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Massage Girl in Dhule: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Dhule who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Dhule that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Dhule massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Dhule who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Dhule massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Dhule massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Dhule who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Dhule employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Dhule helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Dhule

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Dhule at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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प्रेषिका : उषा Sex Stories

कोठे की कुतिया में आपने Sex Stories पढ़ा कि मौसी ने किस तरह से मुझे एक रंडी बना दिया था।

अब पढ़िए कि किस तरह से मौसी ने मेरी चूत और गांड का भोंसङा बना दिया।

मैं और मोनी मौसी के साथ एक पारदर्शी मैक्सी पहन कर ऊपर की तरफ चले गए जहा मोंटी अंकल हमारा इंतजार कर रहे थे। अंकल को देखकर मौसी बोली- डार्लिंग मस्त लोंडिया तुम्हरे लिए बचाकर रखी हुई है, छूते ही मस्तिया जाओगे और तुम्हारा चेला कहाँ है? मोनी को उसके लिए बचाकर रखा है।

अंकल बोले- टीनू आ रहा है, वो जरा दारू का इंतजाम कर रहा है।

मौसी ने पहले ही मुझे काफी बातें सिखा दी थी कि ग्राहक की सेवा कैसे की जाती है। मैं अंकल के पास जाकर बेठ गई और उनके लौड़े को जींस के ऊपर से रगड़ने लगी।

अंकल मेरे चूतड़ मसलते हुए बोले- मौसी, तुम यह झबले क्यों पहना लाती हो ?

मौसी के इशारे पर मैंने अपनी मैक्सी उतार दी।

अंकल मुस्कराए और बोले- समझदार है !

उन्होंने आगे से मेरी उभरी हुई चूत पर हाथ फेर कर कहा- साली की पाव रोटी तो बड़ी चकाचक है ! ज्यादा चुदी भी नहीं लगती है !

मौसी बोली- बिलकुल ताजा माल है ! पीछे से तो पूरी कुंवारी है आगे से भी लंड छुली हुई है बस। आज तुम्हें इसकी चूत का भोंसड़ा बनाना है।

अंकल गरम हो रहे थे उन्होंने जींस में से लौड़ा निकाल कर मेरे हाथ में पकड़ा दिया। थोड़ा सहलाने के बाद मैंने अंकल का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मेरी चूत चुदने को पगला रही थी। मौसी बाहर जाने लगीं और मुझसे बोली- अंकल जैसे कहें वैसा करना ! अगर अंकल खुश नहीं हुए तो तेरी चूत और गांड की भोंसड़ी तो बनाउंगी ही, साथ ही साथ चेहरा भी इतना सुंदर कर दूँगी कि कोई तुझे चोदने के दो रुपए भी नहीं देगा।

मौसी मोनी को लेकर बाहर चली गई और बोली- अंकल, मौज करो ! टीनू को दूसरे कमरे में बैठा दूँगी।

अंकल का लंड बहुत सुंदर था। आट इंच लम्बा लंड किसी भी औरत की चूत चोद चोद कर फाड़ने के लिए काफी था।

मैं अंकल का लंड मुँह में आगे पीछे करते हुए मस्ती से चूस रही थी। सच मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अंकल ने मेरे चूतड़ थपथपाते हुआ कहा- थोड़ा अपनी चूत चुसवा ! बहुत मस्त लग रही है।

उन्होंने मेरी टाँगें खींच कर अपने मुँह की तरफ कर ली अब मैं और अंकल 69 कि अवस्था में एक दूसरे के ऊपर थे, अंकल नीचे से मेरी चूत के होंठ चूस रहे थे और मेरे मुँह में उनका लौड़ा गरम हो रहा था। मेरी बुर पानी छोड़ने लगी थी, हम दोनों एक दूसरे से बुरी तरह चिपके हुए चूत और लंड की चुसाई का मज़ा ले रहे थे।

थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे ऊपर से हटा दिया और सीधे पलंग पर लेटा दिया और अपने तने हुए लंड को हाथ से पकड़ कर मेरी चूत पर फिराने लगे। मैं चुदने के लिए बुरी तरह से पगलाने लगी। मेरे मुँह से ऊह आह आह आह अंकल चोदो मुझे चोदो जैसी आवाजें निकलने लगी।

अंकल ने थोड़ी देर में अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और मेरी दोनों चूचियां दबाकर कर एक जोर का झटका दिया। मैं एकदम से बुरी तरह से चिल्ला उठी। अंकल का लंड मेरी चूत में अंदर तक घुस चुका था। मेरी चीख निकल गई- उईऽऽ मर गई ! मर गई ! मर गई, छोड़ो ! बहुत दुःख रही है छोड़ो !

अंकल ने मेरे दूध भोंपू की तरह दबाते हुए मेरी चुदाई शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में मुझे चुदने में मजा आने लगा। अब मैं मस्त होकर चिल्ला रही थी, मेरे मुँह से ऊ ऊहं ऊहं ओह आह आह अहह बड़ा मज़ा आया और चोदो चोदो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है जैसे आवाजें निकलने लगी।

अंकल चोदने में बहुत माहिर थे, कभी धीरे धीरे लंड अंदर-बाहर करते थे और कभी तेज कर देते थे। बराबर वो चूचियां और चुचक भी मसल रहे थे और होठों पर भी काट रहे थे। उनकी चुदाई में एक मज़ा था। मेरे होठों में अपने होंठ डालते हुए अंकल बोले- कुतिया थोड़ी गांड हिला हिला कर लंड अंदर ले ! बहुत मज़ा आयेगा।

मैं अपनी गांड धीरे धीरे हिलाने लगी। अब मेरी चुदने की मस्ती बढ़ गई थी, चुदने का मज़ा दुगना हो गया था। थोड़ा चोदने के बाद अंकल ने मुझे तिरछा कर दिया और मेरी टांग उठाकर पीछे से मेरी चूत में लंड डाल दिया और पीछे से मेरी चूत में धीरे धीरे धक्के मारने लगे।

मैं इस समय चरम सीमा का अनुभव कर रही थी, मेरी चूत बहुत तेज धार से पानी छोड़ रही थी। अंकल ने भी अपना वीर्य छोड़ दिया। मेरी चूत पूरी वीर्य से भर गई थी। मुझे आज चुदाई में एक चरम सीमा का आनंद आया।

बहुत दिनों के बाद मैं चुदी थी, चुदने के बाद मैं मस्तिया कर लेट गई। अंकल उठे और उन्होंने डीवीडी पर एक नग्न मूवी लगा दी और कमरे में रखे फ़्रिज से दारू की बोतल निकाल ली और दारू का ग्लास बना लिया। मूवी में दो हब्शी एक लड़की की गांड और चूत एक साथ मार रहे थे। अंकल अपना लौड़ा सहलाने लगे, थोड़ी देर में अंकल का लंड फिर खड़ा हो गया था। उन्होंने मुझे इशारा किया, मैं उठकर अंकल के पास आ गई। अंकल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया।

उनका लौड़ा पूरा तन गया था। उन्होंने दारू का ग्लास मुझे पकड़ा दिया और मेरी टांगें चौड़ी कर थोड़ा नीचे को फिसलते हुए अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। अब मैं अंकल के लौड़े पर बैठी हुई थी। एक हाथ से अंकल दारू का ग्लास पकड़े हुए थे और एक हाथ से कभी मेरी चूत का दाना सहला देते और कभी चुचक दबा देते। ब्लू फिल्म मैं भी बड़े प्यार से देख रही थी अंकल ने मेरी चूत में अपना लौड़ा फिट कर रखा था। बीच बीच में वो एक दो धक्के मुझे उचका के मार देते थे। मेरा बदन एक बार फिर गरम होने लगा था।

हम दोनों सोफा कुर्सी पर बैठे थे जिसके हत्थे नहीं थे। अंकल ने मेरी चुचकों पर चुटकी काटी और मेरे स्तन दबाते बोले- जरा साइड में देख !

साइड में एक बड़ा शीशा लगा हुआ था, मैं नंगी शीशे में देखकर शरमा गई। अंकल ने मुझे बैठे हुए ही कुर्सी मोड़ दी अब मैं शीशॆ के सामने थी और नंगी उनके लंड पर बैठी हुई अपने को देख रही थी। मैं पूरी रंडी बनी हुई थी अंकल ने अपनी टाँगें चौड़ी कर दी।मेरी चूत और उसमें घुसा हुआ लंड अब साफ़ दिख रहा था। अंकल मुझे कमर से पकड़ कर धीरे धीरे उछालने लगे और बोले- थोड़ा लौड़े पर कूद ले ! मौसी की रंडियां इतनी शर्माती तो नहीं हैं ! मस्ती से चुदवा, नहीं तो मौसी से शिकायत करनी पड़ेगी।

मौसी का नाम सुनकर मैं डर गई और उनके लौड़े पर उछल-उछल कर खुद चुदने लगी। आज तक मैं अपने पति से कभी रौशनी में नहीं चुदी थी। अब यहाँ चूत चौड़ी कर खुद चुद रही थी और अपनी चुदाई शीशे में देख रही थी। अंकल भी अब अपना लौड़ा गांड हिला हिला कर तेजी से पेल रहे थे, लेकिन मुझे चुदाई में जन्नत का मज़ा आ रहा था। मैं चुदाई की मस्ती में नहा रही थी। अंकल ने कुछ देर बाद मुझे सोफे के नीचे बैठा दिया और अपना मोटा लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया और अपना सारा लंड रस मेरे मुँह में उतार दिया। मेरा मुँह अंकल के लंड रस से भर गया जिसे मुझे अपने अंदर लेना पड़ा इसके बाद अंकल ने मुझे छोड़ दिया। मैं पेशाब करने बाथरूम में चली गई बाथरूम में दरवाज़ा नहीं था केवल पर्दा पड़ा था।

रात के तीन बज़ रहे थे, अंकल ने दूसरी ब्लू फ़िल्म लगा ली और मुझे बगल में बैठा लिया। उन्होंने मेरे गले में हाथ डाल लिया और थोड़ी देर बाद बोले- जा जरा मेरी पैंट की जेब में एक थैली पड़ी होगी, उसे लेकर आ।

मैं थैली लेकर आ गई। उसमें एक गोली का पत्ता था और एक ट्यूब रखी थी। अंकल ने एक गोली निकाल कर खा ली और ट्यूब साइड में रख ली। ब्लू देखते हुए अंकल मेरी चूचियां दबा रहे थे और चूचक नोच रहे थे। मैं अब थक रही थी और मेरी चूत की प्यास शांत हो चुकी थी।

थोड़ा इतरा कर मैं बोली- डार्लिंग, नींद आ रही है, सोने जाने दो न !

अंकल बोले- बस अभी से? अभी तो तुम्हरी गांड भी नहीं मारी है। अच्छा एक काम करो इस ट्यूब से क्रीम निकाल कर मेरे लौड़े पर मलो, मरती क्या नहीं करती ! मैं झुककर अंकल के लौड़े पर क्रीम मलने लगी। अंकल ने क्रीम से सनी दो ऊँगली एक साथ मेरी गांड में अंदर तक घुसा दी। मैं अनमने मन से उई उई करते हुए अपनी गांड में ऊँगली घुसवा रही थी और अंकल के लौड़े और सुपाड़े पर क्रीम की मालिश कर रही थी। थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे लौड़ा चूसने के लिए बोल दिया। अब अंकल का क्रीम लगा चिकना लौड़ा मैं मुँह में चूसने लगी। मुझे ऐसा लग रहा था कि सेक्स मस्ती की जगह मैं जैसे कोई सेक्स की मजदूरी कर रही हूँ।

अंकल अब ऊँगली की जगह अपने पैन को मेरी गांड में आगे पीछे कर रहे थे। मुझे लग रहा था कि अब मेरी गांड फाड़ी जाएगी। थोड़ी देर बाद अंकल ने मुझे फिर बगल मैं बैठा लिया। अंकल का लंड तनतना रहा था। लेकिन अब मेरा चुदने का मन नहीं हो रहा था। थोड़ी देर बाद मुझे पेशाब आने लगी। मैं उठी और मुस्करा के बोली- अंकल पेशाब कर के आती हूँ !

अंकल कुटिलता से मुस्कराए और बोले- ठीक है !

मैं उठी और बाथरूम में चली गई।

जब मैं पेशाब कर के उठी तो देखा अंकल पीछे खड़े थे और उनका लंड उछाल मार रहा था। अंकल ने पीछे से कमर से मुझे पकड़ लिया और बोले पीछे का माल तो तेरा बड़ा मस्त है, चल झुक जरा तेरी गांड तो चोद दूँ ! क्या मस्त दिख रही है !

अंकल की पकड़ बड़ी मजबूत थी, मुझे कुतिया की तरह झुकना पड़ा। मैंने अपने हाथ इंग्लिश टोइलेट सीट पर लगा दिए। उन्होंने अपनी दो उंगलियाँ मेरी गांड में डाल दी और कस कस के गोल गोल गांड के अंदर घुमा दी। मैं ऊई ऊई कर के कराह उठी। अंकल ने ढेर सारा थूक मेरी गांड पे डाल कर अपना सुपारा मेरी गांड के मुँह पर रख दिया और एक तेज झटका मारकर सुपारा मेरी गांड में घुसा दिया। मेरी चीख निकल गई और मैं चिल्ला उठी- उई उई मर गई मर गई !

लेकिन रंडी तो बजने के लिए ही बनी है, अंकल अब अपना लंड मेरी गांड में घुसा रहे थे, चिकना लंड मेरी गांड में अंदर तक घुसता जा रहा था। मेरी आँखों के आगे अँधेरा छाने लगा था। अंकल ने अपना पूरा लंड मेरी गांड में ठूस दिया था मुझे ऐसा लगा कि मैं बेहोश हो जाउंगी। मैं चीख कम और रो ज्यादा रही थी। मेरे दोनों चूतड़ फाड़ दिए गए थे। अगले दो मिनट बाद ही में बहुत तेजी से चिल्ला उठी। अंकल ने पूरा लंड बाहर खींच कर फिर दुबारा एक झटके में अंदर डाल दिया था। मेरी चीख बहुत तेज थी। पूरी नीचे गली तक गई होगी क्योंकि रात के तीन बज़ रहे थे और एक शांति सी थी। लेकिन यहाँ तो रोज लड़कियां बजती थीं इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि कोई मुझे बचायेगा अब कोठे की कुतिया के दोनों छेद फट गए थे, अंकल ने मेरी गांड बजाना शुरू कर दी थी। वाकई चुदाई तो मेरी अब हो रही थी, अभी तक तो मैं चूत लौड़े की मस्ती ले रही थी जो शरीफ औरतें रोज़ अपने पति से लेती हैं। चुदाई क्या होती है यह तो बस रंडी ही जानती है।

वाकई मौसी ने मुझे कुतिया बनाकर कोठे पर चुदवा दिया था। मेरे मुँह से बार बार उई मर गई फट गई बचाओ छोड़ो मुझे छोड़ो ऊ मर गई ऊ ओई ऊ ओई ऊ ओई फट गई की आवाजें निकल रही थीं अंकल ने दस मिनट तक मेरी गांड बुरी तरह से ऐसे चोदी जैसे कि सड़क की कुतिया की कुत्ते चोदते हैं। उसके बाद उन्होंने अपना वीर्य मेरी गांड में छोड़ दिया। मैं बाथरूम में ही लेट गई थी। अंकल ने मुझे उठाकर पलंग पर डाल दिया।

अब मेरी गांड और चूत दोनों फट गई थीं। अंकल मेरी बगल में लेट गए थे।

आधे घंटे बाद मौसी एक आदमी और एक रंडी जिसका नाम शोभा था, के साथ अंदर आई और बोली- अंकल, क्या हुआ ? ठंडे पड़ गए?

अंकल मुस्कराए और बोले- तीन राउंड निपटा चुका हूँ, तेरी कुतिया ठंडी पड़ी है।

अंकल उठकर पलंग के पास सोफा कुर्सी पर बैठ गए। मौसी ने मेरी चूत पे हाथ फिराया और बोली- तेरी मुनिया तो बड़ी चकाचक हो रही है। बड़े आराम से लेटी हुई है, लगता है जैसे कि हनीमून के मज़े ले रही हो ! चल उठ और धंधा कर साली ! जब तक तेरी मुनिया बुरी तरह से सुजेगी नहीं, तब तक चुद ! उसके बाद तुझे खुद ही नींद आ जाऐगी। चल उठ और ग्राहक के लिए ग्लास बना। मैं खड़ी हो गई। जानी पलंग पर बैठ गया।

शेष दूसरे भाग में ! Sex Stories

हाय दोस्तो, Antarvasna

खासकर प्यारी-प्यारी महिलाओ, आज Antarvasna मैं अपने जीवन के एक यादगार हसीन दिन की दास्तान सुना रहा हूँ … आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप सब गीले और मस्त हो जायेंगे।

यह बात सन 1996 के दिसम्बर के पहले सप्ताह की है। मैं उन दिनों लख्ननऊ में रहता था और अक्सर बनारस के पास अपने गाँव जाया करता था, वहाँ मेरा लंगोटिया यार डी पी रहता था। हम जब भी मिलते खाने-पीने का दौर चलता।

उस रात को उसने बताया कि कुछ दिन पहले वह और उसके गाँव का एक लड़का चंदौली की नीलम नाम की एक लड़की को अपने फ़्लैट पर स्कूटर से ले आये थे और दिन भर में दोनों ने 3-3 बार चुदाई की थी। लड़की मस्त थी और जम के चुदवाई कराई थी। अगर मैं चाहूँ तो वो कोशिश करके उसको ला सकता है, पर इसके लिये हमें अपनी मारुति कार से चन्दौली चलना पड़ेगा, कार देखकर वह आसानी से तैयार हो जायेगी। (उन दिनो मारुति का क्रेज़ था)।

डी पी ने बताया कि लौण्डिया बहुत ही चुदक्कड़ है तथा थोड़ा बहुत व्हिस्की भी पीती है, थोड़ी व्हिस्की पीकर बहुत ही मज़ा देगी। यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अगले दिन हम दोनों चन्दौली गये और मुझे गली में छोड़कर वह नीलम से मिलने उसके घर चला गया। किसी तरह मौका पाकर उसने मेरे बारे में बताया और साथ में बनारस चलने को कहा। उसने अगले दिन सुबह चलने को कहा तो हम लोग पास ही स्थित अपने गाँव चले गये। नीलम को मैं देख तो पाया नहीं था पर अगले दिन उसके साथ मस्ती की कल्पना से ही मुझे रात भर नींद नहीं आई और रात भर लण्ड महाराज तने ही रहे। दरअसल कई सालों से बीबी के अलावा कोई दूसरी लड़की या औरत मिली ही नहीं थी … स्वाद बदलने की कल्पना से ही मैं बेचैन था।

