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Massage Girl in Virudhunagar: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Virudhunagar who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Virudhunagar that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Virudhunagar massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Virudhunagar who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Virudhunagar massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Virudhunagar massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Virudhunagar who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Virudhunagar employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Virudhunagar helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Virudhunagar

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Virudhunagar at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna

मेरा नाम Antarvasna सीमा, उम्र 26 साल है। मैं एक शादीशुदा औरत हूँ। मैं सेक्स में बहुत रुचि रखती हूँ।
मेरे पति सुनील एक अध्यापक हैं। वो लंबे और सुन्दर दीखते हैं। वो मेरे सौन्दर्य के कायल हैं।

मैं और मेरे पति ब्लू फिल्म देखते हैं और इन्टरनेट पर मुझे काफी लड़कों ने नंगा भी देखा है, वह मेरे पति की महेरबानी है।

मेरे पति अक्सर मैसेन्ज़र पर चैटिंग करते हैं और लड़कों को मुझे नंगा दिखाते हैं। इससे उनको मज़ा आता है, हालांकि मुझे भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

एक दिन की बात है जब शाम को मेरे पति पांच 18 से 20 साल के लड़कों के साथ चैट कर रहे थे।

वो सब एक ही कैम पर थे और मेरे पति ने मुझे उनके सामने नंगा होने को कहा।
मैं फटाफट अपने कपड़े उतारकर नंगी हो गई।

उस वक़्त जैसे मेरे मन में कुछ नया विचार आ रहा था, मैं उन पांचों से चुदवाना चाहती थी।

मैंने उनका आईडी याद रखकर दूसरे दिन जब सुनील स्कूल गए तब मैंने मैसेन्ज़र में आईडी डाला।

इत्तिफाक से उनमें से एक लड़का ऑनलाईन था। मैंने उससे चैट किया और मैंने उसे बताया कि मैं सुनील की पत्नी हूँ।

फिर उसने मुझे कैम पर नंगा होने को कहा।
मैंने ऐसा ही किया।

फिर मैंने उससे कहा- मैं तुम पांचों से एक साथ चुदवाना चाहती हूँ।

वह मान गया और उसने मुझे दो दिन के बाद रात को उसके घर आने को कहा।

पर मैं रात को नहीं जा सकती थी, तो हमने जब सुनील स्कूल जायें तब मेरे घर पर अगले दिन ही आने का कार्यक्रम बनाया।

मैंने उसका फोन नंबर ले लिया और कहा- जब सुनील स्कूल के लिए निकलेंगे, तब मैं मिसकॉल कर दूंगी।
तो हमारी बात पक्की हो गई।

उस दिन मैं खूब उत्साहित थी। मैंने काफी लड़कों को उस दिन अपना नंगा बदन दिखाया। मुझे इसकी आदत हो चुकी थी। मैं हर वक्त कल का इंतज़ार कर रही थी।

उस दिन रात को सुनील के लंड का जी भर के मज़ा लिया पर मैं उस वक्त दूसरे दिन के बारे में सोच कर सेक्स में इतना सहयोग दे रही थी।

अगली सुबह हुई और मैंने सुनील के लिए नाश्ता बनाया।
सुनील नाश्ता कर के कपड़े पहनने लगे और बोले- आज स्कूल में ऐक्स्ट्रा क्लास है।

मैं मन ही मन खुश हुई और नहाने चली गई।
नहाने के बाद मैंने एकदम तंग ब्रा पहनी जिससे मेरे स्तन एकदम सिकुड़ गए।
मैंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी और एकदम उत्तेजक परफ़्यूम लगाया।

फिर मैंने उस लड़के को मिसकॉल दिया।

उसने फोन किया और मैंने कहा- पीछे के रास्ते से आ जाना!

मैंने उसको पता तो दे ही दिया था।
दस मिनट के बाद वो सब आ गए। पांचों एकदम हैंडसम दिख रहे थे।

मैंने सब को बिठाया और उनको पानी दिया फिर चाय नाश्ता कराया।

उन सबसे मैंने नाम पूछा तो उनके नाम अंकित, सलीम, सुरेश, जय और ज़ॉन थे।
उनमें से ज़ॉन मुझे सबसे अच्छा लगा था।

हमने पहले सामान्य घर-बार की बातें की फिर अंकित बोला- मैं ब्लू फिल्म की सीडी लाया हूँ।
मैंने कहा- ठीक है! चलो बेडरूम में चलते हैं।

जय ने ब्लू फिल्म लगाई। उसमें भी एक लड़की को पाँच मर्द चोद रहे थे।

मैं बिस्तर पर ज़ॉन के आगे और आजू-बाजू बाकी के बैठे थे।

अचानक ज़ॉन ने मेरी पीठ पर हाथ फेरना चालू कर दिया।

मैंने बगल में बैठे अंकित की जांघ पर हाथ रखा, अंकित ने मेरा हाथ पकड़कर उसके लंड पर रख लिया जो काफी बड़ा था।
फिर मैंने उसका लंड निकाला और उसे हिलाने लगी।

तभी सुरेश बोला- रुको, अभी नहीं!

उसने जय को आंख मारते हुए कहा- मैं कुछ लाता हूँ!

मैंने कहा- क्या?
तो सलीम बोला- रुक तो सही रंडी!

