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Massage Girl in Jalgaon: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Jalgaon who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Jalgaon that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Jalgaon massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Jalgaon who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Jalgaon massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Jalgaon massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Jalgaon who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Jalgaon employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Jalgaon helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Jalgaon

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Jalgaon at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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प्रेषक : सुमीत Antarvasna

आज मैं आपको एक Antarvasna अपनी ही जिंदगी की सच्ची घटना सुनाता हूँ।

बात उन दिनों की है जब मेरे छमाही इम्तिहान चल रहे थे, सॉरी मैं आपको अपने बारे में बताना भूल गया कि मैं बी.ई. इंदौर का छात्र हूँ। जब मेरी परिक्षाएँ चल रही थी तब मेरा दोस्त और मैं साथ में पढ़ा करते थे। तब अचानक बातों ही बातों में मैंने कहा- यार, कोई लड़की का नंबर हो तो दे समय बिताने के लिए !

तो वो मुझसे बोला- है तो एक नंबर ! मगर तू बात कैसे करेगा?

मैंने कहा- तू दे तो ! मैं कर लूँगा !

मैंने उस लड़की को एक गलत नाम से फ़ोन लगाया और फ़ोन पर उसकी बहुत तारीफ की। मैंने उसे देखा नहीं था कभी लेकिन फिर भी कल्पना से ही उसकी तारीफ की। उसे अच्छा लगने लगा। वो शायद मुझसे प्रभावित हो गई थी। अगर मैं फ़ोन काट देता था तो वो खुद फ़ोन लगा लेती थी। शायद उसे भी कोई चाहिए था।

कुछ दिनों तक बातों का सिलसिला यूँ ही चलता रहा। फिर एक दिन मैंने उससे उसकी फोटो मांगी ताकि मैं उसे देख सकूँ तो जब उसने उसकी फोटो मेल की मुझे, तो मेरे तो होश ही उड़ गए। क्या गज़ब फिगर था उसका 36-24-34 मैं तो उसे देख कर दंग रह गया। इतनी खूबसूरत बाला मैंने आज तक नहीं देखी थी। मेरी जितनी भी गर्लफ्रेंड आज तक बनी हैं, उनमें से सबसे बड़ी चूचियाँ इसी की थी। फिर मैं इसे कैसे बिना चोदे छोड़ देता।

मेरे दिमाग में एक विचार आया। सॉरी, मैं नाम बताना तो भूल गया। ऋतू नाम था उसका।

मैंने उसे डेट पर बुलाया। वो मुझसे प्रभावित तो हो ही चुकी थी, बस हमें बहाना चाहिए था मिलने का ! मैंने उसे ऐसी जगह मिलने बुलाया जहाँ पर कोई आता जाता न हो। वो जगह बहुत दूर थी इसलिए मैं उसे लेने उसके हॉस्टल गया। वो बी कॉम कर रही थी। वो मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं रहती थी। मैंने अपनी कार उठाई और उसे डेट पर ले जाने के लिए चल पड़ा। जब मैं उसके हॉस्टल के नीचे पंहुचा तो मैंने होर्न दे कर उसे नीचे बुलाया। क्या मस्त मॉल लग रही थी वो ! उसने सलवार सूट पहना था और वो अपने स्तन तो चुन्नी से ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी। वो मुझे अपनी गोलाइयों के दर्शन करवाना चाहती थी।

हम चल पड़े। इंदौर के बाहर एक जंगल पड़ता है जहाँ कोई नहीं आता, बैठने और बातें करने की अच्छी जगह है वहाँ ! मैंने एक जगह पेड़ के नीचे गाड़ी रोक दी तो वो मुझसे कहने लगी- गाड़ी क्यों रोक दी तुमने? क्या चल रहा है तुम्हारे मन में ? ह्म्म्म बोलो बोलो !

मैंने कहा- मैं तुम्हें किस करना चाहता हूँ ! तुम मना तो नहीं करोगी ?

जब उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने उसकी चुप्पी को उसकी हाँ समझी और उसे एक जबरदस्त चुम्मा दे दिया। एक सेकंड बाद हम अलग हो गए। फिर मैंने उससे कहा- तुमने कभी किसी को किस किया है ?

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने पूछा- तुम्हें कितने प्रकार के चुम्बन आते हैं?

उसने कहा- वो अभी किया वैसे ही !

मैंने उसे कहा- मैं बताऊँ कि चुम्बन कितने प्रकार के होते हैं?

तो वो मान गई।

फिर मैंने उसे पाँच तरह के चुम्बन करके बताये- फ्रेंच, स्मूचिंग, लिप्स टचिंग, इंडियन, टंग राउन्डिंग ।

फिर हम दोनों के जिस्म गरम हो गए, वासना की आग बढ़ चुकी थी, हमारे जिस्म हमारे काबू में नहीं थे और फिर हमने जो किया उसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती। आम तौर पर जब यौन-भावना जगती है तो लोग सेक्स करते वक़्त लड़की या लड़के के कपड़े उतारते हैं, बड़े प्यार से चूमा-चाटी करते हैं पूरे बदन को ! मगर हमारे किस्से में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मैं तो हैरान हो गया था उसे देख कर !

वो पहले भी मेरे दोस्तों के साथ, जिन्होंने उसका नंबर दिया था, सेक्स कर चुकी थी। उसे अनुभव था। वो मुझ पर टूट पड़ी, मेरे शर्ट के बटन तोड़ दिए, मेरे कपड़े फाड़ दिए, बिल्कुल जंगली सेक्स चल रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरा खून कर देगी ! उस पर सेक्स पूरी तरह से हावी हो चुका था। मैंने उसके कपड़े उतरने चाहे तो उसने खुद ही खींच-खींच के उतार दिए और कहने लगी- आज मुझे बहुत दिनों बाद चुदने का मौका मिला है, आज मेरी तन की आग बुझा दो मेरे ड्रीम बॉय !

मैंने भी फिर शर्म छोड़ दी और उसे अपने नीचे पटक कर अपना लौड़ा उसके मुँह में रख दिया। वो 5 रुपए वाली चोकोबार की तरह उसे चूसने लगी। मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसकी चूत के दाने पर हाथ रखा तो वो मचल गई और चोदो मुझे-चोदो मुझे ! कहने लगी।

मैंने अपन लौड़ा उसके मुँह में से निकाल कर उसकी चूत पर रख दिया और एक ही धक्के में मेरा लंड उसकी चूत में समां गया। मैं सातवें आसमान पर था। इसका आनंद वही ले सकता है जिसने कभी चुदाई की हो। उसकी नशीली आवाज़ें मुझे रफ़्तार बढ़ाने पर मजबूर करने लगी।करीब बीस मिनट के बाद वो झड़ गई और मुझे कहने लगी- अपना वीर्य मेरे मुँह में डालना ! चूत में नहीं ! वरना गड़बड़ हो जाएगी !

मगर शायद गड़बड़ होनी ही थी, मुझे अपनी धक्कों की रफ़्तार में ध्यान ही नहीं रहा कि कब मेरा पूरा वीर्य उसकी चूत में भर गया। उसे भी राहत मिली और मुझे भी।

मगर जब होश आया तो उसने देखा कि उसकी चूत मेरे वीर्य से भरी हुई थी। वो रोने लगी, कहने लगी- यह क्या किया तुमने ? मैंने मना किया था ना? अब मैं प्रेग्नेंट हो जाउंगी, तुम मुझसे शादी करोगे अभी?

मैंने उसे दिलासा दिया और कहा- कुछ नहीं होगा, हम शादी करेंगे लेकिन अभी नहीं ! मुझ पर भरोसा रखो !

तो वो मान गई और अचानक कार के दरवाजे पर किसी ने ठक-ठक किया- ठक ठक – ठक ठक !

हम डर गए !