खैर अगले दिन हम दोनों दोस्त चन्दौली गये और पिछले शाम की तरह मैं गली में अपनी कार में बैठा रहा और डी पी उसके घर में चला गया। करीब आधे घण्टे बाद वह बाहर आया और बोला कि एक समस्या आ गई है। दरअसल नीलम को कुछ बहाना बना के घर से जाना था तो उसका छोटा भाई जो दसवीं में पढ़ता था वह भी कार देखकर साथ चलने की जिद करने लगा तो घर वालों ने कहा उसको भी लेती जाओ। नीलम ने डी पी को इशारा किया कि लेते चलो कोई रास्ता निकल आयेगा ।

उसने कहा कि थोड़ा रिस्क तो है पर चलते हैं कोई न कोई रास्ता तो निकलेगा ही।

कुछ देर बाद हम चारों चल दिये। डी पी नीलम के साथ कार में पीछे बैठा और रास्ते में ही उसने मेरे बारे में बताकर साथ रात गुजारने की पेशकश की तो वह झट तैयार हो गई (बाद में उसने बताया कि मेरा भव्य व्यक्तित्व देखकर उसका मन खुद ही मुझसे चुदवाने को मचलने लगा था) वैसे वह तो जान ही रही थी कि डी पी इसी काम के लिये बनारस ले जा रहा है। हाँ उसने साफ़ कह दिया कि उस दिन की तरह दोनों को नहीं झेल पायेगी, दरअसल वह मुझसे पूरी मस्ती के मूड में थी। डी पी ने भी उसे बता दिया कि मैं काफ़ी शौकीन हूँ तथा किसी अच्छे होटल में ही रात गुजारूँगा, अच्छा खाना … अच्छी शराब और नीलम का शबाब … बस मस्ती ही मस्ती … ।

उन दोनों ने योजना बनाई कि डी पी अपनी दुकान पर पाण्डेपुर उतर जायेगा और हम तीनों दिन भर सारनाथ घूमेंगे तथा शाम को डी पी नीलम के भाई को अपने फ़्लैट पर यह कह कर लेता जायेगा कि मुझे नीलम को किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से किसी जरूरी काम के सिलसिले में मिलाना है। दरअसल नीलम उन दिनों थोड़ी-2 राजनीति और समाजसेवा में शुरुआत कर रही थी तथा उसके अभिभावक भी उसके बाहर आने-जाने तथा कभी-2 रात में भी बाहर रुक जाने पर आपत्ति नहीं करते थे। रात बाहर रुकने के लिये वह कोई न कोई बहाना बना देती थी और हम दोनों उन्हें छोड़ कर किसी होटल में जाकर रात गुजारेंगे, उसके भाई को डी पी कुछ बहाना बना कर हमारे फ़्लैट पर न लौटने का कारण बता कर फ़ुसला लेगा।

नीलम करीब 22 साल की दुबली पतली सी गोरी लड़की थी, उसका चेहरा मोहरा औसत ही था वह देखने में कोई खास तो नहीं लग रही थी पर बुरे काम के लिये बुरी नहीं थी … और डी पी ने उसके चुदवाने की जो तारीफ़ की थी तथा जिस बाँकी नज़र से वो मुझे देख रही थी … आ … ह … ह … ह … मेरा दिल तो बल्ले-बल्ले कर रहा था।इधर कई सालों से बस अपनी धर्मपत्नी के साथ धर्म की चुदाई ही करता रहा, कभी स्वाद बदलने का मौका ही नहीं मिला, इसलिये भी मैं अत्यन्त उत्तेजित था … बस अब मन्जिल कुछ घण्टों की दूरी पर थी … बस एक काँटा नीलम का भाई था, डी पी के बनाये प्लान के मुताबिक शाम को वह सेट हो जाये तो रात अपनी थी।

हम तीनों दिन भर सारनाथ घूमते रहे। बीच-2 में उसके भाई को कहीं किसी बहाने से भेजकर हम सम्भावित मस्ती की बातें भी कर ले रहे थे। दोनों का ही इन्तज़ार में बुरा हाल था। एक बार तो उसको कहीं भेज कर हम दोनों कार लेकर फ़ुर्र हो गये और करीब आधे घण्टे बाद लौटे और बहाना बना दिया कि आशापुर चले गये थे सर दर्द की दवा लेने।

नीलम ने बड़ी ही बेबाकी से बताया कि उसे सेक्स की बड़ी प्यास रहती है परन्तु अच्छे साथी तथा मौका नहीं मिल पाता। मेरे यह कहने पर कि तने लण्ड के कारण मेरा बुरा हाल है, वह बोली कि मेरी भी तो पैण्टी गीली हो रही है, क्या करूँ?

मैंने पूछा कि गरम होने पर कैसे शान्त होती हो तो वो बोली- जब कोई उपाय नहीं होता तो काफ़ी देर तक ठण्डे पानी से नहाती हूँ तो तन की गरमी शान्त हो जाती है।

लन्च के समय वह मेरे बगल में बैठी तथा अपनी जाँघों से मेरी जाँघ रगड़ती रही तथा मौका पाकर पैण्ट के उपर से मेरे लण्ड को सहला देती। उसकी हरकतों से मैं तो पागल हो रहा था और शाम होने का इन्तज़ार बहुत खल रहा था। यही हाल कमोबेश नीलम का भी था। मन तो कर रहा था कि नीलम को लेकर सारनाथ के आस पास के किसी अरहर या गन्ने के खेत में घुस जाँऊ … और …

तो भैया किसी तरह दिन ढला और शाम हुई और हम वापस पाण्डेपुर पहुँचे और डी पी उसके भाई को लेकर अपने फ़्लैट पर चला गया और मैं नीलम को लेकर होटल की तलाश में। चूँकि शाम हो चुकी थी अतः 2-3 होटलों में जगह नहीं मिलने के बाद कैन्टोमेन्ट के एक अच्छे होटल में अपने बज़ट में कमरा मिल गया। तकरीबन आठ बजे हम कमरे में चेक-इन किया और दरवाजा बन्द करते ही नीलम मुझसे जोर से चिपट गई और लगी मुझे चूमने … वाह क्या चीज थी नीलम भी … क्या प्यास था उसकी आँखों में … क्या उत्तेजना थी … मैं तो एकदम गरमा गया और उसे जोर से अपने सीने में भींच कर उसके गालों पर चुम्बनों की बौछार कर दी।

वह भी दोगुने जोश से पलटवार कर रही थी … यानि मेरे गालों पर और होठों पर अपने चुम्बनों की बौछार शुरू कर दी … खड़े-खड़े ही हम दोनों गुत्थम-गुत्था होकर एक दूसरे के होंठ चूसने लगे … दोनों मानो एक दूजे के होंठों को खा जाना चाहते हों। होठों का ज्वार कुछ कम हुआ तो दोनों बिस्तर पर आये और मैंने उसकी चूँचियों को ऊपर से दबाना शुरू किया। नीलम की चूँचियाँ छोटी-2 थी, पर उत्तेजना से कड़ी हो गई थी। मैंने उसकी शमीज उतार दी, अन्दर वह किशोरियों वाली अन्डर-शमीज पहने थी … कोई जवान की तरह ब्रा नहीं पहने थी, यह देख कर मुझे हँसी आ गई तो उसने पूछा- हँस क्यों रहे हो ?

मैंने कहा- तुम्हारी अन्डर-शमीज देख कर मुझे लग रहा है कोई स्कूल की छोकरी को फ़ुसला कर गलत काम कर रहा हूँ।

इस पर नीलम बोली- चूँचियाँ छोटी-2 हैं, अतः ब्रा नहीं पहनती, परन्तु आपको मुझसे पूरी मस्ती मिलेगी ! मैं कोई कुवाँरी नहीं हूँ, खेली-खाई हूँ, चूँचियों की कसर मेरे निप्पल चूस-2 कर निकाल लीजिये … चाहे जितने जोर से चूसिये, मैं उफ़्फ़ नहीं करूँगी … चाहो तो निप्पल काट लो मेरे राजा … अब देर मत करो मेरे ठाकुर साहब ..

यह कह कर उसने अपना निप्पल मेरे मुँह में घुसा दिया … और मैं लगा चूसने ! उसकी घुण्डियों को दाँतो से हौले-2 काटता हुआ !

और नीलम उत्तेजना से पागल हो के मेरा पैण्ट खोल के अण्डरवीयर से लण्ड बाहर निकाल कर हाथों से सहलाने लगी … मैं भी सलवार के ऊपर से उसकी पैण्टी के अन्दर उसके गरम होती चूत को सहलाने लगा … ओफ़्फ़् … सहलाते ही नीलम मचल उठी और जोर-2 से मेरे लण्ड को दबाने लगी और मेरे कपड़े उतरने लगी। और बोली- अब नहीं सहा जाता ! जल्दी से मेरी बुर में अपना लण्ड पेल कर मेरी बुर की प्यास बुझाइये मेरे सरकार … अब और नहीं सहा जाता !

मैंने उसकी सलवार और पैन्टी उतार के उसे पूरा नंगा किया और उसको सीधा लिटा कर दोनों टाँगें उठा कर बुर को ऊपर उठा कर उसकी बुर के मुँह पर अपना टनटनाया लण्ड रगड़ने लगा … नीलम तो जैसे पागल हो गई … मेरे गले में बाँहें डालकर जोर से मेरा एक चुम्मा लेकर बोली … अब पेलो नाऽऽऽऽ आऽऽऽऽआ … क्यों तड़पा रहे हो राजाऽआऽआऽआ …

मैंने उसकी चूत के मुँह पर लण्ड रखा और लण्ड को घुसाया …

सुपाड़ा जाते ही वो सिसकारी मारते हुए बोली … आआ आआहह हहह … रुको मत मेरे दोस्त ,पूरा लौड़ा पेल दो एक साथ … ओह … ह … ह … ह … चिन्ता मत करो राजा मैं देखने में बच्ची जरूर लगती हूँ पर कोरी नहीं हूँ, पेल दो जोर से … भले ही फ़ट जाये नीलम की बुर … बस क्या था, मैं तो बौखला गया और एक ही धक्के में पूरा लण्ड उसकी चूत में पेल दिया …

उसने उफ़्फ़ करके मुझे जकड़ लिया और मेरे सीने से चिपट गई और मेरे निप्पल को चाटने लगी। मैं थोड़ी देर वैसे ही लण्ड देव को चूत की गुफ़ा में डालकर विश्राम करने लगा, जब एकाध मिनट तक कोई हरकत नहीं हुई तो नीलम खुद ही अपनी चूत को हिलाने लगी और मेरे गालों को सहलाते हुए कान में बोली- राजा जी, अब और ना तड़पाओ … अब चोद डालो नीलम को … मारो धक्का … अब मत रुको जानू …

बस भैय्या, मैं तो शुरू हो गया और दे दनादन धक्का लगा कर नीलम की बुर को चोदने … हचा … हच् … हच् … हच् … हच् … फ़च् … फ़च् … फ़चा … फ़च् … फ़च् … फ़च् … सटा-सट् … सट … पूरा कमरा फ़च-फ़च और नीलम की सिसकरियों से गूंज उठा … वो जोर-2 से अपने चूतड़ उठा कर मुझे जकड़ कर मेरे होंठ चूसने लगी और मुझे ललकारते हुए अपनी बुर को फ़ाड़ देने के लिये उकसाने लगी।

बड़ी देर तक मैं नीलम की बुर की चुदाई करता रहा। कमरे में बस हमारे साँसो तथा फ़चा-फ़च … और बीच-2 में उसकी सिसकारियों की आवाज आ रही थी। ज्यादा गीली होने पर मैंने तौलिये से अपना लण्ड और उसकी चूत साफ़ की और फ़िर से चोदना शुरू किया..

काफ़ी देर बाद हम दोनों ही लगभग एक साथ झड़े और उसने मुझे जकड़ लिया और हम दोनों लस्त-पस्त होकर सो गये।

शेष अगले भाग में ! Antarvasna

(Mere Sir Ne Meri Maa Ko Choda) अन्तर्वासना

अन्तर्वासना सेक्स कहानियां पढ़ने वाले मेरे सभी दोस्तों, सहेलियों, भाभियों आंटियों को मेरी हैलो, मैं गुड्डू हूँ, ये घटना करीब दो तीन साल पहले की बात है, जब मैं एक कम उम्र का लड़का था, स्कूल में पढ़ रहा था… अभी तो मैं CA की तैयारी कर रहा हूँ.

मेरे स्कूल की परीक्षा के पहले, मेरे सर का फोन मेरी माँ के पास आया था. शायद वे मेरी माँ से मेरी पढ़ाई के बारे में कुछ बात करना चाहते थे.

मेरी माँ तब होंगी करीब 38 साल की, वो बहुत सेक्सी हैं. मेरी माँ को मेरे सर ने फोन करके कहा कि आज रात तुम 6.30 पीएम पर अपने बेटे के साथ आ जाना.

माँ ने सर से कारण पूछा तो उन्होंने मेरी कमजोर पढ़ाई को लेकर कहा. मेरी माँ ने सर को पटा लिया कि इस बार मेरे लड़के को किसी भी तरह पास करा दीजिएगा. आपका बड़ा अहसान होगा.

सर ने कहा- आप आईये, फिर देखते हैं कि क्या किया जा सकता है.
माँ ने कहा- हाँ आप सब कुछ देख सकते हो मैं तैयार हूँ.
सर ने कहा- मतलब?
माँ ने कहा- आप मतलब नहीं समझते हैं.. मैं आपके पास सब कुछ दिखाने आने को गुड्डूी हूँ.
सर समझ गए और बोले- ठीक है आपका सही व्यवहार आपके लिए बड़ा फायदेमंद रहेगा.

सर की इस बात से मेरी माँ थोड़ी गरम हो गई थीं. उनको शायद सेक्स का खेल चाहिए था.

इसके बाद मेरी माँ ने सर से काफी देर तक बात की और बातों ही बातों में सर के साथ सेक्स चैट शुरू कर दी. उन दोनों ने अपने आपको बहुत गरम किया. इसके बाद मैं और मेरी माँ ठीक 6.30 पीम पर मेरे सर के यहाँ पहुँच गए. मैं अपनी माँ के बदन की गरमी को महसूस कर रहा था.

जब हम सर के यहाँ पहुँचे, सर ने हम दोनों को अन्दर बुलाया.

मेरी माँ ने करीब 4-5 मिनट सर से आँखों ही आँखों में बातें कीं.. इससे मेरे सर भी बहुत गरम हो गए थे.

उस दिन माँ भी बहुत सेक्सी लग रही थीं. मेरे सर ने सभी अन्य बच्चों को जाने के लिए कह दिया. फिर मुझे भी सर ने बोला कि तुम दूसरे कमरे में बैठ जाओ.

मैं दूसरे कमरे में जा कर बैठ गया.

कुछ पलों बाद मुझे चुल्ल हुई कि जाकर देखूं कि सर और माँ क्या कर रहे हैं, तो मैं उस कमरे की खिड़की के पास खड़ा हो गया. मैंने झिरी में से देखा कि सर मेरी माँ को धीरे धीरे किस कर रहे थे. मेरी माँ ने अपना ब्लाउज उतार दिया था. वो बड़ी कटीली माल लग रही थीं.

फिर सर ने माँ के मम्मों को अपने हाथों में लिया और उनके एक निप्पल को चूसने लगे. मेरी माँ भी सर को बड़ी मस्ती से दूध पिला रही थीं. फिर सर और माँ ऊपर के कमरे में सेक्स करने के लिए चले गए. मैं भी कुछ देर बाद ऊपर के कमरे के बाहर जाकर खिड़की से देखने लगा.

अब माँ पूरी तरह नंगी हो चुकी थीं. माँ नंगी ही बिस्तर पर लेट गई थीं.

इसके बाद सर ने माँ को थोड़ा और गरम करने के लिए माँ के पाँव से लेकर सर तक धीरे धीरे ऊपर की ओर सहलाना चालू किया.

माँ थोड़ी और गरम होने लगी थीं. माँ के मुँह से ‘स्सस्सस्स.. आह.. स्सस..’ की कामुकता भरी आवाजें आने लगी थीं.

सर ने माँ की नाभि में धीरे धीरे उंगली करना चालू किया. माँ तड़फ रही थीं. अब सर आपने हाथ को प्यार से और ऊपर की तरफ़ माँ के मम्मों पर ले जाकर हाथ में भरते हुए मसलना शुरू कर दिया था.

माँ चुदास से एकदम से मचल उठी थीं. माँ को मजा आ रहा था.

सर ने माँ की नाभि के अन्दर अपनी जीभ डाल कर घुमाई.. तो माँ एकदम से गरम हो उठी थीं.

अब माँ से रहा नहीं जा रहा था. माँ डॉगी स्टाइल में होकर सर के लंड को किस करने लगी थीं.. और सर के हाथ माँ की गांड को सहला रहे थे

फिर माँ सीधी हुईं तो सर ने बैठ कर माँ की नाभि को बड़े प्यार से किस पर किस किए जा रहे थे. माँ भी सर को गरम किस पर किस किए जा रही थीं.

अब माँ भी सर की इस हरकत से बहुत ज्यादा पागल होने लगी थीं.. मेरी माँ को भी बड़ा मजा आ रहा था.

इस वासना के खेल में माँ सर को मेरे लिए बोलना ही भूल गई थीं. फिर सर ने माँ को डॉगी स्टाइल में कर दिया और उनके पीछे से आकर माँ की चुत में अपना लंड डालना शुरू किया.

माँ बुरी तरह तड़फ उठी थीं.. क्योंकि सर का लंड बहुत बड़ा था और मेरी माँ की चुत छोटी सी थी, शायद पापा का लंड छोटा सा रहा होगा जिस वजह से माँ की चुत जयादा नहीं खुल पाई थी. और हो सकता है कि मेरी माँ की चुत पापा के लंड से संतुष्ट न हो पाती हों, जिस कारण उन्होंने सर से चुदाना ठीक समझा.

तो सर के बड़े लंड ने माँ की चुत को एक तरफ से फाड़ना शुरू कर दिया था.

मेरी माँ एक कमसिन लौंडिया की तरह चीख रही थीं जैसे उनकी सील खुल रही हो. सर ने भी बर्बरता से माँ की छोटी सी चुत के साथ घोड़े के लंड जैसे चुदाई करना चालू रखा. कुछ देर की तकलीफ के बाद मेरी माँ ने सर के लंड को पूरा खा लिया था और चुत के रस ने माँ की पीड़ा को खत्म कर दिया था.

अब माँ को भी लंड अच्छा लगने लगा था. मेरी माँ बहुत छरहरी और चंचल बदना हैं. माँ को भी अब जोर जोर से चुदवाना अच्छा लग रहा था.

सर ने माँ को हचक कर चोदा और करीब बीस मिनट बाद माँ की चुत में ही सर के लंड ने अपना वीर्य छोड़ दिया था.