मुझे उसकी गाली से मजा आ रहा था, मैं कुछ बोली नहीं!

थोड़ी ही देर में सुरेश कैमरा और दो आदमी लाया।

मैंने कहा- यह सब क्या है?
तो जॉन ने मेरे स्तन दबाते हुए कहा- यह दोनों हमारी ब्लू फिल्म बनायेंगे!

मैंने मना किया पर वो लोग नहीं माने।

सलीम बोला- रंडी, चुदवाना है तो बोल! नहीं तो हम चलते हैं?

मुझमें वासना कूट-कूट कर भरी थी, तो मैंने कहा- ठीक है!

हालांकि मैं मन ही मन चाहती थी कि मेरी ब्लू फिल्म बने।

फिर वो आदमी बोले- अब शुरु करो! हम कैमरा ऑन करते हैं!
वो बोले- ठीक है!

कैमरा-मैन ने सुरेश के सामने कैमरा रखा, उसने हम सबका परिचय दिया।
फिर ज़ॉन आगे बढ़ा और मेरे होंठों पे चूमने लगा; पीछे से सलीम मेरे स्तन दबाने लगा। फिर जॉन ने मेरी साड़ी उतारी, मैं अब सिर्फ ब्लाउज़ और पेटीकोट में ही थी।

फिर सुरेश ने मेरे वक्ष पर किस किया और मेरा ब्लाउज़ एक ही झटके में फाड़ डाला।

तभी कैमरा-मैन बोला- उस रंडी को बोल कि थोड़े नखरे दिखाए!

मैंने अपने स्तनों को पकड़कर कर वासना से भरी हुई हंसी निकाली।
फिर जय ने मुझे बिस्तर पर बैठने को कहा।
मैं बैठ गई और जय ने लम्बा सा लण्ड मेरे मुँह में धर दिया। मैं उसे चूसने लगी।

फिर सलीम ने मेरी ब्रा खोल दी मेरे बड़े बड़े स्तन लहरा कर बाहर आ गये। फिर सुरेश और सलीम मेरी चूचियों को चूसने लगे।

जय का लंड मैंने फिर से मुँह में ले लिया। अंकित एक तरफ़ खड़ा था।

जॉन ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोल कर पेटीकोट निकाल दिया और मेरी पेंटी को चूसने लगा। फिर उसने मेरी पेंटी निकाल दी।

कैमरा-मैन ने नजदीक से मेरी बाल-रहित चूत को शूट किया।

अब मैं बिलकुल नंगी थी।
तब एक कैमरा-मैन बोला- हरामजादी, तू तो नंगी हो गई! अब उन लोगों को नंगा तेरा बाप करेगा?

सबको जुदा करके मैंने बारी बारी से सब को नंगा किया।
मैंने पाया कि सलीम का लंड सबसे लम्बा था, मेरे पति के लंड से भी लम्बा!

मैं बारी बारी से सबके लंड चूस रही थी।

फिर अंकित ने मुझे उठाया और बिस्तर पर पटक दिया।
सलीम मेरे पास में आकर लेट गया और उसने मुझे लंड को चूत में डालकर बैठने को कहा।
मैंने धीरे से वही किया, सलीम का लंड फटाक से अन्दर चला गया।

मैं चिल्लाई, फिर मेरे मुँह से अह्ह्ह अग्ग…. आवाजें आने लगी तो अंकित ने अपना छोटा पर मोटा लंड मेरे मुँह में डाला।
अब मैं आवाज़ नहीं कर रही थी।

फिर ज़ॉन ने पीछे से मेरी गांड पर लंड रखा और एक ही झटके में गांड में लंड डाल दिया।
मुझे बहुत मीठा सा दर्द हुआ।

सुरेश और जय के लंड मेरे हाथों में थे और मैं हाथ से उनके लंड को हिला रही थी।

बारी बारी से सबने मेरी गांड, चूत, मुँह और हाथों को चोदा।
फिर वो सब अलग हो गए और बारी बारी से मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ा।
मैं सारा पानी गटक गई।

फिर सलीम ने मुझे कपड़े पहनाये और हमारी ब्लू फिल्म ख़त्म हुई।

मेरी प्यास बुझ गई थी। मैं मुस्कुरा रही थी क्योंकि मुझे जन्नत का आनंद मिला था।

अचानक दोनों कैमरा-मैन अपने कपड़े निकलने लगे।

मैंने कहा- यह क्या कर रहे हो?
तो वो बोले- चल रानी, अब हमारा मजा ले!

मैं कुछ नहीं बोल सकी और उन्होंने ने भी मुझे चोदा और उन्होंने तो मेरे स्तनों और चूत को काट-काट कर जख्मी कर दिया था।
पर मुझे उसमें मजा आया था।

फिर सबने कहा- तेरी ब्लू फिल्म हम तुझे मेल कर देंगे और एक महीने में सारे मुंबई के ब्लू फिल्म के दीवाने यह देख चुके होंगे।
मैंने कहा- ठीक है! आज से मैं ब्लू फिल्म की रंडी बन गई!

