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Hindi Porn Stories

मैं शहर की एक घनी आबादी में Hindi Porn Stories रहती हूँ। आस पास दुकानों के अलावा कुछ नहीं है।
मेरे पड़ोस में मेरे ऊपर वाले कमरे के सामने ही एक कॉलेज का विद्यार्थी रहता था। मैंने जब पढ़ाई के लिये ऊपर वाले कमरे में शिफ़्ट किया था तो मेरी नजर उसकी खुली हुई खिड़की पर पड़ी। मैंने अपनी खिड़की पर पर्दा लगा लिया कि जो कोई भी वहाँ रहता हो मुझे नहीं देख पाये। पर कुछ ही दिनों में मुझे पता चल गया कि उस कमरे में rahul रहता था जो मेरे ही कॉलेज में पढ़ता था। शायद उसे कमरा अभी ही किराये पर दिया था।

मैं रात को देर तक पढ़ती थी। rahul भी रात को देर तक पढ़ता था। मैं कभी कभी झांक कर खिड़की से उसे देख लेती थी।

एक बार हमारी नजरें मिल ही गई। अब हम दोनों छुप छुप कर एक दूसरे को देखा करते थे। एक बार तो rahul खिड़की पर आ कर खड़ा ही हो गया। मुझे सनसनी सी आ गई। मैंने जल्दी से पर्दा कर दिया और पर्दे के पीछे से उसे देखने लगी, मेरा पर्दे में से देखना उसे पता था। अब वो मुझ में रूचि लेने लगा था। मुझे देख कर वो मुस्कुराता भी था। एक दिन उसने मुझे हाथ भी हिला कर अभिवादन किया था। धीरे धीरे मैं भी उससे खुलने लग गई और उसे देख कर मुस्कुराती थी।

कुछ ही दिनो में हम रात को जब कभी एक दूसरे को देखते थे तो मैं भी हाथ हिला देती थी। एक बार पत्थर में लिपटा हुआ एक कागज मेरे खिड़की के अन्दर आ गिरा। मेरा दिल धक से रह गया। मैंने उसे उठाया। तो वह rahul का पत्र था। एक साधारण सा पत्र, जिसमें सिर्फ़ शुभकामनायें थी। मैंने उसे फ़ाड़ कर नीचे फ़ेंक दिया। एक दिन मैंने भी उसे पत्र लिख दिया और उसे भी शुभकामनायें दी। बस पत्रों का सिलसिला चालू हो गया। एक दिन उसकी एक फ़रमाईश आ गई।

“स्वीटी, सिर्फ़ एक हवाई किस करो!”

मैंने शरारत में उसे हवाई किस कर दिया। अब हम पत्रों में खुलने लगे। उसने एक बार लिख दिया कि वो मुझे प्यार करता है और मिलना चाहता है। मेरा दिल बस इसी चीज़ से डरता था। मैंने मना कर दिया।
एक बार उसने लिखा- मुझे अपनी चूचियाँ खिड़की से दिखा दो।
मैंने शर्माते हुए मेरा एक स्तन उसे दिखा दिया।

मैंने जवाब में लिखा- मैं भी कुछ देखना चाहूंगी, क्या दिखाओगे?
तो उसने अपना पजामा नीचे खींच कर अपना खड़ा हुआ लण्ड दिखाया।
मुझे बड़ा रोमान्च हो आया; मुझे मजा भी आया। अब जब तब हम एक दूसरे को अपने गुप्त अंग दिखा दिखा कर मनोरंजन करने लगे।

मुझे ये नहीं पता था कि मैं जो पत्र फ़ाड़ कर नीचे फ़ेंक देती थी उसे मेरा छोटा भाई उठा कर जोड़ कर पढ़ लेता था। यहाँ हमारी प्यार और सेक्स की पींगे बढ रही, वही भैया भी मुझे चोदने का प्लान बनाने लग गया था।

एक रात को मैंने पत्र rahul की खिड़की में फ़ेंका तो वो खिड़की से टकरा कर नीचे गिर गया। मैं भाग कर नीचे गई तो वो मुझे नहीं मिला, रात में कहाँ गिरा होगा मुझे पता नहीं चला। सुबह ढूँढने की सोच लेकर मैं ऊपर आ गई; देखा तो भैया मेरे कमरे में था; उसने कहा- इसे ढूँढने गई थी क्या?”
“भैया, मुझे वापस दे दो, देखो किसी को बताना नहीं!”

उधर rahul ने देखा कि कमरे में भैया है तो उसने खिड़की बन्द कर ली।
“बताऊँगा तो नहीं अगर, जो मैं कहूँ वो करेगी तो!”
हम बिस्तर के बिस्तर पर दीवार का सहारा ले कर बैठ गये।
“हाँ हाँ कर दूंगी, इसमें क्या है… फिर वो दे देगा!”
“हाँ ज़रुर दे दूंगा… तो फिर टॉप को थोड़ा ऊपर कर दे…”
“क्या कहा…मैं तेरी बहन हूँ!” मैं उछल पड़ी।
“तो क्या… पापा से बचना है तो मुझे दुद्धू दिखा दे!” उसने मुझे धमकी दी।

मैंने हिम्मत करके अपनी आंखे बन्द कर ली और टॉप ऊपर उठा लिया। मेरे दोनों स्तन बाहर छलक पड़े। भैया ने तुरन्त मेरे स्तनों को पकड़ लिया और दबा दिया।
“ना कर भैया…” पर जैसे मेरे शरीर में बिजली कड़क उठी; सारा जिस्म एक बारगी कांप गया; मीठी सी लहर दौड़ गई।
“अब अपना स्कर्ट ऊपर कर…”
“ऐसे तो मैं नंगी दिख जाऊँगी ना!”
“वही तो देखना है…rahul को तो खूब दिखाती है!”
“पर वो मेरा भाई थोड़े ही है” मैं नर्वस होती जा रही थी पर जिस्म में एक सनसनी फ़ैल रही थी; मैं भी अब वासना में बह निकली।
“दीदी, दिखा दे ना, अच्छा देख फिर मैं भी अपना तुझे दिखाऊँगा!”
“सच, तो पहले दिखा दे, कैसा है तेरा?” मेरे स्वर भी बदलने लगे।

मुझे भैया अब सेक्सी लगने लगा था। उसकी बाते मुझे रंग में लाने लगी थी। मेरा मन अब डोलने लगा था। भैया ने जल्दी से अपना पैन्ट उतार दिया दिया और उसका लण्ड बाहर निकल आया।
“मैं छू लूँ इसे?” मुझे सनसनी सी लगी।
“नहीं नहीं छूना नहीं, पकड़ ले इसे और मसल डाल!”
“हट रे!” मैंने उसके लण्ड को पकड़ लिया, गरम हो रहा था, लाल सुपाड़ा भी चमक उठा था।

“अब बता ना तू भी!”
मैंने अपनी स्कर्ट ऊपर उठा दी।
“तूने तो पेंटी ही नहीं पहनी है!”
“अभी rahul को दिखा रही थी ना…!”
“अच्छा, तो अब ये ले!” ये कह कर उसने मुझे दबोच लिया और मेरे ऊपर आ कर कुत्ते की तरह अपने चूतड़ चलाने लगा।
“क्या कर रहा है? क्या चोदेगा मुझे…? सुन ना rahul को बुला दे ना!” मैंने मौका देख कर उसे कहा।
“पहले मेरी बारी है, फिर उसे बुला लूंगा, बहन मेरी है, पहले मैं चोदूंगा!” उसने अपना हक बताया।

“तो चोद ना जल्दी, या कहता ही रहेगा!” उसने अब जोर लगाया और लण्ड चूत में घुस पड़ा।
“अरे यार, तू तो चुदी चुदाई है, किस किस से लण्ड लिया है अब तक?”
“अरे तो चोद ना, खुद भी कौन सा पहली बार चोद रहा है?”
“तुझे क्या पता? जरूर आशा ने कहा होगा!”
“नहीं तो… अरे धक्के मार ना…!”
“तो पारुल ने कहा होगा?”
“हाय रे पारुल? मेरी सहेली? नहीं यार… लगा जरा जोर से!”
“अच्छा तो दीपिका ने बताया होगा?” एक के बाद एक सारी पोल खोलता गया।

