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Massage Girl in Lawngtlai: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Lawngtlai who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Lawngtlai that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Lawngtlai massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Lawngtlai who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Lawngtlai massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Lawngtlai massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Lawngtlai who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Lawngtlai employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Lawngtlai helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Lawngtlai

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Lawngtlai at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

ये बात तब 2020 की है जब मैं कॉलेज में था । मेरा एक दोस्त था रोहित। हम दोनो खूब मस्त रहते थे, साथ कॉलेज जाते थे, जिम जाते साथ में । लोग हमे देख कर ये सोचते थे की हम सगे भाई है । इस ही दिन कट रहे थे मगर मैं कभी भी रोहित के घर नही गया था । एक दिन उसका कॉल आया और बताया कि उसके मम्मी पापा की सालगिराह है तो घर में पार्टी है जल्दी आने के लिए उसके घर। मैने सोचा पहली बार जा रहा हु और स्पेशल दिन भी है तो कुछ गिफ्ट ले लेता हु। मैने एक बुके लिया और चॉकलेट का पैक ले लिया। मैं उसके घर जैसे ही पोहौचा देखा बोहोत लोग आए हुए थे । 30,35 लोग थे तो मैंने रोहित को कॉल करा और बाहर आने को बोला । वो बाहर आया और मुझे लेके गया उसके मम्मी पापा के पास। मैं जाते ही हैरान हो गया उसकी मम्मी को।देख कर। उनका नाम श्वेता था और पापा का नाम कमलेश। अंकल की उम्र 54 थी और आंटी 43 मगर आंटी को देख कर लगा नही वो इस उम्र में है। एक दम फिट और सेक्सी। आंटी का साइज 34–38–42 मस्त सुडोल । आंटी ने चमकीली और नेट वाली साड़ी पहनी थी जिसमे हाफ स्लीव ब्लाउज था। ब्लाउज में से चूचे बाहर आने को हो रहे थे।आंखों में चमक, बाल लंबे , चूचे एक दम तने हुए और गान्ड देख कर तो मुंह में पानी आ जाए। आंटी ने कहा :– अच्छा ये राहुल है । मैं उनसे मिला और पार्टी में एंजॉय करने लगा। कुछ भी करू बस आंटी पर ही नजर जा रही थी । आंटी ने भी मुझे देख लिया था उन्हें देखते हुए। पार्टी में दारू बीयर चल रही थी तो मैं और मेरा दोस्त भी पी रहे थे। पार्टी खतम होने के बाद मैं जाने लगा तो रोहित ने कहा रात हो गई है यही रुक जा । मैने मना किया तो आंटी भी बोली रुकने का तो मैने सोचा चलो रुक ही जाते है। सब सोने चल दिए अपने अपने रूम में। मुझे नींद नहीं आ रही थी बस आंटी घूम रही थी दिमाग में । मुझे प्यास लगी तो किचन गया पानी पीने तो आंटी के रूम से आवाज़ सुनी। मैं दबे पाओ देखने चला गया । मैने देखा आंटी पूरी नंगी थी और अंकल भी। आंटी बिस्तर में लेटी थी और अंकल चोद रहे थे । आंटी के चूचे ऊपर नीचे हो रहे थे मस्त और अंकल दमादम चोद रहे थे। आंटी बोलती है आंटी :– चोदते रहो बस आह आह आह बस करते रहो कमलेश आह चोदो मुझे अंकल:– आज कल तू खूब रण्डी बन गई है हमेशा हवस चढ़ी रहती है तुझे आंटी :– तुमसे भी तो अब नही होता है कुछ कमलेश करते रहो। अंकल:– मेरा होने वाला है आंटी :– प्लीज़ अभी मत निकालना इतनी जल्दी प्लीज प्लीज अंकल का निकल गया और आंटी के ऊपर ढेर हो गए । आंटी मुंह बनाके बोलती है जब कर नही पाते हो तो क्यों मेरी वासना को जगा देते हो । अंकल चुपचाप होके सोने लगे । आंटी ने कपड़े से अपने आपको पोछा और पानी पीने आई तो मुझे देख लिया जगे हुए । मुझे बोलती है अभी तक सोया नही मैने भी कह दिया नींद नहीं आ रही। आंटी कहती है आजा फिर कॉफी पीते है। मैं भी चला गया उनके पीछे पीछे किचन में । मेरा लन्ड तो पहले से ही टाइट था जो दिख रहा था पैंट में से । आंटी और मे कॉफी पीते पीते बाते कर रहे थे। आंटी :– कैसी चल रही है पढ़ाई मैं:– बोहोत मस्त आंटी आंटी :– तुम दोनो भी ड्रिंक करते हो मैं डर के :– कभी कभी आंटी बस आंटी :– चलो अच्छा है मगर आदत मत बनाना मैं :– हा आंटी आदत नही बनाएंगे आंटी को मेरा लन्ड दिख गया था जो तना हुआ था । आंटी एक दम घूरने लगी तो मैने धीरे से एडजस्ट करा और चुपचाप बैठा रहा । आंटी बोलती है चल सो जाते है मैने भी हा कहा और रूम में चले गए । मेरा मन नहीं माना तो आंटी के रूम में धीरे से देखने लगा आंटी क्या कर रही है । मैं हैरान हो गया देख कर आंटी अपनी मैक्सी उठा के चूत में उंगली कर रही है और अपने चूचे मैक्सी के ऊपर से दबा रही है। 10 15 मिनट उंगली करने के बाद झड़ गई तो ऐसे ही थोड़ी लेटी रही और मैं उन्हें देख कर लन्ड सहला रहा था तो उन्होंने मुझे देख लिया की मैं उन्हें देख रहा था । मैं भाग गया और रूम में जाके सो गया चुपचाप। सुबह हुई तो आंटी उठाने आई हम दोनों को। मैं उठा तो आंटी को देखते रह गया नहा के आई थी गीले बाल और डीप नेक सूट में कमाल लग रही थी। उन्होंने उठाया और चाय देके गई । रोहित उठा बाथरूम में चला गया । मैं भी फ्रेश होने गया तो आंटी के ब्रा पैंटी देखा जो हैंगर में टंगे हुए थे । मैने उठाया और सूंघने लगा । पता नही क्या हुआ मैने सूंघते सूंघते मूठ मारने लगा और अपना माल पैंटी में छोड़ दिया । मुझे डर लगने लगा की अब मुझे डाट ना पड़े । मैं चुपचाप ब्रा पैंटी को पानी से गीला कर के आ गया। नाश्ता कर के घर चला गया । फिर ऐसे ही 2 दिन बीत गए फिर रोहित का कॉल आया की वो और उसके पापा अपने गांव जा रहे है कुछ काम से तो मैं उसके घर में रुक जाऊं क्युकी आंटी अकेली होगी। मैं मना कर नही सकता था तो मैं भी चला गया। रोहित ने बताया कि वो 3,4 दिन में आ जाएंगे तब तक उसके ही घर रुक जाऊं मैं।