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Massage Girl in North West Delhi: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in North West Delhi who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in North West Delhi that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The North West Delhi massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in North West Delhi who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your North West Delhi massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This North West Delhi massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in North West Delhi who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in North West Delhi employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in North West Delhi helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in North West Delhi

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in North West Delhi at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna

मेरा नाम Antarvasna सीमा, उम्र 26 साल है। मैं एक शादीशुदा औरत हूँ। मैं सेक्स में बहुत रुचि रखती हूँ।
मेरे पति सुनील एक अध्यापक हैं। वो लंबे और सुन्दर दीखते हैं। वो मेरे सौन्दर्य के कायल हैं।

मैं और मेरे पति ब्लू फिल्म देखते हैं और इन्टरनेट पर मुझे काफी लड़कों ने नंगा भी देखा है, वह मेरे पति की महेरबानी है।

मेरे पति अक्सर मैसेन्ज़र पर चैटिंग करते हैं और लड़कों को मुझे नंगा दिखाते हैं। इससे उनको मज़ा आता है, हालांकि मुझे भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

एक दिन की बात है जब शाम को मेरे पति पांच 18 से 20 साल के लड़कों के साथ चैट कर रहे थे।

वो सब एक ही कैम पर थे और मेरे पति ने मुझे उनके सामने नंगा होने को कहा।
मैं फटाफट अपने कपड़े उतारकर नंगी हो गई।

उस वक़्त जैसे मेरे मन में कुछ नया विचार आ रहा था, मैं उन पांचों से चुदवाना चाहती थी।

मैंने उनका आईडी याद रखकर दूसरे दिन जब सुनील स्कूल गए तब मैंने मैसेन्ज़र में आईडी डाला।

इत्तिफाक से उनमें से एक लड़का ऑनलाईन था। मैंने उससे चैट किया और मैंने उसे बताया कि मैं सुनील की पत्नी हूँ।

फिर उसने मुझे कैम पर नंगा होने को कहा।
मैंने ऐसा ही किया।

फिर मैंने उससे कहा- मैं तुम पांचों से एक साथ चुदवाना चाहती हूँ।

वह मान गया और उसने मुझे दो दिन के बाद रात को उसके घर आने को कहा।

पर मैं रात को नहीं जा सकती थी, तो हमने जब सुनील स्कूल जायें तब मेरे घर पर अगले दिन ही आने का कार्यक्रम बनाया।

मैंने उसका फोन नंबर ले लिया और कहा- जब सुनील स्कूल के लिए निकलेंगे, तब मैं मिसकॉल कर दूंगी।
तो हमारी बात पक्की हो गई।

उस दिन मैं खूब उत्साहित थी। मैंने काफी लड़कों को उस दिन अपना नंगा बदन दिखाया। मुझे इसकी आदत हो चुकी थी। मैं हर वक्त कल का इंतज़ार कर रही थी।

उस दिन रात को सुनील के लंड का जी भर के मज़ा लिया पर मैं उस वक्त दूसरे दिन के बारे में सोच कर सेक्स में इतना सहयोग दे रही थी।

अगली सुबह हुई और मैंने सुनील के लिए नाश्ता बनाया।
सुनील नाश्ता कर के कपड़े पहनने लगे और बोले- आज स्कूल में ऐक्स्ट्रा क्लास है।

मैं मन ही मन खुश हुई और नहाने चली गई।
नहाने के बाद मैंने एकदम तंग ब्रा पहनी जिससे मेरे स्तन एकदम सिकुड़ गए।
मैंने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी और एकदम उत्तेजक परफ़्यूम लगाया।

फिर मैंने उस लड़के को मिसकॉल दिया।

उसने फोन किया और मैंने कहा- पीछे के रास्ते से आ जाना!

मैंने उसको पता तो दे ही दिया था।
दस मिनट के बाद वो सब आ गए। पांचों एकदम हैंडसम दिख रहे थे।

मैंने सब को बिठाया और उनको पानी दिया फिर चाय नाश्ता कराया।

उन सबसे मैंने नाम पूछा तो उनके नाम अंकित, सलीम, सुरेश, जय और ज़ॉन थे।
उनमें से ज़ॉन मुझे सबसे अच्छा लगा था।

हमने पहले सामान्य घर-बार की बातें की फिर अंकित बोला- मैं ब्लू फिल्म की सीडी लाया हूँ।
मैंने कहा- ठीक है! चलो बेडरूम में चलते हैं।

जय ने ब्लू फिल्म लगाई। उसमें भी एक लड़की को पाँच मर्द चोद रहे थे।

मैं बिस्तर पर ज़ॉन के आगे और आजू-बाजू बाकी के बैठे थे।

अचानक ज़ॉन ने मेरी पीठ पर हाथ फेरना चालू कर दिया।

मैंने बगल में बैठे अंकित की जांघ पर हाथ रखा, अंकित ने मेरा हाथ पकड़कर उसके लंड पर रख लिया जो काफी बड़ा था।
फिर मैंने उसका लंड निकाला और उसे हिलाने लगी।

तभी सुरेश बोला- रुको, अभी नहीं!

उसने जय को आंख मारते हुए कहा- मैं कुछ लाता हूँ!

मैंने कहा- क्या?
तो सलीम बोला- रुक तो सही रंडी!

मुझे उसकी गाली से मजा आ रहा था, मैं कुछ बोली नहीं!

थोड़ी ही देर में सुरेश कैमरा और दो आदमी लाया।

मैंने कहा- यह सब क्या है?
तो जॉन ने मेरे स्तन दबाते हुए कहा- यह दोनों हमारी ब्लू फिल्म बनायेंगे!

मैंने मना किया पर वो लोग नहीं माने।

सलीम बोला- रंडी, चुदवाना है तो बोल! नहीं तो हम चलते हैं?

मुझमें वासना कूट-कूट कर भरी थी, तो मैंने कहा- ठीक है!

हालांकि मैं मन ही मन चाहती थी कि मेरी ब्लू फिल्म बने।

फिर वो आदमी बोले- अब शुरु करो! हम कैमरा ऑन करते हैं!
वो बोले- ठीक है!

कैमरा-मैन ने सुरेश के सामने कैमरा रखा, उसने हम सबका परिचय दिया।
फिर ज़ॉन आगे बढ़ा और मेरे होंठों पे चूमने लगा; पीछे से सलीम मेरे स्तन दबाने लगा। फिर जॉन ने मेरी साड़ी उतारी, मैं अब सिर्फ ब्लाउज़ और पेटीकोट में ही थी।

फिर सुरेश ने मेरे वक्ष पर किस किया और मेरा ब्लाउज़ एक ही झटके में फाड़ डाला।

तभी कैमरा-मैन बोला- उस रंडी को बोल कि थोड़े नखरे दिखाए!

