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मेरा नाम विक्की है और नरसिंहपुर जिले में मेरी दवाइयों की दुकान है. मेरा जीवन बहुत ही सेक्सी घटनाओं से भरा रहा है.
यकीन मानिए कि मेरे आज तक 100 से अधिक लड़कियों और महिलाओं के साथ सेक्स संबंध बने हैं.
इतनी अधिक संख्या में संबंध बनने का कारण यह है कि सबसे पहले तो यह कि मैं किसी भी लड़की या महिला को रंडी छिनाल रखैल वेश्या या किसी भी प्रकार की गाली से संबोधित नहीं करता.
मैं उन्हें हर हाल में सम्मान अवश्य देता हूं.
क्योंकि मेरा मानना है कि सेक्स की भूख हर महिला या पुरुष में एक जैसी होती है.
जब हम लड़के अपनी सेक्स की इच्छा का सम्मान करते हैं, तो हमें लड़कियों की इच्छा का भी सम्मान करना चाहिए.
हो सकता है कि किसी लड़की की इच्छा एक से अधिक लड़कों के साथ संभोग करने की हो, तो इसमें मैं कुछ भी गलत नहीं मानता.
दूसरा कारण यह कि मैं लड़कियों पर कभी हक जताने की कोशिश नहीं करता कि तुमने अगर मेरे साथ संबंध बनाए हैं तो तुम दूसरे के साथ ना बनाओ.
ऐसा कुछ भी नहीं है, जिन लड़कियों ने मेरे साथ सेक्स किया है. उन्होंने कई बार मेरे सामने ही दूसरों से संबंध बनाए हैं.
तीसरा कारण है कि मैंने कभी किसी लड़की का वीडियो बनाकर या फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं की क्योंकि मैं जानता हूं कि समाज में इज्जत क्या होती है और मैं भी एक इज्जतदार व्यक्ति हूं.
चौथा कारण यह है कि सेक्स संबंध बनाने के बाद भी मैं उन सभी लड़कियों और महिलाओं की जहां तक संभव हो सकता है, मदद की है … और करता रहता हूं. यानि ऐसा नहीं कि चुदाई हो गई तो संबंध खत्म.
पांचवा कारण यह है कि मैं दिखने में बहुत ही स्मार्ट और फिट हूं. मेरे लंड का साइज भी सभी को बहुत संतुष्ट करता है और सभी लड़कियां मुझसे और ज्यादा चुदने की इच्छा रखती हैं.
जो लड़की एक बार मुझसे चुद जाती है, वह बार-बार मुझसे चुदना चाहती है.
यह फुल न्यूड टीचर सेक्स कहानी उस समय की है जब मैं स्कूल में स्टूडेंट हुआ करता था. मैं उस समय 12वीं कक्षा का छात्र था.
मुझमें सेक्स की भूख तो काफी पहले उस समय से ही शुरू हो गई थी, जब मेरा लंड खड़ा होना चालू हो गया था.
हमारे जमाने में इतनी पोर्न पिक्चर नहीं चला करती थीं, ना मोबाइल होते थे, ना टीवी पर कुछ सीडी से सेक्स आदि देखने का प्रबंध था.
टॉकीज में तो वैसे ही ये फ़िल्में नहीं लगती थीं.
उस समय किसी हीरोइन को फ्रॉक में देख लेने से ही लंड खड़ा हो जाता था … फिर बिकनी में देखना तो बहुत दूर की बात थी.
मुझे मूवीज में चुदाई के सीन देखना बहुत पसंद आते थे, जैसे इंसाफ का तराजू का रे-प सीन तो आज भी मेरा फेवरेट है.
मैं 11वीं क्लास में अपने कुछ दोस्तों के साथ ट्यूशन पढ़ाने बबीता मैडम के यहां जाया करता था.
हमारी ट्यूशन की क्लास में 5 लड़कियां और मेरे अलावा 4 लड़के और थे.
मेरा साइंस सब्जेक्ट था और बबीता मैडम मेरी बॉटनी पादप विज्ञान की टीचर थीं.
वैसे तो मैं पढ़ाई लिखाई में होशियार था पर बॉटनी थोड़ी कमजोर थी.
बबीता मैडम एकदम दूध जैसी गोरी और सेक्सी लड़की थीं, जिनकी शादी होने में काफी देरी हो गई थी.
वे मुझे अक्सर घूर घूर कर देखा करती थीं और मैं भी उन्हें बहुत घूर घूर कर देखा करता था.
वे अक्सर लो-कट ब्लाउज पहनती थीं, जिसमें से उनके भरे हुए दूध बहुत मस्त लगते थे.
उनका वजन लगभग 70 किलो होगा और जिस्म एकदम गदराया हुआ था.
उनकी उम्र उस समय शायद 32 या 33 साल की रही होगी.
उनके घर में उनकी एक छोटी बहन और माता पिता रहते थे.
वो अक्सर लड़कों के सामने अपने दूध ज्यादा से ज्यादा दिखें, इस तरह से बैठती थीं.
पढ़ाई के मामले में वो बहुत स्ट्रिक्ट थीं और कोई भी उनकी ट्यूशन में बिना होमवर्क करे नहीं जा सकता था.