आगे क्या हुआ वो तो सोचा भी नहीं था। अचानक हुए इस ठक-ठक ने हमारे होश उड़ा दिए जिसके बारे में मैं आपको अगले भाग में बताऊंगा।

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मुझे मेल कीजियेगा। Antarvasna

Hindi Porn Stories

दोस्तो मैं अजनबी आपके सामने Hindi Porn Stories अपनी पहली कहानी लेकर हाज़िर हूँ।

मैं हार्डवेयर का काम करता हूँ जिससे काम के सिलसिले मे मुझे ज़्यादा से ज़्यादा समय बाहर ही काम करना पड़ता है।

यह कुछ ही महीने पहले की बात है, जब मैं अपनी एक भाभी से मिला। मेरी उस भाभी का नाम काजल है। वो मुझसे बहुत प्यार करती है। मैं उनके शहर में भी जाता था, वहाँ मैने कमरा ले रखा था।

एक दिन जब उनके पति घर पर नहीं थे तो मैने उनको अपने कमरे पे बुला लिया. भाभी को देखते ही मेरा लण्ड फनफना कर खड़ा हो गया। भाभी मेरे खड़े लंड को देखते हुई बोली- सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लम्बा और मोटा है।

मुझे मालूम हो चुका था कि भाभी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती हैं, लेकिन पहल मेरी तरफ़ से चाहती है. मैंने तब आगे बढ़ कर उनकी चूचियों पर अपना हाथ रख दिया और उन्हें धीरे धीरे सहलाने लगा।

भाभी कुछ नहीं बोली बस मुस्कुराती रही। तब मैंने उनकी नाईटी उतार दी और मेरे सामने भाभी सिर्फ़ काली ब्रा और गुलाबी पैंटी अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए अधनंगी खड़ी थी। फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल फेंका, मैं उनकी गोल गोल चूचियाँ देख कर हैरान हो गया।

मैंने फिर धीरे से उनको अपनी बाँहों में ले लिया और उनके चूचियों पर अपनी पकड़ मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर मसलने लगा। मैंने भाभी को अपनी बाँहों में भर कर कस कर जकड लिया. भाभी भी मुझको अपने दोनों हाथों से पकडे हुए थी मैंने उनके दोनों होंठ अपने होंठों के बीच ले कर चूसने लगा. भाभी भी मेरी बाँहों में अधनंगी खड़ी खड़ी मुझे दोनों हाथों से पकड़ कर अपने होंठ चुसवा रही थी और अपनी चूचियाँ मसलवा रही थी।

अब धीरे धीरे भाभी ने मेरे हाथों से निकल कर मेरा बनियान उतार दिया, फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डाल के उनकी चूत को हाथ से रगड़ा, फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी चूत में डाल दी, और उनको ऊँगली से चोदने लगा। मेरे ऐसा करने से कुछ देर में उनकी चूत गीली हो गयी। फिर मुझे लगा अब यह रंडी चुदने को एकदम तैयार है, तब मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत से बाहर निकाली, और उसकी पैंटी को उस के बदन से अलग कर दी।

मैंने अब भाभी से पूछा, क्या आप मेरे लंड को अपनी चूत के अन्दर लेना चाहती हैं ?

भाभी मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी। अब मैं भाभी का एक चूची अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चूची अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा। भाभी भी अब तक गरमा गयी थी। उन्होंने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ कर मुझको बेड पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उसको बड़े ध्यान से देखने लगी।

थोडी देर के बाद वो बोली- वैसे तुम्हारा लंड बहुत ही सेक्सी है, आज मेरी चूत खूब मज़े ले ले कर इस लंड से चुदेगी, अब तुम चुपचाप पड़े रहो, मुझको तुम्हारा लंड का पानी चखना है।

मै तब बोला,”ठीक है भाभी जब तक आप मेरे लंड का स्वाद चखोगी, मैं भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद उठाऊंगा।

आइये हम दोनों ६९ पोसिशन पर पलंग पर लेटते हैं। फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे के पैर की तरफ़ मुंह करके लेट गए. मैंने भाभी को अपने ऊपर कर लिया। भाभी ने मेरे लंड के सुपारे को अपने होठों से लगा कर एक जोरदार चुम्मा दिया और फिर अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और कभी कभी उसको अपनी जीभ से चाटने लगी. मुझको अपने लंड चुसाई से रहा नहीं गया और अपना लंड भाभी के मुंह में पेल दिया .भाभी लंड को अपने मुंह से निकलते हुए एक रंडी की तरह बोली- वाह मेरे राजा अभी और पेलो अपने लंड को मेरे मुंह में, बाद में इसको मेरी चूत में पेलना.”

भाभी अपने मुंह में मेरा लंड लेकर उसको खूब जोर जोर से चूस रही थी और मैं भी भाभी के मुंह में झड़ गया। मेरे लंड का सारा का सारा माल भाभी के मुंह के अन्दर गिरा और उसको उन्होंने पूरा का पूरा पी लिया। अब भाभी का चेहरा काम-ज्वाला से चमक रहा था और वो मुस्कुराते हुए बोली- चूत चुसाई में बहुत मज़ा आया, अब चूत चुदाई का मज़ा लेना चाहती हूँ, अब तुम जल्दी से अपना लंड चुदाई के लिए तैयार करो और मेरे चूत में पेलो, अब मुझसे रहा नहीं जाता।

मैंने भाभी को पलंग पर चित्त करके लेटा दिया और उनके दोनों पैरों को ऊपर उठा कर घुटने से मोड़ दिया। फिर मैंने अपने लन्ड का सुपारा खोल कर उनकी चूत के ऊपर रख दिया और धीरे धीरे उनकी चूत से रगड़ने लगा। भाभी मारे चुदास के अपनी कमर नीचे ऊपर कर रही थी तब मैंने उनकी चूचियों को पकड़ कर निप्पल को मसलते हुए उनके होटों को चूमा और बोला- अरे मेरी रानी ! इतनी भी क्या जल्दी है? पहले मैं ज़रा तुम्हारे सुन्दर नंगे बदन का आनन्द तो उठा लूं ! फ़िर तुम्हें जी भर के चोदूंगा।

भाभी मेरे लण्ड से चुदाने के लिए पूरी तरह से तैयार थी। मैंने अपना सुपारा उनकी पहले से ही भीगी चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से कमर हिला कर सिर्फ़ सुपारे को ही अन्दर किया। भाभी ने मेरे फ़ूले हुए सुपारे को अपनी चूत में घुसते ही अपनी कमर को झटके ऊपर उछाला और मेरा आठ इन्च का लण्ड पूरा का पूरा उनकी चूत में घुस गया।

तब भाभी ने एक आह सी भरी और बोली- आह ! क्या शान्ति मिली तुम्हारे लण्ड को अपनी चूत में डलवा कर। यह अच्छा हुआ, मुझे बहुत दिन से इच्छा थी कि किसी लम्बे लण्ड से चुदने की, आज वो पूरी हो गई। नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती।

अब मैं अपना लण्ड धीरे धीरे उनकी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा। उन्होंने पहले कभी अपनी चूत में इतना मोटा लण्ड कभी नहीं घुसवाया था। शायद उसके पति का लण्ड छोटा होगा, उन्हें कुछ तकलीफ़ हो रही थी। मुझे भी उनकी चूत काफ़ी टाईट लग रही थी। मैं मस्त हो कर उनकी चूत चोदने लगा।

भाभी मेरी चुदाई से मस्त होकर बड़बड़ा रही थी,” हाय मेरे राजा ! मेरे राजा और पेलो, और पेलो अपनी भाभी की चूत मे अपना मोटा लण्ड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लण्ड खाकर निहाल हो रही है। हाय ! लम्बे और मोटे लण्ड की चुदाई का मज़ा कुछ और ही होता है, बस मज़ा आ गया, हां ! हां ! तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चूत में अपना लण्ड आने दो। मेरी चूत की चिन्ता मत करो, फ़ट जाने दो इसको आज ! इसको भी बहुत दिनों से शौक था मोटा और लम्बा लण्ड खाने का। इसको और जोर से खिलाओ अपना मोटा और लम्बा लण्ड।”

हम लोग चुदाई का मज़ा लेते रहे और मेरी चुदाई से भाभी दो बार झड़ चुकी थी। फ़िर मैंने अपना लण्ड उनकी चूत के अन्दर तक डाल कर उनके अन्दर झड़ गया। फ़िर मैं उनके ऊपर ही सो गया। कुछ देर बाद भाभी ने बेड से उठ कर अपने कपड़े पहन लिए, मुझे गाल पे किस दिया और अपने घर चली गई।

दोस्तो आपको मेरी कहानी कैसे लगी प्लीज़ मुझे मेल करें मैं आपको बताऊँगा कि कैसे मैने दूसरी बार भाभी की चुदाई की। Hindi Porn Stories

Xxx कार सेक्स कहानी में मैंने मेरी साली के साथ और मेरी बीवी ने अपनी बहन के पति के साथ चलती चार में सेक्स का मजा लिया.

