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Massage Girl in Chandel: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Chandel who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Chandel that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Chandel massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Chandel who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Chandel massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Chandel massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Chandel who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Chandel employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Chandel helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Chandel

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Chandel at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Indian Sex Stories

दोस्तो, मैं मोहन एक Indian Sex Stories बार फिर आपकी सेवा में हाज़िर हूँ। मुझे बहुत खुशी हुई कि आप सबने मेरी पहली कहानी किराएदार और उसकी बेटी की काफी सराहना की और इसी के कारण मैं आप के सामने एक बार हाज़िर हूँ एक नई कहानी लेकर। आशा करता हूँ कि आप सब इसे काफी पसन्द करेंगे।

मेरे बड़े भाई की शादी को 3 साल हो गए हैं। मेरी भाभी उत्तर प्रदेश की हैं, और काफ़ी सुन्दर हैं। उनकी फिगर किसी हिरोइन से कम नहीं है और जब से वो मेरे घर में आई, तभी से मेरा लण्ड उनकी चूत में घुसने के लिए काफ़ी परेशान रहने लगा। मैं कभी-कभी उनकी चूत की कल्पना करके मुट्ठ भी मारने लगा। यह सिलसिला काफ़ी दिनों तक चला। पर एक दिन ऐसा आया जिसके कारण मेरी दिली तमन्ना पूरी हो गई।

हुआ यूँ कि एक बार भाभी अपने मायके गई हुईं थीं और काफ़ी दिनों तक वहाँ रहीं। भैया की नौकरी दूसरे जिले में होने के कारण वो भी बाहर ही थे और भाभी को वापस लाने के लिए पापा ने मुझे ही कहा। मैं भाभी को लेने के लिए उनके मायके गया। वहाँ मेरा काफ़ी स्वागत-सत्कार हुआ।

जब मैं उनके घर पहुँचा तो भाभी नहा रहीं थीं। बाथरूम घर के अन्दर ही था। बाथरूम के ठीक बाहर मैं कुर्सी पर बैठा था। कुछ ही देर में बाथरूम का द्वार खुला। मैंने उन्हें देखा तो मेरी नज़रें उन्हें देखती ही रह गईं। क्योंकि वो उस वक्त केवल पेटीकोट में थीं। उन्हें पता नहीं था कि बाहर कोई बैठा है। उन्होंने मुझे देखते ही दरवाजा बन्द कर लिया, फिर कुछ देर में पूरे कपड़े पहन कर बाहर निकलीं।

मुस्कुरा कर मुझसे पूछा- अरे देवरजी, आप कब आए?

‘अभी आधा घण्टा पहले’- मैंने उत्तर दिया।

फिर उन्होंने मुझे खाना खिलाया और आराम करने के लिए मेरा बिस्तर छत पर लगा दिया। मैं छत पर सोने के लिए चला गया। बिस्तर पर पड़ते ही मुझे वह क्षण याद आया जब भाभी नहाकर निकलीं थीं। उसी क्षण को याद करके मैंने मुट्ठ मारी और कुछ ही देर में सो गया।

शाम को करीब चार बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि भाभी मेरे सामने खड़ी हैं और मुस्कुरा कर कहती हैं- अरे देवरजी, उठो शाम हो गई है।’ मैं तुरंत उठकर खड़ा हो गया, और तैयार होने लगा। इतने में भाभी ने कहा- अरे देवरजी, यह चादर में अकड़न कैसी है?’ मैं घबरा गया, पर वह मुस्कुरा कर नीचे चली गईं।

मैं समझ गया कि भाभी को सब पता चल गया है। कुछ देर बाद मैं भी नीचे चला आया। भाभी ने नाश्ता दिया। कुछ देर बाद भाभी ने कहा- चलिए मैं आपको गाँव का मेला दिखा लाती हूँ।’

मैं तैयार हो गया। भाभी और मैं मेले की ओर चल पड़े। रास्ते में भाभी के खेत पड़ते थे जो कि काफ़ी दूर तक फैले हुए थे। वहीं पर एक झोपड़ी भी थी। मैंने पूछा कि ये झोपड़ी किसकी है, तो भाभी बोलीं कि मेरे पिताजी की। वो कभी-कभी यहाँ रात में सोते हैं। हम झोपड़ी की ओर बढ़ गए क्योंकि हम कुछ थक गए थे।

वहाँ पड़ी चारपाई पर मैं लेट गया और भाभी मेरे पास बैठ गईं। कुछ ही देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि वो रो रही हैं। मैंने उठकर देखा तो उनकी आँखों से आँसू गिर रहे थे। मैंने चौंक कर उनसे पूछा तो उन्होंने कहा- क्या बताऊँ देवरजी, जबसे मेरी शादी आपके भैया से हुई है, ऐसा लगता है कि जैसे मेरी क़िस्मत ही फूट गई है।’

‘कैसे?’- मैंने कारण जानना चाहा।

‘एक औरत अपने पति से क्या चाहती है… प्यार। लेकिन मेरी किस्मत में तो प्यार है ही नहीं। आपके भैया हमेशा बाहर ही रहते हैं जिस कारण से मेरे प्यार करने की चाह पूरी नहीं हो पाती है। अब आप ही बताइए कि मैं क्या करूँ?’

