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Massage Girl in Ramanathapuram: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Ramanathapuram who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Ramanathapuram that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Ramanathapuram massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Ramanathapuram who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Ramanathapuram massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Ramanathapuram massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Ramanathapuram who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Ramanathapuram employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Ramanathapuram helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Ramanathapuram

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Ramanathapuram at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Hindi sex stories

मैं मोनिका शर्मा फ़िलहाल 25 साल की लड़की हूँ, Hindi sex stories जब होस्टल में रह कर पढ़ती थी तब 18 साल की थी। बात उस दिन की है

जब एक दिन खूब बारिश हो रही थी और मुझे कोलेज से निकलने में देर हो गई थी। रात के 9 बज गये थे।
घनघोर बारिश थी मैं पूरी तरह भीग गई थी। सलवार और कुरती मेरे बदन से चिपक गई थी। मुझे डर भी लग रहा था।

बारिश से बचने के लिये एक घर के नीचे रुकी थी, ठंड से ठिठुर भी रही थी।

घर में से एक औरत ने निकल कर मुझे ऊपर बुला लिया, मुझे राहत मिल गई थी, उसने मुझे कपड़े बदलने को दिये, एक कुरता दिया जिसे मैंने पहन लिया और उस औरत को धन्यवाद दिया।

बारिश रुक नहीं रही थी। औरत अपने कमरे में चली गई। मैं अकेली हो गई थी। कुछ देर बाद तीन लड़के आये, मुझे देखा और अंदर चले गये।
बाद में मुझे बुलाया तो मैंने देखा वो औरत उन तीनों के साथ नंगी लेटी थी।

पहले मैं डर गई.
मगर उसने मुझे डरने से मना किया और कहा- यदि वो इस बारिश का मज़ा लेना चाहती हो तो बोलो?

मैं कुछ बोल नहीं पाई.
तभी एक लड़के ने मुझे कहा- तुम्हारा बदन कोरा है। यदि एक बार तुम मज़ा लोगी तो बार बार यहाँ आओगी।
मैं क्या करती। मैंने हाँ कह दिया।

तब मेरे कपड़े उतार कर तीनों ने मुझे नंगा कर दिया और लेटा दिया।

मुझे डर भी लग रहा था मगर एक नये अनुभव का सोच कर चुप थी, मेरे बूब्स देख कर तीनों ने कहा कि इतने बड़े आज तक नहीं देखे।

तीनों लड़के मेरे बदन को सहलाने लगे थे। मुझे भी थोड़ा मज़ा आने लगा था। पहली बार ऐसा मिला मज़ा था।

औरत ने कहा कि तुम चुप चाप लेटी रहो.

तभी तीनों ने मेरे बदन पर शराब उड़ेल दी और चाटने लगे। मुझे पता नहीं क्यों बहुत अच्छा लगा। मुझे एक ने उठाया और मेरी चूत में उंगली डाल दी। मैं चिल्ला उठी मगर मज़ा आया।

एक ने मेरी गाँड में उंगली डाल दी।

तीसरे ने मेरे उरोजों को दबाना शुरु कर दिया।

उस औरत ने मुझे एक पलंग से बांध देने को कहा। मुझे तीनों ने बांध दिया और एक मेरे ऊपर चढ़ कर अपने लंड को मेरी चूत में डालने लगा।

मैं चिल्ला उठी बहुत दर्द हो रहा था। मगर चुप रही। मेरी चूत में उसने अपने लंड को डाल कर हिलाना शुरु कर दिया।

मैं चिल्ला उठी थी। चूत से खून भी आ गया था। मगर मुझे अच्छा लग रहा था।

तभी एक ने मेरे मुँह मेँ लंड दे दिया और कहा कि इसे चूसो।

मैं चूसने लगी।

उसका वीर्य मेरे मुँह में आ गया।

मेरे हाथ बंधे थे, तीनों ने बारी बारी से मुझे पागल कर दिया।

मैं थक गई थी तब औरत ने मुझे कुछ पीने को दिया। वो शराब थी, मैं पी गई और उस रात कई बार तीनों ने मेरे साथ मज़ा लिया।
सुबह 4 बजे बारिश बंद हो गई थी तब मुझे जाने को कहा और बाद में आने को कहा।

मैं फ़िर वहाँ जाने लगी और एक बार तो 5 लोगों ने मुझे संतुष्ट किया। Hindi sex stories

मुझे ये आदत लग गई। उस रात ने मुझे सेक्सी बना दिया। 25 साल की हूं मगर एक दो से मेरा मन नहीं भरता।
मेरी शादी हो गई है मगर मैं आज भी कई लोगों के साथ एक साथ मज़ा लेती हूँ।

Hindi Porn Stories

हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम अमन Hindi Porn Stories है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं शादीशुदा आदमी हूँ। मेरी उमर ३० साल की हैं, २ बच्चे हैं। बच्चे होने के बाद से ही मेरी बीवी की सेक्स में दिलचस्पी कम हो गई थी, इस लिये मुझे बाहर लड़कियों से दोस्ती करनी पड़ी। २ साल पहले तक मेरा सिर्फ मेरी बीवी के साथ ही शारीरिक संबंध था लेकिन अब मेरी एक गर्लफ्रेंड भी बन गई है।

यह एक सच्ची कहानी है। इस कहानी को अमनित करने की पीछे मेरा इरादा उन महिलाओं को सावधान करना हैं जो अपने पति को बच्चे होने के बाद वो सुख नहीं दी पाती और वो लोग अपने जरूरतों के लिये दूसरे रास्ते अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। मैं भी उन्हीं में से एक हूँ।

एक बार मैं ६ बजे शाम को अपने ऑफिस से अपनी कार मैं घर आ रहा था, तभी एक लड़की ने मुझे लिफ्ट के लिए हाथ दिया। वो काफी सुंदर थी, ३४-२४-३४ उसका साइज़ होगा, कद भी पांच फ़ुट सात इंच होगा, काफी आकर्षक थी। मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उसको लिफ्ट दे दी।

उसने अपना नाम पूजा बताया। वो भी गुड़गांव के एक कॉल सेण्टर में जॉब करती थी। बातों ही बातों में हम बहुत घुल मिल गए। ऐसा लगता था जैसे हमारी बहुत पुरानी दोस्ती हो ! उसने मुझे बताया कि उसका उसके पति से तलाक हो चुका हैं और वो अब अकेली ही रहती है। उसका एक बच्चा भी है जो बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है।

