Find Related Category Ads
मेरा नाम राजेश है। मैं बड़ा सेक्सी ३० साल का लड़का हूं। मेरा Antarvasna लंड ८ इंच लम्बा है जो किसी भी चूत को फाड़ सकता है। मैं एक ओरिजिनल कहानी आपको बता रहा हूं। आज से दो साल पहले मेरे भाई के लड़के की शादी में मेरे मामा की लड़कीसोनम आयी थी। उसकी उम्र २६ साल थी, उसके एक बेटा था। देखने मेंसोनम की काफ़ी बड़ी बड़ी चूचियां थी। एक चूची इतनी बड़ी कि एक हाथ से पकड़ी न जाये। हर समय उसकी चूची उसके ब्लाउज़ से झांकती रहती थी। उसकी गांड का तो जवाब नहीं था, देखते ही मुँह में पानी आ जाए। साली को जब से देखा था मेरा लंड बेचैन हो गया था उसकी चूत मारने के लिये। उसकी चूत मेरे आँखों के सामने घुमती थी।
शादी सर्दियों की थी इस लिये एक कमरे में सब लोग सोते थे ज़मीन पर। मैने किसी तरह उसके पास सोने का इन्तजाम कर लिया। रात को मैने अपना एक हाथ उसकी चूची पर रख दिया और देखने लगा कि हरामजादी कुछ बोलती तो नहीं है। लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। मैं धीरे धीरे उसकी चूची को दबाने लगा, उसने फिर भी कुछ नहीं बोला। मेरी तो लोटरी खुल गयी। मैने उसके ब्लाउज़ का बटन खोल दिया और उसकी नंगी चूची को जोर जोर से दबाने लगा। वो पलट कर मेरी तरफ़ मुँह करके सो गयी। उसकी चूची मेरे मुँह के सामने थी। मैने उसकी चूची को चूसने लगा और उसका निप्पल टाइट होता गया। उसके मुँह से सिसकारी निकलने लगी। मैने उसके होंठों को चूसा। उसकी दोनो चूचियों का मर्दन करने लगा।
उसने जोर से मुझे पकड़ लिया, मैने उसकी साड़ी उठा दी कमर के ऊपर और अपना हाथ उसकी गरमागरम चूत पर रख दिया। उसकी चूत तो भट्टी की तरह गरम थी और गीली भी। मैने अपनी एक उंगली उसके चूत में घुसेड़ दी और अंदर बाहर करने लगा। वो पागलों की तरह मेरे को पकड़ ली और धीरे से बोली “राजा बहुत मजा आ रहा है, एक और उंगली डालो, एक से मेरा क्या होगा।” मैने उसकी चूत में अपनी चार उंगली डाल दी और चूत में उनको घुमाने लगा।सोनम सिहर उठी “अरे मेरे राजा जोर जोर से मेरी चूत को मारो, साले फाड़ दे इस चूत को, इसकी भूख खतम नहीं होती है। अ अ अ अ अ हा हा हा इस इस इस आ आ आ रे रे रे रे मीईएरीई राजा। मेरी चूत की चटनी बना दो। मैं मर जाउंगी। साले बोल मौका मिलेगा तो इस चूत को चोदेगा और इसकी भूख मिटायेगा। मादरचोद जोर जोर से कर”
उसने लुंगी के भीतर हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया। “अरे तेरा लंड है या कुतुबमिनार, ये तो मेरी चूत को तार तार कर देगा। राजा वादा करो इस कुतुबमिनार को मेरी चूत में डालोगे” मैने बोला “अरे रंडी मैं तो तेरी चूत और गांड दोनो फाड़ुंगा, मैं तो मौका ढूंढ रहा हूँ, तेरी चूत तो पूरा इंडिया गेट है और इसको कुतुबमिनार जैसे लंड से ही चोदना होगा”। उसकी चूत में मेरा हाथ तेजी से अंदर बाहर हो रहा था और वो पूरे जोर से झड़ गयी। उसने मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर लोली पोप की तरह चाटने लगी और आखिर में मेरे लंड ने अंदर का सारा माल उसके मुँह में गिरा दिया और वो सारा पी गयी और बोली “राजा इसमें विटामिन होता है, इससे सारी बिमारियां दूर होती हैं। तुम समय देख कर मेरे चूत का विटामिन पीना, बड़ा मजा अयेगा” मेरी तो एक ही इच्छा है कि तेरा लोहे की तरह का लंड मेरी चूत को चोद चोद के उसकी चीथड़े कर दे, साली की भूख मिटती ही नहीं है”
दोस्तों शादी का घर था, ये अपना रोज रोज का प्रोग्राम हो गया था, मौका पा कर मैनेसोनम की चूत और गांड दोनो को मैने जी भर के मारा, जिसकी दास्तान आपको अगली बार बताउंगा। Antarvasna
मुकेश और विजय Hindi Porn Stories दोनों बेतहाशा भागते हुये एक सरकारी मकान के अहाते में कूद पड़े। दोनों की सांसें धौंकनी के समान चल रही थी। फिर भी वे भागते हुये घर के पिछवाड़े में आ गये। मकान में अन्दर की ओर खुलता हुआ एक दरवाजा था। दोनों दबे पांव अन्दर आ गये। अन्दर का दरवाजा भी खुला हुआ था।
मुकेश ने कमरे में झांक कर देखा। टीवी चल रहा था पर कमरे में कोई नहीं था। तभी उनके कानों में बाथरूम से किसी औरत के गुनगुनाने की आवाज आई। दोनों ने इशारा किया और मुकेश पलंग के नीचे सरक गया। तभी घर के से बाहर पुलिस सीटी बजाती हुई निकली।
रात गहराने लगी थी। विजय ने खिड़की से झांक कर बाहर देखा। पुलिस के साये अंधेरे में दूर जाते हुये नजर आ रहे थे। विजय भी कमरे के एक कोने में दुबक गया। तभी बाथरूम का दरवाजा खुला। मुकेश के सामने दो नंगे पांव नजर आ रहे थे। उसे किसी जवान लड़की के होने का संकेत मिला।
तभी रिवॉल्वर की नाल पलंग के नीचे दिखी,”तुम जो भी हो बाहर आ जाओ, वर्ना गोली मार दूंगी !”
मुकेश की रूह तक कांप गई। वह चुपचाप पलंग के नीचे से निकल आया। सामने एक बेहद सुन्दर सी जवान लड़की रिवॉल्वर लिये खड़ी थी। एक तौलिया उसके वक्ष के उभारों से लिपटा हुआ कूल्हों तक था। वो कुछ और कहती उसके पहले ही पीछे से विजय ने लपक कर उसकी रिवॉल्वर छीन ली। उसके शरीर पर लपेटा हुआ तौलिया अचानक ही ढीला हो गया और नीचे गिरने लगा। मुकेश ने लपक कर तौलिया पकड़ लिया और उसे फिर से लपेट दिया।
“मुकेश, गिरने दे तौलिया… जवान जिस्म है … जरा मजा तो लें !”
युवती घबरा सी गई, तौलिया सम्भालते हुये भी उसने नीचे गिरा दिया। उसका चमकीला नंगा बदन ट्यूब लाईट की रोशनी दमक उठा । दोनों के बदन झनझना उठे।
उसे देखते ही दोनों की आखों में वहशत भरी एक चमक आ गई। विजय ने तो उसे पीछे से पकड़ ही लिया। उसका लण्ड कड़क होने लगा था। मुकेश भी इस हुस्न के आक्रमण को नहीं झेल पाया और सामने से वो उससे लिपट गया। पहले तो वो लड़की छटपटाई, पर कुछ भी नहीं कर पाने अवस्था में उसने अपने आप को दोनों के हवाले कर दिया।
“बस… मुझे नोचो मत … जो करना है प्यार से करो, आखिर मैं भी तो एक इन्सान हूँ!” युवती के मुख से एक कराह सी निकली। दोनों को अपनी इस जानवरों जैसी हरकत पर शरम आने लगी।
“सॉरी, आपको नंगा देख कर हमारा बांध टूट गया था।”
“आओ, जो करना हो बिस्तर पर करो… पर तुम दोनों भाग क्यूँ रहे हो…?” अचानक युवती का स्वर बदल सा गया। उसके कोमल स्वर में अब वासना का पुट आ चुका था।
मुकेश जरा नाजुक दिल का था सो सहानुभूति से उसकी रुलाई फ़ूट पड़ी…”हमारी गर्ल फ़्रेण्ड ने हमें घर पर रात को बुलाया था। पर उसी के सामने वाले फ़्लेट में एक खून हो गया था। पुलिस छान बीन कर रही थी तो हम डर गये।
पीछे की खिड़की से कूद कर हम भाग निकले और ये पुलिस वाले हमें ही कसूरवार मान कर पीछे पड़ गये !”