मैंने अपने स्तनों को पकड़कर कर वासना से भरी हुई हंसी निकाली।
फिर जय ने मुझे बिस्तर पर बैठने को कहा।
मैं बैठ गई और जय ने लम्बा सा लण्ड मेरे मुँह में धर दिया। मैं उसे चूसने लगी।

फिर सलीम ने मेरी ब्रा खोल दी मेरे बड़े बड़े स्तन लहरा कर बाहर आ गये। फिर सुरेश और सलीम मेरी चूचियों को चूसने लगे।

जय का लंड मैंने फिर से मुँह में ले लिया। अंकित एक तरफ़ खड़ा था।

जॉन ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोल कर पेटीकोट निकाल दिया और मेरी पेंटी को चूसने लगा। फिर उसने मेरी पेंटी निकाल दी।

कैमरा-मैन ने नजदीक से मेरी बाल-रहित चूत को शूट किया।

अब मैं बिलकुल नंगी थी।
तब एक कैमरा-मैन बोला- हरामजादी, तू तो नंगी हो गई! अब उन लोगों को नंगा तेरा बाप करेगा?

सबको जुदा करके मैंने बारी बारी से सब को नंगा किया।
मैंने पाया कि सलीम का लंड सबसे लम्बा था, मेरे पति के लंड से भी लम्बा!

मैं बारी बारी से सबके लंड चूस रही थी।

फिर अंकित ने मुझे उठाया और बिस्तर पर पटक दिया।
सलीम मेरे पास में आकर लेट गया और उसने मुझे लंड को चूत में डालकर बैठने को कहा।
मैंने धीरे से वही किया, सलीम का लंड फटाक से अन्दर चला गया।

मैं चिल्लाई, फिर मेरे मुँह से अह्ह्ह अग्ग…. आवाजें आने लगी तो अंकित ने अपना छोटा पर मोटा लंड मेरे मुँह में डाला।
अब मैं आवाज़ नहीं कर रही थी।

फिर ज़ॉन ने पीछे से मेरी गांड पर लंड रखा और एक ही झटके में गांड में लंड डाल दिया।
मुझे बहुत मीठा सा दर्द हुआ।

सुरेश और जय के लंड मेरे हाथों में थे और मैं हाथ से उनके लंड को हिला रही थी।

बारी बारी से सबने मेरी गांड, चूत, मुँह और हाथों को चोदा।
फिर वो सब अलग हो गए और बारी बारी से मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ा।
मैं सारा पानी गटक गई।

फिर सलीम ने मुझे कपड़े पहनाये और हमारी ब्लू फिल्म ख़त्म हुई।

मेरी प्यास बुझ गई थी। मैं मुस्कुरा रही थी क्योंकि मुझे जन्नत का आनंद मिला था।

अचानक दोनों कैमरा-मैन अपने कपड़े निकलने लगे।

मैंने कहा- यह क्या कर रहे हो?
तो वो बोले- चल रानी, अब हमारा मजा ले!

मैं कुछ नहीं बोल सकी और उन्होंने ने भी मुझे चोदा और उन्होंने तो मेरे स्तनों और चूत को काट-काट कर जख्मी कर दिया था।
पर मुझे उसमें मजा आया था।

फिर सबने कहा- तेरी ब्लू फिल्म हम तुझे मेल कर देंगे और एक महीने में सारे मुंबई के ब्लू फिल्म के दीवाने यह देख चुके होंगे।
मैंने कहा- ठीक है! आज से मैं ब्लू फिल्म की रंडी बन गई!

सब हंसने लगे। फिर सब एक बार फिर मेरी चूत को चाट कर और उसकी फोटो खींच कर चले गए।
मैं वो दिन कभी नहीं भूलूंगी।

कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करें! Antarvasna

Antarvasna

प्रेषक : राकेश
अभी तक आपने पहले भागों में पढ़ा Antarvasna कि प्रिया की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की कहानी और जानें कि आगे की चुदाई कैसे हुई।

मैंने अपने आप को प्रिया की दोनों टांगों के बीच फ़िक्स कर लिया और उसकी दोनों टांगों को और फ़ैलाकर उसकी चूत को और चौड़ा कर दिया मुझे उसकी चूत का छेद साफ़ इतना बड़ा दिख रहा था कि उसमे में अपने थम्ब को सीधा डाल सकता था।

पर मैंने बिना टाइम गंवाये किये अपने लंड को सीधा उसकी चूत के छेद में झोंक दिया और मेरा लंड प्रिया की चूत में आधा धंस गया।
ये शायद ऐसा मौका था जब चुदाई में मुझे इतनी आसानी लंड डालने का मौका मिला हो।
मैंने एक और जोर का धक्का लगाया तो मेरा पूरा लंड प्रिया की चूत में ठुक गया।

आज उसकी चूत पहले ही गीली हो रखी थी इसलिये अब मैं अपने लंड को ऊपर नीचे रगड़ने लगा तो प्रिया की चूत में सरसराहट होने लगी।

प्रिया ने भी नीचे से हमला कर दिया और अपनी गांड का एरिया ऊपर को उठा कर खुद भी चुदायी करवाने के लिये मुझे इनवाईट करने लगी।

आज मुझे और प्रिया को चुदायी में दर्द नहीं हो रहा था और दोनों ही मस्त थे वह आज बड़ी मस्ती में लग रही थी।

मैंने प्रिया की चूत में ऊपर नीचे रगड़म परेड शुरु कर दी और प्रिया भी अपनी चुदायी करवाने लगी।

धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ गयी तो गन्ने के खेत में जैसे तूफ़ान सा आ गया। मैंने चुदायी के साथ साथ प्रिया के पूरे बदन को चूमना, चाटना, मसलना और रगड़ना भी चालू रखा था।

मेरा ऐसा करने पर प्रिया भी जवाब दे रही थी बस जवाब के लिये उसके पास लंड नहीं था नहीं तो वह भी पूरे जोर से हमारी चुदायी की गाड़ी को धकेल रही थी।

मैं पहले की तरह बेड पर लेट गया और प्रिया मेरे ऊपर आ गयी। मुझे तो इससे बड़ा फ़ायदा हुआ, मैं पूरी ताकत से चोदने के चक्कर में अपनी काफ़ी एनर्जी वास्ट कर चुका था और इस पोसिशन में मुझे प्रिया की दुबारा चुदायी के लिये रिचार्ज होने का मौका मिल गया।
प्रिया ने अब ऊपर से धक्का लगाना शुरु कर दिया और मैं आराम से उसके चूचियों और निप्पलों को मसलने लगा।
पर उसके बूब्स ही मेरे हाथों के में टार्गेट थे, जब मुझे ज्यादा मज़ा आता तो मैं उसके चूतड़ पर जोर जोर से स्लाप कर देता जिससे प्रिया और मुझे दोनों को मज़ा आता।

