Important Notice: 📧 Mail for rent: info@tottaa.com

Massage Girl in Parbhani: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Parbhani who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Parbhani that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Parbhani massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Parbhani who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Parbhani massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Parbhani massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Parbhani who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Parbhani employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Parbhani helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Parbhani

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Parbhani at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna

मेरा नाम मानसी Antarvasna है। मैंने अपनी कहानी “बहुत प्यार करती हूँ” अन्तर्वासना में भेजी थी, आप सबकी तरफ से बहुत अच्छे उत्तर मिले थे। आज मैं आपको अपनी दूसरी कहानी बताने जा रही हूँ, आशा है आप सबको पसंद आएगी। मेरी पहली कहानी जिन्होंने पढ़ी थी उन्हें उस इंसान के बारे में मालूम ही होगा जिससे मैं प्यार करने लगी थी। जब उसकी शादी हो गई तो मैं खुद को बहुत अकेला महसूस करने लगी थी। हालाँकि मैं जिससे प्यार करती थी, उससे मैंने कभी भी शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाये थे लेकिन फिर भी उसकी कमी मुझे अपनी ज़िन्दगी में महसूस होती थी। उसकी शादी होने के बाद तो मुझे यकीन हो ही गया था कि अब वो इंसान मुझे कभी नहीं मिलेगा। लेकिन मैं जैसे जैसे बड़ी हो रही थी मेरे अन्दर भी हर लड़की की तरह सेक्स की भावना बढ़ती जा रही थी। लेकिन कभी किसी से शारीरिक संबंध बनाने से मैं भी डरती थी लेकिन जब मन करता था तो अकेले ही मुठ मार कर अपना काम चला लेती थी।

मन तो करता था कि कोई हो जो मुझे प्यार करे, जिसके साथ मैं वक़्त बिता सकूँ। लेकिन न कभी किसी और से प्यार हुआ न मेरी ज़िन्दगी में उसके बाद कोई और आया। मैं हर वक़्त यही सोचती रहती थी कि कब मेरी भी शादी हो और मैं भी अपने पति से जी भर कर चुदवाऊँ। लेकिन मेरी शादी होने में अभी वक़्त था। धीरे धीरे मन में सेक्स की भावना इतनी बढ़ गई थी कि मैं यही सोचती कि कब मुझे मौका मिले और मैं जी भर कर ग्रुप सेक्स करूँ। कम से कम छः-सात लड़के मेरी एक साथ चुदाई करें। मैं जानती थी कि ऐसा हो नहीं सकता, लेकिन मन नहीं समझता उसे तो बस चूत की प्यास से मतलब था।

लेकिन मेरी यह इच्छा उस दिन पूरी हो ही गई जब एक दिन मेरे मम्मी-पापा कुछ दिनों के लिए किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे। घर में मैं और मेरा बड़ा भाई थे। मम्मी-पापा एक हफ्ते से पहले वापिस आने वाले नहीं थे। तभी भैया के पास उनके कुछ दोस्तों का फ़ोन आया, उन लोगों को मुंबई जाना था। लेकिन ख़राब मौसम होने की वजह से उनकी उड़ान रद्द हो गई। तो भैया ने उन्हें अपने घर आने के लिए कह दिया। सर्दी के दिन थे, भैया ने उन्हें कहा कि पूरी रात एअरपोर्ट पर कैसे रहोगे, घर आ जाओ। वो लोग मान गए।

वो दस लोग थे। भैया ने उन सबके खाने का इन्तज़ाम किया और उनका इंतज़ार करने लगे। तभी अचानक पापा का फ़ोन आया कि वो जिस रिश्तेदार के यहाँ गए थे उनकी मृत्यु हो गई है और भैया को वहाँ आना पड़ेगा। भैया ने पापा को बताया कि उनके कुछ दोस्त घर पर आ रहे हैं तो पापा ने कहा कि उन्हें मानसी खाना खिला देगी। लेकिन तुम्हारा यहाँ आना ज़रूरी है।

भैया ने अपने दोस्तों को फ़ोन कर दिया कि मुझे जाना पड़ेगा लेकिन मानसी घर पर है, तो तुम लोग आ जाओ और खाना खा कर यही आराम कर लेना। वो लोग राज़ी हो गए। जब वे सब घर पर आये तो मैं पहले तो थोड़ा घबरा गई कि मैं इनके साथ पूरे घर में अकेले कैसे करुँगी लेकिन भैया के दोस्त बहुत अच्छे थे और उन्होंने कहा कि तुम आराम से बैठी रहो और बस हमें यह बता दो कि सब चीज़ें कहाँ हैं हम खुद ले लेंगे। उनमें से दो लोग रसोई में आ गए और बाकी सब कमरे में बैठ कर टी.वी देखने लगे। मैंने उन्हें बता दिया लेकिन रसोई में उनके साथ ही खड़ी रही कि कहीं उन्हें किसी चीज़ की ज़रूरत न हो। उनमें से एक का नाम सागर था। मैंने महसूस किया कि वो जब से आया था तब से मुझे ही देखे जा रहा था और जब मैं उसे देखती थी तो वो अपनी नज़रें मुझ पर से हटा कर कहीं और देखने लगता था।

उसके बाद हम सबने साथ ही खाना खाया। फिर मैं अपने कमरे में सोने चली गई। उनमें से कुछ लोग मम्मी पापा के कमरे में लेट गए और कुछ भैया के कमरे में। मैं नीचे जाकर सो गई और अपने कमरे को अन्दर से बन्द कर लिया। थोड़ी देर के बाद सागर नीचे आया और बोला- मानसी हमें नींद नहीं आ रही है, तुम कुछ फिल्म की सीडी निकाल कर दे दो हम देख लेंगे।

मैंने कहा- ठीक है।

मैं उन्हें सीडी देने गई और सोचा कि नींद तो मुझे भी नहीं आ रही है तो मैं भी इन लोगों के साथ बैठ जाती हूँ।

मैं वहीं सागर की बगल में बैठ गई और थोड़ी देर में ही हम सबके बीच हंसी मजाक शुरू हो गया। तभी अचानक सागर ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और मैं कुछ नहीं बोल पाई। सागर मेरी और ही देख रहा था कि तभी उसका एक दोस्त नितिन बोला- क्या बात है सागर ! जब से आये हो, मानसी को ही देख रहे हो ! अगर पसंद आ गई है तो शादी का प्रस्ताव रख दो। इसके भाई को हम मना ही लेंगे।

उसने कहा- ऐसा कुछ नहीं है।

वैसे उसका हाथ पकड़ना मुझे भी अच्छा लगा। सर्दी के दिन थे हम सब रजाई में बैठे थे इसलिए किसी को पता नहीं चला कि उसने मेरा हाथ पकड़ा है। लेकिन अचानक उसे पता नहीं क्या हुआ कि वो मेरे होठों पर चूमने लगा। उसके सब दोस्त हैरान रह गए और मैं भी।

मुझे कुछ समझ ही नहीं आया कि मैं क्या करूँ। पसंद तो वो भी मुझे पहली ही नज़र में आ गया था लेकिन मेरे दिल में यह डर बैठा था कि यह सब मेरे घर में पता चल गया तो क्या होगा। लेकिन उसे छोड़ने का मन मेरा भी नहीं कर रहा था। तभी नितिन ने भी पीछे से आकर मेरे स्तनों को दबाना शुरू कर दिया लेकिन मैंने झटके से उसे पीछे कर दिया और सागर को भी।

मैंने कहा- आप लोग यह सब क्या कर रहे हो।

तभी सागर ने कहा- मानसी हम सब आज की रात यहाँ हैं और हम चाहते हैं कि तुम पूरी रात हमारे साथ रहो। हम तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहते हैं।

मैंने कहा- पागल हो गए हो क्या तुम सब लोग? मेरे घर में पता चल गया तो पता नहीं क्या होगा।

उन्होंने कहा- हम तुम्हारे भाई को कभी पता नहीं चलने देंगे। हमारा विश्वास करो, आखिर वो हमारा दोस्त है।

मैं उन्हें मना करना चाहती थी कि तभी मैंने सोचा कि मेरा जो ग्रुप सेक्स करने का सपना था वो आज सच हो सकता है। वैसे भी ये दस लोग हैं मैं मना करुँगी तो यह मेरे साथ जबरदस्ती भी कर सकते हैं। तब मैं क्या करुँगी। इस से अच्छा है कि खुद ही राज़ी हो जाऊं। शायद ऐसा मौका दुबारा न मिले और अगर इन्होने मेरे घर में बता भी दिया तो मैं यह कह सकती हूँ कि यह इतने सारे लोग थे इन्होंने मेरे साथ जबरदस्ती की थी। मैं अकेली क्या करती।

तभी सागर ने मुझे पूछा- क्या सोच रही हो मानसी, तुम तैयार हो ना?