मैंने उससे कहा- मेरा और उसका ऑफिस टाइम एक ही है तो क्यों न वो मेरे साथ ही मेरी कार में चला करे। बस में बहुत भीड़ होती है।

उसने भी मुझे हाँ कह दिया। अब हम दोनों एक साथ ही आने जाने लगे, कभी अगर मैं लेट होता तो उसको फ़ोन कर देता, वो लेट होती तो मुझे फ़ोन कर देती।

एक दिन बारिश हो रही थी, वो रास्ते में मेरा इन्तजार कर रही थी, वो पूरी भीगी हुई थी। जैसे ही मैंने उसको देखा- मुझे एकदम करंट सा लग गया। वो बहुत ही सुंदर लग रही थी और शायद उसने भी मेरी नजरों को समझ लिया। वो कार में आ गई। वो बहुत घबराई सी लग रही थी, मेरी भी हालत ख़राब होती जा रही थी मेरा मन कर रहा था कि उसको पकड़ कर जोरदार किस कर लूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। मैं चुपचाप कार चलाने लगा। १० मिनट तक हम चुपचाप बैठे रहे, फिर वो बोली- क्या बात है, आप इतने चुप क्यों हो आज?

मैंने कहा- ऐसा तो कुछ नहीं, सब ठीक है। आज आप कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही हो ! इसलिये मेरी बोलती बंद हो गई !

और वो भी हस पड़ी, बोली- अच्छा ! इसका मतलब मैं और दिन सेक्सी नहीं लगती ?

मैंने गाड़ी रोक दी और उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर कहा- मैंने तुम्हारी जैसी सेक्सी लड़की कभी नहीं देखी !

उसकी सांसें बहुत तेज हो गई थी, वो एकदम मेरे से लिपट गई और किस करने लगी। मैंने भी रास्ते के बीच में ही उसको किस करना शुरू कर दिया। वो भी एकदम हॉट हो गई थी। तभी पीछे गाड़ियों का जाम लग गया और उनके हॉर्न की आवाज से हम दोनों एकदम अलग हो गए। मैंने गाड़ी साइड में लगा ली। बारिश और काले शीशे होने की वजह से किसी को दिखाई नहीं दे रहा था कि अंदर क्या हो रहा है।

हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। मैंने उसको टॉप उतार दिया और उसके स्तन चूसने लगा। वो भी मस्त हो कर मुझे अपने वक्ष की तरफ़ दबाने लगी। मैंने सीट सपाट कर दी और वो उस पर लेट गई। मैंने उसकी जींस भी उतार दी, गुलाबी चड्डी भी उतार दी।

मैं भी बिलकुल नंगा हो गया और उसको चूमने लगा। तभी वो बोली- कंडोम हैं?

मैंने कहा- यार ! मैं गाडी में कंडोम सेल तो नहीं करता !

तो बोली- फिर कुछ नहीं करेंगे !

मैंने कहा- रुको ! मैं अभी खरीद कर लाता हूँ !

मैंने कपड़े पहने और थोड़ी दूर पर ही एक मेडिकल स्टोर था, मैं वहाँ से एक पैकेट कंडोम लेकर आया। मेरे कपड़े भी भीग गए थे और मैंने कपड़े उतारे और उसको फिर चूमने लगा। मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली करनी शुरू कर दी। वो भी एकदम गीली हो गई और पूरा मजा देने लगी और बोली- प्लीज़ ! मुझसे रुका नहीं जा रहा ! आप अंदर डाल दो !

मैंने भी ज्यादा देर करना उचित नहीं समझा और कंडोम लगा कर अपना लोड़ा उसकी गरम गरम चूत के अंदर डाल दिया और उसको जमकर चोदने लगा। वो भी चूतड़ उठा उठा कर चुदने लगी।

लगभग २० मिनट तक चोदने कई बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

उस दिन के बाद हमने कई बार सेक्स किया। ओरल सेक्स भी किया। मैंने उसकी गांड भी मारी।

अब हम दोनों एक दूसरे की यौन-आकांशाओं को पूरा करते हैं और मस्त होकर अपनी जवानी का मजा ले रहे हैं।

यह एकदम सच्ची आपबीती है जो मैंने आज आपको बताई है।

अगर पाठक अपने कोई विचार मुझे ई-मेल करना चाहें तो कर सकते हैं। मैं आपकी मेल का जवाब भी दूंगा !

मेरा ईमेल है Hindi Porn Stories

प्रेषक – राहुल Antarvasna

नमस्कार दोस्तों मैं राहुल, पुणे Antarvasna में रहता हूँ। मैं इस वेबसाईट का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और मैंने इसपर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। कभी-कभी मुझे लगता है कि इस साईट की कहानियाँ नकली होतीं हैं पर जब मैं अपनी पहली घटना को याद करता हूँ तो तब मुझे लगता है कि कुछ भी सम्भव है।

मैं अपनी एक वास्तविक कहानी लिख रहा हूँ, अगर आपको पसन्द आए तो मुझे उत्तर लिखें।

तो अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ। बात उस समय की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था…

मेरे अन्तिम परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी थीं और मैं उदयपुर से अपने पैतृक नगर सूरत ट्रेन से जाने वाला था। शाम के चार बजे थे, मैं सही समय पर स्टेशन पहुँच गया था, मेरी सीट किनारे और नीचे वाली थी। मैं ट्रेन में बैठा हुआ सोच रहा था कि आगे क्या करना है। वैसे ट्रेन में कोई अधिक भीड़ नहीं थी। जैसे ही ट्रेन चलने लगी, मैंने देखा कि एक औरत जो लगभग ३०-३२ साल की थी आई। उसने मुझसे पूछा कि आपकी सीट कौन सी है। मैंने उसे बताया – “सीट नम्बर ११” उसने अपनी टिकट देखी उसकी सीट की संख्या १२ थी, यानि ऊपर वाली सीट। उसके साथ उसका ३ साल का लड़का भी था। वह खिड़की पर आकर बैठ गया।

उस महिला ने मुझसे पूछा, “क्या सामान रखने में आप मेरी थोड़ी सी सहायता कर सकते हैं?” मैंने उसकी सहायता की और सारा सामान सही-सही सीट के नीचे रख दिया। वह ऊपर जाकर बैठ गई। उसका लड़का नीचे ही बैठा था और मेरे साथ खेल रहा था।

ट्रेन चलती गई, १ घंटे के बाद पहला स्टेशन आया, तो वह नीचे उतर आई और चाय वाले को आवाज़ देकर चाय लेकर पीने लगी। मैंने भी चाय ली। जब वह पैसे देने लगी, तो मैंने कहा कि मैं दे देता हूँ, और मैंने दोनों की चाय के पैसे दे दिए। थोड़ी देर बाद हम बातें करने लगे। वह नीचे की सीट पर ही बैठी थी।

“मेरा बच्चा परेशान तो नहीं कर रहा है?”