वे लड़कियों तक की स्केल से सुताई कर देती थीं तो जाहिर सी बात है कि सभी उनसे बहुत डरते भी थे.
अक्सर वे हम लड़कों और लड़कियों से कहा करती थीं कि अगर होमवर्क नहीं किया, तो सबके सामने पूरा नंगा करके मारूंगी.
उनकी इस बात से सभी लोग उनसे बहुत डरते थे.
एक बार की बात है. हम उनके घर गए थे.
उस वक्त वे घर में अकेली थीं क्योंकि उनके माता पिता छोटी बहन को लेकर 4-5 दिन के लिए किसी शादी में गए थे लेकिन वे नहीं गई थी क्योंकि हम सभी स्टूडेंट के एग्जाम सर पर थे.
हमारी पढ़ाई की खातिर वे रुक गई थीं.
इत्तेफाक से हमारे घर में शादी होने के कारण मैं उनका होमवर्क पूरा नहीं कर पाया था.
इस बात पर मैडम बहुत गुस्सा हुईं और मुझे ट्यूशन के बाद अपना होमवर्क पूरा करने को कहा गया.
मुझे जल्दी घर जाना था लेकिन मैं क्या करता.
उस दिन ट्यूशन का टाइम पूरा करके सब लोग चले गए और मैं अकेला रह गया.
जब सब लोग चले गए तो उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मुझे होमवर्क सौंप कर खुद नहाने के लिए बाथरूम में चली गईं.
वह नहा कर एक बड़े से तौलिए में खुद को लपेटकर आ गईं.
उन्होंने अन्दर शायद कुछ भी नहीं पहना था … न ब्रा न पैंटी.
उन्होंने आते ही मेरी कॉपी चैक की.
मैं बहुत थोड़ा सा होमवर्क पूरा कर पाया था.
वह गुस्सा होने लगीं और बोलने लगीं- फालतू जगह पर तो तुम्हारा बहुत ध्यान रहता है और पढ़ाई के नाम पर बिल्कुल डफर हो. तुम्हें इसका पनिशमेंट मिलेगा.
मैंने डरते हुए कहा- जी मैडम.
उन्होंने कहा- खड़े हो जाओ और अपने कपड़े उतारो.
उनकी इस बात पर मैं बुरी तरह चौंक गया और उनके चेहरे की तरफ देखने लगा.
उन्होंने कहा- सुनाई नहीं दिया … मैंने क्या कहा? जो कहा, एक बार में माना करो.
मैंने कहा- लेकिन मैडम मैं आपके सामने कपड़े कैसे उतारूंगा?
इस बात पर मैडम ने मुझे एक झापड़ जड़ दिया और कहा- जैसा बोल रही हूं वैसा करो. वरना इतनी पिटाई पड़ेगी कि हाथ पैर सूज जाएंगे.
कोई रास्ता नहीं देख कर मैंने अपने कपड़े उतारना शुरू किए.
पहले मैंने अपनी शर्ट उतारी और उनके चेहरे की तरफ देखा.
वे टॉवल में लपेटी हुई मुझे बहुत गौर से देख रही थीं.
मैं शर्ट उतारने के बाद खड़ा हो गया, तो उन्होंने इशारा करके पैंट उतारने का आदेश दिया.
मैंने डरते हुए पैंट उतार दी.
अब मैं उनके सामने सिर्फ चड्डी और बनियान में खड़ा था.
उन्होंने गरजदार आवाज़ में कहा- उतर गए पूरे कपड़े क्या?
मैंने डरते हुए कहा- नहीं मैडम.
उन्होंने कहा- नहीं का क्या मतलब … उतारो पूरे कपड़े.
मैंने डरते हुए अपनी बनियान भी उतार दी और सिर्फ चड्डी में उनके सामने सर झुकाकर खड़ा हो गया.
अब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था, जो चड्डी में से साफ दिख रहा था.
मैडम ने चिल्लाकर कहा- ये उतारने के लिए क्या अब अलग से बोलूं?
मैंने कहा- फिर तो मैं पूरा वो हो जाऊंगा मैम!
उन्होंने कहा- जो बोलना हो, साफ साफ बोला करो कि क्या हो जाओगे!
मैंने कहा- मैं पूरा नंगा हो जाऊंगा.
उन्होंने कहा- हो जाओ, जो मैं कहती हूं चुपचाप करो.
मैंने डरते हुए अपनी चड्डी भी उतार दी और अपने लंड को हाथों से छुपा लिया.
इसके बाद उस जालिम ने मुझे अपने दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहा.
मैंने डरते हुए अपने दोनों हाथ ऊपर उठाए और मेरा लंड बेपर्दा हो गया.
वह थोडी देर तक तो मेरे लंड को ही घूरती रहीं.
फिर उन्होंने मेरे लंड में एक चपत लगाई और कहा- ये खड़ा क्यों है?
उनका हाथ लंड में लगा तो मेरा लंड फनफनाने लगा.
ये देख कर मैडम के होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई, जिसे उन्होंने तत्काल छिपाते हुए अपनी भंगिमा बदल ली.
मैंने कहा- मैडम, मैं पहली बार किसी लड़की के सामने नंगा हुआ हूं. ये इसी लिए खड़ा हो गया है.