फ्रेंड्स, मैं आपका दोस्त आपके सामने अपनी बीवी की एक और सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
इससे पहले आपने मेरी बीवी और मेरी साली की अदला बदली कर चुदाई की कहानी
बीवी साली की अदला-बदली
पढ़ी थी.

यह सेक्स कहानी उसी का अगला भाग है.
नए पाठकों के लिए बता दूं कि मेरी बीवी का नाम वीना है. वह बड़ी ही गदरायी हुई माल है.
मेरी साली का नाम रानी है. मेरी साली का पति शशिकांत है.

आपने मेरी अम्बोली वाली चुदाई की कहानी पढ़ी ही होगी, यदि नहीं पढ़ी है … तो प्लीज एक बार ज़रूर पढ़ें ताकि आपको इस कहानी से पूर्व की घटना की जानकारी हो जाए.
पिछली बार आपने पढ़ लिया था कि हम चारों ने आपस में लंड चुत बदल कर चुदाई का भरपूर मजा लिया था, पर हमारी बीवियों ने हम दोनों को यह अहसास कराया था कि उन्हें कुछ नहीं मालूम है कि नशे में क्या हुआ था.

अब आगे Xxx कार सेक्स कहानी:

जब हम सब सुबह सोकर उठे तो वीना और रानी दोनों को ही हैंगओवर था और उनका सर दर्द कर रहा था.
उन दोनों पर रात में दारू का असर कुछ ज्यादा ही हो गया था.

वे दोनों थोड़ी थकान महसूस कर रही थीं.
मेरी साली रानी ने अपने पति शशिकांत से कहा- यार, बड़ा सर दर्द हो रहा है. कल का तो मुझे पता ही नहीं चला कि मैं कब सोई.

मैं और शशिकांत एक दूसरे को देख कर हल्की हल्की मुस्कान दे रहे थे कि रानी को सब पता है लेकिन कितनी बन रही है.
दूसरी तरफ मेरी पत्नी वीना को कुछ कुछ याद था.
उसको यह पता था कि जो उसने पिया, वह कोई कोल्डड्रिंक नहीं थी.

उसने मुझसे पूछा- कल रात को मैंने क्या पिया था?
मैंने कहा- कोल्डड्रिंक पी थी और सब ठीक था. शायद यात्रा के कारण तुम थक गई होगी तो कुछ महसूस हुआ होगा.

वे दोनों भी चुप हो गईं और आपस में बात करने लगीं.
आज हम चारों कुछ दूसरे टूरिस्ट स्पॉट देखने जाने वाले थे.

मैंने सिगरेट के कश लगाते हुए शशिकांत से कहा- तुम सिर्फ़ शॉर्ट्स पहन लेना … और एक्सट्रा अंडरवियर मत लेना.
वह मेरी बात को समझ गया कि आज कुछ नया होने वाला है.
मैंने भी वही किया.

हम दोनों ने घूमने जाते वक़्त बैग से उन दोनों की एक्सट्रा ब्रा और पैंटी निकाल कर रूम में रख दीं.

जब हम लोग निकले तो आज के प्लान के हिसाब से हम पहले साइट सीन स्पॉट्स देखने जाने वाले थे, बाद में पानी वाले स्पॉट्स थे.

वीना और रानी दोनों ने टी-शर्ट और जीन्स पहनी थी.
उन्होंने एक अतिरिक्त ड्रेस भी ले लिया था.

हम जब साइट सीन देखने गए तो मौसम पूरा ठंडा था और कुहरा भी था.

मैंने शशिकांत को पहले ही कह दिया था कि आज इन दोनों को गर्म करना है.

यह सुनकर शशिकांत भी रानी के साथ कुछ रोमांटिक सा कर रहा था.

वह अपनी पत्नी को जानबूझ कर ठीक उसी वक्त किस कर रहा था जब मेरी पत्नी वीना उसकी तरफ देख रही होती.

जब रानी वीना की ओर देखती तो मैं भी वीना को किस करता, उसकी कमर में हाथ डालता.

मैंने रानी को दिखाते हुए एक दो बार वीना के बूब्स भी प्रेस किए.

उस सीन को देख कर रानी अपने होंठ काटने लगती थी.
वह लगातार कामुक हो रही थी.

पहले दो स्पॉट को देखने जाने के समय रानी कार में शशिकांत के साथ बैठी थी.

शशिकांत कार में ही साइड से रानी के बूब्स को सहलाते हुए मसल रहा था.
वह सब मेरी बीवी वीना देख रही थी और गर्म हो रही थी.

जब हम सब तीसरी जगह पर पहुंचने वाले थे तो शशिकांत ने मुझे पीछे आने को कहा.

मैं वीना के साथ बैठ गया और वह आगे ड्राइवर के बाजू में बैठा था.

उस वक्त तक वीना काफी उत्तेजित हो चुकी थी.
मैं वीना के बाजू में बैठ कर उसकी बांहों में हाथ डाल कर बैठ गया और कुछ ही देर बाद उसके मम्मों को सहलाते हुए मसलने लगा था.

अब यह सीन साइड में बैठी रानी देख रही थी.
मैंने रानी की कामुक नजरों को पढ़ कर धीरे से रानी के गाल को हाथ लगा दिया.
वह मुझे देखने लगी तो उसी वक्त मैं वीना को चूमने लगा.

वीना पहले से ही उत्तेजित थी तो वह मुझे जकड़ कर लिपटने लगी.

उसी का फायदा उठा कर मैंने रानी के कंधों को हाथ लगा कर अपनी तरफ खींचा और उसके कंधों को चूम लिया.

उस वक्त तक हम लोग वॉटर स्पॉट से एक किलोमीटर दूर तक आ गए थे.
उधर से कार आगे नहीं जा सकती थी तो अब हमें पैदल जाना था.

जब हम सब उतर कर कुछ दूर तक चलने लगे.
वीना और रानी हाथ में कपड़ों का एक छोटा बैग लेकर आई थीं.

मैंने शशिकांत से कहा कि मैं पेशाब के लिए जाऊंगा, तुम वीना के हाथ से बैग लेकर उसे कार में रख कर आगे निकल जाओ.

उसने वीना से बैग ले लिया और उसे कार में रखवा कर वीना और रानी के साथ बातें करता हुआ आगे को गया तो मैं पीछे से आया और रानी के हाथ में हाथ लेकर उससे बातें करने लगा.

शशिकांत वीना के साथ आगे निकल गया.
वे दोनों आपस में चिपक कर मस्ती करते हुए जा रहे थे.

रानी यह देख कर मुस्कुरा रही थी.
उसकी मुस्कान बता रही थी कि वह फिर से मेरे साथ सेक्स करने को चुदासी हो रही है.

मैं रानी के साथ धीमी रफ्तार से चलने लगा था.

जब हम लोग वाटर स्पॉट तक पहुंचे, तब तक वीना के साथ शशिकांत पानी में उतर चुका था.
यह कुछ फिसलन भरी जगह थी.

वीना ने शशिकांत को कसके पकड़ लिया था.
शशिकांत भी वीना की इस बात का सही फ़ायदा उठा रहा था.

मैं रानी के साथ पानी में उतरा और उसे फिसलन से संभलने के लिए सहारा दिया.

सहारे का बहाना बनाती हुई रानी ने मुझे अपने आलिंगन में भर लिया था.