अंकल और रोहित चले गए अब मैं और आंटी बचे दोपहर में खाना खाया फिर आंटी ने मुझे मार्केट चलने को कहा तो मैं साथ चल दिया । कुछ सामान खरीदने के बाद घर आ गए । आते आते शाम हो गई थी तो आंटी ने आके मुझसे कहा ड्रिंक करूंगा क्या उनके साथ। मैं पहले तो डर गया मगर हा बोल दिया । आंटी ने मुझे पैसे दिए और कहा की बीयर ले आ साथ में कुछ खाने को भी लाना। मैं चला गया बीयर चकना के साथ साथ कॉन्डम भी ले आया। मैं जैसे ही आया तो देखा आंटी एक सेक्सी जालीदार मैक्सी पहनी हुई थी सोफे में बैठी हुई थी । मैक्सी से हल्की हल्की ब्लैक ब्रा दिख रही थी। हम दोनो पीने लगे और जब सुरूर चढ़ा तो आंटी बोलती है आंटी :– तेरी गर्लफ्रेंड कैसी है मैं :– कोई गर्लफ्रेंड नही है मेरी पहले थी मगर अब नही है आंटी :– अब कोई क्यों नही है ? मैं :– अब कोई मिली ही नहीं आपके जैसी आंटी :– तभी मेरे कपड़ों में माल निकाला था मैं डर गया और चुप रहा तो आंटी ने कहा :– मैं कैसी लगती हु तुझे मैने तपाक से कह दिया :– आप bomb हो आंटी मस्त एक दम आंटी:– अब मुझ में इतनी बात कहा मैं:– आंटी अभी भी आप जवान लड़कियों को पीछे छोड़ देती हो आप बोहोत खूबसूरत हो आंटी मेरे पास आके बोली :– अच्छा ऐसा है तो मुझे गर्लफ्रेंड बना ले मैं डर गया तो उन्होंने मेरे लन्ड को पैंट के ऊपर से सहला दिया । मेरा लन्ड एक दम से फुल टाइट हो गया। में बताना भूल गया की मेरा लन्ड 7.4 साइज है और मस्त मोटा। मैं मस्त होके उन्हें चूमने लगा वो भी साथ दे रही थी । हम सोफे में एक दूसरे को चूमे जा रहे थे और साथ में उनके मैक्सी के ऊपर से दोनो चूचे दबा रहा था। वो आह आह आह कर के कहार रही थी। फिर उन्होंने मेरी शर्ट उतारी और छाती को चूम रही थी।धीरे से बोलती है बेडरूम में चलते है तो मैने एक बीयर की बॉटल उठाई और उनके साथ चल दिया। जाते ही उनकी मैक्सी उतार दी और बेड में पटक दिया। चूम रहा था और चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था। वो मस्त होने लगी तो मैने उनकी ब्रा पैंटी उतारी और चूत को चूमने लगा। एक दम चिकनी चूत थी एक भी बाल नहीं थे। मैं उनके नीचे आके चूत चाटने लगा तो वो मेरा सर दबा रही थी । आंटी बोलती है आंटी:– खा जा मेरी चूत को आज तक ऐसा मजा नही दिया तेरे अंकल ने आह आह ओह चाट राहुल प्लीज करते रह चाट चाट के उन्हे पागल कर चुका था उनका निकलने लगा तो मेरा सर दबा दिया उन्होंने और मेरे मुंह में झड़ गई। अब में उठा और उनको लन्ड चूसने को बोला तो तुरंत चूसने लगी एक दम लॉलीपॉप की तरह । हाथ से हिलाती और चुस्ती रहती। मेरा निकलने वाला था तो उनका सर दबा दिया गले तक चला गया और मेरा निकल गया वो भी पी गई मेरा सारा माल। अब आंटी को चूम रहा था और उनके बूब दबा रहा था तो वो बोलती है इतना बड़ा लन्ड कभी नहीं देखा तेरे अंकल का तो इसका आधा है। अब में फिर से मस्त हो गया और उठा । लन्ड में कॉन्डम चढ़ाने लगा तो बोलती है ऐसे ही कर बिना कंडोम लगा के । मैने थूक लगाया और उनके ऊपर आ गया । मैं लन्ड चूत के ऊपर सहला रहा था तो बोलती तड़पा मत प्लीज अब डाल दे मैने टांगे कंधे पर रखा और सेट किया । जैसे ही थोड़ा अंदर गया तो बोलती है तो छठपटाने लगी और चूमने लगी। मै चूमते हुए एक हल्का धक्का दिया तो आधा अंदर चला गया तो उसके आंखों से आसू आने लगे । मैं :– क्या हुआ आंटी आंटी :– इतना बड़ा नही लिया है तू मेरे आसू मत देख मैने भी हल्का बाहर निकाला और जोर का धक्का दे दिया मेरा पूरा लन्ड उसके अंदर चला गया। वो रोने लगी और बोलने लगी की निकल ले सहन नही हो रहा। मैं उन्हें चूमता रहा थोड़ी देर और हल्के हल्के झटके दे रहा था । अब आंटी अपनी गांड़ हिलाने लगी तो मै भी धक्के देने लगा । अब आंटी मस्त होके बोलने लगी आंटी :– आह आआआह राहुल बोहोत मस्त लन्ड है तेरा , तू पहले क्यों नहीं मिला यार कितना मस्त तगड़ा लन्ड है तेरा , आह आह ओह राहुल करते जा आज से मै तेरी रण्डी हु इस पर वो और ज़्यादा चीखने लगीं और मुझे गालियाँ देने लगीं, “आह … अह … साले बहनचोद, मार दिया मुझे आह … हाय हअह … मादरचोद, ऐसे कौन चोदता है आह … हह अह … बहन के लौड़े, चूत फाड़ दी मेरी आह … हांह … साले गांडू…” मैं भी धक्के दे रहा था उसका होने वाला था तो मुझे पकड़ के चूमते हुए बोली करते रह राहुल i love you राहुल आह। फिर वो निकल गई तो मैंने उसे कहा मेरे ऊपर आओ मेरा नही हुआ तो वो मेरे ऊपर आई और लन्ड सेट कर के कूदने लगी। मैं उसके चूचे दबा रहा था और चूम रहा था वो उछल उछल के ले रही थी। मैं भी नीचे से धक्का दे रहा था । थोड़ी देर बाद मैने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदने लगा । उसकी गांड़ में थप्पड़ लगा रहा था और चोद रहा था। मेरा निकलने वाला था तो पूछा कहा निकालू तो बोलती है अंदर ही निकाल मैं भी निकालने वाली ही तो मैने जोरदार झटके देता रहा दोनो एक साथ निकल गए । मेरा निकलने के बाद उसके ऊपर लेटा रहा। उस रात हमने 4 राउंड चूदाई करी। फिर सुबह हुई तो उसके चेहरे में खुशी झलक रही थी । मैने उसको किचन बाथरूम हर जगह चोदा 4 दिन । कभी होटल जाके तो कभी मेरे रूम में । आज भी अंकल और रोहित को नही पता है की उसकी मां मुझसे चुदाती है।आज भी मौका मिलता है तो हम चूदाई करते रहते है। अगले पार्ट में बताऊंगा मैने उसकी कैसी गांड़ मारी आपको अगर मेरी कहानी पसंद आया है तो मुझे मेल कर सकते है और बता सकते है।किसी भाभी को मुझसे मिलना है तो मुझे मेल करे। Roleplayexpertincest@gmail.com is me
Indian Sex Stories

