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मैं एक बार फिर से आप लोगों के पास अपनी Antarvasnaअधूरी कहानी लेकर हाजिर हूं.
तो सबसे पहले पढ़ने वाली सभी बहनों की चूत पे मेरी प्यार भरी पप्पी।
हां तो आप ने पिछली कहानी में पढ़ा कि मैं किस तरह अपनी मामी की चुदाई करता हूं, अब आगे उस रात के बाद जब तक मामा जी नहीं आये, मैं मामी जी की रोज चुदाई करता रहा लेकिन मामा जी के आ जाने के बाद मुझे मामी जी की चुदाई का मौका मिलना बंद हो गया.
लेकिन यहाँ तो लंड को चूत का चस्का लग गया था तो एक दिन मौका देख कर मैं मामी जी को इशारे से कारखाने के पिछली साइड में बुलाया जिसे मेरी ममेरी बहन ने देख लिया और जब उसकी माँ कारखाने के पीछे आई तो वह भी छुप कर आ गई जिसे हम दोनों ने नहीं देखा.
कारखाने के पिछली साइड में लेबर को नहाने के लिये बाथरूम बना हुआ था जिस के अन्दर मैं मामीजी को लेकर चला गया और अन्दर से दरवाजा बंद कर लिया. लेकिन दरवाजा काफी पुराना होने के कारण काफी जगह से छेद हो रखा था जहाँ मेरे मामा जी की लड़की अपनी आंख लगा कर मेरे और अपनी माँ का रास लीला देखने लगी.
जैसा कि मैं आपको पहले भी बता चुका हूं कि मेरी मामी जी एक नम्बर की छिनाल चुदक्कड़ और रंडी है; वो चुदवाते समय काफी गंदी गंदी और भद्दी गाली का प्रयोग करती हैं.
मुझे अन्दर पकड़ते ही शुरु हो गई, कहने लगी- मेरे राजा, मेरे बेटे, तेरा लंड खाने के बाद से मेरी चूत में काफी खुजली मची है. तेरे मामा से कुछ नहीं होता. चल अब जल्दी से कपड़े उतार और चोद डाल मुझे! मेरी चूत को आज बगैर फाड़े मत छोड़ना. साली हरामजादी कुतिया बगैर लंड के मानती ही नहीं और तुम भोसड़ी के मादर चोद रंडी के आज ये जगह तुझे मेरे लिये मिली इतने दिनों से क्या यहाँ अपनी बहन को यहाँ चोदता था. बोल बे कमीने बहनचोद?
इतने में तो मैं भी ताव में आ गया और उसे कुतिया बना कर पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया और कस कस कर उसकी चुदाई करने लगा.
मैं भी बकने लगा- ले रंडी सम्भाल मेरे लंड को … तेरी माँ को चोदूँ रंडी साली हरामजादी! मैंने यहाँ अभी तो सिर्फ तुझे ही चोदा है. मगर मादरचोद जल्दी ही तेरी बेटी यानि मेरी बहन को भी यहीं चोदूँगा.
मेरी सब बातें मेरी ममेरी बहन सुन रही थी और हम दोनों का चुदाई लीला भी देख रही थी. जिसे वो बरदाश्त नहीं कर पा रही थी और अपने एक हाथ से अपनी चूची दबा रही थी और दूसरे हाथ से अपनी बुर में उंगली कर रही थी.
इधर हम दोनों इन बातों से बे-खबर चुदाई में मस्त थे।
मेरी मामी बदहवाश हो कर चिल्ला रही थी- आ आम्ममी ईई रीईई आअस्स ह्हूऊऊ ऊम्म्मीई ररीईई एरर्रा आज्आअ प्प्पह्हा आद्दूऊ ओ म्म्मीईई रर्ररीए स्सहह् हहउत क्क्कूऊ म्म्माआआ अर्र राआआ औऊउर ज्जओरर सस्सीईईए आऔ ऊउर रररर्र जओर्र स्सस्सए आआ आआअ स्सस् स्साआआ!
इस तरह करीब दस मिनट तक चुदाई चलती रही और उसके बाद मैं जैसे उसके चूत में घुस जाउंगा इस तरह से उसमें समाने लगा.
और हम शांत हो गये.