सब हंसने लगे। फिर सब एक बार फिर मेरी चूत को चाट कर और उसकी फोटो खींच कर चले गए।
मैं वो दिन कभी नहीं भूलूंगी।

कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करें! Antarvasna

Antarvasna

दोस्तों, मेरा नाम कोमल है। मैं Antarvasna उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र तेईस साल है, ख़ूबसूरत और एक कसे हुए बद़न की मल्लिका हूँ। शादी से पहले मैंने कई लड़कों से चुदवाया था, पर शादी अपने घरवालों की मर्ज़ी से की। कहते हैं ना कि यह सच्चाई है कि एक लल्लू को ख़ूबसूरत और ख़ूबसूरत को बद़सूरत जीवनसाथी मिलता है। मेरा पति बद़सूरत तो नहीं था, पर हाँ माँ का पिल्ला था। मेरे ससुर फौज में रह चुके थे।

मैं शादी की पहली रात ही निराश हुई, जब पति का लंड मेरे अनुमान से कम निकला। ऊपर से वह ख़ुद तक ही सीमित रहता। पाँच-छः मिनटों तक चोदता और अपना मतलब निकाल, पासा पलट कर सो जाता, और मैं सारी रात मछली की तरह तड़पती रह जाती।

शादी को छः महीने हो गए। सास मुझसे कहती रहती कि तुम लोग बेबी कब करने वाले हो? मुझे जल्दी पोते-पोती का मुँह देखना है। मैं उनसे क्या कहती कि आपका बेटा किसी लायक़ ही नहीं है! बच्चा क्या आसमान से पेट में डलवा लूँ! पति भी कहता कि मैं तो तुम्हें रोज़ चोदता हूँ, फिर तेरे अन्दर ही कोई कसर है।

मैंने कहा, “कभी मेरा पानी निकलवाया है, जिससे बच्चा हो जाए।” इस बात को लेकर बन्द कमरे में हमारी तक़रार होने लगी।

उधर मेरी जवानी देख-देख कर मेरा फौजी ससुर मुझे दूसरी नज़र से देखने लगा। फौजी होते ही ऐसे हैं। एक रात हम दोनों के अलावा घर में ससुर जी ही थे। पति को पहली बार नशे में देखा था, वह बहुत मूड में था। उसने मुझे रोज़ की तरह नंगी कर दिया। मुझे चूम-चाट कर गरम कर डाला।

मैंने भी सोचा कि नशे के कारण शायद उसका आज देर से झड़े, क्योंकि मेरा आशिक दारू पी कर मुझे पूरी रात चोदता था। मैंने जितने भी लड़के फाँसे थे, सभी यह राय रखते थे। पहली बार नशे में पति को बिस्तर मे मूड में देखा, चूमा-चाटी के बाद उसने अन्दर डाला, पहले से कुछ अधिक समय तक टिका, लेकिन वह कुछ अधिक ही उत्तेजना के मारे, रोज़ की तरह मुझे फिर से प्यासी छोड़ कर लुढ़क गया। मैंने ख़ूब खरी-खोटी सुनाई और मेरे मुँह से नामर्द निकल गया। उसने साथ लाई बोतल में से और पी कर मुझे खूब मारा-पीटा और मुझे कमरे से निकाल दिया।

मैंने अभी सलवार पहनी थी, ब्रा हाथ में था कि उसने मुझे बाहर निकाल कर कमरा अन्दर से बन्द कर सो गया। मेरे और सारे कपड़े अन्दर ही थे। मैं ब्रा डाल कर सोफे पर बैठ कर रोने लगी, तभी ससुर जी अपने कमरे से बाहर आ गए। मैं घबरा गई। पास में पड़ी सोफे की गद्दी पकड़ ख़ुद को छुपाने लगी।

“बहू, क्या हुआ? बाहर बैठी हो, वो भी इस तरह? मेरे पास बैठते हुए मुझसे उन्होंने पूछा।

“मुझसे क्या शर्म, क्यों छुपा रही रही हो अपनी जवानी मुझसे? क्या बात है? फिर प्यासी छोड़ दिया बेवकूफ़ ने?”

वह ज़बरदस्ती करने लगे। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन एक फौजी जितनी जान नहीं थी मुझमें। उनकी फौलाद सी बाँहें देखकर मैं दंग रह गई। उनका पाजाम फूल चुका था। मतलब उनका लंड खड़ा हो चुका था। बेटे से दुगुना दम देखकर अधिक विरोध न कर पाई। वह मुझे बाँहों में उठाकर अपने बिस्तर पर ले गए और पटक दिया।

मेरी सलवार उतार कर बोले, इतनी पटाका बीवी मिली हो तो आदमी कैसे सो जाए? वह मेरी गोरी जाँघों को चूमने लगे। मैंने उनका पाजामा उतार दिया। नीचे कुछ नहीं था, लंड फनफना कर बाहर निकल आया। मैंने आज तक इतना बड़ा लंड नहीं लिया था। उनकी चौड़ी की छाती से अपने मम्मों पर रगड़ खाकर मेरी चूत गीली हो गई। मैंने उनका लंड मुँह में लिया और भूखी सी लंड पर टूट पड़ी।

ससुर जी ने मुझे सीधा लिटा, बीच में आकर पहले मेरी चूत सूँघी, “कितनी मस्त चूत है! कहते हुए उन्होंने अपने होंठ लगा दिए और मैं पागल हो गई। बेटा लल्लू, बाप फौलादी।

“बहू बहुत गरम माल है तू, कितने लौड़े खाए हुए हैं अभी तक?”