मैंने उसे कुछ नहीं कहा और उसके होंठों पर चुम्बन करने लगी। वो समझ गए कि मैं तैयार हूँ। सागर के साथ किस करने में बहुत मज़ा आ रहा था। 15 मिनट तक मैं उसे चूमती रही और मुझे कुछ भी होश नहीं था। जब मैं उससे अलग हुई तो नितिन ने आकर मुझे चूमना शुरू कर दिया। उसके बाद उसके सभी दोस्तों ने मेरे साथ यही किया और ऐसे ही एक घण्टा बीत गया। उस वक़्त तक हम में से किसी ने भी अपने कपड़े नहीं उतारे थे।

तभी सागर ने कहा- मानसी, तुम हम सबके कपड़े उतारो !

तो मैंने कहा- ठण्ड है ! नहीं होगा।

हमने रूम-हीटर चालू किया और उसके बाद मैंने एक एक करके उन सबके कपड़े उतार दिए।

तभी नितिन बोला- अब हम एक खेल खेलेंगे। उसने कहा- मानसी दो दो मिनट के लिए सबके लण्ड चूसेगी और जिसका लंड ज्यादा जल्दी खड़ा होगा वही सबसे पहले चोदेगा।

लेकिन मैं सबसे पहले सागर से चुदवाना चाहती थी। पता नहीं क्यूँ ! शायद वो मुझे पसंद था इसलिए।

उसके बाद मैंने एक एक करके सबके लण्डों को चूसना शुरू किया। मेरे साथ वही सब हो रहा था जो मैं करना चाहती थी। और आज मैं जी भर कर अपनी इच्छा को पूरा करना चाहती थी। इतने सारे लंड एक साथ देख कर मैं पागल सी हो गई थी। मैंने जी भर कर सबके लौड़ों को चूसा और सागर के लंड को मैंने जब अपने मुँह में लिया तो उसे बाहर निकालने का मन ही नहीं कर रहा था। मैंने सागर का लंड 15 मिनट के लिए चूसा जिससे वो भी पूरी तरह गर्म हो गया और उसने मेरे सर को पकड़ कर ऊपर किया, मेरे होंठ जो उसके लंड के पानी से भीगे हुए थे उन्हें चूसने लगा और सबको कहा कि मानसी सबसे चुदवाएगी लेकिन अभी हमारे बीच कोई नहीं आएगा।

सबने वैसा ही किया और सब हमें देखते रहे। मुझे शर्म आने लगी थी लेकिन सागर था कि मुझे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। 15 मिनट मेरे होंठ चूसने के बाद उसने कहा- अब तुम अपने कपड़े उतारो, हम सब तुम्हारी चूत को चाटेंगे।

मैंने सागर से कहा- मेरी चूत पर तो बाल हैं।

उसने कहा- तुम फ़िक्र मत करो।

उसने अपने एक दोस्त को इशारा किया और वो अपने बैग में से रेज़र लेकर आया। सागर ने मुझे अपनी गोद में उठाया और मुझे बाथरूम में ले जा कर बाथ टब में लिटा दिया। उसके बाद उसने मेरी टांगें फैला दी और मेरी चूत को गीला करके उस पर ढेर सारा साबुन लगा दिया। उसके बाद उसका एक दोस्त मेरी चूत के होठों को खोलता जा रहा था और सागर बड़े प्यार से मेरी चूत के बाल साफ़ कर रहा था। सागर का एक दोस्त मेरे होंठों को चूस रहा था, एक मेरे वक्ष मसल रहा था और बाकी सब वहीं खड़े होकर देख रहे थे। यह सब देख कर उनके लौड़े भी तनकर खड़े हो चुके थे। थोड़े बाल साफ़ करने के बाद सागर ने मेरी चूत को पानी से धोया और अपनी जीभ मेरी चूत में डाल दी। मैं काँप उठी जैसे कोई करंट लगा हो।

थोड़ी देर में जब उसने मेरी चूत पूरी तरह साफ कर दी तो उसके बाद नितिन मुझे उठा कर कमरे में ले आया और लाकर मुझे बेड पर लिटा दिया। कमरे में लाते ही सागर मेरी टांगों के बीच आकर बैठ गया और चूत के दोनों होंठों को खोल कर देखने लगा। मुझे शर्म आने लगी और मैंने अपना चेहरा अपने हाथों से ढक लिया।

तभी सागर बोला- क्या चिकनी बुर है। इसे तो मैं जी भर कर चूसूंगा उसके बाद चोदूंगा।

तब उसके सभी दोस्तों ने बारी बारी से मेरी चूत को चाटा। मैंने ऐसा पहले कभी महसूस नहीं किया था क्यूंकि सब के सब मेरे साथ कुछ ना कुछ कर रहे थे और मैं पागल सी होती जा रही थी।

अब सागर की बारी थी। सागर आकर मेरी टांगों के बीच बैठ गया था। इससे पहले मैं कम से कम तीन बार झड़ चुकी थी।

सागर ने मेरी टांगों को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया और मेरी चूत के होंटों को खोल दिया। उसके बाद सागर ने अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में डाल दी और नीचे झुक कर अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर। उसकी गरम जीभ अपनी चूत के अन्दर जाते ही मैं अन्दर तक सिहर गई। मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं किसी स्वर्ग में घूम रही हूँ। मेरी चूत को चाटते हुए सागर घूम गया और उसने अपना लौड़ा मेरे मुँह की तरफ कर दिया और कहा कि मैं उसे अपने मुंह में लूँ।

मैंने जैसे ही उसका गर्म लंड अपने मुंह में लिया वैसे ही उसके बदन में भी एक करंट सा लगा। अब हम 69 अवस्था में थे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। लगभग आधे घंटे उसी अवस्था में रहने के बाद सागर मेरे ऊपर से हट गया। इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी और सागर था कि झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था।

सागर ने अपने दोस्तों से कहा- यार, बहुत अच्छा लौड़ा चूसती है, बहुत मस्त माल है।

तभी उसके दोस्त ने कहा- फिर तो इसकी जी भर कर चुदाई करेंगे।

नितिन ने कहा- यार इतना मस्त माल है तो चोदने में मज़ा आ ही जायेगा और वो भी अपने मर्ज़ी से चुदवा रही है।

तभी मेरे दिमाग में ख्याल आया कि अगर मैं इनसे अपनी मर्ज़ी से चुदवाऊँ तो यह लोग बहुत आराम से चोदेंगे लेकिन मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती थी और जबरदस्त चुदाई करवाना चाहती थी। इसलिए मैंने एक चाल चली। जब सागर मेरे ऊपर से हट कर अलग हुआ तो मैं उठ कर खड़ी हो गई और कहा- बस अब यह सब यहीं ख़त्म करो और मुझे जाने दो।

तभी नितिन ने कहा- जाती कहाँ है साली रंडी ! अभी तो तेरी चुदाई बाकी है।

मैंने कहा- मुझे छोड़ दो !

और मैं कमरे से बाहर जाने लगी कि तभी उसने मुझे खींच कर बिस्तर पर पटक दिया। मैंने सागर की तरफ देखा तब मैंने महसूस किया कि उसे भी शायद यह सब अच्छा नहीं लग रहा और वो भी नहीं चाहता कि यह सब हो लेकिन अब हम कुछ नहीं कर सकते थे। अगर वो अपने दोस्तों को मना भी करता तो कोई उसकी बात नहीं सुनता और सब मेरे साथ जबरदस्ती करते। जबरदस्ती तो वो लोग अब भी कर ही रहे थे क्यूंकि मैं भी यही चाहती थी।

मैंने नितिन से कहा- प्लीज़, मुझे जाने दो !

लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी और मेरे पास आकर बैठ गया। मैंने उठने की कोशिश की लेकिन तभी उनके दोस्तों ने मेरे हाथ और मेरे पांव पकड़ कर मुझे पूरी तरह जकड लिया और सागर आकर मेरे स्तनों को मसलने और दबाने लगा। नितिन गन्दी गन्दी गालियाँ देने लगा। साली रंडी दस-दस लोगों से चुदवाने को तैयार है और सीधी बनने की कोशिश करती है। आज देख तेरी ऐसी चुदाई होगी रंडी कि तू सारी ज़िन्दगी याद रखेगी। तेरी चूत का भोसड़ा बनायेंगे आज। ऐसा चोदेंगे कि दुबारा किसी से चुदने से पहले दस बार सोचेगी।

मैं समझ गई थी कि सब लोग गरम हो चुके हैं और मैं भी अपनी चूत में लंड लेने को बेकरार थी। सागर मेरे ऊपर लेट कर मेरे होंठों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा। मेरे हाथ और पैर तो उसके दोस्तों ने पकड़ रखे थे। इसलिए मैं हिल भी नहीं पा रही थी। तभी सागर सीधा होकर मेरी चूत के पास घुटनों के बल बैठ गया और मेरी टांगें फैला कर ऊपर की ओर कर दी। उसका एक दोस्त मेरे होंठों को चूसने लगा और नितिन मेरे मम्मों को मसलने लगा। मेरे मम्मों में भी दर्द हो रहा था।

तभी सागर ने अपना नौ इंच लम्बा लंड मेरी चूत पर रखा और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अन्दर जड़ तक चला गया। मुझे सबने इतने कस कर पकड़ रखा था कि मैं हिल भी नहीं पा रही थी। जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला, मैं दर्द के मारे तड़प उठी और हिल ना पाने की वजह से अन्दर ही तड़प कर रह गई। होंठ भी एक लड़के ने अपने होंठों से बंद कर रखे थे तो आवाज़ भी नहीं निकल पा रही थी। दर्द की वजह से मेरी आँखों में आंसू आ गए जिसे देख कर सागर को दुःख हुआ और वो अपना लंड बाहर निकालने लगा।

मैंने इशारे से उसे मना कर दिया। वो थोड़ी देर के लिए रुक गया। और जब दर्द कुछ कम हुआ तो उसने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किये। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था तो मैं भी सागर का पूरा साथ देने लगी। मैंने उन्हें अपने हाथ और पैर छोड़ने को कहा। और दो लड़कों के लौड़ों को अपने हाथों में लेकर उनकी मुठ मारने लगी। नितिन का लंड मेरे मुंह में था। दो लड़के मेरे मम्मों को पकड़ कर मसलने लग गए और बाकी सब अपनी अपनी जीभ मेरे पूरे बदन पर रगड़ रहे थे। मेरा पूरा बदन एक साथ चुद रहा था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। करीब आधे घंटे चुदाई करने के बाद सागर ने सबको कहा- अब सब झड़ने के लिए तैयार हो जाओ।

मैंने उन सबसे कहा- अपने लौड़ों का पानी मेरे ऊपर डाल दो और सागर से कहा कि तुम मेरी चूत के अन्दर ही झाड़ना।

सागर ने वैसे ही किया। करीब 5 मिनट के बाद चारों लड़के (सागर, नितिन) और जिनके लंड मेरे हाथ में थे, एक साथ झड़े और सबने अपना पानी मेरे ऊपर डाल दिया। सागर का गरम वीर्य मैं अपनी चूत में महसूस कर रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

उसके बाद बाकी सबने भी मुझे बारी बारी से चोदा। उस पूरी रात में मेरी बारह बार चुदाई हुई। बाकी सबने एक एक बार और सागर और नितिन ने मुझे दो-दो बार चोदा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसके बाद सबने बाथरूम में जाकर अपने लौड़ों को साफ़ किया और सुबह के छः बजे जाकर कमरे में सो गए। लेकिन मैं इतनी जबरदस्त चुदाई के बाद उठने की भी हिम्मत नहीं कर पा रही थी। तब सागर ने कहा- मानसी, तुम यहीं रहो, मैं आता हूँ।

और उसके बाद वो बाथरूम में जाकर बाथटब में गरम पानी भर कर आया। और मुझे अपनी गोद में उठा कर बाथरूम में ले गया। उसने जाकर मुझे टब में लिटा दिया और मेरी चूत को हल्के हाथ से सहलाने लगा। इससे मेरी चूत को बहुत आराम मिल रहा था। मेरी पूरी चूत बुरी तरह से लाल थी और बहुत दर्द हो रहा था। उसके बाद सागर ने मुझे लाकर बिस्तर पर लिटाया। और मेरे बदन को पोंछा जिससे मुझे बहुत आराम मिल रहा था। तभी सागर आकर मेरे पास लेट गए और मुझे रजाई में लेकर अपने साथ चिपका लिया। मुझे उसकी बाहों में एक सुकून सा मिला। जिस इंसान की कमी मैं अपनी ज़िन्दगी में महसूस करती थी, लगा कि सागर उस कमी को पूरा कर सकता है। लेकिन यह बात मैं उसे कैसे कहती। उसके सामने ही उसके दोस्तों से चुदी हूँ।

तब सागर ने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लिया और कहा- मानसी, मुझे माफ़ कर दो। आज तुम्हारे साथ जो भी हुआ उसका जिम्मेदार मैं ही हूँ। ना मैं शुरुआत करता और ना तुम्हारे साथ यह सब होता। लेकिन मैं सच में तुम्हें पसंद करने लगा हूँ। मैं जानता हूँ कि तुम यही सोच रही होगी कि तुम्हारे साथ ऐसा करने के बाद भी मैं यह सब कह रहा हूँ। लेकिन ये सच है मानसी। मैं तुम्हें पसंद करता हूँ और तुमसे शादी करना चाहता हूँ। तुम्हारे भाई के वापिस आते ही मैं उससे तुम्हारा हाथ मांगूंगा।

और मैं भी उसकी बात को स्वीकार करते हुए उसके कंधे पर सर रख कर लेट गई। नींद कब आई पता ही नहीं चला।

जब नींद खुली तो सुबह के 11 बज रहे थे। मैंने जल्दी से उठ कर कपड़े पहने। सब लोग नहा कर तैयार हो गए। पूरा बदन रात की चुदाई से दर्द कर रहा था। लेकिन इस दर्द में उस प्यार का एहसास भी था जो मुझे सागर से मिला था। उसके बाद मैंने सब के लिए चाय बनाईं। सब लोग चाय पीकर निकल गए और जाते जाते सागर ने मुझसे कहा कि मैं उसका इंतज़ार करूँ, वो मुझे लेने आएगा। उसकी बात पर यकीन भी था लेकिन मन में शक भी था। उसके बाद दो साल तक सागर की कोई खबर नहीं आई। ना ही भाई से पूछने की हिम्मत थी उसके बारे में।

तब तक मेरी पढ़ाई भी ख़त्म हो चुकी थी। घर में मेरी शादी की बातें होने लगी थी। लेकिन मुझे तो सागर का इंतज़ार था। कभी कभी लगता कि अगर उसे आना ही होता तो क्या वो इन दो सालों में मुझसे मिलने की बात करने की कोशिश नहीं करता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ इसका मतलब उसने जो कहा शायद वो सब मुझे दिलासा देने के लिए कहा था। मैंने घर वालों को शादी के लिए हाँ कह दी और कहा कि वो जिसे भी मेरे लिए पसंद करेंगे मैं उसी से शादी कर लूंगी।

एक दिन मम्मी ने बताया कि मुझे देखने लड़के वाले आ रहे हैं। मन में एक अजीब सा डर समाया हुआ था और सागर की बातें भी दिमाग में घूम रही थी। जब लड़के वाले आ गए तो मुझमें हिम्मत ही नहीं थी कि एक नज़र उठा कर उस लड़के को देखूं। यह शादी तो वैसे भी मैं घर वालों की ख़ुशी के लिए कर रही थी। मैं जाकर कमरे में बैठ गई। थोड़ी देर इधर उधर कि बातें होती रही। लेकिन मैंने एक नज़र उठाकर उस लड़के की ओर एक बार देखा तक नहीं क्यूंकि मुझे सिर्फ सागर का इंतज़ार था। जब मैं उन लोगों के सामने गई तो लड़के की माँ बोली- हमें आपकी बेटी पसंद है।

मैंने सोचा- बिना कुछ पूछे बिना कुछ जाने एक ही नज़र में पसंद कर लिया।

तब लड़के की मम्मी ने कहा- दोनों को एक दूसरे से बात कर लेने दो।

मेरी तो सांस ही अटक गई। क्या बात करुँगी, कैसे करुंगी। तब मेरी बहन हमे ऊपर वाले कमरे में ले गई। मैंने अब तक एक बार भी नज़र उठा कर उस लड़के की ओर नहीं देखा था क्यूंकि यह शादी मेरी मर्ज़ी नहीं मजबूरी थी। कमरे में आने के बाद बहन बाहर चली गई। मैं और वो लड़का बैठ गए।

तब उसने मुझसे कहा- क्या बात है, आप मेरी तरफ देखेंगी नहीं?