“मेरा नाम काजल है… तुम यहाँ बिल्कुल सुरक्षित हो… अब चुप हो जाओ… जो हुआ उसे भूल जाओ !” काजल ने उसे अपने पास लेटाते हुये चूम लिया।
“पर यह मत सोच लेना कि आप बच गई… आपको चोदना तो है ही…!” विजय बोल पड़ा।
“है तेरी हिम्मत … बड़ा आया चोदने वाला !” काजल ने आंखे तरेरते हुये उसे जोश दिलाया।
“क्या… साली को देख तो… अभी बताता हूँ … !”कह कर विजय ने उसे अपनी तरफ़ घुमाया और उसे दबोच लिया। वो एक बेबस चिड़िया की तरह फ़ड़फ़ड़ाने लगी। तभी दोनों के मोटे लण्ड उसके सामने आ गये।
“ले दबा इसे, दो दो मस्त लण्ड हैं !” काजल ने दोनों के मोटे मोटे लण्ड थाम लिये और मुठ मारने लगी। दोनों ही झूम उठे।
“चला हाथ मस्ती से साली… हां ये बात हुई ना … !”
काजल बड़े यत्न से और मस्ती से मुठ पर हाथ चलाने लगी।
“अब मुँह से चूस ले और जोर से चूसना…!”
काजल ने उनके लण्ड जम कर चूसना चालू कर दिया। कभी विजय का लण्ड चूसती और कभी मुकेश का लण्ड। दोनों के चूतड़ हिलने लगे और लग रहा था कि वे काजल का मुख चोद रहे हो।
तभी उसे अपनी गांड में लण्ड को छूने का अहसास हुआ।
“विजय, मार दे गाण्ड साली की … मै चूत सम्हालता हूं…” काजल दोनों के बीच में सेण्डविच हो गई थी। उसने भी अपने आप को एडजस्ट किया और अपनी टांगे चौड़ा दी। काजल मन ही मन उनसे चुदाने की तैयारी कर चुकी थी। पर थोड़ा बहुत नाटक तो करना था ना। दो दो लण्ड उसके शरीर की सतह पर तड़प रहे थे, उसके जिस्म में यहा वहां ठोकरे मार रहे थे। उसकी चुदाई की इच्छा बढ़ती जा रही थी।
“तुम दोनों एक बेबस लड़की के साथ यह सब रहे हो … देखना मैं उसकी सजा जरूर दूंगी… आह्ह !”
विजय का लण्ड काजल की चूत में घुस चुका था… उधर मुकेश का लण्ड भी उसकी गाण्ड में घुसने की कोशिश कर रहा था। जब उसकी चूत में लण्ड घुस गया तो काजल ने अपनी गाण्ड ढीली की। छेद को ढीला करते ही मुकेश का लण्ड अन्दर घुस गया।
काजल का मन हरा हो गया। उसने आनंद भरी एक सीत्कार भरी। उसके दोनों छोर पर लण्ड घुस चुके थे। वो एक करवट पर लेटी अपने चूतड़ हल्के से हिलाने लगी।
“आह हा … उह्ह्ह्… साली चूत हिला हिला कर चुदा रही है और मजे ले रही है…
अब तो हमें गाली तो मत दे…”
“ऊईईईईई… मेरे जिस्म में दो दो लण्ड गाड़ कर मुझे मस्त कर दिया है… तो दिल तो आपको धन्यवाद तो देगा ही ना … साले विजय चोद जरा मस्ती से… लगना चाहिये कि मर्द मिला है… आईईई मुकेश… तू क्या मेरी गाण्ड फ़ाड़ ही डालेगा… चल लगा तू भी जरा मस्त हो कर…”
दोनों के लण्ड जोर मारने लगे और काजल चुदने लगी… काजल दोनों तरफ़ से एक साथ कभी कभी नहीं चुदी थी। यह पहला अनुभव था… उसे लगने लगा था कि काश शादी भी दो मर्दों से होने चाहिये… वर्ना चुदाई का क्या मजा ?
“मुकेश , अब मुझे इसकी गाण्ड चोदने दे… तू इसकी चूत मार … !” विजय ने प्रस्ताव रखा। मुकेश तुरन्त मान गया और पोजिशन बदलने लगे। इतने में उसका दरवाजा किसी ने खटखटाया।
“कौन है…?” काजल ने खीज कर कहा।
“मैडम, सरदार सुरजीत सिंह, हेड कांस्टेबल रिपोर्टिंग…! ” विजय ने तुरन्त लपक कर रिवाल्वर उठा ली…
“तो आप भी पुलिस है… देखो मेरे हाथ में रिवॉल्वर है, उसे रवाना कर दो वर्ना…।”
काजल मुस्कराई और दरवाजे की ओर चल दी। उसने अपना गाउन पहना और तौलिया सर पर बांधा… तीन पुलिस वाले थे। तीनों पुलिस वालों ने उसे सैल्यूट मारा।
“क्या है?”
“मैडम ध्यान रखें… दो कातिल इधर ही भाग कर आये हैं… सावधान रहना…!”
“ठीक है, अब जाओ…” उसने दरवाजा बंद कर दिया।
मुकेश और विजय दोनों सावधान हो चुके थे। अन्दर आते हुई बोली,”चलो क्या हुआ लण्ड ढीले हो गये ?” वो हंसते हुई बोली। दोनों ही वहाँ से जाने की तैयारी करने लगे।
“अभी मत जाओ, बाहर पुलिस तुम्हें ढूंढ रही है।”
“बाहर भी पुलिस और अन्दर भी पुलिस… सॉरी मैडम… हमारे पास रिवाल्वर नहीं होती तो हम अन्दर ही होते !”
” वो तो मैं चाहती तो सब कुछ कर सकती थी…!”
“ओये चुप हो जा… इसी रिवाल्वर से तेरी गाण्ड में गोली नहीं उतार देता…” विजय कुछ विचलित सा होता हुआ बोला।
“खाली रिवाल्वर से गोलियाँ नहीं चला करती हैं जानी…!” अब विजय के चौंकने की बारी थी। उसने तुरन्त रिवाल्वर चेक की और उसने विस्मित नजरों से काजल को देखा। काजल के चेहरे पर मुस्कान तैर रही थी।
“अब कपड़े उतार ही दो … “काजल ने दोनों के लम्बे लम्बे हाथ से लण्ड पकड़ लिये, और दबाते हुये बोली,”अब मुझे वैसे ही चोदो जैसे पहले चोद रहे थे… देखो पूरा मजा देना !”
“आपने हमें जानबूझ के बचाया… जब कि हमने आपको जानवरों की तरह चोदा…!”
“मुझे पता था कि तुम बेकसूर हो, हमें मालूम हो चुका कि किसने वो सब किया था… फिर जानवरों की तरह चुदाने मुझे जो मजा आया है … उसका भी धन्यवाद !”
