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Massage Girl in Imphal East: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Imphal East who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Imphal East that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Imphal East massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Imphal East who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Imphal East massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Imphal East massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Imphal East who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Imphal East employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Imphal East helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Imphal East

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Imphal East at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

दोस्तो, यह मेरी पहली Antarvasna कहानी है अन्तर्वासना पर ! मैं यहाँ दूसरों की कहानियाँ पढ़ने में काफी समय बिताता हूँ। इतना पढ़ने के बाद आज मेरा भी मन किया कि कुछ लिखा जाए तो यह कहानी आपके लिए लाया हूँ। सच है या काल्पनिक इसका फैसला मैं आप पर छोड़ रहा हूँ। आशा करता हूँ कि आपको यह पसंद आएगी।

मेरा नाम रोहित है उम्र 20 साल, कद करीब 5′ 9″, देखने में भी ठीक हूँ और मेंरे लंड की लम्बाई 6″ है। मैं हमेशा से पढ़ाई में अच्छा रहा हूँ जिस कारण मुझे काफी अच्छा कॉलेज मिला जहाँ से मैं इंजीनियरिंग कर रहा हूँ, तीसरे वर्ष में ! मैं घर साल भर में दो तीन बार ही आ पाता हूँ। मेरे घर में मेरे अलावा मुझसे तीन साल बड़ी मेरी बहन है जो हॉस्टल में रहती है और मम्मी पापा हैं। मम्मी एक सरकारी विद्यालय में अध्यापिका हैं और मेरे पापा एक बैंक मेनेजर हैं।

मेरी छुटियाँ होने ही वाली थी जब मेरी मम्मी ने फोन पर मुझे हमारे नए पड़ोसियों के बारे में बताया। मेरी मम्मी उनको लेकर काफी खुश लग रही थी और बता रही थी कि वो लोग दोस्ताना स्वाभाव के हैं और मेरी मम्मी के काफी अच्छे दोस्त भी बन गए हैं। कुछ ही दिनों में मैं दो महीनों के लिए अपने घर आया। मम्मी ने बताया कि आंटी मुझसे जल्दी से जल्दी मिलना चाहती हैं इसलिए मैं अगले ही दिन उनके घर चला गया और मुझे उस परिवार से मिलने का पहले मौका मिला।

परिवार छोटा ही था जिसमें सिर्फ भाई बहन और मम्मी पापा थे। बहन का नाम आस्था था और उसके भाई का रोहण। आस्था करीब 19 साल की होगी और रोहण 10 साल का। आंटी ने मेरा उनसे परिचय करवाया और बताया कि आस्था भी इंजीनियरिंग के दूसरे साल में है।

आस्था 19 साल की एक मस्त लौंडिया थी जिसको देखते ही मुँह में पानी आ जाये, गोरा रंग, बी-कप वक्ष, मस्त गांड और कद 5’5″। जब वो चलती थी तो उसकी बड़ी गांड देखने में बड़ा मजा आता और मन करता कि अभी कुतिया बना कर चोद डालूँ साली को।

आस्था और रोहण मेरे घर मेरी मम्मी के साथ बैडमिन्टन खेलने रोज शाम को आया करते थे। मैं भी उनके घर कभी कभार चला जाता था पर सिर्फ आंटी से ही बात कर रह जाता था। फिर एक दिन हुआ यूँ कि मेरे मम्मी-पापा घर पर नहीं थे। हमारी रिश्तेदारी में किसी के यहाँ लड़का हुआ था तो इसी खुशी में पार्टी थी। मम्मी-पापा वहीं गए थे। आस्था और रोहण घर खेलने के लिए आये पर मेरी मम्मी को न देखकर आस्था ने मुझसे उनके बारे में पूछा।

मैंने उसे बताया- मम्मी-पापा पार्टी में गए हैं।

अब उसे खेलने के लिए एक पार्टनर की जरुरत थी तो उसने मुझसे खेलने के लिए कहा।

मेरे मन में ठरक तो पहले से ही उठी थी तो मैंने मौके का फायदा उठाने का सोचकर बोला- अभी बाहर धूप है, कुछ देर में खेलते हैं और अभी तुम अंदर आ जाओ।

वो अंदर आ गई मगर उसका भाई बाहर ही कुछ खेलने लगा।

वो जब अंदर आई तो मेरा कंप्यूटर चालू था, डेस्कटॉप देखकर उसने कहा- यह क्या लगा रखा है?

डेस्कटॉप पर एक गन्दा सा वालपेपर लगा था। वालपेपर अश्लील नहीं था मगर एक बदसूरत कुत्ते का था। तब मैंने उसे कुर्सी पर बैठने को बोला और कहा- बेब्स फोल्डर में जाकर तुम अपनी मनपसंद का वालपेपर लगा दो।

यह कहकर मैं जानबूझ कर वहाँ से रसोई में चला गया। बेब्स फोल्डर में बहुत सारी नग्न और बहुत ही सेक्सी तसवीरें थी। जब मैं वापिस आया तो मैंने देखा कि वो उन तस्वीरों को जल्दी जल्दी बदल कर देख रही है।

मैंने कहा- शरमाने की कोई बात नहीं है, तुम इन्हें आराम से देखो।

यह कहकर मैंने उसे कुर्सी से उठाया और खुद बैठ जाने पर उसको अपने टांगों के बीच की जगह में कुर्सी पर बैठा लिया। वो मेरी गोद में तो नहीं थी पर मेरा लंड उसकी गांड से टकरा रहा था और हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था।

मैंने अब अपना हाथ उसकी कमर पर घुमाना शुरू किया जिसका उसने कोई ऐतराज़ नहीं किया। कुछ देर बाद उसने मुझे शरमाते हुए ब्लू फिल्म देखने की इच्छा बताई मगर मेरे कंप्यूटर में न होने के कारण मुझे उसे मना करना पड़ा।