मैं जैसे ही प्रिया की गांड के आस पास स्लाप करता प्रिया और जोर से अपनी चूत को मेरे लंड की तरफ़ उठा देती और दोनों का मज़ा दोगुना हो जाता।

अचानक प्रिया बोली- राजु, अब जल्दी करो मैं गीली हो गयी हूं.
तो मैंने प्रिया को फ़िर पहले वाली पोसिशन में करके अपने आप को उसके ऊपर ले आया।

अब मैंने ऊपर से अपनी स्पीड बड़ाकर प्रिया की चूत को अपने लंड से पूरी ताकत के साथ ठोंकना शुरु कर दिया।

प्रिया अब जोर जोर से आवाजें निकाल रही थी पर अब वह पहले की तरह खुश नज़र नहीं आ रही थी पर उसकी आहें मुझे और उत्तेजित कर रही थी और मैंने और जोर से उसकी चुदाई करने लगा।

मुझे प्रिया की चीख में एक अलग ही मज़े का आने लगा और में और जोर से उसकी चूत को अपने लंड से ठोंक रहा था।

करीब 2-3 मिनट बाद ही मेरी भी हालत कुछ ढीली होने लगी और में थकने लगा तो मैंने स्पीड थोड़ा कम कर दी तो प्रिया भी थोड़ा रिलेक्स लगने लगी।

अचानक मुझे ऐसा लगने लगा कि मेरे लंड के जड़ से अंदर नसों में पानी निकलने को बेताब है मैं समझ गया कि अब मेरा भी झड़ने वाला है प्रिया तो शायद पहले ही झड़ चुकी थी।

मैंने प्रिया की चूत में अपना पूरा लंड अंदर तक ठोंक कर अपने को रोक दिया। और मेरे लंड के अंदर से सारा क्रीम धीरे धीरे होता हुआ प्रिया की चूत में जाता सा लगने लगा।

उधर प्रिया भी शायद अपनी चूत में मेरे लंड का क्रीम फ़ील कर रही थी वह हलकी सी आहें भरते हुए रिलेक्स और खुश नज़र आ रही थी। कुछ पलों के बाद मेरे लंड का सारा क्रीम प्रिया की चूत की गेहराई में कहीं गुम हो गया।

मैं एकदम सुस्त हो गया था ऐसा लग रहा था जैसे किसी लम्बी रेस दौड़ी हो और मेरा लंड भी एकदम सिकुड़ गया था में इतना सुस्त हो गया कि वैसे हो प्रिया के ऊपर लेट गया और प्रिया ने भी कोई जावब नहीं दिया और हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे मतलब प्रिया नीचे बेड पर लेटी हुई थी और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर ही था।

5 मिनट बाद ही अलग हुए और बाथरूम जाकर पहले साफ़ किया और अपने अपने कपड़े पहन लिये।

इसके बाद प्रिया ने अपनी साड़ी और पेटीकोट ठीक किया और फ़िर हम दोनों बेडरूम से दुबारा कम्प्यूटर टेबल पर आ गये।

इस समय करीब 10:50 का टाइम हुआ था में बोला चलो चाय पीते हैं तभी अनिल का भी फोन आया कि वह 5 मिनट में पहुंच रहा है।

फ़िर 5 मिनट में चाय भी तैयार हो गयी और फ़िर तीनो ने चाय पी, आज अनिल ने ड्रिंक भी नहीं किया था शायद उसे मौका नहीं मिला पर मैं प्रिया को देखकर उसके बारे में सोचने लगा और शायद अनिल के इरादे ही आज कुछ वैसे ही थे।

मैं प्रिया को देख रहा था पर प्रिया शायद हम दोनों का मतलब समझ गयी थी पर दोनों को ही कुछ बताना नहीं चाहती थी। Antarvasna

अन्तर्वासना कहानी

दोस्तो, हिंदी में इंडियन अन्तर्वासना कहानी में आपने अब तक पढ़ा था कि पण्डित जी रीना की जवानी को भोगने के चक्कर में उसको पूजा करवाने के लिए फंसा चुके थे. पण्डित जी रीना की तारीफ़ करते हुए उस पर डोरे डाल रहे थे कि श्रृंगार के इतनी सुन्दर लगती हो.. तो श्रृंगार के पश्चात तो तुम बिल्कुल अप्सरा लगोगी.

अब आगे..

पण्डित- परम्परा के अनुसार तुम्हारा श्रृंगार पवित्र हाथों से होना चाहिये.. अथवा तुम्हारा श्रृंगार मैं करूँगा.. इसमें तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं?
रीना- नहीं पण्डित जी..
पण्डित- रीना.. मुझे याद नहीं रहा था.. लेकिन जो देवलिंग मैंने तुम्हें दिया था, उस पर पण्डित का चित्र होना चाहिये.. इसलिए इस देवलिंग पे मैं अपनी एक छोटी सी फोटो चिपका रहा हूँ.
रीना- ठीक है पण्डित जी.
पण्डित- और हाँ.. रात को दो बार उठ कर इस देवलिंग को जय करना.. एक बार सोने से पहले.. और दूसरी बार मध्य रात्रि में.
रीना- जी पण्डित जी..

पण्डित ने देवलिंग पर अपनी एक छोटी सी फोटो चिपका दी.. और रीना को बांधने के लिए दे दिया.

रीना ने पहले जैसे देवलिंग को अपनी टांगों के बीच बांध लिया..

आज की पूजा खत्म हुई और रीना अपने कपड़े पहन के घर चली आई.. पण्डित से अपनी तारीफ़ सुन कर वो खुश थी.

सारे दिन देवलिंग रीना की टांगों के बीच चुभता रहा.. लेकिन अब ये चुभन रीना को अच्छी लग रही थी.

रीना रात को सोने लेटी तो उसे याद आया कि देवलिंग को जय करना है..

उसने सलवार का नाड़ा खोल कर देवलिंग निकाला और अपने माथे से लगाया. वो देवलिंग पर पण्डित की फोटो को देखने लगी.

उसे पण्डित द्वारा की गई अपनी तारीफ़ याद आ गई.. अब उसे पण्डित अच्छा लगने लगा था.

कुछ देर तक पण्डित की फोटो को देखने के बाद उसने देवलिंग को वहीं अपनी टांगों के बीच में रख दिया और नाड़ा लगा लिया.