दोनों के लण्ड एक बार फिर से कड़क हो उठे।
“देखो, एक बार फिर से मुझे जानवरों की तरह से चोद डालो…!” एक बार फिर से दोनों के लण्ड उसके शरीर से चिपक गये और काजल फिर से सेंडविच बन गई। वह आह भरने लगी। दोनों के लण्ड आगे व पीछे के दरवाजे पर दस्तक देने लगे। कुछ ही क्षणों में काजल के जिस्म में दो गरम गरम मूसल घुस पड़े। उसके चूतड़ बीच में दब गये और दोनों दोस्त अपना अपना काम करने लगे। काजल ने दोनों को सहूलियत देने के लिये अपनी एक टांग कुर्सी पर उठा कर ऊंची कर दी और गाण्ड का द्वार ढीला कर दिया। लण्ड सीधे ही छेद को चीरता हुआ भीतर चला गया।
उधर विजय का लण्ड भी चिकनी चूत में सरक गया । काजल दोनों लण्ड के घर्षण से मचल उठी। लगा, शरीर में दो साण्ड आपस में भिड़ गये हो।
“भेन के लौड़ो… चलाओ अपना लौड़ा… फ़ोड़ दे साली गाण्ड को… !” काजल अपनी पुलीसिया भाषा पर उतर आई थी। दोनों के लण्ड फ़ूल कर फ़ड़फ़ड़ा रहे थे। दोनों की कमर तेजी से चलने लगी थी। डबल चुदाई से काजल मदहोश होने लगी थी। कभी कभी विजय और मुकेश दोनों ही हाथ बढ़ा कर एक दूसरे के चूतड़ दबा कर अपनी तरफ़ खींच लेते थे। इससे दोनों के लण्ड एक साथ पूरी गहराई में उतर जाते थे और काजल मस्ती में लहक जाती थी। मुकेश ने पीछे हटते हुये दीवार का सहारा ले लिया और अब काजल के पीछे जोर लगाने पर मुकेश का लण्ड गाण्ड की जड़ तक बैठ जाता था।
दोनों काजल से ऐसे लिपटे हुये थे मानो एक वृक्ष हो और दो लतायें… बेतहाशा काजल को चूमे जा रहे थे। चूंचियो की हालत दबा दबा कर, मरोड़ मरोड़ कर खराब कर दी थी। निपलों को मसल उसे बेहाल कर दिया था। तभी काजल चीख उठी, उसका शरीर कड़क सा हो गया और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।
“मर गई रे हरामजादो … अब हटो… हाय रे… अब तो फ़ट ही जायेगी…” उसका सीत्कार सुन कर दोनों को होश में आ गये और मुकेश ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा और वीर्य उछाल मारता हुआ बाहर कूद पड़ा। पहली और दूसरी धार तो काजल के चूतड़ों पर गिरी, बाकी बूंद बूंद करके जमीन पर गिरने लगी। उधर विजय भी अपने सुहाने पलों के नजदीक पहुंच गया था और फिर काजल को दबाते हुये अपना लण्ड चूतड़ बाहर खींचते हुये निकाल लिया और आह भरते हुये वीर्य निकालने के लिये जोर लगाने लगा। मुकेश ने तुरन्त उसका लण्ड पकड़ा और मुठ मारने लगा। विजय काजल से लिपट पड़ा और आखिर उसने अपना वीर्य पिचकारी की तरह छोड़ना चालू कर दिया। मुकेश ने उसका वीर्य निकालने में पूरी सहायता की।
विजय और मुकेश बिस्तर पर आ कर बैठ गये और सुस्ताने लगे… जब कि काजल तरोताजा लग रही थी। दोनों ने अपने अपने कपड़े उठाये और पहनने लगे। काजल ने यह देख कर उन्हें ललकारा,”बस मेरे जवानो … थक गये क्या… जवानी का मजाक मत बनाओ… साले… नामर्दों… !”
दोनों ने उसे आश्चर्य से देखा… और दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और काजल को झपट कर बिस्तर पर लेटा दिया।
“क्या कहा… नामर्द … थक गये हैं … तेरी तो मां चोदी… देख अब तेरा क्या हाल करते हैं…”
काजल खिलखिला कर हंस पड़ी…” देखा मस्त चुदना हो तो नामर्दी की बात कह दो … फिर देखो चुदाई का मजा… अरे मेरे नमूनो, बाहर पुलिस होगी, रात भर यहीं रहो, मुझे चोदो और जश्न मनाओ… दारू पीते हो…? चलो दो दो पेग लगाओ और चालू हो जाओ !”
ये सुनते ही दोनों ने उसे छोड़ा और दारू पीने बैठ गये। काजल मुकेश की गोदी में लण्ड के ऊपर दोनों पांव इधर उधर करके कमर में लपेट कर बिस्तर पर बैठ गई।
अब मुकेश के खड़े का लण्ड का दबाव सामने उसकी चूत पर पड़ रहा था। काजल को उसका लण्ड अपनी चूत में सरकाने में कोई परेशानी नहीं आई। बड़ी शान्ति से उसका लण्ड सरकता हुआ उसकी चूत में बैठ गया।
विजय को पता तक नहीं चला कि काजल की चुदाई फिर चालू हो चुकी थी। वो दारू पीने में मस्त था। मुकेश भी गिलास से एक एक घूण्ट हलक से नीचे उतारता और अपने चूतड़ो को हल्के से ऊपर नीचे करके एक शॉट मार देता…
काजल भी धीरे धीरे एक एक घूंट लेती और मस्ती से मुकेश से चिपक जाती… माहौल धीरे धीरे फिर से गर्म होने लगा था। काजल की गाण्ड भी चुदने को तैयार थी… दो जवान लण्ड उसे चोदने का फिर से यत्न करने लगे थे… Hindi Porn Stories
sex stories....मेरा नाम गिन्नी है. मेरी उम्र 19 साल की है और मैं बहुत ही खूबसूरत हूँ. मेरी दो सहेलियां हैं जिनका नाम पिंकी और शिखा है. वो दोनों मेरे साथ ही कॉलेज में पढ़ती थीं. हम तीनों ही बहुत ही सेक्सी थी. कॉलेज में ही हमारा ढेर सारे लड़कों से शारीरिक सम्बन्ध था. हम तीनों ही उन सब लौंडों से खूब चुदवाती थीं.
शिखा चुदवाने में सबसे ज्यादा तेज थी. शिखा हमेशा ही खूब लम्बे और मोटे लंड की तलाश में रहती थी.
पिंकी को कई लड़कों से एक साथ चुदवाने में ज्यादा मजा आता था लेकिन उसे ज्यादा लम्बा और मोटा लंड पसंद नहीं था. जहाँ तक मेरा सवाल है तो मुझे एक साथ चुत और गांड दोनों में लंड लेना पसंद था.
पढ़ाई खत्म होने के बाद पिंकी और मैं 2 साल के लिए दूसरे शहर में पढ़ने चली गई. हमारे जाने के 6 महीने के बाद ही शिखा की शादी उसी शहर में जय के साथ हो गई थी. जय बहुत ही अमीर आदमी था और अय्याश भी था. शिखा ने हम दोनों को भी शादी में बुलाया लेकिन हम उसकी शादी में नहीं आ सकी.
शिखा ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह पर हम दोनों को बुलाया. मैं पिंकी के साथ शिखा के पास आ गई. शिखा ने हम दोनों को देखा, तो बहुत खुश हो गई. हम सबने आपस में खूब बातें की.
शिखा ने मुझे बताया कि वो शादी के बाद से और ज्यादा सेक्सी हो गई थी और वो कई आदमियों से चुदवा चुकी थी. उसकी एक दलाल से जान पहचान हो गई थी, जो कि अमीर औरतों को आदमी सप्लाई करता था. मैं जानती थी कि ये मुंबई के लिए आम बात है..
शिखा ने हम दोनों को लगभग 150 आदमियों के फोटो दिखाए और बोली- मैं इन सबसे चुदवा चुकी हूँ. वो सभी आदमी फोटो में एकदम नंगे थे. उन सब आदमियों का लंड एक से बढ़कर एक था. किसी का भी लंड 8″ से कम लम्बा नहीं था.
