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हाय दोस्तो,Antarvasna

यह मेरा पहला मौका है अन्तर्वासना को Antarvasna कहानी भेजने का, आशा है कि आपको पसंद आयेगी.

मैं अभी अहमदाबाद में रहता हूं. बात ३ साल पहले की है, हमारा एक छोटा सा घर है, लेकिन मैं तो बड़े ठाट-बाट से रहता हूं. एक बार मैं और मेरा परिवार सब साथ में बैठे थे। हमारा एक नौकर था जिसका नाम राजू था। पापा ने कहा कि घर का काम करने के लिए एक औरत की जरुरत है, तो राजू ने कहा कि मेरे गांव में एक नेपाली है, उसका पति उसको छोड़ के भाग गया है, तो पापा ने कहा उसको यहाँ ले आ।

अगले दिन वह उसको लेने चला गया। शाम तक वह उसको ले के आ गया। हम सब वहीं बैठे थे। वो कसम से इतनी सुंदर थी आप तो जानते ही हो कि नेपाली कितने सुंदर होते हैं। तो पापा ने उससे थोड़ी पूछ ताछ की, फ़िर उस दिन से वह हमारे यहाँ काम करने लगी. मेरा तो मन उस पर आ ही गया था, अब तो मैं बस समय का इंतजार कर रहा था।

उसका नाम रितु था. उसकी उम्र ३२ के आसपास होगी लेकिन अगर आप उसके ब्रेस्ट देखो तो आपका भी खड़ा हो जाए। वह उनको अपने ब्लाउज में छुपा भी नहीं पाती थी। उसको अपनी साड़ी का पल्लू उस पर ढकना पड़ता था. एक बार रात को सब सो गए, फ़िर मैंने सोचा कि शुरुआत तो करनी ही पड़ेगी।

मैं धीरे से खांसा तो उसकी नींद नही खुली. मैंने सोचा कि अब क्या करू? मैं थोड़ा तेज खांसा. फ़िर उसकी नींद खुल गई, उसको हम हमारे कमरे में ही सुलाते थे। मैं, मेरी दादी और रितु हम तीन एक कमरे में सोते थे और पापा मम्मी अलग कमरे में सोते थे। मैंने एक बार और खांसा तो वो उठी और मेरे लिए पानी लेकर आई। मैं पानी पीते हुए उसके बूब्स को देख रहा था तो उसने मुझे देख लिया. उसने अपनी साड़ी का पल्लू उस पर ढक लिया. मैंने तुंरत उसके सामने देखा, मुझे हंसी आ गई वह भी हलके से मुस्कुरा दी। फ़िर वह सो गई मेरा हाथ तो मेरे लंड पर था सोच रहा था कि उसकी चूत के दर्शन कब होंगे।

अगले दिन मैं दुकान से पहले ही कंडोम लेकर आया। रात के ८ बजे थे, वह दादी के बाल बना रही थी। मैंने कहा मेरे भी बना दो ! उस समय मेरे बाल लंबे थे, मैं तेल की शीशी लेकर आया और उसको दे दी तो उसने कहा- इसका मैं क्या करूं?

मैंने कहा- मेरे बालों पर तेल से मालिश कर दो तो वो मेरे पीछे बैठ गई, मैं उसके आगे पीठ करके बैठ गया, दादी अन्दर वाले कमरे में चली गई तो मैंने अपने सर से उसको बूब्स पर स्पर्श किया वो पीछे हो गई। मैंने थोडी देर बाद फ़िर ऐसा किया लेकिन इस बार वह पीछे नही हुई। मैंने थोडी देर तक ऐसे ही किया तो कहने लगी कि ये क्या कर रहे हो?

मैंने कहा- मालिश करवा भी रहा हूं और कर भी रहा हूं, तो वो हंस पड़ी। मैंने कहा- रात को मैं आऊंगा तो वह मना करने लगी, बोली- तुम्हारी दादी यही पर है।

मैंने कहा- मैं जब खांसु, तब तुम अन्दर वाले कमरे में चली जाना।

उसने कहा- नही किसी को पता चल गया तो मुझे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।

मैंने कहा- उसकी चिंता तुम मत करो। देखो तुम्हारा पति भी तुमको जवानी में छोड़ कर चला गया है। मुझे पता है इच्छा तो तुमको भी होती ही होगी, लेकिन वह कुछ बोली नही, फ़िर वो वहा से उठ कर चली गई।

रात को मैं जल्दी सो गया था। मैं करीबन २ बजे उठा तब तक घर में सब सो चुके थे। रितु भी सो गई थी, मैं खांसा लेकिन वह नही उठी। मैं फ़िर से जोर से खांसा तो उसकी नींद खुल गई। हल्का सा उजाला था कमरे में, दादी दूसरी तरफ़ मुह करके सोई थी। मैंने उसको अन्दर का इशारा किया, लेकिन वह तो डरी हुई थी तो मैं ख़ुद अन्दर चला गया और ।उसको इशारे में कहा अन्दर आ जाना।

थोडी देर बाद वह अन्दर आई और बोली- क्या है सो जाओ कोई जग गया तो?

मैंने कहा कुछ नही होगा।

उसने मेरे दोनों गाल दबाए और कहा कि तुम बहुत शरारती हो। मेरी उम्र 21 साल की है। वह मुझसे १२ साल बड़ी है. मैंने अपने हाथ उसके गालों पर रखे तो उसने अपनी आंखे बंद कर ली। मैंने अपने हाथ धीरे धीरे नीचे किए तो वह सकपकाने लगी। अब मेरे हाथ उसके बूब्स पर थे और उनको अहिस्ता अहिस्ता दबा रहे थे उसने मेरी तरफ़ देखा और मेरे होटों को अपने मुह में ले लिया। वह वो नमकीन स्वाद तो मुझे आज भी याद है।

मैं उसके बूब्स को थोड़ा जोर से दबाने लगा तो वह स्स्स्स्स की आवाज निकलने लगी। उसने मेरा मुंह पकड़ा और अपने गोल गोल पहाड़ जैसे बूब्स पर घुसा दिया। मैं उनको मदमस्त हो कर चूमने लगा, मुझे तो मानो प्यासे को पानी मिल गया जैसी हालत हो चुकी थी। ओम्म्म ओम्म्म करके मैं तो लगा हुआ था धीरे धीरे पर वो बोली खा जाओ इनको। दोनों हाथ से दबाता हुआ उनको चूस रहा था और वह मेरा सर पकड़ के उसमे दबा रही थी।

मेरा लंड तो इतना टाइट हो चुका था मानो जैसे सरिया. और वह हलके से उसकी चूत पर छुआ, थोडी देर तक मैं ऐसे ही उसके बूब्स चाटता रहा। अचानक उसका हाथ मेरे लंड पर आया और उसको मसलने लगा मुझे तो इतना मजा आ रहा था उसका इतना कोमल हाथ मेरे टाइट लंड को छू रहा था। उसने उस समय साड़ी पहनी थी। मैंने उसका ब्लाउज अभी तक खोला नही था।

मैंने धीरे से अपने एक हाथ से उसका घगरा ऊँचा किया तो पता चला कि उसने अन्दर चड्डी नही पहनी है। मेरा हाथ उसके हिप्स पर था मैंने उसके अभी तक कपडे उतारे नही थे। मैं उसी समय नीचे बैठा और उसके घगरे के अन्दर घुस गया। वो बोली- क्या कर ऽऽऽ ! इतना बोली उसके बाद बोली आआह्ह्छ आःह्छ ह्ह्ह्म्म्ह्ह्म उस समय मैं उस की चूत चाट रहा था। वह धीरे धीरे नीचे बैठने लगी और अपने दोनों हाथों से घगरे को ऊँचा करती हुई लेट गई। मैंने उसकी दोनों हाथों से टांगे फ़ैला दी लेकिन अपना मुह उसकी चूत से नही हटाया। वो भी मेरे मुंह को अपनी चूत में दबा रही थी, बार बार अपनी कमर ऊँची करती फ़िर नीचे रखती और ह्म्म्म्ह्म्म्म्हम की आवाजे निकालती।

वह अपने घगरे का नाड़ा खोल रही थी और मैं उसकी चूत में मस्त था। उसने कहा- बस करो, अब मेरी बारी है।

मैंने कहा- क्या मतलब?

उसने मुझे एक झटके में अपने नीचे ले लिया। अब मैं उसके नीचे था और वो मेरे ऊपर। वो मेरे होटों को चूमती हुई मेरे सीने को चूमने लगी और धीरे धीरे मेरे लंड के उपर वाली जगह को चूमने लगी फ़िर उसने मेरे दोनों हाथ पकडे और मेरे खड़े लंड को अपने मुंह में ले लिया और हलके से काटने लगी।

मैंने कहा- यह आइसक्रीम थोड़े ही है?

उसने मेरा लंड इतना चूसा कि वह झड़ने की तैयारी में आ गया। मैंने कहा- मैं झड़ जाऊंगा तो वो बोली रुको अभी मत झड़ो। उसने मुझे अपने ऊपर आने के लिए कहा। मैं उसके ऊपर आ गया और उसके मुंह के दोनों तरफ़ टांगे रख के उसके मुह में अपना लंड डाल दिया। वो दोनों हाथों से मेरे लंड को हिलाती भी रही और जोर जोर से चूसने भी लगी।

मैं अब झड़ने वाला हूं, तो वो बोली- हां ! अब झड़ जाओ और मेरा लंड एक दम से पिचकारी छोड़ने लगा। मैं देखता ही रह गया, उसने एक भी बूंद को बाहर जाने नही दिया, सारा का सारा रस पी गई।

फ़िर उसने अपना ब्लाउज खोला और मुझे कहा- अन्दर से थोड़ा तेल लेकर आओ। मैंने अपना पेंट चढाया और नारियल तेल की शीशी लेकर आया उसने अपने हाथ में थोड़ा तेल लिया और मेरे लंड पर लगाने लगी।

मैंने बोला- इससे क्या होगा?

तो कहने लगी- इतने समय बाद चुदवा रही हूं दर्द नहीं होगा क्या ! इसको लगाने से दर्द नही होगा।

उसके खुले बूब्स मुझे तेल लगाते समय तेज तेज हिल रहे थे, उनको देख कर मेरा लंड फ़िर से हरकत में आने लगा और थोडी ही देर में तन तना गया।

मैंने अपने दोनों हाथ से उसके बूब्स को दबाना चालू किया और कहा कि तुम्हारे बूब्स इतने बड़े क्यों हैं?

तो वो बोली- तेरे लिए ही किए है मेरे राजा, उसने फ़िर से मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और जी भर के चूसने के बाद बोली- लो अब अच्छा चिकना हो गया है इसको चूत का रास्ता दिखा दो और और अपने दोनों हाथ से अपनी टांगे फ़ैला दी।

मैंने कहा- वाह ! कितनी उभरी हुई चूत है तुम्हारी !