कुछ देर में हमें एहसास हुआ कि शायद रोहण आ रहा है तो वो खड़ी हो गई और मुझे फोल्डर बंद करने को बोला। मैंने उसे बंद किया और हम लोग बाहर जाकर बैडमिन्टन खेलने लगे और फिर कुछ देर बाद अँधेरा होने पर मेरे मम्मी पापा आ गए और आस्था, रोहण भी अपने घर चले गए।

अगले दो चार दिन मुझे वो दिखाई नहीं दी पर मैं इस बीच कुछ मसालेदार नग्न फिल्में ले आया था। अगले दिन मैं बाहर जा रहा था तो वो मुझे मिली, उसने बताया कि उसके पेपर आ गए है इसलिए तैयारी करने में उसका सारा समय निकल जाता है।

हमने कुछ देर और बातें की, उसने मुझे अगले दिन दोपहर में अपने घर आने को बोला, उसके मम्मी पापा कहीं जाने वाले थे और रोहण स्कूल। मैं उस रात भर उसकी चूत के बारे में सोचता रहा और मुठ मार कर सो गया।

अगले दिन करीब एक बजे मैं उसके घर पहुंचा। उसने दरवाजा खोला और उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। वो काले रंग के सलवार कमीज़ में थी और बहुत मस्त माल लग रही थी। फिर क्या था मैं अंदर घुसा और उससे जा चिपका। मेरे दोनों हाथ उसकी गर्दन पर पहुँच गए और होंठ उसके होंठों को चूसने लगे। मेरे हाथ अब कभी उसके वक्ष पर जाते, कभी उसकी गांड पर तो कभी उसकी कमर को सहलाते। हाथ अब इधर उधर उसके गरम बदन पर भटक रहे थे। वो बेचारे करते भी क्या ! इतना गर्म माल था कि हर जगह का मजा लेना चाह रहे थे।

कुछ पल बाद मैं उसके पीछे अपना लंड उसकी गांड में लगाकर खड़ा हो गया। मेरे दोनों हाथ उसके स्तनों को मसल रहे थे। मुझे बहुत मजा आ रहा था और मजे में उसकी आँखें भी बंद थी, मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी।

अब मेरा एक हाथ उसकी सलवार में चला गया और उसकी कच्छी के ऊपर से उसकी बुर का मजा लेने लगा। कुछ गीलापन महसूस हुआ तो हाथ उसकी पेन्टी में डाल दिया और ऊँगली से उसकी चूत को रगड़ कर मजा देने लगा।

अब तक तो वो इस नशे में पागल हो गई थी और आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह कर अपनी गांड और पीछे कर मेरे लंड पर रगड़ रही थी।

कुछ देर बाद हम एक दूसरे से अलग हुए और एक दूसरे को देखते देखते नंगे हो गए। नंगे होने पर जब मैंने उसके चुचूक देखे तो मैं रुक नहीं पाया और उन्हें चूसने लगा। क्या गज़ब का शरीर था उसका ! हर जगह से एक दम मस्त ! चूत पर कोई बाल नहीं और ऊपर से नीचे तक दिन-रात चोदने लायक !

अब मैंने उसे गोदी में उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत को चाटने के लिए आगे बढ़ा। यह सब मैं पहली बार करने जा रहा था। उसने शर्म के कारण अपनी टांगों को एक दूसरे से चिपका लिया और मुझे मना करने लगी। पर मैं कौन सा रुकने वाला था, एक झटके में उसके पैर खोल दिए और उसकी चूत मेरे सामने थी। चूत चाटने के लिए जब मैंने अपनी जीभ निकाल कर उस पर लगाई तो मुझे थोड़ा गन्दा स्वाद लगा और मैं पीछे हट गया। चूत चाटने का ख्याल छोड अब मैं उसके स्तनों को चूसने चाटने लगा और वो बोलने लगी- आज तो इन्हें पूरा पी जाओ !

यह कहकर अब उसके मुँह से सिर्फ आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह आआआआह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ! जल्दी करो ! सिर्फ ये आवाजें आ रही थी।

अब उसने कहा- मुझसे रुका नहीं जाता और इस चूत को ले लो अब ! अपना लंड इसमें डाल इसको फाड़ डालो, पूरा अंदर घुसा दो और मेरी माँ चोद दो !

यह सब सुनते ही मेरा लंड कड़क होकर एकदम फटने को हो गया। मैंने लंड को उसकी चूत पर रखकर घुसाने की कोशिश की पर घुसा नहीं पाया। साली की चूत थी ही इतनी कसी हुई कि मैं क्या करता। मेरे बेचारे लंड का भी आज पहली बार था और मुझे घुसाने में हल्का दर्द महसूस हो रहा था तो मेरी गांड फटने लगी और मैंने अभी के लिए उसकी फुद्दी मारने का अपना इरादा छोड़ दिया।

फ़िर अपना लंड उसके मुँह में डालकर उसको चूसने को बोला। कुछ देर उसने लंड को ऐसे ही मुँह में रखे रखा। तब मैंने कहा- मेरी प्यारी रांड ! इसे लॉलीपॉप समझ कर चूसना शुरू कर !

यह सुनते ही वो भी जोश में आ गई और लंड को हाथ से हिलाते हुए चूसना शुरू किया। मैं तो जन्नत में पहुँच गया था और उसे बोल रहा था- मान गए मेरी रांड को …. बस ऐसे ही चूसती रह.. आआआआआह्ह्ह्ह्ह् आआआह्ह्ह्ह्ह् …..

