Our site can help you find a professional massage girl in Dindigul who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.
Last Updated: 24 Apr 2026, 06:47 AM
Hii sir 8969//716615// call me low price high profile collage girl full safe and secure available
Genuine (💥𝗡𝗢 𝗧𝗜𝗠𝗘 𝗣𝗔𝗦𝗦💥)📞💯 %Safe☎️👉 Low cost 👈✅High profile college girls💔Bhabhi❤️Aunty💋safe&secure❣️high class service💓 hours 𝐒𝐚𝐟𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐬𝐞𝐜𝐮𝐫𝐞 𝐡𝐢𝐠𝐡 𝐜𝐥𝐚𝐬𝐬 𝐬𝐞𝐫𝐯𝐢𝐜𝐞𝐬 𝐚𝐟𝐟𝐨𝐫𝐝𝐚𝐛𝐥𝐞 𝐫𝐚𝐭𝐞 𝐬𝐚𝐭𝐢𝐬𝐟𝐚𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐮𝐧𝐥𝐢𝐦𝐢𝐭𝐞𝐝 𝐞𝐧𝐣𝐨𝐲𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐚𝐧𝐲 𝐭𝐢𝐦𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐦𝐨𝐝𝐞𝐥 𝐭𝐞𝐞𝐧𝐬 𝐞𝐬𝐜𝐨𝐫𝐭𝐬 𝐢𝐧 𝐇𝐢𝐠𝐡 𝐜𝐥𝐚𝐬𝐬 𝐥𝐮𝐱𝐮𝐫𝐲 𝐚𝐧𝐝 𝐩𝐫𝐞𝐦𝐢𝐮𝐦 𝐞𝐬𝐜𝐨𝐫𝐭𝐬 𝐬𝐞𝐫𝐯𝐢𝐜𝐞✨✨✨✨✨ 𝐂𝐚𝐥𝐥 𝐮𝐬 𝐡𝐢𝐠𝐡 𝐜𝐥𝐚𝐬𝐬 𝐥𝐮𝐱
Find Related Category Ads
Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Dindigul that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.
Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Dindigul massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.
Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Dindigul who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.
Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Dindigul massage service, which makes it easier to obtain more customers.
There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.
A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Dindigul massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.
This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Dindigul who are good at deep tissue treatments that function effectively.
Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Dindigul employ the use of custom oil preparations to make you feel good.
A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Dindigul helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.
Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Dindigul
Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Dindigul at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:
Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.
Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.
When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.
The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.
All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.
To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.
Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.
You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.
It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.
Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.
मैं आप लोगों को एक गर्म सच्ची कहानी Antarvasna बता रहा हूं अपने दोस्त की बीवी की चुदाई की !
मेरा एक बचपन का दोस्त है। हम दोनों एक साथ बड़े हुए और उसकी शादी हो गई। शादी के कुछ दिनों बाद वो हमेशा अपनी बीवी की चुदाई कैसे करता है, बताता रहता था। जिसे सुनकर मेरा मन भी चुदाई करने को करता था और मैं सोचता था कि वो कैसे भाभी को चोदता होगा और भाभी कैसे चुदवाती होगी।
एक दिन मैंने उसे कहा- यार ! मेर मन चुदाई के लिए करता है और मेरे पास कोई जुगाड़ भी नहीं है। उसने कुछ नहीं कहा, लेकिन अगले दिन उसने मुझे कहा कि मैं उसकी बीवी को चोदना चाहूं तो चोद सकता हूं, उसे कोई परेशानी नहीं। मैंने कहा कि भाभी क्या चुदाई के लिए मान गई
तो उसने कहा- नहीं, लेकिन मान जाएगी क्योंकि उसे ग्रुप सेक्स की कहानियाँ सुनने में अच्छी लगती हैं और मैं उसे तुम्हारे बारे में कुछ नहीं बताऊंगा। आज रात को जब मैं उसे ग्रुप सेक्स की कहानी सुना कर उसकी आंखों पर पट्टी बांध कर चोदूंगा, तभी तुम भी चोद लेना। बाद में उसे बताएंगे कि तुमने भी उसकी चुदाई की है।
रात को मैं उसके कमरे में छुप गया। फ़िर भाभी आई और बोली कि तुम्हारा दोस्त गया क्या?
तो वो बोला- हाँ ! गया।
तो भाभी ने दरवाज़ा बंद कर लिया और बोली- कोई सेक्सी नग्न फ़िल्म दिखाओ ना !
मेरे दोस्त ने XXX फ़िल्म लगा दी। भाभी फ़िल्म देखते देखते गरम हो गयी और मेरे दोस्त के कपड़े उतारने लगी। फ़िर अपने कपड़े भी उतार दिए। मैं तो भाभी का जवानी से भरा बदन देख कर पागल हो गया- क्या फ़ीगर थी उनकी ३६-२६-३४ उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, उनकी इतनी खूबसूरत चूत छूने के लिए मेरा मन मचलने लगा। मेरे दोस्त ने भाभी की आंखों पर पट्टी बांध कर मुझे पास आने के लिए इशारा किया और भाभी के बदन से लिपट गया। सामने भाभी को नंगी देख कर मेरे लंड में तूफान आ गया।
फिर मेरा दोस्त भाभी की चूत घोड़ी बना कर लेने लगा थोड़ी देर में उसने अपना लंड निकाल लिया और मुझे इशारा किया कि मैं लंड डाल दूँ। मैंने तुंरत ही अपना लंड भाभी की चिकनी चूत में डाल दिया।
लंड जाते ही भाभी बोली- अचानक तुम्हारा लंड इतना मोटा क्यों लग रहा है? तो मेरे दोस्त ने उसकी आंखों पर से पट्टी खोल दी तो भाभी ने पलट कर मुझे देखा तो मुस्कराई और कहा कि मुझे अच्छा लग रहा है मैं भी यही चाहती थी कि मेरी चुदाई दो दो लंड से हो, मुझे आज खूब जोर जोर से चोदो।
फिर क्या था मैं तो भाभी को खूब मस्ती में चोदने लगा और भाभी आहें भरने लगी। मैं कभी भाभी की कमर पकड़ता तो कभी चूची। फिर थोड़ी देर बाद मैंने लंड निकल लिया और भाभी को लेटा दिया और कहा कि तुम बहुत सेक्सी लग रही हो और भाभी की चूत को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा भाभी सिसकने लगी और मैं चूत को अपने होटों से जोर जोर से चूमने लगा। भाभी एक दम तड़पने लगी और कहा कि मेरी प्यासी चूत में अपना मोटा लंड डाल कर इसकी प्यास बुझा दो।
फिर मैंने भाभी के उप्पर चढ़ कर चूत में लंड डाल दिया और चूची मुंह में लेकर स्वर्ग का मजा लेने लगा उस समय मेरे दोस्त ने भाभी से कहा कि मैं तो पहले ही जानता था कि तुम चुदवा लोगी क्योकि ग्रुप सेक्स की कहानी सुन कर तुम बहुत जोशीली हो जाती थी। आज तुम्हें चुदते हुऐ देखने में बड़ा मज़ा आ रहा है, लेकिन तुम दोनों मेरे सामने ही चुदाई करना ! नहीं तो लोगों को शक हो सकता है।
तो भाभी ने कहा कि अगर किसी को न पता लगे तो हर औरत चुदवाना चाहती है और यहाँ तो आप मुझे चुदवा रहें हैं, अब तो मैं हर रात आप दोनों से चुदवाना चाहती हूँ।
फिर रात भर मैंने और मेरे दोस्त ने मिल कर भाभी को खूब चोदा उसके पूरे बदन को खूब प्यार किया फिर हर दो तीन दिन में हम तीनो साथ साथ चुदाई करने लगे। फिर एक दिन मेरे दोस्त की बदली पुणे हो गई और हम लोग अलग हो गए। आज कल मेरा मन चुदाई के लिए तड़पता है दिल करता है कि भाभी वापस आ जाए लेकिन ये हो नहीं सकता। Antarvasna
भाभी की Hindi sex stories बेटी को मैं बार बार किश कर उनको चुदासी कर रहा था जिसका असर उन पर हुआ भी और उनकी चूचियों को मसलकर और चूत में उंगली कर कर के उनके चूत का पानी निकाला..
ट्रेन में हसीना से मुलाकात
हाय मैं फिर से हाजिर हूँ।
अब मैं आपके सामने एक नई कहानी बताता हूँ। जब मैं बिलासपुर से तिरुवनन्तपुरम ट्रेन में यात्रा कर रहा था। इस भाभी की चुदाई तो बड़ी ही साधारण सी थी।
अब आप तो मुझे जान ही गए हैं। मैं 22 वर्षीय युवक हूँ। यह भाभी रायपुर से ट्रेन में चढ़ी थी। वह अपनी 2 वर्ष की बेटी के साथ इस कम्पार्टमेंट में चढ़ गई।
उसकी सीट बिल्कुल मेरे साथ की थी। यह सीट मात्र दो जनों के लिए पर्याप्त थी, मतलब आप समझ सकते हैं।
मैं जब रायपुर स्टेशन पर उतरा तो उसके पति से मिला। उसके पति ने मेरा मोबाईल नम्बर लिया और मुझे कहा कि, प्लीज! मेरी बात मेरी बीवी से समय समय पर करवाना।
मैं मान गया और अपना मोबाईल नम्बर उसे दे दिया। उसका नाम सुरेश था। वो उतना सुन्दर नहीं था, पर उसकी बीवी का नाम श्वेता था और, माँ कसम! बिल्कुल डेयरी मिल्क की तरह वो साफ़ सुथरी थी।
उसने उसी समय अपनी बीवी से मेरा परिचय करवाया। उसकी मुस्कान में जादू था। जैसे कि, एक नया फुल बाग में खिल रहा हो!
