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Massage Girl in Jalna: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Jalna who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Jalna that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Jalna massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Jalna who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Jalna massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Jalna massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Jalna who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Jalna employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Jalna helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Jalna

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Jalna at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और मेरी उम्र 25 साल है और ये कहानी है मेरी बहन और मेरे मुस्लिम दोस्त के बीच हुई चुदाई की। मेरी बहन का नाम हिमानी है और उसकी उम्र 21 साल है। उसका फिगर 32 28 34 है। उसको देखते ही अच्छे अच्छों के लन्ड टाइट हो जाते है। हिमानी और में हम दोनों जयपुर में अलग अलग PG में रहते हैं, वो गर्ल्स PG ओर में बॉयज PG में रहता हूं। हिमानी अपनी CA की पढ़ाई कर रही हैं और में अपनी नौकरी। मेरे साथ मेरा रूम मैट रहता है, जिसका नाम फैजान है। उसकी उम्र 28 साल की है और वो बहुत स्मार्ट और हैंडसम दिखता हैं। उसकी सावले कलर की सिक्स पैक बॉडी देख कर कोई भी लड़की पिघल जाएगी। तो दोस्तो कहानी शुरू करते हैं, एक दिन मैने अपनी बहन के साथ इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर की जिसमें उसने लहंगा पहना हुआ था। वो फोटो देख कर फैजान पागल हो गया। हम दोनों वैसे भी आपस मे सेक्सी बाते आराम से कर लिया करते थे और वो हमेशा मुझे चिढ़ाता था, क्योंकि में दुबला पतला हु। वो मुझे छोटी लुल्ली वाला बोलता था और पता नहीं क्यों अन्दर से मुझे भी अच्छा लगता था। उसे पता था में उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता हु। वो फोटो देख कर फैजान ने बोला कि तेरी बहन तो बहुत सुंदर है। मैने हा बोला तो फैजान बोला कि उसका कोई बॉयफ्रेंड है क्या। मैने बोला नहीं है तो वो बोला कि तेरी बहन कहा रहती हैं, मैने बोला कि इसी शहर में हॉस्टल में रहती है। ये सुन के वो बोला हॉस्टल में रहती है फिर तो पक्का बॉयफ्रेंड होगा और वो बहुत मज़े करती होगी। मुझे बुरा लगा पर मैं उसका कुछ नहीं कर सकता। फैजान बोला नाराज मत हो, हर लड़की की चुदाई होती है, तेरी बहन की भी हुई होगी। मैने बोला वो ऐसी नहीं है। इस पर फैजान बोला कि शर्त लगा ले मुझसे तेरी बहन को सेट करके में उसकी चुदाई कर दुगा। मैने भी गुस्से में बोला ठीक है लगी शर्त, ओर दोस्तो यही मेरी गलती थी। फैजान ने बोला बस तु थोड़ी मदद कर फिर देख तेरी बहन कैसे एक मुस्लिम मर्द की रण्डी बनती है और रोज रोज चुदाई करती हैं। मैने बोला कैसी मदद चाहिए, क्योंकि दोस्तो इस प्वाइंट तक मेरे मन में भी हवस चढ़ गई थी। फैजान बोला उसकी ID दे ओर एक बार उससे मिलवा दें बस। मैने फैजान को ID दी और बोला कि में शाम को उससे कैफे में मिलने जा रहा हु, वहां पर तुम भी अचानक आ जाना और हमसे मिल लेना। उसे भी यह ठीक लगा। दोस्तो मुझे अपनी बहन पर पूरा भरोसा था लेकिन फैजान का कॉन्फिडेंस देख कर मुझे डर लग रहा था और में शाम का इंतेज़ार करने लगा। शाम को जब में हिमानी से मिलने गया तो उसने छोटी सी शॉर्ट्स और क्रॉप टॉप पहना था और वो बहुत सेक्सी लग रही थी, सब लोग उसको ही देख रहे थे। उसको भी यह सब अच्छा लगता है। हम लोग बात कर रहे थे तभी वहा प्लान के मुताबिक फैजान आ गया और वो भी बहुत स्मार्ट लग रहा था। उसने मुझे ओर मेरी बहन को हेलो बोला, हिमानी भी उसको देखे जा रही थी। वो हिमानी के पास खड़ा था और उससे मजाक मस्ती कर रहा था। दोस्तो फैजान काफी एक्स्ट्रोवर्ट किस्म का आदमी है तो मेरी बहन को भी वह भा रहा था। हिमानी उसके पास खड़ी छोटी सी बच्ची लग रही थी। फिर में बिल पे करने गया जहां मुझे थोड़ा टाइम लग गया तब तक वो दोनों काफी खुल गए आपस मे। फिर में ओर फैजान अपने रूम पर आ गए और हिमानी अपने हॉस्टल चली गई। रूम पर आते ही फैजान बोला ये रण्डी तो बहुत आसानी से चूद जाएगी, देखा नहीं कैसे हस हस कर बाते कर रही थी। मैने बोला उसका नेचर फ्रैंडली है। फैजान बोला की कुछ भी बोल बहुत तगड़ा माल है तेरी बहन, इसकी लेने में बहुत मजा आएगा। इसको तो ऐसा चोदूंगा कि हमेशा मेरे लन्ड के लिए भीख मांगेगी। इसकी चूत की गर्मी शांत करना तुम लुल्ली वालों के बस की बात नहीं है। में शर्म के मारे सब सुन रहा था क्योंकी कर तो कुछ सकता नहीं में। मैने उससे आगे का प्लान पूछा तो वो बोला अब वह उसको इंस्टाग्राम पर रिक्वेस्ट भेजेगा। उसने रिक्वेस्ट भेजी और 5 मिनट में हिमानी ने वो एक्सेप्ट कर ली। फैजान ने उसको मैसेज किया और हिमानी भी उसको रिप्लाई करने लगी। थोड़ी नॉर्मल बाते करने के बाद फैजान ने बोला कि आज कैफे मे तुम बहुत हॉट लग रही थी। तो हिमानी ने बोला थैंक्यू। अब तक हिमानी उससे मेरा दोस्त की वजह से बात कर रही थी। अगले दिन फिर फैजान ने उसको मैसेज किया और उसकी तारीफ करने लगा। उसने हिमानी को ये बोला कि अपने बीच की बात वो मुझसे ना बोले तो हिमानी ने भी हा बोल दिया। अब दोनों के बीच दोस्ती बढ़ गई थी, एक दिन फैजान ने अपनी शर्टलेस फोटो स्टोरी पर लगाई तो मेरी बहन ने उस पर फायर इमोजी शेयर किया। अब उसके मन में भी फैजान के लिए कुछ था। फैजान को लगा आज चांस अच्छा है इस चैट को सेक्सी मोड पर ले जाने का। उसने हिमानी को पूछा पिक कैसी लगी, तो हिमानी ने भी तारीफ की। फैजान बोला कि आपके जितना हॉट नहीं हु में, तुमको देख कर तो मन करता है कि....... और वो रुक गया और बस इतना ही मैसेज भेज दिया। हिमानी बोली बताओ क्या मन करता है, तो फैजान बोला रहने दो तुम नाराज हो जाओगी। हिमानी बोली बताओ न, में नाराज नहीं होंगी। अब हिमानी भी जानना चाहती थी, तो फैजान बोलता है कि तुमको देख कर मन करता है कि तुम्हारी पतली कमर पकड़ कर अपने पास खींच लू और जोर से तुमको किस करता रहु। हिमानी ने इस पर किस वाला इमोजी भेजा, तो फैजान खुश हो गया कि चिड़िया जाल में फंस गई है। फैजान ने पूछा मेरी पिक देख कर तुम्हारा क्या मन करता है, तो हिमानी बोली कुछ नहीं। फैजान बोला झूठ मत बोलो, कुछ तो करता होगा, मैने भी तुमको बताया अब तुम्हारी बारी। इस पर हिमानी बोली कि आपकी गर्लफ्रेंड बहुत खुशकिस्मत होगी क्योंकि उसको आप जैसा स्मार्ट बॉयफ्रेंड मिलेगा। फैजान बोला ऐसा क्यूं तो हिमानी बोली आप बिल्कुल मर्द जैसे लगते हो, आजकल के लड़कों जैसे नहीं, फैजान बोला और बताओ। हिमानी बोली आपकी आपकी चेस्ट देख कर उसको हग करने का मन करता है और उसको किस करने का मन करता है। फैजान बोला तो रोका किसने है, तुम जब चाहो मुझे हग ओर किस कर सकती हो। फैजान आगे बोला कि हिमानी मुझे तुम बहुत अच्छी लगती, क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी, में तुमको बहुत खुश रखूंगा और गुमाने ले जाऊंगा। हिमानी भी चाहती थी पर उसने बोला आप रोहित भैया के दोस्त हो, उनको पता चला तो वो नाराज होगे। फैजान बोला रोहित को पता नहीं चलेगा तुम हा तो बोलो। हिमानी तो यही चाहती थीं क्योंकि उसकी सहेलियों में किसी का बॉयफ्रेंड इतना तगड़ा नहीं था। हिमानी ने हा बोल दिया, और में शर्त हार गया। फैजान बोला अब तेरी बहन रण्डी बनेगी मेरी। उसको इतना चोदूंगा कि याद रखेगी। मैने बोला मुझे चुदाई देखनी है तो फैजान हस कर बोला बिल्कुल साले साहब, अपने दोस्त सलीम के फ्लैट पर ले जाकर उसको चोदूंगा, तू भी वहीं आ जाना और छुप कर देखना। दोस्तो सलीम फैजान का दोस्त है और उसकी उम्र 36 साल की है, उसका अपना फ्लैट है, हम लोग वहां जाकर अक्सर पार्टी करते थे। सलीम एकदम सांड की तरह दिखता हैं। उसकी बॉडी बहुत तगड़ी है और बहुत पावर है उसमें। मैने फैजान को बोला सलीम के फ्लैट पर मत जाओ उसको पता चलेगा कि तुम मेरी बहन को चोद रहे हो तो मुझ पर हंसेगा। मेरी क्या इज्जत रह जाएगी। फैजान बोला तेरी तो वैसे भी कोई इज्ज़त नहीं है, वो तो मेरा रूममेट है इसलिए तुझको साथ रखता हूं। और हा सलीम भाईजान को इस बारे मे पता है कि में तेरी बहन को चोदने वाला हु। पहले में हिमानी को चोदूंगा और थोड़े दिन बाद जब वो पूरी तरह मेरी रांड़ बन जाएगी फिर सलीम भाईजान भी उसको चोदेंगे। मैने बोला प्लीज ऐसा मत करो उसकी जान निकल जाएगी तो फैजान बोला कुछ नहीं होगा तू बस देखता जा। फैजान बोला जब तेरी बहन को चोदूंगा तो सलीम भाई भी तेरे साथ बैठकर बाजू के रूम से सब देखेंगे और तू उनका अच्छे से ख्याल रखेगा। मैने बोला मतलब क्या करना होगा मुझे, तो फैजान बोला कि तू सलीम भाईजान का लन्ड हिलाएगा ओर चूसेगा भी, जो वो बोलेंगे वो तू करेगा। मैने माना किया तो फैजान बोला नहीं करेगा तो तू अपनी बहन की चुदाई नही देख पाएगा। मुझे मन मार कर हा बोलना पड़ा। अब इंतेज़ार था जब मेरी बहन उसके साथ चुदाई के लिए मान जाए। यह पॉसिबल तो था पर इतना जल्दी नहीं। दोस्तो हिमानी और फैजान अब रोज साथ में घूमते और आपस में किस करते पर हिमानी ने अब तक उसको इससे आगे नहीं बढ़ने दिया। हालांकि हिमानी का भी