कुछ ही पल में मेरा झड़ने वाला था और मैंने उसके मुँह में पिचकारी मार दी। कुछ बूंदें तो अंदर ले गई और बाकी सब बाहर निकाल दिया। अब उसने मेरी और देखा और मुस्कुराने लगी। कुछ देर यूँ ही लेटे गए और तभी घर कोई आ गया। हमने फटाफट कपडे पहने और आस्था ने दरवाजा खोला तो पाया कि रोहण स्कूल से घर आया था।

उसने मुझे देखा और हैरान होकर अंदर चला गया। मैं उस दिन अब चूतिये की तरह वहाँ से भाग आया वो भी बिना उसको चोदे।

अगले दिन आंटी मेरे घर आई। मैं घर पर अकेला अपने कान में हैड्फोन लगाकर अश्लील फ़िल्म देख रहा था। आंटी ने दरवाजा खटखटाया मगर मुझे सुनाई नहीं दिया और मैं मुठ मारता रहा। आंटी ने तब बाहर से अंदर झाँक कर देखा कि अंदर मैं क्या कर रहा हूँ और तब दरवाजे को काफी जोर से खटखटाया।

इस बार मैंने उसे सुना और एकदम घबराया और अपना लंड अंदर करके दरवाजा खोला। मैं आंटी को देख हैरान था। तब मैंने देखा कि वो काफी गुस्से में थी और मुझसे पूछा- अभी क्या कर रहे थे और कल उनके घर दोपहर में क्या हुआ था?

मैं समझ गया था कि रोहण ने उन्हें बता दिया होगा। मैंने कुछ नहीं ! कहकर बात का जवाब नहीं दिया। तब उन्होंने एक दम से मेरे को एक चांटा लगा दिया और कहा- आज के बाद हमारे घर दिखाई दिए तो तुम्हारी टाँगे तोड़ दूंगी !

मुझे उनकी यह बात सुन कर बहुत गुस्सा आया और मैंने एक झटके में उन्हें कमर से खींच कर उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए। उन्होंने मुझे हटाने की कोशिश की पर अब तक तो मेरे ऊपर हवस हावी हो गई थी। दो मिनट बाद आंटी को भी मजा आने लगा और उनकी जीभ मेरी जीभ के साथ घूमने लगी।

आंटी 42 साल की मस्त महिला थी। उनकी गांड और चूचियों का आकार काफी बड़ा था और अपनी बेटी आस्था की तरह वो भी गोरी चिट्टी थी। देखकर लगता था कि अपनी जवानी में बहुत सारे लोगों के लौड़े शांत कर चुकी होंगी।

मैं अपने हाथ आंटी की मोटी गांड पर फ़िरा रहा था और उन्होंने मुझे कस कर गले लगा रखा था। ऐसा लग रहा था कि वो काफी समय से एक लंबी चुदाई की भूखी थी। मैं आंटी को गोदी में लेकर बैठ गया और नग्न मूवी चला दी। आंटी के स्तन दबाने में बहुत मजा आ रहा था और वो भी खूब मस्त हो रही थी। उनके मुँह से अब आआअह्ह्ह्ह्ह के अलावा कुछ और नहीं निकल रहा था और उनके हाथ उनकी चूत पर पहुँच गए थे। मूवी में अब एक 69 दृश्य चलने लगा, तब मैं आंटी को बिस्तर पर ले गया और हम भी 69 की दशा में आ गए। आंटी ने लंड को चाटना, चूसना शुरू किया। वो एक भूखी कुतिया की तरह लंड को चाट रही थी।

मुझे बेहद मजा आ रहा था और मैंने उनकी चूत चाटना शुरू कर दिया। पिछले दिन की तरह आज मुझे गन्दा नहीं लगा बल्कि मजा आ रहा था ऐसा करने में। मैं चूत चाटते चाटते उनकी गांड पर थप्पड़ मार देता था तो उनकी गांड हिलती हुई काफी अच्छी लगती और गांड अब लाल हो चुकी थी। दो ही मिनट में मैं और आंटी दोनों झड गए। आंटी ने अपना मुँह बिल्कुल नहीं हटाया और सब कुछ चाट लिया। मैं भी उनकी चूत में घुसा जा रहा था जिसका स्वाद अब नमकीन लग रहा था। अब उन्होंने मेंरे लंड को छोड़ा और एक लंबी सांस लेकर उठ गई। वो उठ कर एक कुतिया की तरह बिस्तर पर खड़ी हो गई और मुझे आँखों से उनकी पीछे से चूत मारने का इशारा किया। मैं पीछे गया और लंड चूत पर लगाकर एक जोर का झटका दिया, मेरा 6 इंच का लंड सीधा अंदर चला गया क्योंकि चूत वैसे ही बहुत चिकनी हो गई थी। आंटी की एक काफी तेज चीख निकली थी जिसको रोकने के लिए मैंने पीछे से उनके मुँह पर हाथ रखा। कुछ पल में अब मैं अपनी कुतिया आंटी की सवारी कर रहा था।

उनके मुँह से आवाज़ आ रही थी- चोद दे मुझ रांड को, माँ चोद दे मेरी ,कितने समय से एक ऐसी चुदाई के लिए तड़प रही थी ! आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआअह्ह्ह्हह्ह्ह !

और पच पच की आवाजों से पूरा कमरा भर गया था। पीछे से चोदते वक्त गांड बहुत बड़ी और मुलायम लग रही थी। अब मैं नीचे आया और वो मेरे ऊपर आ कर मेरे लंड पर बैठ गई। बैठते ही उन्होंने लंड पर उछालना शुरू किया और मेरे हाथ लेकर अपने वक्ष पर रख उन्हें दबवाने लगी।

वो आँखें बंद कर बोल रही थी- फाड़ डाल मेरी, मैं तो तेरी कुतिया बनके रहूंगी, आज तुम मुझे छोड़ना मत, मुझे पूरी तरह से चुदाई का मजा दो, सभी तरह से चुदाई करो मेरी तुम, चोद और चोद, मेरी चूत की प्यास बुझा दे आज तू ! ऊँगली से थक गई अब एआआह्ह्ह् आआआआह्ह्हह !