देवलिंग रीना की चूत को टच कर रहा था.. रीना ना चाहते हुए भी एक हाथ सलवार के ऊपर से ही देवलिंग पे ले गई.. और देवलिंग को अपनी चूत पे दबाने लगी. साथ साथ उसे पण्डित की तारीफ़ याद आ रही थी.

उसका दिल कर रहा था कि वो पूरा का पूरा देवलिंग अपनी चूत में डाल ले.. लेकिन इसे गलत मानते हुए और अपना मन मारते हुए उसने देवलिंग से हाथ हटा लिया.

आधी रात को उसकी आँख खुली तो उसे याद आया कि देवलिंग को जय करना है.

देवलिंग का सोचते ही रीना को अपने हिप्स के बीच में कुछ लगा.. देवलिंग कल की तरह रीना की हिप्स में फंसा हुआ था.

रीना ने सलवार का नाड़ा खोला और देवलिंग बाहर निकाला.. उसने देवलिंग को जय किया. उस पर पण्डित की फोटो को देख कर दिल में कहने लगी..

ये क्या पण्डित जी.. पीछे क्या कर रहे थे..?

रीना देवलिंग को अपनी हिप्स के बीच में ले गई और अपने गांड पे दबाने लगी. उसे मज़ा आ रहा था लेकिन डर की वजह से वो देवलिंग को गांड से हटा कर टांगों के बीच ले आई.. उसने देवलिंग को हल्का सा चूत पर रगड़ा.. फिर देवलिंग को अपने माथे पे रखा और पण्डित की फोटो को देख कर दिल में कहने लगी, ‘पण्डित जी.. क्या चाहते हो..? एक विधवा के साथ ये सब करना अच्छी बात नहीं..’

फिर उसने वापस देवलिंग को अपनी जगह बांध दिया.. और गरम चूत ही ले के सो गई.

अगले दिन..

पण्डित- रीना.. शिव को सुन्दर स्त्रियाँ आकर्षित करती हैं अत: तुम्हें श्रृंगार करना होगा.. परन्तु नियम के अनुसार ये श्रृंगार शुद्ध हाथों से होना चाहिये.. मैंने ऐसा पहले इसलिए नहीं कहा कि शायद तुम्हें लज्जा आये..
रीना- पण्डित जी.. मैंने तो आपसे पहले ही कहा था कि मैं भगवान के काम में कोई लज्जा नहीं करूँगी.
पण्डित- तो मैं तुम्हारा श्रृंगार खुद अपने हाथों से करूँगा.
रीना- जी पण्डित जी..
पण्डित- तो जाओ.. पहले दूथ से स्नान कर आओ.

रीना दूध से नहा आई.

पण्डित ने श्रृंगार का सारा सामान तैयार कर रखा था.. लिपस्टिक, रूज़, आई-लाइनर, ग्लीमर, बॉडी आयल..

रीना ने ब्लाउज और पेटीकोट पहना था.

पण्डित- आओ रीना..
पण्डित और रीना आमने सामने ज़मीन पर बैठ गए.. पण्डित रीना के बिल्कुल पास आ गया.

पण्डित- तो पहले आँखों से शुरू करते हैं

पण्डित रीना को आई-लाइनर लगाने लगा.

पण्डित- रीना.. एक बात कहूँ..?
रीना- जी कहिये पण्डित जी..
पण्डित- तुम्हारी आँखें बहुत सुन्दर हैं तुम्हारी आँखों में बहुत गहराई है.

रीना शरमा गई..

पण्डित- इतनी चमकीली.. जीवन से भरी.. प्यार बिखेरती.. कोई भी इन आँखों से मन्त्र-मुग्ध हो जाए.

रीना शर्माती रही.. वो कुछ बोली नहीं.. बस थोड़ा मुस्कुरा रही थी.. उसे अच्छा लग रहा था.

आई-लाइनर लगाने के बाद अब गालों पे रूज़ लगाने की बारी आई.

पण्डित ने रीना के गालों पे रूज़ लगाते हुए कहा.

पण्डित- रीना.. एक बात कहूँ.. ?
रीना- जी.. कहिये पण्डित जी..
पण्डित- तुम्हारे गाल कितने कोमल हैं जैसे कि मखमल के बने हों.. इन पे कुछ लगाती हो क्या..?
रीना- नहीं पण्डित जी.. अब श्रृंगार नहीं करती.. केवल नहाते वक्त साबुन लगाती हूँ.

पण्डित रीना के गालों पे हाथ फेरने लगा. इससे रीना शरमा रही थी.

पण्डित- रीना.. तुम्हारे गाल छूने में इतने अच्छे हैं कि शिव का भी इन्हें.. इन्हें..
रीना- इन्हें क्या पण्डित जी..?
पण्डित- शिव का भी इन गालों का चुम्बन लेने को दिल करे.

रीना शरमा गई.. थोड़ा सा मुस्कुराई भी.. अन्दर से उसे बहुत अच्छा लग रहा था.
पण्डित- और एक बार चुम्बन ले तो छोड़ने का दिल ना करे.
गालों पर रूज़ लगाने के बाद अब लिप्स की बारी आई.

पण्डित- रीना.. होंठ (लिप्स) सामने करो.
रीना ने लिप्स सामने करे.
पण्डित- मेरे ख्याल से तुम्हारे होंठों पर गाढ़ा लाल रंग बहुत अच्छा लगेगा.

पण्डित ने रीना के होंठों पे लिपस्टिक लगानी शुरू की.. रीना ने शर्म से आँखें बंद कर रखी थीं.

पण्डित- रीना.. तुम लिपस्टिक होंठ बंद करके लगाती हो क्या.. थोड़े होंठ खोलो..

रीना ने होंठ खोले.. पण्डित ने एक हाथ से रीना की ठोड़ी पकड़ी और दूसरे हाथ से लिपस्टिक लगाने लगा.

पण्डित- वाह.. अति सुन्दर..
रीना- क्या पण्डित जी?
पण्डित- तुम्हारे होंठ.. कितने आकर्षक हैं तुम्हारे होंठ.. क्या बनावट है.. कितने भरे भरे.. कितने गुलाबी..

रीना- आप मज़ाक कर रहे हैं पण्डित जी..
पण्डित- नहीं.. शिव की सौगंध.. तुम्हारे होंठ किसी को भी आकर्षित कर सकते हैं तुम्हारे होंठ देख कर तो शिव पार्वती के होंठ भूल जाएं.. वह भी ललचा जाएं.. तुम्हारे होंठों का सेवन करें.. तुम्हारे होंठों की मदिरा पिएं..

रीना अन्दर से मरी जा रही थी.. उसे बहुत ही अच्छा फ़ील हो रहा था.