उन्होंने मेरे लंड को प्यार से देखते हुए कहा- अगर होमवर्क नहीं करोगे तो कल सबके सामने नंगा कर दूंगी. फिर देखती हूँ कि कैसे खड़ा होता है. अगर कल भी खड़ा हुआ तो तुम्हारी मम्मी को बुला कर उनसे शिकायत करूंगी.
उनकी इस धमकी से मैं बहुत डर गया और मैंने कहा- आप जो बोलोगी मैं मान लूंगा, पर प्लीज ऐसा मत करना.
उसने कहा- ठीक है, लेकिन इसके बदले में तुम्हें मेरी मालिश करना पड़ेगी क्योंकि एक्स्ट्रा टाइम करने की वजह से मेरे हाथ पैर बहुत दुख रहे हैं.
मैंने कहा- ठीक है मैडम, कर दूंगा. कब करना है?
उन्होंने कहा- अभी करो और वो सामने तेल की शीशी रखी है. उसे उठाकर बेडरूम में आ जाओ.
मैंने सर हिलाते हुए कहा- ठीक है.
मैं तेल की शीशी उठाकर उनके साथ उनके पीछे पीछे बेडरूम में चला गया.
उन्होंने अपना तौलिया खोला और उसे एक साइड पटक दिया.
मैं उन फुल न्यूड टीचर का जिस्म देखते ही रह गया.
मैंने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था. क्या गजब का सेक्सी जिस्म था.
मेरा लंड अकड़ने लगा.
उन्होंने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और मसलने लगीं.
मैंने भी अपने आपको उनको सौंप दिया और उन्हें चूमना चालू कर दिया.
मैंने उन्हें उनके होंठों पर किस किया.
उसके बाद उनके कानों में किस किया और फिर गर्दन पर किस किया.
फिर मैंने उनके दूध चूसना चालू कर दिए.
मैडम बहुत बेचैन होने लगीं और मुझे घसीट कर बिस्तर पर ले गईं.
हम लोगों ने दूसरे को पूरी तरह चूमना चालू कर दिया.
तभी उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और उसे गपागप अन्दर-बाहर करने लगीं.
थोड़ी देर बाद मैडम ने कहा- अब तुम मेरी चूत चूसो.
मैंने मैडम की चूत में जीभ डालकर चूसना चालू कर दिया.
तभी मैंने उनकी चूत में लंड रखकर अन्दर धकेलना चालू कर दिया.
उनका भी शायद यह पहली बार था.
शुरुआत में उन्हें तकलीफ हुई, पर अब तो हम दोनों पर कामवासना सवार थी.
मैडम ने चित लेट कर अपनी टांगें फैला दीं.
उनकी चूत से रस टपक रहा था.
मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और लंड चूत पर सैट कर दिया.
इसके बाद मैंने अपना लंड पूरी ताकत लगाकर मैडम की चूत में धकेल दिया.
वे तड़प उठीं.
लेकिन मैंने धक्के लगाने चालू कर दिए.
कुछ देर के दर्द के बाद मैडम की गांड खुद ब खुद उठने लगी.
मस्त चुदाई होने लगी.
मैडम थोड़ी देर में झड़ गईं लेकिन मेरा नहीं हुआ था तो मैं तो अभी भी पेल रहा था.
इस बात पर मैडम को आश्चर्य हुआ.
खैर … जब मैंने अपना पूरा कर लिया तो मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया.
कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही फुल न्यूड पड़े रहे.
फिर मैंने थोड़ी देर बाद उनकी आंखों में देखा, उनके चेहरे पर संतोष संतुष्टि के अलग ही भाव थे.
इसके बाद थोड़ी देर बाद मैंने पूछा- मैडम, गांड भी मरवाएंगी क्या?
तो उन्होंने हंस कर कहा- अगर अगली बार होमवर्क पूरा नहीं करोगे तो उधर की सजा भी दूंगी.
इसके बाद उन्होंने मुझसे कपड़े पहनने का आदेश दिया और खुद भी अपने कपड़े पहनने लगीं.
मैंने भी अपने कपड़े पहने और घर आ गया.
उसके बाद जब तब मौका मिलते ही मैं मैडम की चूत चुदाई का मजा लेने लगा था.
डॉक्टर भी कहते थे कि कोई कमी नहीं है, बस जब ऊपर वाले की मर्ज़ी होगी, तब उनके घर किलकारियां गूजेंगी.
जुनैद कह नहीं पाता था … पर उसे लगता था कि कमी तबस्सुम में नहीं, उसमें है.
इसीलिए वह अब दिल से चाहता था कि तबस्सुम कैसे भी गर्भवती हो, चाहे उससे या किसी और से.
तबस्सुम से जुनैद बेइंतिहा प्यार करता था और तबस्सुम भी कभी उसका दिल नहीं तोड़ती थी.
जुनैद को बहुत शौक था तबस्सुम के साथ सेक्स करते समय की फ़ोटोज़ और विडियो बनाने का.
तबस्सुम उसका भरपूर साथ देती.
जुनैद और तबस्सुम को अब बिना सेक्स किये नींद नहीं आती थी.