मैंने भी नीचे से एक दो फटके मारे और एक जोर के झटके में सारा माल उसकी चूत में डाल दिया। वो सिसकाई- आहाहाआह्ह आजा मेरे अंदर आजा ! डाल मेरे अंदर डाल !

दस मिनट बाद हमने एक और राउंड लगाया और फिर मेरी मम्मी के आने का समय हो गया था इसलिए वो कपडे पहन जाने की तैयारी करने लगी। जाते वक्त मुझे बोलती कि मैं आस्था की जगह सिर्फ उनकी चुदाई करता रहूँ।

मैं उनके बाहर जाते ही हंसने लगा कि आस्था की चुदाई न करूँ, ऐसा कैसे हो सकता है। खैर दोस्तो, होना क्या था, शनिवार को मौका मिला और मैंने इस बार आस्था का भी बैंड बजा डाला। दबा कर चोदा साली रांड को ! समय के साथ मैं माहिर होता गया और अब जब भी घर आता हूँ तो माँ बेटी दोनों की चूत को शांत करता हूँ। आंटी को तो मेरे और आस्था का पता है मगर आस्था मेरे और उसकी माँ की चुदम-चुदाई के बारे में नहीं जानती। Antarvasna

हैलो दोस्तों, Hindi Porn Stories

मेरा नाम सूरज है, मैं Hindi Porn Stories देहरादून का रहनेवाला हूँ, ये बात तब की है जब मैं १२वीं में पढ़ता था। सेक्स के बारे में मेरी जानकारी बहुत थोड़ी थी, और मैं ख्वाबों की दुनिया में ज़्यादा रहता था। मैं पढ़ने में तेज़ था इस वज़ह से काफी लड़कियाँ मुझे पसन्द करती थीं, लेकिन मैं अपने आप में ही मग्न था। फिर एक दिन एक घटना ने मेरी ज़िन्दगी बदल दी।

मैं जहाँ ट्यूशन पढ़ता था, वहीं पर एक लड़की जो मेरी सीनियर थी, वो भी पढ़ने आती थी। धीरे-धीरे हम दोनों आपस में बातें करने लगे, फिर एक दिन उसने मुझे बहाने से अपने कमरे में बुला लिया जो कि पास में ही था, वहाँ पर थोड़ी देर बैठने के बाद उसने मुझे कहा कि वो मुझे बहुत पसन्द करती है। मैं डर गया क्योंकि वो अपनी बाँहें फैला कर मेरी ओर देख रही थी। मैंने कहा कि प्लीज़ ऐसा मत करो।

उसने कहा, “बेवक़ूफ, केवल गले मिलने को ही कह रही हूँ और उसने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया, थोड़ी देर में मुझे अच्छा लगने लगा, फिर वो मुझे किस करने लगी और मुझमें अजीब सी हलचल होने लगी, मेरा बदन तपने लगा और मेरा लंड खड़ा होकर फनफनाने लगा। उसने ये देखा और मुस्कुराने लगी। मैं शरमा गया, क्योंकि किसी लड़की के साथ यह मेरा पहला अनुभव था।

उसने मुझसे पूछा कि क्या यह पहली बार है? मैंने हाँ में सिर हिला दिया, यह सुनकर वह बहुत खुश हो गई और मुझे ज़ोर से किस करने लग गई। अब मैं भी थोड़ा सामान्य हो गया था और उसके चु्म्बन का उत्तर देने लगा था, मेरी उसपर पकड़ भी कसी होने लगी और मैं उसकी चूचियों, जो कि नाशपातियों की तरह तनी हुईं और सुडौल थीं, को मसलने लगा। अब मुझे भी मज़ा आ रहा था और उसकी सिसकारियाँ तेज़ होने लगी थीं। फिर उसने अपने हाथ से मेरे लंड को मसला और मेरा हाल और भी बुरा हो गया। अब उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए।

थोड़ी देर मैं उसके सामने नंगा खड़ा था, मेरे कसरती बदन और मोटे ८ इंच के लंड को देखकर वो पागल होने लगी और वो भी जल्दी से कपड़े उतार कर नंगी होने लगी। मैं जीवन में पहली बार किसी लड़की के इतना समीप था और उसका बदन तो क़यामत था। शानदार उभरी हुई गोल चूचियाँ, पतली कमर और क्लास गांड। मेरा लंड तो फनफनाने लगा था

उससे पहले कि मैं कुछ करता, उसने मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। मैं पागल हो उठा, नियंत्रण करना मुश्किल हो गया, कई सारी नये अनुभवों को एक साथ सँभाल नहीं पाया और मैंने सारा रस उसके मुँह में उड़ेल दिया। वो सारा-का-सारा पी गई और बोली, “क्या स्वाद है, मज़ा आ गया।”

मेरा लंड अब भी डंडे की तरह कठोर था और उसकी चूत से रस टपक रहा था, अब वो बोली, कम ऑन जान, चाटो मुझे। मैंने अपनी गरम जीभ झट से उसकी चूत में घुसेड़ दी, वह सिपटपिटा सी गई और सिसकारी के साथ बोली- चाट और ज़ोर से।

अंधा क्या चाहे, दो आँखें। मैं उसे चाटने लगा और वह पागल हो रही थी, अपनी गांड को उठा-उठा कर मेरे मुँह में दबा रही थी। इसी बीच वह ज़ोर से चिल्लाते हुए झड़ गई।