“नहीं… बिल्कुल नहीं” – मैंने उत्तर दिया।

“आप कहाँ जा रही हैं?” चाय पीते-पीते ही मैंने उससे पूछा।

“मुम्बई !” उसने बताया।

“आपके पति नहीं जा रहे हैं?”

उसने बताया कि उसका तलाक़ हो चुका है और वह अपने भाई के घर जा रही है। कुछ देर की चुप्पी के बाद हमारी बातें दुबारा शुरु हो गईं।

उसने मुझसे पूछा – “आप क्या करते हैं?”

“मैंने अभी-अभी कॉलेज की पढ़ाई खत्म की है और मैं घर जा रहा हूँ।”

थोड़ी देर बाद मैंने अपने बैग में से मिक्सचर निकाले और उसे ऑफर किया तो वो भी मेरे साथ खाने लगी। अब मैं उसके बिल्कुल पास बैठा था और मैंने मिक्सचर वाला हाथ उसकी गोद में रख दिया तो मेरा हाथ उसकी जाँघ को छूने लगा। ट्रेन के हिलने से मेरा हाथ उसकी जाँघ से रगड़ रहा था, शायद उसे भी अच्छा लग रहा था।

फिर हम दोनों के बीच काफी बातें हुईं। उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेण्ड है, तो मैंने कहा कि नहीं। उसने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता। तो मैंने कहा कि कोई पसन्द ही नहीं आई। थोड़ी देर बाद शाम के सात बज गए और बाहर अन्धेरा हो गया। ट्रेन क़रीब-क़रीब खाली थी। हम लोगों को कोई भी देखता तो यही समझता था कि पति-पत्नी होंगे क्योंकि हम काफी आराम से बातें कर रहे थे।

कुछ देर के बाद मैं पैर फैलाने को हुआ तो वह सरक गई। मैंने भी उससे कहा कि आप थक गईं होंगी, आप भी पैर फैला लीजिए। वह भी अधलेटी सी हो गई। अब उसके पाँव मेरी ओर और मेरे पाँव उसकी ओर थे। उस समय थोड़ी-थोड़ी ठंड लग रही थी, तो मैंने शॉल ओढ़ ली। मेरा एक पाँव उसकी गाँड से और उसका एक पाँव मेरी गाँड से छू रहा था।

थोड़ी देर में मुझे अच्छा लगने लगा और वह भी उत्तेजित हो गई। मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने थोड़ी और आज़ादी से अपने पैरों को उससे छुआया तो वह कुछ भी नहीं बोली। मैं भी समझ चुका था कि वह तैयार है। अब वह भी मुझे ठीक से छूने लगी थी। मैं खुज़ली करने के बहाने उसके पैरों को छुआ तो उसने कहा कि ठीक से पैर फैला लो। मैंने कहा ठीक है, फिर मैं थोड़ा और लेट गया। थोड़ी देर बाद हमने खाना खा लिया।

ट्रेन में सभी शायद यही समझ रहे होंगे कि हम पति-पत्नी हैं। कुछ देर के बाद उसका बच्चा सो गया। वह नीचे ही सो रहा था। हमने ऊपर में किनारे बैग रखकर उसे ऊपर की बर्थ पर सुला दिया। अब ट्रेन में बत्ती धीरे-धीरे बुझ चुकी थी। सिर्फ दो-तीन केबिन में ही नाईट-बल्बें जल रही थीं। इत्तेफाक़ से हमारी जगह पर बत्ती लगी ही नहीं थी।

हम फिर शॉल ओढ़ कर फिर से वैसे ही अधलेटे रहे। उसने फिर से गर्लफ्रेण्ड की बात छेड़ दी, तो मैंने कहा – “गर्लफ्रेण्ड तो नहीं है, पर…”

“पर क्या…?”

“कुछ नहीं…?”

उसके बार-बार पूछने पर मैंने कहा – “आप बुरा मान जाएँगी”

“नहीं मानूँगी।”

“…हाँ, पर मैंने मस्ती बहुत की है…”

“और वो…?”

अब वह भी उत्तेजित लग रही थी और पूरी लेट गई थी और मैं भी…, अब मेरे लंड उसकी गाँड के पास छू रहा था। मेरा ८ इंच का लण्ड खड़ा हो गया। मैंने लंड को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। अब मैं समझ गया कि वह पूरी तरह से तैयार है।

अब मैं उसका पेट नीचे से सहला रहा था फिर उसके पेटीकोट में नीचे से हाथ डालकर उसकी जाँघों तक भी सहलाना शुरु किया। वह पूरी तरह से गरम हो चुकी थी। मैंने उससे कहा कि मेरे किनारे में आ जाए तो अब हम एक ही किनारे में लेटे हुए थे। हमने कम्बल ओढ़ ली थी, क्योंकि एक तो ठंड वैसे भी थी और ऊपर से एसी कोच होने के कारण ठंड का असर अधिक ही थी। मैंने सामने का परदा डाल दिया, और पाया कि ठंड की वजह से सारे लोग सो रहे थे। परदा डाल कर मैं वापस आया।

मैंने उसे चूमा और उसकी चूचियों को ब्लाऊज़ के ऊपर से ही दबाने लगा। उसने मेरा लंड पकड़ लिया था। मैं उसकी चूचियाँ दबा रहा था और वह पैन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को दबा रही थी। धीरे-धीरे मैं आगे बढ़ा और उसके ब्लाऊज़ में हाथ डालकर उसकी चूचियों को दबाने लगा।

