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मेरा नाम विकास है, Antarvasna Sex Stories प्यार से लोग मुझे वीरू बुलाते है।
पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ, मैं हरियाणा में रहता हूँ, यहाँ मेरा पूरा परिवार रहता है। मेरी लम्बाई सवा पांच फ़ुट है, भरा हुआ शरीर है, लंड की लम्बाई साढ़े पाँच इंच है और मोटाई 2.5 इंच है।
मैंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था जो आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी पहले सेक्स की कहानी है। उसके बाद मैंने कईयों बार सेक्स किया। सेक्स में मजा ही ऐसा होता है, जितना करो उतना और ज्यादा करने का मन करता है।
तो अब अपनी कहानी सुनाता हूँ!
बात दो साल पहले की है जब मैं 18 साल का था, अब 20 साल का हूँ। हमारे घर के आगे एक छोटा सा गार्डन है।
तो एक बार मैं घर पर अकेला था, ब्लू फिल्म देख रहा था। मैंने उस समय निक्कर पहन रखी थी। मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने निक्कर और अंडरवियर उतार दिया और मुट्ठ मारने लगा कि अचानक दरवाज़े पर घण्टी बज़ी।
मैं जल्दी-जल्दी में सिर्फ निक्कर ही पहन कर चला गया, दरवाजा खोला तो एक 20-21 साल की लड़की खड़ी थी, रंग एकदम गोरा, पतली कमर, लम्बे बाल, जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी, एकदम मॉडल लग रही थी।
वो एक सेल्स-गर्ल थी, लेडीज सामान बेच रही थी, ब्रा और पैंटी की नई कोलेक्शन। मेरा लंड पहले से ही आधा खड़ा था, उसे देख और भी खड़ा हो गया। उसे शायद मालूम हो चुका था कि मेरा लंड खडा है क्योंकि साफ़ दिख रहा था।
वो पहले बोली- क्या यहाँ कोई लेडीज है?
मैंने कहा- है तो सही पर अभी बाहर गई है, अभी 5 मिनट में आ रही है।
तो वो प्रतीक्षा करने लगी। उसे क्या मालूम कि घर शाम के पाँच बजे तक खाली है।
थोड़ी देर बाद वो बोली- एक ग्लास पानी मिलेगा?
मैंने कहा- जरूर मिलेगा!
मैं उसके लिए पानी लेने गया और सोचने लगा कि इसको कैसे फंसाया जाये?
मुझे एक तरकीब सूझी।
मैं जैसे ही उसके पास पानी लेकर पंहुचा, जानबूझ कर उसके कपड़ों पर पानी गिरा दिया। वो पूरी गीली हो गई। क्या मस्त चूची लग रही थी उसकी गीले टी-शर्ट में!
वो कहने लगी- मैं तो गीली हो गई!
तो मैंने कहा- कोई बात नहीं! मैं आपको दूसरे कपड़े दे देता हूँ!
मैंने उसे हाफ शर्ट और मिनी स्कर्ट दे दी। वो बाथरूम से पहन कर आ गई। क्या गोरी-गोरी जांघें थी उसकी! शर्ट में चूची तो उसकी पूरी कस ही गई थी। तब मेरा लण्ड और सख्त हो गया पर मैं चाहता था कि पहल वो करे।
मैंने उसे कहा- आप इन्तज़ार करो, मैं आपके लिए चाय बना कर लाता हूँ! तब तक आप टीवी देख लो!
मैं चला गया, उसने टीवी ऑन किया, उस पर ब्लू फिल्म अभी चल ही रही थी। वो मजे से वो सब देख रही थी, एकदम लाल हो गई थी वो! उसने अपना हाथ अपनी पैंटी में डाल दिया और मसलने लगी।
मैं ये सब देख रहा था। मैं चाय की जगह बियर ले आया। वो मेरे आने की आहट सुन कर सीधी बैठ गई और टीवी ऑफ कर दिया।
मैंने उसके सामने बियर रख दी। वो कहने लगी आप तो चाय लेने गए थे पर ये क्या ले आये?
मैंने कहा- जैसा माहौल है वैसी चीज भी तो होनी चाहिए!
वो हैरान होकर पूछने लगी- मतलब?
मैंने टीवी ऑन करके कहा- मतलब ये!
तो शरमाई और कहने लगी- ये तो पहले से ही चल रहा था! आप ही देख रहे थे जिसके कारण आपका वो खड़ा था!
मैंने उससे पूछा- वो क्या?
वो कहने लगी- आप बहुत बदतमीज है!
