Important Notice: For website Rent Whatsapp 📞 Call us: +918530812545

Massage Girl in Kolhapur: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Kolhapur who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Kolhapur that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Kolhapur massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Kolhapur who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Kolhapur massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Kolhapur massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Kolhapur who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Kolhapur employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Kolhapur helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Kolhapur

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Kolhapur at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

अन्तर्वासना के सभी साथियों को अभिवादन !Hindi Sex Stories

अन्तर्वासना पर ज्यादातर कहानियो में यह लिखा होता है कि शेष कहानी अगली बार बताऊंगा !Hindi Sex Storiesअरे यार ! क्या अगली बार तक कोई व्यक्ति उसी मूड में रह सकता है?

क्या तब तक आदमी अपना लंड पकड़ कर या औरत अपनी चूत में उंगली डाल कर बैठी रहेगी?

जो लिखना है वो उसी वक्त पढ़ने के काम आएगा और उसी वक्त मजा देगा !

आप लोगों का प्यार मुझको वास्तविक और साइंस आधारित कहानियाँ और लोगों के अनुभव लिखने को प्रेरित करता है। यह भी इसी तरह एक और जानकार के जीवन के कुछ अंश हैं।

मैं एक बात बता दूँ कि मैं स्वयं सेक्स में बहुत रूचि रखता हूँ, एवं घनिष्टता जिस किसी से भी बढ़ी, हम लोग सेक्स की बातों में बहुत रूचि लेते हैं और आपस में वार्तालाप भी करते हैं।

मैंने साइंस से पढ़ाई की और कई बायोलोजी की एवं सेक्स से सम्बंधित अन्य किताबों को मिलने पर उनको अच्छी तरह से पढ़ा। इससे कई तरह के फंडे क्लिअर हुए।

इसका फायदा ये होता है कि हम सेक्स के ज्ञान को तो बढाते ही हैं, नया अनुभव भी जानने को मिलता है और मनोरंजक सेक्स को और भी आनंदित बनाने में मदद भी मिलती है.

एक लड़का मोहित मेरे संस्थान में पढ़ने आया, यह उसकी कथा है !

मेरी जिस से भी पटरी बैठी वो सब बोलने में मेरी तरह तमीजदार और अपने रिश्तों में विश्वास रखने वाले रहे हैं, अर्थात माँ के पेट से बने रिश्तों की इज्जत करने वाले। गन्दी भाषा में बात करने वालो को मैं पास भी नहीं फटकने देता हूँ।

जब मोहित पढ़ाई कर रहा था तो इसके साथ इसके मामा का लड़का और लड़की तीनो होस्टल में रह कर पढ़ाई करते थे। तीनों को अलग अलग कमरे मिले हुए थे। इसके मामा की लड़की का नाम हम रीटा मान लेते हैं। ख़ुद मोहित लगभग पांच फुट नौ इंच कद का है। सुता हुआ शरीर और बोलने में तमीजदार।

रीटा की एक सहेली भी होस्टल में ही थी। मोहित का दिल उस लड़की स्वाति पर था। धीरे धीरे दोनों में घनिष्टता बढ़ने लगी। जैसा कि विपरीत सेक्स वालों में होता है, फ़िर आपस में थोडी बहुत सेक्स से रिलेटेड बातें भी होने लगी।

जब भी दोनों अकेले मिलते हाथ फेरने का सिलसिला भी चलने लगा। और क्योंकि होस्टल में रहते थे इसलिए मौका भी काफी था। स्वाति को भी मजा आता था। वो भी एक ऐसे घर से सम्बंधित थी जो परम्परा में बंधा था। इसलिए स्वाति भी एक हद से ज्यादा बढ़ने में डरती थी। इसलिए हाथ फेरने में बोबे तक तो सब कुछ चलता था लेकिन जैसे ही मोहित नाभि से नीचे हाथ डालने लगता स्वाति उठकर कमरे से बाहर भाग कर ख़ुद के कमरे में आ जाती।

मोहित ने उसको पूछा भी कि मजा आता है तो उसने बताया कि हाँ सनसनाहट होती है। लेकिन आगे नहीं बढ़ेंगे। मोहित ने भी स्वाति को जाहिर कर दिया कि जब तक तू अपने मुह से सेक्स के लिए नहीं बोलेगी तब तक मैं सेक्स नहीं करूँगा।

अब मोहित ने नाभि से नीचे जब भी बढ़ना होता स्वाति को भींच के बैठता ताकि वो उठ कर यूँ न भाग जाए और उसके बोबे दबाता धीरे धीरे टोपर ऊपर करके ब्रा खोलकर उसके बोबों को मसलता। तो स्वाति की आहें निकल जाती और आँखें गुलाबी डोरों में लिपट जाती। लेकिन एक सीमा के बाद वो छुडा कर भाग जाती।

मोहित भी इरादे का एकदम पक्का था। वो लगा रहा कि कभी तो बहार आएगी। कोई भी मौका नहीं छोड़ता। मिलते ही मसलना, चूमना , जीभ चूसना बदस्तूर चलता।

क्रम से मोहित आगे बढ़ता रहा। स्वाति को भींच कर बैठता उसके बोबे नंगे करता, चूसता। आहों से कमरे में संगीत गूंजने लगता। होटों में होंट लेके चूसता, स्वाति भी साथ देती। लेकिन जब भी चूत की ओर बढ़ने की बारी आती स्वाति के मन में भारतीय परम्परा सर उठाती और जो उसने अपने पति के लिए इतने वर्ष सम्हाल कर रखा उसको यू किसी को सौंप देना उसको गवारा ना होता। जाने कैसे उसने अपने आपको कंट्रोल किया हुआ था।

अब मोहित उसको ज्यादा ध्यान से पकड़ कर रखता ताकि भागने का मौका कम से कम मिले। अब मोहित सलवार के ऊपर चूत पर हाथ फेरने लगा। उसकी चूत की दरार में भी मसलने लगा। स्वाति की हालत पहले से ज्यादा ख़राब होने लगी।

लेकिन मानना होगा स्वाति को। सच में ऐसी होती हैं भारतीय लड़कियां। उस ने चार महीने इसी तरह से कंट्रोल किया। जाने ख़ुद के कमरे में जाने के बाद वो कैसे अपनी चूत की खुजली को काबू करती होगी। लेकिन उस ने अपने मुंह से नहीं बोलना था तो नहीं बोली सेक्स के लिए.