मैंने उसकी ब्लाऊज़ के हुक खोल दिए, उसकी मलाई जैसी चूचियाँ मुझे दिख रहीं थीं। मैंने उसकी चूचियाँ अपने मुँह में ले लीं और कभी बाईं तो कभी दाईं चूची को चूसने लगा। मैं अब उसे चोदना ही चाहता था, मैंने उससे कहा कि तुम टॉयलेट में आ जाओ। मैं पहले जाता हूँ, तुम २ मिनट के बाद आ जाना।

मैंने टॉयलेट में जाते समय अटेण्डर को २०० रुपये दिए और कहा कि बच्चे का ख्याल रखना, तो वह समझ गया।

मैं टॉयलेट में जाकर प्रतीक्षा करने लगा। २ मिनट को बाद वह उसने धीरे से दरवाज़ा खोला, मैंने उसे झट से अन्दर खींच लिया और दरवाज़ा लॉक कर लिया। मैंने उसकी ब्लाऊज़ खोल दी और साड़ी भी अलग कर उसकी चूचियों को चूसने लगा। वह फिर से उत्तेजित हो रही थी। मैंने उसकी पेटीकोट खोल कर उसे पूरी नंगी ही कर दिया। मैंने देखा, उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसकी क्लीन-शेव चूत को देखकर मैं उसकी चूत रगड़ने लगा।

अब उसने मेरी पैन्ट की ज़िप खोली और मेरे लंड को हिलाने लगी। थोड़ी देर बाद वह झुकी और लंड को गप्प से अपने मुँह में डाल लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं तो सातवें आसमान पर था। मैंने मेरी पैन्ट और टी-शर्ट पूरी उतार दी। मैं उसकी चूत पर हाथ रख रगड़ रहा था, जिससे उसकी चूत ने रस छोड़ना शुरु कर दिया। मैं नीचे झुका और उसकी चूत चाटने लगा। वह और भी उत्तेजना से भर गई। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं। मैं भी मज़े ले-लेकर उसकी चूत को चाट रहा था और दाहिने हाथ से उसकी चूचियों को बारी-बारी से दबा भी रहा था।

इतना सब होने के बाद अब उससे रहा नहीं जा रहा था… उसने मुझसे कहा कि अब मत तड़पाओ…

उसके ऐसा कहने पर मैंने उसका एक पाँव टॉयलेट के कमोड पर रखा तो उसकी चूत फैल गई, और मैंने अपना लंड एक ही बार में पूरा-का-पूरा उसकी चूत में डाल दिया। वह चिल्ला पड़ी, मैंने तुरन्त उसे फ्रेंच किस दिया और धीरे-धीरे अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा।

वह सिसकियाँ ले रही थी। अब वह छूटने वाली थी और उत्तेजना के मारे चिल्ला रही थी कि और ज़ोर से, और ज़ोर से…

मैं अब लम्बे-लम्बे झटके देने लगा और २ मिनटों के बाद हम दोनों एक ही साथ झड़ गए।

हम बाहर आए और अपनी सीट पर बैठ गए और एक-दूसरे को चूमने लगे। वह धीरे-धीरे मेरे लंड को सहला रही थी और मैं उसकी चूचियाँ भी दबा रहा था। थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से कड़क हो गया तो मैंने चुदाई का कार्यक्रम बर्थ पर भी शुरु कर दिया। हमारा ये कार्यक्रम पूरी रात चला। मैंने उसे रात भर में ३ बार और चोदा।

सुबह हमने एक-दूसरे को चूमा और अलविदा कह चल पड़े।

तो यह था मेरा पहला अनुभव

कृपया अपनी टिप्पणी मुझे अवश्य मेल करें। Antarvasna

कैम गर्ल सेक्स स्टोरी में मैंने अपनी एचआर मेनेजर लड़की को डेल्ही सेक्स चैट वाली लड़की के सामने चोदा. वह मुझसे एक बार पहले भी चुदाई करवा चुकी थी।

दोस्तो, मैं सलमान अपनी सेक्स स्टोरी
ऑफिस में एचआर की चूत चोदी
का अगला भाग लेकर आया हूं।

पिछले भाग में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने अपने ऑफिस में एचआर जैनब को चूत में उंगली करते देख लिया था।
मैंने उसको ओवरटाइम बंद करवाने के लिए ब्लैकमेल भी किया लेकिन वो नहीं मानी।

मगर फिर बदले में मुझे उसके साथ सेक्स करने का मौका मिला।

अब मैं आगे की कैम गर्ल सेक्स स्टोरी आपको बताने जा रहा हूं।

उसके कुछ दिन बाद, मैं अपने डेस्क पर बैठा हुआ काम कर रहा था।
मुझे हमेशा की तरह देर तक काम करना था।

लेकिन अब इसमें एक चीज और भी जुड़ गई थी जिसमें मुझे बड़ा मजा आता था।

मैंने तुरंत अपनी एचआर के पास मैसेज किया- मैं आज फिर देर रात तक रुकने वाला हूं!

उसके कुछ मिनट बाद उसका रिप्लाई आ गया।
उसने एक GIF बनाकर भेजी थी।
इसमें उसने शर्ट के बटन खोलकर चूचियों को हाथों से ऊपर उठाते हुए अपनी जीभ बाहर निकाली हुई थी।
इसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।

लेकिन ऑफिस में अभी कई लोग मौजूद थे।
मैं चुपचाप अपना काम करता रहा और सबके जाने का इंतजार करने लगा।

जब सब लोग चले गए तो मैं एचआर जैनब के केबिन की तरफ चला।

पहुंचा तो जैनब मुझे देखते ही मुस्करा दी और उसने अपनी शर्ट के बाकी बटन भी खोल दिए।

जैनब- काफी देर लग गई तुम्हें?
मैं- मुझे तुम्हें इंतजार करवाने में मजा आता है।

जैनब- और ऐसा क्यों?
मैं- क्योंकि अब भी मुझसे ज्यादा काम करवाया जाता है।
जैनब- श्श्श … लाओ मैं तुम्हें रिलेक्स करती हूं।

वो उठी और मुझे किस करने लगी।
मैंने उसके बाल खींच कर पीछे कर दिया और उसकी गर्दन चूमने लगा। मैंने उसकी गर्दन पर काट लिया जिससे उसकी आहह … करके सिसकारी निकल गई।

फिर मैंने उसको घुमा लिया।
वो अपने डेस्क पर झुक गई और मैं उसके पीछे झुक गया।

हम दोनों के हाथों की उंगलियां आपस में फंसने लगीं और इसी दौरान मेरा लंड उसकी गांड पर फिरने लगा।

मैं- इस डेस्क की लकड़ी बहुत सख्त है, है ना?
जैनब- हम्म, लेकिन अभी तो मैं किसी और लकड़ी के बारे में सोच रही हूं!
कहकर उसने आंख मार दी.