मैं शरमा गई, हाय छोड़ो… चोद दो मुझे अभी बस – मैंने सोचा

टाँगे खोलते हुए वह बीच में बैठ गए। लंड को चूत के होंठों पर रगड़ने लगे। मैं जल उठी। नीचे से कूल्हे उठाकर लंड डलवाने की नाकाम कोशिश की। मैं कह रही थी, अब तड़पाओ मत। लेकिन वह जानता था कि किस तरह एक आग जैसी गर्म औरत को ठंडी कैसे करते हैं। उसने धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर डाल दिया। मोटा लंड काफी दिनों के बाद डलवाया, मज़ा आ गया।

ज़बरदस्त झटके लगने लगे। “हाय…. हाय… चोद… ज़ोर से… ज़ोर से… हाय फाड़ डालो पापा… आज अपनी बहू को चित्त कर दो। देखो अपनी बहू को नंगी अपने नीचे लिटा कर चोद रहे हो…”

“साली ठंडी कर दूँगा, सारा माल तेरी कोख में डाल दूँगा…”

“हाय पापा अपना बीज मेरी कोख में डाल दो… सासू माँ ताने देतीं हैं…”

यह सुनकर वह और गरम हो गया।

“पापा अपनी रंडी बहू की चूत आज फाड़ दो। हाय, कुतिया हूँ मैं… मुझे कुत्ते की तरह चोदो… मुझे घोड़ी बना कर पेलो…”

उसके दम के सामने कितने दिनों बाद आज ऊँगली की बजाय लंड से झड़ी थी मैं। मुझे झड़ता देख उसने सीधा लिटा कर ऊपर से आते हुए टांगे कंधों पर रख कर तेज़ झटका दिया। तेज़-तेज़ झटकों से एक दम वो अकड़ने लगे और मेरे शरीर को मज़बूती से थाम अपना सारा पानी निकाल दिया।

“हाय ससुर जी, मज़ा आ गया।”

“बहू तुम बहुत ही सेक्सी माल हो।”

दोस्तों, फिर हम मौक़ा देखकर हमबिस्तर होने लगे। ससुर जी ने अपने दूसरे बेटे के लिए एक और फ्लैट ले रखा था जो पढ़ाई करता था। ससुर से आज्ञा लेकर मैंने एक कम्प्यूटर-क्लास में दाखिला ले लिया। लेकिन वह एक बहाना था। मैं सीधा फ्लैट पर जाती, जहाँ ससुर जी भी आ जाते, और हमारी रोज़ चुदाई के दौर चलते। मुझे अगली माहवारी नहीं आई। स्ट्रिप से जाँच किया तो मैं गर्भवती निकली। सासु माँ बहुत खुश हुईं।

ससुर जी भी जब उस दिन फ्लैट में मिले तो बहुत खुश हुए। पापा और दादा दोनों ने उस दिन मुझे और जोश से ठोंका। पर एक दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह अब घर में रहते हैं, कमज़ोर हो गए हैं। मैं फिर से प्यासी रहने लगी।

एक दिन ननद और ननदोई पापा को मिलने आए। अब वो लगभग रोज़ आने लगे। वह मुझ पर फिदा थे, यह मैं भी जानती थी। एक दिन घर में अकेली थी, ननदोई जी आए, मुझे बाँहों में लेकर बोले, बहुत प्यार करता हूँ आपसे। हमारी बन जाओ रानी। मैं भी उनके आगोश में ढीली पड़ गई और… आगे क्या हुआ… यह अगली बार लिखूँगी… Antarvasna

Antarvasna Sex Stories

नई जवानी थी … कुछ Antarvasna Sex Stories ही देर में वो फिर से तरोताज़ा था।

मेरी चूत को अब उसका लंबा और मोटा लौड़ा चाहिये था। उसके लिये मुझे अधिक इन्तज़ार नहीं करना पड़ा।

मैंने उसे अपनी चूंचियाँ दर्शा कर प्यार से फिर उकसाया। उसका नंगा बदन मुझे बार बार चुभ रहा था … मेरी चूत उसका लण्ड देख कर बार बार फ़ड़फ़ड़ा रही थी। पर मन की बात कैसे कह दूँ … स्त्री सुलभ लज्जा के कारण बस मैं उसके लण्ड को बड़ी तरसती हुई नजरों से देख रही थी।

“भाभी आपने तो कपड़े पहन लिये … ये क्या … मुझे देखो … मेरा तो लण्ड … ” मैंने शरम के मारे उसके मुख पर अंगुली रख दी, पर वो तो मेरी अंगुली ही चूसने लगा।

“आह्ह्ह सुनील, ऐसा मत बोल … तूने तो मेरी पिछाड़ी को आज मस्त कर दिया … अब और क्या मुझे पूरी नंगी करेगा … “

“देखो अगर नहीं हुई तो ,मैं जबरदस्ती नंगी कर दूंगा … तुम्हें एक बार तो दबा के चोदना तो है ही !” मेरा मन एक बार फिर से उसके हाथों नंगा होने को और चुदने को मचल उठा।

“देखो बात तो बस छूने तक ही थी ना … ये और कुछ करोगे तो मैं मारूंगी … हांऽऽऽऽऽ !”