आवाज़ जानी-पहचानी सी लगी। चेहरा उठा कर ऊपर देखा तो वो सागर ही था। मैं एक दम से खड़ी हो गई और उसे देखती ही रही। मुँह से एक भी शब्द नहीं निकला और उसने सिर्फ इतना ही कहा- मानसी, मैंने जो वादा किया था उसे पूरा करने आया हूँ।

उसे देख कर मेरे दिल में जो ख़ुशी थी वो मेरी आँखों में साफ़ दिखाई दे रही थी। लेकिन उसके साथ ही आंसू भी थे। मैंने कहा- अब तुम्हें याद आई मेरी ? दो साल मैंने कैसे बिताए, जानते हो?

उसने बस इतना कहा- दो साल बाद मिल रही हो, गले भी नहीं लगोगी क्या?

मैं उसके गले लग गई और रो पड़ी। उसने कहा- क्या हुआ? रो क्यूँ रही हो?

मैंने कहा- इतने दिनों के बाद आये हो, यह भी नहीं सोचा कि मेरा क्या हाल होगा। तुमने तो कहा था कि भाई के आते ही उससे बात करोगे।

तो उसने कहा- मानसी, जब मैं तुमसे मिला था, उस वक़्त मेरी नौकरी बिल्कुल नई थी, जीवन में स्थापित होने के बाद ही तो तुम्हारे भाई से तुम्हारा हाथ मांगता। पहले मांग लेता तो वो मना कर देता। आज उसे पता है कि मैं अपनी जिन्दगी में सुस्थपित हूँ और तुम्हें खुश रख सकता हूँ इसलिए वो भी मेरे एक ही बार कहने पर मान गया। और इसलिए आज मैं अपने मम्मी पापा को तुम्हारे घर लेकर आया हूँ तुम्हारा हाथ मांगने। और तुम्हारे घर वालों ने इसलिए कुछ नहीं बताया था क्यूंकि मैं तुम्हें आश्चर्य-चकित कर देना चाहता था। अगर तुम्हें पहले पता होता तो मैं तुम्हारे चेहरे के वो भाव ना देख पाता जो मेरी आवाज़ सुनकर तुम्हारे चेहरे पर थे।

मैं उसे कुछ नहीं कह पाई और उसके गले लग गई। आज मैं बहुत खुश हूँ।

दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे ज़रूर बताइए। Antarvasna

Sex Stories

मेरा नाम करण है, यह मेरी पहली Sex Stories कहानी है, मुझे सेक्सी कहानियाँ पढ़ने बहुत मजा आता है।

एक बार मैं अकेले घर पर था, उस दिन मेरे घर पर कोई नहीं था। मैं सेक्सी बुक देख रहा था, मेरा लंड खड़ा था मेरे घर का दरवाजा खुला था।

तभी पड़ोस में रहने वाली भाभी जी अन्दर आ गयीं और मुझे लगा कि कोई आ रहा है। मैंने शीशे में देख लिया कि भाभी खड़ी मुझे देख रही थी। मैने अपना मोटा लाल और चिकना लंड अपने हाथ में पकड़ रखा था। मैने कुछ नहीं पहना था, एक दम नंगा था।

भाभी बहुत ध्यान से देख रही थी। मैंने लंड को और ऊपर कर दिया अब भाभी को मेरा लम्बा लंड साफ़ दिख रहा था, वो मस्त हो रही थी। बहुत देर देखने के बाद भाभी ने आगे आकर मुझे पीछे से पकड़ लिया। मैं खड़ा हो गया। मेरा लंड भाभी के पेट में गड़ने लगा। तभी वो देख कर बोली कि कितना सेक्सी है तुम्हारा लण्ड! और झट से पकड़ लिया। वो बोली तुम्हारा तो तुम्हारे भाई से भी मोटा है! तुम भी प्यासे हो और मैं भी, चलो दोनो की प्यास बुझ जायेगी. तुम्हारे भाई का तो ठीक से खड़ा भी नही होता, और खड़ा भी होता है तो जल्दी ही झड़ जाता है।

इतना सुनते ही मैंने भाभी को पकड़ लिया और उन्हें बेड पे लिटा दिया. तभी भाभी ने कहा अभी दिन में कोई आ जाएगा, मैं रात में आ जाऊंगी तब जी भर के एक दूसरे को चोदेंगे।

लेकिन मैं नहीं माना क्योंकि मैं तो पहले ही गरम हो रखा था। मेरे ज्यादा जोर देने के बाद भाभी मान गई और बोली- जाके दरवाजा बंद कर दो और जल्दी से अपना पूरा कर लो. मैंने जल्दी से दरवाजा बंद किया और भाभी के पास आ गया. मैं उन के कपड़े उतारने लगा तो भाभी ने मना कर दिया की सारे कपड़े मत उतारो कोई आ जाएगा।

फ़िर मैंने भाभी की साड़ी ऊपर कर दी और उन की पेंटी उतार दी। उन्होंने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और बहुत प्यार से उसे चूसने लगी. २ मिनट चूसने के बाद भाभी बोली कि जल्दी से कर ले, मेरे को घर जाना है। भाभी की सास बहुत ही शक्की है. वो उन को हमारे घर के सिवा कहीं नहीं जाने देती और अगर हमारे घर पे भी ज्यादा टाइम हो जाए तो वह भी ये देखने आ जाती है कि क्या कर रही है। हमें बहुत देर हो गई थी इस लिए भाभी थोड़ा डर रही थी।

अपना लण्ड मैंने भाभी की चूत के छेद पे रख के एक ही धक्के में पूरा अंदर डाल दिया. अंदर जाते ही भाभी ने अपनी आँखे ऐसे बंद की जैसे उनको दर्द हुआ हो. भाभी की चूत ज्यादा टाईट नहीं थी और न ही ज्यादा ढीली थी। मेरा लण्ड ९ इंच लंबा और ३ इंच मोटा है। भाभी को एक लड़का भी है शायद इसीलिए उन को मेरा लण्ड लेने में ज्यादा तकलीफ नहीं हो रही थी. १० मिनिट बाद भाभी ने मुझे जोर से पकड़ लिया और थोड़ी देर बाद बोली कितनी देर में होगा तुम्हारा! मेरा तो हो गया है, अगर मेरी सास आ गई तो मैं मारी जाऊँगी.

मैंने कहा कि अभी तो पता नहीं कितनी देर और लगेगी क्योंकि मेरा लण्ड तुम्हारे अंदर बड़े आराम से जा रहा है और मैंने ३० मिनिट पहले ही मुठी मारी थी. इसलिए टाइम लगेगा।तो वो कहने लगी कि मेरे को छोड़ दो, मैं तुम्हारा बाद में करवा दूंगी।

मैं नहीं माना कि नहीं अभी करवाना है। तो वो कुछ नही बोली और मेरी तरफ़ बड़े प्यार से देखने लगी. ५ मिनिट बाद वो दुबारा झड़ गई और फ़िर से मुझ से पूछा कि और कितनी देर तो मैंने कहा अभी टाइम लगेगा. तो वो डरते हुए बोली कि तू आज मेरे को मरवाएगा. तो मैंने कहा कि एक रास्ता है जल्दी करने का. तो वो बोली क्या है?

तो मैंने कहा कि बता के नहीं कर के दिखाता हूं। तो वो बोली जल्दी कर के ख़तम कर. तो मैंने भाभी की चूत से अपना मोटा लण्ड निकाला और उन की गांड के छेद पे रख दिया तो एक दम बोली यहाँ क्या कर रहा है यहाँ थोड़े ही करते हैं और तेरे भाई ने तो आज तक यहाँ नहीं किया और न ही मैंने करने दिया. मैंने कहा कि यहाँ करने से ही मेरा जल्दी पूरा होगा नहीं तो पता नहीं कितना टाइम लग जाएगा।

फ़िर वो चुप हो गई जैसे ही मैंने अपना लण्ड उन की गांड पे लगाया वो बोली कि दर्द होगा, तो मैंने कहा कि बस एक बार होगा. पहली बार चूत में डलवाया था तब भी तो हुआ होगा. इसे भी सह लेना मेरे लिए और वो चुप हो गई.

