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Massage Girl in Ramanathapuram: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Ramanathapuram who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Ramanathapuram that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Ramanathapuram massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Ramanathapuram who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Ramanathapuram massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Ramanathapuram massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Ramanathapuram who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Ramanathapuram employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Ramanathapuram helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Ramanathapuram

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Ramanathapuram at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

आप Antarvasna सबको आपकी अंतरा का रस भरा नमस्कार तो हुआ यूँ :

अब बाली उमर में मेरा दाना मस्तियाने लगा। उमर इतनी भी नहीं थी कि शादी की सोचती ! बड़ी बहनें भी तो थी ! मेरी चूचियाँ कमबख्त मेरी ही चोली की रगड़ से कड़ी हो जाती और कभी मूतने के लिए बैठने पर जब ठंडी हवा चलती तो मेरी चूत रस छोड़ने लग जाती। क्या करूं, कुछ समझ में ही नहीं आता था। हर वक़्त बस केला ही याद आता था। मेरी माँ भी बैरन रोज रात को सिसक-सिसक कर चूत पेलवाती थी और मेरी फड़कती चूत मुझे चिढ़ाती थी। मैंने भी सोच लिया कि कुछ रास्ता निकालना पड़ेगा।

एक रोज दोपहर को मुझे मेरी माँ ने पापड़ सुखाने के लिए दिए और कहा- इनको छत पर ठीक से फैला देना, देखना उड़ न जायें, मैं पड़ोस में जा रही हूँ, शाम तक आउंगी।

मैं पापड़ों को ले कर छत चली गई। दोपहर होने के कारण पड़ोस की सभी छतें खाली थी। हमारी छत में एक किनारे पर एक कमरा है जिसमे कबाड़ रहता है। मुझे वहाँ से कुछ आवाजें सुनाई दी। मैं दबे पांव वहाँ पहुँची तो देखा कि हमारे माली का लड़का वहाँ अपने लंड को निकाल कर मसल रहा था और उसके हाथ में एक किताब थी। मैं डर गई और दूसरी तरफ जा कर पापड़ सुखाने लगी। कुछ देर में वो वहाँ से निकला और मुझे देख कर जल्दी जल्दी भाग गया। मैं कुछ बोल भी नहीं पाई।

उस दिन मेरी बड़ी बहन सोमा ने मुझे बुलाया और मेरे कान पकड़ के दो थप्पड़ लगा दिए। मैं कुछ पूछती, इससे पहले उसने कहा- क्यूँ रांड ! छत पर कमल के साथ रंगरलियाँ मन रही थी?

मैंने कहा- नहीं, मैं तो पापड़ सुखाने गई थी !

तो सोमा ने मुझे फिर लताड़ा और मुझे वो नंगी किताब दिखाई और कहा- यह किताब मुझे कमल ने दी है और तेरी शिकायत की है कि तूने यह किताब उसे दिखाई और उसका लं…. पकड़ा !

यह साफ़ झूठ है सोमा ! मैंने कुछ नहीं देखा।

“कमीनी … रंडी…..”

सोमा ने मुझे बहुत पीटा। मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि साले कुत्ते के बच्चे ने मुझे किताब दिखाई होती तो रंडवे को मुठ मारने की जरुरत नहीं पड़ती…..

मैंने दोनों से बदला लेने की कसम खा ली।

उसी शाम की बात है मैं छत पर गई तो उसी कमरे से सोमा के हँसने की आवाज आई…

मैं फिर दबे पांव वहाँ पहुंची तो कमल की आवाज भी आई। मैंने खिड़की से झाँका तो मजा आ गया।

सोमा ने अपने लहंगे को कमर तक चढ़ा रखा था और कमल खड़े खड़े अपना लंड उसकी चूत में पेल रहा था। दोनों मेरे बारे में बातें कर रहे थे।

“साली को मारने में बहुत मजा आता है” …स्स्स्स ….हया……….

“उम्फ़ …… लेकिन दिखती मस्त है ….” कमल ने एक और चाप मारी….

“तेरे लंड को चाहिए क्या उसकी चूत……..मादर….स्स्स…..आःह्ह…..मेरी चूत ………चोद न…. हाईई..आःह्ह…….”

“दिला दे न…… तेरे को रोज चोदूँगा…….. “

” भोसड़ी के ………. मेरी मार ले ……….उसको तो मैं इस गाँव के हर कुत्ते से चुदवाउंगी. ….. रंडी ने हमारी माँ हमसे छीनी है…….”

मैं गुस्से से पागल हो गई और वहीं दरवाजे के सामने खड़े हो कर बोली- तू कौन सा शरीफों वाला काम कर रही है……. तेरी फ़ुद्दी नहीं फड़क रही क्या………

सोमा ने मुझे देखा और कमल से बोली- पकड़ इसको………

कमल ने तेजी से लपक के मुझे पकड़ा और घसीट के वहीं पटक दिया……

मैं कराह उठी…..

फिर सोमा ने कमल से कहा- तू इसकी लेना चाहता था न ………. ले अभी चोद डाल ! इसकी मुनिया को चूत बना दे……..

कमल ने मेरी स्कर्ट को खींचा तो वो उतर गई…..

मैं रोने लगी…. मुझे छोड़ दो……. मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी ! मुझे जाने दो……

पर सोमा ने मेरे होठों पर अपने होंठ भीच लिए और मेरी जीभ चूसने लगी……….

कमल ने भी अपना हाथ तेजी से मेरी चूचियों पर फेरना शुरू किया …..

मैं हाथ पैर मारने लगी……

तो कमल ने वहीं कबाड़ से एक पुरानी साड़ी उठा कर मेरे दोनों हाथ पीछे करके बाँध दिए…..

मेरी कुर्ती को सोमा ने मेरा मुँह दबा के उतार दिया….. और मेरी छाती पर बैठ गई……..