तो वो बोली- अब बस करो, मत तड़पाओ, डाल दो।

मैंने अपने टॉप पर थोड़ा सा थूक लगाया और उसके अन्दर डाला। उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा हुआ था और उसको छेद बता रही थी। लंड को छेद मिल गया था, धीरे से मैंने उसको झटका दिया तो स्स्स्स करने लगी।

मैंने जोर से झटका दिया तो आआ करके चिल्लाने लगी। मैंने कहा- क्या कर रही हो, सब जग जायेंगे। तो बोली थोड़ा धीरे करो। मैंने अपना हाथ उसके मुंह पर रखा और दो तीन झटके जोर से दे दिए। उसकी आवाज तो नहीं निकली लेकिन आंख से पानी निकल गया। अब मैं धीरे धीरे झटके मारने लगा देखा अब उसको मजा आ रहा है तो अपने झटकों की गति को बढाया अब तो वह कहने लगी,” और जोर से डालो फाड़ डालो इसको और जोर से।”

अब तो मैं और जोश में आ गया था। करीबन ५ -७ मिनट मैंने उसको वैसे चोदा और कहा कि अब तुम खड़ी हो जाओ। वह खड़ी हो गई मैंने उसको घुमा दिया और आगे से झुका दिया।

अब मैं पीछे से उसकी चूत में लंड डालने लगा उसके हिप्स बार बार मेरे लंड के साइड में लग रहे थे उससे इतना मजा आ रहा था, मेरे दोनों हाथ उसकी कमर में थे और उसको बार बार मेरी और खीच रहे थे। आगे से उसके स्तनों की घंटी बज रही थी वह धम धम करके इतने तेज हिल रहे थे।

मैंने उसको कहा कि अब मैं नीचे लेट जाता हूं और तुम ऊपर आ जाओ। फ़िर मैं नीचे लेट गया और वह ऊपर आ गई ऊपर बैठ कर उसने जैसे ही मेरे लंड को अपने अन्दर डाला फ़िर बोली अब देख मैं तुझको कैसे चोदती हूं ! मेरे मुंह की तरफ़ अपना मुह लाकर जोर जोर से ऊपर नीचे होने लगी। मैं आ हह आह्ह कर रहा था लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसको कहा- मैं झड़ने वाला हूं तो वो बोली मैं भी झड़ने वाली हूं, लो मैं तो झड़ गई ! वो पूरी तरह से झड़ चुकी थी।

मेरा लंड ऊपर से ले के नीचे तक पूरा चिकना हो गया लेकिन उसने अपनी रफ्तार रोकी नहीं। मैंने कहा- बस अब आने वाला है वह तुंरत उठी और मुझे खड़ा कर दिया और हाथ से हिलाती हुई मेरे रस का इंतजार करने लगी। मैंने कहा- वह तो फ़िर से चला गया अब मुझे खड़ा कर दिया है तो अपने मुंह में चुदवा लो। मैंने एक हाथ से उसके सारे बाल पकड़े और उसके मुंह में लंड अन्दर बाहर करने लगा। थोडी ही देर में मैं झड़ गया उसने सारा रस पी लिया।

मैं पहले कपडे पहन कर अन्दर आ गया वह बाद में अन्दर आई और हम एक दूसरे के सामने हंस के देख कर सो गए। Antarvasna

लेखिका : लक्ष्मी Antarvasna

मेरा तलाक हुए करीब 3 साल Antarvasna हो चुके थे। मेरी शादी जब मैं 19 साल की थी तब कर दी गई थी। मेरा पति मुझसे दस साल बड़ा था। उस समय तक मैं चुदाई और सेक्स के खेल से अनभिज्ञ थी। सुहागरात को उसने मेरी चुदाई नहीं की थी पर मुझसे मुख-मैथुन किया था। अपना लण्ड मुझसे चुसवाया था, जो मेरे लिये एक नया नया दर्दनाक अनुभव था। मुँह में लण्ड डाल कर मेरा मुख चोदता था, फिर ढेर सारा वीर्य मेरे मुँह में ही निकाल देता था। मुझे बहुत ही घिन आती थी और फिर मुझे उल्टियां होने लगती थी। फिर उसने मेरी गाण्ड मारी थी। यूँ तो चिकनाई भी लगाई थी, पर जाने क्यूँ मेरी गाण्ड एकदम टाईट हो जाती थी, वो मुझे तमाचे मार मार गाण्ड में लण्ड घुसेड़ देता था। मेरी गाण्ड लहूलुहान हो जाती थी। मुझे बहुत ही पीड़ा होती थी। पर पिटाई के बीच गाण्ड मारना मेरे लिये दर्द भरा हादसा था। मैं बहुत उससे बहुत डर गई थी।

डर के मारे अगले दिन मैं बीमारी का बहाना कर अपनी सास के पास सो गई थी। पर आखिर कब तक बहाना करती। फिर मैंने हिम्मत करके अपनी सास को कह ही दिया। मेरी बात सुनते ही वो चिन्तित हो उठी। सास ने मुझे वादा किया कि वो उन्हें समझा देगी। पर रात को उसने मुझे फिर से अपना लण्ड मेरे मुख में डाल कर मुख मैथुन किया और फिर बाद में मेरी गाण्ड भी मारी। मैंने बहुत सहा, लगभग एक महीना होने को आया, मेरी सास ने उसे कुछ नहीं कहा। फिर उसने मेरी चूत चोदी। चूंकि पहली बार चुदी थी तो फिर वही तकलीफ़ हुई थी। मेरे पति का लण्ड भी मोटा और लम्बा था, इस कारण रोज़ गाण्ड मरवाने में और चुदवाने में मुझे बहुत तकलीफ़ होती थी।

एक दिन मैंने अपनी मां से कह कर अपने शहर वापिस आ गई। मेरी हालत देख कर मुझसे मेरी मां ने पूछ ही लिया। मैंने रो रो कर सारी बातें बता दी। मेरे पापा ने दूसरे ही दिन मेरे पति से बात की। पर उसने बहुत ही बद्तमीज़ी से बात की। अन्त में हार कर पापा ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दे डाली। मेरा पति भी मुझसे परेशान था अतः तलाक में अधिक परेशानी नहीं आई। मुझे अब उन नारकीय दुःखों से छुटकारा मिल ग़या।

लगभग तीन साल बाद मुझे अचानक एक फोन आया। कोई अशोक नाम का लड़का था। उसने कहा कि उसने बहुत मुश्किल मेरा मोबाईल नम्बर प्राप्त किया है और मुझसे शादी करने की इच्छा रखता है। उसने बताया कि वो एक पढ़ा-लिखा सरकारी अफ़सर है… उसे मेरे तलाक के बारे में पता है। मैं दिखने में बहुत सुन्दर हूँ, शरीर से दुबली पतली हूँ, लगभग 5 फ़ुट 4 इन्च की हूँ। मैंने पास में स्कूल में नौकरी कर ली थी। बस मुझमें सुन्दरता ही एक खूबी थी, जिसके कारण लड़के मुझसे दोस्ती करना पसन्द करते हैं। पर उनकी मन्शा मात्र मुझे चोदने तक की होती है। सभी को पता है कि मैं तलाकशुदा हूँ।

एक दिन वो मुझे स्कूल में मिलने आ गया।

“मेरा नाम अशोक है, मैंने ही आपको फोन किया था।”

विजिटिंग रूम में हम लोग बातें करते रहे, उसका व्यवहार अच्छा था, वो सुन्दर था और शरीर से भी लम्बा और बलिष्ठ नजर आ रहा था। उसके बाद से वो मुझसे मिलने अक्सर स्कूल आ जाता था। मेरी छुट्टी होने पर हम दोनों एक पेड़ के नीचे खड़े हो कर बाते करते थे। धीरे धीरे हमारी दोस्ती बढ़ गई। अब वो मेरे लिये गिफ़्ट भी लाता था। हम दोनों मोबाईल पर भी खूब बतियाने लग गये थे। एक दिन मेरे घर पर अशोक अपने पापा के साथ आया और उन्होने मेरा हाथ मांग लिया। मेरे पापा खुश हो गये कि मुझे मेरी ही जात वाला एक प्रतिष्ठित युवक मिल गया। उन्होने तुरन्त ही इस रिश्ते की मंजूरी दे दी। सादे तरीके से हमारी सगाई हो गई।

अब रोज ही शाम को अशोक मुझसे मिलने आता था और हम दोनों कार में घूमने निकल पड़ते थे। मै उसके प्यार में खो चुकी थी। हम दोनों बाग में अक्सर एक दुकान के आगे रुक कर पेप्सी या थम्स अप पिया करते थे।

ऐसे ही एक दिन उसने भावावेश में मुझे अपने से लिपटा लिया और मेरे होंठ चूम लिये। मैं आनन्द से भर गई। मुझे भी पुरुष का शारीरिक स्पर्श का आनन्द बहुत दिनो बाद हुआ था। सो मैं उससे लिपटी रही। इसी दौरान उसने मेरे चूचियों को हल्के से छुआ भी और सहलाया भी। मुझे एक अलग ही आनन्द आने लगा था। यूं तो मैं शारीरिक स्पर्श से डरती थी… पर यह पहले जैसी अनुभूति नहीं थी। मुझे इसमे आन्तरिक सुख मिलता था। मैंने इसका कोई विरोध नहीं किया। हम दोनों इस असीम सुख का आनन्द उठाते रहे। अब हमारा जब भी घूमने जाना होता तो हम एकान्त में कार रोक कर आपस में खूब चिपका चिपकी करते थे। फिर जाने कैसे एक दिन मैंने होश खोते हुये उसका लण्ड थाम लिया… और उसे बहुत देर तक सहलाती रही। एक अनजानी सी सुखद वासना भरी अनुभूति हुई। मेरे मन में उसके लण्ड के लिये प्रीति जाग उठी, मैं कभी कभी उसका सुपारा चूम लेती थी।

एक दिन उसका सहलाते सहलाते उसके लण्ड में से वीर्य निकल गया, उसकी पैन्ट गीली हो गई। उस दिन अशोक ने भी मेरी चूत के आस पास सहलाया था। मेरी जीन्स की जिप खोल कर मेरी चूत में अंगुली भी दबाई थी। चूत का गीलापन उसे बहुत अच्छा लगा था।

एक दिन सवेरे जब मैं स्कूल जा रही थी तो अशोक का फोन आया कि आज की छुट्टी ले लो, घर पर कोई नहीं है, दोनों घर पर बातें करेंगे। मैंने स्कूल में फोन करके छुट्टी ले ली और उसके साथ उसके घर आ गई। घर बिलकुल खाली था।

उसने अपना घर मुझे दिखाया… फिर अपना कमरा भी दिखाया… ये हमारा कमरा होगा … ये बिस्तर आपका होगा… ” उसने एक बेहद मुलायम सा बिस्तर दिखाया।

“हाय रे अशोक … कब होगी शादी…।” मैंने उतावले स्वर में कहा।

“दिल से दिल मिल जाने को ही शादी कहते हैं !” और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे चूमने लगा।

“चलो इस नरम गद्दे पर लेट कर प्यार करते हैं…” अशोक मुस्करा उठा।

उसका फ़ोम का गद्दा बहुत ही नरम था। मैं तो उस पर लोट लगाने लगी। तभी अशोक ने अपनी बाहें खोल दी। मैं लोट लगाते हुये उसकी बाहों में चली आई। हम एक दूसरे से लिपट पड़े। प्यार से एक दूसरे को चूमने लगे।

उसके हाथ जाने कब मेरे टॉप के अन्दर पहुंच गये, मेरी चूचियाँ सहलाने लगा, मेरे भीतर अनन्त उमंगें जाग पड़ी, मेरे चुचूक फूल कर कड़े हो गये। वासना का ऐसा भावनात्मक प्यार भरा उन्माद पहली बार मह्सूस हुआ। मैंने उसकी कमीज के बटन खोल दिये और उसकी नंगी छातियों को चूमने लगी। अचानक मुझे अपने कपड़े तंग मह्सूस होने लगे। जीन्स मेरे शरीर पर कसने लगी। मेरी जांघें जैसे जीन्स को फ़ाड़ देना चाह रही थी, टॉप जैसे चूंचियों पर फ़ंसने लगा। मुझे कपड़े बहुत ही खराब लगने लगे। पहल अशोक ने ही की। उसने अपनी पैन्ट उतार दी। फिर उसने मेरी तरफ़ वासनायुक्त नजरों से देखा। मुझे भी कपड़े कहाँ सुहा रहे थे। अशोक ने मेरी टॉप ऊपर ही खींच दी। मेरे वक्ष छलक पड़े। मैंने अपनी जीन्स उतार डाली और बस एक तंग सी छोटी सी चड्डी रह गई। जैसे ही मेरे बदन को हवा लगी, एक सिरहन सी उठ गई।