पूरा मन था। एक दिन फैजान रूम में आया और बोला कि तेरी बहन साली रण्डी बहुत नाटक करती हैं, चुम्मा करने में कोई दिक्कत नहीं पर थोड़ा आगे बढ़ो तो नाराज हो जाती। मैने हस कर बोला देखा इतना आसान नहीं मेरी बहन को चोदना। फैजान गुस्से में बोला अब देख तू में क्या करता हु। संडे को फैजान हिमानी को स्विमिंग पूल ले गया। उसने पहले ही हिमानी को छोटी ड्रेस साथ लाने को कहा। हिमानी को तैरना नहीं आता, उसको पानी में जाने से डर लग रहा था साथ ही जो ड्रेस वो लाई थी वो काफी शॉर्ट थी, उसमें बस एक ब्रा साइज का टॉप और बहुत छोटा शॉर्ट बॉक्सर था। उसका क्लीवेज और गांड़ का शेप बहुत उभर कर बाहर आ रहा था। ये ड्रेस फैजान ने ही उसको दिलाई थी। में वहीं छुप कर सब देख रहा था। हिमानी को बहुत शर्म आ रही थी पूल में जाने से क्योंकि सब लोग उसको ही देख रहे थे। फिर फैजान ने अपनी टीशर्ट उतारी और हिमानी उसको देखती रह गई। फैजान बहुत हैंडसम लग रहा था। उसने हिमानी का हाथ पकड़ कर उसको पानी में गिरा दिया और खुद भी कूद गया। हिमानी उसको पकड़ कर पानी में खड़ी थी। फैजान ने उसको शांत किया, फिर हिमानी फैजान की चेस्ट पर हाथ रख कर खड़ी थी और फैजान ने हिमानी की कमर पकड़ी हुई थी, हिमानी शर्मा रही थी पर उसको भी मज़ा आ रहा था। धीरे धीरे वो हिमानी के बदन पर हाथ गुमा रहा था और हमनी मदहोश होने लगी थी। दोनो म्यूजिक पर डांस कर रहे थे और फैजान ने हिमाजी की गांड़ पर हाथ रखा। हिमानी ने उसका हाथ हटा दिया। फैजान ने फिर उसकी गांड़ पर हाथ लगाया और इस बार थोड़ा दबा दिया, हिमानी ने कुछ नहीं कहा और बस हल्की सी सिसकारी भरी। फैजान को लक्ष्य हासिल होता दिखने लगा। हिमानी भी उसकी पीठ पर नाखून गुमाने लगी। थोड़ी देर बाद फैजान बोला जान कही और चले आज में तुमको अपना बनाना चाहता हूं। हिमानी समझ गई क्या होने वाला है , वह भी यही चाहती थी। उसने पूछा कहा जाएंगे तो फैजान बोला कि एक दोस्त का फ्लैट है, वहा कोई नहीं आता और बिल्कुल सेफ जगह है। हिमानी बोली पक्का कुछ दिक्कत तो नहीं होगी, मैने पहले कभी कुछ नहीं किया, तो फैजान मन ही मन खुश हुआ और बोला बेबी डरो मत में हु न। मेरे होते हुए तुम्हे कुछ हो सकता है क्या। हिमानी मान गई और बोली, जल्दी चलो यहां से। फैजान ने मुझे फ्लैट पर जाने का इशारा किया और सलीम को कॉल करके बोल दिया कि वह उसके फ्लैट पर आ रहा है। सलीम भाईजान ने रूम खाली किया और पास वाले रूम में चले गए ताकि किसी को पता न चले। में भी फैजान से पहले पहुंच कर सलीम के साथ पास वाले रूम में चला गया। अब मेरे मन में हिमानी को चुदाते देखने की उत्सुकता भी थी और सलीम का लन्ड चूसने का डर भी। सलीम बोला तेरी को चोदने में मुझे टाइम लगेगा तब तक तू मुझे खुश करेगा साले। मैने डर के मारे हा बोल दिया। तभी गेट खुला और हिमानी और फैजान दोनों अंदर आए, दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डाला हुआ था। अंदर आए ही दोनों एक दूसरे को जम कर किस करने लगे। ये देख कर मेरा लन्ड टाइट हो गया और सलीम मुझे देख कर हंसने लगा। में शर्म के मारे झुक गया। हिमानी को देख कर लग रहा था कि चूदने के लिए तैयार हैं वो कबसे। हिमानी ने फैजान को बोला बेबी आज मुझे अपना बना लो, अब और नहीं सहा जाता। जब भी तुमको हग करती हु तो मन करता है बस खा जाऊ तुमको। फैजान बोला जानू आज तुम्हारी सारी इच्छा पूरी कर दुगा। आज तुम कली से फुल बनने वाली हो, लड़की से औरत बनने वाली हो। हिमानी उसके आगोश मे समा गई। फैजान ने गोद में उठा लिया और कमरे में लाकर बिस्तर पर पटक दिया। में ओर सलीम रूम की दीवार के छेद से सब कुछ साफ साफ देख रहे थे पर वो दोनों हमको नहीं देख सकते थे। सलीम बिस्तर पर लेट गया और अपना लन्ड निकाल कर हिलाने लगा। में उसका लन्ड देख कर पागल हो गया, कम से कम 7 इंच का लन्ड तो सोया हुआ था, जब वो खड़ा हुआ तो 9-10 इंच का हो गया बिल्कुल कटा हुआ लन्ड सलामी दे रहा था। मेरा लन्ड खड़े हुए भी उसके सोए हुए लन्ड का आधा था। वो मुझे देख कर हंसने लगा और बोल कपड़े उतार कर बिस्तर पर आजा। में बोला में कपड़े क्यों उतारू तो सलीम गुस्से से मुझे देखने लगा। मैने जल्दी से कपड़े उतारे और बिस्तर पर उसके पास लेट गया। दोस्तो फैजान ओर हिमानी रूम में जाते ही लिपट कर चूमने लगे एक दूसरे को जैसे खा जाएंगे, फिर फैजान ने हिमानी की टीशर्ट उतारी और ब्रा के ऊपर से उसके मम्मे दबाने लगा। फिर फैजान ने अपनी टीशर्ट और जींस उतारी और बस अंडर वेयर में आ गया। उसका खड़ा लन्ड चड्डी के अंदर से दिख रहा वो भी कम से कम 8 इंच का होगा। फिर वो नीचे लेट गया और मेरी फूल जैसी बहन को अपने ऊपर लिटा कर उसको चूमने लगा, मेरी बहन भी पूरे मन से उसकी चेस्ट पर काटने लगी और फैजान हल्की हल्की सिसकारी लेने लगा। फिर हिमानी ने अपनी शॉर्ट बॉक्सर को भी उतार दिया और बस ब्रा और पेंटी में आ गई। वो बहुत सेक्सी लग रही थी, एक बार तो मुर्दे का लन्ड भी खड़ा कर दे। फिर फैजान हिमानी को बिस्तर पर पटकता हैं और उसके मम्मो को ब्रा से आजाद करता है। फैजान जोर जोर से हिमानी के बूब्स दबा रहा होता है और हिमानी सिसकारियां ले रही होती है। अब बारी हिमानी की पेंटी उतारने की थी। फैजान ने बिना देर किये हिमानी की पेंटी भी खींच कर फाड़ दी और उसकी क्लीन शेव चूत देख कर फैजान खुश हो गया। इधर सलीम ने भी जब हिमानी की चूत देखी तो वो भी पागल हो गया और मेरा सर अपने लन्ड पर दबाने लगा। मुझे मजबूरन उसका लन्ड चूसना पड़ा। वो जोर जोर से सिसकारियां लेने लगा और बोलने लगा, एक दिन तेरी रण्डी बहन भी ऐसे ही मेरा मूसल चूसोगी ओर तू देखता रहेगा मादरचोद। अब फैजान ने अपना मुंह हिमानी की नरम चूत पर लगाया और हिमानी जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी और उसका मुंह अपनी चूत पर दबाने लगी। थोड़ी ही देर में एक जोरदार सिसकारी से उसने अपना सारा पानी फैजान के मुंह पर निकाल दिया, कुछ उसने पी ली और कुछ बिस्तर पर गिर गया। हिमानी के चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ झलक रहे थे। अब दोनों आपस मे किस करने लगे। उनको देख कर लग रहा था जैसे एक ही जिस्म हो। अब फैजान ने अपना लन्ड हिमानी के सामने किया, हिमानी ने मना किया, लेकिन थोड़ा जोर देने के बाद उसने फैजान का लन्ड मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी। फैजान को बहुत मजा आ रहा था और इधर में भी सलीम का लन्ड मुंह में ले रहा था। थोड़ी देर बाद फैजान ने हिमानी को बिस्तर के कोने पर लिटाया और उसकी गांड़ के नीचे तकिया रखा ओर हिमानी को एक किस किया। उसने हिमानी को बोला अब तुम्हारी प्यारी हिन्दू चूत फटने वाली है, थोड़ा दर्द होगा फिर जन्नत का मजा लोगी तुम। हिमानी को डर लग रहा था, फैजान अपना लन्ड हिमानी की चूत पर रगड़ रहा था, हिमानी से भी अब रहा नहीं जा रहा था, फैजान ने देख लिया और एक झटके में अपने लन्ड का टोपा हिमानी की चूत में घुसा दिया। हिमानी बहुत जोर से चीखी और लन्ड बाहर निकलने के लिए बोलने लगी। लेकिन फैजान मन बना चुका था, वो 2 मिनट रुका और उसको किस करने लगा, उसके बाद फैजान ने मौका देख कर एक और अकस्मात झटके से अपना पूरा लन्ड हिमानी की चूत में घुसा दिया। हिमानी जोर जोर से रोने लगी और लन्ड बाहर निकालने की भीख मांगने लगी। फैजान बोला जान जितना दर्द होना था, वो हो गया, अब यहां से सिर्फ मज़े ही मज़े है। उसने थोड़ी देर रुकना ठीक समझा और इस दौरान वो हिमानी को सहलाने लगा। इधर सलीम मुझे बोला, बधाई हो तुम्हारी बहन की सील टूट गई। मुझे लगा नहीं था कि ये रण्डी सील पैक माल होगी। साली बहुत मक्खन है। में भी मन ही मन खुश हो रहा था। अब हिमानी का दर्द कम होने लगा और फैजान भी हल्के हल्के झटके देने लगा। अब हिमानी को भी मज़ा आ रहा था, वो भी उचक उचक कर चूदवा रही थी। ये देख कर सलीम बोला देख तेरी बहन कैसे रण्डी की तरह चूद रही है। में भी जोश में आकर सलीम का लन्ड जोर जोर से चूसने लगा, पर उसका है कि पानी निकलने का नाम ही नहीं लेता। थोड़ी देर बाद फैजान ने हिमानी को घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चूत मारने लगा, दोनों चरम सुख प्राप्त करने के मोड पर आ गए थे। पहले हिमानी जड़ गई और 2-3 झटकों के बाद फैजान भी जड़ गया। दोनो एक दूसरे से लिपट कर किस करने लगे और फैजान हिमानी के बूब्स दबा रहा था। हिमानी की चूत फुल गई थी, और वो बहुत थक गई थी। फैजान ने उसको यही सोने का बोल दिया। हिमानी कंबल ओढ़ कर सो गई और फैजान हमारे कमरे में आ गया। में फैजान से नजरे नहीं मिला पा रहा था। वो मुझसे बोला, देखा तेरी रण्डी बहन को कैसे चोदा मैने। इस पर सलीम बोला पर मेरा पानी नहीं निकला अभी तक। फैजान ने मेरा मुंह पकड़ कर सलीम के लन्ड पर दबा दिया और सलीम मेरे मुंह में जोर जोर से झटके देने लगा। में चाह कर भी अपने आप को छुड़ा नहीं पाया और 2 मिनट बाद सलीम ने अपना सारा पानी मेरे मुंह में निकाल लिया। मुझे मजबूरन सब पीना पड़ा। दोनो लोग हंसने लगे। तो दोस्तो ये थी मेरी बहन की मूसल से चुदाने की सच्ची कहानी। इसके आगे क्या हुआ वो अगले पार्ट में बताऊंगा कैसे हिमानी की रेगुलर चुदाई होने लगी और कैसे सलीम ने उसको चोदा और उसके सामने मुझे लन्ड चुसाया। अपना फीडबैक मुझे जरूर मेरी मैल ID पर दे। तभी कहानी का अगला पार्ट अपलोड करुंगा। मेल ID jainhimangi306@gmail.com।
Hindi Porn Stories

हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम अमन Hindi Porn Stories है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। मैं शादीशुदा आदमी हूँ। मेरी उमर ३० साल की हैं, २ बच्चे हैं। बच्चे होने के बाद से ही मेरी बीवी की सेक्स में दिलचस्पी कम हो गई थी, इस लिये मुझे बाहर लड़कियों से दोस्ती करनी पड़ी। २ साल पहले तक मेरा सिर्फ मेरी बीवी के साथ ही शारीरिक संबंध था लेकिन अब मेरी एक गर्लफ्रेंड भी बन गई है।

यह एक सच्ची कहानी है। इस कहानी को अमनित करने की पीछे मेरा इरादा उन महिलाओं को सावधान करना हैं जो अपने पति को बच्चे होने के बाद वो सुख नहीं दी पाती और वो लोग अपने जरूरतों के लिये दूसरे रास्ते अपनाने को मजबूर हो जाते हैं। मैं भी उन्हीं में से एक हूँ।

एक बार मैं ६ बजे शाम को अपने ऑफिस से अपनी कार मैं घर आ रहा था, तभी एक लड़की ने मुझे लिफ्ट के लिए हाथ दिया। वो काफी सुंदर थी, ३४-२४-३४ उसका साइज़ होगा, कद भी पांच फ़ुट सात इंच होगा, काफी आकर्षक थी। मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उसको लिफ्ट दे दी।

उसने अपना नाम पूजा बताया। वो भी गुड़गांव के एक कॉल सेण्टर में जॉब करती थी। बातों ही बातों में हम बहुत घुल मिल गए। ऐसा लगता था जैसे हमारी बहुत पुरानी दोस्ती हो ! उसने मुझे बताया कि उसका उसके पति से तलाक हो चुका हैं और वो अब अकेली ही रहती है। उसका एक बच्चा भी है जो बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता है।

मैंने उससे कहा- मेरा और उसका ऑफिस टाइम एक ही है तो क्यों न वो मेरे साथ ही मेरी कार में चला करे। बस में बहुत भीड़ होती है।

उसने भी मुझे हाँ कह दिया। अब हम दोनों एक साथ ही आने जाने लगे, कभी अगर मैं लेट होता तो उसको फ़ोन कर देता, वो लेट होती तो मुझे फ़ोन कर देती।

एक दिन बारिश हो रही थी, वो रास्ते में मेरा इन्तजार कर रही थी, वो पूरी भीगी हुई थी। जैसे ही मैंने उसको देखा- मुझे एकदम करंट सा लग गया। वो बहुत ही सुंदर लग रही थी और शायद उसने भी मेरी नजरों को समझ लिया। वो कार में आ गई। वो बहुत घबराई सी लग रही थी, मेरी भी हालत ख़राब होती जा रही थी मेरा मन कर रहा था कि उसको पकड़ कर जोरदार किस कर लूँ लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी। मैं चुपचाप कार चलाने लगा। १० मिनट तक हम चुपचाप बैठे रहे, फिर वो बोली- क्या बात है, आप इतने चुप क्यों हो आज?

मैंने कहा- ऐसा तो कुछ नहीं, सब ठीक है। आज आप कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही हो ! इसलिये मेरी बोलती बंद हो गई !

और वो भी हस पड़ी, बोली- अच्छा ! इसका मतलब मैं और दिन सेक्सी नहीं लगती ?

मैंने गाड़ी रोक दी और उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर कहा- मैंने तुम्हारी जैसी सेक्सी लड़की कभी नहीं देखी !

उसकी सांसें बहुत तेज हो गई थी, वो एकदम मेरे से लिपट गई और किस करने लगी। मैंने भी रास्ते के बीच में ही उसको किस करना शुरू कर दिया। वो भी एकदम हॉट हो गई थी। तभी पीछे गाड़ियों का जाम लग गया और उनके हॉर्न की आवाज से हम दोनों एकदम अलग हो गए। मैंने गाड़ी साइड में लगा ली। बारिश और काले शीशे होने की वजह से किसी को दिखाई नहीं दे रहा था कि अंदर क्या हो रहा है।

हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। मैंने उसको टॉप उतार दिया और उसके स्तन चूसने लगा। वो भी मस्त हो कर मुझे अपने वक्ष की तरफ़ दबाने लगी। मैंने सीट सपाट कर दी और वो उस पर लेट गई। मैंने उसकी जींस भी उतार दी, गुलाबी चड्डी भी उतार दी।

मैं भी बिलकुल नंगा हो गया और उसको चूमने लगा। तभी वो बोली- कंडोम हैं?

मैंने कहा- यार ! मैं गाडी में कंडोम सेल तो नहीं करता !

तो बोली- फिर कुछ नहीं करेंगे !

मैंने कहा- रुको ! मैं अभी खरीद कर लाता हूँ !

मैंने कपड़े पहने और थोड़ी दूर पर ही एक मेडिकल स्टोर था, मैं वहाँ से एक पैकेट कंडोम लेकर आया। मेरे कपड़े भी भीग गए थे और मैंने कपड़े उतारे और उसको फिर चूमने लगा। मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली करनी शुरू कर दी। वो भी एकदम गीली हो गई और पूरा मजा देने लगी और बोली- प्लीज़ ! मुझसे रुका नहीं जा रहा ! आप अंदर डाल दो !

मैंने भी ज्यादा देर करना उचित नहीं समझा और कंडोम लगा कर अपना लोड़ा उसकी गरम गरम चूत के अंदर डाल दिया और उसको जमकर चोदने लगा। वो भी चूतड़ उठा उठा कर चुदने लगी।

लगभग २० मिनट तक चोदने कई बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

उस दिन के बाद हमने कई बार सेक्स किया। ओरल सेक्स भी किया। मैंने उसकी गांड भी मारी।

अब हम दोनों एक दूसरे की यौन-आकांशाओं को पूरा करते हैं और मस्त होकर अपनी जवानी का मजा ले रहे हैं।

यह एकदम सच्ची आपबीती है जो मैंने आज आपको बताई है।

अगर पाठक अपने कोई विचार मुझे ई-मेल करना चाहें तो कर सकते हैं। मैं आपकी मेल का जवाब भी दूंगा !