मोहित भी पक्का डीठ। वो कसम खाए बैठा था। उसके मामे का लड़का उकसाता था कि गधे देख मैंने भी तेरे साथ ही मेरी दोस्त से सेटिंग की थी। मैं उसको चोद चुका और तू है कि तपस्या कर रहा है। लेकिन फ़िर भी मोहित ने बड़ी तसल्ली से अपनी जिद पकड़े रखी।

आख़िर एक शनिवार को स्कूल में जल्दी छुट्टी हो गई तो जो भी स्टुडेंट आसपास के गाँव से थे घर जाने वाले थे वो सब चले गए। लेकिन ये चारों और कुछ स्टुडेंट और भी थे जो नहीं गए। लेकिन होस्टल थोड़ा सूना हो गया।

रात को लगभग १० बजे जब रीटा और मामा का लड़का सो गए तो मोहित स्वाति के कमरे के दरवाजे पर थाप दे कर दरवाजा खुलने पर स्वाति के कमरे में आ कर दरवाजा बंद कर के स्वाति को लिए हुए उसके बिस्तर पर आ गया।

स्वाति को बाँहों में लिए उसके होटों को चूसना शुरू कर दिया। स्वाति ने भी साथ दिया। वो भी चूसने लगी। और अपनी जीभ निकाल कर मोहित के मुह में डाल दी। मोहित ने एक हाथ स्वाति के बोबों पर ले कर बोबे दबाने लगा और दूसरा हाथ स्वाति की गर्दन पर कस दिया।

धीरे धीरे दोनों की आँखे मदमस्त होने लगी। सेक्स का सुरूर स्वाति पर चढ़ने लगा। उसकी साँसे भारी होने लगी।

वो भी मोहित की जीभ चूसने लगी। मोहित ने स्वाति की कमीज के बटन खोल दिए फ़िर बोबे दबाने लगा। थोडी देर में हाथ स्वाति की पीठ के पीछे ले कर उसकी ब्रा के हुक को भी खोल दिया। और मुह नीचे लाकर स्वाति के बोबे चूसने लगा। स्वाति की आहें निकलने लगी। कमरे में इस नए संगीत के साथ सेक्स की गर्मी चढ़ने लगी। अब मोहित ने स्वाति के सलवार का नाडा खोलकर सलवार नीचे सरका दी और पैंटी के ऊपर से चूत पर हाथ फेरने लगा।

एक तो बोबे चूस रहा था फ़िर चूत भी सहला रहा था। स्वाति लम्बी लम्बी गरम साँसे लेने लगी और वो आँखें बंद किए लेटी थी।

आज स्वाति के पास कमरे से भाग जाने का कोई रास्ता नहीं था। वो ख़ुद के ही कमरे में थी। और मोहित के पास भरपूर टाइम था।

मोहित ने स्वाति की पैंटी और सलवार को उतार कर टांगो से बाहर किया। अब स्वाति नीचे से पूरी नंगी थी। फ़िर मोहित ने स्वाति की चूत की दरार में ऊँगली कर के धीरे धीरे सहलाने लगा। आज स्वाति हीटर की तरह तप गई।

अब उस से कंट्रोल नहीं हो रहा था। और वो इंतजार कर रही थी। कि काश उसको सेक्स के लिए नहीं बोलना पड़े और मोहित ख़ुद ही उस को चोद दे।

लेकिन मोहित फोरप्ले में लगा हुआ था। उसका लंड कड़क ठोस हो चुका था। मोहित ने अब अपनी पैंट और अंडरविअर उतार दिए और लंड को स्वाति को पकड़ा दिया और ख़ुद स्वाति कि नाभि की और झुक कर नाभि में जीभ डाल कर चूसने लगा। स्वाति की साँसे चढ़ गई। वो हिचकियाँ लेने लगी और मोहित को पकड़ कर अपने ऊपर लेने लगी। मोहित पक्का डीठ हो गया। वो फ़िर स्वाति के बोबे चूसने लगा।

स्वाति की चूत पानी छोड़ने लगी। बिस्तर गीला होने लग गया। आख़िर जब ऐसी हालत हो गई तब मोहित ने स्वाति को कहा कि देख अब सेक्स के लिए बोल दे नहीं तो आज मैं चला जाऊंगा।

आख़िर स्वाति ने मोहित को बोला कि प्लीज मेरे साथ सेक्स करो।

अब मोहित स्वाति की टांगे चौड़ी कर के बीच में घुटनों के बल बैठ गया और स्वाति की चूत पर हाथ लगा कर गीला छेद ढूंढ कर अपने लंड को उस छेद पर टिकाया और स्वाति की टांगो को घुटनों से मोड़ कर अपने घुटने स्वाति के घुटनों के नीचे देता गया इस कारण से मोहित का लंड स्वाति की चूत पर बहुत अच्छी तरह से सेट हो गया अब मोहित ने लंड पर जोर लगाया चूत में घुसा देने को।

लेकिन नहीं जा पाया और स्वाति का मुंह दर्द से लाल होने लगा। फ़िर एक बार मोहित ने जोर लगाया लेकिन फ़िर नहीं गया। तो एक जोर से धक्का लगा कर लंड को जबरदस्ती से थोड़ा घुसा दिया। अब स्वाति को खूब तेज ब्लेड से कटने जैसा एहसास हुआ और उसका मुंह लाल हो गया और उस पर पीड़ा की लकीरें आ गई, बहुत मुश्किल से उसने चीख निकलने से बचाया। स्वाति ने होंट दांतों के बीच दबा लिए। इधर मोहित का भी दर्द के मारे हाल अच्छा नहीं रहा। लेकिन अब चुदाई तो पूरी करनी थी ना। इसलिए और धक्के मार कर पूरा लंड स्वाति की चूत में उतार दिया और स्वाति के ऊपर लेटता गया।

स्वाति को धीरे धीरे किस किया अपने हाथ बोबों पर लेकर सहलाने लगा। और धीरे धीरे स्वाति के होंट चूसने लगा। पहले तो स्वाति ने कोई सहयोग नही दिया फ़िर जैसे जैसे उसका दर्द कम हुआ वो फ़िर गर्म होने लगी। लगभग १० मिनट बाद स्वाति क्रियाशील होने लगी। लेकिन अब भी सामान्य नहीं थी।

फ़िर धीरे धीरे धक्के लगा कर मोहित ने चोदना शुरू किया। उसने अपनी जीभ स्वाति के मुंह में दे दी और धीरे धीरे धक्कों की रफ़्तार बढ़ाता गया जैसे जैसे ओर्गास्म नजदीक आता गया धक्के तेज लगने लगे। स्वाति को मजा और दर्द दोनों हो रहे थे और वो इन्तजार कर रही थी कि चुदाई कब पूरी हो। स्वाति को ओर्गास्म हुआ लेकिन मजा नहीं आया और दर्द को सहते हुए मोहित ने भी स्वाति की चूत की तराई कर दी।

थोडी देर में जब लंड ढीला होकर बाहर आया तो मोहित ने अपना लंड देखा तो सुपाड़े के पीछे का धागा कट चुका था, सुपाड़े के ऊपर की खाल भी पीछे होकर कर लंड पर आ गई थी और लंड ३-४ जगह से छिल गया था।

उधर स्वाति की चूत भी खून से लिप गई थी। दोनों ने नेपकिन से लंड और चूत साफ़ किए और कपड़े पहन लिए।

अगले दिन मोहित ने स्वाति को दर्द के लिए दवाई की दूकान से गोली लाकर दी।

बस गनीमत यह हुई कि इस चुदाई से स्वाति को गर्भ नहीं टिका। दोनों ही नादानी में बिना किसी साधन के काम कर गए।

एक बात और भी थी। कि स्वाति भी क्षत्रीय ही थी। एक दिन दोनों को आपस में एक दूसरे की आँखों में देखते रीटा ने देख लिया। लेकिन चुप रही और अकेले में स्वाति से पूछा तो स्वाति ने बता दिया कि वो मोहित को पसंद करती है। फ़िर रीटा ने मोहित से पूछा तो मोहित ने भी बता दिया कि स्वाति उसको पसंद है।