कमल ने मेरे पैरों को फैला के अपना मुँह मेरी चूत में लगा दिया और जीभ निकाल के फिराने लगा। मेरी चूत तो सोमा की चुदाई देख कर ही पनिया गई थी।

रांड पूरी गर्मी में है…… कमल ने सोमा को देख कर कहा जो मेरे होठों को चूसे ही जा रही थी।

चल पेल दे अपना लौड़ा इसकी चूत में……….. सोमा ने मुझे देखते हुए कहा।

कमल ने बिना देरी किये अपना सात इंच का मूसल मेरी चूत में रखा और मेरे दाने को रगड़ने लगा।

मैंने आँखे बंद कर ली………

फिर कमल ने अपना सुपारा मेरी चूत में घुसाया तो मैं मचल गई ……..

सोमा ने भी अपनी चूत मेरे मुँह की तरफ कर दी और बोली- चाट इसको रंडी…

मैं तो मस्ती में आ गई थी….. मैंने सोमा की चूत में जीभ चलानी शुरू की…….

उधर कमल ने अपना लंड मेरी चूत में पूरा पेल दिया……..

हाय क्या मजा आया. उफ़. सी…….हाय……..हम्म्म्म……..

सोमा भी मेरे चाटने से मस्त हो रही थी- आह्ह.. क्या चाट रही है…. कुतिया………. हाय…… कसम से……..स्स्स….स्स्स्स….ह़ा.ह्ह्ह्हह……

उधर कमल मेरी चूत को अपनी पूरी मर्दानगी से चोद रहा था……………. उहम…हम्म.हा..हम्म्म…..

पूरा कमरा हम लोगों की बहकती आवाजों से गूँज रहा था……..

फिर सोमा मेरे दूध चूसने लगी और कमल कभी मेरी चूत में लंड डालता और कभी सोमा की चूत में डालता… मैंने भी सोमा को नंगा कर दिया था……. उसके दूध हिलते हुए मस्त लग रहे थे………

तभी कमल ने मेरी चूत में अपना लंड डाला और जोर जोर से पेलने लगा……

हाय..हाय…स्स्स.स्स्स्स. उम्म्म. हाँ चोदो……. मारो मेरी…….. फाड़ दो…….. हाय…… क्या मजा है……स्स्स्स. हाय. ….सोमा…..मुझे चुदवा दे……… हर कुत्ते से…………. हाय….. मैं तो मस्त हो गई…..

मेरा बड़बड़ाना सुन के सोमा भी मस्तिया गई और जोर जोर से अपनी चूत में ऊँगली चलने लगी…… स हा.आआ ………..और सोमा झड़ने लगी………. उसने अपनी चूत मेरे मुँह में टिका दी ……. मैंने उसकी चूत चाट के मस्त कर दी……सोमा अलग हट के मेरी चूची दबाने लगी…..

फिर….. कमल ने अपनी स्पीड बढ़ाई और मुझे कुचलने लगा…….. मैंने उसकी गांड को कस के अपनी ओर खींचा…… हया……..आःह्ह……..

और हम दोनों झड़ने लगे……… वीर्य की गर्म फुहार ने मेरे प्यासे जोबन को मस्त कर दिया….

कमल मेरे ऊपर लुढ़क गया….. मैं उसके बालों से खेलते हुए उसके लंड को सहलाने लगी…………

और सोच रही थी कि सोमा को गाली दूं या…….उसकी चूत चूम लूँ………… Antarvasna

हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी में मेरे ऑफिस में एक नई लड़की आई. वह मुझे बहुत सेक्सी और गर्म लगती थी क्योंकि वह अक्सर मेरे पास घूमती रहती थी.

फ्रेंड्स, मैं विकास मिश्रा आपके सामने अपनी वह सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ जिसमें मैंने अपने ऑफिस की जूनियर कर्मी को उसके फ्लैट में जाकर चोदा था.

मेरे ऑफिस में एक प्रियंका नाम की लड़की ने जॉइन किया था.
वह मेरी जूनियर थी; नयी नयी कॉलेज से पास आउट थी.

क्योंकि वह लड़की थी इसलिए उसे मेरे डिपार्टमेंट की लैबोरेट्री का काम दिया गया.
वह थी तो छोटे कद की, पर उसकी बॉडी किसी पॉर्न एक्ट्रेस वाली थी.

सामान्यतया वह मुझे सर कह कर ही बात करती थी.
जबकि मैं बस उससे एक साल ही सीनियर था.

उसकी आंखों से साफ लगता था कि उसमें सेक्स पावर काफ़ी ज्यादा है.

यह हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी इसी प्रियंका की है.

एक दिन मैंने उसे नोटिस कि वह ऑफिस में डार्क कलर का सूट पहन कर आई है और उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी है.
मैंने उसके निप्पल ऊपर से ही देख लिए.
लेकिन वह बिल्कुल भी शर्मा नहीं रही थी और बड़ी कॉन्फिडेंट भी थी.

हालांकि मैंने उसे कुछ नहीं कहा, पर उसकी आंखों ने मेरी वासना को पढ़ लिया था और वह सारे समय मस्त हिरनी सी फुदक फुदक कर अपनी चूचियों की आग से मेरे लौड़े को झुलसाती रही.

अब यह उसका रोज का काम हो गया था.

मैंने उससे कुछ भी नहीं कहा था, बस उसकी जवानी को देख देख कर अपने लौड़े को सहला लेता था.

ऐसे ही 6 महीने गुजर गए.

मैं ज्यादातर उसके बूब्स ही देखा करता था. उसके बूब्स 32 साइज़ के थे.
मुझे लगता था कि वह मुझे कभी भी अपने दूध निहारते हुए नहीं पकड़ पाई है.

एक बार की बात है, मेरी सुबह की शिफ्ट थी, मतलब सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक.
प्रियंका जनरल शिफ्ट में आती थी.

उसका सुबह 9 से 1 और फिर 3 से 6 बजे तक का ऑफिस रहता था.

उस दिन मुझे लैब में कुछ काम था तो मैं लैब की चाभी ढूंढने लगा लेकिन मुझे चाभी नहीं मिली.
तो मुझे लगा लैब खुली होगी.

जब मैंने नीचे जाकर देखा, तो लैब खुली थी और अन्दर प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी.

मैं अन्दर गया तो प्रियंका ने फोन पर बोला कि वह बाद में बात करेगी.

प्रियंका- अरे सर … आप?
मैं- हां कुछ काम था मुझे!