ठीक 12 बजे ट्रेन वहाँ से चल दी और उसके पति ने मुझे धन्यवाद कहा।
एकाएक भाभी की चूचियों को देखा
अब होना क्या था? मैंने उसकी बेटी को अपने गोद में लिया और खूब प्यार करने लगा। फिर श्वेता भाभी ने कहा कि, मैं कपड़े बदल कर आती हूँ तब तक आप मेरी बेटी ख्याल रखना!
जब वो कपड़े बदलकर आई तब मैंने देखा कि उसकी ब्रा थोड़ी पारदर्शी थी। मैं उसके बूब्स को देखता रह गया।
थोड़ी देर बाद मुझे जब होश आया तो मैंने उसका पूरा परिचय लिया तब जाना कि, वो चैनई में रहती है और उसके पति रायपुर के किसी बैंक में काम करते हैं और छुट्टी के वक्त वो चैन्नई आते थे।
मैंने तब तुरन्त सोचा कि यह शायद सेक्स नहीं करती होगी। अचानक! उसकी बेटी ने मेरे लिप्स को किश किया जिसका, मैंने भी उसे प्यार से उत्तर दिया।
वो हम दोनों के किश को बड़े प्यार से देख रही थी।
जब सोने का वक्त आया तो मैंने देखा, उसकी बेटी मेरे साथ सोने की जिद्द कर रही है तो श्वेता भाभी ने मुझे अपनी बेटी दे दिया।
भाभी को चुदासी इशारे किया
मैं ऊपर सो रहा था और श्वेता नीचे सो रही थी पर, मैं कहाँ सो पाता?
उसकी मस्त जवानी को देख देख कर मैं उसकी दो साल की बेटी को किश पे किश किए जा रहा था।
तब आधे घन्टे बाद श्वेता उठकर अपनी बेटी को उठा रही थी कि, तभी मैंने थोड़ा सा उदास होने का नाटक करने लगा।
मैंने कहा कि, प्लीज! अपनी बेटी को मेरे पास सोने दें, तभी उसने तुरन्त मुझे अपनी बेटी दे दी और वो नीचे थोड़ी देर बैठ कर चुपके से रोने लगी।
मैं तुरन्त नीचे उतरकर उनसे सॉरी! कहा, तो उसने कुछ नहीं कहा।
फिर मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ कर मेरे गाल पर थोड़ा ज़ोर से थप्पड़ दिलवाया तो वो मुझे कहने लगी कि यह क्या कर रहे हो?
मैंने कहा कि, अगर मैं आपकी बेटी अपने साथ ना सुलाऊँ, तो ठीक है मुझे माफ़ करना! तो वो थोड़ा और रोने लगी।
मैं उस कम्पार्टमेंट के बारे में बता दूँ। वैसे तो हमारे बगल वाली खाली थी और हम ए सी में यात्रा कर रहे थें तो उसमें परदे लगे होते हैं, जिससे कोई हमें देख नहीं सकता था।
मैंने उसका हाथ पकड़कर पूछा कि, वो क्यों रो रही हैं?
तो उसने बताया कि, उसके पति उससे प्यार नहीं करते हैं और ना ही उसकी बेटी से।
तो मैंने कहा- ऐसा ना कहे, वो आपको ज़रुर याद करते होंगे!
भाभी ने चुदासी हो मेरा साथ दिया
फिर वह और रोने लगी, मैंने और थोड़ी सी हिम्मत करके उनके आँसू पोंछे तो उसने मेरे हाथ को पकड़ कर किश किया। जिससे मैं कुछ ना कह सका।
मैंने धीरे से उसके कान के पास जाकर कहा कि, मैं उसकी बेटी से और उसकी खूबसुरत माँ से बहुत प्यार करता हूँ! तो उसने आँखें बन्द करके मुझसे लिपट गई।
मैं उसके बूब्स को फ़ील कर रहा था तो उसने भी धीरे से जवाब दिया कि चलो, अब बेटी से प्यार ख़त्म हो गया हो तो उसकी माँ को प्यार करो!
मैंने पहले उसके माथे पर किश किया, फिर मैं उसके कानों को, फिर नाक को, फिर उसके गालों को, मैंने अच्छी तरह से चाटा और फिर उसके मुलायम से होंठ को किश करने लगा।
वो थोड़ी गर्म हो गई थी। मैंने उससे कहा कि, तुम सो जाओ।
तो उसने कहा- क्यों?
मैंने कहा- तुम पहले लेट जाओ, फिर देखो मेरा जादू!
वो तुरन्त मुस्कुराई और लेट गई। मैं तुरन्त बाथरूम गया और अपनी चड्डी निकाल कर सिर्फ़ अपनी लोवर पहनकर वापस आया।
वो मेरा बेसब्री से इन्तज़ार कर रही थी। मैं उसकी आंखो में प्यार की प्यास देख सकता था और मैं अन्दर बैठकर परदा गिरा दिया ताकि हमें कोई ना देख सके।
भाभी ने अपनी चूची मसलवाई
मैं अब धीरे से उसके बूब्स को मसल रहा था। वो बेचारी ज़ोर जोर से चिल्लाना चाहती थी पर वो चिल्ला ना सकी और अपने आवाज़ पर उसने कन्ट्रोल किया।
मैंने धीरे से उसके चूड़ीदार के अन्दर हाथ डालकर उसकी ब्रा खोल दी। उसने कहा कि, मुझे नंगी कर दो! यह बात सुनकर और गर्म हो गया।
मैंने बड़े आराम से उसकी चूड़ीदार को उतारा और उसके बूब्स और उसके लिप्स के साथ प्यार करता रहा।
मैंने भी अपने कपड़े उतारे तब मैं सिर्फ बनियान और अपने लोवर में था और वो सिर्फ अपने पजामे और पैन्टी के साथ थी।
मैं उसके बूब्स के साथ 15 मिनट तक प्यार करता रहा, फिर मैंने अपना हाथ उसके पजामे के अन्दर डालकर उसकी चूत को पैन्टी के बाहर से सहला रहा था।
भाभी की चूत के रस का रसपान
वो मुझे पागलो की तरह देख रही थी, फिर उसने मेरे लिप्स को प्यार से काटा जिससे, मैं और मेरा नटराज पेन्सिल और गर्म हो गए!!
मैंने अपनी हाथों से उसका नाड़ा खोला और उसकी पैन्टी को थोड़ा नीचे कर दिया और अब धीरे धीरे उसकी चूत के अन्दर अपनी उंगली घुसा रहा था।
उसकी चूत तो पहले से हाय! गीली थी। अब मैं अपने दोनों उंगली से उसके क्लिंट को टटोला, तो उसकी सांसे तेज़ हो गई और मुझे वो नज़ारा देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था!
मैंने अचानक! तीन उंगलियाँ उसकी शरपनेर (चूत) में ज़ोर ज़ोर से अन्दर बाहर करने लगा अब तो वो बेकाबू हो गई थी।
वो मेरा साथ देने लगी थी। मैं उसे किश भी कर रहा था और एक हाथ से उसके बूब्स और निप्पल्स को मसल रहा था और दूसरा हाथ उसके चूत में ज़ोर ज़ोर से घुसा रहा था।
ठीक पांच मिनट के बाद उसने अपना जूस बाहर निकाला और मैं उसके सामने उसे चाटने लगा तो उसने कहा- ऐसे तो, मेरे पति भी नहीं करते हैं।
तो मैंने कहा, प्लीज! इस वक्त अपने पति को मत याद करो, तो वो थोड़ा मुस्कुराई और मैंने उसे कहा, अब मेरा क्या होगा?
तो उसने कहा- चलो, बाथरूम मे चलें! Continue Hindi sex stories
मैने गाण्ड मारने पर बहुत कहानियाँ पढ़ी Hindi Porn Stories हैं, कुछ अच्छी होती हैं लेकिन ज़्यादातर झूठ होती हैं। ऐसा लगता है यह कहानी नहीं बल्कि लेखक की कल्पना है। जिन लोगों को सेक्स नहीं मिलता या जो अपनी ख्वाहिश पूरी नहीं कर पाते वो कल्पना से कहानियाँ लिखते हैं।
अगर इन कहानियों को सच समझा जाए तो गाण्ड मारना बहुत आसान लगता है। बस, लंड के सुपारे को गाण्ड के मुँह पर रखो और ज़ोर से धक्का लगाओ- हो गया… लड़की ज़ोर से चिल्लाएगी…” ऊऊउउइ मर गयी…… मेरी गाण्ड फाड़ दी……”
और थोड़ी देर बाद उसे मज़ा आने लगेगा !! असलियत में ऐसा नहीं होता है।
आप लोगों ने भी ऐसी बहुत कहानियाँ पढ़ी होंगी।
मैने बहुत गाण्ड मारी है और मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूँ कि गाण्ड मारना इतना आसान नहीं है। मेरे अनुभव में तो चूत लेना भी इतना आसान नहीं होता जितना यह लोग गाण्ड मारना समझते हैं।
अगर आप सचमुच में गाण्ड मारना चाहते हो और आप चाहते हो कि लड़की को भी उतना ही मज़ा आए जितना आपको आता है और वो बार बार आपसे गाण्ड मरवाने की चाहत रखे तो आपको मैं सही विधि बताता हूँ। ध्यान से पढ़िए आपकी मनोकामना पूरी होगी…
इस विधि में लड़की की गाण्ड की बात की गई है लेकिन अगर आप लड़के की गाण्ड मारना चाहते हैं तो भी यही विधि लागू होगी क्योंकि गाण्ड दोनों की एक जैसी होती है।
ज़रूरी बातें :गाण्ड मारने से पहले कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना होगा। अगर इन बातों का ध्यान रखा गया तो लड़की को भी उतना ही मज़ा आएगा जितना आपको और वो आपसे बार बार गाण्ड मरवाने की कोशिश करेगी। अगर इन ज़रूरी बातों को नज़रअंदाज़ कर दिया तो हो सकता है आप गाण्ड कभी मार ही नहीं पाएँगे !