इसके बाद कुछ देर के लिए दोनों निढाल हो गए. मेरी माँ सर का लंड चूसते हुए सर को फिर से गरम करने लगीं, शायद उनकी चुत को लंड की खुराक अभी और चाहिए थी.

एक घंटे में माँ ने सर के लंड से तीन बार चुत की आग बुझवाई और वे दोनों एक दूसरे से लिपट कर लेट गए.

इस दौरान चुदाई का मधुर कामुक और मादक संगीत कमरे के बाहर से ही मैं सुनता रहा था.

इसके बाद माँ साड़ी और बाकी कपड़े पहन कर बाहर आ गईं. तब सर ने मुझसे बोला कि चलो अब आज की पढ़ाई खत्म हुई, कल आना.

मैं सोच रहा था कि सर को कहना था कि आज की चुदाई खत्म हुई अब अपनी माँ को लेकर आना.

अन्तर्वासना

हेलो दोस्तों कैसे है आप लोग मे आज अपनी एक सच्ची घटने के बारे मे बताने जा रहा हु जो इसी साल जून के महिने मे हुआ है। मेरा नाम अशु है और मे बिहार सिवान का रहने वाला हु। मैं अभी b. Tech कर रहा हु और मैं 2nd ईयर का स्टूडेंट हु। मेरी उम्र 20 साल है और मेरी हाईट 5 फ़ीट 5 इंच है। मे दिखने मे कुछ खाश नहीं हु लेकिन उतना बुरा भी नहीं हु। मेरे लंड का साइज 7 इंच से हल्का बड़ा है और मोटा है। ये तो रही मेरी बात अब मैं आपलोगो को अपनी बुआ की लड़की के बारे मे बताता हु। उसका नाम बबली है और वो अभी अभी 12 ख़तम की है 1st devision से वो अपने नानी के साथ यानि की मेरे बड़ी दादी के साथ मेरे घर के बगल मे ही रहती है। उसकी उम्र 18 साल है उसका फिगर 32, 28, 34 है वो दिखने मे बहुत हो भोली और प्यारी लगती है। उसकी नानी के सिर्फ 4 लड़की ही है जो अपने अपbने घर पर रहती है तो नानी के साथ रहे के लिए बबली के मम्मी पापा उसको यहाँ रख गए और बबली यही से सब स्टडी की है। मै तो ये जब से यहाँ रहने आयी थी तब से इसके पीछे पड़ा हुआ था बात करना चोरी छुपे देखना मै सुरु से ही इसकी चुदाई करने के सपने देखता था। मे अपने विलेज मे इंग्लिश मेडियम स्कूल मे पढ़ा हु तो वो मेरे से ज्यादा ही बात करती थी और हर बात पूछती थी। अभी गर्मी के छुट्टी मे मै अपने घर गया हुआ था तो रोज उस से बात हो ही जाती थी। एक दिन उसकी नानी यानि की मेरी बड़ी दादी मेरे अपनी दादी के पास आयी और कुछ बात की फिर चली गयी। शाम को मेरी दादी ने बोला की आशु तुम बबली के घर चले जाओ वो उसकी नानी कही गयी है कुछ दिन के लिए। तो मे बोला ठीक है और घर से खाना कहा के लगभग 8 बजे उसके घर चला गया। वहां गया तो देखा की बबली नाहा के आयी है और laging और tshirt पहन के टेबल पंखा के सामने बैठ के बाल रही है। तो मै गया और एक चेयर ले कर बैठ गया उसके सामने और बात करने लगा थोड़ी देर बात करने के बाद हवा अच्छा चल रहा था तो वो बोली की चलो भैया छत पर चलते है थोड़ा टहल के आयेंगे फिर सो जायेंगे। तो मैंने भी बोला चलो तो छत पर गए उसका घर 1मंजिला है और छत पर बॉउंड्री दिया हुआ है। तो 1घंटे ऊपर रहे बहुत बात किये और बात बात मे ही बबली मेरे से बोली की भैया वैसे एक बात पुछु। तो मैंने बोला हा पूछो क्या बात है?? तो वो बोली की सच्ची सच्ची बताना कॉलेज मे यों gf बनाये ही होंगे। तो मैंने बोला की नहीं यार अभी तक तो कोई लड़की मेरे से पति नहीं है और जो कोई लड़की मुझे थोड़ा भाव देती है वो मेरे टाइप की नहीं लगती। तो बबली बोली की भैया आपको कैसी लड़की पसंद है। तो मैंने भी मज़ाक मे बोला मुझे तेरे जैसी लड़की पसंद है, कुछ देर सांत रहने के बाद वो फिर सो बोली की मेरे जैसी लड़की, मेरे मे आपको क्या ऐसा लगता है की आपको मेरे जैसी लड़की पसंद है। तो मे बोला की तू भोली सी प्यारी सी लगती है और तुम दिखने मे व सेक्सी लगती हो। तो वो बोली की भैया मै दिखने मे सेक्सी लगती हु तो मैंने बोला की हां तू है। तो वो बोली की भैया मेरे मे ऐसा क्या है जो मै आपको सेक्सी लगती हु। मे बोला छोड़ ना बस मेरे को कोई तेरे जैसी लड़की नहीं मिली बस इसलिए gf नहीं बनाया। फिर हम ऐसे ही हसीं मज़ाक करते करते निचे कमरे मे आ गए और सोने के लिए बबली ने बिस्तर लगाया और खुद पलंग पर दीवाल के साइड मे सो गयी और मैंने उस से बोला की मेरा बिस्तर किधर है तो वो बोली की भैया आप यही सो जाओ ना ये तो रहा खाली पलंग। तो मै बोला ठीक है और वही सोने लगा मै फ़ोन मे बिजी हो गया और थोड़ी बहुत बात भी हो रही थी। साढ़े दस हुआ तो मे देखा की बबली सो रही है और वो मेरे तरफ मुँह कर के लेटी हुई है। मैंने ज़ब गौर से देखा तो पाया की आज बबली ब्रा नहीं पहनी है। और उसके दोनों चुचे एक दूसरे से सट रहे है। तो मैंने अपना फ़ोन साइड मे रखा और उसके चुचे tshirt के ऊपर से ही छूने लगा वो क्या ही मुलायम रुई के तरह उसके चुचे थे मेरा तो उसको छूते ही लंड खड़ा हो गया पेंट मे ही और बाहर आने के लिए तड़पने लगा। वैसे ही उसके बूब्स दबाते दबाते एक हाथ से अपना लंड सहला रहा था। फिर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने उसका tshirt हल्का ऊपर कर के अपना हाथ अंदर डाल के उसके बूब्स को छूने लगा और दबाने लगा उसके मौसमी से हलके बड़े बूब्स क्या ही मस्त मुलायम थे। तभी अचानक से हल्का हलचल हुआ तो मैंने अपना हाथ निकल दिया और वो मेरे तरफ अपनी गांड कर के सोने लगी अब कुछ देर बिता तो मै उसका गांड छूने लगा और तजोड़ा सा चिपक के अपना लंड उसके गांड के छेद के पास रगड़ने लगा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। 5 मिनट करने के बाद वो सीधी हो कर लेट गयी अब मेरा मन उसके चुत को छूने का करने लगा मै laging के ऊपर से ही उसके चुत को सहलाने लगा था। धीरे धीरे मैंने हिम्मत की और अपना हाथ उसके laging के अंदर डाल दिया वो अंदर चढ़ी पहनी उइ थी तो मै सीधे चढ़ी के अंदर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चुत को सहलाने लगा तो देखा की उसके चुत पर हलका लस लस कर रहा है तो मै सोचा की सायद ये जग रही है बस कुछ बोल नहीं रही है। तो मैंने क्या कोयन की एक ऊँगली उसके चुत के छेद पर लगाया और ऊँगली अंदर डालने की एक्टिंग करने लगा तभी अचानक से उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली भैया ये क्या कर रहे हो। तो मैं बोला की कुछ नहीं बस तुमको सोते हुए देखा तो मन फिसल गया तो वो बोली की बस सोते हुए देखते हो तभी मन फिसलता है तो मे बोला क्या मतलब तो बोली की ये बस तुम अकेले ही मजा लोगे या मुझे भी कुछ मजा दोगे। उसके मुँह से इतना सुनते ही मेरा लंड एकदम से टन टना गया मे उसको अपने ऊपर खींच लिया और किश करने लागा और उसका पीठ से tshirt हल्का ऊपर कर के पीठ सहलाने लगा फिर कुछ देर के बाद मै उसके बेड पर लेटाया और मस्त लिप किश फिर गर्दन पर फिर धीरे धीरे उसके बूब्स पर आ गया और उसका टीशर्ट निकल दी तो उसके बूब्स मेरे सामने नंगे हो गए और मे उनको दोनों हाथों से पकड़ के हल्का हल्का दबाने लगा और फिर एक एक कर के चूसने लगा उसको भी मजा आने लगा था। वो भी सिसकियाँ ले कर मेरा साथ दे रही थी। फिर मै उसके पेट पर किश करते हुए पेट चाटते हुए उसके चुत पर आ गया। मैंने उसके laging के साथ चढ़ी भी निकल दी एक ही बार मे। तो उसकी हलकी बालो वाली चुत मेरे सामने लाइट के चमक मे जो उसकी चुत ने हलकी सी पानी छोड़ी थी उसमे एकदम से चमकने लगा। मैंने उसके चुत पर किश किया तो वो एकदम से सिहर गयी और मेरे बालों पर अपनी हाथ से सहलाने लगी और मै उसकी चुत को चाटने लगा। 5 मिनट चाटने के बाद मैं उसको दुबारा किश करने लगा। फिर मे उसको बोला की मेरा कपड़ा कौन खोलेगा तो वो खड़ी हुई मै पहले ही खड़ा हो गया था उसने मेरी टीशर्ट निकली फिर मेरे ट्रॉउज़र का नाड़ा खोलते हुए उसको निचे सरका दिया। फिर वो मेरे को किश करते हुए मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही सहलाने लगी। फिर वो घुटनो के बल बैठ गयी और मेरा अंडरवियर निचे कर के मेरे लंड को देखि जो बिलकुल ही टाइट पड़ा हुआ था उसको अपने हाथ मे ले कर हल्का हल्का आगे पीछे करने लगी तो मै बोला की ये सब कहा से सीखा है तुमने. तो वो बोली की भैया.... तो मैंने उसको डाटा और बोला की जब कोई नहीं होगा तो तू मेरे को आशु बोलना तो फिर वो बोली की आशु मै वो सेक्स वीडियोस देख के ये सब सीखा है तो मैंने बोला की लंड चूसना भी आता होगा तो वो धीरे धीरे मेरे लंड को अपने जीभ से चाटने लगी और फिर लंड मुँह मे डाल के मस्त लॉलीपॉप के तरह चूसने लगी. मुझे तो जन्नत का मजा मिल रहा था 5 मिनट हुआ था की मुझे लगा मेरा पानी निकलने वाला है तो मै उसको बोला तो वो बोली की आशु मेरे बूब्स पर पानी निकल दो उसको मसाज करना है। तो मै उसकी मुँह से लंड निकला और 2 या 3 बार आगव पीछे किया तब तक मस्त पानी की एक धार उसके बूब्स के बीचो बिच मे गिरा और मेरा पानी निकल गया फिर उसने उसको चाट के साफ किया और फिर हम किश करने लगे। लगभग 10 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो मै उसको बेड पर लेटाया फीर उसकी चुत मे एक ऊँगली डालने की कोसिस करने लगा चुत चाटते हुए ऊँगली डाल रहा था 1 ऊँगली तो चली गयी थी फिर मैंने अपने लंड पर अच्छे से ढेर सारा थूक लगाया और उसके चुत के मुँह पर सेट कर के एक धक्का दिया मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया तो उसने एक तेज सिसकी ली फिर सांत हो गयी। उसके शांत होने के 1 मिनट के बाद मैंने एक और झटका दिया तो मेरा आधा लंड अंदर चला गया तो वो थोड़ा तेज दर्द से कराह गयी मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रखे और उसके बूब्स को हल्का हल्का मसलते हुए आगे पीछे करते करते पूरा लंड उसके चुत मे डाल दिया। थोड़ी देर रुका तो दर्द कम हो गया था तो अब धीरे धीरे मै उसको चोदने लगा। कुछ देर करने के बाद उसे भी मजा आने लगा तो वो भी अपना कमर हिला हिला के हर धके का मजा मस्त सिसकियाँ के साथ लवने लगी। कुछ देर वैसे करने के बाद मैंने उसको घोड़ी स्टाइल मे पीछे से उसके चुत मे लंड डाल के चुदाई करने लगा इसमें मे उसके उज झुक कई उसके बूब्स को पकड़ लेता और मस्त पीछे से धक्का लगता। फिर अपना लंड उसके चुत से निकला और मै बेड पे लेट गया और उसको मेरा लंड चूसने बोला तो वो मेरे लंड को मुँह मे ले कर मस्त लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी फिर मै उसको अपने लंड पर बिठाया और निचे से धक्का देना सुरु किया। रात मे रूम के लाइट मे हमारे पसीने से भीगा हुआ शरीर मस्त चमक रहा था उस समय। फिर मैंने महसूस किया की मेरा पानी निकलने वाला है तो मे उसको बताया तो बोली की मेरे मुँह मे दो मे उसका टेस्ट करना चाहती हु। फिर मै खड़ा हो गया और वो घुटने के बल बैठ के मेरा लंड चूसने लगी कुछ ही देर मे मेरे लंड से एक तेज धार निकला और उसके मुँह मे भर गया। और वो सारा पानी पी गयी फिर मेरा लंड चूस के चाट के साफ कर दी फिर हम ऐसे ही बेड पर लेट गए और उस रात लगभग 3 बजे तक 1 राउंड और किये फिर हम दोनों नंगे ही सो गए। सुबह उठा तो देखा की बबली उठ गयी है और खाना बना रही है। मै उठा तो नंगा ही था और मेरा लंड सुबह मे पूरा टाइट था वो देख के बोली की अभी फिर से खड़ा हो गया है। तो मै बोल दिया की तुम हो ही ऐसी की इसका मन कर रहा है की तुम्हारे ही अंदर पड़ा रहे। फिर हस दिया और अपने घर आ गया। फिर आगे क्या क्या हुआ कैसे हुआ मे सब बताऊंगा आपलोगो को बस आपलोग अपना प्यार और स्नेह मेरे पर बनाये रखे मिलते है अगले कहानी मे। तब तक के लिए बाय....!!
मैं मानस आज आपके सामने अपनी सच्ची कहानी लेकर आ रहा हूं उम्मीद करता हूं आपको पसंद आएगी मैं राजस्थान के सीमावर्ती शहर भरतपुर का रहने वाला हूं मेरे पिताजी का बिल्डिंग मटेरियल का बहुत बड़ा काम था बहुत अच्छी आमदनी हुआ करती थी पांच साल पहले कोविड के समय में अचानक पिताजी नहीं रहे मैं उस समय 20 साल का था और बीकॉम कर चुका था सीए की तैयारी करनी थी पर इस अनहोनी से बिजनेस की सारी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई, मैंने बिजनेस को अच्छे से संभाल लिया, पर इतना बड़ा काम अकेले का नहीं होता इसमें मेरी मां को की मदद करनी पड़ी क्योंकि परिवार में कोई और इस काम में कोई मदद नहीं कर सकता , दूसरे खानदान वाले बिजनेस को हड़पने के चक्कर में लगे रहते थे मैं पूरी तरह से अनुभवहीन था परंतु मां के सहयोग से धीरे-धीरे 3 महीने में सब कुछ सीख गया और 6 महीने में व्यापार को अच्छे से चलाने लगा मेरी मां बहुत समझदार थी उसे ऊंच-नीच और सामाजिक बुराइयों वगैरा का बहुत ज्ञान था वह मुझे समझाती रहती थी की अपने परिवार मैं बहनों की बड़ी जिम्मेदारी अब मुझे ही उठानी है मैं मेरे परिवार में सबसे बड़ा हूं आज मेरी उम्र 25 साल है, मुझसे छोटी तीन बहनें जिसमें से नव्या 22 साल की है वह ग्रेजुएशन में बीएससी कर रही है उसकी शादी की बात चल रही है जल्दी ही अच्छा लड़का मिलते ही उसकी शादी कर दी जाएगी बहुत अच्छे-अच्छे रिश्ते आ रहे हैं पर वह कोई ना कोई नुक्स निकाल कर मना कर देती है और मैं भी उसे पर कोई दवाब नहीं डालता, उसकी और मेरी शादी को लेकर मां बहुत चिंतित रहती है भव्या 19 साल की है और अभी बारहवीं का एग्जाम दिया है और इंजीनियरिंग करना चाहती है कई इंस्टिट्यूट का एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म भर्ती रहती है माया 15 साल की है और अभी हाई स्कूल का एग्जाम दिया उसका पढ़ाई में मन बहुत ज्यादा लगता है वह डॉक्टर बनना चाहती है मैं भी उसे बहुत सपोर्ट करता हूं। पिताजी के जाने के बाद कितनी जिम्मेदारियां का बोझ मुझ पर आ गया कि मेरा सारा लड़कपन खत्म हो गया स्कूल कॉलेज के यार दोस्त छूटते चले गए लेकिन एक चीज बहुत अच्छी हुई कि हम भाई बहनों में एक दूसरे के लिए प्यार और केयर की भावना बढ़ती गई मां भी यह सब देखकर खुश होती थी पहले कोई बहन मुझे एक गिलास पानी भी नहीं देती थी अब शोरूम से आने के बाद कि मेरे लिए पानी चाय नाश्ता लेकर भव्या आ जाती है चाय पीकर थोड़ी देर लेटकर आराम करता हूं तो माया मेरे शरीर पर चढ़कर पैरों से पूरे शरीर को दबाती है और मेरा सारा बदन का दर्द निकल जाता है फिर थोड़ी देर बाद मैं उठकर नहा धोकर फ्रेश होता हूं नव्या और नव्या पूरा किचन का काम संभाल लेती हैं खाना सबका तैयार हो चुका होता है मां जाकर गरमा गरम फुल्के बनती है क्योंकि मुझे मां के हाथ के फुल्के पसंद है और हम डाइनिंग टेबल और खाने के लिए आ जाते हैं अब सबके साथ मेरी भी खाने पीने की पसंद का ख्याल रखा जाता है पहले ऐसा नहीं था खाना खाते-खाते हम पूरे दिन की बातें करते हैं मैं अपनी बहनों से उनका रोज का काम पूछता हूं जैसे की उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है आगे क्या करना है कौन से किताब चाहिए कौन से कपड़े चाहिए उनकी सहेली का क्या हुआ, आगे कौन सा कोचिंग करना है कौन सा सब्जेक्ट पढ़ना है कहां का फॉर्म भरना है किसी को कुछ पैसे तो नहीं चाहिए वगैरा। मैं सबके साथ मूवी देखता हूं और घूमाने फिराने भी ले जाता हूं पिताजी के बाद मुझे ही सबकी केयर करनी थी। हम आपस में एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं और बहुत ही खुले हुए हैं। मां: अकेले में ) मानस जब लड़कियां जब 16 की हो जाती हैं तो जवानी उबाल मारने लगती उनके कदम बहकने लगते हैं अगर उनका मन घर में पहले से ही भरा रहे तो बाहर की तरफ नहीं देखेंगी। मैं : मां मुझे अपनी बहनों पर पूरा भरोसा है वह कुछ भी गलत नहीं करेंगी अपनी