पण्डित- एक बात पूछू?
रीना- पूछिए पण्डित जी..
पण्डित- क्या आज तक तुम्हारे होंठों का सेवन किसी ने किया है?

रीना ये सुनते ही बहुत शर्मा गई.

रीना- एक दो बार.. मेरे पति ने..
पण्डित- केवल एक दो बार..
रीना- वो ज्यादातर बाहर ही रहते थे.
पण्डित- तुम्हारे पति के अलावा और किसी ने नहीं..!
रीना- कैसी बातें कर रहे हैं पण्डित जी.. पति के अलावा और कौन कर सकता है? क्या वो पाप नहीं होता.
पण्डित- यदि विवश हो कर किया जाए तो पाप है, वरना नहीं.. लेकिन तुम्हारे होंठों का सेवन बहुत आनन्ददायक होगा.. ऐसे होंठों का रस जिसने नहीं पिया.. उसका जीवन अधूरा है.

रीना अन्दर ही अन्दर ख़ुशी से पागल हुई जा रही थी.. अपनी इतनी तारीफ़ उसने पहले बार सुनने को मिल रही थी.

फिर पण्डित ने हेयर-ड्रायर निकाला. अब पण्डित ड्रायर से रीना के बाल सुखाने लगा. रीना के बाल बहुत लम्बे थे.

पण्डित- रीना झूठ नहीं बोल रहा.. लेकिन तुम्हारे बाल इतने लम्बे और घने हैं कि शिव इनमें खो जाएंगे.

उसने रीना का हेयर-स्टाइल चेंज कर दिया. उसके बाल बहुत पफी हो गए थे. आई-लाइनर, रूज़, लिपस्टिक और ड्रायर लगाने के बाद पण्डित ने रीना को शीशा दिखाया.
रीना को यकीन ही नहीं हुआ कि वह इतनी सुन्दर भी दिख सकती है.

पण्डित ने वाकयी ही रीना का बहुत अच्छा मेकअप किया था. ऐसा मेकअप देख कर रीना खुद में सनसनी सी फ़ील करने लगी. उसे पता ना था कि वो भी इतनी एरोटिक लग सकती है.

पण्डित- मैंने तुम्हारे लिए खास जड़ीबूटियों का तेल बनाया है.. इससे तुम्हारी त्वचा में निखार आयेगा.. तुम्हारी त्वचा बहुत मुलायम हो जाएगी. तुम अपने बदन पे कौन सा तेल लगाती हो?

रीना ‘बदन’ का नाम सुन के थोड़ा शरमा गई.. सनसनी तो वो पहले ही फ़ील कर रही थी.. ‘बदन’ का नाम सुनके वो और अधिक सनसनी सी फ़ील करने लगी.

रीना- जी.. मैं बदन पे कोई तेल नहीं लगाती.

पण्डित- चलो कोई नहीं.. अब ज़रा घुटनों के बल खड़ी हो जाओ.

रीना अपने घुटनों के बल हो गई.

पण्डित- मैं तुम पर तेल लगाऊंगा.. लज्जा ना करना.
रीना- जी पण्डित जी..

रीना ब्लाउज-पेटीकोट में घुटनों पे थी..

पण्डित भी घुटनों पर हो गया. अब वो रीना के पेट पे तेल लगाने लगा. फिर वो रीना के पीछे आ गया.. और रीना की पीठ और कमर पर तेल लगाने लगा.

पण्डित- रीना तुम्हारी कमर कितनी लचीली है.. तेल के बिना भी कितनी चिकनी लगती है.

पण्डित रीना के बिल्कुल पीछे आ गया.. वे दोनों घुटनों पे थे.

रीना के हिप्स और पण्डित के लंड में मुश्किल से 1 इंच का फ़ासला था. पण्डित पीछे से ही रीना के पेट पे तेल लगाने लगा.

वो उसके पेट पे लम्बे लम्बे हाथ फेर रहा था.

पण्डित- रीना.. तुम्हारा बदन तो रेशमी है.. तुम्हारे पेट को हाथ लगाने में कितना आनन्द आता है.. ऐसा लग रहा है कि शनील की रजाई पे हाथ चला रहा हूँ.

पण्डित पीछे से रीना के और पास आ गया.. उसका लंड रीना के चूतड़ों की दरार को एकदम टच कर रहा था.

अब पण्डित रीना की नाभि में उंगली घुमाने का लगा.

पण्डित- तुम्हारी नाभि कितनी चिकनी और गहरी है.. जानती हो यदि शिव ने ऐसी नाभि देख ली तो वह क्या करेगा?
रीना- क्या पण्डित जी.?
पण्डित- सीधा तुम्हारी नाभि में अपनी जीभ डाले रखेगा.. इसे चूसता और चाटता रहेगा.

ये सुन कर रीना मुस्कुराने लगी. शायद हर लड़की या नारी को अपनी तारीफ़ सुनना अच्छा लगता है.. चाहे तारीफ़ झूठी ही क्यों ना हो.

पण्डित एक हाथ रीना के पेट पे फेर रहा था.. और दूसरे हाथ की उंगली रीना की नाभि में घुमा रहा था.

रीना के पेट पे लम्बे लम्बे हाथ मारते वक्त पण्डित दो तीन उंगलियां रीना के पेट से ऊपर उठता हुआ ब्लाउज के अन्दर भी ले जाता.

तीन चार बार उसकी उंगलियां रीना के मम्मों के निचले हिस्से पर टच हुईं.

रीना गरम होती जा रही थी.

पण्डित- रीना.. अब हमारी पूजा आखिरी चरण में है. परम्परा में कुछ आसन बताए गए हैं.
रीना- आसन.. कैसे आसन पण्डित जी?

पण्डित- अपने शरीर को शुद्ध करने के पश्चात जो स्त्री उस आसन में लेट जाती है.. शिव उससे सदा के लिए प्रसन्न हो जाता है.. लेकिन ये आसन तुम्हें एक पण्डित के साथ लेने होंगे.. परन्तु हो सकता है मेरे साथ आसन लेने में तुम्हें लज्जा आए.
रीना- आपके साथ आसन.. मुझे कोई आपत्ति नहीं है..!
पण्डित- तो तुम मेरे साथ आसन लोगी..?
रीना- जी पण्डित जी..!
पण्डित- लेकिन आसन लेने से पहले मुझे भी बदन पे तेल लगाना होगा.. और ये तुम्हें लगाना है.
रीना- जी पण्डित जी..

ये कह कर पण्डित ने तेल की बोतल रीना को दे दी.. और वो दोनों आमने सामने आ गए. दोनों घुटनों के बल खड़े थे.

रीना ने पण्डित की छाती पे तेल लगाना शुरू किया.