मैं ग़ुड़गाँव से हूँ। मैं 25 साल का हूँ Indian Sex Stories और मैं हर वक्त सेक्स का प्यासा रहता हूँ। मेरे घर में मैं, मोम और डैड हैं।

यह बात तब की है जब मैं बीस साल का था। हमारे घर पर एक नई काम वाली आई, क्या चीज़इ थी वो!

पहले दिन जब उसको देखा तो मैं बस देखता ही रह गया और सोचा कि अब शायद मेरा काम हो जायेगा, मेरे लंड जी की प्यास बुझ जायेगी। उसकी फ़ीगर देख कर मेरा तो लंड उछलने लगा उसकी फ़ीगर 36-32-36 थी। वो शादी-शुदा थी और साढ़े पांच फ़ीट की गोरी चिट्टी औरत थी और उसकी मोटी मोटी आंखें थी।

एक दिन जब वो मेरे कमरे में सफ़ाई कर रही थी तो मैंने उसके बड़े-2 स्तन देखे और उसके चले जाने के बाद मैं बाथरूम चला गया और अपने लंड को बाहर निकाल कर उसके नाम की मुठ मार दी। मैं उससे सेक्स करना चाहता था लेकिन डरता था उससे।

एक दिन मोम और डैड दोनों बाहर चले गये। मैं घर पे अकेला था और शाम के 5 बजे थे, मैंने ब्लू मूवी देखनी शुरु की और अपना लंड बाहर निकाल लिया। अचानक काम वाली अंदर आ गई। न जाने वो कब आ गई। मुझे पता नहीं चला कि कब मेन-गेट खुला और वो अंदर आ गई। मैं उसे देख कर डर गया और वो मुझे नंगा देख कर बाहर चली गई और किचन में जाकर बर्तन धोने लगी। मैं डरा हुआ टीवी बंद करके अपनी पैंट बंद कर रसोई में चला गया।

मैंने धीरे से कहा- आंटी चाय पियोगी?
वो गुस्से में बोली- नहीं।
मैं और डर गया। मैंने कहा- आंटी प्लीज़ किसी को मत बताना जो अंदर देखा।
वो कुछ नहीं बोली।

मैंने फिर कहा- प्लीज़ मोम को मत बताना।
उसने कहा- तुझे शरम नहीं आती ये सब करते हुए?

मेरे पसीने छूट गये। मैंने हाथ जोड़े- प्लीज़ आंटी, मुझे पता नहीं चला कि आप कब आ गई और मैं गरम था।

उसने मुझे आंखों से घूरा और वो बोली- तुम सारा दिन यही करते हो क्या? चल अपने कमरे में जा! मुझसे बात मत कर! मैं तेरी मां को बोल दूंगी कि इसकी शादी कर दे।

मैंने उसकी बहुत मिन्नतें की, लेकिन वो नहीं मानी। मैं कमरे में आ गया। वो 15 मिनट बाद मेरे कमरे में आई और मेरे पास आकर खड़ी हो गई।

मैंने फिर कहा- आप जो कहोगी, मैं करूंगा! अगर तुमको पैसे चाहिये तो ले लो! वो और गरम हो गई और मुझे थप्पड़ लगा दिया और कहा- मैं बिकाऊ नहीं हूँ।

मैं रोने लग गया। वो मेरे पास बेड पर बैठ गई और बोली ये रोकर किसको दिखा रहा है।

मैंने कहा- प्लीज़्ज़! आंटी! अब नहीं करूंगा!
वो बोली- क्या नहीं करेगा?
मैंने कहा- मुठ नहीं मारूंगा!
बोली- पक्का?
मैंने कहा- प्रोमिस!

उसने अपनी टांगें बेड पर रखी, उसने काली साड़ी पहन रखी थी। उसने मेरे गालों पर हाथ लगाया और बोली- मत रो! मेरे राजा! मैं तो तुमको डरा रही थी, तू तो सच में डर गया। चल अब शुरु हो जा मस्ती कर! यही तो उमर है यह सब करने की!

मुझको ऐसी बातें सुन कर थोड़ा सुकून मिला।
उसने अपना हाथ मेरी ज़िप पर रखा- अरे मेरे राजा! तुम्हारा लंड तो सो रहा है!
मैं उसके मुंह से लंड शब्द सुन हैरान रह गया।
और उसने कहा- चल अपनी पैंट उतार!
मैंने कहा- क्या?
आंटी बोली- सुनाई नहीं देता क्या? चल!

मैंने अपनी पैंट उतार दी, उसने मेरा अंडरवियर खींच दिया और मेरे 3 इंच के लंड को हाथ लगाया। मेरा लंड टाइट होने लगा और उसने मेरे लंड की टोपी को अपने अंगूठे से स्पर्श किया। अब मैं मस्त हो गया।

वो बोली- तेरा लंड तो बहुत बड़ा है!

और देखते ही देखते मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया और उसने मेरा 8 इंच का लंड अपने मुंह में ले लिया और उसको चूसने लगी।

मुझे ऐसा अनुभव पहली बार हुआ, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं स्वर्ग में हूँ।

मेरे लंड को चूसने के बाद वो खड़ी हो गई उसने अपनी साड़ी उतार दी और अपना पेटीकोट भी।

मैंने भी हिम्मत कर अब उसके स्तन दबा दिये, उसकी काली ब्रा उतार फ़ेंकी और उसके मोटे-2, गोरे-2 मम्मे दबाने लगा, उसकी चूचियाँ कड़ी हो गई और बोली- समीर बाबू! दबा ज़ोर से! आआह्हह ऊऊह्हहह, मैं भी बहुत दिनों की प्यासी हूँ।

मैंने उसके मम्मे जमकर चूसे। वो सिसकियाँ ले रही थी। और ऐसे में मैंने एक हाथ से उसकी पेंटी उतार दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गये, मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी, वो सिसकियाँ ले रही थी- आअह्हह्ह समीर बाबू मर गई! आज मेरी प्यास बुझा दो!

हम अब 69 पोजिशन में आ गये उसने मेरा लंड फिर चूसना शुरु किया और मैं अपनी जीभ उसकी गरम चूत पर रख कर उसे कुत्ते की तरह चाटने लगा।

उसने अब अजीब अंदाज़ में कहा- साले कुत्ते! अब मत तड़पा! चोद दे मुझको! फाड़ दे मेरी चूत! मरी जा रही हूँ!

मैं ऐसा सुनकर मैंने भी बोला- चल साली रांड! आजा आज तेरी चूत फाड़ दूंगा!और मैंने उसे कुतिया बना लिया, लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रख दिया, हल्का सा धक्का लगाया।

वो बोली- आअह्हह ऊऊह्ह ह्ह ह्हह! साले पूरा डाल! अपनी रंडी आंटी के अंदर!
और मैंने ज़ोर से झटका दिया, बोला- ले साली रंडी आंटी!
अब पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में प्रवेश कर चुका था।

वो बोल रही थी- आआअह्हह ऊऊऊओह्ह आआऊऊ औऊस्सह! मार डाला रे! इतना दर्द तो सुहागरात को नहीं हुआ! हरामी तेरा लौड़ा ही इतना बड़ा है! ऐसे गालियाँ सुन मुझे गुस्सा आया और मैं ज़ोर-2 से उसको चोदता गया और वो मुझे गालियाँ दिये जा रही थी- साले कुत्ते! आअहह्ह! फाड़ दे! आह्हह! समीर बाबू! आआह्हह्ह ऊऊह्हह! आज लगा दे सारा ज़ोर!

कमरे में चुदाई की आवाज़ और आआअह्ह ऊओह्हह्ह की आवाज़ भर गई।

वो पागल सी हो गई और मैं भी।

वो सीधी लेट गई और मैंने उसकी टांगें खोल कर उसकी फिर से चुदाई शुरु कर दी और वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगी, उसने मेरी छाती पर काट लिया।

वो अब दूसरी बार झड़ गई और बोली- साले! आज फाड़ देगा क्या! चल ज़ोर लग आआअहहह्ह! मेरा वीर्य आ गया और मैं आनन्द से भर गया। और सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया और अब हम दोनों शान्त हो गए। उसने मेरे माथे पे चूम लिया और बोली- तू मुझे रोज़ चोदा कर! मैं तेरी इस चुदाई से खुश हुई।

मुझे नरम और गरम चूत पसन्द है। मुझे मेल करें! Indian Sex Stories

दोस्तो, मेरा नाम निखिल है और मैं पुणे का रहने वाला हूँ। वैसे मैं अभी 20 साल का हूँ और अमेरिका में पत्रकारिता की स्टडी करने आया हूँ।
वैसे मैं औसत कदकाठी वाला लड़का हूँ.. पर मेरा लंड करीब 8 इंच का है और 2.5 इंच मोटा है।

