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Massage Girl in Gadchiroli: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Gadchiroli who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Gadchiroli that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Gadchiroli massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Gadchiroli who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Gadchiroli massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Gadchiroli massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Gadchiroli who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Gadchiroli employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Gadchiroli helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Gadchiroli

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Gadchiroli at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

अंश और अभिनव दोस्त हैं. अंश अपनी बहन उषा के साथ Antarvasnaअभिनव के गाँव गया है वहाँ अभिनव की छोटी बहन सपना उन से मिलती है अभिनव सुमन नाम की नौकरानी को अक्सर चोदता आया है अंश भी सुमन को चोदना चाहता है दीवाली के दिन होने से अभिनव की माताज़ी ने महेमान घर की सफ़ाई का काम निकाला है महेमान घर गाँव से बाहर है उषा और सपनासुमन के साथ वहाँ गयी है. अभिनव और अंश महेमान घर जा पहुँचते हें और उषा और सपना को चाय नाश्ता लेने बड़े घर भेज देते हें.सुमन अकेली रह जाती है दोनों दोस्त एक साथसुमन को चोदते हें.
चुदाई चालू है आगे पढ़िए:

अभिनव सुमन के सर के पास बैठ गया और अपना लंड उस के मुँह में धर दिया.सुमन को अपना मुँह पूरा खोलना पड़ा अभिनव का मोटा लंड अंदर लेने के लिए इधर मैंने उसकी जांघें फैला के लंड भोस पर टिका दिया और एक धक्के से सारा का सारा लंड चूत में घुसेड़ दिया. उधर अपने हिप्स हिला कर अभिनव सुमन का मुँह चोदने लगा तो मैं धीरे धक्के से उस की टाइट चूत चोदने लगा.सुमन के मुँह से उन न न न न आवाज़ आने लगी और उसके चुतड़ घूमने लगे.

थोड़ी ही देर में उसकी चूत ने फटाके मारने शुरू किया. मैंने लंड को पूरा बाहर निकल कर क्लाइटोरिस पर रगडा. अचानक सुमन का बदन अकड़ गया और रोएँ खड़े हो गये मैंने झट से लंड चूत में डाला और तेज़ रफ़्तार से चोदने लगा.सुमन की चूत ने सिकोड़ कर मेरा लंड निचोड़ लिया. जब उस का ओर्गेज़्म शांत हुआ तब हमने लंड निकाले. दोनों लंड कड़े ही थे क्योंकि हममें से कोई झड़ा नहीं था.
पद्मा बोली : हाय दईया, ऐसी चुदाई तो कभी नहीं करवाई.

हम दोनों ने कन्डोम लगाए. मैं पलंग पर लेट गया. अभिनव ने सुमन को मेरी जांघों पर बिठाया. मैंने लंड सीधा पकड़ रखा.सुमन ने लंड के मत्थे पर चूत टिकाई. जैसे उसने नितंब गिराए मेरा लंड स र र र करता चूत में घुसने लगा. जब मोन्स से मोन्स टकराई तब मूल तक का लंड चूत में पैठ गया था.
अभिनव ने कहा: अंश, अभी ज़रा रुकना, धक्के मत देना.सुमन, तू आगे झुक और गांड उधर कर.
मैं देख नहीं पाता था लेकिनसुमन के कराहने की आवाज़ से समझ गया कि अभिनव उसकी गांड में लंड डाल रहा था. जब पूरा लंड डाला गया तब अभिनवसुमन की पीठ पर झुका और बोला: अंश, मैं गांड मार रहा हूँ औरसुमन भी हिप्स हिलाएगी वैसे ही तेरा लंड चूत में आता जाता रहेगा तुझे धक्के लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

अभिनव उपर से सुमन की गांड मारने लगा. उस के धक्के सेसुमन के नितंब आगे पीछे हिलते थे. बिना कुछ किए मेरा लंड चूत में आता जाता था. जब सुमन गांड सिकॉड़ती थी तब साथ साथ चूत भी सिकुड़ती थी और मेरा लंड दब जाता था. अभिनव ने शुरुआत धीरे धक्के से की थी लेकिनसुमन की उत्तेजना तेज़ी से बढ़ने लगी अभिनव ने धक्के की रफ़्तार बढ़ाई पीछे से हाथ डाल कर अभिनव नेसुमन के स्तन थाम लिए थे. मैं उसका मुँह चूम रहा था. मैंने एक हाथ हमारे बदन बीच से भोस पर लगा दिया.सुमन की सारी भोस गीली हो गयी थी. जैसे मैंने उसकी कड़ी क्लाइटोरिस को छुआ वैसे उसको ओर्गाज़्म हो गया. हमने धक्के लगाने रोक लिए.

ओर्गाज़्म के फटाके शांत हुए तब अभिनव ने कहा :सुमन, प्यारी, तू कहे तो हम दोनों जगह बदल कर चुदाई करें?सुमन मुँह से बोली नहीं, छूट सिकोड़ कर जवाब दिया.

हमने जगह की अदला बदली की. गांड मारने का ये मेरा पहला अनुभव था. चूत के बजाय गांड इतनी टाइट होती है वो मैंने पहली बार जाना.

गांड में लंड डालने की तकनीक अलग है जो मुझे अभिनव ने सिखाई. जब मेरा लंडसुमन की गांड में पूरा बैठ गया तब अभिनव ने मुझे फिर चित लेटाया. अपनी गांड में मेरा लंड लिएसुमन ऊपर आ गयी उसने जांघे चौड़ी कर दी. अभिनव उपर चढ़ गया. एक ही धक्के से उसने अपना लंड चूत में घुसेड़ दिया. पाँच सात धक्के मार कर वो रुक गया और बोला : अंश, अब तेरी बारी. तू धक्के लगाएगा तब मैं स्थिर रहूँगा.

मैंने धीरे धक्के से गांड मारनी शुरू की. दोस्तो, चूत और गांड में बहुत फ़र्क है उसे चोदने का आनन्द भी अलग अलग है हाथ की मुट्ठी में पकड़ा हो वैसेसुमन की गांड ने मेरा लंड पकड़ा था, मानो कि वो गांड से मुठ मार रही थी. जब वो चूत सिकॉड़ती थी तब उसकी गांड भी सिकुड़ जाती थी और लंड और ज़ोर से भिंच जाता था. लंड में इतनी गुदगुदी होती थी कि वहाँ से निकल कर सारे बदन में फैल जाती थी.

थोड़ी देर बाद मैंने और अभिनव ने एक साथ धक्के लगाने शुरू किए. मैं अब पूरी ताक़त सेसुमन की गांड मारने लगा. अभिनव भी ऐसे ही उसकी चूत मार ने लगा. दूसरी दस मिनट तक चुदाई चली तबसुमन बोली : मैं तीन बार झड़ चुकी हूँ अब तो बस कीजिए.

हम दोनों ने तेज़ी से धक्के लगाए और एक साथ झड़े.सुमन भी एक बार और झड़ी.. लंड निकाल कर हम उतरे.

थकी हुईसुमन थोड़ी देर पड़ी रही, बाद में उठ कर बाथरूम में चली गयी हमने भी सफ़ाई की और कपड़े पहन लिया. आगोश में ले कर अभिनव नेसुमन को किस किया और पूछा : तुझे लगा तो नहीं न? मजा आया?
वो बोली : बहुत मजा आया
अभिनव : कैसा लगा मेरे दोस्त का लंड? फिर से चुदवायेगी?
धत्त कह केसुमन ने हलकी चपत लगाई और अपने आपको छुड़ा कर भाग गयी

पद्मा के जाने के बाद हम अगले कमरे में गये वहाँ सपना और उषा चाय नाश्ता साथ हमारी राह देख रही थी. हमें देख वो खिल खिल हँसने लगी अभिनव ने पूछा : कब की आई हो तुम? और ऐसे हँस क्यों रही हो?
एक दूजे की ओर देख कर वो दोनों फिर से हँसने लगी
मैं: चाय लाई हो या नहीं?
जवाब में उषा ने चाय नाश्ता लगाया. हम चारों ने नाश्ता किया. बाद में बातें चली.

उषा : अभिनव भैया, सपना कहती है कि आप दोनों को दूध पीना चाहिए.
अभिनव :क्यूं भला?
अपने मुँह पर हाथ रख कर सपना हँसती हुई बोली: इतना जो दूध अभी आपने निकाल दिया वो दूध पीने से नया बन जाएगा.
उषा : सपना, भैया ने जो निकाला वो दूध कहाँ था? क्रीम था क्रीम, दूध इतना खट्टा कहाँ होता है?
थोड़ी देर अभिनव सोच में पड़ गया, बोला: कितना क्रीम निकाला ये तुम्हें कैसे मालूम?
उन दोनों की हँसी बढ़ गयी.
अभिनव: समझा, अब मैं समझा. तुम दोनों ने हमारी चुदाई देख ली है सही ना? सपना?

सपना शर्म से हमसे नज़र नहीं मिला सकती थी. बोले बिना उस ने हाँ कही.
अभिनव: अंश, इन दोनों ने हमारी चुदाई देख ली है क्या करेंगे उनका?
सपना : दूध ले आ?
सपना ज़ोर से हँस पड़ी.

अभिनव : उषा, दूध की ज़रूरत नहीं है जहाँ क्रीम बनता है वो फेक्टरी ओवर टाइम काम करती है अभी काफ़ी क्रीम पड़ा है चाहिए तुझे?
उषा ने अपना चेहरा ढक दिया. आश्चर्य से सपना की आँखें फट गयी वो बोली : मैंने कहा था ना? अभिनव भैया को मत उकसाना? सुन लिया जवाब?
मैं: मेरे पास भी काफ़ी क्रीम है किस को चाहिए?
लड़कियों के मुँह से सेक्स की बातें सुन कर हमारे लौड़े खड़े होने लगे थे. उन दोनों की नज़रें बार बार उस तरफ़ जाती थी. दोनों के चेहरे लाल लाल हो गये थे.
मैं बनावटी मुँह लंबा कर के बोला : अभिनव ये तो बुरा हुआ. उषा तो कँवारी नहीं है उस के लिए चुदाई नयी चीज़ नहीं है लेकिन सपना?
अब की बारी थी अभिनव की खड़ खड़ हँसने की. वो बोला: सपना, तू कँवारी है?
सपना नज़र नीची कर बोली: ऐसे भी क्या पूछ रहे हैं भैया? आप जानते तो हैं.