पण्डित ने छाती, पेट और अंडरआर्म्स शेव किये थे.. इसलिए उसकी स्किन बिल्कुल कोमल थी.

रीना पहले भी पण्डित के बदन से आकर्षित हो चुकी थी. आज पण्डित के बदन पे तेल लगाने से उसका बदन और चिकना हो गया. वो पण्डित की छाती, पेट, बाँहें और पीठ पर तेल लगाने लगी.

वह खुद के अन्दर से पण्डित के बदन से लिपटना चाह रही थी. रीना भी पण्डित के पीछे आ गई.. और उसकी पीठ पे तेल मलने लगी. फिर पीछे से ही उसके पेट और छाती पर तेल मलने लगी. रीना के चूचे हल्के हल्के पण्डित की पीठ से टच हो रहे थे. रीना ने भी पण्डित की नाभि में दो तीन बार उंगली घुमाई.

पण्डित- रीना.. तुम्हारे हाथों का स्पर्श कितना सुखदायी है.

रीना कहना चाह रही थी कि पण्डित जी.. आपके बदन का स्पर्श भी बहुत सुखदायी है.. लेकिन शर्म की वजह से ना कह पाई.

पण्डित- चलो.. अब आसन लेते हैं.. पहले आसन में हम दोनों को एक दूसरे से पीठ मिला कर बैठना है.

पण्डित और रीना चौकड़ी मार के और एक दूसरे की तरफ़ पीठ कर के बैठ गए.. फिर दोनों पास पास आए जिससे कि दोनों कि पीठ मिल जाएं.

पण्डित की पीठ तो पहले ही नंगी थी क्योंकि उसने सिर्फ लुंगी पहनी थी. रीना ब्लाउज और पेटीकोट में थी.. उसकी लोवर पीठ तो नंगी थी ही.. उसके ब्लाउज के हुक्स भी नहीं थे, इसलिए ऊपर की पीठ भी थोड़ी सी एक्सपोज्ड थी.

दोनों नंगी पीठ से पीठ मिला कर बैठ गए.

पण्डित- रीना.. अब हाथ जोड़ लो..

पण्डित हल्के हल्के रीना की पीठ को अपनी पीठ से रगड़ने लगा. दोनों की पीठ पे तेल लगा था.. इसलिए दोनों की पीठ चिकनी हो रही थी.

पण्डित- रीना.. तुम्हारी पीठ का स्पर्श कितना अच्छा है.. क्या तुमने इससे पहले कभी अपनी नंगी पीठ किसी की पीठ से मिलाई है..?
रीना- नहीं पण्डित जी.. पहली बार मिला रही हूँ.

रीना भी हल्के हल्के पण्डित की पीठ पे अपनी पीठ रगड़ने लगी.

पण्डित- चलो.. अब घुटनों पे खड़े होकर पीठ से पीठ मिलानी है.

दोनों घुटनों के बल हो गए.

एक दूसरे की पीठ से चिपक गए.. इस पोजीशन में सिर्फ पीठ ही नहीं.. दोनों के हिप्स भी चिपक रहे थे.

पण्डित- अब अपनी बाँहें मेरी बांहों में डाल के अपनी तरफ़ हल्के हल्के खींचो.

दोनों एक दूसरे की बांहों में बांहें डाल के खींचने लगे. दोनों की नंगी पीठ और हिप्स एक दूसरे की पीठ और हिप्स से चिपक गईं.

पण्डित अपने हिप्स रीना के कूल्हों पर रगड़ने लगा. रीना भी अपने चूतड़ पण्डित के कूल्हों पर रगड़ने लगी.

रीना की चूत गरम होती जा रही थी.

पण्डित- रीना.. क्या तुम्हें मेरी पीठ का स्पर्श सुखदायी लग रहा है?

रीना शरमाई.. लेकिन कुछ बोल ही पड़ी.
रीना- हाँ पण्डित जी.. आपकी पीठ का स्पर्श बहुत सुखदायी है.
पण्डित- और नीचे का..?

रीना समझ गई पण्डित का इशारा हिप्स की तरफ़ है.

रीना- अ..ह्ह..हाँ पण्डित जी..

दोनों एक दूसरे के हिप्स को रगड़ रहे थे.

पण्डित- रीना.. तुम्हारे चूतड़ भी कितने कोमल लगते हैं कितने सुडौल हैं. मेरे चूतड़ तो थोड़े कठोर हैं.
रीना- पण्डित जी.. आदमियों के थोड़े कठोर ही अच्छे लगते हैं.
पण्डित- अब मैं पेट के बल लेटूंगा.. और तुम मेरे ऊपर पेट के बल लेट जाना.
रीना- जी पण्डित जी.

पण्डित ज़मीन पर पेट के बल लेट गया और रीना पण्डित के ऊपर पेट के बल लेट गई.

रीना के चूचे पण्डित की पीठ पर चिपके हुए थे.

आगे की अन्तर्वासना कहानी भाग 4 में पढें

साथियो, इंडियन सेक्स स्टोरीज कैसी लग रही है?

हेल्लो दोस्तो ! मैं जीतू एक बार फ़िर हाज़िर हूँ अपना अनुभव लेकर !Antarvasna

यह आज से एक साल पुरानी बात है, मुझे चेटिंग Antarvasna करने का बहुत शोक है और मैं चेटिंग पर लड़कियों और शादीशुदा औरतों से सेक्स की बातें किया करता था। उनको चेट के जरिये चोदा करता था, मजा आता था इस सब में। मुझे पर फ़िर धीरे धीरे वस्तविक सेक्स करने की इच्छा होने लगी। इसलिए मैंने चेटिंग पर असंतुष्ट महिला की तलाश शुरू कर दी।

एक दिन मैं चेट करने के लिए किसी को ढूंढ रहा था, तभी मुझे एक प्राइवेट मैसेज मिला, वो एक औरत का मैसेज था। वो अपने पति से असंतुष्ट थी, उसका नाम रचना था, उसकी उमर ३२ साल थी। उसने मुझे अपना फ़ोन नम्बर दिया और शाम को फ़ोन करने के लिए बोला। मैंने जब शाम को उसको फ़ोन किया थो उसने मुझसे ज्यादा बात ना करते हुए सिर्फ़ अपना पता दिया और २ दिन बाद आने के लिए कहा।

मैं जब उसके घर गया तो वो अकेली थी। वो एक बहुत ही सुंदर महिला थी उसको देख कर लगता नहीं था कि वो ३२ साल ही की है। हम दोनों सोफे पर बैठ गए और बात करने लगे। मैंने उससे पूछा- आपके पति क्या करते हैं?