जैनब घूमी और उसने मेरी पैंट को नीचे खींच दिया।

घुटनों पर आते हुए उसने मेरे तन चुके लौड़े के टोपे पर एक किस कर दी।
अगले ही पल हल्के झटके के साथ मेरा लंड उसके मुंह में था।

उम्म … करते हुए उसने पूरा लंड मुंह में समा लिया और अपना प्यार और लार उस पर लुटाने लगी।
मेरा लंड बड़े मजे से चूसते हुए उसने पूरा गीला कर दिया।

मैंने उसके बाल खींचे और पूरा लंड गले में धकेल दिया।
वो गूं-गूं करने लगी।

मैं- मुझे रूमी (कैम गर्ल) को भी कॉल करना चाहिए, इससे पहले कि मैं तुम्हारे चेहरे को अपने माल से नहला दूं।
जैनब लंड निकालकर हांफते हुए- हम्म … अच्छा रहेगा शायद, बाद में फिर मैं रुक भी नहीं पाऊंगी।

कहकर वो जोर जोर से लंड को चूसने लगी।
मैं उसके डेस्क पर बैठ गया और मैंने dscgirls.live वेबसाइट को खोल लिया।

किस्मत से उस वक्त रूमी भी फ्री थी।
वह भी हम दोनों को जॉइन करने के लिए उत्साहित लग रही थी।

इंडियन सेक्स कैम मॉडल रूमी
जैनब मेरी टांगों के बीच में लंड को चूसने में लगी हुई थी.
इसी बीच उसने अपने पर्स में से मुझे अपना डेबिट कार्ड निकाल कर दे दिया।
मैंने कार्ड के माध्यम से क्रेडिट खरीद लिए।

फिर मैंने रूमी को नंगी होने के लिए कह दिया।

मैंने अब फिर से जैनब के बालों को कस कर पकड़ लिया।
अब मेरे लंड से उसकी लार बहकर नीचे जाने लगी थी।

मेरे लंड के टोपे पर उसके गले का निचला भाग महसूस हो जाता था।
लेकिन मैं धक्का देकर लंड को उससे भी नीचे तक धकेल देता था जिससे उसका गला बिल्कुल रुक जाता था।
वो उल्काते हुए मेरी तरफ हैरानी से देखने लगती थी और उसके मुंह से लार नीचे बहती दिख रही थी।

जैनब- तुमने तो मुझे पागल कर दिया, मजा आया!

उसने फिर से अपना मुंह खोल लिया।
मैंने फिर से उसका सिर पकड़ा और लंड को मुंह में देकर धकेलने लगा।
उसको बार बार मैंने उल्काई के लिए मजबूर किया।

इस दौरान रूमी की वीडियो कॉल कनेक्ट हो चुकी थी।

वह अपनी चूत में धीरे-धीरे उंगली चला रही थी।
लेकिन उसने जैनब को इस तरह से लंड से बेहाल होते देख लिया था।

इसलिए रूमी भी अब तेजी से चूत को रगड़ने लगी।
रूमी ने मुझसे नजरें मिलाईं और इतने में ही जैनब के मुंह की पकड़ मेरे लंड पर बढ़ गई और मैं आनंद में गर्रा … उठा।

मेरा अब छूटने ही वाला था।
मैंने जैनब के मुंह को पकड़ लिया और लंड को जोर से अंदर धकेलने लगा।
जैनब की आंखें बाहर आने लगीं, जैसे वो लंड को बाहर निकालने की मिन्नत कर रही हो।

लेकिन एक्सएक्सएक्स कैम गर्ल रूमी को जोर से चूत रगड़ते देख मैंने उसके मुंह में वीर्य की पिचकारी मारना शुरू कर दिया जो उसके गले में गिरने लगी।

रूमी भी मेरी तरफ देखते हुए सिसकारने लगी।
मैंने अपने लंड को फिर बाहर निकाल लिया।

बाहर निकाला तो मेरे लंड के टोपे और जैनब के होंठों के बीच चिपचिपे वीर्य की एक लाइन बंध गई। उधर रूमी का बदन अकड़ने लगा था।

मैंने जैनब को लंड के और पास कर लिया।
वो मेरे आंड चाटने लगी।
यह देख रूमी की भी आह्ह निकल गई।

वह बोली- आह्ह फक! तुम तो सच में बड़े कमीने हो! बहुत हॉट! आह्ह … मेरा छूट रहा है … आह्ह!

इतने में ही रूमी का बदन जोर से कांपने लगा।
वह पीछे की ओर लेट गई और जैनब उसे देखते हुए मेरे आंडों को चाटती रही।

उसकी सिसकारियां सुन सुनकर जैनब और जोर से मेरे आंड चूसती जा रही थी।
मुझे भी जैनब की जीभ का मेरे आंडों पर पूरा मजा मिल रहा था।

रूमी हम दोनों को देख रही थी।
वह मेरी तरफ रंडी की तरह देख रही थी और अपने होंठों पर जीभ फिरा रही थी।

उसकी दो उंगलियां उसकी चूत में तेजी से अंदर बाहर हो रही थीं।

अब मैं धीरे से उठा और जैनब को फर्श से उठा लिया।
मैं उसे किस करने लगा।

जैनब को मैंने अब डेस्क पर बैठा लिया।
उसकी टांगें खोलकर मैंने उसकी जांघों को थाम लिया और फिर लैपटॉप में देखा।

उधर रूमी ने भी अपनी टांगें खोल लीं और इतने में ही जोर से मैंने धक्का दे दिया।
लंड अंदर घुसते ही जैनब की जोर की आह्ह निकली जो बहुत गहरी थी।

उसके चेहरे को देख कर लग रहा था कि वो अपने ही डेस्क पर ऐसे बेरहमी से चुदने का कितना मजा ले रही है।

मैं धक्के लगाते हुए- कल जब तुम यहां काम कर रही होगी … तुम इस डेस्क पर बैठोगी … (धक्के लगाते हुए) अपनी गीली चूत के बारे में सोचोगी … कि कैसे ये मेरे मोटे और गीले लंड से चुदी थी।
रूमी- ओह फक! आह्ह … हां, ऐसे ही चोदते रहो उसे!