“अरे चोद ना मुझे ठीक से, तू तो मेरी सारी सहेलियों को तो चोद चुका है, पर इन्होंने नहीं कहा, वो तो तेरे लण्ड के सुपाड़े की त्वचा फ़टी हुई है इसलिये कह रही हूँ!” मैंने हंसते हुए कहा।
“धत्त तेरे की, मैंने तो सारी पोल खोल दी… साली तू तो एक नम्बर की हरामी निकली!” उसने धक्के बढ़ा दिये।

“भैया! हाय रे दम है रे तेरे लण्ड मे…मजा आ रहा है, लगाये जा रे!” मुझे मजा आने लगा था। मैं भी उसका लण्ड चूतड़ उछाल उछाल कर ले रही थी। वो मेरे बोबे मसलता जा रहा था।
“मेरी बहन कितनी प्यारी है! क्या चूत है! अब तो रोज चोदूंगा तुझे!”
“भैया, rahul को बुला देना ना, फ़िर दोनों मिल कर चोदना, आगे से भी और पीछे से भी!”

उसके धक्के तेज हो उठे थे, मेरा भी हाल अब बुरा हो चला था। मेरी चूत अब रस छोड़ने वाली थी, मैंने भैया को जकड़ लिया और अपने चूत का जोर लण्ड पर लगाने लगी। एक लम्बी सांस के साथ
मैंने आंख बन्द कर ली और अपना बदन कसने लगी, इतने में पानी छूट पड़ा और मैं झड़ने लगी। उसी समय भैया ने भी अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरे ऊपर पिचकारी छोड़ने लगा। मेरा सारा शरीर और कपड़े सभी कुछ वीर्य से गन्दे कर दिये।
“मजा आ गया स्वीटी, अब मैं रोज चोदूंगा तुझे, तू तो यार बहुत मजा देती है!”
मैं भी झड़ कर शान्त लेटी थी और भैया को देखती रही।

भैया कुछ देर तक तो बातें करता रहा फिर जाने को हुआ।
“मैं अब जाता हूँ, रात बहुत हो गई है” पर मैं कैसे जाने देती
“चले जाना ना, अभी एक बार और मजे करे?” ये सुनते ही भैया खुश हो गया और फिर से मेरे बिस्तर पर आ गया। हम दोनों फिर आपस में गुथ गये। उसका लन्ड मेरी चूत के दरवाजे पर आ टिका… और कमरे में एक बार फिर सिसकारियाँ गूंज उठी। Hindi Porn Stories

मेरा नाम विक्की है और नरसिंहपुर जिले में मेरी दवाइयों की दुकान है. मेरा जीवन बहुत ही सेक्सी घटनाओं से भरा रहा है.

यकीन मानिए कि मेरे आज तक 100 से अधिक लड़कियों और महिलाओं के साथ सेक्स संबंध बने हैं.
इतनी अधिक संख्या में संबंध बनने का कारण यह है कि सबसे पहले तो यह कि मैं किसी भी लड़की या महिला को रंडी छिनाल रखैल वेश्या या किसी भी प्रकार की गाली से संबोधित नहीं करता.
मैं उन्हें हर हाल में सम्मान अवश्य देता हूं.
क्योंकि मेरा मानना है कि सेक्स की भूख हर महिला या पुरुष में एक जैसी होती है.
जब हम लड़के अपनी सेक्स की इच्छा का सम्मान करते हैं, तो हमें लड़कियों की इच्छा का भी सम्मान करना चाहिए.

हो सकता है कि किसी लड़की की इच्छा एक से अधिक लड़कों के साथ संभोग करने की हो, तो इसमें मैं कुछ भी गलत नहीं मानता.
दूसरा कारण यह कि मैं लड़कियों पर कभी हक जताने की कोशिश नहीं करता कि तुमने अगर मेरे साथ संबंध बनाए हैं तो तुम दूसरे के साथ ना बनाओ.

ऐसा कुछ भी नहीं है, जिन लड़कियों ने मेरे साथ सेक्स किया है. उन्होंने कई बार मेरे सामने ही दूसरों से संबंध बनाए हैं.
तीसरा कारण है कि मैंने कभी किसी लड़की का वीडियो बनाकर या फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं की क्योंकि मैं जानता हूं कि समाज में इज्जत क्या होती है और मैं भी एक इज्जतदार व्यक्ति हूं.

चौथा कारण यह है कि सेक्स संबंध बनाने के बाद भी मैं उन सभी लड़कियों और महिलाओं की जहां तक संभव हो सकता है, मदद की है … और करता रहता हूं. यानि ऐसा नहीं कि चुदाई हो गई तो संबंध खत्म.

पांचवा कारण यह है कि मैं दिखने में बहुत ही स्मार्ट और फिट हूं. मेरे लंड का साइज भी सभी को बहुत संतुष्ट करता है और सभी लड़कियां मुझसे और ज्यादा चुदने की इच्छा रखती हैं.

जो लड़की एक बार मुझसे चुद जाती है, वह बार-बार मुझसे चुदना चाहती है.

यह फुल न्यूड टीचर सेक्स कहानी उस समय की है जब मैं स्कूल में स्टूडेंट हुआ करता था. मैं उस समय 12वीं कक्षा का छात्र था.
मुझमें सेक्स की भूख तो काफी पहले उस समय से ही शुरू हो गई थी, जब मेरा लंड खड़ा होना चालू हो गया था.

हमारे जमाने में इतनी पोर्न पिक्चर नहीं चला करती थीं, ना मोबाइल होते थे, ना टीवी पर कुछ सीडी से सेक्स आदि देखने का प्रबंध था.

टॉकीज में तो वैसे ही ये फ़िल्में नहीं लगती थीं.

उस समय किसी हीरोइन को फ्रॉक में देख लेने से ही लंड खड़ा हो जाता था … फिर बिकनी में देखना तो बहुत दूर की बात थी.
मुझे मूवीज में चुदाई के सीन देखना बहुत पसंद आते थे, जैसे इंसाफ का तराजू का रे-प सीन तो आज भी मेरा फेवरेट है.

मैं 11वीं क्लास में अपने कुछ दोस्तों के साथ ट्यूशन पढ़ाने बबीता मैडम के यहां जाया करता था.
हमारी ट्यूशन की क्लास में 5 लड़कियां और मेरे अलावा 4 लड़के और थे.

मेरा साइंस सब्जेक्ट था और बबीता मैडम मेरी बॉटनी पादप विज्ञान की टीचर थीं.
वैसे तो मैं पढ़ाई लिखाई में होशियार था पर बॉटनी थोड़ी कमजोर थी.

बबीता मैडम एकदम दूध जैसी गोरी और सेक्सी लड़की थीं, जिनकी शादी होने में काफी देरी हो गई थी.
वे मुझे अक्सर घूर घूर कर देखा करती थीं और मैं भी उन्हें बहुत घूर घूर कर देखा करता था.

वे अक्सर लो-कट ब्लाउज पहनती थीं, जिसमें से उनके भरे हुए दूध बहुत मस्त लगते थे.
उनका वजन लगभग 70 किलो होगा और जिस्म एकदम गदराया हुआ था.

उनकी उम्र उस समय शायद 32 या 33 साल की रही होगी.
उनके घर में उनकी एक छोटी बहन और माता पिता रहते थे.

वो अक्सर लड़कों के सामने अपने दूध ज्यादा से ज्यादा दिखें, इस तरह से बैठती थीं.
पढ़ाई के मामले में वो बहुत स्ट्रिक्ट थीं और कोई भी उनकी ट्यूशन में बिना होमवर्क करे नहीं जा सकता था.

वे लड़कियों तक की स्केल से सुताई कर देती थीं तो जाहिर सी बात है कि सभी उनसे बहुत डरते भी थे.