मेरा ईमेल है Hindi Porn Stories

हाय दोस्तो! सभी पाठको को रश्मि का नमस्कार! Antarvasna

तीन महीने से भी ज्यादा से Antarvasna अन्तर्वासना की कहानियों की नियमित पाठक हूँ मैं! अब जाकर मुझमे भी एक जोश आया है कि अपनी कहानी आप सभी के साथ बाँट सकूँ!

यह कहानी मेरे पहले सेक्स की है जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में थी! मेरे स्कूल में को-एजुकेशन थी यानि की लड़के और लड़कियां साथ में पढ़ते थे! घर से स्कूल लगभग दो किलोमीटर दूर था, कभी पापा स्कूल छोड़ आया करते थे कभी मैं खुद पैदल में चली जाया करती थी!

ओह्ह्ह्ह सॉरी आप बोर हो रहे होंगे, सो मुद्दे पे आती हूँ!

एक दिन मैं साइकिल से स्कूल जा रही थी। उस दिन सुबह से हल्की हल्की बारिश हो रही थी। एक मन था कि स्कूल न जाऊँ पर फिर भी मैं चली गई! रास्ते में कीचड़ था। तभी एक रिक्शे वाले ने जानबूझकर मेरी साइकिल में साइड मार दी, जिससे मैं नीचे गिर पड़ी और मेरे सारे कपड़े कीचड़ से गंदे हो गए! तभी विकास ने उस रिक्शे वाले को भाग कर पकड़ लिया!

विकास मेरी क्लास में था और मेरी अच्छी दोस्ती थी उससे! पर मैंने उस तरफ ध्यान नहीं दिया क्योंकि मेरे सारे कपड़े गंदे हो चुके थे और कोहनी भी थोड़ी छिल गई थी। मेरी आँखों से आंसू टपक पड़े! मुझे अपने आप पर बड़ी कोफ़्त हुई कि इससे तो स्कूल ना में आती तो अच्छा होता!

तब तक विकास रिक्शे वाले को मरता हुआ मेरे पास ले आया। वो लगातार उस रिक्शे वाले को मार रहा था और गन्दी गन्दी गालियां दे रहा था! विकास का घर सामने वाली गली में में था इसलिए वो और रोब झाड़ रहा था!

विकास ने रिक्शे वाले के कॉलर को झटका दिया और बोला- भोसड़ी के! तुझे इतनी बड़ी साइकिल नहीं दिखी, साले गांडू!!!!!

रिक्शा वाला हाथ जोड़ कर बोला- भाईसाब! गलती हो गई माफ़ कर दो!

तब तक काफी भीड़ इकठ्ठा हो चुकी थी।

विकास बोला- साले, मुझसे क्या माफ़ी मांगता है मादरचोद … इन से माफ़ी मांग!
विकास का इशारा मेरी तरफ था.

मुझे गुस्सा तो बहुत आ रही थी पर भीड़ के सामने अच्छा भी नहीं लग रहा था!

तब मैंने विकास को बोला कि रिक्शे वाले को जाने दे!

पर विकास ने दो और थप्पड़ जड़कर ही रिक्शे वाले को जाने दिया!

और विकास मेरे पास आकर बोला- अरे रश्मि, तुम्हारे तो सारे कपड़े गंदे हो गए! अब स्कूल कैसे जाओगी??
“नहीं! अब स्कूल नहीं जाउंगी, वापस घर जाऊँगी!” मैंने जबाब दिया!

इन कपड़ो में वापस घर? नहीं नहीं! चलो, मेरे घर चलो वहां आराम से कपडे साफ़ कर लेना! विकास ने मेरी साइकिल को उठाते हुए कहा!

मैंने कुछ सोच कर कहा- चलो, यही ठीक रहेगा! पर तुम भी तो स्कूल के लिए लेट हो जाओगे?
“अरे! आज स्कूल में क्या घंटा करेंगे जाकर? बारिश में तो मैडम भी नहीं आती पढ़ाने!” वो हँसता हुआ बोला!
और मेरे साथ चल पड़ा मेरी साइकिल लेकर पैदल पैदल!

उसका घर सामने ही था! अपने घर के सामने साइकिल स्टैंड पर लगा कर विकास घर का ताला खोलने लगा!
“विकास, क्या घर पर कोई नहीं है तुम्हारे?” मैंने पूछा.
विकास- नहीं!
“क्यों? अंकल आंटी कहाँ गए हैं?” मैंने फिर सवाल किया!
विकास- अरे मम्मी, पापा तो ऑफिस चले जाते हैं ना! और नेहा दीदी अपने कॉलेज गई हैं!
“ओके!” मैं हल्के से सब बात समझने के अंदाज़ में बोली!

विकास की मम्मी, पापा सरकारी बैंक के कर्मचारी थे! और नेहा उसकी बड़ी बहन थी जो कॉलेज में थी! उस समय घर में मेरे और विकास के अलावा कोई नहीं था! मुझे इसमें कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि विकास मेरा अच्छा दोस्त था और मेरी में उम्र का था।

विकास सीधे बाथरूम में गया और नल खोल के देखा, नल में पानी नहीं था!
“ओह शिट्! आज भी पानी नहीं आ रहा.” विकास झुंझलाते हुए बोला- रश्मि एक काम करो, मैं हैण्ड पम्प चलाता हूँ और तुम हैण्ड पम्प के नीचे बैठ कर नहा लो!
मेरा मूड और ख़राब हो गया, पर मरती क्या ना करती! अनमने भाव से बोली- ठीक है! चलो चलाओ हैण्ड पम्प!
और मैं हैण्ड पम्प के नीचे बैठ कर नहाने लगी, मैं सूट सलवार में थी और ऐसे ही नीचे बैठ कर नहाने लगी!

विकास नल चला रहा था अब मैं मसल मसल कर कीचड़ साफ़ कर रही थी। विकास लगातार मुझे घूर रहा था, उसकी आँखों में एक चमक आ गई थी और मैं जानती थी कि वो क्या सोच रहा है! उसकी पैन्ट की चैन वाला भाग बढ़ता जा रहा था और मुझे यह देख कर अच्छा लग रहा था! मैं हलके हलके मुस्कुरा रही थी!
“रश्मि! अरे कमीज़ उतार कर आराम से साफ़ कर लो यार! कीचड़ अन्दर तक लगा है!” अचानक वो बोला!
“तुम पागल हो क्या? भला तुम्हारे सामने नंगी होकर नहाउंगी क्या?” मैं शरमाते हुए बोली!
“अरे तो क्या हुआ? मैं आँखे बंद कर लूँगा.” वो हंसते हुए बोला!

मेरे मन में शरारत समा चुकी थी। आखिर मैं जवानी में कदम रख रही थी, दिल का कीड़ा कुलबुलाने लगा और मन में मन मैं विकास को पसंद भी करती थी। पर आज तक प्यार-व्यार वाली कोई बात नहीं थी! मैंने कुछ करने की मन में मन में ठान ली और कुछ देर सोच कर बोली- अच्छा ठीक है! पर वादा करो कि आँखे बंद रखोगे!
“ठीक है मेरी माँ! अब ज्यादा नाटक ना करो! दिक्कत तुम्हें है, मुझे नहीं!” विकास किलसता हुआ बोला!
“ओके … चलो आँखे बंद करो!” मैं अपना शर्ट उतारते हुए बोली और अच्छे से नहाने लगी.

मुझे शर्म आ रही थी पर अब मैं कुछ और मूड में थी! विकास मुझे देखकर आश्चर्य चकित हो रहा था! उसकी आँखे बंद होने की बजाये और अधिक चौड़ी हो गई थी! वो लगातार नल चला रहा था! वैसे इस सबका एक और तरीका यह भी था कि मैं बाल्टी भर कर बाथरूम में भी नहा सकती थी, पर मैं कुछ और सोचे बैठी थी!

अचानक विकास मेरे पास आ गया, नल चलाना उसने छोड़ दिया और मेरा बायाँ हाथ पकड़ कर मुझे ऊपर उठा लिया और मुझे अपनी बाँहों में लपेटने लगा!

“यह क्या बदतमीजी है विकास! तुम पागल तो नहीं हो गए हो!” मैं बनाबटी गुस्सा दिखाते हुए उसकी गिरफ्त से छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी!
“रश्मि! आई लव यू … आज मुझे अपने से अलग न करो प्लीज! रश्मि तुम इतनी सुन्दर हो कि मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ! आज मुझे मना मत करना!” वो गिड़गिड़ाता सा बोला और मुझे बेतहाशा चूमने लगा!

मैं भी गरम होने लगी थी! पर अभी एकदम हथियार डाल देना सही नहीं था!
“विकास, ये ठीक नहीं है … दूर हटो मुझसे, मैं अंकल आंटी से कह दूंगी!” मैंने थोड़ी और स्यानपती दिखाई!
“रश्मि! प्लीज, पापा से मत कहना! मैं कुछ नहीं करूँगा! बस एक किस ही करूँगा!” वो बोला!
“ठीक है! पर किस से ज्यादा कुछ नहीं! नहीं तो मैं अंकल को बोल दूंगी!” मैंने हथियार डालते हुए कहा!

उसे तो मुँह मांगी मुराद मिल गई! उसने मेरे होंठों को अपने होंठों मैं कैद कर लिया और मज़े से चूसने लगा! मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। मैं भी उसका पूरा साथ देने लगी! उसने मुझे बुरी तरह से बाँहों मैं जकड़ा हुआ था और फिर उसने अपना दायां हाथ मेरे दाहिने स्तन पे रख दिया। मेरी आँखें फटी की फटी रह गई, शरीर में एक झुरझुरी सी दौड़ गई!

मैं उससे मना करना चाहती थी पर उसने मेरे होंठ अपने होंठों से जोड़ रखे थे! विकास का दूसरा हाथ मेरे हिप पर पहुँच गया और उसने कसके मुझे ऊपर उठा लिया और फिर दाहिना हाथ मेरे स्तन से हटाकर मेरी कमर में डालकर मुझे पूरी तरह से अपनी गोद में उठा लिया!