सभी बहनों की शादी कर दूंगा मां: बेटा तेरी तीनों बहनें जवान हो गई है इस उम्र की वजह से मन मचलता है मैं प्रैक्टिकल लाइफ में ज्यादा विश्वास रखती हूं बाहर की लड़कियां गलत संगत में बिगड़ जाती हैं इस समय को शरीर की और ज़रूरतें भी होती हैं इनकी शादी तक इन्हें बाहर मुंह करने से रोकना होगा इसलिए कह रही हूं का ख्याल रखा कर उनके करीब रहा कर। मैं: मां वह मेरी बहन है। मां: मैं तेरी और तेरी बहनों की भलाई के लिए की कह रही हूं इससे पहले कुछ कर ले तू ही उनकी जवानी का संभाल ले वरना बाहर परिवार की इज्जत नाम खराब कर सकती हैं और फिर घर की बात घर में रहेगी और किसी को पता नहीं चलेगा और उनकी शादी तक उनकी जवानी को संभालना की तेरी जिम्मेदारी है मन बहुत है परिवार की सपना खराब हो लड़कियों के कदम ना देखें इसलिए वह नव्या की शादी जल्दी कर देना चाहते हैं ताकि वह भी अपने लिए बहू ला सके और बहू का सुख ले सकें हर लडके नव्या मना कर देती है मां को बहुत टेंशन हो रही है मैं: मां को समझाता हूं) आप चिंता ना करो कोई अच्छा लड़का देखकर उसकी अच्छी शादी करेंगे। मां: वह तुझसे कोई बात नहीं छुपाती उससे बात करके देख वह क्या चाहती है। कहीं किसी लड़के के साथ उसका चक्कर तो नहीं चल रहा क्या कहीं मुंह तो काला नहीं करवा रही है। मैं: ठीक है मां आप परेशान ना हो मैं सब संभाल लूंगा। दोस्तों आप सभी को मालूम होगा की बिल्डिंग मटेरियल के अच्छे काम करने वालों को कंपनियां विदेश के टूर पैकेज करने के लिए देती रहती हैं अभी तक पिताजी उनका पैकेज को काश कर लेते थे उन्हें घूमने फिरने का शौक नहीं था परंतु मुझे और मेरी बहनों को घूमने फिरने का शौक बहुत था। पिताजी के पास मां और मैं मिलकर बिजनेस को आगे बढ़ाया तो हमें वह स्कीम के टूट पैकेज भी ज्यादा मिलने लगे। इस बार अल्ट्राटेक कंपनी से दो लोगों का इंडोनेशिया का टूर पैकेज आया था नव्या : भैया इस बार मैं भी आपके साथ चलूंगी । मैं: पहले मां से पूछ लो यदि मां कहेंगी तभी मैं तुम्हें ले जा सकता हूं। नव्या : भैया आप जानते हो मां मुझे मना कर देंगी वो नहीं मानेंगी आप ही बात करो ना । मैं: ठीक है कल खाते समय बात करेंगे। अगली शाम को रात में डिनर करने के बाद मैंने नव्या को इशारा किया कि सब को यहां से ले जाए तो मां से बात करूं। वह खुश हो गई और भव्या माया को उनका होमवर्क देखने के बहाने उनके कमरे में ले गई मैं: मां इस बार इंडोनेशिया की ट्रिप आई है दो लोगों की अगस्त में जाना है 5 दिन का है आप संभाल लोगे न। मां: ठीक है मैं संभाल लूंगी तू कितनी मेहनत करता है सारी जिम्मेदारी अच्छी तरह से संभाल रहा है जा एंजॉय कर आ। इस बार किस दोस्त को ले जायेगा। मैं: नहीं मां इस बार मैं किसी भी दोस्त को नहीं ले जाऊंगा। मैं सोच रहा हूं कि नव्या को ले जाऊं उसे भी बाहर की दुनिया देखनी चाहिए। शादी के बाद पता नहीं कहीं घूम फिर पाती भी है या नहीं। मां: अरे जब शादी करेगी तब ना मैं तो समझा समझा कर हार गई‌ पता नहीं अभी आगे और कितना पढ़ना चाहती है। तू भी उससे बात कर ही चाहती क्या है। मैं: मां, नव्या मेरे साथ वहां जाएगी तो मैं उससे प्यार से उसके मन की बातें जानने की कोशिश करूंगा कि ये शादी के लिए क्यों मना कर देती है। मां: तुम उसे लेकर तो जाओगे लेकिन वहां इसका बहुत ख्याल रखना पड़ेगा पहले कभी बाहर नहीं निकली है। मैं: मां जब निकलेगी तभी तो सीखेगी। मां: ठीक है ले जाओ अच्छी तरह से केयर करना उसके और करीब होना। फिर मैं सोने के लिए अपने कमरे में चला आया। मां और माया 1 कमरे में सोते थे नव्या और भव्या एक कमरे में, मेरा कमरा ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर था। मैं एक बात बताना भूल गया कि हम भाई बहनों में बहुत प्यार है जो कि पिताजी के न रहने के बाद और भी बढ़ गया। हम पहले एक दूसरे के साथ लड़ते झगड़ते लिपटते चिपटते थे कभी कोई ग़लत भावना नहीं जगी थी मां थकी होने की वजह से जल्दी सो गई,नव्या ने भव्या से कहा की माया को थोड़ी देर पढ़ा दो। भव्य बोली दीदी उसका सारा काम दिन में करवा दिया है और सो जाओ मैं थोड़ी देर ऊपर भैया से बात करके आती हूं वह बोली ठीक है आप जाओ। मैं अपने कपड़े चेंज करके नाइटी पहन ली थी और बाथरूम जाकर फ्रेश हुई। और ऊपर जाकर भैया के पास लेट कर बातें करने लगी। नव्या : भैया मां से क्या बात हुई मां ने क्या कहा मैं भी आपके साथ चल रही हूं ना। मैं: हां बात हो गयी मां तेरी शादी को लेकर बहुत परेशान है वह जल्दी से तेरी शादी करना चाहती हैं तू उन्हें परेशान मत किया कर जल्दी से शादी कर ले। नव्या: भैया आप जानते हो मैं अभी और पढ़ाई करना चाहती हूं। मुझे बताइए मां ने इंडोनेशिया जाने के बारे में क्या कहा। मैं: दुःख से) नव्या तू परेशान मत हो मैं मां को समझा लूंगा हम अगली बार चलेंगे। नव्या : मतलब आप कहना क्या चाहते हो मां ने मना कर दिया क्या, मैं जानती थी की मां मुझे नहीं जाने देंगी वह तो हमें प्यार नहीं करती। नव्या ने रोनी सी सूरत बना ली और मैं उसे देखकर मन में मुस्कुरा रहा था और समझा ही रहा था मैं: नहीं नव्या मां हम सबको एक जैसा प्यार करती हैं उनकी अपनी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं जिनसे वह मुक्त होना चाहती हैं तुम अभी नहीं समझ रही हो जब तुम मां बनोगी तब समझोगी मां अपने हर बच्चे को कितना चाहती है। नव्या : रोते हुए) मुझे पता है भैया की मां हमें कितना चाहती हैं घर में ना रहते हुए भी हम पर कितनी सख्ती रखी जाती है मां ना डरती है कि हम बहक नहीं जाएं। लेकिन अब हम बड़ी हो गए हैं ऊंच नीच समझते हैं। अगर कभी कुछ गलत करना होता तो सबके सामने रहते हुए भी किया जा सकता है लेकिन हमें भी अपने परिवार की इज्जत और मर्यादा का ख्याल है। मैं: उसके आंसू पोंछते हुए) अरे मेरी लाडली बहन तो रोने लगी कितनी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है अब मुझे लगता है कि वह वास्तव में बड़ी हो गई है। रोते-रोते नव्या मेरे सीने से लग गई और मुझे जकड़ लिया उसकी चूचियां मेरे सीने में घुस गई और मुझे पहली बार कुछ अलग सा महसूस हुआ। मैं: बस करो नव्या अब चुप हो जाओ तो मैं तुम्हें एक और बात बताना चाहता हूं नव्या : अपने आंसू पोंछते हुए ) क्या बताना चाहते हो भैया कि अगली ट्रिप अप्रैल में आएगी तो ले चलेंगे। मैं: नहीं मेरी लाडो बहन, तुम इस ट्रिप में मेरे साथ चलोगी मैंने मां को मना लिया है और 15 दिन के बाद हम इंडोनेशिया जायेंगे लेकिन मेरी एक शर्त है की हम घर में भाई बहन रहेंगे लेकिन घर से बाहर निकलते हुए पक्के दोस्त बन जाएंगे जो अपनी हर बातें एक दूसरे से शेयर करते हैं और कोई बात नहीं छुपाते, अगर मंजूर हो तो बोलो तभी ले चलूंगा। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया दे दिया मैं पीठ के बल गिर पड़ा और वह लपक के मेरे ऊपर कमर पर चढ़ गई और मुझे सीने पर मुक्के मारने लगी। नव्या : इतनी देर से मुझे परेशान कर रहे थे मुझे रुला रहे थे क्यों भैया ऐसा क्यों किया आई हेट यू आई हेट यू आई हेट यू। मैं: मैं देखना चाहता था की तू मेरे और मां के बारे में क्या सोचती है और रोते समय कैसी लगती है। कहते हुए मैंने उसको छुपा कर अपने सीने से लगा लिया और आई लव यू आई लव यू आई लव यू बोलने लगा नव्या : आई लव यू टू आई लव यू टू आई लव यू टू भैया मैं जानती थी मां को मना लेंगे। कह कर नव्या मुझे चूमने लगी और मैं भी उसे चूमने लगा, पता नहीं कैसे किसने एक दूसरे के होंठों को चूमा और फिर स्मूच करने लगे। कुछ अचानक से लगा कि हम ये क्या कर रहे हैं एक दूसरे से अलग हो गए। नव्या : थैंक्स भैया आई लव यू अब मैं चलती हूं। मैं: याद रखना हम घर से बाहर क्लोज फ्रेंड्स रहेंगे तभी तुम मेरे साथ चलोगी। नव्या : ओके भैया। गुड नाइट नव्या के जाने के बाद मुझे उसका अपने सीने से चिपकना और मेरे ऊपर चढ़कर प्यार से मारना और फिर मुझे चूमना बहुत उत्तेजित कर रहा था। मैं भी बहक रहा था मैं अभी तक किसी भी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था आज मेरा मन मुठ मारने को कर रहा था वो भी अपनी छोटी बहन नव्या के नाम की। लंड महाराज पजामे में अकड़े पड़े थे। मैं बाथरूम में गया गया और शैंपू को हाथ में लेकर नव्या के नाम से मूठ मारी तो वीर्य बहुत दूर जाकर गिरा। फिर मैं जाकर सो गया। सुबह सोकर उठा तो शोरूम पर निकलते समय नव्या ने मुझे कुछ पैसे मांगे। नव्या : भैया मुझे कुछ पैसे दे दीजिए थोड़ी शॉपिंग करनी है वहां जाने के लिए। मैं: कितने पैसे चाहिए नव्या : भैया 2000 से मेरा काम चल जाएगा मैं: कोई बात नहीं यह लो 5000 अच्छे से तैयारी कर लो हमें वहां को इंजॉय करना है कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। नव्या : थैंक यू भैया आई लव यू। मां: क्या बात है नव्या आज भैया पर बहुत प्यार आ रहा है। उसने तुम लोगों को सर चढ़ा कर रखा है बहुत छूट दे रखी है। नव्या : थैंक यू मम्मी आई लव यू टू आप मेरी तरफ से बेफिक्र रहें। मुझे आपका और परिवार का बहुत ख्याल है। मां: ठीक है ठीक है अब जाने की तैयारी ठीक से कर लो सारी जरूर का सामान लेकर जाना वरना वहां छोटी-छोटी चीज के लिए परेशान होना पड़ सकता है। नव्या : मां संडे को दिल्ली चलो ना मुझे कुछ शॉपिंग करनी है यहां कुछ अच्छा नहीं मिलता। मां: बेटा मेरे पास समय नहीं है जब तुम जाओगी तो एक दिन पहले ही चले जाना और दिल्ली में शॉपिंग कर लेना भैया तुम्हारे साथ होगा मैं सब सामान दिलवा देगा। नव्या : आप ठीक कह रही हूं मां। फिर मैं शोरूम निकल गया और सारे अरेंजमेंट करने लगा हमें 15 दिन बाद जाना था मेरे पीछे बिजनेस संभालने में मां को कोई तकलीफ ना हो सभी स्टाफ को बोल दिया था कि किसी को छुट्टी लेनी है तो एक हफ्ते में काम करके चला आए उसके बाद एक महीने तक किसी को छुट्टी नहीं दूंगा। 1 महीने का स्टॉक और ऑर्डर कैलकुलेट करके लगा दिया था ताकि मेरे पीछे कोई समान शोरूम पर कम ना पड़े और काम सही से चलता रहे। थोड़ी देर में भी शोरूम पर आ गई तो मैं मां को भी सब समझा दिया की कैसे क्या करना होगा सब कुछ ऑटो मोड में चलता रहेगा बस उन्हें देखना रहेगा। शाम को जब घर पहुंचे तो नव्या बहुत खुश दिखाई पड़ रही थी भव्या और माया का मूड़ उखड़ा हुआ था । भव्या मेरे लिए चाय और पानी ले आई और रखकर बिना कुछ बोले चली गई। माया मेरे पास आई और मेरे गोद में बैठ कर बोली माया: भैया आप दीदी को घूमाने ले जा रहे हैं हम भी चलेंगे आप दीदी को अकेले क्यों ले जा रहे हैं। मैं: बेटा केवल दो टिकट है और दीदी तुम सबसे बड़ी है अभी जल्दी ही उसकी शादी होने वाली है तो उसे घूम लेने दो उसकी शादी हो जाएगी तो फिर मैं भव्या और तुमको खूब घुमाऊंगा, यह भव्या क्यों रूठी हुई है। माया: भव्या दीदी भी घूमने जाना चाहती है और आप केवल नव्या दीदी को ले जा रहे हैं वह इसलिए नाराज हैं। मैंने भव्या को बुलाया और प्यार से अपनी गोद में बिठाकर किस किया। मैं: भव्या इतनी छोटी सी बात के लिए तुम नाराज हो यह गलत है तुम्हारी बड़ी बहन है जल्दी ही उसके शादी हो जाएगी फिर वह चली जाएगी उसे बाहर घूमने फिरने का मौका पता नहीं मिले या ना मिले इसलिए अभी उसको घुमा देते हैं उसके बाद तुम और माया को भी मैं सब जगह घुमाऊंगा प्रॉमिस। भव्या: प्रॉमिस भैया ठीक है आप दीदी को बाहर घूमा लो लेकिन बीच-बीच में हमें भी कहीं घुमा दिया करो। आई लव यू भैया कहकर भव्या ने मुझे किस किया मैं: आई लव यू टू बेटा। भव्या: लेकिन हम आपको ऐसे नहीं छोड़ेंगे आपको हमें गोद में उठाकर पूरे घर में घूमना पड़ेगा। यह कहकर भव्या मेरे पीठ पर लद गई और माया भी दौड़कर सामने से मेरी गोद में चढ़ गई और दोनों बोली अब हमें पूरा घर में घुमाईये मां: आज तुम लोगों को अपने भाई पर बहुत प्यार आ रहा है अभी थका हुआ आया है उसे आराम तो कर लेने दो जो कि दोनों घोड़ी हो गई हैं और अभी भी बच्चों जैसी हरकतें करती हैं यह सब तेरे प्यार में बिगड़ गई है। भव्या की चूचियां मेरी पीठ पर दबीं थी और माया के टिकोरे सामने से मेरे सीने में दबे हुए थे मेरी हालत खराब हो रही थी फिर भी मैं किसी तरह उन्हें पूरे घर का एक चक्कर लगाकर उतारा और बोला अब मैं थक गया हूं ऊपर जाकर आराम करूंगा। मैं: मां मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है कोई दवा हो तो दे दो। मां: तूने अपनी बहनों को सिर चढ़ा रखा है इतनी बड़ी हो गई जरा भी समझ नहीं है यह दवा खा ले और थोड़ी सी बदन की मालिश करवा ले तो आराम आ जाएगा मैं माया को बोलती हूं। माया जरा सरसों का तेल गर्म करके अपने भैया की पीठ की मालिश तो कर दे देखा उसका बदन दर्द कर रहा है और तुम लोग उसके ऊपर चढ़कर घूम रही थी। माया: मां में स्कूल का काम करने जा रही हूं बहुत सारा होमवर्क मिला है भव्या दीदी से कह दो। भव्या: मां मैं किचन में खाना बनाने जा रही हूं आप ही कर दो ना। मां: अरे मैं भी तो थकी हुई आई हूं तुम्हें तो मेरी भी मालिश करनी चाहिए मेरी ना सही कम से कम अपने भाई की तो कर दो। नव्या: चलो मां पहले मैं आपकी थोड़ी सी चंपी कर देती हूं और हाथ पैर में मैं मालिश कर देती हूं फिर भैया की भी मालिश कर दूंगी। मां: बहुत खुश है आज नव्या मां और भाई की सेवा बिना कहे कर रही हो। नव्या : आप तो ऐसे कह रही हो कि जैसे मैंने पहले कभी नहीं किया हमेशा बिना कहे करती हूं। मां: हां मेरी रानी बिटिया मैं जानती हूं मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी। नव्या ने आधे घंटे तक मां की चंपी और मालिश की मां को आराम आ गया और मां बैठकर टीवी देखने लगी कटोरी में तेल लेकर ऊपर मेरे कमरे में आई। नव्या : भैया चलो अपनी टीशर्ट और पजामा उतार दो मैं मालिश कर देता हूं। मैं: नहीं नव्या यार अब तुम बड़ी हो गई हो मैं तुमसे मालिश नहीं करवाऊंगा। नव्या : भैया शर्माइए मत अभी मेरे हाथों के जादू से आपका सारा बदन का दर्द निकल जाएगा मां को भी आराम आ गया है। मां देखो भैया मालिश नहीं करवा रहा है अभी 10 मिनट में आराम आ जाएगा। मां: अरे मानस मालिश करवाले शर्मा मत तेरी छोटी बहन ही है और तू उसका बड़ा भाई। कोई बात नहीं हम लोग एक दूसरे का सुख-दुख में साथ नहीं देंगे तो कौन देगा। मैं: मां मैं नहीं करवाऊंगा मुझे शर्म आती है। नव्या: धीरे से) अरे करवा लो भैया जब स्मूच करने में शर्म नहीं आई तो मालिश करवाने में कैसी शर्म। मैं: तू बहुत शरारती हो गई है मुझे लगता है जल्दी ही तेरी शादी करवानी पड़ेगी तभी तू मुझे परेशान करना छोड़ेगी। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धकेल दिया और मेरे पेट पर बैठकर मेरी शर्ट खींच कर उतार दी और मेरा पजामा भी खींचकर निकाल दिया मुझे पेट के बल लेटा कर मेरे जाघं पर चढ़कर बैठ गई और फिर तेल डालकर मालिश करने लगी। उसके मुलायम हाथ मुझे गुदगुदी कर रहे थे थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा फिर उसने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और मेरे सीने पर तेल डालकर मालिश करने लगी। मुझे बहुत आराम आ गया और मुझे जोर से नींद आ रही थी भव्या: सब लोग आकर खाना खा लो खाना तैयार है। नव्या : चलो भैया खाना खाकर तब सोइयेगा। हम सबने आकर खाना खाया और सब सोने चले गए मैंने नव्या से कहा मेरा सिर दर्द कर रहा है कोई सिरदर्द की दवा दे तो वह बोलि आप चलिए मैं आपके सिर में भी तेल लगा देती हूं वह 10 मिनट में ऊपर आई। मैं: इतनी देर कैसे लगा दी है मेरा सर दर्द से फटा जा रहा है। नव्या: मम्मी भी बहुत थकी हुई है उनको सोने के लिए नींद की गोली दी है कृपया और माया भी सोने चली गई है पूरा घर बंद कर तब आपके पास आई हूं अभी 10 मिनट में आपका सिर का दर्द दूर हो जाएगा। मुझे कल की स्मूच याद आ गई और मैं मुस्कुराने लगा। नव्या : क्या हुआ भैया आप मुस्कुरा क्यों रहे हैं। मैं: कुछ नहीं तुम तेल लगाओ। नव्या : नहीं पहले आप बताइए आप क्यों मुस्कुरा रहे हैं मुझे देखकर। मैं: कुछ नहीं मुझे कल रात की बातें याद आ गई वैसे तुम्हारी कैसे बहुत मीठी थी क्या मुझे आज भी दोगी। नव्या : धत् भैया वह तो कल जाने की खुशी में गलती से हो गया था आज थोड़ी ना वैसा होगा। मैं: अगर आज भी मैं तुझे कुछ अच्छे से न्यूज़ दूं घूमने वाली तो क्या होगा । स्मूच करेगी। नव्या : भैया आप भी ना कैसी बातें कर रहे हो मैं आपकी छोटी बहन हूं। मैं: हमने कल ही एक दूसरे को वादा किया था कि अब हम घर में भाई बहन और बाहर दो अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे यानी कि तू मेरी गर्लफ्रेंड और मैं तेरा बॉयफ्रेंड तू बड़ी जल्दी भूल गई। नव्या : मुझे याद है भैया लेकिन घर से बाहर अभी हम घर में हैं। मैं: तो सुन वीजा के लिए हमें परसों दिल्ली जाना होगा सुबह 10:00 की अपॉइंटमेंट है और कल शाम को हम दिल्ली जाएंगे रात में होटल में रखेंगे सुबह अपना काम निपटाकर शाम को निकलकर रात तक वापस आ जाएंगे। अब तो स्मूच बनता है ना। नव्या : भैया पहले आपके सर की मालिश कर दूं तब तक सब लोग सो जाएंगे तब आप स्मूच कर लेना। मैं: मतलब तुम अकेले में भी मेरी गर्लफ्रेंड बनी रहोगी आई लव यू। नव्या : भैया आप बड़े वो हो अपनी छोटी बहन को गर्लफ्रेंड बना रहे हो प्लीज यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और गर्लफ्रेंड से आगे कोई बात नहीं करनी होगी। मैं: नव्या यह गर्लफ्रेंड से आगे क्या बात होती है। नव्या : आप मुझसे क्या-क्या बातें पूछ रहे हैं। कितने गंदे हैं अपनी बहन से कोई ऐसी बातें पूछता है क्या। मैं: मैं अपनी बहन से कहां अपनी गर्लफ्रेंड से पूछ रहा हूं तुम्हें क्या एतराज है। नव्या : अच्छा मालिश करने दीजिए बाकी बातें हम कल भी कर सकते हैं नव्या बिस्तर पर पैर लटकाकर बैठ गई और मैं जमीन पर उसके पैरों के बीच में बैठ गया अब वो मेरे सिर में तेल डालकर मालिश कर रही थी मुझे आराम आने लगा और बात करते करते मुझे नींद आ गई नव्या ने मुझे जगाया और बिस्तर पर लिटा कर चादर उढा कर खुद भी सोने चली गई। सुबह 6 बजे नीचे मां उठ गई मां: नव्या आज तो बड़ी जल्दी उठ गई ऊपर टहलने गई थी। इसी तरह जल्दी उठकर थोड़ी एक्सरसाइज किया करो एक्टिव रहोगी। नव्या: ओके मां। मां भैया ने बताया था कि आज शाम को वीजा के लिए दिल्ली जाना है मैं सोच रही हूं कि मैं अपनी शापिंग भी दिल्ली से कर लूं। मां: ठीक है बेटा जाओ खूब एन्जॉय करना। जाकर भैया को उठा दो। नव्या ने ऊपर आकर मुझे किस करके उठाया और बोली भैया जल्दी से तैयार हो जाईए आज वीज़ा के लिए दिल्ली भी जाना है मैं: इंडोनेशिया जाने की क्या तैयारी कर रही हो। नव्या : कुछ खास नहीं भैया कुछ कपड़े लेने हैं और ब्युटीपारलर जा कर वैक्सिंग पैडीक्योर मैनीक्योर आदि करवानी है। मैं: कपड़े तो हम कल दिल्ली से ले लेंगे और बाकी ब्यूटी पार्लर का काम जैसे यहां से चलेंगे उस दिन करवाना तो वह सारा ट्रीटमेंट एक हफ्ते तक आराम से चल जाएगा। नव्या : आप मुझे दिल्ली में शॉपिंग करवाएंगे आई लव यू भैया कहकर नव्या ने मेरे माथे को चूम लिया मेरी आंख गाल को चूमते हुए होठों को चूम लिया अभी उसके होठों को अपने मुंह पर लिया और चूसने लगा। मैं नहा धोकर तैयार हो कर नीचे आया मां के साथ नाश्ता किया फिर मैं मां को लेकर शोरूम आ गया रास्ते में मां ने पूछा रात को एंजॉय किया था मैं शरमा कर बोला आप भी ना, क्या एंजॉय। मां: मैंने नव्या को रात में मालिश करने भेजा था तुझे मालिश करा कर मज़ा आया था तू रोज़ नव्या से मालिश करवा लिया कर। मैं नव्या को भी कह दूंगी। मैं : मां हम दोपहर में दिल्ली निकल जाएंगे शाम को बहुत देर हो जायेगी। मां: ठीक है बेटा नव्या को वहां वहां शॉपिंग करा देना और थोड़ा घूम फिर भी लेना एक दिन और रुक सकते हो तो उसके और करीब हो जाना ऐसे रिलेशनशिप बनाना कि बाहर कहीं उसके कदम नहीं बहकें । मैं: आप चिंता मत करो ना मैं अपनी किसी भी बहन को बहकने नहीं दूंगा और उनको खुद ही संभाल लूंगा जब तक शादी नहीं हो जाती सबका पूरा ख्याल रखूंगा बस आप खुश रहो। कहकर मैंने मां को गले से लगाया तो मां मेरे कान में धीरे से बोली कल रात में बात कहां तक पहुंची तुमने इंजॉय किया तो मैं चौंक गया मां: कान में) ज्यादा नादान ना बनो तुम जानते हो कि मैं क्या कह रही हूं सुनना ही चाहते हो तो सुनो मैं चाहती हूं कि तुम्हारी बहनों की शादी होने तक उनकी शारीरिक जरूरतों को भी तुम पूरा करो। मैं इसे बुरा नहीं मानती मेरी समझ से इससे आपसी प्यार और स्नेह अधिक गहरा होता है अपने लक्ष्य को हासिल करने की राह से भटकते नहीं है मैं इससे अधिक साफ और नहीं कह सकती हूं । मैं: शर्मा कर) मां मैं आपको निराश नहीं करूंगा और आपकी यह इच्छा भी पूरी करूंगा। मैंने नव्या को फोन कर कहा नव्या हम दोपहर 2:00 बजे निकलेंगे तुम सारी तैयारी कर लेना पासपोर्ट आईडी ऐड्रेस फोटोस भी रख लेना जरूरत पड़ सकती है और हम अपनी ये ट्रिप को खूब एंजॉय करेंगे मैं शोरूम से 1:00 बजे तक घर लौट आया गाड़ी निकली उसमें सारा सामान रख दिया और खाना खाकर मैं और नव्या दिल्ली के लिए चल पड़े हम 3 घंटे में यानी की पांच 5:30 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाले थे 15 मिनट में हम हाईवे पर आ गए और मैंने नव्या से पूछा मैं: नव्या क्या प्लान है पूरे 2 दिनों तक तुम मेरे साथ में हो मेरी गर्लफ्रेंड बनकर मैं होटल में तुम्हारी एंट्री अपनी मंगेतर के तौर पर करवाऊंगा, क्योंकि गर्लफ्रेंड के साथ दिक्कत हो सकती हैं तुम्हें कोई एतराज तो नहीं।। नव्या: नहीं भैया जब आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं तो कोई बॉयफ्रेंड और मंगेतर ही ऐसे केयर करता है आई लव यू भैया मैं: तो इतनी देर हो गई तुमने सुबह से अपने बॉयफ्रेंड को किस नहीं किया नव्या:हम हाईवे पर हैं भैया और आप गाड़ी चला रहे हैं कैसे किस करेंगे। मैं: मैं गाड़ी को 2 मिनट के लिए किनारे रोक देता हूं इतने समय में मुझे किस करना है नव्या: नहीं भैया हम दोनों दो दिन अकेले साथ में होटल में रहेंगे थोड़ा सा सब्र करो। मैंने भी जोर नहीं दिया और शाम 6 बजे दिल्ली के कनाट प्लेस में वीजा आफिस के पास एक 3 स्टार होटल में चेक-इन किया सामान को रूम में रखवा कर वेटर को चाय और स्नैक्स लाने को कहा और दरवाजा बंद कर मैंने नव्या को हग किया । मैं: बेबी आई लव यू नव्या: आई लव यू टू भैया। मैं: अब तो मैं अपनी गर्लफ्रेंड को किस कर सकता हूं यहां हम होटल में अकेले हैं कोई भी नहीं देख रहा और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। नव्या: शर्माते हुए) भैया मुझे लगता है कि आप मुझे आज नहीं छोड़ेंगे और अपनी गर्लफ्रेंड की मोहर लगाकर ही मानेंगे आई लव यू भैया मैं आपको यहां कैसे मना कर सकती हूं। मैंने नव्या को उसके माथे पर किस किया और उसकी आंखों को चुम्मा लिया। तभी बेल बजी और वॉटर चाय और स्नेक्स ले आया मुझे बहुत जोर से गुस्सा आया। नव्या: भैया लो कबाब में हड्डी आ गई। मैं: कोई बात नहीं पहले कबाब खा लेते हैं फिर आगे करेंगें मैं रूम खोलकर चाय नाश्ता रखवाया और आसपास की जानकारी वेटर से ली बेटा ने बताया की रात को 9:00 बजे से नीचे पब में गेस्ट के लिए पार्टी है वहां हम कपल एंजॉय कर सकते हैं मैं : एंट्री कैसे होगी। वेटर: सर कपल के लिए ढाई हजार रुपए की एंट्री है वहां पर आपका डिनर और ड्रिंक लाइव डीजे सब फ्री है। आप काउंटर पर डिपॉजिट करके एंट्री कार्ड ले सकते हैं। मैंने उसको थैंक यू बोलकर भेज दिया। मैं: बेबी क्या प्लान है एंजॉय करोगी हम पहले पब में जाकर ड्रिंक लेंगे डांस करेंगे और डिनर लेकर रूम में आ जाएंगे ज्यादा नहीं सिर्फ एक डेढ़ घंटे में। नव्या: ठीक है भैया जैसा आप ठीक समझे मैं तो आपकी हर बात मानूंगी और मां का भी यही इंस्ट्रक्शन है। मैं फिर नव्या को अपनी गोद में बिठाया और अपने हाथ से स्नेक्स खिलाया और साथ में हमने चाय पी। नव्या: क्या बात है भैया आज आप अपनी बहन को खूब प्यार कर रहे हैं और मक्खन लगा रहे हैं कुछ स्पेशल चाहिए क्या। मैं: नव्या तू जानती है कि अब हम गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड है तो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड से अकेले में क्या चाहता है मुझे भी वही चाहिए और मैं आज उसे अपनी गर्लफ्रेंड से लेकर ही रहूंगा। नव्या: उसके लिए बॉयफ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत पटाना और खुश करना होता है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड के हर सपने को पूरा करूंगा जो भी वह अपने बॉयफ्रेंड से चाहती है लेकिन मुझे उसका सहयोग चाहिए कि वह मुझे खुलकर बताएं। मैंने नव्या को अपनी बाहों में भरते हुए बहुत सारा किस किया और उसके पीठ को सहलाने लगा। नव्या: मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से खूब सारा प्यार चाहिए और मेरा भैया मेरे को केयर करता है और हर इच्छा को पूरी करता है मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं चाहिए आई लव यू जानू मुझे ऐसे ही खूब प्यार करना। मैं : बेबी यदि तुम फ्रेश होना चाहो तो बाथरूम में जाकर नहा धोकर फ्रेश हो जाओ फिर हम नीचे पार्टी में चलेंगे देखो 8:00 बज ही रहे हैं नव्या 10 मिनट में नहा धोकर फ्रेश होकर तैयार होने लगी फिर मैं अभी फ्रेश होकर आया और तैयार हो गया। 8:45 हो गए थे हम दोनों ने कपल की तरह एक दूसरे के कमर में हाथ डालकर नीचे रिसेप्शन पर गए और पब की फीस ढाई हजार रुपए जमा करके कपल एंट्री कार्ड ले लिया और रूफटॉप पब में चले गए। वहां का माहौल बहुत ही रंगीन था चारों तरफ कपल ही कपल टेबल पर बैठकर ड्रिंक को एंजॉय कर रहे थे और लाइट म्यूजिक चल रहा था मैं: हम वहां कोने की सीट पकड़ लेते हैं उधर हल्का सा अंधेरा भी है बोलो तुम क्या पीना पसंद करोगी। नव्या: भैया मैं कुछ भी नहीं पियूंगी आपको जो लेना हो वह ले लीजिए मैंने कभी ड्रिंक नहीं किया है। मैं: कोई बात नहीं बेबी आज थोड़ा सा वाइन ले लो बहुत मजा आएगा बाकी मैं हूं तुम्हें ज्यादा नहीं पीने दूंगा और सब संभाल लूंगा यू ट्रस्ट मी ना। नव्या: अगर आप मेरे साथ हैं तो फिर मुझे कोई चिंता नहीं आपको जो ठीक लगे वह मंगा लीजिए। मैं: दैटस् गुड गर्ल, आज तुम शुरुआत कर रही हो तो हम रेड वाइन लेंगे। मैंने एक रेड वाइन बोतल का आर्डर किया थोड़ी देर में वेटर दो क्लास और एक चिल्ड् वाइन की बोतल ले आया। और दोनों क्लास में निकाल कर सर्व कर दी साथ में फ्रूट सलाद और चीज़ चिली भी दे गया। मैं: ये लो बेबी अपनी लाइफ का पहला जाम मेरी गर्लफ्रेंड की खुशियों के लिए चीयर्स चीयर्स बोलकर मैंने एक ग्लास नव्या को और एक क्लास को लेकर हल्के से ग्लास को टकराकर टन् की आवाज निकालकर अपने होठों से लगाकर एक सिप लिया। नव्या: भैया यह तो बहुत ही टेस्टी है हल्की सी खट्टी मीठी कुछ कुछ मीठे सिरके का स्वाद दे रही है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड आज अपनी लाइफ में पहली बार अपने भैया के साथ एंजॉय कर रही है आज की रात उसके जीवन में एक यादगार रात होगी जिसे वह कभी नहीं भूलेगी और मैं अपनी बहन की यह रात एक यादगार रात बना दूंगा आई लव यू बेबी। नव्या: आई लव यू टू भैया मै धीरे-धीरे एक ग्लास वाइन खत्म कर दी मैंने नव्या को थोड़ा धीरे पीने के लिए कहा और अपना दूसरा ग्लास भर लिया मेरा दूसरा ग्लास खत्म करने तक नव्या एक गिलास पी चुकी थी उसे हल्का सा मजा आने लगा था मैं: बेबी आओ चलो फ्लोर पर थोड़ा सा डांस करते हैं ओके जानू कहकर नव्या उठी और मेरी कमर में हाथ डालकर डांस फ्लोर पर ले आई हम दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर थोड़ी देर डांस किया डांस करते-करते एक दूसरे को किस करने लगे और फिर दूसरे कपल की तरह हमने भी स्मूच करते-करते डांस किया थोड़ी देर में हमारी सांस भारी हो गई। नव्या: जानू अब बस करो हम डिनर करके रूम में चलते हैं। मैं: क्या तुम और वाइन लेना पसंद करोगी डिनर के साथ मैं तो और लेना चाहता हूं नव्या: ठीक है जानू मुझे कोई एतराज नहीं। हम वापस अपनी टेबल पर आ गए और वेटर को डिनर के साथ एक वाइन की बोतल और आर्डर कर दी थोड़ी देर में वह लेकर आ गया डिनर के साथ वाइन सर्व करके चला गया फिर मैं और नव्या ने वाइन को डिनर के साथ एंजॉय किया मुझे नव्या को संभालना भी था वह पहली बार ले रही थी इसलिए मैंने उसे ज्यादा नहीं पीने दिया डिनर के बाद हम रूम में आ गए। नव्या: आई लव यू भैया मैं सच में आपसे बहुत प्यार करती हूं आपने आज मुझे बहुत खुश कर दिया मैं पब में वाइन के साथ डांस और डिनर नहीं सोच सकती थी लेकिन आपने आज मुझे लाइफ एंजॉय करा दी आपने मुझे खुश कर दिया मैं भी आपको खुश करना चाहती हूं आई लव यू भैया। मैं: आई लव यू टू नव्या बेबी मैं भी बहुत खुश हूं कि मैं तुम्हें खुशी दे पाया बेबी तुम्हें हल्का सा सुरूर हो गया है कैसा लग रहा है नव्या: आई लव यू भैया बहुत मजा आ रहा है लग रहा है कि मैं हवा में उड़ रही हूं प्लीज भैया मुझे खासकर पकड़ लो मैं गिर पड़ूंगी मैं: इंजॉय करो नव्या मैं तुम्हें गिरने नहीं दूंगा नव्या: भैया मुझे गोदी में उठा लीजिए मैंने नव्या को अपनी गोद में उठा लिया और किस करने लगा फिर मैं उसको लेकर बेड पर आया और लेट दिया मैं: बेबी ड्रेस चेंज कर लो कपड़े उतार दो फिर हम आराम से सो जाएंगे नव्या: भैया आज मुझे बहुत शरारत करने का मन कर रहा है आई लव यू भैया मेरी कुछ और भी इच्छाएं हैं क्या मैं आपसे शेयर कर सकती हूं। मैं: नव्या मेरी जान तुम अपने भाई के साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो तुम्हारा भाई तुम्हें बहुत प्यार करता है वह तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी है शरमाओ मत नव्या: भैया हमें रात में कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा मैं आज बिना कपड़ों के सोना चाहती हूं मैं सो सकती हूं क्या। मैं: बिल्कुल बेबी तुम अपनी हर इच्छा पूरी कर सकती हो क्या मैं तुम्हारी मदद करूं कपड़े उतारने में नव्या: हां भैया मुझे बहुत गर्मी लग रही है प्लीज हेल्प मी। नव्या ने अपने हाथ ऊपर कर दिए और मैं उसकी शर्ट को उतार दिया और उसकी जींस भी खोल दी अब वह केवल ब्रा पैंटी में थी फिर वह पीछे घूम गई अपने ब्रा खुलवाने के लिए। मैं: बेबी ब्रा और पेंटी तो पहने रहो बाकी सब ठीक है नव्या: ओके जानू। फिर मैं भी अपने कपड़े उतार कर अंडरवियर में आ गया और रूम की लाइट ऑफ करके बिस्तर में घुस गया नव्या : भैया मुझे आपको कुछ दिखाना है आप देखना चाहेंगे क्योंकि यह मैं सबसे पहले सिर्फ अपने बॉयफ्रेंड से शेयर करना चाहती थी अब आप ही मेरे बॉयफ्रेंड हैं। मैं: क्यों नहीं बेबी अब तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो मेरे साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो नव्या शर्माते हुए मेरे सीने से लग गई और मैंने उसको अपनी बाहों में जकड़ कर लिया और किस करने लगा। नव्या : भैया आप मुझे गर्लफ्रेंड के जैसे प्यार करो मैं: जानू मैं भी तुमको बॉयफ्रेंड की तरह प्यार करना चाहता हूं आई लव यू बेबी नव्या : भैया मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है मेरी सभी सहेलियों के दो-तीन बॉयफ्रेंड है लेकिन मुझे डर लगता है कहीं मेरे परिवार की इज्जत खराब ना हो इस वजह से मैंने कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं बनाया। पर मेरा भी बहुत मन करता है कि मेरा भी बॉयफ्रेंड है और मुझे प्यार करें। मैं: परिवार की इज्जत और जिम्मेदारी के लिए मैंने भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। नव्या : शर्माते हुए) सच भैया आप मुझे बॉयफ्रेंड वाला प्यार करेंगे। आई लव यू भैया। मैंने नव्या को जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और किस करने लगा अब हम दोनों एक दूसरे को स्मूच कर रहे थे । मैंने अपने हाथ नव्या की चूचियों पर रख कर धीरे से दबा दिया नव्या : उई मां भैया धीरे धीरे करिये मैं: बेबी तुम अपने ब्वायफ्रेंड से शर्मा रही हो शर्माओ नहीं और जैसे अपने ब्वायफ्रेंड से प्यार करना चाहती हो वैसे ही करो। नव्या :कान में बोली) भैया मेरी ब्रा उतार दीजिए फिर मजा आएगा। मैंने ब्रा को खोलने की कोशिश की लेकिन पहली बार मैं किसी लड़की की ब्रा खोल रहा था और वह भी मेरी बहन थी तो अनुभव न होने के कारण खोल नहीं पा रहा था तो मैंने झट कैसे उसकी ब्रा के को खींच कर तोड़ दी और ब्रा को उसकी तकिया के नीचे रख दिया दो सफेद कबूतर आजाद हो कर फड़फड़ाने लगे। नव्या : भैया आप ने ब्रा फाड दी आपके इरादे बहुत खतरनाक लग रहे हैं कह कर नव्या मेरे गले लग गई हमारे ऊपर के नंगे जिस्म एक दूसरे से लिपट कर मज़ा दे रहे थे। मैं: बेबी गर्लफ्रेंड बायफ्रेंड और कैसे प्यार करते हैं नव्या : आप मुझ से पूछ रहे हैं आप बायफ्रेंड हो तो प्यार करो ना। मैं: तेरी सहेली ने तुझको बताया था कि उसके बायफ्रेंड ने कैसे प्यार किया था बता ना मैं भी वैसे ही करूंगा। नव्या : धत् आप मुझसे ही पूछ रहे हो कि कैसे करें। मैं: हां बेबी मुझे अनुभव नहीं है नव्या : भैया मुझे भी नहीं है अनुभव। मेरी सहेली रीना भी अपने बड़े भाई राजीव की गर्लफ्रेंड बनी हुई है और उसकी कहानी सुनकर मेरा मन भी आपको अपना बायफ्रेंड बनाने का था पर डरती थी । मैं: राजीव तो मेरा दोस्त है,उसकी बहन रीना तेरी सहेली है, बहन चोद मुझे तो उसने कभी बताया ही नहीं, मुझे तो पता ही नहीं था अब डर खत्म हो गया मेरी बहन मेरी गर्लफ्रेंड मुझे प्यार करेगी ना। नव्या : हां भैया, रीना के भैया ने उसे एग्जाम दिलाने आगरा ले गए और एग्जाम नहीं देने दिया तीन दिन तक आगरा में बायफ्रेंड बन कर खूब प्यार किया। मैं: रीना ने बताया था कि कैसे प्यार किया था उसके भैया ने,बताओ हम भी वैसे ही करेंगे। नव्या : उसके भैया उसे आगरा इंजीनियरिंग का एग्जाम दिलाने ले गए दो दिन पेपर था एक दिन पहले सेंटर देखने पहुंचे और जे पी होटल में रीना को अपनी मंगेतर बता कर डबल बेड रूम लिया, उन्होंने भी आपकी तरह अपनी बहन को अपनी मंगेतर बनाकर डबल बैडरूम बुक किया था और जाते ही रूम बंद कर एक दूसरे से लिपट कर चूमने लगे और कपड़े उतार कर बाथरूम में बाथटब में घुस गए रीना को अपनी गोद में बिठाकर पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ कर मसलने लगे और गर्दन पर दांत गडा कर चूसने लगे मैं भी नव्या की चूचियों को अपने हाथ में भर कर मसलने लगा मैं: इसी तरह मसल रहे थे क्या। नव्या: हां भैया रीना ने ऐसे ही बताया था उई मां सीई सी उफ़ भैया आराम से करो बहुत अच्छा लग रहा है फिर रीना के भैया ने उसे अपनी ओर घुमाया और उसकी एक चूची को अपने मुंह में भरकर पीने ले और दूसरी चूची को अपने हाथ से टीपने लगे वो सी सी ई उई करने लगी मैं: बेबी तुम भी उसकी तरह घूम कर मेरे गोद में बैठ जाओ मैं भी तुम्हारे दूध पीना चाहता हूं। नव्या : भैया मुझे शर्म आती है मैं: अरे अंधेरा है अपने भैया को दूध पिलाओ जैसे तुम्हारी सहेली ने अपने भैया को दूध पिलाया था शर्माओ मत। नव्या : भैया आप मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे लीजिए मैं आपकी गोद में बैठ गई और लीजिए मेरे छोटे छोटे दूध पी लीजिए। मैं: बेबी एक बात बताऊं बहुत सीक्रेट है तुम एकदम अप्सरा की तरह सुंदर हो तुम्हारी चूचियां बहुत ही शानदार है नव्या तेरे दूध तो एकदम ताजी रसीली मुसम्मी जैसी हैं उम आ उम् म बड़ा मज़ा आ रहा है चूसने में आई लव यू बेबी, फिर रीना ने आगे क्या किया। नव्या : भैया आगे वो दोनों नहा कर बाहर निकल आये और आपस में डिसाइड किया कि रात भर प्यार करेंगे और सुबह पेपर देने नहीं जायेंगे पूरे 3 दिन होटल में प्यार करेंगे। मैं: उन्होंने और कैसे प्यार किया बेबी। मैंने दूध को पीते हुए पूछा नव्या : भैया मैं वो प्यार नहीं कर पाऊंगी मुझे बताने में ही बहुत शर्म आ रही है। मैं: अगर बताओगी नहीं तो फिर कैसे प्यार किया जाएगा। प्लीज बताओ ना। अब मैंने उसकी दूसरी चूची को अपने मुंह में भरकर पीने लगा नव्या: दोपहर में वो ताजमहल देख कर आये रात में डिनर करने के बाद बिस्तर में चले गए एक दूसरे के कपड़े उतार कर एसी 16° कर दिया उन्हें ठंड लगने लगी, वो कंबल में घुस गए उनके नंगे बदन एक दूसरे को बहुत मज़ा दे रहे थे। मैं: कैसे मज़ा दे रहे थे खुल कर बता ना जैसे रीना ने तुझको अकेले में बताया था। नव्या : आप भी ना भैया मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे मैं उनकी डिटेलिंग नहीं कर सकती शार्ट में बताती हूं उसके बाद उन्होंने ओरल किया फिर इंटरकोर्स किया। मैं: ओरल मतलब और इंटरकोर्स क्या। नव्या : भैया आप सब जानते हैं फिर भी परेशान कर रहे हैं क्या आप मेरे नंगे जिस्म को अपने से लिपटा कर मेरी चूचियों को दबाने और चूसने के बाद इतने पर छोड़ देंगे ओरल और इंटरकोर्स नहीं करेंगे। मैं: जानूं मुझे तुम्हारे मुंह से सुनना अच्छा लगता है प्लीज बताओ ना ओरल और इंटरकोर्स कैसे किया उन्होंने फिर हम भी उनकी तरह से ही करेंगे। नव्या : मुझे बेशर्म बनाना चाहते हैं तो सुनिए रीना के भैया ने रीना की दोनों चूचियों को अपने हाथ में भर बहुत जोर जोर से टीपने लगे दबा दबा कर उसकी चूचियां लाल कर दी वह मजे से कराह रही थी आ आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है उफ़ मां मर गई फिर भैया ने उसकी एक चूची को अपने मुंह में भर लिया और दूध पीने लगे वह बीच-बीच में हल्के से निप्पल को काट ले रहे थे और उनके निप्पल काटने से रीना चिहुंक जाती थी और चिल्ला पडती थी आह उफ़ उई मां भैया आराम से पीओ काटो मत मुझे दर्द हो रहा है भैया प्लीज आप आराम से पीना काटना नहीं मेरे निप्पल बहुत सॉफ्ट है खून जम जाएगा आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है आह उफ़ उई मां भैया आर.. र … आराम से चूसो प्लीज आप लड़कों को निप्पल काटने में इतना मजा क्यों आता है और हम तड़प जाती हैं आप मुझे इस तरह सताएंगे तो मैं आपको रीना की कहानी नहीं बताऊंगी और कुछ भी नहीं करने दूंगी मैं: सॉरी बेबी मैं आराम से करूंगा लेकिन तुम्हारा दूध पीने मैं बहुत मजा आ रहा है और चूसते समय हल्के से दांत लग जाते हैं मैं जानबूझकर नहीं कर रहा आई लव यू बेबी, क्यों ना हम रीना और उसके भाई की तरह प्यार करें। नव्या: नहीं भैया मैं इंटरकोर्स नहीं करूंगी , मैं अपनी सील अपने भैया को बहुत ही स्पेशल मौके पर गिफ्ट करूंगी। मैं: आई लव यू बेबी मैं तुम्हारा साथ कोई जबरदस्ती नहीं करूंगा तुम जैसे चाहो फिर आगे रीना और उसके भाई ने क्या किया वह तो बताओ। नव्या: राजीव भैया ने खूब देर तक रीना की दोनों दूध काट काट कर पिए और उनको लाल नीला कर दिया बेचारी चीख चीखकर उनको को दूध पिलाती रही। फिर वो राजीव भैया को नीचे लेटा कर उनके ऊपर चढ़कर लेट गई और उनके निप्पल को पीने लगी। अब नव्या ने मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरे उपर आ गई और मेरे निप्पल को चूसने लगी और मेरे निप्पल को अपने मुंह में भर लिया और चाटने लगी मुझे बहुत तेज गुदगुदी हो रही थी मैं भी आ आ सीसी कर रहा था नव्या ने मेरे निप्पल को हल्का सा दांत से दबाया तो मैं चिहुंक गया फिर उसने मेरी पूरी निप्पल को अपने मुंह में भरकर काट लिया तो मैं : चीख पडा) आह उफ़ उई जानू आराम से करो बहुत मज़ा आ रहा है आई लव यू बेबी दूसरे निप्पल को भी दबाओ उसे भी चूसो बहुत मज़ा दे रही हो मेरी जान आ आ आई ओ मां आई लव यू बेबी ऐसे ही करते रहो। नव्या: भैया सेम टू सेम से मुझे भी मजा आता है मुझे दर्द भी होता है। फिर राजीव भैया ने रीना की टांगों को फैला कर उसकी जांघों के बीच में आकर उसकी बुर पर झुक गए और रीना की नन्ही सी कुंवारी बुर को अपने मुंह में भरकर पीने लगे और रीना ने उनके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके भैया ने उसकी बुर का पानी जीभ से चाट चाट कर पी लिया। मैं: रीना को तो बहुत मजा आया होगा ना नव्या : शर्माते हुए) हां भैया उसे बहुत मज़ा आया था। मैं: बेबी आओ हम भी ओरल सेक्स करते हैं ना बेबी तुझे भी बहुत मज़ा आयेगा। नव्या: भैया आपकी बातों से मेरा मन भी बहकने लगा है आप भी मेरी बुर पीना चाहते हैं आई लव यू भैया बोलकर वह शर्मा गई मैं उठ कर बैठा और मैंने उसकी पैंटी उतारने की कोशिश की तो उसने भी अपने चूतड़ों को उठाकर सहयोग किया। नव्या: लीजिए भैया मैंने भी आपके लिए अपनी टांगें खोल दी है आईये मेरी रसगुल्ला बुर का पूरा रस निचोड़ लीजिए। कहकर नव्या नीचे लेट गई और अपनी जांघों को दूर तक फैला दिया मुझे अपनी जांघों के बीच में ले लिया मैंने मैं अंधेरे में ही उसकी टांगों को चौड़ा किया और उसकी बुर को सूंघने लगा फिर मैंने उसके ऊपर अपनी जीभ चलाई वह एकदम से सिहर गई। नव्या: आ आ भैया क्या कर रहे हो बड़ी गुदगुदी लग रही है सी ई मत करो। मैं 69 पोजिशन में आ गया और बोला मैं: जानू मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर सहलाओ तुझे मजा आएगा और मुझे अपनी बुर पीने दे उसने कोई हरकत नहीं की तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर लैंड पर रख दिया और मुट्ठी में पकड़ा कर सहलाने लगा थोड़ी देर बाद वह खुद मेरे लैंड को सहलाने लगी मुझे मजा आने लगा था मैं: बेबी उसको मुंह में लॉलीपॉप की तरह से चूसो। नव्या: नहीं भैया मुझको अच्छा नहीं लगता। मैं: बेबी पहले किस करो फिर जीभ से चाटो उसकी खुशबू लो तुम को अच्छा लगेगा फिर रसगुल्ले को मुंह में भरकर चूसो मज़ा आयेगा। मुझे तुम्हारे बुर की खुशबू पागल बना रही है कितना मज़ा आ रहा है नव्या: ठीक है भैया मैं कोशिश करती हूं आप मेरी बुर में अपनी जीभ डालकर चूसो बहुत मज़ा आ रहा है उई मां बड़ी गुदगुदी लग रही है आ आ और अंदर भैया हां हां और थोड़ा सा मैं: बेबी मुंह में लो और चूसो आह आह बड़ा मज़ा आ रहा है पहले मैं तेरे बुर को पी लूं फिर तुझे अपनी क्रीम रोल खिलाऊंगा नव्या ने मेरे सिर को अपनी बुर पर जांघों से कस लिया और पानी छोड़ने लगी मैं सारा पानी चाट चाट कर पी गया बहुत ही बढ़िया था कुछ नमकीन सा कसैला थोड़ा सा मीठा........... जैसे कच्चे नारियल का पानी। बहुत ही स्वादिष्ट। मैं: नव्या कैसा लगा अपनी बुर पिला कर खूब सारा पानी आया था बहुत ही स्वादिष्ट है तेरी बुर का पानी। नव्या: भैया मैं तो हवा में उड़ गई थी झड़ने पर बहुत मज़ा आया और आपकी जीभ ने क़माल कर दिया। आई लव यू भैया आई लव यू इतना प्यार करने के लिए। मैं: चल अब तुझे और मजा देता हूं मैं खड़ा होता हूं तुम नीचे बैठ कर मेरे लंड को अपने मुंह में भरकर चूसो। नव्या: मुझे अच्छा नहीं लगता पर आज आपने इतना मज़ा दिया है मैं मना नहीं कर सकती नव्या ने मेरे लंड को अपनी हथेलियों में सहलाकर पकड़ा और बोली नव्या : भैया ये तो बहुत बड़ा और मोटा लग रहा है मेरी हथेलियों में नहीं आ रहा। उफ़ भैया ये रसगुल्ला कितना मोटा है मेरे होंठों में नहीं जा रहा। मैं: चाटो बेबी मुंह में लेने की कोशिश करो। आह तुम्हारे कोमल हाथों में जादू है नव्या ने सुपाड़ा अपने मुंह में ले लिया और उसके होंठ पूरे खुले हुए थे मुझे मज़ा आने लगा मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और मुंह में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा नव्या: ऊं....ऊं गूं ...गूं ऊ उक आह भैया आराम से चूसने दो उम्म आ मैं: बेबी इसको पूरा अन्दर तक लो मज़ा आ रहा है मैंने नव्या के मुंह से और अंदर डाल दिया और फिर सिर को पकड़ कर अपने लंड को पूरा उसके मुंह से घुसा दिया वो तड़प उठी लंड उसके गले में उतर गया उसकी आंखों में आसूं आ गया और मैं उत्तेजना में उसके मुंह को चोदने लगा और सारा वीर्य उसके गले में डाल दिया। फिर अपने लंड को बाहर निकाल लिया। नव्या: आप क्या कर रहे थे भैया मेरी सांसें रूकने वाली थी आई हेट यू कह कर रोने लगी मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा फिर वो बोली मैं मर जाती तो मैं: तेरा भैया तुझे बहुत प्यार करता है वो मरने नहीं देगा आज पहली बार हमने ओरल सेक्स किया है तुम्हे कितना मज़ा आया नव्या: शर्माते हुए) आई हेट यू जानूं तुमने मेरी जान निकाल दी थी पर बहुत मज़ा आया। भैया अब सो जाईए रात तभी भैया का फोन बज फोन उठा कर देखा तो मां का फोन था मां: तुम लोग दिल्ली ठीक से पहुंच गए वहां पहुंचकर फोन नहीं किया मुझे बड़ी चिंता हो रही थी मैं सो भी नहीं पा रही मैं: मां हम लोग 6:00 बजे दिल्ली पहुंच गए थे और होटल में चेकिंन करते हुए 7:00 बज गए थोड़ा फ्रेश हुए और फिर डिनर करने निकल गए अभी हम आपको फोन करने ही वाले थे । मां: मुझसे झूठ मत बोलो मुझे पता है तुम लोग भूल गए थे अपनी मस्ती में डूब गए मां का जरा भी ख्याल नहीं रहा कि मैं कितनी परेशान हो रही होगी। मैं: सॉरी मां मुझे माफ कर दो मां : कोई बात नहीं तुम लोग कैसे हो तुमने नव्या से बात की वह कुछ घुल मिल रही है तुमसे मैं चाहती हूं कि तुम उसे खूब प्यार करो, तुम समझ रहे हो ना मैं क्या कह रही हूं उसे खूब प्यार से खुश कर दो। मैं: मुझे थोड़ा समय दो मैं आपको निराश नहीं करूंगा नव्या को शीशे में उतारकर आपकी इच्छा पूरी करूंगा। मां: नव्या से बात कराओ नव्या बेटा रास्ते में परेशानी तो नहीं की बेटा खूब इंजॉय करना खूब सारी शॉपिंग करना मैंने भैया को बोल दिया है तुम्हें जो भी कुछ चाहिए भैया से कहना वह सब दिला देगा और भैया की सारी बातें मानना भैया तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हें घुमाने ले गया है और अभी इंडोनेशिया भी लेकर जाएगा तुम्हारा कितना ख्याल रखता है तुझे भी उसकी खुशी का ख्याल रखना चाहिए उसे कुछ अच्छा सा गिफ्ट पूछ कर दे देना नव्या: अगर भैया ने कुछ ऐसा मांगा जो मैं ना दे सकूं तो क्या करूंगी मां: तेरा भैया बहुत समझदार है मैं तुझे वही मांगेगा जो तेरे पास होगा अपने भैया का पूरा भरोसा रख। नव्या: ठीक है मां आप जैसा क्या है मैं वैसा ही करूंगी मां: ठीक है अब मैं रखती हूं तुम लोग सो जाओ कल बात करते हैं ओके गुड नाइट