रीटा ने अपने फूफा यानि मोहित के पिता से और स्वाति की माताजी से बात की और स्वाति के पिताजी को मोहित के घर रिश्ता लेकर भेजा। दोनों की सगाई हो गई।

फ़िर एक दिन मौका पाकर रात को मोहित ढाणी में अपनी ससुराल मोटरसाईकिल पर १०:३० पर पहुँच गया। स्वाति को उसने मोबाइल पर बता दिया। मोटरसाइकिल उसने दूर खड़ी की। रात को ढाणी में लोग जल्दी सो जाते हैं और स्वाति ने धीरे से दरवाजा खोल कर मोहित को अन्दर लिया। दोनों रसोई में घुस गए। स्वाति ने बाकी पिता और भाई दोनों के कमरों के बाहर से धीरे से सांकल लगा दी।

फ़िर दोनों ने रसोई में जश्न किया। दो घंटे वो मजे करते रहे। दोनों ने ही खुल कर सेक्स का मजा लिया। इस बार भी स्वाति थोड़ा चिंतित थी लेकिन अब के दर्द नहीं हुआ तो खुल कर खेली। इस बार मोहित ने कंडोम काम लिया। फ़िर मोहित अपने गाँव चला आया।

मोहित बता रहा था कि सर चूमना, चूसना, दबाना, हाथ फिराना, जो जो मैं कर सकता था किया, और स्वाति ने खूब साथ दिया और मजे भी लिए ………

जब मैंने मोहित को कहा कि पगले पहली बार में इतना दर्द करने की क्या जरूरत थी। ऊँगली डाल कर ओ आकर में घुमा कर थोड़ा तो चूत का छेद चौड़ा कर सकता था न। ना तो स्वाति को दर्द होता न तुझको इतनी दिक्कत उठानी पड़ती। और थोड़ा तेल ही लगा लेता। तो मोहित बोला कि सर किसी ने बताया ही नहीं कि दर्द कम भी हो सकता है। ये तो अब आपने बताया। मेरे मामा के लड़के ने भी नहीं सिखाया।

सच में दूसरी बार में मजा आया। पहली बार में तो दर्द से मजा ही नहीं आया। पहली बार में तो चोदने की रस्म पूरी की बस………..

अब २ महीने बाद उनकी शादी है।

मोहित ने कहा कि सर मुझको क्या पता था जिस लड़की के साथ मैं मजे के लिए चुदाई कर रहा हूँ उसी के साथ शादी हो जायेगी।

तो मैंने कहा कि ये तो बहुत अच्छा है। कम से कम तुझको तो पता है न कि वो कुंवारी लड़की है। वरना खेली खाई मिलती तो भी तो सब्र करना पड़ता। फ़िर जिसको तूने चोदा वो भी तो किसी की पत्नी बनती ही न। फ़िर यार आदमी ही लड़की को चालू करता है तो लड़की को दोष देना बेकार है। फ़िर सेक्स पर किसी का जोर थोड़े ही है। सबको अच्छा लगता है। मजे कर, खुश रह।

यदि आपको कहानी अच्छी लगी और कोई भी परेशानी शेयर करना चाहते हो या दोस्ती खास कर स्त्रियों से तो लिखिए, आपका स्वागत है. Hindi Sex Stories

प्रेषक : आदि Antarvasna

दोस्तो, मैं आदि, मेरी Antarvasna उम्र २० साल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरा लण्ड छः इंच का है, मैं 6’1″ लम्बा हूँ।

बात आज से लगभग एक साल पहले की है, मेरी मम्मी की तबीयत ख़राब होने के कारण हम लोगों ने एक आंटी को खाना पकाने के लिए रखा। वैसे वो काम वाली नहीं थी पर उनके घर की खराब हालत की वजह से वो हमारे घर काम करने आई।

वो बिलकुल गोरी चिट्टी थी, बड़े-बड़े मम्मे और मोटी गांड एक दम कातिल बदन था उनका। उनके घर में आते ही मुझे मस्ती चढ़ जाती थी। मैं उन दिनों छुट्टियों की वजह से घर पर ही रहता था और मेरे घर वाले सुबह ही काम पर चले जाते थे, मम्मी दो बजे से पहले नहीं आती थी।

तो अब बात पर आते हैं असली बात पर !

आंटी मुझे वासना की निगाह से देखती है, यह मुझे पता नहीं था। लेकिन वो दिन का खाना बनाने आधा घंटे पहले ही आ जाती थी। तो मुझे कुछ कुछ महसूस हुआ क्योंकि वो मुझे कुछ-कुछ काम बताती रहती थी और उसी बहाने मैं उसे छू लिया करता था। उसे छूते ही मेरे बदन में करंट सा दौड़ने लगता था। मन करता था उसे वहीं दबोच लूँ पर हिम्मत कभी नहीं होती थी।

धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ी और मैं उन्हें किसी न किसी बहाने से छू लिया करता था और वो भी कभी ऐतराज़ नहीं करती थी। आग दोनों तरफ बराबर लगी थी। मेरा लौड़ा तो उसे देखते ही खड़ा हो जाता था, वो भी उसे देखती रहती और नीचे झुक कर अपनी चूचियों के दर्शन कराती थी।

एक दिन अंजू ने मुझसे कहा- आदि, तू मुझे उठा सकता है क्या ?

मैंने कहा- आराम से।

वो बोली- नहीं उठा सकता !

मैंने कहा- तो आओ, उठा कर दिखता हूँ।

और वो घड़ी आ गई जिसका मुझे और अंजू दोनों को इंतज़ार था। मेरा लौड़ा तो पहले से ही खड़ा था। मैंने अंजू को उठाया, मेरा एक हाथ उसकी चूची के ऊपर था और उसके चेहरा बिल्कुल मेरे करीब था। मैंने हिम्मत करके अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए, उसने भी मेरा साथ दिया।

फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया। मैं उसका कुरता उतारने लगा तो बोली- अपनी अंकल की जगह पर मत जा !

मैंने कहा- सब जगह अब मेरी है !

और मैंने जोर से उसके होंठ चूम लिये। वो गर्म हो गई थी। मैंने उसका कुरता उतार दिया और सलवार भी। अब वो किसी परी से कम नहीं लग रही थी। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूचियाँ मसलने लगा। वो आआ आआअहहहहह ऊ ऊऊ उहह्ह्ह्हह्ह की आवाजें निकालने लगी। उन सिसकारियों ने मुझे और ज्यादा उत्तेजित कर दिया और मैं उसकी चूचियाँ बहुत बुरी तरह चूसने लगा और चूसते-चूसते मैंने उसकी पैंटी उतार दी।

अब वो पूरी नंगी थी। फिर उसने पहले मेरी शर्ट उतारी और मुझे चूमने लगी। फिर उसने मेरी पैंट उतारकर मेरा लौड़ा चूसने लगी। क्या लंड चूसा उसने, वो मज़ा आ गया।

मैंने भी उसके मुँह में ही धक्के मारने शुरू कर दिये। करीब 15 मिनट बाद वो मेरा सारा माल पी गई।

फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गई और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके होंठ दुबारा चूमे और मैं क्या देखता हूँ- मेरा लण्ड दुबारा खड़ा हो गया है।

मैंने उसकी टाँगें फैलाई और एक झटके में उसकी चूत में घुसेड़ दिया। वो तड़प उठी और मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। मैं पूरे जोश में था और सच बताऊँ दोस्तो, मुझसे कण्ट्रोल भी नहीं हो रहा था। मैं बहुत तगड़े-तगड़े धक्के मारने लगा, वो बोली- धीरे धीरे मार ! फाड़नी है क्या मेरी चूत तुझे?