जुनैद के दोस्त उमेश की नौकरी पास के किसी शहर में लग गयी थी तो वह अपनी बीवी सानिया के साथ वहीं रहने लगा था.
वैसे भी उसकी बीवी गर्भवती हो गयी थी और डॉक्टर ने उसे आराम की राय दी थी तो वह कुछ महीनों के लिए अपने मायके चली गयी थी.
इधर जुनैद और तबस्सुम नए नए तरीकों से अपने सेक्स को और रोमांचक बनाते थे.
बस गम था तो एक कि इतनी चुदाई के बाद भी तबस्सुम हमल से (गर्भवती) नहीं हो पा रही थी.
डॉक्टर कहते थे कि कोई छोटी सी सर्जरी करनी होगी तबस्सुम की और जुनैद को भी दवाई लेनी होगी शुक्राणु बढ़ने के लिए. या फिर ल्ला पर भरोसा करना होगा.
तबस्सुम सर्जरी के लिए तैयार नहीं थी पर जुनैद अपनी मर्दानगी बढ़ने लिए दवाई लेने को तैयार था.
जुनैद ने तो यह भी सोचा कि अगर वह और उमेश मिलकर तबस्सुम को निरंतर चोदें तो शायद तबस्सुम को बच्चा ठहर हो जाए.
पर इसी सोच विचारी में उमेश दूसरे शहर चला गया.
तबस्सुम सेक्स में जुनैद का भरपूर साथ देती.
जुनैद ने उसके गले में एक खूबसूरत सा ताबीज़ भी डाल दिया था जो चुदते समय जोर जोर से उछलता.
यह देख कर जुनैद की चुदाई की स्पीड और बढ़ जाती.
तबस्सुम के मम्मे चूस चूस कर जुनैद ने खूब भारी कर दिए थे और तबस्सुम ने जुनैद का लंड चूस चूसकर और मोटा कर दिया था.
ऐसा जुनैद का मानना था.
ड्यूटी से वापिस आकर दोनों चाय पीते और फिर सारे कपड़े उतार कर ही रहते.
तबस्सुम खाना भी मुकम्मल नंगी होकर ही बनाती, जिसमें जुनैद भी उसका साथ देता.
वह मौक़ा देख कर कभी कभी उसके मम्मे दबाता तो तबस्सुम उसे चिमटा दिखाती कि तुम्हारा लंड इससे पकड़ लूंगी.
पर जुनैद नहीं मानता.
जैसे तैसे खाना खाकर दोनों का चुदाई सेशन शुरू हो जाता.
सबसे पहला हक़ तबस्सुम का शुरू होता.
वह टांगें फैलाकर लेट जाती और जुनैद से कहती- मेरी चूत चूसो.
जुनैद उसकी चूत में जीभ घुसाकर कभी उंगली से उसकी चूत की खूब मालिश करता.
अब तो वह कभी कभी उसकी गांड में भी थूक लगी उंगली घुसेड़ देता.
शुरू शुरू में तो तबस्सुम को तकलीफ होती, पर अब उसे भी गांड में उंगली करवाने में मजा आता.
पिछले दिनों जुनैद एक वाईब्रेटर भी ले आया था.
अब वह तबस्सुम की चूत में वाइब्रटर घुसा कर उसके मुंह में अपना लंड दे देता और अपने एक कजिन साजिद का नाम लेकर तबस्सुम को उकसाता कि साजिद का लंड उसकी चूत में है.
शुरू शुरू में तो तबस्सुम को बहुत बुरा लगा, उसने जुनैद से बोलना भी बंद कर दिया.
पर अब उसे भी मज़ा आने लगा.
अब तो वह जुनैद से कहती- ठीक से चोदो वर्ना साजिद को बुला लूंगी.
तबस्सुम जानती थी कि जुनैद को लंड चुसवाना बहुत अच्छा लगता है.
वह पूरा लंड मुंह में लेती.
जुनैद का लंड मोटा और लम्बा था पर तबस्सुम पूरा लंड मुंह में लेती और जीभ से पकड़ मजबूत करके लपर-लपर चूसती.
कई बार जुनैद को लगता कि वह उसके मुंह में ही झड़ जाएगा.
तबस्सुम जुनैद को चुदाई में पूरा सहयोग करती; चाहे जुनैद उसे घोड़ी बना कर चोदे या नीचे लिटाकर, तबस्सुम उसे भरपूर मज़ा देती.
उसे जुनैद ऊपर चढ़ा कर चुदाई जरुर करता जिससे उसका तावीज़ उसके मम्मों के साथ खूब उछले.
जुनैद उसके मम्मे खूब मसलता, तबस्सुम को कभी कभी दर्द भी होता पर वह जुनैद को कभी नहीं रोकती या टोकती.
जब से जुनैद ने नया मोबाइल लिया है, उसने अपनी चुदाई की ढेरों विडियो बना डालीं.
शुरू में तो तबस्सुम को अजीब लगता था विडियो बनवाना या नंगी फोटो खिंचवाना … पर अब उसे आदत पड़ गयी है.
एक रात जुनैद ने चोदते समय तबस्सुम को बताया कि उसका कजिन साजिद दो-तीन दिन के लिए आ रहा है, घर पर ही रुकेगा.