प्रियंका- बताइए न सर?
मैं- लंच करने नहीं गयी तुम?
प्रियंका- आज भूख नहीं लगी.
‘ओके.’

फिर मैंने प्रियंका से कुछ सामान मांगा तो वह सामान लेकर मेरे पास आ गयी.

प्रियंका मेरे बहुत करीब आ गयी.
मैं कुछ समझ नहीं पाया कि अचानक से ये क्या हो रहा है.

अपने हाथ वह मेरे हाथ से टच करने लगी.
वह मेरे इतने करीब थी कि मैं उसके बालों की खुशबू को महसूस कर पा रहा था.

प्रियंका बस मेरे पास खड़ी थी.

जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैं उसके बूब्स दबाने लगा.

दो सेकंड तो प्रियंका भी कुछ नहीं बोली.
पर तभी उसने मुझे धक्का देकर पीछे हटा दिया.

मैंने देखा कि लैब में झाड़ू पौंछा वाला आया हुआ था और वह रूम क्लीन कर रहा था.
वह कुछ भी देख नहीं पाया था.

फिर 5 मिनट तक मैं और प्रियंका वहीं खड़े रहे थे और पौंछे वाले का जाने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उसे तो टाइम लगने वाला था.

फिर प्रियंका लैब से बाहर जाने लगी और पीछे मुड़कर मुझे देख कर मुस्कुराई.

उस हॉट गर्ल की मुस्कुराहट से मेरी धड़कन तेज हो गयी.
बहुत गजब का फिगर था उसका!

मैं उसके पीछे पीछे गया.
और वह लेडीज बाथरूम में चली गयी.
मैं भी बाथरूम में अन्दर गया.

प्रियंका वॉशबेसिन के सामने खड़ी थी.

मैंने पीछे से उसे पकड़ा और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.
प्रियंका भी मुझे किस करने लगी.

मैंने उसे दरवाजे पर सटा दिया और उसके होंठ और गले को चाटने लगा.
प्रियंका- आआहह.

मैं उसके बूब्स शर्ट के ऊपर से ही मसलने लगा.

प्रियंका ने अपनी शर्ट के बटन खोल दिए.

उसने लाल ब्रा पहनी थी.
मैंने उसकी ब्रा नीचे खिसकाई और उसके दूध दबाने लगा.

प्रियंका- आहह.

उसके दूध काफ़ी बड़े और मुलायम थे.
मैं कस कसके उसके दूध दबा रहा था और उसके होंठों को भी पी रहा था.

प्रियंका भी पूरी मदहोश थी और किस कर रही थी.

फिर मैंने उसकी पैंट का बटन खोला और उसकी पैंट नीचे कर दी.
अब मैंने प्रियंका की पैंटी में हाथ डाल दिया.

प्रियंका बस चूमाचाटी में बिज़ी थी.

मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं. उसकी चूत बहुत गीली थी. मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में फिंगरिंग शुरू कर दी.
प्रियंका- आआहह … आहह … सर!

मैंने फिंगरिंग और तेज कर दी.
प्रियंका- आअहह … आहह सर!

मैं उसे दीवार से सटा कर चूमाचाटी कर रहा था और उसकी चूत में फिंगरिंग चालू थी.
प्रियंका- उम्म्म्म आआहह … सर.

हम दोनों खूब कस कसके किस कर रहे थे और मैं प्रियंका की चूत में फिंगरिंग का मजा ले रहा था.
उसकी चूत का दाना बेहद मस्त था.

प्रियंका के निप्पल बहुत टाइट हो गए थे और दूध भी टाइट थे.
उसकी सांसें तेज हो गयी थीं.
और तभी उसका रज निकल गया.
प्रियंका शांत हो गयी.

फिर उसने कपड़े सही किए और चली गयी.
उसके बाद से मैंने और प्रियंका ने खूब फोन सेक्स किया.

फिर एक दिन प्रियंका ने बताया कि उसकी फ्लैटमेट घर जा रही है और 10 दिन बाद आएगी.
मैं- क्या इरादा है तुम्हारा?
प्रियंका- इरादा तो पता लगा ही चुके है आप!

मैं- तो आज आऊं तुम्हारे रूम पर?
प्रियंका- रात 11 बजे के बाद आना वर्ना कोई देख लेगा तो प्राब्लम हो जाएगी.
मैं- तुम दरवाजा खुला रखना, मैं सीधे अन्दर आ जाऊंगा.
प्रियंका- ओके, आप आने से पहले एक घंटी मार देना.

मैं रात सवा ग्यारह पर प्रियंका के रूम में चला गया.
वह बहुत साफ सफाई से रहती थी.

प्रियंका- अरे आ गए आप … बैठिए … पानी लेंगे!
उसकी औपचारिकता देख कर मेरे होंठों पर मुस्कुराहट आ गई.

मैं तो बस प्रियंका को देखता ही रह गया.
उसने काले रंग की साड़ी पहनी थी और बैकलैस ब्लाउज.
खुले बालों में वह एकदम कयामत लग रही थी.

प्रियंका किचन से मेरे लिए पानी ले आई और झुक कर देने लगी.

मैंने पानी लिया और प्रियंका के बूब्स की तरफ देखकर कहा- आज पानी से प्यास नहीं बुझेगी!
प्रियंका- तो कैसे बुझेगी?
इतना कह कर वह खाली गिलास किचन में रखने के लिए चली गयी.

मैं तो बस उसकी बॅक ही देखता रह गया.
बहुत गोरी थी वह … और ब्लैक साड़ी और खूबसूरत बना रही थी उसे.

मैं किचन में गया और पीछे से उसे पकड़ लिया.

प्रियंका- अरे!
मैं- बहुत खूबसूरत हो तुम प्रियंका.
प्रियंका- अच्छा …

वह सिंक में गिलास साफ कर रही थी और मैं उसे पीछे से पकड़े हुए था लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.

मैंने प्रियंका की पीठ पर किस कर ली.

प्रियंका- काम नहीं करने देंगे मुझे आप?
वह मेरी तरफ मुड़ी.

मैंने प्रियंका को कमर से पकड़ कर अपनी तरफ कर लिया.