मैंने भी अपनी बाहें उसके गले मैं डाल दी! इस सब के दौरान हमारे होंठ एक सेकंड को भी जुदा नहीं हुए! वो मुझे उठाकर अपने बेडरूम में ले आया और बिस्तर पे पटक दिया। मैंने सलवार नहीं उतारी थी जो कि पूरी तरह से गीली थी। बिस्तर भी गीला होने लगा। मैंने उठने की कोशिश की लेकिन विकास ने उठने नहीं दिया और मुझे अपनी बाहों में लिपटाकर मेरे होंठों का रसपान करता रहा। फिर धीरे से मेरी सलवार का नाड़ा खोलने लगा! मैंने विकास के हाथ पकड़ लिया पर वो नाड़ा खोल कर ही माना और सलवार को भी जबरदस्ती उतार दिया!

अब मैं केवल ब्रा और पैंटी मैं थी, मेरी आँखों से आंसू छलक आये!
“अरे यार रोना मत!” वो ये देख कर बोला!

और उसने मुझे छोड़ दिया! मैं तकिये मैं मुँह देकर रोने लगी वो थोड़ी देर खड़ा होकर सोचने लगा। फिर पता नहीं कहाँ से एक तौलिया लेकर मेरे पास आया और बोला- रश्मि! आय ऍम वैरी वैरी सौरी! प्लीज, मुझे माफ़ कर दो और यह लो तौलिया और अपना बदन साफ़ कर लो!

मैं लगातार रोये जा रही थी और उसकी तरफ भी नहीं देखा मैंने मुड़कर! तभी वो मेरी कमर को तौलिया से पोंछने लगा और टांगो को साफ़ करने लगा मैं करवट लेकर लेटी थी और मेरा चेहरा तकिये में धंसा हुआ था। उसका धीरे से मेरा बदन पर स्पर्श अच्छा लग रहा था

फिर मैं उठकर बैठ गई और उसकी आँखों में ना जाने ढूँढने लगी! वो बड़ा प्यारा लग रहा थ मुझे!

फिर मैंने झट से उसका चेहरा अपने हाथो में लेकर होंठ से होंठ भिड़ा दिए! अब उसने भी मुझे भींच लिया और मेरे होंठों को पीने लगा! अब मेरे हाथ उसकी शर्ट के बटनों से खेल रहे थे सारे बटन खुलते ही उसने अपनी शर्ट निकाल फेंकी और अपने हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया और ब्रा को मेरे स्तन से अलग कर दिया! मेरे दूधिया उरोज हिलते हुए अलग हो गए!

विकास एक तक देखता ही रह गया और बोला- रश्मि! तू क्या माल है यार! अब तक कैसे बच गई मेरे हाथ से!

मेरी हंसी छुट गई! और फिर उसने मेरे टेनिस बॉल के आकार के स्तनों को हाथों में ले लिया। फिर दाहिने स्तन के निप्पल को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू कर दिया!

मैं मस्ती से सराबोर हो उठी और उसका सर अपने हाथों से अपनी छाती पर दबाने लगी! तभी उसने मेरे दूसरे निप्पल को अपनी उंगलियों से मसल दिया!

आईईइ… क्या कर रहा है … दर्द हो रहा है! मैं चिल्ला उठी!

वो और जोश में आक़र मेरे स्तन को चूसने लगा! मेरी हालत ख़राब होने लगी, मैं अपने हाथ से अपनी बुर रगड़ने लगी! फिर हाथ ऊपर लाकर उसकी पैन्ट को खोलने लगी। वो बदस्तूर स्तनपान करे जा रहा था जैसे कितने जन्मों का प्यासा हो!

पैन्ट की जिप खुलते ही उसने अपनी पैन्ट जल्दी जल्दी उतार दी पर इस काम के बीच उसके होंठ और एक हाथ मेरे बूब्स पे लगे रहे!

अब उसने मेरी पेंटी भी उतार फेंकी! मेरा हाथ जैसे ही उसके अण्डरवियर से छुआ, मुझे करंट लगा। उसने मौके की नजाकत को समझते हुए अपना अंडरवियर भी उतार फेंका और मेरा हाथ ले जाकर अपने लिंग पे रख दिया! पहले तो मैंने शरमा कर अपना हाथ छिटक दिया! पर उसने दोबारा मेरा हाथ अपने लिंग पर रख दिया और इस बार उसने अपना हाथ भी मेरे हाथ से लगाये रखकर मुठ्ठी भीच दी!

अब विकास का लिंग मेरी मुठ्ठी में था! मुझे लिंग का स्पर्श अच्छा लगा! एकदम लकडी की तरह कड़ा हो चुका था उसका लिंग! मैंने अंदाजा लगाया कि उसका लिंग करीब ५.५” से ६” के लगभग था और २” मोटा रहा होगा!

मैं उसका लिंग सहलाने लगी! तभी विकास ने अप्रत्याशित हरकत कर दी, उसने अपनी ऊँगली से मेरी बुर को छेड़ दिया मैं चिहुंक उठी- आअह्हऽऽ विकास आराम से!

पर वो कहाँ मानने वाला था, उसने फिर अपनी एक ऊँगली मेरी बुर में घुसा दी! मैं उछल के उससे लिपट गई उसने फिर मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी टांगें चौड़ी करने लगा! मैंने अपनी बुर को अपने हाथों से ढक लिया, आँखे बंद कर ली और टांगों को आपस में भींचने की कोशिश करने लगी! विकास ने मेरे हाथ को हटा कर एक चुम्बन मेरी बुर पे ले लिया!

‘सीईईई ईइऽऽऽ’ मेरी सीत्कार छुट गई, अपने आप को संभाला मुश्किल हो गया! दांतों से निचला होंठ काटने लगी और दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर तकिये को मसलने लगी, मेरा शरीर कांप रहा था!
विकास अपनी जीभ से मेरी बुर चाट रहा था!

जब मैं मज़े के चरम पे पहुंची तो मैंने विकास को अपने ऊपर खींच लिया- जल्दी कुछ करो विकास! मेरी चूत में कुछ कुछ हो रहा है! आह्ह्हऽऽऽ! मैं मर जाऊँगी! प्लीज जल्दी कुछ करो!!!!! मैं पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी, मुझे नहीं पता!

मेरी जान, आज कसम से मज़ा आ जायेगा तुझे! विकास बोला!

और उसने अपने लंड पे थूक लगाया और मेरी चूत तो पहले ही गीली हो चुकी थी! चूत के मुहाने पे टिका कर एक हल्का सा धक्का मारा! लंड का अग्र भाग चूत में धंस गया।

मैं चिल्ला पड़ी- आईईईई ईईई मम्मी! मैं मरी! तू पागल है विकास! तू कुत्ता है! तू कमीना है! मेरी आँख से आंसू निकल पड़े!

मेरा पहला सेक्स था, इसलिए ज्यादा दर्द हो रहा था और शायद विकास का भी पहला ही था!!

शायद! इसलिए क्यूंकि उसको देखकर लग नहीं रहा था कि वो पहली बार कर रहा है! पर चूँकि उसने बताया था कि मैं ही उसके जीवन मैं पहली लड़की थी जिसके साथ यह सब कर रहा है!

उसने अपना लंड कुछ देर थामे रखा और मेरे उरोज सहलाता रहा। मुझे कुछ शांति मिली। मैंने नीचे से कूल्हे उचकाना शुरू किया तो उसने मेरी कमर को पकड़ कर एक जोरदार धक्का मारा!

हईईईए राम मम्म्य्य्य मैं मरी! आआअह्ह् विकास! पागल है क्या तू! इतना ही चीख पाई कि उसने अपने होंठों को मेरे होंठों पर कस दिया!

उसका आधा से ज्यादा लंड चूत में घुस चुका था! मेरी जान निकली जा रही थी और आँखों से आंसू लगातार बह रहे थे, साँस लेने में भी दिक्कत हो रही थी! कुल मिलाकर यह लग रहा था कि आज मैं मरने वाली हूँ!

मैंने जबदस्ती उसके होंठों से अपने होंठ छुड़ाये! फिर थोड़ी देर साँस लेकर रोने लगी!

मुझे रोता देख विकास डर गया पर उसने अपना लंड बाहर नहीं निकाला- रश्मि कुछ नहीं होगा! पहली बार ऐसा ही होता है! अभी सब ठीक हो जायेगा!

हाई मम्मी! आईईई रीईई रामा! आआअह्ह्ह! विकास, आई हेट यू! यू आर फूल! कुत्ता! हाई! तू कमीना! हाई! तू! फिर पता नहीं क्या क्या कहा मैंने उसे!

विकास मेरे उरोज सहलाता, फिर कभी हिप को सहलाता, १० मिनट तक ऐसे ही पड़े पड़े मैंने उसे बहुत गालियाँ दी फिर भी वो बेचारा चुपचाप मुझे प्यार से सहलाता रहा!

फिर धीरे धीरे उसने अपना लंड हिलाना शुरू किया, जब मुझे मज़ा आना शुरू हुआ तो उसका वर्णन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है!

“ऊऊऊओह्ह्ह! येस्स्स् विकास आई लव यू!” परिस्थिति बदल चुकी थी!

विकास मुस्कुरा रहा था- आई लव यू ठु डार्लिंग! तू कमाल है रश्मि! आआअह्ह! वाकई तू कमाल है!
धक्के पे धक्के, रेलमपेल हो रही थी! गपागप तथा फचाफच की मधुर आवाज़ निकल रही थी!

फिर विकास ढीला पड़ता गया, मैंने नीचे से अपनी गांड उछालनी शुरू कर दी, उसी वक़्त मेरा भी स्खलन हो गया! विकास लम्बी लम्बी साँस लेता हुआ मेरे उपर लेट गया। फिर अपनी आँखें बंद कर ली!
२०-२५ मिनट ऐसे ही पड़े रहे हम दोनों!
फिर विकास को एक तरफ कर मैंने उठने की कोशिश की पर उठा नहीं गया।

मेरी नज़र बेड शीट पर पड़ी तो वो पूरी की पूरी खून से सनी हुई थी, मैं फिर लेट गई!
विकास ५ मिनट बाद उठा फिर बोला- रश्मि! तुम लेटी रहो मैं कुछ करता हूँ!

फिर उसने मेरे कपड़े और वो बेड शीट खुद धोई और फिर किचन में जाकर मेगी बनाकर लाया!
भूख भी लगी थी!
उसके बाद मुझे नींद आने लगी पर विकास नहीं माना और उसने मुझे एक बार फिर चोदा!