अक्सर वे हम लड़कों और लड़कियों से कहा करती थीं कि अगर होमवर्क नहीं किया, तो सबके सामने पूरा नंगा करके मारूंगी.
उनकी इस बात से सभी लोग उनसे बहुत डरते थे.

एक बार की बात है. हम उनके घर गए थे.
उस वक्त वे घर में अकेली थीं क्योंकि उनके माता पिता छोटी बहन को लेकर 4-5 दिन के लिए किसी शादी में गए थे लेकिन वे नहीं गई थी क्योंकि हम सभी स्टूडेंट के एग्जाम सर पर थे.

हमारी पढ़ाई की खातिर वे रुक गई थीं.

इत्तेफाक से हमारे घर में शादी होने के कारण मैं उनका होमवर्क पूरा नहीं कर पाया था.
इस बात पर मैडम बहुत गुस्सा हुईं और मुझे ट्यूशन के बाद अपना होमवर्क पूरा करने को कहा गया.

मुझे जल्दी घर जाना था लेकिन मैं क्या करता.
उस दिन ट्यूशन का टाइम पूरा करके सब लोग चले गए और मैं अकेला रह गया.

जब सब लोग चले गए तो उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मुझे होमवर्क सौंप कर खुद नहाने के लिए बाथरूम में चली गईं.

वह नहा कर एक बड़े से तौलिए में खुद को लपेटकर आ गईं.
उन्होंने अन्दर शायद कुछ भी नहीं पहना था … न ब्रा न पैंटी.

उन्होंने आते ही मेरी कॉपी चैक की.
मैं बहुत थोड़ा सा होमवर्क पूरा कर पाया था.

वह गुस्सा होने लगीं और बोलने लगीं- फालतू जगह पर तो तुम्हारा बहुत ध्यान रहता है और पढ़ाई के नाम पर बिल्कुल डफर हो. तुम्हें इसका पनिशमेंट मिलेगा.
मैंने डरते हुए कहा- जी मैडम.

उन्होंने कहा- खड़े हो जाओ और अपने कपड़े उतारो.
उनकी इस बात पर मैं बुरी तरह चौंक गया और उनके चेहरे की तरफ देखने लगा.

उन्होंने कहा- सुनाई नहीं दिया … मैंने क्या कहा? जो कहा, एक बार में माना करो.
मैंने कहा- लेकिन मैडम मैं आपके सामने कपड़े कैसे उतारूंगा?

इस बात पर मैडम ने मुझे एक झापड़ जड़ दिया और कहा- जैसा बोल रही हूं वैसा करो. वरना इतनी पिटाई पड़ेगी कि हाथ पैर सूज जाएंगे.

कोई रास्ता नहीं देख कर मैंने अपने कपड़े उतारना शुरू किए.
पहले मैंने अपनी शर्ट उतारी और उनके चेहरे की तरफ देखा.

वे टॉवल में लपेटी हुई मुझे बहुत गौर से देख रही थीं.

मैं शर्ट उतारने के बाद खड़ा हो गया, तो उन्होंने इशारा करके पैंट उतारने का आदेश दिया.
मैंने डरते हुए पैंट उतार दी.
अब मैं उनके सामने सिर्फ चड्डी और बनियान में खड़ा था.

उन्होंने गरजदार आवाज़ में कहा- उतर गए पूरे कपड़े क्या?
मैंने डरते हुए कहा- नहीं मैडम.

उन्होंने कहा- नहीं का क्या मतलब … उतारो पूरे कपड़े.
मैंने डरते हुए अपनी बनियान भी उतार दी और सिर्फ चड्डी में उनके सामने सर झुकाकर खड़ा हो गया.

अब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था, जो चड्डी में से साफ दिख रहा था.
मैडम ने चिल्लाकर कहा- ये उतारने के लिए क्या अब अलग से बोलूं?

मैंने कहा- फिर तो मैं पूरा वो हो जाऊंगा मैम!
उन्होंने कहा- जो बोलना हो, साफ साफ बोला करो कि क्या हो जाओगे!

मैंने कहा- मैं पूरा नंगा हो जाऊंगा.
उन्होंने कहा- हो जाओ, जो मैं कहती हूं चुपचाप करो.

मैंने डरते हुए अपनी चड्डी भी उतार दी और अपने लंड को हाथों से छुपा लिया.
इसके बाद उस जालिम ने मुझे अपने दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहा.

मैंने डरते हुए अपने दोनों हाथ ऊपर उठाए और मेरा लंड बेपर्दा हो गया.
वह थोडी देर तक तो मेरे लंड को ही घूरती रहीं.

फिर उन्होंने मेरे लंड में एक चपत लगाई और कहा- ये खड़ा क्यों है?
उनका हाथ लंड में लगा तो मेरा लंड फनफनाने लगा.

ये देख कर मैडम के होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई, जिसे उन्होंने तत्काल छिपाते हुए अपनी भंगिमा बदल ली.
मैंने कहा- मैडम, मैं पहली बार किसी लड़की के सामने नंगा हुआ हूं. ये इसी लिए खड़ा हो गया है.

उन्होंने मेरे लंड को प्यार से देखते हुए कहा- अगर होमवर्क नहीं करोगे तो कल सबके सामने नंगा कर दूंगी. फिर देखती हूँ कि कैसे खड़ा होता है. अगर कल भी खड़ा हुआ तो तुम्हारी मम्मी को बुला कर उनसे शिकायत करूंगी.
उनकी इस धमकी से मैं बहुत डर गया और मैंने कहा- आप जो बोलोगी मैं मान लूंगा, पर प्लीज ऐसा मत करना.

उसने कहा- ठीक है, लेकिन इसके बदले में तुम्हें मेरी मालिश करना पड़ेगी क्योंकि एक्स्ट्रा टाइम करने की वजह से मेरे हाथ पैर बहुत दुख रहे हैं.
मैंने कहा- ठीक है मैडम, कर दूंगा. कब करना है?

उन्होंने कहा- अभी करो और वो सामने तेल की शीशी रखी है. उसे उठाकर बेडरूम में आ जाओ.
मैंने सर हिलाते हुए कहा- ठीक है.

मैं तेल की शीशी उठाकर उनके साथ उनके पीछे पीछे बेडरूम में चला गया.
उन्होंने अपना तौलिया खोला और उसे एक साइड पटक दिया.

मैं उन फुल न्यूड टीचर का जिस्म देखते ही रह गया.
मैंने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था. क्या गजब का सेक्सी जिस्म था.

मेरा लंड अकड़ने लगा.

उन्होंने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और मसलने लगीं.
मैंने भी अपने आपको उनको सौंप दिया और उन्हें चूमना चालू कर दिया.

मैंने उन्हें उनके होंठों पर किस किया.
उसके बाद उनके कानों में किस किया और फिर गर्दन पर किस किया.
फिर मैंने उनके दूध चूसना चालू कर दिए.

मैडम बहुत बेचैन होने लगीं और मुझे घसीट कर बिस्तर पर ले गईं.

हम लोगों ने दूसरे को पूरी तरह चूमना चालू कर दिया.

तभी उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और उसे गपागप अन्दर-बाहर करने लगीं.
थोड़ी देर बाद मैडम ने कहा- अब तुम मेरी चूत चूसो.

मैंने मैडम की चूत में जीभ डालकर चूसना चालू कर दिया.
तभी मैंने उनकी चूत में लंड रखकर अन्दर धकेलना चालू कर दिया.

उनका भी शायद यह पहली बार था.
शुरुआत में उन्हें तकलीफ हुई, पर अब तो हम दोनों पर कामवासना सवार थी.

मैडम ने चित लेट कर अपनी टांगें फैला दीं.
उनकी चूत से रस टपक रहा था.

मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और लंड चूत पर सैट कर दिया.
इसके बाद मैंने अपना लंड पूरी ताकत लगाकर मैडम की चूत में धकेल दिया.

वे तड़प उठीं.
लेकिन मैंने धक्के लगाने चालू कर दिए.