मुझे पता था कि अब वो मुझ पर लपकेगा। ऐसा ही हुआ … उसने मुझे हाथ पकड़ कर अपने पास खींच लिया और एक झटके में मेरा टॉप उतार दिया। मेरा पतला और झीना सा पजामा उतारने में भी उसे कोई परेशानी नहीं हुई, क्योंकि मैं स्वयं भी तो चुदना चाह रही थी … वो भी पूरी नंगी हो कर, मस्ती से शरीर को उसके हवाले करके … अब हम दोनों कुछ ही पलों में पूरे नंगे थे। मेरा दिल फिर से लण्ड के चूत में घुसने के अहसास से धड़क उठा … उसने मुझे अपनी बाहों में कस कर ऊपर उठा लिया, और अब … … मैंने भी शरम छोड़ दी … अपनी दोनों टांगे उसकी कमर से लपेट ली। उसका लण्ड मेरी गाण्ड पर फिर से छूने लगा। उसने मुझे बिस्तर पर पटक दिया। मैंने उसे झटके से पलट कर नीचे कर दिया और उस चढ़ बैठी और अपनी चूंचियाँ उसके मुख में ठूंस दी।

“मेरे सुनील … मेरा दूध पी ले … जरा जोर से चूस कर पीना … !” मैंने उसके बालों को जोर से पकड़ लिया और चूंचियां उसके मुँह में दबाने लगी। उसका मुख खुल गया और मेरे कठोर निपलों को वो चूसने लगा।

मेरा हाल बुरा होता जा रहा था। चूत बेहाल हो चुकी थी और लण्ड लेने को लपलपा रही थी। पानी की बूंदें चूत से रिसने लग गई थी। लण्ड को निगलने के लिये चूत बिलकुल तैयार थी।

उसने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ भींच लिये। मेरी चूत के आस पास उसका लण्ड तड़पने लगा। मैं थोड़ा सा नीचे सरक गई … और लण्ड को चूत के द्वार पर अड़ा लिया। अब देर किस बात की बात की … उसके लण्ड ने एक ऊपर की ओर उछाल मारी और मेरी चूत ने उसके लण्ड को लीलते हुये, नीचे लण्ड पर दबा दिया … फ़च की आवाज के साथ भीतर तक रास्ता बनाता हुआ जड़ तक बैठ गया।

मैंने अपनी चूंचियाँ उसके मुख से निकाली और अपने होंठ से उसके होंठ दबा लिए।

“आह्ह्ह्ह् … ठोक दिया ना … ईह्ह्ह्ह्ह … साला अन्दर मुझे गुदगुदा रहा है !” मुझे चूत में उसके लण्ड का मीठा मीठा अहसास होने लगा था।

“मुझे भी भाभी … आपका जिस्म कितना मस्त है चोदने लायक …! ” उसके मुँह से चोदना शब्द बड़ा प्यारा लगा। मुझे लगा कि सुनील मुझसे इसी भाषा में मुझसे बोले …

पति के सामने ये सब नहीं कह सकते थे ना। सो मैंने भी जानकर ऐसी भाषा प्रयोग की।

“तेरा लण्ड भी सॉलिड है … मेरी गाण्ड भी कितनी प्यारी मारी थी … सुनील !”

मैं उसके लण्ड पर अपनी चूत मारने लगी। लण्ड बहुत ही प्यारी रग़ड़ मार रहा था। मुझे चूत घर्षण करते चुदाने में आनन्द आ रहा था। कुछ देर ऐसे ही चुदने के बाद मुझे जाने क्या लगा कि मैं उस के ऊपर सीधी बैठ गई और धच से उसके लण्ड पर चूत मारी और खुद ही चीख पड़ी … भूल गई थी कि उसका लण्ड मेरे पति से पूरे एक इन्च अधिक लंबा था। वो तो मेरी बच्चेदानी से जोर से टकरा गया था। पर दर्द के साथ बहुत ही जोर का आनन्द भी आया।

” सुनील … उईईईईई चुद गई, तेरे लण्ड का तो बहुत मजा आ रहा है … तू भी नीचे से मार ना … चोद दे राजा … मेरी चूत को फ़ाड़ दे … !”

“भाभी … मेरा लण्ड भी तो चुद गया … आह्ह आपकी प्यारी चूत … मादरचोद इस चूत को चोद डालूँ … “

“तेरी मां की चूत … भेन चोद … तू मुझे आज चोद चोद कर निहाल कर दे … !” मैं गालियां बोल बोल कर अपनी मन की भड़ास निकाल रही थी। मेरे दिल को ऐसा करने से बहुत सुकून आ रहा था। मैंने कुछ रुक कर फिर से ऊपर से चूत को फिर से जोर से मारी … एक नया और सुहाना मजा … लम्बे लण्ड का … फिर तो ऊपर से धचा धच लण्ड के ऊपर अपने आप को पटकते चली गई ।

” आप गालियाँ देती हुई बहुत प्यारी लग रही हैं … आजा अब मैं तेरी मां चोद देता हूँ … भोसड़ी की … रण्डी … कुतिया … फ़ुड़वा दे अपनी भोसड़ी को … दे चूत … चुदवा ले मस्त हो कर … !”