शाम को तीन बजे हमें नेहा दीदी ने जगाया! विकास दरवाजा बंद करना भूल गया था! मैं नेहा दीदी की मेक्सी ही पहन कर सोई थी और विकास भी उसी बेड पे सोया था! दीदी सब कुछ समझ गई थीं!

पर विकास ने उनको अलग ले जाकर पता नहीं क्या समझाया, वो मुस्कुरा कर बोली कि विकास मुझे मेरे घर छोड़ आये!!
अब मेरे कपड़े भी सूख चुके थे। मैंने अपने कपड़े पहने और विकास के साथ बाहर आ गई!
फिर उसे कहा कि मैं खुद चली जाऊँगी अब!
विकास ने मेरे माथे पे किस किया और बोला- रश्मि! थेंक यू फॉर आल थिंग्स!

मैंने मुस्कुराकर उसको बाय कहा फिर अपने घर चल दी!

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी पहली चुदाई? Antarvasna

“मैडम, आर यू फ्रॉम इंडिया?”(क्या आप भारत से आईं हैं?) Sex Stories

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में घूमने के काफी Sex Stories मजे हैं। उनमें से एक बड़ा लाभ यह भी है कि लड़कियों से बात करने का काफी मौका रहता है। मैं तो अक्सर किसी भी गोरी, अफ्रीकन या लातिनो लड़कियों से जान बूझकर यह सवाल करता हूँ, पर वह 24-25 साल की लड़की वाकई भारतीय थी। यूँ थी वो गोरी चिट्टी और नीली जींस और गुलाबी टीशर्ट में किसी गोरी से कम नहीं लग रही थी पर भारतीय साफ पहचान में आ जाते हैं।

“येस ! बट व्हाय?” उसने मुझे परेशान नज़रों से देखा।

“काम ऑन मैडम, आई ऍम अल्सो फ्रॉम इंडिया !” फ़िर मैं जान बूझकर हिन्दी मैं उतर आया ताकि आस पड़ोस के लोगों को पता न चले हम क्या बातें कर रहे हैं। “हिन्दी बोलती हैं आप?”

“हाँ” वो बोली।

“नहीं, मैंने आपको शहर का नक्शा पकड़कर खोजते हुए देखा तो सोचा कि आप शहर में नई हैं। घर वगैरह का इंतजाम हो गया?”

वह मुस्कुराई,” मैं यहाँ घर बसाने नहीं आई। मेरी एक कांफ्रेंस है- तीन दिन की !”

“ओह, तो आप एल ऐ की मेहमान हैं, फ़िर तो मेरी भी मेहमान हुई। तो आपकी मदद करना मेरा फ़र्ज़ है, कहिये कहाँ जाना है?”

उसे सांता मोनिका के किसी होटल में जाना और मुझे वेस्ट वुड ! पर मैंने सोचा कि आज ऑफिस में भले देर हो जाए, इससे जितनी बातें हो जाए अच्छा है। बातों बातों में उसने अपना नाम बताया- मालती जोशी !

“यह तो एक बड़ी लेखिका का नाम है !” मैंने कहा।

वह खिलखिला कर हंस दी। वह भारत सरकार के पर्यटन विभाग में थी और सरकार ने उसे इस कांफ्रेंस के लिए भेजा था।

मैंने उसे टटोलने की कोशिश की,”फ़िर तो चुन्नू मुन्नू आपको मिस कर रहे होंगे?”

“कौन चुन्नु मुन्नू ?” उसने थोड़ा अनजान सा बनकर पूछा।

“आपके चुन्नू मुन्नू और उनके पापा !” मैंने कहा।

इस बार वह ऐसे हँसी कि उसके मोती जैसे दांत दिखने लगे। फ़िर उसने जवाब दिया,” हाँ हाँ ! चुन्नू मुन्नू तो नहीं, उनके चुन्नू मुन्नू जरुर दादी को मिस कर रहे होंगे। क्या …. अरे नाम भी नहीं बताया आपने !”

“ओहऽऽ हो विशाल ! तो क्या मैं यह मतलब निकालूं कि अभी तक आपके जीवन में कोई नहीं आया है?”

बातों बातों में पता चला कि वह मुझसे दो साल छोटी है। जब उसे यह पता चला कि मेरे जीवन में भी कोई नहीं है, तो उसके ओंठों पर मुस्कान आ गई।

मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे। वैसे तो उसका होटल एयरपोर्ट के पास था, पर किसी लातिनो टैक्सी वाले ने पता ठीक नहीं समझा और उसे वेनिस-बीच के आस पास उतार दिया। शायद मेरी किस्मत ने……

मैंने उसे फ़ोन नम्बर दिया और ले भी लिया। मैंने कहा कि कोई भी मुश्किल हो, मुझे फ़ोन कर ले।

शाम को आठ बजे के आसपास जब उसका कोई फ़ोन नहीं आया तो मैंने निश्चय किया कि मैं ही फ़ोन कर लूँ। भले वह कुछ भी समझे। तभी फ़ोन की घन्टी बजी। नम्बर कुछ अटपटा सा था, पर यह उसकी ही आवाज़ थी।

“अरे आप ! किस नम्बर से फ़ोन कर रही हैं?” मैंने पूछा।

“कमरे से !”

“कमरे में पहुँच गई आप? इस बार टैक्सी ने परेशान तो नहीं किया?” मैंने पूछा,”कहिये, एक प्यारी सी मेहमान की क्या खिदमत करे यह बन्दा?” मैंने पूछा।

“इतवार को मेरी छुट्टी है, यहाँ से डिज्नीलैंड कितनी दूर है? मैं जाना चाहती हूँ, कैसे जा सकती हूँ? टैक्सी से मैं जाना नहीं चाहती, काफी महंगा पड़ेगा ना?”

“यह बन्दा किस लिए है? मेरी खटारा है ना?” मैंने कहा।

“नहीं, आपको तकलीफ होगी !”

“तकलीफ कैसी? सप्ताह मैं एक बार उसे वैसे ही हवाखोरी के लिए ले जाता हूँ !” मैंने कहा।

उसकी खनकती हुई हंसी फ़ोन मैं गूंजी, फ़िर उसने कहा,”नहीं, मैं पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ही जाऊँगी।”

यार बड़ी खच्चर लड़की है, बात ही नहीं समझती।

मैंने कहा,” ठीक है फ़िर.तुम परेशान हो जाओगी ! मैं तुम्हारे साथ चलूँगा !”

थोड़ी सी न-नुकर के बाद वह मान गई। इतवार को मैंने बैग पैक किया, पहले सोचा कार से चलते हैं, उसे मना लूँगा, फ़िर सोचा कहीं उसने मना कर दिया और पार्किंग नहीं मिली तो लेने के देने पड़ जायेंगे, वैसे भी बड़ी जिद्दी लड़की है। मैंने उससे कहा था कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जाना है तो मुंह अंधेरे ही जाना पड़ेगा।

वह होटल के बाहर खड़ी मेरा इंतज़ार कर रही थी। आज उसने काली स्कर्ट और नीली कॉलर वाली हलकी पीली टी शर्ट पहनी थी।

ग्रीन लाइन के स्टेशन पर पहले ट्रेन का इंतज़ार करना था। ट्रेन आने में थोड़ी देर थी। हम इधर उधर की बातें करते रहे। मैंने उसे भरपूर नज़र से देखा। बला की खूबसूरत लड़की थी, कद होगा करीब ५’ २”,मुझसे चार इंच कम, लंबे बाल, फूले फूले गाल, उन्नत उरोज पतली कमर और चौड़े नितम्ब, बड़ी-बड़ी आँखें, पतले ओंठ। मुझे इस तरह देखते वह झेंप भी गई।

अचानक मैंने देखा उसने एक बड़ा बैग उठा रखा है,”क्या है इसमें?” मैंने पूछा,”माना कि लड़कियों का बैग नहीं देखते, पर यह क्या भर कर रखा है ?”

“खाने पीने का सामान !” उसने कहा,”पूरा दिन लग जाएगा, मैंने सोचा कि…”

मैंने सर पीट लिया,”डिज्नी लैंड में मेरे ताऊ बैठे हैं न जो इसे अन्दर ले जाने देंगे ! फेंको इसे !”

“क्या? फेंक दें? अन्न का अपमान?”

“तुम तो मेरी अम्मा जैसे बात कर रही हो ! फेंकना नहीं है तो खाओ !”

“अभी?”

“तो कब? ट्रेन में खाना मना है, फ़िर बस पकडेंगे, उसमें भी खाना मना है। चलो निकालो !”

वह घबरा गई,”यह तुम्हारे लिए भी है !”

हे भगवान ! प्लेटफोर्म में हम बैठे परांठे खा रहे थे जो उसने इंडियन शॉप से रात में आर्डर देकर मंगाया था। उसका छोटा सा पेट जल्दी भर गया और नखरे शुरू हो गए। मुझे इसी छीना-झपटी का इंतज़ार था, मैंने उसका हाथ पकड़ा और एक कौर जबरदस्ती मुंह में ठूंस दिया।

“विशाल, मेरा हाथ तो छोडो ! उई माँ !”

मैंने उसका हाथ छोड़ा नहीं, बल्कि मरोड़ के पीठ पर ले गया अब हम दोनों के जिस्म में छः इंच का फासला था और अगर मैं हाथ और थोड़ा मरोड़ता तो उसके उन्नत उरोज शायद मेरे सीने में दस्तक दे देते पर उसकी आंखों में आंसू आ गए।

“विशाल, सच्ची, उलटी हो जायेगी !”