जैसे ही मेरी नजरें अशोक के लण्ड पर गई, वही मोटा सा, लम्बा लण्ड… मैं डर गई, पर शायद वो मेरी बात जानता था। वो दूर हट गया… और अपना लण्ड देख कर बोला,”आपको देख कर इसे आप पर प्यार आ रहा है… जैसे कार में आप इसे प्यार करती थी… बस एक बार फिर से वही प्यार करके इसे मजा दो…”

मैंने डरते हुये उसके लण्ड को निहारा और उसे पकड़ लिया। जैसे ही मैंने उसे दबाया… अशोक के मुख से एक सिसकारी निकल पड़ी।

” आपको मजा आया ना, पर मुझे इससे डर लगता है … प्लीज मुझे कुछ मत करना…” मैंने उसे समझाते हुये कहा।

“आओ प्यार करें … जो आप कहेंगी वही करेंगे !” मैं कुछ सावधान सी, सकुचाती हुई उसके नंगे शरीर से लिपट गई। फिर हम दोनों धीरे धीरे बिस्तर पर लेट गये। हमारे अधर एक दूसरे से मिल गये। उसका लण्ड हाथ में लिये मुझे लगा कि वो और फूल गया है। बेहद कड़क हो गया है। मेरी चूंचियाँ वो मसलने लगा। मेरे शरीर में एक सुखद मीठा सा नशा चढ़ने लगा। मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी। मुझे जाने क्यूँ इच्छा होने लगी थी कि लण्ड अपनी चूत में घुसेड़ लूँ। मैंने लण्ड को पकड़े हुये अपनी चूत के द्वार पर रख दिया और आंखे बंद करके मदहोशी में उस पर जोर लगा दिया। उसका लण्ड मेरी गीली चूत में अन्दर फ़िसल पड़ा। मुझे एक विचित्र सी सुखद वासना युक्त कसक भरी मिठास का अहसास हुआ और मैंने अपनी चूत उसके लण्ड पर पूरी ताकत से दबा दी। उसका लण्ड मेरी चूत के लबों को चूमता हुआ अनन्त खाई में जैसे कूद पड़ा।

मैंने अशोक को खींच कर अपने ऊपर सवार कर लिया और अपनी दोनों टांगें चीर कर उसकी कमर से लपेट ली। अशोक मेरे ऊपर आ चुका था और लण्ड मेरी चूत में पूरी गहराई तक घुसा हुआ था। हम दोनों की कमर अब धीरे धीरे चलने लगी। वो चोदने लगा और मैं चुदती चली गई। ऐसा स्वर्गीय आनन्द मुझे पहली बार मिला था। इतना प्यारा वो तो नहीं चोदता था। मुझे अचानक इच्छा हुई कि मेरा पूर्व पति मेरी गाण्ड मारता था, उसमें क्या मजा आता होगा। सो मैंने अशोक को इशारो में अपनी इच्छा बता दी। उसने मेरे सर पर बालों में प्यार से हाथ फ़ेरा और लण्ड धीरे से बाहर निकाल लिया। उसने एक मोटा तकिया नीचे लगा दिया और पास में पड़ी क्रीम मेरी गाण्ड में लगा दी। फिर मुझे चूमता हुआ मुझसे प्यार से लिपट गया। मैं अनजाने डर से सहम सी गई। मेरे गाण्ड की छेद पर उसका नरम सा गोल सुपारा चिपक गया। मुझे ताज्जुब हुआ कि उसका लण्ड एक ही बार में छेद के अन्दर बिना किसी तकलीफ़ के घुस गया था। इस बार मुझे दर्द नहीं हुआ बल्कि मजा आया।

उसने अब धीरे धीरे मेरी गाण्ड चोदना आरम्भ किया। मुझे मस्ती आने लगी और मैं उसे एन्जोय करने लगी। पर हां मुझे ये जरूर लगा कि मेरे पति जब ये सब करते थे तो मैं घबरा जाती थी, गाण्ड में से खून निकलने लगता था, यहाँ तक कि मैं बेहोश भी हो जाती थी, मजा आने की बात तो दूर रही। काफ़ी देर तक मैंने गाण्ड मराने का आनन्द लिया। थोड़ी देर के बाद मेरी चूत कुलबुलाने लगी तो मैंने अशोक को चूत मारने को कहा। उसने मेरी चूत में लण्ड घुसा कर धक्के लगाना शुरू कर दिया। मेरी उत्तेजना मेरी सहनशीलता के बाहर चुकी थी। चूत उछाल उछाल कर चुदाने लगी… और फिर मेरे अंग प्रत्यंग जैसे आग उगलने लगे और मैंने अपना यौवन रस छोड़ दिया, मैं झड़ने लगी।

उसका चोदना जारी रहा पर गीलापन बढ़ने से छप-छप की आवाजें आने लगी। चूत ढीली पड़ गई। उसने इशारे से कहा कि मेरा लण्ड चूस कर वीर्य निकाल दो…

उसके लण्ड को मुख में लेने के विचार से ही मेरे मन में फिर वही डर समा गया। पर मैंने हिम्मत करके उसका लण्ड मुँह में भर लिया और धीरे धीरे उसे चूसने लगी। मुझे लगा उसे बहुत ही मजा आ रहा है। मैं जोश में उसके लण्ड के रिन्ग जोर से चूसने लगी। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल पड़ी। उसका हाल देख कर मैं भी और जोश में आ गई और उसका लण्ड हाथ से भी दबा कर मुठ मारते हुये जोर जोर से चूसने लगी।

इतने में उसने मेरे बाल पकड़ लिये और लण्ड का मुख में जोर लगा कर झुक पड़ा और लण्ड से वीर्य निकल पड़ा। वो अपने लण्ड पर जोर लगा कर पिचकारी पर पिचकारी मुह में छोड़ने लगा। मैं भी जोश में आ कर उसका वीर्य गटागट पी गई। अब उसका लण्ड मैं दूध निकालने की तरह खींच-खींच वीर्य निकालने लगी। पूरा लण्ड साफ़ करके उसे छोड़ दिया।

आज मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना था। मैं खूब जोर जोर से हंसी… और उसे भी अपनी खुशी में शामिल होने कहा। फिर मैंने अशोक को अपनी पूरी कहानी बताई और रो पड़ी। अशोक ने सब कुछ भूल जाने कहा और हम फिर से एक दूसरे में प्यार में खो गये। चुदाई के मनमोहक दौर की तैयारी करने लगे। मेरा मन आज जी भर कर चुदने का कर रहा था… मैं अपने पिछले गुजरे हुये तूफ़ान को भूल जाना चाहती थी… Antarvasna