मैंने कहा- आंटी, आज मत रोको ! आज बस भोंसडा बना दूंगा तेरी चूत का।

जैसे-जैसे मैंने जोर से धक्के मारे, वो बोलती- आआ आ आ आअह्हह्ह आदि, धीरे ! मर जाउंगी ! आह आ…..आआ……हय मर गई मैं ! आ……अह।

थोड़ी देर में वो अपनी गांड उठा-उठा कर चुदने लगी। वो एक बार झड़ चुकी थी। मेरा माल निकलने वाला था, मैंने धक्के और तेज़ कर दिए। पूरे कमरे में कच कच और सिसकारियों की आवाजें गूंजने लगी।

वो बोली- आदि, आ आअह्ह्ह ह्ह्ह् ! और जोर से फाड़ दे आह आ अह आह आअह आह आह आह ऊह।

मेरा भी निकलने वाला था, हम दोनों पसीने पसीने हो गये थे और तभी आंटी फ़िर झड़ गई और उसके मुँह से संतुष्टि भरी आवाज़ निकली अअआआ………आआह्ह्ह ह्ह्ह

तभी मैं भी झड़ गया।

थोड़ी देर तो हम ऐसे ही लेटे रहे और फिर हम अलग हो गए।

सच बताऊं दोस्तो, उस दिन को कभी नहीं भूल सकता क्योंकि वो मेरी पहली चुदाई थी।

मेरी और कहानियों के लिए थोड़ा इंतज़ार कीजिये। मेरी कहानी आपको कैसी लगी ज़रुर बताइयेगा। Antarvasna

Antarvasna

अभी तक आपने पहले भागों में पढ़ा Antarvasna कि प्रिया की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की कहानी और जानें कि आगे की चुदाई कैसे हुई।

प्रिया ने मुझसे लंड को पकड़ कर लेट जाने को कहा मैंने वैसा ही किया तो प्रिया ने खड़े खड़े ही अपनी नंगी गोरी टांगें, चमकती हुई गोरी गुलाबी जांघें, मस्त चूतड़ और उनकी जांघों के बीच से झांकती हुइ उसकी मस्त गंजी चूत देखकर मैं तो पागल हो गया।

मेरा लंड तो और भी खींचा जा रहा था और मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा था कि उसकी चूत का रस चूसते हुए उसके जांघों को खा जाऊँ।

प्रिया के गुलाबी बूब मुझको बेचैन कर रहे थे, इसी बीच उसने अपने दोनों हाथ ऊपर को कर दिये तो उसके बूब्स और बगल मुझे और उत्तेजित करने लगे।

मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और उसके बूब्स देखकर तो मैं एकदम बेचैन सा हो गया और मैंने प्रिया के बूब्स को मुंह में लेकर उनको चूमना और चाटना शुरु कर दिया। प्रिया कभी अपने बूब्स को ज़ोर से दबाने को कहती और जब मैं ज़ोर से दबाता तो कहती अरे धीरे से क्या मार डालोगे मुझे।

प्रिया के चूचियों पर मालिश करने में बड़ा मज़ा आ रहा था पर मैं आज उसे इतनी जल्दी छोड़ने वाला नहीं था आज मैं उसके बदन का एक एक पुर्ज़ा मसल देना चाहता था जिससे साली प्रिया मेरी चुदाई को याद रखे।

मैं साइए में उसकी बगल और कंधे पर भी मालिश कर रहा था।

फ़िर मेरा ध्यान प्रिया की पतली कमर पर गया वह इतनी पतली थी कि जितनी शायद 15 साल की कन्या की भी नहीं होगी। मैंने प्रिया के नाभि के नीचे के हिस्से में मसाज करने लगा।

इस एरिआ में मासाज करने पर प्रिया की उत्तेजना बढ़ गयी थी और वह जोर से अपने पैर पटकने लगी तो मुझे अपने लंड को कंट्रोल करना पड़ रहा था जो मेरे लिये थोड़ा मुश्किल हो रहा था।

मैंने उसकी चूत के आस पास अब्दोमेन का एरिया तक जब उसकी नंगी थाईस पर जोर से मसाज किया तो उसने अपनी दोनों थाईज़ को बंद करके चिपका दिया।

मैंने भी जल्दी से उसकी चूत पर हाथ डालकर वहाँ पर ऊँगली करने लगा तो प्रिया का तो बुरा हाल हो गया था वह मस्ती में छटपटाने लगी और उसने अपनी दोनों थाईज को खोल दिया तो मेरे तो मज़े ही आ गये अब मैं उसकी चूत, थाईज़ या अबदोमेन जहाँ चाहे वहाँ मसलने लगा।

मेरी ऊँगलियों के हमले से प्रिया की हालत अब खराब हो गयी थी वह अब मेरे एक्शन का विरोध नहीं कर पा रही थी।
मैं जैसे मर्जी आये उसके हर पार्ट को मसलता, रगड़ता और मसाज कर रहा था। जब मेरी मस्ती और बढ़ी तो मैंने प्रिया की चूत पर ऊँगली डालकर अंदर तक ऊँगली से उसकी चूत के छेद के अंदर तक मसाज करने लगा।

मेरे इस एक्शन से तो प्रिया पूरी तरह से चित हो गयी और बोली राजू प्लीज़ अब बस करो और एकदम से पलट गयी।

अब प्रिया के नंगे चूतड़ मेरे सामने थे जिसके बीच में उसका गांड तो नज़र नहीं आ रहा था पर पीचे से भी प्रिया की चूत मुझको फ़िर नज़र आने लगी तो मैं फ़िर अपनी ऊँगली से उसकी चूत पर हमला कर दिया और दूसरे हाथ से उसकी जांघों को पीछे से मसलने लगा।

जब प्रिया की चूत मेरी ऊँगलियों के हमले को नहीं बरदाश्त कर पायी तो प्रिया बोली- राज प्लीज़ ऐसा मत करो मुझे ऐसे ही गीली कर दोगे क्या?