भाभी की चूत के रस से गांड चिकनी हो गई थी इसलिए आयल की जरुरत ही नहीं पड़ी. फ़िर मैंने अपना लण्ड उन की गांड के छेद पे रखा तो उन्होंने लम्बी साँस ली और मैंने एक जोरदार धक्के से मेरा लण्ड का सुपाड़ा उन की गांड में घुसा दिया। वो कहने लगी कि बाहर निकालो, दर्द हो रहा है। तो मैंने उनको कहा कि थोड़ा दर्द सहन कर लो, बाद में सब ठीक हो जाएगा। फ़िर एक और धक्का मारा और मेरा लण्ड आधा भाभी की गांड में चला गया। वो और जोर से चिल्लाई। मैंने उसका ध्यान न देते हुए एक और धक्के के साथ अपना पूरा लण्ड उनकी गांड में अंदर तक डाल दिया और फ़िर मैं थोडी देर रुका रहा।

थोड़ी देर बाद मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए। भाभी रो रही थी और कह रही थी कि बाहर निकालो। २० मिनिट बाद मैं भाभी की गांड में झड़ गया. फ़िर मैं भाभी के उपर ही लेट गया। ५ मिनिट बाद भाभी ने मुझे उठने को कहा और बाथरूम में जा कर अपनी गाण्ड और चूत को धोया. मैं भी वहाँ पर आ गया और भाभी ने बड़े ही प्यार से मेरा लण्ड भी धोया। फ़िर मैंने कपड़े पहने और जाकर दरवाजा खोल कर अंदर आ गया।तभी भाभी की सास भी आ गई कि इतनी देर से क्या कर रही है। उस दिन तो बाल बाल बच गए। तब भाभी वहाँ से चली गई यह कह के कि मैं रात में १० बजे आऊँगी और रात में गांड नहीं मारने दूंगी बहुत दुःख रही है। मैं भी मुस्करा दिया और वो चली गई.

मैं बेसब्री से रात का इंतजार करने लगा. भाभी ठीक १० बजे मेरे पास आ गई और हमने सुबह ५ बजे तक मजे किए। वो मैं अगली बार की कहानी में बताऊँगा. आप को यह कहानी कैसी लगी? मेल करें! Sex Stories

मैं राज आगरा से अपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं, जो मेरे साथ हुई थी, मेरी एक चाची बहुत ही सेक्सी और मस्त लेकिन मैंने उनको कभी इस नज़रों से देखा नहीं था, लेकिन एक दिन की बात, मैं गर्मियों की छुट्टियों में उनके घर गया था अकेला, उनके परिवार में वो, मेरे चाचा और एक छोटी लड़की थी, चाची देखने में गोरी, चिट्टी और बहुत सेक्सी थी, उनका फ़ीगर 38-32-38 था थोड़ी मोटी थी लेकिन अच्छी थी उनकी उमर 45 साल थी।

एक दिन चाचा किसी काम से बाहर गये थे घर में मैं और चाची और उनकी लड़की जो 4 साल की थी इतने ही लोग थे, मैं बाहर खेल के लौटा तकरीबन 9 बजे थे उनकी बेटी सो गयी थी तब, चाची बोली बेटा आज बहुत गर्मी है जाओ नहा लो!

मैंने कहा नहीं मैं बहुत थक चुका हूं.
वो बोली- नहीं चलो, मैं तुम्हे नहलाती हूं चलो!
और वो आ गयी बाथरूम में, उन्होंने मेरी शर्ट निकाल दी, और पैंट भी, अब मैं सिर्फ़ अपनी निक्कर में था, चाची उसे भी निकालने जा रही थी मैंने कहा नहीं चाची मुझे शर्म आती है, वो बोली ऐसे नहीं चलेगा ठीक से नहाना तो पड़ेगा, और एक ही झटके में मेरी निक्कर निकाल दी अब मैं बिल्कुल नंगा खड़ा था, और वो मुझे सेक्सी निगाहों से देख रही थी, उस टाइम मेरा लंड छोटा सा था 4′ का और वो नहलाते नहलाते उससे खेलने लगी, उसके बाद से उनकी निगाहें मेरी तरफ़ अलग नज़र से देखने लगी।

थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये, एक दिन हम दोनो रात को अकेले थे, वो बोली आज रात तुम मेरे कमरे में ही सोना, मुझे अकेले डर लग रहा है मैंने कहा ठीक है, मैं रात को उनके कमरे में गया सोने के लिये, वो बोली बहुत गर्मी है, मैंने कहा हां मौसी,
वो बोली इन कपड़ो मे बहुत गर्मी लगेगी निकाल दे, और वो भी अपने कपड़े निकालने लगी, उन्होंने ब्लु साड़ी पहन रखी थी बहुत सेक्सी लग रही थी, वो निकाल दी, और ब्लाउज़ भी, अब वो सिर्फ़ पेटीकोट में ही थी, और मैं सिर्फ़ अपनी निक्कर में था,

उन्होंने लाइट बुझा दी और हम सो गये, थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि कोई मुझे छू रहा है और लंड को सहला रहा है, मैं जग गया, देखा तो चाची प्यासी निगाहों से देख रही थी मुझे।

मैंने कहा चाची ये क्या कर रही हैं आप, वो बोली कि तुम मुझे अच्छे लगते हो, तेरे मौसा को तो काम से फ़ुरसत ही नहीं है, और वो मुझसे लिपट गयी और मुझे चूमने लगी, और अपना पेटीकोट निकाल दिया वो अब सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी बहुत ही सेक्सी दिख रही थी, मैं भी उत्तेजित हो चुका था, मैंने अब तक किसी को छुआ भी नहीं था, और वो बहुत एक्सपर्ट थी, उनके बड़े बड़े मम्मे और बड़े चूतड़ उफ़्फ़ क्या सीन था, मैं उनके मम्मो को चूसने लगा ब्रा के ऊपर से ही, उन्होंने अपनी ब्रा भी निकाल दी और बहुत पागलों की तरह मुझे किस करने लगी, और निक्कर के ऊपर से ही लंड को सहलाने लगी, उन्होंने मुझे नंगा कर दिया और लंड चूसने लगी, जैसे कोई लोलीपोप हो, वो बोली बहुत मस्त लंड है

vasnastories

उस टाइम मेरा लंड छोटा था पर उनको अच्छा लगा, अब मेरी घबराहट थोड़ी दूर हो चुकी थी, और मैं भी रिस्पोंस दे रहा था, उनके निप्पल को चूस रहा था, वो बोली बेटे ऊपर आ जाओ!

मैं उन्हे किस कर रहा था पूरी बोडी पर, अब मैंने उनकी पैंटी भी निकाल दी, क्या मस्त चूत थी, एक भी बाल नहीं था, वो बोली चूसो इसे, मैं चूसने लगा वो आह, आह की आवाज़ें निकाल रही थी, फ़िर उन्होंने मेरा लंड पकड़ के चूत में डाल दिया और धक्के लगाने लगी और मैं भी धक्के लगा रहा था धीरे से एक दम फ़ास्ट चोद रहा था उन्हे, मुझे बहुत मज़ा आने लगा था

फ़िर उन्होंने मुझे लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गयी और धक्के लगाने लगी, फ़िर हमने डौगी स्टाइल में भी किया उनके चूतड़ बहुत ही मस्त थे, मैं उनको पकड़ कर चोद रहा था, फ़िर हम दोनो 1 घंटे के बाद झड़ गये, और उसी रात को हमने दो बार और किया, फिर नंगे ही सो गये,

फिर सुबह वो जल्दी उठ गयी थी, मुझको उठाया और हम दोनो साथ में ही नंगे नहाये, मेरा तो ये पहला एक्सपेरिएंस ही था लेकिन खूब एन्जॉय किया फिर तो हमने कई और बार सेक्स किया जब भी मौका मिलता।

चाची की मस्त चुदाई

 मेरे शौहर ने मुझे कैसे लंड की भूखी रंडी बनाया.
मेरा नाम सबा है, मैं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 24 साल है, मेरी शादी हो चुकी है. मेरे बदन का साइज़ 34 28 38 है, मेरे बूब्स बड़े और टाइट हैं मेरी गांड काफी बाहर निकली हुई है जिसे देख कर सबका लंड खड़ा हो जाता है.
मैं अपने शौहर से चुदाई रोज़ करती हूँ, वो भी मुझे खूब जम कर चोदते हैं लेकिन कुछ दिनों से मुझे अपने शौहर के लंड से मज़ा नहीं मिल रहा था लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं कहा.
पर वो समझ गए, एक दिन चुदाई के वक़्त कहने लगे- लगता है अब तुम्हें बड़े लंड की ज़रूरत है?
मैंने कुछ नहीं कहा.
उसके बाद हम लोग चुदाई करके सो गए.