नमस्ते फ्रेंड्स, मेरी एक रीडर है मनीषा वह मेरी स्टोरी पड़ती है वह सेक्स स्टोरी पढ़ने का शौक रखती है उसने अपना एक रियल एक्सपीरियंस लिखकर मुझे भेजा था। जो मैं उसी के शब्दों में आपके सामने पेश कर रही हूं। हाय फ्रैंड्स मेरा नाम मनीषा है मेरी उम्र 29 साल हैं और मैं अभी अपने हस्बैंड के साथ बेंगलुरु में रहती हूं। मेरे हस्बैंड यहां पर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनकी उम्र 31 साल है। मेरा फिगर 34-32-38 हैं। मेरी शादी को 6 साल हो गए हैं और मेरी सेक्स लाइफ ठीक-ठाक ही है मेरे हस्बैंड सप्ताह में मुश्किल से दो-तीन बार मेरे साथ चुदाई करते हैं। उनका टाइम भी बहुत कम है 1 से 2 मिनट के अंदर ही उनका काम हो जाता है। बेंगलुरु में हम जहां पर रहते हैं वह जगह थोड़ी बाहर की तरफ है और वहां अभी नई-नई कालोनियां बन रही है इसलिए हमें सस्ते में वन बीएचके का मकान मिल गया। हसबैंड सुबह 10:00 बजे ऑफिस चले जाते हैं और रात में 7:00 बजे तक घर आते हैं मैं पूरा दिन घर में अकेली बोर होती रहती थी। इसलिए अपनी सहेलियों से बात करती। वह सब भी दिन में फ्री होती थी इसलिए बात करती थी। उनमें से लगभग सभी बताते कि उनकी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी चल रही है और उनके पति रोज उनके साथ चुदाई करते हैं। मेरे से पूछती तो मैं उनको झूठ ही बताती की हम भी लगभग रोज दो बार करते हैं। उनसे बातें करते हुए मैं गर्म हो जाती थी लेकिन मेरे पास कोई साधन नहीं था कि मैं अपनी सेक्स डिजायर को शांत कर सकूं। बहुत बार मैंने मेरे हस्बैंड को भी कहा कि उनका सेक्स टाइम बहुत कम है कुछ करो तो वह बोले कि क्या करूं यार मैं भी चाहता हूं कि मेरा सेक्स टाइम बढ़ जाए लेकिन कोई ऑप्शन नहीं है। फिर मैं ज्यादा कहना बंद कर दिया। मेरे हस्बैंड मेरी सारी जरूर का बहुत ध्यान रखते थे मेरे से बहुत प्यार भी करते हैं बस उनकी एक ही कमी है कि वह सेक्स करने में थोड़े कमजोर है। मेरे हसबैंड को पॉर्न वीडियो देखना और सेक्स स्टोरी पढ़ने बहुत पसंद है मैं भी उनके साथ ही कभी-कभी सेक्स स्टोरी पढ़ने शुरू किया था। कई बार मेरे हस्बैंड लैपटॉप में पॉर्न वीडियो चला देते थे और मेरे साथ सेक्स करते थे। इससे मुझे भी सेक्स स्टोरी पढ़ने का शौक लग गया अब मैं दिन में बैठकर खाली टाइम में एक दो सेक्स स्टोरी पढ़ती थी और मुझे अच्छा लगता था। फिर मेरे हस्बैंड ने ऑनलाइन दो डिल्डो मंगवा दिए। वो अपने लन्ड से चुदाई के साथ डिल्डो से भी मेरी चुदाई करते ताकि मैं सेटिस्फाई हो जाऊं। वह रोज रात में मुझे पूरा नंगा करते और मसाज क्रीम से 1 घंटे तक मेरी अच्छे से मसाज करते हैं फिर मेरी चुदाई करते और फिर हम सो जाते। पॉर्न वीडियो देखते टाइम मैं मेरे पति को कई बार कहा कि वीडियो के अंदर इनका सेक्स टाइम इतना अच्छा कैसे होता है और इनका लंड भी इतना बड़ा है। तुम मेरे हस्बैंड मुझे छेड़ते ड़ते हुए कहते कि मनीषा तुझे भी बड़ा लंड चाहिए क्या। तू कई बार ऐसा कहते थे तो एक बार मैंने भी बोल दिया की हां मुझे भी बड़ा लंड चाहिए। मैं और मेरे हस्बैंड रोज सुबह-सुबह हमारे घर के पास बने एक पार्क में मॉर्निंग वॉक करने जाते थे पार्क थोड़ा दूर था तो हम लोग रोज नहीं जा पाए थे। मैं वहां पर टाइट योगा पैंट और टाइट टीशर्ट पहनकर मॉर्निंग वॉक और एक्सरसाइज करती थी। वहां बहुत से लड़के और आदमी मुझे घूरते हुए देखे थे। कुछ लोग बात भी करते थे काफी बार उन्होंने मेरे नंबर भी मांगे पर मैंने दिए नहीं। मैं पूरा दिन बोर होती थी तो फिर मैं मेरे हस्बैंड को कहा कि मुझे कोई जॉब कर लेनी चाहिए तो हस्बैंड बोला कि तुम जॉब करोगी मुझे अच्छा नहीं लगेगा। मैं बोली क्यों तो हस्बैंड बोल की मैं कर रहा हूं वह ठीक है ना तुम्हें जॉब करने की क्या जरूरत है। फिर मैंने कहा कि तो फिर मैं क्या करूं मैं पूरे दिन घर बोर होती हूं। हस्बैंड बोल कि तुम हायर स्टडीज करना शुरू कर दो। मैं बोली मेरे से नहीं होती पढ़ाई। हस्बैंड बोल तो फिर जब भी नहीं करनी। कुछ दिन ऐसे ही चला रहा फिर मेरे हस्बैंड बोल की मनीषा तुम सेंट्रल गवर्नमेंट में वैकेंसी आई है उसका फॉर्म भर लो उसके लिए मैं कोचिंग लगवा लूंगा दिन में तुम कोचिंग चली जाओगी तो तुम्हारा टाइम भी पास हो जाएगा मैंने एक भी दिन सोचा और फिर हस्बैंड को बोला कि ठीक है आप मेरा फॉर्म भर दो। फिर अगले दिन मैं और मेरे हस्बैंड उनकी बाइक पर बैठकर वैकेंसी का फॉर्म भरने चले गए हमने वैकेंसी का फॉर्म भर उसके बाद बेंगलुरु में ही एक कोचिंग इंस्टिट्यूट में बात की उसी दिन फीस का पेमेंट कर दिया और फिर हम वहां से बुक्स मार्केट में कंपटीशन एग्जाम की किताबें लेने चले गए। हम लोग रात को 10:00 बजे घर आए। उसे दिन खाना भी हस्बैंड नहीं बनाया और फिर हम सो गए। अगले दिन से हसबैंड सुबह अपनी जॉब पर चले गए और मुझे भी 11:00 बजे कोचिंग निकलना था तो मैं भी घर से निकली और बस से कोचिंग सेंटर चली गई घर से कोचिंग जाने में 40 मिनट लगे फिर 12:00 बजे से क्लास थी शाम को 4:00 बजे तक क्लासेस चलती रही फिर वहां से निकली और 5:00 बजे तक वापस घर पहुंची मैं पूरी थक चुकी थी घर आकर मैं सो गई। फिर वापस 8:00 बजे उठी और हस्बैंड आए तो मैं खाना बनाया और फिर हम लोगों ने खाना खाया। हस्बैंड ने पूछा कोचिंग कैसी है मैंने कहा ठीक है। इस तरह धीरे-धीरे यह मेरा रोज का शेड्यूल बन गया। वह कोचिंग में हमारे बैच में 70-80 लोग थे। ज्यादातर पहले से ही कहीं नौकरी कर रहे थे और इस बड़े पद के लिए कोचिंग ले रहे थे वहां 2:00 बजे 20 मिनट का फ्री टाइम होता था जब हम लोग केंटीन में चाय कॉफी पिया करते थे। कुछ दिन बाद कोचिंग के काफी लड़के और लड़कियों से मेरी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई। वहां पर बहुत से लड़के मुझे लाइन मारते थे। पर मैं किसी को भाव नहीं दिया। महीने बर्बाद वहां कोचिंग में हमारे साथ एक लड़का था शिवम उसने मुझे कहा कि मनीषा तुम जहां से आती हो मैं भी वही रहता हूं तुम मेरे साथ आ जाया करो मैंने मना कर दिया। कोचिंग में मेरी फ्रेंड थी वैशाली जो मेरे साथ बैठती थी। उसने कई बार मेरे से कहा कि तू शिवम के साथ आ जाया कर मैंने मना कर दिया। कुछ दिन बाद मुझे पता चला कि वैशाली और कोचिंग में तैयारी कर रहे विकास का अफेयर चल रहा है। मुझे बड़ा अजीब लगा मैंने वैशाली से इस बारे में बात की मैंने बोला कि वैशाली तु शादीशुदा है फिर भी तेरा अफेयर है। तो वैशाली बोली की देख मनीषा तू मेरी फ्रेंड है मैं तेरे से कुछ भी नहीं छुपाऊंगी। वैशाली बोली मैं शादीशुदा हूं लेकिन मेरी बहुत सारी ज़रूरतें है जिसे मेरा हस्बैंड पूरी नहीं कर पाता। मैंने कहा तेरा पति तो गवर्नमेंट जॉब में है फिर तुझे क्या दिक्कत है तो वैशाली बोली की गवर्नमेंट जॉब में है लेकिन वह मुझे पैसे तो दे सकता है लेकिन मुझे अच्छी सेक्स लाइफ नहीं दे सकता। उसका 4 इंच का लंड मुझे पूरा मजा नहीं दे पता है। फिर उसने जो बताया उसके बाद में उसे कुछ भी नहीं पूछ पाई। वैशाली ने बताया कि विकास और वह इस सप्ताह में तीन-चार बार चुदाई करते हैं। विकास का लंड 6 इंच लंबा हैं। वो दो तीन राउंड चुदाई करता हैं। फिर मैं और वैशाली भी आपस में पर्सनल बातें करते थे मैंने भी मेरी सारी सिचुएशन बता दी कि मेरी सेक्स लाइफ अच्छी नहीं है तो वैशाली बोली की कोचिंग में इतने सारे लड़के हैं तू किसी को सेट कर ले तुझे तो इतने लोग लाइन मार रहे हैं। मैंने कहा यार अच्छा नहीं है यह। वैशाली बोली कि तेरी मर्जी है मनीषा तेरे पास ऑप्शन है कि तू एंजॉय कर सकती है फिर भी अगर तू तड़पना चाहती है तो तड़पती रहे दुनिया में किसको तेरी चिंता है। फिर मैं भी सोचने लगी कि यार जब मेरी सेक्स लाइफ इतनी डिस्टर्ब है मैं एंजॉय नहीं कर पा रही हूं तो क्या मतलब। कुछ दिन बाद शिवम ने वापस मुझे कहा कि मनीषा तुम मेरे साथ आ जाया करो तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ आ जाऊंगी तो उसे दिन वह बोला कि तो आज शाम को तुम मेरे साथ चलोगी मैंने कहा ठीक है अच्छा मैं तेरे साथ चलूंगी। उसे दिन शाम को शिवम ने मुझे हमारे घर के आगे छोड़ दिया। उसने बताया कि वह हमारे घर से 3 किलोमीटर आगे रहता है और रोजाना अपनी बाइक से कोचिंग जाता है। वह कहीं नौकरी करता था और इस वैकेंसी के लिए उसने छुट्टी ली थी और तैयारी कर रहा था। उसकी उम्र 30 साल थी और वह अभी तक कुंवारा था। फिर जब हम लोग साथ में आने जाने लगे तो हमारे बीच कुछ नजदीकियां भी बढ़ने लगी। शाम को जब शिवम मुझे घर छोड़ना तो मैं उसे अंदर बुला लेती और हम लोग साथ में चाय पीते हैं कॉफी पीते और थोड़ी बातचीत के बाद वह अपने घर निकल जाता। शिवम अब मुझे सप्ताह में एकाद बार गिफ्ट भी देने लगा था। मैंने पहले मना किया कि मैं शादीशुदा हूं यह अच्छा नहीं लगता मुझे तो शिवम बोला कि मनीषा में जानता हूं तू शादीशुदा है मेरी भी सगाई हो चुकी है लेकिन मैं बस एक अच्छे फ्रेंड की तरह रहना चाहता हूं। अब वह मुझे किसी न किसी बहाने से टच भी करता था। अब जब हम बाइक पर आते जाते थे तो वह कई बार मेरी टांगों पर बात करते हुए हाथ फेर लेता था। एक दो बार मैंने मना किया पर वह वापस करता था। जब वह मुझे घर छोड़ना और घर के अंदर से चाय पीने के बाद निकलता तो कभी हाथ मिला था कभी मुझे गले लगा कर निकलता था। मैं समझ गई थी कि उसके मन में क्या चल रहा है। एक दिन मैंने मेरे हस्बैंड को यह सब बताया कि मैं शिवम के साथ कोचिंग आती जाती हूं और वह हमारे घर भी आने लगा है चाय कॉफी पीने तो मेरे हस्बैंड बोल की कोई बात नहीं मनीषा तुम्हें बस से आने-जाने में परेशानी होती है तो तुम उसके साथ आया जाया करो और तुम उसे आधे पैसे दे देना ताकि उसे ठीक लगे। मैं बोली ठीक है। मेरे हस्बैंड रोज रात में मेरी 1 घंटे तक मसाज क्रीम से मालिश करते हैं और उसे टाइम वह पॉर्न वीडियो चला देते हैं जिसमें अलग-अलग क्रांतिकारी की वीडियो होती है एक दिन उन्होंने एक पॉर्न वीडियो लगाया जिसमें एक कला अफ्रीकन नीग्रो एक अंग्रेज लड़की की मसाज कर रहा था और उसके बाद उसे कल अफ्रीकन नीग्रो ने उसे लड़की के साथ चुदाई कि। मनी मनी हस्बैंड को कहा कि यह कितनी अच्छी तरीके से चुदाई कर रहा हैं। मेरे हस्बैंड बोल मनीषा रानी तुझे भी करवानी है क्या तुम्हें बोली की हां करवानी है तुम करो ना कुछ अरेंजमेंट तुम्हारे हस्बैंड बोल कि मैं तेरे लिए अरेंजमेंट करता हूं कि एक बड़े लंड वाला अफ्रीकन नीग्रो आए और तुझे चोदे। उसे रात चुदाई के बाद हम सो गए। अगले दिन जब मैं शिवम के साथ कोचिंग जा रही थी तो शिवम मुझे बार-बार टच कर रहा था कोचिंग के बाद जब हम वापस घर आए और हम लोगों ने साथ में चाय पी उसके बाद जब वह निकल रहा था तो उसने मुझे हग कर लिया मैं बोली शिवम क्या कर रहे हो तो बोल कुछ नहीं मनीषा बस ऐसे ही अच्छा लगा फिर उसने मुझे एक बहुत महंगा गिफ्ट दिया मैंने खोला और मैं बोली की शिवम यह तुम तुम्हारी वाइफ को देना मैं इतना महंगा गिफ्ट नहीं ले सकती है तो शिवम बोला कि मनीषा मैं तेरे लिए लेकर आया हूं तू इसे रख ले। फिर उसने निकलने से पहले मुझे पड़ा और जबरदस्ती मेरे गालों पर दो-तीन किस कर दिए पहले तो मैं दूर हटाने की कोशिश की लेकिन फिर मुझे भी अच्छा लगा। उसके बाद वह रोज शाम को मुझे घर छोड़ना और शाम को निकालने से पहले मुझे किस करता था। दो-तीन दिन बाद संडे था और शिवम बोला कि मनीषा तुम कल फ्री हो तो हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा कि नहीं शिवम कल मेरे हस्बैंड की छुट्टी है वह भी घर पर रहेंगे मैं नहीं चल पाऊंगी शिवम बोला ठीक है। उसके बाद सोमवार को शिवम सुबह मुझे लेने आया और बोला कि मनीष आज तुम अगर चलो तो हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा फिर कोचिंग तो बोला कि आज वैसे भी कुछ खास नहीं है हम कहीं घूमने चलते हैं मैंने कहा ठीक है फिर मैं मेरे हस्बैंड को फोन किया और बोला कि आज कोचिंग में कुछ खास नहीं है तो मैं घूमने चली जाऊंगी हस्बैंड बोल ठीक है तुम चली जाओ। मैं और शिवम पहले मूवी देखने चले गए जब हम मूवी देख रहे थे तब शिवम मेरा हाथ पकड़ कर बैठा था और रह रह कर दबा रहा था। मूवी देखने के बाद हम लोग एक रेस्टोरेंट में चले गए और वहां पर खाना खाने के बाद हम लोग पार्क में गए वहां पर बैठ गए, पार्क में शिवम ने अपना हाथ मेरी कमर पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच लिया मैंने छुड़ाने की कोशिश की लेकिन वह बोला कि रहने दो ना मनीषा और कुछ देर बाद वहां से हम लोग निकल गए। उस दिन वह कुछ ज्यादा ही क्लोज हो रहा था। वहां से हम लोग घर आ गए मैं किचन में चाय बनाने लगी शिवम वहीं पर आ गया और उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया मैं बोली छोड़ो शिवम मुझे अच्छा नहीं लग रहा तो शिवम बोला कि मुझे तुम्हें कुछ गिफ्ट देना है मैं बोली पिछले सप्ताह ही तो तूने दिया था अब किस लिए तो शिवम बोला कि आज तुम मेरे साथ घूमने चली थी इसलिए मैं तुम्हें गिफ्ट देना चाहता हूं मैं बोली तुम तुम्हारी वाइफ को गिफ्ट दो तुम्हारी सगाई हो चुकी है तुम्हारी लाइफ अच्छी रहेगी तो शिवम बोल की वाइफ को तो देता ही हूं तुम भी तो मेरी फ्रेंड हो। फिर उसने एक और महंगा गिफ्ट अपने बैग में से निकाला और मुझे दिया। मैं देख कर हैरान रह गई कोई लड़का 10 दिन के अंदर ही दो बार इतने महंगे महंगे गिफ्ट कैसे दे सकता है। मैं इसका मतलब तो समझ ही रही थी। मैंने वहीं पर गिफ्ट रख दिया और चाय कप में डाल रही थी तभी शिवम ने वापस मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे कंधे पर किस करने लगा मैं बोली छोड़ो शिवम चाय गिर जाएगी तब शिवम ने मुझे छोड़ दिया और फिर मैं और शिवम वापस सोफे पर बैठ गए और चाय पीने लगे। चाय पीने के बाद शिवम मेरे पास आ गया और उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और उसने मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिए। वह मुझे किस करने लगा। पहले तो मैं दूर हटाने की कोशिश की लेकिन उसने थोड़ा जबरदस्ती से किस करना शुरू कर दिया फिर मुझे भी अच्छा लगने लगा। वह दो-तीन मिनट तक मेरे होठों पर किस करता रहा। फिर हम दोनों अलग हो गए फिर और उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे भी उठा लिया फिर उसने मुझे गले से लगा लिया और मेरे कंधे और मेरी गर्दन पर किस करने लगा किस करते हुए वह मेरी बड़ी बड़ी गांड को दबा रहा था। तीन-चार मिनट तक वह ऐसा करता रहा फिर बोला कि मनीषा बेडरूम में चलते हैं फिर मैं उसके साथ बेडरूम में आ गई। बेडरूम में आते ही वह मेरे ऊपर टूट पड़ा उसने मुझे पलंग पर सुला दिया और किस करने लगा थोड़ी देर बाद हो मेरी जींस खोलने लगा तो मैंने कहा आज नहीं शिवम कल करते हैं उसने कहा ठीक है मनीषा हम कल करेंगे। चला गया उस दिन मेरी चुत पानी छोड़ चुकी थी। रात में हस्बैंड ने मुझे पूरा नंगा करके मेरी मसाज की और फिर चुदाई की। अगले दिन सुबह में उठी और हस्बैंड के ऑफिस जाने के बाद मैं मेरी पूरी बॉडी की वैक्सिंग की और तैयार हो गई। मैं लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था। मेरे बाल खुले थे। 