यह मेरी पहली कहानी है जो मैं आपके सामने रख रहा हूँ।
बात उन दिनों की है.. जब मैं अमेरिका में नया था और हमारे हॉस्टल में काफी लड़कियाँ थीं। मैं उनको देख हैरान था.. उनकी चूचियाँ बहुत बड़ी-बड़ी थीं। मैं कई बार उनकी बारे में सोच कर मुठ्ठ मार लेता था।

जब हमें पत्रकारिता के लिए सब्जेक्ट मिले तो मैंने एक पोर्न स्टार का सब्जेक्ट चुना। तो अब मुझे रायलेनी नामक पोर्न स्टार से मुलाकात करनी थी।
वैसे मैंने उसकी बहुत सी सेक्स मूवीज देखी थीं तो जब मुझे उसका अपॉइंटमेंट मिला.. तो मैं बहुत खुश था।

मुझे उनके ऑफिस से कॉल आया और टाइम दिया गया। मुझे रात दस बजे का टाइम दिया था.. तो मैं तैयार होकर निकला।
उसके ऑफिस पहुँचा.. तो उसकी सेक्रेटरी ने कहा- मैडम बिजी है- आप बैठो..

मैं वहाँ बैठ कर वेट करने लगा और ऐसे ही 11 बज गए। फिर उस सेक्रेटरी को अन्दर से कॉल आया और मुझे अन्दर बुलाया गया।

दोस्तों क्या बताऊँ.. अन्दर जाते ही मेरा लंड इतनी जोर से उछला.. कि मैं अन्दर सब देखता ही रह गया। सभी दीवारों पर रायलेनी की नंगी तस्वीरें लगी हुई थीं। मेरा लंड मेरे पैन्ट की अन्दर ही तम्बू हो गया था। जब मैंने उसकी तस्वीरें देखीं तभी मेरे होश उड़ गए थे।

तभी रायलेनी शायद बाथरूम से बाहर आ गई और अपनी सेक्रेटरी को फ़ोन किया और बोली- तुम अब घर जाओ।
जब मैंने उसे देखा तो देखते ही रह गया.. उसने लो कट वाला टॉप पहना था। उसमें से उसके मम्मे बड़े ही साफ दिख रहे थे।
मेरा यहाँ बहुत बुरा हाल ही रहा था और हम बातें करने लगे।

मैं- हाय
रायलेनी- हैलो..
मैं- मुझे आपके बारे में कुछ जानकारी चाहिए थी..
रायलेनी- हाँ क्यों नहीं.. प्लीज़ पूछिए..

मैं- आपने इस काम की शुरुआत कब की?
रायलेनी- जब मैं 21 साल की हुई..

इसी तरह काफी देर तक उसने मेरे सवालों के उत्तर दिए जिससे मेरा काम बन गया अब सिर्फ कुछ फोटो लेने बाकी थे।

मैं- क्या मैं आप की फोटो ले सकता हूँ?
रायलेनी- क्यों नहीं… ले लो..

मैं जब फोटो लेने के लिए उठा.. तो उसका ध्यान मेरे पैंट पर गया और उसने पूछा- तुम ठीक हो?
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

वो अपनी कुर्सी से उठ कर मेरे पास आई।
वैसे ही मेरा बुरा हाल था.. जैसे ही वो मेरे पास आई मेरे तो पसीने छूटने लगे।
उसने मेरे हाथ पर हाथ रखा और कहने लगी- तुम्हारा लंड काफी बड़ा लगता है।

वो मेरे तरफ देख मुस्कुराने लगी और अपना हाथ मेरी पैंट पर रख दिया और मुझे किस किया।
मुझे बहुत डर लगा और मैं वहाँ से हट गया।
तो उसने कहा- डरो मत.. यहाँ हम दोनों के सिवा और कोई नहीं है।

उसने मेरा हाथ लिया और अपने मम्मों पर रख दिया.. तो मेरा डर भी कम हुआ और मैं धीरे-धीरे उसके मम्मों को दबाने लगा।

वो टेबल पर बैठी थी और मुझे जोर-जोर से किस किए जा रही थी। अब मैं भी उसके मम्मों को जोर-जोर से दबा रहा था और कस कर उसे किस कर रहा था।

मेरा एक हाथ उसके मम्मों पर और दूसरा उसकी चूत को सहला रहा था। वो अब बहुत गर्म हो चुकी थी और उसकी चूत से पानी निकल रहा था। वो अब नीचे आ गई और मेरे पैंट से मेरा लण्ड निकालने लगी। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए.. अब मैं भी पूरे जोश में था।

वो मेरे लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं भी उसकी मुँह की चुदाई करने लगा।
वो इतना जोर-जोर से मेरा लंड अन्दर-बाहर कर रही थी कि दस मिनट में ही मेरा पानी उसके मुँह में निकल गया और वो पूरा पानी पी गई।

थोड़ी देर के बाद मेरे लंड फिर से खड़ा हो गया और रायलेनी ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए।
उसने अपने कूल्हों गाण्ड पर मस्त टैटू बनाया था। मैंने जैसे ही उसे नंगी देखा.. मैं उस पर टूट पड़ा, मैंने उसको टेबल पर लिटाया और उसका पूरा शरीर पागलों की तरह चाटने लगा।

उसकी चूत से बहुत मादक खुशबू आ रही थी। मैं भी बड़े मजे से उसकी चूत चाट रहा था और वो अपने मुँह से आवाज निकाल रही थी ‘ऊऊओह्ह ह्हह्हह ऊओया आअ.. ऊऊऊ ऊऊ ऊऊईई ईईइ..मा..’
वो बोल रही थी- फ़क मी हार्ड..

अब मैंने जरा सा थूक अपने लण्ड पर लगाया और उसकी चूत में अपना लण्ड डाल दिया। मेरे पूरा लौड़ा एक ही बार में अन्दर चला गया। अब मैं बड़े ही मस्त तरीके से उसे चोद रहा था और वो भी काफी कामुक आवाजें निकाल रही थी ‘फक मी हार्ड.. ओह्ह.. यू आर ग्रेट फकर.. योर टूल इस सो लॉन्ग.. फक मी हार्ड..’

अब मैंने अपनी पोजीशन बदली और उसकी कुर्सी पर बैठ गया और उसे अपने लंड पर बैठने को कहा।
वो जैसे ही लंड पर बैठी.. उसके मम्मे मेरे मुँह के सामने आ गए और मैं उन्हें मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं चूचियाँ चूसते-चूसते बीच में ही हल्के से काट भी लेता.. तो वो मेरे सर को अपने मम्मों के बीच दबा लेती।

उसकी काफ़ी लम्बी चुदाई के बाद वो थक गई और मेरे ऊपर से हट गई।
मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी गदराई गाण्ड मारनी है।

तो वो अपनी अलमारी से एक तेल लाई और टेबल पर लेट गई। उसने वो तेल मेरे लण्ड पर और अपनी गाण्ड में लगाया और मेरे लंड अपनी गाण्ड में डालने लगी। थोड़ी दिक्कत के बाद मेरा पूरा लण्ड आराम से उसकी गाण्ड में चला गया। अब वो सीधे मेरे लंड पर बैठ गई और चुदने लगी।

थोड़ी देर बाद मेरा लंड गाण्ड से निकाल कर फिर से अपनी चूत में डाल लिया और अपनी उंगलियों से अपनी चूत सहलाने लगी और आवाजें निकालने लगी।

‘आआहह.. आआअ ऊऊहह..’