उसने बताया कि मुझे तैरना नहीं आता है.
उससे घबराहट के चलते संतुलन भी नहीं हो रहा था.

मैंने भी रानी की कामुक देह का स्पर्श पाया और अपने कड़क होते लंड से उसे कुरेदने लगा.

उधर पानी में भीगने के बाद वीना और रानी के बूब्स कपड़ों के ऊपर से ही नुमाया होने लगे थे.

मैंने उस दौरान कई बार रानी के मम्मों को अपने सीने से दबाया.
वह भी मेरे साथ मजे लेने लगी.

यही सब वीना के साथ भी चल रहा था, शशिकांत उसके साथ रगड़ सुख लेने लगा था.

पानी में एक घंटा तक मस्ती से खेलने के बाद हम सब बाहर निकल आए.

हम जब चेंज करने को हुए तो मैंने वीना से पूछा- मेरी अंडरवियर नहीं लाई हो?
उसने कहा- मैंने सब बैग में डाला था, लेकिन बैग में कुछ नहीं है!

शशिकांत ने भी अपनी पत्नी रानी से पूछा तो उधर भी कोई जवाब नहीं था.

हमारे पूरे कपड़े भीगे हुए थे.

हम सब सिर्फ अंडरवियर ही पहने हुए थे.
उन दोनों ने भी साथ में लाया हुआ ड्रेस बिना ब्रा पैंटी के ही पहन लिया.

गाड़ी पर आने के बाद हम दोनों ने कहा – हम सब पीछे ही बैठेंगे.

रानी और वीना बीच में बैठी थीं. मैं सू सू करने के बहाने पीछे ही रह गया था.
जब आया तो मैं रानी के बाजू में और शशिकांत वीना के बाजू में बैठ गया था.

मैंने ड्राइवर से कहा- आराम से चलाओ, अगर सनसैट देखने मिला तो ओके, नहीं तो वापस आ जाएंगे.

पानी में भीगने के बाद हम सब कम जगह में चिपक कर बैठे थे.
आपस में एक दूसरे के जिस्म की गर्मी से बड़ा सुख मिल रहा था.
ठंड भी नहीं लग रही थी.

सनसैट पॉइंट के रास्ते में हम सब बातें करते हुए चलने लगे.
मैंने गाड़ी में जीरा वाले पेय के साथ वोदका को मिला कर रखा हुआ था.

सबने बारी बारी से सिप करना शुरू किया और नशे के सुरूर से गर्माहट के साथ साथ मस्ती भी बढ़ने लगी.

मैंने रानी का हाथ पकड़ा और उससे मज़ाक करने लगा.
उसी तरह से शशिकांत भी वीना का हाथ पकड़ कर उसे अपनी टांगों के बीच में ले रहा था.

मैंने अपना हाथ रानी के कंधे पर रखा और उसे अपनी छाती से चिपका लिया.

शशिकांत ने भी वीना के साथ ऐसा ही किया.

उन दोनों ने Xxx कार सेक्स का रत्ती भर भी विरोध नहीं किया.
उनका मन भी एक दूसरे के साथ सैट होने लगा था.

दारू से झिझक भी खत्म हो गई थी.
शशिकांत जब बाहर देख रहा था, तब मैंने रानी को एक किस किया और उसको इशारा किया.

उसके बाद कुछ मिनट बाद वीना को शशिकांत ने किस किया.
रानी मेरे हाथ को पकड़ कर बैठी थी.

कुछ देर बाद हम लोग सनसैट स्पॉट पर पहुंचे लेकिन सनसैट हो चुका था.
वहां से हम वापिस आने लगे.

आते वक़्त ट्रॅफिक ज्यादा था तो गाड़ी धीमी गति से चल रही थी.
शशिकांत से अब जरा भी नहीं रुका जा रहा था.

बाहर अंधेरा हो गया था, उस वजह से कुछ भी साफ नहीं दिखाई से रहा था.
उसने वीना की टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर सहलाना शुरू कर दिया.

साथ ही उसने वीना का एक हाथ अपने लंड पर भी रखवा लिया था.
वीना नशे में होने के कारण सोने की एक्टिंग करने लगी.

वह शशिकांत की ओर झुक गई.

शशिकांत ने भी वीना का हाथ अपने शॉर्ट्स में डाल कर लंड पर रखवा लिया.
उसी के साथ खुद उसका हाथ वीना की टी-शर्ट में चलने लगा था.

वह मजे से मेरी बीवी वीना के बूब्स को मसल रहा था और वीना उसके लंड को सहला रही थी.
शशिकांत ने अपना लंड शॉर्ट्स से बाहर निकाल दिया.

वीना उसकी गोदी में लेट गई और वह शशिकांत के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी थी.
यह मुझे हैरान कर देने वाला था कि वीना ने आज तक कभी मेरा लंड नहीं चूसा था, वह आज अपने जीजा जी का लंड चूस रही थी.

शशिकांत उसके बूब्स दबा रहा था.
मैं रानी की टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर उसके दूध सहला रहा था और उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी चूत को रगड़ रहा था.

मैंने शशिकांत से कहा कि वीना की टी-शर्ट खोल दे.
उसने ड्राइवर की ओर इशारा किया.

मैंने उससे कुछ नहीं कहा.

मैं रानी के मम्मों को दबा रहा था.
उसके टाइट बूब्स मुझे पागल कर रहे थे.

फिर मैंने देखा कि वीना शशिकांत के लंड को चूसने में मस्त थी.
शशिकांत का लंड मुझसे बड़ा था.

वीना पूरे मन से लंड चूस रही थी.

इधर रानी भी मेरे शॉर्ट्स में हाथ डाल कर मेरे लंड को निकाल कर उससे खेलने लगी थी.

वह मेरी गोटियों को सहलाती हुई चूसने लगी.
मुझे मस्त मज़ा आ रहा था.

शशिकांत भी पूरे मज़े में था.
मेरी बीवी वीना को अपने जीजा जी का बड़ा लंड मिलने से फुल मजा आ रहा था.
वह मस्ती से शशिकांत का लंड चूस रही थी.

कुछ ही देर की लंड चुसाई के बाद शशिकांत ने अपना माल वीना के मुँह में छोड़ दिया था.

आश्चर्य की बात थी कि वीना लंड का रस निगल भी गई थी … और झड़े हुए लंड को चाट चूस कर साफ करने लगी थी.

लंड साफ करने के बाद वह अपनी टी-शर्ट को सही करती हुई नींद होने का नाटक करती हुई ड्राइवर से पूछने लगी- अभी होटल पहुंचने में कितनी देर और लगेगी?

तो ड्राइवर ने कहा- जाम ज्यादा है. मेरे ख्याल से अभी 30 मिनट से ज्यादा लग जाएगा.
वीना यह सुनकर फिर सोने का ड्रामा करती हुई रानी पर गिर गई.

उसने अपने पैर शशिकांत की टांगों के ऊपर फैला दिए.
शशिकांत ने उसका इशारा समझ लिया और धीरे से उसकी स्कर्ट को हटा कर चुत चुदाई की रास्ता साफ कर ली.

उसने अपने खड़े लंड को वीना की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया था.

वीना शशिकांत की टांगों पर अपनी चूत पसारे हुए चढ़ी थी.
ठीक उसी तरह ही रानी मेरी तरफ मुँह करके मुझे ढकलती हुई मुझसे चिपक गई.

मैं उसके नीचे आ गया था.
मैंने भी उसकी चूत में लंड पेल दिया था.

रानी की चूत पूरी तरह से रसीली थी.
हम दोनों धीमी रफ्तार में चुदाई का मजा ले रहे थे.

रूम में पहुंचने में अभी भी 15 मिनट का रास्ता बाकी था.

पति सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरा पति मुझ पर शक करने लगा था कि मैं बाहरी लंडों से चुदती हूँ। तो एक रात मैं पति से चुदने के मूड में घर गयी. वहां क्या ड्रामा हुआ?