लड़की की मंज़ूरीसबसे पहले यह बहुत ज़रूरी है कि लड़की गाण्ड मरवाने के लिए राज़ी हो। इसके लिए आपको उसे यह भरोसा दिलाना होगा कि आप ज़बरदस्ती नहीं करेंगे और अगर किसी भी वक़्त वो मना करती है तो आप रुक जएँगे। लड़की को ज़्यादा दर्द नहीं होना चाहिए। दर्द को कम करने का तरीक़ा इस विधि में आगे बताया गया है।
गाण्ड की बनावटभगवान ने गाण्ड को संभोग के लिया नहीं बनाया इसलिए इसकी बनावट, पोज़िशन और प्रक्रिया ऐसी है कि आदमी का लिंग आसानी से उस में प्रवेश नहीं कर सकता (जैसा की चूत में कर सकता है)। इसके लिए आप को गाण्ड की बनावट के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
गाण्ड का काम शरीर से मल बाहर निकलना है। इसके मुँह की तरफ दो छल्लेदार मांसपेशियाँ (रिंग मसल्स) होते हैं जो कि अपनी इच्छा से खोले या बंद किए जा सकते हैं। एक छल्ला बिल्कुल मुँह पर होता है और दूसरा करीब पौन इंच अंदर की तरफ होता है। इन मांसपेशियों को आप अपनी गाण्ड में महसूस कर सकते हैं।
अपनी बीच की उंगली पर तेल या क्रीम लगा कर अपनी गाण्ड में डालने की कोशिश करें। जो बाहर की मांसपेशी है वो अपने आप सिमट कर सिकुड़ जाएगी क्योंकि उसका काम है बाहर की चीज़ को अंदर जाने से रोकना !
अपने आप को थोड़ा रिलॅक्स करो और गाण्ड की मांसपेशी को ढीला करो तो आपकी उंगली थोड़ा अंदर चली जाएगी। अब आप दूसरी मांसपेशी को महसूस कर सकेंगे जो कि आपकी उंगली को और अंदर नहीं जाने देगी। इस मांसपेशी को भी आप ढीला कर सकते हैं और थोड़ी कोशिश के बाद आपकी उंगली इसके भी पार हो जाएगी। जब दूसरी मांसपेशी पार कर ली तो फिर कोई और रुकावट नहीं होगी और आपकी उंगली आसानी से अंदर जा सकती है।
गाण्ड की ये मान्सपेशियाँ काफ़ी मज़बूत होती हैं और इनको आसानी से पार नहीं किया जा सकता। ख़ास तौर से अगर लड़की की मर्ज़ी ना हो तो। दूसरी बात यह भी है कि उंगली के मुक़ाबले में लंड का घेरा (साइज़) ज़्यादा होता है, इस कारण भी गाण्ड के अंदर डालना मुश्किल होता है।
गाण्ड की एक ख़ासियत है कि चूत की तरह इसमें कोई तरल (लिक्विड) चीज़ का प्रवाह नहीं होता। जब लड़की सेक्स की लिए उत्सुक होती है तो उसकी चूत में अपने आप गीलापन होता है जिससे लंड का प्रवेश आसान हो जाता है। यह प्रकृति का तरीक़ा है क्योंकि चूत को बनाया ही इस काम के लिए है। गाण्ड में कोई प्राकृतिक चिकनाहट नहीं होती इसलिए वो हमेशा सूखी सी रहती है। ऐसी हालत में लंड के प्रवेश से ना केवल लड़की को दर्द होगा बल्कि पुरुष को भी मज़ा नहीं आएगा। कुछ देर के बाद लंड में भी दर्द हो सकता है तो चुदाई का मज़ा किरकिरा हो सकता है।
गाण्ड की इन मांसपेशियों के इर्द गिर्द बहुत सी चेतना-नसें(नर्व-एंडिंग्स) होती हैं जिनमें रक्त संचार होता है। इस कारण गाण्ड मरवाने के दौरान लड़की को भी बहुत मज़ा आता है, शर्त यह है कि उसे दर्द ना हो।
गाण्ड ठीक से ना मारी जाए तो लड़की को बहुत दर्द होता है।
गाण्ड की बनावट से यह साफ हो गया है कि:
1) गाण्ड में कोई बाहर की चीज़ आसानी से अंदर नहीं जा सकती।
2) गाण्ड के अंदर कुछ भी डालने के लिए गाण्ड की मांसपेशियाँ को ढीला करना ज़रूरी है।
3) गाण्ड की मांसपेशियों को लड़की अपनी मर्ज़ी से ढीली या टाइट कर सकती है।
4) गाण्ड को बाहरी चिकनाहट की ज़रूरत होती है।
5) गाण्ड में नर्व एंडिंग्स होती हैं जिससे लड़की को गाण्ड मरवाने मैं मज़ा आता है। (यही कारण है कि दुनिया में इतने पुरुष समलिंगी होते हैं और खुशी खुशी गाण्ड मरवाते हैं)
क्योंकि भगवान ने गाण्ड को संभोग के लिए नहीं बनाया है तो यह आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आप उसे इस काम के लिए तैयार करें। यह तैयारी तुरन्त नहीं हो सकती। इसमें 2-3 दिन से लेकर 6-7 दिन तक लग सकते हैं। जितनी आराम से तैयारी करेंगे, लड़की को आप पर उतना ही भरोसा बढ़ेगा और आपको भी उतना ही सुख गाण्ड मारने में मिलेगा। इसलिए जल्दबाज़ी मत करें।
गाण्ड की सफाईअगर लड़की ने मंज़ूरी दे दी है और वो गाण्ड मरवाने का अनुभव करना चाहती है तो अपने आप वो अपनी गाण्ड को अच्छी तरह से साफ करके आएगी। गाण्ड अगर गंदी होगी तो सारा मज़ा खराब हो जाएगा। सबसे मज़ेदार तरीक़ा है जब आप दोनों एक साथ स्नान करो और इस दौरान एक दूसरे के गुप्तांगों को सहलाओ और साफ करो।
ज़रूरी सामानसाफ बिस्तर
1-2 सख़्त तकिये
1-2 छोटे तौलिए
1 मोटी मोमबत्ती (1.5 – 2.0 इंच चौड़ी, 6-8 इंच लंबी)
1 ट्यूब के-वाइ जेली / नारियल तेल (तेल से जेली बेहतर है)
के वाइ जेली की ट्यूब रु 90/- किसी भी केमिस्ट की दुकान पर मिल जाएगी।
शुरुआतध्यान रखो कि आपकी उंगली के नाख़ून बढ़े हुए नहीं हैं और ठीक तरह से कटे हुए हैं। नाख़ून के किनारे तेज़ नहीं होने चाहिए, उन्हें ठीक से फ़ाइल कर लो। अगर नाख़ून बढ़े होंगे तो जब उंगली लड़की की गाण्ड में डालोगे तो उसे लग सकता है।
लड़की को गाण्ड की बनावट के बारे में और रिंग मसल्स को किस तरह से ढीला या टाइट कर सकते हैं, के बारे में बताओ।
अब प्यार से लड़की के कपड़े उतारो और एक साफ बिस्तर पर पीठ के बाल लिटा दो। उसकी टाँगों को मोड़ दो और थोड़ा खोल दो। अब उसके चूतड़ों के नीचे 1-2 सख़्त तकिये रख कर उसके चूतड़ उपर की तरफ उठा दो जिससे उसकी चूत और गाण्ड साफ दिखाई दे। खुद भी पूरी तरह नंगे हो जाओ। अब उससे प्यार भारी बातें करो और पूरे शरीर को सहलाओ, खास तौर से उसके गाल, गर्दन, स्तन, चूचुक, पेट, जांघें और टाँगें !