जुनैद ने स्पीड बढ़ाते हुए कहा- साजिद के साथ मिल कर मस्ती करेंगे, हो सकता है अल्लाह मियां उनकी सुन लें और तबस्सुम की गोद भर जाए.
साजिद का नाम और थ्रीसम चुदाई सुनकर तबस्सुम की चूत में आग और भड़क उठी.
पर वह दिखावटी गुस्सा करती हुई बोली- नहीं मैं किसी और से नहीं करुँगी.
जुनैद बोला- क्यों? तुमने उमेश के साथ इतनी बार तो किया है.
तबस्सुम बोली- जो हो गया सो हो गया, अब नहीं. कल को मेरी गोद भर गयी तो साजिद सोचेगा वह मेरे बच्चे का बाप है.
इस पर जुनैद बोला- मैं साजिद के आते ही बता दूंगा कि तुम गर्भवती हो. तो अगर उनकी फ़रियाद ऊपर वाला सुन लेता है तो साजिद यही सोचेगा कि तुम तो पहले से ही गर्भवती थीं.
तबस्सुम बोली- फिर भी मुझे जच नहीं रहा. उमेश तो दोस्त था और ये रिश्तेदार है. चलो छोड़ो यह बात … अभी तो तुम चुदाई करो बढ़िया सी वरना मैं …
दोनों हंस पड़े और गुत्थम गुत्था हो गए.
पर अब तबस्सुम भारी पड़ रही थी जुनैद पर.
उसने निचोड़ दिया आज जुनैद को!
अगले दिन जुनैद ने तबस्सुम को बताया- साजिद कल आयेगा. उमेश वाला कमरा साफ़ कर लेना. वह दो दिन रुकेगा.
तबस्सुम दिन में पास के ब्यूटी पार्लर में जाकर फेशियल वगैरा करा आई.
उसे साजिद को लेकर एक उत्सुकता थी.
वह जानती थी कि अगर जुनैद के मन में है तो वह खुराफात जरूर करेगा, चाहे अंजाम कुछ भी हो.
उसने जुनैद से पूछकर हाथों में मेहंदी भी लगवाई और रात को नहाने से पहले अपनी चूत चिकनी कर ली.
वैसे वह हमेश चूत चिकनी रखती ही थी, पर कल शायद कुछ स्पेशल होने को था.
रात को जुनैद काम से काफी लेट लौटा तो थका हुआ था.
उसने परसों की छुट्टी ले ली थी.
कल तो साजिद उसके साथ ही शाम तक घर आने वाला था.
रात को जुनैद बिना सेक्स के सो गया और सुबह उठकर उसने तबस्सुम को जबरदस्ती अपने साथ ही नहलाया और हंसी मज़ाक में छेड़ते हुए कह दिया कि अब दो दिन उसकी चूत की खैर नहीं.
तबस्सुम ने भी उससे कह दिया- आप और साजिद अलग कमरे में सो जाना और जैसे आप उमेश की गांड मारते थे, आपस में निबट लेना. मुझे मत घसीटना अपने साथ.
जुनैद बोला- देखा जाएगा.
शाम को जुनैद के आने से पहले तबस्सुम ने खाना पूरा बना लिया था और अच्छे से कपड़े पहन कर वह दोनों का इंतज़ार कर रही थी.
सजधज कर तबस्सुम कयामत ढाती थी.
7 बजे करीब जुनैद और साजिद आये.
साजिद जुनैद जैसी ही कदकाठी का पर मजबूत था.
वह बहुत मजाकिया और बातूनी था.
साजिद तबस्सुम के लिए एक बहुत सुंदर सूट लाया था.
पर्दे वाले परिवार की शर्म तो अब इनके घर में नहीं थी … तो तबस्सुम भी जल्दी ही घुलमिल गयी साजिद के साथ.
पहले चाय-पकौड़े, फिर खाना!
इन सब से निबटते निबटते रात के दस बज गए.
जब वह रसोई सम्भाल कर कमरे में पहुंची तो जुनैद और साजिद हंस हंस कर बात कर रहे थे.
असल में बचपन से जवानी तक दोनों साथ पढ़े थे.
साजिद और जुनैद दोनों ही अपनी जवानी में पक्के हरामी थे.
यह बात तबस्सुम को जुनैद बता चुका था कि हमारे बीच कुछ भी छिपा नहीं है.
तबस्सुम को तो शक था कि साजिद की बीवी सुल्ताना से जुनैद का चक्कर रह चुका है और दोनों हमबिस्तर भी हो चुके हैं.
पर उसे यह नहीं पता था कि यह बात साजिद को मालूम है या नहीं.
वह कभी सुल्ताना से नहीं मिली थी.
तबस्सुम के आते ही साजिद उठ खड़ा हुआ अपने कमरे में जाने के लिए!
तो तबस्सुम ने कहा- भाई जान, आप यहीं सो जाएँ, मैं दूसरे कमरे में सो जाती हूँ.
इस पर साजिद बोला- जब मैं आपको नाम से बुलाता हूँ तो आप भी मेरा नाम ही लीजिये. हम सभी दोस्त ही तो हैं.