स्वीट ड्रीम्स स्वीट मेमोरीज लव यू मेरे बच्चों मै: नव्या मां क्या कह रही थी नव्या: कुछ नहीं भैया वह कह रही थी एक दूसरे का ख्याल रखना और मैं आपसे पूछ कर आपको कोई अच्छा सा गिफ्ट दे दूं । चलिए भैया अब सो जाते हैं मैं: नव्या अभी नींद नहीं आ रही है क्या तुम सोना चाहती हो नव्या:भैया नींद तो मुझे भी नहीं आ रही है नव्या ने मेरे सीने पर अपना सर रख लिया था और एक हाथ से मेरे निप्पल को सहला रही थी जिससे मेरा मन मचलने लगा मैं: नव्या ओरल के बाद राजीव और रीना ने इंटरकोर्स किया वह कैसे हुआ प्लीज बताओ ना नव्या: आप मुझसे मेरी सहेली और उसके भाई के इंटरकोर्स के बारे में पूछ रहे हैं फिर आप मुझसे भी चाहेंगे कि मैं भी आपके साथ इंटरकोर्स करूं। मैं नहीं नव्या मैं तुम्हारी इच्छा के बिना कुछ भी नहीं करूंगा लेकिन मैं जानना चाहता हूं की राजीव ने रीना के साथ कैसेचुदाई की। नव्या : भैया आप इस तरीके से लोकल लैंग्वेज में बात ना करें मुझे बहुत शर्म आती है यह चुदाई क्या होता है मैं: बेबी लोकल लैंग्वेज में बात करने से मज़ा और दोगुना हो जाता है अगर तुम और मजे लेना चाहती हो तो अबसे लोकल लैंग्वेज में ही बात करेंगे तुम्हें मेरी कसम। नव्या: जानू लगता है कि अपने जैसे कसम खा ली है मुझे बेशर्म बनाने की चलिए आपकी खुशी के लिए मैं भी लोकल लैंग्वेज में बात करने की कोशिश करूंगी मैं: बेबी मुझे भूख लग रही है प्लीज मुझे दूध पिला दो नव्या : भैया इतनी रात में तो दूध नहीं मिल पाएगा मैं: क्यों नहीं मिल पाएगा मुझे दो टांगों वाली बछिया का ताजा-ताजा दूध पीना है मेरी बछिया मेरी गोद में है और मुझे उसका ताजा मीठा दूध पीना है नव्या: शर्मा गई ) धत् आप कितने गंदे हैं अपनी बहन को बछिया बोल रहे हैं और उसके दूध को पीना चाहते हैं भैया आप अपनी रोमांटिक प्यारी प्यारी गंदी बातें कैसे कर लेते हैं आई लव यू बाबू यह सुनकर मैंने उसको लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके निप्पल को मुंह में भर लिया और दूध पीने लगा नव्या:आ आ आह उई मां भैया थोड़ा आराम से पियो इतनी जोर से मत चूसो मुझे दर्द हो रहा है मैं: आगे बताओ ना रीना और राजीव की चुदाई कैसे हुई नव्या: तो सुनिए ओरल के बाद राजीव भैया ने रीना को अपने नीचे लिटा लिया और उसके दूध यानी कि उसकी चूची मुंह में भरकर पीने लगे दोनों फिर से गर्म हो गए फिर राजीव भैया ने रीना टांगों को फैला दी और उसकी टांगों के बीच में आ गए फिर रीना की गांड़ के नीचे अपना तौलिया बिछा दिया। भैया आप मेरा दूध पी रहे हो मुझे भी कुछ-कुछ हो रहा है और मैं महसूस कर रही हूं कि आपका लंड अपनी औकात में आ रहा है मुझे लगता है कि इसके इरादे सही नहीं है मैं: बेबी इसके इरादे और नियत दोनों सही है यह भी तुमको प्यार करना चाहता है जैसे रीना को उसके भैया ने किया था लेकिन मैंने इसको समझा रखा है कि बिना तुम्हारे इच्छा के कुछ भी नहीं करेगा। नव्या: भैया मैं भी अपनी बुर की सील खुलवाना चाहती हूं लेकिन मैं आपको अपनी सील बहुत ही खास मौके पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज कुछ ऐसा कीजिए जिससे मेरी यह इच्छा भी पूरी हो जाए 15 दिन बाद आपका बर्थडे है हम उसे समय इंडोनेशिया में होंगे मैं वही आपसे अपनी सील खुलवाना चाहती हूं मैं आपको अपनी सील आपका बर्थडे पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज क्या आप मेरी इच्छा पूरी करेंगे। मैं: आई लव यू बेबी तुम मुझे कितना प्यार करती हो मुझे नहीं पता था तुमने अपनी सील मेरे लिए बचा कर रखी थी तो मैं ही इसको तोडूंगा आई लव यू और तुम्हारी इच्छा से तुम्हारी बर्थडे के दिन ही मैं सील लूंगा। तुम आगे बताओ राजीव ने रीना की चूची पी और दोनों गर्म हो गए उसके बाद कैसे उसने रीना की सील तोड़ी मुझे यह जानना है नव्या: बताती हूं भैया ठंड रखो, आप तो बहुत बेसब्र हो रहे हैं गर्म होने के बाद राजीव भैया ने रीना की जांघो को फैला दिया उसकी जांघों के बीच में बैठ गए फिर अपने 6 इंच के लंड के सुपाड़े को रीना की बुर पर रगड़ने लगे और वह बेचैन हो उठे वह अपना सुपाड़ा रीना न की बुर की पर रगड़ रहे थे फिर धीरे से उन्होंने रीना की बुर में एक धक्के में लंड का सुपाड़ा अंदर घुसा दिया वो दर्द से कराह उठी वो रुक गये और फिर थोड़ी देर बाद दूसरा धक्का लगाया और तीन इंच और अंदर ठोंक दिया रीना तड़प उठी वो रोने लगी कि भैया प्लीज़ आप मुझे छोड़ दो बाहर निकल लो मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है उसके भैया ने कहा रीना बस बस हो गया अब तुझे मजा आने लगेगा और उसके होंठों को चूसने लगे और धीरे धीरे लंड को अंदर-बाहर करते हुए 5 इंच अन्दर डाल दिया अब रीना की बुर की झिल्ली पर लंड को भैया महसूस करने लगे रीना को अब मज़ा आने लगा था भैया ने रीना को कहा रीनू थोडा सा बचा है डाल दूं रीना को होने वाले दर्द का अंदाजा नहीं था वो बोली डाल दो भैया बडा मजा आ रहा है मैं: नव्या क्या हम थोड़ा सा कर ले रीना और राजीव की चुदाई का वर्णन सुनकर मेरा मन भी तुम्हें चोदने का हो गया है तुम्हारा भी मन है मेरा भी लंड खड़ा हो गया है सिर्फ थोड़ा सा सुपाड़ा डालकर चोदूंगा सील नहीं तोडूंगा आई लव यू मेरी बहना प्लीज मुझे तेरी बुर में सुपाड़ा डालने की परमिशन दे हैं आई लव यू नव्या: भैया मन तो मेरा भी कर रहा है लेकिन मैं अपनी सील आपको आपके बर्थडे के दिन गिफ्ट करना चाहती हूं मैं: नव्या एक काम करें क्यों ना मैं तेरी बर्थडे की पार्टी आज ही कर लूं और इंडोनेशिया में हनीमून मना लेंगे आई लव यू मेरी बहना मेरी जान अपने भैया के लिए इतना तो कर ही सकती हो वैसे मम्मी ने भी तुम्हें मेरी पसंद का गिफ्ट देने की यह कहा है। नव्या: भैया मम्मी ने गिफ्ट दिलाने की बात की थी बुर देने के लिए थोड़े ना कहा था मैं यह आपको आपके बर्थडे पर देना चाहती हूं प्लीज मान जाइए ना आप ज़िद करेंगे तुम्हें बहक जाऊंगी और आपको अपनी बुर की सील देने के लिए अपने टांगे खोल दूंगी प्लीज भैया मैं: मुझे तेरी सील पैक कुंवारी बुर पसंद है मैं तो तेरी बुर ही गिफ्ट में चाहता हूं अगर तू मुझसे इतना प्यार करती है तो ठीक है मुझे आज अपनी सील मत तोड़ने दे लेकिन सुपाड़ा घुसा कर थोड़ी सी प्रैक्टिस कर लेने दे तुझे भी बहुत मजा आएगा नव्या: आई लव यू भैया अब यह सील पैक कुंवारी बुर आपकी है आप जैसा ठीक समझे आज नहीं तो 15 दिन बाद मुझे आप ही को देनी है यह आपकी अमानत है लेकिन मेरी इच्छा का मान रखेंगे तो मुझे भी अच्छा लगेगा मैं:आई लव यू मेरी बहन तू भी अपने सहेली रीना की तरह और मेरे सुपारी को अपने बुर के छेद पर लगा के पकड़ इसलिए कि मैं ज्यादा ना घुसा पाऊं मैं तेरी सील आज नहीं तोडूंगा हम दोनों मजा करेंगें और उनकी भी कहानी सुनाती रहे तो ज्यादा मजा आएगा नव्या: भैया, राजीव भैया ने रीना कीबुर में झिल्ली को 5 इंच अंदर लंड घुसने के बाद महसूस आया था तो इतना आप भी कर सकते हो। मैं: ठीक है जानू मैं ख्याल रखूंगा लेकिन जैसे ही सुपाड़ा तुम्हारी झिल्ली तक पहुंचे मुझे बता देना आई लव यू बेबी मैं तुम्हारी जैसी बहन का धन्य हो गया नव्या: भैया मैं आपके लंड का सुपाड़ा अपनी बुर पर लगा दिया है धीरे से धक्का लगाइए उसको मेरी बुर में घुसा दीजिए सी सी ई आ भैया धीरे से करिए दर्द हो रहा है। मैं: बेबी एक बार सुपाड़ा अंदर घुस जाने दो थोड़ा सा जांघों को ढीला छोड़ दो आह बेबी तेरी बुर बहुत टाइट है आई लव यू नव्या: भैया बहुत दर्द हो रहा है कुछ लगा लो मेरे पर्स में कोल्ड क्रीम निकालकर मेरी बुर में और अपने लंड पर लगा लीजिए तो आराम से घुस जाएगा लाइए मैं लगा दूं नव्या ने थोड़ी सी क्रीम अपनी बुर और मेरे लंड पर लगा कर सुपाड़ा को फिर से अपनी बुर के छेद पर टिकाया और धीरे से बोली अब भैया मैंने इसकी गर्दन पकड़ ली ये इधर उधर नहीं फिसलेगा घुसा दो, मैंने धीरे से धक्का लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर के छेद को फैला कर अंदर घुस गया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया सुपाड़ा अन्दर चला गया मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू। मैं: ठीक है बेबी , पुचच् पुच्ची उम् आ कितना अच्छा लग रहा है मेरा सुपाड़ा तेरी बुर में फस गया है तेरी कुंवारी बुर बहुत टाईट है बेबी आई लव यू। बोलते हुए मैं सुपाड़े को धीरे धीरे अंदर-बाहर कर रहा था और उसके निप्पल को मुंह में चुभला रहा था 2 मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा उसकी दर्द वाली सिसकारियां आनंददायक सिसकारियों में बदल गई। नव्या: सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मुझे दर्द थोड़ा कम हो गया है और अच्छा सा लग रहा है इसी तरह निप्पल चूसते हुए धीरे धीरे अंदर-बाहर करते रहिए आ उह् … सी… सी….ई उम्म…. आ.. धीरे धीरे मज़ा आ रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्ची मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आह आ सी….ई उम्म…. आ .. तुम्हारी बुर कितनी गर्म है अंदर कितनी चिकनी है जानू थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं मज़ा आयेगा आ आह। नव्या:आई लव यू भैया मुझे इतना प्यार करने के लिए कितना अच्छा लग रहा है थोड़ा सा और अन्दर डाल दो लेकिन धीरे-धीरे आऊ ...आ …आह… इ मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए 3 इंच अंदर तक घुसा कर चोदने लगा नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर नाभी के नीचे ऊपर नीचे चलता हुआ लग रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च पुच मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आ आई लव यू बेबी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च बेबी तुम्हारे निप्पल से दूध आ रहा है पीने में मस्त मीठापन है जानू राजीव और रीना ने आगे क्या किया नव्या:सी… सी….ई उम्म…. भ..भ्.. भैया…. वो दूध नहीं है अआ दूध तो बच्चे पैदा होने पर आता है लेकिन आपको द..दूध आ चूची पिलाने से आपके लंड की शैतानियों आ.. अ उ … और मजा आ रहा है भैया मज़ा लेने दो किसी और की बात न करो मेरे राजा आई लव यू टू राज्जा.. मैं: आ अ अगर बताओगी तो और भी ज्यादा मजा आएगा नव्या: रीना को बहुत मज़ा आ रहा था राजीव भैया बोले एक बार थोड़ा सा दर्द करेगा अब मैं तेरी सील पैक बुर की सील खोलूंगा रीना बोली खोल दो मेरी सील भैया मैंने आपके लिए ही बचाकर रखी है आई लव यू भैया। और उसके भैया ने उसकी टांगों को उठाया और अपने कंधों पर रख कर उसे अपनी बाहों में भर लिया वो हिल भी नहीं सकती थी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर एक जोरदार धक्का लगाया और भैया का लंड रीना की सील तोड़ता हुआ अन्दर तक बच्चेदानी में घुस गया रीना बहुत जोर से चीख पड़ी आंखों से आंसू निकलने लगे पर उसकी चीख भैया के मुंह में घुटकर रह गई वो बेहोश हो गई उसकी बुर से खून का फौवारा निकल पड़ा। रीना के भैया ख़ून देखकर बहुत खुश हो गए कि उन्होंने अपनी बहन की सील खोली। मैं : ये तो बहुत मजेदार चुदाई है रीना को बहुत मज़ा आया होगा फिर तो रीना को होश कब आया। नव्या: कितनी दर्दनाक थी रीना की सील टूटना और आपको मजेदार लगा इसी लिए कहते हैं सब मर्द एक जैसे होते हैं सील तोड़ने में सबको मजा आता है। थोड़ी देर बाद रीना होश में आई और कराहती हुई बोली भैया आपने अपनी बहन की सील तोडी आपको तो बहुत मजा आया, लेकिन मेरी सज़ा हो गई भैया बोले आई लव यू रीना आई लव यू टू भैया, थोड़ी देर बाद रीना को भी मज़ा आने लगा वो भी सिसकारियां भरने लगी ये रीना की पहली चुदाई थी। मैं: बेबी, कैसा लगा रहा है अपनी सील पैक कुंवारी बुर में अपने भैया का लंड लेकर सी… सी….ई उम्म…. आ नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, बहुत मज़ा आ रहा है सी… आ अब दर्द बहुत कम हो गया इस दर्द में मज़ा मिल रहा है सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मेरी बुर में से पानी निकल रहा है थोड़ा सा और अन्दर डालिए मैं: अ आह बेबी इसी तरह से खुल कर बात करने से मज़ा बढ़ जाता है अभी 3 इंच तेरी बुर में है मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल ल रहा हूं मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए लगभग 4 इंच लंड अंदर डाल दिया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर सील तक पहुंच गया और सील को बार-बार टच कर रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ आह और अंदर मत डालना नहीं तो मेरी सील टूट जाएगी और गिफ्ट नहीं कर पाऊगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च हां भैया इसी तरह धीरे-धीरे अंदर-बाहर करिये भैया आ… आ… आह…बहुत मज़ा आ रहा है मैं: हां बेबी, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है तेरी चिकनी बुर में फस फस कर चुदाई कर रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, और मजे करने है तो थोडा सा और डाल दूं। नव्या: आई लव यू भैया आप बहुत अच्छे हो आपका पूरा कंट्रोल है आपकी फीलिंग पर, राजीव भैया ने तो अब तक बेरहमी से रीना की सील तोडी डाली थी और आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं जिससे अभी तक मुझे कोई बहुत ज्यादा तकलीफ़ नहीं हुई, भैया मन तो मेरा भी कर रहा है पर सील टूट जाएगी तो आपको बर्थडे पर क्या गिफ्ट करूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, मैं : अभी और आज के मजे करने के बारे में सोचो बर्थडे गिफ्ट में हम हनीमून साथ में मना लेंगे वह भी इंडोनेशिया में बहुत मजा आएगा तुम मुझे सील गिफ्ट कर रही हो ना पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी. नव्या: ठीक है भैया जब हम दोनों चाहते हैं तो आप आज ही ले लीजिए मेरे बुर की सील भैया आपका लंड बहुत बड़ा है अभी कितना अंदर है मैं: अभी तो केवल 4 इंची अंदर गया है बेबी जब तुम्हारी सील तोड़कर पूरा अन्दर तक बच्चेदानी में घुस कर चुदाई करेगा तो तुम्हें बहुत मज़ा आयेगा। पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: भैया, अभी थोड़ा मीठा मीठा प्यारा सा दर्द है पूरा घुस कर ये जालिम मेरी बुर को फाड़ता हुआ मेरी बच्चेदानी में घुसेगा तो बहुत दर्द होगा ना मैं मर जाऊंगी बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगी अपका लंड बहुत बड़ा और मोटा है रीना अपने भैया के 6 इंच के लंड से बेहोश हो गई थी आपका तो 9 इंच लम्बा है। मेरा मन भी कर रहा है पर मैं डरती हूं। मैं: डरो मत बेबी मैं हूं ना मैं सब संभाल लूंगा सील टूटने में पहली बार तो दर्द होगा ही उसके बाद फिर मजा ही मजा मिलेगा जैसे तुम्हारी सहेली रीना को मिल रहा है नव्या:आई लव यू भैया मुझे होने वाले दर्द को सोच कर बहुत डर लग रहा है मैं: बेबी मुझे प्यार करती हो मुझ पर नहीं भरोसा है क्या नव्या: बहुत प्यार करती हूं भैया और आप पर अपने से ज्यादा भरोसा है पर ये आपका ज़ालिम लौड़ा, इस पर नहीं हो रहा। कितना बड़ा और खतरनाक है और कितना प्यारा भी, मेरी बुर में घुस कर मुझे प्यार करते करते आज सील तुड़वाने के लिए मना रहा है दर्द भी दिया और प्यार भी कर रहा है। ये मेरी बुर के साथ मेरी जान भी ले लेगा मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, ये सिर्फ सील तोड़ते समय ही दर्द करेगा फिर इतना प्यार करेगा इतना मज़ा देगा कि तुम फिर कभी इसे अपने से अलग नहीं करोगी रोज इससे प्यार मांगोगी।। नव्या:आई लव यू भैया, मैं आप पर भरोसा कर के आपको अपनी कुंवारी सील पैक बुर दे रही हूं आप अपने लौड़े को कंट्रोल करना ये मेरी बुर ले मेरी जान नहीं। मैं दर्द को बर्दाश्त कर लूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आप इसे निकाल कर इस पर और क्रीम लगा लो मेरी बुर में भी क्रीम भर दो मैं : ठीक है मेरी जान जैसी मेरी राजकुमारी की आज्ञा आई लव यू फिर मैंने नव्या के चूतड़ों को उठा कर तकिया लगाया और उस पर तौलिया बिछाकर उसकी बुर में क्रीम लगा दी और अपने लंड पर भी क्रीम लगाने के बाद उसकी पैंटी को उसके सिर के पास रख दिया मैं: बेबी, तैयार हो अपने भैया को बुर की सील गिफ्ट देने के लिए। नव्या: पुचच.