ज़ाहिर हुआ कि सपना को भी किसी ने चोदा था. मैं मन ही मन ख़ुश हुआ कि चलो इस लड़की को चोदना आसान होगा. मैंने प्रार्थना की हे! भगवान एक मौक़ा दे दे मुझे इस कुड़ी को चोदने का.
अभिनव : उषा, ये बता कि तुझे किसने चोदा पहली बार?
सपना ने मेरी ओर इशारा कर दिया. अभिनव बोला: अच्छा तो ये है बहन चोद. कहाँ और कब?
उषा: मंजुला भाभी के घर उसी वक़्त.

अभिनव: उसी वक़्त? वाह रे मेरे शेर, तूने दो दो चूत मार दी एक साथ. लेकिन बदमाश, तू तो कहता था कि तूने अकेली भाभी को चोदा था.
मैं: मैं क्या करता? मुझे भाभी को चोदते देख उषा गर्म हो गयी और…
अभिनव: …और तूने उसे भी चोद लिया. शाबाश.
मैं: बात ये है कि… बताऊँ उषा?
उषा ने हाँ कहा.

मैं: बात ये है कि बचपन से ही उषा जल्दी गर्म हो जाती है मैंने तो तब जाना जब एक दिन…

एक दिन उषा के घर कुछ मेहमान आए तांगा लिए जैसे तांगा रुका, घोड़े ने अपना दो फुट लंबा लंड निकाला और पेशाब किया. अंश और उषा वहाँ मौजूद थे. बारह साल की उषा घोड़े का लंड देख उत्तेजित होने लगी उसकी पीकी गीली हो गयी वो अपनी पीकी खुजलाने लगी. रात को जब माताज़ी और पिताजी सो गये तब वो अंश के पास जा कर बोली : भैया, मेरी पीकी तो देखो, कितनी सूज गयी है और गीली भी हो गयी है.
अंश ने उस दिन पहली बार अपनी बहन की भोस देखी. उषा के बदन में जवानी खिल रही थी. सीने पर बड़े नींबू की साइज़ के स्तन उभर आए थे. भोस पर काले झांट उग निकले थे. अंश को मालूम था क्या करना. उषा को लेटा कर उसने उगालियों से भोस सहलाई और क्लाइटोरिस मसली. उषा बोली : भैया बहुत गुदगुदी होती है दो पाँच मिनट में उषा को ओर्गेज़्म हो गया. इसके बाद बैठकर अंश ने उसे समझाया कि लंड क्या है चूत क्या है चुदाई क्या है वग़ैरह.
मैं : याद है उषा तेरा वो पहला ओर्गेज़्म?

अभिनव : तब से ओर्गेज़्म का मजा लेती हो तुम?
उषा : शुरू शुरू में इतने ज़ोरदार नहीं होते थे.
अभिनव : अब कैसे होते हैं?
उषा : मैं क्या कहूँ? आप ही देख लीजिए न.

अभिनव ख़ुश हो गया. उसके लंड ने पाजामा का तंबू बना दिया.
अभिनव : सपना तो लंबे अरसे तक बेख़बर रही थी, क्यूं सपना?
मैं : आख़िर किस ने ज्ञान करवाया?
अभिनव : एक बार ऐसा हुआ कि…
एक बार सपना को साइकिल पर बिठा कर अभिनव कहीं जा रहा था कि रास्ते में एक गधी दौड़ आई. उसके पीछे गधा पड़ा था. जैसी गधी उनके पास आकर खड़ी हो गयी वैसे ही गधा ऊपर चढ़ गया और चोदने लगा. उसका दो फुट का लंड गधी की चूत में आता जाता सपना और अभिनव दोनों देखते रहे. सपना घबरा गयी और बोली : ये क्या कर रहा है? गधी मर जाएगी?
अभिनव ने सपना के कान में कहा : घर जा कर सब समझाऊँगा.

गधे गधी की चुदाई देख कर अभिनव का लंड तो खड़ा हो गया लेकिन सपना पर कोई असर पड़ा नहीं. घर पहुँचे तब घर में कोई था नहीं. अभिनव बहुत एक्साइट हो गया था. सपना की मौजूदगी की परवाह किए बिना वो बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा. ताज्जुब हो कर सपना देखती रही. उस ने पहली बार बालिग लंड देखा था, बोली : भैया इतना तेज़ी से घिसते हो तो कहीं लग जाएगा.

अभिनव जवाब देने के मूड में नहीं था. फ़च्छ फ़च्छ करती वीर्य की चार पाँच पिचकारियाँ छोड़ कर वो झड़ा. अभिनव ने उस वक़्त सपना को समझाया कि चुदाई क्या है लोग क्यों करते हैं. सुनकर सपना बोली: चलो ना भैया, हम दोनों चुदाई करें?

अभिनव: न, अभी तू छोटी हो. तेरी चूत सिकुड़ी है तू ज़रा बड़ी हो जाए, तेरी महवारी शुरू हो जाए बाद में तू चुदवा सकेगी, इनसे पहले नहीं.
सपना: ऐसा? लेकिन भैया, जब मैं बड़ी हो जाऊँ तब आप ही मुझे पहली बार चोदना!
अभिनव: ऐसा हुआ भी सही, क्यों सपना?
उषा: अभिनव भैया, पूरी कहानी कही ये. कब, कहाँ, कैसे? आपने हमारी तो सुन ली है अब आपकी सुनाईये.

अभिनव: वक़्त आने पर कहूँगा. फिलहाल मैं देख रहा हूँ कि अंश के बदन में क्रीम का प्रेशर बढ़ गया है उसका कुछ करना पड़ेगा वरना बेचारे की गन फट जाएगी
अभिनव सच कह रहा था. मेरा लंड तन कर लोहे जैसा हो गया था.
मैं: उषा, हमारी चुदाई देख तुझे कुछ नहीं हुआ?
उषा: भैया, कैसी बात करते हैं आप? मैं पत्थर की बनी हूँ क्या?
मैं: तो अब तक तू राह किसकी देख रही है? निमंत्रण चाहिए तुझे? देखती नहीं है अभिनव का…
अभिनव बीच में बोला: अंश, उषा लड़की है बुलाए बिना नहीं आएगी, क्यूं उषा?

अभिनव उठकर उषा के पास गया. उसने बाहें लंबी की, उषा ने उसके हाथ पकड़ लिए खींचकर उषा को उसने खड़ा कर दिया और अपनी बाहों में भर लिया. उन दोनों के मुँह किस में जुट गये.
मैं सोफ़े पर बैठा था. हाथ लंबे करके मैंने सपना को बुला लिया. सपना मेरे पास चली आई और खड़ी हो गई. वो शरमा रही थी. दाँत से उंगली काट रही थी. उसका चेहरा लाल लाल हो गया था. दो तीन बार मुझसे आँख चुरा कर उसने अभिनव और उषा की ओर देखा. उन दोनों को चुंबन में लगे हुए देख सपना ज़्यादा शरमाई. बहुत प्यारी लग रही थी वो. उसने रेशमी चोली, घाघरी और ओढ़नी पहनी थी. चोली छोटी होने से उसकी गोरी गोरी कमर और सपाट पेट का काफ़ी हिस्सा खुला था. मैंने उसे कमर से थाम लिया. उसने अपनी बाहें मेरे गले में डाल दी. मैंने उसे पास खींच लिया. मेरा सिर उसके सीने से दब गया. सिर हिला कर मैंने उसके स्तन टटोला. ऐसे में ओढ़नी का पल्लू थोड़ा खिसक गया. खुले हुए गोरे पेट पर मैंने किस कर दिया. गुदगुदी से वो छटपटाई. उसे पकड़ कर मैं किस करता रहा.

आख़िर मेरे बाल पकड़ कर उसने मेरा सिर हटा दिया. बोली: मुझे बहुत गुदगुदी होती है
मैं: ये तो तेरा पेट है यहाँ (भोस पर हाथ रखते हुए) किस करूँगा तब क्या होगा?
उसने तुरंत मेरा हाथ हटा दिया. एक उंगली मेरे होठों पर रख कर बोली: धत्त, ऐसा नहीं बोलते.

मैंने होंठ खोल उंगली मुँह में ली और चूसने लगा. मेरा दूसरा हाथ कमर पर से उतार कर उसके भरे भरे नितंब पर जा पहुँचा. मैंने कूल्हे सहलाए और दबाए. उसने मेरे मुँह से उंगली निकाल ली और सिर झुकाकर अपने होंठ मेरे होंठ से लगा दिए जांघें चौड़ी कर मैंने उसे मेरी बाई जाँघ पर बिठा दिया. हमारे होंठ किस में जुटे हुए थे. बंद होंठ से ही मैंने उसके कोमल होंठ रगड़े. मुँह खोल मैंने उसके होंठ मेरे होंठ भींच लिए और जीभ से चाटे. फूल की पंखुड़ी जैसे कोमल उसके होंठ मुझे इतने मीठे लगे कि मेरा लंड अकड़ने लगा.
जीभ से मैंने होंठ टटोले तब वो फिर छटपटा गयी.

मैंने कहा : मुँह खोल तो ज़रा.
थोड़ी हिचकिचाहट के बाद उसने मुँह खोला. मेरी जीभ अंदर जाकर चारों ओर घूम चुकी और उसकी जीभ से खेलने लगी. मैंने जीभ लंड जैसी कड़ी बनाई. कड़ी जीभ अंदर बाहर करके मैंने सपना का मुँह चोदा. जब मैंने मेरी जीभ वापस ले ली तब उसने अपनी जीभ से वो सब किया जो मैंने किया था. हम दोनों एक्साइट होने लगे.