जुनैद ने भी उसकी बात का समर्थन किया और कहा- मैं भी इसकी बीवी को नाम से ही बुलाता हूँ. यह हम लोगों का शुरू से तय था कि हम सब आपस में दोस्त रहेंगे.
तबस्सुम ने नैन मटकाकर जुनैद से पूछा- और क्या क्या आप लोगों का पहले से तय है?
इस पर जुनैद ने बदमाशी से कहा- तय तो हमारा यह भी है कि आपस की सभी चीज़ मिल-बाँट कर इस्तेमाल करेंगे.
उसका इशारा समझ कर तबस्सुम बोली- मैं चली सोने … आप आपस में मिल-बांट कर लीजियेगा.
अब साजिद हँसते हुए खड़ा हो गया, बोला- मैं चला सोने, थक भी गया हूँ, सुबह जल्दी जाना है काम से!
उसके जाते ही तबस्सुम ने कमरे की किवाड़ बंद कर लिए.
जुनैद ने उसे बेड पर भींच लिया और बोला- जानेमन, आज तो कयामत ढा रही हो. साजिद तो हलाल हो गया आपकी ख़ूबसूरती के आगे! आपकी मेहंदी तो जुल्म ही ढा रही है आज! अब देर मत करो, कल का भी हिसाब चुकता करना है.
तबस्सुम भी चुदासी हो रही थी.
उसने कपड़े उतार फेंके और लेट गयी टाँगें फैलाकर.
ज़ुनैद भी नंगा होकर बेड पर आया और हमेश की तरह उसने पहले तबस्सुम को चूमा और फिर उसकी चूत की फांकों के बीच अपनी जीभ दे दी.
जल्दी ही तबस्सुम की आहें निकलने लगीं.
जुनैद तो चाहता था कि आज पोर्न वाइफ तबस्सुम की आवाज़ साजिद के कमरे तक जाए.
इसलिए उसने चुदाई शुरू कर दी और पेलम पाल में पूरा दम लगा दिया.
तबस्सुम थोड़ी देर को यह भूल गयी कि घर में एक मेहमान भी है.
उसकी आवाजें रोज़ की तरह निकलने लगीं.
अब जुनैद ने चुदाई धीमी करते हुए उसके कान में फुसफुसाकर कहा- बुला लूं साजिद को? वह तो जब से आया है, तुम्हारे हुस्न की तारीफ कर रहा है.
दोस्तो मैं अजनबी आपके सामने Hindi Porn Stories अपनी पहली कहानी लेकर हाज़िर हूँ।
मैं हार्डवेयर का काम करता हूँ जिससे काम के सिलसिले मे मुझे ज़्यादा से ज़्यादा समय बाहर ही काम करना पड़ता है।
यह कुछ ही महीने पहले की बात है, जब मैं अपनी एक भाभी से मिला। मेरी उस भाभी का नाम काजल है। वो मुझसे बहुत प्यार करती है। मैं उनके शहर में भी जाता था, वहाँ मैने कमरा ले रखा था।
एक दिन जब उनके पति घर पर नहीं थे तो मैने उनको अपने कमरे पे बुला लिया. भाभी को देखते ही मेरा लण्ड फनफना कर खड़ा हो गया। भाभी मेरे खड़े लंड को देखते हुई बोली- सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लम्बा और मोटा है।
मुझे मालूम हो चुका था कि भाभी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती हैं, लेकिन पहल मेरी तरफ़ से चाहती है. मैंने तब आगे बढ़ कर उनकी चूचियों पर अपना हाथ रख दिया और उन्हें धीरे धीरे सहलाने लगा।
भाभी कुछ नहीं बोली बस मुस्कुराती रही। तब मैंने उनकी नाईटी उतार दी और मेरे सामने भाभी सिर्फ़ काली ब्रा और गुलाबी पैंटी अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए अधनंगी खड़ी थी। फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल फेंका, मैं उनकी गोल गोल चूचियाँ देख कर हैरान हो गया।
मैंने फिर धीरे से उनको अपनी बाँहों में ले लिया और उनके चूचियों पर अपनी पकड़ मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर मसलने लगा। मैंने भाभी को अपनी बाँहों में भर कर कस कर जकड लिया. भाभी भी मुझको अपने दोनों हाथों से पकडे हुए थी मैंने उनके दोनों होंठ अपने होंठों के बीच ले कर चूसने लगा. भाभी भी मेरी बाँहों में अधनंगी खड़ी खड़ी मुझे दोनों हाथों से पकड़ कर अपने होंठ चुसवा रही थी और अपनी चूचियाँ मसलवा रही थी।
अब धीरे धीरे भाभी ने मेरे हाथों से निकल कर मेरा बनियान उतार दिया, फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डाल के उनकी चूत को हाथ से रगड़ा, फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी चूत में डाल दी, और उनको ऊँगली से चोदने लगा। मेरे ऐसा करने से कुछ देर में उनकी चूत गीली हो गयी। फिर मुझे लगा अब यह रंडी चुदने को एकदम तैयार है, तब मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत से बाहर निकाली, और उसकी पैंटी को उस के बदन से अलग कर दी।
मैंने अब भाभी से पूछा, क्या आप मेरे लंड को अपनी चूत के अन्दर लेना चाहती हैं ?