कुछ देर तक उसकी चूत और गाण्ड को हाथ ना लगाएँ। थोड़ी देर में लड़की की चूची सख़्त हो जाएगी और वो अपनी टाँगें और खोल देगी। अब उसकी चूत को प्यार से सहलाना शुरू करो जिससे वो उत्तेजित हो जाए और चूत में से पानी का रिसाव होने लगे।
अब लड़की चुदाई के लिए तैयार है पर हमारा इरादा उसकी गाण्ड मारने का है। अपनी एक उंगली पर अच्छी तरह से के-वाइ जेली (या नारियल तेल) लगा कर लड़की की गाण्ड के मुँह पर सहलाओ। अभी उंगली अंदर डालने की कोशिश ना करो। उसे अपनी मांसपेशियाँ बारी बारी ढीली और टाइट करने को कहो। आप अपनी उंगली पर उसकी रिंग मसल्स को महसूस कर सकोगे। लड़की से प्यारी प्यारी बातें करो और उसको रिलॅक्स होने को कहो। थोड़ी देर में जब लड़की रिलॅक्स होने लगेगी तो उसकी गाण्ड भी थोड़ी ढीली हो जाएगी।
अब अपनी उंगली पर थोड़ी और जेली लगा कर धीरे धीरे उसकी गाण्ड के अंदर धकेलो। अगर लड़की गाण्ड को टाइट कर ले तो फिर उसे विश्वास दिलाओ कि उसे दर्द नहीं होने दोगे। ज़रूरत हो तो उंगली बाहर निकल लो और उसकी चूत, जांघें और बूब्स को प्यार से सहलाओ। जब लड़की दोबारा रिलॅक्स हो जाए तो उंगली पर जेली लगा कर एक बार और गाण्ड में डालने की कोशिश करो, जल्दबाज़ी नहीं करना। गाण्ड की बाहरी रिंग मसल को धीरे धीरे ढीला कर के उंगली को करीब आधा इंच अंदर डाल दो। अब धीरे धीरे उंगली को आधा इंच तक अंदर बाहर करो। देखो कि लड़की को दर्द नहीं हो रहा है। अगर लड़की खुश नहीं है तो उंगली अंदर रख कर रुक जाओ और थोड़ी देर बाद फिर शुरू करो।
अगर लड़की खुश है तो धीरे धीरे उंगली को और अंदर करो। कुछ दूर तक तो उंगली अंदर चली जाएगी पर फिर ऐसा लगेगा जैसे आगे कोई रुकावट है। यह उसकी गाण्ड की दूसरी रिंग मसल है। इसको पार करने की लिए एक बार फिर लड़की को रिंग मसल ढीला करने के लिए बोलो। (इस वक़्त लड़की को अपनी गाण्ड पर नीचे के तरफ ज़ोर लगाना चाहिए जैसा कि पॉटी करते वक़्त लगाते हैं, ऐसा करने से रिंग मसल खुल जाएगी और आप अपनी उंगली उसके पार ले जा सकते हैं). अगर लड़की रिलॅक्स नहीं करती है तो आपको धीरज रख कर धीरे धीरे उंगली से उसकी रिंग मसल को खोलने की कोशिश करनी होगी। याद रहे, कोई काम जल्दबाज़ी में ना करो। देखा जाए तो इस क्रिया में भी आप काफ़ी मज़ा ले सकते हो।
किसी भी वक़्त अगर लड़की को तकलीफ़ होने लगे तो उंगली तुरंत बाहर निकाल लो और उसको प्यार करो। उसे यह पूरा विश्वास होना चाहिए कि गाण्ड मारने के वक़्त आप उसे तकलीफ़ नहीं दोगे।
जब उंगली दूसरी रिंग मसल को पार कर जाए तो आपकी उंगली ने फ़तेह पा ली है। अब आप आराम से उंगली को जितना अंदर डालना चाहो डाल सकते हो। ध्यान रहे कि उंगली पर जेली या तेल अच्छी तरह लगा हो। अगर सूख गया है तो उंगली बाहर निकल कर दोबारा लगा लो और फिर से धीरे धीरे अंदर डालो। अगर एक बार उंगली अंदर चली गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमेशा आसानी से चली जाएगी। गाण्ड की मसल्स तो फिर से बंद हो गई होंगी, इसलिए हर बार गाण्ड में धीरे धीरे और प्यार के साथ ही प्रवेश करना है।
जब आपकी एक उंगली गाण्ड के अंदर बाहर जाने लगे और लड़की को तकलीफ़ नहीं हो रही हो तो आप यही प्रक्रिया दो उंगलियों पर जेली लगा कर कोशिश करो। इसमें शुरू में थोड़ी मुश्किल होगी क्योंकि गाण्ड का छेद छोटा होता है। एक उंगली तो चली जाती है पर दो उंगलियाँ मोटी होती हैं. लेकिन यह काम भी प्यार से और धीरज से हो जाएगा। आप महसूस करोगे कि जैसे जैसे लड़की को आप पर भरोसा बढ़ेगा वो इस काम में आपको सहयोग देगी और थोड़ा बहुत दर्द भी सहन करने लगेगी।
जब आपकी दो उंगलियाँ पूरी तरह अंदर चली जाएँ तो धीरे धीरे उंगलियों को दोनो तरफ घुमाना शुरू करो, इससे गाण्ड का पूरा छेद ढीला होगा। साथ ही साथ उंगलियों को अंदर बाहर भी करो।
हो सकता है इतना सब कुछ करने के बाद आप दोनों थक गये हों। अगर ऐसा है तो उंगलियाँ बाहर निकाल लो और आप दोनों कुछ और कार्यवाही कर सकते हो। अगर लड़की खुश है तो वो आपके लंड को मुँह में ले कर चूस सकती है जिससे आपके तने हुए लंड को आराम मिलेगा। यह मैं इस लिए कह रहा हूं क्योंकि उंगली करने के चक्कर में आप का लंड ज़रूर तैयार हो गया होगा। पर अभी मंज़िल बहुत दूर है और आप को धीरज से काम करना होगा। दूसरी बात यह है कि जो लड़की गाण्ड मरवाने के लिए तैयार होगी वो लंड तो चूस ही लेती होगी। अगर नहीं करती है तो उसे मेरी “लंड चूसने की विधि” पढ़नी चाहिए।
चलिए, आप दोनों ने आराम कर लिया। अब आगे बढ़ते हैं !
अब एक मोटी मोमबत्ती लो जिसका घेरा आपके तने हुए लंड के बराबर हो। इसकी लंबाई 6 इंच से कम नहीं होनी चाहिए। मोमबत्ती को अच्छी तरह चिकना कर लो। मोमबत्ती का सिरा पैना (शार्प) नहीं होना चाहिए। उसे चाकू से छील करके लंड-नुमा शेप दे दो। अब आगे के 3-4 इंच पर अच्छी तरह से जेली लगा लो।
एक बार फिर लड़की को रिलॅक्स होने के लिए बोलो और उसकी गाण्ड के अंदर और बाहर भी अच्छी तरह से जेली लगा दो। कभी भी जेली लगाने में कंजूसी ना करो।
अब मोमबत्ती का सिरा गाण्ड के मुँह पर रख कर धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिश करो। शुरू में मुश्किल होगी। अगर ज़रूरत हो तो गाण्ड में एक उंगली डाल कर उसकी दोनों रिंग मसल्स को ढीला कर लो। लड़की को भी गाण्ड ढीली करने को कहो। जब मोमबत्ती करीब आधा इंच अंदर चली जाए तो एक दो बार उतना ही अंदर बाहर करो। लड़की के इशारों का ध्यान रखो कि उसे कोई तकलीफ़ तो नहीं हो रही। उससे बातें करते रहो। जब लड़की आधा इंच तक अंदर बाहर को सहन करने लगे तो आप मोमबत्ती को घुमाते हुए और अंदर डालने की कोशिश करो। (यकीन करो कि जेली सूख ना गई हो. ज़रूरत हो तो और लगा लो).
मोमबत्ती थोड़ा और अंदर जाएगी और फिर रुक जाएगी। अब तो आपको मालूम है यह क्यों रुकी है, दूसरी रिंग मसल सामने है। लड़की के स्तनों को चूमो और उसकी चूत को सहलाओ। साथ ही उसे रिलॅक्स करने और गाण्ड को ढीला करने को कहो। जैसे ही वो गाण्ड को रिलॅक्स करेगी, मोमबत्ती आराम से अंदर चली जाएगी।
अब थोड़ा इंतज़ार करो जिससे लड़की मोमबत्ती की मोटाई को अपनी गाण्ड में महसूस कर सके और उसका शरीर इस नई फीलिंग को समझ सके। थोड़ी देर के बाद मोमबत्ती को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू करो। बाहर करते वक़्त लड़की को कोई तकलीफ़ नहीं होगी पर अंदर करते वक़्त आप को ध्यान रखना होगा कि जल्दबाज़ी ना हो। अगर जेली कम हो गई हो या सूख गई हो तो और लगा लो। इस तरह मोमबत्ती से आप उसकी गाण्ड को चोदना शुरू करो।
धीरे धीरे लड़की की तकलीफ़ कम हो कर ख़तम हो जाएगी और वो आनंद महसूस करने लगेगी। अब आप ४-५ इंच तक मोमबत्ती अन्दर बाहर कर सकते हो। जब तक लड़की चाहे उसे मोमबत्ती से चोदते रहो और फिर धीरे धीरे मोमबत्ती को बाहर निकाल लो। यह काम भी धीरे धीरे ही करना चाहिए।
मेरी राय में आपको यह उंगली और मोमबत्ती वाली प्रक्रिया दो तीन दिन तक करनी चाहिए। वैसे भी अब तक आप दोनों थक गये होंगे और इंतज़ार का फल हमेशा मीठा होता है।
उम्मीद है आपने दो तीन दिन तक बताई हुई प्रक्रिया कर ली है और अब लड़की अपनी गाण्ड की मसल्स को ढीला और टाइट करना सीख गई है।
गाण्ड मारनामुबारक हो !! अब आपकी साथी लड़की गाण्ड मरवाने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिस दिन का इंतज़ार था वो आ गया है। आशा है आप भी तैयार होंगे। गाण्ड मारने के लिए ज़रूरी है कि आपका लंड मज़बूती से खड़ा हो। वैसे तो पहली बार गाण्ड मारने की कामना में आपका लंड अपने आप ही तना हुआ होगा लेकिन अगर ऐसा नहीं है (और आप हृदय या रक्त चाप के रोगी नहीं हो) तो आप फ़ोर्ज़ेस्ट 10 या 20 की एक गोली करीब 30 मिनट पहले ले सकते हो।
अगर लड़की भरोसे वाली नहीं है तो कॉन्डोम का इस्तेमाल ज़रूर करो क्योंकि एच आई वी का खतरा गाण्ड मारने में सबसे ज़्यादा होता है। लेकिन अगर आप एक दूसरे को जानते हो और एक दूसरे पर भरोसा है तो कॉन्डोम की ज़रूरत नहीं है।
एक ज़रूरी बात और है- कभी भी गाण्ड मारने के दौरान या उसके एकदम बाद, अपने लंड को लड़की की चूत में नहीं डालो। ऐसा करने से लड़की को चूत में इंफेक्शन हो सकता है। अगर चूत मारनी है तो पहले लंड को अच्छी तरह से धो लो।