12.30 बजे शिवम का कॉल आया कि मनीषा में बाहर खड़ा हूं फिर मैं गेट खोल वह अंदर आ गया। अंदर आते ही उसने मुझे गले लगाया और मेरे होठों पर किस कर दिया। फिर उसने मुझे बुके दिया, फिर हम लोग सोफे पर बैठकर बातचीत करने लगे। फिर मैं किचन में गई और काफी बनाकर लाई। शिवम ने वापस एक गिफ्ट मुझे दिया मैंने बोला कल ही तो महंगा गिफ्ट दिया है वह बोल कोई नहीं आज स्पेशल दिन है तो मैंने गिफ्ट खोल बहुत महंगा था। नमन में सोच रही थी कि कोई आदमी सेक्स के लिए गोल्ड के इतने महंगे गिफ्ट भी दे सकता है। फिर मैंने गिफ्ट रख दिया और हम लोग बैठ कर बातें करने लगे फिर शिवम ने मुझे अपने पास खींच लिया और मेरे होठों पर किस करने लगा। 2-3 मिनट तक मुझे लिप किस करता रहा। फिर वह उठा और उसने मुझे भी खड़ा कर लिया अब मुझे गले लगा कर मेरी गर्दन और मेरे कंधों पर किस कर रहा था और मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को दबा रहा था। 5 6 मिनट तक इस तरह करने के बाद शिवम बोला कि मनीषा बेडरूम में चलते हैं मैंने कहा ठीक है फिर मैं और शिवम बेडरूम में चले गए। मुझे मन में डर लग रहा था कि कहीं हस्बैंड आ गए तो प्रॉब्लम हो जाएगी तो मैं मेरे हस्बैंड को फोन किया और पूछा कि क्या कर रहे हो तो हस्बैंड बोल की कुछ नहीं ऑफिस का काम कर रहा हूं तो मैंने कहा कि घर कब तक आओगे तो हस्बैंड बोला कि वही रोज के टाइम पर 7:30 बजे तक। तो मैं ऐसे ही कहा कि ऑफिस से निकले तब मुझे फोन करना मैं सिटी के मार्केट में ही अपनी फ्रेंड के साथ शॉपिंग करने आई हूं मुझे साथ लेकर घर चलना हस्बैंड बोले ठीक है। फिर मुझे थोड़ा विश्वास हो गया कि आज शाम को 7:30 बजे तक कोई नहीं आएगा। मेरा थोड़ा डर भी दूर हो गया। अब मैं वापस बाहर गई और हमारे घर के सारे दरवाजे चेक किया कि कहीं खुला तो नहीं रह गया है फिर मैं पर्दे वगैरा लगाएं और बेडरूम में आ गई मैं जैसे ही अंदर आई शिवम ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे होठों पर हाथ रखकर मुझे लिप किस करने लगा। वह मुझे लिप किस करते हुए मेरे चूतड़ों को दबा रहा था। तीन-चार मिनट तक हुआ ऐसा करता रहा फिर उसने अपनी शर्ट और जींस उतार दी। अब वो मेरे सामने अंडरवियर में खड़ा था। अब मेरे पीछे आ गया और मेरे कंधे पर किस करते हुए मेरे बूब्स दबाने लगा वह अपने दोनों हाथों में मेरे दोनों बूब्स को पकड़ कर दबा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं गर्म हो गई थी। फिर शिवम में मेरा टॉप और मेरी लॉन्ग स्कर्ट उतार दी। मैंने लाल कलर की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी मेरे गोरे चिकने बदन पर लाल कलर की ब्रा पैंटी बहुत सेक्सी लग रही थी शिवम ने मुझे इस तरह देखा तो बोला कि मनीषा तुम बहुत ज्यादा होता और सेक्सी लग रही हो जानू। फिर वह मेरे पास आया और मुझे वापस गले लगा कर किस करने लगा वह मेरी पीठ पर हाथ पैर रहा था मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को दबा रहा था। फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी और खुद पलंग पर बैठ गया मैं उसके सामने खड़ी थी और वह मेरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। वह दोनों हाथों से मेरे बूब्स को सहलाते हुए अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। वह मेरे बड़े-बड़े निप्पल को अपनी जीभ से सला रहा था इस कारण मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी। वह भारी-बड़ी से मेरे दोनों बूब्स अपने मुंह में भरकर चूस रहा था। मैं उसका सिर अपने बूब्स पैर दबा रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर वह उठा और उसने अपनी बनियान और अपना अंडरवियर उतार दिया। मैं उसके 8 इंच लंबे और 2.5 इंच चौड़ाई की नाप के लंड को देखकर चौंक गई। मैंने आज से पहले इतना बड़ा लंड सिर्फ पॉर्न मूवी में ही देखा था। शिवम ने मेरी पेंटिं भी उतार दी और मुझे पुरा नंगा कर दिया। वापस उसने मुझे अपने करीब खींच लिया और मुझे लिप किस करने लगा वह मेरी चुत पर हाथ फेर रहा था। फिर उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया और मेरी दोनों टांगों को चौड़ा कर दिया अब वह मेरी चुत को अपनी जीभ से सहलाने लगा। एक दो मिनट के बाद वह अपना पूरा मुंह मेरी चुत पर लगाकर मेरी चुत को चाटने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था मेरी चुत एक बार पानी छोड़ चुकी थी शिवम ने मेरी चुत का सारा रस पी लिया। वह अपनी जीभ मेरी चुत के अंदर तक डालकर घूमा रहा था मुझे तब बहुत ज्यादा मजा आने लगा था वह मेरी चूत चाटते हुए मेरे दोनों बड़े-बड़े बूब्स को भी दबा रहा था वह करीब 10 मिनट तक मेरी चूत चाटता रहा इस दौरान एक बार और मेरी चूत गीली हो गई शिवम ने मेरी चूत का सारा पानी पी लिया फिर वह खड़ा हुआ और मुझे भी बैठा दिया और वह अपना 8 इंच लंबा और ढाई इंच चौड़ा लंड मेरे मुंह में डालने लगा मैं बहुत गर्म हो गई थी तो मैं उसके लंड को अपने हाथों से सहलाया और अपने मुंह में लेकर चूसने लगी मैं उसके लंड के टॉपे पर अपनी जीभ फेर रही थी उसका लंड बहुत लंबा था और मोटा भी मेरा पूरा मुंह भर गया था। मैं 5 मिनट तक उसका लंड चूसती रही। फिर शिवम पलंग पर लेट गया और मुझे बोला कि मनीषा तुम मेरे मुंह पर अपनी चूत रखो हम 69 की पोजीशन में एंजॉय करेंगे फिर मैं शिवम के मुंह पर अपनी चूत रखकर बैठ गई अब हम 69 की पोजीशन में थे शिवम मेरी चूत के अंदर तक जीभ डालकर चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी। 10 मिनट तक हम लोग 69 की पोजीशन में मजे लेते रहे। फिर मैं उठी और शिवम के पास लेट गई शिवम अब मेरे ऊपर आ गया उसने मेरी दोनों टांगों को चौड़ा किया और खुद मेरे चूत पर अपना लंड घूमाने लगा। वह दो-तीन मिनट तक ऐसा करता रहा मैं बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी तो मैंने कहा शिवम अब अंदर भी तो डाल दो वह बोला अभी करता हूं मनीषा रानी। फिर शिवम ने अपने लंड पर कंडोम लगाया और मेरी गली चूत में लंड डालने लगा उसका लंड एक दो इंच अंदर गया होगा कि मुझे दर्द होने लगा मैंने कहा शिवम बाहर निकलो मुझे दर्द हो रहा है वह बोल बस थोड़ा सा रुक जाओ मनीष सेट हो जाएगा फिर उसने करीब अपना आधा लंड मेरी चूत में डाल दिया मुझे बहुत तेज दर्द हुआ मैंने कहा शिवम बाहर निकालो तो शिवम ने वापस अपना लंड बाहर निकाल फिर थोड़ी देर रुक कर शिवम ने वापस अपने कंडोम पर और क्रीम लगाई उसने मेरी चूत पर भी क्रीम लगाई और अंदर डालने लगा अब उसने करीब अपना आधा लंड अंदर डाला होगा मुझे दर्द हो रहा था मैं बोली शिवम रुको वह थोड़ी देर रुका फिर उसने एक झटका मारा और अपना पूरा 8 इंच का लंड मेरी चूत में डाल दिया मुझे तेज दर्द हो रहा था मैं बोली शिवम बाहर निकाल दो फिर वह मेरे ऊपर आ गया और रुक कर मुझे होठों पर किस करने लगा उसने मुझे लिप किस करना शुरू किया और अपना लंड अंदर बाहर करने लगा मुझे तेज दर्द हो रहा था लेकिन एक-दो मिनट के बाद मेरा दर्द खत्म हो गया अब मुझे मजा आने लगा। अब शिवम ने मुझे कसकर पकड़ लिया और मिशनरी पोजीशन में मेरी चुदाई करने लगा मैंने आज तक इतना बड़ा लंड सिर्फ पॉर्न मूवीज में देखा था इसलिए मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं बहुत एंजॉय कर रही थी। शिवम चुदाई करते हुए मेरे बूब्बस मेरे होंठों और मेरे कंधों पर किस भी कर रहा था। वह 7- 8 मिनट तक मिशनरी पोजीशन में चुदाई करता रहा। मैंने शिवम से पूछा कि तुम्हारा स्टैमिना बहुत अच्छा है शिवम तो वह बोला कि मनीषा रानी आज मैंने सेक्स टेबलेट भी ली हुई है। फिर शिवम ने मुझे खड़ा कर दिया और मेरी एक टांग पलंग पर रखती और अब शिवम आगे से मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे चोदने लगा। वह आगे से मेरी चूत में अपना लंड डाल रहा था और अपने दोनों हाथों से मेरे बड़े-बड़े चूतड़ों को मसल रहा था। तीन-चार मिनट तक लगातार तेज स्पीड से मेरी चुदाई करता रहा फिर वह बोला कि मनीषा मेरा स्पर्म निकलने वाला है और मैं चाहता हूं कि तुम इसे अपने मुंह में लो मैं बोली शिवम मुझे अच्छा नहीं लगता है मैं आज तक कभी किसी का स्पर्म अपने मुंह में नहीं लिया है तो वह बोला कि प्लीज मनीषा मना मत करो उसने ज्यादा रिक्वेस्ट की तो मैंने कहा ठीक है मैं मुंह में नहीं लूंगी तुम मेरे मुंह पर गिरा देना। फिर शिवम ने अपने लंड से कंडोम हटा लिया और मुझे बोला कि तू मुंह में लेकर आगे पीछे हो। ‌ मैंने उसका लंड मुंह में लिया अब शिवम मेरे सर को पकड़ कर अपना लंड अंदर बाहर करने लगा एक डेढ़ मिनट के बाद उसने अपना लंड मेरे मुंह से निकाला और बोला कि मनीषा अब निकल रहा है मैंने मेरी दोनों आंखें बंद कर ली फिर शिवम ने अपना पूरा स्पर्म मेरे चेहरे पर गिरा दिया उसका आधा कप की जितना स्पर्म मेरे चेहरे पर गिर गया फिर हमें बोली कि शिवम मुझे टॉवल दो तो शिवम ने मुझे टॉवल दिया मैंने उसका स्पर्म साफ किया। फिर मैं बोली कि शिवम मुझे फेस साफ करके आना पड़ेगा फिर मैं मेक्सी पहनी और बाथरूम में मुंह धोने चली गई। मैं बाथरुम से अपना मुंह धो कर वापस आई। शिवम बेडरूम में नंगा ही पलंग पर लेटा हुआ था मैं उसके पास आकर बैठ गई और उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होठों पर किस करने लगा। शिवम लगातार मेरे साथ रोमांस कर रहा था इसका लैंड भी टाइट था मैं शिवम से बोला कि शिवम कुछ खाओगे तो शिवम बोला कि तुम दूध लेकर आ जाओ फिर मैं किचन में गई और हल्का दूध गर्म करके लेकर आई शिवम नंगा ही किचन में आ गया और वह फ्रिज से केले निकाल कर खाने लगा उसने चार-पांच केले खाए मैं भी दो-तीन केले खा फिर शिवम ने एक ग्लास दूध पिया मैं भी दूध पिया। फिर शिवम ने मेरी मैक्सी उतार दी। उसने मुझे घोड़ी बनाया और खुद फर्श पर नीचे बैठकर मेरी चूत चाटने लगा वह 5 मिनट तक मेरी चूत चाटता रहा फिर खुद पलंग पर बैठ गया और मुझे बोला मनीषा रानी मेरा लंड चूस तो मैं भी फर्श पर बैठकर शिवम का लंड अपने मुंह में लेकर चूसने और चाटने लगी। फिर शिवम ने मुझे पलंग पर डॉगी स्टाइल में किया और खुद फर्श पर खड़ा हो गया उसने अपने लैंड पर कंडोम लगाया और क्रीम लेकर अपनी उंगलियों से मेरी चूत के अंदर तक गहरी क्रीम लगाने के बाद उसने कंडोम पर भी क्रीम लगाई और अब वह डॉगी स्टाइल में अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा उसका लंड बड़ा था तो मुझे कुछ दिक्कत हो रही थी उसने धीरे-धीरे दो-तीन मिनट में अपना लंड अंदर बाहर करते हुए पूरा अंदर डाल दिया। कंडोम हटाकर उसे बाथरूम के बाहर वाले डस्टबिन में डालकर आ गया। फिर मैं भी पैंटी पहन ली और चाय कप में डाली और लेकर चली गई फिर मैं और शिवम ने एक साथ चाय पी और शिवम वहां से निकल गया तब तक 6:30 बज गए थे। शिवम के निकलने के बाद मैंने मेरे हस्बैंड को फोन किया और बोला कि आप सीधे घर आ जाना मैं जस्ट अभी घर पहुंच गई हूं वह बोले की शॉपिंग जल्दी खत्म हो गई तो मैंने कहा कि हां हमने सोचा कुछ सामान अगली बार ले लेंगे। फिर बेडरूम में जाकर लेट गई रात को 8:00 बजे के आसपास हस्बैंड आए और जैसा कि उनका रोज का रूटीन है वह मेरे से बोला कि मनीषा चलो मैं तुम्हारी मसाज कर देता हूं तुम्हें बोली कि नहीं आज मत करो आज थकान बहुत ज्यादा है आप कल कर लेना तो हस्बैंड बोल की क्या फर्क पड़ता है मसाज से तुम्हारी थकान उतर जाएगी तो मैंने कहा कि नहीं आज मेरा मन नहीं है तो हस्बैंड बोले ठीक है। मुझे डर लग रहा था कि कहीं हस्बैंड ने मुझे नंगा करके मसाज की तो मेरे चूतड़ों पर पड़े निशान और मेरी चूत की हालत देखकर समझ जाएंगे कि मैं किसी दूसरे से चुदवाया है। anubabita1@hotmail.com