अब अन्दर से मादक आवाज़ें आना बन्द हो गयीं जो मीना से बरदाश्त नहीं हुआ. मीना मेरी ममेरी बहन का नाम है. तो अन्दर क्या हुआ है जानने के लिये मीना दरवाजे पर जरा और झुकी. दरवाजा ठीक से बंद नहीं था और मीना का पैर फिसल गया. वो दरवाजे पे पूरी तरह लड़खड़ाई और दरवाजा खुल गया. वो अन्दर गिरी.
फिर क्या हुआ और मैंने उसे कैसे चोदा?
बाकी अगले भाग में!
तब तक के लिये विदा. Antarvasna
गरम लड़की की गरम चूत का मजा लिया मैंने मेरे साथ ट्यूशन पढ़ने वाली सेक्सी सांवली लड़की को चोद कर. उसने खुद से पहल की और बाइक पर बैठकर मेरे लंड पर हाथ रख दिया.
भाइयो और भाभियो, मेरा नाम सिद्धांत है.
मैं नया नया जवान हुआ हूँ.
यह गरम लड़की की गरम चूत का मजा लेने की कहानी अभी कुछ दिन पहले की ही है.
मैं ट्यूशन गया था.
उस दिन उधर एक नई लड़की आई.
वह मुझे दिखने में इतनी ज्यादा अच्छी दिख रही थी कि क्या ही बोलूँ.
लड़की थोड़ी दबे से रंग की जरूर थी लेकिन उसका बदन का ग्लैमर इतना मस्त था कि कोई भी देख कर सोचेगा कि अभी पटक कर चोद दूँ.
उस दिन उसने काले रंग का सूट पहना था, बड़ी ही मस्त माल लग रही थी.
मैं शुरू से बहुत बड़ा ठरकी था, किसी भी लड़की या भाभी को देख कर चोदने का मन करने लगता था.
उसको देख कर ही मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.
मेरा मन कर रहा था कि इसको चोद दूँ.
मैंने खुद पर कंट्रोल किया और बैठ गया.
फिर ट्यूशन वाले सर आए और उसका परिचय करवाया.
उसका नाम सोनी था.
अब सर ने पढ़ाई शुरू की.
मैं सर के घर में उनके बेड पर बैठा था.
वह मेरे सामने कुर्सी लगा कर बैठी थी.
जब वह झुक कर लिख रही थी, तो उसके बड़े बड़े संतरों का दीदार हो रहा था.
उसके दूध देख कर मुझसे रहा न गया और मेरे लंड ने हल्का सा पानी छोड़ दिया.
मैंने सर से कहा- मैं वॉशरूम से आता हूँ.
वह लड़की मुझे देखने लगी.
मैंने बाथरूम के अन्दर जाते ही अपना लंड निकाला और हिलाने लगा.
जब लंड की छूट हो गई, तब मैं शांत हुआ और पढ़ाई खत्म होने के बाद घर आ गया.
घर आकर भी मुझे बहुत बेचैनी सी हो रही थी, मन कह रहा था कि अब मुझे उसको चोदना ही है.
मैंने उस दिन घर आते ही सेक्स वीडियो देखना शुरू किया.
मुझे हर वीडियो में बस उसका ही चेहरा दिख रहा था.
मैंने उस दिन हर घंटे में बार बार लंड हिलाया.
मैंने आज तक किसी लड़की में इतना ग्लो नहीं देखा था.
मेरी यह ट्यूशन हफ्ते में 3 दिन ही रहती थी.
मैं बहुत परेशान हो गया क्योंकि उस दिन ट्यूशन का आखिरी दिन था.
उसके बाद दो दिन की छुट्टी थी.
खैर … कुछ कर ही नहीं सकता था.
सोमवार को मैं ट्यूशन पर बहुत जल्दी चला गया.
लेकिन सोनी दीदी थोड़ी देरी से आई.
आज वह फिर से एक दूसरी ब्लैक ड्रेस में थी.
मैं उसे देख कर एकदम से पागल हो गया.
सोनी के आते ही सर ने कहा- तुम दोनों पढ़ाई करो, मुझको कुछ काम है, मैं अभी आता हूँ.
मेरी किस्मत बहुत ज्यादा अच्छी थी क्योंकि सर के जाते ही बारिश होने लगी.
अब हम दोनों कमरे में बिल्कुल अकेले थे.
मेरा मन कर रहा था कि मौका अच्छा है … इसकी बुर फाड़ देता हूँ.
पर वह थोड़ी शर्मीली थी.
मैं कुछ देर के बाद उससे थोड़ा बात करने लगा और मैंने उससे उसका नंबर मांगा.