मैंने शिखा से कहा- इन सबका लंड तो बहुत ही लम्बा और मोटा है.
वो बोली- तू तो जानती ही है कि मुझे तो खूब मोटा और लम्बा लंड ही पसंद आता है और उसी से चुदवाने में मुझे मजा भी आता है. आज मैंने एक पार्टी रखी है. आज हम सब सारी रात चुदाई का पूरा मजा उठाएंगे.
फिर शिखा ने 6 मर्दों के फोटो हमारे सामने रखते हुए कहा- मैंने आज इन सबको बुलाया है.
मैंने पूछा- अगर जय आ गया तो?
वो बोली- वो तो महीने में 25 दिन बाहर ही रहता है. इसीलिए तो मैंने दूसरे आदमियों से चुदवाना शुरू किया है.
मैंने कहा- जय तुझे कुछ कहता नहीं है?
वो बोली- वो भी तो अय्याश है और तमाम लड़कियों को चोदता रहता है. मैं उसके सामने भी कई बार चुदवा चुकी हूँ.
मैंने कहा- तो फिर तूने आज 6 मर्दों को क्यों बुलाया है?
शिखा बोली- क्या तुम सबको नहीं चुदवाना है?
मैंने कहा- चुदवाना तो है लेकिन 6 मर्द एक साथ?
वो बोली- तो क्या हुआ? ज्यादा लंड होंगे तभी तो चुदाई का असली मजा आएगा.
मैंने कहा- इन सभी के लंड 11″ से कम नहीं हैं.
वो बोली- इसीलिए मैंने केवल इन्हें ही बुलाया है. मैं तो आज रात इन सबसे कम से कम 1 बार जरूर चुदवाऊंगी.
पिंकी बोली- शिखा, तू तो जानती है कि मुझे कई मर्दों से एक साथ चुदवाना पसंद है, लेकिन मैं ज्यादा लम्बा और मोटा लंड पसंद नहीं करती.
शिखा बोली- छोड़ यार, तूने लम्बे और मोटे लंड का मजा कभी लिया ही नहीं, फिर तू क्या जाने कि खूब लम्बे और मोटे लंड से चुदवाने का मजा क्या होता है. आज तो मैं तुझे इन सबसे जरूर चुदवाऊंगी.
पिंकी बोली- तब मेरी हालत एकदम खराब हो जाएगी क्योंकि इसमें से किसी का लंड 11″ से कम लम्बा नहीं है. मैं तो सुबह तक बिस्तर पर से हिलने डुलने के काबिल ही नहीं रहूँगी.
शिखा बोली- क्यों तुझे कल सुबह कहीं जाना है क्या?
पिंकी बोली- नहीं यार, कहीं नहीं जाना है. हम दोनों तो तेरे पास कम से कम 10 दिनों तक रहेंगी.
शिखा बोली- फिर सारा दिन तू बिस्तर पर ही आराम करना.
पिंकी- ठीक है.
उसके बाद शिखा ने मुझसे कहा- तेरा क्या ख्याल है गिन्नी?
मैंने कहा- तू तो जानती ही है, मुझे एक साथ दो लंड अन्दर लेना पसंद है. मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है. मैं पहले भी 11″ लम्बा लंड अन्दर ले चुकी हूँ. मैं तो इन सबसे कम से कम 2 बार जरूर चुदवाऊंगी.
शिखा बोली- फिर ठीक है. आज रात हम सबको चुदवाने में खूब मजा आएगा.
सारा दिन हम गपशप करते रहे. रात के 8 बजे एक सूमो आकर खड़ी हुई. उसमें से 6 हट्टे कट्टे जवान मर्द बाहर आए. मैं उन्हें देखकर खुश हो गई. पिंकी उन्हें देख कर थोड़ा परेशान हो गई.
शिखा ने पिंकी से पूछा- तू क्यों परेशान है.
वो बोली- इन सबके लंड के बारे में सोच कर मैं परेशान हूँ.
शिखा बोली- फिर तो आज सबसे पहले मैं तेरी ही चुदाई कराऊंगी.
पिंकी बोली- नहीं, मैं सबसे बाद में चुदवाऊंगी.
शिखा ने कहा- तू लाख कोशिश कर ले लेकिन आज मैं सबसे पहले तुझे ही इन सबके हवाले करूँगी. ये सब तेरी चुदाई कर करके तेरी चुत को एकदम चौड़ा कर देंगें.
पिंकी बोली- इसका मतलब आज तू मेरा कत्ल करवाने पर तुली है.
शिखा बोली- कुछ ऐसा ही समझ ले.
पिंकी बोली- ये सब मेरी चुत की हालत खराब कर देंगें और साथ में मेरी भी.
शिखा बोली- मुझसे शर्त लगा ले. कल सुबह के पहले अगर तूने खुद ही इस अनिल से दोबारा नहीं चुदवाया तो मैं अपना नाम बदल दूँगी.
पिंकी बोली- ये अनिल कौन है?
शिखा बोली- अनिल सबसे ज्यादा देर तक चोदता है और बहुत ताकतवर भी है. मैं सबसे पहले उसी से तेरी चुदाई कराऊंगी.
ये सुन कर पिंकी चुप हो गई.
वो सभी अन्दर आ गए.
शिखा ने कहा- तुम सब कुछ पियोगे?
उसमें से एक बोला- आज रात बहुत मेहनत करनी है. हो सके तो कुछ ड्रिंक पिला दो.
शिखा ने उन सबको 1 बोतल शराब लाकर दे दी.
वो सब शराब पीने लगे.
शिखा ने पिंकी की तरफ़ इशारा करते हुए अनिल से कहा- ये मेरी सहेली पिंकी है. आज तक इसने 7″ से ज्यादा लम्बे लंड से नहीं चुदवाया है. तुम सबसे पहले इसकी चुदाई करो. मैं नहीं चाहती कि इसे बार बार तकलीफ़ उठानी पड़े. तुम इसकी चुत में एकदम बेरहमी से अपना लंड घुसा देना.
अनिल बोला- मैडम, फिर तो ये बहुत चिल्लाएगी.
शिखा ने कहा- तो क्या हुआ… एक बार ही तो चिल्लाएगी, उसके बाद इसे इन सबसे चुदवाने में मजा आएगा.
वो बोला- ठीक है मैडम, मैं एकदम रेडी हूँ, आप कहें तो मैं चुदाई शुरू कर दूँ?
शिखा बोली-हाँ, शुरू कर दो.
पिंकी ने शिखा से कहा- तू मुझे मरवाएगी क्या?
शिखा बोली- नहीं यार, मैं एक बार में ही तेरा काम तमाम कर देना चाहती हूँ, जिससे हम सब एक साथ मजा ले सकें. इसीलिए तो मैं सबसे पहले अनिल से ही तेरी चुदाई करने को कह रही हूँ.
तब तक अनिल पिंकी के पास आ गया. उसका लंड एकदम टाईट हो चुका था. उसका लंड लगभग 11″ लम्बा और 3″ मोटा था और वो बहुत ताकतवर भी लग रहा था. उसने पिंकी के सारे कपड़े उतार दिए और उसे बेड के किनारे लिटा दिया. उसके बाद वो पिंकी के पैरों के बीच में जमीन पर खड़ा हो गया.
उसने पिंकी की चुत के मुँह को फैला कर अपना लंड बीच में रख दिया.
शिखा ने बाक़ी के आदमियों को इशारा कर दिया, तो वो सभी पिंकी के पास आ गए. उन सबने पिंकी के हाथ जोर से पैर पकड़ लिए. एक ने अपना लंड पिंकी के मुँह में दे दिया. पिंकी उसका लंड चूसने लगी. तभी अनिल ने एक धक्का मारा. पिंकी ने उस आदमी का लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया और जोर जोर से चिल्लाने लगी. उस आदमी ने दूसरा धक्का लगाया तो पिंकी बुरी तरह से चीखने लगी.