प्रियंका थोड़ी सी घबरा गयी और उसके मुँह से बस ‘अरे …’ निकल पाया.
उसी वक्त मैंने प्रियंका के होंठों को किस कर लिया.

‘ये करूंगा आज!’
प्रियंका- अच्छा, इतनी अच्छी लगती हूँ क्या मैं आपको?

मैंने प्रियंका को उठा कर किचन की स्लैब पर बैठा दिया और उसे किस करने लगा.
प्रियंका भी मुझे किस कर रही थी.

मैं प्रियंका के चेहरे को हाथ में लेकर भरपूर किस कर रहा था; मैं उसके होंठों को पागलों की तरह चूस रहा था.
मैंने उसके होंठों को, चेहरे को और गले को भी किस किया.

इस तरह करीब 10 मिनट तक मैंने प्रियंका को चूसा और उसके ब्लाउज का हुक खोलकर ब्लाउज को उतार दिया.
अब प्रियंका सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी.

प्रियंका- आहह … पागल कर देते हैं आप तो!
मैं- अभी तो और पागल होगी तुम.!

यह कह कर मैंने प्रियंका को गोद में उठा लिया और उसके रूम में जाने लगा.
प्रियंका सिर्फ़ मेरी आंखों में देख रही थी.

मैंने प्रियंका को बेड पर गिरा दिया और उसके ऊपर आ गया.
प्रियंका ऊपर से सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी और आधी साड़ी में.

मैं- आज तुम्हारे दोनों दूध पियूंगा.
प्रियंका- कुछ आता ही नहीं हैं इसमें!

मैं- कितनी सेक्सी लग रही हो तुम!
प्रियंका- अच्छा!
मैं- हां!

प्रियंका- असली चीज़ देखी कहां है आपने?
मैं- तो दिखाओ फिर!

प्रियंका- ब्रा उतारो तब दिखेगी.
मैं- ऐसे नहीं, रिक्वेस्ट करो पहले!

प्रियंका- सर, प्लीज मेरी ब्रा उतारिए ना. आज आपको कुछ दिखाना और पिलाना है.

मैंने प्रियंका की ब्रा उतार दी. उसके दूध 32 इंच के थे. खूब सॉफ्ट और वाइट, ब्राउन निप्पल.

वह बस लेटी थी.
मैंने उसके दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए.

प्रियंका- आआ अहह.
मैं- कैसा लगा?

प्रियंका- आह कस कसके दबाइए न!
मैं प्रियंका के दोनों दूध कस कसके दबा रहा था और उसके निप्पल भी चूस रहा था.

प्रियंका- उउफ्फ़ … उम्म्म्मा.

मैं- और दबाऊं?
प्रियंका- हां.

मैं प्रियंका के दोनों दूध मसल रहा था और चूस रहा था.

प्रियंका- आआहह.

मैंने करीब 10 मिनट प्रियंका के दूध मसले और चूसे.

प्रियंका एकदम मदहोश सी हो रही थी.

मैं- कुछ गीला हुआ?
प्रियंका- सब कुछ गीला हो गया.

मैं- दिखाओ और क्या गीला हुआ?
प्रियंका- खुद ही देख लो.

मैं- कहो तो सुखा दूँ?
प्रियंका- वह ऐसे वैसे नहीं सूखेगी … अब तो उसका इलाज करना पड़ेगा.
मैं- ठीक है. मेरा पास एक औजार है, उससे इलाज कर देता हूँ.

वह हंस दी.

मैंने प्रियंका की साड़ी और साया उतार दिया.
वह सिर्फ़ ब्लैक पैंटी में थी.

मैंने प्रियंका की चूत उसकी पैंटी के ऊपर से मसली.

प्रियंका- उफफ्फ़ … देखा कितनी गीली है!
मैं- पैंटी उतार दूँ?
प्रियंका- हां.

मैं- क्या है पैंटी में?
प्रियंका- आपको नहीं पता क्या?
मैं- जो भी है, आज उसे पी जाऊंगा पूरा!
प्रियंका- जैसे फोन पर पीते हो न … वैसे?

मैं- उसे भी अच्छी तरह से.
प्रियंका- अच्छा!

मैंने देर ना करते हुए प्रियंका की पैंटी उतार दी.
उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी.

मैंने उसकी दोनों टांगें फैलाईं और उसकी चूत को चाट लिया.
बहुत नमकीन थी.

प्रियंका तड़प उठी- आज तो आप मार ही डालेंगे!
मैं- और क्या!

प्रियंका ने अपनी दोनों टांगें पूरी फैला दीं और बोली- लीजिए जन्नत की सैर करें.

मैंने प्रियंका की चूत पूरा मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
प्रियंका- आअहह … मर गई … बहुत गुदगुदी हो रही है.

मैं कस कसके प्रियंका की चूत चूस रहा था और फिंगरिंग भी कर रहा था.
वह बस आहें भर रही थी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबाए जा रही थी.

मैंने करीब 15 मिनट तक प्रियंका की चूत चूसी और चाटी.
उसकी चूत में से बहुत पानी आ रहा था.

प्रियंका- सर, मेरा होने वाला है!
यह बोल कर प्रियंका का रस निकल गया और वह ढीली पड़ गयी.
मैंने उसका पूरा रस पी लिया.

बहुत गजब माल थी वह!

मैं- आह सच में मज़ा आ गया.
प्रियंका- हां … मुझे भी अब आपका वाला पीना है.
मैं- पी लो.

प्रियंका ने मेरे लंड अपने हाथ में लिया और चूसने लगी.
बहुत गजब तरह से चूस और चाट रही थी वह!

मैं- प्रियंका तुम्हारे मुँह के अन्दर ही कर दूँ?
प्रियंका- हां.

मैंने प्रियंका के बाल पकड़े और उसके मुँह में ही लंड को अन्दर बाहर करने लगा और जल्द ही प्रियंका का मुँह मैंने अपने लिक्विड से भर दिया.

प्रियंका मेरा सारा पानी पी गयी.
वह मेरे लंड को पागलों की तरह चाट रही थी और बॉल्स को मुँह में भर कर चूस रही थी.

प्रियंका- सर, चलिए 69 पोजीशन ट्राइ करते हैं.
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में लेट गए.