उधर अभिनव ने उषा को पलंग की धार पर लेटाया था और ख़ुद ज़मीन पर बैठ उसकी भोस सहला रहा था. भोस के होठ चौड़े करके वो जीभ से क्लाइटोरिस टटोल रहा था. उसकी दो ऊँगलियाँ उषा की चूत में डाली हुई थी जो उस के जी स्पोट का मर्दन कर रही थी. अचानक अभिनव ऊँगलियाँ तेज़ी से अंदर बाहर करके उषा की चूत को चोदने लगा. उषा के कूल्हे हिलने लगे. वो मुँह से सी सी सी आवाज़ करने लगी, अभिनव क्लाइटोरिस चूसता रहा और ऊँगलियों से चूत मारता रहा. किस चालू ही थी कि मेरा हाथ सपना के पेट पर चला गया. ओढनी का पल्लू हटा कर मैंने पेट सहलाया. उसकी बाहें मेरे गले में थी इसलिए दोनों स्तन खुले थे. पेट पर से मेरा हाथ चोली में क़ैद सपना के स्तन पर गया. पहले मैंने हलके स्पर्श से स्तन सहलाया, बाद में दबाया. चोली पतले कपड़े की थी और लो कट भी थी. मेरी ऊँगलियों ने कड़ी निप्पल ढूँढ निकाली. दो ऊँगलियों से टटोलने के बाद मैंने निप्पल चिपटी में ली.

सपना ने मेरी कलाई पकड़ ली और हाथ हटाने का प्रयत्न किया. मुट्ठी में स्तन भर के मैंने हटाने दिया नहीं. उधर फ़्रेंच किस की मस्ती में वो अपना स्तन भूल गयी चिपटी में पकड़ी हुई निप्पल मैंने मसली और खींची. उसकी बाहों की पकड़ ज़्यादा ज़ोरदार हो गयी निप्पल छोड़ मेरी ऊँगलियों स्तन के खुले हिस्से पर घूमने लगी मैंने चोली के अंदर उगली डालने का प्रयत्न किया लेकिन डाल न सका क्योंकि चोली छोटी और टाइट थी. किस करते करते मैंने एक एक कर चोली के सब हुक खोल डाले. चोली हटते ही उसके नंगे स्तन मेरी हथेलियों में क़ैद हो गये. सपना के स्तन इतने बड़े तो नहीं थे जितनेसुमन के थे. लेकिन संपूर्ण गोल और कठोर थे. दबाने से दबे नहीं जाते थे. अनजाने में मुझसे ज़रा ज़ोर से स्तन दब गया. सपना कराह उठी. किस छोड़ कर उसने अपना सिर मेरे कंधों पर रख दिया और बोली: मुझे दर्द होता है
मैंने स्तन सहलाया और कहा: जब तक तेरे स्तन बढ़ते रहेंगे तब तक उसे दबाने से दर्द होता रहेगा. पूरे विकसित हो जाने पर दर्द नहीं होगा.

अब मैंने उसकी ओढनी और चोली निकाल दिए उसने शर्म से आँखें बंद कर दी. उसके प्यारे प्यारे स्तन मैं अच्छी तरह देख सका. क्या स्तन पाए थे उस लड़की ने? इतने ख़ूबसूरत स्तन की मुझे उम्मीद नहीं थी. गोरे गोरे गोल गोल छोटे श्रीफ़ल की साइज़ के उसके स्तन कड़े थे. चिकनी मुलायम चमड़ी के नीचे ख़ून की नीली नसे दिखाई दे रही थी. स्तन की चोटी पर बादामी कलर की दो इंच की एरोला थी. एरोला के मध्य में कि के दाने जैसी कोमल छोटी सी नीपल थी. उस वक़्त एक्साइटमेंट से एरोला उभर आई थी और निप्पल कड़े हो गये थे. मैंने पहले हलके स्पर्श से सारा स्तन सहलाया, बाद में मुट्ठी में लिया. निप्पल को चिपटी में लेकर मसला. सपना के मुँह से आह निकल पड़ी.

स्तन साथ खेलते हुए मैंने सपना का हाथ लंड पर रख दिया. पाजामा के आर पार मेरे तने हुए लंड को छूते ही उसने हाथ हटा लिया.
मैं: पकड़ ले, डरती क्यूं हो? काटेगा नहीं.
उसे हँसी आ गयी मैंने फिर लंड पकड़ाया. इस वक़्त उसने मुट्ठी में लिया और होले से दबाया. लंड ने ठुमका लगाया.
मेरे आश्चर्य की हद न रही जब वो मेरे कान में बोली: इतना बड़ा और मोटा? मुझे मुँह में लेना है ले सकती हूँ?

इसके बाद क्या हुआ? कैसे सपना और उषा की चुदाई हुई? ये जानने के लिये अगला भाग अवश्य पढ़ें…
कहानी का अगला भाग : हम पाँच : बहनों की अदला बदली-2 Antarvasna

Antarvasna

मैंमनीष आज़ आपको अपनी सच्ची कहानी बताने जा Antarvasnaरहा हूं।

मेरी एक छोटी बहन है जिसका नाम रेखा है। उसकी उमर १८ साल की है मेरी उमर २० साल की है।

मेरी बहन की चूची काफ़ी सुडौल है, मेरी नज़र जब भी उसकी चूची पर जाती है तो उसे दबाने की इच्छा होती है। किन्तु मैं मां-बाप के डर के कारण कुछ नहीं कर सकता हूं।

एक दिन घर में बहुत से मेहमान आ गये जिसके कारण सोने के जगह की कमी होने लगी। किसी तरह एडजस्टमेंट किया गया। मैं और मेरी बहन जमीन पर सो गये।

रात में ठंड के कारण मेरी बहन मेरे से सट गयी, मैने भी मौके का फ़ायदा उठाते हुए उसकी चूची पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा, उसकी चूची काफ़ी हार्ड थी। चूची छूने के कारण मेरा लंड खड़ा हो गया।

अचानक मेरी बहन की आंख खुल गयी और वो हमसे दूर हो गयी, दूसरे दिन सभी लोग मेहमान को घुमाने बाहर गये।

मेरी बहन नहीं जा सकी क्योंकि उसका दूसरे दिन एक्साम था। मैं भी घर में ही रह गया।

दोपहर में खाने के बाद वो सो गयी, घर में सिर्फ़ मैं ही दोनो थे। उसको सोता देख कर उसकी बुर चोदने की इच्छा होने लगी किन्तु डर के कारण हिम्मत नहीं हो रही थी। मैं साइंस का स्टुडेंट हूं और प्रैक्टिकल के लिये क्लोरोफोर्म लाया था।

मैने क्लोरोफोर्म को अपने रुमाल में डाल कर उसके नाक के पास ले गया, चूंकि वो गहरी नींद में थी इसलिये वो बेहोश हो गयी।

मैने जल्दी से उसके कपड़े के ऊपर से ही उसकी चूची दबाने लगा।

चूची दबाते दबाते मैं काफ़ी उत्तेजित हो गया और उसके टोप को ऊपर कर उसके बरा को बाहर निकाल दिया उसकी दोनो खूबसूरत चूचियां मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी मैने उसको जोर जोर से दबाने लगा और उसका स्कर्ट ऊपर कर पैंटी भी निकाल दिया।

अब मेरे सामने उसकी बुर एकदम नंगी थी। उसके उठे हुए बुर को देख कर बरदाश्त नहीं हुआ।

और मैने अपने सारे कपड़े उतार कर उसकी बुर पर अपना लंड रगड़ने लगा, बुर पर अपना लंड रगड़ने के बाद मैं अपना सुपाड़ा उसकी बुर के छेद पर रख कर हल्का सा झटका दिया। सुपाड़ा बुर में थोड़ा सा घुस गया।

रेखा बेहोशी के बाद भी कराह उठी।

काफ़ी कोशिश के बाद भी मेरा लंड बुर में घुस नहीं रहा था।

ये सब करीब एक घंटे तक चलता रहा। क्ल्रोरोफोर्म का असर भी अब धीरे धीरे कम हो रहा था।

मैने उसके बुर में एक झटका और दिया। उसके बुर से खून निकलने लगा और वो दर्द से कराह उठी, दर्द के कारण उसकी बेहोशी टूट चुकी थी।

वो अपने आप को नंगा देख कर और बुर में लंड पा कर डर और घबरा गयी और रोने लगी और बोली भैया ये आप क्या कर रहे है, उसको जगा देख कर मैं भी घबरा गया किन्तु अब कुछ नही हो सकता था इसलिये उससे बोला।

रेखा मेरी प्यारी बहन तुमको सोते देख कर और तुम्हारी चूची को देख कर मैं अपना होश खो बैठा और तुम्हारे साथ ये सब करने लगा।

वो बोली मुझे छोड़ दो मैं सब मम्मी और पापा को बताउंगी।

मैने काफ़ी मन्नत की किन्तु वो नहीं मानी और छुड़ाकर भागने की कोशिश करने लगी।

मैं भी अपने आप को फंसता देख कर उसके बुर में एक जबरदस्त झटका दिया और मेरा चौथाई लंड उसकी बुर में घुस गया वो चिल्लाने लगी और लंड निकालने के लिये प्रार्थना करने लगी तो मैं बोला मैं लंड तभी निकालूँगा जब तुम किसी से नहीं कहने का वादा करोगी।

वो नहीं मानी तो मैने एक झटका और दिया और मेरा थोड़ा लंड और उसके बुर के अंदर चला गया।

वो दर्द से रोने लगी और मैं अपनी शर्त मनवाने पर तुला था। दर्द उसको बरदास्त नहीं हो रहा था इसलिये वो प्रोमिस की कि किसी से नहीं बतायेगी।

तब जाकर मैने अपना लंड उसके बुर से निकाला।

वो बैठ कर रोने लगी और अपने दोनो हाथों से अपनी चूची छुपाने लगी।

मैं उसके पास जाकर बोला अब तो तुम्हारी बुर में मेरा लंड जा ही चुका है तो तुम क्यों शरमा रही हो, बो बोली ये ठीक नहीं है।

मैं बोला जवानी में सब ठीक होता है। शादी के बाद तुम तो किसी से चुदवाओगी ही तो आज़ क्यों नहीं और उसकी चूची को हल्के हल्के सहलाने लगा, धीरे धीरे उसको भी मज़ा आने लगा और चुप चाप चूची सहलवाती रही।