मैं उसके बड़े बड़े चूतड़ और उसके नीचे मोटी मोटी जांघों को सारा का सारा एक बार में ही मसल देना चाहता था पर मेरे दोनों हाथों में इनता एरिया एक बार में कवर नहीं हो रहा था।

प्रिया एकदम नंगी थी तो मेरे को अपने लंड पर कंट्रोल नहीं हो रहा था, मैंने अपना ध्यान प्रिया के चूचियों पर दिया पर वह उल्टी लेटी हुई थी और उसके बूब्स साइड से ही नज़र आ रहे थे।

फ़िर भी मैंने साइड से ही उसके दोनों बूब्स को जोर से दबाया और सहलाना शुरु कर दिया। प्रिया को तो मेरा हर एक्शन एंजोयमेंट दे रहा था और अब वह मेरे हर एक्शन पर बस आहें भर रही थी।

मैं प्रिया के चूतड़ पर मसाज करने लगा तो उसके चूतड़ बहुत बड़े बड़े थे और उनको दबाने में बड़ा मज़ा आ रहा था।

पर मैं और मज़ा लेने के लिये उसके चूतडों पर जोर से स्लाप भी कर देता जिससे चटाक! की आवाज आती और प्रिया को बड़ा मज़ा आता था और वह अपने चूतड़ ऊपर उठा कर जैसे और स्लाप करने को कहती।

प्रिया की जांघें मुझे सबसे ज्यादा उत्तेजित कर रही थी, मैं वहाँ पर प्रेस, मसाज, किस, रब कर सकता था। और मैं ये सोच रहा था कि जब मैं उसकी चुदाई करुंगा तो उसकी थाईज़ जब मेरी थाई के साथ रब होंगी तो कितना मज़ा आयेगा।

अगर प्रिया की जैसी स्मूथ बॉडी हो तो ऐसा लगता है कि जैसे लिनेन पर स्लिप हो रहा हो। जब मैं उसके चूतडों पर मसाज कर रहा था तो मुझे बिल्कुल ऐसा ही लग रहा था।

प्रिया को डबल मज़ा आ रहा था एक तो उसकी मसाज हो रही थी दूसरा एक मर्द के हाथों उसके बॉडी के पार्ट्स का स्पर्श दे रहा था और जिसे वह फुल्ली एन्जॉय कर रही थी।

मैंने प्रिया के दोनों चूतड़ को चोडा करके उसकी गांड को देखने लगा और मुझे प्रिया की चूत पीछे से दिखायी देने लगी और मेरा लंड फ़िर जोर मारने लगा।

इधर मेरा लंड अब पूरी तरह बेकाबू हो गया था और उसको कंट्रोल करना मेरे लिये पोस्सिब्ल नहीं था। वह अब प्रिया की चूत में जाये बगैर मानने वाला नहीं था।

प्रिया की चूत का बुरा हाल हो गया था। मैंने अपने अंगूठे से को प्रिया की चूत के आस पास रब करना शुरु कर दिया और मौका पाते ही उसकी चूत के अंदर पूरा अंगूठा डाल दिया। मेरा अंगूठा पूरा उसकी चूत में गया तो प्रिया की खुजली जरा कम हुई और वह अब थोड़ा मज़ा लेने लगी।

मेरा अंगूठा लंड की तरह प्रिया की चूत में अंदर बाहर फ़िसलने लगा, प्रिया को मज़ा तो आ रहा था पर उसकी चूत की खुजली पूरी तरह से दूर नहीं हो रही थी। वह मस्ती मेरे से चिपट गयी जैसे कहना चाहती हो कि कब चोदोगे पर वह बोली कुछ नहीं।

पहले प्रिया के नंगे बदन की गर्मी से मेरा लंड तो तना हुआ था मैंने जल्दी से प्रिया को दाब लिया। प्रिया की चूत में तो पहले से ही खुजली थी पर वह झूठा गुस्सा दिखा रही थी और मना कर रही थी।

मैंने उसको कमर से पकड़ा और उसके चूचियों को अपने लिप्स से किस करने लगा जैसे ही प्रिया ने मुंह खोला तो मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिया और नीचे से दूसरे हाथ को उसकी थाईज़ पर मसाज करने लगा।

उसकी थाईज़ बड़ी टाइट थी, बच्चों वाली औरतों की तरह ढीली नहीं थी। मैं थाई पर हाथ फ़ेरते हुए उसकी चूत की तरफ़ बढ़ना चाह रहा था। प्रिया के बूब्स भी एकदम टाइट हो गये थे जिसका मतलब था कि उसको पूरी उत्तेजना हो रही थी।

मैंने कइ बर प्रिया के बूब्स के निप्पल को लिप्स में लेकर जोर से प्रेस किया जिससे दोनों को बड़ा मज़ा आया।

जब मुझे ज्यादा मज़ा आने लगा तो मैंने एक दो बार प्रिया के निप्पल को अपने दांत से हल्का सा काट भी दिया जिससे प्रिया चीख पड़ी और मुझे बड़ा मज़ा आया।
नीचे से मेरा हाथ प्रिया की थाईज़ से होता हुआ उसके चूतडों और रानो पर मसाज करने लगा।
ऊपर से मैंने प्रिया की बैक, नेक, वेस्ट और नाभि के आस पास लिप्स और जीभ से किस और लिक करना चालु रखा था।

जब मेरा एक हाथ प्रिया की रानो पर फ़िसल रहा था तो प्रिया की मस्ती कंट्रोल से बाहर हो गयी तब मैंने प्रिया को बेड पर लिटा दिया और अपने आप भी साइड बी साइड लेट गया।

मैं आराम से अपने दोनों हाथों और लिप्स से प्रिया के पूरे बदन से खेलने लगा।
अब दोनों एकदम गर्म हो गये थे प्रिया की भी सारी शरम दूर हो गयी थी और उसका बदन की एक एक हरकत मुझे महसूस हो रही थी उसकी गर्म सांसें मुझे बेचैन कर रही थी।

मैंने प्रिया की चूत के ठीक पास अपनी ऊँगली से रब करना शुरु कर दिया जिससे मस्ती के मारे प्रिया ने अपनी दोनों टांगें फ़ैला दी और मुझे उसकी चूत पर अटैक का एक मौका मिल गया। Antarvasna

शेष अगले भाग में…

Sex Stories

मेरा नाम दीप है। मैं Sex Stories जालंधर का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बताउंगा। इस कहानी में मैं हीरो हूँ और मेरी गर्लफ्रेंड प्रीत हिरोइन है।

बात तब की है जब मैं इंजीनियरिंग कर रहा था और वो मास्टर की डिग्री कर रही थी। हमारा चक्कर पहले एक साल तक चला और मैंने उसे छुआ तक नहीं, चुम्बन तक नहीं था किया। पर मेरे मन में कभी भी उसके बारे में गलत ख्याल तक नहीं आया था जब तक मैंने उसे छुआ नहीं।

एक बार गलती से मेरी कोहनी उसके मम्मे में लग गई। बस फिर क्या था, मेरे तो पूरे बदन मैं आग लग गई और फिर मैं बहाने बहाने से उसे स्पर्श करता। मैं उसे चोदने के बहाने सोचने लगा।

एक बात बता दूं मैं … उसकी फ़ीगर थी- 34-30-36, क्या गज़ब की सुन्दर थी वो। जब वो चलती थी तो 71-72 होता था। क्या गज़ब के उभार थे ! उसकी गांड क्या गज़ब ढाती थी।

एक दिन मैंने उसे अपने जन्मदिन के बहाने अपने घर बुला लिया। वह आई और मेरे लिए एक सुंदर सी कमीज़ लाई। उस दिन उसने कसी हुई जीन पहनी हुई थी और कसा हुआ टॉप पहना हुआ था, जिसमें से उसके उभार एकदम मस्त लग रहे थे। वो आई, मुझे जन्मदिन की बधाई दी और हम कमरे में जाकर बैठ गए। मेरे मम्मी ने हमे चाय दी और खुद दूसरे कमरे में चली गई।

हम पास-पास ही बैठे थे। चाय पीकर मैंने उसे बहाने से चूम लिया। उसने भी मुझे मना नहीं किया। फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर लगा दिए।

क्या गर्म लड़की थी वो ! एकदम गर्म। जब उसने मुझे समूच किया, उसके होंठ एकदम गर्म थे। मेरा एक हाथ उसके वक्ष पर चला गया खुद-ब-खुद !