शिखा बोली- तू इतना चीख क्यों रही है.. साली 7″ लम्बा लंड तो तू पहले ही अन्दर ले चुकी है. इसका लंड तो अभी तेरी चुत में केवल 5″ ही घुसा है.
पिंकी बोली- इसका मोटा भी तो बहुत है.
अनिल जैसे ही रुका तो शिखा ने उसे जोर से डांटा- क्यों बे, रुक क्यों गया. घुसा अपना पूरा लंड इसकी चुत में.
अनिल बोला- गलती हो गई मैडम. अब मैं नहीं रुकूँगा.
अनिल ने पूरी ताकत के साथ बहुत ही जोरदार दो धक्के लगाए. इन दो धक्कों के साथ ही उसका लंड पिंकी की चुत में 8″ तक अन्दर घुस गया. पिंकी की चुत से खून निकलने लगा और वो बहुत ही बुरी तरह से चिल्लाने और तड़फने लगी. पिंकी का सारा बदन पसीने से लथपथ हो चुका था.
अनिल ने एक गहरी सांस लेते हुए दो बहुत ही जोरदार धक्के और लगा दिए. इन दो धक्कों के साथ ही उसका लंड पिंकी की चुत में 10″ तक अन्दर घुस गया. पिंकी की चुत बुरी तरह से फैल चुकी थी. उसकी चुत ने अनिल के लंड को बुरी तरह से जकड़ रखा था. तभी अनिल ने पूरे ताकत के साथ बहुत ही जोर का धक्का मारा. इस धक्के के साथ ही उसका पूरा का पूरा लंड पिंकी की चुत में समा गया. उसके बाद अनिल ने पिंकी की चुदाई शुरू कर दी.
शिखा ने पिंकी से कहा- आखिर तूने इसका 11″ लम्बा लंड अन्दर ले ही लिया. अब तो तुझे खूब मजा आ रहा होगा.
वो बोली- मैं दर्द के मारे मरी जा रही हूँ और तुझे मजाक सूझ रहा है.
शिखा बोली- मेरी जान, बस 10 मिनट में ही तू एकदम पक्की चुदक्कड़ बन जाएगी और तुझे वो मजा आएगा कि तू भी मेरी तरह कभी छोटा और पतला लंड पसंद ही नहीं करेगी.
पिंकी मजा लेते हुए बोली- ये तो है.. लम्बा और मोटा लंड अन्दर लेने के बाद छोटा लंड भला किसे पसंद आएगा.
अनिल पिंकी को चोदता रहा और पिंकी मजे से चिल्लाती रही. दस मिनट की चुदाई के बाद जब पिंकी शांत हो गई तो शिखा ने अनिल से कहा- अब तू रहने दे.
पिंकी बोली- अब मुझे मजा आ रहा है तो तू इसे मना क्यों कर रही है.
शिखा बोली- अब तुझे रमेश चोदेगा, फिर उसके बाद राज.. जब तक मैं नहीं कहूँगी तब तक कोई भी अपने लंड का जूस तेरी चुत में नहीं निकालेगा.
पिंकी कलप कर बोली- तू ऐसा क्यों कर रही है?
शिखा बोली- बस, तू केवल देखती जा.
अनिल हट गया तो रमेश पिंकी को चोदने लगा. करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद राज ने पिंकी को चोदना शुरू किया. उसने भी लगभग 15 मिनट तक पिंकी की चुदाई की. उसके बाद कमल, केशरी और शिव ने पिंकी को लगभग 15-15 मिनट तक चोदा. पिंकी को अब मजा आने लगा था और उसे अब जरा सा भी दर्द नहीं हो रहा था. शिखा ने सभी को मना कर रखा था, इसलिए किसी ने अपने लंड का जूस उसकी चुत में नहीं निकाला.
शिखा ने अनिल और रमेश से मुझे चोदने को कहा. उन दोनों का लंड एक ही साइज़ का था. मैं अनिल के ऊपर आ गई और उसका लंड अपनी चुत में डाल लिया. रमेश मेरे पीछे आ गया और उसने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया. उसके बाद वो दोनों मुझे चोदने लगे.
राज शिखा को चोदने लगा. शिखा भी खूब मज़े ले ले कर चुदवा रही थी. मुझे भी खूब मजा आ रहा था.
बहुत दिनों के बाद मुझे बहुत अच्छे लंड से एक साथ चुदवाने का मौका मिला था. मैं भी जोर जोर से सिसकारियां भरते हुए उन दोनों के जोश को बढ़ा रही थी. वो दोनों भी बहुत ताकतवर थे और बहुत ही जोर जोर के धक्के लगा रहे थे.
उधर पिंकी पूरी मस्ती के साथ कमल, केशरी से चुदवा चुकी थी. अब उसे शिव चोद रहा था. उसे चुदवाते हुए लगभग 1 घंटे हो चुके थे. वो अब तक कई बार झड़ भी चुकी थी. अनिल और रमेश भी मुझे लगभग 30 मिनट तक चोद चुके थे. उन दोनों के हट जाने के बाद कमल और केशरी मुझे चोदने लगे. वो दोनों मेरी चुत और गांड की बुरी तरह से धुनाई कर रहे थे. मैं भी एकदम मस्ती के साथ चुदवा रही थी.
शिखा ने सभी को मना कर रखा था कि किसी के लंड से जूस नहीं निकलना चाहिए. वो सभी जब झड़ने वाले होते तो हट जाते थे. जब थोड़ी देर में उनका जोश कुछ ठंडा पड़ जाता तो वो फिर से शुरू हो जाते थे. वो सभी बारी बारी से हम तीनों की चुदाई कर रहे थे.
लगभग 3 घंटे तक हम सबकी चुदाई चलती रही. शिखा ने उन सबसे कहा- अब तुम सब रुक जाओ. वो सब हमारी चुतों से अपना लंड बाहर निकाल कर खड़े हो गए.
शिखा ने कहा- अनिल, अब तुम्हें मेरी गांड मारनी है.
अनिल बोला- मैडम, आप ने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई है.
वो बोली- तो क्या हुआ. आज मेरे साथ मेरी सहेलियां भी हैं, इसलिए आज मैं गांड भी मरवाऊंगी. तुम मेरी गांड मारना शुरू कर दो. मुझ पर जरा सा भी रहम मत करना और पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में घुसेड़ कर ही दम लेना.
वो लंड सहलाता हुआ बोला- ठीक है मैडम.
उसके बाद शिखा ने रमेश से कहा- रमेश, तुम पिंकी की गांड मारो और अपना पूरा लंड उसकी गांड में घुसा कर ही रुकना. नहीं तो समझ लो कि मैं तुम्हारे साथ क्या सलूक करूँगी.
वो बोला- मैडम, मैं कोई गलती नहीं करूँगा.
पिंकी बोली- तू मुझे क्यों मारने पर तुली हुई है.
शिखा बोली- मैंने इसीलिए 6 आदमियों को बुलाया था. अब तू रमेश का लंड अपनी गांड के अन्दर लेगी और गिन्नी राज से गांड मरवाएगी. उसके बाद हम सबको 2-2 आदमी एक साथ चोदेंगें.
अनिल ने शिखा की गांड में अपना लंड घुसाना शुरू कर दिया. शिखा बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी. रमेश भी अपने लंड का सुपारा पिंकी की गांड के छेद पर रख चुका था.
पिंकी ने शिखा से कहा- खुद तो दर्द के मारे मरी जा रही है और मुझे भी फंसा दिया.
तभी रमेश का बहुत ही जोर का धक्का लगा. पिंकी जोर जोर से चीखने लगी. मैं खड़ी हो कर तमाशा देख रही थी. अनिल और रमेश पूरी ताकत के साथ जोर जोर के धक्के लगा रहे थे. सारा रूम चीखों से गूँज रहा था.
तभी राज ने मुझसे कहा- मैडम मैं भी शुरू कर दूँ?