मैने अपने लंड को उसके हाथों में दे दिया किन्तु उसने अपना हाथ हटा लिया और बोली ये मैं नहीं कर सकती हूं ये सब मैं सिर्फ़ अपने पति के साथ ही कर सकती हूं,

तो मैं बोला चलो मैं ही तुम्हारा पति बन जाता हूं और मैने सिन्दूर उसकी मांग में जबरदस्ती भर दिया, उसने कहा भैया आपने ये क्या कर दिया, मैं बोला अब मैं तुम्हारा भाई नहीं तुम्हारा पति हूं, वो चुप रही तो मैने उसको अपनी गोद में उठा लिया और उसके चूची को चूसने लगा उसके बाद बेड पर लिटा कर उसकी बुर में धीरे धीरे अपना लंड डालने लगा अब वो विरोध नहीं कर रही थी, मैने उसको कहा अब मैं तुम्हारा पति हूं तुम मेरे लंड को चूसो वो मेरे लंड को चूसने लगी धीरे धीरे वो भी उत्तेजित हो गयी तो मैने अपने लंड को काफ़ी कोशिश के बाद पूरा डाल दिया और करीब आधा घंटे तक चोदता रहा और अपना पानी भी उसके बुर में छोड़ दिया।

उस दिन के बाद वो मुझे ही अपना पति मानती है और जब भी मौका मिलता है खूब चुदवाती है।

एक दिन उसने बताया कि वो मां बनने वाली है।

मैं घबरा गया और एक दिन प्लान बना कर उसको ले कर एक दूसरे शहर में आ गया। अब वो मेरी पत्नी की तरह रहती है और मेरे एक बेटे की मां है। Antarvasna