पुच्च आओ भैया ले लो मैं नव्या के ऊपर लेट गया और उसे ढेर सारे किस करने के बाद उसकी चूचियों को सहलाने मसलने लगा और फिर उसके कान में धीरे से बोला जानू अपने मुंह में पैंटी डाल लो थोड़ा सा दर्द करेगा मैं दर्द को बहुत जल्दी मज़े में बदल दूंगा नव्या की आंखों में डर दिखाई पड़ रहा था मैंने उसे चूमते हुए भरोसा दिलाया कि मैं हूं उसने अपने मुंह में पैंटी डाल ली तो मैंने उसकी जांघों को सैट कर उसके हाथ के पंजों को सिर के पास रख कर अपने हाथ के पंजों में फंसा कर जकड़ लिया और उसे बोला। मैं: बेबी अपने भैया को अपनी बुर में जगह देने के लिए उसके रसगुल्ले को अपनी कटोरी पर रखो और दो मिनट बाद मिलने वाले आनंद की कल्पना में डूब जाओ कह कर मैंने एक धक्का धीरे से लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर में आराम से चला गया नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां धीरे धीरे से डालो… आ आ..ह . अ उफ भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च फिर 6-7 बार लंड को अंदर बाहर करने के बाद मैंने नव्या को कस कर पकड़ा और एक जोर का धक्का लगाया तो 1 इंच लंड और अन्दर तक चला गया नव्या कराह उठी नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे लग रही है उ…. उई……… मां मैं: बेबी, तैयार हो जाओ अब तुम्हारी सील टूटने वाली है नव्या ने आंखों से मौन स्वीकृति दी उसकी आंखों में एक अजीब सा डर और खुशी का मिश्रित भाव था मैंने उसके मुंह से पैंटी निकाल दी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा फिर एक जोरदार धक्का पूरी ताकत से मारा तो लंड 2 इंच और अंदर घुस गया मुझे लगा जैसे मेरे लंड पर कसा कोई रबड़ बैंड टूटा हो नव्या एकदम दर्द से तड़प उठी और मुझे अपने से दूर धकेलने की नाकाम कोशिश करने लगी मैंने उसे मजबूती से पकड़ रखा था नव्या दर्द से तड़प गई उसका बदन ऐंठ गया आंखें फैल गई दर्द की वजह से उसकी आवाज़ नहीं निकल पा रही थी वह नीम बेहोशी की हालत में पहुंच गई मुझे एहसास था कि नव्या को इस तरह से दर्द होगा बेचारी की नाज़ुक कुंवारी सील पैक बुर में पहली बार 6 इंच लम्बा मोटा लंड घुस कर उसकी सील तोड़ा था बुर एक दम मेरे लंड पर कसी हुई थी मैंने लंड को वही पर रोक दिया। मुझे इस समय बहुत मज़ा आ रहा था आज के समय में जिसे बुर की सील तोड़ने को मिले वह बहुत लकी होता है मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब और नहीं डालूंगा हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह तूने अपनी सील मुझे गिफ्ट कर दी थैंक यू बेबी आई लव यू अब नव्या को धीरे धीरे सेन्स आ रहा था उसके होंठ हिलने लगे वो कराह रही थी मैंने नव्या के निप्पल को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा उसे थोड़ी सी राहत मिली और वो बोली नव्या: आ आह उई मां भैया मैं मर जाऊंगी सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैया बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई आपने मेरी सील तोड दी बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरी सील मैंने आपको दे दी मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. आपको मज़ा आया मैं: हां बेबी मुझे बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है? नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू भैया अभी तो ये मेरी सज़ा लग रहा है दर्द थोड़ा सा कम हो गया पर अभी भी बहुत दर्द है आप और अंदर मत डालना प्लीज आ… आ.. आ.ह.. सी… मैं: धीरे-धीरे अंदर-बाहर करता हूं तुझे अभी मज़ा आने लगेगा तेरी बुर बहुत कसी हुई है बेबी मज़ा आ गया थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को हिलाने लगी उसकी सिसकारियां और कराहने की आवाज मजे वाली हो गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया यह तो जादू हो गया अब बहुत अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू मैं: बेबी और मजा लेना है क्या मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं बस 3 इंच बचा है जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक पूरा मजा नहीं मिलेगा पूरा मजा लेने के लिए थोड़ा सा दर्द और बर्दाश्त करना होगा पुचच्… पुचच. उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: नहीं नहह नहीं भैया और अंदर मत डालना मुझे अभी की तकलीफ हो रही है हां थोड़ा सा मजा ही मिल रहा है लेकिन मैं और अंदर नहीं ले सकती प्लीज आई लव यू बाबू। मैं: बेबी, जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक तुम्हें पूरा मजा नहीं मिलेगा और हम जब भी कोशिश करेंगे तुम्हें यह दर्द बार-बार सहन करना पड़ सकता है इसलिए मैं तुम्हारे फायदे के लिए समझा रहा हूं की अभी थोड़ा सा बर्दाश्त कर लो फिर दोबारा कभी दर्द नहीं होगा। नव्या: आप सही कह रहे हो पर मुझे बहुत डर लग रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, प्लीज आज और मत डालो कल डाल देना मैं ऑफ नहीं करूंगी और पूरा अंदर ले लूंगी तुम्हारी कसम बाबू। मैं: ठीक है बेबी अभी तो मज़े लो । 1मिनट में नव्या अपने चूतड़ों को उठाकर मेरे धक्कों से ताल मिलाने लगी मुझे समझ में आ गया कि उसको बहुत मज़ा आने लगा वो थोड़ा सा और अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी मुझे पूरा मजा लेना -देना था तभी नव्या: पुच्च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू बोलते हुए नव्या ने मुझे कसकर जकड लिया मैं समझ गया नव्या झड़ने वाली और इस समय अगर मैं पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दूं तो झड़ने के उन्माद में उसे दर्द कम होगा मैंने अपने मन को बहुत बड़ा किया और सोचा उसी की भलाई के लिए एक बार मुझे थोड़ी सी जबरदस्ती करनी पड़ेगी, मैंने अपना लंड उसकी बुर से बाहर खींच लिया और चूतड़ों को उठाने के लिए कहा तौलिया पर काफी खून गिरा था मैंने उससे बुर को साफ़ किया और मोड़ कर साफ़ तौलिया की तरफ से, तकिया सही करके उसके चूतड़ों के नीचे लगा दिया, थोड़ी सी क्रीम उसके बुर में लगाई और अपने लंड पर थोड़ी सी लगाकर वापस उसकी बुर में सुपाड़े को डालकर सेट किया फिर उसकी जांघों को अपनी जांघों पर चढाकर के ऊपर लेट किया उसे अच्छे से जकड लिया। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च आई लव यू बेबी, अब तुम्हें अपनी चुदाई आर्गेज्म मिलने जा रहा है इसको बहुत पूरे मन से ध्यान लगाकर फील करो। मैं चाहता था कि मैं अपने पहले आरर्गेज्म को यादगार के साथ संजोकर रखे इस लिए मैंने डिसाइड किया कि इसको आर्गैज़्म पूरी तरह एंजॉय करने के तुरंत बाद मुझे पूरा मज़ा लेने देने के लिए अपने पूरे लंड को इसकी बुर में डाल कर चोदना होगा। कल के लिए कुछ नहीं छोड़ना। नव्या तेजी से अपने पहले आर्गेज्म की तरह बढ़ रही थी नव्या: आ.. आ ..आह… हां… भैया.. यस्स…यस… और तेज भैया बहुत म् …. मज… मजा आ रहा है बहुत तेज ग.. ग.. गुद… गुदगुदी हो रही है आ … हां ऐसे ही करते रहो आ… आह… चीख कर ढीली पड़ने लगी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… चुदाई से पहला आर्गैज़्म मिलने की बधाइयां पुचच.पुच्च। नव्या: य्स यह भैया यू आर ग्रेट माई लव आई लव यू भैया आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी मैं आपके साथ पहली चुदाई जीवन भर याद रखूंगी आपने मुझे बहुत मजा दिया आपको भी आपकी बहन की सील तोड़ने की बहुत-बहुत बधाई पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म. पुच्च आई लव यू जानू। मैं: बेबी, अभी और मजा आयेगा तुम अभी दूसरा आर्गैज़्म एंजॉय करना चाहती हो आज के दूसरे आर्गैज़्म में बहुत मज़ा देगा पुचच्… पुचच.पुच्च उम् नव्या: भैया आपका अभी भी नहीं हुआ चलिए मेरे साथ आप भी अपना आर्गेज्म ले लो पुचच्… पुचच.पुच्च, मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया नव्या ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया था जिससे मेरा लंड आराम से फिसलकर नव्या की बुर में अपना जादू दिखा रहा था मैंने अभी तक और लंड नव्या की बुर में नहीं डाला था मैं चाहता था कि नव्या पूरे लंड को कम से कम दर्द में अपनी बुर में घुसा कर मज़ा ले मैंने नव्या को सही से तरह से जकड़ा और एक जोर का ठाप मारा मेरा लंड 1 इंच उसकी बच्चेदानी में घुस गया वो बेचारी दर्द से तड़प उठी और मेरी पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी, मैंने उसे अच्छी तरह से जकड़ रखा था उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर लाक करके एक जोरदार ठाप और मारी नव्या एकदम से बुरी तरह से तड़प उठी उसके मुंह से दर्द में गूं…गूं ऊं.. की आवाज निकल रही थी उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे वो ये सोच कर बहुत परेशान दिख रही थी कि अभी भैया ने कितने प्यार और आराम से सील तोडी और अब कैसे जबरदस्ती उसकी बुर फाड़ कर बच्चेदानी में घुसा रहे हैं वो कुछ समझ पाती उससे पहले ही मैंने एक और जोरदार धक्का मारकर अपना पूरा 9 इंच लंबा लंड बेचारी नव्या की नाज़ुक बुर में उसकी बच्चेदानी में घुसा दिया वो मुंह लाक होने से चीख भी नहीं सकी और दर्द से तड़प कर बेहोश हो गई मुझे एहसास था कि मेरे इतने बड़े लंड से नव्या बेहोश हो सकती है लेकिन यह इस समय बहुत जरूरी था सारे दर्द से एक बार में छुट्टी हो गई उसे अब कभी इतने दर्द हो नहीं सहना पड़ेगा। मैं बिना रुके लंड को पूरा निकाल कर फिर पूरा-पूरा उसकी बच्चेदानी में ठोक रहा था जिससे उसकी बुर रवां हो जाये। 20-25 धक्के लगाने के बाद नव्या को होश आने लगा वो दर्द से बिलख बिलख के रो रही थी नव्या: आ… आआ…आह… उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे…. भैया..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैय् … भै.… भैया मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे भैया बहुत ज़ालिम लौड़ा है आपका मुझे मार डाला रे उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब हो गया हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह मेरा पूरा 9 इंच लंबा लंड तेरी सील तोड़कर बच्चेदानी में घुस गया है बेबी आई लव यू। बस बस हो गया अब तुझे बहुत मज़ा आयेगा। मैं: बेबी अब तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है न? मुझे बहुत मज्जा आ रहा है थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को उचकाने लगी उसकी रोने वाली सिसकारियां मजे वाली सिसकारियों में बदल गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया सी..सी… धीरे-धीरे दर्द काफी कम हो गया अब अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है मुझे फिर से आर्गैज़्म होने वाला है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं नव्या की बुर में जोर-जोर से धक्के मरने लगा वो आह आह सी सी करती मजा ले रही थी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… बेबी मैं भी पानी छोड़ने वाला हूं कहां निकालूं रानी अपना पानी नव्या:पुचच….पुच्च पुचच. ..भैया थोड़ा तेजी से करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अपना पानी मेरी बच्चेदानी में भर दो मैं आपके प्यार को पूरा पाना चाहती हूं और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं : आई लव यू बेबी, वह तो ठीक है लेकिन अगर कहीं तुम प्रेग्नेंट हो गई तो दिक्कत हो सकती है मैं तुम्हें कोई दुख नहीं देना चाहता मैं बाहर निकाल लेता हूं। नव्या: पुचच….पुच्च मेरे राजा मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी मैं सेफ हूं कल रात ही मेरा पीरियड खत्म हुआ है अभी 5 दिन तक बिना किसी परेशानी के आपका वीर्य अपने बच्चेदानी में ले सकती हूं प्रेगनेंसी के चांसेस बिल्कुल नहीं हैं आपको पता है मैं आपको इसीलिए इतना प्यार करती हूं क्योंकि आपको अपने मजे से ज्यादा चिंता मेरी तकलीफ की है आई लव यू भैया इतना केयरिंग भाई हर बहन को मिले। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उ. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी राजकुमारी मैं भी तुझे बहुत प्यार करता हूं तूने मेरी खुशी के लिए अपनी कुंवारी सील पैक बुर में मेरा इतना बड़ा लंड घुसवा लिया आई लव यू पुचच.पुच्च इसके बाद 12-15 धक्कों में हम दोनों एक साथ छूट गए और पसीने से तरबतर होकर एक दूसरे को कस को पकड़ लिया, मैं हांफते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर धीरे से लेट गया थोड़ी देर चलने के बाद फिर से उसकी चूची को अपने मुंह में भरकर छोड़ने लगा वह मेरे सिर पर हाथ कर रही थी और बार-बार इस मजे को देने के लिए थैंक यू भैया थैंक यू भैया बोल रही थी मैं भी उसको आई लव यू थैंक यू मेरी राजकुमारी बोल रहा था थोड़ी देर बाद थोड़ा सा उसके ऊपर से उठा वह बोली भैया मुझे टॉयलेट जाना है बहुत दर्द है प्लीज मेरी हेल्प करो टॉयलेट कराने ले चलो मैंने उसे उठाया तो वह खून से सना तौलिया देखकर चौंक के बोली नव्या: शर्माते हुए) हाय राम ये क्या भैया आपने कितनी बुरी तरह मेरी बुर की सील तोडी है कितना खून निकला है आपके खूनी लौड़े ने मुझे कितना दर्द दिया है मैं: बेबी खून तो पहली बार निकलता ही है और दर्द भी पहली बार होता है उसके बाद तुम्हें कितना मजा आया तू अपने चूतड उठा उठा कर और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी याद है कि भूल गई। नव्या:पुचच….पुच्च मुझसे ज्यादा मुझे तो आप ले रहे थे कैसे मुझे जकड़ कर हुमच हुमच कर चोद रहे थे आई लव यू भैया और फिर से थैंक यू इस दर्दनाक मजे के लिए। फिर मैं नव्या को अपनी गोद में उठता बाथरूम ले गया और उसे टॉयलेट कराया हम बहुत थक गए थे हमने साथ-साथ नहाने के लिए हमने शावर को खोल कर नीचे खड़े हो गए और अच्छी तरह नहा धोकर फ्रेश होकर आए फिर नंगे ही बिस्तर में एक दूसरे के बाहों में एक दूसरे को चूमते हुए प्यार करते हुए सो गए क्योंकि सुबह 10:00 बजे वीजा के लिए इंडोनेशिया एंबेसी के ऑफिस में जाना था दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको यह कहानी बहुत पसंद आई होगी आप इस कहानी पर रिस्पांस देकर उत्साह वर्धन करें तभी आगे की कहानी लिखने में मजा आएगा इतने मन से कहानी को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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