर अपना लंड सीधा करके सीधा एक ही शॉट में अन्दर! सोनिया भाभी चीखती रह जाएंगी आहा मर गई! कुत्ते! आआ आआ आआआ फाड़ डाली मेरी
गांड कमीने! अआहा हरामजादे! पंकज! ये क्या कर डाला तूने! पर मैं एक नहीं सुनूंगा! और लगातार लगा रहूँगा उनके भोसड़े को फाड़ने में!

भाभी जब चुप नहीं होंगी तो मुझे भी कहना पड़ेगा “! साली कुतिया एक तो इतनी टाइट गांड कर रखी है! उस पर जब तेरी गांड का भोसड़ा बना रहा हूँ तो चिल्ला रही है! साली कल को इतना बड़ा छेद कर दूंगा के जब मर्ज़ी
दो दो लंड ले लेना आगे भी पीछे भी एक साथ! साली रांड! आज ले ले मज़े! आज तो तेरी जवानी को कुचल के रख दूंगा!

और ये पक्का है मेरा ऐसा कहते ही भाभी और मज़े से मेरे साथ लग जाएगी! बड़ी देर तक भोसड़ा चोदने के बाद सोनिया भाभी की गांड से लंड निकाल कर उसी पोज़ में चूत में लंड पेल दूंगा! सोनिया भाभी की आवाज़
आएगी! बहन चोद अब आया न असली पोज़ में साले कुत्ते अब न छोड़ियो! मुझे पेल कमीने मादरचोद! आज तो इस प्यासी चूत की चटनी बना दे!

आअहा आह साली! ले और ले! ले आज पूरा लंड तेरी चूत के हवाले! और सोनिया भाभी भी अपनी गांड हिला हिला कर पीछे को धक्के मारती रहेंगी! हाँ हाँ पंकज हाँ हाँ! ले और तेज़! और तेज़! ले फाड़ दे आज चूत को! निकाल दे सारा पानी आज तो! कमीने! मेरी गर्म चूत को मत उदास छोड़ना! आज मेरा पानी निकाल दे … मैं सारी ज़िन्दगी तेरे लंड का सलाम लेती रहूंगी!

“इस पोज़ में भी काफी देर के बाद फिर पोज़ बदलूँगा इस बार उन्हें बिस्तर पर सीधा लेटा कर ख़ुद नीचे खड़ा होकर उनकी कमर पकड़ कर! अपना लंड बिल्कुल सीधा डाल कर!

“बस बस पंकज बस?” मनु तभी बोल पड़ा!

ओहो ये क्या किया मनु तूने मैंने मन ही मन सोचा! इतना मज़ा आ रहा था लग रहा था पंकज सच में ही मुझे चोद रहा था! मेरी चूत भी कुछ गीली हो चुकी थी!

“बस यार अब मेरा काम तो हो गया!” मनु ने अपना हाथ अपने लंड से हटा कर कहा!

“ये क्या मनु! तू मुठ मार रहा था?” पंकज बोला

“हाँ यार, क्या करूं … तू बता ही इस तरह से रहा था!”

“यार बता ही तो रहा था अगर असली में करुंगा तो तेरा क्या होगा?”

“होगा क्या … जब तू सोनिया को चोदेगा तो मैं भी तेरे साथ उसको चोदने लगूंगा!

“हाँ यार मज़ा तो बहुत आएगा, एक साथ सोनिया भाभी की चुदाई करने में!”

“हाँ हम तीनों एक कमरे में एक बिस्तर पर दोनों बिल्कुल नंगे और तेरी सोनिया भाभी तेरे पहनाए हुए कपड़ों में हम दोनों यहाँ बिस्तर पर बैठ कर पैग लगते हुए उसको कपड़े उतारते हुए देखेंगे और फिर टक टका टक!”चुदाई का खेल शुरू!

“पर यार, भाभी मानेगी?”

मैं तो कब से तैयार हूँ सालो! अभी आ जाओ तो बताती हूँ कौन किसे चोदता है! मैंने सोचा।

“यार उसे तो मनाना पड़ेगा पता नहीं तैयार होती है या नहीं! चल अभी तो तू यही सो जा! रात हो गई है सोनिया भी सो गई है। मैं भी मुठ मार कर हल्का हो गया हूँ, मैं भी सोता हूँ! अगर तुझे भी रात को मुठ मारने के लिए कुछ
चाहिए तो बता? सोनिया ने काफी सेक्सी मैक्सी पहन रखी है, थोड़ा सा उसकी जांघों के दर्शन चाहिएँ तो बता!