मैंने कहा- आप कैसी हो? आपको यह सब अच्छा नहीं लगा तो टीवी ऑफ कर देना था! आप तो उल्टा ही देख कर पैंटी में अपनी चूत सहला रही थी।
ये सुनकर वो चुप हो गई। ये देख मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने गोद में बैठा लिया। फिर उसे चूमने लगा।
पहले वो थोड़ा कसमसाई, थोड़ी देर बाद वो मेरा साथ देने लगी। मैंने उसकी शर्ट और स्कर्ट खोल दी। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसकी चूची चूसने लगा।
मैंने अपनी निक्कर और शर्ट भी उतार दी। उसने मेरा लंड देखा और कहा- यह तो बहुत बड़ा है!
शायद उसने पहले कभी किसी का लंड नहीं देखा था। मैंने उसे अपना लंड पकड़ा दिया।
वो मेरे लंड से खेलने लगी और चूसने लगी।
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वो पूरी नंगी थी। मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगी देखा था। मैं भी उसकी चूत चूसने लगा। अब हम एक दूसरे को चूस और चूम रहे थे। अब मैं और वो पूरी तरह से तैयार थे।
मैंने उसकी चूत पे अपना लंड रखा और एक धक्का दिया, मेरा 2 इंच लंड अंदर चला गया। वो थोड़ा कसमसाई,न उसकी सील अभी खुली नहीं थी, वो अक्षत-यौवना थी। मैंने एक और धक्का दिया और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।
15 मिनट तक मैं उसे चोदता रहा। हम दोनों एक साथ झड़ गए। फिर मैंने उसकी गांड भी मारी। उसकी गांड मैंने 25 मिनट तक मारी और उसकी गांड में ही पानी छोड़ दिया।
अब हम दोनों थक चुके थे। हम जाकर पहले नहाए, नहाने के बाद हमारी थकान दूर हो गई, हमने बियर पी और वो जाने लगी। मैंने उसका नंबर माँगा तो वो कहने लगी कि आज के बाद हम कभी नहीं मिलेंगे।
जाते जाते उसने मुझे चूमा और कहा- यू आर सो स्वीट एंड हार्ड!
मैंने उसे अपना नंबर दे दिया और दो महीने बाद उसका फ़ोन आया।
अब आगे की मैं अगली कहानी में सुनाऊँगा। तब तक इसे ही पढ़ कर मुट्ठ मारिये।
आपको यह कहानी कैसी लगी, मेल जरूर करें! Antarvasna Sex Stories
हॉट साली सेक्स कहानी मेरी अविवाहित साली की चूत चुदाई की है. मैंने अपने ससुराल में रात भर साली के साथ सेक्स किया. सर्दियों की रात में मेरा बहुत बढ़िया जुगाड़ चला.
मेरा नाम आर्यन (बदला हुआ नाम) है.
मेरी उम्र इस समय 23 साल है और मैं जयपुर में हॉस्टल में रहकर चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई कर रहा हूँ पर मैं शादीशुदा हूं।
अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली सेक्स कहानी है।
हॉट साली सेक्स कहानी के पात्रों के नाम, प्राइवेसी और सुरक्षा कारणों के कारण बदल दिए गए हैं।
यह घटना मेरे साथ दिसंबर 2020 में घटित हुई जो आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ.
मेरे मामा के लड़के की शादी थी तो एग्जाम खत्म होने के दूसरे दिन ही में शादी के लिए निकल गया.
वहीं पास के ही गांव में मेरा ससुराल था और बीवी की प्रेगनेंसी का नौवां महीना चल रहा था तो मेरी बीवी अपने मायके आई हुई थी.
एग्जाम की वजह से 3 महीने से मेरी पत्नी से मिलना हो नहीं पाया था.
इस कारण मामा के घर से मैंने सीधा ससुराल चला गया।
मेरे ससुराल वाले अपने खेत वाले घर में रहते हैं.
ससुराल में मेरे सास ससुर, मेरे दो साले और मेरी एक साली है.
दोनों साले पास के शहर में रहते हैं.
इस कारण अभी घर पर मेरे सास ससुर, मेरी पत्नी और मेरी साली ही थे.
थोड़ी देर तक औपचारिक बातें हुई।
रात को सबके साथ खाना खाने के बाद तकरीबन 10 बजे मैं दूसरे रूम में सोने के लिए चला गया.
अन्य लोग दूसरे कमरे में सोने चले गए थे.
मेरा बिस्तर वहीं चरपाई पर ही लगा हुआ था. वहीं पास में जमीन पर मेरी साली भी सोई हुई थी।
उसका सरदर्द हो रहा था तो मैंने उसे बोला- तुम चारपाई पर सो जाओ।
तो वह चारपाई पर आ गयी.