‘ये आप कैसी बातें कर रहीं हैं?’
‘क्यों, अपने भाई की बुराई सुनी नहीं जाती। अगर ऐसा है तो तुम ही मेरी इच्छा पूरी क्यों नहीं कर देते!’
‘ये आप क्या कह रहीं हैं? कैसी इच्छा पूरी करूँ मैं? मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा।’

भाभी ने तब मुस्कुराते हुए कहा- अच्छा, अभी तो अंजान बन रहे हो, पर चादर में जो अकड़न थी, वो मुझे पता है कि वह कैसे हुआ था। अरे देवरजी अपने लंड का पानी बेकार में क्यों बहा रहे हो? उसे उसकी सही जगह में बहाओ।’

‘अभी तो सही जगह मिली ही नहीं, तो मैं क्या करूँ?’- मैंने तपाक से कहा।

‘चलो, अब मैं आपको सही जगह बता देती हूँ। आप अपना पानी इस चूत में बहाओ’ यह कहते हुए उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत के ऊपर रख दिया। उसमें से पहले से ही गरम पानी निकल रहा था, जिससे मेरा हाथ गीला हो गया। भाभी ने अन्दर कुछ भी नहीं पहन रखा था।

अब भाभी ने मेरे पैंट की ज़िप खोल दी और मेरे तन्नाए हुए लंड को पकड़ कर बाहर निकाल लिया जो कि साँप की तरह फुँफकार रहा था। उसे उन्होंने तुरन्त अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं। मुझे मजा आने लगा। कुछ ही देर में मेरे लंड ने अपना पानी गिराना चाहा तो मैंने भाभी को कहा कि अपने मुँह से मेरा लंड निकाल दे। लेकिन उन्होंने चूसने की गति और बढ़ा दी, जिससे मेरा पानी उनके मुँह में ही गिर गया, जिसे भाभी ने बड़े चाव से गटक लिया।

उन्होंने अब भी मेरा लंड मुँह से बाहर नहीं निकाला, और चूसती रहीं। कुछ देर में मेरा लंड वापस तैयार हो गया। फिर भाभी ने मुझे खड़ा किया और ख़ुद चारपाई पर चित्त लेट गईं और कहा- अब चोद दो देवरजी। अब मैं पूरी तरह से तैयार हूँ। मेरी चूत की खुजली मिटा दो।’

मैंने अपने लंड को भाभी की चूत की छेद पर रखकर एक क़रारा झटका मारा जिससे मेरा आधा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया। भाभी चिल्लाई- अअअअआआआआआ… मरी… मेरे… रा…जाआआआ…

मैंने पूछा- ‘क्या हुआ भाभी?’
तो उन्होंने कहा- आज पहली बार, इतना मोटा लंड मेरी चूत में घुसा है, दर्द हो रहा है।’
‘अब क्या करूँ, बाहर निकाल लूँ?’
‘नहीं… मेरी चूचियों को चूसो।’

मैंने ऐसा ही किया। कुछ ही देर में भाभी ने अपनी गांड उछालनी शुरू कर दी। मेरी समझ में आ गया कि अब भाभी तैयार हैं। मैंने अपनी गति बढ़ा दी और तेज़ी के साथ भाभी की चुदाई करने लगा। वह भी नीचे से अपनी गांड उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी। मुझे काफ़ी मजा आ रहा था और भाभी भी बड़े मज़े से अपनी चुदाई करवा रहीं थीं।

कुछ देर के बाद भाभी ने अपनी गांड उछालने की रफ़्तार को और बढ़ाया और कहा- ‘अब मैं झड़ने वाली हूँ। और तेज़ देवरजी, और तेज़। आज तो मैं निहाल हो जाना चाहती हूँ… चोदो मेरे मोहना… चोदो… फाड़ दो मेरी चूत को… भुर्त्ता बना दो इस मादरचोद का।’

मैंने अपनी गति और भी बढ़ा दी और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरे लंड को भाभी ने अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं तो मैंने पूछा- अब क्यों चूस हो रही हो मेरा लंड?’

‘अभी चुदाई पूरी कहाँ हुई है, अभी तो मेरी गांड भी प्यासी है, उसे कौन मारेगा?’- भाभी ने समझाया।
‘ठीक है, चलो, अब कुतिया बन जाओ, मैं तुम्हारी गांड मारने के लिए तैयार हूँ।’

वह तुरंत कुतिया बन गई और मैं उसके पीछे आ गया और उसकी गांड में पहले थूक लगाई, फिर गांड को फैलाकर अपना लंड उसकी गांड की छेद पर रखकर एक धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी गांड में घुस गया। वह चीख पड़ी, पर मैंने कोई रहम नहीं किया और एक और ज़ोरदार धक्का मार दिया। मेरा लंड पूरा का पूरा जड़ तक उसकी गांड में घुस गया। फिर मैंने तेज़ी के साथ उसकी गांड मारनी शुरु कर दी।

कुछ देर के बाद उसने भी अपनी गांड को आगे-पीछे करना शुरु कर दिया। मैंने करीब 10 मिनट तक उसकी गांड मारी और अपना पानी उसकी गांड के अन्दर ही गिरा दिया, फिर हम एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। करीब एक घण्टे के बाद हमारी नींद खुली तो हम तैयार होकर घर की ओर वापस चले आए।

उस दिन के बाद जब भी मुझे मौक़ा मिलता मैं भाभी की ख़ूब चुदाई करता।

आपको यह कहानी कैसी लगी, मुझे ज़रूर मेल कीजिए। Indian Sex Stories

हैलो दोस्तो! Hindi Porn Stories

उस दिन मैं और काजल बहुत Hindi Porn Stories खुश थे, हमने एक दूसरे को बहुत प्यार किया। हमने रात को भी सेक्स किया और सो गए। अगले दिन सुबह मुझे कुछ अजीब सी फीलिंग हुई। मैं उठा तो मैंने देखा की काजल मेरे लण्ड के साथ खेल रही थी और उसे चूस भी रही थी। मेरा लण्ड भी काफ़ी खड़ा हो रखा था।