मैंने कहा- मैं तो आदी हूँ. जरा इन दोनों की गांड में पूरा लंड तो घुस जाने दो उसके बाद तुम मेरी गांड मार लेना.
फिर 5 मिनट में ही शिखा और पिंकी की गांड में उन दोनों का पूरा का पूरा लंड समा चुका था. वो दोनों अब उनकी गांड मार रहे थे.
मैंने राज से कहा- चलो अब तुम भी शुरू हो जाओ.
राज ने मेरी गांड मारनी शुरू कर दी. शिखा और पिंकी अभी भी बहुत जोर जोर से चीख रही थीं.
राज बहुत ही जोर जोर के धक्के लगाता हुआ मेरी गांड मार रहा था. मुझे खूब मजा आ रहा था. दस मिनट के बाद शिखा और पिंकी शांत हो गईं. अब उन दोनों की गांड में अनिल और रमेश का लंड सटासट अन्दर बाहर होने लगा था. उन दोनों ने 10 मिनट तक और गांड मरवाई.
उसके बाद शिखा बोली- अनिल और रमेश अब तुम दोनों रुक जाओ.
उन दोनों ने अपना लंड उनकी गांड से बाहर निकाला और हट गए.
शिखा बोली- रमेश तुम लेट जाओ. मैं तुम्हारे ऊपर आ कर तुम्हारा लंड अपनी चुत में डाल लेती हूँ और कमल पीछे से मेरी गांड मारेगा.
उसके बाद शिखा ने अनिल से कहा- तुम भी लेट जाओ. पिंकी तुम्हारे ऊपर आ कर तुम्हारा लंड अपनी चुत में डाल लेगी और केशरी उसके पीछे आ कर उसकी गांड मारेगा.
उसके बाद शिखा ने शिव से कहा- गिन्नी राज का लंड अपनी चुत में डाल लेगी और तुम पीछे से उसकी गांड मारना. इस बार तुम सब हमारी चुत और गांड को अपने लंड के जूस से भर देना.
वो सब बोले- ठीक है मैडम.
शिखा ने जैसा कहा था, ठीक उसी तरह से हम सबकी चुदाई शुरू हो गई. लगभग 1 घंटे तक हमारी खूब जम कर चुदाई हुई. पिंकी ने पूरी मस्ती के साथ 2-2 लंड का एक साथ मजा लिया. शिखा ने भी पहली बार गांड मरवाने का पूरा मजा उठाया.
शिखा ने पिंकी से पूछा- क्यों बेबी, मजा आया?
पिंकी मुस्कुराते हुए बोली- कसम से बहुत मजा आया. मैं ज्यादा लम्बे और मोटे लंड से बहुत डरती थी लेकिन आज मेरा सारा डर खत्म हो गया. अब तो मैं हमेशा केवल खूब लम्बे और मोटे लंड से ही चुदवाऊंगी. तुम इन सभी से कह दो कि बिना रुके ही खूब जम कर मेरी चुदाई करें और मेरी चुत और गांड को अपने लंड के जूस से एकदम भर दें.
शिखा हंस कर बोली- ऐसा ही होगा, रानी जी.
पिंकी ने आँख मार दी.
शिखा ने उन सबसे कहा- तुमने सुना कि ये क्या कह रही हैं. अब तुम सब शुरू हो जाओ और मेरी सहेली को एकदम मस्त कर दो. ये जब तक मना ना करे, तुम सब इसे खूब जम कर चोदना.
उन सभी ने सुबह होने तक पिंकी को तरह तरह के आसनों में खूब जम कर चोदा और उसकी गांड मारी. सुबह को पिंकी ने उन सभी को खुद ही मना कर दिया. वो एकदम मस्त हो चुकी थी और थक कर चूर भी.
उसके बाद शिखा ने उन सबसे कहा- तुम सब 1-2 घंटे आराम कर लो. उसके बाद गिन्नी को भी इसी तरह से चोदना.
मैंने शिखा से कहा- क्या तू ऐसे ही रहेगी?
शिखा बोली- मेरा क्या, मैं तो हमेशा ही चुदवाती रहती हूँ. तुम दोनों मेरी सहेली हो और मेहमान भी.. पहले तुम दोनों का अच्छी तरह से स्वागत होना चाहिए.
उन सबने 2 घंटे तक आराम किया और फिर उसके बाद वो सब मुझ पर टूट पड़े. उन्होंने बहुत देर तक लगातार खूब जम कर मेरी चुदाई की और मेरी गांड भी मारी. मैं भी पिंकी की तरह से एकदम मस्त हो गई. मुझे बहुत दिनों के बाद चुदाई का मजा मिला और वो भी जी भर के मिला.
दोपहर के 3 बजे वो सब जाने लगे तो शिखा ने अनिल, रमेश और राज से कहा- तुम तीनों रात के 8 बजे आ जाना.
उसके बाद वो सब चले गए. पिंकी ने शिखा से कहा- अब जब मुझे चुदाई का असली मजा मिल गया है तो तूने आज केवल तीन को ही क्यों बुलाया है.
शिखा बोली- मेरी रानी, देखती जाओ.
शिखा ने अपने दलाल को फोन किया और उससे कहा कि रात के 8 बजे 6 आदमियों को और भेज देना लेकिन एक बात का ध्यान रखना कि उन सभी का लंड 11″ से कम नहीं होना चाहिए और साथ में खूब मोटा भी होना चाहिए.
दलाल ने कहा कि भेज दूँगा.
रात के 8 बजे सूमो से 9 लोग आ गए. उन सभी का लंड एक से बढ़ कर एक था. उसमें से एक का नाम जयंत था. उसका लंड देखते ही पिंकी बहुत खुश हो गई.
शिखा ने पिंकी से पूछा- क्या बात है, तू जयंत को देख कर बहुत खुश हो रही है?
पिंकी बोली- मुझे इसका लंड बहुत ही शानदार लग रहा है. मैं तो आज सबसे पहले इसी से चुदवाऊंगी.
शिखा ने कहा- तू तो ज्यादा लम्बे और मोटे लंड से बहुत डरती थी.. आज तुझे क्या हो गया?
पिंकी बोली- तूने खूब लम्बे और मोटे लंड से मेरी चुदाई करा कर मेरी चुत और गांड में आग लगा दी है. अब तो मुझे इस आग को बुझाना ही है.
शिखा बोली- शाबाश बेबी, आखिर तू जान ही गई कि असली मजा क्या होता है.
जयंत का लंड लगभग 12″ लम्बा था और उन सभी के लंड से बहुत मोटा भी था. जयंत ने पिंकी की चुदाई शुरू कर दी. पिंकी जोर जोर से चीखने लगी.. लेकिन आज वो ज्यादा नहीं चीखी और थोड़ी ही देर में शांत हो गई. उसे जयंत से चुदवाने में खूब मजा आया. जयंत से चुदवाने में मैं भी बहुत चीखी और चिल्लाई लेकिन बाद में मुझे भी खूब मजा आया. शिखा का भी वही हाल हुआ. वो भी बहुत चीखी और चिल्लाई लेकिन बाद में उसे भी खूब मजा आया.
सुबह तक उन सभी ने हमारी खूब जम कर चुदाई की और गांड भी मारी. हम सब पूरी तरह से मस्त हो चुकी थीं. उसके बाद वो सब चले गए.
मैं पिंकी के साथ शिखा के पास 10 दिनों तक रही. हम सबने खूब जम कर चुदाई का मजा लिया.
एक दिन तो शिखा ने एक साथ 15 आदमियों को बुला लिया था. उन सभी ने तो हमारा चोद चोद कर बुरा हाल कर दिया. वो सभी रात के 8 बजे आए थे उन्होंने दूसरे दिन दोपहर तक हमारी खूब जम कर चुदाई की और गांड भी मारी. उन सभी ने उस दिन हम तीनों को चोद चोद कर और हमारी गांड मार मार कर ऐसा बुरा हाल कर दिया था कि उनके जाने के बाद हम तीनों शाम तक बिस्तर पर से उठने के काबिल ही नहीं रह गए थे.