मैंने नीचे लेट गया.
इस समय तक मेरे मन में मेरी साली साहिबा जिसका नाम रूबिया (बदला हुआ) के लिए कोई गलत ख्याल नहीं आया था।
मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैं अपना फोन चलाने लग गया.
रूबिया के सर में दर्द हो रहा था तो वो उठकर अपने सर पे विक्स लगाने लगी.
लेकिन उसका सरदर्द कम नहीं हो रहा था तो मैंने उसे बोला- मैं मालिश कर देता हूँ.
तो वह चारपाई से उतरकर नीचे आ गई।
सर्दी का समय था तो वह अपना सर मेरी गोदी में रखकर सो गई और मैं मालिश करने लगा.
मालिश करते करते मेरा लन्ड भी खड़ा होने लगा. जिसका उसे भी पता लग गया लेकिन वो ऐसे ही लेटे रही और मेरे लन्ड का जायजा लेने लगी.
थोड़ी देर मालिश करवाने के बाद वह वापस चारपाई पे लेट गई।
अब मेरे मन में भी उसे चोदने का विचार आने लगा.
लेकिन मैं पहल भी नहीं करना चाह रहा था तो मैं ऐसे ही लेटे लेटे फोन चलाने लगा और रूबिया भी चारपाई पर लेटी हुई मेरी ओर देख रही थी।
अब उसकी भी चूत में खुजली होने लगी तो वापस चारपाई से उतरकर मेरी रजाई में घुस गई और अपनी गान्ड को लन्ड से लगा दिया।
मुझे अब रूबिया की ओर से संकेत मिल चुका था तो मैंने भी उसके बूब्स को मसलना और उसकी गर्दन पे किस करना शुरू कर दिया.
और इसके साथ ही उसके मुंह से हल्की हल्की सिसकारियां निकलने लगी।
अब मेरे हाथ उसके बूब्स को मसलते मसलते उसके सलवार तक पहुंच चुके थे.
मैंने सलवार का नाड़ा खोलकर उसे घुटनों तक कर दिया।
नीचे उसने पैंटी पहन रखी थी तो मैंने पैंटी के अंदर से ही चूत सहलाना शुरू कर दिया।
उसकी चूत पहले से ही गीली हो रही थी.
मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, उंगली चूत में जाते ही उसकी सिसकारियां और तेज हो गई इसके साथ ही मैंने उसकी पैंटी भी नीचे कर दी।
तब मैंने अपनी लोअर को भी नीचे घुटनों तक कर दिया. अब मेरा छ: इंच लंबा और 3 इंच मोटा लन्ड पीछे से ही उसकी चूत से रगड़ने लगा।
अब रूबिया की चूत में भी आग लग चुकी थी और वह कहने लगी- जीजू, अब और मत तड़पाओ अब डाल भी दो मेरी चूत में अपना लन्ड!
उसके इतना कहते ही मैं उसके ऊपर आ गया और लन्ड का सुपारा उसकी चूत के मुंह पर लगा दिया.
तब उसको मैंने बोला- लन्ड डाल दूँ अंदर?
तो उसने हां में अपना सर हिला दिया।
हॉट साली सेक्स के लिए तैयार थी, यह इशारा मिलते मैंने एक हल्का सा झटका दिया तो आधा लन्ड चूत में चला गया और उसके मुंह से हल्की सी चीख निकल गई.
लेकिन समय रहते मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए.
अब मैंने दूसरा झटका दिया तो पूरा लन्ड उसकी चूत में जा चुका था.
साली की चूत में मेरा लन्ड जाते ही मुझे पता चल गया था कि साली की चूत चुदी चुदाई है.
मैंने उससे उसकी चुदाई के बारे में पूछा तो पहले तो पूछने पर उसने मना कर दिया.
लेकिन मेरे दोबारा पूछने पर बताया उसने कि दो बार पहले भी वह चुद चुकी है.
अब वह धीरे धीरे आहें भर रही थी.
धीरे धीरे अब मैंने लन्ड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया.
करीब दस मिनट तक चोदने के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और गर्म गर्म फव्वारा मुझे अपने लन्ड पे महसूस होने लगा.
हालांकि मेरा अभी तक हुआ नहीं था तो मैंने उसके बाद पांच मिनट तक ऐसे ही उसकी चूत को चोदना जारी रखा.
फिर मैं पीछे से उसके साइड में आ गया और साईड से उसकी चूत में अपना लौड़ा घुसा दिया और पीछे से उसकी चूत को पेलना शुरू कर दिया.