मैंने उसको उठाया और उसे किस करने लगा, वो भी मुझे किस करने लगी। हम दोनों काफ़ी देर तक एक दूसरे को प्यार करते रहे। तब मैं उठा, किचन में गया और फ्रूट क्रीम ले कर आया। तब मैंने फ्रूट क्रीम उसके बूब्स पर और उसकी चूत पर गिरा दी अब मैं फ्रूट क्रीम को उसके बूब्स पर मलने लगा इस तरह करने से वो गरम होने लगी। थोडी देर बाद मैं फ्रूट क्रीम को उसकी चूत पर भी मलने लगा।

मलने के बाद मैंने उसके बूब्स पर से फ्रूट क्रीम चाटनी शुरू कर दी। मैं अच्छी तरह से उसके बूब्स चाट रहा था और हर तरफ़ से। कभी उसके चुचूक चाटता और कभी उसके बूब्स को साइड से चाटता। मैं उसके बूब्स को चाटने का मज़ा भी ले रहा था और फ्रूट क्रीम का भी। फिर काफ़ी देर तक उसके बूब्स चाटने के बाद मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। उसकी चूत पर बाल नहीं थे इसलिए मुझे उसकी चूत चाटने का बहुत मज़ा आ रहा था। सचमुच ऐसा स्वाद मुझे आज तक कभी नहीं आया था मैं बहुत मज़े से फ्रूट क्रीम चाट रहा था और वो तड़प रही थी मैंने उसकी चूत को हर तरफ़ से चाटा।

थोडी देर के बाद उसने मुझे उठाया और कहा- अकेले अकेले ही खाओगे मुझे नहीं खाने दोगे?
मैंने कहा- इसका क्या मतलब?
उसके कहा- अभी बताती हूँ।

उसने मुझे नीचे लिटाया और बाकी बची हुई फ्रूट क्रीम मेरे लण्ड के ऊपर डाल दी। अब वो मेरे लण्ड को अच्छी तरह से मलने लगी। उसके इस तरह करने से मेरा लण्ड और भी ज़्यादा खड़ा हो गया। फिर उसने मेरे लण्ड के आस पास से क्रीम चाटनी शुरू कर दी। आस पास की क्रीम ख़त्म करने के बाद उसने मेरे लण्ड के ऊपर जो क्रीम थी उसे चाटना शुरू कर दिया। जब वो क्रीम भी ख़तम हो गई तब उसने मेरे लण्ड को अपने मुँह में डाल कर चूसना शुरू कर दिया। वो काफ़ी देर तक मेरे लण्ड को चूसती रही और मैं पागलों की तरह तड़प रहा था।

थोड़ी देर के बाद मैंने उसे कहा- काजल अब मुझ से और कंट्रोल नहीं हो रहा प्लीज इसे अपनी चूत में जाने का रास्ता दिखाओ।
तब वो मेरे ऊपर बैठ गई और अपनी चूत को मेरे लण्ड के आस पास घुमाने लगी।

मैंने उसको कहा- यह क्या कर रही हो? लण्ड को अपनी चूत में डालो।
तब उसने कहा- एक शर्त पर कि मेरे लण्ड से जो माल निकलेगा वो मैं उसके स्तनों पर डालूँगा!
मैंने कहा- ठीक है तुम पहले इसको अपनी चूत में तो डालो!

तब उसने अपनी चूत को मेरे लण्ड के ऊपर रख दिया मैंने एक झटका मारा तो मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में चला गया। उसकी चूत और मेरे लण्ड में काफ़ी क्रीम लगी हुई थी इसलिए तब बहुत मज़ा आ रहा था। वो भी धीरे धीरे हिल रही थी और मज़े ले रही थी और मैं भी बीच बीच में उसके बूब्स को मसलता और कभी उसके निप्पल चूसता।

इस तरह हम काफ़ी देर तक करते रहे जब मुझे लगा कि मेरा झड़ने वाला हो गया है तब मैंने कहा- काजल! मैं झड़ने वाला हूँ!

उसने तभी मेरे लण्ड को निकाला और अपने बूब्स को मेरे लण्ड के नीचे कर दिया तभी मेरे लण्ड से माल निकला और उसके बूब्स पर गिर गया तब उसने पूरे माल को अपने बूब्स पर मलना शुरू कर दिया। मेरे माल को अपने स्तनों पर मलते हुए वो काफ़ी संतुष्ट लग रही थी।

फिर तो हमने कई बार ऐसा किया कभी किसी चीज के साथ और कभी किसी चीज के साथ। एक बार तो मैंने केक के ऊपर की क्रीम उसकी चूत पर मलकर उसको चाटा वैसा स्वाद भी मुझे कभी आज तक नहीं आया। आप सब को मेरा यह किस्सा कैसा लगा प्लीज़ मुझे ज़रूर बताएँ। Hindi Porn Stories