उसने मना नहीं किया किया, शायद मेरे जन्मदिन की वजह से। पूरे दो मिनट तक मैं उसे चूसता रहा और वो गर्म हो गई। उसने मुझे हटा दिया और जाने को कहने लगी।

मैंने उसे अगले दिन आने को मना लिया और जाने दिया।

अगले दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, उसने कालज से बंक मारा और मेरे घर आ गई। मैंने उसे कमरे में बिठाया और चाय बना कर पिलाई। फिर हम बातें करने लगे।

बात बात में मैं उसके काफी करीब आ गया और उसे चूम लिया। फिर उसने भी मुझे किस किया। मेरी हिम्मत बढ़ गई। मैंने उसे समूच किया, पूरे दो मिनट तक मैं उसके गर्म होंठों को चूसता रहा। मेरा एक हाथ उसके स्तन दबाने लगा। एकदम सख्त थे उसके मम्मे। उसने मुझे कस के पकड़ लिया और थोड़ी सी मेरे ऊपर आ गई मैं समझ गया था कि वह गर्म हो रही है। मैंने उसकी कमीज़ के अन्दर से हाथ डाला और उसकी ब्रा से मम्मा पकड़ लिया। एकदम सख्त था, मैंने उसे कस कर दबाया तो वह तड़प उठी। उसके मुँह से अहहहः ऊउह्ह्ह की आवाज़ें आने लगी। जब मैं उसकी कमीज़ उतारने लगा तो वो कहने लगी- ऐसे नहीं, एक चादर ले आओ, मुझे शर्म आ रही है।

मैंने बेड से ही चादर निकाल ली। अब मैं और वो चादर के नीचे थे और मैं उसकी कमीज़ उतार रहा था। उसकी ब्रा में से उसके बूब्स क्या गज़ब थे। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके मम्मे चूसने लगा। उसकी तो हालत खराब हो गई। वह तड़पने लगी।

पाँच मिनट तक मैं उसके मम्मे चूसता रहा। फिर मैं उसके पेट को चूमने लगा, वह तो सांप जैसे मचल रही थी। मुझे भी मज़ा आ रहा था। मैंने उसकी सलवार खोलने के लिए हाथ बढ़ाया तो उसने मना कर दिया। पर मैंने उसकी सलवार खोल दी और उसके पेट को चूमने लगा।

वह आह…. आऽऽह…. उह उहऽऽ … की आवाज निकालने लगी। फिर मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी। मैं उसके नीचे अपनी जीभ से छूने लगा। उसने शेव की हुई थी अपने नीचे।

मैंने उसकी छोटी सी मोरी में अपनी उंगली डाली तो वह तड़प उठी और मुझे कस कर पकड़ लिया।

उसके दाने को मैं अपने जीभ से छू रहा था।

वह मस्त हो गई थी। उसके मुँह से अजीब अजीब सी आवाज़ें आ रही थी। वह तड़प रही थी मछली की तरह।

मैं उसके ऊपर लेट गया। वह उठ कर मेरे लण्ड को अपने मुँह में लेने लगी, उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। मुझे तो जैसे जन्नत मिल गई। पाँच मिनट तक वह मेरे लंड को चूसती रही। उसके मुँह से आवाजें निकल रही थी।

मैंने उसको नीचे लिटाया और उसकी टाँगें खोल दी।

वह कहने लगी- इस छोटी सी मोरी में इतना बड़ा कैसे जाएगा?

मैंने उसे कहा- थोड़ा सा दर्द होगा बस !

मैंने उसके मोरी के बाहर अपना लंड रखा और एक धक्का दिया। सिर्फ सुपारा ही गया उसके अन्दर और वह चीखने लगी।

मैंने उसे कस कर पकड़ा और एक ज़ोर से धक्का दिया। आधा लंड उसके अन्दर चला गया। उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे। उसने भी मुझे कस कर पकड़ लिया। एक धक्के से पूरा लंड उसके अन्दर डाल दिया। वह मेरे नीचे तड़प रही थी।

मैंने उसे चोदना शुरू किया और वो सिसकारने लगी- आः अहह आःह्ह्ह अहह प्लीज़ बाहर निकाल लो ! मैं मर जाउंगी !

पर मैं धक्के मारता रहा। फिर उसे भी मज़ा आने लगा। दस मिनट तक उसे मैं चोदता रहा। फिर मैं झर गया। शायद वह भी झर गई थी। वह उठी और चादर में ही बाथरूम में चली गई।

वापस आकर उसने मुझे कहा- खून निकल रहा है।

मैंने उसे रूई दी तो उसने नीचे रख कर चड्डी पहन ली। कपड़े पहन कर वह कहने लगी- इतना दर्द उसे आज तक किसी चोट का भी नहीं हुआ।

फिर वह अपने घर चले गई। उसका फ़ोन आया और वह कहने लगी- मेरा तो बुरा हाल है, ठीक से चला भी नहीं जा रहा।

मैंने उसे आराम करने को कहा।

पर वह खुश लग रही थी। मैं भी खुश था।

इसके बाद की कहानी मैं अगली बार अन्तर्वासना पर ही सुनाउंगा।

यह मेरी सच्ची कहानी आपको कैसी लगी ? Sex Stories

सभी शादीशुदा बड़ी उम्र की महिलाओं को मेरा सलाम। Antarvasna

देखिये मैं कोई कहानी Antarvasna आपको नहीं बता रहा हूँ, यह मेरा पहला अनुभव था जो मैं आपको बताना चाहता हूँ जब मुझे जिंदगी के सबसे हसीन पल नसीब हुए।
शुरू से ही मेरी दिलचस्पी बड़ी उम्र की महिलाओं में मतलब कि शादीशुदा महिलाओं में रही है क्यूंकि शादी के बाद उनके यौवन में जो निखर आता है उसका कोई जवाब ही नहीं होता! चेहरे पर जो लाली होती है, शरीर में जो भराव होता है वो बात एक कुंवारी लड़की में नहीं होती।
यही वजह है कि मुझे शादीशुदा महिलाएं ज्यादा आकर्षक लगती हैं।

बात अभी पिछले साल की है जब हमारे घर पर नए किरायेदार आये थे। वो एक शादीशुदा जोड़ा था जिनकी शादी को अभी एक साल ही हुआ था!

पति रमेश एक दवाइयों की कंपनी में मैनेजर थे और पत्नी स्कूल टीचर जो पास के ही एक स्कूल में जाती थी, उनका नाम साक्षी था!