उसने एकदम से सीधा मना कर दिया और बोली- नहीं, मैं किसी को नंबर नहीं देती.
मुझको थोड़ा गुस्सा आया.
फिर मैंने कहा- क्या आप इंस्टाग्राम पर हैं?
वह बोली- हां हूँ.
मैंने कहा- उसकी आईडी ही दे दीजिए. आपसे कभी बात करना हुई तो मैसेज भेज दूंगा.
वह बोली- हां ठीक है.
उसने अपनी इंस्टाग्राम की आईडी दे दी.
मैंने तुरंत मोबाईल में इंस्टाग्राम खोला और उसकी आईडी सर्च की.
जैसे ही उसकी प्रोफाइल को देखा, आह क्या बोलूँ … उसकी एक से एक फ़ोटो उधर लगी थी.
मैंने उसकी तारीफ की तो वह खुश हो गई.
उस दिन उससे अलग होकर एक अजब सी खुशी थी कि जाने क्या मिल गया हो.
मैंने घर आते ही उसको एक मैसेज भेजा.
कुछ देर बाद उसका जवाब आया कि रात को बात करूंगी.
मैं और ज्यादा खुश हो गया कि बंदी रात को बात करने की कह रही है.
उस दिन रात को उससे बात शुरू हुई तो एक बजे तक बात चलती रही.
फिर वह गुड नाइट बोल कर सोने चली गई.
अब हम दोनों लगभग रोज ऑनलाइन होते तो बात करते.
ट्यूशन में भी अकेले होते तो बात करते, वह सर के सामने बिल्कुल बात नहीं करती थी.
एक दिन यह हुआ कि ट्यूशन में ही उसकी चूत टपकने लगी, उसको माहवारी शुरू हो गई.
वह बहुत परेशान लग रही थी.
मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?
वह कुछ नहीं बोली.
बस धीमे से बोली- मेरी तबीयत ठीक नहीं है. तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ सकते हो?
मैं बाइक लेकर आता था तो झट से रेडी हो गया.
सर ने भी उसकी तबियत के चलते उसे छुट्टी दे दी.
वह पहली बार मेरे साथ बाइक पर बैठी थी.
जब से मैं जवान हुआ तभी से यह चाहता था कि कोई सुंदर सी लड़की मेरे साथ बाइक पर बैठे.
मैं बहुत तेज रफ्तार पर बाइक को दौड़ा कर चलाता था.
जब वह मेरे साथ बाइक पर बैठी तो मेरे साथ चिपक गई.
चूंकि ठंड का मौसम था तो मैं भी उसकी चूचियों का मजा लेने लगा.
मैंने अपना बैग आगे रख लिया था.
मैं तेज बाइक चला रहा था.
मुझे नहीं पता था कि सोनी को भी तेज रफ्तार पसंद थी.
मैं फुल स्पीड में था कि तभी सामने एक गड्डा आया और मुझे ब्रेक लगाने पड़े.
वह झटका खाकर एकदम से मेरे ऊपर गिर पड़ी, उसके बूब्स मेरी पीठ पर लड़ गए.
कुछ समय तक तो मैं वैसे ही उसकी चूचियों से लगा रहा.
उसके बाद वह अलग हुई.
लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था.
कुछ देर यूं ही चलने के बाद सामने एक ब्रेकर आ गया था.
मैंने फिर से एकदम से ब्रेक लगाए.
उसका हाथ एकदम से मेरे लंड पर आ गया.
जहां तक मुझे पता था कि माहवारी के दौरान लड़कियों का चुदने का बहुत मन करता है.
शायद यही वजह थी कि उसका शरीर एकदम से गर्म होने लगा.
वह बोली- सिद्धांत, तुम मुझे यहीं उतार दो … आगे मैं ऑटो से चली जाऊंगी.
मैंने भी कुछ नहीं कहा.
उसे वहीं उतार कर मैं आगे बढ़ गया.
अब मैं सोचने लगा.
उसका एकदम से मेरे लंड पर हाथ आना मुझे थोड़ा अजीब सा लगने लगा.
हालांकि मुझे मज़ा भी बहुत आया था.
वह दो दिन ट्यूशन नहीं आई और ना ही हमारी ऑनलाइन कोई बात हुई.
फिर जब उसकी माहवारी खत्म हो गई तब वह ट्यूशन आई.
वह बोली- सिद्धांत तुम मुझे रोज घर तक छोड़ सकते हो क्या?