मेरी चुत और गांड का मुँह पहले से भी ज्यादा चौड़ा हो चुका था. पिंकी का तो पूछो मत, उसकी चुत और गांड भी एक चौड़े साइज़ की हो चुकी थी. उसे ही सबसे ज्यादा मजा आया. उसके बाद मैं पिंकी के साथ वापस चली आई.
वापस आते समय शिखा ने कहा- जब कभी भी इच्छा हो, आ जाना.
मैंने कहा- मैं जरूर आऊँगी.
पिंकी बोली- क्या तू मुझे अपने साथ नहीं ले आएगी?
मैंने पिंकी से मजाक किया, तुझे तो ज्यादा लम्बा और मोटा लंड पसंद ही नहीं है. फिर तू आकर क्या करेगी.
पिंकी ने मेरे गाल काट लिए और बोली- मेरी चुत और गांड में तो अभी भी आग लगी हुई है.
मैंने कहा- चल मैं तेरे लिए फ़िर से लंड ब्रिगेड बुला दूँगी. मेरी बात सुनकर वो जोर जोर से हंसने लगी.
पति सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरा पति मुझ पर शक करने लगा था कि मैं बाहरी लंडों से चुदती हूँ। तो एक रात मैं पति से चुदने के मूड में घर गयी. वहां क्या ड्रामा हुआ?
दोस्तो, मैं सिमरन, फिर से अपनी हॉट सेक्स स्टोरी के साथ लौट आई हूं।
पिछले कुछ दिनों से मैं अपने ऑफिस के काम में इतनी व्यस्त हो गई थी कि चुदाई के बारे में सोचना जैसे बंद ही कर दिया था मैंने!
दिमाग की दही हो गई थी।
मेरे अंदर की सारी फीलिंग्स जैसे सूख गईं थी।
मेरे साथ काम करने वाले लोगों को लगने लगा था कि मैं पागल हो चुकी हूं।
लेकिन मेरे पति को लगता था कि मैं दूसरे लड़कों के साथ चुदाई करवाकर उसको धोखा दे रही हूं।
वह मुझे कभी भी कॉल कर देता था, यह देखने के लिए कि कहीं मैं किसी के पास चुदाई तो नहीं करवा रही!
इन बेवजह की कॉल्स ने मेरे दिमाग का बैलेंस खराब कर दिया था।
इन दिनों मुझसे फोन पर बात करते हुए वह बताता था कि मेरा पति सेक्स करते हुए किन डर्टी पोजीशन में वह मुझे चोदना चाहता है।
दारू के नशे में कई बार तो वह मुझे रंडी कहता था जो अपने पति को भूल चुकी है।
इसलिए अपना काम खत्म करके एक छोटी सी ऑफिस पार्टी के बाद मैं अब चुदाई का पूरा मजा लेना चाहती थी।
तो सबसे पहली चीज जो मैंने की वो ये कि मैं पार्लर गई और अपनी बॉडी (जरूरी जगहों पर) के सारे बाल साफ करवा दिए।
मैंने एक नया लुक कैरी किया।
जब मैं शीशे के सामने आई तो देखकर हैरान रह गई कि मैं थोड़ी मोटी होने के बाद कितनी सेक्सी लग रही थी!
मेरा बदन अब विद्या बालन जैसा लग रहा था।
अगर आपको विद्या बालन की ‘डर्टी पिक्चर’ याद है तो मैं बिल्कुल ‘सिल्क’ जैसी ही लग रही थी।
मैं अपने हस्बेंड को सरप्राइज देने और उसके लंड को खुश करने घर पहुंची।
लेकिन घर पहुंचने के बाद उसके बदले हुए तेवरों से मैं ही सरप्राइज हो गई।
मैं- हो क्या गया है तुम्हें! तुम तो मुझे चोदने के लिए मरे जा रहे थे तो अब क्यों नहीं चोद रहे हो?
पति के सामने मैं पारदर्शी नाइटी में खड़ी थी, मैंने अंदर से सफ़ेद ब्रा पैंटी पहनी थी ताकि पति सेक्स के लिए उत्तेजित हो जाए.
हस्बेंड (नशे में)- फक ऑफ बिच! (निकलो यहां से, रंडी!)
मुझसे यह बर्दाश्त नहीं हुआ।
मैंने उसके फुस्सी लंड पर खूब ताने मारे जो अब उठना बंद हो चुका था।
रात के 11.30 बज रहे थे।
वह बेड से उठा और घर से बाहर निकल गया।
मैंने अपने कॉलेज वाले यार को कॉल किया लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा था।
तो मैंने अपना वाइब्रेटर लिया और हार्ड सेक्स के बारे में कल्पनाएं करने लगी।
मेरे पति ने फोन पर जो सेक्सी बातें की थी, मैं उन सबके बारे में सोचने लगी।
पति सेक्स की सोचते हुए ही मैं गर्म होने लगी।
मैं अपनी गांड पर तमाच मारने लगी; चूचियों को चांटें लगाने लगी और निप्पलों को खींचने लगी।
अपनी चूत को भी मैं थ्रीसम सेक्स घटनाओं के बारे में सोचते हुए जोर से रगड़ने लगी।
अब किसी मर्द को अपने इशारों पर नचाने की फीलिंग मुझे नहीं आ रही थी क्योंकि इस वक्त मुझे सेक्स चाहिए था।
चूत चुदवाने के लिए मरी जा रही थी मैं!
ऐसा पहली बार हो रहा था जब लंड न मिलने पर मैं झुंझलाने लगी थी।
यहां तक कि मैं अपनी बिल्डिंग में रहने वाले एक दो कॉलेज के लड़कों को बुलाने तक के बारे में भी सोचने लगी थी।
हालांकि वे दोनों रोज मेरी बॉडी को ताड़ते थे और मुझे रोज चोदने के ख्यालों में डूबे रहते थे।
किस्मत से मेरे बॉयफ्रेंड का फोन मेरे पास आ गया।
मैं उसकी आवाज सुनकर बहुत खुश हो गई।
उसको भी पता चल गया होगा कि मुझे उसकी कितनी जरूरत महसूस हो रही है।
वह बोला- क्या हुआ रंडी! लग रहा है लंड की जरूरत है तुझे!
मुझे नहीं पता उसे क्या हो गया था।
नशे में होने के बाद भी वह मुझसे ऐसे बात नहीं करता था।
मैंने थोड़ा घबराते हुए उसे याद दिलाया कि ये मैं थी।
वह बोला- हां जानता हूं, ये तुम ही हो, सिमी! मैंने तुझे रंडी इसलिए बुलाया क्योंकि तुम मुझे तभी कॉल करती हो, जब तुम्हें लंड चाहिए होता है, जैसे कि मैं ही तुम्हारी रंडी हूं।
मैं जानती थी कि वह ये सारी बातें सच ही बोल रहा था।
लेकिन उस वक्त वही था जो मेरी चूत को लंड दे सकता था।
और मैं इस वक्त कोई भी चांस नहीं लेना चाहती थी अपनी चूत की प्यास मिटाने के लिए।
मैं- मैं सेक्सी साटिन की नाइटी में तुम्हारा इंतजार कर रही हूं। मेरा फुद्दू पति घर पर नहीं है। इसलिए बकवास बंद करो और जल्द से जल्द मेरे घर आ जाओ।
आधे के बाद मेरे घर की डोरबेल बजी।
मैं दरवाजे की ओर बढ़ी।
दोनों तरह के विचार मेरे मन में आ रहे थे।
सोच रही थी कि अगर मेरा हस्बेंड हुआ तो चोरी छिपे चुदाई करने का मेरा सारा प्लान खराब हो जाएगा।
मैंने दरवाजा खोला तो देखकर मैं चौंक गई।
मेरा बॉयफ्रेंड मेरे पति के साथ था और पति पूरा नशे में डूबा था।
मैं तो यह भी नहीं समझ पा रही थी कि ये दोनों आखिर मिले कहां?