मैं प्रियंका की चूत चूस रहा था और वह मेरा लंड.
थोड़ी देर बाद प्रियंका बोली- सर अब मेरे खेत में हल चलाओ.

यह कहती हुई वह सीधी होकर लेट गयी.
हम दोनों बिना कपड़ों के थे.

प्रियंका बोली- बिना कंडोम के चुदाई करना.
मैं प्रियंका के ऊपर आ गया.

प्रियंका- मेरी ज़मीन थोड़ी सूख गयी है. गीला कर दो आप!

मैंने चूत चूसने के बाद प्रियंका के होंठों को अपने होंठों में भर लिया और उसके दूध मसलने लगा.
प्रियंका- आहह.

मैंने अपना लंड प्रियंका की चूत में डाल दिया.
प्रियंका- आआहह … बहुत बड़ा है आपका … धीरे धीरे करें!

मैं- काफ़ी टाइट चूत है तुम्हारी!
प्रियंका- तो आज आप ढीला कर दो.

मैं- कैसे करूं ढीला?
प्रियंका- मेरे खेत में हल चला कर.

मैं- साफ साफ बोलो ना!
प्रियंका- पहले आप बोलिए, आपका क्या मन है?
मैं- मेरा तो मन है कि तुम्हें पूरी रात चोदूं!

प्रियंका- पूरी रात चोदेंगे आप मुझे?
मैं- हां प्रियंका.

प्रियंका- कैसे चोदेंगे?
मैं- जैसे लेटी हो तुम. वैसे ही पूरी रात नंगी किए हुए ही चोदता रहूँगा.

प्रियंका- नंगी तो आप पहले ही कर चुके हैं. अब बस चुदाई करें.

मैंने प्रियंका की चुदाई तेज कर दी.
प्रियंका- आहह.

मैं- कैसा लग रहा है?
प्रियंका- थोड़ा दर्द हो रहा है.

मैं- अभी मज़ा आएगा तुम्हें!
प्रियंका- आपको मज़ा नहीं आ रहा?

मैं- पहले दिन ऑफिस में देखा था तुम्हें. उसी दिन से मन था तुम्हें प्यार करने का.

प्रियंका- अब तो आपका सपना पूरा हो रहा है ना!

मैं- तुम बिना कपड़ों के ज़्यादा हॉट लगती हो प्रियंका.

प्रियंका- आप भी. मुझे पता ही नहीं था कि आपका इतना बड़ा है.
मैं- अब तो पता चल गया.
प्रियंका हंसती हुई- हां सर … आहह.

मैं- मज़ा आया?
प्रियंका- बहुत … और अन्दर डालिए न!

प्रियंका की पूरी चूत खुल चुकी थी.
मैं लंड आराम से अन्दर बाहर जा रहा था.

प्रियंका- उफ्फ़.
मैं- क्या हुआ?

प्रियंका- बहुत अच्छा लग रहा है सर … मैं तो समझो जन्नत की सैर कर रही हूँ.

अब मैंने प्रियंका की दोनों टांगें हवा में कर दीं और फिर से उसकी चुदाई करने लगा.
प्रियंका- आअहह सर …

उसकी चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और चुदाई करने से खूब आवाज़ आ रही थी.
प्रियंका- आआहह.

मैं प्रियंका के दूध भी मसल रहा था और उसकी चुदाई भी कर रहा था.
प्रियंका- आहह … सर अब डॉगी स्टाइल में करिए ना!

मैंने प्रियंका को घुटनों के बल बैठाया और पीछे से उसके बाल पकड़ लिए.
फिर उसे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू कर दिया.

प्रियंका की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और उसे काफ़ी मज़ा भी आ रहा था.

मैं- तुम्हारे दूध कितना झूल रहे हैं प्रियंका!
प्रियंका- तो पकड़ लीजिए ना!

मैंने पीछे से प्रियंका के दूध पकड़ लिए और ताबड़तोड़ चोदने लगा.

प्रियंका- आहह.
मैं- और तेज!
प्रियंका- हां सर और तेज … आह.
मैं- और?
प्रियंका- हां और.

मैं- ले साली … अब पूरी दुरंतो का मजा ले तू!
प्रियंका- आहह … सर मेरा होने वाला है … आह.

बस यह कह कर प्रियंका का रस निकल गया और वह ढीली होकर लेट गयी.
उसी के बाद मैं भी झड़ गया.

प्रियंका- कैसा लगा मुझे टेस्ट करके?
मैं- बहुत गजब हो तुम!

प्रियंका- थक गए या और मज़े लेने हैं?
मैं- अभी मजा पूरा कहां हुआ मेरी जान। अभी तो सारी रात चोदना है तुम्हें!

दोस्तो, इस तरह से प्रियंका सारी रात मेरे लंड के नीचे मचलती रही.
और यह सिलसिला आज भी जारी है.

सब को मेरा नमस्कार! Hindi Sex Stories

सीपी मेरा दोस्त है उसका नाम Hindi Sex Stories श्याम है. वो औरतों के कपड़े बनाता है, उसका काम औरतों के कपडे सीने का काम है. सीपी एक अच्छा लड़का है. वो सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है. उसने बहुत सारी औरतों और लड़कियों के कपडे बनाये. सीपी कभी गलत नहीं सोचता है. सीपी कभी किसी औरत या लड़की के घर कपड़ों का नाप लेने नहीं जाता है, सभी उसकी दुकान पर आती हैं.

मैं कभी कभी सीपी की दुकान में जाता और जब सीपी औरतों के नाप लेता तो मेरी नजर औरतों के वक्ष पर जाती है. सीपी फिर मुझे डाँटता है और बोलता है- आदमी को अपने काम में गलत विचार नहीं लाना चहिए, नहीं तो वो कभी भी काम नहीं कर सकता है.

कुछ दिन पहले की बात है, मैं और पवन और सीपी साथ में बैठ कर चाय पी रहे थे और सीपी कुछ भी नहीं बोल पा रहा था. हमने पूछा- सीपी, क्या हुआ? आजकल तुम परेशान दिख रहे हो और ज्यादा मन लगाकर काम भी नहीं कर रहो हो?