मेरे फैमिली मे मम्मी पापा मैं   और एक  भाई है।मेरी उम्र 13 साल है भाई की उम्र 15 साल । भाई बाहर होस्टल में पढ़ता है ।पापा लगभग 45 साल के है । मेरी मम्मी 36-37 की एक कसे हुए बदन की औरत है । मम्मी की हाइट साढ़े पांच फुट के आसपास है सांवला रंग गोल भरा हुआ चेहरा। मम्मी के कसे हुए तने चट्टान जैसे 36 साइज के बड़े-बड़े मम्मे   टाइट ब्रा और ब्लाउज  में हमेशा खड़े रहते हैं । मम्मी के बड़े खरबूजे जैसी छातियां गोल है और दोनों छातियों के बीच  बड़ी गहरी खाई है जिसमें  ब्लाउज  में  धंसे  मम्मे अलग ही दिखाई  देते हैं ।32 साइज की पतली और चिकनी कमर पर नाभी कमल के फूल की तरह नाभि चौड़े कूल्हे है और 36 साइज के पुष्ट नितम्ब। मम्मी कूल्हे के नीचे टाइट साड़ी पहनती हैं तो मम्मी के गुदांज नितम्ब और उभर आते हैं । मम्मी के चेहरे पर भरपूर नमक है जिसके कारण उनका सेक्सी बदन चमकता रहता है बिना मेकअप के भी मादकता चेहरे पर झलकती है। मम्मी 24-25  साल की कड़क माल लगती है इस उम्र में भी । मोहल्ले के जवान से लेकर बुड्ढ़े तक मम्मी की जवानी का आते जाते रसपान करने की फिराक में रहते हैं। मेरे पापा सरकारी नौकर है चार पांच महीने पहले पापा को सस्पेंड कर दिया । जिसकी वजह से घर में परेशानी थी । हमारा घर  एक गली मे था ।गली मे दोनो तरफ मकान थे। उस गली मे भी एक गली थी जिस्मे 2 मकान थे जिसमें 1 हमारा घर  और 1 दुसरे का था। जिस्मे एक 30-32 साल का एक लड़का  कमल  रहता था।कमल भैया देखने में हैंडसम और अच्छी कद-काठी के मर्द थे ।कमल भैया  के परिवार में कोई नहीं था वो अकेले रहते थे ।दो तीन साल पहले उनके मां बाप की डेथ हो गई ।कमल भैया की शादी भी नहीं हुई थी ।बो मम्मी पापा को चाचा चाची कहते।।कमल भैया से हमारे  घर जेसे संबंध थे।  नौकरी छुटने की बजह से मेरे पापा बड़े परेशान थे। घर पर पैसों की तंगी हो गई थी ।पापा ने कई यार दोस्तों से कर्जा लिया था।कमल भैया ने हमारी बड़ी मदद की थी। पापा और मम्मी  दोनों ही उनका बहुत अहसास मानते थे ।बुरे वक्त में कमल भैया हमारे साथ खड़े रहे ।कमल भैया पापा और मेरे स्कूल जाने के बाद भी घर आ जाते थे और  मम्मी से बाते करते थे। क्युकी मम्मी को बो चाची कहते थे तो उन पर किसी को कोई ऐसी  शक बाली बात भी नही था। कुछ दिन पहले पापा वापस बहाल हो गए और आर्थिक तंगी भी लगभग खत्म हो गई।कमल भैया अभी भी लगातार घर आते जाते रहते थे। मम्मी धीरे-धीरे कमल की तरफ आकर्षित होने लगी थी अब फोन पर भी पापा के नाम होने पर कमल से बात कर लेती थी ।कमल भैया भी मौका देखकर घर आ जाते और मम्मी की गर्म जवानी को आंखों से ताड़ते रहते थे । मम्मी भी समझ गई थी कि कमल उन्हें  चाहता है ।जब आदमी समस्या में होता है तब केवल उसे सुलझाने में लगा रहता है और जब कोई समस्या नहीं होती जीवन में  तो उसकी कामवासना भी जोर मारने लगती है । पापा की सेक्स की प्रति बेरुखी से भी मम्मी की  परेशान  थी पेट की भूख के साथ शरीर की भूख बुझना भी जरूरी है । अंदर ही अंदर  मम्मी का काम ज्वार उफन रहा था  । एक दिन  जब पापा किसी काम से शहर से बाहर गए हुए थे और केवल मैं और मम्मी ही घर पर थे। दोपहर का समय था ।  मैं उस समय हल्की नींद मे सोई थी।मेने देखा की मम्मी ने हल्का सा मेकअप किया हुआ था । गुंदाज नितम्बों  पर कसी गहरी लाल साड़ी   टाइट ब्लैक  ब्लाउज में खड़ी हुई सुडौल चूंचियां कमर तक नीचे पोनी टेल में कसे बाल  सुराहीदार गर्दन उफ्फ किसी भी मर्द को घायल करने के लिए काफी है । मम्मी बहुत सुंदर दिख रही थी। मम्मी ने हल्के से दरवाजा बंद किया  जिससे  आवाज ना हो और चली गई। पहले भी मम्मी काम से ऐसे ही दरवाजा बंद कर मुझे अकेला छोड़ जाती थी । गली के मोड़ पर कमल भैया खड़े थे और उनके मकान का गेट खुला था। मम्मी चुपचुप उनके गेट मे घुसकर उनके घर मे चली गई। कमल भैया ने इधर उधर देखा और  घर में घुस गए और गेट को अंदर से लॉक कर लिया ।मम्मी चुपचाप अंदर बिस्तर पर गर्दन झुकाये बेठी थी। उनकी सांस तेज चल रही थी जिसकी बजह से मम्मी के बड़े-बड़े  कठोर मम्मे  बड़े मादक तरीके से उपर नीचे हो रही थे । चेहरे पर घबराहट की बजह से पसीना आया हुआ था। साड़ी ब्लाउज मे बेठी मम्मी को देख कर कमल भैया ने स्माइल की। और पास आकर खड़े हो गये। मम्मी बहुत शर्मा रही थी। कमल भैया ने मम्मी के चेहरे को दोनो हाथो से पकड़ कर उपर किया। शर्म के मारे मम्मी का चेहरा लाल हो रहा था। कमल ने मम्मी के गाल पर किस किया और मम्मी से सटकर बैठ गया ।कमल भैया ने मम्मी की चिकनी कमर में हाथ डाल अपनी तरफ खींच लिया । मम्मी के कठोर मम्मे कमल के सीने में धंस गए ।कमल ने  अपने होंठ मम्मी के लरजते होंठों से चिपका दिए।। कमल ने मम्मी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया। मम्मी ने भी अपने बाहों का हार कमल के गले में डाल दिया।कमल के होंठ मम्मी के होंठो के रस को पिये जा रहे थे। कमल मम्मी की रसीली जीभ को चूस रहा था ।कमल के हाथ  मम्मी के  गोल चुनचुनो पर  रेंगने लगे।कमल मम्मी के कठोर नारयिलों को हल्के हल्के दबा रहा था।  मम्मी हल्की हल्की सिसकारिया मार थी। लगातार होंठ चूसने की बजह से उनके होंठ लाल हो गये थे शायद कमल ने मम्मी के होंठो को काट लिया था। अब कमल भैया ने मम्मी को बेड पर लिटा दिया और अपनी  कमीज़ बनियान उतार कर मम्मी के उपर आ गया और मम्मी के रसीले होंठों को चूसने लगा।कमल भैया ने मम्मी के मम्मों को थाम रखा था और दोनो हाथो से उनकी हल्के हल्के उनकी मिसाई कर रहे  थे । मम्मी उत्तेजक सिसकारियां भर रही थी । आहहह आऊ। मम्मी बड़ी बेचैन हो रही थी। अब कमल ने मम्मी के ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किये । मम्मी के ब्लैक ब्रा मे कसे  हुए  मम्मों  को देख कमल पागल हो गया ।कमल भैया ने मम्मी का टाइट ब्लाउज़  उतार दिया और  ब्रा के उपर से मम्मी के खरबूजों को मुंह में भरकर चूसने लगे । कमल ने मम्मी को पलटकर अपने से चिपका लिया । मम्मी की छातियां कमल के सीने में धंस गई  । दोनों की गर्म सांसें  निकल रही थी ।कमल फिर मम्मी के गुलाबी होंठों को चूसने लगा ।कमल ने अपने हाथ मम्मी के गुदाज नितंबों पर कस दिए और साड़ी के ऊपर से मम्मी के नितम्बों  को सहलाने लगा।कमल भैया  ने अपना हाथ मम्मी की साड़ी में सरका दिया और मम्मी की छोटी सी मुनिया को पेंटी के ऊपर से ही छेड़ने लगे । मम्मी आनंद भरी उत्तेजक सिसकारियां भरने लगी।  कमल भैया का पैंट में में कसा मोटा लन्ड मम्मी की मुनिया में धंसा जा रहा था ।कमल ने मम्मी को फिर  अपने ऊपर ले लिया और‌  उनके होंठों को चूसते हुए नितम्बों को सहलाने लगे। कमल एक हाथ से पेटीकोट के ऊपर से मम्मी की चूत को सहला रहा था। अब कमल भैया ने मम्मी का पेटिकोट उतार दिया । मम्मी की मांसल जांघें कटीदार नितम्ब टाइट लो वेस्ट पेंटी में उभरी मम्मी की चूत पानी छोड़ रही थी। कमल भैया मम्मी के अंगूठे से लेकर मम्मी की मांसल जांघों को चूमने लगे। कमल ने मम्मी के नितम्बों को उंचा कर भीगी पेंटी को निकाल फेंका। स्वर्ग का द्वार सामने थे । मम्मी की मुनिया के होंठ फड़फड़ा रहे थे । बाल रहित गुलाबी चूत पर कमल भैया ने एक चुंबन जड़ दिया। मम्मी की सिसकारी निकल गई।आह कमल भैया ने अपनी जीभ चूत के छेद में डाल दी । मम्मी ने उत्तेजना में कमल भैया का सिर पकड़ लिया और अपनी  चूत पर रगड़ने लगी। लंबी चुसाई से मम्मी आहें भर रही थी ।  कमल भैया मम्मी के  उपर चढ़ कर उनकी  कठोर चूचियों को मसलने लगे । मम्मी के  निपल कमल की मिसाई  से सुर्ख लाल हो चुके थे और अब कमल उत्तेजना  में मम्मी के पपीतों को ब्रा के उपर से  ही बेदर्दी से रगड़ रहा था। मम्मी के मुँह से दर्द भरी सिसकरिया निकल रही थी। एक बात थी कि दोनो मे कोई बात नही हुई थी। बस जैसे आंखों से एक दूसरे से बातें कर रहे थे कमल ने मम्मी  की चूत के दरवाजे को खुरेदते हुए चूत में एक उंगली डाली मम्मी  उछल पड़ी । उईईई मम्मी की चूत बहुत टाइट थी जिसमें कमल भैया की ऊंगली कसी कसी जा रही थी।दो  बच्चो की मां होने के बाबजूद मम्मी की चूत और  और छातियां गजब टाइट थी। मम्मी का पूरा बदन ही सुडौल और कसा हुआ था ।जिसकी बजह से कमल को ज्यादा मजा आ रहा था जेसे किसी कुवारी लड़की को चोदने जा रहा हो।कमल ने अभी पेंट नही उतारी थी। उसका लंड पेंट मे बेचैन हो रहा था। अब कमल ने पेंट  उतारनी शुरू की। अंडरवियर  में कुतुबमीनार की तरह खड़ा लन्ड अंडरवियर फाड़कर बाहर आने को आतुर था ।अंडरवियर उतराते ही कमल का  8 लंबा और मोटा  लन्ड हवा में फुंकारने लगा ।  लम्बे तगड़े  लंड को देख कर मम्मी ने  शर्म से अपनी  आंखें बंद कर ली। कमल ये देख कर मुस्कराया और बोला शीला मेरी जान आंखें खोलों ।  मम्मी ने लरजते हुए अपनी आंखें खोल दी । कमल भैया का लन्ड उत्तेजना  में ऊपर नीचे होकर मम्मी को सलामी दे रहा था ।कमल मम्मी के उपर आ गया।कमल का लंड मम्मी की चूत को टच कर रहा था। कमल दुबारा मम्मी के  आम रस चूसने लगा । कमल के हाथ और होंठ दोनो ही अपना कमल दिखा रहे थे। मम्मी के मुंह से सेक्सी सिसकरिया पुरे माहोल मे उत्तेजना भर रही थी।    कमल भैया ने मम्मी का सिर पकड़ अपने सुपाड़े पर रख दिया और मम्मी को चुसने को कहा । मम्मी ने अपने नाज़ुक होंठ कमल भैया के सुपाड़े पर चिपका दिए और हल्के हल्के चूसने लगी ।कमल भैया आनंद विभोर हो गए। थोड़ी देर की लन्ड चुसाई के बाद कमल भैया ने मम्मी को अपने नीचे ले लिया और मम्मी की ब्रा उतार दी । मम्मी के लकी कबूतर हवा में उड़ने लगे जिन्हें कमल भैया ने फौरन थाम लिया। कमल भैया मम्मी के गुलाबी निप्पलों को अंगूठे से मसल रहे थे ।कमल ने मम्मी के रसीले आमों को मुंह में भर लिया और बारी बारी से उनका रस चूसने लगा। कमल की चुसाई से मम्मी के निप्पल लाल हो गए ।  कमल के हाथ और होंठ दोनो ही अपना कमाल दिखा रहे थे। मम्मी के मुंह से सेक्सी सिसकरिया पुरे माहोल मे उत्तेजना भर रही थी। मम्मी कमल के फौलादी लौड़े को अपने नाज़ुक हाथों से सहला रही थी । उत्तेजना में कमल का लन्ड और लंबा मोटा हो गया जो मम्मी के हाथों में मुश्किल से समा रहा था।कमल का लौड़ा सांप की तरह फुंकारने लगा।अब कमल बेकाबू हो चुका था। कमल ने मम्मी को अपनी गोद में खींच कर चिपका लिया और मम्मी की गुलाबी पंखड़ियों को मुंह में भर लिया। मम्मी को कमल ने इतना कसकर बांहों में समेट रखा था जैसे दो बदन एक जान हो ।कमल का लन्ड मम्मी के गुदाज नितंबों के नीचे दबा अंगड़ाई ले रहा था और मम्मी की चूत में घुसने को बेताब था।मम्मी ने कमल के चौड़े सीने पर चुंबनों की बारिश कर दी । अब दोनों से बर्दाश्त से बाहर था मम्मी और कमल भैया फुल उत्तेजना में थे और अब दोनों शरीरों के मिलन का समय था। कमल ने मम्मी को बिस्तर पर सीधा लिटा । मम्मी की  मस्त चूचियां हवा में सीधे खड़ी थी ।नाभि कमल दमक रहा था ।पतली कमर चौड़े कूल्हे केलई जांघें जैसे बिस्तर पर खुद बिपाशा बसु लेटी हो। कमल ने मम्मी पर चढ़ कर मम्मी की दोनों छातियों को थाम लिया और अपना सुपाड़ा मम्मी की गहरी छातियों में सरका दिया। मम्मी के लिए ये नया अनुभव था । मम्मी की छातियों को भींचे भींचे कमल अपना लन्ड अन्दर बाहर कर रहा था। मम्मी सेक्सी आंहे भर रही थी। मम्मी ने कमल का सिर पकड़ अपने होंठों से चिपका दिए। मम्मी की चूत तपने लगी और कमल का लन्ड भी सुरख अंगारा हो रहा थी ।कमल ने मम्मी की गांड के नीचे तकिया लगा दिया । मम्मी की चुत उभर आई। चूत की दोनों खांपो की बीच लाल छेद कमल के लन्ड को आमंत्रण दे रहा था । अब कमल ने अपने लंड को मम्मी की चूत पर रगड़ना शुरु कर दिया और हल्के से चूत के मुंह पर ठोकर मारी । मम्मी गनगना उठी । आहहह आहहह कमल ने लंड को एक झटके से मम्मी की चूत में घुसेड दिया। मम्मी की चीख निकल गई।कमल ने मम्मी के रसभरे होंठों को अपने होंठों में कस लिया। मम्मी की चीख मुंह में दब गई। कमल हल्के हल्के धक्के मारकर मम्मी के चूत के दरवाजे को खोलने लगा।मम्मी दर्द से सिसयाने लगी जेसे कोई कुवारी लड़की पहली बार चुद रही हो। कमल ने  मम्मी के सुडौल पपीतों को मुंह मे भर लिया। कुछ देर में मम्मी का  दर्द कम हुआ  और उन्हें मजा आने  लगा।उतेजना मे मम्मी तड़प रही थी। कमल ने एक जोरदार झटके से अपना लंड मम्मी की चूत  मे पूरा  घुसेड़ दिया। मम्मी की मुंह से हल्की चीख निकल गई। लन्ड चूत की जड़ तक घुस गया।कमल ने फोरन उनके होंठो को अपने मुंह मे भर लिया ।अब कमल फूल स्पीड मे धक्के मार रहा था। मम्मी भी दर्द को भूल कर मजे मे आह्ह्ह उहहा करने लगी । पूरा माहौल मे मम्मी की मादक सिसकरिया गूंज रही थी। कमल धक्के पर धक्के लगा रहा। मम्मी बेहाल थी। तभी कमल ने अपना लंड निकल कर मम्मी को उल्टा कर दिया और मम्मी को घोड़ी  बना  मम्मी के  पीछे से उन पर चढ़ गया और मम्मी की चूत में लन्ड डाल जोर जोर धक्के मारने लगा। मम्मी की टाइट चुंचियो को दोनो हाथो मे पकड़ कमल मसल रहा था। मम्मी बेहाल हो रही थी ।बस बस अब नहीं प्लीज़  हौले हौले करो दर्द हो रहा है प्लीज़ आहहह नहीं न नहीं न ।मम्मी धीरे-धीरे पस्त पड़ रही  थी लेकिन कमल का लंड अभी भी पूर्ण उतेजना मे था।शायद उसने कोई मेडिसिन खाई थी। कमल‌ ने मम्मी को गोदी में ले अपने से सीधा चिपका लिया। मम्मी  की चट्टान जैसी छातियां कमल के सीने में धंस गई ।कमल ने  बिना देर किए अपने लन्ड पर मम्मी के नितम्बों को दबा कर लन्ड चूत में धकेल दिया । मम्मी की कराह निकल गई ।आआ मैं मर गई आहहह। कमल मम्मी के गोल नितम्बों को थाम उपर नीचे करने लगा ।  आहहह आहहह  उफ्फ आहहह उफ्फ मम्मी खुद ही कमल की गोद में ऊपर नीचे होकर धक्के मारने लगी ।कमल का लन्ड मम्मी की चूत की जड़ तक जा रहा था ।सडडड सडडड कमल ने मम्मी के पपीतों को मुंह में भर लिया। दो जिस्म एक जान हो गए।बस करो न ।एक घंटे की घनघोर  नॉन स्टॉप चुदाई के बाद कमल ने हिचली ली और अपना वीर्य मम्मी की चूत मे छोड़ दिया। मम्मी निढाल हो बिस्तर पर लुढ़क गई। कमल भी उन पर पसर गया। कमल ने मम्मी को बांहों मे भर लिया और उनके होंठो को धीरे-धीरे चूसने लगा। इतनी लम्बी चुदाई के बाद मम्मी को थोड़ी राहत मिली। दोनों एक दूसरे की बांहों में चिपके पड़े थे । थोड़ी देर बाद मम्मी  ने कपड़े पहने और बाल चेहरा सही किया  । कमल ने भी कपड़े पहन लिये पर बो मम्मी को छोड़ नही रहा था और उपर से चुंचियो को दवा रहा था। शायद उसका मन नही भरा था।  सेक्स की प्यास ही ऐसी है। मम्मी ने उसे मना किया।  लेकिन कमल ने मम्मी को खींच कर गोदी में बैठा लिया । और मम्मी को दबाने लगा। शीला आज रात को यहां ही रूक जाना चाचा तो कल आयेंगे मेरी बात हुई थी उनसे । आज सुहागरात भी मना लें । मम्मी ने शर्माते हुए कमल के होंठों पर किस किया । मम्मी  रूबी घर पर अकेली है रात में आना नहीं हो सकता है ।कमल तो मैं आ जाऊंगा मेरी जान।रुबी का इंतजाम है मेरे पास खाने के बाद उसे नींद की गोली खिला देना वो सुबह ही उठेगी । मम्मी ने मुस्कुरा कर कमल की छाती  चूम ली मामला सेट था।कमल ने जोश में मम्मी के होंठों को चूम लिया ।शीला आज रात हमारी सुहागरात है तो दुल्हन की तरह तैयार रहना मेरी  रानी आज पूरी रात तुझे कसकर मसलूंगा  सालों  से तेरा आशिक  हूं लेकिन तुमने भाव ही नहीं दिया। बड़ी  मुश्किल से तुम हाथ लगी हो अब छोडुंगा नहीं । मम्मी ने सेक्सी अंदाज में कहा ठीक है ।कमल कहो ठीक है मेरे राजा। मम्मी  शरमा कर कर बोली जी मेरे राजा और अपना मुखड़ा कमल की छाती में छुपा लिया। मम्मी गोद से उठी और चलने लगी  कमल ने गेट खोला और इधर उधर देखर लाइन क्लीयर होने पर मम्मी को बाहर आने का इशारा किया। मम्मी बाहर आ गई और दरवाजा खोल कर घर मे घुस गई। रात को बारह बजे कमल चुपके से घर आ गया । मम्मी लाल जोड़े में नवेली दुल्हन की तैयार थी ।कमल  रात 11 बजे हमारे घर आया और कमल ने घुसते ही मम्मी को दबोच गोद में उठा लिया और चूमते हुए बेडरूम में  ले आ । सेक्स का भयंकर तूफान रात भर चला । मम्मी का अंग अंग कमल की चुदाई से खिल उठा।  कमल ने मौका मिलने पर मम्मी को खूब चोदा यहा तक की एक बार मेरे सामने ही ये समझ कर की ये बच्ची है इसे कुछ नही पता  मम्मी को दबोचकर कमरे मे घुस कर चुदाई की। पापा और मेरे  जाने के बाद कमल अब  मम्मी की खूब चुदाई करता है । मम्मी पर हर वक्त मादकता छाई रहती है ।
Hindi sex stories