यह सुन कर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.
मैंने खुद को कंट्रोल करके कहा- अरे क्यों नहीं … ज़रूर दीदी.
वह मेरे मुँह से दीदी सुन कर थोड़ा गुस्सा सी हो गई और उसने मेरे पैर में एक घूंसा मारते हुए कहा- मुझे सोनी बोल.
मैंने कहा- ठीक है सोनी.
अब ट्यूशन से वापस घर की तरफ चले, तो दस किलोमीटर दूर चलना था.
उस रास्ते में एक सुनसान इलाका आता था.
उधर उसने एकदम से मेरी कमर में हाथ डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी.
मैंने कहा- अरे यह क्या कर रही हो?
वह बोली- सिद्धांत, मैं जानती हूँ कि तुम भी मुझे चोदना चाहते हो. मैं तो जिस दिन आई थी, उस दिन ही तुम्हारे खड़े लंड को देख कर तुमसे चुदवाना चाहती थी.
उसके मुँह से इतनी साफ बात सुन कर मैं खुश हो गया.
मैंने उधर ही तय किया और बाइक को अपने एक दोस्त के कमरे की तरफ मोड़ दी.
मैं सोनी को उधर ले गया और दोस्त से कह कर उससे बाहर जाने के लिए कह दिया.
वह सोनी को देखता हुआ चला गया.
मुझे बिना कंडोम के चोदना पसंद था तो किसी बात की चिंता नहीं थी.
वह रूम खाली होते ही मुझे किस करने लगी.
मैंने कहा- एक मिनट तो रुक जा मेरी जान … जरा दरवाजा तो लगा लेने दे.
मैं जल्दी से उठ कर गया और दरवाजा बंद कर आया.
मैंने आते ही अपने लंड को सहलाया और कहा- आज मैं तुमको नहीं छोड़ूँगा.
उसने कहा- हां मुझे भी नहीं बचना है. जल्दी बता कि कैसे चोदेगा?
मैंने कहा- तुम पहले पूरी नंगी हो जाओ.
उसने कहा- बस इतनी सी बात. चल तू भी अपने कपड़े खोल.
वह पूरी नंगी हो गई.
मैं भी पूरा नंगा हो गया.
हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया और काफी देर तक चूमाचाटी करने के बाद मैंने उससे कहा- मेरे लंड को चूस रंडी!
वह बोली- नहीं यार, मैं मुँह में नहीं लूँगी.
मैंने ज़बरन उसके मुँह में लंड दे दिया.
उसको पहले तो लंड का स्वाद अच्छा नहीं लगा.
उसने जीभ से सुपारा चाट कर एक बात थूक दिया.
फिर उसने खुद से मेरे लंड को मुँह में भर लिया और पूरा अन्दर तक लेकर चूसने लगी.
मैं उसके बूब्स दबा रहा था.
भाई सच बता रहा हूँ कि इतना सॉफ्ट मामला था कि मजा ही आ गया.
मेरा मन उसकी बुर चाटने का हुआ, मैंने कहा- चल 69 में आ जा. मैं लेट रहा हूँ, तू अपनी चुत मेरे मुँह पर टिका कर ऊपर चढ़ जा.
जैसे ही मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू किया, वह कामुक सिसकारियां लेने लगीं ‘आह उहह …’
जब मेरे लंड से न रहा गया तो मैंने एकदम से उसके मुँह में ही पिचकारी मार दी.
वह मुँह हटाने लगी तो मैंने उससे कहा- पी जा रण्डी … प्रोटीन है … तेरे चेहरे का ग्लो बढ़ जाएगा.
उसने वीर्य पी लिया.
फिर मैंने उससे लंड को फिर से चूस कर खड़ा करवाया.
मैंने कहा- साली, तेरा भोसड़ा तो फटा हुआ लगता है.
वह बोली- हां भोंसड़ी के मादरचोद … मैं चुदाई करवाती हूँ.
उसके अन्दर की रंडी जाग गई थी.
मेरे लंड को कुछ मिनट चूसने के बाद वह बोली- ले साले तेरा खड़ा हो गया.
मैंने उससे कहा- हां तो चल अब कुतिया बन जा.
वह बन गई.
मैंने उसकी बुर से थोड़ा दूर को लंड रखा ओर एकदम से एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.
अभी मेरा आधा लंड भी अन्दर नहीं गया था कि वह दर्द से बहुत तेज रोने लगी.