“मेरे प्यारे हरामी … मादरचोद … मेरी भोसड़ी चोद दे … बस अब मुझे नीचे दबा ले और साली चूत की चटनी बना दे …! ” कहते हुये हम दोनों ने पलटी मार ली और वो मेरे ऊपर सवार हो गया। उसकी कमर, मैंने सोचा भी नहीं था, ऐसी जोर जोर से चलने लगी, कि मुझे आनन्द आ गया। मैं तबियत से चुदने लगी।

“हाय मेरे चन्दा, चोद दे मुझे … राजा … मेरी फ़ुद्दी को मसल डाल … तेरा लौड़ा … तेरी मां की … चूत फ़ाड़ दे मेरी … !” मैं अनाप शनाप गालियाँ देकर चुदाई का भरपूर मजा ले रही थी।

“आह, मेरी रानी … तेरी चूत का चोद्दा मारूँ … भोसड़ी की मदरचोद … चुदा ले जी भर के … मेरी कुतिया … छिनाल … साली रण्डी … आह्ह्ह्हऽऽ !” उसकी प्यारी सी मीठी गालियाँ जैसे मेरे कानो में शहद घोल रही थी, मेरे शरीर में तरावट आने लगी, सारा जिस्म मीठे जहर से भर गया। लग रहा था मैं कभी ना झड़ूँ … बस जिन्दगी भर चुदाती ही रहूँ … ये मजा पति की चुदाई से अलग था … कुछ जवानी का अल्हड़पन … थोड़ा सा जंगलीपना … मीठी मीठी गालियोँ की मीठी चुभन … मैंने भी आज जी खोल कर सारी गन्दी से गन्दी गालियाँ मन से निकाली … और एक जबरदस्त सुकुन महसूस किया … ।

पर ये आनन्द कब तक बरकरार रहता …! मेरी चूत और जिस्म जिस तरह से रगड़े और मसले जा रहे थे … उसका असर चूत पर ही तो हो रहा था। मेरा जिस्म ऐंठने लगा और आनन्द को मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकी … मेरी चूत जोर से झड़ने लगी। मेरी चूत में लहरें उठने लगी … तभी सुनील ने मेरे ऊपर अपने आपको बिछा लिया और लण्ड को चूत में भीतर तक दबा लिया। उसके कड़कते लण्ड ने मेरी बच्चादानी को रगड़ मारा … और चूत में उसका वीर्य छूट पड़ा। वो अपने लण्ड को बार बार वीर्य निकालने के लिये दबाने लगा। वीर्य से मेरी चूत लबालब भर चुकी थी। वो निढाल हो कर एक तरफ़ लुढ़क पड़ा। मैंने भी मस्ती में अपनी आंखें बन्द कर ली थी। सारा सुख और आनन्द अपने में समेट लेना चाहती थी।

रात के बारह बजने को थे … मैंने अपनी एक टांग सुनील की कमर में डाल दी और जाने कब मेरी आंख लग गई। हम दोनों नंगे ही लिपटे हुये सो गये।

मेरी आंख सुबह ही खुली। उजाला हो चुका था। सुनील सो रहा था। मैंने उसके लण्ड को और उसके आण्ड को सहलाना शुरू कर दिया। वह नींद में सीधा लेट गया।

उसके लण्ड में तनाव आने लगा था। उसकी नींद भी उचटती जा रही थी। अब उसका लण्ड पूरा खड़ा हो गया था … मैं धीरे से उठ कर दोनों पांव इधर उधर करके उसके लण्ड के पास सरक आई। मैंने अपनी चूत के दोनों पटो को खोला और उसके लाल सुपाड़े पर रख दिया। मेरी गुलाबी चूत और उसका गुलाबी सुपाड़ा, लगता था कि दोनों एक दूजे के लिये ही बने हैं। मैंने सुपाड़ा अपनी चूत में डाल कर थोड़ा सा दबाव डाल कर उसे भीतर समा लिया। फिर सुनील पर झुकते हुये उस पर लेट गई। चूत को और दबा कर लण्ड को भीतर तक समेट लिया। सुनील जाग उठा था।

उसने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे चिपका लिया। मैं उसे चूमने लगी। उसकी कमर अब हौले हौले नीचे से चलने लगी और अपनी कमर भी ऊपर से चूतड़ दबा दबा कर मैं चलाने लगी। मैं फिर से चुदने लगी … एक दूसरे में समाये हुये फिर से आनन्द में भर उठे … मैंने झुक कर उसकी गर्दन के पास अपना चेहरा छुपा लिया और अपनी जुल्फ़ों को उसके चेहरे पर बिछा दिया, और आंखे बंद करके चुदाई का मधुर आनन्द लेने लगी … । हम दोनों नंगे जिस्म की रगड़ का मद भरा अनोखा आनन्द लेने लगे …

पाठको से भी मेरा निवेदन है कि उन्हें भी जब चुदाई का ऐसा सुनहरा मद भरा मौका मिले तो उसका लुफ़्त नजाकत से पूरा पूरा उठाईये … क्योंकि ऐसे सुनहरे मौके जिन्दगी में कम ही आते हैं … शादी-शुदा को दूसरों से चुदाने का कोई हक नहीं है ऐस ना सोचें ! … यह तो बस दो पल का मधुर आनन्द है … किसी को पता भी नहीं चल पायेगा … ये छोटे छोटे पल ही आपकी जिन्दगी की खुशी हैं … ये आपको भविष्य में भी सोच सोच कर गुदगुदाती रहेंगी … Antarvasna Sex Stories