अगले दिन चुदाई के वक़्त फिर वही बात कहने लगे, तब मैंने कहा- मुझे सिर्फ आपके साथ ये सब करना है और अब कभी ये सब मत कहना!
लेकिन वो नहीं माने, कहने लगे- मेरा एक दोस्त है, वो जिगोलो है, उसके ग्रुप में पांच लड़के हैं, सबके लंड बड़े बड़े हैं और वो यही काम करते हैं. तुम कहो तो बात करूँ?
मैंने मना कर दिया लेकिन अब रोज़ चुदाई के वक़्त वो ये सब कहते और मैं कुछ नहीं कहती.

एक दिन उन्होंने कहा- आज अपने दोस्त से मैंने बात की है और उसने तुम्हारी फ़ोटो मांगी है नंगी!
मैंने कहा- मुझे ये सब पसंद नहीं है!
लेकिन वो ज़बरदस्ती करने लगे कि सिर्फ तुम्हारी चूत और बूब्स का फोटो भेजूंगा.

काफी ना नुकुर के बाद मैं भी मान गई और उन्होंने मेरी फ़ोटो उन लोगों को भेज दी.
तब मैंने पूछा- आपके दोस्त का नाम क्या है?
उन्होंने बताया- संजय… और उसी का लंड सबसे बड़ा है. उसने अपने लंड की फ़ोटो भी भेजी है, देखोगी?
मैंने मना कर दिया लेकिन वो ज़बरदस्ती मुझे दिखाने लगे.

तभी मेरी नज़र मोबाइल पर पड़ी, मेरे तो होश ही उड़ गए कि इतना बड़ा लंड भी होता है. मेरे शौहर का मुश्किल से पांच इंच का होगा लेकिन ये तो उसका डबल से भी ज़्यादा है और बहुत मोटा भी!
मैंने कहा- कौन चुदवाती होगी इससे?
कहने लगे- पसंद आया?
मैंने कहा- नहीं, मुझे नहीं करना है!

उन्होंने कहा- एक बार चलो, तुम्हारी चूत की सारी गर्मी निकल जायेगी या तुम चुदाई छोड़ दोगी या फिर रंडी बन जाओगी. मुझे तुम्हें देखना है तुम कैसे दूसरे मर्द से चुदवाती हो!
मैंने कहा- आप बर्दाश्त कर लेंगे जब कोई आपके सामने आपकी बीवी को चोदेगा?
उन्होंने कहा- उस दिन का मुझे बहुत दिनों से इंतज़ार है!
मैंने कहा- जब आपकी यही तमन्ना है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है!

सच कहूँ तो मैंने जब से वो लंड देखा था, मेरी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी. उस रात मैंने खूब चुदवाया.

कुछ दिन बाद मेरे शौहर ने कहा- कल चलना है!
मैंने कहा- कहाँ?
तो बताया- संजय के पास… मेरी बात हुई है, मैंने कह दिया है अपने दोस्तों को बुला लेना!
मैंने कहा- क्या मुझे रंडी बनाने का इरादा है?
तो बोले- बन जाओ रंडी!
मैंने कहा- ठीक है. अब मुझे सबा मत कहना, रंडी कहना! आज से मैं एक रंडी हूँ!
उन्होंने कहा- ठीक है!

अगले दिन मैंने अपनी चूत को अच्छी तरह साफ किया और चल पड़ी. हम लोग एक घर में पहुंचे, वहाँ पर 6 लोग हमारा इंतज़ार कर रहे थे.
इतने लोगों को देख कर मैं डर गई, मैंने कहा- चलिए, मुझे मरना नहीं है!
तब एक आदमी आया और कहने लगा- कुछ नहीं होगा, हम ज़बरदस्ती नहीं करेंगे, अगर आपको कोई दिक्कत होगी तो आप चली जाना!
मेरे शौहर ने कहा- एक बार ट्राई कर लो, अच्छा नहीं लगेगा तो मत करना!

मैंने हाँ में अपना सर हिला दिया.

तभी एक दूसरा आदमी मेरे पास आया और मेरा नकाब निकलने लगा.
मैंने कुछ नहीं कहा और अपना नकाब उतार दिया.

तभी मुझे पीछे मुझे कुछ चुभता हुआ महसूस हुआ, मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो एक आदमी मेरे गांड में अपना लंड रगड़ रहा है और तीन लोग नंगे खड़े अपना लंड हिला रहे थे, सबके लंड लगभग बहुत लम्बे लम्बे और मेरी कलाई इतने मोटे थे.
मेरी तो हलक़ ही सूख गई उनके लंड देख कर… मेरा दिल बहुत ज़ोर से धड़कने लगा, जिससे मेरी चूचियाँ ऊपर नीचे होने लगी.

तभी संजय ने कहा- क्या नाम है आपका?
मैं कुछ बोलने ही वाली थी कि मेरे शौहर ने कहा- सबा!
फिर पूछा- क्या करने आई हो, पता है?
मेरे शौहर ने कहा- इसे रंडी बनाना है, इसे आज अपनी रंडी समझ कर इतना चोदो कि इसकी चूत और गांड दोनों खुल जायें!

गांड का नाम सुनते ही मैं चौंक गई क्योंकि मैंने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई थी. मेरे शौहर कहते थे लेकिन मैं मना कर देती… लेकिन यहां तो आज मेरी गांड और चूत दोनों फटने वाली थी.
मैं यही सब सोच रही थी कि पीछे से किसी ने मेरी गांड को दबा दिया, मुझे बहुत डर लग रहा था.

तभी संजय ने कहा- सबा रंडी… अपने कपड़े उतारो, आज तुम्हें असली चुदाई का मज़ा मिलने वाला है!
मुझे शर्म आ रही थी.
तभी मेरे शौहर ने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए. मैंने भी दिल में ये सोच लिया कि जो होगा देखा जाएगा… आज मज़ा ले लिया जाए!

मैंने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए. तब मैंने संजय से कहा- सब तो नंगे हैं, आपने क्यूँ नहीं कपड़े उतारे?
तो उन्होंने कहा- मैं बाद में उतारूंगा, तुम लोग शुरू हो जाओ!

तभी पांच आदमी मेरे पास आ गए और मुझे अपना अपना लंड पकड़ाने लगे. मैंने झिझकते हुए एक का लंड पकड़ा, मुझे लगा जैसे कोई मोटा बेलन हो… मेरे हाथ में नहीं आ रहा था और काफी गर्म भी था.
एक ने इशारा किया उसका लंड चूसने के लिए… मैंने झुक कर उसका लंड अपने मुँह में ले लिया सिर्फ उसका टोपा ही मेरे मुंह में जा पा रहा था.
तभी एक पीछे से मेरी चूत को चाटने लगा और दूसरा मेरे बूब्स को पीने लगा. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगी, उसकी चटाई ऐसी थी कि मैं एक मिनट भी नहीं टिक पाई और झर गई, मेरी चूत से बहुत पानी निकलता है, लगभग आधा गिलास… और वो सारा पानी पी गया.

मेरा अब मुंह भी दर्द करने लगा था, मैं खड़ी हो गई. तभी संजय मेरे पास आया. वो भी नंगा हो गया था, उसका लंड सबसे बड़ा था.
मैं सोचने लगी कि आज पता नहीं ज़िंदा बचूंगी भी या नहीं!
मैं सोच ही रही थी कि सबने मुझे बेड पर चलने को कहा.