भाभी मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी। अब मैं भाभी का एक चूची अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा। भाभी भी अब तक गरमा गयी थी। उन्होंने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ कर मुझको बेड पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उसको बड़े ध्यान से देखने लगी।
थोडी देर के बाद वो बोली- वैसे तुम्हारा लंड बहुत ही सेक्सी है, आज मेरी चूत खूब मज़े ले ले कर इस लंड से चुदेगी, अब तुम चुपचाप पड़े रहो, मुझको तुम्हारा लंड का पानी चखना है।
मै तब बोला,”ठीक है भाभी जब तक आप मेरे लंड का स्वाद चखोगी, मैं भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद उठाऊंगा।
आइये हम दोनों ६९ पोसिशन पर पलंग पर लेटते हैं। फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे के पैर की तरफ़ मुंह करके लेट गए. मैंने भाभी को अपने ऊपर कर लिया। भाभी ने मेरे लंड के सुपारे को अपने होठों से लगा कर एक जोरदार चुम्मा दिया और फिर अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और कभी कभी उसको अपनी जीभ से चाटने लगी. मुझको अपने लंड चुसाई से रहा नहीं गया और अपना लंड भाभी के मुंह में पेल दिया .भाभी लंड को अपने मुंह से निकलते हुए एक रंडी की तरह बोली- वाह मेरे राजा अभी और पेलो अपने लंड को मेरे मुंह में, बाद में इसको मेरी चूत में पेलना.”
भाभी अपने मुंह में मेरा लंड लेकर उसको खूब जोर जोर से चूस रही थी और मैं भी भाभी के मुंह में झड़ गया। मेरे लंड का सारा का सारा माल भाभी के मुंह के अन्दर गिरा और उसको उन्होंने पूरा का पूरा पी लिया। अब भाभी का चेहरा काम-ज्वाला से चमक रहा था और वो मुस्कुराते हुए बोली- चूत चुसाई में बहुत मज़ा आया, अब चूत चुदाई का मज़ा लेना चाहती हूँ, अब तुम जल्दी से अपना लंड चुदाई के लिए तैयार करो और मेरे चूत में पेलो, अब मुझसे रहा नहीं जाता।
मैंने भाभी को पलंग पर चित्त करके लेटा दिया और उनके दोनों पैरों को ऊपर उठा कर घुटने से मोड़ दिया। फिर मैंने अपने लन्ड का सुपारा खोल कर उनकी चूत के ऊपर रख दिया और धीरे धीरे उनकी चूत से रगड़ने लगा। भाभी मारे चुदास के अपनी कमर नीचे ऊपर कर रही थी तब मैंने उनकी चूचियों को पकड़ कर निप्पल को मसलते हुए उनके होटों को चूमा और बोला- अरे मेरी रानी ! इतनी भी क्या जल्दी है? पहले मैं ज़रा तुम्हारे सुन्दर नंगे बदन का आनन्द तो उठा लूं ! फ़िर तुम्हें जी भर के चोदूंगा।
भाभी मेरे लण्ड से चुदाने के लिए पूरी तरह से तैयार थी। मैंने अपना सुपारा उनकी पहले से ही भीगी चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से कमर हिला कर सिर्फ़ सुपारे को ही अन्दर किया। भाभी ने मेरे फ़ूले हुए सुपारे को अपनी चूत में घुसते ही अपनी कमर को झटके ऊपर उछाला और मेरा आठ इन्च का लण्ड पूरा का पूरा उनकी चूत में घुस गया।
तब भाभी ने एक आह सी भरी और बोली- आह ! क्या शान्ति मिली तुम्हारे लण्ड को अपनी चूत में डलवा कर। यह अच्छा हुआ, मुझे बहुत दिन से इच्छा थी कि किसी लम्बे लण्ड से चुदने की, आज वो पूरी हो गई। नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती।
अब मैं अपना लण्ड धीरे धीरे उनकी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा। उन्होंने पहले कभी अपनी चूत में इतना मोटा लण्ड कभी नहीं घुसवाया था। शायद उसके पति का लण्ड छोटा होगा, उन्हें कुछ तकलीफ़ हो रही थी। मुझे भी उनकी चूत काफ़ी टाईट लग रही थी। मैं मस्त हो कर उनकी चूत चोदने लगा।
भाभी मेरी चुदाई से मस्त होकर बड़बड़ा रही थी,” हाय मेरे राजा ! मेरे राजा और पेलो, और पेलो अपनी भाभी की चूत मे अपना मोटा लण्ड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लण्ड खाकर निहाल हो रही है। हाय ! लम्बे और मोटे लण्ड की चुदाई का मज़ा कुछ और ही होता है, बस मज़ा आ गया, हां ! हां ! तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चूत में अपना लण्ड आने दो। मेरी चूत की चिन्ता मत करो, फ़ट जाने दो इसको आज ! इसको भी बहुत दिनों से शौक था मोटा और लम्बा लण्ड खाने का। इसको और जोर से खिलाओ अपना मोटा और लम्बा लण्ड।”
हम लोग चुदाई का मज़ा लेते रहे और मेरी चुदाई से भाभी दो बार झड़ चुकी थी। फ़िर मैंने अपना लण्ड उनकी चूत के अन्दर तक डाल कर उनके अन्दर झड़ गया। फ़िर मैं उनके ऊपर ही सो गया। कुछ देर बाद भाभी ने बेड से उठ कर अपने कपड़े पहन लिए, मुझे गाल पे किस दिया और अपने घर चली गई।
दोस्तो आपको मेरी कहानी कैसे लगी प्लीज़ मुझे मेल करें मैं आपको बताऊँगा कि कैसे मैने दूसरी बार भाभी की चुदाई की। Hindi Porn Stories
सभी पाठकों को मेरा प्रणाम !यह कहानी Hindi Sex Stories सच्ची है …मेरी शादी होने के बाद जब मैं ससुराल गया और मेरी साली भैरवी को देखा तो देखते ही रह गया !