तो वो कहने लगी कि वो एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में काम करता है और ज्यादातर बाहर ही रहता है इसीलिए उसको समय नहीं दे पाता और वो तड़पती रहती है। उसकी शादी को ५ साल हो गए लेकिन उनके कोई बच्चा भी नहीं है। फ़िर वोह रोने लगी। मुझे उस पर बहुत दया आई और मैं उठकर उसके पास गया और उसको चुप करने लगा।

वो एकदम से मुझसे चिपट कर रोने लगी। मुझे उसकी चुचियों का दबाव अच्छा लगने लगा और मेरा लण्ड खड़ा होने लगा। मैंने उसकी कमर पर हाथ फिराना शुरू कर दिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा। अब उसकी रोने की सिसकी मस्ती की सिसकी में बदल गई। मैं धीरे धीरे उसकी चुचियों को दबाने लगा। उसकी चूची एकदम टाइट हो गई। अब वो पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थी।

मैंने उसका ब्लाउज़ उतार दिया और ब्रा भी। मैं तो उसकी चूची देख कर हैरान रह गया, क्या मस्त एक दम सीधी खड़ी थी !

मैंने उनको जोर जोर से दबाना और चूसना शुरू कर दिया। उसने भी मेरी पैंट खोल कर मेरा लण्ड बाहर निकाल लिया और उसको सहलाने लगी। वो मेरा लण्ड देख कर बहुत खुश हो गई, कहने लगी कि उसके पति का तो बहुत छोटा है !

फ़िर उसने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैंने उसके। उसका खूबसूरत नंगा जिस्म देख कर मैं तो पागल हो गया। मैंने उसको वहीं ज़मीन पर लिटाया और उसके पूरे शरीर पर किस करना शुरू कर दिया। वो जोर जोर से आआआआअह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊमम्म्म्म्म करने लगी।

फ़िर मैंने उसकी चूत में अपनी ऊँगली डाल दी और चोदने लगा। उसकी चूत बहुत कसी लग रही थी। उसको बहुत मजा आ रहा था। फ़िर मैंने उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया और उसको चाटने लगा। उसके दाने को जीभ से सहलाने लगा। वोह जोर जोर से अपनी गांड उठाने लगी और चिल्लाने लगी- जोर जोर से करो ! मैं झड़ने वाली हूँ ! आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊऊऊस्स्स्स्स्स्स्म्म्म्म्म करने लगी।

तभी उसने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा दिया और झड़ने लगी। मैं उसका सारा पानी पी गया। फ़िर वो खड़ी हो गई और मुझसे लिपट गई और कहने लगी- जीतू आज तक मैं प्यासी थी, तुमने आज मुझे संतुष्ट कर दिया !

मैंने कहा- जान ! अभी तो आधा काम हुआ है !

और फ़िर मैं उसको अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा कर उसकी चूची को चूसना शुरू कर दिया। वो दोबारा गरम होने लगी। मैंने उसके ड्रेसिंग से तेल उठाया और उसके पूरे बदन पर डाल कर मालिश करने लगा। वो मस्ती में जोर जोर से चिल्लाने लगी- येस्स ! स्स्स्स्स आआआआअ ऊऊ !

मैं धीरे धीरे उसकी गांड में ऊँगली डालने लगा। वो एक दम से उछल पड़ी और मुझे देख कर मुस्कराने लगी। उसकी आँखों में वासना थी। फ़िर मैंने उसको उल्टा किया और उसकी गांड चाटने लगा। वो मस्ती से बोलने लगी। मैंने उसकी गांड में अपनी दो ऊँगलियाँ घुसा दी और उसको चोदने लगा।

फ़िर मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गांड पर लण्ड रखा। वो कहने लगी कि धीरे करना ! मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई !

मैंने धीरे से अपना लण्ड गांड में दबाया और एक झटका दिया। जैसे ही गांड में लण्ड का टोपा घुसा, वो चिल्ला पड़ी।

मैं रुक गया और उसकी चूची दबाने लगा। उसको मजा आने लगा। फ़िर मैंने एक झटका जोर से लगा दिया पूरा का पूरा लण्ड तेल की वजह से गांड को चीरता हुआ अंदर घुस गया। वो जोर से चिल्ला पड़ी और रोने लगी। फ़िर मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उसको सीधा करके उसकी चूत मे लण्ड घुसाने लगा।

मैंने धीरे से लण्ड चूत मे डाला तो चूत के पानी की वजह से लण्ड जाने लगा और धीरे धीरे मैंने पूरा लण्ड उसकी चूत मे घुसा दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी, शायद उसके पति ने उसे ज्यादा नहीं चोदा था उसको, जैसे कि उसने बताया था।

खैर जैसे ही मैंने एक झटका दिया, वो जोर से बोली- जीतू प्लीज़ ! धीरे ! मैं मर जाऊंगी ! तुम्हारा लण्ड बहुत मोटा है, आराम से करो !

मैंने धीरे धीरे झटके देने शुरू कर दिए और अपना पूरा लण्ड उसकी चूत की गहराई में उतारने लगा। उसको अब मजा आने लगा और वो अपनी गांड उठाने लगी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ाई और तेज तेज चोदने लगा।

तभी उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरी पीठ में अपने नाखून गड़ा दिए और चिल्लाते हुए झड़ने लगी। फ़िर मैंने उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में लण्ड डाल दिया और उसको चोदने लगा। अब वो मस्ती में थी। मैं कभी उसकी चूत में लण्ड डाल कर चोदता तो कभी गांड में। वो फ़िर से झड़ गई। अब मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाला और जोर जोर से चोदने लगा।

मैंने उसको सीधा लिटाया और उसके पैर उसके कंधो तक मोड़ कर उठा दिए। इससे मेरा लण्ड सीधा उसकी बच्चेदानी तक पहुँचने लगा। अब मैं झड़ने ही वाला था कि वो भी झड़ गई और मैं भी !

मैं इतनी जोर से पहले कभी नहीं झड़ा था। मैं १५ मिनट तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसकी और मेरी आँख लग गई। करीब १ घंटे बाद मेरी आँख खुली तो वो सो रही थी। मैं धीरे से उठा और उसको देखने लगा। मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला, मैं उसके गोरे बदन को सहलाने लगा। इससे वो भी उठ गई और मेरा लण्ड पकड़ कर सहलाते हुई कहने लगी- जीतू तुमने आज मुझे पूरी औरत बना दिया है !