तो मैं सीधे चल दी आगे आगे… पीछे से सबकी नज़र मेरी गांड पर थी जो ऊपर नीचे हो रही थी. बेड पर पहुंचते ही सबसे पहले संजय ने मुझे किस करना स्टार्ट किया और एक हाथ से मेरी चूत को और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स को मसलने लगा.
उसके हाथ में जादू था, मैं हवा में उड़ने लगी, मेरी चूत से रस टपकने लगा, मैंने कहा- जल्दी करो, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है!

तब संजय ने कहा- अब बताओ तुम कौन हो?
मैंने कहा- मैं तुम सब की रंडी हूँ, मुझे चोदो… तड़पाओ मत… मुझे इतना चोदो… अपनी रंडी समझ कर चोदो… मैं कितना भी चिल्लाऊं, मुझे छोड़ना मत!

नेहा के मचलते मम्मे – ऑडियो सेक्स स्टोरी   सेक्सी लड़की की आवाज में सेक्सी कहानी का मजा लें!

तभी किसी ने मेरी चूत को चाटना शुरू किया, मेरी आग और भड़क गई, मैंने कहा- प्लीज मुझे जल्दी से चोदो, नहीं तो मैं मर जाऊँगी.
तब संजय ने मुझे लिटा कर मेरी चूत में अपना लंड रखा, मैंने अपनी आंखें बंद कर ली लेकिन वो सिर्फ मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ता रहा, मैं तड़पने लगी, मेरी चूत से ढेर सारा पानी बह कर मेरी जांघों पर पहुँच गया. मैंने कहा- मेरी जान, मत तड़पाओ… जल्दी से चोदो!

तभी उसने एक तेज़ झटका मारा और मैं बहुत ज़ोर से चिल्लाई, मुझे लगा जैसे कोई गर्म सरिया मेरी चूत को चीर गया है और मेरी चूत फ़ट गई है.
मैंने कहा- प्लीज, निकाल लो, मुझे नहीं करवाना, मैं मर जाऊँगी.
उसने अपने होंठ मेरे होंठों पे रख कर उन्हें चूसना चालू कर दिया और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स दबाने लगा.

थोड़ी देर बाद मुझे कुछ दर्द कम हुआ तो नीचे से मैंने अपनी गांड उचकाना शुरू किया. तभी एक जोरदार झटका लगा और मेरे मुँह से भयानक चीख निकली, मेरी तो जैसे जान ही निकल गई, मैं छटपटाने लगी और छूटने की बहुत कोशिश की लेकिन नाकाम रही. उसने मुझे कस कर दबाये रखा और मेरे निप्पल को चूसता गया.

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ तब उसने कहा- मुबारक हो, तुम्हारी चूत ने मेरा पूरा लंड अपने अन्दर ले लिया, अब तुम किसी से भी चुदवा सकती हो!
मेरा भी अब दर्द कम हो गया था, तब मैं अपनी गांड को हिलाने लगी.
यह हिंदी चुदाई की हॉट कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

संजय ने अपना आधा लंड बाहर निकाला और एक झटके में अंदर कर दिया. मुझे बहुत तेज जलन महसूस हो रही थी, मैंने कहा- प्लीज, थोड़ा धीरे करो… बहुत जलन हो रही है.
लेकिन वो लगातार मुझे चोदता गया. कुछ देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी उसका साथ देने लगी. उसका लंड जब मेरी बच्चेदानी में जाकर ठोकर मारता, मुझे इतना मजा आता कि मैं बता नहीं सकती.

मैं झड़ने के करीब पहुँच गई और चिल्लाने लगी- और कस कर चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत को… बना दो मुझे बाजारू रंडी! मैं अब तुमसे हमेशा चुदवाऊंगी! मुझे ऐसे ही हमेशा चोदना!
उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
तभी मैं झड़ गई लेकिन वो मुझे लगातार चोदता रहा.
उसके बाद वो भी मेरी चूत में झड़ गया, मैं बहुत खुश थी.

तभी दूसरे ने आकर अपना लंड मुझे चूसने के लिए कहा. मेरा मन अभी भरा नहीं था तो मैं जल्दी से उसे चूसने लगी. सब एक साथ मेरे ऊपर टूट पड़े, एक मेरी चूत को चाट रहा था, दूसरा मेरी गांड को चाट रहा था, तीसरा मेरे बूब्स को चूस रहा था, चौथा अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ाए था.

मुझे गांड चटवाने में बहुत अच्छा लग रहा था, मैं दोनों का सर पकड़ कर अपनी चूत और गांड पर दबाने लगी.

तभी सब हट गए, मैंने पूछा- क्या हुआ?
एक ने कहा- अब तुहारी असली चुदाई होगी!
मैंने कहा- जल्दी करो, चोदो इस रंडी को!

तभी एक आदमी नीचे लेट गया और मुझे अपने लंड पर बैठने का इशारा किया.
मैंने जल्दी से उसके लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगाया और धीरे धीरे बैठने लगी. उसका लंड भी संजय के जितना था, थोड़ा सा दर्द हुआ लेकिन मैंने सहते हुए पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया जो सीधे जाकर मेरी बच्चेदानी में लगा.

तभी नीचे से धक्का लगना स्टार्ट हुआ, मैं भी अपनी गांड हिला कर उसका साथ दे रही थी.
अब तीन लोग सामने आए और एक ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और दो ने मेरे हाथों में पकड़ा दिया.
मैं मजे में लंड चूसते हुए दिल खोल कर चुदवा रही थी कि तभी मेरी नज़र मेरे शौहर पर पड़ी, वो संजय से कुछ कह रहे थे, मुझे देख कर हँसने लगे.

उनको देख कर मैं और ज़ोर से लंड चूसने लगी, अपनी गांड को लंड पर पटकने लगी.
मैं झड़ने ही वाली थी कि उसने अपना लंड बाहर निकल लिया और हट गया. तभी दूसरा नीचे लेट गया, मैं उसके लंड की सवारी करने लगी लेकिन चार पाँच झटकों के बाद वो रुक गया और मुझे अपने ऊपर झुका कर मेरे होंठ को चूसने लगा.

तभी कोई मेरी गांड में उंगली डाल कर तेल लगाने लगा.
मैं उठना चाहती थी लेकिन उसने मुझे कस कर जकड़ा था, मैं चिल्लाने लगी- मुझे गांड नहीं मरवानी है… प्लीज, मेरी गांड मत मारो, मेरी गांड फट जाएगी!
लेकिन तभी मेरी गांड पर मुझे लंड महसूस हुआ, मैंने कहा- प्लीज, धीरे करना!

उसने थोड़ा ज़ोर लगाया और उसका टोपा मेरी गांड में घुस गया, मैं चिल्लाने ही वाली थी कि दूसरे ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया. मैं रोने लगी.
मेरे शौहर ने कहा- रुकना मत, पूरा एक बार में डाल दो!
उसने एक झटका इतना ज़ोर मारा कि पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया.
मैं बेहोश होते होते बची.

तभी उसने अपना लंड आधा बाहर निकाला और फिर पूरा मेरी गांड में घुसा दिया. मेरी आंखों से आँसू बहने लगे लेकिन उसने मेरी गांड मारना चालू रखा. थोड़ी देर बाद दर्द कम हुआ तो नीचे वाले ने अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया. मेरी दोनों तरफ से चुदाई हो रही थी, अब मुझे भी मज़ा आने लगा था, मैं अब मज़े से चुदवा रही थी, मुझे इतना मज़ा कभी नहीं मिला था मुझे चूत से ज़्यादा अब गांड मरवाना अच्छा लग रहा था.
मैं चिल्ला रही थी- चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत और गांड को!

वो फुल स्पीड से मुझे चोद रहे थे, उनके लम्बे लंड मेरी गांड और चूत की साथ में चुदाई कर रहे थे. लगातार काफी देर तक चोदने के बाद वो मेरी गांड और चूत में झड़ गए, उनका माल मेरी गांड और चूत से बाहर बह रहा था.

उसके बाद बाकी दो लोगों ने जगह संभाल ली, एक चूत में, एक गांड में… फिर मेरी चुदाई स्टार्ट हुई. इन दोनों ने भी लगभग आधा घंटा मुझे खूब रगड़ कर चोदा, वो भी मेरी गांड और चूत में झड़ गए.
इस दौरान मैं लगभग बहुर बार झड़ी थी.