दोस्तो, मैं सिमरन, फिर से अपनी हॉट सेक्स स्टोरी के साथ लौट आई हूं।

पिछले कुछ दिनों से मैं अपने ऑफिस के काम में इतनी व्यस्त हो गई थी कि चुदाई के बारे में सोचना जैसे बंद ही कर दिया था मैंने!
दिमाग की दही हो गई थी।
मेरे अंदर की सारी फीलिंग्स जैसे सूख गईं थी।

मेरे साथ काम करने वाले लोगों को लगने लगा था कि मैं पागल हो चुकी हूं।
लेकिन मेरे पति को लगता था कि मैं दूसरे लड़कों के साथ चुदाई करवाकर उसको धोखा दे रही हूं।

वह मुझे कभी भी कॉल कर देता था, यह देखने के लिए कि कहीं मैं किसी के पास चुदाई तो नहीं करवा रही!
इन बेवजह की कॉल्स ने मेरे दिमाग का बैलेंस खराब कर दिया था।

इन दिनों मुझसे फोन पर बात करते हुए वह बताता था कि मेरा पति सेक्स करते हुए किन डर्टी पोजीशन में वह मुझे चोदना चाहता है।
दारू के नशे में कई बार तो वह मुझे रंडी कहता था जो अपने पति को भूल चुकी है।

इसलिए अपना काम खत्म करके एक छोटी सी ऑफिस पार्टी के बाद मैं अब चुदाई का पूरा मजा लेना चाहती थी।

तो सबसे पहली चीज जो मैंने की वो ये कि मैं पार्लर गई और अपनी बॉडी (जरूरी जगहों पर) के सारे बाल साफ करवा दिए।
मैंने एक नया लुक कैरी किया।

जब मैं शीशे के सामने आई तो देखकर हैरान रह गई कि मैं थोड़ी मोटी होने के बाद कितनी सेक्सी लग रही थी!

मेरा बदन अब विद्या बालन जैसा लग रहा था।
अगर आपको विद्या बालन की ‘डर्टी पिक्चर’ याद है तो मैं बिल्कुल ‘सिल्क’ जैसी ही लग रही थी।

मैं अपने हस्बेंड को सरप्राइज देने और उसके लंड को खुश करने घर पहुंची।
लेकिन घर पहुंचने के बाद उसके बदले हुए तेवरों से मैं ही सरप्राइज हो गई।

मैं- हो क्या गया है तुम्हें! तुम तो मुझे चोदने के लिए मरे जा रहे थे तो अब क्यों नहीं चोद रहे हो?
पति के सामने मैं पारदर्शी नाइटी में खड़ी थी, मैंने अंदर से सफ़ेद ब्रा पैंटी पहनी थी ताकि पति सेक्स के लिए उत्तेजित हो जाए.

हस्बेंड (नशे में)- फक ऑफ बिच! (निकलो यहां से, रंडी!)
मुझसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

मैंने उसके फुस्सी लंड पर खूब ताने मारे जो अब उठना बंद हो चुका था।

रात के 11.30 बज रहे थे।
वह बेड से उठा और घर से बाहर निकल गया।

मैंने अपने कॉलेज वाले यार को कॉल किया लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा था।

तो मैंने अपना वाइब्रेटर लिया और हार्ड सेक्स के बारे में कल्पनाएं करने लगी।

मेरे पति ने फोन पर जो सेक्सी बातें की थी, मैं उन सबके बारे में सोचने लगी।
पति सेक्स की सोचते हुए ही मैं गर्म होने लगी।

मैं अपनी गांड पर तमाच मारने लगी; चूचियों को चांटें लगाने लगी और निप्पलों को खींचने लगी।

अपनी चूत को भी मैं थ्रीसम सेक्स घटनाओं के बारे में सोचते हुए जोर से रगड़ने लगी।

अब किसी मर्द को अपने इशारों पर नचाने की फीलिंग मुझे नहीं आ रही थी क्योंकि इस वक्त मुझे सेक्स चाहिए था।
चूत चुदवाने के लिए मरी जा रही थी मैं!

ऐसा पहली बार हो रहा था जब लंड न मिलने पर मैं झुंझलाने लगी थी।
यहां तक कि मैं अपनी बिल्डिंग में रहने वाले एक दो कॉलेज के लड़कों को बुलाने तक के बारे में भी सोचने लगी थी।

हालांकि वे दोनों रोज मेरी बॉडी को ताड़ते थे और मुझे रोज चोदने के ख्यालों में डूबे रहते थे।

किस्मत से मेरे बॉयफ्रेंड का फोन मेरे पास आ गया।
मैं उसकी आवाज सुनकर बहुत खुश हो गई।
उसको भी पता चल गया होगा कि मुझे उसकी कितनी जरूरत महसूस हो रही है।

वह बोला- क्या हुआ रंडी! लग रहा है लंड की जरूरत है तुझे!

मुझे नहीं पता उसे क्या हो गया था।
नशे में होने के बाद भी वह मुझसे ऐसे बात नहीं करता था।

मैंने थोड़ा घबराते हुए उसे याद दिलाया कि ये मैं थी।
वह बोला- हां जानता हूं, ये तुम ही हो, सिमी! मैंने तुझे रंडी इसलिए बुलाया क्योंकि तुम मुझे तभी कॉल करती हो, जब तुम्हें लंड चाहिए होता है, जैसे कि मैं ही तुम्हारी रंडी हूं।

मैं जानती थी कि वह ये सारी बातें सच ही बोल रहा था।
लेकिन उस वक्त वही था जो मेरी चूत को लंड दे सकता था।
और मैं इस वक्त कोई भी चांस नहीं लेना चाहती थी अपनी चूत की प्यास मिटाने के लिए।

मैं- मैं सेक्सी साटिन की नाइटी में तुम्हारा इंतजार कर रही हूं। मेरा फुद्दू पति घर पर नहीं है। इसलिए बकवास बंद करो और जल्द से जल्द मेरे घर आ जाओ।

आधे के बाद मेरे घर की डोरबेल बजी।
मैं दरवाजे की ओर बढ़ी।

दोनों तरह के विचार मेरे मन में आ रहे थे।

सोच रही थी कि अगर मेरा हस्बेंड हुआ तो चोरी छिपे चुदाई करने का मेरा सारा प्लान खराब हो जाएगा।
मैंने दरवाजा खोला तो देखकर मैं चौंक गई।

मेरा बॉयफ्रेंड मेरे पति के साथ था और पति पूरा नशे में डूबा था।

मैं तो यह भी नहीं समझ पा रही थी कि ये दोनों आखिर मिले कहां?
सड़क पर या किसी बार में!

मैंने उन दोनों को अंदर लिया और दरवाजा बंद कर दिया।
मेरा पति चलने की हालत में नहीं था तो बॉयफ्रेंड ने उसको सोफे तक घसीट कर बिठा दिया।

अब मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनों ही पति के सामने खड़े थे।
वह समझ नहीं पा रहा था कि आखिर उसके साथ हो क्या रहा है।

उसके सामने ही मेरा बॉयफ्रेंड मेरे चूतड़ों को भींचते हुए उन पर चिकोटी काटने लगा।

मेरा मूड अब खराब हो चुका था लेकिन वो कोशिश कर रहा था कि मैं फिर से गर्म हो जाऊं।

पति (जैसे चिल्लाते हुए)- जान, तुम जानती हो ये कौन है?

मैंने सोचा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि मेरे बॉयफ्रेंड ने बता दिया होगा कि वो मेरा पुराना यार है। उधर मेरे बॉयफ्रेंड के चेहरे का आत्मविश्वास देखकर मैं सोच में पड़ गई थी कि आखिर कौन सा सरप्राइज मेरे सामने आने वाला है।

पति- इसका नाम प्रेम है, यह जवान लड़के-लड़कियों के लिए एक लव गुरू है। मुझे लगता है कि तुम्हें भी इसके साथ हमारी मैरिड लाइफ के बारे में बात करनी चाहिए। आह … अह … मैं चलता हूं.