अब उसने कहा कि आ, तुझे पहली चुदाई सिखाती हूँ और यह कहते हुए वह लेटकर अपनी दोनों टाँगें खोलकर मुझे बुलाने लगी। मैं भी तैयार था और ज़ल्दी से अपने मोटे लंड को उसकी चूत के मुहाने पर टेक दिया और इससे पहले कि वो कुछ समझ पाती, मैंने एक ज़ोरदार झटके में लंड को चूत में पूरा जड़ तक गाड़ दिया।

वो चिल्ला पड़ी और बोली- धीरे अक्की धीरे, एक ही बार में फाड़ना है क्या? सँभल के ये बहुत काम आने वाली है ! पर मैं तो पागल था, उसके मुँह पर हाथ रखा और पेलने लगा अपने लंड को उसकी चिकनी चूत में। अब मैंने रफ़्तार बढ़ाई और उसकी चीत्कार भी बढ़ी।

धचक-धचक और फचक-फचक की आवाज़ से कमरा गूँज रहा था, वो अपनी गांड उठा-उठा कर मरवा रही थी और मैं पूरे जोश में उसे पेल रहा था, उसकी लाल चूत में मेरा काला लौड़ा रेल की तरह चल रहा था। अब रफ़्तार और बढ़ी और हम दोनों में एक ज़ोरदार धक्के के साथ छूट पड़े और खतम हो गए। मैंने अपना सारा लावा उसकी लाल चूत में उड़ेल दिया, फिर हमने फटाफट कपड़े पहने और मैं घर आ गया।

आगे फिर अगली कहानी में Hindi Porn Stories

Antarvasna

दोस्तो! मैंने अन्तर्वासना को पहले Antarvasna भी एक कहानी
बरसात में चाची की चुदाई
भेजी है। जिस कहानी को आप लोगों ने बहुत अच्छा रिस्पोंस दिया है।

तो दोस्तो, उसी रिस्पोंस के बदले आपका सेक्सी सावन फ़िर से आपके सामने हाजिर है अपनी एक नई कहानी लेकर!

उन दिनों मैं अपने मामा के घर पर गया हुआ था.
वही पर मेरी एक मौसी की लड़की भी अपनी सर्दियों की छुट्टियों में आई हुई थी।

उस वक्त मेरी उमर 21 साल थी और मौसी की लड़की जिसका नाम अनिता था उसकी उम्र कोई 19 साल के आसपास होगी.

हम दोनों अपनी पूरी जवानी की मस्ती में थे.

उसके बदन के उभरे हुए अंगों की गोलाई उसकी जवानी में चार चाँद लगा रही थी।
उसकी तारीफ मैं क्या करू खूबसूरती में कैटरीना कैफ जैसी थी।
लेकिन चूचियां उससे भी ज्यादा लगती थी उसे देख कर मेरी रातों की नींद गायब होने लगी.

एक रात में ख़ुद को रोक नहीं पाया और चुपके से जाकर मैंने उसकी रजाई हटा दी तो देखा कि उसकी चुन्नी चुचियों से इस तरह लिपटी हुई थी मानो कि काला नाग किसी खजाने की पहरेदारी कर रहा हो.

इससे पहले कि मैं उस जवानी के खजाने को छू पाता, सर्दी लगने की वजह से अनिता की आँख खुल गई।
आँख खुलते ही उसने मुझे देखा.

इससे पहले वो कुछ बोलती मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और चुपचाप चला गया.
लेकिन मैं डरा हुआ था की शायद वो किसी से कुछ कह न दे.
और फ़ैसला कर लिया कि अनिता का ख्याल छोड़ कर आज ही घर चला जाऊंगा.

स्टेशन से पहले ही अनिता का फ़ोन आया और वो बोली- आग लगा कर जाना अच्छी बात नहीं होती.
और फ़ोन काट दिया।

इतना सुनते ही मेरी हसरतें जवान होने लगी और वहीं से वापसी के लिए टैक्सी पकड़ी और एक घंटे मैं अपनी अनिता के पास पहुँच गया।

सभी ने पूछा- वापिस क्यों आ गया?
मैंने बहाना बनाया और कह दिया कि मेरे किसी दोस्त ने पापा की आवाज निकाल कर मजाक किया था.

अब तो मैं बेचैनी से रात होने का इंतज़ार करने लगा.

जैसे ही रात को सब सोने चले गए तो अनिता भी मामी के साथ उनके कमरे में चली गई.

मैं सब के सोने का इंतज़ार कर रहा था.

मैंने देखा सब सो गए है तो में चुपके से मामी के रूम में गया और जाकर अनिता को देखा तो मालूम हुआ वो भी नहीं सोयी थी।

मैंने पूछा- सोयी क्यों नहीं?
तो कहने लगी कि जब तन बदन में कोई आग लगा दे तो भला नींद कैसे आएगी.

मैंने उसे अपनी बाँहों में उठा लिया जैसे उसका फूल सा बदन मेरे बदन से छुआ तो मानो मेरे तन में बिजली सी लग गई हो.

ऊपर एक रूम हमेशा खाली रहता था, वो गेस्ट रूम था मैं अनिता को वहीं ले गया।

मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके मदमाते बदन को एकटक देखने लगा.
अनिता बोली- तुम्हारी बेशरम निगाहें मेरे बदन को और ज्यादा बेकरार कर रही हैं।

मैंने एक एक करके अनिता के सारे कपड़े उतर दिए उसके तन पर सिर्फ़ ब्लैक कलर की चोली (ब्रा ) और कच्छी (पैंटी ) थी.

उसने उठकर मेरे कपड़े उतार दिए.