कुछ देर के दर्द के बाद मैडम की गांड खुद ब खुद उठने लगी.
मस्त चुदाई होने लगी.

मैडम थोड़ी देर में झड़ गईं लेकिन मेरा नहीं हुआ था तो मैं तो अभी भी पेल रहा था.
इस बात पर मैडम को आश्चर्य हुआ.

खैर … जब मैंने अपना पूरा कर लिया तो मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया.

कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही फुल न्यूड पड़े रहे.

फिर मैंने थोड़ी देर बाद उनकी आंखों में देखा, उनके चेहरे पर संतोष संतुष्टि के अलग ही भाव थे.

इसके बाद थोड़ी देर बाद मैंने पूछा- मैडम, गांड भी मरवाएंगी क्या?
तो उन्होंने हंस कर कहा- अगर अगली बार होमवर्क पूरा नहीं करोगे तो उधर की सजा भी दूंगी.

इसके बाद उन्होंने मुझसे कपड़े पहनने का आदेश दिया और खुद भी अपने कपड़े पहनने लगीं.
मैंने भी अपने कपड़े पहने और घर आ गया.

उसके बाद जब तब मौका मिलते ही मैं मैडम की चूत चुदाई का मजा लेने लगा था.

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मैंने अभी अभी अन्तर्वासना Hindi Sex Stories की कहानियाँ पढ़ना शुरू किया है और उसी से ख्याल आया कि मैं आप सब को अपनी सच्ची आप-बीती बताऊँ।

जिस औरत की मैं बात कर रहा हूँ वो मेरी पड़ोसन शिल्पा है। दरअसल मेरी और मेरे सामने वाले घर में रहने वाले लड़के की शादी करीब करीब एक साथ ही हुई थी। मेरी बीवी और वो दोनों नई दुल्हन थी तो दोनों सहेलियाँ बन गई। वो लड़की गज़ब की चीज़ है। मेरी बीवी भी कम खूबसूरत नहीं है मगर उस लड़की की फिगर और आँखें बहुत नशीली हैं। वो काफी आधुनिक घर की है इसलिए हमेशा जींस और टॉप वगैरह पहनती है जिसमें उसकी फिगर शादी के बाद भी बड़ी मादक लगती है। उसको देखते ही मैं अपनी बीवी को भूल जाता हूँ और मन करता है उसको रगड़ दूं !

काफी समय से यह इच्छा थी, मगर मौका ही नहीं मिल रहा था।

एक बार मेरी बीवी अपने मायके गई थी और मेरे माँ-बाप भी शहर से बाहर गए थे। मैं रात की नौकरी करता हूँ इसलिए सुबह घर पर आता हूँ। जिस वक्त मैं घर आ रहा था उस वक्त शिल्पा अपने पति से बाय-बाय कर रही थी क्योंकि वो अपनी दुकान जा रहा था। मुझे देख के उसने प्यारी सी मुस्कराहट दी और मैंने भी वापस मुस्कुरा दिया और उसके पति से हाथ मिलाया। फिर वो अपनी गाड़ी में दुकान चला गया और मैं भी अपने फ्लैट की तरफ मुड़ा।

तभी पीछे से आवाज़ आई- भैया !

मैंने पीछे घूम के देखा तो शिल्पा मुझे पुकार रही थी। मैंने कहा- हाँ भाभी ?

उसने कहा- मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई है और मैंने एक जरूरी इमेल करनी है। क्या मैं आपका लैपटॉप प्रयोग कर सकती हूँ?

मैंने कहा- हाँ हाँ ! क्यों नहीं !

और वो मेरे पीछे पीछे मेरे घर चली आई।मेरा लैपटॉप मेरे बेडरूम में था तो हम सीधा बेडरूम में चले आये। मेरी पत्नी घर पर नहीं थी इसलिए कमरा थोड़ा फैला हुआ था। शराब को बोतल ऐसे ही पड़ी थी और मेरे लैपटॉप पर कुछ अश्लील वेब साइट्स खुली हुई थी।

मैंने कहा- भाभी, आप बैठिये, मैं लैपटॉप देता हूँ !

मैंने ऐसे ही लैपटॉप पकड़ा दिया। जैसे ही उन्होंने लैपटॉप देखा तो शिल्पा का चेहरा लाल हो गया, उसने झिझकते हुए कहा- भैया, आप ही वेब साईट खोल कर दीजिये।

मैंने लैपटॉप लिया तो देखा कि नंगी वेब साइट्स खुली हुई थी। मैं घबरा गया और बोला- सॉरी भाभी, यह लीजिये ! अब सब ठीक है !

शिल्पा बोली- भाभी नहीं है तो खूब ऐश हो रही है?

मैंने कहा- मन तो बहुत करता है मगर कुछ भी नहीं कर पाता, सिर्फ इन्टरनेट का ही सहारा है !

उसने कहा- क्या आप मुझे इन वेब साइट्स के लिंक लिख कर दे सकते हैं?

मैं हैरान रह गया ! मैंने कहा- क्या भाभी ?

वो बोली- हाँ ! वो असल में मनीष को दिखानी हैं, शायद ये देख कर वो थोड़ा रोमांटिक हो जायें !

मैंने पूछा- क्यों ? क्या वो अभी रोमांटिक नहीं है?

तो शिल्पा बोली- रोमांटिक का र भी नहीं आता उनको ! बाद रात को आएगा दुकान से, दो पेग पिएगा और मेरे हाथों में अपने छोटे से लंड को देकर कहेगा- हिला दो !

मैं उसे झरवा देती हूँ और फिर वो सो जाता है। मेरे अरमान और बदन की गर्मी वहीं की वहीं रह जाती है। मैंने कई बार कोशिश की, मगर वो समझता ही नहीं ! कहता है कि बहुत थक गया हूँ।

शादी से लेकर आज तक बस आठ या दस बार ही हमने सेक्स किया है जिसमें वो पूरा अन्दर तक भी नहीं जा सका।

वो बोली- भैया, ये मेरी बहुत व्यक्तिगत बातें हैं, किसी को नहीं बताना !

मैंने कहा- आप चिंता मत करो !

मैं समझ गया था कि लोहा गर्म है, हथौड़ा मारने की देर है।

फिर वो बोली- मेरा काम हो गया है, मैं चलती हूँ।

पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने कहा- बस एक चीज दिखानी है आपको !

और कह के अपनी जींस नीचे कर दी। मेरा आठ इंच का लंड खड़ा हुआ फुफकार रहा था। वो पलटी और उसकी आँखें फटी की फटी रह गई, पसीना उसके गाल से बहने लगा और चेहरा लाल हो गया। वो मेरे पास आई, मेरी आँखों में गुस्से से देखा और मुझे जोरदार थप्पड़ मार दिया। मैं बहुत घबरा गया, शायद मैंने उसकी बातों से गलत समझ लिया था कि वो मेरे साथ अपनी प्यास बुझा लेगी। मुझे लगा कि अब मेरी बदनामी कर देगी ये !

मगर वो बोली- दो साल से मैं आपके घर आ रही हूँ, मगर आज पहली बार बेडरूम तक आई हूँ फिर भी तुमने इतनी देर लगा दी इस चीज़ को दिखाने में ??