क्या बदन था … क़यामत थी … बड़े लम्बे बाल … गोरा रंग .. काली आँखें… बड़े बड़े स्तन …बड़े उभरे हुए नितम्ब …. आऽऽहा … क़यामत थी ….
शुरु में तो वो भाव खा रही थी … मेरी बीवी को बच्चा होने वाला था….मैं भी वहाँ रहता था … रोज काफी मस्ती होती थी। मैं भी उसको छू लेता था तो वो कुछ नहीं बोलती थी …
बाद में उसकी शादी हुई … उसकी उसके पति से नहीं बनी और उसने तलाक ले लिया।
अब वो मेरी साथ काफी बातें करती थी और खूब घुल मिल गई थी … जब भी मौका मिलता, मैं उसके बदन को छू लेता.. वो कुछ नहीं कहती।
एक दिन रात को मैं उसके कमरे में गया …. उसके बालों में हाथ घुमाया … केले जैसी पिन्डलियों पर भी हाथ घुमाया !
उसने कोई विरोध नहीं किया … मेरी हिम्मत बढ़ गई, मैं अपने होठों से उसके होंठ चूमने लगा …
उसको मजा आया, कहने लगी- मुझे तुम पहले से पसन्द थे !
फिर तो देरी किस बात की…
मैंने उसके संतरे जैसे स्तनों को हाथ में पकड़ा और मसलने लगा..
उसको भी मजा आ रहा था, कई दिनों से उसने लंड नहीं लिया था …
मैं तो उसको चाटने लगा। ऊपर का गाउन को हटा दिया, अब मेरे सामने वो सिर्फ पेंटी में थी और मैं उसले सारे बदन को चाटने लगा…
यह मेरी बहुत सालों से इच्छा थी जो आज पूरी हो रही थी….
उसके दोनों बूब्स जो मेरी जान थे, वो आज मेरे हाथों में थे …
वो कराह रही थी … काफी गरम हो रही थी….. उसकी गोरी काया ….. मुझे उत्तेजित कर रही थी… पूरा बदन जैसे किसी ने फ़ुरसत में बनाया हो ऐसा था…
मैं नसीब वाला हूँ… मेरी जीभ नीचे की ओर गई … एक भी बाल नहीं था …. मेरी जीभ ने अपना काम चालू कर दिया ….
वो भी काफी उत्तेजित हो चुकी थी !
मेरा ७ इन्च का लंड उसके हाथ में था ….
वो उसको अन्दर लेने के लिए बेताब थी ….
मैंने धीरे से उसकी चूत के मुँह पर लंड को रखा और एक ही झटके में आधा अन्दर घुसेड़ दिया…
क्या टाइट चूत थी… जैसे नई ….
वो बोली …ओह …धीरे से ….
दूसरे झटके में पूरा घुसेड़ दिया…
उसकी आँखों में से पानी निकल गया …
फिर भी बोली …. मजा आया .. जल्दी करो…
मैं तो चालू हो गया
झटके पे झटके ….
उसने दोनों पैर ऊपर उठा के मेरे कंधो पे रख दिए ….
झटके लग ही रहे थे कि उसने मुझे बोला … कुछ और स्टाइल करते हैं …
मैंने बोला- कुतिया बन जाओ…
वो घूम गई और झुक गई…..
क्या गांड थी…
मैं तो पागलों की तरह चूमने लगा !
तो वो बोली … अरे ! दीदी जग जायेगी… !
मैं तो उसकी गांड का छेद देखते ही रह गया…..और उस में डालने की सोचने लगा।
लेकिन उसने मेरा पकड़ के अपनी चूत में घुसेड़ लिया…
मैंने फ़िर से झटके लगाना चालू कर दिया …
काफी समय के बाद उसका पानी निकल गया, मेरा निकलने वाला ही था कि उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी …. पूरा पानी पी गई… बोली- अच्छी चुदाई करते हो ! दीदी लकी है ! …. पहले मालूम होता तो पहले ही कर लेती….
मैं भी पूरी रात उसके साथ ही नंगा सोया रहा … पूरी रात में तीन बार उसकी चुदाई की ….. पर उसकी गांड मरने की इच्छा पूरी नहीं हुई …..
यह मेरी सच्ची कहानी है ….. Hindi Sex Stories
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