गाण्ड मारने के आसनगाण्ड मारने के दो आसन हैं। इन दो बेसिक आसनों के कई रूप हो सकते हैं जो आप अपने आप बना सकते हैं।
आसन 1
इसमें लड़की पीठ के बाल लेटी होती है जैसा इस विधि के शुरू में बताया गया है और उसके चूतड़ के नीचे तकिये रखे जाते हैं जिससे उसकी गाण्ड उपर उठ जाए। इसको मिशनरी पोज़िशन या मॅन सुपीरियर पोज़िशन भी कहते हैं।
आसन 2
इसमें लड़की अपने घुटने और हाथों पर होती है और उसकी गाण्ड की ऊँचाई आप अपने हिसाब से उपर नीचे कर सकते हो। कुछ लड़कियाँ अपना सर नीचे बिस्तर पर टिका देती हैं और गाण्ड उपर की तरफ उठा देती हैं। इसको रियर एंट्री या डॉगी स्टाइल भी कहते हैं।
दोनों ही आसान ठीक हैं और आपको जो अच्छा लगे उसे इस्तेमाल करो। पहले आसन में लड़की आराम से होती है और आप उसके स्तन और चूत को देख व सहला सकते हो। लड़की भी आप को देख सकती है। आप एक दूसरे को किस कर सकते हो लेकिन लंड पूरा अंदर नही जा पाता। दूसरे आसन में लड़की जल्दी थक जाती है और आपको देख नहीं सकती। आप भी उसकी चूत और बूब्स को नहीं देख सकते हो ना ही ठीक से सहला सकते हो। लेकिन इस आसन में लंड ज़्यादा अंदर जा सकता है। इसमें लड़की भी पीछे की तरफ धक्का देकर लंड को प्रवेश में मदद कर सकती है।
चलिए, अब गाण्ड मारते हैं!लड़की को पहले की तरह आरामदेह पोज़िशन में बिस्तर पर लिटा दो। उसके पूरे तन को अच्छी तरह से प्यार करो और उसे मीठी मीठी बातें बोलो। उसके पूरे शरीर को सहलाओ तथा चूमो। उसकी चूत जब गीली हो जाए तो उसे उंगली से थोड़ी देर तक चोदो और उसकी भग्नासा के इर्द गिर्द सहलाओ। कुछ देर में लड़की चुदाई के लिए तैयार हो जाएगी। अब पहले की तरह जेली लगा कर शुरू में एक और फिर दो उंगलियों से उसकी गाण्ड को तैयार करो। लड़की अब तैयार है, उम्मीद है आप का लंड भी तैयार होगा।
जब पहली बार गाण्ड मारनी हो तो मेरी राय में दूसरा वाला आसान इस्तेमाल करना चाहिए (डॉगी स्टाइल) जिससे लड़की आपकी मदद कर सके और लंड के प्रवेश को कंट्रोल कर सके।
तो लड़की को डॉगी स्टाइल में आने को कहो और उसके चूतड़ की ऊँचाई को अपने लंड की उँचाई के हिसाब से ऊपर नीचे करो। उसका सर आराम से बिस्तर पर रह सकता है। अपने पूरे लंड पर खूब अच्छी तरह से जेली लगा लो और लड़की की गाण्ड के अंदर बाहर भी जेली अच्छे से लगा लो। एक बार फिर दो उँगलियों से उसकी गाण्ड को ढीला कर लो।
अब अपने लंड के सुपारे को गाण्ड के छेद पर रखो और धीरे से अंदर के तरफ धकेलो। अगर आपका लंड मोमबत्ती से बड़ा है तो धीरज से काम लो। धीरे धीरे, प्यारी-प्यारी बातें करते हुए और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाते हुए अपने लंड को गाण्ड में धकेलते रहो। लड़की को अपनी गाण्ड ढीली करने के लिए याद दिलाते रहो।
एक बात और है, जब हम गाण्ड की मांसपेशी को ढीला करते हैं तो वो सिर्फ़ एक क्षण (सेकेंड) के लिए होती है और फिर टाइट हो जाती है। उसको अपनी मर्ज़ी से हम ज़्यादा देर तक ढीला नहीं रख सकते। आप इस बात को अपनी गाण्ड में खुद उंगली डाल कर महसूस कर सकते हो। इसलिए आप और लड़की के बीच ताल-मेल की ज़रूरत है। जब आप अंदर को धकेलो, तभी लड़की गाण्ड ढीली करे नहीं तो फ़ायदा नहीं होगा।
अगर गाण्ड का छेद ना खुले तो उंगली या मोमबत्ती का इस्तेमाल फिर करो और लड़की को रिलॅक्स करने को कहो। इस बात का ध्यान रखो कि लंड का घेरा काफ़ी ज़्यादा होता है और पहली बार आसानी से गाण्ड में नहीं जाता है। जेली लगी होने के कारण लण्ड फिसलता भी रहता है और गाण्ड में नहीं जा पाता।
थोड़ी कोशिश के बाद आपका लंड करीब 1/4 इंच अंदर चला जाएगा। यहाँ पर रुक जाओ और लड़की से पूछो उसे कैसा लग रहा है। अगर उसे दर्द हो रहा हो तो लंड बाहर निकाल लो, हो सकता है आपका लंड काफ़ी बड़ा है। यह तो आपके लिए खुश खबरी है !! या फिर लड़की को डर लग रहा है !
लड़की से दोबारा पूछो कि वो क्या करना चाहती है। ज़्यादातर लड़कियाँ आपको दोबारा कोशिश करने को कहेंगी। अगर ना भी कहे तो भी आप धीरज रखो और कुछ देर और मोमबत्ती वाली प्रक्रिया करो। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मेरी विधि से आप चलोगे तो कोई भी लड़की आपसे गाण्ड मरवाने के लिए मना नहीं करेगी। मेरे तज़ुर्बे में अच्छी तरह से मारी हुई गाण्ड में लड़कियों को चूत मरवाने से भी ज़्यादा मज़ा आता है। गाण्ड की बाहरी और अंदर की रिंग मसल्स के इर्द गिर्द बहुत नर्व-एंडिंग्स होती हैं जिसमें रक्त प्रवाह होता है जिस से गाण्ड मरवाने के दौरान लड़की को बहुत मज़ा आता है. आप धीरज से काम लो….
थोड़ी देर रुकने के बाद एक बार फिर लंड को गाण्ड के छेद पर रख कर अंदर डालने की कोशिश करो। जेली लगाना नहीं भूलना और जल्दबाज़ी नहीं करना। (मुझे मालूम है आपके लंड का सब्र ख़तम हो रहा होगा। अगर आपसे और ना रुका जाए तो चूत में डाल के संभोग कर लो। चिंता मत करो आपका लंड फिर तैयार हो जाएगा।
जब लंड पहली रिंग मसल को पार कर ले तो थोड़ी देर रुक जाओ और लड़की को रिलॅक्स करने को कहो। उसको बताओ कि अब आप लंड को और अंदर नहीं करोगे। लड़की खुद पीछे की तरफ धक्का लगा के लंड को जितना चाहे अंदर करेगी। अब कंट्रोल लड़की के पास है और आपको उसे तकलीफ़ पहुँचने की चिंता नहीं करनी।
जब कंट्रोल लड़की के पास आ जाता है तो आपको आश्चर्य होगा कि कितनी आसानी से वो आपके लंड को अंदर ले लेती है। आपको भी लड़की की टाइट गाण्ड का पहली बार अनुभव होगा। आपका लंड बिल्कुल टाइट फिट में जकड़ा जाएगा और आपको स्वर्ग महसूस होगा। ज़्यादातर लोग इससे ज़्यादा रोक नहीं पाते और क्लाइमॅक्स कर जाते हैं। अगर आप टारजन हैं तो कुछ देर तक लंड को पूरी तरह अंदर होने का आनंद उठाने दो, फिर धीरे धीरे लंड को बाहर की तरफ निकालने की कोशिश करो। लड़की की गाण्ड आपके लंड को कस के पकड़ लेगी।
आपका लंड आसानी से बाहर नहीं आएगा। करीब आधा इंच बाहर निकाल कर फिर धीरे धीरे अंदर करो। यह प्रक्रिया 3-4 बार करो। हर बार अंदर धीरे धीरे ही करना है। लड़की को पूछो कि उसे कैसा लग रहा है। अगर वो ठीक है तो अब करीब एक इंच तक अंदर बाहर करना शुरू करो। अभी भी धीरे धीरे ही !! फिर लड़की से पूछो उसका हाल कैसा है… अगर वो खुश है तो और ज़्यादा अंदर बाहर करना शुरू करो।
कोशिश करो कि लंड अंदर की रिंग मसल के बाहर नहीं निकल जाए। अगर उसके बाहर निकल जाएगा तो आपको फिर से धीरे धीरे अंदर डालना पड़ेगा और लड़की को भी मदद करनी होगी. (पर इस में आपको मज़ा भी बहुत आएगा) इस तरह धीरे धीरे आप ३-४ इंच अन्दर बाहर कर पाओगे।
अगर अब तक भी आपका क्लाइमॅक्स नहीं हुआ है और लड़की को भी तकलीफ़ नहीं हो रही है तो धीरे धीरे अपना स्ट्रोक बड़ा करते रहो, ध्यान रखो कि जेली सूख ना गयी हो। ज़रूरत हो तो और लगा लो और फिर से शुरू हो जाओ। एक समय आएगा जब लड़की पूरी तरह से रिलॅक्स हो जाएगी और आपका लंड बिना मुश्किल के पूरा अंदर बाहर होने लगेगा। लड़की को दर्द नहीं होगा और वो आपके साथ मज़ा लेने लगेगी। वो अपने आप अपनी गाण्ड को आगे पीछे करने लगेगी और चाहेगी कि यह चुदाई ख़तम ना हो…
जब आपका क्लाइमॅक्स हो जाए तो आराम से लंड बाहर निकाल लो और लड़की को अच्छी तरह से प्यार करो। उसने दर्द सहकर भी आपको इतनी खुशी दी है। अगर लड़की का क्लाइमॅक्स नहीं हुआ है तो उसकी चूत और भग को सहला कर उसको चरम सीमा तक ले जाओ। फिर एक दूसरे की बाहों में जितनी देर तक लेट सकते हो लेते रहो।
जब अगली बार उसी लड़की की गाण्ड मारनी हो तो यह ना समझना कि अब तो उसकी गाण्ड हमेशा के लिए तैयार हो गई है। जब तक 7-8 बार उसकी गाण्ड नहीं मार लोगे, आपको धीरज से ही काम लेना पड़ेगा। यह ज़रूर है कि पहली बार गाण्ड मारने के मुक़ाबले बाद के मारने में थोड़ा फ़र्क़ तो आ जाता है, पर इतना नहीं आता कि लड़की को तकलीफ़ ना हो।
अगर आप कुछ अरसे (1-2 महीने) के बाद दोबारा गाण्ड मारने लगते हो तो आपको पूरी सावधानी फिर से बरतनी पड़ेगी जो इस विधि में बताई गई है।
और अधिक आनंद देने के लिए लड़की अपनी मांसपेशियों के ज़रिए आप के लंड को जकड़ सकती है और ढील दे सकती है। इससे आपका लंड ज़्यादा देर तक तना रह सकता है और आपको मज़ा भी ज़्यादा आएगा। जब आपका लंड पूरी तरह अंदर हो तो लड़की को गाण्ड की मान्सपेशियाँ कसने और ढीला करने को बोलो और स्वर्ग प्राप्त करो। यह क्रिया चूत से भी हो सकती है पर गाण्ड की बात ही और है !!