साक्षी के हुस्न की मैं क्या कहूँ! एक दम गोरा बदन, शरीर भरा हुआ, दोनों चूचियाँ इतनी मोटी कि देखते ही लण्ड खड़ा हो जाये!

मैं तो उन्हें देखते ही पागल हो गया था! एक आग सी लग गई अन्दर कि काश इनके यौवन का मजा मैं भी ले सकता!
बस फिर क्या था मैं बस एक मौके की तलाश में रहने लगा!

पहले धीरे धीरे मैंने साक्षी से बात करनी शुरू की! बातों बातों में पता चला कि उनके पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते है कई दिनों तक!
बस यह सुनते ही मेरा दिल खुश हो गया क्यूंकि अब कुछ हो सकता था!

मैं अक्सर रात को उनकी खिड़की में झाँका करता था यह सोच कर कि कभी साक्षी के भरे हुए शरीर का नजारा मिल जाये!

एक रात तो मैंने साक्षी को सेक्स करते हुए उसके पति के साथ देखा! तबसे मेरे तन बदन में आग लग गई कि अब तो मुझे कैसे भी करके साक्षी को चोदना है!

कुछ दिनों बाद साक्षी का पति बाहर चला गया और जिस दिन का मुझे इन्तज़ार था वो अब करीब था।

एक रात मैं साक्षी के कमरे में झांक रहा था तो जो देखा उस से मेरे रोंगटे खड़े हो गए! साक्षी टीवी पर ब्लू फिल्म देख कर अपनी चूत को जोर जोर से अपने हाथों से रगड़ रही थी! मेरा सात इंच का लण्ड एकदम से तन कर खड़ा हो गया! मुझसे रहा न गया और मैंने वहीं खड़े खड़े मुठ मार कर उसे शांत किया!

अगले दिन मैं कॉलेज से दोपहर में ही वापिस आ गया! मेरे घरवाले ताला लगा कर बाहर गए हुए थे! मैं बाहर सीढ़ियों पर बैठ गया!
तभी देखा कि सामने से साक्षी आ रही थी! उनके स्कूल की छुट्टी हो गई थी!

मुझे बाहर बैठा देख कर वो मुझसे बोली- क्या बात है आशु दोपहर में बाहर क्यों बैठे हो!
मैंने कहा- घरवाले ताला लगा कर बाहर चले गए हैं और चाबी नहीं छोड़ कर गए!
साक्षी- तो कोई बात नहीं बाहर मत बैठो मेरे कमरे में आ जाओ नहीं तो बीमार पड़ जाओगे धूप में!
मैं उनके कमरे मैं चला गया!

साक्षी- कुछ भी चाहिए हो तो बता देना, संकोच मत करना।
मैं मन ही मन सोचने लगा कि जो चाहिए वो कैसे बताऊँ!
साक्षी- तुम यहीं बैठो, मैं कपड़े बदल कर आती हूँ!

जब वो कपड़े बदल कर आई तो जो गाउन वो पहन कर आई उसमें उन्हें देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया!
वो मेरे सामने बैठ गई और मुझसे बात करने लगी!
साक्षी- तो कॉलेज में सिर्फ पढ़ाई ही करते हो या कोई मस्ती भी! कोई गर्ल फ्रेंड है या नहीं?
मैं उसकी पहली ही बात से हैरान हो गया कि इतना खुल के बात कर रही है!

मैंने कहा- नहीं, कोई नहीं है!
साक्षी- क्या तुम आजकल के लड़के एक लड़की नहीं सेट कर सकते! पता नहीं जवानी के मजे कब लोगे।
मैं हैरान हो कर उसे देखता रहा!
तभी उसने अपनी एक टांग दूसरी टांग के ऊपर रख ली, जिससे उसकी जांघें दिखने लगी- एकदम गोरी गोरी, एक भी बाल नहीं एक दम चिकनी!
मेरी नज़र वहाँ जाकर टिक गई!

साक्षी- वैसे कल तुम मेरी खिड़की में झांक कर जो कर रहे थे वो ठीक नहीं!
इसका मतलब उसने मुझे मुठ मारते हुए देख लिया था! अब मैंने तय किया कि जो भी होगा देखा जायेगा और मैंने उनकी जांघ पर हाथ रख दिया!
मैंने कहा- क्या करूँ जबसे तुम्हें देखा है तबसे अन्दर एक आग सी लग गई है! मैं बस एक बार तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ!
साक्षी- तो यह बात है!
मैंने धीरे धीरे हाथ अन्दर बढ़ाना शुरू कर दिया!

साक्षी- शर्म आनी चाहिए तुम्हें जो एक शादीशुदा औरत पर नज़र रखते हो!
मैंने घबरा कर हाथ वापिस खींच लिया और जाने के लिए खड़ा हो गया! मेरा लण्ड तो खड़ा ही था और वो पैंट से बाहर आने के लिए तड़प रहा था!

तभी साक्षी ने मेरी पैंट के बाहर से ही लण्ड पकड़ कर कहा- सिर्फ नज़र रखने से ही कुछ नहीं होता, कुछ करने की हिम्मत भी होनी चाहिए!
मैंने कहा- आप एक मौका तो दो, फिर मैं दिखाता हूँ कि क्या कर सकता हूँ!
साक्षी- तो फिर देर किस बात की है! आ जाओ और हो जाओ शुरू! शादी के बाद ये अकेलापन काटने को दौड़ता है पर इन्हें तो अपने काम से ही फुर्सत नहीं!

मैंने कुछ न कहते हुए हुए सीधे उनके रसीले गुलाबी होंटों को चूमना शुरू कर दिया! धीरे धीरे मेरा हाथ उनकी गाउन के अन्दर उनकी मोटे मोटे मम्मों की तरफ बढ़ने लगा! उसके मम्मे कस गए और मैंने उन्हें खूब जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया!

साक्षी ने मेरी पेंट की जिप खोल दी और मेरे लण्ड को पकड़ लिया और अंडरवीयर से बाहर निकल दिया और जोर जोर से हिलाने लगी!

हम दोनों एक दूसरे को चूमते हुए धीरे धीरे उनके बेडरूम में चले गए. साक्षी ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी पैंट और अंडरवीयर उतार दी!
साक्षी- अरे बाप रे! इतना बड़ा लण्ड! ऐसा तो मैंने ब्लू फिल्म में भी आज तक नहीं देखा कभी!
मैंने कहा- सात इंच का है! अच्छे अच्छों का नहीं होता इतना मोटा और बड़ा!

साक्षी- पता है मुझे लण्ड के साथ क्या करना पसंद है!
मैंने पूछा- क्या?
उसने कुछ नहीं कहा और सीधे मेरे लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया!
मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा!
वो बड़ी जोर जोर से मेरा लण्ड चूस रही थी! और मेरा लण्ड और कसता जा रहा था!

पंद्रह मिनट तक वो मेरा लण्ड चूसती रही और मेरी साँसें तेज होने लगी!
वो और तेज होती जा रही थी! और एक दम से उसने अपना मुँह हटा लिया और मेरा सारा वीर्य चस चस करता हुआ तेज धार से उसकी गाउन पर जा गिरा!