मेरी सांस में सांस आई और जान में जान, गिरता हुआ लंड फिर से तन गया और शिल्पा को मैंने बिना कुछ और सोचे समझे अपनी बाहों में भर लिया। मेरे बदन की जैसे बरसों की प्यास बुझ रही थी। मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया, अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए और जोर जोर से चूसने लगा। मेरा हाथ उसके टॉप में घुसे और उसकी ब्रा का हुक ढूंढने लगे। मैंने बिना देर किये हुक खोला और पपीते जैसे दो मम्मे मेरे हाथों में आ गए।

उसकी साँसें गरम हो गई, मैं बता नहीं सकता कि उसके जिस्म से आग निकल रही थी, वो पागलों की तरह मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे चुम्मे दे रही थी। एकदम जवान नई दुल्हन की तरह तड़प रही थी। मैंने उसका टॉप और ब्रा उतार कर फेंक दी और अपनी टी-शर्ट और बनियान भी उतार दिया। मैंने उसको दीवार के साथ खड़ा किया और अपनी छाती से उसके मम्मे दबा दिए, उसके माथे से लेकर छाती तक हज़ारों चुम्मियाँ ली और कई जगह तो लाल निशान भी बना दिए।

वो भी भूखी शेरनी की तरह मेरे बदन से खेल रही थी और मेरे होंठों को, गालों को, और छाती को चाट रही थी। उसके मुँह से बस आऽऽह…ऽऽ आऽऽऽऽ ऊऽऽऽ … म्म्मऽऽऽ आऽऽऽ लव यू जान, मेरे असली मर्द….म्म्मम्म्म्मम्म……आआआअ…….यही आवाजें निकल रही थी।

मैंने पंद्रह मिनट तक उसके दोनों मम्मे चूसे और वो तब पागल सी हो है थी। मेरे लंड को रबड़ का खिलौना समझ कर खेल रही थी और अपनी चूत पर पायज़ामे के ऊपर से ही रगड़ रही थी। लेकिन मैं भी कम नहीं था, मैंने और भड़काया, उसके हाथों से लंड खींच लिया और उसका सर नीचे की ओर दबाकर इशारा किया कि मुँह में ले !

वो तो जैसे तैयार थी, पूरा लंड मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी, जैसे रेगिस्तान की गर्मी में किसी को पानी मिल जाए !

बीस मिनट बाद मैंने उसे उठाया और बिस्तर पर लिटाया। मैंने अपनी जीभ से उसकी नाभि चाटी और और उसकी पैंटी को दांतों में लेकर नीचे किया।

वो बोली- क्या बात है आपमें ! कमाल की कला है बिस्तर में औरत के साथ खेलने की ! मैं कबसे इस सपने के साथ जी रही थी, जो आज पूरा होने जा रहा है।

मैंने कहा- मैं भी इसी सपने को आज तक देख रहा था !

अब वो पूरी नंगी थी, चूत बिल्कुल साफ़ और पूरी गीली ! मैंने उसकी टांगें थोड़ा फैलाई और चूत का पानी चाट कर साफ़ किया। वो छटपटाई और मेरे बालों को जोर से खींचा। मैंने उसकी चूत को खोला तो वो पूरी लाल थी, मैंने अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और उसका चिल्लाना और तड़पना !

मैं कैसे बताऊँ कि जितनी देर तक चाटा, वो पानी छोड़ती रही जैसे की महीनों से उसने पानी न झारा हो।

तवा पूरा गर्म था, मैंने फटाफट कंडोम निकाला और लंड पर चढ़ा कर उसकी गांड के नीचे तकिया रखा और दोनों हाथों से उसके हाथ पकड़ कर लण्ड चूत पर रख दिया उसकी ! मुझे पता था कि वो बहुत चिल्लाएगी इसलिए अपने होठों से उसके होंठ बंद कर दिए और एक झटके में थोड़ा सा घुस गया। उसकी चूत वाकई काफी कसी हुई थी, लगभग अनचुदी !

अभी लंड आधा ही गया था कि वो दर्द से कराह उठी, अन्दर ही अन्दर चिल्ला रही थी और पैरों को जोर जोर से पटकने लगी। मैंने एक मिनट बाद दोबारा धक्का मारा और पूरा लंड अन्दर घुसा दिया। उसने मेरा मुँह अपने मुँह से हटाया और जोर से चिल्लाई- यह क्या किया ? मैं मर गई, उई माँ ! मैं मर गई ! निकालो इसे………….

मैंने बिना कुछ सुने धक्के मारने शुरू किये, धीरे धीरे उसे मज़ा आने लगा और वो मेरी कमर में नाखून मारने लगी। मैंने भी उसे खूब चाटा, करीब पंद्रह मिनट तक उसे चोदने के बाद मैंने अपनी पूरी पिचकारी अन्दर छोड़ दी। तब तक वो 1-2 बार झड़ चुकी थी। वो मेरे शरीर को कस के पकड़े हुए थी और चाट रही थी।

मैं थक कर उसके मम्मों पर गिर गया और वो मेरे बालों में प्यार से हाथ फेरने लगी। दो मिनट के बाद मैं उठा और अपना लंड उसकी चूत से निकाला, उसने बड़े प्यार से मेरा कंडोम उतारा और उसके अन्दर का सारा वीर्य अपने मम्मों पर उड़ेल कर मल लिया।

वो बोली- यह मेरा प्रसाद है जो मैं अपने जिस्म पे लगा रही हूँ !

मैंने प्यार से उसे खूब सारे और चुम्मे दिए। उसकी चूत से थोड़ा सा खून छलक आया था जो मैंने रुमाल से साफ़ कर दिया। वो बहुत खुश थी, इस चुदाई के बाद जैसे उसका मन और बदन का हर अंग खिल उठ था। वो इतनी खुश थी कि उसकी आँखों से आंसू छलकने लगे और वो मुझसे काफ़ी देर तक चिपकी रही जैसे मन ही मन वो चाह रही हो कि काश मैं उसका पति होता !

मेरी भी तमन्ना पूरी हो गई थी। वो मेरे बाथरूम में और कपडे पहन कर चली गई।

“ये पल मैं कभी नहीं भूल सकती”……बस यही बोली और मेरे लंड को चूम कर चली गई।

अग्ले दिन वो मुझे मार्केट में मिली और बोली- क्या मेरी याद नहीं आई?

मैंने कहा- क्या कह रही हो, याद तो हर पल आती है !

वो बोली- मैं कल अपने मायके जा रही हूँ !

और वहाँ का फ़ोन नंबर देकर बोली- शाम को फ़ोन करना !

दोबारा उसको पाने का मौका मिल रहा था। वो मुलाकात कैसी रही, अगली बार लिखूंगा। मेरी कहानी पर अपने विचार इमेल करना ! Hindi Sex Stories

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मेरा नाम राहुल Sex stories है। मैं अभी बंगलौर में रहता हूँ, रंग गोरा, 5’6′, 24 साल, ग्रेजुएट।

यह मेरा पहला संदेश है आप लोगो के लिए। इसका मतलब यह नहीं कि यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है। इससे पहले मैंने बहुत सेक्स किया है लड़कियों और आंटियों से।

जो लड़कियाँ मेरे साथ सेक्स में रात गुजारती, वो मेरे साथ शहर में घूमने के लिये भी ख्वाहिश रखती थी।

यह घटना तीन साल पुरानी है, तब अपने परिवार के साथ मैं मेडिकल कालोनी में रहता था और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।

तभी मेरे पड़ोस में एक परिवार का आगमन हुआ। परिवार में पति, पत्नी और एक तीन साल का बच्चा। वैसे भी कालोनी में और भी कई भाभियाँ थी पर नई भाभी के सामने सब फ़ीका पड़ने जैसा लगता। चूंकि वो नये थे तो मैं कभी कभी उनका सामान मार्केट से ला लेता। मुझे घूमने का मौका मिल जाता और भाभी को देखने का और कभी कभी थोड़ा थोड़ा छूने का भी।

ऐसे ही एक महीना बीत गया और भाभी हमारे घर के सदस्यों के साथ भी घुलमिल गई। उनके पति और पापा में भी गहरी दोस्ती हो गई।

एक दिन एक शादी में हमें और भाभी को भी न्यौता मिला था पर मम्मी को कुछ काम था सो भाभी ने भी जाने के लिये मना कर दिया। सो पापा और भैया (भाभी के पति) चले गये।

पार्टी कालोनी से तीस किलोमीटर की दूरी पर थी और आते वक्त जोर की बारिश के वजह से पापा ने रात के करीब नौ बजे मम्मी को फोन करके कहा- राहुल को भाभी के घर जाकर सोने के लिये कह देना।

फ़िर क्या, मैं खाना खाकर दस बजे भाभी के घर चला गया। घंटी बजाई और भाभी ने झट से दरवाज़ा खोल दिया।

तभी मैं भाभी को देख कर दंग रह गया। गोरी चिट्टी, लम्बे घने बाल, वक्ष आगे जितना, गांड उतनी पीछे, मतलब 36-30-36 और कद होगा 5’3′, इतने सही फ़ीगर के साथ साथ काली नाइटी, जैसे लगा कि आसमान की कोई परी नीचे घूमने आई हो।

हम दोनों अंदर आ गये, भाभी ने कहा- तुम बैठो, मैं दूध लाती हूँ!