करीब 10 मिनट तक पीछे से चोदने के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मेरे धक्के और तेज हो गए और 20-25 धक्कों के साथ ही मैंने अपना लन्ड बाहर निकाला और सारा माल उसकी गांड पे गिरा दिया।
उस रात मैंने उसकी एक बार और चूत मारी.
और अब सुबह हम दोनों अपने अपने बिस्तर पे जाकर सो गए क्योंकि गांव में सभी लोग सुबह जल्दी उठ जाते हैं।
उसके बाद मैं एक रात और वहाँ पर रुका और मैंने जमकर साली की चुदाई की।
उसके बाद मैं वापस जयपुर आ गया.
इस कहानी Sex Stories का पूरा मज़ा लेने के लिए पढ़िये कैसे मौसी ने मुझे बना दिया कोठे की कुतिया
हम लोग ९ बजे मौसी के कमरे में थे। मौसी ने मेरे और मोनी के लिए कमरे में ही खाना मँगा लिया। खाने में मुर्गे की टांगें और मटन था।
मौसी बोली- लो खाओ, देसी मुर्गा हैं, चूत में आग लगा देगा ! खाओ पियो और मस्तियाओ ! थोड़ी देर बाद ग्राहकों के लौड़ों पर बैठना और अपनी जवानी का रस पिलाना !
खाना बहुत स्वादिष्ट था, हम लोगों ने पेट भर के खाया।
खाने के बाद मौसी बोली- अब तू मस्तिया बहुत ली है, चल अब तुझे धंधे पर बैठाती हूँ ! मुफ़्त में तो मैं पानी भी नहीं पिलाती। अब ध्यान से मेरी बात सुन, नीचे स्पेशल हाल में तुझे मिलाकर कोठे की सबसे हसीन सात लड़कियां खड़ी होंगी और दो लड़कियां नंगी होकर नाचेंगी। ग्राहक तुम्हें खरीदेंगे और गोद में बैठाकर तुम्हें नंगा करेंगे और तुम्हारी चूत और चूचियों को मसलेंगे। तुम सब उनके लंड बाहर निकाल कर चूसोगी और मसलोगी।
डांस देखने का टिकट ५०० रुपये है, गोद में बैठाकर रंडियों की मसलाई करने के कम से कम १००० रूपये १० मिनट के हैं, उसके बाद हर ५ मिनट के ५०० रुपए हैं। लौड़ा चुसवाने के १००० रूपये अलग से हैं। कोई ५००० या ज्यादा देता है तो लोंडी १० मिनट के लिए उसकी ! वो इन १० मिनट में वो लोंडी की चूत मार सकता है।
१ घण्टा यह धंधा चलता है, हर लोंडिया को कम से कम ५००० रुपए कमा के देने होते हैं। चल १० मिनट के लिए तुझे ट्रेनिंग दिलवा देती हूँ !
मौसी ने घन्टी बजा दी, एक लड़की अंदर आई, मौसी बोली- शो कराने वाले चारों मुस्टंडों को भेज ! चारों मुस्टंडे थोड़ी देर में अंदर थे, उनके नाम रोकी, पिंटू, टीनू और भूरा थे। सब खतरनाक चेहरे के गुंडे लग रहे थे।
मौसी बोली- रोकी, तू जहाँ लड़कियां बिकेंगी, वहां खड़ा होगा ! पिंटू जहाँ रंडियां मसली जा रही होंगी वहाँ बैठेगा और रंडी अगर ५ मिनट के अंदर लौड़ा नहीं निकालेगी तो उस पर सिगरेट की चिंगारी डालेगा, टीनू पैसे इकठा करेगा, भूरा देखने वाले ग्राहकों को कण्ट्रोल करेगा।
मौसी पिंटू से मेरी तरफ इशारा करते हुए बोली- बाकी रंडियां तो सब खेली खाई हैं, यह नई है, तू जरा इसे गोद में बैठा ! बाकी मैं सिखाती हूँ !
पिंटू ने मुझे गोद में उठाया और पलंग पर अपनी जांघों पर बिठा लिया सभी गुंडे कुटिल मुस्कान के साथ मुझे देख रहे थे। पिंटू ने मेरे ब्लाउज़ और पेटीकोट उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया और बोला- रंडी, साली ! अब तू पूरी कोठे की कुतिया लग रही है ! उसने कस कस कर मेरी चूचियां मसलनी शुरू कर दीं।
मौसी मेरे पास आईं और मेरा हाथ पिंटू के लौड़े पर रख दिया और बोली- जरा इसके शेर को तो बाहर निकाल !