मेरा पति एकदम से उठा और टॉयलेट की ओर लपका, उसे पेशाब लगी थी क्योंकि उसने बार में काफी दारू पी ली थी।

उधर मेरे बॉयफ्रेंड ने उसके वॉशरूम में घुसने का इंतजार भी नहीं किया।
वह सोफे पर बैठा और मुझे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया।

मैं उसके लंड पर अपनी गांड को रगड़ने लगी।
वह बदले में मेरी गांड को भींचने और खींचने लगा।

हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे के होंठों को चूस और खींच रहे थे।

उसने मुझे जल्दी से डॉगी पोजीशन में झुका लिया और मेरी चूत और गांड को चाट चाटकर खाने लगा।

हम अपने में इतने खो गए थे कि दोनों में से किसी ने ध्यान भी नहीं दिया कि मेरा पति रूम में से झांक रहा है।
उसने मुझे मेरी गांड को मेरे बॉयफ्रेंड के मुंह पर रगड़ते देख लिया।

पति- नहीं-नहीं … तुम गलत समझ गई प्रेम को … उसके चेहरे पर से अपनी गांड को हटाओ, रंडी!

वह आया और उसने बॉयफ्रेंड का मुंह मेरी गांड से हटा दिया।
उसने मुझे सोफे पर धकेल दिया।

दरअसल वह जब नशे में होता है तो उसमें काफी हिम्मत आ जाती है।
पति- प्रेम तुम मुझे बताओ कि इस मोटी रंडी औरत को कैसे कंट्रोल करना है। देखो, वह मुझे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है!

मेरे पति से अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था, ना ही कुछ ढंग से बोला जा रहा था।
वह समझ रहा था कि मेरा बॉयफ्रेंड कोई मैरिज काउंसलर है।

उसने मेरी चूत को पकड़ लिया और उसके सामने खड़ी कर दिया।
मैं उससे दूर जाने की कोशिश करती तो वो मेरी गांड पर थप्पड़ मार देता और चूत को कसकर भींच देता।

पति- देखो प्रेम, मुझे इस रंडी को अभी के अभी तमीज सिखानी है। बताते रहना मैं सही कर रहा हूं क्या …

अब उसने एकदम से अपना तना हुआ लंड मेरी सूखी चूत में सरका दिया।
उसने मुझे चोदना शुरू कर दिया।
मैं उसकी पकड़ से छूट भी नहीं पा रही थी।

मैंने अपने बॉयफ्रेंड को ही इशारा किया कि वो इसे मुझसे दूर लेकर जाए।
बॉयफ्रेंड- ये सही तरीका नहीं है, आप पूरी तरह से गलत कर रहे हो, छोड़ दो इसको!

बॉयफ्रेंड ने पति को अब सोफे पर धकेल दिया और मुझे अपने कंट्रोल में ले लिया।

उसने सोचा कि पति अब इसके लिए उसको डांटेगा, लेकिन बजाए डांटने के … मेरा पति अब मुझे उसके लव गुरू के चंगुल में देखकर लंड की मुठ मारने लगा था।

इस सब आपाधापी में मेरी नाइटी नीचे गिर चुकी थी।
मैं अब पारदर्शी ब्रा-पैंटी में खड़ी थी।
इससे मेरे पति की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ चुकी थी।

दूसरी तरफ मेरे बॉयफ्रेंड का लंड भी पूरा तना हुआ था।
वह अपने लंड को मेरी गांड में धकेलने लगा था। वह सोच रहा था कि पति को वहां से कैसे हटाया जाए, या फिर ऐसा कोई तरीका निकाला जाए कि वो मुझे मेरे पति के सामने ही चोद सके।

मेरा पति काफी नशे में था। उसका ध्यान हटाना अभी बहुत मुश्किल था।

बिना किसी चेतावनी के वो मुझपर चढ़ आया।
उसने मेरे बॉयफ्रेंड को सोफे पर धकेला और मुझे अपने कंट्रोल में ले लिया।

पति- मुझे नहीं पता तुम इसको सबक कैसे सिखाओगे, लेकिन ये मेरा तरीका है!

कहकर वो मेरी गांड पर तमाच मारने लगा, मेरी चूत के होंठों को खोलने लगा।
अब मैं लंड के लिए मरी जा रही थी और विरोध करने का मेरा कोई इरादा नहीं था।

मेरा पति मेरे बूब्स पर तमाचे मार रहा था और मुझे इसमें बड़ा मजा आ रहा था।
वह मुझे बार बार रंडी-रंडी कहकर बुला रहा था।

पति- देख, मेरा लंड अब तेरी इस छोटी सी टाइट चूत के साथ क्या करता है, अड़ियल रंडी!

मेरे पति ने मेरी चूत पर थूका और मेरे चूतड़ों को थामते हुए अपना तना हुआ लंड मेरी चूत में सरका दिया।
अब कुतिया बनी हुई मैं अपने बॉयफ्रेंड के सामने चुद रही थी।

वह मेरी गांड में उंगली घुसा रहा था, मेरी सिसकारियां निकलवा रहा था, मेरे चूतड़ों पर तमाचे मार रहा था।
साथ ही वह मेरे बॉयफ्रेंड पर भी ध्यान लगाए था।

मैंने अपने और अपने पति के बीच में इस तरह के दर्दभरे सेक्स की कभी कल्पना नहीं की थी, और वो भी मेरे बॉयफ्रेंड के सामने!

कुछ देर मेरी चूत चोदने के बाद मेरा पति मेरे ऊपर ढेर हो गया और उसने मुझे मेरे बॉयफ्रेंड के ऊपर गिरा दिया।
फिर खुद नीचे फर्श पर लेट गया।

मेरा पति सेक्स के बाद सुबह तक चैन की नींद सोता रहा।

उधर मैं अपने बॉयफ्रेंड की गोद में पड़ी थी और मेरी चूत से पति का वीर्य बहकर बाहर आ रहा था।

तब मैंने देखा कि उसकी आंखों में कोई शरारती प्लान चल रहा था।
मैंने उससे पूछा भी लेकिन उसने कुछ बताया नहीं।

लेकिन बाद में उसके जवाब ने मुझे उत्सुक कर दिया.
बॉयफ्रेंड- सिमी, अब अपनी मैरिड लाइफ का एक नया फेज एंजॉय करने के लिए तैयार हो जाओ!

हाय ! Hindi Porn Stories

मैं नागपुर से ३८ साल Hindi Porn Stories का सुन्दर और स्मार्ट पुरुष हूँ। मैं आज आपको अपने जीवन की एक पुरानी लेकिन गर्म कहानी सुनाने जा रहा हूँ।

मेरे पड़ोस में संजना रहती थी जो मुझसे करीब आठ साल छोटी थी। हमारे और संजना के परिवार के बहुत अच्छे सम्बन्ध थे। रुपा सुन्दर और जवान होती जा रही थी और साथ ही मेरी रुचि उसमें बढ़ती जा रही थी। वो जब चलती थी तो मेरी आँखें उसके कूल्हों पर ही अटक जाती थी। उसकी लहराती हुई चाल देखकर मैं तो जैसे पागल ही हो जाता था। वो मुझे चाचा कहती थी।

संजना अब कॉलेज़ में पढ़ने लगी थी। उसके उभार बढ़ने लगे थे और साथ ही उसकी मादकता भी बढ़ने लगी थी। उसका कद लगभग ५’२”हो गया था, उसका बदन भरा भरा सा दिखने लगा था। मैं रात को अक्सर उसे याद करके मुठ मारने लगा था। हमारा रिश्ता ऐसा बन गया था कि मैं एकदम से उसे कुछ नहीं कह पाता था। जब भी मुझे मौका मिलता मैं किसी ना किसी बहाने से उसे छू लेता था।

एक दिन दोपहर में मैं उसके घर गया तो वह अपनी दादी और माँ के साथ बैठी थी। उसके पैरों में दर्द हो रहा था। मैंने उससे कहा- लाओ, मैं तुम्हारा एक्यू-प्रेशर कर देता हूँ। वह मेरे करीब आकर बैठ गई। मैंने धीरे धीरे उसके पंजों पर एक्यू-प्रेशर करना शुरू किया। मुझे एक्यू-प्रेशर के काफी सारे दबाव-बिंदु मालूम हैं। मैं समझ गया कि उसका पैर ऊपर से लॉक हो गया है।