अचानक उसकी चीख निकल पड़ी और उसने अपना सारा पानी छोड़ दिया।
इधर मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था.. तो मैंने उसे उठाकर टेबल पर बैठा दिया और अपना पूरा लावा उसके मम्मों और मुँह पर छोड़ दिया।
उसने मेरा लंड चाट कर साफ़ किया और खुद भी बाथरूम से साफ़ होकर आ गई।
फिर हमने कपड़े पहने।

जाते वक़्त उसने मुझे अपना कार्ड दिया और फ़ोन करने को कहा।
जाते-जाते उसने फिर एक लम्बा चुम्बन किया और चली गई।

फिर अमरीका से वापिस के बाद अब मैं पुणे में ही हूँ।

Antarvasna sex stories

कैसे हैं आप सब Antarvasna ! इस बार फ़िर से हर बार की तरह बहुत सारे मेल मिले और मैं आप सबका एक बार फ़िर से धन्यवाद अदा करता हूं

कि आप लोग मुझे इतने सारे मेल करते है और मेरी कहानियों को पसंद भी करते हैं।

अब मैं अपनी कहानी शुरु करता हूं जहां पर अधूरी रह गयी थी.

बरसात की रात पार्ट 1 में आप सबने पढ़ा ही होगा कि किस तरह से मेरी अजनबी आंटी से मुलाकात होती है और जिन्होने नहीं पढ़ा वो प्लीज़ पार्ट १ पढ़े फ़िर यहां से शुरु करें

तो उस दिन रात को मुझे सोया हुआ जानकर आंटी ने मेरा लंड मुंह में भर लिया और फ़िर मेरी आंख खुल गयी और उसके बाद हम लोग सारी लाज हया त्याग कर चुदायी करने में जुट गये.

आंटी तो पहले से ही नंगी थी और मैं सिर्फ़ लुंगी ही लपेटे हुए था.

मेरी लुंगी आंटी ने सरका कर मेरा लंड बाहर निकाल कर होंठों में भरा था, अब वो भी मैंने उतार दी थी और पूरी तरह से मैं भी नंगा हो चुका था.

आंटी मेरे फ़नफ़नाये लंड को बड़ी मोहब्बत से देख रही थी और किसी लालची बिल्ली की तरह जबान होंठों पर फ़िरा रही थी.

मैं वहीं सोफ़े पर बैठ गया और आंटी से कहा- अब जब शरम का परदा हट ही गया है तब पूरी तरह से बेशरम होकर जवानी के मज़े लूट लो आप भी!

तब आंटी ने कहा- साले मादरचोद, वही तो तुझे समझा रही हूं इतनी देर से … मगर तू है कि लंड क्या लोहे बना हुआ इतनी देर से आखिर अब आया न औकात पर चल जल्दी से मेरे मुंह में लंड डाल कर धक्के लगा और मुझे अपने रस का पान करने दे!

और इतना कह कर वो मेरे लंड को चूसने के लिये जैसे ही झुकी, मैंने उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को बेदर्दी से मसलते हुए कहा- अरे रंडी, ऐसी भी क्या जल्दी है लंड चूसने की! ज़रा मुझे भी तो गरमाने दो न!
मगर वो ज़बरदस्ती मेरा लंड पकड़ कर अपने मुंह में रख कर चूसने लगी और थोड़ी ही देर में मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया और उनकी चूत को सलामी देने लगा.

तब वो अपनी चूत फ़ैला कर आयी और मेरे मुंह के पास करती बोली- लो मेरे चोदु अब जरा इसे भी चाट कर तुम भी मेरे रस का मज़ा लो!

मैं उनकी झांटों भरी चूत को सहलाने लगा.
फ़िर बोला- साली, यहां तो पूरा जंगल उगा रखा है क्या चाटुं? चूत तो ढूंढे से नहीं मिल रही है यहां?

तब वो अपने झांट के बालों को अपने दोनों हाथ से अलग कर के अपनी चूत दिखा कर बोली- राजा, आज तो काम चला लो कल साफ़ कर लूंगी प्लीज़.

मुझे उनके उपर तरस आ गया और मैं अपने होंठ उनकी चूत की फ़ांक पर रख कर फ़ांकों को चूमने लगा.
और अब तो आंटी की सिसकियों का शमां ही बंध गया था.

वो अपने दोनों पैर मेरी गर्दन के अगल बगल से करके पीचे सोफ़े पर टेक लगा कर अपनी चूत मेरे मुंह पर रगड़ने लगी थी.
और मुझे तो चूत चाटने में शुरु से ही मज़ा आता था.
सो मैं लग गया काम पर!

आंटी ईईइस्स इस्सस आआयीई आयीई कर रही थी और मैं चपर चपर करके उनकी चूत चाट रहा था.

थोड़ी ही देर में वो बोली- आआ अह्हह राजा, मैं झड़ने वाली हूं, अब अपनी जीभ निकाल लो मेरी चूत से!
तब मैंने कहा- हाय मेरी रंडी, अभी तो कह रही थी कि मेरी चूत के रस को चखो और अब कह रही हो निकाल लो जीभ को!

उसने कहा- क्या तुम सच में मेरा रस पियोगे?
मैंने कहा- इसमें हैरानी कैसे इसमें तो बहुत आनंद आता है.

वो बोली- मैं तो मज़ाक कर रही थी. मुझे नहीं पता ऐसे भी किया जाता है.
तब मैंने कहा- हाय मेरी नादान बन्नो, इतने सालों से चुदवा रही हो पर इतनी नासमझ बनती हो जैसे अभी कमसिन कन्या हो!

इतना कहकर मैं अपनी जबान जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा.
अब तो आंटी को जन्नत का मज़ा आने लगा, वो मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत मेरे जीभ पर दबा रही थी.

और तभी उनकी चूत से ढेर सारा रस निकलने लगा जिसे मैं चूसने लगा.
थोड़ी देर में ही उसका सारा रस चूस कर उसकी चूत बिल्कुल साफ़ कर दी और झांटों पर जो थोड़ा बहुत रस चिपक गया था उसे उसकी नाइटी से साफ़ करने लगा.

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तब आंटी बोली- अरे! अरे क्या कर रहे हो? मेरी इतनी कीमती नाइटी गंदी हो जायेगी.

मैंने उसकी पैंटी जो वहीं पड़ी थी उसको उठा कर उससे उसकी चूत साफ़ करी और फ़िर बोला- अब आप मेरा लौड़ा चूस कर खड़ा कीजिये, तब आपकी चूत चोदी जाये!
तब वो कहने लगी- जो जी में आये, वो करो. अब तो तुम मेरे राजा हो गये हो!

इतना कहकर झट से मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी.
मेरा लंड उनकी चूत चाटने से सिकुड़ चुका था.

वो धीरे धीरे सहला रही थी और मैं उनकी बड़ी बड़ी बूब्स को मसल रहा था.

कभी कभी बहुत जोर से दबा देता था जिससे उनकी चीख निकल जाती थी और मैं जितनी जोर से उसकी चूची दबाता वो उतनी ही जोर से मेरा लंड दबाती थी.

उसके सहलाने से थोड़ी देर में ही मेरा लंड फ़िर से खड़ा हो गया.
उसे देख कर वो अपने होंठ पर जीभ फ़िराने लगी.

मैंने अपने हाथ में लंड पकड़ा और घप्प से उसके मुंह में घुसेड़ दिया और उसका मुंह खुला का खुला ही रह गया.
वो गूं गूं कर रही थी जैसे कहना चाह रही हो निकाल लो लंड को!

मगर मैंने उसके बाल पकड़ कर एक करारा धक्का और मारा और पूरा लंड उसके मुंह में समा गया.

उसको पूरा लंड मुंह में लेने में काफ़ी परेशानी हो रही थी मगर मुझे मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद ही आंटी को भी मज़ा आने लगा और अब वो जल्दी जल्दी अपने चेहरे को आगे पीछे कर के मेरे लंड को चूस रही थी.
और मुझे ऐसा लग रहा था कि बस अब मैं झड़ने ही वाला हूं.