मैं- मुझसे चुदना अच्छा लग रहा है तुम्हें? तुम चाहती हो कि मैं यहां ओवरटाइम करता रहूं ताकि ऐसे ही तुम्हें पेल सकूं?
मैं जोर से धक्के लगाते जा रहा था.

जैनब- ओ माय गॉड! प्लीज रुको नहीं, करते रहो … आह्ह आहह।
अब उसकी चूत से पच-पच की आवाज होने लगी थी।
उसकी चूत से सफेद पानी निकलने लगा था।

वह मेरे लंड की कठोर, लेकिन आनंद देने वाली अनुभूति का मजा ले रही थी।

उधर रूमी कैम गर्ल सेक्स का पूरा आनंद ले रही थी।

मेरा लंड जैनब की चूत में अंदर तक पहुंच रहा था और वह अपने होंठों को काट रही थी।
उसकी चूत का गीलापन बढ़ने से अब मैं भी गुर्राते हुए चोदने लगा था।

मैंने उसे घुमा लिया और उसके कंधों को पकड़ लिया।
अब उसने डेस्क को कस कर पकड़ लिया और गहरी सांसें भरने लगी।

वह कैमरा में देख रही थी और उसकी टांगें चौड़ी खुली थीं।
रूमी हम दोनों को देखते हुए तेजी से अपनी चूत को रगड़ रही थी।

मैं- तुम्हें मजा आ रहा है रूमी?
रूमी- ओह फक! फक!

उसकी टांगें उसके हाथ पर लिपटी हुई थीं और उसकी आँखें कसकर बंद थीं और वो जोर से सिसकार रही थी।

तभी जैनब बोली- फक … चोदो मुझे … कसकर!
मैं पूरे जोश में जैनब को चोदने लगा।
अब उसकी सिसकारियां और तेज हो गईं।

वह खुद को कैमरा में चुदते देख रही थी और लगातार आहें भर रही थी।
उसका मुंह खुल गया था और बदन दोहरा होने लगा था।

मैं रुक नहीं रहा था।
मैंने उसके चूतड़ों को थाम लिया और लंड को पूरा जड़ तक घुसाने लगा।
उसकी कमर को दोनों ओर से थामकर मैं जोर से लंड को पेल रहा था।

जैनब जोर से चिल्लाते हुए अपने होंठों को काट रही थी।
अब उसकी आंखें पलटने लगीं।
देखते ही देखते वो टेबल पर ढेर हो गई।

फिर उसने अपनी टांगें पूरी खोलकर ढीली फैला दीं।
वह लेट गई और मैंने लंड को बाहर खींच लिया।

जैनब- नहीं, इसे मेरे अंदर ही रखो, प्लीज!
फिर मैं उस पर लेट गया।
मैंने उसको पलटाया और उसके होंठों पर किस करने लगा।

मेरा लंड उसकी बच्चेदानी तक पहुंच रहा था।
वह मुझे डीप किस कर रही थी।

जैनब- मुझे ऐसे ही अंदर तक खोदते रहो!
मैं भी अब लंड को पूरा अंदर तक धकेल रहा था।
मेरा पसीना उसके बदन को भिगो रहा था।

मैं तेजी से धक्के देने लगा और जैनब की चूत की पकड़ मेरे लंड पर बढ़ने लगी।

उसकी टांगें मेरे चारों ओर आकर कस गईं।
मैंने रूमी की तरफ देखा तो वह हम दोनों को देखकर अपने होंठ काटते हुए अपने बदन को सहला रही थी।

मैं भी आहें भरने लगा।
मेरा बदन अकड़ने लगा लेकिन मैं लंड को अपनी एचआर की गर्म और टाइट चूत से बाहर नहीं निकालना चाह रहा था।

मैं इसे अंदर ही रखना चाह रहा था।
जैनब- मत निकालो बेबी, मुझे भर दो!

इतने में ही मेरा माल जैनब की टपकती चूत में गिरने लगा।
वह जोर से सिसकारी और पीछे की ओर झुक गई।

मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और किस करने लगा।

कैम गर्ल रूमी हंसी और अपनी चूत को कैमरा के पास ले आई।
हमने देखा कि उसकी चूत किस कदर गीली हो गई थी।

मैंने जैनब को किस किया और हम दोनों रूमी की तरफ देखकर मुस्करा दिए।

मैं जैनब की चूत में कुछ देर उंगली करता रहा तब तक रूमी ने भी सेशन बंद कर दिया।

दोस्तो, अभी भी हम रूमी के साथ खूब सारी मस्ती करते हैं।
वह हमारी पसंदीदा मॉडल है और हमें चुदाई करते हुए देखकर खूब मजा लेती है।

अगर आप लोगों को मेरी कैम गर्ल सेक्स स्टोरी पसंद आ रही है तो मैं इस कहानी का तीसरा भाग भी आपके लिए लिखूंगा।
और अगर आप जानना चाहते हैं कि जैनब, मेरे और रूमी के बीच आगे किस तरह गर्म डर्टी सेक्स हुआ, तो मुझे जरूर लिखें।

(Swami Ji Ka Ilaj)-Antarvasna

आज मैं आपको जो Antarvasna कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी मामी की है। मुझे पूरा भरोसा है कि ये कहानी आपको बहुत अच्छी लगेगी होगी।

मैं अपनी मामी के संग चूत चुदाई की दूसरी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। उस कहानी में जैसा कि मैं आपको बता चुका था कि मामी जो एक विधवा हैं और उनकी एक बेटी भी है.. जिसकी उम्र पांच साल की है।

उस कहानी में मैंने मामी से सेक्स करते समय बताया था कि उनकी कोई समस्या थी जिसका समाधान स्वामी जी के द्वारा ही हो सकता है।

आज मैं वो कहानी आपको सुनाने जा रहा हूँ। ये मामी की स्वामी जी से मुलाकात की कहानी है। मैं जब दोबारा मामी के यहाँ गया तो उनसे स्वामी जी के पास चलने के लिए बोला।

मैंने उनसे बता दिया कि मैंने उनके लिए स्वामी जी से समय लिया है। मैं मामी के यहाँ शनिवार को गया था। रविवार को स्वामी जी जन साधारण से नहीं मिलते थे। इसलिए मैंने मामी से रविवार को स्वामी जी के पास चलने के लिए बोला।