“हाँ यार करा दे यार! आज रात मुठ मार कर ही काम चलाता हूँ, आज तक सोनिया भाभी को सोच कर मुठ मारता रहा था, अब देख कर मुठ मारता हूँ!

मैंने ये सुन लिया और मैं भी सीधी लेट गई। अब मेरी टाँगें पूरी तरह दिख रही थी!

“ये ले पंकज!” मनु ने मेरी पूरी मैक्सी ऊपर कर दी। अब सिर्फ़ मेरी पैंटी दिख रही थी और मेरी नंगी जांघें उन दोनों के सामने थी!”

“आऽह ऽआ मनु साले कसम से क्या जांघें हैं! मन कर रहा है खोल कर कच्छी खींच कर डाल दूँ अन्दर!”

तो देख क्या रहा है कुत्ते!कर न फिर! मैंने सोचा।

पंकज ने अपना लंड निकाल लिया और मेरे सामने ही मुठ मारने लगा।
मैं भी थोड़ी खुली आंखों से उसके लंड को निहार रही थी, सच में काफी बड़ा लंड था उसका!
कितनी ही लड़कियाँ उस लंड ने चोदी होंगी! सोच कर ही मेरे बदन में सिहरन हो गई!
पर ये क्या??

पंकज भी झड़ चुका था! खैर चलो! शायद कल इनका प्रोग्राम बन जाए! और मेरे मज़े आ जायें?

अगले दिन फिर जो हुआ वो सब मैं आपको अगली बार बताऊंगी!
पर इतना है कि उसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा!
सोनिया Hindi Sex Stories

मेरे साले की बीवी का नाम स्वरा (बदला हुआ नाम) है. उसका फिगर 30-28-32 का है. वो दिखने में एकदम सुंदर माल जैसी है. उसका रंग मक्खन सा सफेद है.

उसकी शादी के बाद से ही हम दोनों में खूब जमती थी क्योंकि आपको तो पता ही है कि सलहज और जीजा में कुछ ना कुछ तो चलता ही रहता है.

स्वरा मुझसे अपनी हर बार साझा करती रहती थी, जिस कारण से हम दोनों काफ़ी क्लोज हो गए थे.

उसकी बातों से मुझे ये भी मालूम थी कि उसका पति उसमें कम इंटरेस्ट लेता था.
पता नहीं क्यों … लेकिन मेरे लिए तो ये सही था.

एक दिन मेरी सासू मां और उसके बेटे को उनके कोई निजी काम से एक दिन के लिए दिल्ली जाना पड़ा.

उन्होंने मुझसे कहा- आप या तो यहां रुक जाना या स्वरा को वहां अपने घर ले जाना.
स्वरा ने कहा- मैं जीजा जी के घर जाऊंगी तो घर सूना हो जाएगा. जीजू यहीं रुक जाएंगे. एक रात की तो बात है.

ये बात सुनकर उन्होंने भी हां कर दी और मैं उन दोनों को बस पर छोड़ कर उनके घर दस बजे के करीब पहुंच गया.

स्वरा ने नाइट सूट पहना हुआ था. नीचे पज़ामा और ऊपर बटनों टी-शर्ट वाली.

तो स्वरा ने मुझसे कहा- जीजू आपको चेंज करना है, तो कर लीजिए, फिर आराम से बैठते हैं.
मैं बाथरूम में चेंज करने चला गया.

मैंने जानबूझकर बाथरूम का गेट पूरा बंद नहीं किया. जब मैं अन्दर गया तो अन्दर स्वरा की ब्रा टंगी हुई थी. मैं वहां उसकी ब्रा अपने लंड पर लपेट कर मुठ मारने लगा.

कुछ ही देर में मैंने अपने लंड का पानी ब्रा में निकाला और चेंज करके बाहर आ गया.

मुझे ये नहीं पता था कि उस ब्रा को थोड़ी देर में ही उठा कर मशीन में डालने वाली है.

मैं अन्दर बैठा था तो मैंने देखा कि वो बाथरूम में गई और उसने बाथरूम से कपड़े उठाए.
फिर उसने मेरी और थोड़ा अजीब सी नजरों से देखा. फिर वो वॉशिंग मशीन की तरफ चली गयी.

मैं समझ गया कि इसे पता चल चुका है कि मैंने इसकी ब्रा के साथ क्या किया है.

फिर वो कमरे में आ गई.
कमरे की लाइट्स ऑफ होने के बाद रूम में अंधेरा हो गया था.