और मेरा लण्ड चूसने लगी। उसके मुँह में लण्ड जाते ही मेरा लण्ड फ़िर से खड़ा हो गया चोदने के लिए। मैंने फ़िर उसको कुतिया की तरह और कई प्रकार से चोदा और फ़िर उसकी चूत मे ही झड़ गया।

घड़ी में समय देखा तो शाम के ५ बज रहे थे। मैं उठा और अपनी कपड़े पहनने लगा। यह देख कर वो मुझसे लिपट गई और कहने लगी- आज की रात मत जाओ ! कल चले जाना !

दोस्तों उसकी इतनी प्यार से की गई प्रार्थना की वजह से मैं रुक गया और रात भर मैंने उसको ४-५ बार चोदा अलग अलग तरीके से।

सुबह उसके चेहरे पर एक चमक थी और संतुष्टि भी। मैंने अपनी कपड़े पहने और जाने लगा तो उसने मुझे ५००० रुपए दिए। मैंने मना कर दिया तो भी उसने मुझे जबरदस्ती ३००० तो दे ही दिए।

और मैं फ़िर मिलने का वादा करके वापस आ गया। उसके बाद उसने मुझे ३-४ बार बुलाया और अपनी एक फ्रेंड से भी मिलवाया।

यह कहानी फ़िर अगली बार !

तब तक आप सब लड़कियां, भाभी और आंटियाँ अपनी चूत में ऊँगली डाल कर अपना पानी निकालो !

तो कैसी लगी मेरी कहानी मुझे मेल करें ! Antarvasna

Hindi sex stories (Hamara chaukidar)

मैं गौरव, मैं 46 साल का हूँ Hindi sex stories और मेरी सेक्सी बीवी शैला (बदला हुआ नाम) 40 साल की है। हमारी शादी हुए 20 साल हो गये हैं।

अब शैला में वो पहले वाली बात नहीं रह गई थी। अब तो वो बस चुदाते समय बस लेटी रहती थी, उसमे कुछ भी सेक्स बाकी नहीं रह गया था। मैं उससे बहुत बोर हो गया था इस तरह का सेक्स करते करते।

एक दिन मैंने शैला के ड्रॉवर का ताला खोला तो उसमें एक बड़ा सा डिल्डो यानि प्लास्टिक का लण्ड रखा हुआ था।

मैं तुरन्त ही समझ गया था कि अब उसे कोई साधारण नहीं, मोटे लण्ड की आवश्यकता है, शायद उसे इस डिल्डो से बड़े लण्ड की आदत हो गई थी इसलिये उसे अब मेरे लण्ड की चुदाई में मजा नहीं आता था।

यह सब देख कर अब तो मेरा मन उसे किसी प्लास्टिक के लण्ड से नहीं, पर सच में किसी किसी मोटे और बड़े लण्ड से चुदाई होते देखने का मन हो आया था।

वैसे शैला पहले बहुत ही सेक्सी औरत थी और वो कई कई बार एक ही दिन में चुदा लेती थी, उसे डर नहीं लगता था।

वो चुदने में एक्सपर्ट थी और सब काम उसे सेक्स में करना मन्जूर था। वो चुदाते समय लण्ड को अपने मुंह में लेकर चूसती थी, अपनी गाण्ड में भी मस्ती से लण्ड ले लेती थी, 69 की पोजीशन में भी ओरल सेक्स के मजे लेती थी।

चुदते समय उसकी दर्द भरी आवाज में चिल्लाना, आहे भरना गर्म गर्म सांसें छोड़ना, चूतड़ों और चूत को उठा उठा कर लण्ड लेना, जीभ से लण्ड को सहलाना, उसकी वो कातिल निगाहें और मुंह से चूसने का अन्दाज और पूरा लण्ड मुंह में भर लेना, हम दोनों को बहुत ही मजा आता था।

अब कुछ सालों से वो ठण्डी हो गई थी और मुझे उसे फिर से गर्म करना था।

एक दिन मैं और शैला रात को कहीं से आ रहे थे। हम बिल्डिंग में आ गये तो देखा कि नया चौकीदार गेट पर था। वो कुछ पचास साल का होगा। वो मोटा सा लम्बा सा सांवले रंग का आदमी था।

मैंने इस बात को नोट किया कि जब हम ऊपर जा रहे थे तो वो मेरी बीवी शैला की गाण्ड को बहुत ही घूर रहा था।

शैला ने नाईटी पहन रखी थी सो उसकी गाण्ड पीछे से मस्त बाहर निकली हुई दिख रही थी।

मुझे लगा कि क्यूं ना मैं उससे शैला को चोदने के लिये बोलूं।

पर मुझे अभी उसके लण्ड का आकार भी देखना था क्यूंकि शैला को तो मोटे लण्ड की आवश्यकता थी।

मैं चौकीदार को दूसरे दिन दारू पिलाने ले गया और जब उसे पेशाब आया तो मै भी उसके साथ में गया।

जब उसने अपनी पैन्ट की जिप खोल कर लण्ड निकाला तो मैं उसका लण्ड देख कर दंग हो गया। काला सा मोटा सा लण्ड नौ इंच का था। मैं उसका लण्ड देख कर खुश हो गया।

उसका नाम रविंद्र था पर बहुत ही गर्म दिमाग का आदमी था और बहुत गाली देता था।

बातों बातों में मैंने भी थोड़ी बहुत पी ली थी फिर उससे पूछा कि तुम मेरी बीवी को घूर रहे थे।
पहले तो वो थोड़ा डरा, पर दारू के नशे में बोला- मस्त माल है… क्या गाण्ड है उसकी!

मैंने पूछा- तुम उसे चोदोगे?
इस पर वो उठ कर बोला- चलो, अभी चोद डालूंगा उसे।

अब हम घर की तरफ़ चल दिए। मैं उसे घर में ले गया और शैला से कहा- आज ये यहीं सोयेगा।

वो अब हमारे साथ सो गया।

हम बेड पर थे और वो नीचे सो रहा था।

थोड़ी देर बाद मैं उठा और मैंने जो पहनने को उसको लुंगी दी थी, उसे ऊपर कर दी।

उसने अपनी लुन्गी निकाल दी। अब उसका काला सा मोटा और बड़ा सा लण्ड खुला हुआ था। वो अब सोने की एक्टिंग करने लगा।

मैं दूसरे कमरे में चला आया और जोर से दरवाजा बन्द किया।

दरवाजे के बन्द करने की आवाज से शैला उठ गई। उसने रविंद्र के बड़े लण्ड को देखा तो उसे कुछ होने लगा।
वो सोचने लगी कि रविंद्र नशे में सो रहा है तो वो उसके लण्ड को सहलाने लगी।

इतने में मैंने दरवाजे को खोला तो शैला डर गई पर मैंने उसे कहा- मज़े कर।

अब रविंद्र भी उठ गया। उसने शैला की जम कर चुदाई की।

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