मार्च 21, 2025 by अमन यादव यह गन्दी कहानी मेरे द्वारा एक भाभी के साथ किये डर्टी सेक्स की है. उसे भी गंदी चुदाई पसंद थी. पढ़ कर मजा लें कि वोदिल्ली की भाभी और आंटी की गंदी चुदाईमुझे कैसे मिली और मैंने कैसे उस भाभी को चोदा गंदे तरीके से! दोस्तो, कैसे हो सभी लोग … उम्मीद करता हूं आप सब लोग अच्छे होंगे. मेरी पिछली गंदी सेक्स कहानी आंटी की गांड चाटी और चुदाई की आपको पसंद आई. धन्यवाद. दोस्तो, मैं एक अतरंगी क्सक्सक्स कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो मेरे जीवन में दूसरी बार घटी है. ये बात पिछले साल में उन दिनों की है, जब मैं अपने घर से सर्दियों की छुट्टियों में घूमने के लिए अपने मामा जी के यहां दिल्ली गया हुआ था. उस वक्त ठंड काफी पड़ रही थी. जब मैं दिल्ली जाने के लिए घर से स्टेशन पहुंचा तो मुझे स्टेशन पर एक आदमी मिला. हम दोनों आपस में बात करने लगे. वह मुझसे पूछने लगा कि आप कहां जा रहे हो? मैंने उसे बताया कि मैं अपने मामा के यहां दिल्ली जा रहा हूं. मैंने भी उससे पूछा कि आप कहां जा रहे हो? तो उसने भी बताया कि वो भी दिल्ली जा रहा है. उसका घर वहीं था. मैंने कहा- मैं पहली बार दिल्ली जा रहा हूं. वो हंस दिया. ट्रेन लेट हो गई थी, जब हम लोग दिल्ली स्टेशन पहुंचे. सर्दियों में ठंड तो पड़ ही रही थी और अचानक से बारिश भी होने लगी. उस वजह से ठंड काफी बढ़ गई. अब तक अन्धेरा भी बहुत हो चुका था. लगभग रात के 11:30 या 12:00 बज चुके होंगे. उसने बोला- भाई तुम पहली बार दिल्ली आए हो, बहुत से ऐसे इलाके हैं, जहां इतनी रात में जाना ठीक नहीं है. यदि तुम चाहो तो मेरे घर चल सकते हो. पहले तो मैंने मना किया, लेकिन फिर उसने बोला कि भाई चलो कोई दिक्कत नहीं है … आप सुबह निकल जाना. मैंने कहा- ठीक है. मैं उसके घर आ गया. उसके पर एक भाभी थी वो बड़ी सुंदर लग रही थी. मेरा उस पर मन आ गया. वो बहुत गोरी लगभग 32 साल की कामुक सेक्सी भाभी थी. मैंने बोला- नमस्ते भाभी जी. उसने भी मेरी नमस्ते का जबाव दिया. मैं सोफे पर बैठ गया. उसके बाद उन्होंने खाने का इंतजाम किया कुछ देर बाद हम लोग थोड़ी बातचीत के साथ खाना खाने लगे. काफी रात हो गई थी, तो उसने सोने की कहा. मुझे एक बिस्तर पर सोने के लिए कह कर वो भो दूसरे पलंग पर लेट गया. मैं गहरी नींद में सो गया. सुबह जब मेरी आंख खुली तो 9:00 बज चुके थे. जो आदमी मुझे मिला था, वह अपने ऑफिस जा चुका था. मैंने उस भाभी से पूछा- भैया कहां गए? तो उसने बताया कि वे तो ऑफिस चले गए हैं. मैंने पूछा- क्या आप बता सकती हैं मुझे कि इस एड्रेस पर कैसे पहुंचा जा सकता है? फिर मुझे उसने मेरे को बताया कि यह पता तो काफी दूर है … उधर पहुंचने में आपको काफी समय लग जाएगा. आप तब तक आराम कर लो, मैं खाना वगैरह बनाती हूं. उसके बाद आप चले जाना. ये कह कर वो एक हल्की सी मुस्कान देकर चली गई. मुझे लगा शायद यह मेरी कोई गलतफमी न हो. लेकिन वो बहुत अच्छी लग रही थी. मैं उससे बातें करने लगा. बातों ही बातों में हमें काफी देर हो चुकी थी. कोई आधा घंटा हो गया था. अब हम दोनों आपस में काफी खुल चुके थे. वो मुझे आप न कह कर तुम कहने लगी थी. भाभी ने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? मैंने कहा- हां मगर यहां नहीं है. उसका मेरे घर के पास में घर है. मैंने भाभी को तफसील से बताया कि बगल में पड़ोस वाली लड़की के साथ मेरा काफी दिनों से रिलेशनशिप था, लेकिन अब नहीं था. भाभी ने हंस कर बोला- बहुत याद आती होगी उसकी! मैंने कहा- भाभी हां याद तो आती है. भाभी बोली- तुमने उसके साथ कुछ किया नहीं? मैंने कहा- कुछ किया नहीं का क्या मतलब है? तो उसने कहा- बनो मत … तुम सब जानते हो कि मैं क्या पूछ रही हूँ. मैंने कहा- अच्छा सेक्स वगैरह! भाभी बोली- हां … तो मैंने कहा- हां भाभी एक बार किया था … लेकिन मुझे थोड़ा गंदा सेक्स पसंद है … इसलिए उसने मुझे आगे पसंद करना बंद कर दिया भाभी- रियली … सच बताओ. मैं कहा- हां सच कह रहा हूँ. भाभी एकदम मुस्कुरा कर बोली- आप गंदे सेक्स के बारे में खुल कर बताओ कि आप उसमें क्या क्या कर लेते हो? मैंने भाभी से कहा- भाभी पहली बात तो ये कि मुझे 30 से 40 की उम्र की औरतें चोदना बहुत पसंद हैं. उन्होंने कहा- बस चुदाई कह कर बात खत्म न करो … पूरी बात बताओ कि चुदाई में क्या क्या कर लेते हो? अब बातें खुल कर होने लगी थीं. मैंने कहा- भाभी आप कहो तो मैं आपको चोद कर सब बता देता हूं. भाभी बोली- वो मौका तब ही मिल सकता है, जब मुझे समझ आ जाएगा कि तुम चुदाई में क्या क्या करते हो? मैंने उसे बताया कि मुझे औरतों की गांड सूंघने और चाटने में बहुत मजा आता है और गांड के छेद में लंबी जीभ डालने में बहुत अच्छा लगता है. मैं आधे घंटे तक औरतों की गांड चाट लेता हूं … और फिर उसके बाद मैं काफी देर तक चुत भी चाटता हूं उसने कहा- बस इतना ही! मैंने कहा- नहीं भाभी … फिर मैं औरतों की पूरी शरीर पर मलाई लगाकर अपनी जीभ से चाटता हूं और मैं औरतों की बगलें भी चाटता हूं, सूंघता हूं. कुत्तों की तरह गुलाम बनकर औरतों के पैरों को भी अच्छे से चाटता हूं. मुझे यह सब बहुत पसंद है. औरतों का रस पीना तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज है. भाभी चुदासे स्वर में बोली- उसके बाद! मैं- मेरा लंड का साइज 8 इंच से थोड़ा ज्यादा बड़ा है … ये काफी मोटा भी है. चटाई के बाद मैं एक घंटे तक चुदाई के काम में समय लगाता हूं. भाभी इतना ही सुनते ही और मुझसे बोली- क्या तुम मेरे साथ यह सब कर सकते हो? मैंने कहा- तुम्हारे साथ क्या … मैं तो किसी के साथ भी कर लूंगा. तुम्हारे जैसा शरीर चोदने को मिले, तो मैं गांड में लंड डाल कर चुदाई शुरू कर दूंगा. भाभी ने मुझे एक प्यार से थप्पड़ मारा और कहा- तुझे ज्यादा शौक है ना गंदा सेक्स करने का … और कुत्ता बनने का … आज मेरे हस्बैंड भी घर पर नहीं है … चल आज मैं तुझे असली मजा दूंगी, जैसा तू चाहता है. मैंने कहा- ठीक है तुम मुझे अपने कमरे में ले चलो … फिर बताता हूँ. वो मुझे कमरे में ले गई. उसने अपनी साड़ी पेटीकोट उतार दी और अपनी पेंटी उतार कर मेरे मुँह में ठूंस दी. भाभी बोली- पहले इसे खा साले. मैंने उसकी पेंटी चाट कर साफ कर दी. उसने बोला- आज मैं तुझे अपनी चुत पर कुदवाऊंगी साले … पूरा जी भर कर चुदाई करवाऊंगी. अभी तो तू चाट. मैं उस पर टूट पड़ा. दोस्तो, मैंने भाभी की चुत चूसना शुरू कर दिया और काफी देर तक चुत चूसता रहा. वो झड़ गई और उसने कहा- अब हट कुत्ते. मैं हट गया. और फिर उसने मेरे मुँह में ढेर सारा थूक डाला और कहा- पी जा. मैं उसके थूक को पी गया. फिर भाभी ने कहा- चल … नीचे लेट जा मैं बिस्तर पर लेट गया. वो मेर लंड पर बैठ गई और चुदाई चालू हो गई. करीब आधा घंटा तक चुदाई हुई. फिर उसके बाद मैंने भाभी से कहा- भाभी और अब क्या करवाओगी? उसने कहा- मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी … वह तू पूरी कर दे. मैंने कहा- क्या? उन्होंने कहा- तुझे मेरी गांड के छेद में पूरी जीभ एक बार में डलवानी है. मैंने कहा- ठीक है. उसने बोला- सुन ले. … अगर पूरी अन्दर नहीं गई ना … तो मैं तुझे बहुत मारूंगी. मैंने कहा- भाभी आप चिंता मत करो, मुझे बहुत एक्सपीरियंस है. उसने कहा- ठीक है. वह कुतिया बनकर हो गई और उसने अपने हाथों से अपने चूतड़ों को फैलाया और कहा- चल शुरू हो जा कुत्ते. मैंने उसकी गांड में जीभ डालना चालू किया. उसके बाद अपनी जीभ से छेद को मस्ती से पेला और गांड को चाटने लग गया. काफी देर तक मैंने भाभी की गांड चाटी. उसने कहा- गुड … अब तू लेट जा … मैं तेरे मुँह पर बैठकर अपनी चुत चटवाने आऊंगी. मैं लेट गया. भाभी की चुत चाटना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. भाभी मस्ती से आंह उन्ह … कर रही थी. मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था. उसने कहा- अब तू अपना लंड पेल दे. मैंने भाभी को अपना लंड दिखाया, भाभी देख कर डर गईं और बोलीं- बाप रे इतना बड़ा कैसे हो गया. मैंने कहा- भाभी ये एक बार की चुदाई के बाद डेढ़ इंच बढ़ जाता है. फिर हैरत से देखने लगी. भाभी मेरे डंडे को मुँह में लेकर चूसने लगीं. उसने कुछ देर तक लंड चूसा. मेरा माल उसके मुँह में निकल गया. उसने मेरी रबड़ी खाते हुए कहा- बहुत अच्छा लगा … अब तू मुझे चोद दे. मैंने कहा- भाभी एक बार और कुछ पिला सकती हो? उसने कहा- क्या … मेरा मूत पीना चाहता है. मैंने कहा- नहीं भाभी ऐसी बात नहीं है. उसने जिद पकड़ते हुए कहा- नहीं, अब तो तुझे मेरा मूत पीना ही पड़ेगा. मैंने कहा- ठीक है. उसने मुझे एक झटका मारते हुए नीचे गिरा दिया और मेरे ऊपर जैसे बाथरूम के कमोड पर बैठते हैं, वैसे बैठ गई. वो बोली- कुत्ते सारा मूत पीना है … एक बूंद भी खराब नहीं करनी है. मैंने हां किया तो उसने मूतना चालू कर दिया. मैं उसका पूरा पेशाब पी गया. उसके बाद उसने कहा- अब तुम मुझे जल्दी से चोदकर ठंडा कर दो … मैं बहुत प्यासी हूं. मैंने कहा- भाभी तुम कुतिया बन जाओ. उसने अपने हाथों से अपनी गांड फैलाई और मैंने 2 मिनट उसकी गांड चाटी. इसके बाद मैंने अपने लंड पर सरसों का तेल लगाया … और लंड को चुत पर टिका कर झटका मार दिया. मेरा आधा लंड अन्दर घुस गया. भाभी चीख उठी. उसने कहा- आंह कुत्ते पूरा डाल न … एक झटके में. मैं एक तगड़ा झटका मारा और मेरा पूरा लंड गांड में घुस गया. भाभी दर्द से चिल्लाने लगी. मैंने उसका मुँह दबा दिया और काफी देर तक भाभी की गांड मारता रहा. भाभी गांड में लंड का मजा लेने लगी. वो बोली- धीमे धीमे गांड मार. मैंने कहा- भाभी धीमे से कुछ नहीं होता … तेज झटके मारने दो. उसने हां कर दी. मैं काफी देर तक तेज गति से धक्के लगाता रहा और एक घंटे बाद झड़ गया. भाभी ने हांफते हुए कहा- बहुत अच्छा लगा मुझे. मैंने जाने का फैसला किया. तो भाभी बोली- मैं तुम्हें इसी समय बुला लिया करूंगी, जब घर पर कोई नहीं हुआ करेगा. मैंने कहा- भाभी ठीक है. हम दोनों करीब तीन घंटे हो गए थे. भाभी ने मुझसे कहा- कुछ खा लो. फिर एक राउंड और हो जाए. मैं अभी और प्यासी हूं. मैंने कहा- ठीक है भाभी … एकाध दिन आपको पूरी रात चोद दूंगा … अगर घर में आपका कोई आए ना. उसने कहा- मेरे हस्बैंड रात को 10:00 बजे आते हैं … तुम 8:00 बजे तक चुदाई करो … उसके बाद चले जाना. मैंने कहा- ठीक है. हमने थोड़ी देर आराम किया और उसके बाद खाना खाया. तभी भाभी का फोन आ गया, पता नहीं किसका था. थोड़ी देर बाद फोन कट गया. भाभी ने बोला- तुम 8:00 बजे तक रुकोगे ना! मैंने कहा- हां भाभी. तो उसने कहा- एक बात बताऊं! मैंने कहा- हां बोलो. भाभी बोली- तुम्हें जितना गंदा सेक्स पसंद है, उससे कहीं ज्यादा एक मेरी फ्रेंड है … उसे पसंद है … तो उसे भी बुला लूं? मैंने कहा- ठीक है कोई बात नहीं … उसकी उम्र क्या है? उसने कहा- कोई 48 साल की है. मैंने कहा- भाभी तब तो मुझे बहुत मजा आएगा. उसने कहा- वह बहुत वैसी है … उसे बिल्कुल दया नहीं आती … वो खुद काफी देर तक चुदाई करवाती है. मैंने कहा- ठीक है भाभी … कोई बात नहीं तुम बुला लो … मैं उसे संतुष्ट कर दूंगा. उसने कहा- उसे तो शांत कर दोगे … साथ में मुझे भी करोगे न. हम दोनों को यह गंदा सेक्स पसंद है. दोनों की काफी देर तक चुदाई कर सकोगे? मैंने कहा- ठीक है … भाभी मैं तैयार हूं. उसने कहा- रुको … थोड़ी देर में उसे बुलाती हूं. उसने फोन किया और बोली- आ जा तू मेरे घर … वो लड़का यहीं है … वो तुझे संतुष्ट कर देगा. एक घंटे के बाद वो आंटी आ गई और मैं उसे देखकर भाभी को भूल गया. इतनी अच्छी लग रही थी, मुझे ऐसा लग रहा था कि बस अभी जाकर उसके जिस्म को चाटने में लग जाऊं. उसने भाभी से कहा- यही कुत्ता है तेरा? मैंने कहा- भाभी, तुमने इसे क्या बता दिया? उसने हंस कर बोला- यही कि तू मेरा कुत्ता है. आंटी ने कहा- चल शुरू करते हैं. भाभी ने कहा- चल मेरे कुत्ते … तू मेरे कपड़े उतार. मैंने कहा- ठीक है. मैं उसके कपड़े उतारने लगा और भाभी के शरीर से इतनी अच्छी खुशबू आ रही थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने उसकी बगल में अपना मुँह डाल दिया और बगलें चाटने लगा. उसने कहा- अरे यह बहुत अनुभवी कुत्ता लगता है … इसे मुझे दे दो … मैं परमानेंटली अपने घर पर रख लूंगी. इसके बाद भाभी ने कहा- पहले देख तो ले … आज ये क्या क्या करता है. मैंने उन दोनों के साथ गंदा सेक्स करना शुरू कर दिया. मैं दोनों भाभियों की गांड चाटने लगा, चुत चूसने लगा. इस तरह से मैंने उन्हें काफी देर तक चूसा और गांड की चटाई की. आंटी ने कहा- अब अपना लंड तो दिखा कितना बड़ा है? मैंने अपना लंड दिखाया, तो वो लंड देखकर घबरा गई. उसने बोला- तेरा लंड बहुत बड़ा है. उसके बाद उसने चुदाई के लिए कहा, तो मैंने उसे कुतिया बनने को कहा. मैंने लंड पर तेल लगाया और सीधा गांड में लंड डाल दिया. काफी देर तक मैं उसकी चुदाई करता रहा. एक घंटे बाद मैं झड़ पाया. आंटी को बहुत मजा आया. मैं 8:00 बजे निकल गया और मैं अपने मामा के घर आ गया. इस तरह से दोस्तो, मैंने आंटी की और भाभी की चुदाई की. मैं जल्दी ही अगली गन्दी कहानी लेकर आऊंगा. आप लोग मुझे मेल करके या हैंग आउट पर लिख कर जरूर बताएं कि मेरी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी कहानी
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दोस्तो, मेरा नाम रणवीर है, मैं Antarvasna Stories अबोहर(पंजाब) शहर का निवासी हूँ। मैं आज पहली बार अपनी सच्ची कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ। यह कहानी मेरी गर्लफ्रेंड दीपिका और मेरी है। आपका समय बर्बाद न करते हुए मैं कहानी शुरू करता हूँ।