देसी गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी मेरे साथ पढ़ने वाली मेरी गर्लफ्रेंड के साथ उसके पहले सेक्स की है. उसके साथ में दो साल से रिलेशन में साथ रहने के बाद एक दिन दोनों ने सेक्स किया. दोस्तो, मेरा नाम अर्जुन सिंह है. मैं जयपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ. मैं दिखने में थोड़ा साधारण हूँ. मेरी हाइट और वजन एक औसत युवा की तरह हैं. मेरा लंड 6 इंच लंबा और 3 इंच चौड़ा है. आज मैं आपके साथ अपनी एक सच्ची देसी गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी शेयर कर रहा हूँ जो मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की है. ये मेरी दूसरी सेक्स स्टोरी है. मैं पिछले छह सालों से रोज़ सेक्स कहानियां पढ़कर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स के नए-नए तरीके आज़माता हूँ. मेरी गर्लफ्रेंड का नाम अवनी है. उसका फिगर 30-28-34 का है और वह एक बहुत खूबसूरत लड़की है. हम दोनों लगभग दो साल से रिलेशन में थे. स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई हमने साथ-साथ की थी. उसने ही सबसे पहले मुझसे प्यार का इज़हार किया था जिसे मैंने स्वीकार कर लिया था और हम दोनों का प्यार शुरू हो गया था. फिर कॉलेज के दिनों में अवनी किसी दूसरे कॉलेज में चली गई थी और मैं अकेला हो गया था. उसके बिना समय निकालना मुझसे बड़ा मुश्किल हो रहा था. मैंने बिना अवनी को बताए शहर की एक दूसरी लड़की से दोस्ती कर ली थी और उसके साथ सेक्स का मजा लेने लगा था. हालांकि वह लड़की पहले भी चुद चुकी थी तो उसके साथ प्यार जैसा कोई मसला नहीं था. दोस्तो, सेक्स की भी एक उम्र होती है, शायद यही सोचकर मैंने ऐसा किया था. मेरा स्टैमिना भी काफी अच्छा है वह मेरी चुदाई की स्टैमिना से काफी खुश थी और हम दोनों एक दूसरे से शारीरिक सुख की चाहत में ही जुड़ गए थे. मुझे भी उसकी लेने में मजा आने लगा था क्योंकि मुझे मुठ मारने से तो चुत चोदना ज्यादा ठीक लगा था. फिर एक दिन अवनी मुझसे मिलने आई उस दिन हम दोनों बाहर घूमने गए थे. अवनी ने कहा- आज हम कहीं अकेले में बैठकर बातें करेंगे, जहां हमें कोई डिस्टर्ब न करे. मैंने पूछा- आज तुम ऐसा क्यों बोल रही हो? वह बोली- मेरा भाई आज घर पर नहीं है. मुझे लेट होने पर कोई सवाल नहीं करेगा. मैं मम्मी को बोल दूँगी कि मैं अपनी किसी फ्रेंड की जन्मदिन पार्टी में हूँ, तो घर आने में थोड़ा टाइम लगेगा. मेरे मन में भी सवाल उठने लगे कि क्या आज मुझे एक वर्जिन लड़की के साथ सेक्स करने का मौका मिलेगा! तभी उसकी एक फ्रेंड का कॉल आ गया. अवनी अपनी फ्रेंड से सारी बातें शेयर करती थी. उसने अपनी फ्रेंड को हमारी मिलने की बात बता दी और कहा- अगर मम्मी पूछे तो बोल देना कि मैं आज तुम्हारे साथ हूँ. अब हम दोनों ने एक होटल में कमरा बुक किया. उस होटल में गए तो एक वेटर हमें रूम तक छोड़ने आया और पानी की बोतल भी साथ लाया. उसने कहा- सर, कुछ चाहिए तो एक रिंग कर देना, मैं सुविधा उपलब्ध करवा दूँगा. वह शायद बियर या सिगरेट आदि की तरफ इशारा कर रहा था. मैंने ओके कह कर उसे जाने को कह दिया. अब दरवाजा बंद करके मैं और अवनी बिस्तर पर बैठ कर कुछ मिनट तक बातें करते रहे. फिर मैंने अवनी को लिप-किस करना शुरू किया. पहले उसने मुझे पीछे धकेल दिया लेकिन जब मैंने दोबारा कोशिश की तो उसे भी मज़ा आने लगा. वह आई ही चुदाई के लिए थी तो कब तक नखरे दिखाती. हम 20 मिनट तक एक-दूसरे को किस करते रहे. फिर मैंने धीरे-धीरे उसके कपड़े उतार दिए और उसे सिर्फ़ पैंटी में छोड़ दिया. उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया. उसके गोरे बदन को देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था. वह मेरे लंड को बड़े गौर से देख रही थी.मैं एक हाथ से उसके बूब्स मसल रहा था और दूसरे बूब्स को किस कर रहा था. वह धीरे-धीरे मदभरी सिसकारियां ले रही थी. मैं उसके पूरे शरीर पर किस करता हुआ उसकी पैंटी के पास पहुंच गया. वहां से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी. मैंने उसकी पैंटी पर एक प्यारा सा किस किया तो वह सिहर उठी और उसने मेरे सर को अपनी चुत से हटा दिया. उसके बाद मैंने वापस किस करना शुरू किया और धीरे-धीरे करके अवनी की पैंटी भी उतार दी. उसकी चिकनी, गुलाबी चूत मेरी आंखों के सामने थी. मैंने बिना देर किए उसकी चूत पर किस करना शुरू कर अवनी चुदाई के लिए बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी. लगभग 20 मिनट तक मैं उसकी चूत चाटता रहा. इस दौरान वह एक बार झड़ चुकी थी और मैंने उसकी चूत का नमकीन पानी पूरा पी लिया था. अब उसकी शर्म खत्म हो गई थी और वह अपनी दोनों टांगें खोल कर मेरे सामने चित पड़ी हुई थी और अपनी चुत सहलाती हुई मुझे देख