गाण्ड मारने के फायदेगाण्ड मारने के बहुत फायदे हैं:
1) दोनों को ज़्यादा मज़ा आता है क्योंकि गाण्ड चूत के मुक़ाबले ज़्यादा टाइट होती है और इसको ज़्यादातर लोग नहीं कर पाते हैं।
2) बच्चे होने का डर नहीं होता।
3) मासिक-धर्म के दौरान भी इसका मज़ा ले सकते हैं।
पता नहीं ज़्यादातर लड़कियाँ गाण्ड क्यों नहीं मरवाती ! ज़्यादातर लड़कियाँ इस सुख को भोग नहीं पाती हैं क्योंकि हम मर्द सही तरीका नहीं जानते और शुरू में ही उन्हें बहुत ज़्यादा दर्द का अहसास करा देते हैं। उन बेचारी लड़कियों को पता ही नहीं कि वो क्या खो रही हैं।
आशा है आपको मेरी विधि पसंद आई होगी। आप इस विधि का इस्तेमाल करो और बताओ कि आपको सफलता मिली या नहीं और लड़की को कैसा लगा। अगर कोई लड़की गाण्ड मरवाने को बिल्कुल राज़ी नहीं हो तो उसे यह विधि पढ़ने को बोलो। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर वो तुमसे प्यार करती है तो ज़रूर राज़ी हो जाएगी।
अगर आपको कोई और क्रिया की विधि सीखनी हो तो भी मुझे लिखो। Hindi Porn Stories
अनिल उमा की गांड Antarvasna पर चुटकी काटते हुआ बोला- उमा जी, जरा तुम्हारी गांड मार ली जाय! बहुत सुंदर लग रही है और बहुत दिन से किसी लोंडिया की गांड भी नहीं मारी है! चलो रानी, जरा कुतिया बन जाओ!
उमा बोली- एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा!
अनिल ने हज़ार के 5 नोट उमा की तरफ बढ़ाये और बोला- ये लो रानी! लेकिन प्यार से गांड मरवाना!
उमा पलंग पर घोड़ी बन गई और बोली- हज़ूर, देर किस बात की! अब ठोक ही दो! पिछले 30-35 दिन से ठुकवाई भी नहीं है।
उमा अपने हाथ कोहिनी के सहारे पलंग पर रखकर घोड़ी बन गई। मेरा मुँह उमा के मुँह की तरफ था। राजू मेरे सर को अपनी गोदी में रखकर मेरे संतरों से खेल रहा था। अनिल अपना लौड़ा उमा की गांड के मुँह पर रख कर उसे घुसाने की कोशिश में लगा था। अनिल उमा से बोला- साला घुस ही नहीं रहा है! बड़ी कसी हुई है! पिछली बार तो आराम से घुस गया था!
उमा बोली- साइड में जेली क्रीम रखी है उसे लगा, तब घुसेगा।
राजू ने क्रीम निकाल कर अनिल को दे दी। उसने अपनी उंगली में ढेर सी क्रीम लगाई और उमा की गांड क्रीम से भर दी। राजू ने मुझे भी घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरी चूत में पीछे से घुसा दिया और धीरे धीरे मेरी चूत में धक्के मारने लगा। अब मेरा मुँह उमा की गांड की तरफ था। हम दोनों पलंग पर 90 डिग्री का कोण बना रहे थे।
अनिल बोला- थोड़ी क्रीम साली की गांड में भी लगा! इसकी गांड भी मारूंगा। साली लौड़ा नहीं चूसती है ना!
राजू ने लंड निकाल कर अपनी उंगली मेरी गांड में घुसा दी और मेरी गांड भी क्रीम से भर दी। कुछ देर उसने उंगली मेरी गांड में आगे पीछे की और दोबारा मेरी चूत में लंड घुसा कर मुझे चोदने लगा।
अनिल उमा की गांड में बड़े प्यार से उंगली घुसा कर उसकी गांड की मालिश कर रहा था। थोड़ी देर बाद उसने उमा की गांड पर अपना लंड रख दिया और एक झटका तेजी से मारा। उमा के जोर से चीखने की आवाज़ आई। उमा चीख सी रही थी- कुत्ते, छोड़! मर गई! मर गई! हरामी रंडी की औलाद लौड़ा निकाल! फट गई!
मैंने मुँह उठा कर देखा तो दंग रह गई। अनिल ने अपना आधा लंड उमा की गांड में घुसा दिया था और उसे अंदर घुसाने की कोशिश में लगा था। उमा बुरी तरह चीख रही थी। थोड़ी देर में उसका लंड पूरा उमा की गांड में फिट हो गया। अब राजू मेरी चूत और अनिल उमा की गांड पेल रहे थे। मुझे चुदने में अब बहुत मजा आ रहा था। थोड़ी देर में उमा भी मीठी मीठी सिसकारियाँ और चीखें मारने लगी। अनिल का लौड़ा उसकी गांड में आगे पीछे होते हुआ मैं बड़े आराम से देख रही थी।
अनिल मेरे बाल खींचते हुआ बोला- साली, तेरी भी अभी मारूंगा! देख ले और देख ले!
उमा गांड हिला हिला कर गांड मरवाने का मजा ले रही थी। कुछ देर बाद दोनों लोगों ने अपना लंड निकाल लिया। दोनों के लंड पूरे तने हुए खड़े थे, शायद गोली का असर था। मेरी चूत में मीठा दर्द हो रहा था। अनिल ने उमा की गांड से लंड निकाल लिया और मेरे मुँह के पास लंड रखकर बोला- राजू, तू उमा की गांड में घुसा! मैंने खोल दी है!
राजू ने मेरी चूत से लंड निकाल कर उमा की गांड में घुसा दिया। राजू का लंड अनिल से पतला था इसलिए उमा की फटी गांड में आराम से घुस गया। उमा बिस्तर पर लगभग लेट सी गई थी, राजू का लंड उमा की गांड में सरपट दौड़ने लगा।
अनिल ने कंडोम निकालकर फ़ेंक दिया था और मेरे मुँह पर अपना लौड़ा रखकर मेरी चूचियाँ कस के दोनों हाथों से मसल दीं और बोला- ले कुतिया लौड़ा चूस!
लेकिन मुझे लौड़ा चूसने से चिढ़ थी, मैंने अपना मुँह बंद रखा।
अनिल बोला- हरामिन साली! रंडी नखरे करती है, अभी मजा चखाता हूँ!
उसने मेरे पीछे आकर अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया। अनिल का लंड अच्छा मोटा था उसने पूरी ताकत से एक झटके में मेरी चूत में लंड पेल दिया।
मैं जोर से चिल्ला उठी- उई मर गई!
अनिल मेरी चूची कस कस कर नोच रहा था, मैं जोर जोर से चिल्लाने लगी थी- उई मर गई!
उमा भी हलकी हलकी सिसकारियाँ ले रही थी। अनिल का लंड मेरी चूत में तेजी से झटके खा रहा था। राजू का लंड झड़ चुका था, उमा चुदने के बाद बिस्तर पर एक घायल कुतिया की तरह लेट गई। अनिल ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर खींच लिया। उसका लंड अभी भी टनटना रहा था। अनिल अब मेरी मेरी गांड में अपनी उंगली घुसा रहा था और उसे गांड में अगूंठी की तरह घुमा के आगे पीछे कर रहा था, साथ ही साथ गुर्रा रहा था- रंडी साली! तेरे को तो मैं बताता हूँ! लौड़ा चूसने से मना करती है ना!
मेरी गांड में अजीब सी खुजली हो रही थी और मुझे समझ नहीं आ रहा था अब यह क्या करेगा!
उसने पास में रखी जेली ट्यूब पूरी मेरी गांड में पिचका दी, राजू से बोला- कुतिया तेरा लौड़ा चूसने से मना कर रही थी? अभी साली से चुसवाता हूँ! पूरे पचास हज़ार दिए हैं! सारे छेदों में डालूँगा हरामिनो के! साली शरीफ बनती हैं! इसके मुँह पर लौड़ा रख और कस कर इसकी चूचियाँ दोनों हाथों से पकड़!
राजू मेरी चूचियाँ पकड़ कर खड़ा हो गया और अपना लंड मेरे मुँह के आगे रख दिया। मैंने अपना मुँह नहीं खोला। अनिल ने चूत में से अपना लंड निकाल कर मेरी गांड के मुँह पर रख दिया और झटके से मेरी गांड में घुसा दिया। मैं एकदम से चिल्ला उठी- उई, मर गई! मर गई!
लंड मेरी गांड में थोड़ा सा घुस चुका था और वो पूरा घुसाने की कोशिश कर रहा था। मैं चिला रही थी- उई मर गई! छोड़ कुत्ते छोड़! फट गई! फट गई!