मैं और मेरी गर्लफ्रेंड दीपिका एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। हमारी फ्रेंडशिप फ़ोन के जरिये हुई थी। एक महीने तक हमने एक दूसरे को देखे बिना केवल फ़ोन पर ही बात की। आखिर एक दिन हमारे मिलने का समय आ गया, मैंने उसे एक होटल में बुलाया।

वो देखने में इतनी सुन्दर नहीं थी। उसका रंग सांवला था लेकिन उसका फिगर “32-24-36” था। क्या मस्त लग रही थी वो ! उसके स्तन बड़े मस्त लग रहे थे। होटल में हम कुछ देर बैठे और मैंने उसे पहली बार चूम लिया, मैं 15 मिनट तक चूमता रहा और उसके वक्ष भी दबाता रहा। पहली बार मिलने पर तो सिर्फ उसने चूमने ही दिया लेकिन सेक्स के मामले में वो पूरी कठोर थी। कहती थी कि सेक्स तो हम शादी के बाद ही करेंगे !

फिर वो मेरे साथ ही पढ़ने लगी। हम इकट्ठे पढ़ाई के लिए जाने लगे। धीरे-धीरे मेरा उसके घर आना-जाना हो गया। उसके घर में केवल उसकी माँ रहती थी, उसके बाप का देहांत हो चुका था। उसके घर पर मैंने उसे बहुत बार चूमा, थोड़े दिनों के बाद मैं उसके स्तनों पर भी रोज़ किस करने लगा। मैं ही उसे पढ़ाई के लिए उसके घर से लेकर जाता और छोड़ने भी मैं आता। इसलिए मुझे मौका मिल जाता उसे किस करने का।