संजना इस समय स्कर्ट और टी-शर्ट पहने हुए थी। धीरे धीरे मैं उसके घुटनों तक प्रेशर देने के बहाने अपने हाथ फिराने लगा। थोड़ी देर में मैंने उसकी जांघों पर हाथ फिराना चालू कर दिया। जांघों को सहलाते हुए दो बार मैंने उसकी योनि भी सहला दी। संजना शरमाने लगी। उसकी माँ और दादी भी बैठी थी, अधिक कुछ हो नहीं सकता था।

समय बीतता गया, संजना पर और ज्यादा जवानी चढ़ने लगी। मैं एक्यू-प्रेशर करने के बहाने उस के पूरे बदन को छूने लगा, जिससे वो हमेशा शरमा जाती थी। मैं अभी तक यह समझ नहीं पा रहा था कि उसके मन में भी ऐसा कुछ हो रहा है क्या।

कुछ दिनों में संजना ने अपनी स्नातिकी पूरी कर ली। अब वो पूरी तरह से निखर चुकी थी। उसका कद ५’४” छाती ३३” कमर २८” और कुल्हे ३२” के लगभग हो गए थे। उसे देख कर मेरी जांघों के बीच जबरदस्त तनाव आ जाता था।

इस बीच मेरी शादी हो गई। मै अक्सर अपनी पत्नी के साथ सेक्स करते समय संजना को याद करके ऐसा महसूस करने लगा जैसे मैं संजना के साथ ही सेक्स कर रहा हूँ।

कुछ दिनों बाद संजना का रिश्ता आ गया और उसकी शादी मुम्बई हो गई। उसका पति दिखने में ज्यादा ठीक नहीं था। मुझे वो कहावत याद आ गई कि हूर के साथ लंगूर ही मजे करते हैं।

मुझे अपनी किस्मत पर बड़ा पछतावा होता था कि ऐसा करारा माल मेरी जगह इस लंगूर को मिल रहा है। उसकी शादी के बाद जब वो पहली बार मायके वापस आई तो उसको देख कर मैं तो एकदम दंग रह गया। थोड़े दिनों कि चुदाई के बाद तो उसका बदन जैसे क़यामत हो गया। उसके बात करने का तरीका भी बदल गया। थोड़े दिनों बाद वो मुंबई आने को कहकर चली गई और मैं इंतजार करने लगा कि कब मुंबई जाने का मौका मिले।

फ़िर कई महीनों मुझे मंत्रालय के काम से मुंबई जाने का मौका लगा। अब तक उसकी शादी को ७ महीने हो चुके थे। मुझे स्टेशन पर लेने के लिए उसके पति आये थे। हम लोग घर पहुंचे तो दरवाजे पर ही मेरे इंतजार कर रही थी। मैंने उसे दरवाजे पर ही अपनी बांहों में भर लिया और उसके माथे पर एक पप्पी दी।

थोड़ी देर में मैं तैयार होने बाथरूम में गया तो देखा संजना की अंडरवियर और ब्रा सूख रही थी। मैंने उसे उठा कर सूंघा, क्या मदहोश सुगंध थी ! मेरा लण्ड खडा हो गया। मैंने उसकी पैंटी को अपने लण्ड पर रख मूठ मारना शुरू कर दिया और अचानक मेरा पानी बह निकला। मैं फटाफट तैयार हुआ और मैं और उसके पति नाश्ता करके साथ में ही निकल गए।

मैं मंत्रालय चला गया और उसके पति अपने ऑफिस। करीब ४.०० बजे मेरा काम ख़त्म हुआ, मुझे वहां और ४ दिन रुकना पड़ रहा था। मैं करीब ६.०० बजे उसके घर वापस आया तो उसके पति पहले ही घर पर थे और उन्होंने मुझे बताया कि ऑफिस के काम से उन्हें ५ दिनों के लिए गोवा जाना पढ़ रहा है।

मेरी तो जैसे लॉटरी लग गई। वो अफ़सोस जता रहे थे कि मैं पहली बार आया और उन्हें जाना पड़ रहा है। मैंने शांत स्वर में कहा- भाई ऑफिस का काम है तो जाना ही पड़ेगा !

फिर रात १०.०० बजे की गाड़ी से वो गोवा चले गए। हमने उन्हें घर से ही ९.०० बजे विदाई दे दी थी।

उनके जाने पर हमने खाना खाया। संजना ने रसोई का काम ख़त्म किया फिर हम दोनों बैठकर घर -परिवार की बातें करने लगे। अगले दिन मुझे दोपहर बाद ही बाहर जाना था इसलिए हम दोनों को सुबह जल्दी उठाने की कोई चिंता नहीं थी। संजना ने अपनी नाईटी पहनी थी क्योंकि मुझसे ऐसी कोई शर्म तो थी नहीं। मैंने भी अपना नाईट-सूट पहन रखा था और आदत के मुताबिक मैंने अपना अंडरवियर नहीं पहना था।

थोड़ी देर बातें करते करते मैंने उससे कहा- चलो, बेड पर लेट कर ही बातें करते हैं, पीठ को थोड़ा आराम मिल जायेगा।

हम दोनों उनके बेड-रूम में आ गए। मैं लेट गया और वो पास में बैठ कर बातें करने लगी।

मैं उसका हाथ अपने हाथों में ले कर सहलाने लगा। फिर उसको खींच कर अपने बाजू में लिटा लिया। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन के नीचे से निकालकर उसका सर अपने कन्धों पर रख लिया। हम बातें करते जा रहे थे। धीरे धीरे मैंने उसके हाथ जो उसकी छाती पर रखे थे, सहलाना चालू किया। कमरे में ए सी चालू था। हल्की-हल्की ठण्ड का हमें अहसास होने लगा। उसने एक चादर खींच कर हम दोनों के ऊपर डाल ली ऐसा करते वक़्त मेरा हाथ उसके भारी उरोजों को छू गया। उसे छूते ही मेरा खम्बा अकड़ कर खड़ा होने लगा।

अब मैंने उससे शादीशुदा जिन्दगी के बारे में पूछना शुरू किया। मेरा हाथ उसके हाथों को सहलाते सहलाते उसके उरोजों को भी सहलाने लगा था। शायद अब उसे मेरे इरादे भी समझ में आने लगे थे, उसने कहा- रात बहुत हो गई है, सो जाते हैं।

मैंने कहा- अभी तो बहुत सी बातें करनी हैं, सुबह भी जल्दी उठने की चिंता नहीं है, और बातें करते हैं।

मैंने उससे पूछा कि सेक्स लाइफ कैसी चल रही है तो वो शरमाने लगी, कहने लगी- चाचा ! ये आपके पूछने की बात थोड़े ही है !

मैंने कहा- अब तुम इतनी बड़ी हो गई हो, शादीशुदा हो, अब तो हम एक दोस्त की तरह बातें कर ही सकते हैं।

संजना ने कहा- मुझे शर्म आती है !

मैंने कहा- चलो, मैं अपनी पहले बताता हूँ। देखो मुझे शादी के ४ साल होने पर भी रोज सेक्स किये बिना नींद नहीं आती। मैं पहले तुम्हारी चाची की अच्छे से मालिश करता हूँ और फिर करीब १ घंटा हम सेक्स करते हैं। इतने में तुम्हारी चाची ३ से ४ बार झडती है।

और जब चाची नहीं होती तब? -उसने पूछा।

तब मैं उसका या किसी के भी नाम से स्वयं संतुष्टि कर लेता हूँ, कभी कभी तो उसमें तुम्हारा भी नाम होता है।

वो सकपका गई। उसे मेरे इरादे खुलते नजर आने लगे। उसने कहा- ये तो लगभग रोज देर रात तक लौटते हैं और सुबह जल्दी चले जाते हैं। हम लोग शनिवार रात को ही ये सब कर पाते हैं। या फिर किसी दिन छुट्टी होती है तो बोनस हो जाता है।

अब मैं उसके मम्मों को सीधे सहलाने लग गया। उसने कहा- ये क्या करते हो चाचा?