वह बोली- आह साले मादरचोद ने मार दिया.
मैंने कहा- अरे रंडी साली, चुप हो जा बहन की लौड़ी … क्या सारा मुहल्ला बुलाएगी.
वह चुप हो गई.
कुछ मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ, तो वह मस्ती से चुत चुदवाने लगी.
फिर मैंने लंड चुत से बाहर खींचा और उसके मुँह में लंड घुसेड़ दिया.
वह बोली- अभी और चोद कमीने.
मैंने उसको कुतिया बना दिया और बुर में लंड सैट करके एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.
पर गजब हो गया. इस बार मेरा लंड न जाने कैसे उसकी गांड में घुस गया.
मैंने शॉट इतनी ज़ोर का मारा था कि उसकी गांड फट गई और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में घुसता चला गया.
वह बहुत ज्यादा रोने लगी.
पर मैंने उसकी गांड में से लंड नहीं निकाला.
मैं उसकी गांड फाड़ने में बिज़ी बना रहा.
वह चिल्ला रही थी और मैं उसकी सुन ही नहीं रहा था.
दस मिनट बाद उसको भी गांड मरवाने में मज़ा आने लगा.
मैं 10 मिनट तक गांड मारता रहा.
उसके बाद मैं उसकी गुलाबी बुर चोदने लगा.
लंड चुत में पेलते ही उसका पूरा रस निकल गया.
उस वजह से मेरा लंड पूरा चिकना हो गया था.
धकपेल चुदाई के बाद मैंने अपने लंड का माल उसके पेट पर निकाल दिया.
उस दिन मैंने उस गरम लड़की की गरम चूत को 2 घंटे में 3 बार चोदा.
उसके बाद हम दोनों के घर से कॉल आने लगा.
मैंने उससे कहा- चूत का खून आदि साफ कर लो.
उसने सब साफ करना शुरू किया.
मगर वह ठीक से हिल ही नहीं पा रही थी तो उससे चूत साफ करते नहीं बन रहा था.
मैंने ही उसका सब कुछ साफ किया और उसको कपड़े पहनाए.
फिर उसको उसके घर तक छोड़ दिया.
इस बीच मैं उसकी मम्मी से भी मिला.
यार उनका परिवार बहुत ज्यादा रिच था.
अब मेरा उसके घर आना जाना शुरू हो गया.
मैं जब भी उसके घर जाता और उसके घर में सुनसान होता तो मैं उसको उसके कमरे में ले जाकर चोद देता.
मैं पहली बार अन्तर्वासना में अपनी Hindi Porn Stories कहानी भेज रहा हूँ। मैं एक ३३ साल का लड़का हूँ और सभी की तरह मेरे अन्दर भी सेक्स करने की बहुत इच्छा थी। मेरा नाम टॉम है (बदला हुआ नाम) मेरा शरीर गठीला और लण्ड ९ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा है।
यह उस वक्त की बात है जब मैं २५ साल का था और मेरे ऑफिस में एक लड़की की नई नई आई। वो लड़की हमारे शहर की नहीं थी इसलिए एक कमरा लेकर दो और लड़कियों के साथ पेइंग गेस्ट की तरह रहती थी। मेरी शादी अभी नहीं हुई थी, इसलिए मुझे सेक्स करने की कुछ ज्यादा ही इच्छा होती थी पर कोई लड़की हो तो ही न सेक्स करे !