रही थी. उसकी नशीली आंखों को देख कर मुझसे रहा न गया और मैं खड़ा हो गया. वह मेरे मोटे लंबे लंड को अपनी मस्त निगाहों से देखने लगी. जैसे ही उसने अपनी जीभ को होंठों पर फेरा तो मैं अपना लंड उसके मुँह के सामने ले गया. मैंने उसे मुँह में लेने को कहा. लेकिन उसने मना कर दिया. मैंने बहुत कोशिश की, तब जाकर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में लिया. जैसे ही उसने मुँह में लिया, मैंने एक झटके में पूरा लंड उसके मुँह में डाल दिया. उसकी आंखें मानो बाहर आ गईं. फिर कुछ मिनट तक मैं उसके मुँह को चोदता रहा. जब मेरा होने वाला था, मैंने बिना कुछ पूछे सारा पानी उसके मुँह में निकाल दिया और पीछे से उसका सिर जोर से पकड़ लिया ताकि पानी बाहर न आए! वह जबरन मेरे रस को पी गई. फिर 5 मिनट आराम करने के बाद मैंने उसे वापस किस करके गर्म करना शुरू किया. उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत पर रगड़ने लगी. वह बोली- अर्जुन, अब डाल भी दो यार … फाड़ दो मेरी चूत को … ये मुझे बहुत परेशान करती है. जब मैं तुमसे रोज़ कॉल पर बात करती हूँ, तो ये मुझसे उंगली करवा कर ही मानती है! मैंने देर न करते हुए अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत पर सैट करने की कोशिश की. पहली बार में लंड फिसल गया लेकिन दूसरी बार मैंने अपने लंड और उसकी चूत पर तेल लगाया. फिर मैंने अवनी को किस करना शुरू किया. क्योंकि ये उसका पहली बार का मामला था और मैं नहीं चाहता था कि उसकी आवाज़ बाहर जाए. मैंने धीरे से लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक जोरदार झटके के साथ उसकी चूत को चीरता हुआ मेरा लंड अन्दर समा गया. वो जोर से चिल्ला दीं … पर उसकी आंखें अभी तक बंद थीं.आहह हऊ हह ऊईईई ऊईई मां बचाओ … मर गई … मेरी चूत फट गई … मां बचाओ … अर्जुन निकाल लंड.” वह तड़पने लगी और उसकी आंखों में आंसू आ गए. मैंने उसे फिर से किस करना शुरू किया. जैसे-जैसे उसका दर्द कम हुआ, उसने अपनी गांड उठाकर इशारा किया. फिर मैं कहां रुकने वाला था. मैंने एक और धक्का देकर अपना लंड अवनी की चूत में पेल दिया. लंड चुत को फाड़ता हुआ अन्दर तक चला गया. अब उस की आंखों से पानी आने लगा था. उसने मेरी कमर को कस कर पकड़ लिया. अवनी ‘ऊई … मां … मर गई … आह सी … सी …’ करके आहें भरने लगीं. अब मैंने उसे रिलैक्स होने दिया. मैं रुक गया और धीरे धीरे उसकी चूचियों को मसलने लगा और चूमने लगा. फिर उसके चूचों को पीने लगा. थोड़ी देर बाद उसकी चूत का दर्द कम हुआ तो मैंने लंड को चलाना शुरू कर दिया. अवनी ‘आह हह अहहह हहह …’ की आवाज करके लंड लेने लगीं. मेरा लंड अन्दर बाहर अन्दर बाहर हो रहा था. उसका बदन पूरा का पूरा हिल रहा था. तभी मुझे उसकी चूत की गर्मी का अहसास होने लगा था. उसकी चूत काफी कसी हुई थी. मैं अब अपनी स्पीड बढ़ाए जा रहा था. अवनी ‘आह आह आह …’ कर रही थीं. तभी अवनी की जोर की सिसकारी निकली- आहह हहहह ऊईईई ईईईई मर गई ऊईई. मैंने झटकों की रफ़्तार फुल स्पीड में कर दी और तेज़ी से चोदने लगा. अब उसकी चीख सिसकारियों में बदल गई, उसे भी मज़ा आने लगा. गपागप गपागप चुदाई चलने लगी. अवनी- आहह हहह ऊईई ईईई ऊईई मां … मर गई अर्जुन प्लीज धीरे धीरे करो. मगर मैंने झटकों की रफ़्तार तेज ही रखी और उसकी कमर पकड़ कर तेज़ी से चोदने लगा. ‘आहह हहह ऊईईई ईई आहह ऊईईई …’ और ‘थपथप थपथप …’ की आवाज से पूरा कमरा गूंजने लगा. मैंने अलग-अलग पोजीशन में पूरे एक घंटा तक उसे चोदा. इस दौरान अवनी दो बार झड़ चुकी थी. थोड़ी देर बाद मेरा होने वाला था. मैंने पूछा- कहां निकालूँ, अवनी? वह बोली- मेरी जान, मेरी चूत में ही निकाल दो! मैं तुम्हारा पानी अपनी चूत में लेना चाहती हूँ. मैंने दो-चार लंबे झटकों के साथ उसकी चूत में अपना पानी निकाल दिया और उसके ऊपर ढेर हो गया. थोड़ी देर बाद जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से निकाला तो मेरा लंड खू.न से भरा हुआ था. ये देखकर अवनी बिना कुछ सोचे-समझे मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर साफ करने लगी. हम दोनों बाथरूम में गए और शॉवर चालू किया. मैंने उसकी चूत को अच्छे से साफ किया. उसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था तो मैंने उसे उठाकर बेड पर लाकर सुला दिया. एक घंटे तक हम बिना कपड़ों के एक-दूसरे को खुशी से निहारते रहे. उसके बाद हम दोनों ने एक बार और सेक्स किया और अब वह मुझसे चुदने के लिए जब तब मिलती रहती है. आपको मेरी कहानी कैसी लगी? कमेंट में ज़रूर बताएँ या मुझे मेल करें। कोई भी भाभी या लड़की जो अकेली हो जयपुर में चुदाई कि इच्छुक हो मुझे मेल कर सकती हैं गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। arjunx359@gmail.com।
Hindi Sex Stories