मैंने सोचा कि आंटी की चूत मार ही ली जाये.
मगर सोचा कि सारी रात पड़ी है जल्दी क्या है अभी तो अपना रस इसकी मुंह में ही उड़ेल देता हूं.
यही सोच कर मैंने तेज़ी से धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी और थोड़ी ही देर में मैं उसके मुंह में झड़ गया.

थोड़ी देर तक हम लोग उसी अवस्था में लेटे रहे.

फ़िर मुझे पेशाब लगने लगी तो मैंने आंटी से पूछा- बाथरूम किधर है?
वो बोली- चलो मुझे भी पेशाब लगी है, साथ ही निपट लेते हैं.

जब मैं अपनी लुंगी उठाने लगा तो वो छीनते हुए बोली- क्या यार, इतनी से देर के लिये लुंगी बांध रहे हो.
तब मैंने कहा- आंटी, कहीं आपकी लड़की न देख ले.
वो बोली- अरे मेरे राजा, वो बेचारी तो सो रही होगी. तुम बेफ़िक्र रहो.

फ़िर हम लोग एक साथ ही बाथरूम गये.
वो बिल्कुल भी नहीं शरमा रही थी और मेरे सामने ही चूत पसार कर छर्र छर्र मूतने लगी.
मैं भी वहीं खड़े होकर मूतने लगा.

उसके बाद उसने अपनी चूत पानी से साफ़ करी और मेरा लंड भी धोया. उसके बाद फ़िर से रूम में आ गये और बेड पर बैठ गये.

वो बोली- राजा चूमा चाटी और चूची चुसायी तो बहुत हो गयी, अब चुदायी के बारे में क्या ख्याल है?

मैंने कहा- जैसा तुम बोलो मेरी रानी!

अब पूरी तरह से हम लोग बेशरम हो चुके थे और लंड चूत की बातें खुल कर कर रहे थे.

वो बोली- राजा एक बात तो माननी पड़ेगी … तुममें गज़ब की ताकत है, बहुत मज़ेदार चुसायी करते हो. अब देखते हैं चुदायी में कहां तक ठहर पाते हो.
मैंने कहा- चुद्दो रानी, अभी आज़मा कर देख लेना कैसे बखियां उधेड़ता हूं आज तुम्हारी! अगर तेरी पहली रात न याद दिला दी तो राज नाम नहीं!

ये कह कर मैंने उसकी टांगें पूरी तरह से फ़ैला दी.
जब उसकी चूत देखी तो वो मुझे ज्यादा चुदी पिटी नहीं नज़र आ रही थी.
मैंने थोड़ी देर उसे सहलाया.

मेरा मन अभी फ़िर से चाटने को कर रहा था मगर रात काफ़ी हो चुकी थी और पानी भी अपने पूरे शवाब से बरस रहा था.
मैंने सोचा- साली आज तो चुदवा रही है, क्या पता आगे भी चुदवाये? अगर आज इसे कायदे से चोद दिया तो इसकी चूत का मालिक बन जाऊंगा.

मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा होकर सलामी देने लगा था.
मैं सोच रहा था कि साली को किस एंगल से चोदूं कि मेरी गुलाम बन जाये.

तब ही वो बोली- राजा, बहुत दिन से मेरा मन किसी के लंड पर बैठ कर झूला झूलने को कर रहा है. क्या तुम झुलाओगे झूला?
मैंने कहा- क्यों नहीं आंटी, आप किस तरह का झूला झूलेंगी? मैं चेयर पर बैठ जाऊं या खड़े होकर आपको अपने लंड पर झूला झुलाऊं?

वो बोली- चेयर पर बैठ कर तो कोई भी झूला झुला देगा. मज़ा तो खड़े होकर झुलाने में है.

उनकी बात सुनकर मैं तुरंत जमीन पर खड़ा हो गया और अपने लंड को उपर की तरफ़ उठा कर कहा- आंटी, अब आप तैयार हो जाइये. इस सवारी पर बैठ कर आपको बहुत देर तक झूला झूलना है.

वो बेड पर खड़ी हो गयी.
मैंने अपने लंड से उनकी चूत का सेन्टर मिलाया और उनको अपने लंड पर उठा लिया.
एक पल को मैं गड़बड़ा गया था, बेलेन्स बिगड़ गया था क्योंकि आंटी का भार काफ़ी था.

मगर मैं सम्भल गया और अब पूरी तरह से आंटी का भार मेरे ऊपर ही था.

वो अपने चूतड़ को उचका रही थी, नीचे से मैं भी धक्के मार रहा था.

आंटी आआअह आआ आह्ह आआय यीईईइ आआह आयीईईइ कर रही थी और उनके उछलने से उनकी बड़ी बड़ी चूचियां उछल रही थी।

मैं उनकी चूची को मुंह में भर कर चूसने लगा और धक्के भी मार रहा था.
थोड़ी देर बाद मैं थक गया तो मैंने खड़े खड़े ही धम्म से बेड पर डाई मार दी और आंटी की पीठ जानबूझ कर पीछे की तरफ़ रखी थी जिससे कि जब मैं बेड पर गिरुं तो मेरा लंड का धक्का उसकी चूत में तेज़ी से लगे.

एक धड़ाम की आवाज़ के साथ मैं बेड पर गिरा और आंटी के मुंह से एक जोरदार चीख निकली- आअय ययीई आआ आह्ह राम मार डाला … साले हरामीईई क्या करता है? चुदायी या कुछ और भोसड़ी के … मादरचोद कहीं ऐसे भी चोदा जाता है? मुझे बता देते तो आराम से लेट जाती बेड पर! तुम तो लगता है मेरी चूत के साथ साथ बेड भी फ़ाड़ दोगे!

और फ़िर आंटी की धकमपेल चुदायी की.
उस दिन रात भर में 2 बार चूत चोदी और एक बार गांड मारी.
और उस दिन के बाद से अकसर मैं आंटी के घर जाने लगा.

अब मेरा ध्यान उनकी लड़की संगीता की तरफ़ था.
हालांकि मैंने कभी भी कम उमर की लड़कियों की तरफ़ ध्यान नहीं दिया पर पता नहीं संगीता की चढ़ती जवानी में ऐसा क्या था जो मुझे मदहोश कर देता था.
वो छोटी सी स्कर्ट टोप पहन कर जब आती थी तब उसकी गोरी गोरी जांघें और टोप के अंदर उसकी चूची देख कर ही मैं शायद उसका दीवाना हो गया था.

और अकसर उसकी पैंटी भी मैं किसी न किसी बहाने से देख ही लेता था.
मैंने ठान ही लिया था कि इसकी सील मैं ही तोडूँगा.

और आंटी को चोदने के बाद उसकी लड़की को चोदना कोई मुश्किल काम नहीं था.
खैर आप लोग दुआ करें कि मेरा काम बन जाये और संगीता की कुंवारी चूत मारने का मेरा अरमान पूरा हो जाये.
अगर ऐसा हुआ तो मैं पूरी चुदायी की Antarvasna कहानी लिखूंगा पर आप लोग दुआ करें.

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एक बेहद खूबसूरत लड़की ….जिसे Hindi Porn Stories देख कर ही लण्ड पानी छोड़ दे, इतना कमसिन बदन था उसका !

मगर बहुत ही तेज मिजाज होने के कारण किसी की हिम्मत नहीं होती थी उस के नजदीक जाने की …..

कई लड़के उसके नाम से मुठ ही मार पाते थे, मैं भी उसी मुठ-मार दल का सदस्य था ….