अब मैं उसे मस्त अहसास से किस करने लग गया।
मैंने उसके अंग अंग पर अपने गरम होंठों से बहुत देर तक किस की.

अपने मुंह से मैंने अनिता की पैंटी को हटाया जो कि चूत के पानी से बिल्कुल गीली हो चुकी थी।
मगर उस पैंटी से अनिता की जवानी की खुशबू आ रही थी।

अब अनिता की वो मस्त और मोटी चूत मेरे सामने थी जिसे मैं सिर्फ़ अपने ख्यालों में ही सोचा करता था.

मैंने अनिता की ब्रा उतार दी तो उसकी बिंदास चूचियां अब मेरे होठों की गिरफ्त मैं आ गई थी।

मैंने जी भर के उन्हें चूसा तो अनिता तड़पने लगी.
अनिता के मुंह से मस्त मस्त आवाजें आ रही थी- अआया अ … ह्ह्ह … ऊऊ ऊ ऊफ. ईई ऊईई … श्सस सश्स … अह्ह्ह. उह … मेरे सावन … अब और न तड़पाओ. अब और न तड़पाओ मुझे.

मैं चूचियों को चूसता हुआ उसके तन को चूमने लगा

चूमते चूमते मैं अपने होंठों को अनिता की मस्त और सेक्सी चूत के पास ले आया.

अनिता और ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी इसलिए उसने मेरे लम्बे और मोटे लन्ड को अपने नरम नाजुक और गरम होंठों के बीच कैद कर लिया और बिंदास होकर चूसने लगी.

साथ ही साथ मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से सहला रहा था.
10 मिनट तक हम दोनों इसी तरह करते रहे.

तभी अनिता की जवानी का रस उसकी चूत से निकल कर बाहर आ गया और मैंने उस रस की एक एक बूँद को अपने होंठों पर ले लिया.

सचमुच उस रस को पीकर तो कोई भी वासना का प्रेम पुजारी हो जाए.

तभी मेरे लन्ड के वीर्य ने अनिता की जवानी को भी भिगो दिया.
अनिता ने भी मेरे लंड के रस की एक एक बूँद का स्वाद चखा.

हम दोनों एक दूसरे को कस के पकड़े हुए थे, साथ साथ एक दूसरे के लन्ड और चूत को सहला रहे थे.

कुछ देर बाद हम दोनों फ़िर से तैयार थे.

मैंने बिना कोई देर किये अनिता को अपने नीचे कर लिया.

अब अनिता मेरे लन्ड को अपनी चूत में लेने के लिए बेकरार थी.
उसकी चूचियां और ज्यादा मोटी और टाइट हो गई थी और चूत की भी चमक इतनी बढ़ गई कि लन्ड चूत को देखकर उसमें समाने के लिए बेकरार हो रहा था.

हम दोनों में अब और इन्तज़ार का होसला नहीं था इसलिए मैंने लन्ड को चूत के दरवाजे पर टिका दिया और जोर से झटका लगाया.
इस झटके के साथ ही अनिता की चीख निकल गई.
लेकिन मैंने उसकी आवाज अपने होंठों से वही कैद कर दी.

मैंने बहुत सी लड़कियां चोदी हैं लेकिन जितनी टाइट चूत अनिता की थी उतनी शायद किसी की नहीं थी।

चार पांच बार कोशिश करने पर भी लन्ड चूत में समा नहीं पाया.

मुझे डर था कि इस तरह तो अनिता को बहुत परेशानी होगी. हो सकता है कि अनिता बेहोश भी हो जाए.

इसलिए मैं नीचे से कोल्ड क्रीम और एक पानी की बोतल ले आया.

अनिता को काफी दर्द हो रहा था.
मैंने कोल्ड क्रीम अनिता की चूत और अपने लन्ड पर लगा दी.
फिर लन्ड को चूत पर रख कर धीरे धीरे अंदर डालने लगा.

लन्ड जितना अंदर जाता, अनिता उतनी ही दर्द से कराह कर मुझसे लिपट जाती.

मैंने एकदम ज़ोर से झटका लगाया और पूरा लन्ड चट की आवाज के साथ चूत के अंदर चला गया।

अनिता की चीख निकल गई और खून चूत से बाहर आने लगा.
दर्द के कारण अनिता सह नहीं पाई और बेहोश हो गई।

मैंने अपना लन्ड चूत में ही रखा और ठंडे पानी के छींटे अनिता के मुंह पर मारे.
तब अनिता ने आँखें खोली.

अनिता मेरी तरफ़ देख रही थी कि मैंने तभी अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा.

धीरे से मैंने अपने लन्ड को हिलाया तो चूत कुछ नर्म लगने लगी.
और अब अनिता के कराहने की आवाज आई- अह अआया … आह्ह सस … ईईश …. ऊफ़ ओह … सावन चोदो … मर गई मैं!

अब अनिता की चूत अपने वासना के जादू से मेरे लन्ड को अपने भीतर पागल कर रही थी.

मेरा लन्ड भी अनिता की चूत को जी भर कर चोद रहा था.

वास्तव में अनिता की चूत को चोदकर मैं स्वर्ग की किसी अप्सरा को चोदने का अहसास कर रहा था.

हम दोनों चूत लन्ड के इस खेल को आधे घंटे तक खेलते रहे.

तभी अनिता की पकड़ मुझ पर और ज्यादा हो गई और मैं समझ गया कि अनिता का सेक्स पूरा हो गया है।
उसकी चूत का गर्म पानी मुझे अपने लन्ड पर महसूस हुआ.

अब मेरे लिए भी ख़ुद को ज्यादा देर रोक पाना आसान नहीं था और मैंने भी अपनी वासना के बादलों को अनिता की चूत की प्यासी धरती पर बरसा दिया।

और इसके बाद हम दोनों एक दूसरे पर काफी देर तक लेटे रहे.