हम दोनों ही बेड पर लेटे हुए बातें कर रहे थे.
बातों बातों में वो मुझे बताने लगी थी कि इनको सेक्स में कोई इंटरेस्ट ही नहीं है. मैं कुछ कहूँ तो उन्हें मेरी बात बुरी लगती है.

मैंने कहा- नहीं तुम नहीं कहा करो, तुम क्यों ये सब कह कर अपनी वैल्यू कम करती हो.
वो बोली- हां, अब मुझे उनसे कुछ नहीं कहना है. मुझे उनसे अब कोई शिकायत नहीं है.

उसकी ऐसी बातें सुनकर मेरा लंड पूरा कड़क हो गया था. मैंने अंडरवियर भी नहीं पहनी थी, तो पजामे में मेरा लंड तम्बू बना रहा था.

रात के 12.30 बज चुके थे और स्वरा को नींद आ चुकी थी.

फिर भी मैंने चैक करने के लिए उसको आवाज लगाई.
उसका कोई जवाब नहीं आया.
मुझे कुछ हिम्मत मिली और मैं धीरे धीरे सरक कर उसके पास चला गया.

वो चित सोई हुई थी और उसने अपने बदन पर चादर डाला हुआ था.
शायद एसी के कारण उसे ठंड लग रही थी.

मैंने चादर को धीरे से एक तरफ किया और जहां उसकी टी-शर्ट के बटन थे, वहां हल्के हाथों से बटन खोलने लगा.

उसकी शर्ट में बटन आराम से खुलने वाले थे, तो जरा सी कोशिश में ही उसके दो बटन खुल गए.

एसी की एलईडी की रोशनी कमरे में काफी उजियाला कर रही थी जिसमें से में मुझे उसका पेट साफ़ दिखाई देने लगा था.

फिर मैं ऊपर वाले बटनों की तरफ गया तो वो उसके फूले हुए मम्मों के कारण उधर के बटन काफी टाइट लगे थे.
मुझसे बड़ी मुश्किल में उसमें से एक ही बटन खुल पाया.

तभी वो हिलने लगी और करवट लेकर पलट गई.

मुझे बहुत खीज हुई क्योंकि मुझे उसके बूब्स टच करने थे और अब वो उस साइड मुँह करके सो गई थी.

फिर भी मैंने अपनी कोशिशें जारी रखीं और कुछ मिनट बाद उसकी पीठ तरफ से उसका पज़ामा नीचे करने की कोशिश करने लगा.

स्वरा की फूली हुई गांड होने के कारण पजामा ने नीचे उतरने से मना कर दिया और मुझसे झांट कुछ नहीं हो पाया.

अब जब तक वो वापिस नहीं मुड़ जाती, तब तक मेरे पास कोई रास्ता नहीं था.

थोड़ी ही देर बाद मुझे ऐसे लगा जैसे शायद उसको सुसु आई क्योंकि वो हिल रही थी और उठने की कोशिश में थी.
मैंने इसे एक मौक़ा माना और मैं फटाफट उठ कर वॉशरूम में चला गया.

बाथरूम का गेट बिना बंद किए मैं मूतने लगा. मैं इस तरह से खड़ा था कि मेरा लंड उसे दिख जाए.

एक मिनट बाद ही वो आंखें मसलती हुई जब बाथरूम के पास आई तो मैं अपने लंड को हिला रहा था.
उसने मेरे लंड को देखा और वो एक तरफ हो गई.

वो बोली- जीजू, गेट बंद नहीं किया आपने.
मैंने कहा- कोई और था नहीं घर पर, मुझे नहीं पता था कि तुम भी उठ जाओगी. गर्मी कुछ ज्यादा थी तो नहीं किया.
वो बोली- ओके.

कुछ पल बाद मैं बाहर आ गया और वो अन्दर चली गई.

उसने सुसु की और हम दोनों वापिस बेड में आ गए.
हम दोनों फिर से सोने लगे.

उस समय रात के 3 बजे से ज्यादा का समय हो गया था.
उसने ठंड की वजह से एसी बंद कर दिया था और चादर भी हटा दिया था.

वो जब सो गई तो मैंने उसके मम्मों को सहलाना शुरू किया.

उसका कोई विरोध नहीं हुआ तो मुझे हिम्मत आ गई.
मेरी सोच यही थी कि आज कैसे भी करके ये मौका नहीं छोड़ना है.

मैंने हल्के से उसको आवाज दी, ‘स्वरा …’
उसका कोई उत्तर नहीं आया.