मैं वहीं सोफ़े पर बैठ गया। थोड़ी देर में भाभी दूध लेकर आई, एक गिलास मुझे दिया और एक गिलास खुद लेकर मेरे पास सोफ़े पर बैठ गई।

और हम एक अंग्रेजी फ़िल्म देखने लगे जिसमें सिर्फ़ 2-3 चुम्बन-दृश्य ही थे। अचानक उन्होंने मुझसे पूछा- क्यों राहुल, तुमहारी कोई गर्लफ़्रेंड है या नहीं?

मैं घबरा गया कि भाभी क्या पूछ रही हैं क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी बात हमारे उनके बीच में नहीं हुई थी।

मैंने इंकार में सर हिला दिया तो कहने लगी कि तुम तो लड़कियों की तरह शरमा रहे हो।

मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी कोई बात नहीं है।
तो उन्होंने कहा- एक बात बताओ, तुमने आज तक कभी किसी लड़की या औरत को नंगा देखा है?
तो मैंने जान बूझकर कहा- नहीं भाभी! आज तक नहीं देखा है।

वो मेरे बगल में बैठी थी और जब बातें कर रही थी तो मैं बार बार उनके मम्मो की तरफ़ देख रहा था, भाभी ने भी मुझे देखते हुए देख लिया था।

वो बोली- अगर देखना है तो मुझसे कहो, मैं तुम्हें ऐसे ही दिखा दूँगी।
मैं घबरा गया कि भाभी क्या बोल रही है।

उसके बाद भाभी ने मेरे चेहरे पर हाथ रखते हुए बोला- कभी किसी के साथ कुछ किया है या नहीं?

तभी मेरे अंदर का जानवर जाग गया तो मैंने भाभी से कहा- कि मैं आपको चूमना चाहता हूँ।

और कहते हुए उनके चेहरे को अपने तरफ़ खींच कर उनके होंठों पर चुम्बन करने लगा।

उनके होंठों बहुत ही नशीले थे, मैं उनके होंठों को चूसने लगा और भाभी मेरे होंठों को चूसने लगी। दोनों करीब दस मिनट तक ऐसे ही चूमा-चाटी करते रहे।

उसके बाद भाभी बोली- तुम तो कह रहे थे कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है लेकिन तुम्हें देखकर लगता नहीं है कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है?

मैं कुछ नहीं बोला और भाभी की नाइटी एक बटन को खोलकर उनके मम्मे को हल्का हल्का दबाने लगा। उनको भी अच्छा लग रहा था इसलिये कुछ नहीं बोली।

फिर मैंने उनकी नाइटी को पूरा खोल दिया तो भाभी कहने लगी- तुम तो बहुत तेज हो, पहले तो तुमने चुम्बन करने को कहा और अब मेरे मम्मे दबाने लगे?

मैंने कहा- भाभी, आप बहुत खूबसूरत हो और मैं आपको चोदना चाहता हूँ।

कह कर भाभी के एक मम्मे पर अपना मुँह लगाकर चूसने लगा और दूसरे मम्मे को अपने हाथ से दबाने लगा। भाभी भी मस्ती में आकर ऊऊउह्हहाआआ.. और जोर से चूसो.. सीतु .. बहुत अच्छा लग रहा है.. चूसते रहो.. ऊऊऊह्हाआआआ… मजा आ रहा है.. जोर से चूसो… और जोर से।

मैं अपने पूरे जोश से भाभी के मम्मे को चूसने लगा, तब तक वो सिर्फ़ पैंटी में ही रह गई थी, मम्मे चूसते हुए मैंने अपने हाथ से उनकी जांघों को सहलाने लगा। तब तक भाभी मस्त हो चुकी थी, भाभी की जांघों को सहलाते हुए मैं उनकी चूत को भी हल्के हल्के सहलाने लगा, भाभी मस्ती में आअह्हह ह्हहह्ह ऊऊउफ़्फ़फ़ जैसी आवाजें निकाल रही थी।

एक तरफ़ उनके एक मम्मे से दूध निकल रहा था और दूसरी तरफ चूत में ऊँगली डालने से उनकी चूत गीली हो गई थी।

फ़िर मैंने उसको लिटा कर उसके पेट पर चूमना शुरू किया और उनके चूत के अंदर अपनी जीभ को डालने लगा और उनकी चूत को मैंने अच्छी तरह चाटा।

भाभी मेरे होंठों से अपने योनिरस को चाट कर कहने लगी- तुमने तो अपना काम कर दिया, अब देखो मैं क्या करती हूँ।

भाभी ने मेरे कपड़े खोल कर लण्ड की टोपी पर ज़ुबान फेरनी शुरू की, फिर धीरे धीरे पूरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपोप की तरह चूसने लगीं। भाभी बहुत अच्छा लण्ड चूस रही थी। मैं तो उस वक्त मज़े और आनन्द की ऊँचाई पर था।

भाभी ने पहले आहिस्ता और फिर तेज़ी से लण्ड चूसना शुरू कर दिया।

फ़िर भाभी ने मेरा लण्ड अपनी चूत पर रखा मैंने एक हल्के झटके के साथ अपना लण्ड उनकी चूत में डाल दिया। उनकी चूत पहले ही गीली हो रही थी इसलिये पूरा लण्ड बड़ी आसानी से उनकी चूत में चला गया। पहले तो मैं भाभी को आहिस्ता आहिस्ता चोदता रहा फिर मैंने अपनी चोदन-गति तेज़ कर दी और भाभी को शक्ति से चोदने लगा।

भाभी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थीं और आआअह्ह.. ऊओह्हह्ह.. ऊउफ़्फ़फ़्फ़.. ह्हहयययईए.. और तेज़.. प्लीज़ ..तेज़ ..उफ़्फ़फ़्फ़ ऊऊह्हह्ह की आवाज़ें निकाल रही थीं।

उनके स्तन हर झटके के साथ हिल रहे थे जो एक हसीन और दिलकश नज़ारा था।

कुछ देर के बाद मैंने भाभी को घोड़ी बनाया तो उनकी खूबसूरत और चौड़ी गांड ऊपर को उठ आई और उनके चूचे किसी आम की तरह लटकने लगे। मैंने भाभी की गांड पर हाथ फेरते हुये लण्ड उनकी चूत में डाल दिया और उनके चूचे पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से झटके लगाने लगा। मैं भाभी को जी-जान से चोद रहा था और भाभी भी चुदाई में भरपूर साथ दे रही थी।

काफ़ी देर चुदने के बाद भाभी ठंडी पड़ गई, मैं भी अपने चरम पर था, मैंने भाभी को कहा- मैं छूटने वाला हूँ।

तो उन्होंने कहा- कोई बात नहीं, तुम मेरे अंदर ही निकालो।

मेरे लण्ड से वीर्य का फ़व्वारा निकला और भाभी की चूत वीर्य से भर गई। मैं थक कर भाभी के ऊपर लेट गया।

थोड़ी देर बाद मैंने लण्ड भाभी की चूत से निकाला जो वीर्य और भाभी के रस से सना हुआ था। भाभी ने फिर मेरे लण्ड को चाटना शुरु कर दिया और इसे बिल्कुल साफ़ कर दिया।

अब भाभी ने कहा- राहुल, तुम तो बहुत एक्सपर्ट लगते हो, मुझसे पहले कितनी के साथ चुदाई कर चुके हो?