रहती मेरे पड़ोस में थी, मगर दूर की खुशी थी …

एक दिन उसके पाँव में चोट आई ….अकेले चल फ़िर नहीं सकती थी, और उसी दौरान उसके परिवार को किसी नजदीकी रिश्तेदार की शादी में जाना था …तो दो दिन उसको मेरी मॉम की निगरानी में छोड़ के मजबूरन उनको जाना पड़ा ….

अनजाने में वो आग का गोला मेरे हाथ भी लग गया ….

मॉम ने कहा कि उस को कंपनी देना तुम्हारा काम है और ये भी ध्यान रहे कि उसका ख्याल रखने में कोई कमी नहीं आनी चाहिए क्यूंकि उसके परिवार ने हमारे भरोसे उसे अकेला छोड़ा है …

मॉम से इज़ाज़त मिलते ही में उसके घर चला गया ….

मैंने पूछा- कैसी हो मधु ?

वो बोली- ठीक हूँ पैर में दर्द है और बुखार भी है शायद !

मैंने कहा- कोई बात नहीं ! जब मैं आ गया हूँ बुखार भी गायब हो जाएगा ….मैं उस से बात करते हुए बातों में खुल रहा था और उसे भी मेरी बातों से दर्द कम होता महसूस हो रहा था …इतनी बातों में वो भी तल्लीन हो गई थी …

अचानक उसने कहा- यार मुझे पता नहीं था तुम इतने अच्छे दिल वाले हो ! मैं तुम्हें भी आम लड़कों की तरह चालू समझती थी, मगर तुम तो बड़े प्रतिभाशाली और अच्छे दिल वाले इंसान हो !

मैंने कहा- शुक्रिया मधु ….!

हमारी बाते चल रही थी कि उसने कहा- मेरे सर में दर्द हो रहा है।

मैंने कहा- अगर तू इजाजत दे तो तेरे सर का ही नहीं, तेरे पाँव का दर्द भी मैं गायब कर दूँ …

उसने कहा- कैसे ?

मैंने कहा- तू सिर्फ़ इजाजत दे, फ़िर बताता हूँ ….

उसने हामी भर दी और मैं शुरू हो गया अपनी किस्मत के दरवाजे खोलने की कोशिश में …

मैंने धीरे से उसके सर पर किस की और उसके बालों को सहलाने लगा धीरे धीरे …उसको किस कर रहा था। फ़िर भी उसके चेहरे पर नाराजगी नहीं दिख रही थी तो मैं हिम्मत करके आगे बढ़ा और उसकी आँखों को चूमा बड़े प्यार से उसकी ओर देखा और अब हिम्मत भी आ गई यह देख के कि वो प्यार से पिंघल रही है …..मैंने उसके नाक पर किस की …उसके गालों पर किस की …

इस समय भी उसके बालों को सहला रहा था मैं और किस करते हुए आगे बढ़ रहा था …

अपने गरम होठों से उसके पूरे बदन को चूमने का तय कर लिया था अब मैंने ….

अब मैं उसके गले पर किस कर रहा था और गले के आसपास भी बहुत ही प्यार से किस कर रहा था और वो भी शायद उस प्यार में डूब रही थी.. आँखें मूँद के मेरे अस्तित्व को महसूस कर रही थी …

मैंने हिम्मत करके उसके स्तन पर किस की और उसी दौरान उसने मेरे मुँह को दोनों हाथो से पकड़ कर अपने स्तनों पर दबा दिया ..

मैं उसके बदन की खुशबू लेता हुआ वहीं पड़ा रहा ….

उसने कहा- मेरे बदन में सिहरन दौड़ रही है ! प्लीज़ कुछ करो …

फ़िर मैंने उसके टॉप को निकाल दिया। मैं बहुत ही प्यार से उसके कपड़े उतार रहा था और उसे चूमे जा रहा था ..

अब उसके बदन पर सिर्फ़ ब्रा पैंटी ही थी ….

मैंने उसके बदन पर मेरी निगाह डाली तो देखता ही रह गया ..गुलाबी बदन चमक रहा था ! इतनी सेक्सी लग रही थी वो कि मुझे ख़ुद पर कंट्रोल पाना मुश्किल था, लण्ड बेहद तन गया था और दर्द कर रहा था। मगर अभी कुछ करना, बना बनाया खेल बिगड़ना सा लगता था ….

तो मैं फ़िर से उसे चुम्बनों से नहलाने लगा। स्तनों से अब थोड़ा नीचे आया, उसके समतल पेट को चूमा और अब उसकी नाभि की ओर बढ़ा।

अपनी जीभ को घुमाया उसकी नाभि में और चाटना शुरू किया हौले हौले नाभि के आस पास जीभ को गोल गोल घुमाते हुए उसे चाट रहा था …उसके बदन में गर्मी बढ़ रही थी ….वो दबे मुँह सिसकियाँ ले रही थी और उसका गोरा सा बदन मचल रहा था। मगर अब भी वो चुपचाप मजे ले रही थी कोई हरकत नहीं कर रही थी ….

मैं चूमते हुए धीरे धीरे नाभि के नीचे पहुँचा और अब मेरा मुँह उसकी पैंटी के ऊपर था …पैंटी से ही उसकी चूत को चूमा और मुँह को दबाया उसकी चूत पर और तब मैंने देखा कि उसका बदन तेजी से मचल रहा है ….

मैंने धीरे से उसकी पैंटी को नीचे सरकाया …वाह क्या पिंकिश चूत थी उसकी …

बिल्कुल साफ़ सुथरी और थोड़ी सी नम ! ऐसा लगता था मानो गुलाब की पंखुड़ियों से बनी हुई है उसकी चूत जो उसकी गोरी सी चिकनी जांघों के बीच सोई पड़ी थी, आज जाग गई है …

मैंने चूत की ऊपर की किनारी से चूमना शुरू किया और गोल गोल मुँह को घुमाते हुए उसकी चूत को चूमने लगा …बहुत ही मीठी खुशबू उसकी चूत से आ रही थी और मैं पागल हुए जा रहा था …उसकी चूत के बीच के हिस्से में मैं चूम रहा था …चूत गीली हो गई थी और फ़ूल गई थी …बीच का रास्ता खुलता हुआ नजर आ रहा था और उसमें से चूत की गहराई झलक रही थी ….

मैंने अपना कंट्रोल खोते हुए दोनों हाथों से चूत को फैला दी और चूत में जीभ घुसेड़ दी और चाटने लगा और चाटते हुए उसकी गांड को सहलाने लगा। उसी वक्त मैंने मेरे लण्ड पर उसके हाथ को महसूस किया और मैं जोर जोर से चूत चाटने लगा, जीभ को पूरा चूत में घुसेड़ दिया और हिलाने लगा। …मेरा लण्ड मेरी पैन्ट से बाहर आ चुका था और अब उसके हाथों में खेल रहा था। अब मुझे कोई परेशानी नहीं थी, मेरी जान पूरी तरह बेताब और तैयार थी चुदाने को !

मैं अब धीरे से ६९ की पोसिशन में आ गया और अपने लण्ड को उसके मुँह के पास कर दिया … लण्ड को इतना करीब देख के उससे भी रहा नहीं गया और चूत को चटाती रही और लण्ड को अपने मुँह में ले लिया …ऐसे चाट रही थी मानों जन्मों की प्यासी हो और खा जाने वाली हो लण्ड को ! ….अब मैं अपनी पूरी रवानी में था, मेरा लण्ड उसके मुँह में चुदाई कर रहा था और मैं उसकी चूत को जीभ से चाट रहा था ….मैंने जीभ के साथ अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसेड़ दी और चुदाई करता रह। साथ साथ एक ऊँगली उसकी गांड में भी घुसेड़ दी।

मैं मस्ती से गांड मार रहा था, चूत चोद रहा था और लण्ड चुसवा रहा था …मानो में जन्नत की सैर कर रहा था ….उसको चोदने की मुझे कोई जल्दी नहीं थी क्यूंकि एक दो बार ऊँगली से चोद के उसकी कंवारी चूत को मस्त बना के फ़िर चोदना था मुझे …. बहुत तेज रफ्तार से गांड और चूत की चुदाई हो रही थी और वो भी लण्ड को टट्टों से टिप तक चाट रही थी। कभी एकदम से लण्ड को मुँह में ले के आगे पीछे कर देती थी ….ऐसे ही कुछ पल गुजरे और हम दोनों झड़ गए …..