मैंने फिर से उसे जगाया, तो वो नींद में ही बोली- हां जीजा जी.
मैंने कहा- स्वरा यार, मैं तुझे पसंद करता हूँ.

ये बात सुनकर वो हंसने भी लगी और शर्मा गई.

वो बोली- मैं नींद में इतनी भी बेसुध नहीं हूँ, जो मुझे पता नहीं चल रहा कि आप क्या कर रहे हो. पहले मेरी ब्रा में अपना पानी गिराया, फिर मेरी शर्ट के बटन खोले. मुझे सिड्यूस करने के बाद भी आपने कुछ नहीं किया और 3 बजा दिए.

मैंने कहा- क्या मतलब?
वो बोली- मुझे भी जरूरत है जीजू … बहुत दिन से मैं भी प्यासी हूँ.
इतना कहते ही वो मेरे गले लग गई और हम दोनों लिपकिस करने लगे.

वो मेरे ऊपर आ गई और उसने मेरी टी-शर्ट को उतार दिया. वो मेरे सीने को पागलों की तरह चूमने और चूसने लगी.

मैंने उसकी शर्ट को उतार दिया और वो ऊपर ब्रा में रह गई. मैंने उसका पज़ामा उतार कर उससे कहा- हनी 69 में आ जाओ.

उसके पति ने कभी उसकी चूत नहीं चाटी थी तो वो 69 समझ नहीं पा रही थी.

फिर मैंने खुद ही उसकी चूत की तरफ आकर उसकी चूत चाटी, तो वो कंट्रोल से बाहर हो गई. मैं लगा रहा और वो आंह आंह करती रही अपनी चूत मेरे मुँह में देती रही.

कुछ ही पलों में उसकी चूत का सारा पानी मेरे मुँह में आ गया.
वो झड़ कर मेरे बाजू में लेट गई.

कुछ मिनट बाद मैं नंगा हो गया और उसको गोदी में उठा कर उसे चूमने लगा.
मेरा लंड उसकी चूत में रगड़ मार रहा था.

उसने मेरे लंड को हाथ पकड़ कर रास्ता दिखाया और मैंने लंड चूत में डाल दिया.
वो आंह कह कर सिसक उठी.

उसकी चूत एकदम कसी हुई थी.
साले साहब का लंड एक तो छोटा था और काफी दिन से चूत में गया भी नहीं था.

कुछ देर की उन्ह आह के बाद वो चुदाई के पूरे मजे लेने लगी.

हमारी चुदाई धकापेल चलने लगी.
पहली बार का मामला था तो ये चुदाई 10 मिनट ही चली और मेरा लंड पानी छोड़ने को हो गया.

मैंने लंड चूत से निकला और पानी बाहर ही छोड़ दिया.
वो काफी खुश थी.

कुछ देर बाद हॉट फॅमिली पोर्न का दूसरा राउंड शुरू हो गया.
उस बार मैंने उसे हचक कर चोदा.
वो भी अपनी चूत को हर आसन में चुदवाने को मचल रही थी.

मैंने रात भर अपनी सलहज की चूत का मजा लिया.

पूरी रात चुदाई के चार राउंड करने के बाद हम दोनों काफी थक चुके थे.
स्वरा को भी नींद आ रही थी.

मैंने उसको सोने के लिए कहा और हम दोनों बिना कपड़ों के सो गए.
अगली सुबह मॉर्निंग जब मैं उठा तो देखा कि वह बिस्तर पर नहीं थी.

जब मैंने बाहर देखा, तो वो किचन में काम पर लगी हुई थी.

मैंने उसे आवाज लगाई और चाय बनाने के लिए कहा. मेरे दिमाग़ में अभी भी सेक्स करने की इच्छा चल रही थी.

मैंने उसके रूम में आने से पहले ही लंड सहलाना शुरू कर दिया था.

कुछ ही देर में वो अन्दर आई और मुझे लंड सहलाते देख कर मुस्कुराने लगी.

उसने कहा- जीजू, अभी तक शांत नहीं हुए आप!
मैंने कहा- तू है ही इतनी सेक्सी कि कंट्रोल करना मुश्किल है.

मेरी बात सुनकर वो मेरे पास आकर मुझे लिपकिस करने लगी.

मैंने उसे कपड़े उतारने के लिए कहा.
वो झट से अपना सलवार कुर्ता उतार कर मेरे पास आ गई.

उसने सिर्फ़ ब्लैक कलर की ब्रा डाल रखी थी.