मैंने कहा- भाभी चुदाई तो 14-15 के साथ की है लेकिन जैसे मम्मे आपके हैं वैसे मम्मे मैंने आज तक नहीं चूसे हैं, आपके मम्मे बहुत टेस्टी हैं।

यह कहते हुए मैंने झटके से अपनी ऊँगली फ़िर से उनकी चूत में डाल दी और भाभी स्ससा आआआ करती रही, बहुत अच्छा लग रहा है।

और फिर मैंने भाभी की तरीफ़ की कि सच में आप बहुत खूबसूरत हो तो भाभी ने मुझसे कहा- यह क्या भाभी-भाभी लगा रखा है, पहले यह बताओ कि तुम मुझे रात भर चोदोगे या नहीं?

यह सुनकर तो मुझे और भी खुशी महसूस हुई। इसका मतलब यह नहीं कि मैंने और किसी के साथ रात नहीं गुजारी है। मैंने तो पिछले चार सालों से कितनी अपनी क्लासमेट के साथ रात गुजारी है पर भाभी के जैसा जोश और किसी में मैंने नहीं देखा था इसलिये मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही थी।

मैंने उनसे कहा- मैं आपको दूसरे आसन से चोदना चाहता हूँ।
तो बोली- कौन से तरीके से चोदोगे अब मुझे?
मैंने कहा- आप ज़मीन पर लेट जाइए और अपने पैरों को उठा लीजिये।

उन्होंने ऐसे ही किया, मैं उनके पैरों के बीच में गया और उसको फ़ैला कर अपने दोनों कंधों पर रख कर उनकी फ़ुद्दी के छेद पर अपना लण्ड रखकर धक्के मारने लगा। इस तरीके से उन्हें भी अच्छा लगा, बोली- बहुत मजा आ रहा है मेरे राजा, जैसे चोदना हो चोदो मुझे!

मैंने करीब दस मिनट तक चोदने के बाद चूत से लण्ड को निकाल कर गांड में डाल दिया और चोदने लगा।

मैं इसी तरह हर पाँच मिनट के बाद चूत और गांड की चुदाई करता रहा। लगभग 25-30 मिनट तक इसी तरह चोदने के बाद मैं बोला- मैं अब झड़ने वाला हूँ। तुम बताओ कि मेरे लण्ड का पानी कहाँ लेना चाहती हो, अपनी चूत में या गांड में?

उन्होंने कहा- तुम मेरी गांड में ही पानी निकाल दो, चूत में तो तुम पहले भी निकाल चुके हो।

फ़िर मैंने अपना सारा अनमोल रतन उनकी गांड में डाल दिया और बेड पर आकर लेट गया। तभी उन्होंने मेरे होंठों पर जोर से किस किया और कहने लगी- जो मजा तुम्हारे साथ आया है वो मुझे उनके साथ नहीं आता है।

सुबह को भाभी ने कहा- मेरी चूत और गांड में दर्द बहुत हो रहा है लेकिन इस चुदाई से जो मज़ा मिला उसके आगे यह दर्द कुछ भी नहीं।

फ़िर मैं अपने घर आ गया और जब भी मुझे मौका मिलता मैं भाभी की चुदाई करता रहा।

भाभी की चुदाई करके हर बार मुझे एक अलग सा खुशी मिलती थी क्योंकि भाभी है ही इतनी सेक्सी! Sex stories

Antarvasna sex stories

हाय Antarvasna ! मेरा नाम अस्फाक है और मै पाकिस्तान में रहता हूं। मेरी उमर अभी १८ है। मैं अभी आज कल आवारा गर्दी कर रहा हूं। मैं ५’४” का हूं। मेरा लंड का साइज़ तो नहीं ज्यादा बड़ा है न ही ज्यादा मोटा है। मेरे लंड का साइज़ ७” के करीब है और मोटाई २” है।

मैं आज आप लोगो को अपनी पहली स्टोरी सुनाता हूं जो मैने अपनी भांजी के साथ किया था। ये मेरी रियल स्टोरी है। और मैं अपनी स्टोरी पहली बार लिख रहा हूं। इसलिये हो सकता है कि कुछ गलती भी हो जाये। और कोई चीज छूट भी जाये।

वैसे बात आज से ६-७ महीने पहले की है। उसका नाम सानिया है। उसकी हाइट भी मेरे जितनी ही है। वो ज्यादा गोरी तो नहीं लेकिन थोड़ी सांवली है, लेकिन उसके बूब्स का साइज़ ३२ है और शरीर से स्वस्थ लगती है। उसकी गांड भी बहुत मस्त है। दिल करता है कि उसे सहलाता ही रहूं और हमेशा उसके गांड मे अपना लंड डाले रहूं। वो और हम साथ साथ एक ही स्कूल मे पढ़ते थे। उसी वक्त उससे मुझे प्यार हो गया और उसे भी मुझसे प्यार हो गया था। वो रिलशन में मेरी भांजी लगती थी। लेकिन एक ही उम्र होने के कारण वो हमेशा मुझे नाम से बुलाती थी।

एक दिन की बात है, मेरी कजिन सिस का मैरिज़ हुआ था। तो हम और रीता अपनी बुआ, कजिन सिस्टर और जीजाजी के साथ अपनी बुआ के गांव जा रहा था। हम गांव ट्रेन से गये। लेकिन गांव स्टेशन से ३ किमी दूर था सो बुआ ने गांव से बैलगाड़ी का इन्तज़ाम किया था।

जब हम सब लोग बैलगाड़ी पर जा रहे थे तो वो मुझे जीजाजी के साथ मिलके मुझे छेड़ने लगी। मैं बुआ और कजिन सिस होने के कारण चुप था लेकिन जीजाजी को मैं जवाब दे रहा था। कुछ दूर जाने के बाद वो मुझे चुटकी काटने लगी। कभी वो मेरे बांह में चुटकी काटती तो कभी मेरे कमर में।

मैं क्या करता मैने कितने बार बुआ और सिस को बोला तो बुआ ने उसे डांट दिया तो वो फिर बंद करदी लेकिन कुछ देर के बाद वो फिर मुझे चुटकी काटने लगी। फिर मैं भी उसको कभी कभी उसकी बाहों में जाके चुटकी काट लेता था। ऐसे करते करते हम गांव पहुंच गये।

हम सब बैलगाड़ी से उतरे। और घर में गये। मैं सीधा ऊपर दूसरी मंजिल पे चला गया। कुछ देर के बाद वो भी कोई काम से ऊपर आ गयी। वो फिर से मुझे चुटकी काटने लगी।

अब मुझसे नहीं रहा गया। फिर मैने पहली बार उसकी बांह में चुटकी काटी। वो कुछ नहीं बोली।

फिर मैने उसके गाल पर चुटकी काटी। वो फिर भी कुछ नहीं बोली। फिर मैने हिम्मत करके उसके समीज़ के ऊपर से ही उसके बूब्स पर चुटकी काटा वो कुछ नहीं बोली तो मैं समझ गया कि ये लड़की देने वाली है।

फिर मैं उसके समीज़ के ऊपर से ही उसके बूब्स प्रेस करते हुए रूम में ले गया और बेड पर पटक दिया। फिर मैने उसकी लिप्स की किस ली। कम से कम ५ मिनट तक मैं उसके लिप्स का किस लेता रहा। और उसके बूब्स को चूसने लगा।

वो कुछ नहीं बोल रही थी। सिर्फ़ मुझे अपनी बाहों में कसे हुए थी। फिर मैने उसके समीज़ को थोड़ा ऊपर खोलके उसके बूब्स को चूसता रहा। दोनो बूब्स को बारी बारी से चूसता रहा। कभी मैं उसके लिप्स का किस लेता तो कभी मैं उसके बूब्स को चूसता। एक हाथ से मैं उसके दूसरे बूब्स को दबा रहा था तो दूसरे हाथ से मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

उसकी चूत गीली हो चुकी थी। उसने पैंटी भी नहीं पहन रखी थी। सो मेरी उंगली आसानी से सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत में जा रही थी। वो बहुत जोर से कराह रही थी।