मुझे लौड़ा निकलने मैं शर्म आ रही थी, तभी एक गुंडे ने मेरे ऊपर जलती हुई सिगरेट की राख़ डाल दी, मैं उई मर गई ! कहकर उठने लगी लेकिन पिंटू इतनी कस कर पकड़ा हुआ था कि मैं उठ नहीं पाई।
मौसी बोली- लौड़े को नहीं निकलेगी तो यही हाल होगा ! चल सारे बटन खोल इसके और लौड़ा मसल !
मैं घबरा गई, मैंने जल्दी जल्दी पिंटू की पैंट के सारे बटन खोल दिए नीचे मुस्टंडा कुछ नहीं पहना था, उसका सात इंच मोटा लंड तनतना के निकल आया, जिसे मैंने कस कस कर मुठी में दबा लिया। मौसी ने एक ट्यूब पिंटू की तरफ बढ़ा दी जिसे उसने मेरी चूत पर लगा दिया। मेरी चूत में चुदने की कुलबुलाहट भर गई। मौसी ने दो मिनट लगातार मुझसे पिंटू के लंड की मुठ मरवाई। इसके बाद मौसी ने मुझे उठा दिया और खड़े खड़े ही मुझसे सभी मुस्टंडों के लंड निकलवाए जिसमें से दो चड्डी पहने हुए थे और उनकी चड्डी नीचे सरका के मुझे उनके लंड निकालने पड़े।
इसके बाद मौसी ने उनमें से जो सबसे भद्दा और गन्दा दिख रहा था, जिसका नाम भूरा था, उसका लौड़ा मुझे पकड़ाया और बोली ले इसका लंड चूस !
भूरा काफी गन्दा था, मैं बोली- मौसी मैं इसका लंड मुँह में नहीं लूंगी !
मौसी ने पिंटू के हाथ से सिगरेट ली और मेरे नंगे चूतड़ों पर मसल कर बुझा दी। मैं जोरों से चीख उठी। मौसी गुर्राते हुए बोली- हरामखोर, साली, मैं प्यार से बात कर रही हूँ और तू अपने को कोठे की रानी समझ रही है? यह साले मोटे मोटे मुस्टंडे मुझे ना नहीं करते, तू ना कर रही है? और उन्होंने मेर बाल खींच दिए। मैं बिलबिला गई। मरती क्या नहीं करती, मैंने भूरा का गन्दा सा काला लंड अपने मुँह में डाल लिया।
मौसी बोली- कुतिया, ठीक से आगे पीछे कर के चूस ! यहाँ रानी कोई नहीं, सब रंडियां हैं अपने को अब तू कोठे की कुतिया मान ! इतने नखरे करेगी तो हाल में क्या लौड़ा चूसेगी।
मैं बहुत डर गई थी, मैं लपालप भूरा का लौड़ा चूसने लगी। आज तक मैंने लौड़ा नहीं चूसा था। भूरा गन्दा जरूर था लेकिन उसका लौड़ा चूसने में मुझे मज़ा आ गया। चिकना लौड़ा मेरे मुँह में आगे पीछे हो रहा था। मुझे लौड़ा चूसने में गज़ब का मजा आने लगा। मैंने ५ मिनट तक मस्त होकर लौड़ा चूसा। मौसी ने मुझसे भूरा के टट्टों पर भी जीभ फिरवाई।
मौसी ने थोड़ी देर बाद सबको बाहर भेज दिया और मुझसे बोली- देख, धंधे के मजे ले ! मैं जैसा कहूँगी वैसा करेगी तो बहुत मज़ा आएगा और नहीं करेगी तो तेरी चमड़ी को जला दूँगी ! कल मैं तुझे छोड़ दूंगी। तू कोठे से चली जाना। लेकिन जो सेक्स का मजा यहाँ ले लेगी वो तुझे और कहीं नहीं मिलेगा !
उसके बाद मौसी मुझे एक कमरे में ले गईं, वहां मोनी और मुझे मिलाकर सात लड़कियां थी। मौसी ने हम सबके कपड़े उतरवा दिए। अब हम सातों रंडियां पूरी नंगी थीं।
मौसी बोली- तुम्हारी चुचियों पर एक पतली चुन्नी रहेगी और चूत पर पतली चड्डी होगी जिसे ग्राहक उतार कर तुम्हारी चूत सहलाएगा और तुम सब उनके लौड़े मसलना ! चलो अब हाल में चलने को तैयार हो जाओ। जो भी कुतिया नखरे करेगी उसकी गांड और चूत जला दूँगी ! हर ग्राहक को पूरा मजा देना है और उनको इतना मस्त करना है कि वो अपना लौड़ा चुसवाएं और १०-१० हज़ार तुम्हारी चूत मारने के दें ! चलो अब हाल में चलें !