दोस्तो, मैं संजू आप के Hindi Sex Stories लिए लेकर आया हूँ अपनी ज़िन्दगी की एक सच्ची कहानी ! सबसे पहले मैं अपना परिचय करवा दूँ !मैं हरियाणा के जींद शहर का रहने वाला हूँ, कद 5’11” देखने में अच्छा दीखता हूँ।

यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना डॉट कॉम पर ! उम्मीद है आपको पसंद आएगी। तो अब कहानी पर आते हैं।

बात उन दिनों की है जब मैं नया नया कॉलेज जाने लगा था। हमारे घर के सामने एक परिवार रहता था, उस परिवार में पति पत्नी उनकी चार लड़कियां व दो लड़के थे।

बड़ी लड़की सिमरन (बदला हुआ नाम) मेरे साथ हमारे ही कॉलेज में पढ़ती थी, मैं बी.ए में और वो एम ए में थी। हां दोस्तो, वो मुझसे बड़ी थी, पर वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी। पर मैं बहुत ही शर्मीला था और उससे दिल के बात कहने में डरता था। बस मैं उसकी तरफ प्यार से देखता रहता छुप-छुप कर ! कभी कभी बात हो जाती थी पर एक पड़ोसी के नाते !

उसकी फिगर बड़ी मस्त थी बड़ी बड़ी चूचियाँ और मोटे मोटे चूतड़, वो दिखने में भी काफी सेक्सी थी। कॉलेज के कई लड़के उस पर लाइन मरते थे इसलिए मेरी उससे बात करने के हिम्मत ही नहीं होती थी, कहीं वो मना ना कर दे।

और एक दिन की घटना ने तो मेरा रहा सहा हौंसला भी तोड़ दिया। एक बार वो अपनी छत पर चिड़ी-बल्ला खेल रही थी और मैं नीचे गली में बैठा था। उनकी चिड़ी नीचे गली में गिर गई।

सिमरन छत से बोली- भइया, वो चिड़ी फेंकना ऊपर !

मैंने गुस्से से उसकी ओर देखा और चिड़ी फेंक कर अंदर चला गया। मुझे बड़ा गुस्सा आया और मैंने उससे कभी बात न करने की ठान ली। उस दिन से मैं उसकी तरफ न देखता, न बात करता। थोड़े दिन तो ऐसे ही चलता रहा फिर एक दिन जब मैं कॉलेज से लौटा तो वो अपनी मम्मी के साथ मेरी मम्मी के पास बैठी थी। मैं भी सीधा वहीं जाकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसका मामा आ गया और उसकी मम्मी उठ कर चली गई और कुछ देर बाद मेरी मम्मी भी अंदर चली गई।

कुछ देर हम ऐसे ही बैठे रहे फिर उसने पूछा- क्या बात है संजू ! आज कल मुझसे बात नहीं करते हो?

तो मैंने कहा- कुछ नहीं ! बस वैसे ही !

तो उसने कहा- कुछ तो बात है, प्लीज़ बताओ ना !

तो मैंने कहा- मैं तुमसे नाराज़ हूँ !

वो बोली- किस बात पर ?

तो मैंने कहा- उस दिन तुमने मुझे भैया कहा था।

तो वो हंस पड़ी और बोली- बुद्धू ! उस दिन मम्मी छत पर थी, वरना ऐसी कोई बात नहीं है।

इतने में उसकी मम्मी ने उसको बुला लिया। उस दिन मैं बड़ा खुश हुआ, सोचा, चलो थोड़ा सिग्नल तो मिला। फिर तो हम छत से एक दूसरे को देख के मुस्कुराते रहते ! कुछ दिन ऐसे ही चला, फिर हमारे यहाँ और उनके यहाँ एक साथ ही फ़ोन कनेक्शन लगा और मैंने उसकी बहन से उनका नंबर भी ले लिया। एक दो बार फ़ोन मिलाया भी पर कोई और ही उठाता था।

फिर एक दिन मैं अपने कमरे में रात को टीवी देख रहा था, केबल पर कोई फिल्म आ रही थी, तो फ़िल्म की क्वालिटी ख़राब होने की वजह से टीवी की आवाज़ कुछ ज्यादा ही थी। रात को करीब 11 बजे हमारा फ़ोन बजा और फ़ोन मेरे कमरे में ही था, मैंने फ़ोन उठाया तो उधर से एक लड़की बोल रही थी।

मैंने पूछा- कौन बोल रहा है ?

तो उसने कहा- मैं सिमरन बोल रही हूँ।

मेरा दिल एकदम धड़कना बंद हो गया, मैं पहली बार उससे फ़ोन पर बात कर रहा था, वो बोली- टीवी की आवाज़ इतनी क्यों कर रखी है? हमारे कमरे तक आ रही है !

मैंने बोला- वो केबल पर फिल्म आ रही है न, इसलिए आवाज़ इतनी हो गई।

फिर मैंने पूछा- तुम इतनी रात तक जाग कर क्या कर रही हो?

वो बोली- तुम सोने दो तब न !

फिर थोड़ी इधर उधर की बातें हुई और उसने फ़ोन रख दिया। इसी दोरान मैंने उससे यह भी पूछ लिया- अगर तुमसे बात करनी हो तो किस समय फ़ोन करूँ?

तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और गुड नाईट कह कर फ़ोन रख दिया!

उस रात मुझे बहुत देर में नींद आई और मुठ भी मारनी पड़ी।

फिर कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा पर अब वो थोड़ा बदल गई थी। अब वो मुझे देखकर मुस्कुरा भी देती थी।

फिर एक दिन मैंने हिम्मत कर के छत से उसे इशारों में चार बजे फ़ोन करने के लिए कहा। मैंने ठीक चार बजे उसके घर फ़ोन किया तो संयोग से उसने ही उठाया और बोली- तुम मुझे मरवा दोगे !

और बोली- बोलो, क्या बोलना है !

मैं बहुत घबरा रहा था, मैंने उससे कहा- मुझे तुमसे एक बात कहनी है पर तुम वादा करो कि अगर तुम्हें बुरी लगी तो तुम नाराज़ नहीं होगी !

वो बोली- ठीक है !

तो मैंने कहा- आई लव यू !

वो थोड़ी देर तो चुप रही, फ़िर बोली- यह ठीक नहीं है ! मैं तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोचती !

तो मैंने कहा- मैं तो तुमसे प्यार करता हूँ और मैं कल ठीक इसी समय फ़ोन करूंगा। तुम्हारा जवाब हाँ हो तो फ़ोन तुम ही उठाना, अगर किसी और ने फ़ोन उठाया तो मैं तुम्हारा जवाब न समझूंगा !

और मैंने फ़ोन रख दिया। फ़ोन रखने के बाद मैंने सोचा- साले यह बोल तो दिया है पर अगर उसने फ़ोन न उठाया तो ?

यह सोच कर मेरी तो गांड ही फट गई, फिर सोचा जो बोल दिया सो बोल दिया, कल की कल देखेंगे।

और मैं अगले दिन चार बजने का इन्तज़ार करने लगा।

अगले दिन ठीक चार बजे जब मैं फ़ोन करने गया तो देखा वह पर मेरे मामा मेरे पापा के साथ बैठे थे। मैं उनके पास ही बैठ गया और भगवन से दुआ करने लगा कि जल्दी से ये लोग उठ जाएँ !

थोड़ी देर में वो उठ गए तो मैंने देखा कि 4.35 हुए हैं। मैंने जल्दी से फ़ोन मिलाया तो उधर से उसने ही उठाया तो मैंने कहा- आई लव यू ! बोलो !

तो वो बोली- अभी नहीं ! मम्मी पास में ही हैं !

दोस्तो, मैं क्या बताऊँ ! उस दिन मैं जैसे हवा में उड़ रहा था !

तो दोस्तों अभी बस इतना ही !

आगे और भी बहुत कुछ है ! आप को मेरी ये सच्ची कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर लिखना ! Hindi Sex Stories

मेरा नाम देवांग है, मैं 27 साल का कुंवारा लड़का हूँ। Antarvasna

जब मैं 18 साल का Antarvasna था, मेरे पिताजी ट्रांसपोर्ट में काम करते थे। उनकी आमदनी बहुत कम थी। तब हमारा खुद का घर भी नहीं था, हम किराये के मकान में रहते थे।

वहाँ पर हमारे पड़ोस में एक अंकल-आंटी रहते थे जो मकान मालिक के चचेरे भाई थे। उनकी एक लड़की थी, क्या बताऊँ आपको, वो इतनी सेक्सी थी कि देखते ही लंड खड़ा हो जाये। आंटी भी जबरदस्त थी।

हमारे उनके सम्बन्ध बहुत ही अच्छे थे। वो हमारे घर हर रोज आया करती थी और माँ के साथ बैठ कर गप्पें लगाती थी। वो जब भी आती थी तो मैं उनके इर्द-गिर्द ही रहता था क्योंकि मैं खेल खेल में मस्ती में ही उनके बोबे दबा लिया करता था जो बहुत ही नर्म थे।

एक दिन की बात है, मेरे घर पर कोई नहीं था। मेरी माँ और पिताजी भाई के साथ किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे। माँ आंटी को कहकर गई थी कि मेरा खाना बनाकर घर भिजवा दें।

दोपहर को एक बजे मैं क्लास से घर पंहुचा ही था कि आंटी खाना लेकर आ गई। वो लाल साड़ी पहने हुए थी और सफ़ेद ब्लाऊज़। ब्रा का रंग कला था जो सफ़ेद ब्लाऊज़ में से साफ़ दिख रही थी।

मैं रोज की तरह मस्ती में उनके बोबे दबाने लगा।
वो बोली- तुम खाना खा लो!
मैंने कहा- आप प्यार से खिलाओ!

वो मान गई और प्लेट में खाना निकाल कर मेरे सामने बैठ गई। तभी वो बोली- गर्मी ज्यादा है, पंखा चला दो!

मैंने खड़े होकर पंखा चला दिया और आंटी के सामने बैठ गया। तभी उनका आँचल पंखे की हवा से उड़ा और आंटी के दोनों चूचियों के बीच की खाई मुझे साफ दिखने लगी। मेरा लंड खडा होने लगा।

वो मुझे खिलाती गई और मेरी नजर उनके वक्ष पर टिक गई।
अचानक उनकी नजर मुझ पर पड़ी। वो समझ गई कि मैं क्या देख रहा था पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मेरा लंड पूरा तन गया। अचानक उनकी नजर मेरी पैंट पर पड़ी, वो हंसने लगी।

मैंने पूछा- क्या हुआ?

तो उन्होंने कुछ बताया नहीं और मेरे लिए पानी लेने चली गई। वो जब पानी लेकर वापस आई तो मैंने पूछा- आप क्यों हंस रही थी?