उन्न्नह्ह आआअह ऊऊउह्ह हहह्ह ह्हहहहा आआअन्न नन्नन आआआऊऊर चूसो काआआआर्रू आआअहह्हह्हह आआऔऊऊउर ज्जज्जऊऊओर से। वो जोर जोर से चिल्ला रही थी। फिर मैने उसके बूब्स को चूसना छोड़ कर मैने उसके लिप्स का किस लेना शुरु कर दिया। क्योंकि वो बहुत जोर से कराह रही थी। मुझे डर लग गया कहीं नीचे बुआ और सिस नहीं सुनले। फिर मैने दरवाजा बंद किया और फिर से उसके बूब्स दबाने शुरु कर दिये और चूसता भी रहा।

कुछ देर के बाद वो फिर से गरम हो गयी। फिर मैने अपना पैंट खोला और अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया। मेरा लंड अब तन कर पूरा ९० डिग्री का हो गया था। मैने अपना लंड उसके हाथों पकड़ा दिया। वो पहले तो शरमायी। लेकिन कुछ देर के बाद जब मैने फिर से पकड़ाया तो वो पकड़ ली।

मैने उसे बोला कि इसे सहलाओ और आगे पीछे करो।
वो वैसा ही करने लगी।
मैने फिर उसकी चूत में एक उंगली डाल दी। वो जोर से सिसकारने लगी ‘आआअह्हह्ह हहह्ह’

जब मैने उसकी चूत में उंगली की वो मेरे लंड को जोर से आगे पीछे करने लगी और जोर से सिसकारी करने लगी। फिर मैने कुछ देर के बाद मैने उसकी सलवार भी उतार दी। वाह! क्या चूत थी। चूत पूरी भीगी हुई थी। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, लगता था कि उसने आज कल में ही शेव किया हो। चूत पूरी पावरोटी की तरह फूली हुई थी।

फिर मैने उसे अपना लंड चूसने के लिये बोला। उसने मना कर दिया।
मैने उसे बोला कुछ नहीं होता।
तो वो बोल रही थी कि नहीं मुझे घिन आ रही है। फिर मैने उसकी चूत को चूसना शुरु कर दिया। वो चिल्लाने लगी। आआह्हह् ह्हह्हह। मैं अपनी जीभ से उसे चोद रहा था। वो जोर से सिसक रही थी। अस्फाकईईई तुनीई ययययीईईह क्कक्कक्या कर दिया। मेरी चूत में आग लग रही हैइ। कुछ करो।

मैं लगातार उसे चूसता रहा। वो जोर से चिल्ला रही थी और अपना हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत के ऊपर धकेल रही थी। अपने पैरों को कभी ऊपर तो कभी दोनो जांघों को जोर से दबा रही थी। कभी कभी मेरी सांसे फूल जाती थी।
कुछ देर के बाद उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया। मैने सारा का सारा पानी पी लिया। वो मुझे देख रही थी और जोर से हांफ़ रही थी। जैसे कोई कई मील से दौड़ के आयी हो।

फिर मैने उसे चित लिटाया और उसके गांड के नीचे तकिया लगाया। और उसके पैरों को फैलाया। फिर मैने अपना लंड उसके चूत पे डाल दिया। जब मेरा लंड का सुपाड़ा ही उसकी चूत में गया था वो जोर से चिल्लाने लगी। नहीं मुझे छो ओ ओ ओ ओ ड़ दो। नाआआआअही म्मम्ममा आआआइन माअर जाआआआउनग्गग्गि। अपन्नाआआ लंड निकाल लो। लेकिन मैने अनसुने के जैसा करते हुए एक जोर का धक्का लगाया। वो और जोर से चिल्लायी। फिर मैने उसके लिप्स पर किस करते हुए उसके मुंह को बंद किया और धक्का लगाता गया। वो छटपटा रही थी। अपने बदन को इधर से उधर करने लगी। लेकिन मैं माना नहीं। मैं धक्का पे धक्का लगाते गया। उसके आंखों से आंसू निकल रहे थे। कुछ देर के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। फिर मैं कुछ देर के लिये उसके ऊपर ही पड़ा रहा। कुछ देर के बाद वो शांत हुई। और मुझे गालियां देने लगी। साले तूने ये क्या कर दिया। अपना लंड निकाल। मुझे नहीं चुदवाना। मैं उसके बूब्स को चूसने लगा और एक हाथ से उसके बालों और कानों के पास सहलाने लगा। कुछ देर के बाद मैने उसके कानों को भी चूमना शुरु कर दिया। (दोस्तों आप लोगो को पता ही होगा कि अगर किसी लड़की या औरत को जल्दी जोश में लाना हो तो उसके कान को धीरे धीरे चूमो और चूसो । देखो कितनी जल्दी गरम हो जाती है)।

हां तो फिर कुछ देर के बाद वो फिर से गरम हो गयी। फिर मैने धीरे धीरे धक्का लगाना शुरु किया। पहले तो वो चिल्लायी लेकिन कुछ देर के बाद मैने पूछा मजा आ रहा है। वो बोली “हां दीपक, बहुत मजा आआआआ राआआअ हा हाआइ।” और वो सिसकारने लगी। कुछ देर के बाद मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब पूरी मस्ती में थी। हाआआआआं दीपाआआक आआऐसीईए हीइ काआआर्रर्रर्ररू। बाआआहूउत म्मम्ममाआआजा आआ राआअहा हाआआइ। वो इतनी मस्ती में थी कि पूरा का पूरा सब्द भी नहीं बोल पा रही थी। मैं अपनी स्पीड धीरे धीरे बढ़ाता जा रहा था।। हाआआअन राआआआआ। ऐसीईईए स्सस्सह ऊऊऊओदओ। आआआऔर जूऊऊर से चूऊदो। फाड़ दो चूत को आज। आज कुछ भी हो जाये लेकिन मेरी चूत फाआआड़े बाआअगैर मत छह्हह्हूड़ना। आआआअह आआऔर जोर ससस्सीईईए। ऊऊईईई म्ममम्मम्मा। अह्हह् हन्नना। ऐसे ही वो आवाज कर रही थी।

कुछ देर के बाद मैने पाया की मेरा लंड पानी से भीग रहा है। वो पानी छोड़ने वाली थी। वो नीचे से कमर उठा उठा के चिल्लल्ला रही थी। और बड़बड़ा रही थी। हाआआअन और चोदो। मेरी चूत को आज मत छोड़ना। इसे भोसड़ा बना देना। और कुछ देर के बाद वो बोली हाय दीपक मैं झड़ने वाली हूं। मैं भी झड़ने के करीब पहुंच गया था। क्योंकि हम लोग लगातार १५-२० मिनट से चुदाई कर रहे थे। मैने बोला” हाआआआं डारलिंग मैं भी झड़ने वाला हूं।” और मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वो कुछ देर के बाद झड़ गयी। मैं भी झड़ने के करीब आ गया था। कुछ देर के बाद मैं भी झड़ गया। वो मुझे कस कर बाहों में जकड़ ली। मैं भी उसके बूब्स के ऊपर पड़ा रहा। कुछ देर के बाद उसने मेरा लंड और मैने उसकी चूत को साफ़ किया।

फिर हम लोगों ने कपड़े पहने और कुछ देर तक एक दूसरे के बाहों में पड़े रहे। हम लोग वहां ३ दिन रुके। हम लोगों को जब भी मौका मिलता था हम लोग सेक्स कर लिया करते थे। उसके कुछ दिन के बाद उसकी शादी हो गयी। वो अपनी ससुराल चली गयी। फिर मैं भी अपनी स्टडी के सिलसिले में दिल्ली चला आया। लेकिन दिल्ली आने के १ साल के बाद वो फिर मुझे दिल्ली में ही मिल गयी। फिर मैने उसके साथ Antarvasna सेक्स किया और क्या क्या किया आप को फ़िर बताउंगा।

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