मैंने उसे मेरे मुँह पर बैठने को कहा.
वो अपनी चूत चटवाने के लिए मेरे मुँह पर बैठ गई.

मैंने जीभ से उसकी फुद्दी चाटना शुरू कर दिया. मेरी जितनी जीभ अन्दर तक जा सकती थी, मैंने डालकर मजा लिया.

मेरी इस हरकत से वो फिर से चुदासी हो गई और मेरे मुँह से चूत हटा कर मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और उसकी चूचियों को ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया.
वो और ज़्यादा गर्मा गई और मुझे लंड अन्दर डालने के लिए कहने लगी.

मैं झट से उसके ऊपर चढ़ गया और लंड सैट करके एक ही झटके में पूरी ताक़त से अपना लंड उसकी फुद्दी में उतार दिया.
वो ‘आह मर गई …’ कह कर सिहर उठी.

कुछ ही मिनट में ही उसको चरम सुख की प्राप्ति होने लगी और उसकी चूत से पानी बाहर बहने लगा.
वो चिल्लाने लगी.

मैंने भी देर ना करते हुए अपना लंड बाहर निकाला और उसके मम्मों पर मुठ मारने लगा, अपने लंड का सारा पानी उसके मम्मों और पेट पर निकाल दिया.
वो खुश हो गई.

उस दिन शाम को मेरे साले और सासू मां को वापस आना था.
मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली और तीन बजे तक अपनी सलहज को चोद चोद कर तृप्त कर दिया.

प्रेषक : राहुल गुप्ता Antarvasna

तृतीय भाग से आगे : अगले Antarvasna दिन रविवार था। सभी लोग जल्दी ही उठ गए थे क्योंकि विशाल भैया लखनऊ मेल से सुबह आठ बजे ही आ गये थे। हम लोग विशाल भैया से कोई एक साल के बाद मिल रहे थे। विशाल भैया को मेरे इलाज के बारे में कुछ पता नहीं था। सभी लोग खुश थे, चाय नाश्ते के साथ हंसी मजाक चल रहा था। मैं कुछ जादा ही उत्साहित थी, यह सोच कर कि आज विशाल भैया मुझे चोदेंगे।

अचानक विशाल भैया मेरी तरफ देखते हुए मम्मी से बोले- लगता है रश्मि छोटी की छोटी ही रह जाएगी, बढ़ेगी नहीं।

इस पर मम्मी ने मेरे इलाज के बारे में विशाल भैया को विस्तार से, गम्भीरता से बताया।

ठीक है ! मैंने भी डाक्टर लाल का नाम सुना है काफी मशहूर हैं, उन्होंने जो राय दी है वह ठीक है। जब तक मैं यहाँ हूँ। मैं ही अपना वीर्य पिला दूंगा !

और फिर हंसी मजाक चलने, होने लगा।

विशाल भैया चाय नाश्ता करने के बाद मम्मी से बोले- बुआ जी ! मुझे नींद आ रही है मैं रात को सो नहीं पाया।

मम्मी बोलीं- ठीक है, तुम स्लीपिंग सूट पहन कर कुछ देर आराम कर लो, जब खाना तैयार हो जाएगा, तब मैं तुमको उठा दूंगी।

इसके बाद मेरे फूफा अपने काम से बाहर चले गए, मम्मी और मैं खाने की तैयारी में लग गए।

खाना एक बजे तैयार हो गया। मम्मी ने मुझ से कहा- जाकर विशाल को जगा कर खाने के लिए बुला लो।

मैं भैया को उठाने के लिए उनके कमरे में गई। विशाल भैया सो रहे थे लेकिन उसका लंड पजामे के अन्दर पूरी तरह से खड़ा दिख रहा था। तभी मेरे दिमाग में सुबह की डोज लेने का खयाल आया और मैं उनके लंड को पजामे के ऊपर से ही पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी। इतने में भैया की आँख खुल गई हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ सामान्य तरीके से देखा।

मैंने अपना हाथ लंड पर से हटा लिया और बोली- आप जब सोए हुए थे तो आप का लंड पूरी तरह से खड़ा था, देखिए अभी भी खड़ा है ! यह बताइये कि आप सपने में किसको चोद रहे थे? इतने में मम्मी भी कमरे में आ गईं, उन्होंने मेरी बातें सुन ली और भैया के पजामे की तरफ देखने लगी जिसमें भैया का लंड अभी भी ठुनकी मार रहा था और भैया उसको बैठाने की कोशिश कर रहा था …

हाँ विशाल ! बताओ… कोई लड़की है जिसकी तुम लेते हो?