मामी तैयार हो गईं। उन्होंने अपनी लड़की को एक रिश्तेदार के पास छोड़ दिया और मेरे साथ स्वामी जी से मिलने चल दीं।

जब हम लोग स्वामी जी के आश्रम पर पहुँचे.. तो उस समय शाम का छह बज रहा था। स्वामी जी अकेले ही थे।

मैंने स्वामी जी को पैर छूकर प्रणाम किया तो स्वामी जी ने ‘खुश रहो..’ कह कर आशीर्वाद दिया।

जब मामी ने उनको प्रणाम किया तो स्वामी जी ने मामी की पीठ पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और उन्होंने अपने दोनों हाथों से मामी के कंधों को पकड़ कर उठाया।

हमने अपनी समस्या स्वामी जी को बताई तो स्वामी ने सोचते हुए हम दोनों को बैठने के लिए कहा और वे खुद अन्दर चले गए।

कुछ देर के बाद स्वामी जी ने मामी को नहाने के बाद पूजा पर आकर बैठने के लिए बोला।

मैं आश्रम का मेन गेट को बन्द करके ऊपर चला गया और ऐसी जगह पर बैठा जहाँ से सब कुछ साफ़ दिखाई दे रहा था।

मामी ने नहाने के बाद दूसरे कपड़े पहन लिए और आकर स्वामी जी के सामने बैठ गईं।

स्वामी जी ने आँखों को बन्द कर लिया। आँखें बन्द करने के बाद स्वामी जी कुछ देर तक मन में कुछ गुनगुनाते रहे। इसके बाद उन्होंने मामी के सर पर हाथ रख कर मामी के बारे में वो सब कुछ बताया.. जो मैंने उनसे बताया था।

इस तरह स्वामी जी ने मामी को अपने विश्वास में ले लिया।

अब स्वामी जी मामी से बोले- अब तेरे पति की आत्मा मेरे पास में यहीं आ चुकी है.. वो तुमसे मिलना चाहता है। लेकिन वो सीधे तुम्हारे अन्दर नहीं आ सकता.. इसके लिए मैं उसे अपने अन्दर बुलाता हूँ। मैं जो भी कहूँगा.. उसे तुम चुपचाप करते जाना।

मामी ने सर हिला कर उनका जबाव दिया।

अब स्वामी जी ने आँख बन्द करके मामी से बोला- वो तुम्हारे साथ सम्भोग करना चाहता है। इसके लिए तुम बिल्कुल से निर्वस्त्र हो जाओ।

मामी ने खड़े होकर अपने तन के सारे कपड़े उतार दिए। अब वो स्वामी जी के सामने बिल्कुल नंगी खड़ी हो गईं।

स्वामी जी ने आँखें खोल कर मामी को देखा और पास पड़े बिस्तर पर जाकर लेट जाने का इशारा किया.. मामी लेट गईं।

अब स्वामी जी वहाँ से उठ कर जब मामी के पास पहुँचे तो उनके हाथ में तेल की एक शीशी थी। स्वामी जी मामी के पूरे नंगे शरीर को ध्यान से देखते रहे। इसके बाद स्वामी जी ने मामी की चूत पर तेल डाल दिया। तेल डालने के बाद स्वामी जी ने मामी की चूत के कोमल बालों को सहलाना शुरू किया। मामी ने आँखें बन्द कर लीं।

कुछ देर के बाद स्वामी जी मामी के जांघों पर बैठ गए और मामी से बोले ‘अब तुम्हारा पति तुम्हारे अन्दर जाना चाहता है।’

इतना कहकर स्वामी जी ने अपने हब्शी लंड को.. जो लगभग बहुत लम्बा और मोटा था और मामी की चूत के बहुत बड़ा था.. उसको मामी की चूत से सटा दिया।

मामी ने उसे अपने दोनों हाथों से अपनी चूत को फैलाते हुए लंड को रास्ता दिखाया।

स्वामी जी ने अपनी कमर को एक जोर का झटका देने के बाद कमर को हिलाना शुरू किया तो कमरे में मामी की ‘आआआ.. अह्हह्ह.. आह्हह.. ऊउईई.. औऊ.. आआअह्ह..’ की आवाज गूँज उठी।

स्वामी जी चूत में लंड पेल कर मामी के ऊपर पूरी तरह से चढ़ गए और उन्होंने कमर को हिलाना बन्द कर दिया।

फिर स्वामी जी ने पास रखी शीशी से सरसों का तेल निकाल कर मामी की दोनों चूचियों पर लगाया।

मामी की चूचियां तेल से चमक उठीं और स्वामी जी ने चूचियों को अपने हथेलियों में लेकर मसलना शुरू कर दिया।

अब जब मामी धीरे-धीरे शिथिल पड़ने लगीं.. तो स्वामी जी ने फिर से कमर को झटका देना शुरू कर दिया।

लंड की शंटिंग से कमरे में ‘आआह्ह.. आआऔऊ.. आआआह्ह..’ की आवाज आने लगी।

कुछ देर तक स्वामी जी मामी की चूत में धीरे-धीरे झटके लगाते रहे। जब उन्होंने देखा कि मामी के मुँह से आवाज बन्द नहीं हो रही है.. तो उन्होंने मामी के होंठों को अपने होंठों में दबा कर चूसना शुरू कर दिया।

अब एक तरफ़ स्वामी जी मामी की चूत में तेज रफ्तार से झटके लगा रहे थे.. तो दूसरी तरफ़ मामी की दोनों चूचियों को मसलते जा रहे थे व साथ में उनके होंठों को बुरी तरह से चूस रहे थे।

मामी एक जल बिन मछली की तरह छटपटा रही थीं।

स्वामी जी रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। कुछ देर के बाद मामी धीरे-धीरे शांत पड़ने लगीं।

तब स्वामी जी ने उनके होंठों को अपने होंठों से आजाद कर दिया और कमर को झटका देते हुए उठकर बैठ गए।

जब मैंने ध्यान से देखा तो पाया कि मामी की चूत में स्वामी जी का पूरा लंड चला गया था।

स्वामी जी की झांटें मामी की कोमल झांटों से टकरा रही थीं।

अब मामी भी मुस्कुरा रही थीं और साथ में कमर हिला-हिला कर स्वामी जी का साथ दे रही थीं।