अनिता बोली- सावन, ये आज मेरी पहली सुहागरात है. आज रात मुझे जी भर के चोदो और लगा दो अपनी अनिता पर सावन की मोहर!

उस रात मैंने अपनी अनिता को चार बार चोदा.

लेकिन उस दिन अनिता की चूत पर बहुत सूजन आ गई.
साथ ही मेरे लन्ड में भी दर्द का अहसास हो रहा था क्योंकि चूत ज्यादा टाइट थी।

अनिता से चला नहीं जा रहा था.
मैंने उसे अपनी बांहों में उठाया और उसके बिस्तर पर लिटाया और उसे एक चुम्बन करके चला आया.

उस दिन के बाद जब तक मैं मामा के घर पर रहा, हम दोनों की सारी रात उसी गेस्ट रूम में गुजरती थी अकेले तन्हा एक दूसरे के आगोश में.

सचमुच चुदाई का मज़ा लेने के बाद कुछ ही दिनों में अनिता के चेहरे की चमक अपने आप बढ़ने लगी, वो और ज्यादा ख़ूबसूरत और सेक्सी हो गई।

तो दोस्तो, कभी अपने इस सेक्सी सावन को भी अपनी प्यास बुझाने के लिए याद कीजिये Antarvasna

Best Hindi sex stories with feelings

हेलो दोस्तों मैं पहली बार Hindi sex stories लिख रहा हून इस साइट पर मेरा नाम सोनू है और मेरी एज २४ साल है . बात उन दिनों की है जब मैं बीए क्लास में था और एक पड़ोस की लड़की मुझसे बहुत बहुत प्यार करती थी

पर उसने कभी बताया नही और वो भी मेरे साथ ही पढ़ती थी. उसके घर मैं जाता रहता था, एक बार रात में लाइट चली गयी तो मैं उनके घर घूमने चला गया पर उनके घर बिल्कुल अंधेरा था तो मैने आवाज़ लगाई की कोई है तो सामने से कोई आकर टकराया, तो पता लगा की वो वही थी.अंधेरे में कुच्छ न दिखने के कारण मेरा हाथ उसके बूब पर टकरा गया पर उसने कुच्छ नही बोला तब पता नही मुझे क्या होने लगा की मैने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला आर्ची मैं तुमसे प्यार करता हून तो वो मुझसे लिपट गयी और कहने लगी मैं तो तुमसे बहुत पहले से प्यार करती हून पेर कभी हिम्मत नही हुए बताने की उसके बाद मैने उसको गाल पर किस किया और बोला की मैं चलता हूँ तो उसने बोला की सब लोग खाना खा कर घूमने गये है तुम थोड़ी देर रुक जाओ

मैं उसके पास ही बेड पर बैठ गया. वो मेरे हाथ को अपने हाट में पकड़े हुए थी तभी उसने अपना सिर मेरे कंधे पर रख लिया तो मुझसे यहा नही गया और उसको स्मूच करने लगा और थोड़ी ही देर में हम बाद पर लेट गये, मेरा हाथ उसके पेट पर था तो मैने तोड़ा और नीचे किया तो पता लगा की उसने स्कर्ट पहनी हुई है तब मैं स्कर्ट के ऊपर से हाथ घूमने लगा इतने में उसने मुझे बुरी तरह बाहों में भर लिया तो मे भी उसके बूब दबाने लगा जो की अभी बहुत बड़े नही थे.ये मैं पहली बार कर रहा था तो इतना पता भी नही था की कैसे करना होता है

अब मुझसे रहा नही गया तो स्कर्ट के नीचे से उसकी पैंटी निकल दी और अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लॅंड उसकी बिना बॉल की चू पर रख दिया और अंदर डालने लगा तो वो बहुत ज़्यादा चिल्लाने लगी और बोली प्लीज़ ज़्यादा मत डालो, और मुझे लग रहा था मेरा डिस्चार्ज होने वाला है तो मैने बहुत तेज धक्का मारा तो मेरा आधा लॅंड अंदर चला गया और वो रो पड़ी उसके बाद मैं आधा लॅंड ही अंदर बाहर करने तो वो थोड़ी शांत हुई फिर मैने एक एक और तेज धक्का मारा तो वो दाँत दबाकर रोने लगी फिर मैने सोचा अब ज़्यादा नही और मैने एक दो बार ही अंदर किया होगा की मेरा डिस्चार्ज हो गया और मैं खड़ा हो गया तभी लाइट भी आ गयी तो मैने देखा उसकी स्कर्ट पर काफ़ी ब्लड लग गया था और उसकी आँखें लाल हो गयी थी.

मैने उसको सॉरी बोला तो वो रोने लगी और बोली सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए की मैं तुम्हारा सात नही दे पाई पर अगली बार तुम्हे कोई दिक्कत नही होगी और हम पूरा एंजाय करेंगे. फिर एक दिन मैं उसको अपने दोस्त के रूम पर ले गया जहाँ कोई नही रहता था और हमने टीन घंटे में चार बार किया पर उस दिन मुझे पहली बार में दिक्कत हुई बात टीन बार बहुत देर तक और एंजाय के साथ किया और वो बहुत खुश लग राग रही थी और उसने बताया उसका डिस्चर्ग तो अब भी हो रहा है तब मुझे और भी खुशी हुई. उसके बाद तो मैं उसको महीने में ६०-७० बार सेक्स करता था. अब उसकी शादी हो चुकी है और कभी कभी घर आती है तो सोचकर बहुत अच्छा लगता है की हमने कभी जमकर सेक्स किया था. ईवन शादी के बाद भी मैने उसके साथ सेक्स किया तो वो बोली तुम्हारे साथ सेक्स करने में मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आता है. Hindi sex stories