(Kamine Teacher Ne Ki Meri Maa Ki Chudai)मां की चुदाई

मैं आपको एक नई चुदाई कहानी सुनाने जा रही हूँ जो कि बिल्कुल सच्ची कहानी है।
मैं 23 साल की हूँ और सुंदर लड़की हूँ। मेरी कहानी एक माँ और उसके आशिक़ द्वारा एक मासूम लड़की को गंदे कामों में धकेलने की है।
मेरे पापा एक बैंक में काम करते हैं और मेरे पापा की मेरी मम्मी के साथ पटती नहीं है, वे हमेशा देर से घर आते हैं और खाना खा कर सो जाते हैं, मेरी तरफ़ उनका ज़रा भी ध्यान नहीं है।

यह कोई 5 साल पहले की घटना है, तब में 18 साल की थी। मैं बारहवीं में पढ़ रही थी। मैं मैथस में कुछ कमजोर थी तो मम्मी ने मुझे पढ़़ाने के लिए एक मैथ टीचर रखा था, जिस की उम्र क़रीब 28 साल की होगी। वो टीचर देखने में अच्छा था।

पहले ही दिन मम्मी ने उन्हें और मुझे अपने कमरे में बुलाया और हिदायतें देना शुरू कर दी। मम्मी ने मुझ से टीचर के लिए चाय बनाने को कहा और मैं चली गई जब में चाय लेकर आई तब मैंने देखा की मम्मी के कपड़े अस्त व्यस्त थे और टीचर के शर्ट पर मम्मी के लंबे बाल थे। मम्मी का पाऊडर भी उन पर लगा हुआ था।
मैं समझ गई थी कि वे दोनों प्यार कर रहे थे।
मुझे देख कर वे दोनों पहले की तरह ही बैठ गये जैसे कि कुछ हुआ ही ना हो।

टीचर हर रोज शाम के 5 बजे आया करते थे और मुझे पढ़़ाने और समझाने के बहाने इधर उधर हाथ फ़िराया करते थे। मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता था। मगर मैं किससे अपनी बात कहती।

एक दिन टीचर ने मुझे कुछ याद करने को कहा था और मैंने नहीं किया था। बस उन्होंने मेरी गोल चूचियों की चुटकी ली और बोले- तुम कुछ भी पढ़़ती नहीं हो, मैं तेरी मम्मी से बात करूँगा।
इतना कह कर वे रसोई में चले गये जहाँ मम्मी खाना बना रही थी।
उनके आते ही मम्मी ने पूछा- तुम्हारा काम हो गया?
टीचर ने कहा- हाथ ही रखने नहीं देती, चूत क्या देगी। मेरा तो लंड बड़ा हो गया है, उसे शांत करना पड़ेगा।
मम्मी ने कहा- मैं हूँ ना!

इतना कह कर उन्होंने टीचर की पैंट का ज़ीप खोल कर टीचर के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। टीचर का लंड बहुत बड़ा था जिसे देख कर मेरी चूत में चींटियाँ रेंगने लगी। मैं वो दृश्य देख ना सकी और अपने रूम में आ गई।
यह दृश्य मेरे मन में कई दिनों तक छाया रहा और मैं रात भर टीचर का लंड याद कर कर के मैं सो नहीं पाती थी।

कभी अपनी चूचियों को सहलाती तो कभी चूत को… मेरे बुर से पानी झरने लगता था। मैं यह सोचती थी कि लंड को चूसना शायद अच्छा लगता होगा और यदि मैं किसी का लंड चूसती हूँ तो वो मेरी भी बुर चाटे। ये ओरल सेक्स की बातें सोच कर मेरी चूत में खलबली मच जाती थी। मैं भी टीचर का लंड चूसने बेताब हो गई।

एक दिन टीचर बोले- आओ मैं तुम्हें मैथ का ये फारमूला सिखा दूँ!

मैं टीचर के पास बैठ गई और वे बहाने से मेरी चूचियों सहलाते रहे। मुझे यह अच्छा लग रहा था और मैंने अनजाने में अपनी टाँगें फैला दीं। बस उन्होंने अपना हाथ वहाँ रखा और धीरे से मेरे बटन खोलने लगे।

मैंने कहा- मम्मी आ जाएगी, अभी कुछ मत करो!
उसने कहा- चल मेरी जान, तेरी मम्मी भी मुझ से डलवाती है, आ भी जाए तो भी कोई फ़रक नहीं पड़ेगा।
टीचर ने मुझे पूरी नंगी कर दिया और मेरी चूचियों और बुर को चाटने लगे और अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया।

इतना बड़ा लण्ड पाकर मैं ख़ुश हो गई और मज़े से चूसने लगी।

तभी मेरी मम्मी आ गई और ग़ुस्से से लाल होकर बोली- ये तुम दोनों क्या कर रहे हो। ज़रा मुझे भी बताओ?
टीचर ने कहा- मैं तुम्हारी बेटी को तैयार कर रहा हूँ। इसकी चूत बहुत मीठी है इसे तुम भी चाटो।
मेरी मम्मी ने अपना मुँह मेरी चूत पर रख दिया और चाटने लगी। मम्मी का मेरी चूत चाटना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

उधर टीचर ने अपना पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसा दिया और फिर उसने मुझे जी भर के चाटना शुरू किया। मम्मी के साथ चुदाई का यह खेल मुझे नर्वस कर रहा था। मगर मन में यह बात भी थी कि मेरी अपनी मम्मी ने मुझे सेक्स की सारी चीज़ें सिखाईं।