सड़क पर या किसी बार में!
मैंने उन दोनों को अंदर लिया और दरवाजा बंद कर दिया।
मेरा पति चलने की हालत में नहीं था तो बॉयफ्रेंड ने उसको सोफे तक घसीट कर बिठा दिया।
अब मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनों ही पति के सामने खड़े थे।
वह समझ नहीं पा रहा था कि आखिर उसके साथ हो क्या रहा है।
उसके सामने ही मेरा बॉयफ्रेंड मेरे चूतड़ों को भींचते हुए उन पर चिकोटी काटने लगा।
मेरा मूड अब खराब हो चुका था लेकिन वो कोशिश कर रहा था कि मैं फिर से गर्म हो जाऊं।
पति (जैसे चिल्लाते हुए)- जान, तुम जानती हो ये कौन है?
मैंने सोचा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि मेरे बॉयफ्रेंड ने बता दिया होगा कि वो मेरा पुराना यार है। उधर मेरे बॉयफ्रेंड के चेहरे का आत्मविश्वास देखकर मैं सोच में पड़ गई थी कि आखिर कौन सा सरप्राइज मेरे सामने आने वाला है।
पति- इसका नाम प्रेम है, यह जवान लड़के-लड़कियों के लिए एक लव गुरू है। मुझे लगता है कि तुम्हें भी इसके साथ हमारी मैरिड लाइफ के बारे में बात करनी चाहिए। आह … अह … मैं चलता हूं.
मेरा पति एकदम से उठा और टॉयलेट की ओर लपका, उसे पेशाब लगी थी क्योंकि उसने बार में काफी दारू पी ली थी।
उधर मेरे बॉयफ्रेंड ने उसके वॉशरूम में घुसने का इंतजार भी नहीं किया।
वह सोफे पर बैठा और मुझे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया।
मैं उसके लंड पर अपनी गांड को रगड़ने लगी।
वह बदले में मेरी गांड को भींचने और खींचने लगा।
हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे के होंठों को चूस और खींच रहे थे।
उसने मुझे जल्दी से डॉगी पोजीशन में झुका लिया और मेरी चूत और गांड को चाट चाटकर खाने लगा।
हम अपने में इतने खो गए थे कि दोनों में से किसी ने ध्यान भी नहीं दिया कि मेरा पति रूम में से झांक रहा है।
उसने मुझे मेरी गांड को मेरे बॉयफ्रेंड के मुंह पर रगड़ते देख लिया।
पति- नहीं-नहीं … तुम गलत समझ गई प्रेम को … उसके चेहरे पर से अपनी गांड को हटाओ, रंडी!
वह आया और उसने बॉयफ्रेंड का मुंह मेरी गांड से हटा दिया।
उसने मुझे सोफे पर धकेल दिया।
दरअसल वह जब नशे में होता है तो उसमें काफी हिम्मत आ जाती है।
पति- प्रेम तुम मुझे बताओ कि इस मोटी रंडी औरत को कैसे कंट्रोल करना है। देखो, वह मुझे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है!
मेरे पति से अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था, ना ही कुछ ढंग से बोला जा रहा था।
वह समझ रहा था कि मेरा बॉयफ्रेंड कोई मैरिज काउंसलर है।
उसने मेरी चूत को पकड़ लिया और उसके सामने खड़ी कर दिया।
मैं उससे दूर जाने की कोशिश करती तो वो मेरी गांड पर थप्पड़ मार देता और चूत को कसकर भींच देता।
पति- देखो प्रेम, मुझे इस रंडी को अभी के अभी तमीज सिखानी है। बताते रहना मैं सही कर रहा हूं क्या …
अब उसने एकदम से अपना तना हुआ लंड मेरी सूखी चूत में सरका दिया।
उसने मुझे चोदना शुरू कर दिया।
मैं उसकी पकड़ से छूट भी नहीं पा रही थी।
मैंने अपने बॉयफ्रेंड को ही इशारा किया कि वो इसे मुझसे दूर लेकर जाए।
बॉयफ्रेंड- ये सही तरीका नहीं है, आप पूरी तरह से गलत कर रहे हो, छोड़ दो इसको!
बॉयफ्रेंड ने पति को अब सोफे पर धकेल दिया और मुझे अपने कंट्रोल में ले लिया।
उसने सोचा कि पति अब इसके लिए उसको डांटेगा, लेकिन बजाए डांटने के … मेरा पति अब मुझे उसके लव गुरू के चंगुल में देखकर लंड की मुठ मारने लगा था।
इस सब आपाधापी में मेरी नाइटी नीचे गिर चुकी थी।
मैं अब पारदर्शी ब्रा-पैंटी में खड़ी थी।
इससे मेरे पति की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ चुकी थी।
दूसरी तरफ मेरे बॉयफ्रेंड का लंड भी पूरा तना हुआ था।
वह अपने लंड को मेरी गांड में धकेलने लगा था। वह सोच रहा था कि पति को वहां से कैसे हटाया जाए, या फिर ऐसा कोई तरीका निकाला जाए कि वो मुझे मेरे पति के सामने ही चोद सके।
मेरा पति काफी नशे में था। उसका ध्यान हटाना अभी बहुत मुश्किल था।
बिना किसी चेतावनी के वो मुझपर चढ़ आया।
उसने मेरे बॉयफ्रेंड को सोफे पर धकेला और मुझे अपने कंट्रोल में ले लिया।
पति- मुझे नहीं पता तुम इसको सबक कैसे सिखाओगे, लेकिन ये मेरा तरीका है!
कहकर वो मेरी गांड पर तमाच मारने लगा, मेरी चूत के होंठों को खोलने लगा।
अब मैं लंड के लिए मरी जा रही थी और विरोध करने का मेरा कोई इरादा नहीं था।
मेरा पति मेरे बूब्स पर तमाचे मार रहा था और मुझे इसमें बड़ा मजा आ रहा था।
वह मुझे बार बार रंडी-रंडी कहकर बुला रहा था।
पति- देख, मेरा लंड अब तेरी इस छोटी सी टाइट चूत के साथ क्या करता है, अड़ियल रंडी!
मेरे पति ने मेरी चूत पर थूका और मेरे चूतड़ों को थामते हुए अपना तना हुआ लंड मेरी चूत में सरका दिया।
अब कुतिया बनी हुई मैं अपने बॉयफ्रेंड के सामने चुद रही थी।
वह मेरी गांड में उंगली घुसा रहा था, मेरी सिसकारियां निकलवा रहा था, मेरे चूतड़ों पर तमाचे मार रहा था।
साथ ही वह मेरे बॉयफ्रेंड पर भी ध्यान लगाए था।
मैंने अपने और अपने पति के बीच में इस तरह के दर्दभरे सेक्स की कभी कल्पना नहीं की थी, और वो भी मेरे बॉयफ्रेंड के सामने!
कुछ देर मेरी चूत चोदने के बाद मेरा पति मेरे ऊपर ढेर हो गया और उसने मुझे मेरे बॉयफ्रेंड के ऊपर गिरा दिया।
फिर खुद नीचे फर्श पर लेट गया।
मेरा पति सेक्स के बाद सुबह तक चैन की नींद सोता रहा।
उधर मैं अपने बॉयफ्रेंड की गोद में पड़ी थी और मेरी चूत से पति का वीर्य बहकर बाहर आ रहा था।
तब मैंने देखा कि उसकी आंखों में कोई शरारती प्लान चल रहा था।
मैंने उससे पूछा भी लेकिन उसने कुछ बताया नहीं।
लेकिन बाद में उसके जवाब ने मुझे उत्सुक कर दिया.
बॉयफ्रेंड- सिमी, अब अपनी मैरिड लाइफ का एक नया फेज एंजॉय करने के लिए तैयार हो जाओ!
The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first.
We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.