तो वो बोली- तेरा लंड मेरे बोबे देखकर ही तन गया!

मैं समझ गया कि आंटी को मस्ती करनी है, मैंने आंटी से कहा- क्या मैं आपके बोबे पूरे देख सकता हूँ?

तो वो झट से मान गई और साड़ी उतार दी, मुझसे कहा- बाकी ब्लाऊज़ और ब्रा तू निकाल ले।
मैं झट से उनके बोबे दबाने लगा- अआह… क्या मुलायम बोबे थे!

मैं तो उनके बोबे जोर-जोर से मसलने लगा। वो भी आहें भरने लगी। फिर मैंने उनका ब्लाऊज़ निकाला। वह क्या लग रही थी काली ब्रा में!

मैंने ब्रा के साथ ही उनके बोबे फिर से दबाना शुरु कर दिया।
वो आह ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईईईईए ऊऊऊऊ… जैसी आवाजें निकालने लगी। 5 मिनट के बाद मैंने ब्रा भी निकाल दी और देखा तो वाह! क्या बोबे थे! जैसे दूध की डेयरी!

मैं तो प्यासी बिल्ली की तरह उनके बोबे पर दूध पीने टूट पड़ा। मेरा लण्ड काबू के बाहर हो गया था।

अचानक आंटी बोली- बस! अब मेरी बारी!

मैं समझ नहीं पाया। वो उठी और मेरी पैंट की जिप खोल दी, फिर पैंट ही निकाल दी, मेरा अंडरवियर भी निकाल दिया और मेरा लण्ड देखकर बोली- वाह, क्या लण्ड है! कम से कम सात इंच का होगा!
और उसे पकड़ कर हिलाने लगी।
मुझे अच्छा लगने लगा।

अचानक उन्होंने मेरा लण्ड मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी।

मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था। दस मिनट तक वो मेरे लण्ड को चूसती ही रही। अचानक मुझे लगा कि मैं छोड़ने वाला हूँ तो मैंने आंटी को कहा- छुट रहा है!

वो बोली- छोड़ दे मेरे मुँह में!

और मैं झड़ गया।
वो बोली- क्या मस्त स्वाद है तेरे वीर्य का!

मेरा लण्ड ठंडा पड़ गया पर वो बहुत ही गरम हो चुकी थी। वो बोली- चल एक काम कर! आज मैं तेरा कुंवारापन दूर करती हूँ।

मैंने पूछा- कैसे?
तो बोली- तू जानता है कि सुहागरात में क्या होता है?
मैंने कहा- नहीं!
तो बोली- चल मैं तुझे बताती हूँ!

और उन्होंने अपना चनिया निकाल दिया और पेंटी भी निकाल दी। मैं तो देखता ही रह गया।

वो बोली- अब नीचे मेरी चूत में ऊँगली डाल!

मैंने वैसा ही किया।

वो चिल्लाने लगी- एक नहीं तीन ऊँगलियाँ डाल कर अंदर-बाहर कर!

मैंने वैसा ही किया।

वो आहें भरने लगी- आह्ह्ह… ऊऊ ऊऊउह्ह्ह्ह… उफ्फ्फ… चु हूउदूऊ ऊउ…

मैंने लगभग 15 मिनट तक ऊँगली-चोदन किया। अचानक उनकी चूत से पानी निकलने लगा। मैं समझ गया कि आंटी झड़ गई हैं। पर मेरा लंड फिर से तन गया था तो मैंने भी आंटी से कहा- आंटी, अब मेरे लंड को अपने मुँह में ले लो! वो फिर से तन गया है!

वो बोली- चोदू! सिर्फ मुँहचोदन ही करेगा या चूत भी चोदेगा?

मैं झट से तैयार हो गया। मैंने आंटी की टाँगें फ़ैलाई, उनकी चूत पर अपना लण्ड रखा और जोर से धक्का दिया।

आंटी चिल्ला उठी- लौड़े! धीरे से डाल! बेनचोद! 6 महीने के बाद इतना बाद लण्ड चूत में एक ही झटके में डाल रहा है?

मैं उनके बोबे दबाने लगा, फिर दूसरे धक्के में मैंने अपना पूरा लण्ड आंटी की चूत में डाल दिया।वो चिल्लाने लगी- निकाल बाहर! फाड़ दी मेरी चूत! निकाल बाहर!

मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और ऊपर पड़ा रहा। जैसे ही मुझे लगा कि वो अब दर्द कम हुआ है तो मैं धीरे-धीरे झटके देने लगा।

उनको मजा आने लगा था, वो भी उछल-उछल कर साथ दे रही थी- आः ह ह्ह्ह्ह! ऊऽऽऽ फ़्फ़्फ़! आऽऽ आऽ ई ईऽऽए चोद…जोर से! मज़ा आ गया! जैसी आवाजें निकाल रही थी।

मैंने अपने झटकों की रफ्तार और तेज़ कर दी। वो भी मजे से चुदवा रही थी। 15 मिनट के बाद मुझे लगा कि मेरा निकल रहा है, तो मैं आंटी से बोला- आंटी मेरा निकलने वाला है!

तो वो बोली- अंदर ही निकाल दे!

और मैं अंदर ही झड़ गया।

उस रोज़ हमने तीन बार चुदाई की और वो अपने घर चली गई। शाम को मेरा खाना लेकर उसकी बेटी आई। वो बड़ी ही सेक्सी थी।

मैंने उसको भी चोदने का कार्यक्रम बना लिया जो मैं आपको अगली कहानी में बताऊँगा। Antarvasna

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