कुछ महीने बीत गए और उस लड़की और मुझ में दोस्ती हो गई। फिर हम कभी होटल में काफ़ी पीने तो कभी खाना खाने जाने लगे। इसी बीच मेरा प्रमोशन हो गया और इसी प्रमोशन की खुशी में मैं और पारो एक दिन आउटिंग के लिए गाँव चले गए।
हम गाँव जाने के लिए स्कूटर पर निकल पड़े। गाँव के नजदीक आते ही पारो को मस्ती सूझी उसने मुझे पीछे से कसकर पकड़ लिया और उसके छूने से मेरा लण्ड तुंरत ही खड़ा हो गया। उसने अपने मुम्मे मेरी पीठ पर इस तरह से चिपकाये थे कि मेरा लण्ड एकदम कड़क हो गया। अब मुझसे बिल्कुल रहा नहीं गया।
मैंने गाड़ी नहर के किनारे लगा दी और पारो को लेकर झाड़ी की आड़ में ले गया और उसे इस तरह लिटाया के कोई हमें देख न सके। फिर मैंने उसे चूमना शुरू किया और ऐसा करने की वजह से वो पूरी तरह से गरम हो गई और उसने मुझे अपने नीचे लेकर ख़ुद ऊपर की पोज़िशन ले ली।
मैं समझ गया कि आज अपनी निकल पड़ी है। पारो ने मेरी पैन्ट उतारी और मेरा लण्ड मुँह में लेकर खूब जोर जोर से चूसने लगी। मैंने तुंरत अपनी पोजिशन बदली, उसका कुरता ऊपर सरकाया और उसके मुम्मे मुँह में लेकर खूब जोर जोर से चूसने लगा। उसे भी बहुत मज़ा आने लगा था और वो सिसकारियाँ भरके मुझे जवाब दे रही थी। फिर हम दोनों ही एक दूसरे को चूसना चाहते थे इसलिए हमने 69 में हो कर एक दूसरे के गुप्तांग मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और हमें मज़ा भी बहुत आ रहा था।
मगर असली मज़ा तो लण्ड और चूत के मिलन के बाद ही आने वाला था। थोड़ी देर में हम दोनों एक दूसरे के मुँह में झड़ गए।
पारो उठ कर खड़ी हो गई और उसने फिर एक बार मुझे किस करते हुए मेरे कानों में कहा- क्या बात हैं ! मैं तो जानती ही नहीं थी कि असली मज़ा तो मेरी चूत को चूसनेवाला ही मुझे दे सकता है !
वो मेरे चुसाई की दीवानी हो गई थी और इसका सबूत यह है कि उसने आव देखा न ताव ! वो सीधा मेरे मुँह पर आकर बैठ गई और अपनी चूत को फ़ैला फैला कर उसे चूसने के लिए मेरी मिन्नतें करने लगी। उधर मेरा लण्ड अभी तक सोया हुआ ही था इसलिए मैंने भी पारो की चूत के अन्दर अपना मुँह घुसेड़ दिया और पागलों की तरह उसकी चूत को चाटने और चूसने लगा। इसी दौरान उसकी टांगों में अकड़न आ गई और मैं समझ गया कि वो अब झड़ने वाली हैं।
वो मेरे मुँह में ही झड़ गई और शांत होने के बाद उसने मेरे मुँह में अपनी जुबान डालकर मुझसे खेलने लगी। उसने अपने हाथ को मेरे लण्ड के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया। अब मेरा लण्ड धीरे धीरे अपनी सीमाएं तोड़ रहा था। वो अपनी पूरी मस्ती में आ गया था। मुझसे भी अब रहा नहीं गया और मैंने पारो को जल्दी से अपने नीचे लिटाकर उसकी टाँगें ऊपर उठा ली। मैंने पारो को अपने हाथ से लण्ड को अपनी चूत पर लगाने को कहा और उसने बिना वक्त गंवाए ऐसा ही किया। उसने धीरे से अपनी कमर उठाकर मेरे लण्ड को अपनी चूत में समां लेना चाहा मगर मेरा विशाल लण्ड अन्दर लेने में उसे बहुत दिक्कत आ रही थी क्योंकि उसकी चूत बहुत ही नाजुक थी।
अब मैंने एक तरकीब लगाने की सोची, इससे पारो को दर्द तो होगा मगर उसे समझ नहीं आएगा कि कब मेरा लण्ड उसकी चूत के अन्दर चला जाएगा।
मैंने पारो को पीठ के बल लेटने को कहा और अपनी टांगें मेरे कन्धों पर रखने को कहा, उसने ऐसा ही किया। फिर मैंने अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुँह पे रखकर एक हल्का सा धक्का लगाया, उसके मुँह से जोर से आवाज़ आई- उई उइ माँ मर गयी मैं ! क्या करते हो बहुत मोटा लण्ड है तुम्हारा !