तभी ट्रेन आ गई। मैंने पकड़ ढीली की पर उसका हाथ नहीं छोड़ा। डिब्बे में बैठकर भी नहीं छोड़ा। फ़िर जेब से एक टिशु निकाल कर उसका मुंह पोछा,”झूठे मुंह सफर नहीं करते !” उसे हँसी आ गई।

उसके बाद ट्रेन में और फ़िर बस में वह प्यारी बातें करती रही। उसकी बातों का पिटारा थमने का नाम ही नहीं लेता था। पर वह बोर नहीं कर रही थी। उसके चेहरे के हाव भाव, भाव भंगिमा, सब कुछ लुभा देने वाला था। हँसते हँसते मैंने उसकी पीठ पर एक दो बार धौल भी जमाया। कभी उसने मुझे छेड़ा तो मैंने बाल भी खींचे। अमेरिका में यह बात अच्छी है कि आस पास के लोग कोई परवाह नहीं करते।

कई बार मैं अपना चेहरा उसके गाल के काफी करीब ले गया पर चुम्बन की तीव्र इच्छा का किसी तरह दमन किया। कई बार उसके हथेली पर अंगूठा फेरा, उसकी कोहनी सहलाई, पाँव से उसके पाँव पर ठोकर मारी। एक बार हिम्मत कर के जांघ पर भी हाथ रख दिया। वह शरमाई जरुर, पर उसने हाथ हटाया नहीं !

डिज़नीलैंड देखकर वह हैरान रह गई और बच्चों की तरह उत्साह से भर गई। उसे काबू में करना मुश्किल हो गया। वह मेरा हाथ पकड़कर कभी इधर, कभी उधर ले जाने लगी। उसे मैंने प्यार से कई बार समझाया, कभी “माला” कभी “लती” कभी “लता” कभी “मति” कहकर पुकारा।

वह फ़िर इधर उधर जाने लगी। अब मैंने उसका हाथ पकड़कर खींचा, अब वह पास आई तो मैंने दोनों हाथ पकड़ लिए, मैंने समझाया,”मालती, तुम्हारा पहली बार डिजनी लैंड में आना हुआ है, सब चीज देखना मुश्किल है, फ़िर हमें कैलिफोर्निया एडवेंचर पार्क भी जाना है। लाइन तो तुम देख रही हो, ऐसा करते हैं, पहले जिसका फास्ट पास मिले वह ले लेते हैं, फ़िर मुख्य मुख्य जगह चलते हैं।

अब मैंने सोच लिया था कि यह ऐसे नहीं मानेगी, इसे थोड़ा पंचर किया जाए. उसे लेकर स्पेस माउन्टेन में ले गया. वह एक खतरनाक रोलर-कास्टर था। ऊपर से नीचे आते समय मैं जान बूझ कर उससे सट गया उसके हाथ हेंडल पर जमे थे, पर वो डरकर मुझसे चिपक गई।

उससे भी ज्यादा मज़ा तो थंडर माउन्टेन में आया, इस बार मै अपना एक हाथ उसकी पीठ के पीछे ले गया और खतरनाक मोड़ आने पर उसके एक उन्नत उरोज में हाथ का दबाव जमा कर उसे पास खींच लिया। ठोस टेनिस बाल की तरह के उरोज पर हाथ लगते ही मेरे लिंग में जबरदस्त तनाव आया।

वह सवारी खत्म होने के बाद मैंने देखा कि उसका चेहरा सुर्ख हो गया है.उसके सुडौल उरोज साँसों के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे।

“ओह बाबा !” वह बोली,”कहाँ फंस गई मैं?”

मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और धीरे से उंगलियाँ बालों में फेरकर बोला,”मैं हूँ ना ! चलो खाना खाते हैं।”

उसे मेक्सिकान रेस्टारेंट में ले गया। खाना खाते खाते उसे देखकर मुस्कुराया, वह भी मुस्कुराई। मैंने कहा,”मालती, एक बात कहूँ ! तुम काफी हसीन लग रही हो !”

खाने के बाद ‘इन्डियाना जोन्स’ के फास्ट पास का समय हो गया था। तेज रफ्तार और अंधेरे में वह फ़िर घबराई। इस बार मैंने उसकी कमर में हाथ डालकर अपने पास खीँच लिया। डर के मारे उसने अपना सर मेरे सीने में छुपा लिया। मैं उसे और डराने लगा, “लती देखो, लटका हुआ आदमी.माला, देखो बिच्छुओं का झुंड !

जब उसने आँख नहीं खोली तो मैंने एक कुच को हलके से दबाया, वह चिहुंक गई।

बाहर निकल कर मैंने देखा, उसके स्तनाग्र सिपाही की तरह तन गए थे। मैंने उसका हाथ थामा और जुल्फें संवारी। मैं चाहता था कि मदहोशी का यह खेल थोड़ा आगे बढ़ाया जाए।

अब हम पैरेट्स ऑफ़ कैरिबियन की सवारी की ओर बढ़े। जैसे ही हमारी नाव अंधेरे में बढ़ी, मैंने मालती के जाँघों पर हाथ रखकर हल्के से दबाव बढाया। वह कुछ प्रतिक्रिया करती, उसके पहले ही एक झटका लगा और अंधेरे में नाव नीचे चले गई। मेरा हाथ फिसलकर उसकी जांघों के बीच आ गया। मैंने हाथ धीरे धीरे आगे बढ़ाया और स्कर्ट के उपर उसकी योनि पर हाथ रख दिया, उसकी साँसे तेज चलने लगी।

सवारी आगे बढ़ ही नहीं रही थी पर मेरे हाथ आगे बढ़ रहे थे। उधर अंधेरे में मालती की भी हिम्मत बढ़ गई थी। वह मेरा बिल्कुल विरोध नहीं कर रही थी।

तभी एक उदघोषणा हुई कि सवारी के सिस्टम में कोई खराबी हो गई है और इंजिनियर ठीक कर रहे हैं।

मुझे मानो मन-मांगी मुराद मिल गई। इस बार मैंने हाथ पीछे किए और उसके स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल दिया। उफ़ ! कितनी स्निग्ध थी उसकी जांघें। उसके मुंह से एक फुरफुरी निकली और मेरे हाथ फिसल कर उसकी पेंटी से टकराए। कामोत्तेजना से उसकी पैन्टी आर्द्र हो गई थी। मैंने पैन्टी के उपर उसकी झिर्री टटोली। उसने दांतों से अपने ओंठों को जोर से दबा लिया, साँसे तेजी से चल रही थी।

फ़िर मैंने पैंटी के साइड से उंगलियाँ अन्दर डाली और अंगूठा बालों के जंगल से होता हुआ गीली और फिसलन भरी गुफा तक जा पहुँचा। योनि की दरार को टटोलता अंगूठा उपर बढ़ा और उसकी भगनासा से जा टकराया। अब मालती के मुंह से सिसकी निकल पड़ी। उसने अपने को काबू में करके मेरा हाथ थाम लिया।

“विशाल, न न नहीं..!” वह किसी तरह बोली।

तभी उदघोषणा हुई कि सवारी में खराबी की वजह से यह यहीं स्थगित की जाती है। सबको समय ख़राब होने की वजह से एक एक टिकट दिया गया, जिसे वो किसी अन्य सवारी में बिन लाइन में लगे उपयोग में ला सकते थे।

“माला, ऐसा करते हैं, कैलिफोर्निया एडवेंचर पार्क चलते हैं। इसका उपयोग बाद में करेगे।” मैंने उसे समझाया।

“तुम ही मेरे मार्ग निर्देशक हो, जैसा तुम कहो !”

“ये हुई ना समझदार लड़कियों वाली बात !” मैंने उसे कहा।

उसे लेकर में सीधा ग्रिज्ली रिवर की सवारी में ले गया जिसमें एक घूमता हुआ बेडा खतरनाक लहरों और झरनों, जल प्रपात के नीचे से होता हुआ जाता है। जब वह पहले खतरनाक जल प्रपात के नीचे से गुजरा वह मुझसे चिपट गई। उपर से गिरते पानी की तेज धार ने हम दोनों को सराबोर कर दिया। मालती की पतली टी शर्ट उसके बदन से चिपक गई और उसकी दूधिया ब्रा साफ़ दिखने लगी। अभी वह कुछ सम्हालती कि पानी की एक और बौछार उस पर पड़ी अब मानो कपडों का कोई अस्तित्व ही नहीं रहा।

“तुम बड़े शैतान हो !” बाहर निकल कर वह शिकायत के लहजे में बोली,”देखो, मेरे सारे कपड़े गीले हो गए।”

“अन्दर के भी?” मैंने शरारत से पूछा।

“क्या मतलब है तुम्हारा?”

“मतलब यह कि इस सवारी को दोष मत दो ! अंदर के नीचे के कपड़े पहले पहले ही गीले हो हो गए थे, मैं जानता हूँ।”

पहले वह शरमाई, फ़िर उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया,”विशाल, तुम्हारी बेशरमी बढ़ती जा रही है !”

मैंने कान पकड़े और कहा,”एक बात कहूँ, तुम बारिश में भीगी फिल्मी हिरोइन की तरह दिख रही हो !”

“पर मुझे सर्दी हो जायेगी, आक छी.” उसे छींक आ गई।

मैंने कहा,”लती, एक बात बोलूं? अन्यथा मत लेना !”

“अब क्या बचा है?” वह झल्लाकर बोली।

मैं मन ही मन बोला,”सब कुछ !”

पर मुझे वाकई दया आ गई, मैंने कहा,”मालती, में एक एक्स्ट्रा टी शर्ट लाया हूँ, मुझे मालूम था, यहाँ ऐसा होगा, तुम पहन लो।”

वह गुस्से से बोली,”क्या?”

मैंने कहा,”कॉमन सेंस से काम लो. मेरी टी शर्ट है तो क्या? थोड़ी ओवर साइज़ ही होगी।” फ़िर मैं पास आकर बोला,”और मेरी एक ब्रीफ भी है.तुम्हें थोड़ी ढीली होगी पर पहन लो।”

थोड़ी न-नुकर के बाद वह मान गई और बाथ रूम में जाकर चेंज कर लिया।

जब वह बाहर आई तो मैंने देखा कि उसके हाथ में गीले कपडों का बण्डल है.उसने मेरे बैग की जिप खोली और कपड़े उसमें डाल दिए।

मैंने देखा, उसने ओवर साइज़ टी शर्ट का फायदा उठाकर गीली ब्रा भी उतार दी है और उसके स्तन हर कदम के साथ उपर नीचे हो रहे हैं।

उसने मुझे उरोजों को देखते हुए देख लिया,बोली,”क्या है?”

मैंने अपना मुंह उसके कान के पास लाकर कहा,” मालती, तुम्हारा वो चूसने को मन कर रहा है !”