सीपी कुछ नहीं बोला और उसकी आँख से आँसू आने लगे.

फिर मैंने पूछा- सीपी, तुझे अपनी दोस्ती की कसम है, जल्दी बोल, क्या हुआ?
फिर सीपी खामोश रहा और फिर थोड़ी देर बाद बोला- यार! मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और अब मैं यह काम भी नहीं कर सकता हूँ.
मैंने बोला- मुझे साफ-साफ बता कि क्या हुआ!
सीपी ने सारी बात बताई.

कुछ 10-15 दिन पहले एक लड़की, उसका नाम रानी है, आई और बोली- मुझे मेरे माप के कपड़े बना के दो!

वो लड़की इतनी सुन्दर थी कि पहले मैंने ऐसी लड़की पहले नहीं देखी थी क्योँकि मेरे यहाँ ज्यादातर औरतें आती हैं. वो अपने पापा के साथ आई थी. उसके पापा बैठ गये और फोन से बात करने लगे. मैं उसका माप ले रहा था, मैंने उसे छुआ तो वो लडकी मचल चुकी थी, वो बोली- पहली बार मुझे किसी लड़के ने छुआ है. पहले मेरे कपड़े औरतें ही बनाती थी.

और फिर और माप लिया और उसके स्तनों को छुआ तो वो लड़की कुछ अलग महसूस कर रही थी. फिर उसके नीचे का माप लिया तो वो लड़की कुछ अगल नजर से देख रही थी. फिर वो उसके पापा के साथ चली गई. मुझे वो लड़की अच्छी लगी थी पर मैं अपनी पत्नी से ही प्यार करता हूँ.

दो तीन दिन बाद रानी का फोन आया- मुझे शादी में जाना है, कृपा करके आप मेरे घर पर आकर मेरा माप ले लें!

पता नहीं क्या हुआ, मैं कभी किसी के घर पर माप लेने नहीं जाता हूँ पर मैं उसके घर गया.

उसने मुझे ठंडा पिलाया और मेरा पूरा शरीर ठंडा हो गया. फिर उसके पापा किसी काम के सिलसिले में बाहर चले गये.

अब वो घर पर अकेली थी. मैं उसका माप ले रहा था. पहले उसकी ब्रा का माप लिया तो उसने मुझे पकड़ लिया.
मैं बोला- ये गलत है!
फिर मैंने उसके नीचे का माप लिया तो वो बोली- पहले का साइज ठीक नहीं था, अच्छे से लो!

फिर उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिये. उसका शरीर गोरा था, मैं उसके स्तनों को दबाने लगा.
वो बोली- क्या कर रहो हो? माप लो!
मुझे पता नहीं क्या हुआ, मैं उसकी चूचियाँ मुँह से खा रहा था.
वो बोली- मत करो, छोड़ दो मुझे!
अब नहीं छोड़ सकता हूँ!
मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रखा और चाटने लगा.

फिर उसने अपना हाथ मेरी पैन्ट के अन्दर डाल दिया और बोली- क्या मैं आपका लण्ड मुँह में ले लूँ?
मैंने लण्ड उसके मुँह में डाल दिया और वो चूसने लगी. अब हम दोनों पागल हो चुके थे.
फिर उसने बोला- लण्ड को मेरी चूत में डालो ना!

मेरे लण्ड की प्यास बढ़ गई और मैंने उसकी चूत में लण्ड डाला.
उसके मुँह से आऽऽआ आ की आवाजें आने लगी और बोली- हाय! डालो! और जोर जोर से डालो राजा!
फिर मैंने अपना पानी उसके बूब्स पर गिरा दिया. फिर मैंने अपना मुँह धोया और अपनी दुकान पर चला गया.

अब मुझे बस यही लगता है कि मैंने ऐसी गलती क्यों की और अब मैं यह काम नहीं कर सकता!

तो दोस्तो, यह सीपी (श्याम) की देसी कहानी थी. Hindi Sex Stories

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मेरा नाम मुकेश है, मैं पहली Sex Stories बार अपनी ए़क कहानी आपको बताने जा रहा हूँ. यह कहानी एक सच्ची कहानी है.

मैं जब 18 साल का था तब गयारहवीं कक्षा में पढ़ रहा था. मेरा एक सुशील नाम का दोस्त (बदला हुआ नाम) दोस्त था. हम एक ही कक्षा में पढ़ते थे. मैं हर रोज उसके घर पढ़ाई करने जाता था.
सुशील की माँ बहुत ही सेक्सी थी, उसका फिगर 36/32/36 था. वो चलती तो क्या वाह… वाह क्या कहूं मैं! शब्द ही नहीं हैं.
गोरा रंग और काले बाल! जी करता उसकी जुल्फों में खो जाऊँ! क्या बताऊँ यारो कि कैसी थी वो!
जाने दो…

जब उसे मैं देखता था तब मेरा 6 इंच का लौड़ा खड़ा हो जाता था. रोज वो हमें पढ़ाती थी.

एक दिन मैंने स्कूल को दांडी मार दी क्योंकि मेरा सर बहुत दर्द कर रहा था. लेकिन मैं पढ़ाई करने के लिए आंटी के घर चला गया. आंटी घर में अकेली थी. अंकल काम पर गए थे और सुशील स्कूल में था.

मैं अन्दर घर में आया और अपना होम वर्क करने बैठा. तभी आंटी ने पूछा- आज स्कूल क्यों नहीं गए?
तो मैंने कहा- मेरा सर बहुत दर्द कर रहा था आंटी!
तभी आंटी बोली- चलो! मैं दबा देती हूँ!
मैंने कहा- जाने दो आंटी अब! कुछ नहीं, ठीक हो जाएगा.

आंटी मान ही नहीं रही थी तो उन्होंने टाइगर बाम निकला और मेरे माथे लगाया.
मैंने कहा- बस करो आंटी! अब दर्द नहीं है.
फिर भी आंटी ने बाम लगाया उनका हाथ लगते ही मैं रोमांचित हो उठा, मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. आंटी ने उसे देख लिया और मेरे तरफ देखती हुई हंसती रही.
आंटी ने मुझसे कहा- कल हम गाँव गए थे तो बहुत घूमे तो उसकी वजह से मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा है.
तो मैंने उनसे पूछा- मैं आपका बदन दबा दूँ?
तो आंटी ने कहा- बड़ी मेहरबानी होगी!
तो आंटी ने कहा- यहाँ नहीं, चलो बेडरूम में चलते हैं!
मैं उनके पीछे उनके बेडरूम में चला गया.