मैं आज Hindi sex stories आपको दो आंटी को चोदने की सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं। मैं २५ साल का युवक हूं मुझे चोदने कि बहुत इच्छा थी लेकिन मुझे किसी को चोदने का मौका नहीं मिला था।

मेरी पड़ोस में एक यंग कपल (जोड़ा) रहता था। उनके साथ मेरे घरवालों का अच्छा रिश्ता था। उनके घर मेहेमान आये थे उन दोनो की मां एक साथ आयी थी। दो तीन दिन के बाद मेरे घर वालों ने और उस कपल ने बाहर घुमने प्रोग्राम बनाया, मुझे जरूरी काम था इसलिये मैं जाने वाला नहीं था मैं घर में ही रहने वाला था। उस कपल ने मेरे घर वालो को बोला की मनोज (मेरा नाम)हमारे घर खलेगा क्योंकि उनकी दो मातायें भी जाने वाली नहीं थी। मैं उनकी बातों पर मंजूर हो गया। दूसरे दिन वो सब घूमने के लिये चले गये.

मैं ओफ़िस से वापस आने के बाद फ़्रेश होके टी वी देखता था तब फोन करके मुझे खाने को बुलाया। मैं गया मैं ने बेल बजायी एक आंटी ने दरवाजा खोला मैं घर में गया। मैने घर में जाके उन दोनो को देखा और मैं चकित हो गया वो दोनो बहुत ही खूबसूरत थी कोई सोच भी नहीं सकता कि वो एक ३५ साल के कपल की मातायें थी। उन दोनो ने साड़ी पहन रखी थी उनका ब्लाउज़ को उनके बूब्स पकड़के रखने में तकलीफ़ होती होगी, उनके सुंदर और गठीले बूब्स ब्लाउज़ को तोड़ के बाहर आने को मांगते थे उनके काला बाल किसी नागिन जैसे लगते थे, खूब सूरत नशीली आंखें और गठीला बदन मैं देखता ही रहा। तो उनमे से एक बोली क्या देखते हो बैठो यूं खड़े ही रहोगे क्या तब मैने कहा कि तुम्हे मैं पहले बार देखता हूं और मैं तुम्हे पहचानता नहीं हूं इसलिये तुमको देखता हूं। मेरी आपसे ये पहली मुलाकात है, तो वो बोली हा जी और मैं सोफ़े पर बैठ गया। उन दोनो ने अपना अपना परिचय करवाया, जो लड़के की मां थी उसने अपना नाम विनीता बताया दूसरी ने अपना नाम सरिता बताया। मैने कहा तुम दोनो समधन हो।

वो बोली हां, जी। फिर उन्होने खाने के टेबल पर मुझे बुलाया और हम खाने लगे। लेकिन खाना खाते समय मैं अजीब सा महसूस कर रहा था मैं उन दोनो का विचार ही कर रहा था और मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था वो दोनो मुझे देख के बोली क्या सोचते हो मैं ने कहा कुछ नहीं तो विनीता बोली नहीं तुम कुछ छुपाते हो तब मैने कहा की तुम्हारी उमर वाली स्त्री को हमारे पड़ोसी की उमर का लड़का लड़की कैसे हो सकता है तो वो बोली तुम सही कहते हो, वो दोनो हमारी सौतन के बेटी बेटे हैं हम दोनो उनकी नयी मां है। हम दोनो की अपने अपने पति के साथ दस साल पहले शादी हुई थी और पांच साल के बाद मेरी लड़की की शादी सरिता के लड़के के साथ हुई और उनकी शादी के दो साल बाद हमारे पति गुजर गये हमारी शादी हुई थी तब हमारे पति की उमर ५० साल थी हमारे कोई बच्चे नहीं हैं।

उनकी बातों से मैं समझ गया कि उनकी सेक्स लाइफ़ अच्छी नहीं होगी हम लोगो ने खाना खा लिया उसके बाद उन्होने पूछा कि तुम ड्रिंक्स लोगे, मैने कहा कि नहीं फिर सरिता ने बोला हम तो दारु पीने के आदी हैं हम रोज खाने के बाद पीते हैं मैने कहा मुझे कोई ऐतराज नहीं है फिर उन दोनो ने शराब पी। फिर हम तीनो सोफ़े पर बैठकर टी वी देखते रहे। मैं ने लुंगी पहनी थी मैं सोफ़े के सामने वाली कुर्सी पे बैठा था मेरा लौड़ा खड़ा था मेरी बगल में विनीता बैठी थी। वो मेरे खड़े लौड़े को देख रही थी, उनकी नज़र मेरे लौड़े पर थी मैने उनको लौड़े को देखते देख लिया तो वो शविनीता गयी। मैने उनको पूछा कि क्या देखती हो तो वो कुछ बोली नहीं लेकिन विनीता ने कहा वो तुम्हारी लुंगी देखती है मैने कहा कि लुंगी में देखने जैसा क्या है तो वो बोली तुम्हारी लुंगी हिलती क्यों है? वो देखती है, मैने कहा मुझे पता नहीं तुम मुझे बताओ कि लुंगी क्यों हिलती है तो वो मेरे पास आयी और बोली कि देखो यहां से हिलती है

ऐसा बोल के उसने मेरे लौड़े पर हाथ रख दिया और बोली ये क्या है तो मैं बोला खुद देख लो उन दोनो पर शराब का असर हो चुका था मैं भी, आज उन दोनो को चोदने मिलेगा, इसलिये खुश था तो विनीता ने मेरी लुंगी उठाई और मेरे खड़े लंड को देख कर बोली ये लंड है कि हथौड़ा फिर मैने उनको खींच के अपनी गोद में बिठाया और उनका बलाउज़ मैने खोल दिया हुक भी खोले उनके घांघरे का हिस्सा उसने ऊपर किया और बोली देखो ये लंड का घर है उसको इसमे रखो फिर इतने में विनीता आयी और सरिता को मेरे गोद मैं देख के बोली गोद में क्यों बैठी है पलंग पे ले जा तब मैं ने विनीता को अपनी तरफ़ खींचा और उसका नाड़ा खोल दिया और उनकी पुस्सी को सहलाने लगा अब मेरा एक हाथ में सरिता के बूब्स थे, दूसरे हाथ में विनीता की पुस्सी। उसके बाद हम तीनो बेडरूम में आये मैने उनदोनो को नंगा कर दिया था उन्होने मुझे और वो दोनो मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी फिर मैने विनीता के बूब्स चूसने लगा।