उसे बहुत जोर से दर्द हुआ। अब मैंने सोचा जब दर्द हो ही रहा है तो क्यों न दो चार और धक्को में अपना पूरा लण्ड अन्दर कर दूँ। मैंने अपनी पूरी ताकत से पारो को और दो धक्के दिए और मेरा पूरा लण्ड पारो की चूत को चीरता हुआ अपनी मंजिल तक पहुँच गया। अब पारो चिल्ला रही थी- प्लीज़ ! मेरी चूत को फाड़ दो ! और जोर जोर से नीचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी।
मुझे भी अब मज़ा आने लगा था और मैंने भी पारो की खूब अच्छी तरह से गहराइयाँ नापने की ठान ली। मैंने पारो को कभी कुतिया की तरह खड़ा करके तो कभी कामसूत्र वाली पोज़िशंस में, खूब अल्टा पलटा कर चोदा। पारो भी अब चुदने का मज़ा उठा रही थी। करीब आधे घंटे के बाद जब मैंने अपना पानी बाहर निकलने की इच्छा ज़ाहिर की तो पारो ने बिना वक्त गंवाए मेरे लुंड को अपने मुँह में भर लिया और कहने लगी आज मुझसे यह मज़ा मत छीनो !
फिर मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और विश्वास कीजिये कि आज से पहले मुझे झड़ने में कभी इतना मज़ा नहीं आया।
मैं अब शांत हो चुका था मगर पारो अभी भी झड़ी नहीं थी उसने एक बार फिर मेरे मुँह पर बैठने की इच्छा जताई और मैंने हां कह दिया। फिर पारो मेरे मुँह पर बैठ गई और उसकी चूत की खुजली मिटाने में मैंने उसकी मदद की और कुछ ही पलों में वो भी झड़ गई।
इतने में हमें एक काला साँप वहाँ पर दिखाई पड़ा और हम दोनों अपने कपड़े ठीक कर के वहाँ से चल दिए।
बाद में हमने कभी ऑफिस में, तो कभी होटल के रूम में, तो कभी डैम के किनारे, पर तो कभी रास्ते में कई बार चुदाई की। पर वो कहानियाँ अलग है और वो मैं आपको अगली बार की कहानी में बताऊंगा। Hindi Porn Stories
मेरा नाम Indian Sex Storiesसुनील है और मैं हरियाणा के कुरूक्षेत्र का रहने वाला हूँ।
मैं अपनी कहानी पर आता हूँ!
सपना जिसकी उम्र १९ साल है उसके सेक्सी होंठ, कातिल जवानी, भरी हुई गांड और मोटे मोटे चुचे किसी भी लंड को खड़ा कर दें। सपना हमारे ही पड़ोस में ही रहती है और उसका हमारे घर आना जाना है।
एक दिन मैं घर में अकेला था और टी वी पर सेक्सी मूवी देख रहा था। तभी बेल बजी, मैंने जल्दी-जल्दी टीवी बंद किया और दरवाजा खोला तो सपना थी।
वो बोली- मेरे कंप्यूटर में कुछ प्रॉब्लम है, तुम ठीक कर दो!
तो मैं उसके साथ उसके घर चला गया। उसके घर पर कोई नहीं था। मैंने कंप्यूटर स्टार्ट किया तो देखा कि उसमें वाइरस की वजह से कुछ प्रॉब्लम थी। इतने में सपना मेरे लिए पानी लेकर आई।
मेरी नजर तो उसके चुचों पर थी। क्या बड़े बड़े चुचे थे ! देख कर किसी के भी मुँह में पानी आ जाये ! मैंने घर से विन्डोज़ की सी डी लाकर इन्सटाल करना शुरू कर दिया और उससे बातें करने लगा। मेरा ध्यान तो उसके चुचों और होठों पर था। थोड़ी देर बाद विन्डोज़ हो गई तो मैंने कंप्यूटर रिस्टार्ट किया और उसके कंप्यूटर पर फ़ाईलें चेक करने लगा तो मैंने देखा कि एक फोल्डर में कुछ हिडेन फ़ाइलें थी। जब मैंने उनको खोला तो देखा कि उसमें सेक्सी फिल्में और वाल-पेपर थे।
तभी सपना वहाँ आ गई।
कंप्यूटर पर चुदाई का सीन चल रहा था। तीन अंग्रेज एक लड़की तो चोद रहे थे। सपना कंप्यूटर बंद करने लगी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और वहीं पर बिठा लिया अपने गोद में, उसके चुचे पकड़ लिए और मसलने लगा। कंप्यूटर पर चुदाई का सीन चल रहा था। पहले तो उसने विरोध किया पर बाद में वो भी गरम होने लगी और उसे भी मजा आने लगा। मैंने उसे पास में सोफे पर गिरा दिया और उसके होठों पर होंठ रख दिए। उसकी कमीज ऊपर कर दी और उसके फिर उसकी ब्रा भी खींच दी। उसके बड़े बड़े चूचों को आजाद कर दिया और मुँह में भर कर उसके तने हुए निप्पलों को चूसने लगा। उसके मुँह से आहें निकलने लगी।
मेरा लंड भी तन कर पैंट से बाहर आने को बेताब था और उसकी टांगों में चुभ रहा था। सपना पूरी तरह से तड़प उठी और उसने हाथ डाल कर मेरे लंड बाहर निकाल लिया।
६ इंच लम्बा लंड देख कर सपना बोली- हाय राम ! कितना बड़ा और मोटा है !