विशाल भैया थोड़ा सा शरमाते हुए बोले- रेनू ! मेरी क्लास-मेट है !

अच्छा तो तुम उसी को नींद में चोद रहे थे… मम्मी ने व्यंग्य में कहा।

भैया मुस्कराने लगा।

फिर मम्मी ने कहा- चलो, अभी तुम्हारा मूड है ! रेनू समझ कर अपनी फुफेरी बहन को सुबह की डोज दे दो फिर आकर खाना खा लेना।

यह कहते हुए मम्मी कमरे से बाहर निकल गई।

विशाल अभी भी लेटा था उसने मेरी तरफ सेक्सी निगाहों से देखा और बोला- चल रश्मि पहली बार चुदने के लिए तैयार हो जा।

मैं बोली- मैं तो सुबह से ही तैयार हूँ…

तो आ जा ! मेरा लंड पजामे के बाहर निकाल ! इसने भी बहुत दिनों से चूत के दर्शन नहीं किये हैं, तेरी अनचुदी चूत को चोद कर यह मस्त हो जाएगा।

फिर मैने विशाल का पजामा पूरा उतार दिया. उसका लंड अभी भी खड़ा था, मैं गप्प से मुँह में ले कर चूसने लगी। भैया का लंड और कड़ा हो गया। मैं लंड के सुपारे को कस कर चूस रही थी, भैया मेरे मुँह को कायदे से चोद रहा था।

पांच मिनट के बाद वह बोला- तुम अपने सारे कपड़े उतार दो ! अब मैं तुम्हारी चूत को चोदूँगा।

मैंने सारे कपड़े उतार दिए। फिर भैया ने मुझे बिस्तर पर लिटाया, मेरी टांगें फैलाई और फिर 69 की अवस्था में मेरी चूत को चाटने लगा। मैं उसके लंड को कस कर चूसने लगी। जैसे जैसे भैया मेरी चूत को चूस रहा था, वैसे-वैसे मेरी चूत में चुदाई की चाहत बढ़ती जा रही थी, मेरी चूत ने पानी का फव्वारा छोड़ना शुरू कर दिया था। भैया का पूरा चेहरा मेरी चूत के पानी से भीग गया था।

भैया ने कहा- तुम तो बहुत जबरदस्त झड़ती हो ! लगता है तुम्हारी चूत अब चुदने के लिए तैयार है।

मैंने कहा- जी भैया… !

और फिर विशाल उठ कर बैठ गया और मेरी टांगें फैलाकर अपना फनफनाता हुआ लंड मेरी चूत के मुँह पर रख कर धीरे से अन्दर की तरफ ठेला।

हालांकि भैया का लंड थोड़ा पतला था लेकिन लम्बा था। फिर भी सुपारा घुसते ही मेरा चेहरा दर्द के मारे लाल हो गया।

भैया ने मेरी तरफ देखा और बोले- दर्द हो रहा है?

मैंने कहा- हाँ… बहुत दर्द हो रहा है।

भैया बोले- बस थोड़ा सा सह लो ! अभी यह दर्द मस्ती में बदल जएगा।

और भैया लगा कस कर पेलने।

भैया ने सही कहा था ! करीब 5मिनट के बाद मेरा सारा दर्द गायब हो गया था और मैं भैया से चिपटने लगी। विशाल मुझे कस कर चोदे जा रहा था !

मेरे मुँह से अनायास ही निकलने लगा- … ओह्ह्ह्ह्ह……आह्ह्ह्ह्… और कस कर चोदो मेरे अच्छे भैया… ओह माई गॉड प्लीज और अन्दर तक पेलो, मेरी बुर को चोद चोद कर भक्काड़ा कर दो प्लीज भैया… प्लीजऽऽऽ !

इस अलौकिक आनन्द से जैसे मैं पागल हुई जा रही थी और कई बार मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरे बुर से पानी का फव्वारा निकला हो।

इतने में भैया ने झट से अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया और मुझसे बोले- ले मेरे लंड को जल्दी से चूस ले ! माल निकलने वाला है !

मैंने तुरन्त उनका लन्ड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। थोड़ी ही देर में भैया का ढ़ेर सारा वीर्य मेरे मुँह में भर गया, मैं तुरन्त वीर्य को गटक गई भैया का वीर्य काफी स्वादिष्ट था।

इसके बाद हम लोग खाना खाने चले गए।

क्रमश: ………….. Antarvasna

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