(Padosan Ladki Ki Chut Chudai) Antarvasna stories

मेरा नाम करण है। Antarvasna और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उमर १९ साल है। मैं पढ़ता हूं और मुझे लड़कियों को पटाने में बहुत मजा आता है। मैने लड़कियों को पटाना 18 साल की उमर से शुरु किया था और मुझे लड़कियों के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आता है। ये मेरी पहली कहानी है।

जब मैं 12वीं में था तो हमारे क्लास में एक लड़की पढ़ती थी उसका नाम कणिका था हाल फ़िलहाल वो कनाडा में है लेकिन जब वो यहां पर थी तब मैं और मेरे क्लास मेट सब उस पर लाइन मारते थे लेकिन वो किसी को भाव नहीं देती थी लेकिन हम फिर भी उसको कन्विंस करने की कोशिश करते थे। लेकिन मुझे एक फायदा था कि वो मेरी पड़ोसी थी जिससे मैं उसके घर जा कर कभी-कभी उससे बात करने की कोशिश करता था किसी ना किसी बहाने से

एक दिन वो कंप्यूटर पर गेम खेल रही थी शायद पूल गेम खेल रही थी अचानक मैं उसके रूम में पहुंचा था और उसे पीछे से डरा दिया। वो घबरा गई और चीख पड़ी उसके बाद उसने मुझे बेड पर धक्का दिया और मैं बेड पर गिर गया अब उसने पूछा कि क्यों डराया मुझे, मैं हंसने लगा उसके बाद उसने पूछा क्या हुआ मैने जवाब नहीं दिया।

अगले दिन मैने उसे हिम्मत करके फोन किया आज मैने मन बना लिया था कि आज उसे परपोज करना है फिर मैने उसे फोन किया २-३ बार फोन करने के बाद में उसे कह नहीं पाया। फिर मैने पूरा दम लगाकर उसे फोन किया और उसे मैने बोल दिया कणिका आई लाइक यु फिर उसके बाद उसने कुछ जवाब नहीं दिया उसके बाद वो मैने उससे पूछा क्या हुआ उसने जवाब नहीं दिया फोन रख दिया.

उसके बाद अगले दिन स्कूल में आई मैं उसके सामने नहीं जा पाया उसके बाद फ्री पीरियड में सब बाहर चले गये थे फिर वो क्लास रूम में आई और उसने अपनी एक दोस्त जिसका नाम सोनल है उसने उससे बोला उसे क्लास रूम में बुलाओ तब मुझे डर लग रहा था फिर भी में गया फिर उसने पूछा क्या हुआ कल शाम को मुझे परपोज किया था तुमने।

मैने कहा किया तो था लेकिन लगता है तुम्हे अच्छा नहीं लगा इसलिये मैने तुमसे पूछा नहीं दुबारा फिर उसने बोला ओके मैं तुम्हारे परपोज को स्वीकार करती हूं

फिर तो मैं खुश हो गया उसके बाद उस शाम को उसके घर पर गया और उसके रूम में गया और उससे पूछा में आई किस यु? उसने कहा नो ! लेकिन उसके बातों से लग रहा था वो यस बोल रही है।

उसके बाद मैने उससे बोला -आई वांट अ किस नाउ उसने कहा ओके तब मैं उसे किस किया और उसके बूब्स प्रेस करने लगा वो बोली अभी नहीं मैं बोला बस एक बार तो वो बोली बस एक बार. तब मैने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाया मुझे उसके निप्पल फ़ील हो रहे थे उसके बूब्स प्रेस करने में मुझे मजा आ रहा था उसके बाद उसे बेड पर बैठा दिया लेकिन उसके परेंट्स घर पर थे सो मैने कुछ किया नहीं

उसके बाद अगले दिन संडे था हमने मूवी देखने का प्लान बनाया फिर मूवी देखने हम गये वहां पर मैं उसके बूब्स को छू रहा था।फिर शाम को गार्डन गये रात होने लगी थी गार्डन में बहुत से जोड़े थे हम भी एक जगह पर बैठ गये और उसे किस किया फिर अंधेरा होने के कारण कोई देख नहीं रहा था.

मैने उसका टोप खोल दिया और किस किया और जीन्स का ज़िप खोल कर अंदर उंगली कर रहा था फिर वो सिसकी ले रही थी मैने जींस खोला और उसकी पैंटी को उतार दिया उसके बाद मैने अपना जींस खोला मैने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया शायद उसे दर्द होने लगा था इसलिये बोलने लगी अभी नहीं लेकिन मैं नहीं माना और उसके चूत में उंगली डाली और किस कर रहा था और फिर उसकी चूत में मैने अपना लंड डाल दिया उसके आंसू आ गये।

फिर क्या था बस मैने उसे उसके घर तक छोड़ दिया और मैं अपने घर पर चला गया और नहा धो कर बस मैं उसके सपने देखने लगा और मैने उसे फिर फोन में बात करके उसे फिर से बुलाया इस बार और कहीं नहीं मेरे घर में मैने बुलाया था क्योंकि मेरे घर में कोई भी नहीं था सब लोग बाहर घूमने जाने वाले थे। अब दोस्तो मुझे दीजिये इजाजत। मैं ये कणिका की अधूरी कहानी आप को अगले भाग में सुनाउंगा। ANtarvasna

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