मेरी आँखों से आंसू आ गए थे, मैं झटका दे रही थी कि मेरी चूत से लौड़ा निकल जाए लेकिन अनिल और राजू की पकड़ बड़ी मजबूत थी। अनिल बोला- कुतिया इतना क्यों चिल्ला रही है? अभी तो दो इंच भी अंदर नहीं घुसा है, साली कितनी कसी हुई गांड है तेरी? इतना दर्द हो रहा है तो चुपचाप लौड़ा चूस ले ना! नखरे क्यों करती है?
अनिल कस कर मेरी कमर पकड़े हुआ था और राजू मेरे दोनों संतरे दबाए हुए था, अनिल चिल्लाया- राजू कुतिया को छोड़ियो नहीं जब तक तेरा लौड़ा मुँह में न ले ले!
अनिल पूरी ताकत से लंड मेरी गांड में घुसाने की कोशिश कर रहा था, मैं दर्द के मारे मरी जा रही थी और रोते हुए चिल्ला रही थी।
उमा भी मुड़ कर मेरी तरफ देख रही थी, उमा बोली- अनिल जी, इसे छोड़ दो! इसने आज तक गांड नहीं मरवाई है! मर जायेगी!
अनिल बोला- साली हर कुतिया को एक न एक दिन तो खुलवानी ही पड़ती है! चूत भी तो साली की खुली होगी! आज कुतिया की गांड मैं खोल देता हूँ! हरामिन मेरे यार का लौड़ा चूसे तो इसे छोड़ सकता हूँ!
अनिल ने दम लगा के अपना लंड कुछ और अंदर तक तक मेरी गांड में ठोंक दिया था। राजू का लंड मेरे मुँह के आगे झूल रहा था। अनिल ने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाला तो मुझे कुछ शांति सी लगी लेकिन अगले ही सेकंड एक तेज झटका मेरी गांड पे लगा लंड गांड में और अंदर तक घुस गया था। मेरी जोरों से चीख निकल गई।
अनिल चिल्लाया- तू साली हरामजादी लौड़ा नहीं चूसेगी तो तेरी तो गांड ही मारनी पड़ेगी।
अनिल ने लंड मेरी गांड में दौड़ाऩा शुरू कर दिया। मेरी जोरों से चीख निकल गई। .मेरा दर्द असहनीय हो रहा था, मैं बोली- छोड़ कुत्ते छोड़! ले मैं मुहं में लेती हूँ!
अनिल ने गांड से लंड निकाल लिया। मरती क्या न करती- मैंने राजू का मुरझाया हुआ लंड अपने मुंह में ले लिया। अनिल ने मेरे चूतड़ौ॑ पर हाथ मारा और बोला- शाबाश मेरी रंडी! पहले इसका चूस! फिर मेरा चूसियो!
अनिल ने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी गांड के मुँह में छुला रखा था जिसके कारण गांड के मुँह पर चुभन सी हो रही थी।
पहली बार मेरे मुँह में लंड घुसा था, मैं उसे चूसने लगी। मुझे पता था कि अगर मैंने लंड बाहर निकाला तो मेरी गांड फाड़ दी जायेगी।
थोड़ी देर में राजू का लंड दोबारा खड़ा होने लगा, लेकिन जैसे जैसे मैं लंड चूस रही थी मेरे बदन में मस्ती सी बढ़ती जा रही थी। सच, मुझे जबरदस्त मजा आ रहा था। अब मैं पूरी मस्त होकर लौड़ा चूस रही थी। मुझे पता चल गया था कि जब तक कोई चीज़ चखो नहीं, तब तक उसके मजे का पता नहीं चलता है।
राजू का लंड अब पूरा खड़ा हो गया था, उसे अब मैं बिल्कुल ब्लू फिल्म की हिरोइन की तरह चूसने लगी थी।
अनिल दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को दबाते हुए बोला- शाबाश मेरी जान! यह हुई न बात! और उसने अपना लंड मेरी चूत में फिट कर दिया।
मैं चिहुंक उठी लेकिन अगले ही क्षण पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया था और चूत में आगे पीछे दौड़ने लगा था। इस समय मुझे पता चल रहा था कि दो दो लंडों का मजा क्या होता है। मुझे मस्त मजा आने लगा था, अब मैं पूरी मस्त होकर लंड चूस रही थी, साथ ही साथ चूत भी मैंने ढीली छोड़ दी थी। मेरी चूत की चुदाई भी शुरू हो गई थी। दो लंडौं से पिलवाने का मजा क्या होता है, लिख कर नहीं बताया जा सकता। वाकई अब मैं असली कुतिया होने का मजा ले रही थी। सच! यह तो जन्नत का मजा था! मैंने सोच लिया था कि अगर अब अनिल गांड मारेगा तो कितना ही दर्द हो गांड भी एक बार मरवा लूंगी। पता तो चले गांड मरवाने में कितना मजा आता है!
थोड़ी देर बाद राजू ने मेरे मुँह में अपना नमकीन वीर्य छोड़ दिया। मैंने एक झटके में अपना मुहं खोल के सारा वीर्य बाहर थूक दिया।
अनिल बोला- रानी अमृत बाहर फेंकती हो? अभी मजा चखाता हूँ!
और उसने मेरी कमर कस के पकड़ कर पूरी ताकत से अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर मेरी गांड में ठोंक दिया। मेरी चीख निकल पड़ी। उसने झुककर मेरे संतरे कस कर दबा लिए थे और उन्हें मसलते हुए बोला- साली बड़ी टाइट है तेरी! 3-4 इंच से ज्यादा घुसता ही नहीं है! लेकिन आज तेरी अब फाड़ कर ही चोदूंगा!
मैं दर्द के मारे जोर जोर से चीख रही थी, उमा लेटे लेटे बोली- रीता, थोड़ी गांड ढीली छोड़ दे! जब तक इनका लंड पिचकेगा नहीं, यह नहीं मानेंगे!
अनिल बोला- साली की फटेगी नहीं तब तक नखरे करेगी। आज फट गई तो अगली बार अच्छी तरह से मरवाएगी।
और उसने मेरी गांड को गोदना जारी रखा। मैंने अपनी गांड ढीली छोड़ दी, मैं एक तरह से अब गांड मरवाने को तयार थी। अनिल का लंड लगभग पूरा गांड में घुस गया था और वो अब मेरी गांड मार रहा था। मैं जोर जोर से चीख भी रही थी लेकिन मुझे अब गांड मराने में मजा भी आ रहा था। उमा खेली खाई थी, वो समझ गई कि मुझे अब गांड फटवाने में मजा आ रहा है।
उमा मुस्कराती हुई बोली- रीता, मस्ती आ रही है? ले ले मजा! फिर पता नहीं कब मौका आएगा!
थोड़ी देर बाद अनिल झड़ गया और पस्त होकर लेट गया। अब हम चारों ही पस्त थे। मेरा पूरा बदन दुःख रहा था, मैं समझ गई थी कि चुदाई क्या होती है लेकिन साथ ही साथ मुझे पता चल गया था कि लंड चूसने में कितना मजा आता है। मुझे इस बात की भी ख़ुशी हो रही थी कि मैंने गांड मरवाने का मजा भी ले लिया।
सुबह दस बजे मेरी नींद खुली। उमा की नौकरानी चाय बना कर ले आई। हम चारों बिस्तर पर नंगे पड़े हुए थे। अनिल मेरे गले में हाथ डालकर बोला- रानी, कल रात के लिए गुस्सा तो नहीं हो? थोड़ी ज्यादा ही मार ली तुम्हारी!
राजू उमा के गले में हाथ डाले था। लंड दोनों के शांत थे। अनिल बोला- उमा जी, वाकई कमाल का हुस्न है आपकी सहेली का!
चाय पीने के बाद हम लोगों ने अपने कपड़े पहन लिए। अनिल बोला- रानी ना नहीं करना! एक बार लौड़ा और चूस लो!
उमा बोली- चूस ले! इतना नखरा भी क्या!
अनिल ने अपनी पैंट खोल कर मेरे मुँह पर लौड़ा रख दिया। अब मुझे लौड़ा चूसने में कोई हिचक नहीं थी। अगले मिनट मेरे मुँह में अनिल का और उमा के मुँह में राजू का लौड़ा था। हम दोनों ने दस मिनट लगातार उनके लौड़े चूसे और इस बार उनका लंड रस भी मैंने अपने मुँह में लिया। वीर्य शुरू में मुझे थोडा अच्छा नहीं लगा लेकिन उमा ने बताया कि दो तीन बार पीयेगी तो अमृत सा लगने लगेगा और रोज़ अपने पति का जबरदस्ती पीयेगी।
मैंने उमा की बात मानते हुए पूरा वीर्य अपने मुँहं में ले लिया। इसके बाद राजू ने भी मुझे अपना लौड़ा चुसवाया।
वाकई अब मैं लौड़ा चूसने की दीवानी हो गई थी। अनिल और राजू उसके बाद उमा के घर से चले गए।
उमा बोली- यार मुझे पता नहीं था कि ये लोग इतनी बुरी तरह चोदेंगे! तेरी भाभी को भी एक बार अनिल चोद चुका है लेकिन तब इसने बड़ी शराफत से चोदा था। माफ़ कर दे यार!