तभी आंटी ने कहा- जरा रसोई से तेल तो लाना!

मैं तेल लेने रसोई घर में गया और तेल ले के कमरे में आया तो मैंने देखा कि आंटी केवल पेटोकोट और ब्लाउज में सोफे पर लेटी हुई थी.उन्होंने कहा- शरमाओ मत! अंदर आओ!
मैं अन्दर गया, उन्होंने उनके पास बैठने को बोला, मैं उनके पास बैठा, मुझे शर्म आ रही थी. मेरा लौड़ा पूरा खड़ा हो चुका था. अब मुझसे रहा जा नहीं था.

आंटी ने अपना पेटोकोट घुटने तक ऊपर किया, फिर मैंने धीरे धीरे उनकी जांघ पर तेल लगाना शुरू किया.
मेरा हाथ लगते ही आंटी भी उत्तेजित हो गई, उन्होंने पेटोकोट और ऊपर किया, मेरा हाथ और ऊपर गया. थोडी देर बाद मुझे पता ही नहीं चला कि मेरा हाथ आंटी की पेंटी के पास पहुंच गया.
तभी आंटी ने पूछा- किसी लड़की को अब तक चोदा है क्या?
मैंने कहा- नहीं! अब तक नहीं!
तो उन्होंने मुझे कहा- चलो, आज मैं तुझे चुदाई सिखाती हूँ!
मुझे अब भी शर्म आ रही थी.

फिर उन्होंने अपना ब्लाउज निकाला, मैं उनकी चूचियों की तरफ देखता ही रहा- हाय इतनी बड़ी बड़ी उनकी चूची!

फिर आंटी ने मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा. मैंने अपने कपड़े उतारे. फिर आंटी ने अपनी जांघें फैलाई और मुझे उनकी गाण्ड चाटने को कहा. मैं बड़ी उत्तेजना से उनकी गाण्ड चाटने लगा. आंटी के मुँह से आवाज निकलने लगी- इ…स ..आ आ जरा धीरे!

मुझे बड़ा मजा आ रहा था. फिर आंटी मेरा लंड चूसने लगी. क्या बताऊँ यारों- क्या मजा आ रहा था!
फिर आंटी ने मेरा लौड़ा ले के अपनी गांड में डाला. फिर मैंने जोर से आंटी की चुदाई की.

अब 4 साल हो गए, जब भी आंटी मुझे फोन करके बुलाती हैं तब तब मैं आंटी की चुदाई करने जाता हूँ. सुशील को यह बात अब तक मालूम नहीं है. Sex Stories

प्रेषक – राहुल छेड़ा Hindi Sex Stories

अन्तर्वासना के पाठकों को Hindi Sex Stories पुलकित झा का नमस्कार। घरेलू कहानियों के शौकीन पाठकों के लिए हाज़िर है एक और मस्त कहानी…

जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूँ कि मेरी कहानियाँ मेरी कल्पनाओं पर आधारित हैं, परन्तु पाठकों ने इन्हें इतना पसन्द किया कि मैं फिर एक नई कहानी पेश कर रहा हूँ।

मेरे पिताजी का तबादला हो गया और हम एक नए शहर में आ गए और एक साधारण से मुहल्ले में किराए पर रहने लगे। मुझे अपने से बड़ों से दोस्ती करने का शौक था सो मेरी दोस्ती राजन और रमेश से हो गई। वे दोनों दीदी के कॉलेज में ही पढ़ते थे और बिगड़े हुए रईसज़ादे थे। दीदी बस से कॉलेज जाती थी। कुछ दिनों तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा फिर एक लड़का दीदी के पीछे पड़ गया और उसने दीदी को छेड़ना शुरु कर दिया।

दीदी बहुत परेशान रहने लगी, फिर एक दिन मुझे बता दिया। मैंने राजन से इस बारे में बात की तो उन्होंने उस लड़के को पीट दिया, और कुछ दिन तक दीदी के आने-जाने पर भी नज़र रखी। कॉलेज में भी वे उसका ध्यान रखने लगे। इधर मेरी दोस्ती भी उनके साथ बढ़ने लगी। मैं जब भी उनके साथ होता था तो अक्सर सेक्स की, विशेष रुप से घरेलू सेक्स की बातें करते थे। मुझे बहुत मज़ा आता था।

उनकी बातों से प्रेरित होकर मैंने दीदी के लिए ताक-झाँक करनी शुरु कर दी, और फिर एक दिन बाथरूम में उसे नंगी नहाते हुए देखा। पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा… आआआहहहह्हहहह… नंगी तस्वीरें तो बहुत देखी थीं, पर वास्तविक लड़की… आआहह्हह। फिर मैंने बार-बार झाँकना शुरु कर दिया। मुझे यह हज़म नहीं हो रहा था। अब जब भी राजन और रमेश बातें करते थे, उसकी चूत-गाँड-चूचियाँ मेरी आँखों के सामने तैरने लगती थीं। राजन और रमेश ने इसे ताड़ लिया। अब वे मुझे अपनी बातों में अधिक शामिल करने लगे और मैं भी खुल गया और बातों ही बातों में उन्हें बता दिया।</p

“अरे वाह, तू तो बड़ा छुपा रुस्तम निकला…! ” राजन ने मेरी पाठ पर एक धौल जमाते हुए कहा।

“तुम लोग ऐसी बातें करते हो, तो मेरा मन फिसल गया…”

“अरे बहुत बढ़िया किया… हाय… कुँवारी चूत को आँखों से चोद रहा है….” रमेश बोला।

“यार कुछ भी कहो… तेरी बहन है माल… शरीर पर बाल हैं या चिकनी-चिकनी एक दम…”

“तू कहे तो चोद लें…”

“बात करना अलग बात है… ऐसी लड़की नहीं है वो…” मैंने कहा, तो वे दोनों मुस्कुराए।

“अब जब बात खुल ही गई है, तो तुझे बता दें कि पटा तो हमने लिया है उसे… पर तेरा लिहाज़ था सो हमने बात बढ़ाई नहीं है…” राजन ने कहा।

“वरना, वो तो कब से टाँगें फैलाए लेटी है हमारे लिए…” रमेश हँसते हुए बोला।

“शट अप… वो ऐसी नहीं है… मैं नहीं मानता…”

“तू अगर शर्त लगाए तो तेरे सामने चोद के दिखा दें…”

“शर्त मतलब…?”