सरिता मेरे लंड को चूसने लगी बाद मैं विनीता ने सरिता को हटा दिया और वो लंड को पीने लगी और मैं विनीता की चूत को चाटने लगा और एक उंगली विनीता की चूत में डाल के हिलाने लगा दोनो मस्त हो चुकी थी फिर विनीता ने मुझको लिटा दिया मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया, मैं जोर से अंदर बाहर करने लगा वो गालियां बोलती रही और वो और मैं एक साथ खल्लास हो गये फिर सरिता और विनीता ने लंड के साथ खेलने लगी मेरा लंड फिर से तैयार हो गया और इस बार सरिता ने लंड को अपनी बुर में ले लिया और मैं अंदर बाहर करने लगा वो भी खुश होकर गालियां बोलने लगी ओर काफ़ी देर के बाद वो भी खल्लास हो गयी उसके बाद सारी रात ये चोदा-चादी चालू रही। Hindi sex stories

Antarvasna

यह एक सच्ची कहानी Antarvasna है। मैं पेंटिंग की क्लास अपने घर पर लेता था, मेरी क्लास में ज्यादातर लड़कियाँ ही सीखने आती थीं।

एक दिन एक नई लड़की प्रवेश लेने आई। वह इतनी सुन्दर थी कि मैं देखता रह गया। छरहरा बदन, औसत ऊँचाई, गोरी-चिट्टी, सेक्सी नाक नक्शा। पहली नजर में मेरे बदन में सनसनाहट पैदा हो गई। उसने अपना नाम रिंकी बताया, क्लास 12 की विद्यार्थी थी, उम्र 18-19 साल होगी।

वह रोज क्लास में आने लगी। कुछ दिन बाद वह अपनी ही क्लास की एक सहेली को ले कर आई। मैं जानबूझकर उसे अपने सामने बैठाता था और उसके रूप को निहारते रहता था। वह झुक कर जब पेंटिंग बनाती थी तब उसकी आधी चूची मैं देखकर पागल हो जाता था। मेरा लंड खड़ा हो जाता था। जब भी उससे नजर मिलती, मैं पैंट के ऊपर से ही अपने खड़े लंड को अपने हाथ से उसे दिखाते हुए दबा देता था।

वह धीरे धीरे मेरी नियत समझ गई, अब वह भी बार बार मुझे देखने लगी, मैं समझ गया कि उसे भी मजा आने लग गया था।

कुछ दिन के बाद मैं उसे अपने बगल में बैठाने लगा। अब उसे ड्राइंग सिखाने के बहाने उसके बदन को छूने लगा। ऐसा करने से उसके बदन में उत्तेजना होने लगती थी और वो कसमसा जाती थी। मैं धीरे धीरे उसकी चुचियों को कपड़ों के ऊपर से ही छूने लगा। ऐसा करने से वह चिंहुक जाती थी।

अब वह जानबूझ कर मुझसे ज्यादा सट कर बैठने लगी। मैं समझ गया कि उसे भी वही चाहिए जो मुझे!

एक दिन मैंने उसके दुपट्टे के अन्दर हाथ डालकर उसकी चूची को जोर से दबा दिया तो वह काँप उठी। अब वह बिना ब्रा पहने आने लगी। जब झुकती थी तो उसकी चुचियों के निप्पल भी दिख जाते थे। अब सबकी नजर बचाकर उसके कुरते के गले में हाथ डालकर उसकी चुचियों को मसल देता था। वह मस्त हो जाती थी। अब वह क्लास में समय से पहले आने लगी और आकर मेरे बगल में चिपक कर बैठ कर मुझसे चुचियों को मसलवाने का मजा लेने लगी।

एक दिन अकेले में मैं उसे अपने हाथों से जकड़कर अपने बदन में समाकर उसके होंठों को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा तो उसने भी कस कर मुझे अपने हाथों से बांध लिया। अब मैं उसके टॉप में हाथ डाल क़र उसकी चुचियों को मसलने लगा। मेरी पैंट से मेरा लंड खड़ा होकर उसके बदन से टकराने लगा। वह मेरे चूतड़ पकड़कर खींचने लगी जिससे मेरा लंड उसकी उसकी बुर से ऊपर से चिपकने लगा।

मैं उसकी चुचियों से हाथ हटाने लगा तो वह मेरा हाथ पकड़ कर बोली- सर, और मसलिये! खूब जोर जोर से मसलिये सर! कुछ कीजिये सर!

मैंने उससे कहा- अभी इतना ही! क्योंकि बाकी लड़कियाँ अब आने वाली हैं, कल स्कूल न जाकर चुपचाप मेरे पास आ जाना! मैं सुबह तुम्हारा इन्तजार करूँगा।

उसने कहा- कैसे आऊँगी सर! रूमा भी मेरे साथ स्कूल जाती है।

रूमा भी मेरे क्लास में ड्राइंग सीखने आती थी। मैंने उससे कहा- वह तो तुम्हारी पक्की दोस्त है। उसे तो कुछ कुछ पता ही होगा तुम्हारे और मेरे सम्बन्ध के बारे में!

रिंकी ने कहा- सर, वह सब जानती है और मुझसे पूछती है कि कैसा लगता है जब सर तुम्हारी चूची मसलते हैं। मैं उसे कहा कि मसलवाओगी तब पता चलेगा कि कितना मजा आता है।

तब मैं रिंकी से बोला- आज थोड़ा मजा उसे भी दे देंगे। उसे आज मेरे दूसरे बगल में बैठने को कहना। मैं उसे भी उत्तेजित कर दूंगा। कल उसे भी अपने साथ ले आना। वह आ भी जायेगी और किसी को बोलेगी भी नहीं!

जब सभी लड़कियाँ आईं तो रिंकी ने रूमा को मेरे दायें बगल में बैठा दिया और खुद बांये बगल बैठ गई। मैं मौका देख कर कपड़े के ऊपर से ही रूमा की चुचियों को दबा देता। वह कसमसा जाती और मुझसे और सटने लगी। रिंकी तिरछी नजरों से सब देख रही थी। जब क्लास ख़त्म हो गई तो मैंने रिंकी और रूमा को किनारे बुलाकर कहा- कल तुम दोनों स्कूल जाने के बहाने मेरे पास चली आना। बहुत अच्छा पेंटिंग सिखाऊँगा।

रिंकी तो पहले से तैयार थी, बोली- मैं आ जाऊँगी पर रूमा आएगी तब न!
मैंने रूमा से पूछा- क्या तुम मेरा कहना नहीं मानोगी?
रूमा ने कहा- ठीक है सर! आ जाऊँगी।
मैंने दोनों को अपनी बाँहों में भरते हुए कहा- ठीक है! मैं इंतजार करूँगा।

दूसरे दिन सही समय पर दोनों आकर मुझे अभिवादन कर मेरे दोनों बगल बैठ गई। मैं दोनों की चुचियों को दबाने लगा दोनों बिना ब्रा पहने ही आई थी। रिंकी तो कहने लगी ‘सर अन्दर हाथ डालकर खूब जोर से दबाइए।

मैं दोनों के टॉप में हाथ डालकर मसलने लगा, उन्हें मजा आने लगा।
मेरा लंड एकदम टाइट होकर खड़ा हो गया। रिकी से नहीं रहा गया, वह अपनी हथेली को मेरे लंड के उभार पर रखकर दबाने लगी।

कुछ देर के बाद मैं रिंकी के टॉप के बटन खोल कर उसकी एक एक कर दोनों चुचियों को निकलकर अपने मुंह में भर कर चूसने लगा। रिंकी सी-सी करने लगी।

फिर मैं उसके टॉप को अलग कर के उसके निप्पल को मसलने लगा साथ साथ दूसरे हाथ से उसके बदन के सभी भाग को सहलाते हुए स्कर्ट के ऊपर से ही उसकी बुर को दबाने लगा, रिंकी चिहुंक कर मुझसे जोर से चिपक गई और एक हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को ऊपर से ही दबाने लगी, बोलने लगी- सर प्लीज कुछ कीजिये, अब नहीं रहा जा रहा है। मैंने कहा- ठीक है! जरा रुको! रूमा को भी कुछ मजा दे दूं!

कह कर मैंने रूमा को आगोश में भर लिया उसके एक-एक अंग से खेलने लगा। फिर उसके कान में कहा- रिंकी बहुत गर्म हो गई है उसे अब चुदवाने का मन कर रहा है। तुम यहीं रुको। पहले उसे पहली चुदाई का मजा दे दूँ। जब मैं उसको चोदूंगा तो तुम दरवाजे पर आकर सब कुछ अपनी आँखों से देखना। देखना कैसे उसकी पहली सील टूटती है।

फिर मैंने रूमा को छोड़ रिंकी को बाँहों में भर कर उसके होठों को कस कर चूमा, फिर उससे कहा- देखो रानी, अब तुम चुदवाने के लिए तैयार हो, लेकिन एक बात बता देता हूँ कि पहली बार मेरे लम्बे और मोटे लंड को तुम्हारी छोटी सी अनचुदी बुर में घुसाने में शुरु में बहुत तकलीफ होगी। तुमको शुरू में तकलीफ बर्दाश्त करनी होगी। लेकिन धीरे धीरे तुमको जन्नत का मजा आने लगेगा।

उसने कहा- बाप रे! इतना लम्बा लंड मेरी बुर में कैसे घुसेगा? जाने दीजिये, फट जाने दीजिये मेरी बुर को। इसने मुझे बहुत तड़पाया है। चलिए मैं तैयार हूँ! जल्दी चोदिये मुझे!