मैंने कहा- पगली अभी तो हम दोस्त हैं चाचा-भतीजी नहीं ! देखो तुम भी जवान हो और मैं भी। तुम्हारी भी शादी हो चुकी है और मेरी भी। तुम ये भी जानती हो एक बार करने से कुछ हो नहीं जाने वाला है।

उसने बताया कि वे लोग अभी बच्चा नहीं चाहते इस लिए कंडोम इस्तेमाल करते हैं।

मैंने कहा फिक्र न करो। हम भी वही इस्तेमाल कर लेंगे।

अब मैंने उसके अधरों पर अपने होंट रख दिए, वो थोड़ा कसमसाई और कुछ बोलने के लिए मुंह खोलने लगी तो मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी। उसपर इसका असर होने लगा। उसकी सांसे भरी होने लगी। लेटे लेटे ही मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लण्ड पर रख दिया, वो हाथ हटाने लगी पर मैंने उसका हाथ जोर से पकड़ कर रखा था। फिर वो धीरे से मेरे लण्ड को सहलाने लगी।

आज मुझे अपनी बरसों की तपस्या का फल मिलने वाला था। मैंने उसके उरोजों को अब खुलकर दबाना चालू कर दिया। वो मेरी छाती में अपना मुंह छिपाने लगी। मैंने अपना हाथ उसके पेट और कमर पर से सरकाते हुए उसके मादक कूल्हों पर रख कर उन्हें दबाने लगा। मुझे जैसे स्वर्ग का आनंद मिलने लगा। अब संजना भी खुलने लगी।

आज गुरूवार था यानि उसकी पिछली चुदाई हुए लगभग ५ दिन बीत चुके थे।

अब मैं उसके पैरों के पास बैठा था। मैंने धीरे से उसका ग़ाऊन टांगों पर से उठाना शुरू किया। जैसे जैसे उसका ग़ाऊन ऊपर हो रहा था, उसकी सुडौल मरमरी टाँगें बाहर आने लगी। मेरा सुलेमान अब एकदम टाईट हो गया था। उसकी पिंडलियाँ देख मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उन्हें चूमने लगा। मैं ग़ाऊन को इंच-इंच ऊपर कर रहा था और उसकी सेक्सी चिकनी टांगों को चूमता जा रहा था।

संजना भी मस्त होने लगी। उसने एकदम से मेरा पायजामा खींच दिया। अब मैं उसके सामने सिर्फ शर्ट में था। उसने मेरे फौलादी को हाथ में लेकर मसलना-सहलाना चालू कर दिया। मैंने उसके ग़ाऊन को जांघों पर से सरकाते हुए उसके हुस्न के दर्शन के लिए नाभि तक ऊपर उठा दिया। अन्दर वो भड़कीले लाल रंग की पैंटी पहने हुए थी। उसकी कली के आस पास की जगह गीली होने से कत्थई नजर आ रही थी। मैंने उसकी नाभि को चूम लिया और ग़ाऊन ऊपर उठाते हुए पूरा निकाल दिया।

अब मेरे सामने मेरी बरसों की तमन्ना सिर्फ ब्रा और पैंटी में मदहोश पड़ी थी। मैंने उसको उठा के गले से लगा लिया और बेतहाशा चूमने लगा। वो भी मुझे सब जगह चूमने लगी। उसने खींच कर मेरा शर्ट भी उतार दिया।

मैंने पीछे हाथ डालकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया, उसके तने हुए उरोज बंधन से एक झटके में आजाद हो गए, मैंने जल्दी से ब्रा अलग कर उसके चुचुकों को चूसना चालू कर दिया। वो मेरी छाती और लण्ड को सहलाने लगी। उसके मुंह से अब सऽऽसऽऽसऽऽऽ सिस्कारियां छूटना चालू हो गई।

अब मैं ६९ की पोजीशन बनाते हुए उसकी पैंटी से उसकी जवानी को आजाद करने लगा। मेरा लण्ड अब उसके होटों को छूने लगा। मेरे लण्ड पर एक बूंद प्री-कम की उभर आई, जो मोती की तरह चमक रही थी। उसने अपनी जीभ निकालकर उस मोती को अपने मुंह में ले लिया। उसका स्वाद शायद उसे बहुत पसंद आया क्योंकि अब वो मेरे ६.५ इंच का लण्ड अपने मुंह में लेने लगी। इस काम के लिए वो बार बार अपना सर ऊपर उठा कर मेरा लण्ड अपने हलक तक लेने लगी।

मैंने उसकी पैंटी उतार दी, अन्दर से पाव रोटी की तरह बाल-रहित एकदम गुलाबी सी उसकी चूत नजर आने लगी। उसकी चूत देखते ही मैं पागल हो गया। मैंने ६९ पोजीशन में ही अपने को नीचे और उसको अपने ऊपर कर लिया। यह पोजीशन हम दोनों के मुख -मैथुन करने में सहायक हो रही थी।

मैंने उसकी चूत की पलकों को अपनी अँगुलियों से अलग किया और अपनी जीभ उसमें घुसा दी। जीभ का खुरदरापन उसके योनि-कलिका पर महसूस करते ही वो जोश में आ गई, वो भी मेरे लण्ड को पूरा निगलने की कोशिश करने लगी।

लण्ड-चूत हमारे मुंह में होने के कारण मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी। थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए। उसने मेरा और मैंने उसका पानी पी लिया। क्या पानी था, क्या स्वाद था। उसकी चूत की सुगंध मुझे मदहोश बना रही थी। ऐसा लग रहा था मानो ३ पैग विस्की पी ली हो !

अब मैं घूम कर उसके मुंह के करीब आ गया और उसे बाँहों में भर लिया। उसका चेहरा चमकने लगा था। अब उसकी आँखों में देख कर मेरे साण्ड ने फिर हरकत करनी शुरू कर दी। मैं उसके स्तनों और गाण्ड को सहलाने लगा। मेरा तना हुआ लण्ड उसकी नंगी जांघों से टकराने लगा।

उसके अन्दर भी फिर से तूफ़ान तैयार होने लगा। अब मुझ से सहन नहीं हो रहा था। मैंने उसके कमर के नीचे अपना हाथ डाला और अपने लण्ड को उसकी चूत के दरवाजे पर लगा कर एक जोरदार झटका मारा।

लण्ड अन्दर जाते ही वो जोर से चिल्लाई- मर गई ! इ इ इ ई ईई ईई ! थोड़ा धीरे डालो।

लेकिन अब सुनाने का समय नहीं था, मैं पूरी गति से झटके लगाने लगा, वो नीचे से चूतड उठाने लगी। १० मिनट के घमासान के बाद मैंने उसे जोर से अपने बदन से चिपका लिया, वो अब तक तीन बार झड़ गई थी, मेरे चिपकाते ही वो ४ थी बार साथ में झड़ने लगी। हम दोनों बाँहों में बाहें डालकर अपनी साँसे दुरुस्त करने लगे।

उसकी आँखों में गज़ब की संतुष्टि नज़र आ रही थी।

उसने मुझे अब खुलकर बताना चालू किया कि वो भी मुझे बहुत पहले से चाहती है पर कभी बोल नहीं पाई। उसका पति उसे कभी कभी ही संतुष्ट कर पाता है।

हमें याद आया कि जल्दबाजी में हमने तो कंडोम लगाया ही नहीं। मैंने उसे तुंरत पेशाब करके आने को कहा। आते वक़्त वो दूध ले आई। उस रात मैंने उसे ४ बार चोदा। एक बार घोड़ी बनाकर, एक बार सोफे पर। एक बार कंधे पर लेकर और एक बार बाथरूम में !

अगले दिन क्या हुआ?

यह बाद में बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड मारी।

यदि आपको यह कहानी अच्छी लगी हो तो मुझे जरूर बताएं।

अलविदा ! Hindi Porn Stories

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