साक्षी- क्या हुआ बस इतने में ही झड़ गए!
मैंने कहा- आज तो दस बार भी झड़ जाये तो भी ये लण्ड बैठने वाला नहीं! मेरा लण्ड अभी भी पहले से ज्यादा तना हुआ था!
मैंने कहा- अब देखो मैं तुम्हें स्त्री जीवन के चरम सुख का आनंद दिलाता हूँ!

मैंने उसके गाउन को उतार दिया, उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था!
उसको बेड पर लिटा कर मैंने उसके मोटे मोटे मम्मो को मुँह में ले लिया और दबा दबा कर चूसने लगा! उसके मुँह से जोर जोर से सिसकियाँ निकलने लगी! मैंने जी भर कर पहले उसके मम्मों को चूसा, उसके लाल लाल चुचूकों को चूसा और चूस चूस कर उन्हें सुजा दिया।

साक्षी- बस इन्हें ही चूसोगे या कुछ और भी करोगे!
मैंने थोड़ा ऊपर उठ कर सीधे उसके होंठों को होंठों से चूमा और जी भर कर चूमा।
साक्षी- आह! मेरे होंठों को काटने में बड़ा मजा आ रहा है क्या ?
मैंने कहा- बस देखती जाओ अब मैं कहाँ कहाँ काटता हूँ!

मैं धीरे धीरे, प्यार से चूमते हुए होंठो से नीचे की ओर गर्दन को चूमते हुए मम्मों को चूमते हुए और नीचे जाता गया! अब प्यार से मैं उसके पेट को चूमते हुए धीरे धीरे नीचे की ओर जाने लगा! मैंने पहले कभी चूत नहीं देखी थी तो मैंने अपने हाथों से पहले उसकी चूत को थोड़ा सहलाया! धीरे धीरे मैंने उसे अपनी ऊँगली से रगड़ना शुरू किया! साक्षी गरम होने लगी!
वो अस्स्स्स अस्स्स् अस्स्स्स करके सिहरने लगी!
मैंने रगड़ते हुए कहा- आज तक आपका कभी झड़ा है?
साक्षी- ये क्या कह रहे हो! झड़ता तो आदमियों का है औरतों का नहीं!

मैंने कहा- यही तो! यह बात कितनी औरतो को अपनी पूरी यौन-जीवन में पता नहीं चलती कि उनका भी झड़ता है और मर्दों से कहीं ज्यादा और तेज जिसे फीमेल एजकुलेशन कहते हैं! और जो आनंद इस से मिलता है वो बयां नहीं किया जा सकता!
साक्षी- बोलो मत और करके दिखाओ!

मैंने धीरे धीरे उनकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया! रगड़ बढ़ने से साक्षी के बदन की गर्मी बढ़ने लगी! उसके मुँह से अह्ह्छ अह्ह्ह स्स्स्स स्स्स्स ऊउम्मम ऊऊम्म की आवाजें आने लगी! फिर मैंने अपनी एक ऊँगली को चूत के अन्दर डाल कर उसके “जी स्पॉट” को ( जो चूत के अन्दर होता है ) को रगड़ना शुरू कर दिया! साथ साथ मैं उसके मम्मों को मुँह में लेकर चूसता रहा!
मैंने ऊँगली की रगड़ को तेज कर दिया! और साक्षी और ज्यादा आग की तरह भड़कने लगी। आवाजें बढ़ती जा रही थी! ऊऊह्ह्ह ऊऊउह्हह स्स्स्स स्स्स्स्

साक्षी- और जोर से, और जोर से आआऽसऽऽ आआअह्ह्हऽऽ अब बर्दाश्त नहीं होता! डाल दो अपना लण्ड अन्दर और फाड़ दो मेरी चूत को, फाड़ दो! आआह्ह आआह्ह्ह चोद चोद कर लाल कर दो मेरी चूत को, फाड़ दो!

जब मुझे लगा कि इसका “जी स्पॉट” पूरी तरह गरम हो चुका है तो मैंने अपना अपना लण्ड उसकी चूत पर सटा दिया और हल्का हल्का बाहर से ही रगड़ने लगा!
साक्षी- और कितना तड़पाओगे! ये सात इंच का हथोड़े जैसा लण्ड मार कर फाड़ दो मेरी चूत को!

मैंने हल्के-हल्के रगड़ते हुए एकदम से जोर का झटका मारा और एक ही बार में पूरा लण्ड उसकी चूत के अन्दर डाल दिया!
साक्षी के मुँह से जोर से आवाज़ आई- हे माँ! मार डाला! आआअह्ह्ह! तार तार कर दो आज मेरी चूत को फाड़ कर!

मैंने धीरे धीरे लण्ड को चूत में अन्दर बाहर करना शुरू किया! उसकी सिसकियाँ बढ़ने लगी! वो जोर जोर से आवाज़ निकालने लगी- आईई आह्ह्ह स्स्स्स म्मम्म
मैंने उसके होंठों को होंठों से सील करते हुए लण्ड के झटके तेज कर दिए! अब मेरा लण्ड पूरे उफान पर था और साक्षी का बदन पूरे जोश में आग से धधक रहा था! आआह्छ अह्ह्ह् अह्ह ह्ह्ह्छ
और मैं पूरी तेजी के साथ झटके दे रहा था! फच फच फच की आवाजें आ रही थी जब मैं पूरे जोर से झटके लगा रहा था!

इतने में साक्षी का बदन अकड़ने लगा मुझे अहसास हो गया कि अब साक्षी झड़ने वाली है!
मैंने और जोर से झटके देने शुरू कर दिए! इतने में साक्षी ने मुझे जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और चिल्लायी- हाय आशु! मैं मर गई … आआह्ह्ह्ह्छ …
और एक दम तेज धार से उसकी चूत से पानी झड़ने लगा!
मैं रुका नहीं और मैंने झटके चालू रखे! मैं चरम सीमा पर पहुँच चुका था और मेरा झड़ने वाला था!

मैंने और जोर से लण्ड चूत में हिलाते हुए उसको जकड़ लिया! मेरा लण्ड चस चस करता हुआ एकदम कस कर उसकी चूत में झड़ गया! और मैंने उसको कसकर जकड़ लिया!
हम दोनों शांत हो चुके थे! जो आग अन्दर थी वो कुछ कुछ ठंडी हो चुकी थी!
हम दोनों कुछ देर बेड पर ही एक दूसरे को लिपट कर लेटे रहे और एक दूसरे को चूमते रहे!

साक्षी- यह सुख जो आज मिला है शायद ही जिंदगी भर कभी भूल पाऊँगी! आज तक तो मैं बस सेक्स करती थी पर आज मेरा झड़ने के बाद उसका सही मतलब पता चला! पर यही सुख मुझे आगे भी चाहिए!

हमने कई दिनों तक कई कई बार प्यार के हसीं पलों का मज़ा लिया!

कुछ महीने बाद उसके पति का ट्रान्सफर किसी और जगह हो गया और उन्होंने घर बदल लिया!
उसके बाद से मैं अकेला पड़ गया! आज भी मुझे किसी शादीशुदा भरी हुई औरत की तलाश है!

मुझे मेल करें! Antarvasna

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