अब मैं उसकी बगल में आ गया और उसके साथ ही लेट गया। चँद मिनटों में मैंने उसके हाथ को अपने बदन को सहलाता पाया और मैं भी उसके बदन को सहलाने लगा ..मैं बहुत ही प्यार से उसके बदन को सहला रहा था। अपने पाँव मैंने उसके पाँव पर जमा दिए थे …. हम प्यार में डूबे जा रहे थे !

तभी उसने कहा- अब मैं सिर्फ़ तेरी हूँ ! जी भर के मेरे साथ जितना प्यार करना है कर !! मैं तेरे हवाले हूँ ….!!!

मैंने उसके बदन को जोर से सहलाना शुरू किया और उसकी ब्रा को अब निकाल दिया उसके मशरूम से बदन पर उसके स्तन क़यामत ढा रहे थे। मैं धीरे धीरे उसे सहलाने लगा, गोल गोल मालिश करते हुए उसके स्तनों को मसल रहा था।

अब उसके अनछुए होठों पर अपने गरम होठों को रख दिया और चूमने लगा, स्तन मसल रहा था और होठों का रस पी रहा था, वो भी मस्ती से साथ निभा रही थी !

हम दोनों अब होठों से होठों का रस पी रहे थे और उसके स्तनों को निचोड़ रहा था मैं ! वो भी मेरी गाण्ड को सहला रही थी। मैं उसके बूब्स और होठों पर टूट पड़ा था। धीरे धीरे बूब्स पर जोर बढ़ता गया मेरा और अब मैंने उसके चूचुकों को भी चुसना शुरू किया- चूचुकों पर जीभ घुमा रहा था, उसके बूब्स मेरे हाथो में मचल रहे थे और मैं चूचुकों के आगे पीछे गोल गोल जीभ घुमाते हुए बूब्स चाट रहा था। ….उसी दौरान मेरा लण्ड उसकी चूत पर रगड़ रहा था …उसकी चूत का गीलापन मेरे लौड़े पर महसूस हो रहा था, लौड़ा मस्त हुए जा रहा था … बूब्स गोरे से लाल होने चले थे ….

अब लण्ड को चूत पर पटकते हुए मैंने उसके बाएँ स्तन को मुँह में ले लिया चूसने लगा और दूसरे हाथ से दायाँ स्तन मसलने लगा …बारी बारी ये क्रम चलाते हुए उसकी चूत को मस्त कर रहा था मैं ……

उससे रहा नहीं गया और पहली बार वो बोली- मेरी जान ! अब मैं सहन नहीं कर पा रही हूँ ! कुछ हो रहा है मेरी चूत में !! अपने लौड़े को उसमें डाल दो …. !!!

मेरे बहुत कहने पर भी वो चूत और लण्ड नहीं बोल रही थी। मैंने सोचा- कोई बात नहीं ! काम वही है प्यार से चोदने का ! चूत हो या पस्सी…..

उसके बूब्स को छोड़ के मैंने उसके पैरो को दोनों हाथो से फैला दिए ….उसकी चूत में उसकी शिश्निका मोती सी चमक रही थी जो इस वक्त सख्त हो गई थी …

चूत से पानी निकल रहा था, मैंने इस मस्त चूत पर अपने लौड़े को रख दिया और उसको गांड से ऊपर करके धक्का दे दिया, चूत में लण्ड थोड़ा सा घुसा और रुक गया। चूत इतनी कसी हुई और रसीली थी कि मेरा लण्ड चूत की गहराई नापने के लिए उतावला हो रहा था।

मगर मुझे पता था कि कुंवारी चूत को हौले से चोदना है …मैंने लण्ड को गहराई में ना ले जाते हुए धीरे धीरे आगे पीछे करना शुरू किया ….

लण्ड का मजा लेते हुए वो इतनी मस्त हो गई कि बोली- अब कोक को घुसेड़ ! दो मेरे दर्द की परवाह मत करो …… !!

मैंने तुंरत लण्ड को जोर का धक्का दिया और चूत में घुसेड़ दिया ….उसका योनि-पटल फट चुका था और खून निकल रहा था।

कुछ देर मैं उसकी चूत को लण्ड से सहलाता रहा और जब लगा कि अब कोई खतरा नहीं, मैंने लौड़े की रफ्तार तेज कर दी …

गांड से चूत को लण्ड पर दबाये रखे चूत चोदने लगा ….

बूब्स को मुँह में ले के चूसने लगा और चूत की चुदाई करता रहा …..

वो चिल्लाने लगी- फ़क मी फ़ास्ट !

और मेरा लण्ड बरस पड़ा उसकी चूत पर !

घमासान जंग शुरू हो गया ! चूत और लण्ड के बीच जैसे होड़ लगी थी कि कौन ज्यादा मस्ती देगा लण्ड या चूत …

पहली बार चुदाने के बावजूद इतनी मस्ती से चुदाई करा रही थी कि मजा दुगना हो रहा था … गांड को उछाल रही थी वो !

और लण्ड तेज रफ्तार से चूत फाड़ रहा था ….

हाथ अपना कमाल दिखाते हुए बूब्स को मसल रहे थे और मुँह उसके मशरूम से बदन को चाट रहा था …..

हम दोनों मंजिल की ओर बढ़ रहे थे तब मैंने लण्ड को चूत में से बाहर निकल दिया।

वो चिल्लाने लगी- चोऽऽऽऽदोऽऽऽ मुझे ! मैं मर जाउँगी बिना लण्ड के …. !!

जैसे ही उसने लण्ड बोला, मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रख दिया और लोड़े को जोर का धक्का देते हुए उसकी चूत में घुसेड़ दिया ….

क्या चूत थी उसकी ! मेरा लोहे सा गरम लण्ड उसकी चूत की गर्मी को ठंडा करने को मचल पड़ा ….

लौड़े ने चूत की गहराई नाप ली थी और जोर जोर से चूत को फाड़े जा रहा था !

बूब्स हाथो में खेल रहे थे और चूत चुदाई हो रही थी ….

मंजिल करीब आ रही थी और लोड़े की रफ्तार तेज हो गई थी ….

वो उछल उछल के चुदाई करा रही थी … और लौड़ा पूरी रवानी से चूत चोद रहा था ….

आख़िर हम दोनों ने मंजिल पा ली …निढाल सा मैं उसके बदन पर पड़ा था और वो भी निढाल सी पड़ी हुई लम्बी साँसे ले रही थी …….

हमने एक ही दिन में प्यार के साथ चुदाई का मजा लिया ……

हम दोनों एक दूसरे को सहलाते हुए चुदाई के उस स्वर्गीय आनंद को महसूस कर रहे थे …..

दोस्तों यह मेरे पहला प्यार आज मेरे घर की रानी बनकर मेरे आँगन को महका रहा है और मेरे लौड़े का हर तरह की गालियों से स्वागत करते हुए उसकी चूत चुदवा रहा है …..

जो चूत तक नहीं बोलती थी वो मेरी रानी आज मादरचोद ! चोदो मेरी चूत को ! फाड़ दो ! तक बोलने लगी है ….शादी के बाद की चुदाई का किस्सा फ़िर कभी ….

आपको मेरी ये प्यार की कहानी कैसी लगी मुझे लिखियेगा जरूर …. Hindi Porn Stories

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