हाल में एक तरफ गद्देदार कुर्सियां पड़ी थीं, मोनी ने बताया कि इन सोफों पर ग्राहक हमारी चूत और चूचियां मसलेंगे। पास में ही एक काउंटर था जहाँ हम सातों रंडियां जाकर खड़ी हो गईं। मौसी ने हम सब की चूत पर जेली लगा रखी थी जिससे चूत में एक अजीब सी खुजली हो रही थी। बार बार हाथ चूत खुजलाने को चला जा रहा था। सामने डांस के लिए जगह थी, जहाँ दो रंडियां लहंगा पहन कर नाचने के लिए तैयार थीं।
मोनी ने बताया कि नाचते-नाचते ये दोनों नंगी करी जाएँगी और बीच बीच में मुस्टंडे इनकी चूत और चूतड़ों को मसलेंगे। आधे घंटे के बाद यह बदल जाएँगी और दूसरी दो लड़कियां नाचने आएँगी। सभी नाचने वाली लड़कियां बॉम्बे से आती हैं और एक शो के १०-१० हज़ार लेती हैं। यह लड़कियां १-२ घटिया हिंदी फिल्मों में छोटा मोटा रोल करे होती हैं। आज जो लड़कियां डांस करेंगी, ‘वो लुट गई लैला’ और ‘मस्त जवानी’ फिल्म की हेरोइन रह चुकी हैं।
मौसी अंदर आई और बोली- लो मेरे कोठे की कुत्तियों, एक एक कड़े पहनो !
सभी कड़े अलग-अलग रंग के थे। मेरे हिस्से में हरा कड़ा आया।
मौसी बोली- ग्राहक कड़े के रंग से तुम्हारी बोली लगायेंगे ! चलो सब लाइन से खड़ी हो जाओ और थोडा मस्तीयाओ ताकि तुम सबके रेट ज्यादा लगें।
पिंटू चल घंटी बजा और ग्राहकों को अंदर बुला, तब तक रोकी और भूरा, तुम इनकी घुन्डियाँ मसल कर खड़ी कर दो जिससे कि इनकी चूत की आग जोरों से भड़के।
रोकी और भूरा ने नोच नोच कर हमारी निप्प्लें खड़ी कर दीं। हम सब नग्न दूधों पर पतली चुन्नी डाले खड़ी थी।
ग्राहकों का अंदर आना शुरू हो गया था, रंडियां नाचनी शुरू हो गईं थीं। मेरे साथ की रंडियां कभी अंगड़ाई ले रही थी, कभी अपने संतरे दबाते हुआ ग्राहकों पर चुम्मे फ़ेंक रही थीं।
रोकी हमारे पास घूम रहा था ! उसने मेरे चूतड़ पर हाथ फेरते हुए कहा- जरा मचल ! देख बाकी कुतियां कैसे मचल रही हैं !
मौसी पास ही घूम रही थीं, मुझसे बोली- कुतिया, जैसे सभी रंडियां मचल रही हैं, वैसे मचल ! अब तू धंधे पर बैठ गई है, नखरे न कर, इस समय तू मेरे कोठे की कुतिया है, मेरी कुतियां जैसा मैं कहती हूँ, वैसा करती हैं ! नहीं तो उनकी गांड जला देती हूँ !
मौसी ने मेरा एक हाथ उठाया और मेरी चड्डी में डाल दिया और दूसरा हाथ मेरी चूची पर रख दिया। उसके बाद बोलीं- दोनों को धीरे धीरे मसल ! तेरा रेट अपने आप चढ़ेगा ! आज कोठे पर तू सबसे सेक्सी कुतिया लग रही है ! ५ मिनट बाद मस्त होकर अपने राजा का लौड़ा मसलना ! तुझसे इस शो में मुझे १०००० रु कमाने हैं।
नाच जोरों पे था, लड़कियों की ब्रा उतार दी गई थी, उनके नंगे स्तन बिलकुल सीधे तने हुए थे, वो अपनी चुचियाँ कभी लेट कर कभी झुककर हिला रही थीं, उनका नंगा डांस जोरों पर चल रहा था।
एक दो ग्राहक अपने लंड निकाल कर वहीं पर सहला रहे थे। हम सबकी बोली की आवाजें लग रही थी- कोई चिल्ला रहा था लाल वाली २००० हरी वाली १६०० !