मामी ने स्वामी जी से पूछा- और कितना बाहर है?
तो स्वामी जी ने बोला- पूरा का पूरा अन्दर जा चुका है।

मामी इतना सुन कर कमर उठा-उठा कर झटका लगाने लगीं। कुछ देर तक झटका लगाने के बाद स्वामी जी जब मामी के होंठों को चूसने के लिए उनके चेहरे के ऊपर झुके तो मैं समझ गया कि अब स्वामी जी का माल मामी की चूत में गिरने जा रहा है।

मामी भी उनके होंठों को चूस कर साथ दे रही थीं। थोड़ी देर में दोनों शांत पड़ गए।

दस मिनट तक मामी के ऊपर पड़े रहने के बाद स्वामी जी उठकर बैठ गए और मामी की चूत से लंड को निकाल कर उनके ऊपर से हट गए।

स्वामी जी कुछ देर के बाद मामी से करवट बदलने के लिए बोला.. तो मामी ने उनकी तरफ़ अपनी पीठ कर ली। अब स्वामी जी ने मामी की गांड में तेल लगाया।

गांड में तेल लगाते समय स्वामी जी मामी की चूत की तारीफ़ करते हुए बोले- कितना कसा हुआ शरीर है। आज भी जवानी तुम्हारे पोर-पोर में भरी हुई है।

इतना सुन कर मामी बोलीं- आपके लंड में जवानी इस कदर भरी हुई है कि वो मेरी चूत को फाड़ देने के लिए बेताब था।

स्वामी जी मामी के बगल में लेट गए। लेटने के बाद स्वामी जी ने मामी की गांड पर लंड को सटाया। मामी ने लंड को अपने हाथ में ले लिया।

स्वामी जी ने मामी की गांड पर पहले हाथ फेरा फिर गांड के छेद को फैलाते हुए अपने लंड के लिए उसमें रास्ता बनाया।

मामी ने लंड को अपनी गांड के रास्ते पर ले जाकर जैसे ही सटाया.. स्वामी जी ने मामी की कमर को पकड़ कर एक जोर से झटका मारा।

मामी- आअह्हह्ह.. उह्हह.. धीरे आआ.. फट गई.. आईईई.. बाबाजी
मामी कराह उठीं।

स्वामी जी ने बोला- क्या हुआ.. घुस गया न?
मामी बोलीं- अह्हह.. उह.. थोड़ा आहह.. धीरेऐईईए.. ऊऊहह.. धीरे धक्का मारिए।

स्वामी जी ने मामी की कमर को पकड़ कर फिर से जोर का झटका मारा।

जब मैंने ध्यान से देखा तो पाया कि मामी की गांड में स्वामी जी का आधा लंड चला गया था।

स्वामी जी ने अब मामी की चूची को एक हाथ से पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया।

स्वामी जी ने मामी से पूछा- मजा आ रहा है?

मामी ने सर हिलाते हुए हामी भरी।

अब स्वामी जी ने अपने पूरे लंड को मामी की गांड में एक साथ पेलने के लिए उनकी कमर को पकड़ कर एक जोर की ठाप मारी।

मामी की तो जैसे जान ही निकल गई। कुछ देर तक कराहने के बाद मामी शांत हो गई।

स्वामी जी ने जोर-जोर के झटके मारने शुरू कर दिए और कई मिनट तक जोर-जोर से झटका लगाने के बाद शांत पड़ गए।

मैं समझ गया कि स्वामी जी ने अपनी टंकी को मामी की गांड में खाली कर दिया है।

अब स्वामी जी और मामी जैसे थे वैसे ही ढेर हो गए। मैं भी अपने बिस्तर पर सो गया।

मैं भोर के पांच बजे अचानक जब मेरी नींद खुली.. तो मैंने नीचे कुछ आवाज सुनी। मैंने जब नीचे देखा तो पाया कि मामी पीठ को ऊपर करके लेटी हुई थीं। स्वामी जी उनकी जाँघों पर बैठ कर उनकी गोरी गांड में तेल लगा रहे थे। तेल लगाने के बाद स्वामी जी अपने लंड में तेल लगाया।

अब स्वामी जी ने मामी की गांड पर जैसे ही लंड सटाया.. मामी ने उसे अपने गांड का रास्ता दिखाया।

स्वामी जी अपना लंड मामी के गांड में पेलने के बाद मामी पर लेट गए और जोर-जोर से कमर को हिलाने लगे।

कुछ देर में ही उनका पूरा लंड मामी की गांड में चला गया। लगभग बीस मिनट तक कमर को हिलाने के बाद स्वामी जी ने अपना बीज मामी की गांड में गिरा दिया।

अब स्वामी जी ने लंड निकाल लिया और बाथरूम में पेशाब करने के लिए चले गए।

मामी भी उठ कर चली गईं।

दोनों लोग एक साथ वापस रूम में आए। रूम में आने के बाद स्वामी जी ने मामी से बोला- अब तुम पहले मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसो।

स्वामी जी बिस्तर पर बैठ गए। मामी ने उनके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। कुछ देर के बाद स्वामी जी गरम हो चुके थे। स्वामी जी ने मामी से लेटने के लिए बोला। मामी बिस्तर पर लेट गईं। स्वामी जी उठकर मामी के जाँघों पर बैठ गए।

इससे पहले की मामी कुछ समझतीं.. स्वामी जी अपना लंड पकड़ कर मामी के दोनों पैरों को फैला कर उसके बीच में समा गए।

मामी के पैरों को समेटते हुए स्वामी जी ने मामी के चूत पर लंड टिका कर एक जोरदार झटका मारा।

मामी के मुँह से ‘आहह.. ऊहह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आऊऊ.. उईईई..’ की आवाज निकल उठी।

स्वामी जी ने मामी की दोनों चूचियों को बच्चे के तरह चूसना शुरू कर दिया और जोर-जोर से झटके मार के पूरे लंड को मामी की चूत में पेल दिया।

इस बार उन्होंने बहुत देर तक मामी की चुदाई की।

मामी की चूत से जब स्वामी जी ने लंड निकाला.. तो मामी की चूत फूल कर सूज चुकी थी। मामी को उठा नहीं जा रहा था।

कुछ देर तक मामी ने अपने चूत की सिकाई गरम पानी से की।

इसके बाद हम लोग तैयार होकर अपने घर वापस आने के लिए वहाँ से चल पड़े।

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