हाय दोस्तो ! Hindi Sex Stories

आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई Hindi Sex Stories के बारे में बताने जा रहा हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली इंजिनियरिंग कॉलेज के आखिरी वर्ष में था। घर के सभी लोग गर्मियों की छुट्टियों में गाँव (नैनीताल) गये थे। घर की देखभाल और मेरे खाने के लिए मेरी छोटी बहन की विधवा सास घर में रहने आई थी। उसका फिगर ३२-३४-३२, कद में मेरे ही बराबर, उम्र ३९, गदराया बदन उसकी छाती और गाँड दोनो ही मस्त थे। एक बार जो देख ले, उसका लंड एक सेकेंड मे ही घोड़े का लंड बन जावे ! उसके पति को मरे काफ़ी साल हो गये थे, इसलिए वो काफ़ी सालों से लंड के लिए जुगाड़ देख रही थी।

तो दोस्तो, मैं भी काफ़ी दिनों से जिसको चोदने के सपने देख कर मूठ मरता था, आज मेरा सपना सच होगा, यह मुझे मालूम नहीं था। वो किचन में काफ़ी बार मुझसे जानबूझ कर अपनी चुचियाँ या अपनी गोल-मटोल गाँड किसी न किसी बहाने छुआ रही थी पर मैं उसकी इस हरकत को नज़र-अंदाज़ कर रहा था। मुझे सेक्स के बारे में कोई ज्ञान नहीं था।

रात का खाना खा कर हम दोनों अलग-अलग कमरे में सोने के लिए चले गये। एक घंटे तक उसको चोदने के बारे में सोच-सोच कर नींद नहीं आई, सो पेशाब करने के लिए उठा और पेशाब करने के बाद मैं उसके कमरे में गया तो मैंने देखा कि वो पेटिकोट और ब्लाऊज़ में सो रही थी। उन्हें देख कर मेरे शरीर में कम्पन सी होने लगी। मैं धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा। मैं अपने आपको उसकी तरफ़ जाने से रोक नहीं पा रहा था। वो देखने में बिल्कुल मस्त थी।

मेरा लण्ड उसको देखते ही खड़ा हो गया था। मेरा एक हाथ उसकी टांग पर गया और धीरे धीरे उसके चूतड़ों तक पहुँच गया। मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया, इतने में ही वो जाग गई। जैसी ही वो जगी, मैं वहाँ से भाग लिया और अपने कमरे में आ गया। थोड़ी देर बाद वो मेरे कमरे में आई और आते ही बोली- तुम क्या कर रहे थे?

मैं एकदम डर गया, मेरा चेहरा लाल हो गया। मैं चुप रहा। वो मन ही मन खुश हो रही थी, मैंने हिम्मत करके कहा- आगे से ऐसा नहीं होगा !

इस पर वो बोली- क्या नहीं होगा?

मैंने मुंह नीचे झुका लिया।

वो बोली- अब शरमा रहा हैं ! जब शर्म नहीं आई जब मेरे गाँड मे अंगुल कर रहा था !

मैंने उससे कहा- मैंने जान बूझ कर नहीं किया ! मैं अपने आप को रोक नहीं पाया !

उसको पेटिकोट और ब्लाऊज़ में देख कर मेरा लण्ड फ़िर तन गया था, उसने एक नज़र से ही उसे देख लिया था। वो बोली- अब तूने मुझे गरम कर दिया है, तुझे मेरे को चोदना पड़ेगा।

मैंने कहा- मुझे क्या करना होगा?

उसने कहा- मेरे कपड़े उतार !

मैं डर गया, मैंने कहा- नहीं !

उसने कहा- उतार भोसड़ी के ! नहीं तो तेरी ऐसी तैसी करवा दूंगी !

मैंने फिर डरते डरते पेटिकोट, ब्लाउज व चड्डी उतारी, और फिर उसने अपनी चूची मेरे हाथों में थमा दी और कहा- ले बेटा मज़े कर !

मैं उसकी चुचियों को सहलाने लगा और मसलने लगा। मेरे शरीर में एक अलग सा अनुभव हो रहा था ! उसके मुँह से आहह उह्ह स स स स स की आवाज़ आ रही थी। धीरे-धीरे मैं उसके शरीर को चूमने लगा। मेरा लण्ड एकदम सख्त हो गया था, उसने नीचे कुछ नहीं पहना था, मेरा एक हाथ उसकी चूत में जा रहा था, वो एकदम गरम हो गई थी और गालियाँ दे रही थी- चोद साले ! चोद मुझे !

उसने मेरा लण्ड हाथ में ले लिया और मेरे सारे कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों नंगे थे। उसने मुझसे पूछा- तूने पहले कभी चुदाई की हैं?

मैंने कहा- नही !

तब उसने कहा- अपना लण्ड मेरे चूत में डाल !

मैंने पूरी कोशिश की लेकिन लण्ड चूत में नहीं घुस रहा था, तब उसने अपनी गांड के नीचे तकिया लगाया, मुझे खड़ा करके लण्ड घुसाने को कहा। इस बार लण्ड का सु्पाड़ा चूत में घुस गया, मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं स्वर्ग में हूँ ! उसके बाद एक झटके में ही लण्ड पूरा उसकी चूत में घुस गया ! तीन चार झटको में ही मैं झड़ गया। तब उसने बताया कि पहली बार ऐसा ही होता हैं, तुम सच बोल रहे थे कि तुम ने पहले चुदाई नहीं की हैं।

उस रात उसकी तीन बार चुदाई की, फिर तो जब भी मौका मिलता, मैं उसको चोदता।

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