१० मिनट बाद मौसी हमारी तरफ आई और रोकी से बोली- चल इन रंडियों को इनके खरीददारों के साथ भेज और इनका धंधा शुरू करा ! मेरा ४ नंबर था पहली ३ को उनके ग्राहक उनकी चूचियां मसलते हुए सोफे की तरफ ले गए। मेरा खरीददार एक नेताजी जैसा लगने वाला आदमी था जो मुझे बुरी तरह कामुक नज़रों से घूर रहा था। मौसी बोली- पूरे २२०० में उठी है तू ! जरा मस्त होकर नेताजी का लौड़ा गरम करियो ! नेताजी अगर खुश हो गए तो मालामाल कर देंगे और तुझे हेरोइन बनवा देंगे !
मौसी ने मेरा हाथ नेताजी के हाथ में दे दिया।
नेताजी ने मेरी चुन्नी उतार कर फ़ेंक दी और अपना एक हाथ पीछे से डालकर मेरी एक चूची अपने हाथ में दबा ली उसे दबाते हुए बोलने लगे- साली बहन की लोड़ी ! तेरा माल तो बड़ा गज़ब का है ! आज तो तेरा पूरा रस पीकर ही यहाँ से जाऊँगा ! और वो मुझे सोफे की तरफ ले गए। नेताजी के मुँह से दारू की जोर की बदबू आ रही थी। उन्होंने सोफे पर मुझे अपनी एक जांघ पर बैठा लिया और मेरे स्तनों की मालिश करते हुए मेरे होठ चूसने लगे।
बगल में मोनी की मसलाई हो रही थी। मोनी मुझे देख कर बोली- लौड़ा निकाल के खेल, वर्ना अभी पिंटू सिगरेट से जला देगा।
मैं संभल गई और नेताजी के पजामे का नाड़ा खोलने लगी। नेताजी अंदर कुछ नहीं पहने थे, उनका ६ इंच लम्बा लौड़ा खड़ा हुआ था, जिसे मैंने अपने हाथों में कस कर पकड़ लिया और दबाने लगी। मेरी चूत बुरी तरह से खुजला रही थी। नेताजी ने मेरी पतली चड्डी एक झटके में खींच कर फाड़ दी और जोर जोर से चूत की मसलाई करने लगे।
मेरी बुर बुरी तरह से गरम हो रही थी, मैंने अपनी टांगें चौड़ी कर दीं थीं और मेरी गरम खुली हुई चूत साइड में खड़े कुत्तों को मस्तिया रही थी।
नेताजी मेरे चूत का दाना रगड़े जा रहे थे। नेताजी के लौड़े पर मेरी पकड़ मजबूत होती जा रही थी और मैं उनका लोड़ा जोरों से सहला रही थी। मेरे आस-पास भी इसी तरह की रंडीबाजी चल रही थी। वाकई मैं अब कुतिया बन गई थी।
कहानी अभी बाकी है ! अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर शीघ्र ही प्रकाशित होगी। Sex Stories
हाय मेरा नाम विक्की है, मैं 26 साल Hindi Porn Stories का हूँ और मैं दिल्ली में रहता हूँ।
मैंने इस साईट की सभी कहानियाँ पढ़ी हैं। मैं भी अपना एक अनुभव आपसे बताना चाहता हूँ।
यह बात आज से लगभग दो-ढाई साल पहले की है, हमारे घर में एक किरायेदार रहने आए। उनमें तीन लोग ही थे पति पत्नी और उनका छोटा भाई। मैं उनको भाई भाभी बोलता था। दोनों भाई ऑटो चलाते थे, दिन में बड़ा भाई और रात को छोटा भाई ऑटो चलाते थे।
एक रविवार, मेरी ऑफिस की छुट्टी थी तो मैं अपने दोस्तों से मिलने निकल गया। शाम को जब में घर आया तो देखा कि एक लड़की मेरे घर के आँगन में मेरी मम्मी और बहन के साथ बैठ कर बात कर रही है।
मैंने सोचा कि बहन की कोई फ्रेंड होगी तो मैं सीधा बाथरूम में जाकर अपने हाथ मुँह धोकर आया। मैंने महसूस किया कि वो लड़की मुझे घूर घूर कर देख रही थी। मैं मम्मी की वजह से उसको नहीं देख रहा था। फ़िर वो उठ कर चली गई तो मैंने मम्मी से पूछा कि यह लड़की कौन है?