उनके हटने के बाद मैंने अपनी चूत को देख तो वो एकदम फूल गई थी. मुझसे चला भी नहीं जा रहा था.
मैंने अपनी गांड को हाथ लगाया तो लगा जैसे किसी ने बाँस डाल कर फैला दिया है.

उन लोगों ने मुझे मेरी गांड का फोटो खींच कर दिखाया, एकदम खुल गई थी.

मेरे शौहर ने मुझे कपड़े पहनाए, नक़ाब, बुर्का पहनाया.

उसके बाद उन्होंने मेरे शौहर को एक मेमोरी कार्ड दिया और मैं सबसे गले मिलने लगी. सबने मेरे बूब्स और गांड को दबा कर मुझे छेड़ा.

आते हुए संजय ने कहा- सबा, एक बात पूछूँ?
मैंने कहा- कहो?
उसने कहा- फिर कब आओगी? मुझे तुम्हारी गांड मारनी है!
मैंने कहा- मैं सबा नहीं हूँ, मैं तुम लोगों की पर्सनल रंडी हूँ, जब चाहो मुझे चोदो, मेरी गांड मारो… अब तुम लोग मेरे घर पर आकर मुझे जब दिल चाहे चोदना… यह रंडी हमेशा अपनी चूत और गांड तुम लोगों के लिए तैयार रखेगी. लेकिन मेरी एक शर्त है मेरी चूत और गांड की चुदाई साथ में होनी चाहिए!

सब हँसने लगे.

मेरे शौहर ने कहा- एक बार में इतनी बड़ी रंडी बन गई हो?
मैंने कहा- अब देखना मेरा रंडीपना…
फिर हम घर चले आये.

घर आकर पता चला कि मेरी चुदाई की वीडियो बनी है, अब सब लोग आते हैं और मुझे रात भर मेरी गांड और चूत की चुदाई करते हैं. मेरी गांड अब और भी बड़ी हो गई है, मैं पक्की रंडी बन गई हूं.

Sex Stories

हैलो ! मेरा नाम सोनू है और Sex Stories मैं जालंधर का रहने वाला हूँ और मैं 30 साल का हूँ। आज मैं आपको अपनी सच्ची लव स्टोरी के बारे में बताने जा रहा हूँ।

बात 5 साल पहले की है जब मैं एक कंपनी से दूसरी कंपनी में काम करने के लिए आया। नए ऑफिस में दो लड़कियां पहले से ही काम कर रही थी। दोनों गजब की स्मार्ट और सेक्सी थी। एक की उमर 33 साल की थी, नाम शरण था और मुझे लाइन भी दे रही थी। वो मुझे बहुत सेक्सी और पटने वाली लगी। धीरे धीरे मैंने उस से दोस्ती कर ली।

तीन महीने के बाद मैंने उस से पूछा कि क्या उसको मुझसे प्यार है। वो घबरा गयी और कुछ नही बोली। उसके मुम्मे घबराहट से बड़े हो गए और होंठ सूख गए। दूसरे दिन वो ऑफिस में मेरे पास वाली सीट पे बैठी थी।

मैंने उस से किस मांगी। पर उसने इनकार कर दिया। फ़िर मैं धीरे से उसके पास गया और हाथ पकड़ के किस करने की कोशिश की। उसने मुझे नहीं रोका और मैंने पहली बार किसी लड़की के होंठ चूसे। उसके हाथ और चेहरा बहुत गर्म हो गया। फ़िर कुछ देर बाद उसने मुझे पीछे कर दिया। और इस तरह पहले चुम्बन से सिलसिला शुरू हो गया।

फ़िर मैंने उसे बाहर मिलने के लिए जोर डाला। पर शरण नहीं मानी। फ़िर कुछ दिन बाद मेरे ऑफिस के दूसरे लड़के की रात की शादी थी। उसने सब को शादी में बुलाया। मेरे मन में आया कि मैं शरण को इस शादी की रात चोदूंगा और ऐसा ही हुआ।

शादी में शरण भी आ गयी। वो बहुत सेक्सी लग रही थी और सलवार कमीज में थी कमीज का गला बड़ा था और उसके मुम्मों की बीच की लाइन साफ़ नज़र आ रही थी। मैंने उससे बोला कि शादी के बाद मैं उससे अपनी कार में घर छोड़ दूंगा और वो मान गयी। सो, शादी में कुछ देर एन्जॉय करने के बाद मैं शरण को कार में लेके निकल पड़ा। थोड़ा दूर जा के मैंने कार साइड में लगा दी और शरण से किस मांगी। उसने इंकार नहीं किया। मैंने उसे कार में ही किस करना शुरू किया।

पहले ऊपर का होंठ खूब चूसा, फ़िर नीचे वाला चूस के लाल कर दिया, फ़िर मैंने उसकी कमीज में हाथ डाल दिया और पेट को सहलाते हुए मुम्मे तक पहुँच गया, साथ में लिप किस भी हो रही थी। फ़िर मैंने उसकी कमीज ऊपर की और ब्रा के ऊपर से उसके मुम्मों को खूब रगड़ा। शरण पूरी गरम हो गयी थी। फ़िर मैंने पीछे से उसकी ब्रा की हूक खोली और उसके दोनों मुम्मों में अपना मुँह दे दिया। अब तो मेरा लंड खूब फर्राटे मार रहा था।

फ़िर मैंने धीरे से उसकी सलवार का नाला खोल दिया और झट से अपना हाथ बीच में डाल कर उसकी चूत पकड़ ली। उसने पैंटी नहीं पहनी थी। वो एकदम से घबरा गयी और जान गयी की आज वो ज़रूर चुद जायेगी। उसने मुझे रोकने की कोशिश की पर मैं नहीं रुका। उसकी चूत पे थोड़े से ही बाल थे। मैंने उसकी चूत में खूब ऊँगली दी। उसकी चूत पूरी लाल और गीली हो गयी थी। फ़िर मैंने उसकी सलवार उतार दी, उसकी चूत के बाहर के हिस्से को खूब रगड़ा। मेरा लंड उसकी चूत का स्वाद चखने को तैयार था। उसकी चूत में से पानी निकल के कार की सीट पे जा रहा था।

फ़िर मैंने अपनी पैंट उतारी और शरण के ऊपर चढ़ गया। मैंने अपना लंड उसकी चूत की मोरी पे रख दिया पर अंदर धक्का नहीं दिया। शरण तड़प उठी और बोली कि अब अपना लंड अंदर डाल दो। फ़िर मैंने एक ही झटके में अपना पूरा बड़ा लंड उसकी चूत में दे दिया और जोर से झटके मारने लगा।

उसको पहले दर्द हुआ फ़िर मज़ा आने लगा। उसने भी अपनी गांड ऊपर उठा के झटके देने शुरू कर दिए। मैंने उसकी गांड को पकड़ लिया और जोर से अपना लंड उसकी बच्चेदानी तक ले गया। वो फिस फिस करने लगी। फ़िर मैंने झटके के साथ साथ शरण के मुम्मों को दबोचा, किस किया, काटा, निप्पल को चूसा।

फ़िर मैंने अपना लंड उसकी चूत में से निकाल के उसे उल्टा करके पीछे से उसकी चूत को पकड़ के फ़िर चूत में डाल दिया। उसकी गांड पे झटके लग रहे थे। मैंने उसकी गांड पकड़ के पूरी चौड़ी कर दी और फ़िर गांड की मोरी में अपनी उंगली दे दी। इसी बीच वो डिस्चार्ज हो गयी और बाद में मेरा लंड भी उसकी चूत में डिस्चार्ज हो गया। और इस तरह से लगभग आधा घंटा मैंने उसके साथ सेक्स का मज़ा लिया। शरण ने भी खूब चुदने का मज़ा लिया।

उस रात के बाद मैंने कई बार उसको सेक्स के लिए बुलाया पर वो नहीं आयी। अब भी हम दोनों एक ही ऑफिस में हैं। मैं कभी कभी उसको पकड़ के किस करता हूँ तो वो एकदम बहुत गरम हो जाती है। यारो अब पाँच साल के बाद फ़िर मेरा दिल शरण को चोदने को कर रहा है पर वो नहीं मान रही। वो बोलती है किस कर लो, मुम्मे चूस लो और जो मर्ज़ी कर लो पर चूत मारने को नहीं दूँगी। अब मैं उसको कैसे अपनी गिरफ्त में लूँ, अपने सुझाव मुझे लिख भेजो : Sex Stories

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