“हम जीते तो तू हमें अपना जीजा मान लेना।”

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“और फिर हम तेरे घर में आकर ही उसे चोदा करेंगे!!!!” राजन ने कहा।

मुझे उनकी बातें बुरी नहीं लग रहीं थीं, पर बनावटी नराज़गी दिखाते हुए मैंने उनकी शर्त मान ली। फिर कुछ दिनों तक हमारे बीच कोई बात नहीं हुई। फिर एक दिन शाम को सात बजे राजन का फोन आया और उसने मुझे साढ़े आठ बजे कॉलेज की कैन्टीन में आने को कहा। दरअसल उस दिन कॉलेज का वार्षिक महोत्सव था। दीदी शाम छः बजे ही चली गई थी और दस बजे तक आने की कह गई थी। राजन के फोन का मतलब तो मेरी समझ में नहीं आया पर मैं आठ बजकर बीस मिनट पर वहाँ पहुँच गया। राजन बाहर ही खड़ा मिला और मुझे देखते ही अँधेरे कोने में ले गया…

“क्या बात है, मुझे क्यों बुलाया…”

“चुप आवाज़ मत कर… आज हम शर्त जीतने वाले हैं… राजन लेने गया है…” वह कुटिलता से हँसते हुए बोल…।

“किसे…” मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा…।

“तेरी बहन को… साले… आज तुझे अपना साला बनाएँगे…”

“मैं जा रहा हूँ… मुझे अजीब सा लग रहा है…”

“पागल है… आज सीधा प्रसारण देख… और फिर तूने वायदा किया है कि तू हमें सपोर्ट करेगा…”

मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा। तभी राजन दीदी को लाते हुए दिखा। रमेश ने मुझे एक ऐसी जगह छुपा दिया, जहाँ एक खिड़की थी। कमरे में एक बिस्तर था। तभी राजन दीदी को लेकर कमरे में आया। दीदी कुछ सहमी सी तो थी, पर आई अपनी मर्ज़ी से थी। रमेश भी वहाँ पहुँच गया और उसने दरवाज़ा बन्द कर लिया।

“ये कहाँ ले आए हो… कोई आ गया तो मैं बदनाम हो जाऊँगी…” दीदी ने कुछ सहमते हुए कहा तो रमेश ने उसे बाँहों में भींचते हुए कहा…

“चिन्ता मत कर रानी… यहाँ कोई डर नहीं है…”

“नहीं.. यहाँ… नहीं…”

“अब नखरे मत कर… इतने दिनों से मौक़ा तलाश कर रहे थे…” और फिर रमेश ने उसे नंगा करना शुरु किया तो वह कुछ विरोध करने लगी, पर उन्होंने उसकी परवाह नहीं की। राजन भी वहाँ आ गया। रमेश ने उसकी शर्ट उतारी तो राजने ने उसकी जीन्स खोल दी और कुछ ही पल में वह ब्रा और पैन्टी में थी।

मेरी साँसें फूलने लगीं। राजने ने ब्रा भी खोल दी, तो दीदी नीचे बैठ गई। फिर वे भी नंगे हो गए। उनके लंड तने हुए थे। उन्होंने दीदी को उठाया और सीधे बिस्तर पर ले गए और फिर दोनों ओर से लिपट गए। वह ना-ना करती रही और वे उसके अंगों से खेलते रहे। उसे पता भी नहीं चला कि कब उसकी ब्रा-पैन्टी उसका साथ छोड़ गई। थोड़ी देर में वह भी गरम हो गई और फिर उनका साथ देने लगी, तो उन्होंने उसे सीधा किया और फिर पहले राजने ने नम्बर लिया। वह टाँगों के बीच में आया और उसकी टाँग उठा कर अपना लंड उसकी चूत की छेद पर टिका दिया। रमेश इस बीच चूचियों को सँभाल रहा था और दीदी उसके लंड से खेल रही थी कि राजन ने एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया… दीदी की चीख निकलने को हुई कि रमेश ने उसका मुँह अपने होंठों से बन्द कर दिया और फिर राजन पिल पड़ा… वह कराह रही थी, पर वह पूरी ताक़त से चोदे जा रहा था। दो सौ से भी अधिक चोट मारने के बाद वह चूत में झड़ गया। दीदी निढाल सी हो गई। उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था। रमेश ने उसकी चूत कपड़े से पौंछी तो वह उठ बैठी…

“अब नहीं…”

“अच्छा… अब मेरा नम्बर आया तो नहीं कर रही है…?” चूत पौंछ कर वह बगल में लेट गया।

“थोड़ा रुक कर, कर लेंगे…”

“चिन्ता मत कर, मैं उस राजन की तरह गँवार नहीं हूँ… प्यार से चोदूँगा।”

और फिर वह उसे चूमने-चाटने लगा। जब वह थोड़ी सामान्य हुई, तो वह ऊपर लेट गया और लंड चूत की दरार में रगड़ने लगा। दीदी की चूत फिर गरम होने लगी तो रमेश ने धीरे से लंड चूत में उतार दिया और फिर पहले धीरे-धीरे चोदने लगा। जब वह पूरी तरह से मज़े लेने लगी तो उसने गति बढ़ा दी। वह आह्ह्हह… आह्हहह करने लगी, पर रमेश ने भी पूरी ताक़त से उसकी चूत ठोंकी। वह निढाल हो चुकी थी। वे दोनों भी उसकी बगल में लेट गए तो मैं भाग आया।

दूसरे दिन फिर शर्त के अनुसार मैंने दोनों को जीजाजी कहा। Hindi Sex Stories

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