मैंने भी उसकी सलवार और पैन्टी उतार दी और उसको उठा कर बेड पर ले गया और उसकी फुदी को सहलाने लगा। उसकी फुदी पर हल्के हल्के बाल थे। क्या कसी चूत थी ! देख कर मुँह में पानी आ गया।
अब मैं उसके टांगों के बीच आ गया और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी। वो सीत्कार कर उठी। उसकी चूत पानी छोड़ रही थी और चुदने के लिए तैयार थी, पर मैं चाहता था कि वो तड़पे ! मैं उसकी चूत तो चाटने लगा तो उसके बदन में तो जैसे आग ही लग रही थी।
फिर मैंने उसके बाल पकड़े और अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया। पहले तो वो मना करने लगी पर बाद में उसे भी मजा आने लगा।
१५ मिनट के बाद मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में छोड़ दिया जिसे वो पी गई।
थोड़ी देर बाद फ़िर मैंने उसे 69 की पोजिशन में लिटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा और सपना मेरा लौड़ा मुँह में भर कर फिर से चाटने लगी। थोड़ी देर बाद लंड फिर से खड़ा हो गया।
मैंने उसकी दोनों टाँगे उठा कर अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक जोर दार धक्का मारा। मेरा लंड उसकी चूत में फंस गया और वो चिल्लाने लगी। मैंने उसकी परवाह न करते हुए एक और जोर का धक्का मारा तो आधा लंड उसकी चूत में चला गया और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी और उसकी चूत से खून भी आने लगा।
उसकी चूत की झिल्ली फट चुकी थी और वो कलि से फ़ूल बन गई थी। मैंने एक जोर का धक्का और मारा तो सारा लंड उसकी चूत में चला गया। मैं उसको किस करने लगा और उसके चुचे रगड़ने लगा। कुछ देर में जब वो शांत हो गई तो मैंने फिर से धक्के मारने चालू कर दिया। अब उसका दर्द काफी कम हो गया था। उसे भी मजा आने लगा और वो नीचे से चूतड़ उठा उठा कर मजे लेने लगी।
मैंने भी जोर जोर से धक्के मारने शुरू कर दिया। उसे बहुत मजा आ रहा था। १५ मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए और मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो उसकी चूत खून से लाल हो चुकी थी। उसे काफी दर्द भी हो रहा था और उससे चला भी नहीं जा रहा था तो मैं उसे बाँहों में उठा कर बाथरूम में ले गया।
शॉवर चालू कर दिया मैंने और उसकी चूत पर साबुन लगा कर साफ़ कर दिया और फ़िर हम शॉवर का मजा लेने लगे।
वो फिर से गर्म हो गई और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। लंड खड़ा हो गया !
मैंने उसे डौगी स्टाइल में कर दिया, एक ही बार में अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और मैंने उसे जोर से चोदना शुरू कर दिया। 15 मिनट बाद उसने पानी छोड़ दिया पर मेरा लंड अभी भी खड़ा था।
मैंने कहा- अब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा !
क्या मस्त गांड थी उसकी! पर वो मना कर रही थी। पर मैंने उसे मना लिया और उसकी गांड में काफी सारा तेल लगाया और अपना लंड उसकी गांड पर रख कर एक जोर कर धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी गांड में चला गया। वो चिल्लाने लगी!
मैंने कुछ देर रुक कर एक ही झटके में सारा लंड उसकी गांड में घुसेड़ दिया और 20 मिनट तक उसकी गांड मारने के बाद सारा वीर्य उसके मुँह और स्तनों पर डाल दिया।
इसके बाद तो मैंने उसे जब भी मौका मिला मैंने उसे और उसकी कई सहेलियों को भी चोदा।
पर वो सब अगली बार !
उम्मीद है कि आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई होगी।
मुझे मेल कर सकते हैं ! Indian Sex Stories
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