मैं बोली- उमा, तूने मुझे एक रात के लिए कॉलगर्ल बना दिया लेकिन मुझे पता चल गया कि लौड़ा चूसने में कितना मजा आता है! और अनिल ने मेरी गांड भी खोल दी जो शायद अगर मैं अपने पति के साथ रहती तो कभी नहीं खुलती! मैं तेरा धन्यवाद अदा करती हूँ लेकिन अब मैं अपने पति के साथ जाकर रहूंगी क्योंकि अब मैं बिना चुदे नहीं रह सकती।
मेरे होटों पर कटे के निशान थे, मैं दो दिन उमा के पास रुकी। उमा ने बताया कि उसके दूधवाले का लंड आठ इंच लम्बा और चार इन्च मोटा है। उमा के कहने पर मैंने उसके दूधवाले का लंड चूसा। सच जन्नत का मजा आया मुझे।
दो दिन बाद मैंने अपना सामान बांध लिया और उमा से बोली- उमा, जिन्दगी का असली मजा चुदने में ही है! अब मैं अपने पति से चुदूंगी क्योंकि उन्होंने हमेशा प्यार से लंड चूसने को कहा, मैंने नहीं चूसा। अब मुझे पता चल गया है कि लौड़ा चूसने में कितनी मस्ती आती है। तेरा धन्यवाद कि तूने मुझे एक रात रंडी बनाकर मुझे सेक्स के असली मज़े का ज्ञान कराया। मैं एक रात के लिए रंडी बन गई लेकिन इसका भी अपना मजा था।
उमा ने मेरे हिस्से के 25000 रुपए मुझे दे दिए जो मैंने रख लिए क्योंकि रंडी तो मैं बनी ही थी।
आपकी उषा रांड Antarvasna
मैं सीमा, 26, लखनऊ उत्तर प्रदेश, ज्योतिष और सेक्सी Sex Stories कहानियों का शौकीन. सभी भाभियों सालियों कुंवारी चुदी चुदाई चूतों, भोसड़ों को एक बार फ़िर आपका सीमा बार बार प्रणाम करते हुए ये विश्वास दिलाता है कि जिस तरह से आपकी बुर और भाईयों के लंड से मेरी पहली कहानी पढ़कर वीर्य के छीटें हिन्दुस्तान, पाकिस्तान, ब्रिटेन, अमेरिका तक पहुंचे. इस बार भी आप लोग पहले की तरह मेल करके बताइयेगा कि बुर भोसड़ा बन गयी या नहीं लंड के चोदने की रफ़्तार 4 गुना हुई या नहीं. बुर के फ़ौव्वारे से आदमियों के लंड भीगे या नहीं?
कहानी पे आ जाइये भाई भाभी लंड पे हाथ बुर में उंगली सावधान, आरती मेरी दूर के रिश्ते की मौसी लगती है जिनका घर बंगलौर में है एक काम के सिलसिले में मैं उनके घर गया हुआ था, आरती जी की उमर 21 साल रंग गोरा 5’6 इंच. मैं उनके घर गया तो उनकी मामी ने मुझसे इंट्रोड्यूस कराया कि ये आपकी छोटी मौसी लगती है मोडल बनना चाहती है प्लीज़ थोड़ा इसके बारे में देख कर बताओ कि क्या इसे सक्सेस मिलेगी?
मैंने हाथ देखा और बोला- कोशिश कीजिये थोड़ी सफ़लता जरूर मिलेगी आपका भाग्य अच्छा है लेकिन आप मोडल्स सेलेक्ट करेंगी न कि खुद मोडल बने, आपकी शादी लव मैरिज का योग साफ़ दिख रहा है.
वो बोली- आप क्यों मम्मी को भड़का रहे हैं.
और पैर पटक कर अपने ऊपर वाले कमरे में चली गयी, उसने खाना भी नहीं खाया तो मैंने उनकी मम्मी से कहा- आप खाना लगाइये मैं उसे बुला कर लाता हूं.
मैं ऊपर गया तो उसका दरवाजा खोल कर अन्दर गया और दरवाज़ा फ़िर हल्का से बंद हो गया, वो बेड पर पेट के बल लेटी थी रो रही थी मुँह छुपाकर उसकी छोटी सी स्कर्ट उसके लेटने की वजह से थोड़ी और ऊपर हो गयी थी उसकी पिंक पेंटी साफ़ नजर आ रही थी चिकनी जांघें संगमरमर सा शरीर कि नीयत खराब हो जाये.
मैंने उसकी पीठ पर हाथ रखकर कहा- आरती उठिये ये सब क्या है, प्लीज़ उठो चलो सब इन्तज़ार कर रहे हैं.
अचानक वो उठी और मेरे सीने से लिपटकर रोने लगी उसकी गोल चूचियाँ मेरे सीने से दब रही थी उसकी पीठ सहलाते सहलाते मेरा लंड तन गया मेरे शरीर में करेंट दौड़ गया 20 साल की गर्म लड़की मुझे बुरी तरह से अपने अंग से अंग को लगाकर दबाये जा रही थी.
उसने अपनी शर्ट के बटन को खोल दिया और बोली- सीमा प्लीज़ आप जो चाहो कर लो लेकिन मम्मी से जो कहा है एक बार मम्मी से कह दो कि वो झूठ है मैंने बहुत सपने सजायें हैं बोलीवुड के लिये आज तक मैंने किसी लड़के को कुछ भी नहीं दिया प्लीज़ मेरे सपनों को मत तोड़ो… मैं जानती हूं कि कोई भी मर्द किसी लड़की की इज़्ज़त को लूटने के लिये कुछ भी कर सकता है मेरी सभी सहेलियाँ अपने ब्योयफ़्रेंड्स से सेक्स का मजा लेती हैं लेकिन आज तक मैंने कभी किसी भी मर्द को अपने चूचियाँ तक छूने नहीं दिया .. बुर तो आज भी मेरी उतनी ही खुली है कि मैं सिर्फ़ मूत सकूं, सारी फ़्रेंड्स जिनके पास ब्योय फ़्रेंड्स नहीं हैं वो एक दूसरे की चूचियाँ मुंह में लेकर चूसती हैं बुर में पानी की प्लास्टिक पाइप भी डलवाती हैं बिस्तर पर एक दूसरे की चूत से चूत रगड़कर झड़ जाती है…
वो बताती हैं कि तुम बहुत सेक्सी हो किसी भी तरह अगर महेश भट्ट या फ़िर राम गोपाल वर्मा के पास पहुंच जाओ तो तुम्हारा काम… जरूर हो जायेगा पर लिंक तो ढूंढना पड़ेगा… सीमा आपके पास इतने बड़े बड़े कोन्टक्ट हैं प्लीज़ कोई भी जुगाड़ करो न..सीमा मैंने आज तक अपनी झांटें ओरीजिनल रखी हैं कभी नहीं बनाई देखो ये रही!
उसने अपनी स्कर्ट उतार कर फ़ेंकी और अपनी बुर के पास मेरा हाथ लेगाया और बोली देखो प्लीज़… मैं झूठ नहीं बोल रही आप इतने अच्छे हो कि क्या कहूँ मुझे पता है कि आपकी कही बात गलत नहीं होती मैंने आपके बारे में सुन रखा है पर… क्या आपकी एक बात मेरी जिंदगी की सारी मेहनत, कुंवारी चूत की तपस्या सब बर्बाद हो जायेगीईई नहीं आपको मेरा सब कुछ सही करना होगा…जो पैसा लगेगा मैं दूंगी, मेरी सबसे बड़ी दौलत मेरी कुंवारी चूची और चूत है… आप जो करना चाहे…
मैं उसकी बातों को सुनकर स्टेच्यु हो गया कि क्या औरत या कोई भी लड़की इतनी बेशरमी से बात भी कर सकती है… मैंने कहा अच्छा नीचे…आओ सब लोग इन्तज़ार कर रहे हैं मैं देखता हूं क्या कर सकता हूं.
मेरा लंड तनकर बम्बू हो गया, चुदाई तो कर सकता था लेकिन कुछ परेशान भी था कि क्या करूं…
तो वो बोली नहीं अभी बताइये… ओहह अब समझी… मुझे आपको एडवांस देना है इतना कहकर उसने दूर बंद कर लिया वो मेरी पैंट की ज़िप खोल दी और मुँह में लेकर चूसने लगी… बोली सीमा प्लीज़ बताओ अच्छा लग रहा है?
मैंने कहा आरती मैं पागल हो जाऊँगा प्लीज़…
“मैं क्या करूं?” वो बोली- चलो अच्छा मेरी चूत को भी चोद लो… लेकिन मेरी बुर में इतना मोटा लंड… कल मेरी सहेली के घर में चोद लेना नहीं तो मैं चिल्लाऊँगी तो कोई… आ… जायेगा.
इतना कहकर वो मुझे बेड पर ले गयी और ब्रा हुक खोल कर दोनों चूचियाँ जो गोल गोल लाल लाल भुंडियों के साथ थी आपस में सटा लिया और बोली आज़ इसमें ही चोद लो प्लीज़… बुर में कल…
मैं पागल हुआ जा रहा था उसकी चूचियों को मुँह से थूक लगा लगा कर चूस रहा था वो भी आहह क्सहह ऊऊहह ल्लल्ल ल्लल्ल ऊऊस्सस!
तभी मैंने एक उंगली बुर में डाली और उसकी बुर भी लसलसी हो चुकी थीईईइ लेकिन मुझे पता लग गया कि वो चूत कुंवारी है यहाँ चोदना रिस्की है.
मैंने उसके गुलाबी होंठों को जीभ से भर दिया, वो भी मस्ती में आआहह्ह प्लीज़्ज़ज़्ज़ व्वव्ववूऊऊओ कर रही थी.
तभी चूचियों के बीच में मेरा लंड ने फ़ौव्वारा छोड़ा और छींटें उसके बालों पर भी पड़े अब मैं झड़ गया लेकिन बुर की चुदाई से मुझे कई गुना मजा आया, वो बोली- सीमा… एडवांस दे दिया है… बुर कल चुदवाऊँगी प्लीज़… आज सही बताऊँ तो बड़ा मजा आया कल चलना मैं अपनी सहेली की बुर दिलवाऊँगी वो अभी उंगली डालती है… और अगर तुम्हें मेरी ही कुंवारी बुर को चोदना हो तो मेरी भीईईइ…
इतना कहकर वो बाथरूम चली गयी… मैं भी लंड धुलकर नीचे आयाआआअ… कल मैंने दोनों की बुर ली. Sex Stories
The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first.
We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.