मम्मी ने बताया कि यह उन भइया की बहन संजू है।
यारों क्या मस्त माल थी वो ! लम्बाई 5.4′ भरा भरा बदन सांवला रंग एक दम ब्लैक ब्यूटी थी वो ! 2-3 दिन ऐसे ही निकल गए मैं कही भी जाता थो वोह मुझे घूर घूर कर देखती। उसकी आँखों में मुझे वासना दिखाई दी।
ऐसे ही एक हफ्ता निकल गया और फ़िर से रविवार आ गया। उस दिन मेरी बहन कुछ चादर पर कुछ फूल पत्ती बना रही थी। मम्मी भी उसका साथ दे रही थी और वो लड़की संजू, वो चारपाई पर बैठी थी और मेरी बहन नीचे जमीन पर, मम्मी भी उसके साथ चारपाई पर ही बैठी थी।
मैं बाहर से घूम कर आया तो देखा कि सब बैठे हैं, मैं भी बैठ गया कुर्सी पर और मैंने अपने पांव चारपाई पर फैला दिए। तो चादर मेरे पांव के नीचे दब गई। मेरी बहन गुस्सा हो कर बोली कि चादर पांव के ऊपर कर ले नहीं तो गन्दी हो जायेगी।
मैंने ऐसा ही किया तो मेरा पाँव अचानक संजू के हाथ पर लगा। मैंने अपना पांव हटा लिया तो वो मेरी तरफ़ देखने लगी जैसे कह रही हो कि क्योँ हटा लिया। मैं मुस्करा दिया और दूसरी तरफ़ देखने लगा कि कहीं किसी का ध्यान मेरी तरफ़ तो नहीं, पर किसी ने नहीं देखा।
मुझे मजा आने लगा, मै धीरे से उसके कमर की साइड में अपनी पांव से सहलाने लगा। चादर पांव के ऊपर होने से किसी को कुछ पता नहीं चला और उसने भी कुछ नहीं कहा। मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं पांव की उँगलियों से उसकी बाजू पर और पेट पर चिकोटी काटने लगा उसने कुछ नहीं कहा।
तभी मेरे पापा आ गए और सब लोग उठ गए। फ़िर तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं जब उसको अकेले देखता तो कभी उसकी चूची दबा देता कभी उसकी गांड में ऊँगली करता और वोह कुछ नहीं कहती।
एक दिन मैं घर पर ही था और वो भी अकेली थी। मेरी मम्मी मार्केट गई थी। मुझे मौका मिल गया। मैं उसके कमरे में गया और उसको पकड़ लिया और जल्दी से उसके कपड़े उतार दिए और अपने भी। वो कुछ नहीं बोली। फ़िर मैंने उसको किस करना चालू कर दिया। वो भी साथ देने लगी, मुझे मजा आने लगा। मैंने पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था, मैं तो पागल ही हो गया।
उसकी कठोर चूचियों को देख कर मैंने उनको खूब चूसा और दबाया।
वो बोली- जल्दी करो अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता।
मैं उसकी चूत में ऊँगली डालकर चोदने लगा। उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी, उसको बहुत मजा आ रहा था। उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी और मजा ले रही थी अपनी कमर को उठा उठा कर। तभी जोर से चिल्लाई और झड़ गई। मैंने उसका सारा रस चाट कर साफ़ किया और फ़िर अपना 6′ लंबा और 3.5′ मोटा लंड उसकी चूत में डालने लगा तो वो चिल्लाने लगी। मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह रख दिया और उसके होटों को चूसने लगा। फ़िर उसको मजा आने लगा और वो अपनी कमर उठा उठा कर चुदवाने लगी।
मैं समझ गया कि अब उसको मजा आने लगा है। मैंने अपनी धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और उसको तेज तेज चोदने लगा। 10 मिनट बाद वो मुझसे लिपट गई और मुझे नोचने लगी। मैं समझ गया कि इसका पानी निकलने वाला है। मैंने अपनी स्पीड और तेज कर दी और 5 मिनट बाद ही हम दोनों ने अपना रस छोड़ दिया। मैं उसके ऊपर ही लेट गया, उसकी आंखे बंद थी, उसके चहरे से पता लग रहा था कि वो पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी है।
तभी डोरबेल बज उठी। मैं जल्दी से उठा और अपना लोअर पहन कर दरवाजा खोला, तो मम्मी थी। उस दिन तो बच गए। उसके बाद वो अपने गाँव वापस चली गई। फ़िर उसके बाद उसके भाई ने भी घर खाली कर दिया और मेरा उसके साथ कोई लिंक नहीं रहा।
तो दोस्तो, यह था मेरा पहला सेक्स अनुभव. मैं आजकल अकेला हूँ, Hindi Porn Stories
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