कह कर वह मेरे पैंट की ज़िप खोल कर मेरे लंड को बाहर निकाल कर हाथ से रगड़ने लगी। फिर उचक कर स्कर्ट उठाकर अपनी बुर के ऊपर मेरे सख्त लंड को रगड़ने लगी।
मैंने रूमा को देखा कि वह अपने स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर अपनी बुर से खेल कर रही थी।

अब मैं रिंकी के पेंटी के अन्दर हथेली डाल कर उसकी बुर में उंगली घुसा दिया तो वह आह आह करने लगी, कहने लगी- और अन्दर घुसाइए सर, एक नहीं दो-तीन उंगली डालिए प्लीज! आह सर, बहुत अच्छा लग रहा है। और, और अन्दर डालिए आह सर, अब मुझे जल्दी चोदिये! मुझे असली मजा दीजिये सर! मेरे बुर में पेल दीजिये इस लंड को। हाय, अब नहीं रुक सकती!

कह कर मेरे लंड को मुंह में भरकर होठों और जीभ से चूसने लगी। मैं पलट कर रूमा को देखा तो अपने बुर में उंगली डाल रही थी। मुझे देख कर वह शर्म से अपना मुंह छिपाने लगी।

मैंने अब रिंकी को अपने गोद में उठा कर दूसरे कमरे में लाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसके सारे कपड़े एक एक कर उतार दिए, अब वह सिफ पैंटी में थी। मैं उस पर चढ़ कर उसकी चुचियों को मसलते हुए उसके होंठों को चूसने लगा। फिर उसकी बुर में उंगली डालकर आगे पीछे करता रहा।

अब रिंकी मेरा लंड पकड़ कर रगड़ने लगी। मैंने उठकर 69 के पोजीशन में आकर अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया और मैं अपने जीभ से रिंकी की बुर को चाटने लगा। वह उम्-उम् कर मजा लेने लगी।

कुछ देर बाद वह बोल उठी- सर, अब अपना लंड मेरी बुर में डालिए! सर जल्दी डालिए, आहा अब चोदो सर, चोदो न प्लीज!

अब मैं उठकर बैठ गया तो वह अपनी टांगों को फैला कर बोली- लीजिये डाल दीजिये इसमें अपना लंड!

मैंने अपने लंड की सुपारी उसकी बुर के मुँह पर रख दी तो वह शी-शी करने लगी, मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर के छेद पर ले आई और कहने लगी- जल्दी घुसाओ सर!

मैंने उसकी कमर पकड़ कर हल्का सा धक्का दिया तो मेरा लंड उसकी बुर में नहीं घुसा, उसका बुर इतना टाइट था कि लंड घुस नहीं पा रहा था। मैं उठ कर खड़ा हो गया तो वह मेरा हाथ पकड़कर खीचते हुए बोली- क्या हुआ? चोदो न सर!

मैं बोला- तुम्हारी बुर बहुत कसी हुई है। ऐसे नहीं घुसेगा! थोड़ा तेल लगाना पड़ेगा, मैं तेल लेकर आ रहा हूँ।

मैं कमरे से निकलने लगा तो देखा कि रुमा दरवाजे में खड़ी होकर सब देख रही थी। मैं रुमा की चूची पकड़ का खींचते हुए किचन में ले गया और उसकी बुर में उंगली डाल कर रगड़ने लगा। फिर उससे कहा- तुम रिंकी की पूरी चुदाई दरवाजे से देखती रहना!

मैंने तेल की शीशी उठाकर रुमा की बुर पर हाथ रखते हुए उसे दरवाजा पर खड़ा कर दिया और कमरे में घुसा तो देखा कि रिंकी आँख बंद कर अपनी बुर में उंगली कर रही थी। मैं फिर उसकी टांगें फैलाकर बीच में बैठ गया और तेल निकाल कर उसकी बुर के छेद में डाला और उंगली से तेल उसकी बुर के अन्दर करने लगा, दो उंगली ड़ाल कर उसकी बुर को तेल से चुपड़ दिया।

रिंकी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ कर छटपटाने लगी। फिर मैंने थोड़ा तेल अपने लंड पर लगाकर मालिश कर दिया। मैंने रुमा की ओर देखा तो वह अपनी बुर में उंगली कर रही थी और सबकुछ गौर से देख रही थी। रिंकी को कुछ पता नहीं था कि रुमा देख रही है।

अब मैं अपने लंड को रिंकी की बुर के छेद पर रख कर कमर से एक धक्का दिया तो मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी बुर में फंस चुका था।

रिंकी चिल्लाई- नहीं सर, मत डालिए! बहुत दर्द हो रहा है! छोड़ दीजिये प्लीज! अभी नहीं बाद में! हाय मैं मर गई! निकालिए!’

मैंने उसी हालत में रहते हुए उसे समझाया- थोड़ा दर्द बर्दाश्त करो! बस थोड़ा दर्द सह लो, आखिर कभी भी तो चुदवाओगी ही! और तब भी दर्द करेगा! तो आज ही बर्दाश्त कर लो!’

कह कर उसे खूब प्यार से पुचकारने लगा तो वह मान गई और बोली- ठीक कीजिये जो करना है, पर जरा धीरे-धीरे! नहीं तो मैं मर जाऊँगी, फिर आप किसको चोदेंगे!’

मैंने साहस कर इस बार उसके मुंह पर हाथ कर एक करारा झटका दिया तो मेरा आधा लंड घुस चुका था, रिंकी छटपटाने लगी उसकी आँखों से आंसू निकल पड़े, पर मैं उसे दबोचे रहा और धीरे आधे लंड को आगे-पीछे करने लगा।

धीरे-धीरे उसका छटपटाना बंद हुआ, अब मौका देख कर मैंने एक और जोर का धक्का लगा दिया और पूरा लंड उसकी बुर में घुस चुका था।
रिंकी मुझे धक्का देकर अलग करना चाहती थी पर मैं उसे उसी पोज़ीशन में जकड़े रहा और कहा- बस रानी! अब दर्द नहीं करेगा! अब तुम जन्नत का मजा लोगी! बस मेरा साथ देती रहो’

और मैंने धीरे से थोड़ा सा अपने लंड को पीछे खिंचा और फिर उसी तरह जड़ तक घुसा दिया। तीन चार बार ऐसा किया तो वह आह आह करने लगी। मैं समझ गया कि अब उसे मजा आने लगा है। अब मैं स्पीड बढ़ाने लगा। कुछ देर बाद मैं महसूस किया कि रिंकी भी नीचे से धक्का देने लगी है।

फिर क्या था मैं सटासट, जोर से आगे-पीछे धक्का देने लगा।

अब वह बोलने लगी- हाँ सर, इसी तरह, हाय मेरे राजा कितना अच्छा, हाय घुसाओ जोर जोर से चोदो सर, खूब चोदो सर, फाड़ दो राजा, भरता बना दो मेरी बुर का! हाँ, ऐसे ही चोदो, चोदो, खूब चोदो, आह चोदते रहो सर, मैं आपकी हो गई सर, खूब मजा दे रहे हो, हाय आह-आह आह! मेरे सोना सर कितना अच्छा है.. सर अब मैं तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई। मेरी बुर का चिथड़ा निकाल दो, हाय जोर से, और जोर से, करो, करो हाय, चोदो जोर से चोदो, मारो धक्का, लो मैं भी धक्का देती हूँ चोदो, और जोर से और..जो र से च ओ दो चो दो हाय मैं गई! मैं गई राजा! हाय गई!

और वह झड़ गई।

मैं फिर भी उसे जोर जोर से धक्का लगाकर चोदता रहा। और मैं बोलने लगा- रिंकी रानी कैसा लगा, हाय मजा आया न, मैं बोला था न, जन्नत का सैर करा दूंगा। लो अब मैं भी गया, रानी हाय आ..अ..आ.’

और मेरा सारा वीर्य रिंकी की बुर में झड़ गया। मैं पांच मिनट तक रिंकी की बुर में लंड डाले रहा और उस पर लेटे रहा। फिर उठ कर लंड बाहर कर लिया। मैंने देखा कि रिंकी आँखे बंद कर सुध-बुध खोकर एक नशे में डूबी हुई है।

मैं उसे उसी अवस्था में छोड़कर रूमा, जो दरवाजे पर खड़ी थी, के पास जाकर उसे कस कर चूम लिया और कहा- कैसा लगा चुदाई का खेल?
तो वह शर्म से लाल हो गई।
मैं उसकी चूची पकड़कर क्लास वाले कमरे में ले गया और उसकी बुर में उंगली डाल कर तैयार करने लगा। वह भी मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी, मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा।

मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया और वह उसे लॉलीपॉप जैसा चूसने लगी। इतने में रिंकी उस कमरे में आ गई। रूमा के साथ यह सब करते देख वह गुस्से में लाल हो गई और रूमा को एक चपत लगा कर धकेल दिया और बोली- रूमा तुमको सर के साथ इतना करने की इजाजत मैं नहीं दूंगी। सर सिर्फ मुझे चोदेंगे। सिर्फ मुझे। बस मैं तुम्हें सर से सिर्फ ऊपर तक की ही इजाजत दे सकती हूँ। खबरदार, जो इससे आगे बढ़ी। सर सिर्फ मेरे हैं!’

फिर दोनों ने ठीक से अपना अपना स्कूल ड्रेस पहना और आइने की मदद से बाल वगैरह ठीक किए। रिंकी ने मुझसे जोर से चिपक कर मुझे जबरदस्त चुम्बन दिया और बोली- सर, मैं तो डर गई थी, पर अब पता चला कि आपके लंड को लेकर मैं जन्नत पहुँच गई। मैं अभी भी उसी में खोई हुई हूँ। सर अब जब चाहें मुझे चोद सकते हैं। मैं तो दिन रात आप से चुदवाते रहती! पर मजबूरी है। जाना तो पड़ेगा ही, फिर मिलेगे, फिर चुदाई का खेल खेलेंगे। मुझे तो लग रहा है कि मैं आपके लंड को अपनी बुर में रख कर के ले जा रही हूँ, हाय सर, है आपका लंड!

कह कर जाते मेरे लंड पर किस कर ली और ‘बाई सर, बाई आपका लंड!’ कहते हुए मेरे लंड को मसल कर मुझे फिर किस देकर चली गई। Antarvasna

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