वह झल्लाए स्वर में बोली,”अगर तुम मेरा वो चूसोगे तो मैं भी तुम्हारा वो चूसूंगी !”

मैं हैरान रह गया। मेरा लिंग मानो अंडरवियर फाड़ कर बाहर आना चाहता था।

मैंने कहा,”मुझे खुशी है, तुम थोड़ी बेशरम तो हुई !”

वह कुछ समझी नहीं, बोली,” बेशर्मी की क्या बात है? तुमने कहा तुम मेरा खून चूसोगे। अगर तुम मेरा खून चूसोगे तो मैं तुम्हारा खून चूसूंगी।”

“पर खून तो मच्छर चूसते हैं।”

और दोनों खिलखिला कर हंस पड़े।

कहानी का अगला भाग: लॉस एंजेलेस(अमेरिका) में प्रणय का अंकुर-2 Sex Stories

दोस्तो, आज मैं आपके सामने एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। Antarvasna Stories

बात उन दिनों की है जब मैं अपनी Antarvasna Stories पढ़ाई के लिए दिल्ली आया था, मुझे मेरे बुआ के घर पर रहना था। मेरी बुआ का लड़का एक बहु-राष्ट्रीय कम्पनी में काम करता है। उनकी शादी अभी दो साल पहले हुई थी। मेरी भाभी जिनका एक साल का एक लड़का भी है, उनकी सुन्दरता में कोई कमी नहीं थी।

उनकी चूची ऐसी थी मानो नागपुरी संतरे अभी अभी पेड़ों पर लदा ही है। उनका आकार भी मानो क़यामत हो। उनको देख कर कोई यह कह नहीं सकता कि उनका एक साल का एक बच्चा भी है।

हमेशा मेरा मन उन्हें चोदने को करता पर मौका नहीं मिल पाता। वैसे जब भी मैं पढ़ कर घर आता तो उनका बिस्तर ही मेरे आराम का साधन होता था। मैं उनके बिस्तर पर ही लेट जाता जाता था, मेरी भाभी भी आकर मेरे बगल में लेट जाती थी।

चूंकि घर में बुआ के अलावा और कोई था भी नहीं और मेरी बुआ को मेरे ऊपर विश्वास था ही, इसकी वजह से कभी किसी को कोई परेशानी नहीं हुई।

एक दिन भाभी मेरे बगल में लेट कर बच्चे को दूध पिला रही थी, उस वक़्त उनकी चूची देखी थी, क्या रंग दिया था खुदा ने उनके शरीर को, एकदम दूधिया रंग की चूची थी उनकी? देखा तो देखता ही रह गया था! उस दिन चोरी चोरी उनकी चूची को देखता रहा और कब नींद लग गई पता ही नहीं चला।

उस दिन के बाद मैं हमेशा उनके आगे-पीछे डोलने लगा कि कब मौका मिल जाये और उनके गोरे बदन का दीदार हो जाये। रब ने ऐसा मौका जल्दी ही दे दिया।

उस दिन बुआ पड़ोस में पूजा देखने के लिए गई थी और शाम से पहले लौटने वाली भी नहीं थी। मैं गया और भाभी की रजाई में घुस गया। थोड़ी देर बाद भाभी भी बच्चे को ले कर आई और मेरे सामने ही दूध पिलाने लगी।

अब मेरे लिए बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था, मैं रजाई से निकल कर जाने लगा तो भाभी ने मुझे टोका, कहा- कहाँ जा रहे हो?
तो मैंने छूटते ही कहा- जब आप ऐसे रहोगी तो मेरे लिये यहाँ पर रहना मुश्किल हो जाएगा।
वो मेरी बात को समझ नहीं पाई और बोली- क्या हुआ? मैंने ऐसे क्या कर दिया जो ऐसे बोल रहे हो?
फिर मैंने कहा- भाभी एक तो आप बला की खूबसूरत हो! जो भी देखे देखते रह जाए। मेरे लिए तो आपको देख कर अपने आप पर काबू कर पाना पहले ही मुश्किल था उपर से आपके आपके ये नागपुरी संतरे मुझे जीने नहीं दे रहे हैं।

यह सुनकर भाभी थोड़ा सा शरमा गई और रूठने का नाटक करती हुई बोली- जाओ! मैं आपसे बात नहीं करती!
फिर मैं भाभी को अपनी तरफ घुमाते हुए बोला- सच कहता हूँ भाभी! मैंने जब से आपको देखा है मेरे तो नींद ही उड़ गई है, हरदम मेरे खयालो में आप ही रहती हो।
इतना सुनते ही भाभी शरमा गई और बस इतना ही बोली- धत्त!

फिर क्या था मैंने उनको अपने आगोश में लेते हुए उनके गाल पर एक चुम्मा जड़ दिया।
उन्होंने अपनी आँखें बंद कर ली और थोड़ी देर तक ना-नुकर करती रही, लेकिन उन पर मेरी पकड़ मजबूत होती जा रही थी, उनके गालो की जगह मेरे ओंठ उनकी ओंठों को चूमने लगे थे और मेरे हाथ धीरे-धीरे उनकी नंगी चूचियों की तरफ बढ़ने लगे थे।

मेरी उँगलियों का जादू उन पर धीरे-धीरे छाने लगा था और वो भी मदहोश होने लगी थी।
जब पहली बार मेरे हाथ उनकी चूचियों पर पड़े, मानो मुझे स्वर्ग मिल गया।

जिंदगी में पहली बार इस सुखद एहसास का आनंद मिल रहा था जिसे मैं किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता था। मेरे ओंठ अभी भी उनके ओंठों पर चिपके हुए थे और मेरी उंगलियाँ उनकी चूचियों पर तैर रही थी।

मैंने थोड़ी सी हिम्मत दिखाई और मैंने अपना दायाँ हाथ उनकी कमर में डाल दिया और धीरे धीरे उनकी नंगी कमर को सहलाने लगा, साथ ही अपनी जीभ उनके मुँह में ठेलने लगा।
इसके एवज में उन्होंने मुझे बहुत जोर से जकड़ लिया और मेरे हर चुम्बन का जबाव दुगुने जोश के साथ देने लगी।

अब मेरे लंड की हालत ख़राब होने लगी थी और पजामे के अन्दर वो फुंफकार मारने लगा था। मैंने एक हाथ से अपने पजामे का नाड़ा ढीला किया और 7″ लम्बे लंड को बाहर निकाल कर उनके हाथों में थमा दिया। जिसे वो बड़े प्यार से सहलाने लगी मेरे लंड की अकड़ धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी।

मैंने अपने हाथों का दायरा थोड़ा और बढ़ाया और धीरे-धीरे अपनी उँगलियों को उनकी चूत की तरफ बढ़ाने लगा।

पहले तो वो थोड़ा सा कसमसाई पर मेरे जोर देने पर फिर मान गई। मेरी उंगलियाँ ज्यों-ज्यों उनकी चूत की तरफ बढ़ती जा रही थी उनकी सांसें उतनी ही तेज चलने लगी थी, उनके मुँह से अजीब सी आवाजें निकल रही थे जैसे- ऊओह आह स स स श श!!!

मैंने धीरे से उनको बिस्तर पर लिटाया और धीरे धीरे उनके कपड़े उतारने लगा।

चूंकि दूध पिलाने के लिए उन्होंने अपने ब्लाउज के कुछ बटन पहले ही खोल रखे थे और उनकी एक चूची बाहर निकली हुई थी, इसलिए ब्लाउज उतारने में मुझे ज्यादा देर नहीं लगी। अब सफ़ेद ब्रा में उनका शरीर दमक रहा था। धीरे से मैंने उनकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और ऊपर से वो बिल्कुल नंगी थी।

इस बार उन्होंने उठ कर मेरा शर्ट खोल दिया। इस तरह हम दोनों ऊपर से आधे नंगे होकर एक दूसरे को चूम रहे थे।
फिर मैंने उनकी साड़ी खोल दी, फिर पेटीकोट भी खोल दिया। अब उनके शरीर पर सिर्फ पैंटी ही रह गई थी जिसमें उनका जिस्म चमक रहा था।

मैं फिर से उनके शरीर को ऊपर से नीचे तक चूमने लगा जिससे उनमें मादकता छाने लगी।

जैसे ही मेरे ओंठ उनकी नाभि को छुए, वो बेचैन होने लगी। मेरे ऊपर भी एक अलग सा नशा छाने लगा था और मैंने अब उनकी पैंटी को भी उनके शरीर से अलग कर दिया और धीरे-धीरे मेरे ओंठ उनकी चूत की तरफ बढ़ने लगे।
उनकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे, इससे लगता था कि उन्होंने एक-दो दिन पहले ही अपने बाल साफ़ किये थे।

जैसे ही मेरे होंठ उनकी चूत से लगे, वो सीत्कार कर उठी। अब हम 69 की पोजीशन में आ गए थे और मेरा लंड उनके मुँह को छू रहा था। उन्होंने लपक कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और हम दोनों एक दूसरे के अंगों को चूसने लगे। बहुत देर तक हम एक दूसरे को अंगो को चूसते रहे, फिर भाभी ने अपने मुँह से मेरे लंड को निकाल दिया और बोली- जल्दी डालो! अब बर्दास्त नहीं होता!

फिर क्या था, मैंने उनको सीधा लिटाया और अपना फनफनाता हुआ लंड उनकी चूत के मुंह पर जैसे ही लगाया, नीचे से वो धक्का लगाने लगी। मैंने भी एक जोर का धक्का लगाया और लंड उनकी चूत के अन्दर घुस गया।

उस दिन मैंने उन्हें पाँच बार चोदा और रात को भी भैया नहीं आये तो दो बार रात को भी चुदाई की।

फिर जब भी हमे मौका मिलता हम एक दूजे में खो जाते।

आज मेरी शादी हो चुकी है, फिर भी हमारा सम्बन्ध बदस्तूर जारी है और जब भी मौका मिलता है मैं उसी जोश के साथ उनकी चुदाई करता हूँ जैसे पहले किया था।

अब भी ऐसा लगता है कि मैं उनको पहली बार ही चोद रहा हूँ।
मेरे प्यारे दोस्तो, मुझे जरूर लिखना कि मेरी कहानी आपको कैसी लगी? Antarvasna Stories

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