फिर एक दिन दोपहर का वक़्त था उसने मुझे फ़ोन किया कि रणवीर, मेरे घर पर कोई नहीं है, तुम पढ़ाई करने के बहाने मेरे घर आ जाओ।

मैं कुछ किताबें लेकर उसके घर पहुँच गया ताकि उसके आस-पड़ोस वालों को शक न हो। वो अपने कमरे मैं बैठी थी और उसने लोअर और टीशर्ट पहन रखी थी। बड़ी कयामत दिख रही थी वो ! फिर मैं उसके करीब गया और उसे चूमने लगा और तक़रीबन बीस मिनट तक मैंने उसे किस किया और उसकी चूचियाँ दबाता रहा। वो पूरी तरह गर्म हो गई थी और मुझसे पूरी तरह चिपक गई।

फिर मैंने मौका देखकर उसका लोअर नीचे कर दिया। उसने अन्दर कुछ नहीं पहन रखा था। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी। फिर अचानक उसने मुझे अपने से दूर कर दिया और थोड़ा सा नाराज़ हो गई और कहने लगी- शादी से पहले यह ठीक नहीं !

और मैं चला आया वहाँ से।

मैं हर वक़्त उसे चोदने के सपने देखने लगा लेकिन वो तो साली मान ही नहीं रही थी। हमारे परीक्षाएं शुरू होने वाली थी, हमारी दोस्ती को छः महीने से ऊपर हो चुके थे लेकिन मैं अभी तक पूरी तरह चूत भी नहीं देख पाया था। लेकिन वो कहते है ना कि सब्र का फल मीठा होता है।

एक रात के 11 बज रहे थे और हम फ़ोन पर बात कर रहे थे तो मैंने उसे बातों बातों में कहा- दीपिका, मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ !

और वो भी झट से मान गई और कहने लगी- कोई जगह है क्या ?

तो मैंने कहा- हाँ ! मेरे एक दोस्त का कमरा है, वहाँ चलेंगे !

तो उसने कहा- ठीक है ! कल मैं सुबह 11 बजे पढ़ाई के बहाने घर से निकलूंगी और मुझे बता देना कि कहाँ आना है ! लेकिन कंडोम जरुर लेते आना !

मैंने सोचा कि कहीं वो मजाक कर रही है और नहीं आएगी !

लेकिन अगले दिन 11 बजे उसका फ़ोन आया और वो बोली- रणवीर, मैं घर से चल रही हूँ ! बोलो, कहाँ आना है ?

तो उस वक़्त मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं क्योंकि इससे पहले मैंने कभी किसी को नहीं चोदा था।

वो सही 11-30 बजे मेरे बताये हुए दोस्त के घर पर पहुंच गई। मैं और दीपिका कमरे में चले गए।

सबसे पहले तो मैंने उसे किस किया, वो भी मेरा साथ देने लगी। फिर धीरे-धीरे मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए। अब वो मेरे सामने केवल ब्रा और पैंटी में खड़ी थी और थोड़ा शरमा भी रही थी। फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और केवल अण्डरवीयर में खड़ा था। फिर मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और उसके स्तन चूसने शुरू किये। वो धीरे-धीरे गरम हो रही थी। उसके बाद मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी। उसके बाद मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी, अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, कितनी मस्त चूत थी उसकी गुलाबी रंग की ! हाय !

फिर मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ लगाई तो उसने बड़ी जोर से सिसकारी भरी। मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से रगड़ता रहा। उसकी चूत ने जल्द ही पानी छोड़ दिया।फिर मैंने अपना फनफनाता हुआ लंड बाहर निकाला तो वो देखकर डर गई और बोली- इतना मोटा मेरी छोटी सी चूत में कैसे जायेगा ? यह तो मेरी चूत फाड़ देगा ! मुझे तो बहुत डर लग रहा है !

तो मैंने उसे कहा- जान, तुम फिकर क्यों करती हो ! मैं हूँ ना ! मैं बड़े आराम से डालूँगा !

फिर मैंने कंडोम लगाया और उसकी चूत पर प्यार से अपने लंड को रगड़ने लगा। उसने अपनी आँखें बंद कर ली, सिसकारियाँ भरने लगी और कहने लगी- अब नहीं रहा जाता ! चोद दो जल्दी से मुझे। मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में अपना लंड डालना शुरू किया। उसकी चूत की सील अभी टूटी नहीं थी इसलिये लंड अंदर घुस नहीं रहा था। फिर मैंने थोड़ा जोर लगाया और सुपारे को अन्दर करते ही उसने जोर से चीख मारी और कहने लगी- रणवीर, अपना लंड बाहर निकालो !बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने उसके होंठ चूसने शुरू किये और थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई। उसके बाद मैंने दुबारा जोर लगाया तो आधा लंड उसकी चूत में चला गया इस बार तो वो मुझे धकेलने लगी लेकिन मेरे होंठ उसके होंठों पर थे इसलिए वो चिल्ला नहीं पाई लेकिन वो मुझे धकेलने की नाकाम कोशिश करती रही।

उसके बाद उसके दोबारा शांत होने पर मैंने फिर जोर लगाया और इस बार पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। इस बार तो जैसे उसकी जान ही निकल गई हो और वो रोने लगी लेकिन मैंने उसे दिलासा देते हुए कहा- जान रोओ मत ! बस अब दर्द नहीं होगा।

मैं उसे किस करता रहा, थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई और मैं भी अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा। अब उसे भी अच्छा लगने लगा था लेकिन थोड़ा दर्द तो उसे अब भी हो रहा था। फिर मैंने अपने धक्कों की गति बढ़ा दी और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गई और उसने कस के मुझे पकड़ लिया। मैं भी उसके झड़ने के 5 मिनट बाद झड़ गया और तक़रीबन 15 मिनट हम एक दूसरे के ऊपर ऐसे ही लेटे रहे।

फिर उस दिन मैंने उसे तीन बार चोदा और फिर अंत में हमने एक दूसरे को चूमा और अपने घर आ गए।

उसके बाद मैंने उसे चार बार चोदा। फिर किसी कारण हमारी दोस्ती टूट गई। लेकिन आज भी जब वो मुझे कहीं देखती है तो मुझसे नज़रें नहीं मिला पाती। इसलिए दोस्तो मैं आपको एक हिदायत देता हूँ कि कभी किसी लड़की पर विश्वास मत करो। अगर हम उसे नहीं चोदेंगे तो वो हमें हमेशा धोखा ही देगी। इसलिए जब भी अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने का मौका मिले तो उसे गंवाना मत।

और पंजाबी में एक कहावत भी है “सप्प ते फुदी जिथे मिले, मार देओ !”

दोस्तो अन्तर्वासना में मेरी इस कहानी को पढ़ने के बाद मुझे मेल अवश्य करें। Antarvasna Stories

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